<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0">
<channel>
    <title>Breaking News in Hindi | Latest News in Hindi &amp; : अन्य देश</title>
    <link>https://shresthpradesh.com/rss/category/Other-Country</link>
    <description>Breaking News in Hindi | Latest News in Hindi &amp; : अन्य देश</description>

    <item>
        <title>T20 वर्ल्ड कप: डबल सुपर ओवर में साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान को हराया, 6 गेंदों पर 24 रन नहीं बना सका अफगानिस्तान।</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/t20-वरलड-कप-डबल-सपर-ओवर-म-सउथ-अफरक-न-अफगनसतन-क-हरय-6-गद-पर-24-रन-नह-बन-सक-अफगनसतन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/t20-वरलड-कप-डबल-सपर-ओवर-म-सउथ-अफरक-न-अफगनसतन-क-हरय-6-गद-पर-24-रन-नह-बन-सक-अफगनसतन</guid>
        <description></description>
        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:14:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिक्स देशों को देना होगा दस फ़ीसदी अतिरिक्त टैरिफ़: ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरकस-दश-क-दन-हग-दस-फसद-अतरकत-टरफ-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरकस-दश-क-दन-हग-दस-फसद-अतरकत-टरफ-टरप</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए एक बार फिर कहा है कि जो भी देश ब्रिक्स समूह में शामिल हैं, उन्हें दस फ़ीसदी अतिरिक्त टैरिफ़ का भुगतान करना होगा.

उन्होंने कहा, ब्रिक्स की स्थापना ही हमारे डॉलर को नुकसान पहुंचाने के लिए की गई थी.

ट्रंप ने कहा, अगर वो ये खेल खेलना चाहते हैं तो ठीक है, लेकिन मैं भी यह खेल खेल सकता हूं.

इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर सात जुलाई को पोस्ट किया कि जो भी देश ख़ुद को ब्रिक्स की अमेरिका विरोधी नीतियों के साथ जोड़ता है, उस पर अतिरिक्त 10 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया जाएगा. इस नीति में कोई छूट नहीं दी जाएगी. इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 11:44:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लाल सागर में मालवाहक जहाज पर हमला, चालक दल के दो सदस्यों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लल-सगर-म-मलवहक-जहज-पर-हमल-चलक-दल-क-द-सदसय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लल-सगर-म-मलवहक-जहज-पर-हमल-चलक-दल-क-द-सदसय-क-मत</guid>
        <description>यमन के तट के पास लाल सागर में हुए हमले में लाइबेरियाई ध्वज वाले मालवाहक जहाज इटरनिटी सी पर हमला हुआ, जिसमें चालक दल के दो सदस्यों की मौत हो गई है.

अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन में लाइबेरिया के प्रतिनिधि ने बताया कि इस जहाज पर भयंकर हमला किया गया, जिसमें दो नाविक मारे गए.

यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स एजेंसी ने जानकारी दी कि जहाज को छोटी नावों से दागे गए रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेडों (आरपीजी) से नुकसान पहुंचा है. हमले के बाद जहाज समुद्र में झुक गया है.

रॉयटर्स के अनुसार, जहाज इटरनिटी सी के चालक दल में कुल 22 सदस्य हैं, जिनमें 11 फिलीपींस से और एक रूस से है.

अब तक किसी भी गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 11:44:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौता के करीबः ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-भरत-क-सथ-वयपर-समझत-क-करब-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-भरत-क-सथ-वयपर-समझत-क-करब-टरप</guid>
        <description>(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क/ वॉशिंगटन, 8 जुलाई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत के साथ व्यापार समझौता करीब है। राष्ट्रपति ने कहा कि उनके प्रशासन ने कई देशों को आयातित उत्पादों पर लगाए जाने वाले शुल्कों का विवरण देते हुए पत्र भेजना शुरू कर दिया है।

ट्रंप ने सोमवार को कहा, हमने ब्रिटेन के साथ एक समझौता किया है, हमने चीन के साथ एक समझौता किया है... हम भारत के साथ एक समझौता करने के करीब हैं।

इसके साथ ही ट्रंप ने कहा, हमने अन्य लोगों से भी मुलाकात की थी और हमें नहीं लगता कि हम समझौता कर पाएंगे, लिहाजा हमने उन्हें एक पत्र भेजा है। यदि आप अपना सामान (अमेरिका) भेजना चाहते हैं, तो आपको इसका (शुल्क का) भुगतान करना होगा।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी प्रशासन ने दो जुलाई से लगाए गए उच्च शुल्क के निलंबन को नौ जुलाई से बढ़ाकर एक अगस्त कर दिया है। इससे भारत को अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय मिल गया है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले सप्ताह कहा था कि भारत कोई भी व्यापार समझौता समयसीमा के आधार पर नहीं करता है और समझौते को तभी स्वीकार करेगा जब यह पूरी तरह से अंतिम रूप ले लेगा, उचित रूप से संपन्न हो जाएगा और राष्ट्रीय हित में होगा।

कृषि और डेयरी क्षेत्र भारत के लिए अमेरिका को शुल्क रियायतें देने के लिए कठिन और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र हैं। भारत ने अब तक हस्ताक्षरित अपने किसी भी मुक्त व्यापार समझौते में डेयरी क्षेत्र के दरवाजे नहीं खोले हैं।

इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को विभिन्न देशों को पत्र भेजे जिसमें उन देशों के उत्पादों पर अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले शुल्कों का ब्योरा है।

ट्रंप ने कहा, हम विभिन्न देशों को पत्र भेजकर बता रहे हैं कि उन्हें कितना शुल्क देना होगा।

बांग्लादेश, बोस्निया एवं हर्जेगोविना, कंबोडिया, इंडोनेशिया, जापान, कजाकिस्तान, लाओ पीपल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक, मलेशिया, सर्बिया, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, थाइलैंड और ट्यूनीशिया को ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित पत्र भेजे गए हैं।

ट्रंप ने कहा, ये देश अमेरिका को लूट रहे हैं और हम पर ऐसे शुल्क लगा रहे हैं जो पहले कभी किसी ने नहीं लगाए। कुछ ऐसे देश भी हैं जो 200 प्रतिशत शुल्क लगा रहे हैं और व्यापार को असंभव बना रहे हैं।

ट्रंप ने आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ रात्रिभोज से पहले पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, शुल्क लगाए जाने के बाद लोग और कंपनियां अमेरिका की तरफ आ रही हैं।

इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में छिड़े संघर्ष को यह कहकर रुकवाया था कि यदि वे इसे जारी रखेंगे तो अमेरिका उनके साथ व्यापार नहीं करेगा।

ट्रंप ने कहा, हमने बहुत से संघर्ष रोके हैं। मुझे लगता है कि इनमें से सबसे बड़ा संघर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच था। हमने व्यापार के नाम पर इसे रोक दिया। हमने उनसे कहा कि अगर आप संघर्ष करते रहेंगे तो हम आपके साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। वे दोनों परमाणु शक्ति संपन्न हैं। और मुझे लगता है कि इसे रोकना बहुत महत्वपूर्ण था।

हालांकि, भारत का कहना है कि उसके जोरदार जवाबी हमले के कारण पाकिस्तान को संघर्ष विराम की गुहार लगाने पर मजबूर होना पड़ा।

रात्रिभोज के दौरान नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति को वह पत्र सौंपा जो उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए ट्रंप को नामांकित करने के लिए नोबेल पुरस्कार समिति को भेजा है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 11:44:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका: एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच के इस नियम में हुआ बदलाव</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-एयरपरट-पर-यतरय-क-जच-क-इस-नयम-म-हआ-बदलव</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-एयरपरट-पर-यतरय-क-जच-क-इस-नयम-म-हआ-बदलव</guid>
        <description>अमेरिका के हवाई अड्डों पर अब यात्रियों को जांच के दौरान जूते उतारने की आवश्यकता नहीं होगी. परिवहन सुरक्षा प्रशासन (टीएसए) ने सुरक्षा जांच के लिए जूते उतारने की नीति को दो दशकों बाद समाप्त कर दिया है.

होमलैंड सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा कि यह परिवर्तन अमेरिका के सभी हवाई अड्डों पर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, हालांकि बहुस्तरीय जांच प्रक्रिया लागू रहेगी.

नोएम ने कहा कि जांच के दौरान हवाई यात्रियों को अभी भी बेल्ट और कोट उतारना होगा. इसके साथ ही लैपटॉप और तरल पदार्थ बैग से बाहर निकालने होंगे, लेकिन इन नियमों की भी समीक्षा की जा रही है.

दरअसल, दिसंबर 2001 में पेरिस से मियामी जाने वाली एक उड़ान में एक ब्रिटिश नागरिक ने अपने जूते में बम छिपा लिया था.

ब्रिटिश नागरिक बम से विस्फोट नहीं कर पाया और यात्रियों ने उसके पकड़ लिया. इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से बोस्टन में उतार लिया गया.

इसके बाद अमेरिका ने 2006 में हवाई यात्रियों की सुरक्षा जांच के​ लिए जूते उतारना का नियम लागू कर दिया था.

नोएम ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, हमारी सुरक्षा तकनीक में काफ़ी परिवर्तन आया है. यह काफ़ी विकसित हुई है. ऐसे में टीएसए बदल गया है. (bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 11:44:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चालक दल ने लाइबेरियाई ध्वज वाले जहाज को छोड़ा, लाल सागर में हुआ था हमला: ब्रिटेन की सेना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चलक-दल-न-लइबरयई-धवज-वल-जहज-क-छड-लल-सगर-म-हआ-थ-हमल-बरटन-क-सन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चलक-दल-न-लइबरयई-धवज-वल-जहज-क-छड-लल-सगर-म-हआ-थ-हमल-बरटन-क-सन</guid>
        <description>दुबई, 6 जुलाई। लाल सागर में रविवार रात एक लाइबेरियाई ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सिलसिलेवार हमलों के बाद जहाज़ पर सवार चालक दल के सदस्यों ने जहाज को छोड़ दिया, क्योंकि पोत में पानी भरने लगा था।

यूनान के स्वामित्व वाले बल्क कैरियर जहाज मैजिक सीज पर हुए हमले के लिए तत्काल हूती विद्रोहियों पर संदेह जताया गया।

एक सुरक्षा कंपनी के अनुसार, जहाज पर पहले छोटे हथियारों और रॉकेट से दागे जाने वाले ग्रेनेट (आरपीजी) से हमले के बाद बम से लैस ड्रोन नौकाओं ने उसे निशाना बनाया।

विद्रोहियों के मीडिया ने हमले की खबर तो दी, लेकिन इसका दावा नहीं किया। हमले की बात स्वीकार करने में उन्हें घंटों या दिन भी लग सकते हैं।

जहाजों के खिलाफ हूती विद्रोहियों के नये अभियान से अमेरिकी और पश्चिमी देशों की सेनाएं फिर से क्षेत्र में आ सकती हैं, खासकर तब जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर विद्रोहियों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमला किये गये हैं।

यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब इजराइल-हमास युद्ध, ईरान-इजराइल युद्ध और ईरानी परमाणु स्थलों पर अमेरिका के हवाई हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है।

बाशा रिपोर्ट जोखिम सलाहकार कंपनी के यमन विश्लेषक मोहम्मद अल-बाशा ने लिखा, संभवतः यह संदेश है कि हूतियों के पास कूटनीतिक घटनाक्रमों के बावजूद रणनीतिक समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता और इच्छा बनी हुई है।

इससे पहले ब्रिटेन की सेना के ब्रिटिश समुद्री व्यापार संचालन केंद्र ने कहा था कि जहाज पर मौजूद सशस्त्र सुरक्षा दलों ने जवाबी गोलीबारी की।

उसने बताया कि हमला यमन के होदेदा शहर से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में हुआ, जो देश के हूती विद्रोहियों के कब्जे में है।

उसने कहा, प्राधिकारी जांच कर रहे हैं। बाद में उसने कहा कि जहाज पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्रों से हमला होने के बाद आग लग गई।

समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि एक व्यापारिक जहाज पर आठ स्किफ नौकाओं द्वारा हमला उस समय किया गया जब वह लाल सागर में उत्तर की ओर जा रहा था। कंपनी ने कहा कि उसे लगता है कि हमला अब भी जारी है।

बाद में एम्ब्रे ने कहा कि जहाज पर बम ले जाने वाली ड्रोन नावों ने भी हमला किया। उसने कहा कि दो ड्रोन नावों ने जहाज पर हमला किया, जबकि दो अन्य को जहाज पर मौजूद सशस्त्र गार्डों ने नष्ट कर दिया।

ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र ने कहा कि जहाज पानी में डूब रहा था और उसके चालक दल ने जहाज को छोड़ दिया।

अमेरिकी नौसेना की पश्चिम एशिया स्थित 5वीं फ्लीट ने इस मामले से जुड़े सवालों को सैन्य केंद्रीय कमान को भेज दिया, जिसने कहा कि उसे घटना की जानकारी है, लेकिन इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

मैजिक सीज के मालिकों ने इस संबंध में टिप्पणी के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया।

यमन के हूती विद्रोही हाल के समय में क्षेत्र में वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे हैं। समूह के नेतृत्व ने इन हमलों को गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ इजराइल के हमले को रोकने का एक प्रयास बताया है।

नवंबर 2023 से जनवरी 2025 के बीच, हूती विद्रोहियों ने 100 से अधिक व्यापारिक जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इन हमलों में दो जहाज डूब गए जबकि चार नाविकों की मौत हुई। इस कारण से लाल सागर मार्ग से व्यापार में भारी गिरावट आयी है। इस मार्ग से हर साल करीब एक हजार अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सामान गुजरता है।

हूती विद्रोहियों ने कुछ समय के लिए स्वैच्छिक संघर्षविराम लागू करते हुए हमले रोक दिए थे, लेकिन मध्य मार्च में अमेरिका द्वारा विद्रोहियों के खिलाफ व्यापक हमले शुरू करने के बाद संघर्षविराम समाप्त हो गया।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 13:23:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने ‘ब्रिक्स की अमेरिकी विरोधी नीतियों’ का साथ देने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की दी धमकी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-बरकस-क-अमरक-वरध-नतय-क-सथ-दन-वल-दश-पर-अतरकत-शलक-लगन-क-द-धमक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-बरकस-क-अमरक-वरध-नतय-क-सथ-दन-वल-दश-पर-अतरकत-शलक-लगन-क-द-धमक</guid>
        <description>(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन, 7 जुलाई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स समूह की अमेरिका विरोधी नीतियों का साथ देने वाले देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी है।

ब्रिक्स समूह के ट्रंप का नाम लिए बिना शुल्क वृद्धि की निंदा करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह धमकी दी है। ब्रिक्स समूह में शामिल देशों के नेता छह-सात जुलाई को 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील में मिल रहे हैं।

ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर रविवार रात को लिखा,  ब्रिक्स की अमेरिका विरोधी नीतियों से जुड़ने वाले किसी भी देश पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। इसमें कोई अपवाद नहीं होगा। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद।

ब्रिक्स मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। 2024 में इसका विस्तार करके मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को इसमें शामिल किया गया, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल हुआ।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अलग से जानकारी दी कि अमेरिका सोमवार से विभिन्न देशों को शुल्क और समझौतों के सिलसिले में पत्र भेजेगा।

उन्होंने कहा,  मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि दुनिया भर के विभिन्न देशों के साथ अमेरिका के शुल्क पत्र और/या समझौते सोमवार सात जुलाई को दोपहर 12:00 बजे (पूर्वी समय) से वितरित किए जाएंगे। इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 13:23:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल ने यमन में हूती विद्रोहियों पर हवाई हमले किए, हूतियों ने दागी मिसाइल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-न-यमन-म-हत-वदरहय-पर-हवई-हमल-कए-हतय-न-दग-मसइल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-न-यमन-म-हत-वदरहय-पर-हवई-हमल-कए-हतय-न-दग-मसइल</guid>
        <description>दुबई (यूएई), 7 जुलाई। इजराइल की सेना ने यमन में हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले बंदरगाहों और उनके ठिकानों को निशाना बनाकर सोमवार तड़के हवाई हमले किए जिसके जवाब में विद्रोहियों ने भी इजराइल की ओर मिसाइल दागी।

इजराइल की सेना ने कहा कि उसने हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले होदेदा, रास ईसा और सालिफ बंदरगाहों के साथ-साथ रास कनातिब ऊर्जा संयंत्र पर हमले किए।

उसने कहा, इन बंदरगाहों का इस्तेमाल हूतियों द्वारा ईरान की सरकार से हथियार लाने के लिए किया जाता है। ये हथियार फिर इजराइल और उसके सहयोगियों के खिलाफ आतंकवादी हमलों में इस्तेमाल किए जाते हैं।

इजराइल की सेना ने कहा कि उसने गैलेक्सी लीडर जहाज पर भी हमला किया। यह वाहन ले जाने वाला एक जहाज है। इस पर हूतियों ने नवंबर 2023 में उस समय कब्जा कर लिया था जब उसने इजराइल-हमास संघर्ष के विरोध में लाल सागर गलियारे में हमले शुरू किए थे।

इजराइल की सेना ने कहा, हूती विद्रोहियों ने जहाज पर एक रडार प्रणाली लगाई थी और वे इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में जहाजों का पता लगाने के लिए कर रहे हैं ताकि आगे की आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।

बहामास के ध्वज वाला जहाज गैलेक्सी लीडर एक इजराइली अरबपति से संबंधित था। इजराइली सेना ने कहा कि जहाज पर कोई इजराइली मौजूद नहीं था।

हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की पुष्टि की लेकिन उसने हमले में हुए नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने दावा किया कि उनकी वायु रक्षा सेना ने इजराइल के हमले का प्रभावी तरीके से सामना किया लेकिन उन्होंने इसके समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं दिया।

हूतियों ने जवाब में इजराइल पर मिसाइल हमला किया। इजराइल की सेना ने कहा कि उन्होंने मिसाइल को रोकने की कोशिश की लेकिन ऐसा लगता है कि मिसाइल लक्ष्य तक पहुंच गई। इस हमले में हालांकि, किसी के घायल होने की अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने और हमलों की चेतावनी दी है।

काट्ज ने एक बयान में कहा, जैसा कि ईरान को उसके किए की सजा मिली, ऐसी ही हूतियों को भी मिलेगी। जो कोई भी इजराइल के खिलाफ हाथ उठाएगा, उसके हाथ काट दिए जाएंगे। हूतियों को अपने किए की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

ये हमले रविवार को लाल सागर में लाइबेरियाई ध्वज वाले जहाज को निशाना बनाकर किए गए हमले के बाद किए गए। इस हमले में लाइबेरियाई ध्वज वाले जहाज में आग लग गई थी और उसमें पानी भर गया था जिसके बाद चालक दल को जहाज को छोड़ना पड़ा।

यूनान के स्वामित्व वाले बल्क कैरियर जहाज मैजिक सीज पर हुए हमले के लिए तत्काल हूती विद्रोहियों पर संदेह जताया गया।

एक सुरक्षा कंपनी के अनुसार, जहाज पर पहले छोटे हथियारों और रॉकेट से दागे जाने वाले ग्रेनेट (आरपीजी) से हमले के बाद बम से लैस ड्रोन नौकाओं ने उसे निशाना बनाया।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 13:23:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान को होर्मुज़ स्ट्रेट बंद करने से रोकने के लिए अमेरिका ने चीन से की अपील</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-हरमज-सटरट-बद-करन-स-रकन-क-लए-अमरक-न-चन-स-क-अपल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-हरमज-सटरट-बद-करन-स-रकन-क-लए-अमरक-न-चन-स-क-अपल</guid>
        <description>-एडम हैनकॉक

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चीन से अपील की है कि वह ईरान को होर्मुज़ जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) बंद करने से रोके.

यह बयान उस वक़्त आया जब ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी ने बताया कि ईरान की संसद ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की योजना को मंज़ूरी दे दी है, हालांकि इसका आख़िरी फ़ैसला अब भी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के हाथ में है.

अमेरिका की ओर से ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया.

रविवार को फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में मार्को रुबियो ने कहा, मैं चीन की सरकार से कहना चाहता हूं कि वे ईरान से इस बारे में फ़ोन करके बात करें, क्योंकि चीन भी अपने तेल के लिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर काफ़ी हद तक निर्भर है.

उन्होंने आगे कहा, अगर ईरान जलडमरूमध्य को बंद करता है तो यह उनके लिए आर्थिक आत्महत्या जैसा होगा. हमारे पास इससे निपटने के विकल्प मौजूद हैं. लेकिन बाकी देशों को भी इस पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इसका असर उनके आर्थिक हालात पर हमसे कहीं ज़्यादा पड़ेगा.

होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया भर में गैस और तेल की आपूर्ति के लिए रणनीतिक तौर पर बहुत महत्वपूर्ण है. यह मध्य पूर्व के तेल भंडार वाले देशों को एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका समेत दुनिया के अन्य हिस्सों से जोड़ता है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 13:28:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान पर हमले के बाद अमेरिका के ख़िलाफ़ प्रदर्शन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-पर-हमल-क-बद-अमरक-क-खलफ-परदरशन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-पर-हमल-क-बद-अमरक-क-खलफ-परदरशन</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमलों की घोषणा की थी.

ईरान ने इन हमलों की पुष्टि की थी और इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने अमेरिका पर यूएन चार्टर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था.

इसके अलावा, अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों की निंदा की.

वहीं, ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमले की मुस्लिम और अरब देशों ने आलोचना की और इसे अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन बताया.

ट्रंप के इस फ़ैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ट्रंप के ख़िलाफ़ दुनिया के कुछ देशों में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 13:28:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण अफ्रीका में यूनेस्को स्थलों पर आयोजित किए गए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-अफरक-म-यनसक-सथल-पर-आयजत-कए-गए-अतररषटरय-यग-दवस-करयकरम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-अफरक-म-यनसक-सथल-पर-आयजत-कए-गए-अतररषटरय-यग-दवस-करयकरम</guid>
        <description>जोहानिसबर्ग, 23 जून । दक्षिण अफ्रीका में एक महीने तक चले योग कार्यक्रमों का समापन रविवार को देश के चार प्रमुख शहरों में यूनेस्को के प्रतिष्ठित स्थलों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह के साथ हुआ।

भारतीय उच्चायुक्त प्रभात कुमार ने कहा, पिछले महीने देश भर में विभिन्न स्थानों पर और हमारे द्वारा प्रिटोरिया में तथा हमारे वाणिज्य दूतावासों द्वारा जोहानिसबर्ग, डरबन और केपटाउन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों में दक्षिण अफ्रीकी समुदायों से मिला समर्थन बहुत संतोषजनक रहा।

वह प्रिटोरिया में दक्षिण अफ्रीकी सरकार के मुख्यालय, यूनियन बिल्डिंग के परिसर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के बाद संबोधित कर रहे थे।

कुमार ने कहा, सप्ताहांत में यहां चार यूनेस्को स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों के बाद, दक्षिण अफ्रीका अब विश्व के उन अनेक देशों में से एक के रूप में स्थापित हो गया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को वार्षिक उत्सव के रूप में अपनाया है। विशेष रूप से यहां हजारों उत्साही लोगों के बीच यह समझ बढ़ी है कि योग व्यायाम और स्वास्थ्य के लिए एक प्राचीन शास्त्र है।</description>
        <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 13:28:04 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरानी सेना के चीफ की धमकी, अमेरिका को देंगे &amp;apos;करारा जवाब&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-सन-क-चफ-क-धमक-अमरक-क-दग-करर-जवब</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-सन-क-चफ-क-धमक-अमरक-क-दग-करर-जवब</guid>
        <description>तेहरान, 23 जून । अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर हवाई हमले किए थे। अब ईरानी सेना के नए चीफ मेजर जनरल अमीर हातामी ने अमेरिका को करारा जवाब देने की चेतावनी दी है। ईरानी सेना के नए चीफ मेजर जनरल अमीर हातामी ने कहा, हमने कई बार अमेरिका का सामना किया है। जब भी उन्होंने हम पर हमला करने की कोशिश की है, उन्हें कड़ा जवाब मिला है। उन्होंने आगे कहा, हम लड़ेंगे, हम खुशी के लिए लड़ेंगे। हमारे कई सैनिक शहीद हुए हैं, लेकिन हम पूरी ताकत और साहस के साथ लड़ेंगे। आपको हमारी ताकत पर भरोसा होना चाहिए। अमीर हातामी को हाल ही में ईरानी सेना के नए चीफ मेजर जनरल के पद पर नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने भारतीय समय के अनुसार सुबह 4.30 बजे ईरान की तीन प्रमुख न्यूक्लियर साइट्स फोर्डो, एस्फाहान और नतांज पर हमला किया था।</description>
        <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 13:28:04 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है: इजराइली राजदूत अजार ने भारतीयों की निकासी पर कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-लगतर-वदश-मतरलय-क-सपरक-म-ह-इजरइल-रजदत-अजर-न-भरतय-क-नकस-पर-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-लगतर-वदश-मतरलय-क-सपरक-म-ह-इजरइल-रजदत-अजर-न-भरतय-क-नकस-पर-कह</guid>
        <description>(शुजा उल हक)

नयी दिल्ली, 21 जून। भारत में इजराइल के राजदूत रियुवेन अजार ने इजराइल और ईरान के मध्य बढ़ते सैन्य टकराव के बीच कहा है कि उनका देश भारतीय नागरिकों की निकासी के मामले में विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है।

अजार ने शुक्रवार को पीटीआई वीडियो के साथ एक साक्षात्कार में यह भी कहा कि भारत सरकार से हमें जो भी संदेश मिलता है हम उसे बहुत गंभीरता से लेते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।

इजराइली राजदूत ने यह टिप्पणी अपने देश और ईरान के मध्य बढ़ते तनाव के बीच इजराइल में रह रहे भारतीयों की निकासी के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में की।

अजार ने कहा, हम नागरिकों की निकासी से संबंधित सभी मामलों पर विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में हैं। हम युद्ध की शुरुआत से ही सहयोग कर रहे हैं और यह सहयोग जारी है। भारत सरकार से हमें जो भी संदेश मिलता है हम उसे बहुत गंभीरता से लेते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।

इजराइल स्थित भारतीय दूतावास संघर्ष की शुरुआत से ही परामर्श जारी कर रहा है तथा वहां मौजूद भारतीय नागरिकों से पर्याप्त सावधानी बरतने का आग्रह कर रहा है। सैन्य टकराव बढ़ने के बीच भारत ने इजराइल से अपने उन नागरिकों को निकालने का निर्णय लिया है जो वहां से आना चाहते हैं।

इजराइल के बीर्शेबा क्षेत्र में एक अस्पताल पर ईरानी मिसाइल हमले के कुछ घंटों बाद बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली ने अपने नागरिकों को निकालने का निर्णय लिया।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा था, इजराइल और ईरान के बीच हालिया घटनाक्रम को देखते हुए भारत सरकार ने उन भारतीय नागरिकों को इजराइल से निकालने का फैसला किया है जो वहां से जाना चाहते हैं।

भारत ने बुधवार को ईरान से अपने नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु शुरू करने की घोषणा की क्योंकि इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष कम होता नहीं दिखाई दे रहा।

अजार ने 17 जून को संवाददाताओं से कहा था कि उनका देश ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को कमज़ोर करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार काम करना जारी रखेगा।

यहां उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर होगा कि शत्रुता को रोकने के लिए कोई कूटनीतिक समाधान निकाला जाए।

इजराइल ने एक सप्ताह पहले ऑपरेशन राइजिंग लॉयन शुरू करते हुए ईरान के पर कई हमले किए जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल पर हमले किए।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 21 Jun 2025 11:47:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान के बारे में गबार्ड की राय ‘गलत’ थी: ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-बर-म-गबरड-क-रय-गलत-थ-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-बर-म-गबरड-क-रय-गलत-थ-टरप</guid>
        <description>वाशिंगटन, 21 जून। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड की पूर्व में व्यक्त की गई इस राय को गलत बताया है कि अमेरिका के विचार में ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है।

शुक्रवार को अपनी सुपर पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के लिए धन जुटाने के वास्ते न्यूजर्सी पहुंचने पर ट्रंप से मार्च में कांग्रेस को दिए गए गबार्ड के बयान के बारे में पूछा गया। दरअसल गबार्ड ने तब कहा था कि अमेरिकी जासूसी एजेंसियों का मानना ​​है कि ईरान परमाणु हथियारों पर काम नहीं कर रहा है।

इस पर राष्ट्रपति ने कहा, तो फिर, मेरा खुफिया समुदाय गलत है। खुफिया समुदाय में किसने ऐसा कहा?

ट्रंप को जब बताया गया कि यह बात गबार्ड ने कही थी तो उन्होंने कहा,  उनकी राय गलत है।

इस बीच गबार्ड ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, अमेरिका के पास खुफिया जानकारी है कि ईरान इस स्थिति में है कि वह कुछ हफ़्तों या महीनों के भीतर परमाणु हथियार बना सकता है।

गबार्ड ने अपने पोस्ट में कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा नहीं होने दिया जा सकता और मैं इससे सहमत हूं।

इजराइल और ईरान के बीच जारी घातक हमलों के मध्य व्हाइट हाउस ने हाल ही में कहा कि ट्रंप दो सप्ताह के भीतर यह तय करेंगे कि अमेरिकी सेना इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल होगी या नहीं।

व्हाइट हाउस ने कहा कि अतिरिक्त समय की मांग इस तथ्य पर आधारित है कि निकट भविष्य में ईरान के साथ बातचीत की पर्याप्त संभावना है या नहीं।

लेकिन शुक्रवार को ट्रंप ने खुद इस बात पर संदेह जताया कि बातचीत से इजराइल और ईरान के बीच लड़ाई रुक सकती है।

ट्रंप ने कहा कि भले ही वह युद्धविराम का समर्थन करते हैं, लेकिन ईरान पर इजराइल के हमलों को रोकना बहुत मुश्किल हो सकता है।

ईरान के इस सुझाव के बारे में पूछे जाने पर कि अगर अमेरिका वार्ता को आगे बढ़ाने के बारे में गंभीर है तो वह इजराइल से हमले रोकने के कहे। इस पर ट्रंप ने कहा, मुझे लगता है कि अभी यह अनुरोध करना बहुत कठिन है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 21 Jun 2025 11:47:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कितने संघर्षों का बोझ उठा सकती है इस्राएल की अर्थव्यवस्था?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कतन-सघरष-क-बझ-उठ-सकत-ह-इसरएल-क-अरथवयवसथ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कतन-सघरष-क-बझ-उठ-सकत-ह-इसरएल-क-अरथवयवसथ</guid>
        <description>इस समय इस्राएल कम से कम दो मोर्चों पर सशस्त्र संघर्ष में लगा है, जिसमें सिर्फ जान-माल की हानि नहीं होती, बल्कि हथियार खरीदने और सेना को तैयार रखने में भी भारी खर्च होता है. इससे देश की अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ गया है

डॉयचे वैले परटिमोथी रुक्सका लिखा-


कोई भी युद्ध बहुत खर्चीला होता है. कई लोगों को जान भी गंवानी पड़ती है. हजारों लोग घायल हो जाते हैं और उनके इलाज का खर्च भी उठाना पड़ता है.युद्ध कीतबाही सिर्फव्यक्तिगत दुख ही नहीं लाती, बल्कि सेना पर भारी खर्च होता है. इस समय इस्राएल और उसकी अर्थव्यवस्था कई मोर्चों पर ऐसा ही महसूस कर रही है. सरकार चाहती है कि टैक्स बढ़ाकर कुछ खर्च निकाले जाएं.

जब 7 अक्टूबर, 2023 को आतंकी समूहहमास ने इस्राएल पर हमलाकिया था, तब से वह गाजा में भीषण लड़ाई में लगा हुआ है. उसके बाद, इस्राएल ने सीमा पार हिज्बुल्लाह के मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब देते हुए लेबनान में हवाई हमले किए. पिछले हफ्ते, इस्राएल ने ईरान की परमाणु क्षमताओं को निष्क्रिय करने के उद्देश्य से ईरान के भीतरी इलाकों में हमला किया.

बड़ी समस्याएं और ज्यादा बजट

इन सब की वजह से इस्राएल की अर्थव्यवस्था पर काफी ज्यादा दबाव है. कई रिजर्व सैनिकों को लड़ाई के लिए बुलाया गया है, जिससे उन्हें अस्थायी रूप से अपनी नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है. इससे काम करने वाले लोगों की कमी हो गई है. वहीं, कई फलस्तीनियों के वर्क परमिट रद्द कर दिए गए हैं और उनके लिए सीमा पार करना मुश्किल होता जा रहा है. युद्ध और आर्थिक दबाव की वजह से नौकरियों के लिए लोग नहीं मिल पा रहे हैं. हालांकि अप्रैल 2025 में देश में बेरोजगारी दर घटकर 3 फीसदी रह गई, जो 2021 में 4.8 फीसदी थी.

दूसरी ओर, इस्राएल का सैन्य खर्च काफी ज्यादा बढ़ गया है. अप्रैल में प्रकाशित स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में यह 65 फीसदी बढ़कर 46.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इससे इस्राएल का सैन्य खर्च जीडीपी का 8.8 फीसदी हो गया, जो यूक्रेन के बाद दुनिया में दूसरा सबसे ज्यादा है. इस्राएल का 2025 का बजट 756 अरब इस्राएली शेकेल यानी 215 अरब डॉलर है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21 फीसदी ज्यादा है. टाइम्स ऑफ इस्राएल की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इस्राएल के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है और इसमें रक्षा क्षेत्र के लिए 38.6 अरब डॉलर शामिल है.

अनिश्चितता का सामना कर रही है इस्राएल की अर्थव्यवस्था

तेल अवीव विश्वविद्यालय के कॉलर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर इटाई एटर का कहना है कि युद्ध इस समय काफी महंगा है और निकट और दीर्घकालिक भविष्य के बारे में बहुत अनिश्चितता है. एटर ने डीडब्ल्यू को बताया, युद्ध के दौरान हमले और बचाव दोनों मोर्चों पर सैन्य खर्च बेहद ज्यादा होता है. यह तय है कि इसका सीधा असर सरकारी बजट, घाटा, जीडीपी और इस्राएल के कर्ज पर पड़ेगा.

पिछले 20 महीनों में कई इस्राएली नागरिकों ने सैकड़ों दिन सेना की रिजर्व ड्यूटी में बिताए हैं. कुछ लोगों को सीमा के पास के इलाकों से निकाला गया, जिससे उनकी जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. सरकार की सामाजिक सुविधाओं पर भी भारी बोझ पड़ा है. एटर का कहना है कि पिछले शुक्रवार को हुए हमलों के बाद से कई लोग काम पर नहीं जा पाए हैं, जिनमें उद्योग, व्यापार, तकनीक और शिक्षा क्षेत्र के लोग शामिल हैं.

देश में आने-जाने वाली वाणिज्यिक उड़ानें भी फिलहाल निलंबित हैं. एयरलाइनों ने अपने जेट विमानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है और मध्य पूर्व के अधिकांश हिस्सों में हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है.

टैक्स बढ़ा रही है इस्राएली सरकार

इस आर्थिक दबाव की भरपाई के लिए सरकार ने टैक्स बढ़ा दिए हैं. इस साल की शुरुआत में अधिकतर वस्तुओं और सेवाओं पर वैट को 17 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया है. इसके अलावा, कर्मचारियों के वेतन से कटने वाला स्वास्थ्य टैक्स और राष्ट्रीय बीमा में दिया जाने वाला उनका योगदान भी बढ़ा दिया गया है.
हाइफा विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर एमेरिटस बेंजामिन बेंटल का कहना है कि इस्राएल की अर्थव्यवस्था को पिछले 18 महीनों में नुकसान तो हुआ है, लेकिन जितनी उम्मीद थी उससे कहीं ज्यादा मजबूत बनी हुई है. जबकि, पर्यटन, निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग और कृषि जैसे क्षेत्रों पर असर पड़ा है, लेकिन उच्च-तकनीक, रक्षा और खुदरा खाद्य जैसे उद्योगों ने मजबूती बनाए रखी है. 2024 में इस्राएल की अर्थव्यवस्था ने 540 अरब डॉलर से अधिक की कमाई की, जो पिछले वर्षों से भी अधिक थी.

बेंटल का कहना है कि उच्च-तकनीक क्षेत्र की लगातार सफलता और मजबूत श्रम बाजार इस्राएल की अर्थव्यवस्था को संभाले हुए है. उनका कहना है कि श्रम बाजार इतना मजबूत पहले कभी नहीं रहा. इसके अलावा, हिज्बुल्लाह या ईरान की ओर से ऊर्जा और इंटरनेट जैसी अहम संरचनाओं पर हमले की जो आशंकाएं जताई जा रही थीं वे अब तक गलत साबित हुई हैं, जिससे कारोबार सामान्य रूप से चलते रहे हैं.</description>
        <pubDate>Sat, 21 Jun 2025 11:47:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूके में भारतीय प्रवासियों ने मनाया &amp;apos;अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस&amp;apos;, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यक-म-भरतय-परवसय-न-मनय-अतररषटरय-यग-दवस-सवसथ-जवनशल-अपनन-पर-जर-दय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यक-म-भरतय-परवसय-न-मनय-अतररषटरय-यग-दवस-सवसथ-जवनशल-अपनन-पर-जर-दय</guid>
        <description>लंदन, 21 जून । 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर, यूके में भारतीय प्रवासी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। इस कार्यक्रम में योग के महत्व पर प्रकाश डालने के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाने पर जोर दिया गया। भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी ने बताया कि इस बार योग को अधिक से अधिक जगहों पर पहुंचाने पर जोर दिया गया है। इस वर्ष की थीम एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग थी। यह थीम पर्सनल वेल-बीइंग और प्लैनेटरी हेल्थ के बीच समग्र संबंध को रेखांकित करती है। लंदन के प्रतिष्ठित स्थलों से लेकर ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज के कैंपस तक, विभिन्न स्थानों पर योगा मैट बिछाए गए। यहां तमाम उम्र के लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। यूके में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी ने समारोहों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की खास थीम के तहत, योग को ज्यादा से ज्यादा स्थानों पर ले जाने पर फोकस किया गया। हमारे कल्चरल सेंटर ने कई भागीदारों के सहयोग से यूके में कई स्थानों पर, विशेष रूप से ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज और साउथैम्प्टन जैसे प्रमुख शहरों में योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किए। लंदन में, शहर के मध्य में एक बड़ा सार्वजनिक योग सत्र आयोजित किया गया।</description>
        <pubDate>Sat, 21 Jun 2025 11:46:59 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>आईडीएफ का दावा, &amp;apos;हमारे सटीक हमले में कुद्स फोर्स के दो टॉप कमांडर की मौत&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/आईडएफ-क-दव-हमर-सटक-हमल-म-कदस-फरस-क-द-टप-कमडर-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/आईडएफ-क-दव-हमर-सटक-हमल-म-कदस-फरस-क-द-टप-कमडर-क-मत</guid>
        <description>तेल अवीव, 21 जून । इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने शनिवार को दावा किया कि उसके सटीक हमलों में वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी सईद इजादी और कुद्स फोर्स के वेपन ट्रांसफर यूनिट कमांडर बेहनाम शाहरियारी की पश्चिमी ईरान में मौत हो गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, आईडीएफ ने बताया, ईरानी शासन के इजरायल को नष्ट करने की योजना के संस्थापक सईद इजादी को आईडीएफ के सटीक हमले में मार गिराया गया। इजादी, कुद्स फोर्स के (फिलिस्तीन कोर) कमांडर भी थे, जो ईरानी शासन और हमास के बीच एक मुख्य समन्वयक और 7 अक्टूबर के नरसंहार के मुख्य संचालकों में से एक थे। आईडीएफ ने बताया कि इजादी ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ कमांडर्स और हमास के प्रमुख लोगों के बीच सैन्य समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह इजरायल के खिलाफ आतंकवादी अभियान चलाने के लिए ईरान की ओर से हमास को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराते थे। एक्स पोस्ट में लिखा गया, युद्ध के दौरान, इजादी ने लेबनान से संचालित हमास बलों को निर्देशित किया। तभी से, वह हमास की सैन्य शाखा के पुनर्निर्माण और हमास को गाजा पर नियंत्रण बनाए रखने में सक्रिय रूप से शामिल था।</description>
        <pubDate>Sat, 21 Jun 2025 11:46:59 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइली सेना ने लोगों से ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर के आस&amp;पास के क्षेत्र को खाली करने को कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-सन-न-लग-स-ईरन-क-अरक-भर-जल-रएकटर-क-आस-पस-क-कषतर-क-खल-करन-क-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-सन-न-लग-स-ईरन-क-अरक-भर-जल-रएकटर-क-आस-पस-क-कषतर-क-खल-करन-क-कह</guid>
        <description>दुबई, 19 जून। इजराइल की सेना ने बृहस्पतिवार को लोगों से ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर के आस-पास के क्षेत्र को खाली करने को कहा।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट कर यह चेतावनी जारी की गई।

इस बीच, अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार समूह ने बृहस्पतिवार को बताया कि ईरान पर इजराइली हमलों में कम से कम 639 लोग मारे गए हैं और 1,329 अन्य लोग घायल हुए हैं।

इजराइल की सेना ने अराक रिएक्टर को खाली करने की सोशल मीडिया के जरिए चेतावनी देते हुए उपग्रह से ली गई तस्वीर साझा की जिसमें रिएक्टर को लाल घेरे में दर्शाया गया।

अराक स्थित भारी जल रिएक्टर तेहरान से 250 किलोमीटर (155 मील) दक्षिण-पश्चिम में है।

परमाणु रिएक्टर को ठंडा करने के लिए भारी जल रिएक्टर का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन यह प्लूटोनियम भी बनाता है जिसका संभावित रूप से परमाणु हथियारों में उपयोग किया जा सकता है।

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी इजराइल से ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमला न करने का आग्रह कर रही है। ऐसा बताया जाता है कि एजेंसी के निरीक्षकों ने 14 मई को आखिरी बार अराक का दौरा किया था।

इस बीच, वाशिंगटन स्थित समूह ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स ने बताया कि इजराइली हमलों में ईरान में अब तक कम से कम 639 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,329 अन्य लोग घायल हुए हैं।

समूह ने बताया कि मरने वालों में 263 आम नागरिक और 154 सुरक्षा बल के जवान हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 19 Jun 2025 13:20:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>क्या ट्रंप ने ईरान पर हमला करने के प्लान को मंज़ूरी दे दी है?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कय-टरप-न-ईरन-पर-हमल-करन-क-पलन-क-मजर-द-द-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कय-टरप-न-ईरन-पर-हमल-करन-क-पलन-क-मजर-द-द-ह</guid>
        <description>बीबीसी के अमेरिकी सहयोगी सीबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक़ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार रात ईरान पर हमला करने के प्लान को मंज़ूरी दे दी. हालांकि, ट्रंप ने इस बारे में अंतिम फ़ैसला नहीं किया है कि ईरान पर हमला करना है या नहीं.

एक वरिष्ठ ख़ुफ़िया सूत्र ने सीबीएस को बताया कि अगर ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम बंद करने को तैयार हो जाए तो ट्रंप हमले करने की योजना को रोक सकते हैं.

इस ख़बर को सबसे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट किया था.

बुधवार को, जब ट्रंप से ईरान में अमेरिका के हस्तक्षेप के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, मैं ऐसा कर सकता हूँ, मैं ऐसा नहीं भी कर सकता हूँ.

इसराइल ने 13 जून को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों पर हमला किया था. ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में इसराइल पर हमला किया. इसके बाद से दोनों देशों के बीच संघर्ष जारी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 19 Jun 2025 13:20:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान की राजधानी तेहरान में तेज़ धमाकों की आवाज़</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-रजधन-तहरन-म-तज-धमक-क-आवज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-रजधन-तहरन-म-तज-धमक-क-आवज</guid>
        <description>इसराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान में तेज़ धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं.

बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, जिस समय ईरानी मीडिया ने तेहरान में बड़े विस्फोटों की आवाज़ों की सूचना दी, उसी समय इसराइल की सेना ने घोषणा की कि देश की वायु सेना ईरानी राजधानी में सैन्य ठिकानों पर हमले कर रही है.

इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा है कि इसराइल की कई मिसाइलों ने तेहरान के उत्तरी और पूर्वी उपनगरों को निशाना बनाया है.

तबनक समाचार साइट ने बताया कि तेहरान के पूर्वी और पश्चिमी इलाक़ों के साथ-साथ करज को भी इसराइल ने निशाना बनाया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 19 Jun 2025 13:20:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ख़ामेनेई बोले&amp; ईरानी लोग ट्रंप की बेबुनियाद धमकियों से नहीं डरते</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/खमनई-बल-ईरन-लग-टरप-क-बबनयद-धमकय-स-नह-डरत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/खमनई-बल-ईरन-लग-टरप-क-बबनयद-धमकय-स-नह-डरत</guid>
        <description>ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने इसराइल से संघर्ष और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.

ख़ामेनेई की ओर से जारी बयान में कहा गया, अमेरिका की किसी भी तरह के सैन्य हस्तक्षेप का जवाब निश्चित रूप से अपूरणीय क्षति के रूप में दिया जाएगा.

सुप्रीम लीडर ने कहा, समझदार लोग जो ईरान, उसके लोगों और उसके इतिहास को जानते हैं, कभी इस देश से धमकी की भाषा में बात नहीं करते, क्योंकि ईरानी वो लोग नहीं हैं जो सरेंडर कर दें.

साथ ही ख़ामेनेई ने यह भी कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति हमें धमकाते हैं. अपनी बेबुनियाद बयानबाज़ी के ज़रिए वे ईरानी जनता से आत्मसमर्पण की मांग करते हैं.उन्हें उन लोगों को धमकी देनी चाहिए जो धमकियों से डरते हैं, ईरानी जनता ऐसी धमकियों से नहीं डरती.

इससे पहले मंगलवार की रात ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लिखा था, हमें अच्छी तरह पता है कि तथाकथित सुप्रीम लीडर कहां छिपे हुए हैं. वह एक आसान निशाना हैं, लेकिन फ़िलहाल वो वहां सुरक्षित हैं.

ट्रंप ने लिखा था, हम उन्हें अभी हटाने (मारने) नहीं जा रहे हैं, कम से कम अभी तो नहीं. लेकिन हम यह भी नहीं चाहते कि आम नागरिकों या अमेरिकी सैनिकों पर मिसाइलें दागी जाएं. हमारा सब्र अब ख़त्म होता जा रहा है.

इसराइल ने 13 जून को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों पर हमला किया था. इसके बाद से दोनों देशों के बीच संघर्ष जारी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 19 Jun 2025 13:20:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका फिर शुरू करेगा विदेशी स्टूडेंट्स को वीज़ा देने की प्रक्रिया, लेकिन रखी ये शर्त</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-फर-शर-करग-वदश-सटडटस-क-वज-दन-क-परकरय-लकन-रख-य-शरत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-फर-शर-करग-वदश-सटडटस-क-वज-दन-क-परकरय-लकन-रख-य-शरत</guid>
        <description>अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वह इंटरनेशनल स्टूडेंट वीज़ा के लिए अपॉइंटमेंट शेड्यूल करना फिर से शुरू करेगा.

ये भी कहा गया है कि वीज़ा अप्लाई करने वाले स्टूडेंट्स के सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जाएगी. इसके लिए सभी आवेदकों को अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग पब्लिक रखने का निर्देश दिया जाएगा.

अमेरिकी विदेश विभाग की प्रेस रिलीज़ में कहा गया है, हम अपनी वीज़ा स्क्रीनिंग में सभी उपलब्ध जानकारियों का इस्तेमाल करते हैं ताकि ऐसे आवेदकों की पहचान की जा सके जिन्हें अमेरिका में प्रवेश की मंज़ूरी नहीं दी जा सकती, ख़ासकर ऐसे लोग जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा हो सकते हैं.

विदेश विभाग ने कहा, नई गाइडलाइन के तहत आवेदकों की ऑनलाइन मौजूदगी सहित विस्तृत और सघन जांच की जाएगी.

अमेरिका के विदेश विभाग के मुताबिक़ विदेशों में स्थित अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास जल्द ही इन वीज़ा आवेदनों की शेड्यूलिंग फिर से शुरू करेंगे.

इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर में अपने दूतावासों को स्टूडेंट वीज़ा के लिए अपॉइंटमेंट बंद करने का आदेश दिया था.

ट्रंप सरकार ने कहा था कि वह आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट की गहन जांच के लिए एक योजना पर काम कर रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 19 Jun 2025 13:20:50 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका: सेना ने सीमा पर अप्रवासियों को हिरासत में लेना शुरू किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-सन-न-सम-पर-अपरवसय-क-हरसत-म-लन-शर-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-सन-न-सम-पर-अपरवसय-क-हरसत-म-लन-शर-कय</guid>
        <description>एल पासो (अमेरिका), 12 जून। अमेरिका के सैनिकों ने हाल में देश की दक्षिणी सीमा पर घोषित किए गए राष्ट्रीय रक्षा क्षेत्र में अवैध तरीके से घुसने के आरोप में अप्रवासियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया है जिससे साफ है कि कानूनी कार्रवाई में सेना का दखल बढ़ रहा है। प्राधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अमेरिकी सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल चैड कैंपबेल ने बताया कि पिछले सप्ताह सैनिकों ने न्यू मैक्सिको में सांता टेरेसा के पास एक राष्ट्रीय रक्षा क्षेत्र में अवैध तरीके से घुसने के आरोप में तीन अप्रवासियों को हिरासत में लिया।

इन अप्रवासियों को तुरंत अमेरिका के सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग को सौंप दिया गया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की नयी सीमा प्रवर्तन रणनीति के तहत सीमा पर सैन्यीकृत क्षेत्रों में अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में अब तक 1,400 से अधिक अप्रवासियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 06:46:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका में इमिग्रेशन छापों के ख़िलाफ़ लॉस एंजेलिस समेत 11 शहरों में प्रदर्शन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-इमगरशन-छप-क-खलफ-लस-एजलस-समत-11-शहर-म-परदरशन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-इमगरशन-छप-क-खलफ-लस-एजलस-समत-11-शहर-म-परदरशन</guid>
        <description>अमेरिका में इमिग्रेशन छापों को लेकर हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद 10 और अमेरिकी शहरों और प्रांतो में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं

लॉस एजेंलिस में हालात को काबू करने को लेकर ट्रंप प्रशासन ने नेशनल गॉर्ड्स और यूएस मरीन की तैनाती के आदेश दिए हैं हालांकि इसे लेकर कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर ने मुक़दमा कर दिया है.

ये विरोध प्रदर्शन तब भड़के जब लैटिन मूल बहुल आबादी वाले एक इलाक़े से बड़ी संख्या में अवैध आप्रवासियों को इमिग्रेशन अधिकारियों ने छापा मारकर गिरफ़्तार कर लिया.

इसके बाद विरोध प्रदर्शन हिंसक हो उठा और लॉस एजेंलिस के अलावा कई शहरों में विरोध प्रदर्शन और रैलियां शुरू हो गई हैं.

अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजेलिस के प्रभावित इलाक़ों में कई वाहनों में आग लगाए जाने की जानकारी सामने आई है और कई जगहों पर लूटपाट की भी ख़बर है.

इसके बाद पुलिस ने दर्जनों लोगों को गिरफ़्तार किया है.

किन प्रांतों और शहरों में हो रहे हैं प्रदर्शन

बीबीसी संवाददाता माइया डेवीज के अनुसार, मंगलवार को टेक्सस, न्यूयॉर्क, सैन फ़्रांसिस्को, सैंटा एना, फिलाडेल्फिया, अटलांटा, शिकागो, वॉशिंगटन डीसी, बोस्टन और सिएटल में प्रदर्शन हुए और दर्जनों लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

इन सारी जगहों पर इमिग्रेशन ऑफ़िस के बाहर प्रदर्शन हुए हैं. सिएटल में क़रीब 50 लोगों ने इमिग्रेशन ऑफ़िस को बाइक और ई स्कूटर्स से ब्लॉक कर दिया.

वॉशिंगटन डीसी में ट्रेड यूनियनों के सदस्यों ने न्याय विभाग की इमारत के सामने मार्च निकाला. शुक्रवार को एक यूनियन नेता डेविड हुएर्ता को इमिग्रेशन अधिकारियों ने गिरफ़्तार कर लिया था.

शिकागो में हज़ारों लोगों ने डाउनटाउन में प्रदर्शन किया.

टेक्सस गवर्नर ने सैन एंटोनियो में नेशनल गॉर्ड्स की तैनाती के आदेश दिए.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 06:46:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका ने पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अपने दूतावास में कर्मचारियों की संख्या घटाई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-पशचम-एशय-म-तनव-क-बच-अपन-दतवस-म-करमचरय-क-सखय-घटई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-पशचम-एशय-म-तनव-क-बच-अपन-दतवस-म-करमचरय-क-सखय-घटई</guid>
        <description>वाशिंगटन, 12 जून। अमेरिका के विदेश विभाग और सेना ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया में अशांति की आशंकाओं के बीच अमेरिका इस क्षेत्र में अपने दूतावासों में उन कर्मचारियों की संख्या कम कर रहा है जिनकी उसके मुताबिक वहां जरूरत नहीं है।

विदेश विभाग ने कहा कि उसने अपनी नवीनतम समीक्षा और घर तथा विदेश दोनों जगह अमेरिकियों को सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता के आधार पर बगदाद में अमेरिकी दूतावास से सभी गैर-आवश्यक कर्मियों को वहां से निकलने का आदेश दिया है। दूतावास में पहले ही सीमित संख्या में कर्मचारी थे और यह आदेश बड़ी संख्या में कर्मियों को प्रभावित नहीं करेगा।

विभाग बहरीन और कुवैत से भी गैर-आवश्यक कर्मियों तथा उनके परिवार के सदस्यों को दूतावास छोड़ने की अनुमति दे रहा है। इससे उन्हें सरकारी खर्च और सरकारी सहायता से उन देशों को छोड़ने का विकल्प मिलता है।

अमेरिकी केंद्रीय कमान ने एक बयान में कहा कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पूरे क्षेत्र से सैन्य आश्रितों के स्वैच्छिक प्रस्थान को अधिकृत किया है। कमान पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति पर नजर रख रही है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार शाम को वाशिंगटन के कैनेडी सेंटर में कहा, उन्हें वहां से हटाया जा रहा है क्योंकि यह एक खतरनाक जगह हो सकती है। हमने वहां से हटने के लिए नोटिस दे दिया है और हम देखेंगे कि क्या होता है।

हाल के दिनों में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है, वहीं ईरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका से उसकी बातचीत में गतिरोध पैदा होता नजर आ रहा है।

वार्ता का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना है, जिसके बदले में अमेरिका द्वारा इस्लामिक गणराज्य पर लगाए गए कुछ कठोर आर्थिक प्रतिबंधों को हटाया जाएगा।

ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है। अमेरिका के दो अधिकारियों ने नाम जाहिर नहीं होने की शर्त पर पहले कहा था कि वार्ता का अगला और छठा चरण इस सप्ताहांत ओमान में संभावित है।

हालांकि, उन अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि वार्ता होने की संभावना कम होती जा रही है।

ट्रंप ने पहले कहा था कि अगर वार्ता विफल हो जाती है तो इजराइल या अमेरिका ईरानी परमाणु केंद्रों को निशाना बनाकर हवाई हमले कर सकते हैं।

उन्होंने ईरान के साथ किसी समझौते पर पहुंचने के बारे में बहुत ज्यादा आशावादी दृष्टिकोण व्यक्त नहीं किया।

ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट के पॉड फोर्स वन पॉडकास्ट में कहा कि वह इस समझौते के बारे में और भी कम आश्वस्त होते जा रहे हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 06:46:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका ने ऐसा क्या फ़ैसला किया कि बढ़ने लगी तेल की क़ीमत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-ऐस-कय-फसल-कय-क-बढन-लग-तल-क-कमत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-ऐस-कय-फसल-कय-क-बढन-लग-तल-क-कमत</guid>
        <description>अमेरिका ने बुधवार को मध्य-पूर्व के देशों से अमेरिकी सैन्य कर्मियों के परिवारों को वापस आने की अनुमति दी है.

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड मंगलवार को न्यूयार्क में दोपहर के कारोबार में अपने स्तर से पांच प्रतिशत बढ़कर 70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. अमेरिका के वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट ने भी तेज़ी दिखाते हुए अप्रैल के बाद अपने उच्चतम स्तर जा पहुंचा है.

कच्चे तेल की क़ीमतों में उस समय उछाल देखने को मिला, जब कुछ घंटे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ये बयान दिया था कि ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर चल रही बातचीत सफल होने के उम्मीद कम है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग़ैर अनिवार्य स्टाफ़ के वापसी की पुष्टि करते हुए कहा, अमेरिकी कर्मी मध्य-पूर्व छोड़ रहे हैं. ये ख़तरनाक जगह हो सकती है. हम देखते हैं क्या होगा. ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता है. हम इसकी अनुमति नहीं देंगे.

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर कूटनीति विफल रही तो वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य विकल्पों पर विचार करेगा.

इसराइल ने भी ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई की धमकी दी है. ईरान दशकों में अपने सबसे कमज़ोर स्थिति में है और ऐसे में इसराइल के पास हमला करने का एक अवसर है.

ईरान के रक्षा मंत्री ने बुधवार को कहा कि उनका देश किसी भी हमले के जवाब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बिना किसी हिचकिचाहट के निशाना बनाएगा. इन बयानों के बाद तेल बाज़ार पर सीधा असर पड़ा है.

ईरान को नए परमाणु समझौते के लिए तय किया गया समय गुरुवार को समाप्त हो रहा है. ट्रंप ने इस समझौते के लिए ईरान को 60 दिन का समय दिया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 06:46:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा के दो अस्पतालों ने बताया, इसराइली हमले में मारे गए 25 फ़लस्तीनी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-क-द-असपतल-न-बतय-इसरइल-हमल-म-मर-गए-25-फलसतन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-क-द-असपतल-न-बतय-इसरइल-हमल-म-मर-गए-25-फलसतन</guid>
        <description>ग़ज़ा के अस्पतालों ने बताया है कि सहायता सामग्री लेने के प्रयास में कई फ़लस्तीनी मारे गए हैं. शहर के दो अस्पतालों ने बताया है कि इसराइली हमले में बुधवार की रात 25 लोगों की मौत हो गई है.

अस्पताल के मुताबिक़ इसराइली सैन्य क्षेत्र नेत्ज़ारिम कॉरिडोर में यह घटना उस समय हुई, जब एक काफ़िला अमेरिका और इसराइल समर्थित ग़ज़ा ह्यूमैनिटेरियन फ़ाउंडेशन (जीएचएफ़) के खाद्य वितरण स्थल पर आटा लेकर जा रहा था.

हमास की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने कहा है कि इसराइली सेना ने गोलीबारी की है. ऐसी भी ख़बरें हैं कि लोगों को ट्रकों से कुचल दिया गया.

इसराइली सेना ने बताया है कि संदिग्धों के पास आने पर सैनिकों ने चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई थीं.

ख़ान यूनिस स्थित एक अस्पताल ने बताया है कि दक्षिण में राफ़ा में जीएचएफ स्थल के निकट इसराइली गोलीबारी में 14 अन्य लोग मारे गए हैं.

इसराइली सेना ने कहा है कि वह राफ़ा से मिल रही रिपोर्ट की जांच कर रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 06:46:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शुभांशु शुक्ला समेत चार अंतरिक्ष यात्रियों का आईएसएस जाने का एक्सियम&amp;4 मिशन फिर टला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शभश-शकल-समत-चर-अतरकष-यतरय-क-आईएसएस-जन-क-एकसयम-4-मशन-फर-टल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शभश-शकल-समत-चर-अतरकष-यतरय-क-आईएसएस-जन-क-एकसयम-4-मशन-फर-टल</guid>
        <description>भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुंभाशु शुक्ला का एक्सियम-4 मिशन एक बार फिर टल गया है.

स्टैटिक फायर परीक्षण के बाद बूस्टर की जांच के दौरान लिक्विड ऑक्सीजन लीक का पता चलने के बाद मिशन को रोक दिया गया है.

इसरो ने कहा है कि लीक ठीक किए जाने के बाद फिर से इस मिशन को मंज़ूरी दी जाएगी.

वहीं स्पेसएक्स ने कहा है कि लीक ठीक करने के बाद वह नई लॉन्च की तारीख की घोषणा करेगा.

इस मिशन के तहत भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन यानी आईएसएस भेजा जाना है.

इससे पहले शुभांशु शुक्ला को आठ जून को अंतरिक्ष स्टेशन की ओर रवाना होना था, लेकिन ख़राब मौसम की वजह से इसे 11 जून के लिए टाल दिया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 08:15:28 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ऑस्ट्रिया के एक स्कूल में गोलीबारी में मरने वालों की संख्या 11 हुई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ऑसटरय-क-एक-सकल-म-गलबर-म-मरन-वल-क-सखय-11-हई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ऑसटरय-क-एक-सकल-म-गलबर-म-मरन-वल-क-सखय-11-हई</guid>
        <description>ऑस्ट्रिया के ग्राज़ शहर के एक सेकेंडरी स्कूल में मंगलवार को हुई गोलीबारी में 11 लोगों की मौत हुई है. इसे अब तक की सबसे बड़ी गोलीबारी की घटना बताया जा रहा है.

इस घटना को लेकर ऑस्ट्रिया में तीन दिन का शोक घोषित किया गया है. पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए बुधवार को स्थानीय समयानुसार 10 बजे पूरे देश में एक मिनट का मौन रखा जाएगा.

ग्राज़ हमले में कुल दस लोग मारे गए और अंत में बंदूकधारी ने भी स्कूल के शौचालय में ख़ुद को गोली मार ली. जिससे इस घटनाक्रम में मरने वालों की संख्या 11 हो गई.

पुलिस ने कहा है कि यह बंदूकधारी स्कूल का पूर्व छात्र बताया जा रहा है. इसकी उम्र करीब 21 साल थी. उसने गोलीबारी के लिए पिस्तौल और बन्दूक का इस्तेमाल किया था.

गृह मंत्री गेरहार्ड कार्नर ने बताया है, इस हमले में छह महिलाएं और तीन पुरुष मारे गए. पुलिस के अनुसार, इस घटना में 12 अन्य लोग घायल हुए हैं, इसमें से कुछ गंभीर रूप से घायल हैं.

ऑस्ट्रिया के शिक्षा मंत्री क्रिस्टोफ विडेरकेहर ने बताया है, जिस स्कूल में हमला हुआ है, वह अगले आदेश तक बंद रहेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 08:15:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ़लस्तीन के लिए मुस्लिम देशों को दे देनी चाहिए अपनी ज़मीन: अमेरिकी राजदूत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फलसतन-क-लए-मसलम-दश-क-द-दन-चहए-अपन-जमन-अमरक-रजदत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फलसतन-क-लए-मसलम-दश-क-द-दन-चहए-अपन-जमन-अमरक-रजदत</guid>
        <description>इसराइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने सुझाव दिया है कि मुस्लिम देशों को फ़लस्तीनी राष्ट्र बनाने के लिए अपनी कुछ ज़मीनें दे देनी चाहिए.

बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में हकाबी ने कहा कि इसराइल के नियंत्रण वाली भूमि की तुलना में मुस्लिम देशों के पास 644 गुना अधिक ज़मीन है.

उन्होंने कहा, कोई तो होगा कि जो यह कहेगा कि हम फ़लस्तीन के लिए यह करना चाहते हैं.

अमेरिकी राजदूत ने ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया सहित अमेरिका के सहयोगियों की भी कड़ी आलोचना की है क्योंकि उन्होंने इसराइली क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक पर फ़लस्तीनी समुदायों के ख़िलाफ़ हिंसा को भड़काने के आरोप में इसराइल के दो मंत्रियों पर प्रतिबंध लगा दिया था.

उन्होंने अपने इंटरव्यू में टू स्टेट सॉल्यूशन पर ज़ोर देते हुए कहा कि इसराइल और फ़लस्तीन के बीच शांति के लिए बेहतर योजना है. इसे अमेरिकी प्रशासन सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 08:15:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका और चीन के बीच व्यापार की रूपरेखा तय, लेकिन मंज़ूरी का है इंतज़ार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-और-चन-क-बच-वयपर-क-रपरख-तय-लकन-मजर-क-ह-इतजर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-और-चन-क-बच-वयपर-क-रपरख-तय-लकन-मजर-क-ह-इतजर</guid>
        <description>अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव कम करने का रास्ता साफ़ होता दिख रहा है. दोनों देश व्यापार की एक रूपरेखा बनाने को लेकर सहमत हो गए हैं.

दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों ने लंदन में दो दिन तक चली वार्ता के बाद यह घोषणा की है. दोनों देशों के बीच तय की गई योजना को मंज़ूरी के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग को भेजा जाएगा.

अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि इस समझौते के बाद दुर्लभ खनिजों और चुंबक पर लगाया गया प्रतिबंध समाप्त हो जाएगा.

चीन के साथ हुई इस बैठक में आधुनिक प्रौद्योगिकी के लिए दुर्लभ खनिजों का मुद्दा शीर्ष पर था.

पिछले महीने अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ़ को लेकर एक अस्थाई सहमति बनी थी लेकिन इसके बाद दोनों देश एक-दूसरे पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं.

अमेरिका ने कहा है कि चीन से दुर्लभ धातुओं और चुंबक निर्यात धीमा रहा, यह स्मार्टफोन से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों तक हर चीज़ के निर्माण के लिए ज़रूरी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 08:15:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा जा रहे जहाज़ को रोकने के बाद इसराइल ने अब ये फ़ैसला लिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-ज-रह-जहज-क-रकन-क-बद-इसरइल-न-अब-य-फसल-लय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-ज-रह-जहज-क-रकन-क-बद-इसरइल-न-अब-य-फसल-लय</guid>
        <description>इसराइल के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जहाज़ से ग़ज़ा जा रहे फ़्रीडम फ़्लोटिला कोएलिशन के कार्यकर्ताओं को उनके देश वापस भेजने की घोषणा की है.

इसकी जानकारी इसराइली विदेश मंत्रालय ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर साझा की.

उन्होंने लिखा, सेल्फी यॉट के यात्रियों को उनके देश भेजने के लिए बेन गुरियन एयरपोर्ट लाया गया है. कुछ यात्री अगले कुछ घंटों में इसराइल से रवाना हो सकते हैं. उम्मीद है कि सेल्फी यॉट के कुछ यात्री अगले कुछ घंटों में इसराइल छोड़ देंगे.

इसराइली विदेश मंत्रालय ने ये स्पष्ट कर दिया है कि अगर फ़्रीडम फ़्लोटिला कोएलिशन का कोई भी कार्यकर्ता इसराइल से नहीं जाएगा तो उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने लिखा, जो लोग इसराइल छोड़ने और ज़रूरी दस्तावेज़ों पर साइन करने से मना कर रहे हैं, उन्हें क़ानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा ताकि उनके डिपोर्टेशन को मंज़ूरी मिल सके. यात्रियों से उनके देश के राजनयिक अधिकारी एयरपोर्ट पर मिले.

इसराइली सेना ने सोमवार को संस्था फ़्रीडम फ़्लोटिला कोएलिशन (एफ़एफ़सी) के कार्यकर्ताओं के जहाज़ को रोक लिया था. ये जहाज़ ग़ज़ा पट्टी में मानवीय मदद लेकर जा रहा था.

फ़्रीडम फ़्लोटिला कोएलिशन (एफ़एफ़सी) एक जन आधारित एकजुटता आंदोलन है, जिसमें दुनिया भर के लोग और संगठन शामिल हैं. यह समूह मिलकर ग़ज़ा पर इसराइल की नाकेबंदी को ख़त्म करने के लिए काम कर रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 10 Jun 2025 10:40:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लॉस एंजेलिस में प्रदर्शन और हिंसा कैसे शुरू हुई, गवर्नर ने ट्रंप पर ही कर दिया मुक़दमा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-म-परदरशन-और-हस-कस-शर-हई-गवरनर-न-टरप-पर-ह-कर-दय-मकदम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-म-परदरशन-और-हस-कस-शर-हई-गवरनर-न-टरप-पर-ह-कर-दय-मकदम</guid>
        <description>लॉस एंजेलिस में इमिग्रेशन छापों को लेकर हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद काफ़ी संख्या में लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. यह छापेमारी ट्रंप की निर्वासन नीति का हिस्सा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शहर में 2,100 नेशनल गार्ड के साथ 700 मरीन सैनिक भी तैनात कर दिए हैं.

इसके कारण राजनीतिक विवाद भी पैदा हो गया. उन्होंने हिंसक और विद्रोही भीड़ की भी निंदा की है.

अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजेलिस के प्रभावित इलाक़ों में कई वाहनों में आग लगाए जाने की जानकारी सामने आई है और कई जगहों पर लूटपाट की भी ख़बर है.

सैन फ्रांसिस्को में भी छापेमारी के ख़िलाफ़ रविवार को प्रदर्शन हुए. इस प्रदर्शन में शामिल 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर छोड़ दिया गया.

व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार 2,100 नेशनल गार्ड सैनिकों को लॉस एंजेलिस में तैनात किया गया है.

इसके अलावा अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि वह लॉस एंजेलिस में 700 मरीन को सक्रिय कर रही है.

अमेरिकी सेना के एक बयान में कहा गया है, मरीन की सक्रियता का उद्देश्य टास्क फोर्स 51 को पर्याप्त संख्या में बल उपलब्ध कराना है, ​जिससे प्रमुख संघीय एजेंसी के समर्थन में क्षेत्र की निरंतर कवरेज की जा सके.

इससे पहले रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने शनिवार को कहा कि अगर लॉस एंजेलिस में हिंसा जारी रहती है तो पेंटागन सक्रिय सैनिकों को तैनात करने के लिए तैयार है और क़रीबी कैंप पेंडलटन में मरीन को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

साल 1992 के मई में हुए दंगों के दौरान लगभग 1500 मरीन सैनिकों को लॉस एंजेलिस में तैनात किया गया था. उस समय के राष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश ने मरीन सैनिकों की तैनाती के लिए विद्रोह अधिनियम का इस्तेमाल किया था.

यह क़ानून राष्ट्रपति को घरेलू स्तर पर नागरिक प्राधिकारियों की सहायता के लिए अमेरिकी सैन्य कर्मियों का उपयोग करने की शक्ति देता है.

यह क़ानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 355 के निकट है. इसमें आंतरिक अशांति से बचाने के लिए भारतीय सेना या फिर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जा सकती है.

कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर गेविन नूज़म ने कहा है कि यह एक अत्यधिक गंभीर मामला है.

इस छापेमारी के विरोध में वहां प्रदर्शन शुरू हुए जो कि 8 जून 2025 को हिंसक झड़प में बदल गए.

लॉस एंजेलिस काउंटी शेरिफ़ विभाग (एलएएसडी) ने बीबीसी को बताया है कि शुक्रवार से लॉस एंजेलिस में फैली अशांति के दौरान हिंसा देखी गई.

इसके अलावा आतिशबाज़ी हुई और बोतलें तक फेंकी गई. एक कार को जला दिया गया.

इस दौरान अप्रवासन विभाग ने गई ​अवैध प्रवासियों को हिरासत में ले लिया. इस घटनाक्रम के बाद लॉस एंजेलिस में स्थिति बहुत ही तनावपूर्ण है. कई दिनों की हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है.

लॉस एंजेलिस में शुक्रवार को प्रदर्शन उस समय शुरू हुआ जब यह पता चला कि आव्रजन सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के अधिकारी शहर के उन क्षेत्रों में छापेमारी कर रहे हैं जहां लैटिनो आबादी अधिक है.

बीबीसी के अमेरिकी सहयोगी सीबीएस की रिपोर्ट के अनुसार यह कार्रवाई वेस्टलेक के साथ साथ लॉस एंजेलिस के दक्षिण में स्थिति पैरामाउंट में भी गई.

यहां की 82 प्रतिशत से अधिक आबादी हिस्पैनिक (मध्य और दक्षिण अमेरिकी देशों के लोग) है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में इमिग्रेशन मामलों में छापे बढ़ गए हैं, इसमें पिछले महीने संघीय एजेंटों को प्रतिदिन तीन हज़ार लोगों को गिरफ़्तार करने का आदेश दिया था.

हाल ही में की गई छापेमारी अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा निर्वासन अभियान चलाने के राष्ट्रपति के लक्ष्य का हिस्सा है.

आईसीई ने सीबीएस को बताया कि शुक्रवार को एक कार्रवाई में एक जॉब साइट से 44 अनाधिकृत प्रवासियों को गिरफ़्तार किया गया.

इसी दिन ग्रेटर लॉस एं​जेलिस क्षेत्र में 77 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया.

इन छापों के बाद लॉस एंजेलिस स्थित फेडरल बिल्डिंग विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गई क्योंकि यह बात फैल गई कि वहां कथित तौर पर गिरफ़्तार लोगों को रखा गया है.

सीबीएस की रिपोर्ट के अनुसार इसके बाद इमारत को नुक़सान पहुंचाने के लिए दीवारों पर पेंटिंग बनाई गई और पुलिस पर चीज़ें फेंकी गईं.

इसके कारण इस प्रदर्शन को ग़ैरक़ानूनी घोषित कर दिया गया.

नेशनल गार्ड क्या है और ट्रंप ने इसे क्यों तैनात किया?
लॉस एंजेलिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2,100 नेशनल गार्ड तैनात किए हैं. इसके साथ राज्य के नेताओं के साथ उनका विवाद भी शुरू हो गया है.

व्हाइट हाउस ने कहा है कि हिंसक विरोध प्रदर्शनों से संघीय आव्रजन हिरासत केन्द्रों और अन्य संघीय संपत्ति की सुरक्षा को ख़तरा है और उन्हें नुक़सान हो सकता है.

बयान में कहा गया है कि ऐसे विरोध प्रदर्शन जो, क़ानूनी कार्रवाई को सीधे बाधित करते हैं, अमेरिकी सरकार के अधिकारों के ख़िलाफ़ विद्रोह का एक रूप हैं. ऐसे में इस​ स्थिति से निपटने के​ लिए नेशनल गार्ड की आवश्यकता है.

नेशनल गार्ड अमेरिका की एक ऐसी सुरक्षा इकाई है जो राज्य और केंद्र दोनों के लिए समान रूप से काम करती है. आमतौर पर इसकी तैनाती के लिए संबंधित राज्य का गवर्नर अनुरोध करता है.

सामान्य स्थिति में यह गवर्नर के अधीन होते हैं लेकिन आपात स्थिति में यह राष्ट्रपति के आदेश पर कार्य करते हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप ने संघीय क़ानून का हवाला देते हुए बिना गवर्नर के अनुरोध के ही इसे तैनात कर दिया है. इसके पीछे तर्क दिया है कि ये विरोध प्रदर्शन अमेरिका की सरकार के अधिकार के ख़िलाफ़ हो रहे विद्रोह का एक रूप है.

बताया जाता है कि 1965 के बाद पहली बार है जब राज्य के गवर्नर के अनुरोध के बिना नेशनल गार्ड को किसी राज्य में तैनात किया गया है.

भारत में भी सेना या अर्धसैनिक बलों की तैनाती संबंधित राज्य सरकारों के अनुरोध पर ही की जाती है लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में केंद्र सरकार हस्तक्षेप कर सकती है.

इसमें राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352), राज्य में </description>
        <pubDate>Tue, 10 Jun 2025 10:40:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लॉस एंजेलिस में नेशनल गार्ड्स की तैनाती के ट्रंप के आदेश का जेडी वेंस ने किया समर्थन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-म-नशनल-गरडस-क-तनत-क-टरप-क-आदश-क-जड-वस-न-कय-समरथन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-म-नशनल-गरडस-क-तनत-क-टरप-क-आदश-क-जड-वस-न-कय-समरथन</guid>
        <description>लॉस एंजेलिस में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए नेशनल गार्ड के जवानों की तैनाती को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ज़रूरी बताया है.

उन्होंने एक्स पर लिखा, ये प्रशासन किसी भी अराजकता से डरने वाला नहीं है. राष्ट्रपति ट्रंप पीछे नहीं हटेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लॉस एंजेलिस में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए मंगलवार को अतिरिक्त 2,000 नेशनल गार्ड के जवानों और 700 मरीन की तैनाती का आदेश दिया है.

अमेरिका में कैलिफ़ोर्निया के शहर लॉस एंजेलिस में अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी की ओर से अवैध प्रवासियों पर की गई छापेमारी के विरोध में लगातार चार दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 10 Jun 2025 10:40:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लॉस एंजेलिस: ट्रंप ने कहा&amp; प्रदर्शनों में मास्क पहनने की इजाज़त नहीं दी जाएगी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-टरप-न-कह-परदरशन-म-मसक-पहनन-क-इजजत-नह-द-जएग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-टरप-न-कह-परदरशन-म-मसक-पहनन-क-इजजत-नह-द-जएग</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर लॉस एंजेलिस में तैनात नेशनल गार्ड्स को धन्यवाद कहा है. साथ ही उन्होंने कहा है कि प्रदर्शनों में मास्क पहनने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

उन्होंने कैलिफ़ोर्निया के डेमोक्रेट नेताओं की आलोचना की, साथ ही प्रदर्शनकारियों की भी निंदा की.

ट्रंप ने कहा, ये प्रदर्शन कट्टरपंथी वामपंथियों और हंगामा करने वालों की ओर से हो रहे हैं. अब इन्हें किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

उन्होंने लिखा, अब से प्रदर्शनों में मास्क पहनने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

साथ ही उन्होंने नेशनल गार्ड्स का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा, अच्छा काम करने के लिए धन्यवाद.

बीबीसी अब तक इसकी पुष्टि नहीं कर पाया है कि ट्रंप के आदेश के बाद नेशनल गार्ड वास्तव में लॉस एंजेलिस पहुंच चुके हैं या नहीं.

लॉस एंजेलिस में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेशनल गार्ड्स के 2,000 जवानों की तैनाती का आदेश दिया था.

ये प्रदर्शन अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी (आईसीई) की ओर से अवैध प्रवासियों के ख़िलाफ़ की गई छापेमारी की कार्रवाई के ख़िलाफ़ हो रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 08:10:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा जा रहे जहाज़ को इसराइली सेना ने रोका, ग्रेटा थनबर्ग भी हैं सवार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-ज-रह-जहज-क-इसरइल-सन-न-रक-गरट-थनबरग-भ-ह-सवर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-ज-रह-जहज-क-इसरइल-सन-न-रक-गरट-थनबरग-भ-ह-सवर</guid>
        <description>-जैरोस्लाव लुकिव

संस्था फ़्रीडम फ़्लोटिला कोएलिशन (एफ़एफ़सी) के कार्यकर्ताओं का कहना है कि इसराइली सेना ने उनके जहाज़ (यॉट) को रोक लिया है जो ग़ज़ा पट्टी में मानवीय मदद लेकर जा रही थी.

एफ़एफ़सी ने टेलीग्राम पर बताया कि मदलीन नाम की उनका जहाज़ से उनका संपर्क टूट गया है.

साथ ही एफ़एफ़सी ने एक तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें कुछ लोग लाइफ़ जैकेट पहनकर हाथ ऊपर उठाए बैठे हैं. इस बात की अभी तक किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है.

अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग भी इस जहाज़ में मौजूद हैं और ऐसा माना जा रहा है कि ये मिस्र के तट के पास थी.

वहीं, इसराइल के विदेश मंत्रालय ने इस जहाज़ के यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी देते हुए एक्स पर एक वीडियो जारी किया है.

उन्होंने लिखा, सेल्फी यॉट पर सवार सभी लोग सुरक्षित हैं और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. उन्हें खाने के लिए सैंडविच और पीने का पानी दिया गया. शो अब ख़त्म हो गया है.

इससे पहले इसराइली विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उनकी नौसेना ने जहाज़ को चेतावनी दी थी कि वह एक प्रतिबंधित इलाके की ओर जा रही है, इसलिए उसे रास्ता बदलना होगा.

इसराइल का कहना है कि ग़ज़ा पर नाकाबंदी ज़रूरी है ताकि हमास तक हथियार न पहुंच सकें.

फ़्रीडम फ़्लोटिला कोएलिशन (एफ़एफ़सी) एक जन आधारित एकजुटता आंदोलन है, जिसमें दुनिया भर के लोग और संगठन शामिल हैं. यह समूह मिलकर ग़ज़ा पर इसराइल की नाकाबंदी को ख़त्म करने के लिए काम कर रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 08:10:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कमला हैरिस ने विरोध प्रदर्शनों में ट्रंप प्रशासन के फ़ैसले को बताया ख़तरनाक क़दम</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-वरध-परदरशन-म-टरप-परशसन-क-फसल-क-बतय-खतरनक-कदम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-वरध-परदरशन-म-टरप-परशसन-क-फसल-क-बतय-खतरनक-कदम</guid>
        <description>अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने लॉस एंजेलिस में विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए ट्रंप प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की अलोचना की है.

उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई जनता की सुरक्षा के बारे में नहीं है बल्कि डर फैलाने की कोशिश है.

कमला हैरिस कहा, नेशनल गार्ड की तैनाती एक ख़तरनाक क़दम है, जिसका मक़सद अराजकता को भड़काना है. यह ट्रंप प्रशासन की एक क्रूर और सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिसका मक़सद घबराहट और बंटवारा फैलाना है.

कैलिफ़ोर्निया की पूर्व अटॉर्नी जनरल हैरिस ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, विरोध प्रदर्शन एक ताक़तवर ज़रिया है जो न्याय की लड़ाई में बेहद ज़रूरी है.

मैं उन लाखों अमेरिकियों के साथ हूं जो हमारे ज़रूरी हक़ और आज़ादी को बचाने के लिए आवाज़ उठा रहे हैं.

अमेरिका में बीबीसी के सहयोगी सीबीएस न्यूज़ के मुताबिक़, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद कमला हैरिस 2026 में अपने गृह राज्य कैलिफ़ोर्निया में गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ने के बारे में सोच रही हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को लॉस एंजेलिस में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए नेशनल गार्ड्स के 2,000 जवानों की तैनाती का आदेश दिया था.

ये प्रदर्शन अवैध प्रवासियों के ख़िलाफ़ की गई छापेमारी की कार्रवाई के ख़िलाफ़ हो रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 08:10:04 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के लॉस एंजेलिस में तनाव</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-लस-एजलस-म-तनव</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-लस-एजलस-म-तनव</guid>
        <description>अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया के शहर लॉस एंजेलिस में अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी की ओर से अवैध प्रवासियों पर की गई छापेमारी के विरोध में लगातार तीन दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए लॉस एंजेलिस में नेशनल गार्ड्स के 2,000 जवानों की तैनाती का आदेश दिया.

ट्रंप प्रशासन की इस कार्रवाई की अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने आलोचना की है.

वहीं, लॉस एंजेलिस की मेयर करेन बैस ने ट्रंप प्रशासन पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 08:10:04 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एलन मस्क के बारे में ट्रंप ने कहा&amp; &amp;apos;उनका दिमाग ख़राब हो गया है&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-बर-म-टरप-न-कह-उनक-दमग-खरब-ह-गय-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-बर-म-टरप-न-कह-उनक-दमग-खरब-ह-गय-ह</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा है कि एलन मस्क का दिमाग ख़राब हो गया है और फ़िलहाल वो उनसे बात नहीं करना चाहते हैं.

ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया आउटलेट एबीसी न्यूज़ से कहा है कि एलन मस्क से बात करने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है.

ट्रंप की ये प्रतिक्रिया उन रिपोर्ट्स के बाद आई है, जिसमें कहा जा रहा था कि आज मस्क और ट्रंप की फ़ोन पर बात हो सकती है.

दुनिया के सबसे अमीर शख़्स एलन मस्क और सबसे ताक़तवर नेता डोनाल्ड ट्रंप के बीच आपसी टकराव चल रहा है. एबीसी न्यूज़ को फ़ोन पर दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने मस्क को एक ऐसा शख़्स बताया, जिसका दिमाग ख़राब हो गया है.

मस्क और ट्रंप के बीच बातचीत होने की ख़बरों पर व्हाइट हाउस ने बीबीसी को बताया है कि राष्ट्रपति ट्रंप आज मस्क से बात नहीं करेंगे.

सीएनएन से बातचीत में ट्रंप ने कहा, मैं एलन के बारे में सोच भी नहीं रहा हूं. उन्हें कोई समस्या है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 07:11:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क के बीच चल रहे टकराव पर चीन ने क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-और-एलन-मसक-क-बच-चल-रह-टकरव-पर-चन-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-और-एलन-मसक-क-बच-चल-रह-टकरव-पर-चन-न-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति एलन मस्क के बीच तीखी बयानबाज़ी से शुरू हुए टकराव पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने प्रतिक्रिया दी है.

शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में प्रवक्ता लिन जियान से ट्रंप और मस्क के बीच बढ़ते तनाव पर सवाल किए गए.

इस पर उन्होंने जवाब दिया, यह अमेरिका का घरेलू मामला है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क के बीच हाल में तीखी बयानबाज़ी हुई.

इसके बाद ट्रंप ने संघीय सरकार के साथ बड़े पैमाने पर होने वाले एलन मस्क के कारोबारी सौदों को लेकर धमकी दी है. माना जा रहा है कि अगर ट्रंप ने सरकारी मशीनरी को मस्क के ख़िलाफ़ कर दिया तो तकनीकी कंपनियों के अरबपति मालिक मस्क के लिए ये भारी पड़ सकता है.

हालांकि ये ज़ुबानी जंग एकतरफ़ा नहीं थी. ट्रंप के हमले के बाद मस्क ने ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग लाने की मांग की. मस्क ने कहा कि ट्रंप उनकी कंपनियों की फंडिंग घटाकर देखें.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 07:11:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप का नया टैक्स कैसे भारत को अरबों डॉलर का नुक़सान पहुंचा सकता है?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-नय-टकस-कस-भरत-क-अरब-डलर-क-नकसन-पहच-सकत-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-नय-टकस-कस-भरत-क-अरब-डलर-क-नकसन-पहच-सकत-ह</guid>
        <description>-सौतिक बिस्वास

डोनाल्ड ट्रंप के वन बिग ब्यूटीफु़ल बिल में एक ऐसा प्रावधान छिपा हुआ है जिससे अमेरिका बड़े सधे तरीके़ से विदेश भेजे जाने वाले पैसे में से अरबों डॉलर निकालकर अपनी जेब में डाल सकता है.

इसमें अमेरिकी ग्रीन कार्ड धारकों और एच-1बी वीज़ा जैसे अस्थायी वीज़ा कर्मचारियों सहित विदेशी कर्मचारियों के अपने देश में भेजे जाने वाले पैसे पर 3.5 फ़ीसदी टैक्स लगाने का प्रस्ताव है.

विदेश से बड़ी मात्रा में पैसा पाने वाले देशों में से भारत एक है. इस कैटेगरी में अन्य मुख्य देश मेक्सिको, चीन, फ़िलीपींस, फ्रांस, पाकिस्तान और बांग्लादेश हैं.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अर्थशास्त्रियों के एक पेपर के मुताबिक़, 2023 में विदेश में रहने वाले भारतीयों ने 119 अरब डॉलर भारत में बसे अपने परिवारों को भेजे. ये भारत के माल व्यापार घाटे के आधे हिस्से को पूरा करने के लिए काफी हैं. ये राशि फ़ॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (यानी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) से भी ज़्यादा है.

विदेश से भारत आने वाले इस पैसे का सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिका से आया. इसमें विदेश में रह रहे लाखों प्रवासियों के अपने माता-पिता की दवा, परिजनों की पढ़ाई का खर्च, घर के लिए कर्ज़ की किश्त चुकाने के लिए वापस भेजे पैसे शामिल हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ये सख़्त प्रस्तावित टैक्स प्रवासी मज़दूरों से अरबों की राशि छीन सकता है, जिनमें से कई पहले से ही अमेरिका में टैक्स देते हैं.

इसका संभावित परिणाम क्या होगा? इससे अनौपचारिक तरीके़ से नकद के रूप में मिलने वाले पैसे में बढ़ोतरी हो सकती है, साथ ही भारत को विदेश से मिलने वाले पैसे के स्थिर स्रोत पर चोट हो सकती है.

विश्व बैंक के मुताबिक़ 2008 से भारत विदेश से पैसा पाने वाले देशों की लिस्ट में नंबर वन बना हुआ है. 2001 में इसकी हिस्सेदारी 11 फ़ीसदी थी जो अब बढ़कर 15 फ़ीसदी हो गई है.

भारत के केंद्रीय बैंक का कहना है कि इस कैटेगरी में भारत के मज़बूत बने रहने की उम्मीद है. एक अनुमान के मुताबिक़ 2029 तक ये आंकड़ा 160 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा.

साल 2000 से लगातार विदेश से आने वाले इस पैसे का भारत की जीडीपी में योगदान तीन फ़ीसदी के आसपास रहा है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा जाए तो भारत की प्रवासी आबादी 1990 में 66 लाख से बढ़कर 2024 में एक करोड़ 85 लाख हो गई है. वैश्विक स्तर पर इसका हिस्सा 4.3 फ़ीसदी से बढ़कर छह फ़ीसदी से ज़्यादा हो गया है.

इनमें से लगभग आधे भारतीय प्रवासियों का ठिकाना खाड़ी के देश हैं. हालांकि विकसित अर्थव्यवस्थाओं, ख़ासकर अमेरिका में स्किल्ड लेबर के क्षेत्र में प्रवासियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है और इसकी एक वजह भारत का आईटी सेक्टर है.

दूसरे देशों में अपने परिवारों को भेजे जाने वाले पैसे में सबसे ज़्यादा पैसा अमेरिका से ही भेजा जाता है. इस मामले में अमेरिका की हिस्सेदारी 2020-21 में 23.4 फ़ीसदी से बढ़कर 2023-24 में लगभग 28 फ़ीसदी हो गई है.

इसकी वजह महामारी के बाद के वक्त में अर्थव्यवस्था का तेज़ी से पटरी पर लौटना और

2022 में विदेश से आए मज़दूरों की संख्या में 6.3 फ़ीसदी की बढ़ोतरी है. अमेरिका में 78 फ़ीसदी भारतीय प्रवासी मैनेजमेंट, बिज़नेस, साइंस और आर्ट जैसे उच्च आय वाले क्षेत्रों में काम करते हैं.

टैक्स और करेंसी कन्वर्ज़न पर लगने वाली लागत लंबे समय से वैश्विक नीतिगत चिंता का विषय रही है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव परिवारों पर पड़ता है.

इस लागत का वैश्विक औसत लक्ष्य से ऊपर है. हालांकि विदेश से पैसे घर भेजने के मामले में कन्वर्ज़न की दर के हिसाब से पैसे भारत भेजना किफायती है. ये दिखाता है कि इस मामले में डिजिटल तरीक़ों में बढ़ोतरी हुई है और बाज़ार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है.

विदेश से आने वाला पैसा
दिल्ली स्थित थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) में फेलो अजय श्रीवास्तव के मुताबिक़, दूसरे देशों से भेजे जाने वाले पैसे में 10 से 15 फ़ीसदी की भी गिरावट आई तो इससे भारत को हर साल 12 से 18 अरब डॉलर का नुक़सान हो सकता है. इसकी वजह से डॉलर की आपूर्ति कम हो जाएगी और रुपये पर दबाव पड़ेगा.

अजय श्रीवास्तव का मानना ​​है कि ऐसे में मुद्रा को स्थिर करने के लिए केंद्रीय बैंक को भी कई बार हस्तक्षेप करना पड़ सकता है.

इसका सबसे बड़ा असर केरल, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के परिवारों पर पड़ सकता है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और घर जैसी ज़रूरतों के लिए विदेश से पैसे भेजे जाते हैं.

अजय श्रीवास्तव कहते हैं कि ये प्रस्तावित टैक्स घरेलू खपत को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. वो कहते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था पहले ही वैश्विक अनिश्चितता और महंगाई से जूझ रही है.

दिल्ली स्थित डब्ल्यूटीओ स्टडी सेंटर की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इस तरह का टैक्स भारत में परिवारों के घरेलू बजट को कम कर सकता है. इसका असर परिवार के खपत और निवेश पर तो होगा ही, ये भारत के विदेशी मुद्रा के सबसे स्थायी स्रोत में से एक को कमज़ोर कर सकता है.

भारत के जिन राज्यों को विदेश से सबसे ज़्यादा पैसा मिलता है उनमें महाराष्ट्र सबसे आगे है. उसके बाद केरल और तमिलनाडु का नंबर आता है.

डब्ल्यूटीओ स्टडी सेंटर के प्रीतम बनर्जी, सप्तर्षि मंडल और दिव्यांश दुआ की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ विदेश से आने वाले इस पैसे का इस्तेमाल भारत में मुख्य रूप से घर के ज़रूरी खर्च पूरे करने, बचत और संपत्ति या सोने में निवेश करने और छोटे बिज़नेस में निवेश के लिए किया जाता है.

ऐसे में इसमें आई गिरावट का असर घरेलू बचत पर पड़ सकता है, जो इस कारण कम हो सकती है. इससे वित्तीय और चल-अचल संपत्तियों दोनों में निवेश कम हो सकता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जब विदेश से मिलने वाले पैसे में गिरावट आती है, तो परिवार बचत और निवेश की तुलना में घर की ज़रूरतों जैसे खाना, स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता देने लगते हैं.

वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक सेंटर फ़ॉर ग्लोबल डेवलपमेंट</description>
        <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 07:11:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान और सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने पर सहमत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-और-सऊद-अरब-रणनतक-सझदर-बढन-पर-सहमत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-और-सऊद-अरब-रणनतक-सझदर-बढन-पर-सहमत</guid>
        <description>(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, 7 जून। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सऊदी अरब की यात्रा के दौरान दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमत हुए।

समाचार पत्र द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, शरीफ और सऊदी अरब के शहजादे (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच बहुआयामी संबंधों को गहरा करने की अपनी पारस्परिक प्रतिबद्धता की शुक्रवार को पुष्टि की।

एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि रणनीतिक संबंधों को बढ़ाने का निर्णय दोनों देशों के नेतृत्व और लोगों की आकांक्षाओं के साझा दृष्टिकोण के तहत लिया गया।

शरीफ बृहस्पतिवार को सऊदी अरब पहुंचे। उन्होंने हज के समापन के एक दिन बाद मक्का में शहजादे से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी था, जिसमें पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार, फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर और गृह मंत्री सैयद मोहसिन नकवी शामिल थे।

शरीफ ने सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुलअजीज एवं शहजादे मोहम्मद बिन सलमान को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और हज के लिए दुनिया भर से सऊदी अरब आए तीर्थयात्रियों के लिए देश के आतिथ्य-सत्कार एवं सेवा भावना की सराहना की।

शरीफ ने पाकिस्तान और भारत के बीच हालिया तनावपूर्ण स्थितियों के दौरान सऊदी अरब की सक्रिय भूमिका और क्षेत्र एवं उससे परे शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने की उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता की भी सराहना की। दोनों नेताओं ने गाजा में गंभीर मानवीय स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने राजनीतिक, आर्थिक एवं सुरक्षा क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की बढ़ती गति पर संतोष व्यक्त किया तथा पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच गहरे, रणनीतिक और भाईचारे वाले संबंधों की पुष्टि की।

शरीफ ने शहजादे को पाकिस्तान की जल्द से जल्द आधिकारिक यात्रा करने का निमंत्रण दिया जिसे शहजादे ने विनम्रतापूर्वक स्वीकार कर लिया।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 07:11:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एलन मस्क के साथ टकराव के बाद अपनी टेस्ला कार को लेकर ट्रंप ने क्या फ़ैसला लिया?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-सथ-टकरव-क-बद-अपन-टसल-कर-क-लकर-टरप-न-कय-फसल-लय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-सथ-टकरव-क-बद-अपन-टसल-कर-क-लकर-टरप-न-कय-फसल-लय</guid>
        <description>गैरी ओडोनोग्यू

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन महीने पहले कहा था कि उन्होंने एलन मस्क की कंपनी टेस्ला की एक कार कार खरीदी है.

मीडिया के सामने व्हाइट हाउस के लॉन में खड़ी लाल रंग की टेस्ला कार दिखाते हुए ट्रंप ने कहा था कि वो कार उन्होंने खरीदी है.

हाल ही में, अमेरिका में बीबीसी की सहयोगी सीबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक़, ट्रंप अब उस टेस्ला कार को बेचने की सोच रहे हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एलन मस्क पर नाराज़गी जताते हुए कहा था कि मस्क उनके खर्च संबंधी विधेयक का इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि इससे उनकी कंपनी टेस्ला को नुक़सान हो सकता है.

ट्रंप ने बताया कि इस बिल में इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर मिलने वाली टैक्स छूट को ख़त्म करने की बात है, जिससे टेस्ला को घाटा हो सकता है और मस्क इसी वजह से इस बिल के ख़िलाफ़ हैं.

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति एलन मस्क के बीच तीखी बयानबाज़ी हुई. जिसके बाद ट्रंप ने संघीय सरकार के साथ बड़े पैमाने पर होने वाले एलन मस्क के कारोबारी सौदों को लेकर धमकी दी है.

ट्रंप की इस धमकी के बाद मस्क ने ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग लाने की मांग की.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 07:11:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत के साथ द्विपक्षीय समझौतों को रद्द करने पर अभी तक कोई निर्णय नहीं: पाक विदेश मंत्रालय</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-क-सथ-दवपकषय-समझत-क-रदद-करन-पर-अभ-तक-कई-नरणय-नह-पक-वदश-मतरलय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-क-सथ-दवपकषय-समझत-क-रदद-करन-पर-अभ-तक-कई-नरणय-नह-पक-वदश-मतरलय</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 5 जून। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत के साथ द्विपक्षीय समझौतों को रद्द करने पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यह बात मीडिया की एक खबर में कही गई है।

एक दिन पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया था कि 1972 का शिमला समझौता अपनी शुचिता खो चुका है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने केवल शिमला समझौते को समाप्त करने की धमकी दी थी, लेकिन ऐतिहासिक समझौते को रद्द करने के लिए बाद में कोई कदम नहीं उठाया गया।

विदेश कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार को बताया कि भारत की हालिया कार्रवाइयों और बयानों ने आंतरिक चर्चाओं को बढ़ावा दिया है, लेकिन पाकिस्तान ने नयी दिल्ली के साथ अपने किसी भी द्विपक्षीय समझौते को रद्द करने के लिए कोई औपचारिक या निर्णायक कदम नहीं उठाया है।

अधिकारी ने कहा, फिलहाल, किसी भी द्विपक्षीय समझौते को समाप्त करने का कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है।

उन्होंने संकेत दिया कि शिमला समझौते सहित मौजूदा द्विपक्षीय समझौते प्रभावी बने हुए हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 06 Jun 2025 07:07:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हार्वर्ड ने विदेशी छात्रों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध को अदालत में चुनौती दी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हरवरड-न-वदश-छतर-क-अमरक-म-परवश-पर-परतबध-क-अदलत-म-चनत-द</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हरवरड-न-वदश-छतर-क-अमरक-म-परवश-पर-परतबध-क-अदलत-म-चनत-द</guid>
        <description>मैसाचुसेट्स (अमेरिका), 6 जून। हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने संस्थान में पढ़ने के इच्छुक विदेशी छात्रों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश को चुनौती देते हुए कहा है कि व्हाइट हाउस (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) की मांगों को अस्वीकार करने के कारण बदले की भावना से यह कदम उठाया गया है।

ट्रंप ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ने के इच्छुक लगभग सभी विदेशी छात्रों का देश में प्रवेश रोकने के लिए एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। यह आइवी लीग स्कूल से अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दूर रखने का उनका नया प्रयास है। आइवी लीग हार्वर्ड विश्वविद्यालय समेत अमेरिका के आठ प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयों का समूह है।

हार्वर्ड ने बृहस्पतिवार को दायर संशोधित शिकायत में राष्ट्रपति की कार्रवाई को अदालत के पहले के आदेश को दरकिनार करने वाला कदम बताया। पिछले महीने एक संघीय न्यायाधीश ने गृह सुरक्षा विभाग को हार्वर्ड की विदेशी छात्रों को मेजबानी देने की क्षमता को रद्द करने से रोक दिया था।

याचिका में ट्रंप के इस कदम के कानूनी अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए गए हैं। ट्रंप ने उस संघीय कानून के तहत यह प्रतिबंध लगाया है जो उन्हें राष्ट्र के हितों के लिए हानिकारक माने जाने वाले विदेशियों के वर्ग को रोकने की अनुमति देता है।

हार्वर्ड ने अपनी याचिका में कहा कि केवल उन लोगों को विदेशी वर्ग के रूप में वर्गीकृत करना अनुचित है जो हार्वर्ड में अध्ययन करने के लिए अमेरिका आ रहे हैं।

विश्वविद्यालय ने कहा, राष्ट्रपति की कार्रवाई अमेरिका के हितों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि हार्वर्ड के खिलाफ सरकार का प्रतिशोध लेने के लिए की गई है।

ट्रंप ने बुधवार को एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए जिसमें घोषणा की गई है कि हार्वर्ड को मैसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज स्थित अपने परिसर में विदेशी छात्रों को दाखिला देने की अनुमति देना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा।

ट्रंप ने आदेश में लिखा, मैंने यह तय किया है कि उक्त वर्णित विदेशी नागरिकों के वर्ग का प्रवेश अमेरिका के हितों के लिए हानिकारक है क्योंकि मेरे विचार में हार्वर्ड के आचरण ने इसे विदेशी छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अनुपयुक्त गंतव्य बना दिया है।

यह देश के सबसे पुराने और सबसे धनी विश्वविद्यालय के साथ व्हाइट हाउस के टकराव की दिशा में एक और कदम है।

ट्रंप ने एक व्यापक संघीय कानून का हवाला दिया है जो राष्ट्रपति को उन विदेशियों को रोकने का अधिकार देता है जिनका प्रवेश अमेरिका के हितों के लिए हानिकारक हो सकता है।

ट्रंप के हार्वर्ड संबंधी आदेश में कई अन्य कानूनों का भी हवाला दिया गया है जिनमें आतंकवादी संगठनों से जुड़े विदेशियों पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून भी शामिल है।

हार्वर्ड ने बुधवार रात एक बयान में कहा कि वह अपने अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सुरक्षा करना जारी रखेगा।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा, यह हार्वर्ड के प्रथम संशोधन अधिकारों का उल्लंघन करते हुए प्रशासन द्वारा उठाया गया एक और अवैध प्रतिशोधात्मक कदम है।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 06 Jun 2025 07:07:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल ने हमास के खिलाफ लड़ाई में कुछ फलस्तीनी कबीलों को &amp;apos;सक्रिय&amp;apos; किया है: नेतन्याहू</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-न-हमस-क-खलफ-लडई-म-कछ-फलसतन-कबल-क-सकरय-कय-ह-नतनयह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-न-हमस-क-खलफ-लडई-म-कछ-फलसतन-कबल-क-सकरय-कय-ह-नतनयह</guid>
        <description>यरुशलम, 5 जून। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को कहा कि इजराइल ने हमास के खिलाफ लड़ाई में गाजा में फलस्तीनियों के कुछ स्थानीय कबीलों को सक्रिय किया है।

नेतन्याहू ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि सरकार ने इजराइली सैनिकों की जान बचाने के लिए सुरक्षा अधिकारियों की सलाह पर यह कदम उठाया है।

यह घोषणा गाजा में फलस्तीनियों के अनौपचारिक समूहों को हथियार देने के लिए उनकी एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी द्वारा आलोचना किए जाने के कुछ घंटे बाद की गई।

गाजा में कुछ स्थानीय फलस्तीनी परिवारों के पास हथियार होने के बारे में जानकारी है और अक्सर वे क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण रखते हैं। अतीत में, युद्ध से पहले और इसके दौरान, कुछ लोगों का हमास के साथ टकराव या तनाव रहा है।

एक इजराइली अधिकारी ने कहा कि नेतन्याहू जिस समूह का ज़िक्र कर रहे थे, उनमें से एक तथाकथित अबू शबाब समूह है।

अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बात की क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं था।

हाल के हफ़्तों में, अबू शबाब समूह ने ऑनलाइन घोषणा की कि उसके लड़ाके दक्षिणी गाजा में इज़राइल द्वारा समर्थित नये वितरण तंत्र को सहायता खेप की सुरक्षा में मदद कर रहे हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 06 Jun 2025 07:07:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने मस्क के सरकारी अनुबंधों में कटौती की चेतावनी दी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-मसक-क-सरकर-अनबध-म-कटत-क-चतवन-द</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-मसक-क-सरकर-अनबध-म-कटत-क-चतवन-द</guid>
        <description>वाशिंगटन, 5 जून। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पूर्व समर्थक और सलाहकार एलन मस्क के सरकारी अनुबंधों में कटौती करने की बृहस्पतिवार को चेतावनी दी।

ट्रंप ने दिग्गज कंपनी टेस्ला एवं सोशल मीडिया मंच एक्स के प्रमुख मस्क को यह चेतावनी ऐसे समय दी जब दोनों के बीच रिश्तों में खटास आई है और यह एक सार्वजनिक झगड़े में बदल गया है।

इससे पहले ट्रंप ने मस्क के साथ अपना गठजोड़ टूटने पर दुख व्यक्त किया था और उद्योगपति मस्क के रुख को लेकर अपनी निराशा जाहिर की थी। इसके कुछ ही घंटे बाद ट्रंप ने मस्क के मुनाफे को नुकसान पहुंचाने के लिए अमेरिकी सरकार के इस्तेमाल की चेतावनी देकर इस झगड़े को और बढ़ा दिया।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया नेटवर्क पर लिखा, हमारे बजट में, अरबों-खरबों डॉलर की बचत करने का सबसे आसान तरीका एलन की सरकारी सब्सिडी और अनुबंधों को समाप्त करना है। मैं हमेशा सोचता था कि (पूर्व राष्ट्रपति जो) बाइडन ने ऐसा क्यों नहीं किया।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 06 Jun 2025 07:07:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मस्क ने अपने अंतरिक्ष कैप्सूल की सेवाएं तत्काल निलंबित करने की धमकी दी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मसक-न-अपन-अतरकष-कपसल-क-सवए-ततकल-नलबत-करन-क-धमक-द</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मसक-न-अपन-अतरकष-कपसल-क-सवए-ततकल-नलबत-करन-क-धमक-द</guid>
        <description>वाशिंगटन, 6 जून। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क के बीच बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर बहस के दौरान दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति मस्क ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक अंतरिक्ष यात्रियों और अन्य वस्तुओं को ले जाने में इस्तेमाल किए जाने वाले अंतरिक्ष कैप्सूल की सेवाएं निलंबित करने की धमकी दी है।

ट्रंप की ओर से मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स और इंटरनेट उपग्रह सेवा स्टारलिंक को दिए गए सरकारी अनुबंधों में कटौती करने की धमकी दिए जाने के बाद मस्क ने एक्स पर अपने जवाब में कहा स्पेसएक्स अपने ड्रैगन अंतरिक्ष यान की सेवाएं तत्काल निलंबित करना शुरू कर देगा।

यह स्पष्ट नहीं है कि मस्क की धमकी कितनी असरदार साबित होगी, लेकिन सरकारी अनुबंधों की मदद से विकसित कैप्सूल, अंतरिक्ष स्टेशन के कामकाज को सुचारू रखने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नासा अन्य कार्यक्रमों के लिए भी स्पेसएक्स पर बहुत अधिक निर्भर है, जिसमें अन्य मिशन को अंतरिक्ष में भेजना और अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाना शामिल है।

स्पेसएक्स फिलहाल एकमात्र अमेरिकी कंपनी है जो ड्रैगन कैप्सूल के जरिए अंतरिक्ष स्टेशन से चालक दल को लाने-ले जाने में सक्षम है।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 06 Jun 2025 07:06:59 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पुतिन से बातचीत के बाद ट्रंप ने यूक्रेन को क्या चेतावनी दी?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पतन-स-बतचत-क-बद-टरप-न-यकरन-क-कय-चतवन-द</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पतन-स-बतचत-क-बद-टरप-न-यकरन-क-कय-चतवन-द</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के बाद यूक्रेन को चेतावनी दी है.

उनका कहना है कि पुतिन ने उनसे कहा कि उन्हें रूसी एयरबेसों पर यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमले का जवाब देना होगा.

पुतिन से फ़ोन पर हुई बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा, राष्ट्रपति पुतिन ने बहुत दृढ़ता से कहा है कि उन्हें हवाई अड्डों पर हाल ही में हुए (यूक्रेन के) हमले का जवाब देना होगा.

रूसी अधिकारियों ने बुधवार रात इसकी पुष्टि करने से इनकार कर दिया, लेकिन रूस ने पहले कहा था कि उसकी प्रतिक्रिया के लिए सैन्य विकल्प पर चर्चा की जा रही है.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि एक घंटे से ज़्यादा समय तक चली यह फोन कॉल रूस और यूक्रेन के बीच तत्काल शांति नहीं लाएगी. (bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 06:12:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने ईरान, अफ़ग़ानिस्तान समेत इन देशों के लोगों की अमेरिका यात्रा पर लगाया बैन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-ईरन-अफगनसतन-समत-इन-दश-क-लग-क-अमरक-यतर-पर-लगय-बन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-ईरन-अफगनसतन-समत-इन-दश-क-लग-क-अमरक-यतर-पर-लगय-बन</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 देशों के लोगों की अमेरिका की यात्रा पर प्रतिबंध लगाया है. व्हाइट हाउस के मुताबिक ट्रंप ने ट्रैवल बैन से संबंधित एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं.

इन देशों में अफ़ग़ानिस्तान, म्यांमार, चाड, रिपब्लिक ऑफ़ कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल हैं.

इसके अलावा सात और देश हैं जिनके नागरिकों पर आंशिक ट्रैवल बैन लगाए गए हैं, जिनमें बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला हैं.

अमेरिका का कहना है कि ये प्रतिबंध अमेरिकियों को ख़तरनाक विदेशी तत्वों से बचाने के लिए लगाए गए हैं.

यह घोषणा सोमवार, 9 जून से प्रभावी होगी.

ट्रंप की ओर से ऐसी घोषणा दूसरी बार की गई है जब उन्होंने कुछ देशों से यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है.

अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने साल 2017 में इसी तरह के आदेश पर हस्ताक्षर किए थे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 06:12:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने हार्वर्ड में पढ़ने के इच्छुक विदेशी छात्रों का अमेरिका में प्रवेश रोकने के लिए उठाया कदम</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-हरवरड-म-पढन-क-इचछक-वदश-छतर-क-अमरक-म-परवश-रकन-क-लए-उठय-कदम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-हरवरड-म-पढन-क-इचछक-वदश-छतर-क-अमरक-म-परवश-रकन-क-लए-उठय-कदम</guid>
        <description>वाशिंगटन, 5 जून। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ने के इच्छुक लगभग सभी विदेशी छात्रों का देश में प्रवेश रोकने के लिए एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह आइवी लीग स्कूल से अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दूर रखने का उनका नया प्रयास है। आइवी लीग हार्वर्ड विश्वविद्यालय समेत अमेरिका के आठ प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयों का समूह है।

ट्रंप ने बुधवार को एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए जिसमें घोषणा की गई है कि हार्वर्ड को मैसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज स्थित अपने परिसर में विदेशी छात्रों को दाखिला देने की अनुमति देना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा।

ट्रंप ने आदेश में लिखा, मैंने यह तय किया है कि उक्त वर्णित विदेशी नागरिकों के वर्ग का प्रवेश अमेरिका के हितों के लिए हानिकारक है क्योंकि मेरे विचार में हार्वर्ड के आचरण ने इसे विदेशी छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अनुपयुक्त गंतव्य बना दिया है।

यह देश के सबसे पुराने और सबसे धनी विश्वविद्यालय के साथ व्हाइट हाउस (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के टकराव की दिशा में एक और कदम है। बोस्टन की एक संघीय अदालत ने हार्वर्ड में अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर रोक लगाने से गृह सुरक्षा विभाग को पिछले सप्ताह रोक दिया था लेकिन ट्रंप का आदेश एक अलग कानूनी प्राधिकार का इस्तेमाल करता है।

ट्रंप ने एक व्यापक संघीय कानून का हवाला दिया है जो राष्ट्रपति को उन विदेशियों को रोकने का अधिकार देता है जिनका प्रवेश अमेरिका के हितों के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने बुधवार को इसी प्राधिकार का हवाला देते हुए यह भी घोषणा की कि 12 देशों के नागरिकों के अमेरिका आने पर रोक रहेगी तथा सात अन्य देशों के नागरिकों पर भी कुछ पाबंदियां होंगी।

ट्रंप के हार्वर्ड संबंधी आदेश में कई अन्य कानूनों का भी हवाला दिया गया है जिनमें आतंकवादी संगठनों से जुड़े विदेशियों पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून भी शामिल है।

हार्वर्ड ने बुधवार रात एक बयान में कहा कि वह अपने अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सुरक्षा करना जारी रखेगा।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा, यह हार्वर्ड के प्रथम संशोधन अधिकारों का उल्लंघन करते हुए प्रशासन द्वारा उठाया गया एक और अवैध प्रतिशोधात्मक कदम है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 06:12:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नेपाल में ऑनलाइन जुआ खेलने के आरोप में पांच भारतीयों सहित 17 लोग गिरफ्तार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नपल-म-ऑनलइन-जआ-खलन-क-आरप-म-पच-भरतय-सहत-17-लग-गरफतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नपल-म-ऑनलइन-जआ-खलन-क-आरप-म-पच-भरतय-सहत-17-लग-गरफतर</guid>
        <description>काठमांडू, 4 जून। नेपाल पुलिस ने ऑनलाइन जुआ में कथित संलिप्तता के आरोप में ललितपुर मेट्रोपॉलिटन सिटी से पांच भारतीय नागरिकों सहित 17 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी।

नेपाल पुलिस द्वारा बुधवार को जारी एक बयान में कहा गया कि आरोपियों को टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे विभिन्न सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से नेपाली नागरिकों से संपर्क करने के बाद उनके साथ ऑनलाइन सट्टेबाजी साइट का उपयोग करते हुए पाया गया।

काठमांडू घाटी पुलिस के अपराध जांच शाखा की एक टीम ने ललितपुर जिले के नाखू इलाके में उनके किराए के फ्लैट पर छापा मारकर पांच भारतीयों और 12 नेपालियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने उनके पास से 14 लैपटॉप, 60 मोबाइल, नौ चेक बुक, विभिन्न नामों के 14 वीजा कार्ड और चार भारतीय पासपोर्ट भी बरामद किए हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 06:12:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कंचनजंगा पर भारत के साथ सैन्य पर्वतारोहण अभियान द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाएगा: नेपाल के रक्षा मंत्री</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कचनजग-पर-भरत-क-सथ-सनय-परवतरहण-अभयन-दवपकषय-सबध-क-बढएग-नपल-क-रकष-मतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कचनजग-पर-भरत-क-सथ-सनय-परवतरहण-अभयन-दवपकषय-सबध-क-बढएग-नपल-क-रकष-मतर</guid>
        <description>काठमांडू, 4 जून। नेपाल के रक्षा मंत्री मनबीर राय ने कहा है कि भारतीय एवं नेपाली सेना के सदस्यों के कंचनजंगा पर्वत पर संयुक्त रूप से चढ़ाई करने से द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

राय ने यह टिप्पणी सोमवार को यहां सेना मुख्यालय में आयोजित नेपाल-भारत संयुक्त माउंट कंचनजंगा पर्वतारोहण अभियान के ध्वजारोहण समारोह के दौरान की।

नेपाली सेना के 10 और भारतीय सेना के पांच जवानों के संयुक्त दल ने 19 और 20 मई को दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा पर चढ़ाई की थी।

सोमवार को आयोजित समारोह में दल के सदस्यों ने इस अभियान का झंडा रक्षा मंत्री को सौंपा। रक्षा मंत्री ने उच्च स्तर के समन्वय और साहस का प्रदर्शन करने के लिए दल के सदस्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि यह अभियान द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा देने में मदद करेगा तथा दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल अजय रामदेव और नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी समारोह में शामिल हुए।

कंचनजंगा पर्वत की ऊंचाई 8,586 मीटर है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 04 Jun 2025 07:21:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप प्रशासन अस्पतालों को आपात स्थिति में गर्भपात करने की अनुमति देने संबंधी दिशा&amp;निर्देश वापस लेगा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-परशसन-असपतल-क-आपत-सथत-म-गरभपत-करन-क-अनमत-दन-सबध-दश-नरदश-वपस-लग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-परशसन-असपतल-क-आपत-सथत-म-गरभपत-करन-क-अनमत-दन-सबध-दश-नरदश-वपस-लग</guid>
        <description>वाशिंगटन, 4 जून। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि वह देश के अस्पतालों को आपात स्थिति में महिलाओं का गर्भपात करने की अनुमति देने संबंधी दिशानिर्देश को वापस लेगा।

यह दिशानिर्देश 2022 में अस्पतालों को जारी किया गया था, जब अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने अमेरिका में राष्ट्रीय गर्भपात अधिकारों को खत्म कर दिया था।

यह दिशानिर्देश अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने उन गंभीर मामलों में गर्भपात की अनुमति देने के लिए जारी किया था, जिनमें महिलाओं को चिकित्सकीय आपात स्थिति से बचाने के लिए यह आवश्यक होता है।

ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि वह अब उस नीति को लागू नहीं करेगा।

कुछ चिकित्सकों और गर्भपात अधिकार समर्थकों ने इस घोषणा के बाद चिंता व्यक्त की कि महिलाएं उन राज्यों में आपात स्थिति में गर्भपात नहीं करा सकेंगी जहां यह प्रतिबंध सख्ती के साथ लागू होगा।

सेंटर फॉर रिप्रोडक्टिव राइट्स की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नैन्सी नॉर्थअप ने एक बयान में कहा, ट्रपं प्रशासन चाहता है कि महिलाएं जीवनरक्षक गर्भपात कराने के बजाय आपातकालीन कक्षों में मर जाएं।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 04 Jun 2025 07:21:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मस्क ने ट्रंप के कर विधेयक को ‘घृणित’ करार दिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मसक-न-टरप-क-कर-वधयक-क-घणत-करर-दय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मसक-न-टरप-क-कर-वधयक-क-घणत-करर-दय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 4 जून। अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कर और खर्च में कटौती के विधेयक को घृणित करार किया है।

रिपब्लिकन पार्टी के विधायी एजेंडे के केंद्रबिंदु माने जाने वाले इस विधेयक को निशाना बनाने वाला मस्क का यह बयान रिपब्लिकन पार्टी में उनकी प्रभाव की परीक्षा होगा।

मस्क ने अपने सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस (अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यालय) में उनके सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया था। मस्क ने कुछ दिन पहले सरकारी दक्षता विभाग का नेतृत्व किया था और हाल में उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया था।

मस्क ने एक्स पर लिखा, मुझे खेद है लेकिन मैं अब इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा, खर्च संबंधी संसद का यह बड़ा, अपमानजनक, घटिया विधेयक घृणित है। इसके लिए वोट देने वालों पर शर्म आती है: आप जानते हैं कि आपने गलत किया। आप यह जानते हैं।

यह विधेयक प्रतिनिधि सभा में पारित हो चुका है और सीनेट में इस पर चर्चा होनी है। यह विधेयक मस्क की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला को मिलने वाली सब्सिडी में कटौती करेगा।

मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं को धमकी भरे अंदाज में एक पोस्ट में लिखा, अगले वर्ष नवंबर में हम उन सभी नेताओं को बर्खास्त कर देंगे जिन्होंने अमेरिकी जनता के साथ विश्वासघात किया है।

यह दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति मस्क के रुख में बड़े बदलाव को दर्शाता है जिन्होंने पिछले साल ट्रंप के चुनाव प्रचार अभियान के समर्थन में कम से कम 25 करोड़ डॉलर खर्च किए थे।

इससे पहले उन्होंने उन रिपब्लिकन सांसदों को हराने में मदद करने की बात की थी जो ट्रंप के प्रति पर्याप्त रूप से वफादार नहीं माने जा रहे थे, लेकिन अब वह ऐसा सुझाव देते प्रतीत होते हैं कि यदि सांसद राष्ट्रपति की विधायी प्राथमिकता का समर्थन करते हैं तो उन्हें हटाने का प्रयास किया जाए।

इस बजट पैकेज में राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान 2017 में स्वीकृत कर कटौती को आगे बढ़ाने और नयी कर कटौती को इसमें जोड़ने का प्रयास किया गया है। इसमें सीमा सुरक्षा, निर्वासन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए 350 अरब डॉलर का भारी भरकम बजट भी शामिल है।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 04 Jun 2025 07:21:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजरााइली बलों ने सहायता केंद्र की ओर जा रहे लोगों पर गोलीबारी की, 27 व्यक्तियों की मौत: अधिकारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-बल-न-सहयत-कदर-क-ओर-ज-रह-लग-पर-गलबर-क-27-वयकतय-क-मत-अधकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-बल-न-सहयत-कदर-क-ओर-ज-रह-लग-पर-गलबर-क-27-वयकतय-क-मत-अधकर</guid>
        <description>रफह (गाजा पट्टी), 4 जून। इजराइल के सुरक्षा बलों ने गाजा में एक सहायता वितरण केंद्र की ओर बढ़ रहे लोगों पर गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 27 व्यक्तियों की मौत हो गई। फलस्तीन के स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने यह जानकारी दी।

पिछले तीन दिनों में सहायता वितरण केंद्र पर आने वाले लोगों पर गोलीबारी की यह तीसरी घटना है। हालांकि इजराइल की सेना ने कहा है कि उसने कुछ संदिग्धों को निशाना बनाकर गोली दागी थी जिनका सुरक्षा बलों से आमना सामना हुआ था। सुरक्षा बलों ने यह भी कहा कि संदिग्धों ने चेतावनी स्वरूप चलाई गई गोली को नजरअंदाज किया था।

इजराइली सैन्य क्षेत्र के अंदर स्थित इजराइल और अमेरिका समर्थित गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन के सहायता वितरण केंद्र पर लगभग हर दिन गोलीबारी की घटना हो रही है। इजराइल का कहना है कि उसने हमास को रोकने के इरादे से यह व्यवस्था की है, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने इस नयी व्यवस्था को यह कहकर खारिज कर दिया है कि इससे गाजा में व्याप्त भुखमरी के संकट का समाधान नहीं होगा तथा इजराइल इस सहायता वितरण केंद्र को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगा।

इजराइल की सेना ने कहा कि उसने संदिग्धों को भगाने के लिए यह गोलीबारी की। इजराइली सेना के प्रवक्ता एफी डिफ्रिन ने कहा, हमास ने हताहतों की संख्या बढ़ा चढ़ाकर बताई है और मामले की जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सेना फलस्तीनियों को वितरण क्षेत्रों में सहायता केंद्र तक पहुंचने से नहीं रोक रही है, बल्कि उन्हें वहां जाने की अनुमति दे रही है।

सहायता वितरण केंद्र का संचालन करने वाले गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन का कहना है कि सहायता वितरण स्थल में या वहां आस-पास कोई हिंसा नहीं हुई है। हालांकि मंगलवार को फाउंडेशन ने माना था कि इजराइली सेना इस बात की जांच कर रही है कि क्या नागरिक उस सुरक्षित गलियारे और घेराबंदी किए गए सैन्य क्षेत्र से निकलने के बाद घायल हुए थे जो कि वितरण केंद्र से दूर था।

फाउंडेशन के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह जानकर दुख हुआ कि सुरक्षित गलियारे से निकलने के बाद कई नागरिक घायल हो गए और कई अन्य मारे गए।

प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है कि गोलीबारी की घटना फाउंडेशन के वितरण स्थल से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर हुई। यह स्थान वीरान पड़े दक्षिणी शहर रफह में स्थित है।

रफह के 50 वर्षीय विस्थापित यासर अबू लुब्डा ने कहा कि गोलीबारी मंगलवार सुबह लगभग चार बजे शुरू हुई और उन्होंने देखा कि कई लोग मारे गए या घायल हो गए।

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मंगलवार तड़के हुई गोलीबारी में कम से कम 27 लोग मारे गए हैं।

रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति के प्रवक्ता हिशम म्हाना ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की और कहा कि रफह में उसके फील्ड अस्पताल में 184 घायल लोगों को भर्ती कराया गया है जिनमें से 19 को अस्पताल लाने पर मृत घोषित कर दिया गया जबकि आठ लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

अस्पताल में नर्सिंग प्रमुख मोहम्मद साकर ने बताया कि मरने वालों में दो महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं।

अस्पताल के निदेशक आतिफ अल-हूत ने कहा कि अधिकतर मरीज गोली लगने से घायल हुए थे।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 04 Jun 2025 07:21:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान की जेल में बंद इमरान ख़ान ने क्या एलान किया?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-जल-म-बद-इमरन-खन-न-कय-एलन-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-जल-म-बद-इमरन-खन-न-कय-एलन-कय</guid>
        <description>पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक़-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान ख़ान ने कहा है कि उन्होंने अपनी पार्टी को देशव्यापी सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन शुरू करने का आदेश दिया है, जिसका नेतृत्व वह जेल से करेंगे.

इमरान ख़ान पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद हैं.

बीबीसी उर्दू सेवा ने जानकारी दी है कि इमरान ख़ान के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स अकाउंट से रविवार को जारी संदेश में कहा गया है, मेरा सभी पार्टी पदाधिकारियों के लिए एक संदेश है कि जो भी दबाव झेलने की ताक़त नहीं रखता है उसे पद से हट जाना चाहिए और उन लोगों को मौक़ा देना चाहिए जिनमें दबाव झेलने का साहस है.

उन्होंने कहा, पाकिस्तान के इतिहास में किसी भी राजनीतिक दल को पाकिस्तान तहरीक़-ए-इंसाफ़ जितनी क्रूरता का सामना नहीं करना पड़ा है. ऐसी स्थिति में हमारे पास देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है.

इमरान ख़ान ने कहा है कि उन्होंने अपनी पार्टी को देशव्यापी सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन की तैयारी करने का संदेश दिया है, और इसका नेतृत्व वह खुद पार्टी प्रमुख के तौर पर जेल से करेंगे.

भ्रष्टाचार मामले में कोर्ट के इमरान ख़ान को दोषी ठहराने के बाद से वो जेल की सज़ा काट रहे हैं. हालांकि इमरान ख़ान अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 05:53:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश: शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी, जानिए क्या हैं आरोप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-शख-हसन-क-खलफ-गरफतर-वरट-जर-जनए-कय-ह-आरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-शख-हसन-क-खलफ-गरफतर-वरट-जर-जनए-कय-ह-आरप</guid>
        <description>बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्युनल (आईसीटी) ने रविवार को देश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया है.

इससे पहले रविवार को आईसीटी में अभियोजन पक्ष ने जुलाई-अगस्त में मानवता के विरुद्ध किए गए अपराध से जुड़े एक मामले में शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ औपचारिक आरोप लगाए थे.

आईसीटी में शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ पांच आरोप दायर किए गए हैं, जिनमें हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराध का आदेश देने वाला व्यक्ति बताया गया है.

बीबीसी बांग्ला सेवा के अनुसार इस आरोप पत्र में कई तथ्य, डेटा, डॉक्यूमेंट, वीडियो और ऑडियो कॉल के विवरण का हवाला दिया गया है. वहीं 81 लोगों को गवाह के तौर पर बुलाया गया है.

इस मामले में बांग्लादेश के पूर्व गृह मंत्री असदुज़्ज़मान ख़ान और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून के ख़िलाफ़ भी आरोप लगाए गए हैं.

असदुज़्ज़मान ख़ान के ख़िलाफ़ भी गिरफ़्तारी वॉरंट जारी किया गया है. वहीं चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून गिरफ़्तार हैं.

बीबीसी बांग्ला सेवा के मुताबिक़ आईसीटी में पेश किए गए आरोप पत्र को लेकर सुनवाई रविवार को लगभग 12:15 बजे शुरू हुई और इसका राज्य टेलीविज़न बीटीवी पर सीधा प्रसारण किया गया.

इससे पहले 12 मई को जांच एजेंसी के अधिकारियों ने शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ जांच रिपोर्ट सौंपी थी.

उस दिन हुई प्रेस ब्रीफिंग में मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम ने कहा था कि शेख़ हसीना जुलाई-अगस्त के विरोध प्रदर्शनों के दौरान 1,400 से अधिक लोगों की हत्या के लिए ज़िम्मेदार हैं. उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई को सुनियोजित, व्यापक और व्यवस्थित बताया था.

ग़ौरतलब है कि बांग्लादेश में पिछले साल हुए छात्र आंदोलन के दौरान शेख़ हसीना देश छोड़ कर चली गई थीं. इससे पहले उन्होंने अपने ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 05:53:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा ह्यूमेनिटेरियन फाउंडेशन ने कहा&amp; मौतों, घायलों की ख़बरें &amp;apos;झूठी और मनगढ़ंत&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-हयमनटरयन-फउडशन-न-कह-मत-घयल-क-खबर-झठ-और-मनगढत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-हयमनटरयन-फउडशन-न-कह-मत-घयल-क-खबर-झठ-और-मनगढत</guid>
        <description>ग़ज़ा ह्यूमेनिटेरियन फाउंडेशन (जीएचएफ़) ने ग़ज़ा के रफ़ाह इलाके़ में एक सहायता केंद्र के पास लोगों की मौत और घायल होने की ख़बरों को झूठी और मनगढ़ंत बताया है.

बीबीसी के पूछे एक सवाल के जवाब में जीएचएफ़ ने कहा, आज सभी राहत सामग्री बिना किसी घटना के बांट दी गई. इसमें कोई हताहत या घायल नहीं हुआ है.

फाउंडेशन ने कहा, हमने सुना है कि हमास की ओर से कुछ फर्ज़ी ख़बरें फैलाई गई हैं. ये झूठी और मनगढ़ंत हैं.

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि रफ़ाह इलाके़ में एक सहायता वितरण केंद्र के पास इसराइली हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है.

मंत्रालय ने कहा कि 200 से ज़्यादा लोग अस्पताल पहुंचे, जिनमें से दर्जनों को गंभीर चोटें आई हैं.

वहीं इसराइली डिफ़ेंस फोर्स (आईडीएफ) ने कहा है कि रफ़ाह इलाके़ में अमेरिकी फंडेड राहत सामग्री वितरण केंद्र के पास आईडीएफ की गोलीबारी से हुए नुक़सान के बारे में उसे अभी कोई जानकारी नहीं है.

आईडीएफ ने कहा है वह इस मामले की अभी जांच कर रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 05:53:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने नासा का नेतृत्व करने के लिए मस्क के सहयोगी जेरेड इसाकमैन का नाम वापस लिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-नस-क-नततव-करन-क-लए-मसक-क-सहयग-जरड-इसकमन-क-नम-वपस-लय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-नस-क-नततव-करन-क-लए-मसक-क-सहयग-जरड-इसकमन-क-नम-वपस-लय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 1 जून। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार देर रात घोषणा की कि वह नासा (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) का नेतृत्व करने के लिए एलन मस्क के सहयोगी जेरेड इसाकमैन का नाम वापस ले रहे हैं।

ट्रंप ने कहा कि वह इसाकमैन के पूर्व संबंधों की गहन समीक्षा के बाद इस निर्णय पर पहुंचे हैं।

हालांकि ट्रंप ने अपनी बात को विस्तार से नहीं समझाया। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने भी इस संबंध में भेजे गए ईमेल का कोई उत्तर नहीं दिया।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर लिखा, पूर्व के संबंधों की गहन समीक्षा के बाद मैं नासा के प्रमुख के लिए जेरेड इसाकमैन का नाम वापस ले रहा हूं।

उन्होंने कहा, मैं जल्द ही एक नए उम्मीदवार की घोषणा करूंगा जो मिशन से जुड़ा होगा और अंतरिक्ष में अमेरिका को आगे रखेगा।

ट्रंप ने दिसंबर में घोषणा की थी कि उन्होंने इसाकमैन को अंतरिक्ष एजेंसी का अगला प्रशासक चुना है। इसाकमैन (42) मस्क के करीबी सहयोगी रहे हैं।

सीनेट की वाणिज्य, विज्ञान और परिवहन समिति ने अप्रैल के अंत में इसाकमैन के नामांकन को मंजूरी दे दी थी और उनके नाम की पुष्टि के लिए सीनेट में शीघ्र मतदान होने की उम्मीद थी।

मस्क ने शनिवार को यह खबर आने के बाद ट्रंप के निर्णय पर अफसोस जताया और एक पोस्ट में लिखा कि इतना सक्षम और नेकदिल व्यक्ति मिलना दुर्लभ है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 12:04:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चैंपियंस लीग की जीत के बाद पेरिस में पुलिस और पीएसजी फ़ैन्स के बीच झड़प</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चपयस-लग-क-जत-क-बद-परस-म-पलस-और-पएसज-फनस-क-बच-झडप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चपयस-लग-क-जत-क-बद-परस-म-पलस-और-पएसज-फनस-क-बच-झडप</guid>
        <description>-एना लैमचे

फ़्रांस के पेरिस में पुलिस और पेरिस सेंट-जर्मेन के फ़ैन्स के बीच झड़पों के बाद पुलिस ने तक़रीबन 300 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

ये झड़पें तब हुईं जब पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) के फ़ैन्स चैंपियंस लीग फ़ाइनल में उसकी जीत का जश्न मना रहे थे.

लगभग 50,000 लोग पीएसजी के स्टेडियम पार्क दे प्रिंस और शॉन्ज-एलीज़े इलाके में बड़ी स्क्रीन पर मैच देख रहे थे.

जीत के बाद कुछ लोगों ने पटाखे जलाए, बस स्टॉप तोड़े और गाड़ियों को आग लगा दी.

पुलिस ने बताया कि क़रीब 300 लोगों को गिरफ़्तार किया गया. इनमें से ज़्यादातर लोग पटाखे रखने और तोड़फोड़ करने के आरोप में पकड़े गए.

जश्न के दौरान संभावित हंगामे को देखते हुए 5,400 से ज़्यादा पुलिसकर्मियों को पेरिस में तैनात किया गया था.

कई जगह पुलिस और भीड़ के बीच झड़पें भी हुईं. भीड़ को रोकने के लिए पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया.

चैंपियंस लीग फ़ाइनल में पीएसजी ने जीत हासिल कर यूरोप की सबसे बड़ी ट्रॉफ़ी पहली बार जीती.

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएसजी को जीत की बधाई देते हुए कहा, बधाई हो, हमें आप पर गर्व है. आज पेरिस यूरोप की राजधानी है.</description>
        <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 12:04:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा सहायता केंद्र की ओर जाते समय 21 फलस्तीनियों की मौत: अस्पताल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-सहयत-कदर-क-ओर-जत-समय-21-फलसतनय-क-मत-असपतल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-सहयत-कदर-क-ओर-जत-समय-21-फलसतनय-क-मत-असपतल</guid>
        <description>रफह (गाजा पट्टी), 1 जून। गाजा पट्टी में इजराइल समर्थित एक संगठन से सहायता आपूर्ति प्राप्त करने के लिए जाते समय रविवार को कम से कम 21 फलस्तीनियों की मौत हो गई। यह जानकारी रेडक्रॉस द्वारा संचालित एक अस्पताल ने दी।

इस अस्पताल में इन लोगों के शवों को लाया गया।

अस्पताल में अधिकारियों ने बताया कि 175 अन्य लोग घायल हुए हैं। उन्होंने यह नहीं बताया कि उन पर गोलीबारी किसने की।

एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के एक पत्रकार ने अस्पताल में इलाज करा रहे दर्जनों घायलों को देखा।

गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन द्वारा सहायता आपूर्ति का वितरण किए जाने के दौरान अराजकता की स्थिति बनी हुई है। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है कि इजराइली सैनिकों ने सहायता वितरण स्थलों के पास भीड़ पर गोलीबारी की।

स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, रविवार से पहले कम से कम छह लोग मारे गए तथा 50 से अधिक घायल हुए।

फाउंडेशन का कहना है कि उसके स्थलों की सुरक्षा कर रहे निजी सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ पर गोली नहीं चलाई जबकि इजराइली सेना ने चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाने की बात स्वीकार की है।

फाउंडेशन ने लोगों के हताहत होने की घटना पर टिप्पणी करने के अनुरोध पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

इसने पहले एक बयान में कहा था कि उसने रविवार की सुबह 16 ट्रक से भेजी गई सहायता वितरित की और इस दौरान कोई घटना नहीं हुई।(एपी)</description>
        <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 12:04:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम में अमेरिका की भूमिका पर फिर क्या बोले?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-भरत-और-पकसतन-क-बच-सघरष-वरम-म-अमरक-क-भमक-पर-फर-कय-बल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-भरत-और-पकसतन-क-बच-सघरष-वरम-म-अमरक-क-भमक-पर-फर-कय-बल</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच चले हालिया संघर्ष पर शुक्रवार को बात की. उन्होंने फिर से ये बात दोहराई कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को लड़ने से रोका.

ओवल ऑफ़िस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा, हमने भारत और पाकिस्तान को लड़ने से रोका. मेरा मानना ​​है कि यह परमाणु आपदा में बदल सकता था.

उन्होंने कहा, हम उन लोगों के साथ व्यापार नहीं कर सकते जो एक-दूसरे पर गोली चला रहे हों और संभावित रूप से परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हों.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद भारत ने 6-7 मई की दरमियानी रात पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हमले किए थे.

दोनों देशों के बीच तनाव इतना बढ़ा कि ये सैन्य संघर्ष में बदल गया. दोनों देशों के बीच हुआ सैन्य संघर्ष 10 मई की शाम को संघर्ष विराम पर सहमति बनने के एलान के साथ थमा.

इस संघर्ष विराम की घोषणा सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी. उन्होंने दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की सहमति बनने में अमेरिका की भूमिका रही.

वहीं भारत की ओर से कई बार ये कहा गया है कि संघर्ष विराम पर सहमति भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर पर बातचीत के बाद बनी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 31 May 2025 06:16:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइली आदेश के बाद उत्तरी ग़ज़ा का आख़िरी अस्पताल भी बंद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-आदश-क-बद-उततर-गज-क-आखर-असपतल-भ-बद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-आदश-क-बद-उततर-गज-क-आखर-असपतल-भ-बद</guid>
        <description>-मैलरी मोएंच

उत्तरी ग़ज़ा इलाक़े में स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला आख़िरी अस्पताल भी बंद हो गया है. इसके डायरेक्टर ने कहा है कि इसराइली सेना ने इस अस्पताल को तुरंत ख़ाली करने का आदेश दिया था.

डॉ. मोहम्मद साल्हा ने बीबीसी को बताया कि दो हफ़्ते की घेराबंदी के बाद गुरुवार शाम को जबालिया के अल-अवदा अस्पताल से मरीज़ों को निकाला गया.

उनके मुताबिक़ अब उत्तर में कोई स्वास्थ्य सुविधा काम नहीं कर रही है.

इसराइली डिफ़ेंस फोर्सेज़ (आईडीएफ़) की ओर से इस पर अब तक कोई जवाब नहीं आया है.

यह मामला तब सामने आया है, जब युद्ध विराम के प्रयास जारी हैं.

हमास का कहना है कि वह युद्ध विराम को लेकर अमेरिकी योजना की अच्छी तरह से समीक्षा कर रहा है.

वहीं इस योजना के बारे में व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस पर इसराइल ने हस्ताक्षर कर दिए हैं.

ग़ज़ा में इसराइल का सैन्य अभियान जारी है. ग़ज़ा में हमास की ओर से संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में इसराइली हमलों में कम से कम 72 लोगों की मौत हुई है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 31 May 2025 06:16:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने अमेरिका में स्टील और एल्युमीनियम के आयात पर टैरिफ़ बढ़ाया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-अमरक-म-सटल-और-एलयमनयम-क-आयत-पर-टरफ-बढय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-अमरक-म-सटल-और-एलयमनयम-क-आयत-पर-टरफ-बढय</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका बुधवार, 4 जून से स्टील और एल्युमीनियम के आयात पर अपनी मौजूदा टैरिफ़ दर को 25% से बढ़ाकर 50% कर देगा.

पेंसिल्वेनिया के पिट्सबर्ग में एक रैली में ट्रंप ने कहा कि इस क़दम से स्थानीय स्टील उद्योग और राष्ट्रीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जबकि चीन पर निर्भरता कम होगी.

ट्रंप ने ये भी कहा कि यूएस स्टील और जापान की निप्पॉन स्टील के बीच साझेदारी से क्षेत्र के स्टील उत्पादन में 14 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा.

इस साझेदारी की डिटेल अभी स्पष्ट नहीं है और दोनों कंपनियों ने अभी तक किसी सौदे की पुष्टि नहीं की है.

रैली में ट्रंप ने स्टील वर्कर्स की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, किसी भी तरह की छंटनी नहीं की जाएगी और किसी भी तरह की आउटसोर्सिंग नहीं की जाएगी, और हर अमेरिकी स्टील वर्कर को जल्द ही 5 हज़ार डॉलर का बोनस मिलेगा, जिसका वह हक़दार है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 31 May 2025 06:16:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने चीन पर किस समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-चन-पर-कस-समझत-क-उललघन-करन-क-आरप-लगय-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-चन-पर-कस-समझत-क-उललघन-करन-क-आरप-लगय-ह</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर टैरिफ़ को लेकर दो हफ़्ते पुराने समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और चीन ने जेनेवा में अस्थायी रूप से टैरिफ़ कम करने पर सहमति जताई थी.

राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि, चीन पर लगाए गए टैरिफ़ की वजह से वो गंभीर आर्थिक संकट में फंस गया था. जिसके बाद अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ़ को लेकर डील हुई.

उन्होंने बिना कोई कारण बताए कहा कि, चीन ने अमेरिका के साथ किए गए समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन किया है.

अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि चीन ने उन नॉन-टैरिफ़ बाधाओं को उस तरह से नहीं हटाया, जैसा कि समझौते में तय हुआ था.

हालांकि, चीन ने इन दावों पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 31 May 2025 06:16:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इस देश में भारी बारिश के कारण सौ से ज़्यादा लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इस-दश-म-भर-बरश-क-करण-स-स-जयद-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इस-दश-म-भर-बरश-क-करण-स-स-जयद-लग-क-मत</guid>
        <description>मध्य नाइजीरिया में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में कम से कम 110 लोग मारे गए हैं. सरकारी अधिकारियों ने बीबीसी को ये जानकारी दी.

नाइजर राज्य आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (एनएसईएमए) के प्रमुख अबुल्लाही बाबा-अराह ने बताया कि बारिश कई घंटों तक जारी रही.

उन्होंने कहा, बाढ़ का पानी बढ़ने से 50 से ज़्यादा घर और उनमें रहने वाले लोग बह गए.

आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक़, मोक्वा शहर के टिफिन माज़ा और अंगुवान हौसावा ज़िले में इस बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुक़सान हुआ है.

नाइजीरिया को 2022 में भी भयंकर बाढ़ का सामना करना पड़ा, जिसमें लगभग 13 लाख लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े और 600 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 31 May 2025 06:16:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मस्क ने छोड़ा ट्रंप का साथ, 130 दिनों  के कार्यकाल के पांच बड़े विवाद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मसक-न-छड-टरप-क-सथ-130-दन-क-करयकल-क-पच-बड-ववद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मसक-न-छड-टरप-क-सथ-130-दन-क-करयकल-क-पच-बड-ववद</guid>
        <description>स्पेसएक्स और टेस्ला प्रमुख अमेरिकी टेक अरबपति एलन मस्क ने ट्रंप प्रशासन के डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) यानी खर्च कटौती विभाग से अलग होने का एलान किया है।

गुरुवार को मस्क ने एक्स पर लिखा, विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में मेरा तय समय पूरा होने पर, मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे फालतू खर्च को कम करने का मौका दिया।

उन्हें स्पेशल गवर्नमेंट एम्प्लाई का दर्जा मिला था जिसके तहत हर साल 130 दिनों तक उन्हें संघीय नौकरी में रहने की इजाज़त थी। इस साल 20 जनवरी को ट्रंप के शपथ ग्रहण से जोड़ा जाय तो वैसे भी उनके कार्यकाल की सीमा मई के अंत में ख़त्म होने वाली थी।

मस्क का सरकार से बाहर निकलना दरअसल ट्रंप के बजट से निराशा जताने के बाद हुआ, जिसमें मल्टी-ट्रिलियन डॉलर की टैक्स छूट और रक्षा खर्च को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव मौजूद हैं।

ट्रंप ने अपने बजट बिल को बड़ा और सुंदर बताया था और मस्क ने इस बिल की आलोचना की थी। यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप के एजेंडे का अहम हिस्सा है।

व्हाइट हाउस ने कहा है कि बुधवार (अमेरिकी समयानुसार) से मस्क के स्पेशल गवर्नमेंट एम्प्लाई दर्जे को ख़त्म कर दिया जाएगा।

लेकिन मस्क का बाहर होना सिर्फ ट्रंप सरकार में एक बड़े उलट फेर को ही नहीं दर्शाता है। मस्क रिपब्लिकन पार्टी के सबसे बड़े डोनर रहे हैं। उन्होंने पिछले साल कऱीब 25 करोड़ डॉलर का चंदा दिया था।

इतने वड़े डोनेशन के बाद उनके और ट्रंप के बीच नज़दीकियां बढ़ गई थीं। हालांकि इस दौरान उनकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के मुनाफ़े में भारी गिरावट देखी गई।

टेस्ला ने हाल ही में निवेशकों को चेतावनी दी थी कि वित्तीय मुश्किलें जारी रह सकती हैं। कंपनी ने ग्रोथ का पूर्वानुमान देने से इंकार करते हुए कहा कि राजनीतिक सेंटिमेंट में बदलाव, वाहनों की मांग को काफी हद तक नुकसान पहुंचा सकती है।

मस्क ने पिछले महीने निवेशकों से कहा था कि डीओजीई में उनकी व्यस्तता काफी कम हो जाएगी और वह टेस्ला को अधिक समय दे पाएंगे।

ट्रंप प्रशासन में एक अहम पद पर रहते है एलन मस्क कई बार विवादों में घिरे। आइए नजऱ डालते हैं ऐसै ही पांच विवादों पर -

1- ट्रंप के बजट की आलोचना

ट्रंप ने बजट विधेयक पेश किया था जिसे बहुत कम अंतर के साथ पिछले हफ़्ते यूएस हाउस ऑफ़ रेप्रेज़ेंटेटिव्स ने पास किया। अब यह बिल सीनेट के पास जाएगा।

मस्क ने बीबीसी के यूएस पार्टनर सीबीएस के साथ एक साक्षात्कार में कहा था कि इस बिल से संघीय घाटा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि ये बिल डीओजीई में किए जा रहे कामों को कमज़ोर करता है।

उन्होंने यहां तक कहा कि ट्रंप की योजना बजट घाटे को कम करने की जगह बढ़ाएगी। लेकिन इस बजट बिल को ट्रंप ने बड़ा और सुंदर बताया था, इस पर मस्क ने कहा, यह बिल बड़ा या सुंदर हो सकता है? मुझे नहीं पता कि ये दोनों हो सकता है।

इस बिल में चार ट्रिलियन डॉलर के कर्ज की सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव है जिसका मतलब है कि अपने खर्चों के लिए सरकार अधिक कर्ज ले सकती है।

उनके इस बयान के बाद से ही लगने लगा था कि ट्रंप प्रशासन और एलन मस्क के बीच दूरियां बढऩे लगी हैं।

2- कैबिनेट बैठकों में नोकझोंक

बीते मार्च की शुरुआत में सरकारी खर्च और कर्मचारियों की संख्या में कटौती के एलन मस्क के प्रयासों पर चर्चा करने के लिए कैबिनेट मंत्रियों की एक बैठक बुलाई गई थी।

इस बैठक के दौरान नेताओं में तीखी नोकझोंक हुई और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की आलोचना करते हुए मस्क ने कहा कि वो टीवी पर ही अच्छे दिखते हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स की ख़बर के अनुसार, मस्क ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो पर विदेश विभाग में पर्याप्त स्टाफ़ की कटौती करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

एलन मस्क की इस दौरान परिवहन मंत्री सीन डफ़ी के साथ भी बहस हुई क्योंकि डीओजीई ने फ़ेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन में ट्रैफिक़ कंट्रोलर्स की संख्या कम करने की कोशिश की, जबकि उनकी संख्या पहले से ही कम है।

ये बहस इतनी बढ़ गई कि ट्रंप को बीच-बचाव करना पड़ा और डीओजीआई की शक्तियों को परिभाषित करना पड़ा। ट्रंप ने कहा कि वो अब भी डीओजीई का समर्थन करते हैं, लेकिन अब से फैसला लेने का काम मंत्रियों के पास ही होगा और मस्क की टीम का काम सिर्फ सलाह देना होगा।

मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार, ये बैठक बहुत जल्दबाजी में बुलाई गई थी और ट्रंप के हस्तक्षेप को इस बात का संकेत माना गया कि राष्ट्रपति ने एलन मस्क को मिली व्यापक शक्तियों को कम करने का निर्णय लिया।

3- डीओजीई बनते ही विवेक रामास्वामी बाहर

ट्रंप ने डीओजीई के गठन का एलान करते हुए इसकी जि़म्मेदारी टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क के साथ विवेक रामास्वामी को दी थी।

ट्रंप ने विवेक रामास्वामी को देशभक्त अमेरिकीबताया था। लेकिन डीओजीई ने पहला फ़ैसला खुद को लेकर किया और कहा गया कि डीओजीई को केवल मस्क देखेंगे और विवेक रामास्वामी इससे बाहर हो गए।

रामास्वामी महज़ 39 साल के अमेरिकी नागरिक हैं। डीओजीई बनाने में विवेक रामास्वामी की अहम भूमिका मानी जाती है। हालांकि वह एफबीआई तक को बंद करने की वकालत करते रहे हैं।

उस समय मीडिया में ऐसी ख़बरें आईं कि एच-1 वीजा को लेकर ट्रंप और विवेक के बीच मतभेद पैदा हो गया था।

जनवरी में छपी न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, ट्रंप के कऱीबियों का कहना है कि रामास्वामी कंजर्वेटिव्स से सोशल मीडिया पर एच-1 बी वीज़ा को लेकर उलझ रहे थे और यह ट्रंप को पसंद नहीं आया। रामास्वामी हाई स्किल्ड वर्कर्स को एच-1 बी वीज़ा देने का समर्थन कर रहे थे, लेकिन ट्रंप के कई समर्थक इसका विरोध कर रहे थे।</description>
        <pubDate>Fri, 30 May 2025 07:01:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन ने मंगल ग्रह के निकट क्षुद्रग्रह से नमूने लाने के लिए अंतरिक्ष यान भेजा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-न-मगल-गरह-क-नकट-कषदरगरह-स-नमन-लन-क-लए-अतरकष-यन-भज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-न-मगल-गरह-क-नकट-कषदरगरह-स-नमन-लन-क-लए-अतरकष-यन-भज</guid>
        <description>ताइपे, 29 मई। चीन ने एक अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित करने के साथ ही दावा किया है कि यह यान मंगल ग्रह के निकट स्थित क्षुद्रग्रह से नमूने लेकर आएगा और महत्वपूर्ण खोज करेगा। यह ब्रह्मांड के बारे में मानवता के ज्ञान को व्यापक बनाएगा । चीन की अंतरिक्ष एजेंसी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

चीन की सरकारी अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, तियानवेन-2 अंतरिक्ष यान को बृहस्पतिवार को सुबह दक्षिणी चीन से लॉन्ग मार्च 3-बी रॉकेट के जरिए प्रक्षेपित किया गया। यह यान मंगल ग्रह के करीब क्षुद्रग्रह 2016एचओ3 से नमूने एकत्र करेगा तथा मुख्य बेल्ट धूमकेतु 311पी का अन्वेषण भी करेगा।

चीन की सरकारी अंतरिक्ष एजेंसी चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (सीएनएसए) के प्रमुख शान झोंगडे ने कहा कि तियानवेन-2 मिशन चीन की अंतरग्रहीय अन्वेषण की नयी यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है और करीब एक दशक लंबे इस मिशन से अभूतपूर्व खोजें होंगी तथा ब्रह्मांड के बारे में मानवता का ज्ञान बढ़ेगा।

क्षुद्रग्रह 2016एचओ3 से नमूने लगभग दो साल में वापस आने वाले हैं। अपेक्षाकृत स्थिर कक्षाओं के लिए चुने गए क्षुद्रग्रहों से उम्मीद है कि वे पृथ्वी के निर्माण के बारे में सुराग देंगे, जैसे कि पानी की उत्पत्ति।

इससे पहले चीन का अंतरिक्ष यान एक ऐतिहासिक मिशन के तहत चंद्रमा के सुदूर भाग से चट्टान के नमूने लेकर पृथ्वी पर वापस लौटा था।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 30 May 2025 07:01:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के टैरिफ़ के ख़िलाफ़ फ़ैसले पर अपील कोर्ट ने क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-टरफ-क-खलफ-फसल-पर-अपल-करट-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-टरफ-क-खलफ-फसल-पर-अपल-करट-न-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिका की फेडरल अपील कोर्ट ने मैनहेटन स्थित इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट के उस आदेश पर फ़िलहाल रोक लगा दी है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ लगाने वाले फ़ैसले को अवैध बताया गया था.

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मामलों के लिए बने अमेरिकी कोर्ट ने बुधवार को फ़ैसला सुनाया था कि व्हाइट हाउस का आपातकालीन क़ानून राष्ट्रपति ट्रंप को हर देश पर टैरिफ़ लगाने का अधिकार नहीं देता है.

मैनहेटन की अदालत ने कहा था कि अमेरिकी संविधान ने कांग्रेस (संसद) को दूसरे देशों के साथ व्यापार नियमन के लिए विशिष्ट शक्तियां दी हैं और इनका अतिक्रमण राष्ट्रपति के अर्थव्यवस्था में सुधार के इरादे के लिए नहीं किया जा सकता.

ट्रंप प्रशासन ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की थी.

अपनी अपील में, ट्रंप प्रशासन ने कहा कि व्यापार मामलों के कोर्ट के फ़ैसले से महीनों से चल रही व्यापार वार्ता के विफ़ल होने का ख़तरा पैदा हो गया है.

ट्रंप प्रशासन ने कहा, विदेश नीति और आर्थिक नीति राजनीतिक शाखाएँ बनाती हैं, न कि अदालतें.

फेडरल अपील कोर्ट के अंतरिम आदेश के मुताबिक़ ट्रंप प्रशासन फ़िलहाल सुनवाई चलने तक आयात कर वसूलना जारी रख सकता है.

इस मामले की अगली सुनवाई 5 जून को होगी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 30 May 2025 07:01:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उ. कोरिया, रूस का सैन्य सहयोग संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों का उल्लंघन: अमेरिका, सहयोगी देशों का आरोप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उ-करय-रस-क-सनय-सहयग-सयकत-रषटर-परतबध-क-उललघन-अमरक-सहयग-दश-क-आरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उ-करय-रस-क-सनय-सहयग-सयकत-रषटर-परतबध-क-उललघन-अमरक-सहयग-दश-क-आरप</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र, 30 मई। अमेरिका और उसके 10 सहयोगी देशों ने कहा है कि रूस और उत्तर कोरिया के बीच सैन्य सहयोग संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का खुला उल्लंघन है और इससे रूस को यूक्रेन के शहरों पर मिसाइल हमले बढ़ाने में मदद मिली है।

रूस ने उत्तर कोरिया पर लगाए गए प्रतिबंधों की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विशेषज्ञों के पैनल द्वारा निगरानी जारी रखने के प्रस्ताव के खिलाफ मार्च 2024 में वीटो का इस्तेमाल किया था। इसके बाद उत्तर कोरिया पर प्रतिबंधों की निगरानी के लिए अमेरिका और 10 अन्य देशों ने हाथ मिलाया था और उन्होंने बृहस्पतिवार को जारी अपनी पहली रिपोर्ट में रूस एवं उत्तर कोरिया पर ये आरोप लगाए।

इस बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी दल में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन शामिल हैं। इस दल की 29 पृष्ठों की रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्य दर्शाते हैं कि उत्तर कोरिया और रूस ऐसी अनेक गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त हैं जो संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध प्रस्तावों के तहत स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर कोरिया ने यूक्रेन में युद्ध में रूस के इस्तेमाल के लिए समुद्री, हवाई और रेल मार्ग के जरिए तोप, बैलिस्टिक मिसाइल और लड़ाकू वाहन समेत हथियार एवं संबंधित सामग्री भेजी है।

टीम ने कहा कि रूस ने उत्तर कोरिया को वायु रक्षा प्रणाली हस्तांतरित की है और उसकी सेनाओं ने रूसी युद्ध का समर्थन करने के लिए तैनात उत्तर कोरिया के सैनिकों को प्रशिक्षित किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के तहत तय वार्षिक सीमा से कहीं अधिक मात्रा में उत्तर कोरिया को परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की है तथा प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए उत्तर कोरिया के साथ बैंकिंग संबंध भी बनाए रखे हैं।

इन 11 देशों ने कहा कि इस गैरकानूनी सहयोग से मॉस्को को यूक्रेनी शहरों पर मिसाइल हमले बढ़ाने में मदद मिली है। इन हमलों में अहम असैन्य बुनियादी ढांचों पर किए गए लक्षित हमले भी शामिल हैं।

संयुक्त राष्ट्र स्थित रूसी मिशन से इस रिपोर्ट पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

रिपोर्ट में एक जनवरी 2024 से 30 अप्रैल 2025 के बीच की अवधि को शामिल किया गया है तथा इस बात के साक्ष्य दिए गए हैं कि रूस और उत्तर कोरिया निकट भविष्य में अपने सैन्य सहयोग को और अधिक गहरा करने का इरादा रखते हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 30 May 2025 07:01:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा में खाने की तलाश में भटक रहे लोग, सुरक्षा व्यवस्था चरमराई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-खन-क-तलश-म-भटक-रह-लग-सरकष-वयवसथ-चरमरई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-खन-क-तलश-म-भटक-रह-लग-सरकष-वयवसथ-चरमरई</guid>
        <description>-रश्दी अबुअलूफ़

इसराइल के हमले झेल रहे ग़ज़ा के उत्तरी हिस्से के मुख्य शहर में अराजकता और लूटपाट की स्थिति बन गई है.

बीते कई सप्ताह से इस इलाक़े में ज़रूरी मदद नहीं पहुंच पाई थी. यहां रहने वाले फ़लस्तीनी लोग खाने की तलाश में भटक रहे हैं.

हमास संचालित गृह मंत्रालय ने कहा है कि गुरुवार को ग़ज़ा शहर के एक बाज़ार में तैनात उसके सात पुलिस अधिकारियों की इसराइली हवाई हमले में मौत हो गई. हमास के मुताबिक़ ये अधिकारी व्यवस्था बनाए रखने में जुटे थे और लुटने वालों का सामना कर रहे थे.

इसराइली सेना ने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन कहा है कि उसने पिछले दिनों ग़ज़ा में दर्जनों आतंकी ठिकानों पर हमला किया था.

स्थानीय चिकित्सकों और बचावकर्मियों ने कहा कि गुरुवार को पूरे क्षेत्र में कम से कम 44 लोग मारे गए, जिनमें से 23 लोगों की मौत केंद्रीय बुरेज शरणार्थी शिविर में हुई.

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि देर अल-बला के केंद्रीय शहर में स्थित उसके गोदाम में घुसे भूखे लोगों की भीड़ में कम से कम दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

इसराइल की नाकेबंदी के बीच इस जगह पर 11 सप्ताह के बाद राहत सामग्री पहुंची थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 30 May 2025 07:01:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के टैरिफ़ को झटका, अमेरिका की एक संघीय अदालत ने लगाई रोक</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-टरफ-क-झटक-अमरक-क-एक-सघय-अदलत-न-लगई-रक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-टरफ-क-झटक-अमरक-क-एक-सघय-अदलत-न-लगई-रक</guid>
        <description>अमेरिका की एक संघीय अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक टैरिफ़ पर रोक लगा दी है.

इस फ़ैसले से ट्रंप की आर्थिक नीतियों के एक महत्वपूर्ण हिस्से को बड़ा झटका माना जा रहा है.

कोर्ट ऑफ़ इंटरनेशनल ट्रेड ने फै़सला सुनाया है कि व्हाइट हाउस की ओर से लागू किया गया आपातकालीन क़ानून राष्ट्रपति को यह एकतरफ़ा अधिकार नहीं देता कि वह लगभग हर देश पर टैरिफ़ लगा सकें.

मैनहट्टन स्थित अदालत ने कहा कि अमेरिकी संविधान कांग्रेस को अन्य देशों के साथ व्यापार करने को लेकर विशेष शक्तियां देता है और इसमें अर्थव्यवस्था को सुरक्षित करने के राष्ट्रपति के दायित्व द्वारा अतिक्रमण नहीं किया जा सकता.

साथ ही कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के व्हाइट हाउस में लौटने के बाद चीन, मेक्सिको और कनाडा पर लगाए गए अलग-अलग टैरिफ़ पर भी रोक लगा दी है.

कुछ ही मिनटों के अंदर ट्रंप प्रशासन ने कोर्ट के इस फै़सले को लेकर अपील दायर कर दी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 29 May 2025 06:25:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान में भारतीय दूतावास ने कहा&amp; तीन भारतीय लापता, ईरानी अधिकारियों से तलाशने को कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-म-भरतय-दतवस-न-कह-तन-भरतय-लपत-ईरन-अधकरय-स-तलशन-क-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-म-भरतय-दतवस-न-कह-तन-भरतय-लपत-ईरन-अधकरय-स-तलशन-क-कह</guid>
        <description>ईरान की राजधानी तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि भारत के तीन नागरिक अचानक यहां लापता हो गए हैं. ये लोग यहां रह रहे थे.

दूतावास ने कहा है कि वो इन तीन भारतीय नागरिकों को तलाशने के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ मिलकर पूरी सक्रियता से काम कर रहा है.

ईरान में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिये ख़बर दी थी कि तीन भारतीय नागरिकों के रिश्तेदारों ने उनके लापता होने की जानकारी दी है.

भारतीय दूतावास ने कहा है कि उसने ईरानी अधिकारियों के सामने इस मामले को जोरदार तरीके से उठाया है. दूतावास ने इन अधिकारियों से कहा है कि लापता भारतीयों को तुरंत खोज कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.

दूतावास ने कहा कि वो इन ग़ायब हुए लोगों को खोजे जाने की कोशिश की पूरी जानकारी उनके रिश्तेदारों को दे रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 29 May 2025 06:25:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत ने पहलगाम घटना की आड़ में आक्रामकता का रास्ता अपनाया: शहबाज़ शरीफ़</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-न-पहलगम-घटन-क-आड-म-आकरमकत-क-रसत-अपनय-शहबज-शरफ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-न-पहलगम-घटन-क-आड-म-आकरमकत-क-रसत-अपनय-शहबज-शरफ</guid>
        <description>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ ने भारत के साथ हालिया सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को समर्थन देने के लिए तुर्की और अजरबैजान को धन्यवाद देते हुए कहा है कि भारत ने पहलगाम घटना की आड़ में आक्रामकता का रास्ता अपनाया.

शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, हम कल भी शांति चाहते थे, आज भी चाहते हैं और भविष्य में भी हम शांति को प्राथमिकता देंगे.

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यह बात अजरबैजान के लाचिन शहर में पाकिस्तान, तुर्की और अजरबैजान की त्रिपक्षीय बैठक को संबोधित करते हुए कही.

इसके बाद एक और कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान सभी मुद्दों को बातचीत की मेज पर सुलझाना चाहता है.

उन्होंने कहा कि भारत ने बिना सबूत के पाकिस्तान पर आरोप लगाया और पहलगाम घटना के संबंध में कोई सबूत नहीं दिया.

उन्होंने कहा, हमने भारत को उसकी जांच में सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की, हालाँकि, भारत ने इसे अस्वीकार कर दिया.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान का पानी रोकना चाहता है और पाकिस्तान के पानी को हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान उसका यह सपना पूरा नहीं होने देगा. यह जल उनके 24 करोड़ लोगों की जीवन रेखा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 29 May 2025 06:25:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ्रांस के सबसे कुख्यात पीडोफाइल ले स्कॉरनेक को 20 साल की सज़ा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फरस-क-सबस-कखयत-पडफइल-ल-सकरनक-क-20-सल-क-सज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फरस-क-सबस-कखयत-पडफइल-ल-सकरनक-क-20-सल-क-सज</guid>
        <description>फ्रांस की एक अदालत ने सैकड़ों बच्चों का यौन शोषण करने वाले पूर्व सर्जन जोएल ले स्कॉरनेक को 20 वर्ष की जेल की सज़ा सुनाई है.

पूर्व सर्जन ने इस बात को स्वीकार कर लिया कि उन्होंने 1989 से 2014 तक सैकड़ों मरीजों का यौन शोषण किया था. इसमें से अधिकतर बच्चे थे.

ले स्कॉरनेक ने मार्च में ही आरोपों को स्वीकार कर लिया था.

न्यायाधीश औडे बुरेसी ने कहा कि अदालत ने इस तथ्य को ध्यान में रखा है कि पूर्व सर्जन मुख्य रूप से अस्वस्थ, कमजोर और बेहोश लोगों को अपना शिकार बनाता था.

74 वर्षीय ले स्कॉरनेक को फ्रांस का सबसे कुख्यात पीडोफाइल (बच्चों का यौन शोषण करने वाला) करार दिया गया है.

ले स्कॉरनेक ने 2020 में अपनी दो भतीजियों सहित चार बच्चों का यौन उत्पीड़न किया था. इस मामले में वह पहले ही 15 साल की सज़ा काट रहे हैं.

कुछ पीड़ितों की वकील फ्रांसेस्का सत्ता ने कहा, इस मुकदमे में पीड़ितों की संख्या की तुलना में 20 वर्ष की सज़ा बहुत कम है. अब समय आ गया है कि कानून में बदलाव किया जाए ताकि अधिक सज़ा हो सके.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 29 May 2025 06:25:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ्रांस की अदालत ने 299 बच्चों का यौन उत्पीड़न करने वाले डॉक्टर को 20 साल कैद की सजा सुनाई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फरस-क-अदलत-न-299-बचच-क-यन-उतपडन-करन-वल-डकटर-क-20-सल-कद-क-सज-सनई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फरस-क-अदलत-न-299-बचच-क-यन-उतपडन-करन-वल-डकटर-क-20-सल-कद-क-सज-सनई</guid>
        <description>पेरिस, 28 मई। फ्रांस की एक अदालत ने दो दशक की अवधि में करीब 300 बच्चों का यौन उत्पीड़न करने के जुर्म में 74-वर्षीय पूर्व सर्जन को बुधवार को 20 साल कैद की सजा सुनाई।

जोएल ले स्कॉरनेक को 299 बच्चों के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न का दोषी पाया गया।

ले स्कॉरनेक अपने दो रिश्तेदारों समेत चार बच्चों के साथ बलात्कार करने के जुर्म में पहले से 15 साल की सजा काट रहा है। उसे इस मामले में 2020 में दोषी ठहराया गया था।

पश्चिमी फ्रांस के ब्रिटनी में नया मुकदमा फरवरी में शुरू हुआ और इसने 1989 से 2014 के बीच उत्पीड़न के पैटर्न को उजागर किया। यौन उत्पीड़न के समय ज़्यादातर पीड़ित बेहोश थे या अस्पताल में भर्ती मरीज़ थे। उनकी औसत आयु 11 वर्ष थी। पीड़ितों में 158 लड़के और 141 लड़कियां थीं।

न्यायाधीशों ने सजा की अवधि के संबंध में सरकारी अभियोजक की सिफारिशों को मान लिया और मोरबिहान की आपराधिक अदालत ने आदेश दिया कि स्कॉरनेक को कम से कम दो-तिहाई सजा काटनी होगी और उसके बाद वह रिहा किए जाने का पात्र हो सकेगा।

स्कॉरनेक ने 299 बच्चों के अलावा अन्य के साथ भी यौन शोषण के आरोपों को स्वीकार किया था।

उसने अदालत से कहा कि उसने सबसे पहले 1985 में अपनी भतीजी का यौन उत्पीड़न किया था और तब वह महज़ पांच साल की थी।

यह मामले सबसे पहले 2017 में सामना आए जब छह साल की बच्ची ने अपनी मां को बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाले स्कॉरनेक ने उसके साथ अश्लील हरकत की है।

उसके घर की तलाशी में 3,00,000 से अधिक तस्वीरें, 650 अश्लील वीडियो फाइल (जिनमें बाल यौन शोषण, पशुओं से यौन संबंध आदि से संबंधित सामग्री शामिल थी), साथ ही कुछ नोटबुक मिलीं, जिनमें उसने बाल यौन अपराध के बारे में बताया था और अपनी गतिविधियों का विवरण लिखा था।

इससे उसे पहले बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री रखने के जुर्म में 2005 में चार महीने की सज़ा सुनाई गई थी।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 29 May 2025 06:25:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>स्पेसएक्स का सबसे विशाल रॉकेट, लॉन्चिंग के बाद हुआ क्रैश</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सपसएकस-क-सबस-वशल-रकट-लनचग-क-बद-हआ-करश</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सपसएकस-क-सबस-वशल-रकट-लनचग-क-बद-हआ-करश</guid>
        <description>स्पेसएक्स के विशालकाय स्टारशिप रॉकेट की ताज़ा परीक्षण उड़ान फिर से विफल हो गई है.

यह अंतरिक्ष यान अब तक का सबसे बड़ा औप शक्तिशाली रॉकेट था. इसे मंगल ग्रह पर कॉलोनी स्थापित करने की एलन मस्क की महत्वाकांक्षाओं के लिए अहम बताया जा रहा था.

नॉर्थ अमेरिका के बीबीसी संवाददाता पीटर बोवेस के अनुसार, स्टारशिप की यह 9वीं परीक्षण उड़ान थी. मानव रहित रॉकेट टेक्सस से सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ था.

लॉन्च के कुछ देर बाद ही कक्षा में कुछ समस्या आ गई और रॉकेट पृथ्वी के वायुमंडल में अपनी योजनाबद्ध वापसी से पहले ही अनियंत्रित हो गया.

स्पेसएक्स के बयान के अनुसार, अंतरिक्ष यान तेज़ी से विखंडित हो गया और हिंद महासागर में गिरने से पहले ही टूट कर बिखर गया.

एक्स पर एक पोस्ट में कंपनी ने कहा कि इस परीक्षण से उसे स्टारशिप की विश्वसनीयता में सुधार करने में मदद मिलेगी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 28 May 2025 06:09:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने स्टूडेंट वीज़ा आवेदनों को रोकने के दिए आदेश</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-सटडट-वज-आवदन-क-रकन-क-दए-आदश</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-सटडट-वज-आवदन-क-रकन-क-दए-आदश</guid>
        <description>अमेरिका ने विदेशों में अपने दूतावासों को नए स्टूडेंट वीज़ा आवेदनों पर अस्थायी रूप से रोकने के आदेश दिए हैं.

बताया जा रहा है कि अमेरिका अब आवेदकों के सोशल मीडिया की गहन जांच की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है.

यह आदेश हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को मिलने वाले सरकारी फ़ंड की समीक्षा की तैयारी की ख़बर के बाद आई है.

इससे ट्रंप प्रशासन और कुछ अमेरिकी विश्वविद्यालयों के बीच विवाद में एक और मोड़ आ गया है. कई अमेरिकी कॉलेज, फ़ंडिंग के लिए विदेशी छात्रों पर निर्भर हैं.

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी

दरअसल, ऐसा कहा जा रहा है कि हार्वर्ड को मिलने वाला फ़ंड या तो बंद कर दिया जाएहा या इसे किसी और संस्थान को दिया जाएगा.

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, गवर्नमेंट सर्विसेज़ एजेंसी (जीएसए) अन्य एजेंसियों को एक पत्र भेजने वाली है. इस पत्र में हार्वर्ड के साथ अनुबंधों को ख़त्म करने या उन्हें किसी और संस्थान को देने की संभावनाओं के बारे में पूछा जाएगा.

ट्रंप प्रशासन का अनुमान है कि हार्वर्ड के साथ करीब ऐसे 30 अनुबंध फिलहाल चल रहे हैं. ये सभी अनुबंध कुल मिलाकर 10 करोड़ डॉलर के हैं.

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

बीते सप्ताह ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड में विदेशी छात्र-छात्राओं के दाखिले पर रोक लगा दी थी. इसके बाद हार्वर्ड ने ट्रंप प्रशासन के इस फ़ैसले को कोर्ट में चुनौती दी थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 28 May 2025 06:09:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन के केमिकल प्लांट में भीषण विस्फोट, कम से कम पांच लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-क-कमकल-पलट-म-भषण-वसफट-कम-स-कम-पच-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-क-कमकल-पलट-म-भषण-वसफट-कम-स-कम-पच-लग-क-मत</guid>
        <description>चीन के पूर्वी शैंडोंग प्रांत में एक केमिकल प्लांट में भीषण विस्फोट से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है. इस दुर्घटना में 19 लोग घायल हो गए हैं.

मंगलवार रात हुई इस दुर्घटना के बाद छह लोग लापता बताए जा रहे हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल फ़ुटेज में घटना स्थल से काले धुएं का ग़ुबार उठता दिखाई दे रहा है.

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक शैंडोंग यूदाओ केमिकल फ़ैक्ट्री में राहत और बचाव के लिए 200 से अधिक इमरजेंसी रेस्क्यू कर्मचारियों को लगाया गया था.

कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, यहां कीटनाशकों और फ़ार्मास्यूटिकल्स का उत्पादन किया जाता था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 28 May 2025 06:09:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश: जमात&amp;ए&amp;इस्लामी के नेता अज़हर इस्लाम की मौत की सजा पलटी, रिहाई के आदेश</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-जमत-ए-इसलम-क-नत-अजहर-इसलम-क-मत-क-सज-पलट-रहई-क-आदश</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-जमत-ए-इसलम-क-नत-अजहर-इसलम-क-मत-क-सज-पलट-रहई-क-आदश</guid>
        <description>बांग्लादेश की एक अदालत ने जमात-ए-इस्लामी (बांग्लादेश) के नेता अज़हर इस्लाम को युद्ध अपराध के आरोप में दी गई मौत की सज़ा को पलट दिया है और उनकी तत्काल रिहाई के आदेश दिए है.

30 दिसंबर 2014 को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने बांग्लादेश के 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए अज़हर इस्लाम को मौत की सज़ा सुनाई थी.

सात सदस्यीय की अपीलीय पीठ ने उनकी मौत की सज़ा को पलटने और रिहाई का आदेश दिए. इस पीठ की अध्यक्षता बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश डॉ. सैयद रिफ़त अहमद ने की.

अदालत ने कहा है कि अगर अज़हर इस्लाम के ख़िलाफ़ कोई अन्य मामला नहीं है तो उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए.

जब अज़हर इस्लाम ने सज़ा के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की थी, तो अपीलीय प्रभाग ने 31 अक्तूबर 2019 को न्यायाधिकरण की दी गई सज़ा को बरकरार रखा था.

इसके बाद 19 जुलाई 2020 को, उन्होंने अपीलीय प्रभाग से संबंधित शाखा में एक पुनर्विचार याचिका दायर की.

इस याचिका पर ही मंगलवार को सुनवाई कर, उनकी तत्काल रिहाई का फ़ैसला सुनाया गया है.

इस फ़ैसले की घोषणा के बाद, जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश के नेता अमीर शफ़ीकुर रहमान ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित किया और इसे न्याय की जीत बताया.

उन्होंने कहा, हम बदला नहीं चाहते थे, बल्कि न्याय चाहते थे. यह फैसला साबित करता है कि सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 28 May 2025 06:09:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने अब कहा&amp; &amp;apos;आग से खेल रहे हैं व्लादिमीर पुतिन&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-अब-कह-आग-स-खल-रह-ह-वलदमर-पतन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-अब-कह-आग-स-खल-रह-ह-वलदमर-पतन</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से नाराज़गी ज़ाहिर की है और कहा है कि वो आग से खेल रहे हैं.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, व्लादिमीर पुतिन को ये अहसास नहीं हो रहा है कि अगर मैं न होता तो रूस के साथ बहुत सी बुरी चीज़ें हो जातीं और मेरा मतलब है वाकई बहुत बुरा. वो आग से खेल रहे हैं.

इससे पहले ट्रंप ने यूक्रेन पर रूस की लगातार बमबारी की वजह से पुतिन की आलोचना की थी और उन्हें सनकी बता दिया था.

उन्होंने पुतिन को सनकी बताते हुए लिखा, वह बेवजह बहुत से लोगों को मार रहे हैं, और मैं सिर्फ़ सैनिकों की बात नहीं कर रहा हूं. बिना किसी कारण के यूक्रेन के शहरों में मिसाइल और ड्रोन दागे जा रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 28 May 2025 06:09:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>संघर्षविराम में ट्रंप की कोई भूमिका नहीं, पाकिस्तान के अनुरोध पर रोका गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’: जयशंकर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सघरषवरम-म-टरप-क-कई-भमक-नह-पकसतन-क-अनरध-पर-रक-गय-ऑपरशन-सदर-जयशकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सघरषवरम-म-टरप-क-कई-भमक-नह-पकसतन-क-अनरध-पर-रक-गय-ऑपरशन-सदर-जयशकर</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 26 मई । विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को एक संसदीय समिति को बताया कि भारतीय सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) ने पाकिस्तान को उनके क्षेत्र में आतंकी शिविरों पर हवाई हमले करने के बाद ही उन्हें सूचित किया था।

जयशंकर ने यह भी कहा कि उन्होंने पाकिस्तान से कभी बात नहीं की और अमेरिका के कथित हस्तक्षेप के बारे में स्पष्ट किया कि सैन्य अभियान को रोकने का निर्णय पाकिस्तान की ओर से अनुरोध के बाद द्विपक्षीय रूप से लिया गया था।

मंत्री ने विदेश मामलों की सलाहकार समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को तभी रोका गया जब पाकिस्तान के डीजीएमओ ने इसे रोकने के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि दोनों के बीच अमेरिकी मध्यस्थता का कोई सवाल ही नहीं है।

कांग्रेस और राहुल गांधी, जयशंकर पर निशाना साधते हुए आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने आतंकी शिविरों पर भारतीय हमलों के बारे में पाकिस्तान को पहले ही सूचित कर दिया था।

सूत्रों ने बताया कि मंत्री ने बैठक में सांसदों को बताया कि केवल दोनों देशों के डीजीएमओ ने एक-दूसरे से बात की और किसी अन्य भारतीय अधिकारी ने पाकिस्तानी पक्ष से बात नहीं की।

उन्होंने कहा कि भारत से पाकिस्तान से बात करने का आग्रह करने वाले अमेरिका को बताया गया कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकती।

विदेश मंत्री ने बैठक के दौरान सांसदों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर को रोकने और अमेरिकी हस्तक्षेप के बारे में पूछे गए कई सवालों के जवाब में बताया कि डीजीएमओ ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष को सूचित किया था कि अगर वे गोलीबारी करेंगे, तो भारत जवाबी गोलीबारी करेगा।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकी शिविरों पर लक्षित हमलों ने पाकिस्तानी सेना के मनोबल को भी चोट पहुंचाई है। सूत्रों ने बताया कि मंत्री ने दुनिया भर में पाकिस्तान को बेनकाब करने में सभी सांसदों से सहयोग मांगा।

उन्होंने कहा कि यही कारण है कि सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के एकजुट संदेश को दुनिया के सामने रखने के लिए सांसदों के बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडलों को विभिन्न देशों में भेजा है।

जयशंकर ने एक्स पर विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए तस्वीरें साझा कीं।

मंत्री ने यह भी कहा, ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ भारत की शून्य-सहिष्णुता नीति पर चर्चा की। इस संबंध में एक मजबूत और एकजुट संदेश भेजने के महत्व को रेखांकित किया।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बैठक में सांसदों के समक्ष ऑपरेशन सिंदूर पर एक प्रस्तुति दी, जबकि बाद में जयशंकर ने प्रश्नों के उत्तर दिए।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 27 May 2025 05:52:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने यूरोप के साथ ट्रेड डील की मियाद बढ़ाई, बताई ये वजह</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-यरप-क-सथ-टरड-डल-क-मयद-बढई-बतई-य-वजह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-यरप-क-सथ-टरड-डल-क-मयद-बढई-बतई-य-वजह</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूरोपीय संघ के साथ टैरिफ़ पर बातचीत करने की मियाद बढ़ाने के लिए तैयार हो गए हैं. उन्होंने इसकी जानकारी अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर दी है.

ट्रंप ने बताया है कि वो यूरोपीय संघ के साथ टैरिफ़ पर बातचीत की डेडलाइन नौ जुलाई तक बढ़ाने के लिए तैयार हो गए हैं.

इससे पहले यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी रविवार को ट्रंप के साथ फ़ोन पर बात होने की जानकारी दी.

उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर लिखा, राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अच्छी बातचीत हुई. यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच दुनिया का सबसे अहम और घनिष्ठ व्यापारिक संबंध है. यूरोप तेज़ी से और निर्णायक रूप से बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है. किसी अच्छे समझौते पर पहुंचने के लिए हमें नौ जुलाई तक का समय चाहिए.

वहीं ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर जानकारी दी, आज मुझे यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का फ़ोन आया, जिसमें उन्होंने व्यापार और यूरोपीय संघ के संबंध में 50% टैरिफ़ को लेकर 1 जून की डेडलाइन आगे बढ़ाने की अपील की. मैंने डेडलाइन 9 जुलाई, 2025 तक बढ़ाने पर सहमति जताई.

पिछले महीने ट्रंप ने यूरोपीय संघ के ज़्यादातर सामान पर 20% टैरिफ़ लगाने की घोषणा की थी. बाद में बातचीत के लिए समय देते हुए टैरिफ़ की दर 8 जुलाई तक घटाकर 10% कर दी थी.

हालांकि, शुक्रवार को ट्रंप ने यूरोपीय संघ के साथ बातचीत की रफ़्तार पर निराशा जाहिर करते हुए 50% टैरिफ़ लगाने की धमकी दी थी, जिसके बाद अब बातचीत की डेडलाइन बढ़ाए जाने की ख़बर आई है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 27 May 2025 05:52:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पोप बनने के बाद क्या अब अमेरिकी नागरिक बने रह सकते हैं लियो?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पप-बनन-क-बद-कय-अब-अमरक-नगरक-बन-रह-सकत-ह-लय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पप-बनन-क-बद-कय-अब-अमरक-नगरक-बन-रह-सकत-ह-लय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 25 मई। अमेरिका में जन्मे कैथोलिक चर्च के पहले पोप लियो 14वें के अमेरिकी नागरिक बने रहने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

साल 1955 में शिकागो में रॉबर्ट प्रीवोस्ट के रूप में जन्मे, नए पोप के पास पिछले एक दशक से अमेरिका और पेरू की दोहरी नागरिकता है, जहां उन्होंने एक मिशनरी और बिशप के रूप में समय काम किया था।

पोप के रूप में, लियो कैथोलिक चर्च के शासी निकाय होली सी और एक स्वतंत्र राज्य वेटिकन सिटी दोनों के नेता के रूप में कार्य कर रहे हैं।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पोप विदेशी सरकार का नेतृत्व करते हुए अमेरिकी नागरिक बने रह सकते हैं? यहां लियो की नागरिकता के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं।

चर्च के अनुसार लियो दुनिया भर में लगभग 1.4 अरब कैथोलिकों के आध्यात्मिक नेता होने के अलावा उस देश के प्रमुख भी हैं जिसे दुनिया के सबसे छोटे देश के रूप में मान्यता प्राप्त है।

वेटिकन सिटी केवल 0.17 वर्ग मील (0.44 वर्ग किलोमीटर) में फैला है और इसकी आबादी एक हजार से कम है। 1929 में इटली और होली सी के बीच एक संधि के तहत यह एक स्वतंत्र देश बन गया था।

क्या लियो से उनकी अमेरिकी नागरिकता वापस ली जा सकती है?

विदेशी सरकारों के लिए काम करने वाले अमेरिकियों की नागरिकता अपने आप खत्म होने का खतरा नहीं होता।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि वह उन अमेरिकियों की नागरिकता की स्थिति की सक्रिय रूप से समीक्षा कर सकता है जो विदेशी राष्ट्र प्रमुख, सरकार के विदेशी प्रमुख या विदेश मंत्री हैं।

विदेश मंत्रालय ने पोप के मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एक प्रवक्ता ने कहा कि मंत्रालय व्यक्तियों की नागरिकता पर चर्चा नहीं करता।

टेम्पल यूनिवर्सिटी के विधि विभाग के प्रोफेसर और नागरिकता कानून के विशेषज्ञ पीटर स्पिरो ने कहा कि विदेशी नेताओं को अमेरिकी कानूनों से व्यापक छूट प्राप्त है, ऐसे में मुख्य मुद्दा यह है कि क्या विदेशी नेताओं को अमेरिकी नागरिकता रखनी चाहिए या नहीं।

उन्हें मिली छूट इस संवैधानिक सिद्धांत पर सवाल खड़े करती है कि कोई भी अमेरिकी नागरिक कानून से ऊपर नहीं होता।

हालांकि, अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने 1980 के एक फैसले में कहा था कि अमेरिकियों से तब तक उनकी नागरिकता वापस नहीं ली जा सकती जब तक कि वे स्वयं इसे त्याग न दें।

स्पिरो ने कहा, विदेश विभाग तब तक यह नहीं मानता कि आप अपनी नागरिकता छोड़ना चाहते हैं, जब तक कि आप विशेष रूप से त्यागने की प्रक्रिया के माध्यम से ऐसा नहीं कहते।

उन्होंने कहा कि यह दिखाना मुश्किल होगा कि पोप बनकर लियो ने अमेरिकी नागरिकता त्यागने का इरादा जाहिर किया है।

स्पिरो ने कहा, मुझे लगता है कि इसकी बहुत कम संभावना है कि अमेरिका पोप की नागरिकता समाप्त करने के लिए कदम उठाए।

इस तरह के दूसरे मामलों में क्या हुआ है, यह जानकार पोप की नागरिकता से जुड़े सवाल का जवाब तलाशा जा सकता है।

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का जन्म 1964 में ब्रिटिश माता-पिता के घर न्यूयॉर्क में हुआ था। उन्होंने युवावस्था में अमेरिका छोड़ दिया था और 2016 में ब्रिटिश विदेश मंत्री बनने के बाद उन्होंने अपनी अमेरिकी नागरिकता त्याग दी थी। जॉनसन तीन साल बाद प्रधानमंत्री बने थे।

मोहम्मद अब्दुल्लाही मोहम्मद को 2017 में सोमालिया का राष्ट्रपति चुना गया था, तब वह अमेरिका के नागरिक थे।

सोमालिया में जन्मे, मोहम्मद 1985 में अमेरिका चले गए थे और 1990 के दशक में अमेरिकी नागरिक बन गए थे। सोमालिया का राष्ट्रपति बनने के दो साल बाद मोहम्मद ने अपनी अमेरिकी नागरिकता छोड़ दी थी।

सोवियत काल में अपने परिवार के लिथुआनिया से भाग जाने के बाद वाल्दास एडमकस अमेरिकी नागरिक बन गए थे। सोवियत संघ के पतन के वर्षों बाद, वह 1998 में लिथुआनिया के राष्ट्रपति बने थे। निर्वाचित होने के बाद उन्होंने अपनी अमेरिकी नागरिकता त्याग दी थी।

ऐसे में पोप की नागरिकता से जुड़े सवाल का जवाब इन उदाहरणों के जरिए ढूंढा जा सकता है। पिछले उदाहरणों से साफ है कि इन नेताओं ने खुद अमेरिकी नागरिकता छोड़ी थी और अमेरिका की ओर से उन्हें नागरिकता छोड़ने के लिए नहीं कहा गया था।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 27 May 2025 05:52:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लिवरपूल में फुटबाल प्रशंसकों की भीड़ को वाहन के रौंदने के मामले में केवल चालक ही शामिल था: पुलिस</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लवरपल-म-फटबल-परशसक-क-भड-क-वहन-क-रदन-क-ममल-म-कवल-चलक-ह-शमल-थ-पलस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लवरपल-म-फटबल-परशसक-क-भड-क-वहन-क-रदन-क-ममल-म-कवल-चलक-ह-शमल-थ-पलस</guid>
        <description>लंदन, 27 मई। इंग्लैंड की प्रीमियर लीग चैंपियनशिप में लिवरपूल की फुटबाल टीम की जीत का जश्न मना रहे लोगों की भीड़ को कार से रौंदने की घटना में केवल 53 वर्षीय वाहन चालक शामिल था और इस मामले को आतंकवादी घटना के रूप में नहीं देखा जा रहा है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि सोमवार को हुई इस घटना में चार बच्चों समेत 45 से अधिक लोग घायल हुए हैं और चालक को गिरफ्तार किया जा चुका है।

नॉर्थ वेस्ट एयर एम्बुलेंस के डेव किचिन ने बतया कि 27 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हैं। उन्होंने बताया कि 20 अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं जिन्हें घटनास्थल पर ही उपचार मुहैया कराया गया।

सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक मिनीवैन को एक पैदल मुसाफिर को टक्कर मारते हुए लोगों की भीड़ में अंधाधुंध तरीके से घुसते हुए देखा जा सकता है।

प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने इस घटना को भयावह बताया और कहा कि उन्हें घटना के बारे में ताजा जानकारी दी जा रही है।

पुलिस ने संदिग्ध की पहचान एक श्वेत के रूप में की है। माना जा रहा है कि सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलने से रोकने के लिए यह जानकारी दी गई।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 27 May 2025 05:52:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ज़ेलेंस्की बोले&amp; अमेरिका और बाक़ी देशों की चुप्पी से पुतिन को मिलता है बढ़ावा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जलसक-बल-अमरक-और-बक-दश-क-चपप-स-पतन-क-मलत-ह-बढव</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जलसक-बल-अमरक-और-बक-दश-क-चपप-स-पतन-क-मलत-ह-बढव</guid>
        <description>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका और बाक़ी देशों की चुप्पी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन पर हमला जारी रखने के लिए बढ़ावा देती है.

ज़ेलेंस्की ने यह बात तब कही जब युद्ध का अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला हुआ, जिसमें रूस ने क़रीब 400 मिसाइलें और ड्रोन दागे. इस हमले में कम से कम 12 आम लोग मारे गए हैं.

जेलेंस्की ने कहा कि इस तरह की क्रूरता को तब तक नहीं रोका जा सकता जब तक रूस पर सख्त दबाव न डाला जाए.

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने कहा कि रात के हमले यह दिखाते हैं कि रूस यूक्रेन को पूरी तरह से खत्म करने पर तुला है. उन्होंने भी रूस पर और ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय दबाव डालने की मांग की है.

वहीं रूस और यूक्रेन के बीच अब तक की सबसे बड़ी युद्धबंदियों की अदला-बदली पूरी हो चुकी है.

रविवार सुबह दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को तीन सौ से थोड़े ज़्यादा सैनिक लौटाए. पिछले तीन दिनों में कुल दो हज़ार बंदी छोड़े जा चुके हैं.

यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि रूस की कै़द से लौटे ज़्यादातर लोगों को प्रताड़ित किया गया था, उन्हें खाना नहीं दिया गया और उन्हें ब्रेनवॉश किया गया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 26 May 2025 06:54:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बच्चे जिंदगी को दिशा देते हैं, पर खुशी घट जाती है : रिपोर्ट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बचच-जदग-क-दश-दत-ह-पर-खश-घट-जत-ह-रपरट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बचच-जदग-क-दश-दत-ह-पर-खश-घट-जत-ह-रपरट</guid>
        <description>यूरोप के 30 देशों में किए गए एक नए अध्ययन से सामने आया है कि माता-पिता अपने जीवन को भले ही अधिक अर्थपूर्ण और मूल्यवान मानते हैं, लेकिन वे अक्सर जीवन से कम संतुष्ट होते हैं।

डॉयचे वैले परविवेक कुमारकी रिपोर्ट-

क्या बच्चों का होना जीवन को बेहतर बनाता है? इस सवाल का जवाब शायद पहले जितना सरल नहीं रहा। जर्मनी के कोलोन विश्वविद्यालय द्वारा पूरे यूरोप में किए गए अध्ययन से पता चला है कि जिन लोगों के बच्चे हैं, वे अपने जीवन को ज्यादा अर्थपूर्ण और मूल्यवान तो मानते हैं, लेकिन उनके जीवन की कुल संतुष्टि अपेक्षाकृत कम है। यह अध्ययन यूरोप के 30 देशों में 43,000 से अधिक प्रतिभागियों पर आधारित है। इसे जर्नल ऑफ मैरिज एंड फैमिली में प्रकाशित किया गया है।

जरूरी नहीं कि संतोष मिले

शोधकर्ता डॉ. आंसगार हुडे कहते हैं कि जिनके बच्चे होते हैं, वे अपने जीवन को अधिक उद्देश्यपूर्ण मानते हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वे ज्यादा खुश या संतुष्ट हों। उन्होंने अपने अध्ययन में पाया कि कई बार माता-पिता बिना बच्चों वाले लोगों की तुलना में कम संतुष्ट पाए गए। यह विरोधाभास समाजशास्त्रियों के लिए महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला है, क्योंकि पारंपरिक रूप से माना जाता रहा है कि संतान जीवन में स्थायित्व और प्रसन्नता लाती है।

यह अध्ययन दो पहलुओं को केंद्र में रखकर किया गया। जीवन से संतुष्टि और जीवन में अर्थ का अहसास। शोध में पाया गया कि हालांकि माता-पिता अपने जीवन को अधिक सार्थक मानते हैं, लेकिन वे अपने दैनिक जीवन से उतने संतुष्ट नहीं होते। यह असंतोष विशेष रूप से महिलाओं में अधिक देखा गया, खासकर उन महिलाओं में जो अकेली मां हैं, कम उम्र की हैं, जिनकी शिक्षा कम है या जो उन देशों में रहती हैं जहां चाइल्डकेयर की सुविधाएं कमजोर हैं। डॉ। हुड्डे के अनुसार, जहां भी पैरेंटिंग अधिक कठिन होती है, वहां संतुष्टि की कीमत पर जीवन में अर्थ जुड़ता है।</description>
        <pubDate>Mon, 26 May 2025 06:54:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने कहा रूस पर और प्रतिबंध लगाएंगे, पुतिन पर जताई नाराज़गी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कह-रस-पर-और-परतबध-लगएग-पतन-पर-जतई-नरजग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कह-रस-पर-और-परतबध-लगएग-पतन-पर-जतई-नरजग</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन पर रूस की लगातार बमबारी को लेकर नाराज़गी ज़ाहिर की है. उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पूरी तरह से पागल हो गए हैं.

ट्रंप ने कहा है कि वो रूस के ख़िलाफ़ और प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं.

पुतिन को लेकर ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट किया, रूस के व्लादिमीर पुतिन के साथ मेरे हमेशा से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं, लेकिन उनको कुछ हुआ है. वह बिल्कुल पागल हो गए हैं! वह बेवजह बहुत से लोगों को मार रहे हैं, और मैं सिर्फ़ सैनिकों की बात नहीं कर रहा हूँ. बिना किसी कारण के यूक्रेन के शहरों में मिसाइल और ड्रोन दागे जा रहे हैं.

ट्रंप ने लिखा, मैंने हमेशा कहा है कि वह यूक्रेन का सिर्फ़ एक टुकड़ा नहीं, बल्कि पूरा यूक्रेन चाहते हैं, और शायद यह सही साबित हो रहा है, लेकिन अगर वह ऐसा करते हैं, तो इससे रूस का पतन हो जाएगा!

डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की को भी घेरा. उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की जिस तरह से बात करते हैं, उससे वह अपने देश का भला नहीं कर रहे हैं. उनके मुँह से निकलने वाली हर बात समस्याएँ पैदा करती है, मुझे यह पसंद नहीं है, और बेहतर होगा कि इसे रोक दिया जाए.

बता दें कि इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा था कि अमेरिका की चुप्पी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रोत्साहित कर रही है.

ट्रंप ने अपने पोस्ट में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी निशाना साधते हुए लिखा, यह एक ऐसा युद्ध है जो अगर मैं राष्ट्रपति होता तो कभी शुरू नहीं होता. यह ज़ेलेंस्की, पुतिन और बाइडन का युद्ध है, ट्रंप का नहीं, मैं सिर्फ़ एक बड़े संकट से निपटने में मदद कर रहा हूँ, जो घोर अक्षमता और नफ़रत के ज़रिए शुरू की गई है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 26 May 2025 06:54:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जर्मनी के हैम्बर्ग में चाक़ू से हमले में 17 घायल, एक महिला गिरफ़्तार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जरमन-क-हमबरग-म-चक-स-हमल-म-17-घयल-एक-महल-गरफतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जरमन-क-हमबरग-म-चक-स-हमल-म-17-घयल-एक-महल-गरफतर</guid>
        <description>उत्तरी जर्मनी के हैम्बर्ग सेंट्रल स्टेशन पर शुक्रवार को एक महिला ने चाक़ू से जानलेवा हमला कर दिया. स्थानीय समयानुसार क़रीब शाम छह बजे हुए इस हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

हैम्बर्ग अग्निशमन विभाग ने बताया है कि इस हमले में 17 लोग घायल हुए हैं, जबकि पुलिस ने कहा है कि उनके पास अभी तक इस घटना में घायलों का स्पष्ट आंकड़ा नहीं आया है.

हैम्बर्ग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से ही 39 वर्षीय जर्मन महिला को गिरफ़्तर कर लिया.

हैम्बर्ग अग्निशमन विभाग के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि 17 लोग घायल हुए हैं और उनमें से कुछ की जानलेवा चोटें आई हैं.

एक्स पर एक पोस्ट में हैम्बर्ग पुलिस ने कहा कि कई लोग घायल हो गए हैं. पुलिस ने कहा कि संदिग्ध ने अकेले ही इस घटना का अंजाम दिया, उसका कोई राजनीतिक मक़सद नहीं था.

पुलिस प्रवक्ता फ्लोरियन अबेंसेथ ने कहा, उन्हें लगता है कि वह शायद मानसिक रूप से परेशान थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 24 May 2025 10:38:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण अफ्रीका में सोने की खदान में फंसे 260 श्रमिकों को बचाने के लिए प्रयास जारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-अफरक-म-सन-क-खदन-म-फस-260-शरमक-क-बचन-क-लए-परयस-जर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-अफरक-म-सन-क-खदन-म-फस-260-शरमक-क-बचन-क-लए-परयस-जर</guid>
        <description>जोहानिसबर्ग, 23 मई। दक्षिण अफ्रीका में सोने की एक खान में फंसे 260 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर लाने के लिए प्रयास जारी हैं। खान कंपनी सिबान्ये स्टिलवाटर ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि खान की स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद यह तय किया गया कि कर्मचारियों को उस समय तक वहीं रहना चाहिए जब तक उन्हें ऊपर लाने की सुरक्षित व्यवस्था नहीं हो जाए।

खदान श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन नेशनल यूनियन ऑफ माइनवर्कर्स (एनयूएम) ने कहा कि खनिक करीब 24 घंटे से अंदर फंसे हुए हैं और कंपनी उन्हें ऊपर लाने के अनुमानित समय में बार-बार बदलाव कर रही है

एनयूएम के एक प्रवक्ता ने कहा, हम इस बात को लेकर बहुत चिंतित हैं कि कंपनी ने इस घटना को तब तक सार्वजनिक नहीं किया जब तक हमने मीडिया को इसकी सूचना नहीं दी।

कंपनी ने हालांकि कहा कि सभी खनिक सुरक्षित हैं और उन्हें शुक्रवार को सुरक्षित ऊपर लाए जाने की उम्मीद है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 24 May 2025 10:38:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>आईफोन अमेरिका में नहीं बने तो लगेगा 25 प्रतिशत आयात शुल्क: ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/आईफन-अमरक-म-नह-बन-त-लगग-25-परतशत-आयत-शलक-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/आईफन-अमरक-म-नह-बन-त-लगग-25-परतशत-आयत-शलक-टरप</guid>
        <description>वाशिंगटन, 23 मई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि अगर स्मार्टफोन आईफोन का विनिर्माण अमेरिका में नहीं किया जाता है तो वे इसकी कंपनी एप्पल के उत्पादों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाएंगे।

ट्रंप ने यह चेतावनी सोशल मीडिया पर दी है। अगर ऐसा होता है तो आईफोन की कीमत में नाटकीय रूप से वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही अमेरिका की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक एप्पल की बिक्री और मुनाफा प्रभावित हो सकता है।

कंपनी अब अमेजन, वॉलमार्ट और अन्य प्रमुख कंपनियों में शामिल हो गई है जो व्हाइट हाउस के निशाने पर हैं। ये कंपनियां ट्रंप द्वारा लगाए जा रहे आयात शुल्क से उत्पन्न अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के दबाव का जवाब देने की कोशिश कर रही हैं।

ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा, मैंने बहुत पहले ही एप्पल के टिम कुक को बता दिया था कि मुझे उम्मीद है कि अमेरिका में बेचे जाने वाले उनके आईफोन का विनिर्माण यहीं किया जाएगा, न कि भारत में या किसी अन्य स्थान पर।

उन्होंने कहा, यदि ऐसा नहीं है, तो एप्पल को अमेरिका को कम से कम 25 प्रतिशत शुल्क का भुगतान करना होगा।

कंपनी मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) टिम कुक के नेतृत्व में एप्पल, चीन पर ट्रंप के शुल्क के जवाब में, आपूर्ति शृंखलाओं को समायोजित करने के लिए आईफोन विनिर्माण को भारत में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही थी। यह योजना अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए निराशा लेकर आई है, जिन्होंने पिछले सप्ताह अपने पश्चिम एशिया के दौरे पर भी इस पर बात की थी।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 24 May 2025 10:38:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में दावा, &amp;apos;उत्तर कोरिया की रणनीतिक स्थिति हुई काफी मजबूत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-खफय-रपरट-म-दव-उततर-करय-क-रणनतक-सथत-हई-कफ-मजबत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-खफय-रपरट-म-दव-उततर-करय-क-रणनतक-सथत-हई-कफ-मजबत</guid>
        <description>वाशिंगटन, 24 मई । उत्तर कोरिया इस समय पिछले कई दशकों की तुलना में अपनी सबसे मजबूत स्थिति में है। इसकी वजह यह है कि उत्तर कोरिया लगातार उन्नत हथियार बना रहा है, जो उत्तर-पूर्व एशिया और अमेरिका की मुख्य भूमि में अमेरिकी सेना और उसके सहयोगी देशों के लिए खतरा बन सकते हैं। अमेरिका के रक्षा विभाग की खुफिया एजेंसी (डीआईए) ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट का नाम है 2025 वर्ल्डवाइड थ्रेट असेसमेंट यानी 2025 वैश्विक खतरे का आकलन। इसमें उत्तर कोरिया, चीन, रूस, ईरान और अन्य देशों या संगठनों से उत्पन्न होने वाले सुरक्षा खतरों के बारे में जानकारी दी गई है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु और मिसाइल खतरों को लेकर चिंता बढ़ रही है। साथ ही, पिछले साल जून में रूस और उत्तर कोरिया के बीच हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य रिश्तों को लेकर भी चिंता जताई गई है।</description>
        <pubDate>Sat, 24 May 2025 10:38:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ्लाइट के दौरान सिगरेट जलाने पर ब्रिटनी स्पीयर्स को चेतावनी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फलइट-क-दरन-सगरट-जलन-पर-बरटन-सपयरस-क-चतवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फलइट-क-दरन-सगरट-जलन-पर-बरटन-सपयरस-क-चतवन</guid>
        <description>लॉस एंजेलिस, 24 मई । पॉप आइकन ब्रिटनी स्पीयर्स को उनके व्यवहार के लिए उड़ान के दौरान फटकार लगाई गई है। पीपुल डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, कई स्रोतों ने पुष्टि की है कि अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ काबो सान लुकास से लॉस एंजिल्स की यात्रा के दौरान गायिका ने शराब पी रखी थी और उड़ान के दौरान सिगरेट जलाई थी। सिंगर की ओर से संघीय विमानन नियमों का उल्लंघन किया गया है। सिंगर के इस बर्ताव से चार्टर प्लेन में मौजूद फ्लाइट अटेंडेंट घबरा गए, क्योंकि विमान में धूम्रपान करना वर्जित होता है। फ्लाइट अटेंडेंट की ओर से बताया गया कि स्पीयर्स ने सिगरेट बुझा दी। फिर भी, उड़ान के बीच में ही अधिकारियों से संपर्क किया गया।</description>
        <pubDate>Sat, 24 May 2025 10:38:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका: रिहायशी इलाके में गिरा विमान, कई घरों में लगी आग</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-रहयश-इलक-म-गर-वमन-कई-घर-म-लग-आग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-रहयश-इलक-म-गर-वमन-कई-घर-म-लग-आग</guid>
        <description>अमेरिका के सैन डिएगो में गुरुवार की सुबह एक प्लेन क्रैश हो गया. ये दुर्घटना एक रिहायशी इलाके में हुई, जिसके बाद कई घरों और कारों में आग लग गई.

स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि गुरुवार की सुबह कोहरे के कारण सैन डिएगो के मर्फी कैन्यन इलाके में एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

इस दुर्घटना में लगभग 15 घरों में आग लग गई. कई ब्लॉकों में रहने वाले अन्य लोगों को घर खाली करना पड़ा है.

अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इस दुर्घटना में कोई घायल हुआ है या नहीं, या विमान में कौन सवार था.

फेडरल एविएशन अथॉरिटी का कहना है कि जो विमान क्रैश हुआ है, उस मॉडल के विमान में छह से आठ पैसेंजर सवार हो सकते हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 23 May 2025 07:56:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मलेरिया की रोकथाम के लिए वैज्ञानिकों ने खोजा नायाब तरीका</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मलरय-क-रकथम-क-लए-वजञनक-न-खज-नयब-तरक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मलरय-क-रकथम-क-लए-वजञनक-न-खज-नयब-तरक</guid>
        <description>जेम्स गैलाघर और फ़िलिपा रॉक्सबी

अमेरिकी शोधकर्ताओं का कहना है कि मच्छरों में संक्रमण ख़त्म करने के लिए उन्हें मलेरिया की दवाएं देनी चाहिए ताकि वे इस बीमारी को और फैला न सकें.

मादा मच्छरों के काटने से मलेरिया के पैरासाइट्स यानी परजीवी इंसान के शरीर में प्रवेश करते हैं. इस बीमारी से हर साल दुनिया भर में छह लाख लोगों की मौत होती है, जिनमें अधिकतर बच्चे होते हैं.

मच्छरों में मलेरिया के परजीवियों को ख़त्म करने के बजाय पेस्टिसाइड्स यानी कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है.

लेकिन हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने ऐसी दो दवाएं खोजी हैं जो मच्छरों को ही मलेरिया परजीवियों से मुक्त कर सकती हैं. साथ ही मच्छरदानियों पर इन दोनों दवाओं के मिश्रण का कोट चढ़ाने का एक दीर्घकालिक लक्ष्य रखा गया है.

केमिकल प्रतिरोधी हो चुके मच्छरों का इलाज

मलेरिया से बचने का सबसे कारगर उपाय है मच्छरदानी का इस्तेमाल. रात में ही मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों से यह बचाता है.

हाई रिस्क मलेरिया वाले इलाक़ों में रह रहे बच्चों को बचाने के लिए वैक्सीन के इस्तेमाल का भी सुझाव दिया जाता है.

कुछ मच्छरदानियों पर इनसेक्टिसाइड भी लगाए जाते हैं जो मच्छरों को मार देते हैं.

लेकिन कई देशों में इन इनसेक्टिसाइड से मच्छर रेज़िस्टेंट हो चुके हैं और केमिकल अब पहले की तरह उतने असरदार नहीं रह गए हैं.

हार्वर्ड की रिसर्चर डॉ. एलेक्जेंड्रा प्रोबस्ट कहती हैं, इससे पहले हमने मच्छरों में सीधे परजीवियों को मारने की कोई कोशिश नहीं की थी क्योंकि हम बस मच्छरों को ही मार रहे थे.

हालांकि वह कहती हैं कि वो नज़रिया अब काम नहीं कर रहा.

मच्छरों पर दवा के प्रयोग से पहले शोधकर्ता इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि मलेरिया के डीएनए में संभावित कमज़ोर पक्ष क्या हो सकते हैं.

ट्रायल पूरा होने में कितना समय लगेगा?

सही दवा खोजने के लिए शोधकर्ताओं ने संभावित दवाइयों की एक लंबी सूची बनाई और उनमें से 22 को चुना. इसके बाद उन मादा मच्छरों पर इनका ट्रायल किया गया जिनमें मलेरिया के परजीवी थे.</description>
        <pubDate>Fri, 23 May 2025 07:56:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख यूनुस इस्तीफा देने पर कर रहे विचार: खबर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-अतरम-सरकर-क-परमख-यनस-इसतफ-दन-पर-कर-रह-वचर-खबर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-अतरम-सरकर-क-परमख-यनस-इसतफ-दन-पर-कर-रह-वचर-खबर</guid>
        <description>ढाका, 23 मई। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि देश में बदलाव लाने के लिए राजनीतिक दलों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण उन्हें काम करना मुश्किल लग रहा है। एक खबर में यह दावा किया गया।

बीबीसी बांग्ला सेवा ने छात्रों के नेतृत्व वाली नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख नाहिद इस्लाम के हवाले से कहा कि यूनुस देश में उभरते राजनीतिक हालात को लेकर चिंतित हैं और उन्हें आशंका है कि वह अपना काम जारी रख पाएंगे या नहीं।

देश में संसदीय चुनाव कराने की संभावित समयसीमा को लेकर सेना और अंतरिम सरकार के बीच कुछ असहमति की भी खबरें हैं।

इस्लाम ने यूनुस के देश के मुख्य सलाहकार पद से इस्तीफे पर विचार करने की बात कही, लेकिन इस खबर पर यूनुस के कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक वक्तव्य जारी नहीं किया गया या इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है।

इस्लाम ने बीबीसी से कहा कि यूनुस ने कहा, मुझे बड़े विद्रोह के बाद देश में बदलाव और सुधार लाने के लिए यहां लाया गया था। लेकिन मौजूदा हालात में आंदोलनों की ओर से बढ़ते दबाव और जिस तरह से मुझे दरकिनार किया जा रहा है, मैं काम नहीं कर सकता। सभी राजनीतिक दल सहमति पर पहुंचने में विफल रहे हैं।

इस्लाम के मुताबिक, उन्होंने यूनुस से कहा कि देश की सुरक्षा और भविष्य के लिए मजबूत बने रहें और जन-विद्रोह की उम्मीदों पर खरा उतरें।

उनके मुताबिक, उन्होंने मुख्य सलाहकार से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राजनीतिक दल एकजुट होकर उनके साथ सहयोग करेंगे और मुझे उम्मीद है कि हर कोई उनके साथ सहयोग करेगा।

इस्लाम पिछले साल जुलाई में हुए छात्रों के आंदोलन की अगुवाई करने वाले संगठन स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन के एक प्रमुख समन्वयक थे। इस आंदोलन के कारण ही तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देना पड़ा था।

पिछले दो दिन में यूनुस की सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है जिनमें अंतरिम कैबिनेट के अंदर बढ़ता तनाव भी है।

अंतरिम सरकार ने 12 मई को शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार को रातोंरात संशोधित एक आतंकवाद निरोधक कानून के तहत आधिकारिक रूप से भंग कर दिया था। इससे दो दिन पहले ही अंतरिम सरकार ने कानून के पिछले संस्करण के तहत पार्टी की गतिविधियों पर रोक लगा दी थी।

राजनीतिक दल यूनुस पर अगले चुनाव की तारीख घोषित करने का दबाव डाल रहे हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 23 May 2025 07:56:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>वो इसराइली और फ़लस्तीनियों, दोनों से प्यार करती थी: अमेरिका में मारी गईं सारा मिलग्रिम के पिता ने कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/व-इसरइल-और-फलसतनय-दन-स-पयर-करत-थ-अमरक-म-मर-गई-सर-मलगरम-क-पत-न-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/व-इसरइल-और-फलसतनय-दन-स-पयर-करत-थ-अमरक-म-मर-गई-सर-मलगरम-क-पत-न-कह</guid>
        <description>अमेरिका में इसराइली दूतावास की अधिकारी सारा मिलग्रिम के पिता रॉबर्ट ने बीबीसी के अमेरिकी मीडिया पार्टनर सीबीएस न्यूज़ को बताया कि उनकी बेटी को इसराइल से और मिडिल ईस्ट में रहने वाले सभी लोगों से प्यार था.

उन्होंने कहा, सारा ने लंबा वक़्त इसराइल में बिताया और वो फ़लस्तीनियों और इसराइली लोगों को एक दूसरे के क़रीब लाने की दिशा में काम कर रही थीं.

रॉबर्ट ने बताया कि, दो मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद इसराइली एंबेसी में ये उनकी पहली नौकरी थी. उनके बहुत सारे फ़लस्तीनी दोस्त थे. और इसराइली दोस्त भी थे.

आज अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में एक यहूदी संग्रहालय के बाहर इसराइली दूतावास की कर्मचारी सारा मिलग्रिम और यारोन लिशेंस्की की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

इस संबंध में हिरासत में लिए गए संदिग्ध 30 साल के एलियास रोड्रिगेज़ को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा.

पुलिस ने बताया है कि हमलावर आज़ाद फ़लस्तीन के नारे लगा रहा था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 23 May 2025 07:56:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जनरल मुनीर को खुद को फील्ड मार्शल की जगह ‘‘राजा’’ की उपाधि देनी चाहिए थी: इमरान खान का तंज</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जनरल-मनर-क-खद-क-फलड-मरशल-क-जगह-रज-क-उपध-दन-चहए-थ-इमरन-खन-क-तज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जनरल-मनर-क-खद-क-फलड-मरशल-क-जगह-रज-क-उपध-दन-चहए-थ-इमरन-खन-क-तज</guid>
        <description>लाहौर, 23 मई । पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर तंज करते हुए कहा है कि उन्हें खुद को फील्ड मार्शल के बजाय राजा की उपाधि देनी चाहिए थी क्योंकि पाकिस्तान में इस वक्त जंगलराज है और जंगल में केवल एक ही राजा होता है।

जनरल मुनीर को भारत के साथ हालिया संघर्ष में उनकी भूमिका के लिए मंगलवार को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया गया। वह देश के इतिहास में इस पद पर पदोन्नत होने वाले दूसरे शीर्ष सैन्य अधिकारी बन गए हैं।

जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री खान ने बृहस्पतिवार को एक्स पर लिखा,  माशाअल्लाह, जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया गया है। हालांकि ज्यादा अच्छा तो यह होता कि उन्हें राजा की उपाधि दी जाती क्योंकि अभी देश में जंगलराज है और जंगल में केवल एक ही राजा होता है।

अगस्त 2023 से कई मामलों में जेल में बंद खान ने यह भी कहा कि उनके साथ किसी समझौते की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। उन्होंने कहा,  कोई डील नहीं हुई है और न ही कोई बातचीत हो रही है। ये निराधार बाते हैं।

हालांकि, उन्होंने खुले तौर पर सैन्य अधिकारियों को आमंत्रित किया कि अगर वे वास्तव में पाकिस्तान के हितों और भविष्य की परवाह करते हैं तो उनके साथ बातचीत कर सकते हैं।

खान ने कहा,  देश बाहरी खतरों, आतंकवाद में वृद्धि और आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। हमें एकजुट होना चाहिए। मैंने पहले कभी अपने लिए कुछ नहीं मांगा और न ही अब मांगूंगा।

खान ने शहबाज शरीफ सरकार को भारत के एक और हमले के बारे में भी आगाह किया और कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को ऐसा स्थान बना दिया गया है जहां कानून केवल कमजोर लोगों पर लागू होता है शक्तिशाली लोगों पर नहीं।

खान ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में पाकिस्तान का नैतिक और संवैधानिक ढांचा पूरी तरह नष्ट हो गया है।

उन्होंने कहा,  तोशाखाना-2 मामले में हास्यास्पद सुनवाई फिर से शुरू की गई है। जेल की तरह ही अदालती कार्यवाही भी एक कर्नल की इच्छा से तय की जाती है। मेरी बहनों और वकीलों को अदालत में आने से रोका जा रहा है। मेरे साथियों को मुझसे मिलने की अनुमति नहीं है, मुझे महीनों से अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा है यहां तक ​​कि मेरी किताबें भी नहीं पहुंचाई जा रही हैं और मुझे मेरे चिकित्सक से भी मिलने नहीं दिया जा रहा है। यह अदालती आदेशों और कानूनों का लगातार उल्लंघन है।

खान ने कहा कि उन्हें खैबर पख्तूनख्वा के क्षेत्रों में ड्रोन हमलों के बारे में जानकारी मिली है और उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा सरकार को संघीय सरकार के समक्ष आधिकारिक रूप से विरोध दर्ज कराने तथा इन ड्रोन हमलों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा,  ड्रोन हमलों में निर्दोष नागरिकों की हत्या आतंकवाद को कम नहीं करती बल्कि इससे आतंकवाद को बढ़ावा ही मिलता है। वर्षों के संघर्ष के बाद हम पाकिस्तान में अमेरिकी ड्रोन अभियानों को रोकने में सफल हुए हैं। अगर आप आतंकवाद के खिलाफ होने का दावा करते हैं तो अपने ही लोगों के घरों पर बम न गिराएं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 23 May 2025 07:56:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को लेकर सरकार ने किया बड़ा फ़ैसला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-सन-परमख-आसम-मनर-क-लकर-सरकर-न-कय-बड-फसल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-सन-परमख-आसम-मनर-क-लकर-सरकर-न-कय-बड-फसल</guid>
        <description>पाकिस्तान सरकार ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को अब फ़ील्ड मार्शल बनाने का फ़ैसला किया है.

साथ ही पाकिस्तानी सरकार ने एयर चीफ़ मार्शल ज़हीर अहमद बाबर सिद्धू का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी उन्हें पाकिस्तानी वायु सेना के प्रमुख के पद पर बनाए रखने का फ़ैसला लिया है.

ये दोनों फ़ैसले प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए.

प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है, जनरल आसिम मुनीर को यह पदोन्नति उनके बहादुर नेतृत्व, रणनीतिक सोच और भारत के ख़िलाफ़ चलाए गए सैन्य अभियान में निभाई गई अहम भूमिका के कारण दी गई है.

बयान में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इस फै़सले से पहले राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात कर उन्हें भरोसे में लिया था.

पाकिस्तान सरकार के इस फ़ैसले पर जनरल आसिम मुनीर ने कहा, मैं यह सम्मान पूरे देश, पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं, विशेषकर नागरिक और सैन्य शहीदों और दिग्गजों को समर्पित करता हूं.

मैं पाकिस्तान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के विश्वास के लिए आभारी हूं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 21 May 2025 10:11:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस&amp;यूक्रेन जंग रोकने के लिए वेटिकन की मध्यस्थता का इटली ने किया समर्थन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-जग-रकन-क-लए-वटकन-क-मधयसथत-क-इटल-न-कय-समरथन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-जग-रकन-क-लए-वटकन-क-मधयसथत-क-इटल-न-कय-समरथन</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए ​वेटिकन की मध्यस्थता का सुझाव दिया है. इसका इटली ने भी समर्थन किया है.

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के कार्यालय ने कहा है कि इटली यूक्रेन में संपर्क बनाने और शांति की दिशा में काम करने के लिए तैयार है. और वह पोप के वेटिकन में वार्ता की मेज़बानी की इच्छा को सकारात्मक रूप से देखता है.

हालांकि इस बात पर अभी सहमति नहीं बन पाई है.

पिछले शुक्रवार को तुर्की में रूसी और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच बैठक हुई. इस बैठक में रूस ने कई नई मांगी रखीं.

पोप लियो ने पिछले सप्ताह कहा था कि वेटिकन हर समय दोनों देशों को एक साथ लाने के लिए तैयार है और वह शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा.

लेकिन वेटिकन का कहना है कि ट्रंप ने मध्यस्थता का जो सुझाव दिया था वह फिलहाल एक विकल्प और आशा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 21 May 2025 10:11:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>निर्वासन मामले में ट्रंप प्रशासन को फेडरल जज की चेतावनी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नरवसन-ममल-म-टरप-परशसन-क-फडरल-जज-क-चतवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नरवसन-ममल-म-टरप-परशसन-क-फडरल-जज-क-चतवन</guid>
        <description>-अली अब्बास अहमदी

अमेरिका की फेडरल अदालत के एक जज ने प्रवासी नागरिकों को ​दक्षिण सूडान भेजने पर ट्रंप प्रशासन पर अवमानना की चेतावनी दी है.

न्यायाधीश ब्रायन मर्फी ने कहा कि निष्कासन उनके पिछले महीने के आदेश का उल्लंघन है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सरकार पर प्रवासियों को सुनवाई का उचित अवसर दिए बिना ही तीसरे देशों में भेजने पर रोक लगा दी थी.

न्यायाधीश मर्फ़ी को दिए गए आवेदन में वकीलों ने कहा कि म्यांमार और वियतनाम के नागरिकों सहित एक दर्जन लोगों को लेकर एक विमान मंगलवार को दक्षिण सूडान में उतरा था.

दक्षिण सूडान विश्व के सबसे गरीब देशों में से एक है तथा हाल के सालों में संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता से ग्रस्त रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 21 May 2025 10:11:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा में लोगों तक नहीं पहुंची सहायता, संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने जताई चिंता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-लग-तक-नह-पहच-सहयत-सयकत-रषटर-समत-कई-दश-न-जतई-चत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-लग-तक-नह-पहच-सहयत-सयकत-रषटर-समत-कई-दश-न-जतई-चत</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र ने बताया है कि 11 सप्ताह की नाकेबंदी के बाद ग़ज़ा में सहायता सामग्री पहुंच तो गई है, लेकिन अभी तक इसका वितरण नहीं हो पाया है.

इसराइली अधिकारियों ने बताया है, सुरक्षा जांच के बाद मंगलवार को 93 सहायता ट्रक ग़ज़ा पट्टी में प्रवेश कर गए.

वहीं संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यालय का कहना है कि सहायता सामग्री को केवल फ़लस्तीनी सीमा तक ही पहुंचाया गया है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ग़ज़ा में उसकी टीम ने मंगलवार को क्रॉसिंग तक पहुंचने और सहायता सामग्री प्राप्त करने के लिए घंटों इंतज़ार किया, लेकिन इसराइली सेना ने अभी तक इसकी अनुमति नहीं दी है.

यह बयान ऐसे समय में आया है जब ग़ज़ा में भुखमरी की चेतावनी के बीच नागरिकों तक सहायता पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है.

इसराइली सेना का कहना है कि इस सहायता में बेकरी के लिए आटा, शिशु आहार, चिकित्सा उपकरण और दवाएं शामिल हैं.

सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा गया है, आईडीएफ ग़ज़ा पट्टी में मानवीय सहायता उपलब्ध कराना जारी रखेगा और यह सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास करेगा कि यह सहायता आतंकवादी संगठन हमास के हाथों में न पहुंचे.

सोशल मीडिया पर ग़ज़ा के लोगों को संबोधित एक अन्य संदेश में इसराइली सेना के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने कहा, हम वे नहीं हैं जिन्होंने आपको भोजन, घर और धन से वंचित किया है. युद्ध शुरू करने के लिए हमास जिम्मेदार है. नागरिकों की इस दशा के लिए भी वह जिम्मेंदार है, उसने विनाश लाया है और वह निर्माण करने वाला नहीं है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 21 May 2025 10:11:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा में 20 लाख लोगों को खाने की कमी&amp; डब्ल्यूएचओ</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-20-लख-लग-क-खन-क-कम-डबलयएचओ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-20-लख-लग-क-खन-क-कम-डबलयएचओ</guid>
        <description>विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने चेतावनी दी है कि ग़ज़ा में 20 लाख लोग भुखमरी जैसे हालातों का सामना कर रहे हैं.

डब्ल्यूएचओ महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने सोमवार को दुनियाभर से आए डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित किया.

उन्होंने कहा, इसराइल की नाकेबंदी, जगहों को खाली करवाने के आदेश और मानवीय सहायता के लिए कम होती जगह ने ग़ज़ा के पहले से ही कमजोर स्वास्थ्य तंत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है.

उन्होंने चेतावनी दी, लोग ऐसी बीमारियों से मर रहे हैं जिनका इलाज आसानी से किया जा सकता है, लेकिन ज़रूरी दवाएं बॉर्डर पर फंसी हुई हैं.

डब्ल्यूएचओ महानिदेशक ने यह भी बताया कि साल 2023 से अब तक डब्ल्यूएचओ ने ग़ज़ा से 7,300 से ज़्यादा मरीज़ों को बाहर निकाला है, लेकिन अभी भी 10,000 से ज़्यादा लोगों को मदद की ज़रूरत है ताकि उन्हें ग़ज़ा से बाहर इलाज के लिए ले जाया जा सके.

इसी के साथ इसराइल ने सोमवार को कहा है कि वह ग़ज़ा में ज़रूरी मात्रा में भोजन ले जाने की मंज़ूरी देगा, ताकि 10 हफ़्ते की नाकाबंदी के बाद वहां भुखमरी का संकट न पैदा हो.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 20 May 2025 11:30:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार तीन दिन के चीन दौरे के लिए रवाना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-वदश-मतर-इसहक-डर-तन-दन-क-चन-दर-क-लए-रवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-वदश-मतर-इसहक-डर-तन-दन-क-चन-दर-क-लए-रवन</guid>
        <description>पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक़ डार अपनी तीन दिन की चीन यात्रा के लिए सोमवार को रवाना हुए.

इस यात्रा के दौरान इसहाक़ डार चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ-साथ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख सदस्यों सहित दूसरे वरिष्ठ चीनी नेताओं से मुलाकात करेंगे.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक ये बैठकें क्षेत्रीय विकास और पाकिस्तान-चीन संबंधों के कई आयामों पर केंद्रित होंगी.

इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से प्रेस रिलीज़ जारी कर कहा गया था कि चीन ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री इसहाक़ डार को तीन दिन के दौरे के लिए आमंत्रित किया है.

इसहाक़ डार 19 मई से 21 मई तक चीन का दौरा करेंगे. इस दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ दक्षिण एशिया की स्थिति पर गहन चर्चा करेंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 19 May 2025 08:58:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप पर बरसे ईरानी सर्वोच्च नेता, बताया उन्हें झूठा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-पर-बरस-ईरन-सरवचच-नत-बतय-उनह-झठ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-पर-बरस-ईरन-सरवचच-नत-बतय-उनह-झठ</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का मध्य पूर्व दौरा पूरा होने के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खमेनेई ने कहा है कि अमेरिका को इस क्षेत्र से जाना ही होगा. उन्होंने ट्रंप पर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया.

डॉयचे वैले पर अशोक कुमारका लिखा-

खमेनेई ने शनिवार को टीवी पर प्रसारित अपने संदेश में कहा, क्षेत्र के देशों के दृढ़ संकल्प को देखते हुए अमेरिका को इस क्षेत्र से जाना पड़ेगा और वह जाएगा.

ईरानी नेता का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति का मध्य पूर्व दौरा खत्म होने के एक दिन बाद आया है. इस दौरे में ट्रंप सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात गए, जहां ना सिर्फ आपसी सहयोग को मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई बल्कि खरबों डॉलर के समझौते भी हुए.

साथ ही ट्रंप ने अपनी इस यात्रा में ईरानी नेतृत्व की कड़ी आलोचना करते हुए ईरानी तेल के निर्यात को जीरो करने की धमकी भी दी. उन्होंने मंगलवार को सऊदी इंवेस्टमेंट फोरम में कहा, ईरानी नेताओं का ध्यान अपने लोगों की संपदा को चुकाकर विदेशों में आतंकवाद और खून खराबे के लिए धन मुहैया कराने पर रहा है. संयुक्त अरब अमीरात से रवाना होने के एक दिन बाद ट्रंप ने अपने विशेष विमान एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से कहा कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अमेरिकी प्रस्ताव पर तेजी से कदम उठाना होगा, या कुछ बहुत बुरा होने जा रहा है.

अमेरिकी मॉडल नाकाम

ट्रंप के किसी खास बयान की तरफ इशारा किए बगैर खमेनेई ने कहा कि ट्रंप की कुछ टिप्पणियां शर्मिंदगी का स्रोत और जबाव देने लायक भी नहीं हैं. उन्होंने कहा, कुछ बातों का स्तर इतना नीचा है कि वे खुद उन्हें कहने वाले के लिए शर्मिंदगी का स्रोत हैं और अमेरिकी जनता को शर्मिंदा करती हैं.

उन्होंने ट्रंप की इस बात को झूठ करार दिया कि वह युद्ध में झुलस रहे गाजा में शांति कायम करना चाहते हैं. खमेनेई ने कहा, ट्रंप ने दावा किया कि वह अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर शांति हासिल करना चाहते हैं. उन्होंने, अमेरिकी अधिकारियों ने और अमेरिकी प्रशासनों ने अपने शक्ति का इस्तेमाल गाजा में नरसंहार का समर्थन करने के लिए किया है, युद्ध शुरू करने के लिए किया है, जहां भी वे कर सकते थे और भाड़े के कातिलों का समर्थन करने के लिए किया है.
खमेनेई ने आरोप लगाया कि अमेरिका खाड़ी देशों को अपने ऊपर निर्भर बनाए रखना चाहता है. उन्होंने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इन अरब देशों के सामने एक मॉडल पेश किया है. एक मॉडल, जिसका मतलब खुद उनके अपने शब्दों में है कि अमेरिका के बिना ये देश 10 दिन भी नहीं टिक सकते.

ईरानी नेता ने इस मॉडल को नाकाम बताते हुए कहा, अब भी, अपने सौदों, अपने व्यवहार और अपने प्रस्तावों के जरिए अमेरिकी इसी मॉडल को आगे बढ़ा रहे हैं और लागू कर रहे हैं, ऐसा मॉडल जो इन देशों को इस कदर निर्भर बनाता है कि वे अमेरिकी समर्थन के बिना अस्तित्व में नहीं रह सकते हैं.</description>
        <pubDate>Mon, 19 May 2025 08:58:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की &amp;apos;अवैध संपत्तियों&amp;apos; की जांच शुरू</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-अपदसथ-परधनमतर-शख-हसन-क-अवध-सपततय-क-जच-शर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-अपदसथ-परधनमतर-शख-हसन-क-अवध-सपततय-क-जच-शर</guid>
        <description>बांग्लादेश के भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (एसीसी) ने कहा है कि वह अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की अवैध संपत्तियों की जांच शुरू कर रहा है.

इस जांच की ज़िम्मेदारी एसीसी के उप निदेशक मसुदुर रहमान को दी गई है. रविवार को उनके नेतृत्व में एक जांच टीम बनाई गई. जिसकी पुष्टि एसीसी के एक अधिकारी ने की.

जांच टीम शेख़ हसीना की चल और अचल संपत्तियों की जांच करेगी. जिसमें संपत्ति की घोषणा के लिए नोटिस जारी करना शामिल है.

साथ ही, उनकी वास्तविक संपत्ति की तुलना उनके आयकर दस्तावेज़ों से की जाएगी.

इससे पहले, एसीसी ने प्लॉट धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और प्रोजेक्ट फंड की लूट के संबंध में कई तरह की जांच शुरू की थी.

इस बीच, पूर्बाचल प्लॉट धोखाधड़ी मामले में चार्जशीट दायर करने के बाद अदालत ने शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी कर दिया है.

इसके अलावा एसीसी अब हवाई अड्डे की विकास परियोजनाओं में कथित घोटाले को लेकर भी शेख़ हसीना पर एक और केस दर्ज करने जा रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 19 May 2025 08:58:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यह एक ‘बड़ी सफलता’ है, भारत और पाकिस्तान के बीच गुस्से का स्तर अच्छी बात नहीं थी : राष्ट्रपति ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यह-एक-बड-सफलत-ह-भरत-और-पकसतन-क-बच-गसस-क-सतर-अचछ-बत-नह-थ-रषटरपत-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यह-एक-बड-सफलत-ह-भरत-और-पकसतन-क-बच-गसस-क-सतर-अचछ-बत-नह-थ-रषटरपत-टरप</guid>
        <description>(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 16 मई। भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम कराने का बार-बार दावा करते रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इसे एक बड़ी सफलता बताया और कहा कि दोनों पड़ोसियों के बीच गुस्से का स्तर अच्छी बात नहीं थी।

ट्रंप ने खाड़ी देशों की अपनी यात्रा से लौटते हुए 16 मई को एयरफोर्स वन विमान में प्रेस के साथ बातचीत के दौरान कहा, हम जो हुआ उससे बहुत खुश हैं, मुझे उम्मीद है कि यह जारी रहेगा, और मुझे लगता है कि यह जारी रहेगा, लेकिन भारत और पाकिस्तान को लेकर जो हुआ वह एक बड़ी सफलता है। अगर आपने दोनों के बीच गुस्से का स्तर देखा होता, तो यह अच्छी बात नहीं थी।

दस मई के बाद से यह सातवीं बार है, जब ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने नयी दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच संघर्षविराम कराया।

क्षेत्र की अपनी चार दिवसीय यात्रा के दौरान सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात का दौरा करने वाले ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कतर के दोहा में अल उदीद एयर बेस पर अमेरिकी सैनिकों को संबोधित करते हुए अपने दावे को दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का समाधान करने में मदद की।

अल उदीद एयर बेस पश्चिम एशिया में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है।

भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में सात मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर सटीक हमले किए थे।

चार दिन तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान 10 मई को संघर्ष समाप्त करने पर सहमत हुए।

ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की थी कि भारत और पाकिस्तान अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं।

नयी दिल्ली में भारत सरकार के सूत्र कहते रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने पर सहमति बनी है। उनका कहना है कि इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था।

भारत हमेशा कहता रहा है कि कश्मीर मुद्दा द्विपक्षीय मामला है और इसमें किसी तीसरे पक्ष के लिए कोई जगह नहीं है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 17 May 2025 06:23:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइली हमलों में मरने वालों की संख्या 250 से ज़्यादा हुई, ग़ज़ा के लोगों से ये कहा गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-हमल-म-मरन-वल-क-सखय-250-स-जयद-हई-गज-क-लग-स-य-कह-गय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-हमल-म-मरन-वल-क-सखय-250-स-जयद-हई-गज-क-लग-स-य-कह-गय</guid>
        <description>इसराइली सेना ने कहा है कि उसने ग़ज़ा में नियंत्रण पाने के उद्देश्य से एक नया आक्रमण शुरू किया है. सेना ने कहाकि व्यापक हमले किए गए हैं और सैनिकों की तैनाती भी की जा रही है.

ग़ज़ा के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि गुरुवार सुबह से इसराइली हमलों में 250 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.

इसराइल ने उत्तरी ग़ज़ा में पर्चे गिराए हैं, जिनमें फ़लस्तीनियों से इलाके़ को छोड़ने की अपील की गई है.

यह क़दम ऐसे समय पर उठाया गया है जब आशंका जताई जा रही है कि इसराइल हमास के ख़िलाफ़ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज़ करने की तैयारी कर रहा है.

पिछले कुछ दिनों में इसराइली सेना ने अपने हमलों को और तेज़ कर दिया है. हमास का कहना है कि सिर्फ़ शुक्रवार को ही 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

हालांकि इसराइल का कहना है कि उसने दर्जनों आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया है.

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टुर्क ने ग़ज़ा पर इसराइल के बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा की है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 17 May 2025 06:23:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल विदेश भेजेगी सरकार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-बनकब-करन-क-लए-बहदलय-परतनधमडल-वदश-भजग-सरकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-बनकब-करन-क-लए-बहदलय-परतनधमडल-वदश-भजग-सरकर</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 16 मई। सरकार पहलगाम में आतंकवादी हमले के प्रत्युत्तर में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद आक्रामक राजनयिक अभियान के तहत वैश्विक स्तर पर भारत के पक्ष को मजबूती से रखने और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बेनकाब करने के लिए अगले सप्ताह से विभिन्न देशों में कई बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजेगी।

मुख्य विपक्षी कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से सरकार ने इसके लिए आह्वान किया है और कुछ दलों ने राजनयिक प्रयास के लिए अपने सदस्यों को भेजने की मंजूरी भी दे दी है।

विदेश जाने वाले इन प्रतिनिधिमंडलों या उनके सदस्यों की संख्या को लेकर फिलहाल कोई स्पष्टता नहीं है, हालांकि कुछ नेताओं ने कहा कि 30 से अधिक सांसद हो सकते हैं।

प्रतिनिधिमंडल 10 दिनों की अवधि के लिए विभिन्न देशों का दौरा करेंगे। सांसद सरकार द्वारा निर्धारित देशों का दौरा करेंगे।

विदेश मंत्रालय इस राजनयिक मिशन के लिए रवाना होने से पहले सांसदों को पूरी जानकारी देगा।

सूत्रों ने बताया कि जिन पार्टियों के सांसद प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे उनमें भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी), जनता दल (यूनाइटेड), बीजू जनता दल, माकपा और कुछ अन्य शामिल हैं।

इस राजनयिक प्रयास का हिस्सा बनने वाले एक नेता ने कहा कि उन्हें 22-23 मई तक 10 दिनों की अवधि के लिए रवाना होने के वास्ते तैयार रहने को कहा गया है और विदेश मंत्रालय यात्रा कार्यक्रम सहित आवश्यक विवरण प्रदान करने के लिए उनके संपर्क में रहेगा।

सूत्रों ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और ओडिशा से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी इन प्रतिनिधिमंडलों का हिस्सा बनने वाले सत्तारूढ़ दल के सदस्यों में शामिल हैं।

सरकार ने इस कूटनीतिक कवायद के बारे में कांग्रेस के कम से कम चार सांसदों के अलावा अन्य सांसदों को भी अवगत करा दिया है।

सूत्रों का कहना है कि सरकार की सूची में शामिल कांग्रेस सांसदों में शशि थरूर, मनीष तिवारी, सलमान खुर्शीद और अमर सिंह शामिल हैं और पार्टी ने पुष्टि की है कि वह प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।

सूत्रों ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, जद (यू) के संजय झा, बीजद के सस्मित पात्रा, राकांपा (एसपी) की सुप्रिया सुले, द्रमुक की के कनिमोझी, माकपा के जॉन ब्रिटास और एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी को भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनने के लिए कहा जा रहा है।

इस मामले पर फिलहाल सरकार की तरफ से आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीटीआई-भाषा को बताया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने इस बारे में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से बात की है।

रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, प्रधानमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमलों और ऑपरेशन सिंदूर पर दो सर्वदलीय बैठकों की अध्यक्षता करने से इनकार कर दिया। प्रधानमंत्री संसद का विशेष सत्र बुलाने पर सहमत नहीं हुए। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सामूहिक संकल्प दिखाने और 22 फरवरी, 1994 को संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव को दोहराने की मांग कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी लगातार कांग्रेस को बदनाम कर रही है, जबकि उसने एकता और एकजुटता का आह्वान किया है।

रमेश का कहना है, अब अचानक प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर भारत का रुख समझाने के लिए बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल विदेश भेजने का फैसला किया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हमेशा राष्ट्रीय हित के साथ खड़ी होती है और कभी भी भाजपा की तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं करती है। इसलिए, कांग्रेस निश्चित रूप से इन प्रतिनिधिमंडलों का हिस्सा होगी।

बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया तथा पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 17 May 2025 06:23:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन की तरफ़ से लड़ रहे ऑस्ट्रेलियाई व्यक्ति को रूस ने जेल में डाला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-तरफ-स-लड-रह-ऑसटरलयई-वयकत-क-रस-न-जल-म-डल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-तरफ-स-लड-रह-ऑसटरलयई-वयकत-क-रस-न-जल-म-डल</guid>
        <description>रूस के साथ जंग में यूक्रेन की तरफ़ से लड़ रहे एक ऑस्ट्रेलियाई व्यक्ति को रूसी सेनाओं ने पकड़ लिया था.

रूस की ओर से नियुक्त किए गए अभियोजकों ने बताया है कि उस ऑस्ट्रेलियाई व्यक्ति को 13 साल की सज़ा सुनाई गई है. उन्हें रूस के एक कड़ी सुरक्षा वाली जेल में रखा जाएगा.

33 साल के ऑस्कर जेनकिंस को शुक्रवार को पूर्वी यूक्रेन में रूसी-नियंत्रित अदालत ने भाड़े के सैनिक के रूप में लड़ने का दोषी ठहराया है.

जेनकिंस मेलबर्न के एक टीचर हैं, जिन्हें पिछले साल दिसंबर में लुहांस्क क्षेत्र से पकड़ा गया था.

अभियोजकों ने कहा कि ऑस्कर जेनकिंस फ़रवरी 2024 में यूक्रेन पहुंचे थे.

उन पर यह आरोप लगाया गया कि उन्हें रूसी सैनिकों के ख़िलाफ़ सैन्य अभियानों में भाग लेने के लिए हर महीने 6 लाख से 8 लाख रूबल की राशि दी जा रही थी. (bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 17 May 2025 06:23:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के सेंट लुइस में आए बवंडर और भीषण तूफान के कारण कम से कम पांच लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-सट-लइस-म-आए-बवडर-और-भषण-तफन-क-करण-कम-स-कम-पच-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-सट-लइस-म-आए-बवडर-और-भषण-तफन-क-करण-कम-स-कम-पच-लग-क-मत</guid>
        <description>सेंट लुइस (अमेरिका), 17 मई। अमेरिका के सेंट लुइस में बवंडर और भीषण तूफान के कारण कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई तथा फंसे हुए या घायल लोगों का पता लगाने के लिए तलाश एवं बचाव अभियान जारी है।

शुक्रवार अपराह्न आए तूफान के कारण इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, पेड़ एवं बिजली के तार और खंभे गिर गए। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

सेंट लुइस की मेयर कैरा स्पेंसर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कम से कम पांच लोगों की मौत होने की पुष्टि की।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात को तूफान और बवंडर के कारण पांच हजार से अधिक मकान प्रभावित हुए तथा लगभग एक लाख लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा।

स्पेंसर ने कहा, यह वाकई विनाशकारी है। उन्होंने कहा कि शहर में आपात स्थिति घोषित करने की प्रक्रिया जारी है और जिन इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है वहां शुक्रवार को रातभर का कर्फ्यू लगा दिया गया।

घायलों की संख्या का तत्काल पता नहीं चल पाया है।

बार्न्स-जूइश अस्पताल की प्रवक्ता लॉरा हाई के अनुसार, अस्पताल में तूफान के कारण घायल हुए 20 से 30 लोगों को भर्ती कराया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है, जबकि अधिकांश को शुक्रवार रात तक छुट्टी मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि सेंट लुइस चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल में 15 मरीज भर्ती हुए हैं।

नेशनल वेदर सर्विस ने संकेत दिया कि सेंट लुइस क्षेत्र मे मिसौरी के क्लेटन में अपराह्न दो बजकर 30 मिनट से दो बजकर 50 मिनट के बीच एक बवंडर आया।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 17 May 2025 06:23:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दोहा में बोले ट्रंप: मैंने भारत&amp;पाकिस्तान के बीच समस्या को सुलझाने में मदद की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दह-म-बल-टरप-मन-भरत-पकसतन-क-बच-समसय-क-सलझन-म-मदद-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दह-म-बल-टरप-मन-भरत-पकसतन-क-बच-समसय-क-सलझन-म-मदद-क</guid>
        <description>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क़तर की राजधानी दोहा में अमेरिकी सैनिकों को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने फिर दोहराया कि भारत और पाकिस्तान के बीच समस्या को सुलझाने में उन्होंने मदद की.

ट्रंप ने कहा, मैं ये नहीं कहूंगा कि मैंने किया, लेकिन मैंने निश्चित रूप से भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले सप्ताह बढ़ते तनाव को सुलझाने में मदद की.

ट्रंप ने कहा, हालात और अधिक तनावपूर्ण होते जा रहे थे और अचानक, आप वहां अलग तरह की मिसाइलें देखने लगते, लेकिन हमने इसे सुलझा लिया.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, मुझे लगता है कि यह सुलझ गया है. हमने उनसे (भारत और पाकिस्तान से) व्यापार पर भी बात की. कहा- चलो व्यापार करें, युद्ध नहीं. पाकिस्तान इससे बहुत खुश था, भारत भी इससे बहुत खुश था और मुझे लगता है कि वे अब सही दिशा में बढ़ रहे हैं.

भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चले संघर्ष के बाद शनिवार यानी 10 मई को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका की मध्यस्थता के बाद भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम के लिए तैयार हुए थे.

कुछ देर बाद पाकिस्तान ने भी सीज़फ़ायर की बात कही थी और अमेरिका का शुक्रिया अदा किया था.

भारत ने भी उसी दिन सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही, हालांकि भारत ने ये घोषणा करते हुए अमेरिका का ज़िक्र नहीं किया.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 16 May 2025 06:45:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मेक्सिको: ‘लाइवस्ट्रीम’ के दौरान इन्फ्लुएंसर की गोली मारकर हत्या</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मकसक-लइवसटरम-क-दरन-इनफलएसर-क-गल-मरकर-हतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मकसक-लइवसटरम-क-दरन-इनफलएसर-क-गल-मरकर-हतय</guid>
        <description>मेक्सिको सिटी, 15 मई। मेक्सिको के जलिस्को राज्य में सोशल मीडिया मंच टिकटॉक पर लाइवस्ट्रीम करते समय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। राज्य के प्राधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

मॉडल और इन्फ्लुएंसर वेलेरिया मार्केज (23) मंगलवार को जैपोपन में एक ब्यूटी सैलून में थी और लाइवस्ट्रीम के दौरान किसी से बात रही थी तभी उसे एक गोली सीने में और दूसरी गोली सिर पर मारी गई। गोली लगते ही मार्केज जमीन पर गिर गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

इस घटना के कुछ ही घंटों बाद मेक्सिकन पीआरआई पार्टी के पूर्व सांसद लुइस आर्मंडो कोर्डोवा डिआज़ की भी उसी क्षेत्र के एक कैफे में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

जलिस्को में अभियोजक घटना की जांच कर रहे हैं। राज्य के प्राधिकारियों ने कहा कि वे मार्केज की हत्या मामले की जांच लैंगिक हिंसा से जोड़कर कर रहे हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 16 May 2025 06:45:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ शांति वार्ता पर क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जलसक-न-रस-क-सथ-शत-वरत-पर-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जलसक-न-रस-क-सथ-शत-वरत-पर-कय-कह</guid>
        <description>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की गुरुवार को तुर्की की राजधानी अंकारा पहुंचे. उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन से मुलाकात की.

इस मुलाकात के बाद ज़ेलेंस्की ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

ज़ेलेंस्की ने रूस पर शांति वार्ता को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया.

जेलेंस्की ने कहा, हम सभी के पास यूक्रेनी जनता और हमारे सांसदों का यह जनादेश है कि हम कुछ ऐसे क़दमों पर सहमति दें जो युद्ध के अंत की ओर ले जाएं

अगर हमें वे कदम उठाते नहीं दिखते, तो इसका मतलब है कि वे (रूस) बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हैं.

ज़ेलेंस्की ने पुष्टि की कि वह अपने रक्षा मंत्री के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को इस्तांबुल भेजेंगे, जो रूस और अमेरिका के साथ बातचीत करेगा.

उन्होंने इसका भी ज़िक्र किया कि हालांकि पुतिन ने सीधी वार्ता का प्रस्ताव रखा है, लेकिन वह व्यक्तिगत तौर पर इसमें शामिल होना नहीं चाहते.

ज़ेलेंस्की ने आगे कहा, वह (पुतिन) युद्धविराम नहीं चाहते.

इसी के साथ तुर्की में ही अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नेटो की बैठक के दौरान यूरोप के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की.

इस मुलाकात में तय हुए फ़ैसलों पर अमेरिकी सरकार की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बताया कि इटली, फ़्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के विदेश मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि नेटो में सभी देशों को अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए और यूरोप को अपनी सुरक्षा पर ज्यादा खर्च करना चाहिए.

बयान में यह भी कहा गया कि रुबियो ने इन मंत्रियों को बताया कि ट्रंप युद्ध ख़त्म करने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि शांति वार्ता के लिए यूरोप की भूमिका बहुत ज़रूरी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 16 May 2025 06:45:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>तुर्की में रूस&amp;यूक्रेन के बीच होने वाली बातचीत पर मार्को रुबियो ने क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/तरक-म-रस-यकरन-क-बच-हन-वल-बतचत-पर-मरक-रबय-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/तरक-म-रस-यकरन-क-बच-हन-वल-बतचत-पर-मरक-रबय-न-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि तुर्की में यूक्रेन और रूस के बीच शांति के लिए होने वाली बातचीत से उन्हें कोई ख़ास उम्मीद नहीं है.

उनका कहना है कि बातचीत को सफल बनाने के लिए अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मिलकर बात करनी होगी.

तुर्की में विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नेटो की बैठक के दौरान यूरोप के विदेश मंत्रियों से मुलाक़ात की.

बैठक के बाद उन्होंने कहा, जब तक राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति पुतिन इस मुद्दे पर सीधे बातचीत नहीं करते मुझे नहीं लगता कि हम इसमें कोई सफलता हासिल कर पाएंगे.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस बात की पुष्टि कि हैं वह इस्तांबुल में बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजेंगे, लेकिन उन्होंने मास्को की ओर से भेजे जा रहे लो-लेवल प्रतिनिधिमंडल की आलोचना की है.

इससे पहले ज़ेलेंस्की ने कहा था कि अगर पुतिन इस वार्ता में शामिल होते हैं तो वह यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे हालांकि पुतिन इसमें शामिल नहीं हो रहे हैं.

पुतिन की ओर से ही यूक्रेन के साथ सीधी शांति वार्ता की पेशकश की गई थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 16 May 2025 06:45:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान को किसी भी परमाणु समझौते के तहत ‘छद्म समूहों’ का समर्थन बंद करना चाहिए : ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-कस-भ-परमण-समझत-क-तहत-छदम-समह-क-समरथन-बद-करन-चहए-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-कस-भ-परमण-समझत-क-तहत-छदम-समह-क-समरथन-बद-करन-चहए-टरप</guid>
        <description>रियाद, 14 मई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को खाड़ी नेताओं से कहा कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बंद करने के लिए उसके साथ तत्काल समझौता करना चाहते हैं, लेकिन किसी भी संभावित समझौते के हिस्से के रूप में तेहरान को पूरे क्षेत्र में छद्म समूहों को अपना समर्थन बंद करना होगा।

सऊदी अरब की राजधानी में युवराज मोहम्मद बिन सलमान द्वारा आयोजित खाड़ी सहयोग परिषद के नेताओं की बैठक में ट्रंप ने कहा, ईरान को आतंकवाद को प्रायोजित करना बंद करना होगा, अपने रक्तरंजित छद्म युद्धों को रोकना होगा, तथा परमाणु हथियार बनाने के प्रयासों को स्थायी रूप से और सत्यापन किये जाने योग्य स्थिति तक बंद करना होगा। वे अपने पास परमाणु हथियार नहीं रख सकते।

पिछले महीने की शुरुआत से लेकर अब तक अमेरिका और ईरान के बीच चार दौर की बातचीत हो चुकी है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ट्रंप ने बार-बार कहा है कि उन्हें लगता है, समझौता संभव है, लेकिन अब यह खिड़की बंद होती जा रही है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर गाजा में हमास, लेबनान में हिजबुल्लाह और यमन में हूतियों को समर्थन बंद करने के लिए कड़े शब्दों के साथ दबाव डाला है।

हमास द्वारा 7 अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हमला शुरू करने के बाद से पिछले 19 महीनों में इसके छद्म नेटवर्क को महत्वपूर्ण असफलताओं का सामना करना पड़ा है।

ईरान में विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ट्रंप की टिप्पणी को कपटपूर्ण कहा, लेकिन ईरान से छद्म समूहों को समर्थन बंद करने के अमेरिकी नेता के आह्वान पर सीधे तौर पर टिप्पणी नहीं की।

बाद में, एयरफोर्स वन विमान में पत्रकारों के साथ बातचीत में ट्रंप ने ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम के बारे में सही निर्णय लेने का आग्रह किया, क्योंकि किसी न किसी तरह कुछ न कुछ घटित होगा।

ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, ऐसे में हम या तो इसे दोस्ताना तरीके से करेंगे या फिर बहुत ही गैरदोस्ताना तरीके से करेंगे। और वह सुखद नहीं होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका मानना है कि हिजबुल्लाह आतंकवादियों की पकड़ से मुक्त भविष्य के लिए यह सही समय है।

ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है कि पिछले वर्ष इजराइल के साथ हुए युद्ध के बाद हिजबुल्लाह काफी कमजोर हो गया है जिसमें उसका अधिकांश शीर्ष नेतृत्व मारा गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के पतन के बाद एक महत्वपूर्ण सहयोगी को खो देने से भी वह कमजोर हुआ है। उनके मुताबिक सीरिया दरअसल ईरान को हथियार भेजने का एक माध्यम था।

ट्रंप ने कहा, यदि वे ऐसा करते हैं, तो राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री प्रभावी लेबनानी राज्य का पुनर्निर्माण कर सकते हैं।

ईरान पर ट्रंप की टिप्पणी बुधवार को सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से उनकी मुलाकात के बाद आई, जो कि एक समय के विद्रोही नेता के साथ आमने-सामने की मुलाकात थी। अल-शरा इराक में पकड़े जाने के बाद कई वर्षों तक अमेरिकी सेना की कैद में रहे थे।

ट्रंप सऊदी अरब में अपने प्रवास के अंत में अल-शरा से मिलने के लिए सहमत हो गए। यहां से उनका कतर जाने का कार्यक्रम है, जहां उन्हें राजकीय सम्मान दिया जाएगा। मध्यपूर्व के अपने दौरे के दौरान वे संयुक्त अरब अमीरात भी जाएंगे।

अल-शरा को जनवरी में सीरिया का राष्ट्रपति नामित किया गया था।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 15 May 2025 07:38:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>युक्रेन&amp;रूस जंग: शांति वार्ता में राष्ट्रपति पुतिन के शामिल होने को लेकर क्रेमलिन ने क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-रस-जग-शत-वरत-म-रषटरपत-पतन-क-शमल-हन-क-लकर-करमलन-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-रस-जग-शत-वरत-म-रषटरपत-पतन-क-शमल-हन-क-लकर-करमलन-न-कय-कह</guid>
        <description>गुरुवार को तुर्की के इस्तांबुल में यूक्रेन और रूस के बीच शांति वार्ता प्रस्तावित है और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने पुतिन से वार्ता में शामिल होने की अपील की थी.

लेकिन रूस के राष्ट्रपति कार्यालय से जो बयान जारी हुआ है, उसमें इस शांति वार्ता में पुतिन का नाम नहीं है.

क्रेमलिन के बयान के अनुसार, रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पुतिन के क़रीबी व्लादिमीर मेडिंस्की करेंगे.

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इससे पहले कहा था कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन वार्ता में भाग लेंगे और पुतिन चाहेंगे तो वो उनसे मिलेंगे.

उन्होंने यह भी कहा था कि वह पुतिन के साथ बैठक करने की हर संभव कोशिश करेंगे.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस बैठक में शामिल नहीं होंगे.

हालांकि, ट्रंप ने पहले संकेत दिया था कि अगर पुतिन बैठक में शामिल होते तो वह इसमें शामिल हो सकते थे. (bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 15 May 2025 07:38:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के इस फ़ैसले से सीरियाई शरणार्थियों में जगी उम्मीद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-इस-फसल-स-सरयई-शरणरथय-म-जग-उममद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-इस-फसल-स-सरयई-शरणरथय-म-जग-उममद</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को रियाद में आयोजित सऊदी-अमेरिका इन्वेस्टमेंट फ़ोरम में सीरिया पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने का एलान किया. जिसके बाद से सीरियाई शरणार्थी सीरिया लौटने की उम्मीद में हैं.

बीबीसी अरबी के मिडिल ईस्ट डेली रेडियो प्रोग्राम ने सीरिया में सालों तक युद्ध के बाद शरणार्थी शिविरों में रहने वाले लोगों से बात की,जो सीरिया पर लगे प्रतिबंधों के हटने के बाद वहां लौटने की उम्मीद करते हैं.

एक महिला कहती हैं, एक सीरियाई नागरिक के तौर पर, मैंने युद्ध और बमबारी का सामना किया. हिंसा के कारण मुझे अपने गांव और घर को छोड़ना पड़ा. पिछले 14 सालों से मैं एक तंबू में रह रही हूं.

वहीं दूसरे व्यक्ति ने कहा, एक विस्थापित व्यक्ति के तौर पर, मैं अपने गांवों और तबाह हुए शहरों में लौटने का सपना देखता हूं, ताकि हम अपने देश का पुनर्निर्माण शुरू कर सकें. मैं अपने घर वापस जाना चाहता हूं, अपने बच्चों को स्कूल भेजना चाहता हूं.

बशर ल-फ़ारेस नाम के एक और शरणार्थी कहते हैं, अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी से पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो सकता है, जिससे नागरिक अपने जीवन को फिर से संवार सकें.

ट्रंप के सीरिया से प्रतिबंध हटाने के फ़ैसले को सीरिया के विदेश मंत्री असद हसन अल-शबानी ने देश के पुनर्निर्माण के रास्ते के लिए नई शुरुआत बताया.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 15 May 2025 07:38:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>क़तर, अमेरिका से ख़रीदेगा 200 अरब डॉलर के बोइंग विमान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कतर-अमरक-स-खरदग-200-अरब-डलर-क-बइग-वमन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कतर-अमरक-स-खरदग-200-अरब-डलर-क-बइग-वमन</guid>
        <description>क़तर दौरे पर पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को वहां के अमीर शेख़ से मुलाकात की.

इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने क़तर और अमेरिका के बीच एक संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए.

क़तर के अमीर शेख़ ने ट्रंप से कहा, मैं जानता हूं कि आप शांति के दूत हैं.

उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि क़तर और अमेरिका के बीच संबंध एक नए स्तर पर पहुंचने वाले हैं.

ट्रंप ने क़तर को सहयोगी होने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि दोनों नेताओं ने विश्व, यूक्रेन युद्ध और ईरान जैसे विषयों पर चर्चा की.

ट्रंप ने व्यापार और विशेष रूप से बोइंग समझौते पर बात की, जिसे उन्होंने कंपनी के इतिहास में सबसे बड़ा जेट ऑर्डर कहा.

ट्रंप ने क़तर के अमीर शेख़ तमीम बिन हमाद अल-थानी की तारीफ़ करते हुए उनकी दोस्ती के लिए धन्यवाद किया.

उन्होंने कहा, हम दोनों एक-दूसरे जैसे हैं.

दोनों देशों के बीच क्या समझौता हुआ?

ट्रंप ने कहा कि क़तर एयरवेज ने बोइंग से 160 विमानों का रिकॉर्ड ऑर्डर दिया है, जिसकी क़ीमत 200 अरब डॉलर से अधिक है.

दोनों देशों के बीच एमक्यू-9बी ड्रोन की भी डील हुई.

इसके अलावा, दोनों देशों के बीच सहयोग करने को लेकर एक संयुक्त घोषणा पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए.

इससे पहले ट्रंप सऊदी अरब के दौरे पर थे, वहां भी उन्होंने अरबों डॉलर की डील साइन की.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 15 May 2025 07:38:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उम्मीद है कि दोनों पक्ष लंबित मुद्दों से निपटेंगे: भारत, पाकिस्तान सहमति पर संरा प्रवक्ता ने कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उममद-ह-क-दन-पकष-लबत-मदद-स-नपटग-भरत-पकसतन-सहमत-पर-सर-परवकत-न-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उममद-ह-क-दन-पकष-लबत-मदद-स-नपटग-भरत-पकसतन-सहमत-पर-सर-परवकत-न-कह</guid>
        <description>(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, 14 मई (भाषा)। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए सहमति बनने के बाद हम बेहतर स्थिति में हैं और उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश इस अवसर का इस्तेमाल अपने लंबित मुद्दों से निपटने के लिए करेंगे।

भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक जारी रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद दोनों देशों में सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई को रोकने पर 10 मई को सहमति बनी थीं।

महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने मंगलवार को अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देशों में बनी सहमति बरकरार है।

दुजारिक ने कहा, मुझे लगता है कि हम पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं। हमें उम्मीद है कि संघर्षविराम कायम रहेगा। हम उम्मीद करते हैं कि दोनों पक्ष इस अवसर का इस्तेमाल अपने कई आपसी लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए करेंगे।

भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत छह और सात मई की दरमियानी रात पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए। पहलगाम में हुए हमले में 26 लोग मारे गए थे। भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया।

पाकिस्तानी प्रयासों का भारत ने कड़ा जवाब दिया और पाकिस्तानी वायुसेना के ठिकानों, वायु रक्षा प्रणालियों, कमान एवं नियंत्रण केंद्रों तथा रडार स्थलों सहित कई प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी क्षति पहुंचाई।

भारत एवं पाकिस्तान के बीच सहमति बनने की घोषणा के बाद नयी दिल्ली में सरकार के सूत्रों ने कहा कि दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी और इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था।

इससे पहले, गोलाबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर दोनों देशों के बीच सहमति की घोषणा के तुरंत बाद गुतारेस ने इस कदम का स्वागत किया था और इसे मौजूदा शत्रुता को समाप्त करने एवं तनाव कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया था।</description>
        <pubDate>Wed, 14 May 2025 07:27:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दुनिया के सबसे ग़रीब राष्ट्रपति जोस मुजिका का 89 साल की उम्र में निधन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दनय-क-सबस-गरब-रषटरपत-जस-मजक-क-89-सल-क-उमर-म-नधन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दनय-क-सबस-गरब-रषटरपत-जस-मजक-क-89-सल-क-उमर-म-नधन</guid>
        <description>लैटिन अमेरिकी देश उरुग्वे के पूर्व राष्ट्रपति जोस मुजिका का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है.

जोस मुजिका को पेपे के नाम से जाना जाता था.

2010 से 2015 तक उरुग्वे के राष्ट्रपति रहे पूर्व गुरिल्ला नेता मुजिका अपनी साधारण ज़िंदगी के लिए दुनिया के सबसे ग़रीब राष्ट्रपति के नाम से जाने जाते थे.

उरुग्वे के वर्तमान राष्ट्रपति यामांडू ओरसी ने एक्स पर जोस मुजिका की मृत्यु की जानकारी देते हुए लिखा, आपने हमें जो कुछ भी दिया, उसके लिए और अपने लोगों के प्रति आपके गहरे प्यार के लिए धन्यवाद.

पूर्व राष्ट्रपति मुजिका की मृत्यु कैसे हुई अभी साफ़ नहीं है, हालांकि वह ओसोफ़ेजियल कैंसर से पीड़ित थे. (bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 14 May 2025 07:27:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत और पाकिस्तान संघर्ष को लेकर सऊदी अरब में क्या बोले ट्रंप?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-और-पकसतन-सघरष-क-लकर-सऊद-अरब-म-कय-बल-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-और-पकसतन-सघरष-क-लकर-सऊद-अरब-म-कय-बल-टरप</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारत और पाकिस्तान के सीज़फ़ायर में अमेरिका की भूमिका को फिर दोहराया है.

सऊदी अरब पहुंचे राष्ट्रपति ट्रंप ने रियाद में आयोजित सऊदी-अमेरिका इन्वेस्टमेंट फ़ोरम को संबोधित करते हुए भारत पाकिस्तान का ज़िक्र किया और कहा कि उस संघर्ष में लाखों लोग मारे जा सकते थे.

ट्रंप ने कहा, मेरी सबसे बड़ी आशा है कि मैं शांति स्थापित करने वाला और लोगों को जोड़ने वाला बनूं. मुझे युद्ध पसंद नहीं.

उन्होंने कहा, कुछ दिन पहले ही मेरे प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए एक ऐतिहासिक युद्धविराम कराने में सफलता पाई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, मैंने इसमें व्यापार का भरपूर इस्तेमाल किया. मैंने कहा चलो समझौता करते हैं, व्यापार करते हैं. परमाणु मिसाइलों का व्यापार न करें, बल्कि उन चीज़ों का व्यापार करें जिन्हें आप इतनी खूबसूरती से बनाते हैं.

उन्होंने दोनों देशों (भारत और पाकिस्तान) के नेताओं को बहुत शक्तिशाली और मजबूत नेता बताया है.

इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच सीज़फ़ायर पर सहमति बनाने में अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो की ख़ास तौर पर सराहना की.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 14 May 2025 07:27:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सीज़फ़ायर के बाद भारत&amp;पाकिस्तान ने अब एक&amp;दूसरे ख़िलाफ़ उठाए ये क़दम</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सजफयर-क-बद-भरत-पकसतन-न-अब-एक-दसर-खलफ-उठए-य-कदम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सजफयर-क-बद-भरत-पकसतन-न-अब-एक-दसर-खलफ-उठए-य-कदम</guid>
        <description>पाकिस्तान ने मंगलवार देर रात भारत पर जवाबी कार्रवाई करते हुए इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय उच्चायोग के एक कर्मचारी को पर्सोना नॉन ग्राटा यानी अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है.

इससे पहले भारत ने मंगलवार को नई दिल्ली में मौजूद पाकिस्तान उच्चायोग में एक पाकिस्तानी कर्मचारी को अवांछित घोषित कर दिया था.

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक़, अधिकारी को 24 घंटे के अंदर भारत छोड़ने के लिए कहा गया.

इसके जवाब में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर कहा है कि, पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के एक कर्मचारी को पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित कर दिया है. अधिकारी को 24 घंटे के अंदर पाकिस्तान छोड़ने का निर्देश दिया गया है.

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव इतना बढ़ा कि ये सैन्य संघर्ष में बदल गया.

दोनों देशों के बीच सात मई से शुरू हुआ सैन्य संघर्ष 10 मई की शाम को संघर्ष विराम पर सहमति के एलान के साथ थमा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 14 May 2025 07:27:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका ने किया चीन के साथ व्यापार समझौते का एलान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-कय-चन-क-सथ-वयपर-समझत-क-एलन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-कय-चन-क-सथ-वयपर-समझत-क-एलन</guid>
        <description>अमेरिका का चीन के साथ व्यापार समझौता हो गया है. व्हाइट हाउस ने जेनेवा में हुए इस समझौते की घोषणा भी कर दी है.

अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ ट्रेज़री स्कॉट बेसेंट ने कहा,मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है​ कि अमेरिका और चीन ने व्यापार समझौते में महत्वपूर्ण प्रगति कर ली है. इस समझौते की जानकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दे दी गई है. इसका विवरण कल जारी किया जाएगा.

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जेमीसन ग्रीर, पिछले दो दिन बहुत ही रचनात्मक रहे. हम बहुत जल्दी ही सहमति के बिंदु पर पहुंच गए. यह दर्शाता है कि हमारे बीच मतभेद उतने बड़े नहीं थे जितना बड़ा सोचा गया था.

उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय 1200 अरब डालर के व्यापार घाटे में है. यही वजह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने टैरिफ़ लगाने की घोषणा की थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 12 May 2025 06:11:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पोप लियो ने अपने पहले संबोधन में &amp;apos;और युद्ध न करने&amp;apos; की अपील की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पप-लय-न-अपन-पहल-सबधन-म-और-यदध-न-करन-क-अपल-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पप-लय-न-अपन-पहल-सबधन-म-और-यदध-न-करन-क-अपल-क</guid>
        <description>कैथोलिक ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप लियो ने रविवार को वेटिकन सिटी से पहली बार लोगों को संबोधित किया.

अपने पहले संबोधन में उन्होंने दुनिया के ताकतवर देशों से और युद्ध न करने की अपील की.

दुनिया में चल रहे संघर्षों पर बात करते हुए पोप लियो ने यूक्रेन में शांति, ग़ज़ा में युद्धविराम की बात की. इसी के साथ उन्होंने भारत -पाकिस्तान के बीच हुए संघर्षविराम का भी स्वागत किया.

उन्होंने कहा कि उन्हें ग़ज़ा में हो रही घटनाओं से गहरा दुख पहुंचा है.

पोप लियो ने भारत-पाकिस्तान के बीच स्थायी समझौते की उम्मीद जताई और यूक्रेन के लिए एक सच्ची, वास्तविक और टिकाऊ शांति की कामना की.

पोप लियो को पोप फ़्रांसिस के निधन के बाद कैथोलिक चर्च का नया पोप चुना गया है.

उन्होंने रविवार को अपने भाषण में पोप फ़्रांसिस की तरह ही शांति की अपील की और कहा, दुनिया के सभी ताकतवर लोग सुनें, अब और युद्ध नहीं.

दूसरे विश्व युद्ध को ख़त्म हुए 80 साल हो गए, लेकिन अब हम दुनिया के छोटे-छोटे हिस्सों में तीसरे विश्व युद्ध की त्रासदी का सामना कर रहे हैं.</description>
        <pubDate>Mon, 12 May 2025 06:11:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने कहा&amp; पुतिन के तुर्की में मुलाक़ात करने के प्रस्ताव पर यूक्रेन को सहमत होना चाहिए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कह-पतन-क-तरक-म-मलकत-करन-क-परसतव-पर-यकरन-क-सहमत-हन-चहए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कह-पतन-क-तरक-म-मलकत-करन-क-परसतव-पर-यकरन-क-सहमत-हन-चहए</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को यूक्रेन और रूस से जंग ख़त्म करने के लिए बैठक करने की अपील की है.

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट कर कहा, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के साथ सीज़फ़ायर नहीं करना चाहते हैं, बल्कि वे गुरुवार को तुर्की में बैठक कर इस जंग को ख़त्म करने के लिए बातचीत करना चाहते हैं. यूक्रेन को तुरंत इस पर सहमत होना चाहिए.

उन्होंने लिखा, कम से कम वे यह तय कर सकेंगे कि कोई समझौता संभव है या नहीं. और अगर नहीं है, तो यूरोपीय नेता और अमेरिका यह समझ जाएंगे कि स्थिति क्या है और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकेंगे.

ट्रंप ने आगे लिखा, मुझे अब शक़ होने लगा है कि यूक्रेन, पुतिन के साथ कोई समझौता करेगा, जो इस समय द्वितीय विश्व युद्ध में मिली जीत का जश्न मनाने में ही व्यस्त हैं जबकि वह युद्ध अमेरिका के बिना कभी न जीता जा सकता था और न कभी जीत के क़रीब पहुंचा जा सकता था.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को कहा था कि वह यूक्रेन के साथ सीधी और तुरंत बातचीत शुरू करना चाहते हैं.

उन्होंने यह बातचीत 15 मई से इस्तांबुल में शुरू करने की बात कही है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन रूस के साथ तभी मुलाक़ात करने को तैयार होगा जब युद्धविराम पर सहमति हो.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 12 May 2025 06:11:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल के प्रतिबंध के कारण गाजा के अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त भोजन का अभाव</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-क-परतबध-क-करण-गज-क-असपतल-म-मरज-क-लए-परयपत-भजन-क-अभव</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-क-परतबध-क-करण-गज-क-असपतल-म-मरज-क-लए-परयपत-भजन-क-अभव</guid>
        <description>खान यूनिस (गाजा पट्टी), 12 मार्च। गाजा में भोजन एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर इजराइल द्वारा तीन महीने से जारी प्रतिबंध के कारण अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा।

अस्पताल मरीजों को भोजन उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं इसलिए मरीजों के परिवारों को ही उनके लिए भोजन का प्रबंध करना पड़ रहा है।

दक्षिणी शहर खान यूनिस के नासेर अस्पताल के जनरल सर्जन डॉ. खालिद अलसेर ने एसोसिएटेड प्रेस (एपी) से कहा, अधिकतर घायल मरीजों का खासकर पिछले दो महीनों में वजन कम हो गया है।

उन्होंने कहा कि गहन देखभाल इकाई के मरीजों को भी पर्याप्त पोषण नहीं मिल पा रहा।

उन्होंने कहा, जब मरीजों के लिए सर्वोत्तम विकल्प चुनने की बात आती है तो हमारे हाथ बंधे होते हैं। विकल्प सीमित होते हैं।

सहायता समूहों ने कहा कि गाजा में कुपोषण की समस्या बढ़ रही है।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, पिछले महीने हजारों बच्चे गंभीर कुपोषण से पीड़ित पाए गए और वयस्कों को भी उचित पोषक तत्व नहीं मिल पा रहे हैं। अनुमान है कि इस साल 16,000 गर्भवती एवं हाल में मां बनीं महिलाएं कुपोषित हैं।

इजराइल ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर दो मार्च को प्रतिबंध लगाया था जिसके बाद से भोजन के स्रोत समाप्त हो रहे हैं, सहायता समूहों ने भोजन वितरण बंद कर दिया है और बेकरी बंद हो गई हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि पास्ता या दाल वितरित करने वाली परमार्थ रसोइयां अधिकतर आबादी के लिए अंतिम जीवनरेखा बनी हुई हैं लेकिन आपूर्ति की कमी के कारण वे भी तेजी से बंद हो रही हैं।

बाजार में डिब्बाबंद सामान और थोड़ी मात्रा में सब्जियों के अलावा लगभग कुछ भी उपलब्ध नहीं है और कीमतें बढ़ रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि स्थानीय सब्जियों का उत्पादन घट गया है क्योंकि इजराइली सेना ने गाजा की 80 प्रतिशत कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाया है और बाकी की अधिकतर भूमि नए घोषित सैन्य क्षेत्रों के अंदर स्थित है और वहां पहुंचा नहीं जा सकता।

इजराइल ने कहा कि उसने मार्च में आपूर्ति पर रोक लगाई और अपना सैन्य अभियान फिर से शुरू किया ताकि हमास पर शेष बंधकों को छोड़ने और हथियार डालने के लिए दबाव डाला जा सके।

हमास ने सात अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हमला किया जिसके बाद से युद्ध शुरू हुआ। हमले में चरमपंथियों ने लगभग 1,200 लोगों की हत्या कर दी जिनमें ज्यादातर आम नागरिक थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया। इनमें से अधिकतर को युद्धविराम समझौतों या अन्य समझौतों के तहत रिहा कर दिया गया है।

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमास के हमले के बाद इजराइल के आक्रमण में 52,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 12 May 2025 06:11:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइली&amp;अमेरिकी बंधक एडन अलेक्ज़ेंडर को रिहा करेगा हमास</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-अमरक-बधक-एडन-अलकजडर-क-रह-करग-हमस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-अमरक-बधक-एडन-अलकजडर-क-रह-करग-हमस</guid>
        <description>हमास ने कहा है कि वो इसराइली-अमेरिकी बंधक एडन अलेक्ज़ेंडर को रिहा करेगा. एडन अलेक्ज़ेंडर ग़ज़ा में ज़िंदा बचे आख़िरी अमेरिकी नागरिक हैं जिन्हें हमास ने बंधक बनाया है.

ये क़दम हमास युद्धविराम के समझौते की कोशिशों के तहत उठा रहा है.

हमास का ये फ़ैसला उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को मध्य पूर्व के दौरे पर जाने वाले हैं.

हमास का कहना है कि इससे ग़ज़ा के लोगों तक मानवीय मदद पहुंचाने में मदद मिलेगी.

पिछले 70 दिनों से इसराइल ने ग़ज़ा के लिए मानवीय मदद को रोक कर रखा है.

इससे पहले हमास के एक सीनियर अधिकारी ने बीबीसी को बताया था कि फ़लस्तीनी सैन्य समूह क़तर में अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी के साथ सीधी बातचीत कर रहे हैं.

वहीं इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि अमेरिका ने उन्हें एडन अलेक्ज़ेंडर की रिहाई की जानकारी पहले ही दे दी थी.

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एडन अलेक्ज़ेंडर की रिहाई की पुष्टि की.

एडन अलेक्ज़ेंडर का जन्म इसराइल के तेल अवीव में हुआ था, लेकिन उनकी परवरिश अमेरिका के न्यू जर्सी में हुई थी.

21 साल के अलेक्ज़ेंडर एक विशेष सैन्य यूनिट में ग़ज़ा सीमा पर काम कर रहे थे, तब 7 अक्टूबर को हमास ने उन्हें पकड़ लिया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 12 May 2025 06:11:38 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कमर्शियल एयरलाइंस के लिए ये सलाह दी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-रकष-मतर-न-कमरशयल-एयरलइस-क-लए-य-सलह-द</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-रकष-मतर-न-कमरशयल-एयरलइस-क-लए-य-सलह-द</guid>
        <description>पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने बीबीसी को बताया कि पाकिस्तान ने कमर्शियल एयरलाइंस को पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी है.

ख़्वाजा आसिफ़ ने चेतावनी दी है कि कमर्शियल एयरलाइंस के विमानों के किसी मिसाइल या किसी तरह की हवाई फायरिंग की चपेट में आने का ख़तरा है और इससे आम लोगों की जान जा सकती है.

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र कई इंटरनेशनल एयरलाइंस ने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में अपने फ्लाइट ऑपरेशन्स कुछ दिन के लिए रोकने की घोषणा की थी.

एमिरेट्स एयरलाइन ने कहा है कि वे 10 मई तक पाकिस्तान के लिए फ्लाइट ऑपरेशन्स सस्पेंड कर रही है.

वहीं लुफ्थांसा एयरलाइन ने इस हफ्ते की शुरुआत में बीबीसी को बताया था कि वे अगली सूचना तक पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में अपने फ्लाइट ऑपरेशन्स रोक रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 10 May 2025 06:06:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी पोप लियो 14वें ट्रंप और वेंस की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-पप-लय-14व-टरप-और-वस-क-नतय-क-आलचन-कर-चक-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-पप-लय-14व-टरप-और-वस-क-नतय-क-आलचन-कर-चक-ह</guid>
        <description>वेटिकन सिटी, 9 मई। कैथोलिक चर्च के पहले अमेरिकी पोप लियो 14वें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की नीतियों और बयानों की सोशल मीडिया पर आलोचना कर चुके हैं।

कैथोलिक चर्च के दो हजार साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब अमेरिका से पोप चुने गए।

पोप लियो के चुनाव पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और इसे देश के लिए गर्व की बात बताया।

हालांकि, ये शुभकामनाएं ऐसे समय में आईं जब ट्रंप ने पोप फ्रांसिस के निधन के बाद आधिकारिक शोक के दौरान अपनी एक कृत्रिम मेधा (एआई) से बनाई गई तस्वीर पोस्ट की थी जिसमें वह पोप की पोशाक में दिख रहे थे।

ट्रंप के इस कृत्य से वेटिकन में हलचल मच गई और इटली के पूर्व प्रधानमंत्री रोमानो प्रोडी ने इसे आस्था के मामलों में अनुचित राजनीतिक हस्तक्षेप बताया था।

पिछले महीने यूएस कॉन्फ्रेंस ऑफ कैथोलिक बिशप्स ने शरणार्थियों और प्रवासी बच्चों की सेवा के लिए अमेरिकी सरकार के साथ 50 वर्षों से जारी साझेदारी को समाप्त कर दिया। यह निर्णय ट्रंप प्रशासन द्वारा अचानक वित्तीय सहायता रोकने के बाद लिया गया।

पोप लियो के अधिकतर सोशल मीडिया पोस्ट कैथोलिक चर्च और उसके पहलुओं से संबंधित होते हैं। वह बहुत कम अपनी व्यक्तिगत राय देते हैं, लेकिन अपनी टाइमलाइन पर कई बार उन्होंने उन नीतियों की आलोचना की है, जो अमेरिका में प्रवासियों और शरणार्थियों के प्रवेश को सीमित करती हैं।

हाल में पोप लियो ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की आलोचना की।

फरवरी में पोप लियो ने एक कैथोलिक लेख साझा किया, जिसका शीर्षक था जेडी वेंस गलत हैं: यीशु यह नहीं सिखाते कि हमें दूसरों के प्रति अपने प्रेम को क्रम में बांटना चाहिए।

पोप लियो के इस लेख से पहले वेंस ने फॉक्स न्यूज के साथ साक्षात्कार में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीतियों की आलोचना होने पर एक ईसाई सिद्धांत का उल्लेख किया था कि पहले आप अपने परिवार से प्यार करते हैं और फिर अपने पड़ोसी से प्यार करते हैं, फिर अपने समुदाय से प्यार करते हैं और फिर अपने सह नागरिकों से प्यार करते हैं, उसके बाद बाकी दुनिया को प्राथमिकता देते हैं।

वेंस के इस बयान की काफी आलोचना हुई थी और पोप लियो ने भी उनकी आलोचना करते हुए कहा था कि वह गलत हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 10 May 2025 06:06:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पोप लियो 14वें को 18 मई को औपचारिक रूप से पोप के रूप में पदस्थापित किया जाएगा : वेटिकन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पप-लय-14व-क-18-मई-क-औपचरक-रप-स-पप-क-रप-म-पदसथपत-कय-जएग-वटकन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पप-लय-14व-क-18-मई-क-औपचरक-रप-स-पप-क-रप-म-पदसथपत-कय-जएग-वटकन</guid>
        <description>वेटिकन सिटी, 9 मई। वेटिकन ने कहा है कि पोप लियो 14वें को 18 मई को एक सामूहिक प्रार्थना सभा में औपचारिक रूप से पोप के रूप में पदस्थापित किया जाएगा तथा वह 21 मई को अपना पहला आम दर्शन देंगे।

वेटिकन ने शुक्रवार को लियो के आगामी एजेंडे की एक सूची जारी की। इसमें कार्डिनल, वेटिकन के अधिकारियों, मीडिया, राजनयिकों और आम जनता के साथ बैठकें शामिल हैं।

वेटिकन ने यह भी कहा कि लियो ने वेटिकन के सभी कार्यालयों के प्रमुखों से, जिन्होंने तकनीकी रूप से पोप फ्रांसिस की मृत्यु के साथ अपनी नौकरी खो दी थी, अगले नोटिस तक काम पर लौटने को कहा है। इसमें कहा गया है कि वह उन्हें निश्चित रूप से स्थायी करने पर कोई और निर्णय लेने से पहले चिंतन, प्रार्थना और संवाद के लिए समय लेना चाहते हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 10 May 2025 06:06:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत&amp;पाकिस्तान तनाव: पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति क्या &amp;apos;जंग&amp;apos; झेल सकती है?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-पकसतन-तनव-पकसतन-क-आरथक-सथत-कय-जग-झल-सकत-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-पकसतन-तनव-पकसतन-क-आरथक-सथत-कय-जग-झल-सकत-ह</guid>
        <description>-निखिल इनामदार

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और इन हालात में आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

ये हालात ऐसे समय में पैदा हुए हैं जब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था गहरे संकट से उबरने की कोशिश कर रही थी.

2023 में पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में मुश्किल से ही कोई वृद्धि हुई थी  इसके पीछे कारण थे बढ़ता आयात बिल, घटता विदेशी मुद्रा भंडार और बेकाबू महंगाई.

एशियाई विकास बैंक यानी एडीबी के मुताबिक़, 2024 में पाकिस्तान की जीडीपी ग्रोथ 2.5 फ़ीसदी रही और 2025 में इसके 3 फ़ीसदी तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है.

लेकिन अब भारत के साथ बने तनावपूर्ण हालात से पाकिस्तान की आर्थिक तरक्की को झटका लग सकता है. इस संकट ने पाकिस्तान के लिए एक नई रुकावट खड़ी कर दी है.

एडीबी ने पहले अनुमान जताया था कि इस साल की आर्थिक वृद्धि आर्थिक सुधार,स्थिर मुद्रा बाज़ार और निजी क्षेत्र में भारी निवेश जैसे क़दमों के कारण संभव हो सकेगी,लेकिन बदली हुई परिस्थितियों में ये अनुमान गड़बड़ा गए हैं.

डॉलर के मुक़ाबले पाकिस्तानी रुपया गिर रहा है, शेयर बाज़ार में भी निवेशकों में घबराहट है और निवेशकों को किसी भी नए प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाने से पहले युद्ध का ख़तरा सबसे बड़ा रोड़ा लग रहा है.

अगर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है, तो यह पाकिस्तान सरकार के वित्तीय संतुलन को सुधारने के प्रयासों पर भी असर डालेगा. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने चेतावनी दी है कि ये पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता हासिल करने की प्रगति में बाधा बन सकता है.

शुक्रवार को ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ़ को पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा फैसला करना है. समीक्षा बैठक में आईएमएफ़ ये तय करेगा कि पाकिस्तान को 7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की अगली किस्त दी जाए या नहीं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 10 May 2025 06:06:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत&amp;पाकिस्तान तनाव पर अमेरिकी विदेश विभाग ने की ये अपील</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-पकसतन-तनव-पर-अमरक-वदश-वभग-न-क-य-अपल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-पकसतन-तनव-पर-अमरक-वदश-वभग-न-क-य-अपल</guid>
        <description>भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव पर अमेरिका ने कहा है कि दोनों देशों को एक-दूसरे पर हमला बंद करना चाहिए, क्योंकि इससे समाधान नहीं निकलेगा.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यह बात कही.

ब्रूस ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा, अमेरिका का यही संदेश है कि हिंसा, सैन्य कार्रवाई और जंग बंद होनी चाहिए. मध्य-पूर्व में यह साबित हो गया है कि जंग से कोई समाधान नहीं निकलेगा.

उन्होंने कहा, जंग, सेना और हिंसा कोई समाधान नहीं है. पीढ़ी दर पीढ़ी हुई हिंसा और समस्याओं को रोकने के लिए नए विचार और कूटनीति ही समाधान हैं.

अमेरिकी हस्तक्षेप पर क्या कहा?

भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के सवाल पर टैमी ब्रूस ने कहा, किसी भी मामले में जब संबंधित देशों के नेताओं की कूटनीतिक या किसी भी स्तर पर बातचीत हो रही है, तो हम उसकी जानकारी साझा नहीं करेंगे. यह हमारी नीति है.

उन्होंने कहा, हमें लगता है कि जब नेताओं के बीच निजी स्तर पर बात हो रही हो तो मीडिया के बीच विवरण नहीं रखना ज़रूरी है.

हालांकि, टैमी ब्रूस ने भारत-पाकिस्तान के बीच किसी भी प्रकार की मध्यस्थता को लेकर ना तो पुष्टि की और ना ही इनकार किया.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने यह भी बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से फ़ोन पर बात की.

इस दौरान रुबियो ने दोनों देशों के नेताओं से तनाव कम करने और हिंसा रोकने की बात कही. साथ ही उन्होंने सीधी बातचीत पर ज़ोर दिया.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 09 May 2025 05:15:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाक में फिदायीन हमलावर तैयार कर रहे जैश के अड्डों के संबंध हमास से, नाटो हथियारों का भंडार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पक-म-फदयन-हमलवर-तयर-कर-रह-जश-क-अडड-क-सबध-हमस-स-नट-हथयर-क-भडर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पक-म-फदयन-हमलवर-तयर-कर-रह-जश-क-अडड-क-सबध-हमस-स-नट-हथयर-क-भडर</guid>
        <description>(सुमीर कौल)

नयी दिल्ली, 8 मई। प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के दो केंद्र- इसका बहावलपुर स्थित मुख्यालय और पाकिस्तान के पंजाब में स्थित नरोवाल आत्मघाती हमलावर तैयार करने वाले अड्डों के रूप में काम करते थे। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि इन अड्डों के ना केवल फलस्तीनी संगठन हमास के साथ संबंध थे, बल्कि ये अफगानिस्तान से तस्करी करके लाए गए नाटो बलों के हथियारों के भंडारण केंद्र के रूप में काम करते थे।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के एक-दूसरे के विपरीत छोर पर स्थित ये दोनों केंद्र बुधवार तड़के भारतीय वायुसेना द्वारा दागी गई मिसाइलों से ध्वस्त हुए उन नौ लक्ष्यों में शामिल थे, जिन्हें 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले का कड़ा जवाब देने के तहत निशाना बनाया गया था।

ये कार्रवाई पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी जिसमें 25 पर्यटकों और एक स्थानीय गाइड की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी।

अधिकारियों के अनुसार, 15 एकड़ में फैला जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर केंद्र इसके प्रमुख अब्दुल रऊफ असगर द्वारा चलाया जाता रहा है और इस इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर और उसके परिवार के अन्य सदस्यों के आवास हैं।

मसूद अजहर ने भारतीय वायुसेना की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए हमलों के बाद स्वीकार किया कि बहावलपुर स्थित उसके संगठन के मुख्यालय पर भारत के मिसाइल हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए।

अजहर के हवाले से जारी एक बयान में कहा गया है कि बहावलपुर में जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह पर हमले में मारे गए लोगों में जैश प्रमुख की बड़ी बहन और उसका पति, एक भतीजा और उसकी पत्नी, एक और भतीजी और उसके बाकी परिवार के पांच बच्चे शामिल हैं।

अधिकारियों ने कहा कि बहावलपुर केंद्र अफगानिस्तान में उत्तर अटलांटिक संधि (नाटो) के सैनिकों द्वारा छोड़े गए हथियारों और गोला-बारूद को जमा करने के लिए कुख्यात है।

उन्होंने कहा कि बहावलपुर में अक्सर जैश के वे कमांडर आते जाते रहते हैं जो अफगानिस्तान में लड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि असगर खैबर पख्तूनख्वा में सक्रिय अपराधियों के एक गिरोह के माध्यम से एम4 श्रृंखला की राइफलों सहित अन्य हथियारों की खेप की खरीद करने और इनकी तस्करी करने में शामिल है। खैबर पख्तूनख्वा को पहले उत्तर पश्चिमी सीमांत प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) के रूप में जाना जाता था।

इन हथियारों और गोला-बारूद में एम4 श्रृंखला की राइफल के अलावा स्नाइपर राइफलें, कवच-भेदी गोलियां, नाइट विजन डिवाइस (एनवीडी) और एनवीडी से सुसज्जित राइफलें शामिल थीं।

नरोवाल स्थित केंद्र के बारे में अधिकारियों ने कहा कि इसका इस्तेमाल फलस्तीनी हमास समूह से युद्धक रणनीति सीखने के लिए किया जाता रहा है।

हमास की संलिप्तता 2014 में तब शुरू हुई जब जैश के एक आतंकवादी मोहम्मद अदनान अली, जिसका कोड नाम डॉक्टर था, ने दूसरे समूह खालिस्तान टाइगर फोर्स के सदस्य रमनदीप सिंह उर्फ गोल्डी को थाईलैंड में पैराग्लाइडर का प्रशिक्षण दिया था।

यह प्रशिक्षण भारत निर्वासित किए गए जगतार सिंह तारा और उसके साथियों जसविंदर सिंह जस्सा और मोहम्मद उमर गोंडल ने भी दिया था।

अधिकारियों ने कहा कि घुसपैठ के लिए सुरंगों के इस्तेमाल और पैराग्लाइडिंग की रणनीति पश्चिम एशिया में हमास द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली कार्यप्रणाली से प्रेरित लगती है।

उन्होंने आगे कहा कि जैश के आतंकवादियों और हमास के नेताओं के बीच नियमित बातचीत के बारे में कई गोपनीय जानकारी मिली हैं।

इस साल फरवरी में हमास के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के रावलकोट में कश्मीर एकजुटता दिवस पर एक रैली को संबोधित किया, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष आतंकवादी शामिल हुए।

रैली को हमास के प्रवक्ता खालिद कद्दौमी ने संबोधित किया जिसे भारतीय एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में जेहादी अभियान को कश्मीर में फलस्तीनी लड़ाई से जोड़ने के प्रयास के रूप में देखा।

बहावलपुर और नरोवाल स्थित अड्डों ने भारत में कई आत्मघाती हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को तैयार किया है। इन हमलों में 2016 में पठानकोट स्थित वायुसेना अड्डे समेत 2020 में नगरोटा पर किया गया हमला शामिल है।

इन फिदायीन (आत्मघाती) हमलों के लिए प्रशिक्षित किए गए लोगों में मसूद अजहर के करीबी रिश्तेदार, खासतौर पर उसका भतीजा तल्लाह रशीद, साथ ही उस्मान, उमर और मोहम्मद इस्माइल उर्फ लंबू शामिल थे।(भाषा)

ऐसी रिपोर्ट हैं कि इन प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षित किए जाने के बाद लोगों को हथियार प्रशिक्षण के लिए बालाकोट भेजा गया था।</description>
        <pubDate>Fri, 09 May 2025 05:15:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने 1,000 से अधिक ट्रांसजेंडर सैनिकों को सेना से बाहर करने का आदेश दिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-रकष-मतरलय-न-1000-स-अधक-टरसजडर-सनक-क-सन-स-बहर-करन-क-आदश-दय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-रकष-मतरलय-न-1000-स-अधक-टरसजडर-सनक-क-सन-स-बहर-करन-क-आदश-दय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 9 मई। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने सार्वजनिक रूप से ट्रांसजेंडर के रूप में अपनी पहचान वाले सैनिकों को सेना से तुरंत बाहर निकालने का आदेश दिया है और अन्य ट्रांसजेंडर सैनिकों को स्वयं की पहचान बताने के लिए 30 दिन का समय दिया है।

अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन को सेना में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाने की मंगलवार को अनुमति दे दी थी जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने यह कदम उठाया है।

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, रक्षा विभाग में अब ट्रांसजेंडर नहीं होंगे।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह निर्धारित करना मुश्किल है कि सेना में कितने ट्रांसजेंडर हैं लेकिन मेडिकल रिकॉर्ड से इसका पता लगाया जाएगा जिसके बाद इन सैनिकों को सेवा से बाहर कर दिया जाएगा।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने एक बयान में बताया कि जो 1,000 सैनिक ट्रांसजेंडर के रूप में अपनी पहचान पहले ही सार्वजनिक कर चुके हैं, उन्होंने सेना से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

दिशा-निर्देशों के अनुसार, शेष ट्रांसजेंडर सैनिकों को विभाग के समक्ष अपनी पहचान स्वेच्छा से बताने के लिए छह जून तक का समय दिया जाएगा।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 09 May 2025 05:15:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका युद्ध से दूर रहेगा, इससे हमारा कोई वास्ता नहीं: भारत&amp;पाकिस्तान तनाव पर वेंस ने कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-यदध-स-दर-रहग-इसस-हमर-कई-वसत-नह-भरत-पकसतन-तनव-पर-वस-न-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-यदध-स-दर-रहग-इसस-हमर-कई-वसत-नह-भरत-पकसतन-तनव-पर-वस-न-कह</guid>
        <description>(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क (अमेरिका), 9 मई। भारत और पाकिस्तान के मध्य बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने कहा है कि वह ऐसे युद्ध में शामिल नहीं होगा जिससे उसका मूलत: कोई वास्ता नहीं है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने बृहस्पतिवार को एक टीवी साक्षात्कार में कहा कि भारत और पाकिस्तान को अमेरिका नियंत्रित नहीं कर सकता लेकिन वह परमाणु-शक्ति संपन्न दोनों पड़ोसियों से तनाव कम करने की अपील कर सकता है।

यह पूछे जाने पर कि भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाला प्रशासन कितना चिंतित है, वेंस ने कहा, देखिए, हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं परमाणु शक्तियां आपस में टकरा न जाएं और कोई बड़ा संघर्ष न हो जाए।

वेंस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हवाले से कहा कि वाशिंगटन चाहता है कि तनाव जल्द से जल्द कम हो।

उपराष्ट्रपति ने कहा, हम इन देशों को नियंत्रित नहीं कर सकते। भारत को पाकिस्तान से कुछ शिकायतें हैं। पाकिस्तान ने भारत को जवाब दिया है। हम इन लोगों से अपील कर सकते हैं कि वे तनाव को कुछ कम करने की कोशिश करें लेकिन हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ने जा रहे। इससे वास्तव में हमारा कोई लेना देना नहीं है।

उन्होंने कहा, अमेरिका भारतीयों से हथियार डालने के लिए नहीं कह सकता। हम पाकिस्तानियों से हथियार डालने के लिए नहीं कह सकते। इसलिए हम कूटनीतिक माध्यमों से इस मामले को आगे बढ़ाते रहेंगे। हमें आशा और अपेक्षा है कि यह किसी व्यापक क्षेत्रीय युद्ध या भगवान न करे, किसी परमाणु संघर्ष में न बदल जाए, लेकिन हम इन चीजों को लेकर निश्चित रूप से चिंतित हैं।

वेंस ने कहा, मुझे लगता है कि यहां कूटनीति और शांत दिमाग से काम करना होगा, ताकि यह सुनिश्चित हो कि यह परमाणु युद्ध न बन जाए। अगर ऐसा हुआ तो यह निश्चित रूप से विनाशकारी होगा। अभी हमें नहीं लगता कि ऐसा होने वाला है।

वेंस, उनकी पत्नी उषा वेंस और उनके तीन बच्चे जब भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर थे तभी 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे।

हमले के दो सप्ताह बाद भारत ने मंगलवार देर रात को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया गया।

भारत ने बृहस्पतिवार रात को जम्मू, पठानकोट, उधमपुर एवं कुछ अन्य स्थानों में सैन्य प्रतिष्ठानों पर पाकिस्तान द्वारा मिसाइल एवं ड्रोन से हमला किए जाने के प्रयासों को विफल कर दिया। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष व्यापक होने की आशंका प्रबल हो गयी है।

भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के प्रयासों को विफल किए जाने के बाद रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा करने और अपने लोगों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 09 May 2025 05:15:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संसद की लाइब्रेरियन कार्ला हेडन को बर्खास्त किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-डनलड-टरप-न-ससद-क-लइबररयन-करल-हडन-क-बरखसत-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-डनलड-टरप-न-ससद-क-लइबररयन-करल-हडन-क-बरखसत-कय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 9 मई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संसद की लाइब्रेरियन कार्ला हेडन को अचानक बर्खास्त कर दिया है।

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) संघीय सरकार से उन लोगों को हटा रहा है जो राष्ट्रपति और सरकार के एजेंडे का विरोध करते हैं।

बृहस्पतिवार को तीन शीर्ष डेमोक्रेट सांसदों के बयानों में बर्खास्तगी का खुलासा किया गया और मामले से परिचित एक व्यक्ति ने इसकी पुष्टि की।

कनेक्टिकट से रिपब्लिकन पार्टी की सांसद रोजा डेलारो ने कहा कि ट्रंप ने हेडन को बेहद बेरहमी से निकाल दिया।

उन्होंने प्रशासन से हेडन को बर्खास्त किए जाने के बारे में स्पष्टीकरण देने की मांग की।

डेलारो ने एक बयान में कहा, डॉ. हेडन का कार्यकाल आधुनिकीकरण और लोकतंत्रीकरण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। उनकी बर्खास्तगी न केवल उनकी ऐतिहासिक सेवा का अपमान है, बल्कि हमारे सबसे सम्मानित संस्थानों में से एक संस्थान की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 09 May 2025 05:15:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मैं हूती विद्रोहियों पर हवाई हमले रोकने के आदेश दे रहा हूं : ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/म-हत-वदरहय-पर-हवई-हमल-रकन-क-आदश-द-रह-ह-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/म-हत-वदरहय-पर-हवई-हमल-रकन-क-आदश-द-रह-ह-टरप</guid>
        <description>वाशिंगटन, 7 मई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वह यमन के हूती विद्रोहियों पर लगभग दो माह से जारी हवाई हमलों को रोकने का आदेश दे रहे हैं।

ट्रंप ने कहा कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने संकेत दिया है कि वे अब और लड़ना नहीं चाहते और उन्होंने ( हूती विद्रोहियों) ने मालवाहक जहाजों के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर हमला बंद करने का वादा दिया है।

ओवल ऑफिस में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ बैठक की शुरुआत में ट्रंप ने कहा, हम हूती विद्रोहियों पर तुरंत प्रभाव से हमले बंद करने जा रहे हैं।

ट्रंप ने कहा कि हूतियों ने अमेरिकी अधिकारियों को संकेत दिया है कि वे अब और लड़ना नहीं चाहते हैं। हम इसका मान रखते हुए हमले रोक देंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह घोषणा उसी दिन की जब इजराइली सेना ने हूतियों के खिलाफ हवाई हमले शुरू किए, जिसके बारे में उसने कहा कि यमन की राजधानी सना में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पूरी तरह तबाह कर दिया है। रविवार को इजराइल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूतियों द्वारा किए गए मिसाइल हमले के जवाब में इजराइल ने यमन में विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाया।

एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप के सार्वजनिक रूप से इस संबंध में घोषणा किए जाने से पहले प्रशासन ने हूतियों के साथ बातचीत के बारे में इजराइल को सूचित नहीं किया।

नाम न उजागर करने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि इजराइल इस अप्रत्याशित घोषणा से नाखुश है, खासकर इसलिए क्योंकि हूतियों ने इजराइल और इसके अन्य अड्डों पर हमले जारी रखे हैं।

ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिका-हूती बातचीत से इजराइल को बाहर रखा गया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 07 May 2025 11:02:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत के हमले पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री क्या बोले?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-क-हमल-पर-पकसतन-क-रकष-मतर-कय-बल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-क-हमल-पर-पकसतन-क-रकष-मतर-कय-बल</guid>
        <description>पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने दावा किया है कि भारत ने आम नागरिकों को निशाना बनाया है.

ख़्वाजा आसिफ़ ने बीबीसी उर्दू से कहा, देखिए, वो (भारत) ये दावा कर रहे हैं कि उन्होंने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है. मैं अंतरराष्ट्रीय मीडिया से कहूंगा कि वे सारे साइड खुद आकर देख लें कि ये आतंकी ठिकाने थे या सिविल आबादी थी, जिसमें हमारी दो मस्जिदें भी थीं.

एक बच्चा शहीद हुआ है. एक ख़ातून शहीद हुई हैं. मेरे पास ताज़ा आंकड़ा नहीं है शहादतों का, लेकिन ये सभी सात टारगेट जिनकी पुष्टि हुई है, इनमें से दो कश्मीर में और पांच पाकिस्तान में हैं. ये सभी टारगेट सिविल आबादी पर थे.

पाकिस्तानी सेना ने भी बीबीसी से पुष्टि की है कि भारत के हमले में दो बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 07 May 2025 11:02:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइली राजदूत ने कहा: इसराइल भारत के आत्मरक्षा के अधिकार के समर्थन में</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-रजदत-न-कह-इसरइल-भरत-क-आतमरकष-क-अधकर-क-समरथन-म</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-रजदत-न-कह-इसरइल-भरत-क-आतमरकष-क-अधकर-क-समरथन-म</guid>
        <description>भारत में इसराइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर पर प्रतिक्रिया दी है.

इसराइली राजदूत ने एक्स पर पोस्ट किया, इसराइल भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता है. आतंकवादियों को पता होना चाहिए कि निर्दोषों के ख़िलाफ़ उनके जघन्य अपराधों से बचने के लिए उनके पास छिपने की कोई जगह नहीं है.

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने कहा, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर में नौ आतंकवादी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर लक्षित हमले किए गए हैं.

भारत ने इन हमलों को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 07 May 2025 11:02:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाक हमला: मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि यह लड़ाई जल्द खत्म हो : डोनाल्ड ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पक-हमल-म-बस-यह-उममद-करत-ह-क-यह-लडई-जलद-खतम-ह-डनलड-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पक-हमल-म-बस-यह-उममद-करत-ह-क-यह-लडई-जलद-खतम-ह-डनलड-टरप</guid>
        <description>न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 7 मई। भारत द्वारा मंगलवार को आधी रात के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए सैन्य हमले के तुरंत बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह लड़ाई बहुत जल्द समाप्त हो जाएगी।

उन्होंने कहा, यह शर्मनाक है।

उन्होंने आगे कहा, हमने इसके बारे में तब सुना जब हम ओवल (अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय) जा रहे थे। मुझे लगता है कि लोगों को पता था कि अतीत में जो कुछ हुआ है उसके आधार पर कुछ होने वाला है।

ट्रंप ने कहा, वे लंबे समय से लड़ रहे हैं। वास्तव में, अगर आप वास्तव में इसके बारे में सोचें तो वे कई दशकों और सदियों से लड़ रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या उनके पास दोनों देशों के लिए कोई संदेश है, उन्होंने कहा, नहीं, मैं बस उम्मीद करता हूं कि यह बहुत जल्दी खत्म हो जाए।

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन का गढ़ बहावलपुर भी शामिल है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सैन्य हमले ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए।

भारत की ओर से यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के दो सप्ताह बाद हुई है।

रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा, ये कदम पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले के मद्देनजर उठाए गए हैं, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी।

बयान में कहा गया, हम इस प्रतिबद्धता पर खरे उतर रहे हैं कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 07 May 2025 11:02:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान में रेड अलर्ट, पीएम शहबाज शरीफ करेंगे देश को संबोधित</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ऑपरशन-सदर-क-बद-पकसतन-म-रड-अलरट-पएम-शहबज-शरफ-करग-दश-क-सबधत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ऑपरशन-सदर-क-बद-पकसतन-म-रड-अलरट-पएम-शहबज-शरफ-करग-दश-क-सबधत</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 7 मई । भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को रेड अलर्ट पर रखा गया है। देश भर के सरकारी अस्पताल किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार हैं। साथ ही सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए हवाई क्षेत्र 24 से 36 घंटों के लिए बंद कर दिया गया है। भारतीय सेना के हमलों के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार दोपहर राष्ट्र को संबोधित करेंगे। उन्होंने देश में मौजूदा सुरक्षा स्थिति और भारत के खिलाफ भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री आवास में एक आपातकालीन राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक भी बुलाई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में नीति तैयार की जाएगी और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित वैश्विक शक्तियों के हस्तक्षेप पर भी विचार किया जाएगा, जिन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने तथा दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच तेजी से बढ़ रहे तनाव को कम करने का आह्वान किया है।

दरअसल, भारत की तरफ से आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले के बाद राजधानी इस्लामाबाद और पंजाब प्रांत के सभी शिक्षण संस्थान भी बंद कर दिए गए हैं और सभी सुरक्षा बलों को तैयार रहने को कहा गया है। पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि हवाई हमलों में कम से कम 26 लोग मारे गए हैं और 46 अन्य घायल हुए हैं। नई दिल्ली ने कहा कि हवाई हमलों में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और पंजाब प्रांत में आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया। भारत के हमलों और इस्लामाबाद की जवाबी कार्रवाई ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, जो डर रहे हैं कि यह दोनों देशों के बीच पूर्ण युद्ध का कारण बन सकता है। ये हमले 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किए गए, जिसमें चार आतंकियों ने 26 नागरिकों को बेरहमी से मार डाला था।</description>
        <pubDate>Wed, 07 May 2025 11:02:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान की नेशनल असेंबली आज फिर करेगी बैठक, इन मुद्दों पर होगी चर्चा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-नशनल-असबल-आज-फर-करग-बठक-इन-मदद-पर-हग-चरच</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-नशनल-असबल-आज-फर-करग-बठक-इन-मदद-पर-हग-चरच</guid>
        <description>पाकिस्तान की नेशनल असेंबली मंगलवार, 6 मई को सुबह 11 बजे फिर बैठक करेगी. इस बैठक में पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर चर्चा की जाएगी.

इसके अलावा, भारत की ओर से सिंधु जल संधि के निलंबन से जुड़ी घोषणा से बनी स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी.

इससे पहले, सोमवार को आयोजित सत्र में पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने सभी तरह के आतंकवाद की निंदा की और इस बात पर ज़ोर दिया कि निर्दोष नागरिकों की हत्या पाकिस्तान के मूल्यों के ख़िलाफ़ है.

वहीं सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी भारत-पाकिस्तान तनाव पर बंद कमरे में एक बैठक की. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इस बैठक में राजदूतों ने संयम और बातचीत की अपील की.

सुरक्षा परिषद की ये बैठक क़रीब डेढ़ घंटे तक चली, हालांकि बैठक के बाद परिषद की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 06 May 2025 13:17:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ब्रिटेन में इलाज के बाद स्वदेश लौटीं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-परव-परधनमतर-खलद-जय-बरटन-म-इलज-क-बद-सवदश-लट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-परव-परधनमतर-खलद-जय-बरटन-म-इलज-क-बद-सवदश-लट</guid>
        <description>ढाका, 6 मई। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया लंदन में चार महीने तक इलाज कराने के बाद मंगलवार को स्वदेश लौट आईं। मीडिया में आई खबर से यह जानकारी मिली।

जिया आठ जनवरी को बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए लंदन गई थीं और उन्हें लंदन क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। क्लीनिक से छुट्टी मिलने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष अपने सबसे बड़े बेटे तारिक रहमान के घर चली गईं।

बीडीन्यूज 24 की खबर के अनुसार, कतर के अमीर द्वारा भेजी गई एयर एंबुलेंस खालिदा और उनकी दो बहुओं - तारिक रहमान की पत्नी जुबैदा रहमान और दिवंगत अराफात रहमान कोको की पत्नी सईदा शर्मिला रहमान को लेकर सुबह करीब 10:30 बजे ढाका पहुंची।

विमान स्थानीय समयानुसार शाम 4:20 बजे लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से रवाना हुआ था। खालिदा के निजी चिकित्सक प्रोफेसर एजेडएम जाहिद हुसैन के अनुसार, तारिक अपनी मां को हवाई अड्डे तक पहुंचाने गए और उन्हें विदा किया।

बांग्लादेश की तीन बार प्रधानमंत्री रह चुकीं 79 वर्षीय खालिदा लंबे समय से लिवर सिरोसिस, किडनी रोग, हृदय रोग, मधुमेह और गठिया से पीड़ित हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 06 May 2025 13:17:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हार्वर्ड को प्रशासन की मांग पूरी नहीं करने पर नए संघीय अनुदान नहीं मिलेंगे: ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हरवरड-क-परशसन-क-मग-पर-नह-करन-पर-नए-सघय-अनदन-नह-मलग-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हरवरड-क-परशसन-क-मग-पर-नह-करन-पर-नए-सघय-अनदन-नह-मलग-टरप</guid>
        <description>वाशिंगटन, 6 मई। अमेरिका के शिक्षा विभाग ने सोमवार को घोषणा की कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को तब तक कोई नया संघीय अनुदान नहीं दिया जाएगा, जब तक वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की मांगों को पूरा नहीं करती है।

शिक्षा विभाग ने इस बाबत हार्वर्ड के अध्यक्ष को एक पत्र भेजा है, जिसे ट्रंप प्रशासन और इस प्रतिष्ठित संस्थान के बीच टकराव में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले प्रशासन ने हार्वर्ड को दिए जा रहे 2.2 अरब डॉलर के संघीय अनुदान को रोक दिया था और अब ट्रंप विश्वविद्यालय से कर से छूट का दर्जा वापस लेने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।

शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि हार्वर्ड को कोई नया संघीय अनुदान तब तक नहीं मिलेगा, जब तक वह विश्वविद्यालय के जिम्मेदार प्रबंधन को प्रमाणित नहीं करता और विभिन्न मुद्दों पर सरकार की मांगों को पूरा नहीं करता।

उन्होंने कहा कि यह रोक केवल अनुसंधान के लिए मिलने वाले संघीय अनुदान पर लागू होगी और छात्रों को मिलने वाली ट्यूशन और फीस संबंधी संघीय वित्तीय सहायता पर लागू नहीं की जाएगी।

अधिकारी ने आरोप लगाया, हार्वर्ड चार महत्वपूर्ण मोर्चों पर गंभीर विफलताओं का सामना कर रहा है। ये मोर्चे हैं: यहूदी विरोध, नस्लीय भेदभाव, लापरवाही और विचारों की विविधता की अनदेखी। नए अनुदान प्राप्त करने की पात्रता पाने के लिए हार्वर्ड को संघीय सरकार से बातचीत करनी होगी और यह साबित करना होगा कि उसने प्रशासन की मांगों को पूरा किया है।

इससे पहले हार्वर्ड के अध्यक्ष कह चुके हैं कि वह सरकार की शर्तों के आगे नहीं झुकेंगे। विश्वविद्यालय ने पिछले महीने अनुदान रोके जाने के खिलाफ मुकदमा दायर किया था।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 06 May 2025 13:17:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत&amp;पाक स्थिति पर सोमवार को बंद कमरे में होगी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-पक-सथत-पर-समवर-क-बद-कमर-म-हग-सयकत-रषटर-सरकष-परषद-क-बठक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-पक-सथत-पर-समवर-क-बद-कमर-म-हग-सयकत-रषटर-सरकष-परषद-क-बठक</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र, 5 मई। भारत और पाकिस्तान के बीच हालात को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सोमवार को बंद कमरे में एक बैठक होगी।

पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर आपात बैठक की मांग की है।

पाकिस्तान वर्तमान में 15 देशों की सदस्यता वाली शक्तिशाली सुरक्षा परिषद का एक अस्थायी सदस्य है। सुरक्षा परिषद की मई महीने के लिए अध्यक्षता यूनान कर रहा है।

पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच तनाव पर बंद कमरे में परामर्श का अनुरोध किया था और सुरक्षा परिषद के वर्तमान अध्यक्ष यूनान ने पांच मई को दोपहर में बैठक निर्धारित की है।

सुरक्षा परिषद के पांच वीटो-धारक स्थायी सदस्यों - चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका के अलावा परिषद में 10 अस्थायी सदस्य अल्जीरिया, डेनमार्क, यूना, गुयाना, पाकिस्तान, पनामा, दक्षिण कोरिया, सिएरा लियोन, स्लोवेनिया और सोमालिया हैं।

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद परमाणु हथियार संपन्न दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों भारत एवं पाकिस्तान के मध्य तनाव बढ़ने के बीच मई महीने के लिए सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष यूनान के राजदूत एवं संयुक्त राष्ट्र में देश के स्थायी प्रतिनिधि इवेंजेलोस सेकेरिस ने पिछले सप्ताह कहा था कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति पर चर्चा करने के लिए बैठक का अनुरोध आता है, तो बेशक... मुझे लगता है कि यह बैठक होनी चाहिए क्योंकि जैसा कि हमने कहा कि संभवत: यह विचार व्यक्त करने का एक अवसर भी है और इससे तनाव कम करने में कुछ मदद मिल सकती है। हम इस पर विचार करेंगे।

उन्होंने कहा, हम (भारत और पाकिस्तान के साथ) निकट संपर्क में हैं... लेकिन यह कुछ ऐसा है जो हो सकता है, मैं कहूंगा, जल्द होगा। हम विचार करेंगे, हम तैयारी कर रहे हैं। यह मेरे (यूएनएससी) अध्यक्ष पद का पहला दिन है।

पाकिस्तान से उत्पन्न सीमा पार आतंकवाद से भारत के पीड़ित होने के बारे में पीटीआई-भाषा द्वारा पूछे गए पूछे गए एक सवाल के जवाब में सेकेरिस ने कहा, यह एक ऐसा मुद्दा है जो बहुत ही प्रासंगिक है। जैसा कि मैंने पहले कहा कि हम आतंकवाद के किसी भी कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं और यही हमने पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले पर किया है जिसमें निर्दोष लोग मारे गए। भारत वर्तमान में सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है।

सेकेरिस ने कहा कि हम भारत सरकार, नेपाल और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं।

उन्होंने कहा, हम आतंकवाद की सभी रूपों में निंदा करते हैं, हर जगह जहां भी ऐसी (आतंकवादी) घटनाएं हो रही हैं, हम उनकी निंदा करते हैं। दूसरी ओर, हम इस तनाव को लेकर चिंतित हैं जो इस क्षेत्र में बढ़ रहा है। दो बहुत बड़े देश। बेशक, भारत पाकिस्तान से कहीं ज्यादा बड़ा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश यूनान से कहीं अधिक बड़े हैं।

सेकेरिस ने कहा, हम तनाव कम करने और बातचीत के आह्वान में भी शामिल हैं ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो जाए।

पहलगाम हमले के बाद इस सप्ताह की शुरुआत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन और पाकिस्तान को छोड़कर सुरक्षा परिषद के सभी सदस्यों के साथ बात की।

जयशंकर ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों के साथ फोन पर हुई बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि हमले के अपराधियों, समर्थकों और साजिश रचने वालों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।

जयशंकर ने यूनान के विदेश मंत्री जॉर्ज गेरापेट्राइटिस के साथ सार्थक बातचीत की और पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा की।

जयशंकर ने कहा था, भारत सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ यूनान के दृढ़ विरोध का स्वागत करता है और हमारी रणनीतिक साझेदारी हमारे संबंधों की गहराई को दर्शाती है।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी, फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बरोट, दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ताए-युल, डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन, सिएरा लियोन गणराज्य के विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री टिमोथी मूसा काबा, अल्जीरिया के विदेश मंत्री अहमद अताफ से बात की।

जयशंकर ने गुयाना के विदेश मंत्री ह्यूग हिल्टन टॉड, स्लोवेनिया की विदेश मंत्री तंजा फाजोन, सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दिसलाम आब्दी अली और पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा वास्क्वेज से भी बात की।

पिछले शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने संयुक्त राष्ट्र में प्रेस वार्ता में कहा था कि उनके देश को उचित लगने पर बैठक बुलाने का अधिकार है।

अहमद ने कहा था, हम देख रहे हैं कि यह सब कुछ जम्मू कश्मीर की स्थिति की पृष्ठभूमि में हो रहा है।

पाकिस्तानी राजदूत ने पिछले सप्ताह गुतारेस से मुलाकात की थी और उन्हें क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी थी।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 05 May 2025 07:08:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइली सेना ने ग़ज़ा पर हमला बढ़ाने के लिए रिज़र्व सैनिकों को बुलाना शुरू किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-सन-न-गज-पर-हमल-बढन-क-लए-रजरव-सनक-क-बलन-शर-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-सन-न-गज-पर-हमल-बढन-क-लए-रजरव-सनक-क-बलन-शर-कय</guid>
        <description>इसराइली सेना ने ग़ज़ा में अपने अभियान को तेज़ करने और बढ़ाने के लिए हज़ारों रिज़र्व सैनिकों को बुलाना शुरू कर दिया है.

इसराइली रक्षा बलों (आईडीएफ़) ने कहा है कि वह ग़ज़ा से बंधकों की रिहाई और हमास को हराने के उद्देश्य से दबाव बढ़ा रहा है.

सेना ने कहा कि योजना के तहत वह नए क्षेत्रों में काम करेगी और ज़मीन के ऊपर और नीचे सभी बुनियादी ढांचे को नष्ट कर देगी.

इसराइली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार इसराइली सुरक्षा कैबिनेट ने ग़ज़ा में नए सिरे से सैन्य विस्तार को मंज़ूरी दे दी है.

हालांकि, कई रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इस सैन्य विस्तार को अगले हफ़्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के बाद लागू किया जाएगा.

इसराइल और हमास के बीच युद्ध विराम का समझौता विफल रहा है और ग़ज़ा में 59 बंधकों की रिहाई बाकी है, जिनमें से 24 बंधकों के ज़िंदा होने की संभावना है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 05 May 2025 07:08:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पेरू की सोने की खदान से अपहृत 13 श्रमिक मृत पाए गए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पर-क-सन-क-खदन-स-अपहत-13-शरमक-मत-पए-गए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पर-क-सन-क-खदन-स-अपहत-13-शरमक-मत-पए-गए</guid>
        <description>लीमा (पेरू), 5 मई। पेरू में सोने की प्रमुख खदान से करीब एक सप्ताह पहले अपहृत किए गए 13 सुरक्षा गार्ड के शव रविवार को बरामद किए गए। उनकी मौत ऐसे समय में हुई है, जब दक्षिण अमेरिकी देश के महत्वपूर्ण खनन उद्योग में हिंसा बढ़ गई है। पेरू के गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

सोने की खदान, ला पोडेरोसा की ओर से कहा गया कि खोज और बचाव दल ने रविवार को खदान में कर्मचारियों के शव बरामद किए। कंपनी ने उनके अपहरण का आरोप अनौपचारिक खनन कर्मियों पर लगाया, जो कथित तौर पर आपराधिक गिरोहों से जुड़े थे। आरोप है कि इन खनन कर्मियों ने 26 अप्रैल को सोने की खदान पर घात लगाकर हमला किया था।

पेरू के आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि उसने इन जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए विशेष पुलिस बल तैनात किया है।

पेरू की राजधानी लीमा स्थित निजी कंपनी ला पोडेरोसा ने कहा कि पेरू के सुदूर उत्तर-पश्चिमी शहर पाटाज़ में खदान पर नियंत्रण के लिए लड़ रहे आपराधिक समूहों ने 1980 में कंपनी के परिचालन शुरू करने के बाद से अब तक कंपनी के 39 श्रमिकों की हत्या कर दी है, जिनमें वर्तमान में मारे गए 13 श्रमिक भी शामिल हैं।

दिसंबर 2023 में अवैध खनिकों ने इसी पोडेरोसा खदान पर विस्फोटकों से हमला किया, जिसमें नौ लोग मारे गए और 15 घायल हो गए। हमलों के मद्देनजर जवाब में ला पोडेरोसा ने अधिक संख्या सुरक्षा गार्ड भेजे।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 05 May 2025 07:08:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन के दक्षिण&amp;पश्चिमी हिस्से में तूफान के कारण नौकाएं पलटीं, नौ लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-क-दकषण-पशचम-हसस-म-तफन-क-करण-नकए-पलट-न-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-क-दकषण-पशचम-हसस-म-तफन-क-करण-नकए-पलट-न-लग-क-मत</guid>
        <description>बीजिंग, 5 मई। दक्षिण-पश्चिमी चीन के गुइझोउ प्रांत में अचानक आए तेज तूफान के चलते वू नदी में चार पर्यटक नावें पलट गईं, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति लापता है। चीन के सरकारी मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, रविवार दोपहर में गुइझोउ के एक दर्शनीय स्थल पर तेज हवाओं के कारण यह हादसा हुआ। इस दौरान 80 से अधिक लोग नौकाओं से नदी में गिर गए।

शरुआती खबरों में दो नावों के पलटने की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में सीसीटीवी और शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने पुष्टि की कि इस दुर्घटना में कुल चार नावें पलट गईं। यह स्पष्ट नहीं है कि अन्य दो नावों पर भी कोई पीड़ित था या नहीं।

वू नदी, चीन की सबसे लंबी नदी यांग्त्जी की सहायक नदी है।

गुइझोउ की पहाड़ियां और नदियां देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं, और फिलहाल वहां पांच दिवसीय राष्ट्रीय अवकाश के चलते भारी संख्या में सैलानी पहुंचे हुए हैं।

राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए लापता व्यक्ति की तलाश और घायलों के इलाज में हरसंभव प्रयास का आह्वान किया है।

सरकार परिवहन क्षेत्र में मौत के मामलों को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन अधिक भार, रख-रखाव की कमी और सुरक्षा उपायों के अभाव के चलते छुट्टियों के दौरान हादसों में बढ़ोतरी देखी गई है।

सीसीटीवी के अनुसार दुर्घटना में शामिल दो नावों में लगभग 40-40 लोग सवार थे। नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार नहीं थे।

एक चश्मदीद ने सरकारी अखबार बीजिंग न्यूज को बताया कि नदी की गहराई अधिक थी, लेकिन कुछ लोग तैरकर किनारे तक पहुंचने में सफल रहे।

उन्होंने कहा कि तूफान अचानक आया और घना कोहरा फैलने से नदी की सतह दिखाई नहीं दे रही थी।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 05 May 2025 07:08:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने दुनिया की इस सबसे ख़तरनाक जेल को फिर से खोलने का आदेश दिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-दनय-क-इस-सबस-खतरनक-जल-क-फर-स-खलन-क-आदश-दय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-दनय-क-इस-सबस-खतरनक-जल-क-फर-स-खलन-क-आदश-दय</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अल्काट्राज़ जेल को फिर से खोलने और उसका विस्तार करने की घोषणा की है.

रविवार को अपने ट्रुथ सोशल साइट पर ट्रंप ने लिखा, लंबे समय से अमेरिका क्रूर, हिंसक और बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों से त्रस्त रहा है.

ट्रंप ने कारागार ब्यूरो के साथ न्याय विभाग, एफबीआई और होमलैंड सिक्योरिटी को ये जेल दोबारा खोलने का निर्देश दिया है.

उन्होंने कहा कि अमेरिका के सबसे क्रूर और हिंसक अपराधियों के लिए वो अल्काट्राज़ जेल को खोलने का निर्देश दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अल्काट्राज़ का दोबारा खुलना क़ानून, व्यवस्था और न्याय का प्रतीक होगा.

अल्काट्राज़ जेल एक द्वीप पर स्थित है. इसे दुनिया की सबसे ख़तरनाक जेल माना जाता है, जिसे 1963 में बंद कर दिया गया था.

अल्काट्राज़ द्वीप वर्तमान में एक पर्यटक स्थल के रूप में चल रहा है. यह सैन फ्रांसिस्को के गोल्डन गेट ब्रिज के पास स्थित है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 05 May 2025 07:08:31 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान में एफ़एम रेडियो पर भारतीय गीतों के प्रसारण पर रोक</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-म-एफएम-रडय-पर-भरतय-गत-क-परसरण-पर-रक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-म-एफएम-रडय-पर-भरतय-गत-क-परसरण-पर-रक</guid>
        <description>पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच पाकिस्तान ब्रॉडकस्टर्स एसोसिएशन (पीबीए) ने पाकिस्तानी एफ़एम रेडियो पर भारतीय गानों के प्रसारण को रोक दिया है.

पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि देशभक्ति से भरा यह फ़ैसला पूरे देश की सामूहिक भावना को दिखाता है.

पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा है, मैं पीबीए के इस फ़ैसले की गहराई से प्रशंसा करता हूं. यह दिखाता है कि हम देश की एकता के लिए एक साथ खड़े हैं और ऐसे समय में देश की मूल भावना का समर्थन करते हैं.

उन्होंने कहा, हम पूरे गर्व के साथ राष्ट्रहित में उठाए गए इस कदम के लिए मीडिया समूहों की सराहना करते हैं(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 02 May 2025 08:12:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पहलगाम हमला: चीन ने कहा, &amp;apos;पाकिस्तान का हमेशा समर्थन करेंगे&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पहलगम-हमल-चन-न-कह-पकसतन-क-हमश-समरथन-करग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पहलगम-हमल-चन-न-कह-पकसतन-क-हमश-समरथन-करग</guid>
        <description>पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से चीनी राजदूत जियांग ज़ेडोंग ने मुलाक़ात की.

इस बैठक में चीनी राजदूत ने कहा है कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए चीन हमेशा पाकिस्तान का समर्थन करेगा.

पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को लगातार समर्थन देने के लिए शहबाज़ शरीफ़ ने चीन को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा आतंकवाद के ख़िलाफ़ है और इस युद्ध में काफी कुछ खोया है.

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कुछ दिन पहले पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार के साथ टेलीफोन पर बातचीत में कहा था कि जम्मू-कश्मीर में हमले के बाद चीन पाकिस्तान और भारत के बीच बढ़ते हुए तनाव पर नज़र बनाए हुए है.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा था कि पानी को हथियार बनाने का भारत का निर्णय अत्यंत अफ़सोसजनक है. वो भारत के सिंधु जल समझौते को निलंबित करने का ज़िक्र करते हुए ये कह रहे थे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 02 May 2025 08:12:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने माइक वाल्ट्ज को एनएसए के पद से हटाकर अब दी ये नई ज़िम्मेदारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-मइक-वलटज-क-एनएसए-क-पद-स-हटकर-अब-द-य-नई-जममदर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-मइक-वलटज-क-एनएसए-क-पद-स-हटकर-अब-द-य-नई-जममदर</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माइक वाल्ट्ज को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद से हटाने के बाद एक नई ज़िम्मेदारी दी है.

ट्रंप ने इसकी घोषणा ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में की है. उन्होंने लिखा, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं माइक वाल्ट्ज को संयुक्त राष्ट्र में अगले अमेरिकी राजदूत के रूप में नामित करूंगा.

ट्रंप ने आगे लिखा, युद्ध के मैदान में वर्दी में रहने के दौरान, कांग्रेस में और मेरे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में, माइक वाल्ट्ज ने हमारे राष्ट्र के हितों को सबसे ऊपर रखने के लिए कड़ी मेहनत की है. मुझे पता है कि वह अपनी नई भूमिका में भी ऐसा ही करेंगे.

ट्रंप ने बताया है कि वॉल्ट्ज की जगह पर फ़िलहाल विदेश मंत्री मार्को रूबियो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का अतिरिक्त काम संभालेंगे.

वाल्ट्ज ने राष्ट्रपति की इस घोषणा के स्क्रीनशॉट के साथ एक्स पर एक पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा, मैं राष्ट्रपति ट्रंप और हमारे महान राष्ट्र के लिए अपनी सेवा जारी रखने के लिए बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं.

हाल ही में वाल्ट्ज को एक पत्रकार को ग़लती से एक चैट ग्रुप में जोड़ने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था, जिसमें संवेदनशील सैन्य योजनाओं पर चर्चा की जा रही थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 02 May 2025 08:12:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>परमाणु समझौते पर अमेरिका&amp;ईरान के बीच कल होने वाली बैठक टली, अमेरिकी विदेश विभाग ने क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/परमण-समझत-पर-अमरक-ईरन-क-बच-कल-हन-वल-बठक-टल-अमरक-वदश-वभग-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/परमण-समझत-पर-अमरक-ईरन-क-बच-कल-हन-वल-बठक-टल-अमरक-वदश-वभग-न-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर शनिवार को होने वाली चौथे दौर की वार्ता को फिलहाल टाल दिया गया है.

दोनों देशों के बीच वार्ता की मध्यस्थता कर रहे ओमानी विदेश मंत्री बद्र अल्बुसैदी ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि शनिवार 3 मई को होने वाली अमेरिका-ईरान बैठक को टाल दिया गया है.

उन्होंने लिखा कि बैठक की अगली तारीख़ की घोषणा दोनों देशों की आपसी सहमति से की जाएगी.

ओमानी विदेश मंत्री के इस पोस्ट के बारे में बीबीसी फ़ारसी के एक सवाल के जवाब में अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा, चौथे दौर की वार्ता में अमेरिका की भागीदारी का समय और स्थान कभी निर्धारित नहीं किया गया था.

ब्रूस ने आगे कहा, लेकिन मैं आपको बता सकती हूं कि वार्ता में हमारे प्रतिनिधि जो कह रहे हैं, उसके आधार पर मुझे संदेह है कि निकट भविष्य में कुछ होगा, और जैसे ही हमें डिटेल मिलेगी, हम उसकी जानकारी देंगे.

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सभी देशों को चेतावनी दी है कि वे ईरान से तेल खरीदना बंद कर दें या फिर अतिरिक्त अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करने के लिए तैयार रहें.

चौथे दौर की वार्ता स्थगित होने की ख़बर ऐसे समय में आई है, जब अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बुधवार को ईरान को हूतियों का समर्थन करने की कीमत चुकाने की चेतावनी दी थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 02 May 2025 08:12:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने ‘पीबीएस’, ‘एनपीआर’ की सरकारी सब्सिडी में कटौती संबंधी शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-पबएस-एनपआर-क-सरकर-सबसड-म-कटत-सबध-शसकय-आदश-पर-हसतकषर-कए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-पबएस-एनपआर-क-सरकर-सबसड-म-कटत-सबध-शसकय-आदश-पर-हसतकषर-कए</guid>
        <description>वाशिंगटन, 2 मई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक प्रसारकों पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग सर्विस (पीबीएस) और नेशनल पब्लिक रेडियो (एनपीआर) को दी जाने वाली सब्सिडी में कटौती संबंधी शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए। ट्रंप ने इन मीडिया संस्थानों पर रिपोर्टिंग के दौरान पक्षपातपूर्ण होने का आरोप लगाया है।

आदेश में सार्वजनिक प्रसारण निगम और अन्य संघीय एजेंसियों को एनपीआर एवंपीबीएस के लिए संघीय निधि को रोकने का निर्देश दिया गया है तथा यह भी कहा गया है कि वे इन समाचार संगठनों के लिए सरकारी वित्तपोषण के अप्रत्यक्ष स्रोतों को समाप्त करने के लिए काम करें।

अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने आदेश पर हस्ताक्षर किए जाने की घोषणा करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि इन समाचार संगठनों को करदाताओं से लाखों डॉलर मिलते हैं, लेकिन वे समाचार के नाम पर कट्टरपंथी दुष्प्रचार का काम करते हैं।

प्रसारकों को सार्वजनिक प्रसारण निगम के माध्यम से सरकार से लगभग 50 करोड़ डॉलर का धन मिला करता था।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 02 May 2025 08:12:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका की जीडीपी में गिरावट, टैरिफ़ के अलावा ये रही बड़ी वजह</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-जडप-म-गरवट-टरफ-क-अलव-य-रह-बड-वजह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-जडप-म-गरवट-टरफ-क-अलव-य-रह-बड-वजह</guid>
        <description>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले तीन महीनों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की हालत क्या रही है? इसकी रिपोर्ट आई है.

यूएस ब्यूरो ऑफ़ इकोनॉमिक एनालिसिस के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक पहली तिमाही यानी जनवरी-मार्च में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 0.3 फ़ीसदी की गिरावट आई है.

अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने कहा है कि 2024 की अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में अमेरिका की जीडीपी 2.4 फ़ीसदी की रफ़्तार से बढ़ रही थी,लेकिन इसकी अगली ही तिमाही में इसमें गिरावट आई है.

विश्लेषकों का मानना है कि हालाँकि ये गिरावट बहुत ख़ास नहीं है, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ़ की घोषणाएं की हैं,उसका असर दिखा है. सरकारी खर्च में कटौती ने भी असर दिखाया है.

ट्रंप की घोषणाएं लागू हों इससे पहले ही अमेरिकी कंपनियों ने आयात बढ़ा दिया, शायद ये बड़ी वजह रही कि इस तिमाही में आयात 40 फ़ीसदी बढ़ा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 01 May 2025 06:18:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी बच्चों को 30 की जगह दो गुड़िया मिल सकती हैं, लेकिन व्यापार युद्ध में चीन को अधिक नुकसान:ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-बचच-क-30-क-जगह-द-गडय-मल-सकत-ह-लकन-वयपर-यदध-म-चन-क-अधक-नकसनटरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-बचच-क-30-क-जगह-द-गडय-मल-सकत-ह-लकन-वयपर-यदध-म-चन-क-अधक-नकसनटरप</guid>
        <description>वॉशिंगटन, 1 मई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को स्वीकार किया कि उनके शुल्क के फैसले के परिणामस्वरूप अमेरिका में उत्पाद कम तथा महंगे हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जारे दिया कि इससे अमेरिकी बच्चों के पास 30 गुड़ियों के बजाय दो गुड़ियां हो सकती हैं, लेकिन उनके व्यापार युद्ध से चीन को अधिक नुकसान होगा।

रिपब्लिकन राष्ट्रपति ने घबराये हुए देश को आश्वस्त करने का प्रयास किया है कि उनके शुल्क से मंदी नहीं आएगी।

सरकार की एक नई रिपोर्ट में वर्ष के पहले तीन महीनों के दौरान अमेरिकी अर्थव्यवस्था में गिरावट आने की बात कहे जाने के बाद ट्रंप ने यह बयान दिया है।

ट्रंप ने अपने मंत्रिमंडल से कहा कि उनके शुल्क का मतलब है कि चीन को  काफी कठिनाई हो रही है क्योंकि उनके कारखाने व्यवसाय नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका को वास्तव में दुनिया के प्रमुख विनिर्माता से आयात की आवश्यकता नहीं थी।

ट्रंप ने एक काल्पनिक उदाहरण देते हुए कहा,  इससे शायद बच्चों के पास 30 गुड़ियों के बजाय दो गुड़िया होंगी। इसलिए शायद दो गुड़ियों की कीमत सामान्य से कुछ डॉलर अधिक होगी।

गौरतलब है कि वाणिज्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, पहली (जनवरी-मार्च) तिमाही के दौरान अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 0.3 प्रतिशत की वार्षिक दर से संकुचन हुआ है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 01 May 2025 06:18:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लंबी बातचीत के बाद अमेरिका&amp;यूक्रेन के बीच हुआ ये ऐतिहासिक समझौता, ट्रंप ने क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लब-बतचत-क-बद-अमरक-यकरन-क-बच-हआ-य-ऐतहसक-समझत-टरप-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लब-बतचत-क-बद-अमरक-यकरन-क-बच-हआ-य-ऐतहसक-समझत-टरप-न-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिका ने घोषणा की है कि उसने यूक्रेन के साथ प्राकृतिक संसाधन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. अमेरिकी वित्त विभाग की ओर जारी एक प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ दोनों देश एक रिकंस्ट्रक्शन इनवेस्टमेंट फंड बनाने पर सहमत हुए हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस डील से अमेरिका को अधिक फ़ायदा होगा.

उन्होंने कहा, बाइडन ने यूक्रेन को 350 अरब डॉलर दिए. अब हमने एक ऐसी डील की है कि हमें इससे अधिक पैसे मिलेंगे.

इससे पहले अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेन्को ने बुधवार को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए.

अमेरिकी वित्त विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस सौदे के तहत दोनों देश यह सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करेंगे कि पारस्परिक संपत्ति, प्रतिभा और क्षमताएं कीएव की रिकवरी में तेजी ला सकें.

यूक्रेन के दुर्लभ खनिजों तक अमेरिका की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कीएव और वाशिंगटन के बीच कई महीनों से एक समझौते पर बातचीत चल रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 01 May 2025 06:18:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान पहल नहीं करेगा लेकिन कार्रवाई पर जवाब देगा: इशाक डार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-पहल-नह-करग-लकन-कररवई-पर-जवब-दग-इशक-डर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-पहल-नह-करग-लकन-कररवई-पर-जवब-दग-इशक-डर</guid>
        <description>पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. पाकिस्तान सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने मंगलवार को कहा था कि भारत अगले 36 घंटों में सैन्य कार्रवाई कर सकता है.

अब पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने कहा है, पाकिस्तान तनाव बढ़ाने की पहल नहीं करेगा, लेकिन भारत कोई कार्रवाई करता है तो उसका मजबूती से जवाब दिया जाएगा.

उप प्रधानमंत्री इशाक डार पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क निदेशक अहमद शरीफ के साथ बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. इसमें पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान भी मौजूद थे.

इशाक डार ने कहा, पाकिस्तान सभी प्रकार के आतंकवाद की निंदा करता है और पहलगाम हमले में हुई जनहानि से दुखी है.

इसहाक डार ने कहा, हमने पहले भी कहा है और हम एक बार फिर दोहराते हैं कि पाकिस्तान का पहलगाम घटना से कोई संबंध नहीं है और पाकिस्तान इसकी निंदा करता है और हमने घटना की निष्पक्ष जांच की पेशकश की है.

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी. भारत ने इसके लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार मानते हुए सिंधु जल समझौता निलंबित कर दिया और अटारी-वाघा सीमा बंद कर दी.

भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटों के भीतर देश छोड़ने के लिए कह दिया गया और दोनों देशों में राजनयिकों की मौजूदगी पर भी असर पड़ा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 01 May 2025 06:18:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चुनावों में जीत के बाद मार्क कार्नी ने कहा&amp; अमेरिका से अपनी शर्तों पर समझौता करेगा कनाडा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चनव-म-जत-क-बद-मरक-करन-न-कह-अमरक-स-अपन-शरत-पर-समझत-करग-कनड</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चनव-म-जत-क-बद-मरक-करन-न-कह-अमरक-स-अपन-शरत-पर-समझत-करग-कनड</guid>
        <description>-फै़सल इस्लाम

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि उनका देश अमेरिका से सम्मान का हक़दार है और अगर कनाडा-अमेरिका के बीच कोई व्यापार या सुरक्षा समझौता होगा, तो वह सिर्फ़ उनकी शर्तों पर ही होगा.

चुनाव में पार्टी की जीत के बाद बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कार्नी ने यह भी कहा कि कनाडा कभी भी अमेरिका का 51वां राज्य नहीं बनेगा.

जनवरी में बैंक ऑफ इंग्लैंड के पूर्व गवर्नर कार्नी ने कनाडा के अंतरिम प्रधानमंत्री का पद संभाला था, तब से वो और डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ़ के मुद्दे पर आमने-सामने हैं.

कार्नी का कहना है कि जब तक कनाडा की आज़ादी और संप्रभुता को लेकर गंभीर बातचीत नहीं होती, तब तक वे अमेरिका नहीं जाएंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ अच्छे व्यापारिक रिश्ते बना पाते हैं और अमेरिका के साथ भी कोई सौदा हो जाता है, तो इससे कनाडा को बड़ा फायदा हो सकता है.

कार्नी ने आगे कहा, हम उन देशों के साथ और बेहतर साझेदारी कर सकते हैं जो हमारी तरह सोचते हैं. आप रक्षा साझेदारियों के बारे में सोचिए. इन पर बातचीत अभी बस शुरू हुई है, और इस दिशा में बहुत कुछ किया जा सकता है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 30 Apr 2025 06:48:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा चुनाव: ट्रंप ने मार्क कार्नी को दी जीत की बधाई, दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-चनव-टरप-न-मरक-करन-क-द-जत-क-बधई-दन-नतओ-क-बच-कय-बत-हई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-चनव-टरप-न-मरक-करन-क-द-जत-क-बधई-दन-नतओ-क-बच-कय-बत-हई</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को आम चुनाव में जीत हासिल करने पर बधाई दी है.

कनाडा के प्रधानमंत्री के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया गया, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप से बात की.

बयान के मुताबिक़ दोनों नेताओं ने निकट भविष्य में मिलने पर सहमति जताई है.

बयान में कहा गया, दोनों नेताओं ने कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका के आपसी बेहतरी के लिए स्वतंत्र, संप्रभु राष्ट्रों के तौर पर एकसाथ काम करने के महत्व पर सहमति जताई. इस मकसद से, दोनों नेता निकट भविष्य में व्यक्तिगत रूप से मिलने पर सहमत हुए हैं.

बता दें कि कनाडा में सोमवार को आम चुनाव के लिए मतदान किया गया. इस चुनाव में कनाडा की लिबरल पार्टी ने कार्नी के नेतृत्व में जीत हासिल की है. अपनी पार्टी की जीत के तुरंत बाद कार्नी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा था.

उन्होंने कहा था, राष्ट्रपति ट्रंप हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं ताकि अमेरिका हम पर अपना अधिकार जमा सके- ऐसा कभी नहीं होगा.

ट्रंप कनाडा को लगातार ट्रेड वॉर की धमकी देते आए हैं और यहां तक कि उन्होंने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात भी कही.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 30 Apr 2025 06:48:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत के साथ शुल्क वार्ता अच्छी चल रही है, लगता है समझौता हो जाएगा: ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-क-सथ-शलक-वरत-अचछ-चल-रह-ह-लगत-ह-समझत-ह-जएग-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-क-सथ-शलक-वरत-अचछ-चल-रह-ह-लगत-ह-समझत-ह-जएग-टरप</guid>
        <description>वॉशिंगटन, 30 अप्रैल। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ शुल्क पर वार्ता बहुत अच्छी चल रही है और उन्हें लगता है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता हो जाएगा।

ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों के साथ संक्षिप्त बातचीत में मंगलवार को यह बात कही।

उन्होंने कहा,  मुझे लगता है कि हम भारत के साथ समझौता कर लेंगे।

सीएनबीसी न्यूज ने ट्रंप के हवाले से कहा,  जैसा कि आप जानते हैं, प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) तीन सप्ताह पहले यहां आए थे और वे समझौता करना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फरवरी के अंत में व्हाइट हाउस का दौरा किया था।

ट्रंप ने यह टिप्पणी अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उस बयान के एक दिन बाद की है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत, जवाबी शुल्क से बचने के लिए अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने वाले पहले देशों में शामिल होगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने दो अप्रैल को भारत और चीन सहित कई देशों पर व्यापक जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की थी। हालांकि, नौ अप्रैल को उन्होंने चीन और हांगकांग को छोड़कर इस साल नौ जुलाई तक इन शुल्क पर 90 दिन की रोक लगा दी थी क्योंकि करीब 75 देशों ने व्यापार समझौतों के लिए अमेरिका से संपर्क किया था।

हालांकि, दो अप्रैल को देशों पर लगाया गया 10 प्रतिशत मूल शुल्क अभी लागू है। इसके अलावा इस्पात, एल्युमीनियम और मोटर वाहन घटकों पर 25 प्रतिशत शुल्क भी लगा है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 30 Apr 2025 06:48:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इमरान खान ने पहलगाम हमले को ‘बेहद परेशान करने वाला और दुखद’ बताया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इमरन-खन-न-पहलगम-हमल-क-बहद-परशन-करन-वल-और-दखद-बतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इमरन-खन-न-पहलगम-हमल-क-बहद-परशन-करन-वल-और-दखद-बतय</guid>
        <description>(एम. जुल्करनैन)

लाहौर, 29 अप्रैल। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पहलगाम आतंकी हमले को मंगलवार को बेहद परेशान करने वाला और दुखद बताते हुए मंगलवार को कहा कि भारत को जिम्मेदारी से काम करने की जरूरत है।

खान ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, पहलगाम घटना में लोगों की जान जाना बेहद परेशान करने वाला और दुखद है। मैं पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।

उन्होंने कहा, जब पुलवामा की घटना हुई, तो हमने भारत को हरसंभव सहयोग देने की पेशकश की थी, लेकिन भारत कोई ठोस सबूत पेश करने में विफल रहा। जैसा कि मैंने 2019 में भविष्यवाणी की थी, पहलगाम की घटना के बाद फिर से वही हो रहा है। आत्मनिरीक्षण और जांच के बजाय, मोदी सरकार फिर से पाकिस्तान पर दोष मढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि 1.5 अरब लोगों का देश होने के नाते भारत को खिलवाड़ करने के बजाय जिम्मेदारी से काम करने की जरूरत है।

खान ने कहा, शांति हमारी प्राथमिकता है, लेकिन इसे कायरता नहीं समझा जाना चाहिए। पाकिस्तान के पास किसी भी भारतीय दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने की पूरी क्षमता है, जैसा कि पूरे देश के समर्थन वाली मेरी सरकार ने 2019 में किया था। मैंने हमेशा कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार के महत्व पर जोर दिया है, जैसा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों द्वारा गारंटी दी गई है।

खान ने कहा कि वह इस तथ्य को भी उजागर करते रहे हैं कि आरएसएस की विचारधारा के नेतृत्व वाला भारत न केवल क्षेत्र के लिए बल्कि उससे परे भी एक गंभीर खतरा है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 30 Apr 2025 06:48:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उत्तर कोरिया ने अपने नए विध्वंसक पोत से मिसाइलों का परीक्षण किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उततर-करय-न-अपन-नए-वधवसक-पत-स-मसइल-क-परकषण-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उततर-करय-न-अपन-नए-वधवसक-पत-स-मसइल-क-परकषण-कय</guid>
        <description>सियोल, 30 अप्रैल। उत्तर कोरिया ने बुधवार को कहा कि उसके नेता किम जोंग उन ने नए विध्वंसक पोत से मिसाइलों का पहला परीक्षण देखा और अपनी नौसेना की परमाणु हमले की क्षमताओं को बढ़ाने के प्रयासों में तेजी लाने का आह्वान किया।

उत्तर कोरिया ने पिछले हफ्ते युद्धपोत का जलावतरण किया था जो शक्तिशाली हथियारों से लैस है।

आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बुधवार को कहा कि किम ने इस सप्ताह की शुरुआत में विध्वंसक पोत की सुपरसोनिक और रणनीतिक क्रूज मिसाइलों, विमान भेदी मिसाइल, स्वचालित तोपों और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग गनों का परीक्षण देखा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने युद्धपोत की शक्तिशाली हथियार क्षमताओं की सराहना की तथा अपनी नौसेना को परमाणु हथियार संपन्न बनाने में तेजी लाने की दिशा में कार्य करते रहने के निर्देश दिए।

उन्होंने उत्तर कोरिया पर किसी भी तरह के हमले की स्थिति में उसकी प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि अमेरिका के नेतृत्व में उसके खिलाफ बढ़ते विरोध का सामना किया जा सके।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 30 Apr 2025 06:48:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा के आम चुनावों में मतगणना जारी, मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी की जीत के रुझान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-क-आम-चनव-म-मतगणन-जर-मरक-करन-क-लबरल-परट-क-जत-क-रझन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-क-आम-चनव-म-मतगणन-जर-मरक-करन-क-लबरल-परट-क-जत-क-रझन</guid>
        <description>कनाडा के पब्लिक ब्रॉडकास्टर सीबीसी न्यूज़ के अनुसार देश के आम चुनावों में लिबरल पार्टी को बहुमत मिलने के आसार हैं.

सीबीसी न्यूज़ ने ये भी कहा है कि 343 सीटों वाली संसद में पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलेगा कि नहीं ये साफ़ नहीं हुआ है.

लिबरल पार्टी के मुख्यालय में समर्थकों में काफ़ी जोश दिख रहा है. सीबीसी को रुझानों के बाद पार्टी के एक समर्थक ने कहा, ये कनाडा के इतिहास में सबसे बड़ा कमबैक है. जब कनाडा को ज़रूरत थी तब कार्नी आगे आए, ये बहुत अहम बात है.

सीबीसी के अनुसार मार्क कार्नी की पार्टी कनाडा में सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें जीत सकती है. भले ही उसे पूर्ण बहुमत न मिले.

कनाडा की राजनीति में लिबरल पार्टी बीते कुछ महीनों से काफ़ी दवाब में थी. जस्टिन ट्रू़डो को बीच में इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

कुछ महीने पहले तक जिस पार्टी को लगभग ख़त्म हुआ समझा गया था, वो अब चौथी बार सत्ता में आ सकती है.

बीबीसी संवाददाता एंथनी ज़र्कर को लगता है कि लिबरल पार्टी की जीत में डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का भी हाथ रहा है.

उनके मुताबिक ट्रंप ने बार-बार कनाडा को उकसाया और उसे अमेरिका का 51वां राज्य बनने को कहा, इसके कनाडा के मतदाता एकजुट हो गए.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 29 Apr 2025 06:18:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>तनाव कम करने, बातचीत बहाल करने के लिए भारत व पाकिस्तान को स्वीकार्य हर पहल का समर्थन: संरा प्रमुख</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/तनव-कम-करन-बतचत-बहल-करन-क-लए-भरत-व-पकसतन-क-सवकरय-हर-पहल-क-समरथन-सर-परमख</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/तनव-कम-करन-बतचत-बहल-करन-क-लए-भरत-व-पकसतन-क-सवकरय-हर-पहल-क-समरथन-सर-परमख</guid>
        <description>(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, 29 अप्रैल। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने भारत एवं पाकिस्तान के बीच बने हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि वह दोनों देशों के बीच तनाव कम करने एवं बातचीत बहाल करने के लिए ऐसी किसी भी पहल का समर्थन करने को तैयार हैं जो दोनों को स्वीकार्य हो।

गुतारेस के प्रवक्ता के कार्यालय द्वारा सोमवार को जारी बयान में कहा गया कि महासचिव भारत और पाकिस्तान के बीच बने हालात को लेकर बहुत चिंतित हैं। उन्होंने दोनों सरकारों से अधिक से अधिक संयम बरतने और तनाव बढ़ाने वाले हर कदम से बचने का आग्रह किया है।

बयान में कहा गया कि गुतारेस ने फिर से दृढ़ विश्वास जताया कि सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण मुद्दों को भी सार्थक और रचनात्मक बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्वक तरीके से हल किया जा सकता है। वह दोनों पक्षों को स्वीकार्य ऐसी किसी भी पहल का समर्थन करने के लिए तैयार हैं, जो तनाव कम करने और बातचीत को फिर से शुरू करने को प्रोत्साहित करे।

जम्मू कश्मीर में पहलगाम के पास आतंकवादियों द्वारा 22 अप्रैल को की गई गोलीबारी के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। यह 2019 में पुलवामा में किए गए हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला है।

पहलगाम में हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को निलंबित कर दिया और पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को घटा दिया।

केंद्र ने पहलगाम हमले के तार सीमा पार से जुड़े होने के मद्देनजर पाकिस्तानी सैन्य सलाहकार (अताशे) को निष्कासित करने, 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने और अटारी सीमा को तत्काल बंद करने सहित कई कदमों की गत बुधवार को घोषणा की थी।

भारत ने अटारी सीमा के माध्यम से देश में प्रवेश करने वाले सभी पाकिस्तानियों से एक मई तक देश छोड़ने को कहा है।

इसके जवाब में पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को सभी भारतीय विमानन कंपनियों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने का फैसला किया तथा भारत के साथ व्यापार को स्थगित कर दिया।

गुतारेस ने कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच की स्थिति पर अत्यंत चिंतित हैं और बहुत बारीकी से इस पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों की सरकारों से अधिक से अधिक संयम बरतने एवं यह सुनिश्चित करने की अपील की कि स्थिति और खराब न हो।

सोमवार को जारी बयान में कहा गया कि भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) की उस क्षेत्र में कोई उपस्थिति नहीं है जहां हमला हुआ और वह नियंत्रण रेखा पर 1971 के युद्धविराम समझौते के सख्ती से पालन और उससे संबंधित घटनाक्रम पर नजर रखने के अपने कार्यक्षेत्र के तहत काम कर रहा है।

यूएनएमओजीआईपी की स्थापना जनवरी 1949 में हुई थी। भारत एवं पाकिस्तान के बीच 1971 में हुए युद्ध और उसके बाद उसी वर्ष 17 दिसंबर को हुए युद्ध विराम समझौते के बाद यूएनएमओजीआईपी को इस समझौते के सख्ती से पालन से संबंधित घटनाक्रम पर यथासंभव नजर रखने और महासचिव को इसकी जानकारी देने का काम सौंपा गया था।

भारत का कहना है कि यूएनएमओजीआईपी की उपयोगिता समाप्त हो चुकी है तथा शिमला समझौते एवं उसके फलस्वरूप नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निर्धारण के बाद यह अप्रासंगिक हो गया है।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने 22 अप्रैल के आतंकवादी हमले के पीड़ितों के परिवारों के साथ अपनी एकजुटता पुन: व्यक्त की और जवाबदेही तथा न्याय के महत्व को रेखांकित किया।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जम्मू कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की पिछले सप्ताह कड़े शब्दों में निंदा की थी और इस बात पर जोर दिया था कि इन हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए एवं इस निंदनीय आतंकवादी कृत्य के आयोजकों और प्रायोजकों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 29 Apr 2025 06:18:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने ट्रक चालकों के लिए अंग्रेजी में दक्षता अनिवार्य की, सिख समूह ने चिंता जताई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-टरक-चलक-क-लए-अगरज-म-दकषत-अनवरय-क-सख-समह-न-चत-जतई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-टरक-चलक-क-लए-अगरज-म-दकषत-अनवरय-क-सख-समह-न-चत-जतई</guid>
        <description>न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 29 अप्रैल। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में ट्रक चालकों के लिए अंग्रेजी में दक्षता हासिल करने की अनिवार्यता को लेकर एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं जिसे लेकर सिख अधिकार समूहों ने चिंता जताई है।

इन समूहों ने कहा है कि इस आदेश का सिख समुदाय के ट्रक चालकों पर भेदभावपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है और रोजगार में अनावश्यक बाधाएं पैदा हो सकती हैं।

अमेरिका के ट्रक चालकों के लिए सड़क के सामान्य नियमों को लागू करना शीर्षक वाले कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि अमेरिका के ट्रक चालक देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती, इसकी सुरक्षा और अमेरिकी लोगों की आजीविका के लिए आवश्यक हैं।

सोमवार को जारी आदेश में कहा गया है कि अंग्रेजी में दक्षता पेशेवर चालकों के लिए सुरक्षा संबंधी अनिवार्यता होनी चाहिए। वे यातायात संकेतों को पढ़ने और समझने में सक्षम होने चाहिए, उन्हें यातायात सुरक्षा, सीमा गश्त, कृषि चौकियों और माल वजन-सीमा स्टेशन के अधिकारियों के साथ संवाद करना आना चाहिए।

ट्रंप ने अंग्रेजी को अमेरिका की आधिकारिक राष्ट्रीय भाषा घोषित किया है।

सिख कोलिशन संगठन कहा कि वह ट्रंप के इस आदेश से काफी चिंता में है।

उसने कहा, हम समझते हैं कि इस आदेश के तहत परिवहन मंत्री सीन डफी को अंग्रेजी में दक्षता संबंधी अनिवार्यता के अनुपालन के लिए निरीक्षण प्रक्रियाओं को मजबूत करने के मकसद से कदम उठाने का निर्देश दिया जाएगा।

सिख कोलिशन समूह ने कहा कि यह कार्यकारी आदेश उस सिख समुदाय के लिए गंभीर चिंता पैदा करता है जिसकी अमेरिका के ट्रक संचालन उद्योग में मजबूत उपस्थिति है।

इसमें द इकोनॉमिस्ट की उस रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि देश के ट्रक संचालन उद्योग में लगभग 1,50,000 सिख काम करते हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत चालक हैं।

समूह ने कहा, हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस आदेश का सिख ट्रक चालकों पर भेदभावपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है और योग्य व्यक्तियों के लिए रोजगार प्राप्त करने में अनावश्यक बाधाएं पैदा हो सकती हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 29 Apr 2025 06:18:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ के बयान पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र में क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-रकष-मतर-खवज-आसफ-क-बयन-पर-भरत-न-सयकत-रषटर-म-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-रकष-मतर-खवज-आसफ-क-बयन-पर-भरत-न-सयकत-रषटर-म-कय-कह</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ के बयान पर प्रतिक्रिया दी.

स्काई न्यूज़ पर एक इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया था, क्या आप मानेंगे कि पाकिस्तान अरसे से इन आतंकवादी संगठनों को फंडिंग और ट्रेनिंग देता रहा है?

ख़्वाजा आसिफ़ जवाब में कहा था, हम ये डर्टी वर्क तीन दशकों से अमेरिका के कहने पर कर रहे हैं...इसमें ब्रिटेन समेत पश्चिमी देश भी शामिल हैं. वो एक ग़लती थी और हम उसी की खामियाजा भुगत रहे हैं.

इसी बयान का हवाला देते हुए 28 अप्रैल को यूएन ऑफ़िस ऑफ़ काउंटर टेररिज़्म (यूएनओसीटी) की ओर से विक्टिम्स ऑफ़ टेररिज़्म एसोसिएशन्स नेटवर्क की शुरुआत की गई.

इस दौरान योजना पटेल ने कहा, पूरी दुनिया ने हाल ही में एक टेलीविज़न इंटरव्यू में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ को आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और धन देने के पाकिस्तान के इतिहास को स्वीकार करते हुए सुना है.

उन्होंने आगे कहा, यह खुला कबूलनामा पाकिस्तान को एक धूर्त देश के तौर पर उजागर करता है जो वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है. दुनिया अब और आंखें बंद कर नहीं रह सकती.

योजना पटेल ने इस दौरान पहलगाम हमले का ज़िक्र करते हुए कहा, भारत, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनज़र दुनिया भर के नेताओं और सरकारों की ओर से दिए गए मजबूत समर्थन और एकजुटता की सराहना करता है. यह आतंकवाद के प्रति अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के ज़ीरो टोलरेंस का प्रमाण है.

पिछले हफ़्ते जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले में 26 लोगों की जान चली गई जबकि कई लोग घायल हो गए. इसके बाद से भारत और पाकिस्तान में तनाव बढ़ गया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 29 Apr 2025 06:18:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>स्पेसएक्स के स्टारलिंक से मुकाबला करने के लिए अमेजन ने पहला इंटरनेट उपग्रह प्रक्षेपित किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सपसएकस-क-सटरलक-स-मकबल-करन-क-लए-अमजन-न-पहल-इटरनट-उपगरह-परकषपत-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सपसएकस-क-सटरलक-स-मकबल-करन-क-लए-अमजन-न-पहल-इटरनट-उपगरह-परकषपत-कय</guid>
        <description>केप कैनावेरल (अमेरिका), 29 अप्रैल। अमेजन के इंटरनेट उपग्रहों का पहला समूह सोमवार को कक्षा की ओर बढ़ गया। अंतरिक्ष के क्षेत्र से जुड़े बाजार में अमेजन एक नया नाम है जहां वर्तमान में स्पेसएक्स के हजारों स्टारलिंक का प्रभुत्व है।

यूनाइटेड लॉन्च अलायंस के एटलस वी रॉकेट ने अमेजन के प्रोजेक्ट कुइपर उपग्रहों में से 27 को अंतरिक्ष में पहुंचाया। कक्षा में छोड़े जाने के बाद, उपग्रह अंततः लगभग 630 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचेंगे।

एटलस वी ने ही 2023 में दो परीक्षण उपग्रह प्रक्षेपित किए थे। परियोजना अधिकारियों ने कहा कि नवीनतम संस्करण में बड़े बदलाव किए गए हैं। नवीनतम उपग्रहों पर एक मिरर फिल्म लगाई गई है जिसे खगोलविदों की सुविधा के लिए सूर्य के परावर्तित प्रकाश को बिखेरने के लिए डिजाइन किया गया है।

स्टारगेजर निचली-कक्षा वाले उपग्रहों की तेजी से बढ़ती संख्या का विरोध करते हैं। उनका तर्क है कि ये उपग्रह अवलोकन को खराब करते हैं तथा उपग्रहों के टकराव का अधिक डर होता है।

जेफ बेजोस द्वारा स्थापित अमेजन का लक्ष्य दुनिया भर में तेज, सस्ती ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करने के लिए इनमें से 3,200 से अधिक उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करना है। हालांकि बेजोस अब अपनी खुद की रॉकेट कंपनी ब्लू ओरिजिन का संचालन करते हैं।

एलन मस्क की स्पेसएक्स ने 2019 से अब तक 8,000 से अधिक स्टारलिंक लॉन्च किए हैं। कंपनी ने रविवार रात को अपना 250वां स्टारलिंक लॉन्च किया। 7,000 से अधिक स्टारलिंक अब भी पृथ्वी से लगभग 550 किलोमीटर ऊपर कक्षा में मौजूद हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 29 Apr 2025 06:18:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>क्या क्राइमिया पर अपना दावा छोड़ देगा यूक्रेन? ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात के बाद ट्रंप ने ये बताया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कय-करइमय-पर-अपन-दव-छड-दग-यकरन-जलसक-स-मलकत-क-बद-टरप-न-य-बतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कय-करइमय-पर-अपन-दव-छड-दग-यकरन-जलसक-स-मलकत-क-बद-टरप-न-य-बतय</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लगता है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की शांति समझौते के तहत रूस को क्राइमिया सौंपने के लिए तैयार हैं.

ट्रंप से पूछा गया था कि क्या उन्हें लगता है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति अपने दक्षिणी प्रायद्वीप का नियंत्रण छोड़ने के लिए तैयार हैं, जिस पर 2014 में रूस ने अवैध रूप से कब्ज़ा कर लिया था.

इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, मुझे ऐसा लगता है.

ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी अपील की है कि वे गोलीबारी बंद करें और एक समझौते पर हस्ताक्षर करें ताकि ये जंग ख़त्म हो सके.

ट्रंप का मानना है कि यह दो हफ़्ते के अंदर हासिल किया जा सकता है.

ट्रंप ने ये बात वेटिकन से लौटने के बाद पत्रकारों से कही.

ट्रंप ने 26 अप्रैल को पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होने के दौरान ज़ेलेंस्की के साथ एक संक्षिप्त बैठक की थी.

ट्रंप ने कहा कि बैठक अच्छी रही और क्राइमिया पर बहुत संक्षिप्त चर्चा हुई.

ट्रंप की इस हालिया टिप्पणी पर फ़िलहाल यूक्रेन और रूस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 28 Apr 2025 06:11:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन ने पहलगाम हमले की ‘शीघ्र और निष्पक्ष जांच’ किए जाने का आह्वान किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-न-पहलगम-हमल-क-शघर-और-नषपकष-जच-कए-जन-क-आहवन-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-न-पहलगम-हमल-क-शघर-और-नषपकष-जच-कए-जन-क-आहवन-कय</guid>
        <description>(के जे एम वर्मा)

बीजिंग, 28 अप्रैल। चीन ने अपने मित्र देश पाकिस्तान की संप्रभुता एवं सुरक्षा हितों की रक्षा करने में उसके प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए पहलगाम आतंकवादी हमले की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच किए जाने का आह्वान किया है।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार के साथ रविवार को टेलीफोन पर बातचीत की।

उसने अपनी रिपोर्ट में बताया कि डार ने वांग (जो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य भी हैं) को कश्मीर क्षेत्र में आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच बढ़े तनाव के बारे में जानकारी दी।

वांग ने कहा कि चीन इस घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद से मुकाबला करना पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के प्रयासों के प्रति चीन के निरंतर समर्थन की पुष्टि की।

वांग के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया, एक मजबूत मित्र एवं सदाबहार रणनीतिक सहयोगी के रूप में चीन सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान की जायज चिंताओं को पूरी तरह समझता है और पाकिस्तान की संप्रभुता एवं सुरक्षा हितों की रक्षा करने में उसका समर्थन करता है।

वांग ने कहा, चीन एक त्वरित और निष्पक्ष जांच की वकालत करता है और मानता है कि संघर्ष भारत या पाकिस्तान के मौलिक हितों की पूर्ति नहीं करता और न ही यह क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के लिए लाभदायक है।

उन्होंने कहा कि चीन को उम्मीद है कि दोनों पक्ष संयम बरतेंगे और तनाव कम करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, डार ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान ने लगातार एवं दृढ़ता से आतंकवाद का मुकाबला किया है और वह ऐसी किसी भी कार्रवाई के खिलाफ है जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।

समाचार एजेंसी के अनुसार, डार ने कहा कि पाकिस्तान स्थिति से परिपक्वता से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है और वह चीन एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ संवाद बनाए रखेगा।

चीन ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की 23 अप्रैल को कड़ी निंदा की थी। इस हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था, हम इस हमले की कड़ी निंदा करते हैं। चीन हर प्रकार के आतंकवाद का पूरी दृढ़ता से विरोध करता है। हम मारे गए लोगों के लिए शोक व्यक्त करते हैं और शोक संतप्त परिवारों एवं घायलों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।

इसके अलावा, भारत में चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने भी हमले की निंदा की थी।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा था, पहलगाम में हुए हमले से स्तब्ध हूं और इसकी निंदा करता हूं।

उन्होंने कहा था, मैं पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना और घायलों एवं शोक संतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूं। हम सभी प्रकार के आतंकवाद का विरोध करते हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 28 Apr 2025 06:11:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के हवाई हमले से यमन की राजधानी में आठ लोगों की मौत: हूती विद्रोही</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-हवई-हमल-स-यमन-क-रजधन-म-आठ-लग-क-मत-हत-वदरह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-हवई-हमल-स-यमन-क-रजधन-म-आठ-लग-क-मत-हत-वदरह</guid>
        <description>दुबई, 28 अप्रैल। हूती विद्रोहियों ने सोमवार को दावा किया कि यमन की राजधानी पर अमेरिका द्वारा किये गये हवाई हमलों में रविवार की रात कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। वहीं, अमेरिकी सेना ने भी माना है कि उसने पिछले एक महीने में 800 से ज्यादा हवाई हमले किए हैं।

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमान ने रात को जारी एक बयान में कहा कि उसके ऑपरेशन रफराइडर अभियान के तहत सैकड़ों हूती लड़ाकों और उनके कई नेताओं को मार गिराया गया है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो हूतियों के मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रम से जुड़े थे। हालांकि, सेना ने किसी भी नेता का नाम नहीं बताया।

अमेरिका ने कहा है कि वह अपने हवाई हमले जारी रखेगा। ये हमले 15 मार्च से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में शुरू हुए थे।

बयान में कहा गया, ईरान निस्संदेह हूतियों को समर्थन दे रहा है। हूती हमारी सेनाओं पर हमले केवल ईरानी सरकार के समर्थन से ही कर पा रहे हैं।

सोमवार सुबह हूतियों ने एक फुटेज जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका ने सना के उत्तर में बानी अल हरीथ जिले को निशाना बनाया। फुटेज में मलबे के बीच खून के धब्बे और एक टूटा हुआ ट्रक देखा जा सकता है।

हूतियों के अल-मसीरा समाचार चैनल ने बताया कि हमले में आठ लोग मारे गए, हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने तत्काल इसकी पुष्टि नहीं की।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 28 Apr 2025 06:11:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका का दावा&amp; हफ़्तों तक चले हमलों में 800 हूती ठिकानों को निशाना बनाया गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-दव-हफत-तक-चल-हमल-म-800-हत-ठकन-क-नशन-बनय-गय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-दव-हफत-तक-चल-हमल-म-800-हत-ठकन-क-नशन-बनय-गय</guid>
        <description>अमेरिकी सेना ने यमन में 800 से अधिक हूती ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने 15 मार्च से यमन में हूती आंदोलन के ख़िलाफ़ लगातार हवाई और नौसैनिक हमले किए.

रविवार को हाल के अभियानों की जानकारी देते हुए एक बयान में, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने सैकड़ों हूती लड़ाकों और कई हूती नेताओं को मारा है.

अमेरिका ने कहा है कि वह लाल सागर और अदन की खाड़ी में ईरान समर्थित हूतियों के खतरे को ख़त्म करने की कार्रवाई कर रहा है.

यमन में, हूतियों - जो देश के बड़े हिस्से को नियंत्रित करते हैं - ने कहा कि रविवार को राजधानी सना पर अमेरिकी हमले में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है.

हूतियों की ओर से चलाए जा रहे स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि लाल सागर तट पर अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 74 लोगों की मौत हुई और 171 अन्य घायल हो गए.

बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने हूतियों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर हमले करने का आदेश दिया था और धमकी दी थी कि उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 28 Apr 2025 06:11:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पहलगाम हमला: पाकिस्तान के विरोध प्रदर्शन के जवाब में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय इकट्ठा हुए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पहलगम-हमल-पकसतन-क-वरध-परदरशन-क-जवब-म-बड-सखय-म-परवस-भरतय-इकटठ-हए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पहलगम-हमल-पकसतन-क-वरध-परदरशन-क-जवब-म-बड-सखय-म-परवस-भरतय-इकटठ-हए</guid>
        <description>लंदन, 28 अप्रैल। ब्रिटेन में प्रवासी भारतीय समुदाय के लोग पाकिस्तान के प्रदर्शन के विरोध में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए।

प्रवासी पाकिस्तानियों ने भारत पर पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर दुष्प्रचार करने के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया था।

भारत समर्थक प्रदर्शनकारियों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाते हुए और तिरंगा लहराकर प्रदर्शन किया। उनकी संख्या इंडिया हाउस के सामने सड़क के दूसरी ओर मौजूद ब्रिटिश पाकिस्तानियों के छोटे समूह से काफी अधिक थी। प्रदर्शन स्थल पर मेट्रोपॉलिटन पुलिस की पर्याप्त उपस्थिति थी।

बाद में, ब्रिटिश भारतीय समूहों ने 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के पीड़ितों की याद में पिकाडिली सर्कस में मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी।

भारतीय प्रवासी समूहों ने मैनचेस्टर, स्कॉटलैंड में एडिनबर्ग और उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट समेत ब्रिटेन में विभिन्न स्थानों पर इसी तरह के विरोध प्रदर्शनों और रैलियों का आयोजन किया तथा पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी संगठनों को दिए जा रहे समर्थन की निंदा की।

सामुदायिक समूह इनसाइट यूके ने कहा, इन प्रदर्शनों का उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाना है।

इससे पहले भी भारतीय प्रवासी संगठनों ने शुक्रवार को ब्रिटेन की राजधानी में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था जिसके जवाब में मिशन के अधिकारियों के समर्थन से ब्रिटिश पाकिस्तानियों ने भी प्रदर्शन किया।

सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित इन प्रदर्शनों के एक वीडियो में एक पाकिस्तानी अधिकारी इमारत के बाहर भारतीय प्रदर्शनकारियों की ओर गला काटने की धमकी भरा इशारा करते देखा गया।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 28 Apr 2025 06:11:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उत्तर&amp;पश्चिमी नाइजीरिया में बंदूकधारियों के हमले में कम से कम 20 लोगों की मौत: मानवाधिकार समूह</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उततर-पशचम-नइजरय-म-बदकधरय-क-हमल-म-कम-स-कम-20-लग-क-मत-मनवधकर-समह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उततर-पशचम-नइजरय-म-बदकधरय-क-हमल-म-कम-स-कम-20-लग-क-मत-मनवधकर-समह</guid>
        <description>अबुजा, 26 अप्रैल। नाइजीरिया में जम्फारा राज्य के एक गांव में हथियारबंद लोगों ने कम से कम 20 लोगों की हत्या कर दी और दर्जनों को घायल कर दिया। एक मानवाधिकार समूह ने यह जानकारी दी।

एमनेस्टी इंटरनेशनल नाइजीरिया ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि बंदूकधारी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर बृहस्पतिवार दोपहर को डैन गुलबी जिले के गोबिरावा चाली गांव पहुंचे और उन्होंने वहां लोगों पर हमला कर दिया।

उसने बताया कि बंदूकधारियों ने सबसे पहले सोने की एक खदान को निशाना बनाकर 14 लोगों की हत्या की। इसके बाद उन्होंने घरों और एक मस्जिद में लोगों पर हमले किए।

उसने बताया कि इन हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई।

हमले का संभावित मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन इस प्रकार के समूह संघर्ष-ग्रस्त उत्तरी क्षेत्र में फिरौती के लिए सामूहिक हत्याएं एवं अपहरण करने के लिए जाने जाते हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 06:38:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने यूक्रेन और रूस से ‘उच्चस्तरीय’ वार्ता करने का आह्वान किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-यकरन-और-रस-स-उचचसतरय-वरत-करन-क-आहवन-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-यकरन-और-रस-स-उचचसतरय-वरत-करन-क-आहवन-कय</guid>
        <description>रोम, 26 अप्रैल। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन और रूस से अत्यंत उच्चस्तरीय वार्ता के लिए मुलाकात करने का शुक्रवार को आह्वान करते हुए कहा कि वे तीन साल से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौता करने के बहुत करीब हैं।

पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार के लिए रोम पहुंचने के तुरंत बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल के जरिए कहा कि यह रूस और यूक्रेन के साथ बातचीत एवं बैठकों का एक अच्छा दिन था।

उनके दूत स्टीव विटकॉफ ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से शुक्रवार को मुलाकात करने के लिए मॉस्को का दौरा किया था।

ट्रंप ने लिखा, वे समझौता करने के बहुत करीब हैं और दोनों पक्षों को अब इसे पूरा करने के लिए बहुत उच्च स्तर पर मुलाकात करनी चाहिए। अधिकतर प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बन गई है। अब खून-खराबा बंद करो।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इससे पहले शुक्रवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में कहा था, क्रीमिया रूस के साथ रहेगा।

ट्रंप, जेलेंस्की पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्ता का विरोध करके युद्ध को लंबा खींचने का आरोप लगाते रहे हैं।

क्रीमिया दक्षिणी यूक्रेन में काला सागर के किनारे एक रणनीतिक प्रायद्वीप है। रूस ने 2014 में इस पर उस समय कब्जा कर लिया था जब बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति थे।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 06:38:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पोप फ्रांसिस का आज होगा अंतिम संस्कार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पप-फरसस-क-आज-हग-अतम-ससकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पप-फरसस-क-आज-हग-अतम-ससकर</guid>
        <description>वेटिकन सिटी, 26 अप्रैल। पोप फ्रांसिस को आज एक ऐसे समारोह में अंतिम विदाई दी जाएगी, जो पोप के रूप में उनकी प्राथमिकताओं और पादरी के रूप में उनकी इच्छाओं को प्रतिबिंबित करेगा।

राष्ट्रपति और राजकुमार सेंट पीटर्स स्क्वायर में उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगे लेकिन कैदी एवं प्रवासी उन्हें बेसिलिका में लेकर जाएंगे, जहां उन्हें दफनाया जाएगा।

अंतिम संस्कार में दो लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। फ्रांसिस ने पिछले साल वेटिकन की परंपराओं और रीति-रिवाजों में बदलाव कर उन्हें सरल बनाते समय अपने अंतिम संस्कार समारोह को लेकर अपनी इच्छा बताई थी।

वेटिकन ने कहा कि उनका उद्देश्य पोप की भूमिका को केवल एक पादरी के रूप में दिखाना था, न कि इस दुनिया के एक शक्तिशाली व्यक्ति के रूप में।

शुक्रवार रात पोप के ताबूत में रखे गए उनके जीवन के आधिकारिक आदेश के अनुसार, फ्रांसिस ने पोप के रूप में 12 साल में अपने पद के संबंध में आमूलचूल सुधार किए, पादरियों के सेवक होने पर जोर दिया और गरीबों के लिए एक गिरजाघर का निर्माण किया। उन्होंने 2013 में अपने चयन के कुछ ही दिन बाद ही इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया था।

पोप के अंतिम संस्कार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एवं यूरोपीय संघ के नेता, राजकुमार विलियम और स्पेन के शाही परिवार समेत कई गणमान्य लोग शामिल होंगे।

बेसिलिका की देखरेख करने वाले आर्कबिशप ने शुक्रवार को बताया था कि पोप फ्रांसिस ने खुद को सेंट मैरी मेजर बेसिलिका में दफनाए जाने की इच्छा जताई थी।

फ्रांसिस का सोमवार को निधन हो गया था। वह 88 वर्ष के थे।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 06:38:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ बोले&amp; पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच में सहयोग देने को तैयार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-पएम-शहबज-शरफ-बल-पहलगम-हमल-क-नषपकष-जच-म-सहयग-दन-क-तयर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-पएम-शहबज-शरफ-बल-पहलगम-हमल-क-नषपकष-जच-म-सहयग-दन-क-तयर</guid>
        <description>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत ने निराधार आरोप लगाए, लेकिन ये बंद होना चाहिए. हम मामले की निष्पक्ष जांच में हर प्रकार का सहयोग देने के लिए तैयार हैं.

बीबीसी उर्दू के अनुसार शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि सेना सीमाओं की रक्षा के लिए तैयार हैं और इसको लेकर कोई ग़लतफ़हमी नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, शांति हमारी इच्छा है, लेकिन इसे हमारी कमज़ोरी नहीं समझा जाना चाहिए.

शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान हर क़ीमत पर अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करेगा.

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी.

इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करने और अटारी बॉर्डर को बंद करने सहित कई फ़ैसले लिए थे.

इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी कई क़दम उठाए हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 06:38:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोनाल्ड ट्रंप बोले&amp; रूस और यूक्रेन समझौता करने के बहुत क़रीब हैं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-बल-रस-और-यकरन-समझत-करन-क-बहत-करब-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-बल-रस-और-यकरन-समझत-करन-क-बहत-करब-ह</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस और यूक्रेन समझौता करने के बहुत क़रीब हैं.

ट्रंप ने ये दावा ऐसे समय में किया है जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मॉस्को में बैठक हुई थी.

व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने पुतिन और स्टीव विटकॉफ़ के बीच हुई बातचीत को रचनात्मक और उपयोगी बताया था.

पुतिन और स्टीव विटकॉफ़ के बीच हुई चर्चा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता कराने का प्रयास सफलतापूर्वक चल रहा है.

इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार देर रात अपने वीडियो संबोधन में कहा, रूस के बिना शर्त युद्धविराम स्वीकार करने के लिए वास्तविक दबाव डालना ज़रूरी है.

हाल ही में पुतिन ने संकेत भी दिया था कि वो ज़ेलेंस्की से बात करने के लिए तैयार हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 06:38:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पहलगाम हमला: भारत की कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने उठाए ये क़दम</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पहलगम-हमल-भरत-क-कररवई-क-जवब-म-पकसतन-न-उठए-य-कदम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पहलगम-हमल-भरत-क-कररवई-क-जवब-म-पकसतन-न-उठए-य-कदम</guid>
        <description>पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत की कार्रवाई के जवाब में अब पाकिस्तान ने भी कई क़दम उठाने की घोषणा की है.

प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की अध्यक्षता में गुरुवार को इस्लामाबाद में हुई नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में कई फ़ैसले लिए गए.

इनमें भारत के साथ द्विपक्षीय समझौतों को निलंबित करने, हवाई क्षेत्र और सीमाओं को बंद करने तथा व्यापार को निलंबित करने की घोषणा की गई है.

भारत की तरह पाकिस्तान ने भी रक्षा सलाहकारों और उनके सहायकों को देश छोड़ने को कहा है. साथ ही अपने राजनयिक स्टाफ को सीमित कर दिया है.

इस बैठक के वक्तव्य में सिंधु जल संधि को निलंबित करने के भारत के निर्णय को नामंज़ूर करते हुए कहा गया कि इस संधि के तहत पाकिस्तान के हिस्से से पानी के प्रवाह को रोकने या मोड़ने का कोई भी प्रयास युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा और इसका पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा.

बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों की जानबूझकर अवहेलना करने के भारत के लापरवाह और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को देखते हुए, पाकिस्तान शिमला समझौते सहित भारत के साथ सभी द्विपक्षीय समझौतों को निलंबित करने के अधिकार का प्रयोग करेगा, जब तक कि भारत पाकिस्तान के भीतर आतंकवाद को बढ़ावा देने, विदेशों में हत्याएं करने और कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का पालन न करने के अपने व्यवहार से बाज नहीं आता.

पाकिस्तान ने भारत के स्वामित्व वाली या उसके द्वारा संचालित सभी एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को तत्काल बंद करने की घोषणा की है, साथ ही वाघा सीमा को भी तत्काल बंद करने की घोषणा की है.

हालांकि, घोषणा के अनुसार, जो लोग वैध दस्तावेजों के साथ सीमा पार कर भारत में आए हैं, वे 30 अप्रैल तक इस मार्ग से वापस आ सकते हैं.

पाकिस्तान ने सिख तीर्थयात्रियों को छोड़कर, सार्क वीज़ा छूट कार्यक्रम के तहत सभी भारतीय नागरिकों को दिए गए सभी वीज़ा निलंबित कर दिए हैं और कहा है कि इन्हें रद्द माना जाना चाहिए. ऐसे वीजा पर पाकिस्तान में रह रहे भारतीय नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है.

इसके अलावा, घोषणा में कहा गया है कि भारत के साथ सभी प्रकार का व्यापार भी निलंबित किया जा रहा है और यह किसी तीसरे देश के माध्यम से होने वाले व्यापार पर भी लागू होगा.

पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में भारतीय रक्षा/सैन्य सलाहकारों को भी अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है और उन्हें तुरंत देश छोड़ने को कहा है, जबकि इन सलाहकारों के सहायक कर्मचारियों को भी वापस लौटने का निर्देश दिया गया है.

घोषणा के अनुसार, इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या 30 अप्रैल, 2025 से 30 तक सीमित कर दी जाएगी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 25 Apr 2025 06:19:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइल ने माना &amp; उसके सैनिकों की गोली से हुई थी यूएन कर्मचारी की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-न-मन-उसक-सनक-क-गल-स-हई-थ-यएन-करमचर-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-न-मन-उसक-सनक-क-गल-स-हई-थ-यएन-करमचर-क-मत</guid>
        <description>इसराइली सेना ने माना है कि उसने पिछले महीने ग़ज़ा पट्टी में एक संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारी की टैंक से चलाई हई गोली से मौत हुई थी.

पहले उसने इस हमले की ज़िम्मेदारी से इनकार किया था, लेकिन अब स्वीकार किया है कि यह हमला उन्हीं की ओर से हुआ था.

दीर-अल-बलाह में 19 मार्च को संयुक्त राष्ट्र परिसर पर हमला किए जाने के कारण एक संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी की मौत हो जाने के बाद, इसराइली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने कहा था कि उसने उस जगह पर कोई हमला नहीं किया था.

लेकिन गुरुवार को आईडीएफ ने कहा कि घटना की शुरुआती जांच से पता चला है कि उसके सैनिकों ने उस इमारत को गलती से दुश्मन की मौजूदगी वाला समझ लिया था और इसी वजह से उन्होंने हमला किया, जिसमें यूएन कर्मचारी की मौत हो गई.

आईडीएफ ने एक बयान में कहा, इमारत पर हमला दुश्मन की मौजूदगी के अनुमान के कारण किया गया था और हमारी सेनाओं ने इसे संयुक्त राष्ट्र की इमारत के रूप में नहीं पहचाना था.

वहीं इस हफ़्ते के शुरुआत में आईडीएफ ने कहा था कि पिछले महीने ग़ज़ा में इमरजेंसी सेवा के 15 आपातकालीन कर्मचारियों की मौत ग़लतफहमी की वजह से हुई थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 25 Apr 2025 06:19:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>थाईलैंड पुलिस का विमान समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त, सभी छह लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/थईलड-पलस-क-वमन-समदर-म-दरघटनगरसत-सभ-छह-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/थईलड-पलस-क-वमन-समदर-म-दरघटनगरसत-सभ-छह-लग-क-मत</guid>
        <description>बैंकॉक, 25 अप्रैल। थाईलैंड में समुद्र तट से सटे शहर के पास पुलिस का एक छोटा विमान समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे उसमें सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

रॉयल थाई पुलिस के प्रवक्ता अर्चायोन क्रेथोंग ने बताया कि हुआ हिन जिले में पैराशूट प्रशिक्षण की तैयारी के लिए विमान परीक्षण उड़ान पर था लेकिन सुबह आठ बजे के आसपास यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

अधिकारियों ने घटना के तुरंत बाद प्रोपेलर विमान का मॉडल साझा नहीं किया, लेकिन घटनास्थल से मिली तस्वीरों में वाइकिंग डीएचसी-6 ट्विन ओटर विमान नजर आ रहा है।

प्राचुआब किरी खान प्रांत के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि विमान हुआ हिन हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ।

तस्वीरों में विमान तट से करीब 100 मीटर की दूरी पर समुद्र में नजर आ रहा है। तस्वीरों में विमान का ढांचा दो टुकड़ों में टूटा हुआ दिख रहा है।

अर्चायोन ने बताया कि विमान में सवार सभी छह लोग पुलिस अधिकारी थे। उन्होंने बताया कि पांच लोगों की दुर्घटनास्थल पर ही मौत हो गई और एक की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई।

दुर्घटना का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। अर्चायोन ने कहा कि अधिकारी विमान के ब्लैक बॉक्स से डाटा सहित अन्य साक्ष्य जुटा रहे हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 25 Apr 2025 06:19:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत और पाकिस्तान से संयुक्त राष्ट्र ने क्या अपील की?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-और-पकसतन-स-सयकत-रषटर-न-कय-अपल-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-और-पकसतन-स-सयकत-रषटर-न-कय-अपल-क</guid>
        <description>पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से ज़्यादा से ज़्यादा संयम बरतने की अपील की है.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि पिछले 24 घंटों में महासचिव का किसी भी सरकार के साथ सीधा संपर्क नहीं हुआ है. लेकिन वे चिंता के साथ स्थिति पर नज़र रख रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले की निंदा की.

यूएन ने कहा कि दोनों देशों को अधिकतम संयम बरतना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दोनों देशों के बीच स्थिति और ज़्यादा न बिगड़े.

हमारा मानना ​​है कि पाकिस्तान और भारत के बीच किसी भी मुद्दे को बातचीत के ज़रिए शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सकता है.(bbc.com/hindi)

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को चरमपंथी हमला हुआ था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं.</description>
        <pubDate>Fri, 25 Apr 2025 06:19:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पूर्वी कांगो में खदान ढहने से कम से कम 10 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/परव-कग-म-खदन-ढहन-स-कम-स-कम-10-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/परव-कग-म-खदन-ढहन-स-कम-स-कम-10-लग-क-मत</guid>
        <description>गोमा (कांगो), 25 अप्रैल। पूर्वी कांगो में विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्र में एक स्वर्ण खदान ढह जाने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। प्राधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

विद्रोहियों द्वारा नियुक्त दक्षिण किवु के वाइस-गवर्नर दुनिया मसुम्बुको ब्वेन्गे ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि काबरे क्षेत्र की लुहिही खदान जलवायु परिवर्तन के कारण आई प्राकृतिक आपदा के चलते बुधवार देर रात ढह गई।

दक्षिण किवु के पूर्व में स्थित इस क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन अक्सर होते रहते हैं। दक्षिण किवु रवांडा की सीमा से सटा हुआ है। कालेहे क्षेत्र में 2023 में अचानक आई बाढ़ में कम से कम 400 लोगों की मौत हो गई थी।

ब्वेन्गे ने कहा कि चूंकि लुहिही एक अवैध खदान है इसलिए वहां कई अनियमितताएं थीं और श्रमिक सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।

विद्रोही अर्धसैनिक समूह एम23 के सत्ता में आने से पहले दक्षिण किवु के गवर्नर रहे जीन-जैक्स पुरुसी ने खदान के ढहने की पुष्टि की।

उन्होंने कहा कि इस हादसे में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और मलबे में फंसे कई शवों को अभी तक निकाला नहीं जा सका है।(एपी)

विद्रोहियों द्वारा नियुक्त ब्वेन्गे ने कहा कि कम से कम 10 लोग मारे गए हैं।</description>
        <pubDate>Fri, 25 Apr 2025 06:19:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी सेना ने पहली बार दक्षिण कोरिया में &amp;apos;परमाणु हथियार प्रभाव&amp;apos; प्रशिक्षण किया आयोजित</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-सन-न-पहल-बर-दकषण-करय-म-परमण-हथयर-परभव-परशकषण-कय-आयजत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-सन-न-पहल-बर-दकषण-करय-म-परमण-हथयर-परभव-परशकषण-कय-आयजत</guid>
        <description>सोल, 23 ​​अप्रैल । अमेरिकी सेना ने दक्षिण कोरिया में एक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। पहली बार इसका मकसद परमाणु वातावरण में प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमताओं को बढ़ाना था। यूएस फोर्सेज कोरिया (यूएसएफके) ने बुधवार को यह जानकारी दी। 15-16 अप्रैल के बीच सोल में दक्षिण कोरिया के रणनीतिक कमान में यह प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य उत्तर कोरिया के परमाणु खतरों के खिलाफ सहयोगियों की संयुक्त प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना था। यह प्रशिक्षण अमेरिकी सेना की परमाणु एवं सामूहिक विनाश के हथियार निरोधक एजेंसी (यूएसएएनसीए) के नेतृत्व में दक्षिण कोरियाई सेना के लिए आयोजित किया गया था। इसमें दक्षिण कोरिया के 13 कर्मी शामिल थे। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष अगस्त में मित्र राष्ट्रों ने परमाणु और पारंपरिक क्षमताओं को एकीकृत करने के लिए अपना पहला टेबल-टॉप अभ्यास आयरन मेस 24 संपन्न किया था।</description>
        <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 06:25:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इस्तांबुल में 6.2 तीव्रता के भूकंप के झटकों से हिली इमारतें, लोगों में दहशत का माहौल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसतबल-म-62-तवरत-क-भकप-क-झटक-स-हल-इमरत-लग-म-दहशत-क-महल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसतबल-म-62-तवरत-क-भकप-क-झटक-स-हल-इमरत-लग-म-दहशत-क-महल</guid>
        <description>इस्तांबुल, 23 अप्रैल। तुर्किये की आपदा एवं आपात प्रबंधन एजेंसी ने बुधवार को बताया कि इस्तांबुल और अन्य इलाकों में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया।

एजेंसी के मुताबिक, 1.60 करोड़ की आबादी वाले इस्तांबुल में गंभीर क्षति या किसी के घायल होने की तत्काल कोई खबर नहीं है।

यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.2 थी और इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी।

एजेंसी ने बताया कि भूकंप का केंद्र इस्तांबुल से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में मरमारा सागर में था।

एजेंसी के मुताबिक, भूकंप के झटके पड़ोसी प्रांत टेकिरदाग, यालोवा, बुर्सा व बालिकेसिर और इस्तांबुल से लगभग 550 किलोमीटर दक्षिण में इजमिर शहर में महसूस किये गये।

एजेंसी ने बताया कि भूकंप के बाद भी कई झटके महसूस किए गए, जिनमें से एक बार झटके की तीव्रता 5.3 थी।

एजेंसी के मुताबिक, भूकंप के झटकों की शुरुआत दोपहर 12:49 पर शुरू हुई। चूंकि सार्वजनिक अवकाश था, इसलिए कई बच्चे सड़कों पर जश्न मना रहे थे।

एजेंसी ने बताया कि भूकंप से इस्तांबुल में दहशत फैल गई और घबराए हुए लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गये।

एजेंसी के मुताबिक, लोगों से इमारतों से दूर रहने का आग्रह किया गया।

एनटीवी प्रसारक ने बताया कि इस ऐतिहासिक फतह जिले में एक पुरानी आवासीय इमारत ढह गई।

फतह जिले में ब्लू मस्जिद और हागिया सोफिया विशाल मस्जिद है।

तुर्किये में छह फरवरी, 2023 को 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके कुछ घंटों बाद आये दूसरे शक्तिशाली भूकंप ने तुर्किये में सैकड़ों इमारतों को नष्ट कर दिया। भूकंप में 53,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी थी।

पड़ोसी सीरिया में 6,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी थी।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 06:25:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जॉर्डन की सरकार ने ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ पर लगाया बैन, बताई ये वजह</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जरडन-क-सरकर-न-मसलम-बरदरहड-पर-लगय-बन-बतई-य-वजह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जरडन-क-सरकर-न-मसलम-बरदरहड-पर-लगय-बन-बतई-य-वजह</guid>
        <description>जॉर्डन की सरकार ने मिस्र के सबसे पुराने और सबसे बड़े इस्लामी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड पर बैन लगा दिया है.

यह क]दम तब उठाया गया, जब एक हफ़्ता पहले सरकार ने कहा था कि इस इस्लामी संगठन के कुछ सदस्यों को गिरफ़्तार किया गया है, जिन पर रॉकेट और ड्रोन हमलों की साज़िश रचने का शक है.

जॉर्डन के गृह मंत्री माज़िन अल-फ़राया ने एक सम्मेलन में कहा कि ब्रदरहुड के सभी कार्यालय बंद कर दिए जाएंगे और उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी और उसकी कोई भी गतिविधि अवैध मानी जाएगी.

जॉर्डन के इस क़दम के बाद ब्रदरहुड की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि कथित हमले की साज़िश से किसी भी तरह का संबंध होने से ब्रदरहुड ने इनकार किया है.

यह साफ़ नहीं है कि इस बैन का समूह की राजनीतिक शाखा इस्लामिक एक्शन फ्रंट पर क्या प्रभाव पड़ेगा.

एक्शन फ्रंट जॉर्डन की संसद में सबसे बड़ा विपक्षी समूह है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 06:25:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पहलगाम हमला: पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने बुलाई नेशनल सिक्योरिटी कमेटी की मीटिंग</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पहलगम-हमल-पकसतन-क-पएम-शहबज-शरफ-न-बलई-नशनल-सकयरट-कमट-क-मटग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पहलगम-हमल-पकसतन-क-पएम-शहबज-शरफ-न-बलई-नशनल-सकयरट-कमट-क-मटग</guid>
        <description>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार सुबह नेशनल सिक्योरिटी कमेटी की मीटिंग बुलाई है.

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले के बाद बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक हुई थी.

इसी के जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ओर से ये मीटिंग बुलाई गई है.

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, भारत सरकार की ओर से आज शाम जारी किए गए बयान का जवाब देने के लिए गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेशनल सिक्योरिटी कमेटी की मीटिंग बुलाई है.

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को चरमपंथी हमला हुआ था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं.

इस हमले के मद्देनजर बुधवार शाम को हुई सीसीएस की बैठक में कई अहम फ़ैसले लिए गए. जिसमें पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित किया जाना भी शामिल है. इसके साथ ही अटारी बॉर्डर को भी बंद करने का फ़ैसला किया गया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 06:25:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पोप फ़्रांसिस के अंतिम संस्कार में ढाई लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पप-फरसस-क-अतम-ससकर-म-ढई-लख-लग-क-पहचन-क-उममद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पप-फरसस-क-अतम-ससकर-म-ढई-लख-लग-क-पहचन-क-उममद</guid>
        <description>पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में क़रीब ढाई लाख लोग शामिल हो सकते हैं.

पोप फ़्रांसिस का अंतिम संस्कार 26 अप्रैल यानी शनिवार को किया जाएगा. वेटिकन ने बताया है कि उनका अंतिम संस्कार स्थानीय समय के मुताबिक़ सुबह 10 बजे होगा.

पोप का अंतिम संस्कार सेंट पीटर्स बेसिलिका के सामने किया जाएगा.

उनके अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दुनियाभर से कम से कम 100 प्रतिनिधि भी वेटिकन पहुंच रहे हैं, जिसकी वजह से वहां सुरक्षा काफ़ी कड़ी रहने की उम्मीद है.

पोप का पार्थिव शरीर बुधवार को सेंट पीटर्स बेसिलिका लाया गया है और उनके अंतिम दर्शन करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हज़ारों की संख्या में लोग वेटिकन सिटी पहुंच रहे हैं.

पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार का समय क़रीब आने के साथ ही सेंट पीटर्स स्क्वायर पहुंचने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 06:25:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह 10 बजे होगा, बुधवार से अंतिम दर्शन शुरू</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पप-फरसस-क-अतम-ससकर-शनवर-सबह-10-बज-हग-बधवर-स-अतम-दरशन-शर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पप-फरसस-क-अतम-ससकर-शनवर-सबह-10-बज-हग-बधवर-स-अतम-दरशन-शर</guid>
        <description>वेटिकन सिटी, 22 अप्रैलपोप फ्रांसिस के निधन के बाद कार्डिनल्स (उच्च पादरियों) ने अपना पहला निर्णय लेते हुए उनका अंतिम संस्कार शनिवार को करना तय किया है और बुधवार से आम श्रद्धालुओं को उनके अंतिम दर्शन की अनुमति दी जाएगी।

फ्रांसिस का उत्तराधिकारी चुनने के लिए एक सम्मेलन शुरू होने से पहले अगले कदमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए कार्डिनल्स पहली बार मंगलवार को वेटिकन के धर्मसभा हॉल में मिले।

पोप फ्रांसिस का सोमवार को निधन हो गया। इतिहास के पहले लैटिन अमेरिकी पोप के निधन के बाद दुनियाभर से शोक संदेश आ रहे हैं।

कार्डिनल्स ने सेंट पीटर स्क्वायर में फ्रांसिस के अंतिम संस्कार के लिए शनिवार सुबह 10 बजे का समय तय किया है। इस प्रक्रिया को कॉलेज ऑफ कार्डिनल्स के डीन कार्डिनल गियोवानी बतिस्ता रे संपन्न कराएंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह और अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप शनिवार को पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिली भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

फ्रांसिस का सोमवार को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। निमोनिया के कारण पांच सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद वह अपने अपार्टमेंट में स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे।

वह रविवार को अंतिम बार सार्वजनिक रूप से सामने आए थे और उन्होंने ईस्टर के आशीर्वाद के साथ अनुयायियों का अंतिम अभिवादन किया था।

वेटिकन ने पोप फ्रांसिस के निधन के बाद मंगलवार को उनकी पहली तस्वीर जारी की जिसमें लकड़ी के ताबूत में रखी उनकी पार्थिव देह के साथ ही प्रार्थना करते हुए वेटिकन के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट को देखा जा सकता है।

पोप फ्रांसिस की पार्थिव देह को लाल रंग के वस्त्र से ढके लकड़ी के ताबूत में देखा जा सकता है जिसके साथ उनकी पादरी टोपी (माइटर) रखी है और वेटिकन के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट प्रार्थना कर रहे हैं। यह तस्वीर डोमुस सेंटा मार्टा होटल के चैपल की है जहां पोप रहते थे।

वेटिकन के कैमरलेंगो द्वारा फ्रांसिस के निधन की घोषणा के बाद दुनिया भर के चैपल, चर्च और कैथेड्रल में घंटियां बजाई गईं और इटली, भारत, ताइवान और अमेरिका में झंडे आधे झुके रहे।

कैमरलेंगो की पदवी उन कार्डिनल या उच्चस्तरीय पादरी को दी जाती है जो पोप के निधन या उनके इस्तीफे की घोषणा के लिए अधिकृत होते हैं।

अर्जेंटीना मूल के पोप के सम्मान में इटली और अर्जेंटीना में फुटबॉल मैच स्थगित कर दिए गए। फ्रांसिस सैन लोरेंजो फुटबॉल क्लब के बड़े प्रशंसक थे।

विश्व के नेताओं ने फ्रांसिस के नैतिक नेतृत्व और करुणा के लिए उनकी प्रशंसा की, वहीं आम धर्मावलंबियों ने उनकी सादगी एवं मानवीय गुणों को याद किया।

अगले पोप बनने के लिए प्रमुख दावेदार माने जाने वाले इटालियन बिशप्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख कार्डिनल मैटेओ जुप्पी ने कहा, उन्होंने (फ्रांसिस ने) खुद को अंत तक समर्पित रखा....सभी से मिलने के लिए बाहर जाने, सभी से बात करने, हमें सभी से बात करना सिखाने, सभी को आशीर्वाद देने के लिए।

​</description>
        <pubDate>Wed, 23 Apr 2025 10:05:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी राष्ट्र​पति डोनाल्ड ट्रंप ने पहलगाम हमले पर दी प्रतिक्रिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-डनलड-टरप-न-पहलगम-हमल-पर-द-परतकरय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-डनलड-टरप-न-पहलगम-हमल-पर-द-परतकरय</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्र​पति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले पर प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने कहा, कश्मीर से अत्यंत दुखद खबर आ रही है. आतंक की इस लड़ाई में अमेरिका भारत के साथ खड़ा है. हम मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं. प्रधानमंत्री मोदी और भारत के लोगों को हमारा पूर्ण समर्थन है और गहरी सहानुभूति है.

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को पर्यटकों पर चरमपंथी हमला हुआ है. अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि पर्यटकों पर बंदूकधारियों ने फ़ायरिंग की, जिसमें 20 से अधिक लोगों की मौत हुई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे आतंकवादी हमला बताया है और कहा है कि हमले के ज़िम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 23 Apr 2025 10:05:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप टैरिफ से मुश्किल में कश्मीरी कालीन उद्योग</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-टरफ-स-मशकल-म-कशमर-कलन-उदयग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-टरफ-स-मशकल-म-कशमर-कलन-उदयग</guid>
        <description>अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगाए टैरिफ का असर कश्मीर में कालीन बनाने वालों पर भी पड़ रहा है. उनके कालीन अमेरिका में महंगे हो रहे हैं जिससे मांग में कमी आ रही है. कश्मीर के हजारों कारीगरों के लिए यह मुश्किल घड़ी है.

(dw.com/hi)

मोहम्मद यूसुफ डार और उनकी पत्नी शमीमा अपने करघे के सामने पैर मोड़कर बैठे हैं और लगातार गांठें बांधकर मशहूर कश्मीरी कालीनों के फूल वाले पैटर्न तैयार कर रहे हैं. हाथ से बुने कश्मीरी कालीन आमतौर पर असली रेशम से और कभी-कभी शुद्ध ऊन से बनाए जाते हैं. इनको बनाने का काम बहुत चुनौतीपूर्ण होता है.

कारीगरों की कई पीढ़ियां सदियों से इस कला को आगे बढ़ाती आ रही हैं. ये कश्मीरी कालीन अच्छी-खासी कीमत पर बिकते हैं, लेकिन ज्यादातर कारीगर मुश्किल से अपना गुजारा कर पाते हैं.

पीढ़ी दर पीढ़ी कालीन बनाने की कला
43 साल की शमीमा कहती हैं, मैं अपने पति की मदद सिर्फ इसलिए करती हूं ताकि घर चलाने के लिए हमारी थोड़ी-बहुत अच्छी आमदनी हो जाए. इस दौरान वह और यूसुफ एक साथ सिल्क के रंग बिरंगे धागों को बारीकी के साथ बुन रहे हैं. दोनों ने 9 और 10 साल की उम्र में यह कला सीखी है.

कालीन बनाने के दौरान वे कागज के एक पुराने टुकड़े को देखते हैं जिसमें कालीन के डिजाइन बने होते हैं.

यह उद्योग भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद केंद्र रहने वाले कश्मीर में दशकों के भीषण संघर्ष के बावजूद बचा है. हालांकि फैशन की दौड़ को झेलते हुए अब ऐसे कालीन हवेलियों और म्यूजियमों की शोभा बढ़ाते नजर आते हैं.

कालीन उद्योग पर टैरिफ का खतरा
हालांकि, कश्मीरी व्यापारियों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिकी आयात पर लगाए गए टैरिफ, पहले से ही संकट झेल रहे इस कारोबार के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकते हैं. हाथ से बनाए गए कालीन, बड़े पैमाने पर उत्पादित और सस्ते मशीनी कालीनों से वैसे ही पिछड़े हुए हैं.

हालांकि, टैरिफ मुख्य रूप से चीन जैसे प्रमुख निर्यातकों को निशाना बनाने के लिए थे, लेकिन उन्होंने अनजाने में कश्मीर जैसे क्षेत्रों के पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योगों को अपने जाल में फंसा लिया. कश्मीरी कालीन अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए बहुत हद तक अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों पर निर्भर हैं.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अकेले भारत से अमेरिका को कालीन निर्यात का मूल्य लगभग 1.2 अरब डॉलर है, जबकि वैश्विक निर्यात का कुल मूल्य 2 अरब डॉलर है.

श्रीनगर के पुराने शहर के रहने वाले 50 साल के यूसुफ ने कहा कि वह पड़ोस के 100 से अधिक बुनकरों में से एकमात्र बचे हैं. दो दशक पहले अन्य बुनकरों ने इस काम को छोड़कर कुछ और काम पकड़ लिया.

अमेरिका में महंगे हो जाएंगे कश्मीरी कालीन
यूसुफ ने कहा, मैं एक कालीन को बुनने में महीनों लगा देता हूं, लेकिन अगर मांग ही न हो, तो हमारा कौशल बेकार लगता है. फिर भी, कश्मीर में हजारों परिवार अपनी आजीविका के लिए इस हुनर पर निर्भर हैं और अमेरिका द्वारा लगाए गए 28 फीसदी टैरिफ का मतलब है कि आयातित कालीन अमेरिकी ग्राहकों और खुदरा विक्रेताओं के लिए काफी महंगे हो जाएंगे.

यूसुफ ने सवाल किया, अगर ये कालीन अमेरिका में महंगे हो जाएंगे, तो क्या इसका मतलब यह है कि हमारी मजदूरी भी बढ़ जाएगी?</description>
        <pubDate>Wed, 23 Apr 2025 10:05:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु कार्यक्रम पर दूसरे दौर की बातचीत से पहले कही ये बड़ी बात</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-न-अमरक-क-सथ-परमण-करयकरम-पर-दसर-दर-क-बतचत-स-पहल-कह-य-बड-बत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-न-अमरक-क-सथ-परमण-करयकरम-पर-दसर-दर-क-बतचत-स-पहल-कह-य-बड-बत</guid>
        <description>ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि उनका मानना है कि परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ उनके देश के बीच समझौता होने की संभावना है.

अब्बास अरागची ने यह बात रूस में अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोफ़ से मुलाक़ात के बाद कही है.

विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली दूसरे दौर की बातचीत का नतीजा अमेरिका पर निर्भर करेगा, जो शनिवार को इटली में होनी है.

उन्होंने कहा, हालांकि हमें अमेरिकी पक्ष की नीयत और मंशा पर गंभीर शक है, फिर भी हम कल की बातचीत में ईरान की गंभीरता और पूरी दृढ़ता के साथ हिस्सा लेंगे.

हम ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण हल के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

अब्बास अरागची ने कहा, अगर दूसरी तरफ़ (अमेरिका) भी इसी तरह की इच्छा हो और वे बेवजह और गैर-वास्तविक मांगें करने से बचें, तो मुझे लगता है कि समझौता होना मुमकिन है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 06:24:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान में केएफ़सी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हिंसक हुआ, 170 से ज़्यादा गिरफ़्तार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-म-कएफस-क-खलफ-परदरशन-हसक-हआ-170-स-जयद-गरफतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-म-कएफस-क-खलफ-परदरशन-हसक-हआ-170-स-जयद-गरफतर</guid>
        <description>पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में पिछले कुछ दिनों में अंतरराष्ट्रीय फूड चेन केएफ़सी के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के मामले में 170 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, पाकिस्तान के बड़े शहरों जैसे कराची, लाहौर और इस्लामाबाद में पुलिस ने कम से कम 11 घटनाओं की पुष्टि की है, जिनमें डंडों से लैस प्रदर्शनकारियों ने केएफसी की कई शाखाओं पर हमला किया और तोड़फोड़ की.

अधिकारियों के मुताबिक़, कम से कम 178 लोगों को इन हमलों में शामिल होने की वजह से गिरफ़्तार किया गया है.

बीबीसी उर्दू के अनुसार ये प्रदर्शन उस अंतरराष्ट्रीय अभियान से प्रेरित है, जो ग़ज़ा में युद्ध की वजह से इसराइल से जुड़े सभी सामानों और कंपनियों के बहिष्कार की बात करते हैं.

वहीं दूसरी ओर, केएफसी और उसकी अमेरिकी पैरंट कंपनी यम ब्रांड्स ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 06:24:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अल साल्वाडोर ग़लती से निर्वासित किए गए शख़्स से मिलकर अमेरिकी सीनेटर क्या बोले?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अल-सलवडर-गलत-स-नरवसत-कए-गए-शखस-स-मलकर-अमरक-सनटर-कय-बल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अल-सलवडर-गलत-स-नरवसत-कए-गए-शखस-स-मलकर-अमरक-सनटर-कय-बल</guid>
        <description>अमेरिकी सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने कहा है कि जिस मैरीलैंड के शख्स को ट्रंप प्रशासन ने ग़लती से अल साल्वाडोर निर्वासित कर दिया था, उसे एक नई जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है.

डेमोक्रेटिक सीनेटर ने ये बात अल साल्वाडोर में निर्वासित किए गए किल्मर अब्रेगो गार्सिया से मुलाक़ात के बाद कही.

वैन ने कहा कि गार्सिया को गहरा आघात पहुँचा है और जेल के अंदर अन्य कैदियों से वो डरते थे. उन्होंने बताया कि एक हफ्ते पहले गार्सिया को एक दूसरी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है.

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सरकार को अल साल्वाडोर निर्वासित किए गए गार्सिया की अमेरिका वापसी का इंतज़ाम करने का आदेश दिया है.

हालांकि, ट्रंप प्रशासन इसके पक्ष में नहीं है.

ट्रंप प्रशासन ने गार्सिया पर उस एमएस-13 का सदस्य होने का आरोप लगाया है, जिसे एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 06:24:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस और यूक्रेन के बीच बार&amp;बार विफल बातचीत पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप क्या बोले?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-और-यकरन-क-बच-बर-बर-वफल-बतचत-पर-अमरक-रषटरपत-टरप-कय-बल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-और-यकरन-क-बच-बर-बर-वफल-बतचत-पर-अमरक-रषटरपत-टरप-कय-बल</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर रूस और यूक्रेन शांति समझौते तक पहुँचने को बहुत मुश्किल बना देते हैं तो अमेरिका आगे की बातचीत की मध्यस्थता करने से पीछे हट जाएगा.

ओवल ऑफ़िस में ट्रंप ने मीडिया से शुक्रवार को कहा कि वह कुछ निश्चित दिनों में युद्धविराम की उम्मीद नहीं कर रहे हैं, लेकिन वह चाहते हैं कि यह जल्द से जल्द हो जाए.

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कुछ घंटे पहले ही कहा था, अगर युद्धविराम समझौते को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिखा तो अमेरिका कुछ ही दिनों में रूस-यूक्रेन शांति समझौते के लिए मध्यस्थता का प्रयास छोड़ देगा.

ट्रंप से जब रूस और यूक्रेन के बीच समझौते को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, यहां हम उन लोगों की बात कर रहे हैं जो कि मर रहे हैं. आदर्श रूप से तो हम इसे रोकने जा रहे हैं.

अब अगर किसी वजह से दोनों में से कोई एक पक्ष इसे बहुत मुश्किल बना देता है तो हम बस कहेंगे कि तुम मूर्ख हो, तुम बेवकूफ हो और तुम भयानक लोग हो. हम बस इससे पीछे हट जाएंगे.

ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ रूसी नैरेटिव फैला रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 06:24:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा के ओंटारियो में गोली लगने से भारतीय छात्रा की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-क-ओटरय-म-गल-लगन-स-भरतय-छतर-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-क-ओटरय-म-गल-लगन-स-भरतय-छतर-क-मत</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 19 अप्रैल। कनाडा में 21 वर्षीय भारतीय छात्रा की गोलीबारी की एक घटना में मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

छात्रा काम पर जाने के लिए बस अड्डे पर खड़ी थी और तभी एक कार सवार द्वारा एक अन्य वाहन पर चलाई गई गोली उसे लग गयी जिससे उसकी मौत हो गई।

छात्रा की पहचान हरसिमरत रंधावा के रूप में हुई है जो ओंटारियो के हैमिल्टन में मोहॉक कॉलेज की छात्रा थी। हैमिल्टन पुलिस बुधवार को हुई इस घटना की जांच कर रही है।

टोरंटो में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ओंटारियो के हैमिल्टन में भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा की मौत की घटना से हम अत्यंत दुखी हैं।

अधिकारी ने कहा, स्थानीय पुलिस के अनुसार, वह निर्दोष थी और दो वाहनों में सवार लोगों के बीच गोलीबारी की घटना के दौरान एक गोली लगने से उसकी मौत हो गई। हत्या के इस मामले की जांच जारी है। हम उसके परिजन के निकट संपर्क में हैं और उन्हें सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं।

हैमिल्टन पुलिस ने एक बयान में बताया कि स्थानीय समयानुसार बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे उसे हैमिल्टन में अपर जेम्स और साउथ बेंड रोड के पास गोलीबारी की खबर मिली।

बयान के अनुसार जब पुलिस वहां पहुंची तो उसे रंधावा घायल अवस्था में मिली जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई।

बयान के अनुसार, घटनास्थल के वीडियो के जरिए जांचकर्ताओं ने पता लगाया कि एक काली कार में सवार यात्री ने एक सफेद कार में बैठे लोगों पर गोली चलाई।

इसमें बताया कि दोनों वाहन घटनास्थल से फरार हो गए।

गोलीबारी की इस घटना के दौरान पास के एक मकान की खिड़की में गोलियां लगी जहां रहने वाले लोग कुछ ही फुट की दूरी पर बैठकर टेलीविजन देख रहे थे। उनमें से कोई घायल नहीं हुआ।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 06:24:38 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी टैरिफ नीति अमेरिकी उपभोक्ताओं पर नकारात्मक प्रभाव डालेगी ：क्रिस साउथवर्थ</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-टरफ-नत-अमरक-उपभकतओ-पर-नकरतमक-परभव-डलग-करस-सउथवरथ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-टरफ-नत-अमरक-उपभकतओ-पर-नकरतमक-परभव-डलग-करस-सउथवरथ</guid>
        <description>बीजिंग, 17 अप्रैल । हाल ही में, ब्रिटिश इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव क्रिस साउथवर्थ ने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के संवाददाता को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिकी टैरिफ नीति न केवल अंतर्राष्ट्रीय बाजार में झटके पैदा करेगी, बल्कि अमेरिकी लोगों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगी। साउथवर्थ ने कहा कि ब्रिटिश इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स अमेरिकी टैरिफ नीति का बिल्कुल समर्थन नहीं करता है। अमेरिकी उपभोक्ताओं को सभी पहलुओं में मूल्य वृद्धि महसूस होगी, चाहे वह फल, भोजन, पेय पदार्थ, कार या कॉफी हो, सभी दैनिक आवश्यकताएं हों और अगले कुछ हफ्तों में हर कोई वास्तव में प्रभावित होगा। साउथवर्थ ने कहा कि ब्रिटेन और चीन के पास डिजिटलीकरण, आधुनिकीकरण और वैश्विक व्यापार के डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने में सहयोग के लिए विशाल अवसर हैं। हमें वैश्विक समुदाय के रूप में मिलकर काम करने की आवश्यकता है ताकि वैश्विक व्यापार प्रणाली अभी की तुलना में अधिक स्थिर हो सके। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 06:25:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हमास ने इसराइल के नए युद्धविराम प्रस्ताव को किया अस्वीकार, बताया ये कारण</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हमस-न-इसरइल-क-नए-यदधवरम-परसतव-क-कय-असवकर-बतय-य-करण</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हमस-न-इसरइल-क-नए-यदधवरम-परसतव-क-कय-असवकर-बतय-य-करण</guid>
        <description>हमास ने इसराइल के नए युद्धविराम प्रस्ताव को औपचारिक रूप से अस्वीकार कर दिया है.

समूह ने कहा कि वो ऐसे समझौते पर बातचीत करने के लिए तैयार हैं, जिसमें सभी बचे हुए बंधकों की रिहाई के बदले युद्ध समाप्त किया जाए और फ़लस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाए.

हमास के मुख्य वार्ताकार खलील अल-हय्या ने अपना बयान वीडियो के जरिए जारी किया.

इसमें हय्या ने कहा कि हम ऐसे किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे, जिसमें कि इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का राजनीतिक एजेंडा पूरा होता हो.

इसराइल के नए समझौते में दस बंधकों की रिहाई के बदले 45 दिन के युद्धविराम की बात है.

हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कुछ घंटे पहले किए गए इसराइल के हवाई हमले हमले में 37 लोगों की मौत हो गई.

हालांकि, इसराइली सेना ने मामले पर अभी कुछ नहीं कहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 06:25:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की बोले&amp; अमेरिकी विशेष दूत फैला रहे हैं रूसी नैरेटिव</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-रषटरपत-जलसक-बल-अमरक-वशष-दत-फल-रह-ह-रस-नरटव</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-रषटरपत-जलसक-बल-अमरक-वशष-दत-फल-रह-ह-रस-नरटव</guid>
        <description>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ रूसी नैरेटिव फैला रहे हैं.

हाल ही में फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में विटकॉफ़ ने कहा था कि रूस और यूक्रेन की जंग उन पांच इलाक़ों पर निर्भर है, जिनके अधिकतर हिस्से पर रूस का क़ब्ज़ा है.

स्टीव विटकॉफ़ ने हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ करीब पांच घंटे तक चली बैठक के बाद ये बात कही थी.

ज़ेलेंस्की ने कहा कि मुझे लगता है कि विटकॉफ़ ने रूसी पक्ष लेने की रणनीति अपना ली है.

उन्होंने कहा, यह वास्तव में खतरनाक है, क्योंकि जानबूझकर या अनजाने में वह रूसी नैरेटिव फैला रहे हैं.

विटकॉफ़ पूर्वी यूक्रेन में स्थित जेपोरिजिया, दोनेत्स्क, खे़रसोन और लुहांस्क की बात कर रहे हैं. इन क्षेत्रों के अधिकतर हिस्सों पर रूस का क़ब्ज़ा है.

वहीं, पांचवां क्षेत्र क्राइमिया है, जिस पर रूस ने 2014 में क़ब्ज़ा कर लिया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 06:25:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका और यूरोप के बीच ट्रेड डील के आसार, इटली की पीएम मेलोनी ने की ट्रंप से मुलाक़ात</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-और-यरप-क-बच-टरड-डल-क-आसर-इटल-क-पएम-मलन-न-क-टरप-स-मलकत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-और-यरप-क-बच-टरड-डल-क-आसर-इटल-क-पएम-मलन-न-क-टरप-स-मलकत</guid>
        <description>अमेरिका के दौरे पर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात की.

मुलाक़ात के दौरान जियोर्जिया मेलोनी और ट्रंप ने अमेरिका और यूरोप के बीच होने वाली संभावित ट्रेड डील को लेकर बात की.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 100 फ़ीसदी है कि ट्रे़ड डील होगी, लेकिन ये निष्पक्ष समझौता होगा.

मेलोनी ने कहा, वो निश्चित है कि हम समझौते तक पहुँच जाएंगे.

उन्होंने अपना मकसद मेक द वेस्ट ग्रेट अगेन यानी पश्चिम को फिर से महान बनाना बताया.

टैरिफ़ का एलान

दो अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत सहित कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाया था.

ट्रंप ने चीन को छोड़कर अन्य देशों को 90 दिनों की अस्थायी छूट देते हुए रेसिप्रोकल टैरिफ़ को घटाकर समान रूप से 10 फ़ीसदी कर दिया है.

ट्रंप के यूरोपीय संघ से आयात किए जाने वाले सामान पर 20 प्रतिशत टैरिफ़ लगाए जाने और फिर इसे 90 दिनों के लिए रोक दिए जाने के निर्णय के बाद मेलोनी पहली यूरोपीय नेता हैं जो कि अमेरिका के दौरे पर हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 06:25:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश और पाकिस्तान के रिश्तों पर आमना बलोच और मोहम्मद यूनुस ने क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-और-पकसतन-क-रशत-पर-आमन-बलच-और-महममद-यनस-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-और-पकसतन-क-रशत-पर-आमन-बलच-और-महममद-यनस-न-कय-कह</guid>
        <description>बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार को पाकिस्तान के साथ संबंधों को मज़बूत करने पर चर्चा की.

उन्होंने पाकिस्तान के साथ आपसी सहयोग और व्यापार को बढ़ाने पर ज़ोर दिया है.

मोहम्मद यूनुस ने पाकिस्तानी विदेश सचिव आमना बलोच से जमुना स्टेट गेस्ट हाउस में मुलाक़ात की.

मुख्य सलाहकार ने बलोच से कहा, कुछ बाधाएं हैं. हमें उनसे पार पाने के लिए रास्ते तलाशने होंगे और आगे बढ़ना होगा.

पिछले मुद्दों को स्वीकार करते हुए बलोच ने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान को चाहिए कि वे दोनों देशों के बीच मौजूद संभावनाओं का पूरा इस्तेमाल करने के रास्ते खोजें.

बलोच ने कहा, हमारे पास अपने-अपने स्तर पर बहुत बड़ा घरेलू बाज़ार है और हमें इसका इस्तेमाल करना चाहिए. हम हर बार मौक़ा नहीं गंवा सकते.

मुख्य सलाहकार ने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान को दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध मज़बूत करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आदान-प्रदान बढ़ाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान बहुपक्षीय और क्षेत्रीय मंचों जैसे सार्क, ओआईसी और डी-8 में मिलकर काम करते रहेंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 06:25:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस आएंगे भारत, क्या होगी बात</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-उपरषटरपत-जड-वस-आएग-भरत-कय-हग-बत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-उपरषटरपत-जड-वस-आएग-भरत-कय-हग-बत</guid>
        <description>अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस 21 अप्रैल से भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आएंगे.

भारत के विदेश मंत्रालय और जेडी वेंस की प्रेस सचिव ने यह जानकारी दी.

वेंस अपने भारत दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे. इस दौरान द्विपक्षीय वार्ता होगी.

विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, यह उपराष्ट्रपति वेंस की पहली भारत यात्रा होगी. इस यात्रा के दौरान वह 21 अप्रैल को पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे.

मंत्रालय ने कहा है, उपराष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल के दिल्ली में अन्य कार्यक्रम होंगे. वेंस का 24 अप्रैल को वॉशिंगटन डीसी के लिए रवाना होने से पहले जयपुर और आगरा जाने का भी कार्यक्रम है.

विदेश मंत्रालय ने कहा, यह यात्रा दोनों पक्षों को द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करने और पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान 13 फरवरी को जारी भारत-अमेरिका साझा बयानों के परिणामों के कार्यान्वयन का अवसर देगी.

वहीं, वेंस के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति 18 से 24 अप्रैल तक इटली और भारत की यात्रा पर रहेंगे.

जेडी वेंस की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को छोड़कर दुनिया के अन्य देशों को रेसिप्रोकल टैरिफ़ से 90 दिनों की राहत दी है.

ट्रंप ने चीन को छोड़कर अन्य देशों को 90 दिनों की अस्थायी छूट देते हुए रेसिप्रोकल टैरिफ़ को घटाकर समान रूप से 10 फ़ीसदी कर दिया है.

ऐसे में जेडी वेंस की भारत यात्रा को काफी अहम माना जा रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 07:24:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप का हार्वर्ड पर निशाना, कहा&amp; नफ़रत और मूर्खता सिखाती है यूनिवर्सिटी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-हरवरड-पर-नशन-कह-नफरत-और-मरखत-सखत-ह-यनवरसट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-हरवरड-पर-नशन-कह-नफरत-और-मरखत-सखत-ह-यनवरसट</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर निशाना साधा है. ट्रंप ने कहा है कि अब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पढ़ाई के लिए एक अच्छी जगह नहीं रह गई है.

अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर ट्रंप ने पोस्ट किया, सभी जानते हैं कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी अपने रास्ते से भटक गई है.

ट्रंप ने यूनिवर्सिटी में भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों की आलोचना करते हुए उन्हें मूर्ख कहा.

उन्होंने लिखा, इस वजह से हार्वर्ड को अब पढ़ाई-लिखाई के लिए एक अच्छी जगह भी नहीं माना जा सकता है, और इसे दुनिया की महान यूनिवर्सिटीज़ या कॉलेजों की लिस्ट में भी नहीं रखा जाना चाहिए.

उन्होंने लिखा, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी एक मज़ाक है, ये नफ़रत और मूर्खता सिखाती है, और इसे अब सरकारी फ़ंड नहीं मिलना चाहिए.

बता दें कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस की ओर से भेजी गई मांगों की एक लिस्ट को लागू करने से इनकार कर दिया था.

व्हाइट हाउस ने पिछले हफ़्ते यूनिवर्सिटी के प्रशासन, भर्ती और दाख़िले की प्रक्रियाओं में बदलाव करने की मांग वाली एक लिस्ट भेजी थी. व्हाइट हाउस ने कहा था कि यह लिस्ट कैंपस में यहूदी विरोधी भावना से लड़ने के लिए बनाई गई है.

वहीं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने इन मांगों को ख़ारिज करते हुए कहा था कि व्हाइट हाउस उस पर नियंत्रण की कोशिश कर रहा है. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को दी जाने वाली दो अरब अमेरिकी डॉलर की फ़ंडिंग रोक दी थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 07:24:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>&amp;apos;महिला&amp;apos; की क़ानूनी परिभाषा क्या हो? यूके के सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/महल-क-कनन-परभष-कय-ह-यक-क-सपरम-करट-क-फसल-आय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/महल-क-कनन-परभष-कय-ह-यक-क-सपरम-करट-क-फसल-आय</guid>
        <description>ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट ने क़ानून में महिला की परिभाषा को लेकर चल रहे विवाद में फ़ैसला सुना दिया है. कोर्ट ने कहा है कि महिला की क़ानूनी परिभाषा जैविक लिंग यानी बायलॉजिकल सेक्स पर आधारित है.

ये फ़ैसला स्कॉटिश सरकार और महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले ग्रुप फॉर विमेन स्कॉटलैंड के बीच लंबे समय से चल रही क़ानूनी लड़ाई के बाद आया है.

जजों ने फॉर वीमेन स्कॉटलैंड ग्रुप का पक्ष लिया, जिसने स्कॉटिश सरकार के ख़िलाफ़ मामला दायर किया था. इस ग्रुप का तर्क था कि लिंग-आधारित सुरक्षा केवल उन लोगों पर लागू होनी चाहिए, जो महिला के रूप में पैदा हुए हैं.

वहीं स्कॉटिश सरकार ने अदालत में तर्क दिया था कि जेंडर रिकॉग्निशन सर्टिफिकेट (जीआरसी) यानी लिंग पहचान प्रमाणपत्र वाले ट्रांसजेंडर्स भी लिंग-आधारित सुरक्षा के हक़दार हैं.

जीआरसी एक क़ानूनी डॉक्यूमेंट है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से यूके और कुछ अन्य देशों में किया जाता है. ये सर्टिफिकेट इस बात की पुष्टि करता है कि किसी व्यक्ति की कानूनी लिंग पहचान (जेंडर आइडेंटिटी), जन्म के समय उसे दी गई लिंग पहचान से अलग है.

ये क़ानूनी लड़ाई साल 2018 में शुरू हुई थी, जब स्कॉटिश संसद ने जेंडर बैलेंस को लेकर एक विधेयक पारित किया था. फॉर वीमेन स्कॉटलैंड ने शिकायत की थी कि इस क़ानून में ट्रांसजेंडर लोगों को भी शामिल किया गया है, जो कि नहीं होना चाहिए.

ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट को समानता अधिनियम 2010 की उचित व्याख्या पर निर्णय लेना था.

16 अप्रैल को अपना फ़ैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि यूके के समानता अधिनियम 2010 में महिला और सेक्स (लिंग) शब्द का मतलब बायलॉजिकल महिला और बायलॉजिकल सेक्स है.

इस ऐतिहासिक फ़ैसले में जजों ने कहा है कि यह किसी एक पक्ष की दूसरे पर जीत नहीं है और क़ानून अभी भी ट्रांसजेंडर लोगों को भेदभाव के ख़िलाफ़ संरक्षण देता है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 07:24:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रेलवे में मनाई गई अंबेडकर जयंती</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रलव-म-मनई-गई-अबडकर-जयत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रलव-म-मनई-गई-अबडकर-जयत</guid>
        <description>छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 15 अप्रैल। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा मुख्यालय में भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का 134वां जन्म दिवस 14 अप्रैल को श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक तरुण प्रकाश द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में डॉ. अम्बेडकर जी के जीवन, योगदान एवं विचारों पर प्रकाश डाला गया और उनके विचारों से प्रेरणा लेते हुए सभी उपस्थितों ने संकल्प लिया कि रेल सेवा के माध्यम से देश सेवा समर्पण भाव से निभाया जाएगा।</description>
        <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 06:37:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध में मारे गए लोगों पर ज़ेलेंस्की को लेकर क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रषटरपत-टरप-न-यकरन-यदध-म-मर-गए-लग-पर-जलसक-क-लकर-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रषटरपत-टरप-न-यकरन-यदध-म-मर-गए-लग-पर-जलसक-क-लकर-कय-कह</guid>
        <description>-येंग टियान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन युद्ध में मारे गए लाखों लोगों के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ-साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की भी ज़िम्मेदार हैं.

ट्रंप व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे. इस दौरान, वहां अल साल्वाडोर के नेता भी मौजूद थे.

ट्रंप ने कहा, जब आप एक युद्ध शुरू करते हैं तो आपको पता होना चाहिए कि आप युद्ध जीत सकते हैं. ट्रंप ने इस युद्ध के लिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन को भी ज़िम्मेदार ठहराया.

इससे पहले रविवार को रूस ने यूक्रेन के उत्तर पूर्वी शहर सुमी पर घातक हमला किया था. इसमें कई लोग मारे गए थे. इस मुद्दे पर व्यापक स्तर पर आक्रोश जताया गया. ट्रंप का यह बयान इसके बाद आया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 06:37:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने परमाणु हथियार के मुद्दे पर ईरान को लेकर क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-परमण-हथयर-क-मदद-पर-ईरन-क-लकर-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-परमण-हथयर-क-मदद-पर-ईरन-क-लकर-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार का आइडिया छोड़ना होगा.

ट्रंप ने कहा, ईरान हमारे साथ समझौता करना तो चाहता है, लेकिन कैसे, यह उनको नहीं मालूम है. हम शनिवार को मिले थे. अगले शनिवार एक और मुलाक़ात होने वाली है.

उन्होंने कहा, हो सकता है कि वो इस बात को खींच रहे हैं. मगर, ईरान को परमाणु हथियार का विचार छोड़ना होगा. उनके पास यह हथियार नहीं होने चाहिए.

ट्रंप ने कहा, यदि ज़रूरत पड़ी तो हम कड़े कदम उठाएंगे. हमारे लिए नहीं, बल्कि दुनिया के लिए. ये कट्टरपंथी लोग हैं, इनके पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए है.

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर एक बैठक हो चुकी है. अगली बैठक ओमान में होगी. अगर ये डील हो गई तो ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिकी प्रतिबंध हल्के हो सकते हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 06:37:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन ने स्मार्टफोन, कंप्यूटर को टैरिफ़ से छूट देने के अमेरिका के फ़ैसले पर क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-न-समरटफन-कपयटर-क-टरफ-स-छट-दन-क-अमरक-क-फसल-पर-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-न-समरटफन-कपयटर-क-टरफ-स-छट-दन-क-अमरक-क-फसल-पर-कय-कह</guid>
        <description>चीन ने अमेरिका के उस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें ट्रंप प्रशासन ने रेसिप्रोकल टैरिफ़ से स्मार्टफोन और कंप्यूटर सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को छूट देने की बात कही है. इसमें चीन से आने वाला सामान भी शामिल है.

चीन के अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रेसिप्रोकल टैरिफ़ को पूरी तरह से रद्द करने की बात कही है. ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ़ के बाद से दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच टैरिफ़ वॉर जारी है.

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह अपनी गलतियों को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाए. रेसिप्रोकल टैरिफ़ जैसी गलत नीति को पूरी तरह रद्द करे और आपसी सम्मान के सही मार्ग पर लौटे.

ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में घोषणा की थी कि मोबाइल और कंप्यूटर सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को रेसिप्रोकल टैरिफ़ से छूट दी जाएगी. इसमें चीन से आया हुआ सामान भी होगा.

हालांकि, अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने एबीसी न्यूज़ से रविवार को कहा कि ये छूट अस्थायी है.

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दो अप्रैल को भारत सहित दुनिया के कई देशों से आने वाले उत्पादों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाया था.

ट्रंप ने टैरिफ़ पर चीन को छोड़कर शेष दुनिया के लिए 90 दिनों की अस्थायी राहत की घोषणा की है.

अमेरिका ने चीन पर टैरिफ़ बढ़ाकर 145% कर दिया था, जबकि अन्य देशों को 90 दिनों की अस्थायी छूट देते हुए रेसिप्रोकल टैरिफ़ को घटाकर समान रूप से 10 फ़ीसदी कर दिया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 06:10:55 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश में शेख़ हसीना की भतीजी और ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीक़ के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-शख-हसन-क-भतज-और-बरटश-ससद-टयलप-सददक-क-खलफ-गरफतर-क-वरट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-शख-हसन-क-भतज-और-बरटश-ससद-टयलप-सददक-क-खलफ-गरफतर-क-वरट</guid>
        <description>बांग्लादेशी अधिकारियों ने ब्रिटिश सांसद और पूर्व मंत्री ट्यूलिप सिद्दीक़ के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया है.

सिद्दीक़ बांग्लादेश की सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं शेख़ हसीना की भतीजी हैं

देश का भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) सिद्दीक़ पर लगे अवैध रूप से ज़मीन हासिल करने के आरोपों की जांच कर रहा है, जो उनकी चाची शेख़ हसीना के शासन की जांच का हिस्सा है.

सिद्दीक़ ने पहले कहा था कि एसीसी के आरोप पूरी तरह से झूठे हैं.

उन्होंने आयोग पर ख़ुद को निशाना बनाने और बेबुनियाद अभियान चलाने का आरोप लगाया है. वहीं बीबीसी ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए सिद्दीक़ से संपर्क किया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 06:10:54 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सिंगापुर के आगामी आम चुनाव में भारतीय समुदाय के उम्मीदवारों को भी उतारेंगे: लॉरेंस वोंग</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सगपर-क-आगम-आम-चनव-म-भरतय-समदय-क-उममदवर-क-भ-उतरग-लरस-वग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सगपर-क-आगम-आम-चनव-म-भरतय-समदय-क-उममदवर-क-भ-उतरग-लरस-वग</guid>
        <description>सिंगापुर, 14 अप्रैल। सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने व्यवसाय, उद्योग और लोक सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में भारतीय समुदाय के लोगों के योगदान को स्वीकारते हुए रविवार को कहा कि सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) निश्चित रूप से आगामी आम चुनाव में भारतीय समुदाय के लोगों को भी उतारेगी।

पीएपी ने 2020 के आम चुनाव में 27 नए चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन इनमें एक भी भारतीय मूल का उम्मीदवार नहीं था जिसके बाद संसद में भारतीय समुदाय के प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठने लगे थे।

भारतीय समुदाय के युवाओं के साथ संवाद के दौरान वोंग ने कहा, आप (भारतीय समुदाय) एक छोटा समुदाय हो सकते हैं, लेकिन निश्चित रूप से सिंगापुर में आपका योगदान और आपका प्रभाव बिल्कुल भी छोटा नहीं है।

द स्ट्रेट्स टाइम्स अखबार ने वोंग के हवाले से कहा, वास्तव में, मैं कहूंगा कि आप पहले से ही सिंगापुर की भावना का प्रतिबिंब हैं। आपकी कहानी सिंगापुर की कहानी है।

वोंग ने सिंगापुर में व्यापार, उद्योग और सरकार सहित कई क्षेत्रों में देश के लिए भारतीयों के योगदान को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आगामी चुनाव के लिए पीएपी से नए भारतीय उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा लेकिन उन्होंने इस बारे में ज्यादा विवरण नहीं दिया और न ही किसी का नाम बताया।

मीडिया में आई खबरों के अनुसार, हाल में नेताओं के साथ देखे गए नए चेहरों में एजेंसी फॉर इंटीग्रेटेड केयर के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश वासु दास, लॉ फर्म टीटो इसाक एंड कंपनी के प्रबंध भागीदार कवल पाल सिंह, ट्रेड यूनियन में बड़ा चेहरा जगतीश्वरन राजो और भारतीय ऑर्थोपेडिक सर्जन हामिद रजाक शामिल हैं।

सिंगापुर के दैनिक अखबार की खबर के अनुसार, 2024 में सिंगापुर की आबादी में भारतीय मूल के लोग 7.6 फीसदी थे, जबकि मलेशिया के 15.1 फीसदी और चीन के 75.6 फीसदी थे।

भारतीय मूल के डिजिटल विकास और सूचना राज्य मंत्री जनिल पुथुचेरी ने भी इस कार्यक्रम में लगभग 130 युवाओं से संवाद किया।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 06:10:54 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका में अफ़ग़ानिस्तान और कैमरून के लोगों को मिला ये ख़ास दर्जा होगा ख़त्म</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-अफगनसतन-और-कमरन-क-लग-क-मल-य-खस-दरज-हग-खतम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-अफगनसतन-और-कमरन-क-लग-क-मल-य-खस-दरज-हग-खतम</guid>
        <description>इमेज कैप्शन,टेंपररी प्रोटेक्टेड स्टेटस उन देशों के नागरिकों को दिया जाता है, जो सशस्त्र संघर्ष या पर्यावरणीय आपदाओं जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं.

अमेरिका में अफ़ग़ानिस्तान और कैमरून के हज़ारों लोगों को मिला टेंपररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (टीपीएस) यानी अस्थायी संरक्षण का दर्जा ख़त्म होने वाला है.

ये जानकारी अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने दी है.

डीएचएस ने कहा है कि हज़ारों अफ़ग़ान और कैमरून के लोगों की अस्थायी निर्वासन सुरक्षा समाप्त कर दी जाएगी.

डीएचएस एसिस्टेंट सेक्रेटरी ट्रेसिया मैकलॉगलिन के एक बयान के अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने अफ़ग़ानिस्तान और कैमरून में जो हालात हैं, उसके आधार पर ये फ़ैसला किया है.

ऐसा अनुमान है कि टेंपररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (टीपीएस) के लिए पात्र 14,600 अफ़ग़ान लोग अब मई में इस स्टेटस को खोने वाले हैं. वहीं कैमरून के लगभग 7,900 लोगों को दिया गया ये दर्जा जून में ख़त्म हो जाएगा.

ये दर्जा उन देशों के नागरिकों को दिया जाता है, जो सशस्त्र संघर्ष या पर्यावरणीय आपदाओं जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, जिससे उनके लिए अपने देश लौटना असुरक्षित हो जाता है.

यह दर्जा आमतौर पर 18 महीने तक रहता है, इसे होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी द्वारा रिन्यू किया जा सकता है. इससे निर्वासन से सुरक्षा और वर्क परमिट पाने में मदद मिलती है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 06:06:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के दक्षिण फ्लोरिडा में छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त, तीन लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-दकषण-फलरड-म-छट-वमन-दरघटनगरसत-तन-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-दकषण-फलरड-म-छट-वमन-दरघटनगरसत-तन-लग-क-मत</guid>
        <description>बोका रैटन (अमेरिका), 11 अप्रैल। दक्षिण फ्लोरिडा में एक छोटा विमान शुक्रवार सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि विमान एक प्रमुख अंतरराज्यीय राजमार्ग और रेल पटरियों के पास पूर्वाह्न करीब सवा दस बजे गिर गया।

संघीय विमानन प्रशासन ने विमान की पहचान सेसना 310 के रूप में की है।

बोका रैटन अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विमान में सवार सभी तीन लोगों की इस हादसे में मौत हो गई और जब विमान जमीन पर गिरा तो उसकी चपेट में आने से एक व्यक्ति घायल हो गया।

बोका रैटन के मेयर स्कॉट सिंगर ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 06:06:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कांगो की सेना ने 40 बंधकों को विद्रोहियों के चंगुल से मुक्त कराया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कग-क-सन-न-40-बधक-क-वदरहय-क-चगल-स-मकत-करय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कग-क-सन-न-40-बधक-क-वदरहय-क-चगल-स-मकत-करय</guid>
        <description>किंशासा, 12 अप्रैल। कांगो के संघर्ष प्रभावित पूर्वी क्षेत्र में चरमपंथियों के साथ भीषण लड़ाई के बाद कांगो की सेना ने इस्लामिक स्टेट से जुड़े विद्रोहियों के कब्जे से 41 बंधकों को मुक्त करा लिया। सेना के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।

उत्तर कीवू प्रांत में सैन्य प्रवक्ता माक हजुके ने शुक्रवार को बताया कि 13 महिलाओं और कई विदेशी नागरिकों सहित 41 बंधकों को पड़ोसी देश युगांडा के सैनिकों के साथ एक संयुक्त सैन्य अभियान में लुबेरो और बेनी क्षेत्रों से विद्रोही संगठन एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज के कब्जे से रिहा कराया गया।

उत्तर कीवू प्रांत के बेनी से शुक्रवार को रिहा कराए गए बंधक बेहद थके और कमजोर दिखाई दे रहे थे। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें कब से बंधक बनाकर रखा गया था, लेकिन संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में बंधकों को अक्सर महीनों तक कैद रखा जाता है।

बेनी में नागरिक समाज से जुड़े एक संगठन के नेता पेपिन कावोटा ने परिवारों से आग्रह किया कि वे बंधकों का स्वागत करें और सामान्य जीवन जीने में उनकी मदद करें।

स्थानीय मीडिया के अनुसार कावोटा ने संयुक्त सैन्य अभियान की सराहना की क्योंकि कुछ वर्षों में इस प्रकार के अभियानों में सैकड़ों बंधकों को मुक्त कराया गया है।

एडीएफ चरमपंथी समूह 100 से अधिक सशस्त्र समूहों में से एक है, जो दशकों से कांगो के खनिज-समृद्ध लेकिन गरीब पूर्वी क्षेत्र में हिंसा में शामिल हैं। इस वजह से यह देश दुनिया के सबसे खराब मानवीय संकट का सामना करने वाले देशों में से एक बन गया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 06:06:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जर्मनी की नयी सरकार की भारत के साथ रक्षा के क्षेत्र में संबंध मजबूत करने की योजना: राजदूत एकरमैन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जरमन-क-नय-सरकर-क-भरत-क-सथ-रकष-क-कषतर-म-सबध-मजबत-करन-क-यजन-रजदत-एकरमन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जरमन-क-नय-सरकर-क-भरत-क-सथ-रकष-क-कषतर-म-सबध-मजबत-करन-क-यजन-रजदत-एकरमन</guid>
        <description>(ऋषिकेश कुमार)

नयी दिल्ली, 12 अप्रैल। भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा है कि जर्मनी की नयी सरकार ने भारत के साथ अपनी साझेदारी को और अधिक मजबूत करने की रूपरेखा तैयार कर ली है और इसमें खासतौर पर रक्षा जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।

एकरमैन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जर्मनी में दो दलों के बीच हुए गठबंधन समझौते में कई बार स्पष्ट रूप से भारत का उल्लेख किया गया है।

एकरमैन ने शुक्रवार को पीटीआई-भाषा से कहा, सबसे अहम बात यह है कि यह सरकार भारत के साथ सहयोग बढ़ाना चाहती है और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना चाहती है।

जर्मनी की नयी सरकार ने अभी आधिकारिक रूप से शपथ नहीं ली और अगले दो हफ्तों में संसद में चांसलर के चुनाव और मंत्रियों की नियुक्ति होनी है लेकिन एकरमैन ने नए प्रशासन के तहत भारत-जर्मनी संबंधों के आगे बढ़ने की आशा व्यक्त की।

उन्होंने कहा, हम उम्मीद कर सकते हैं कि जर्मनी की नयी सरकार भारत-जर्मनी द्विपक्षीय संबंधों को लेकर प्रतिबद्ध होगी।

रक्षा सहयोग के संबंध में राजदूत ने दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों में बढ़ती प्रगाढ़ता का उल्लेख किया, जिसका ध्यान भारत-प्रशांत क्षेत्र पर केंद्रित है।

एकरमैन ने दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच मजबूत होते संबंधों पर जोर दिया तथा प्रस्तावित पनडुब्बी सौदे के प्रति जर्मनी की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की, जिसकी वर्तमान में भारत सरकार समीक्षा कर रही है।

उन्होंने कहा, जर्मनी की सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम इस समझौते के प्रति बहुत प्रतिबद्ध और समर्पित हैं, तथा हम इसका यथासंभव सहयोग करेंगे।

जर्मनी ने भारत के प्रोजेक्ट-75आई कार्यक्रम में गहरी रुचि व्यक्त की है, जिसमें भारतीय नौसेना के लिए छह पारंपरिक पनडुब्बियों का निर्माण शामिल है।

कई सप्ताह की गहन बातचीत के बाद, जर्मनी के सीडीयू/सीएसयू गुट और वामपंथी दल एसपीडी अगली सरकार बनाने के लिए गठबंधन समझौते पर पहुंच गए हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 06:06:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने कराई वार्षिक शारीरिक जांच, स्वास्थ्य को बताया ‘अच्छा’</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-करई-वरषक-शररक-जच-सवसथय-क-बतय-अचछ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-करई-वरषक-शररक-जच-सवसथय-क-बतय-अचछ</guid>
        <description>वाशिंगटन, 12 अप्रैल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को वार्षिक शारीरिक जांच कराई और कहा कि उनका स्वास्थ्य अच्छा है।

जनवरी में 78 वर्ष की आयु में अमेरिकी इतिहास के सबसे बुजुर्ग राष्ट्रपति बनने वाले ट्रंप जांच के लिए लगभग पांच घंटे तक वाल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में रहे।

उन्होंने कहा, मैं काफी समय वहां था। मुझे लगता है कि मेरा स्वास्थ्य काफी अच्छा है।

पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की शारीरिक व मानसिक क्षमता पर लंबे समय से सवाल उठाने के बावजूद, ट्रंप अपने स्वास्थ्य के बारे में बुनियादी तथ्यों को लंबे समय से गुप्त रखते आए हैं।

ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनकी नवीनतम शारीरिक जांच के बारे में चिकित्सकों की रिपोर्ट रविवार को तैयार हो जाएगी।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप की अभी भी जांच की जा रही है और उनके स्वास्थ्य के बारे में व्हाइट हाउस के चिकित्सक की ओर से विवरण जितनी जल्दी संभव हो सकेगा जारी किया जाएगा।

ट्रंप जांच के बाद सीधे एयरफोर्स वन में सवार होकर फ्लोरिडा रवाना हो गए। उड़ान के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने उन्हें जीवनशैली में बदलाव के बारे में कुछ सलाह दी है जिससे उनका स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह सलाह क्या है।

ट्रंप ने कहा, कुल मिलाकर, मुझे लगा कि मैं बहुत अच्छी स्थिति में हूं।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 06:06:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइल के रिजर्व सैनिकों ने ग़ज़ा युद्ध की आलोचना की, नेतन्याहू ने क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-क-रजरव-सनक-न-गज-यदध-क-आलचन-क-नतनयह-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-क-रजरव-सनक-न-गज-यदध-क-आलचन-क-नतनयह-न-कय-कह</guid>
        <description>इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू वायुसेना के कुछ रिजर्व सैनिकों की ओर से ग़ज़ा युद्ध की आलोचना को खारि़ज कर दिया है. उन्होंने कहा उनकी इस आलोचना को माफ़ नहीं किया जा सकता है.

इसराइली सेना ने कहा कि वह उन सेवारत रिजर्व सैनिकों को बर्खास्त कर देगी, जिन्होंने एक पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें हमास से लड़ाई के बजाय इसराइली बंधकों की रिहाई को प्राथमिकता देने की मांग की गई थी.

पत्र में ये भी कहा गया कि हाल में चल रही लड़ाई राजनीति से प्रेरित हैं और इससे बंधकों, इसराइली सैनिकों और मासूम नागरिकों की मौत होगी.

सेना ने कहा कि वह सेवारत रिजर्व सैनिकों को राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की अनुमति नहीं दे सकती.

इसराइल ने पिछले महीने ग़ज़ा में अपना हवाई और ज़मीनी अभियान दोबारा शुरू कर दिया था और कहा था कि इस सैन्य दबाव से हमास को मजबूर किया जा सकेगा कि वह अब भी उसके कब्जे़ में मौजूद बंधकों को रिहा करे.

क्षेत्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ग़ज़ा में सात अक्तूबर 2023 के बाद से 50,880 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 06:44:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन पर अब कुल 145 फ़ीसदी टैरिफ़, व्हाइट हाउस ने बताया गणित</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-पर-अब-कल-145-फसद-टरफ-वहइट-हउस-न-बतय-गणत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-पर-अब-कल-145-फसद-टरफ-वहइट-हउस-न-बतय-गणत</guid>
        <description>अमेरिका ने चीन पर लगने वाले टैरिफ़ को 125 फ़ीसदी से बढ़ाकर 145 फ़ीसदी कर दिया है.

व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका में आने वाले चीनी सामानों पर लगाया गया टैरिफ 145 फ़ीसदी है.

बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह टैरिफ़ को बढ़ाकर 125 फ़ीसदी कर देंगे.

हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने अब पुष्टि की है कि पहले जो आंकड़ा बताया गया था, उसमें पहले से लागू 20 फ़ीसदी का टैरिफ़ शामिल नहीं था. यह अब उस पर अलग से जोड़ा जा रहा है, जिससे कुल टैरिफ़ 145 फ़ीसदी हो गया है.

इससे पहले चीन ने अमेरिकी सामानों पर 84 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाने की घोषणा की थी.

बुधवार को ट्रंप ने अपनी व्यापक टैरिफ़ योजना में बदलाव करते हुए चीन को छोड़कर बाक़ी उन सभी देशों पर 90 दिनों तक टैरिफ़ को टाल दिया है, जिन पर इसकी दरें काफी ऊंची थीं. लेकिन इस बीच सभी देशों पर दस फ़ीसदी का बेस टैरिफ़ लागू रहेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 06:44:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>न्यूयॉर्क: हवा में दोफाड़ होने के बाद हेलीकॉप्टर नदी में गिरा, पायलट समेत छह लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नययरक-हव-म-दफड-हन-क-बद-हलकपटर-नद-म-गर-पयलट-समत-छह-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नययरक-हव-म-दफड-हन-क-बद-हलकपटर-नद-म-गर-पयलट-समत-छह-लग-क-मत</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 11 अप्रैल। न्यूयॉर्क में पर्यटन में इस्तेमाल होने वाला एक हेलीकॉप्टर बृहस्पतिवार को उड़ान के दौरान हवा में ही टूटकर दोफाड़ हो गया और हडसन नदी में जा गिरा जिससे उसमें सवार पायलट और स्पेन के पांच पर्यटकों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

जांच से जुड़े एक अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि मृतकों में पायलट के अलावा जानी मानी कंपनी सीमेंस के कार्यकारी अधिकारी ऑगस्टिन एस्कोबार, उनकी पत्नी मर्स कैम्परुबी मोंटाल और तीन बच्चे शामिल हैं।

हेलीकॉप्टर कंपनी की वेबसाइट पर जारी की गई तस्वीरों में दंपति और उनके बच्चे हेलीकॉप्टर में सवार होते समय मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं।

न्यूयॉर्क के मेयर एरिक एडम्स ने कहा कि शवों को पानी से निकाल लिया गया है। हेलीकॉप्टर ने मैनहट्टन में उत्तर की ओर और फिर स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की ओर 18 मिनट से भी कम समय तक उड़ान भरी।

दुर्घटना के कुछ वीडियो सामने आए हैं जिनमें हेलीकॉप्टर के कुछ हिस्से हवा में उछलकर जर्सी सिटी, न्यू जर्सी के तट के पास पानी में गिरते हुए दिखाई दिए।

वहां मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ब्रूस वॉल ने बताया कि उसने विमान को हवा में ही टूटकर दोफाड़ होते हुए देखा, जिसमें टेल और प्रोपेलर अलग हो गए।

न्यू जर्सी के होबोकेन में नदी के किनारे स्थित एक रेस्तरां की संचालिका लेस्ली कैमाचो ने बताया कि हेलीकॉप्टर अनियंत्रित रूप से घूम रहा था और पानी में गिरने से पहले उसमें से धुआं निकल रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि उड़ान का संचालन न्यूयॉर्क हेलीकॉप्टर्स करता है। न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में कंपनी के कार्यालयों में संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन वहां से कोई उत्तर नहीं मिला।

कंपनी के मालिक माइकल रोथ ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि वह बेहद दुखी हैं और उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं है कि दुर्घटना क्यों हुई।

संघीय उड्डयन प्रशासन ने हेलीकॉप्टर की पहचान बेल 206 के रूप में की है। इस मॉडल के हेलीकॉप्टर का वाणिज्यिक और सरकारी तौर पर व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा पर्यटन कंपनियां, टीवी चैनल और पुलिस बल में भी इस मॉडल के हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाता है। राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड ने कहा कि वह दुर्घटना मामले की जांच करेगा।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 06:44:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जापान और ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाज़ार में गिरावट, चीन में क्या हाल?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जपन-और-ऑसटरलय-क-शयर-बजर-म-गरवट-चन-म-कय-हल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जपन-और-ऑसटरलय-क-शयर-बजर-म-गरवट-चन-म-कय-हल</guid>
        <description>जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाज़ार में शुक्रवार को गिरावट देखी गई, जबकि चीन और ताइवान के शेयर बाज़ार में मामूली बढ़त दिखी.

जापान के निक्केई 225 में 4.5% की गिरावट, दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1.7%, हांगकांग के हैंग सेंग में 0.7%, ऑस्ट्रेलिया के एएसएक्स 200 में 1.6% की गिरावट दर्ज की गई.

जबकि, चीन और ताइवान के शेयर बाज़ार में मामूली बढ़त देखी गई. हालांकि, इनके शुरुआती कारोबार में पहले गिरावट देखी गई थी. फ़िलहाल, चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.1% और ताइवान के ताईएक्स में 0.2% की बढ़त दर्ज की गई है.

इससे पहले, गुरुवार को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के ये शेयर बाज़ार बढ़ोतरी के साथ बंद हुए थे.

वहीं, अमेरिका के शेयर बाज़ार की बात करें, तो गुरुवार को वॉल स्ट्रीट के तीन प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे.

एसएंडपी 500 में गुरुवार को 3.5% की गिरावट, डॉव जोन्स इंडस्ट्रीयल एवरेज में 2.5% और नैस्डैक कंपोजिट में 4.3% की गिरावट देखी गई थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 06:44:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>वियतनाम, मलेशिया और कंबोडिया की यात्रा पर जाएंगे शी जिनपिंग</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वयतनम-मलशय-और-कबडय-क-यतर-पर-जएग-श-जनपग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वयतनम-मलशय-और-कबडय-क-यतर-पर-जएग-श-जनपग</guid>
        <description>चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ़्ते दक्षिण पूर्व एशिया की यात्रा करेंगे. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब चीन अमेरिकी टैरिफ़ से जूझ रहा है.

चीनी अख़बार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक़, राष्ट्रपति शी जिनपिंग 14 से 18 अप्रैल तक वियतनाम, मलेशिया, कंबोडिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगे.

शी जिनपिंग की यह यात्रा 14 अप्रैल को वियतनाम से शुरू होगी. उसके बाद वो मलेशिया और कंबोडिया का दौरा करेंगे.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वियतनाम पर 46%, मलेशिया पर 24% और कंबोडिया पर 49% का टैरिफ़ लगाया है.

फिलहाल इस पर 90 दिनों की रोक लगाई गई है. इस दौरान, 10% का बेस टैरिफ़ लागू रहेगा.

बता दें कि अमेरिका ने चीन पर 145% टैरिफ़ लगाया है. वहीं, चीन ने अमेरिका पर 84% टैरिफ़ लगाया है.

चीन का कहना है कि अमेरिका की ज़बरदस्ती के आगे झुकने की बजाय वह आख़िर दम तक लड़ना पसंद करेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 06:44:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के सख़्त टैरिफ़ पर चीन का जवाब&amp; &amp;apos;हम चुप नहीं बैठेंगे&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-सखत-टरफ-पर-चन-क-जवब-हम-चप-नह-बठग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-सखत-टरफ-पर-चन-क-जवब-हम-चप-नह-बठग</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 125 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाए जाने के बाद चीन ने भी सख़्ती दिखाई है. एक अधिकारी ने कहा है कि चीन चुप नहीं बैठेगा.

अमेरिका की ओर से चीन पर 104 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाए जाने की घोषणा के बाद चीन ने जवाबी कार्रवाई की थी. चीन के वित्त मंत्रालय ने अमेरिका से आयात होने वाली वस्तुओं पर शुल्क 34% से बढ़कर 84% करने की घोषणा की.

इस जवाबी कार्रवाई पर ट्रंप ने चीन की चीज़ों पर आयात शुल्क 104 फ़ीसदी से बढ़ाकर 125 फ़ीसदी कर दिया.

चीन का जवाब

चीन की न्यूज़ एजेंसी शिन्हुआ ने वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा, जब उसके लोगों के अधिकारों और हितों को चोट पहुंचाई जा रही हो, तो चीनी सरकार किसी भी तरह से चुप नहीं बैठेगी.

चीन के एक सरकारी अख़बार ने अपने संपादकीय में लिखा, वैश्विक एकजुटता व्यापार अत्याचार पर जीत दिला सकती है.

इस लेख में जापान, दक्षिण कोरिया और दूसरी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के साथ बीजिंग के सहयोग का उल्लेख किया गया है.

इसी बीच चीन के वाणिज्य मंत्री वांग वेंटाओ ने यूरोपीय व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविच और मलेशिया के व्यापार मंत्री ज़फ़रुल अज़ीज़ के साथ बातचीत की है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 10 Apr 2025 06:07:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के टैरिफ़ पर रोक के बाद एशियाई शेयर बाज़ारों में लौटी रौनक</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-टरफ-पर-रक-क-बद-एशयई-शयर-बजर-म-लट-रनक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-टरफ-पर-रक-क-बद-एशयई-शयर-बजर-म-लट-रनक</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ़ की घोषणा पर 90 दिनों की रोक लगा दी है. इसके बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयर बाज़ार गुरुवार को बढ़ोतरी के साथ खुले.

जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाज़ारों के शुरुआती कारोबार में उछाल देखा जा रहा है.

जापान के निक्केई 225 सूचकांक में 8% से ज़्यादा की शुरुआती वृद्धि हुई है. वहीं दक्षिण कोरिया के कोस्पी सूचकांक और ऑस्ट्रेलिया के एएसएक्स 200 में लगभग 5% की बढ़ोतरी दर्ज़ की गई है.

वहीं, इससे पहले बुधवार को ट्रंप की ओर से ज़्यादातर देशों के लिए टैरिफ़ पर 90 दिनों की रोक की घोषणा के बाद अमेरिकी शेयर बाज़ार में उछाल आया.

अमेरिकी शेयर सूचकांक एसएंडपी 500 में 9.5%, नैस्डैक में 12.2% और डॉव जोन्स में 7.9% का उछाल दर्ज़ किया गया.

बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आयात होने वाले सामान पर टैरिफ़ बढ़ाकर 125 फ़ीसदी कर दिया है. वहीं, दुनिया के बाकी देशों के लिए उन्होंने हाई टैरिफ़ पर 90 दिनों की रोक को मंज़ूरी दी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 10 Apr 2025 06:07:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप का टैरिफ़ वॉर, चीन और यूरोपीय संघ ने कैसे जवाब दिया?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-टरफ-वर-चन-और-यरपय-सघ-न-कस-जवब-दय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-टरफ-वर-चन-और-यरपय-सघ-न-कस-जवब-दय</guid>
        <description>यूरोपीय संघ ने अमेरिका पर नए टैरिफ़ लगाने के पक्ष में मतदान किया है. ये टैरिफ़ तीन चरणों में साल भर लागू होंगे, जो 15 अप्रैल से शुरू होंगे.

यह फै़सला 20.9 अरब यूरो मूल्य के सामान को प्रभावित करेगा.

वहीं ट्रंप की ओर से 104 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाए जाने के बाद भी चीन पीछे हटने से इनकार कर रहा है और ज़वाब में उसने अमेरिकी सामानों पर 84 फ़ीसदी टैरिफ़ लगा दिया है.

चीन ने पहले ही विश्व व्यापार संगठन में शिकायत दर्ज करा दी है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय व्यापार कानूनों का उल्लंघन कर रहा है.

ट्रंप के इस फ़ैसले और फिर चीन के जवाबी टैरिफ़ के बाद दुनिया भर के मार्केट में इसका असर दिखा. बुधवार को यूरोपीय बाज़ार 2.1-2.5 फ़ीसदी की गिरावट के साथ खुले.

चीन के इस जवाबी टैरिफ़ के थोड़ी देर बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, ये अपनी कंपनियों को अमेरिका में लाने का बेहतरीन समय है, जैसे एप्पल और दूसरी कंपनियां कर रही हैं. ऐसा आप करोगे तो आप पर ज़ीरो टैरिफ़ लगेगा और तुरंत सभी तरह के अप्रूवल मिलेंगे. इंतज़ार ना करें, फ़ौरन क़दम उठाएं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 10 Apr 2025 06:07:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोमिनिकन गणराज्य में नाइट क्लब की छत ढहने से कम से कम 113 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डमनकन-गणरजय-म-नइट-कलब-क-छत-ढहन-स-कम-स-कम-113-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डमनकन-गणरजय-म-नइट-कलब-क-छत-ढहन-स-कम-स-कम-113-लग-क-मत</guid>
        <description>सैंटो डोमिंगो, 9 अप्रैल। डोमिनिकन गणराज्य की राजधानी सैंटो डोमिंगो में एक ऐतिहासिक नाइट क्लब की छत गिरने से कम से कम 98 लोगों की मौत हो गई और 255 से अधिक लोग घायल हो गए।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सैंटो डोमिंगो का मशहूर जेट सेट नाइट क्लब सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात गायकों, संगीत प्रेमियों, एथलीट और सरकारी अधिकारियों से खचाखच भरा हुआ था।

उन्होंने कहा कि मंच पर मेरेंग्यू गायिका रूबी पेरेज प्रस्तुति दे रही थीं, तभी नाइट क्लब की छत से सीमेंट झड़ने लगा और देखते ही देखते पूरी छत ढह गई।

अधिकारियों के मुताबिक, छत ढहने से डांस फ्लोर पर नाच रहे कम से कम 113 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य मलबे के नीचे दब गए। उन्होंने बताया कि हादसे में 255 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

आपातकालीन अभियान केंद्र के निदेशक मैनुअल मेंडीज ने बताया कि मृतकों में पेरेज भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बचाव दल मलबे में उन लोगों की तलाश में जुटे हैं, जिनके जीवित होने की संभावना है।

मेंडेज ने कहा, हम मलबे के नीचे लोगों की तलाश के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हादसे में 113 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन इनमें से महज 32 की ही अभी शिनाख्त की जा सकी है।

स्थानीय मीडिया की खबर के अनुसार, जान गंवाने वालों में एक हृदय रोग विशेषज्ञ, एक सरकारी वास्तुकार, एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी और युवा मंत्रालय के उप मंत्री के भाई शामिल हैं।

डोमिनिकन गणराज्य की प्रोफेशनल बेसबॉल लीग के प्रवक्ता ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि हादसे में एमएलबी (मेजर लीग बेसबॉल) पिचर ऑक्टेवियो डोटेल और खिलाड़ी टोनी एनरिक ब्लैंको कैबरेरा भी मारे गए।

अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी प्रांत मोंटेक्रिस्टी की गवर्नर और सात बार के एमएलबी ऑल-स्टार (लीग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी) नेल्सन क्रूज की बहन नेल्सी क्रूज भी मृतकों में शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि मलबे में दबी नेल्सी ने राष्ट्रपति लुईस अबिनाडर को फोन कर हादसे की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि बाद में नेल्सी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

खबरों के अनुसार, हादसे में पेरेज के संगीत समूह में शामिल सैक्सोफोन वादक लुईस सोल्स, कई बार कर्मियों और सेना के एक जवान की भी मौत हो गई। वित्तीय सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनी ग्रुपो पॉपुलर ने बताया कि हादसे में कंपनी के तीन कर्मचारियों के अलावा एएफपी पॉपुलर बैंक के प्रेसिडेंट और उनकी पत्नी भी मारी गईं।

नाइट क्लब की छत गिरने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जेट सेट नाइट क्लब की इमारत का अंतिम बार निरीक्षण कब किया गया था।

नाइट क्लब ने एक बयान जारी कर कहा कि वह प्राधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 10 Apr 2025 06:07:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने कोयला उद्योग को बढ़ावा देने के शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कयल-उदयग-क-बढव-दन-क-शसकय-आदश-पर-हसतकषर-कए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कयल-उदयग-क-बढव-दन-क-शसकय-आदश-पर-हसतकषर-कए</guid>
        <description>वाशिंगटन, 9 अप्रैल। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्षरत कोयला उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को कई शासकीय आदेशों पर हस्ताक्षर किए। कोयले को विश्वसनीय लेकिन प्रदूषण फैलाने वाला ऊर्जा स्रोत माना जाता है।

ट्रंप ने इन आदेशों के तहत अपने आपातकालीन अधिकार का उपयोग करके, बंद होने की कगार पर पहुंच गए कुछ पुराने कोयला बिजली संयंत्रों को अमेरिका में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बिजली उत्पादन जारी रखने की अनुमति दी है।

रिपब्लिकन पार्टी के नेता ट्रंप ने काफी पहले वादा किया था कि वह बिजली संयंत्रों और अन्य उपयोगों के लिए कोयले को बढ़ावा देंगे। हालांकि बीते कुछ दशकों से इस उद्योग का पतन हो रहा है।

आदेश में संघीय एजेंसियों को संघीय भूमि पर कोयला संसाधनों की पहचान करने, कोयला खनन में होने वाली बाधाएं दूर करने और अमेरिका में कोयला पट्टे को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।

ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह में कहा, मैं इसे सुंदर, स्वच्छ कोयला कहता हूं। मैंने अपने लोगों से कहा है कि कोयला शब्द का प्रयोग तब तक न करें जब तक कि आप इसके पहले सुंदर स्वच्छ न लगा लें।

ट्रंप ने कहा, कोयला ऊर्जा का सबसे विश्वसनीय, टिकाऊ, सुरक्षित व शक्तिशाली स्रोत है। यह सस्ता है, अविश्वसनीय रूप से उपयोगी है।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 10:04:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एक किसान और दिग्गज जर्मन कंपनी के मुकदमे पर दुनिया की नजरें</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एक-कसन-और-दगगज-जरमन-कपन-क-मकदम-पर-दनय-क-नजर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एक-कसन-और-दगगज-जरमन-कपन-क-मकदम-पर-दनय-क-नजर</guid>
        <description>दक्षिण अमेरिकी देश पेरू का एक किसान 10,500 किलोमीटर लंबी यात्रा करके जर्मनी पहुंचा है, वो भी जर्मनी की एक दिग्गज ऊर्जा कंपनी की जबावदेही तय करने.

(dw.com/hi)

बर्फ से चमकते सफेद धवल पहाड़ और उन पर इठलाते रुई जैसे बादल. सऊल लुसियानो लुलिया इसी नजारे के साथ बड़े हुए हैं. 8-10 साल की उम्र में लुलिया गाय चराने के लिए कोडिएंरा ब्लांका के पहाड़ों पर जाते थे. तब चरागाह के ऊपर हिमाच्छादित पर्वत और हिम से बने ठोस ग्लेशियर हुआ करते थे. आज ऐसा लगता है जैसे ग्लेशियर की सिर्फ छाती और सिर ही बचे हों. उसका ज्यादातर हिस्सा पिघल चुका है और ग्लेशियर के ठीक नीचे एक बड़ी झील बन चुकी है.

लुलिया का दावा है कि उनके शहर हुआरास पर इसी झील से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. समुद्र तल से 4,550 मीटर की ऊंचाई पर बनी ग्लेशियर झील कभी भी फट या छलक सकती है और हुआरास में तबाही ला सकती है. पेरू के इस किसान के मुताबिक, 50,000 लोग बाढ़ के इस जोखिम तले जी रहे हैं.

जर्मन बिजली कंपनी पर मुकदमा क्यों?
44 साल के लुलिया की मांग है कि जर्मन बिजली कंपनी आरडब्ल्यूई, हुआरास शहर को बाढ़ से बचाने की योजना का कुछ खर्च उठाए. आरडब्ल्यूई, दुनिया में सबसे ज्यादा ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन करने वाली कंपनियों में शामिल है. लुलिया ने अपने समुदाय की सुरक्षा के लिए कंपनी से 17,000 यूरो की मांग की है. उनका तर्क है कि जर्मन कंपनी बिजली बनाने के लिए जीवाश्म ईंधन इस्तेमाल करती है, जिसके चलते वह भी बाढ़ का जोखिम पैदा करने की आंशिक जिम्मेदार है.

पिछले हफ्ते पेरू की राजधानी लीमा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए लुलिया ने कहा, मैं कंपनी से निर्माण लागत के एक हिस्से की जिम्मेदारी लेने की मांग कर रहा हूं.

लूलिया ने पहली बार 2015 में आरडब्ल्यूई के विरुद्ध जर्मन शहर एसेन की अदालत में मुकदमा दायर किया. एसेन में आरडब्ल्यूई का मुख्यालय है. तब अदालत ने लूलिया का मुकदमा खारिज कर दिया. केस को खारिज करते हुए एसेन की अदालत ने कहा कि इस मामले में निश्चित उत्सर्जन और निश्चित नुकसान के बीच संबंध स्थापित करना नामुमकिन है.

जलवायु न्याय बनाम कॉरपोरेट जवाबदेही
एसेन कोर्ट के फैसले के साल भर बाद हाम शहर की उच्च अदालत ने लूलिया की अपील स्वीकार कर ली. कोविड महामारी के चलते सुनवाई में देरी होती रही. अब हाम की अदालत ने 17 मार्च से 19 मार्च तक सुनवाई तय की है. लूलिया खुद इस सुनवाई में मौजूद रहने वाले हैं. इस कानूनी लड़ाई में जर्मनी का एक पर्यावरण एनजीओ, जर्मनवॉच भी पेरू के इस किसान की मदद कर रहा है.

2022 में अदालत द्वारा नियुक्त विशेषज्ञों की टीम पेरू के अंकाश इलाके का दौरा कर चुकी है. टीम ने वहां सबूत भी जुटाए. सुनवाई के दौरान लुलिया से पूछा जाएगा कि क्या अंकाश इलाके में उनकी संपत्ति पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. यह बात साबित हुई तो अगली सुनवाई में आरडब्ल्यूई की जिम्मेदार पर सवाल उठाए जाएंगे.

लूलिया का दावा 2014 के एक शोध पर टिका हुआ है. उस शोध में दावा किया गया कि ओद्योगिक युग की शुरुआत से अब तक आरडब्ल्यूई 0.47 फीसदी वैश्विक कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार है. आरडब्ल्यूई ने पेरू में कभी काम नहीं किया है. 1898 में स्थापित की गई ये कंपनी लंबे समय तक कोयला जलाकर बिजली पैदा करती थी. हालांकि आज आरडब्ल्यूई, सौर, पवन, गैस और कोयले से ऊर्जा की आपूर्ति करती है.</description>
        <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 10:04:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डॉमिनिकन गणराज्य की राजधानी में नाइटक्लब की छत गिरने से कम से कम 79 लोगों की मौत, 160 घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डमनकन-गणरजय-क-रजधन-म-नइटकलब-क-छत-गरन-स-कम-स-कम-79-लग-क-मत-160-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डमनकन-गणरजय-क-रजधन-म-नइटकलब-क-छत-गरन-स-कम-स-कम-79-लग-क-मत-160-घयल</guid>
        <description>सैंटो डोमिंगो, 9 अप्रैल। डोमिनिकन गणराज्य की राजधानी सैंटो डोमिंगो में मंगलवार तड़के एक नाइटक्लब की छत गिरने की घटना में कम से कम 79 लोगों की मौत हो गई और 160 अन्य घायल हैं।

प्राधिकारियों ने बताया कि जेट सेट नाइटक्लब में मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है।

आपातकालीन अभियान केंद्र के निदेशक जुआन मैनुअल मेंडेज ने कहा कि मलबे में कुछ लोगों के जीवित होने की संभावना के साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, हम मलबे की सफाई कर रहे हैं और लोगों को खोज रहे हैं। हम बिना थके लोगों की तलाश में जुटे हैं।

मेंडेज ने मंगलवार शाम में बताया कि 66 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है। इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि कम से कम 160 लोग घायल हुए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में मोंटेक्रिस्टी की गवर्नर नेल्सी क्रूज भी शामिल हैं। उन्होंने देर रात 12.49 बजे राष्ट्रपति लुईस अबिनाडर को फोन कर बताया था कि छह गिर गई है और वह फंस गई हैं।

अधिकारियों के मुताबिक बाद में अस्पताल में क्रूज की मौत हो गई है।

पूर्व मेजर लीग बेसबॉल पिचर ऑक्टेवियो डोटेल की भी हादसे में मौत हो गई।

नाइटक्लब की छत उस समय गिरी, जब मेरेंग्यू गायिका रूबी पेरेज प्रस्तुति दे रही थीं।

पेरेज के मैनेजर एनरिक पॉलीनो ने संवाददाताओं को बताया कि उनका (पेरेज का) कंसर्ट सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात से कुछ समय पहले शुरू हुआ था और लगभग एक घंटे बाद नाइटक्लब की छत गिर गई।

पॉलीनो के मुताबिक, हादसे में पेरेज के संगीत समूह में शामिल सैक्सोफोन वादक की मौत हो गई, जबकि पेरेज सहित अन्य सदस्य घायल हो गए।

उन्होंने कहा, यह एक झटके में हुआ और शुरू में मुझे लगा कि भूकंप आया है। मैंने एक कोने में जाकर किसी तरह अपनी जान बचाई।

पॉलीनो की शर्ट खून से सनी हुई थी।

राष्ट्रपति लुइस अबिनाडर ने एक्स पर पोस्ट किया कि सभी बचाव एजेंसियां ​​प्रभावित लोगों की मदद के लिए अथक प्रयास कर रही हैं।

उन्होंने लिखा, हमें जेट सेट नाइटक्लब में हुई त्रासदी पर गहरा दुख है। हादसे के बाद से हम मिनट दर मिनट इससे जुड़ी जानकारी ले रहे हैं।

अबिनाडर दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और अपनों को खोज रहे लोगों को गले लगाया।

नाइटक्लब की छत गिरने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

राष्ट्रपति अबिनाडर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सभी बचाव एजेंसियां ​​प्रभावित लोगों की मदद के लिए अथक प्रयास कर रही हैं।

उन्होंने लिखा, जेट सेट नाइटक्लब में हुये हादसे पर हमें गहरा दुख है। घटना के बाद से हम हर मिनट इस पर नज़र रख रहे हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 10:04:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>युगांडा में हर रोज 600 कांगोवासियों का प्रवेश, संसाधनों पर बढ़ा बोझ : यूएनएचसीआर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यगड-म-हर-रज-600-कगवसय-क-परवश-ससधन-पर-बढ-बझ-यएनएचसआर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यगड-म-हर-रज-600-कगवसय-क-परवश-ससधन-पर-बढ-बझ-यएनएचसआर</guid>
        <description>जिनेवा, 9 अप्रैल । जनवरी से अब तक 41,000 से ज्यादा शरणार्थी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) से युगांडा में आए हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक इनमें से कई लोगों ने यात्रा के दौरान हत्या, यौन हिंसा और अन्य दर्दनाक घटनाओं का सामना किया। पूर्वी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों और कांगो के सैनिकों के बीच हुई लड़ाई में कई लोगों की जान चली गई है और बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ भागना पड़ा है। मंगलवार को जारी एक संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने के अंत से हर दिन करीब 600 कांगोवासी सीमा पार करके युगांडा में आ रहे हैं।

युगांडा, जो अफ्रीका में शरणार्थियों की सबसे बड़ी संख्या वाला देश है। इस क्षेत्र के कुल 1.8 मिलियन शरणार्थियों में से लगभग 6,00,000 शरणार्थियों ने यहां शरण ली हुई है। शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) ने कहा, इससे देश की क्षमता पर असर पड़ने का खतरा है, क्योंकि यह सूडान भागकर आए 70,000 से ज्यादा सूडानी शरणार्थियों की जरुरतों को भी पूरा कर रहा है।</description>
        <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 10:04:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान : 11,371 से अधिक अफगान शरणार्थी जबरन निर्वासित, कार्रवाई जारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-11371-स-अधक-अफगन-शरणरथ-जबरन-नरवसत-कररवई-जर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-11371-स-अधक-अफगन-शरणरथ-जबरन-नरवसत-कररवई-जर</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 9 अप्रैल । पाकिस्तान ने 11,371 अफगान शरणार्थियों को तोरखम सीमा के जरिए जबरन अफगानिस्तान वापस भेज दिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार को 3,669 से अधिक अफगान शरणार्थियों को सीमा पार भेजा गया। सरकार के शरणार्थियों को वापस भेजने के फैसले की वजह से बड़ी संख्या में अफगानी प्रभावित हुए हैं। अफगान शरणार्थी पाकिस्तान में दशकों से रह रहे हैं और इनमें ऐसे लोगों की संख्या भी शामिल है जिनका जन्म भी यहीं हुआ और वह कभी अफगानिस्तान नहीं गए। 31 मार्च को समय सीमा समाप्त होने के बाद, पूरे देश में अफगान शरणार्थियों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें अभियान चला रही हैं। कुछ निर्वासित लोगों ने कहा कि उन्हें काम करते समय पाकिस्तानी पुलिस ने गिरफ्तार किया और अफगानिस्तान भेज दिया जबकि उनका परिवार पीछे छूट गया। अफगान मीडिया आउटलेट टोलो न्यूज ने निर्वासित गुल मोहम्मद के हवाले से बताया, मैं फल बाजार में एक छोटा सा होटल व्यवसाय चलाता था। पुलिस ने मुझ पर छापा मारा, मुझे खैबर पख्तूनख्वा के हाजी कैंप में चार रातों तक हिरासत में रखा और अब मुझे तोरखम के रास्ते निर्वासित कर दिया है।</description>
        <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 10:04:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप की चीन पर नए टैरिफ़ की चेतावनी के बावजूद एशियाई बाज़ार बढ़त के साथ खुले</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-चन-पर-नए-टरफ-क-चतवन-क-बवजद-एशयई-बजर-बढत-क-सथ-खल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-चन-पर-नए-टरफ-क-चतवन-क-बवजद-एशयई-बजर-बढत-क-सथ-खल</guid>
        <description>सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर नए टैरिफ़ लगाने की चेतावनी दी थी. इसके बावजूद मंगलवार सुबह जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाज़ारों में थोड़ी बढ़त देखने को मिली.

सोमवार को इन दोनों देशों के बाज़ार भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे.

ट्रंप ने कहा था कि अगर चीन ने अमेरिका पर लगाए गए 34 फ़ीसदी के जवाबी टैरिफ़ वापस नहीं लिए, तो वे मंगलवार से चीन पर नए टैरिफ़ लागू कर देंगे.

मंगलवार को जापान के निक्केई 225 सूचकांक और दक्षिण कोरिया के सूचकांक कोस्पी में सोमवार की तुलना में लगभग 2 फ़ीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया का शेयर बाज़ार एएसएक्स 200 भी हल्की बढ़त के साथ खुला.

सोमवार को ट्रंप के टैरिफ़ संबंधी बयान का असर दुनियाभर के शेयर बाज़ारों पर देखा गया था. एशिया और यूरोप के बाज़ारों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी.

भारतीय शेयर बाज़ार भी इससे अछूते नहीं रहे. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ़्टी सवा तीन फ़ीसदी गिरा, जबकि सेंसेक्स में लगभग तीन फ़ीसदी की गिरावट आई थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 06:21:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फिलीपीन ज्वालामुखी से आसमान में राख का गुबार उठा, स्कूल बंद किए गए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फलपन-जवलमख-स-आसमन-म-रख-क-गबर-उठ-सकल-बद-कए-गए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फलपन-जवलमख-स-आसमन-म-रख-क-गबर-उठ-सकल-बद-कए-गए</guid>
        <description>मनीला, 8 अप्रैल। फिलीपीन के एक मध्य द्वीप में मंगलवार को ज्वालामुखी में विस्फोट के बाद उसकी राख चार किलोमीटर तक आसमान में फैल गई जिसके कारण चार गांवों में स्कूल बंद कराने पड़े। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

फिलीपीन के ज्वालामुखी एवं भूकंप निगरानी संस्थान ने बताया कि नेग्रोस द्वीप में ज्वालामुखी माउंट कनलाओन में सुबह हुए विस्फोट में किसी के हताहत होने या किसी भी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

उसने बताया कि ज्वालामुखी के दक्षिण-पश्चिम में कम से कम चार गांवों तक इसकी राख फैल गई।

नागरिक सुरक्षा कार्यालय ने बताया कि कनलाओन में आखिरी बार विस्फोट दिसंबर में हुआ था जिसके बाद हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा गया था और ज्वालामुखी में फिर से विस्फोट की आशंका को देखते हुए इनमें से कई लोग अब भी आश्रय स्थलों में रह रहे हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 06:21:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका ईरान के साथ सीधी बातचीत करेगा, तेहरान को परमाणु हथियार नहीं मिल सकते: ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-ईरन-क-सथ-सध-बतचत-करग-तहरन-क-परमण-हथयर-नह-मल-सकत-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-ईरन-क-सथ-सध-बतचत-करग-तहरन-क-परमण-हथयर-नह-मल-सकत-टरप</guid>
        <description>वाशिंगटन, 8 अप्रैल। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उनका देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उससे सीधी बातचीत करेगा लेकिन उन्होंने साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि यह वार्ता सफल नहीं हुई तो ईरान बड़े खतरे में पड़ जाएगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि वार्ता शनिवार से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि तेहरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता।

ट्रंप ने कहा, हम उनसे सीधे बात कर रहे हैं और शायद कोई समझौता हो जाए।

यह पूछे जाने पर कि अगर उनके वार्ताकार ईरान के साथ समझौता नहीं कर पाते हैं तो क्या वह उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे, ट्रंप ने कहा, मुझे यह कहना पसंद नहीं लेकिन (वार्ता असफल रहने पर) ईरान बहुत खतरे में पड़ने वाला है।

ट्रंप ने कहा, अगर वार्ता सफल नहीं होती है तो मुझे लगता है कि यह ईरान के लिए बहुत बुरा होगा।

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन द्वारा ईरान के साथ किए गए ऐतिहासिक परमाणु समझौते से ट्रंप ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में अमेरिका को अलग कर लिया था।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 06:21:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने टैरिफ़ को लेकर रखी ये मांग</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-सरकर-क-मखय-सलहकर-महममद-यनस-न-टरफ-क-लकर-रख-य-मग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-सरकर-क-मखय-सलहकर-महममद-यनस-न-टरफ-क-लकर-रख-य-मग</guid>
        <description>बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने टैरिफ़ के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने अपनी मांग रखी है.

उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर एक लिखित बयान में इसकी जानकारी दी है.

उन्होंने कहा है, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से गुज़ारिश है कि वो बांग्लादेश पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ़ को तीन महीने के लिए रोक दें, ताकि अंतरिम सरकार इसे बिना परेशानी के लागू कर सके और बांग्लादेश के लिए अमेरिकी निर्यात को बढ़ाने की दिशा में काम कर सके.

यूनुस ने फ़रवरी में अपने प्रतिनिधि डॉक्टर ख़लीउर रहमान की वॉशिंगटन डीसी की यात्रा का ज़िक्र किया है और ट्रंप को अपनी चिट्ठी में लिखा है, इस तरह सकारात्मक कदम उठाने वाले हम पहले देश हैं.

यूनुस का कहना है कि फ़रवरी के बाद से ख़ास कदम उठाने के लिए दोनों देश एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 06:21:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच किन मुद्दों पर बात हुई?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-रषटरपत-टरप-और-इसरइल-क-परधनमतर-नतनयह-क-बच-कन-मदद-पर-बत-हई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-रषटरपत-टरप-और-इसरइल-क-परधनमतर-नतनयह-क-बच-कन-मदद-पर-बत-हई</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से मुलाकात की.

इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ईरान, टैरिफ़ और हमास द्वारा बंधक बनाए गए इसराइली नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई.

इस बीच, जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि क्या टैरिफ़ लगाने पर कोई रोक लगाई जाएगी?

तो उन्होंने कहा, हम ऐसा नहीं सोच रहे हैं. कई देश हमारे साथ व्यापारिक समझौते करने आ रहे हैं, लेकिन ये सौदे निष्पक्ष होंगे.

इस मामले पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, हम अमेरिका के साथ व्यापार घाटे को खत्म कर देंगे. हमारा इरादा है कि इसे बहुत जल्द किया जाए. हमें लगता है कि यह सही क़दम है और हम व्यापार में आने वाली रुकावटों को भी ख़त्म करेंगे.

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू पहले अंतरराष्ट्रीय नेता हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ़ लगाने की घोषणा करने के बाद उनसे मुलाकात की.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 06:21:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका में खसरे की पिछले कुछ दशकों में सबसे बड़ी लहर, एक अन्य बच्चे की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-खसर-क-पछल-कछ-दशक-म-सबस-बड-लहर-एक-अनय-बचच-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-खसर-क-पछल-कछ-दशक-म-सबस-बड-लहर-एक-अनय-बचच-क-मत</guid>
        <description>ह्यूस्टन, 7 अप्रैल। पिछले करीब तीन दशक में खसरे की सबसे बड़ी लहर से जूझ रहे अमेरिका के टेक्सास में इस बीमारी की चपेट में आने से एक अन्य बच्चे की मौत हो गई।

इस बच्चे को भी खसरे से बचाव का टीका नहीं लगा था।

ल्यूबॉक स्थित प्रमुख क्षेत्रीय अस्पताल और शिक्षण संस्थान यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर (यूएमसी) हेल्थ सिस्टम ने बताया कि अस्पताल में भर्ती एक स्कूली छात्र की खसरे के कारण मौत हो गई। बच्चे को इससे पहले कोई अन्य बीमारी नहीं थी।

इससे पहले, फरवरी में टेक्सास में एक बच्चे तथा मार्च के प्रारम्भ में न्यू मैक्सिको में एक वयस्क की इस बीमारी के कारण मौत हो गई थी।

अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने इस वर्ष 21 राज्यों में खसरे के 607 मामले सामने आने की पुष्टि की है। यह संख्या 2023 की कुल संख्या के दोगुने से भी अधिक है। टेक्सास में 481 मामले सामने आए हैं, जो पिछले कुछ दशकों में राज्य स्तर पर सबसे अधिक मामले है।

बायलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन के प्रमुख टीकाकरण विशेषज्ञ डॉ. पीटर होटेज ने पीटीआई से कहा, यदि मामले इसी तरह बढ़ते रहे तो हम 2019 के प्रकोप को भी पीछे छोड़ देंगे और यह लगभग पिछले 30 साल में सबसे खराब स्थिति है। दुखद बात यह है कि इन लोगों की मौत को पूरी तरह से रोका जा सकता था।

होटेज ने कहा, यह दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि यदि टीकाकरण संबंधी गलत जानकारी को फैलने दिया गया और इसे लेकर हिचकिचाहट को दूर नहीं किया गया तो अमीर देश भी इससे अछूते नहीं रह पाएंगे।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 07 Apr 2025 06:40:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी शेयर बाज़ार में गिरावट पर राष्ट्रपति ट्रंप बोले&amp; चीज़ें ठीक करने के लिए दवाई लेनी पड़ती है</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-शयर-बजर-म-गरवट-पर-रषटरपत-टरप-बल-चज-ठक-करन-क-लए-दवई-लन-पडत-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-शयर-बजर-म-गरवट-पर-रषटरपत-टरप-बल-चज-ठक-करन-क-लए-दवई-लन-पडत-ह</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विभिन्न देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ की घोषणा की थी. इसके बाद से अमेरिकी शेयर बाज़ार में भारी गिरावट देखी गई है. इस पर राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने मीडिया से कहा, मैं किसी चीज़ में गिरावट नहीं चाहता, लेकिन कभी-कभी चीज़ें ठीक करने के लिए दवाई लेनी पड़ती है.

दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत सहित विभिन्न देशों पर टैरिफ़ लगाने की घोषणा के बाद से शेयर बाज़ार में भारी गिरावट देखी गई है.

हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि नौकरियां और निवेश अमेरिका में वापस आ रहे हैं. दुनिया जल्द ही अमेरिका के साथ बुरा व्यवहार करना बंद कर देगी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 07 Apr 2025 06:40:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों पर सख्त एक्शन जारी, हजारों निर्वासित</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-म-अफगन-शरणरथय-पर-सखत-एकशन-जर-हजर-नरवसत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-म-अफगन-शरणरथय-पर-सखत-एकशन-जर-हजर-नरवसत</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 7 अप्रैल । पाकिस्तान ने 31 मार्च की समय सीमा समाप्त होने के बाद निर्वासन प्रक्रिया को तेज कर दिया है। हजारों अफगान शरणार्थियों को जबरन वापस भेजा जा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 1 अप्रैल से अब तक 944 से अधिक अफगान परिवारों, जिनमें 6,700 व्यक्ति शामिल हैं, को पाकिस्तान से निर्वासित किया जा चुका है। सबसे बड़ी कार्रवाई पंजाब प्रांत में हुई। 5,111 अफगान नागरिकों को प्रत्यावर्तन के लिए प्रांत भर में स्थित ट्रांजिट शिविरों या हिरासत केंद्रों में ले जाया गया। इनमें 2,301 बच्चे और 1,120 महिलाएं शामिल थीं। कराची से 300 से ज्यादा अफगानों को पाकिस्तान से उनके देश वापस भेजा गया। सिंध के वरिष्ठ मंत्री शारजील इनाम मेमन ने कहा कि कराची से निर्वासित लोगों में 79 बच्चे, 37 महिलाएं और 191 पुरुष शामिल हैं। रावलपिंडी में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने रविवार को 140 महिलाओं और 164 बच्चों सहित 736 अफगान नागरिकों को हिरासत में लिया। उन्हें गोलरा मोड़ के पास अफगान शरणार्थी शिविर में भेज दिया। 736 लोगों में से 179 को अफगानिस्तान वापस भेज दिया गया। एक अधिकारी ने देश के प्रमुख दैनिक डॉन को बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने अकेले पंजाब में 150 से अधिक अफगान कॉलोनियों में रहने वाले 1,00,000 अफगानियों की पहचान की है।</description>
        <pubDate>Mon, 07 Apr 2025 06:40:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>वैश्विक हिन्दू बहुलवाद और सार्वभौमिक सद्भाव की एक अनकही कहानी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वशवक-हनद-बहलवद-और-सरवभमक-सदभव-क-एक-अनकह-कहन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वशवक-हनद-बहलवद-और-सरवभमक-सदभव-क-एक-अनकह-कहन</guid>
        <description>अबू धाबी, 7 अप्रैल । कुछ लोग धर्म को बांटने वाला मानते हैं, लेकिन मैंने हिन्दू परंपरा को जोड़ने वाला पाया है। 22 जनवरी 2024 की सुबह मैं सिया-राम और स्वामीनारायण का जाप करते हुए अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के उद्घाटन समारोह को टीवी पर देख रहा था। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जा रहा था। उस समय मैंने देखा कि वहां मौजूद लोग अलग-अलग पंथों से थे, फिर भी एकता में बंधे हुए थे। शैव, शाक्त, वैष्णव, स्वामीनारायण, जैन, सिख, ईसाई और मुस्लिम सभी खुद को भारतीय महसूस कर रहे थे। भारत की यही खूबी है कि यहां धर्म, पंथ, देवी-देवता, भाषा, भोजन और लोगों में बहुत विविधता है, फिर भी हम सब जुड़े हुए हैं। जब पूरी दुनिया के हिन्दू चैत्र शुक्ल नवमी को रामनवमी और स्वामीनारायण जयंती मनाने की तैयारी कर रहे हैं, तब मैं अबू धाबी में बैठा हूं, पर मेरा मन उस सुबह अयोध्या में ही है। इस बात को याद कर मन प्रसन्न होता है कि हमारे देश में भगवान के अनेक रूपों को एक साथ मानने की परंपरा है, जैसे श्रीराम और श्री स्वामीनारायण। हिन्दू सनातन परंपरा में अनेक संप्रदाय (पंथ) हैं, जो हजारों सालों से हमारे लिए शक्ति का स्रोत रहे हैं। हर संप्रदाय ईश्वर के किसी विशेष रूप की पूजा करता है और अपनी अलग विचारधारा रखता है। फिर भी, सब मिलकर हिन्दू धर्म की एकता को बनाए रखते हैं।

इन विविधताओं ने हिन्दू धर्म को देश की अलग-अलग भाषाओं और कालों में भी जीवंत बनाए रखा। श्रीराम को मर्यादा, अनुशासन और सभी के प्रति सम्मान के लिए याद किया जाता है, चाहे वह किसी जाति या लिंग का हो। ये कथाएं हम सभी ने बचपन से सुनी हैं। मैंने इन्हें अमर चित्र कथा सीरीज में पढ़ा और फिर भारत, यूरोप और मिडिल ईस्ट में प्रवचनों के माध्यम से सुनाया भी। अयोध्या के पास, सरयू नदी के पार, उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में छपिया गांव है, जहां श्री स्वामीनारायण का जन्म हुआ था। हर साल लाखों लोग वहां जाकर उनकी शिक्षा को सम्मान देते हैं। श्री स्वामीनारायण ग्यारह वर्ष की उम्र में घर छोड़कर उत्तर से दक्षिण भारत तक यात्रा पर निकले और अंत में गुजरात में बसे। गुजरात में उनकी सभा एक खुला मंच बन गई जहां भक्त, विद्वान, राजदूत मिलकर संवाद करते थे। वहां संगीत, साहित्य और कला के माध्यम से भारत की अनेक सांस्कृतिक धाराएं जुड़ती थीं। इन संवादों को वचनामृत नामक ग्रंथ में संकलित किया गया है, जिसमें 273 उपदेश हैं। ये शिक्षाएं श्रीराम और श्रीकृष्ण की पुरानी शिक्षाओं को और आगे ले जाती हैं। हिन्दू धर्म में भगवान के अनेक रूपों को मानना (अवतार का सिद्धांत) इसलिए महत्वपूर्ण है, ताकि हम आपस में बंटें नहीं, बल्कि एक ही ज्ञान को अलग-अलग रूपों में, अलग-अलग समुदायों के अनुसार, समझ सकें और एकजुट हो सकें। श्री स्वामीनारायण जी का समाज सुधार कार्य हिन्दू धर्म के मूल मूल्यों को दर्शाता है और आध्यात्मिक उन्नति को बढ़ावा देता है। उन्होंने घर और समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत बनाने पर ज़ोर दिया, जिसे कनैयालाल एम. मुंशी जैसे प्रसिद्ध विद्वानों और इतिहासकारों ने सराहा। उन्होंने समाज में फैली ऊंच-नीच की सोच और अंधविश्वासों को बिना टकराव के, शांति से बदलने का प्रयास किया, जिसे उनके समय के लोगों और बाद के हिन्दू नेताओं ने भी सराहा। कहा जा सकता है कि उनके विचारों ने बदलते हुए औपनिवेशिक भारत में हिन्दू धर्म को नए तरीके से समझाने का मार्ग प्रशस्त किया और आगे चलकर यह एक वैश्विक हिन्दू पहचान का आधार बना।</description>
        <pubDate>Mon, 07 Apr 2025 06:40:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप और मस्क के खिलाफ कई देशों में प्रदर्शन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-और-मसक-क-खलफ-कई-दश-म-परदरशन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-और-मसक-क-खलफ-कई-दश-म-परदरशन</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उनके सलाहकार इलॉन मस्क के खिलाफ यूरोप के कई बड़े शहरों में प्रदर्शन हुए हैं. अकेले अमेरिका में करीब 1,200 प्रदर्शनों का एलान किया गया है.

(dw.com/hi)

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के फैसलों से शुरू हुए टैरिफ युद्ध की झल्लाहट अब कई देशों के आम लोगों में भी दिखने लगी है. जर्मनी की वित्तीय राजधानी फ्रैंकफर्ट में शनिवार को ट्रंप और मस्क के खिलाफ हुए प्रदर्शन में अपने हाथ दूर रखो जैसे संदेश भी दिखाई पड़े. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उनके सलाहकार इलॉन की आलोचना करने वाले इस प्रदर्शन को डेमोक्रैट्स एबरॉड नाम के संगठन ने आयोजित किया. यह विदेशों में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए काम करने वाली डेमोक्रैटिक पार्टी की संस्था है. शहर के ओपेरनप्लात्स में हुए इस प्रदर्शन के दौरान एक बोर्ड पर अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए, दुनिया आपकी बेहूदा बातों से तंग आ चुकी है डॉनल्ड भी लिखा हुआ था.

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में लोगों ने टेस्ला के शोरूम के सामने प्रदर्शन किया. प्रदर्शन करने वालों ने विदेशों में रह रहे अमेरिकियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपना घर में फैली अव्यवस्था को सुधारें. बर्लिन में एक बैनर पर लिखा था, चुप रहो इलॉन, तुम्हें किसी ने वोट नहीं दिया. अपने कुत्ते के साथ मौजूद एक प्रदर्शनकारी ने उस पर लगाए संदेश में लिखा था, डॉग्स अंगेस्ट डॉज (डीओजीई). ट्रंप प्रशासन में इलॉन मस्क डीओजीई, यानी डिपार्टमेंट ऑफ गर्वंमेंट एफिशिएंसी के प्रभारी हैं. ट्रंप के दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल में सरकार को चुस्त बनाने का दावा करने वाले मस्क कई अहम एजेंसियों की फंडिंग काट चुके हैं.

पेरिस, लिस्बन, रोम और लंदन में भी प्रदर्शन
फ्रांस की राजधानी पेरिस में करीब 200 लोगों ने प्रदर्शन किया. इनमें ज्यादातर अमेरिकी नागरिक ही थे. प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप को निरंकुश शासक की उपमा दी और कानून सम्मत शासन की वापसी की मांग की. समाचार एजेंसियों के मुताबिक, ऐसे ही प्रदर्शन पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन और इटली की राजधानी रोम में भी हुए. कई प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप और मस्क की साझेदारी को सत्ता के बल पर फायदा चूसते अरबपतियों की जोड़ी करार दिया.

ब्रिटेन की राजधानी लंदन के ट्राफलगार स्क्वेयर पर भी सैकड़ों लोग जमा हुए. इस दौरान गर्व से भरे अमेरिकी शर्मिंदा हैं, कनाडा से दूर रहो और यूक्रेन से हाथ दूर रखो जैसे नारे भी सुनाई पड़े.

शनिवार को कई अमेरिकी शहरों में भी ट्रंप के खिलाफ बड़े प्रदर्शनों का एलान किया गया है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप सत्ता में आने के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन देखेंगे. अमेरिका में करीब 1,200 प्रदर्शनों का एलान किया गया है. कनाडा और मेक्सिको के 50 जगहों पर भी ऐसे ही प्रदर्शन आयोजित किए जाने की योजना है.

टैरिफ वॉर का असर
20 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति पद का दूसरा कार्यकाल शुरू करने वाले ट्रंप ने सत्ता में आने के बाद से ही कई ऐसे आदेश पास किए हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में खलबली मचा दी है. फैसलों की इस कड़ी में इसी हफ्ते ट्रंप ने यूरोपीय संघ, जर्मनी, चीन और भारत समेत कई देशों पर तगड़ा आयात शुल्क लगाया है. टैरिफ युद्ध कहे जाने वाले इन एलानों के बाद से दुनिया भर के बड़े शेयर बाजार गोता लगा रहे हैं. कई देशों को अपनी आर्थिक नीतियां बदलने में मजबूर होना पड़ा है.</description>
        <pubDate>Sun, 06 Apr 2025 15:11:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका में फोर्ट बेंड काउंटी में भारतीय मूल के न्यायाधीश धन शोधन के आरोप में गिरफ्तार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-फरट-बड-कउट-म-भरतय-मल-क-नययधश-धन-शधन-क-आरप-म-गरफतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-फरट-बड-कउट-म-भरतय-मल-क-नययधश-धन-शधन-क-आरप-म-गरफतर</guid>
        <description>ह्यूस्टन, 6 अप्रैल। अमेरिका में फोर्ट बेंड काउंटी में भारतीय मूल के न्यायाधीश के.पी. जॉर्ज को वायर धोखाधड़ी और चुनावी वित्तीय रिपोर्ट के फर्जीवाड़े से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया गया है।

डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े जॉर्ज वर्ष 2018 से काउंटी के न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे काउंटी की एक जेल भेजा गया और 20,000 अमेरिकी डॉलर की जमानत राशि का भुगतान करने के बाद रिहा कर दिया गया।

अदालती रिकॉर्ड और फोर्ट बेंड काउंटी जिला अटॉर्नी कार्यालय के अनुसार, जॉर्ज पर 30,000 से 1,50,000 अमेरिकी डॉलर तक के धन शोधन का आरोप है।

शुक्रवार को जारी एक बयान में जॉर्ज ने कहा, मुझे न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है और मैं खुद को निर्दोष साबित करने के लिए लड़ूंगा।

फोर्ट बेंड काउंटी में कार्यरत बिल रिकर्ट ने सार्वजनिक रूप से जॉर्ज से इस्तीफे की मांग की है।

जिला अटॉर्नी कार्यालय ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sun, 06 Apr 2025 15:11:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जापान के दक्षिण&amp;पश्चिम हिस्से में एक एंबुलेंस हेलीकॉप्टर हुआ दुर्घटनाग्रस्त</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जपन-क-दकषण-पशचम-हसस-म-एक-एबलस-हलकपटर-हआ-दरघटनगरसत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जपन-क-दकषण-पशचम-हसस-म-एक-एबलस-हलकपटर-हआ-दरघटनगरसत</guid>
        <description>तोक्यो, 6 अप्रैल। जापान के दक्षिणपश्चिम हिस्से में रविवार को एक मरीज को लेकर जा रहा एक चिकित्सा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होकर समुद्र में गिर गया जिससे उसपर सवार छह लोगों में से तीन लापता हो गये। जापान के तटरक्षक बल ने यह जानकारी दी।

तटरक्षक बलों ने बताया कि इस हेलीकॉप्टर में रोगी के अतिरिक्त एक डॉक्टर, नर्स, पायलट, हेलीकॉप्टर मैकेनिक और रोगी की देखभाल करने वाला एक व्यक्ति सवार थे।

जापान तट रक्षक बल के एक अधिकारी ने अपनी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि बल ने तीन लोगों को बचाया जिन्हें (इस हादसे के कारण)हाइपोथर्मिया हो गया यानी उनके शरीर का तापमान असामान्य रूप से गिर गया था, लेकिन वे होश में थे।

जिन लोगों को बचाया गया है उनकी पहचान नहीं हो पायी है। हादसे की वजह का भी पता नहीं चल पाया है।

तटरक्षक बल ने बचाव अभियान के तहत इलाके में दो विमानों एवं तीन जहाजों को लगाया है।

तटरक्षक बल के मुताबिक यह हेलीकॉप्टर नागासाकी के एक हवाई अड्डे से फुकुओका स्थित एक अस्पताल जा रहा था।(एपी)</description>
        <pubDate>Sun, 06 Apr 2025 15:11:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बलूचिस्तान नेशनल पार्टी का 10वें दिन भी प्रदर्शन जारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-सरकर-क-खलफ-बलचसतन-नशनल-परट-क-10व-दन-भ-परदरशन-जर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-सरकर-क-खलफ-बलचसतन-नशनल-परट-क-10व-दन-भ-परदरशन-जर</guid>
        <description>क्वेटा, 6 अप्रैल । पाकिस्तान की बलूचिस्तान नेशनल पार्टी (बीएनपी) का रविवार को लगातार 10वें दिन पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने धमकी दी है कि अगर पार्टी प्रांतीय राजधानी के रेड जोन में मार्च करती है, तो कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बीएनपी-एम प्रमुख अख्तर मेंगल के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शन ने 6 अप्रैल को मस्तंग के लकपास क्षेत्र से क्वेटा पहुंचने का संकल्प लिया है। बता दें कि महरंग बलूच की रिहाई सहित उनकी मांगों को स्वीकार करने की समय सीमा शनिवार आधी रात को समाप्त हो गई थी। पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी पिछले 10 दिनों से बलूचिस्तान में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के जबरन गायब होने और महरंग बलूच सहित बलूच यकजहती समिति (बीवाईसी) के नेताओं की अवैध हिरासत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने शनिवार को क्वेटा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रांतीय सरकार ने बातचीत की और प्रस्ताव दिया कि बीएनपी-एम को सरियाब रोड पर शाहवानी स्टेडियम तक जाने की अनुमति दी जाएगी।</description>
        <pubDate>Sun, 06 Apr 2025 15:11:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन में ‘सैंड मास्टर’ पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय कलाकार बने सुदर्शन पटनायक</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-म-सड-मसटर-परसकर-स-सममनत-हन-वल-पहल-भरतय-कलकर-बन-सदरशन-पटनयक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-म-सड-मसटर-परसकर-स-सममनत-हन-वल-पहल-भरतय-कलकर-बन-सदरशन-पटनयक</guid>
        <description>(अदिति खन्ना)

लंदन/भुवनेश्वर, 6 अप्रैल। विश्व प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक को इस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए फ्रेड डारिंगटन सैंड मास्टर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

दक्षिणी इंग्लैंड के डोरसेट काउंटी के वेमाउथ में शनिवार को शुरू हुए सैंडवर्ल्ड 2025 अंतरराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव के दौरान, पटनायक ने एक और उपलब्धि तब हासिल की जब उन्होंने विश्व शांति के संदेश के साथ भगवान गणेश की 10 फुट ऊंची रेत की मूर्ति बनाई।

इस साल पटनायक को ये प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलना इसलिए भी खास है क्योंकि दिग्गज ब्रिटिश रेत कलाकार फ्रेड डारिंगटन की 100वीं वर्षगांठ मनायी जा रही है।

पटनायक ने कहा, मैं ब्रिटेन के वेमाउथ में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव सैंडवर्ल्ड 2025 में फ्रेड डारिंगटन ब्रिटिश सैंड मास्टर पुरस्कार प्राप्त करने वाला पहला भारतीय कलाकार बनकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।

उन्होंने कहा, यह सम्मान भगवान गणेश की मेरी 10 फुट की रेत मूर्ति का प्रमाण है, जो विश्व शांति के सार्वभौमिक संदेश का प्रतीक है।

वेमाउथ के मेयर जॉन ओरेल ने महोत्सव में पटनायक को पुरस्कार और पदक प्रदान किया।

सैंडवर्ल्ड के निदेशक मार्क एंडरसन, इसके सह-संस्थापक डेविड हिक्स और लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में संस्कृति मंत्री नोरेम जे सिंह भी पुरस्कार समारोह में उपस्थित थे।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पुरी के रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

माझी ने शनिवार को एक्स पर जारी एक पोस्ट में कहा, पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित और प्रख्यात रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक को प्रथम ब्रिटिश सैंड मास्टर पुरस्कार द फ्रेड डारिंगटन से सम्मानित होने पर हार्दिक बधाई।

माझी ने कहा, पटनायक ने वेमाउथ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव में भगवान गणेश की 10 फुट ऊंची विशाल प्रतिमा के माध्यम से शांति का संदेश दिया। उनके योगदान ने वैश्विक मंच पर हमारे देश और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को और बढ़ाया है।

पद्म श्री से सम्मानित पटनायक ने दुनिया भर में 65 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रेत मूर्तिकला चैंपियनशिप और उत्सवों में हिस्सा लिया है। उन्हें उनकी शानदार कृतियों के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

वेमाउथ में सैंडवर्ल्ड एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है, जहां दुनिया भर के कलाकारों द्वारा बनाई गई रेत की असाधारण मूर्तियां प्रदर्शित की जाती हैं। इस साल की विशेष प्रदर्शनी इस सप्ताहांत शुरू हुई और नवंबर तक चलेगी।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sun, 06 Apr 2025 15:11:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन ने अमेरिकी उत्पादों पर 34 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया, ट्रंप ने घबराहट बताया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-न-अमरक-उतपद-पर-34-परतशत-अतरकत-शलक-लगय-टरप-न-घबरहट-बतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-न-अमरक-उतपद-पर-34-परतशत-अतरकत-शलक-लगय-टरप-न-घबरहट-बतय</guid>
        <description>(के जे एम वर्मा)

बीजिंग, 4 अप्रैल। चीन ने शुक्रवार को अमेरिका पर पलटवार करते हुए वहां से आयात किए जाने वाले सभी उत्पादों पर 34 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगा दिया।

चीन ने यह कदम चीनी उत्पादों के आयात पर अमेरिका में 34 प्रतिशत शुल्क लगाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के जवाब में उठाया है।

इसके साथ ही चीन ने कुछ दुर्लभ धातुओं पर निर्यात नियंत्रण की भी घोषणा की है। इसका उद्देश्य अमेरिकी रक्षा, कंप्यूटर और स्मार्टफोन उद्योगों को नुकसान पहुंचाना है।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, राज्य परिषद के सीमा शुल्क आयोग ने शुक्रवार को बताया कि नवघोषित शुल्क 10 अप्रैल से लागू होंगे।

शिन्हुआ के मुताबिक, आयोग ने कहा कि अमेरिका का कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का पालन नहीं करता है और एकतरफा दबंगई के विशिष्ट कृत्य को दर्शाता है।

चीन के इस कदम की आलोचना करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, चीन ने गलत कदम उठाया, वे घबरा गए। यह एक ऐसी चीज है जिसे वे बर्दाश्त नहीं कर सकते।

उन्होंने अपने फैसले पर कहा, मेरी नीतियां कभी नहीं बदलेंगी। यह अमीर बनने का एक अच्छा समय है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका द्वारा व्यापार साझेदार देशों पर जवाबी शुल्क लगाए जाने के बाद चीन ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में शिकायत भी दर्ज कराई है।

चीन के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, तथाकथित जवाबी शुल्क लगाकर अमेरिका ने डब्ल्यूटीओ के नियमों का गंभीर उल्लंघन किया है, डब्ल्यूटीओ सदस्यों के वैध अधिकारों और हितों को गंभीर रूप से कमजोर किया है और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक एवं व्यापार व्यवस्था को गंभीर चोट पहुंचाई है।

ट्रंप ने बुधवार को चीनी वस्तुओं के आयात पर 34 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की, जिसे अमेरिकी व्यापार नीति को नया रूप देने के उद्देश्य से व्यापक मुक्ति दिवस पैकेज के हिस्से के रूप में पेश किया गया।

इस फैसले के बाद अमेरिका में प्रवेश पर चीन की वस्तुओं पर कुल शुल्क 54 प्रतिशत हो गया। यह ट्रंप द्वारा उनके चुनाव अभियान के दौरान दी गई चीन पर 60 प्रतिशत शुल्क की धमकी के करीब ही है।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि चीन ने 16 अमेरिकी कंपनियों को दोहरे उपभोग वाली वस्तुओं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का भी फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि चीन ने अमेरिका पर 67 प्रतिशत शुल्क लगाया है। उन्होंने कहा कि इस आंकड़े में मुद्रा की विनिमय दर में हेरफेर और व्यापार बाधाओं के प्रभाव भी शामिल हैं।

चीनी आयात पर नए 34 प्रतिशत शुल्क में 10 प्रतिशत मूल शुल्क और देश के लिए 24 प्रतिशत विशिष्ट शुल्क शामिल हैं। 10 प्रतिशत शुल्क पांच अप्रैल से, जबकि उच्च जवाबी शुल्क नौ अप्रैल से लागू होंगे।

चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को अमेरिका को अपने 438 अरब डॉलर के निर्यात पर ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्क की कड़ी आलोचना की थी।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने एक अलग बयान में कहा कि अमेरिकी शुल्क ने डब्ल्यूटीओ के नियमों का गंभीर उल्लंघन किया है और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को कमजोर किया है।

उन्होंने कहा कि चीन इसका दृढ़ता से खंडन करता है और अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह करेगा।

मंत्रालय ने कहा कि ये अमेरिकी संस्थाएं ऐसी गतिविधियों में संलिप्त हैं, जो चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों को खतरे में डाल सकती हैं। इसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि कोई भी निर्यातक उपर्युक्त नियमों का उल्लंघन नहीं कर सकता।

महत्वपूर्ण बात यह है कि बीजिंग ने दुर्लभ मृदा से संबंधित कुछ वस्तुओं पर तत्काल निर्यात नियंत्रण उपायों की भी घोषणा की है, जिन पर उसका लगभग एकाधिकार है।

चीन के वाणिज्य मंत्रालय और सीमा शुल्क के सामान्य प्रशासन ने कहा कि कुछ वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण उपाय सात प्रकार के मध्यम और भारी दुर्लभ मृदा से संबंधित हैं।

आसियान और ईयू के बाद अमेरिका, चीन का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में चीन के साथ अमेरिका का कुल वस्तु व्यापार अनुमानित 582.4 अरब डॉलर था।

पिछले साल चीन को अमेरिकी वस्तु निर्यात 143.5 अरब डॉलर था जबकि आयात कुल 438.9 अरब डॉलर था। इस दौरान चीन के साथ अमेरिकी वस्तु व्यापार घाटा 295.4 अरब डॉलर था।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 06:13:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शेख़ हसीना के प्रत्यर्पण से जुड़े सवाल पर क्या बोले विदेश सचिव विक्रम मिसरी?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शख-हसन-क-परतयरपण-स-जड-सवल-पर-कय-बल-वदश-सचव-वकरम-मसर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शख-हसन-क-परतयरपण-स-जड-सवल-पर-कय-बल-वदश-सचव-वकरम-मसर</guid>
        <description>भारत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पीएम मोदी के थाईलैंड दौरे पर एक प्रेस ब्रीफिंग की. इस दौरान एक सवाल के जवाब में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि शेख़ हसीना को लेकर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की ओर से एक निवेदन आया है.

हालांकि, उन्होंने इस विषय पर आगे कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.

विदेश सचिव विक्रम मिसरी से शेख़ हसीना को बांग्लादेश प्रत्यर्पित करने के लिए भारत से किए गए किसी औपचारिक अनुरोध को लेकर सवाल किया गया था.

इस पर विक्रम मिसरी ने जवाब दिया, शेख़ हसीना के सिलसिले में बांग्लादेश की ओर से हमारे पास एक निवेदन आया है. हमारे प्रवक्ता इसके बारे में पहले ही बता चुके हैं. इस समय इस विषय पर कुछ और कहना सही नहीं होगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 06:13:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यौन शोषण के दोषी पूर्व कार्डिनल थियोडोर मैकैरिक की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यन-शषण-क-दष-परव-करडनल-थयडर-मकरक-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यन-शषण-क-दष-परव-करडनल-थयडर-मकरक-क-मत</guid>
        <description>वाशिंगटन, 5 अप्रैल। बच्चों और व्यस्कों का यौन शोषण करने के दोषी वाशिंगटन के पूर्व आर्चबिशप थियोडोर मैकैरिक की 94 वर्ष की आयु में मौत हो गई।

वैटिकन के पूर्व पादरी पोप जॉन पाल द्वितीय द्वारा नियुक्त पूर्व कार्डिनल मैकैरिक उस वक्त चर्चा में आया जब वैटिकन की जांच में पाया गया कि उसने गिरजाघरों में शीर्ष एवं प्रभावशाली पदों पर रहते हुए बच्चों और व्यस्कों का यौन शोषण किया था।

मैकैरिक 2000 से 2006 तक वाशिंगटन का आर्चबिशप था।

वाशिंगटन के आर्चबिशप रॉबर्ट मैकलेरॉय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर मैकैरिक की मौत की पुष्टि की लेकिन इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। उनका बयान उन लोगों पर केंद्रित था जिनका मैकैरिक ने शोषण किया था।

मैकलेरॉय ने कहा, इस समय मेरा ध्यान विशेष रूप से उन लोगों पर है जिन्हें मैकैरिक ने नुकसान पहुंचाया था। हम सभी उन लोगों के तथा यौन शोषण के शिकार सभी लोगों के लिए प्रार्थना करते हैं।

हाल में अदालती कार्यवाही में यह बताया गया था कि मैकैरिक को डिमेंशिया है। वह मिसौरी में रह रहा था। वैटिकन न्यूज ने बताया कि उसकी मौत वहीं हुई।

डिमेंशिया ऐसी दिमागी समस्या है जिसके कारण चीजों को याद रखने, सोचने और सीखने की क्षमता क्षीण हो जाती है।

मैकैरिक द्वारा यौन उत्पीड़न किए जाने की खबर सामने आने के बाद गिरजाघरों की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे थे क्योंकि ऐसे साक्ष्य थे कि वैटिकन और अमेरिकी गिरजाघरों के शीर्ष पादरियों को मैकैरिक के आचरण के बारे में पता था लेकिन मैकैरिक के प्रभाव को देखते हुए कभी किसी ने उनके खिलाफ मुंह नहीं खोला।

जांच में यह बात भी सामने आई थी कि कई बिशप, कार्डिनल और पोप मैकैरिक के युवा पुरुषों के साथ दुर्व्यवहार की रिपोर्ट को कई दशकों तक खारिज करते रहे और उन्होंने इन्हें कोई महत्व नहीं दिया।

जांचकर्ताओं ने जांच के दौरान पीड़ितों, पादरियों और अमेरिकी कैथोलिक बिशप के अधिकारियों समेत 90 लोगों से पूछताछ की थी।

पीड़ितों की एक संस्था द सर्वाइवर्स नेटवर्क ऑफ दोज एब्यूज्ड बाय प्रीस्ट्स के संस्थापक सदस्य पीटर इसली ने कहा, मैकैरिक की भले ही मौत हो गई हो लेकिन उसके पीड़ित उसके दिए गए घावों के साथ अभी जिंदा है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 06:13:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ऑस्ट्रेलिया के बाढ़ प्रभावित इलाके में थमी बारिश, राहत कार्यों में तेजी की उम्मीद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ऑसटरलय-क-बढ-परभवत-इलक-म-थम-बरश-रहत-करय-म-तज-क-उममद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ऑसटरलय-क-बढ-परभवत-इलक-म-थम-बरश-रहत-करय-म-तज-क-उममद</guid>
        <description>सिडनी, 3 अप्रैल । ऑस्ट्रेलिया के बाढ़ प्रभावित इलाके में भारी बारिश थम गई है। हालांकि बाढ़ की कई हफ्तों तक जारी रहने की संभावना है। ऑस्ट्रेलिया के मौसम विज्ञान ब्यूरो (बीओएम) ने गुरुवार को बताया कि क्वींसलैंड राज्य के दक्षिण-पश्चिम और मध्य इलाकों में जो भारी बारिश हुई थी, अब वह बारिश खत्म हो गई है। बीओएम के डीन नैरामोर ने कहा, यह अच्छा है कि दक्षिण-पश्चिम क्वींसलैंड में अब बारिश का सिलसिला खत्म हो गया है। उन्होंने कहा, हालांकि बारिश रुक गई है, लेकिन दक्षिण-पश्चिम क्वींसलैंड में बाढ़ कई दिनों, या शायद हफ्तों तक जारी रह सकती है। न्यू साउथ वेल्स राज्य के आकार का एक क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुआ है, कुछ स्थानों पर बाढ़ का पानी 1974 में स्थापित रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया है, तथा दक्षिण-पश्चिम क्वींसलैंड की प्रत्येक नदी बाढ़ के उच्च स्तर पर है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों (जो मुख्यत: पशुपालन से जुड़े हैं) को पहले ही घर छोड़ देने के लिए कह दिया गया था। सैकड़ों घर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं।</description>
        <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 06:23:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>टैरिफ़ की घोषणा के बाद ट्रंप का पहला पोस्ट, कहा&amp; ऑपरेशन पूरा हुआ</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरफ-क-घषण-क-बद-टरप-क-पहल-पसट-कह-ऑपरशन-पर-हआ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरफ-क-घषण-क-बद-टरप-क-पहल-पसट-कह-ऑपरशन-पर-हआ</guid>
        <description>रेसिप्रोकल टैरिफ़ की घोषणा के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहला सोशल मीडिया पोस्ट किया है. ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर ट्रंप ने लिखा कि ऑपरेशन पूरा.

ट्रंप ने पोस्ट किया, ऑपरेशन पूरा हो गया है! मरीज़ बच गया है, और ठीक हो रहा है. ऐसा लग रहा है कि मरीज़ पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत, बड़ा, बेहतर और समर्थ होगा. अमेरिका को फिर से महान बनाएं!!!

बता दें कि ट्रंप ने अमेरिका में आयात पर टैरिफ़ की एक लंबी लिस्ट की घोषणा की है.

अमेरिकी समयानुसार, 5 अप्रैल से ज़्यादातर देशों, जिसमें ब्रिटेन भी शामिल है, पर 10 प्रतिशत का बेसलाइन टैरिफ़ भी लागू होगा. वहीं 9 अप्रैल से अमेरिका के कुछ सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों पर ऊंचे आयात शुल्क लागू होंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 06:23:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकाः ट्रंप के टैरिफ़ के बाद शेयर बाज़ार में साल 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-टरप-क-टरफ-क-बद-शयर-बजर-म-सल-2020-क-बद-सबस-बड-गरवट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-टरप-क-टरफ-क-बद-शयर-बजर-म-सल-2020-क-बद-सबस-बड-गरवट</guid>
        <description>-टॉम एस्पिनर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए टैरिफ़ की घोषणा की और इसके एक दिन बाद ग्लोबल शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट देखी गई. यह साल 2020 के बाद आई सबसे बड़ी गिरावट है.

ऐसा अनुमान है कि इस टैरिफ़ से कीमतें बढ़ेंगी और इसका असर अमेरिका और विदेश में विकास पर पड़ेगा.

दरअसल, एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयर बाज़ारों में दूसरे दिन भी गिरावट देखने को मिली. अमेरिकी एस एंड पी 500 (मार्केट इंडेक्स) के लिए यह साल 2020 के बाद सबसे ख़राब दिन रहा.

उस वक़्त कोविड-19 की वजह से अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गई थी. नाइकी, एपल और टारगेट के स्टॉक पर सबसे ज़्यादा बुरा असर पड़ा. इनके शेयरों में 9 फ़ीसदी से ज़्यादा की गिरावट आई.

एसएंडपी 500, एक शेयर बाजार सूचकांक है, जो अमेरिका के स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्टेड 500 अग्रणी कंपनियों के स्टॉक प्रदर्शन पर नज़र रखता है.

इस बीच, व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने वैश्विक आयात पर 10 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाने की योजना बनाई है, ताकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में उछाल आए और संघीय राजस्व बढ़े.

वहीं, चीन और यूरोपीय यूनियन ने इस टैरिफ़ पर जवाबी कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 06:23:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने विभिन्न देशों पर व्यापक नए शुल्क की घोषणा की, महंगाई और व्यापार युद्ध का खतरा बढ़ा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-वभनन-दश-पर-वयपक-नए-शलक-क-घषण-क-महगई-और-वयपर-यदध-क-खतर-बढ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-वभनन-दश-पर-वयपक-नए-शलक-क-घषण-क-महगई-और-वयपर-यदध-क-खतर-बढ</guid>
        <description>वाशिंगटन, 3 अप्रैल। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को लगभग सभी अमेरिकी व्यापारिक साझेदार देशों पर दूरगामी प्रभाव वाले नए शुल्क लगाने की घोषणा की। इसमें चीन से आयात पर 34 प्रतिशत कर और यूरोपीय संघ (ईयू) और अन्य पर 20 प्रतिशत कर लगाया गया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था की संरचना के काफी हद तक ध्वस्त होने और व्यापक व्यापार युद्ध शुरू होने का खतरा है।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रोज़ गार्डन में यह घोषणा करते हुए कहा कि वे दर्जनों ऐसे देशों पर शुल्क दरें बढ़ा रहे हैं जो अमेरिका के साथ सार्थक व्यापार अधिशेष रखते हैं। साथ ही, उन्होंने आर्थिक आपातकाल के जवाब में सभी देशों से आयात पर 10 प्रतिशत का बेसलाइन कर लगाया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि शुल्क घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका द्वारा निर्मित वैश्विक व्यापार प्रणाली का वर्णन करने के लिए आक्रामक शब्दों का इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा, हमारे देश को अन्य देशों द्वारा लूटा गया और जबर्दस्ती की गई।

यह कदम ऐतिहासिक कर वृद्धि के बराबर है जो वैश्विक व्यवस्था को टूटने के कगार पर पहुंचा सकता है। यह कई अमेरिकियों के लिए एक ऐसे बदलाव की शुरुआत है, जो शायद दर्दनाक होगा। इससे मध्यम वर्ग की ज़रूरत वाली चीजें जैसे घर, वाहन और कपड़े महंगे होंगे। वहीं शांति और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए गठबंधनों में बाधा उत्पन्न होगी।

ट्रंप ने कहा कि वह अमेरिकी सरकार के लिए सैकड़ों अरबों का नया राजस्व लाने और वैश्विक व्यापार में निष्पक्षता बहाल करने के लिए कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, करदाताओं को 50 से अधिक वर्षों से लूटा जा रहा है। ...लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है।

ट्रंप ने शुल्क लगाने के लिए राष्ट्रीय आर्थिक आपातकाल की घोषणा की।

उन्होंने वादा किया है कि करों के परिणामस्वरूप कारखानों की नौकरियां अमेरिका में वापस आ जाएंगी, लेकिन उनकी नीतियों से अचानक आर्थिक मंदी का खतरा है क्योंकि उपभोक्ताओं और व्यवसायों को कीमतों में भारी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण चुनावी वादा पूरा किया क्योंकि उन्होंने 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन शक्ति अधिनियम के तहत कांग्रेस के बिना व्यापार भागीदारों पर जवाबी शुल्क लगाए हैं। लेकिन बुधवार को उनकी यह कार्रवाई मुद्रास्फीति से निपटने के लिए पिछले साल के चुनाव में ट्रंप के मतदाता जनादेश को खतरे में डाल सकती है।

राष्ट्रपति की उच्च दरें उन विदेशी इकाइयों को प्रभावित करेंगी जो अमेरिका को खरीदने से ज़्यादा सामान बेचती हैं। ट्रंप प्रशासन ने अनिवार्य रूप से उन देशों के साथ व्यापार असंतुलन के बराबर राजस्व जुटाने के लिए अपनी शुल्क दरों की गणना की है। ट्रंप ने फिर उस दर को आधा कर दिया और खुद को बहुत दयालु बताया।

व्हाइट हाउस का कहना है कि शुल्क और अन्य व्यापार असंतुलन के कारण पिछले साल 1,200 अरब डॉलर का असंतुलन हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों ने सुझाव दिया कि अन्य देशों को अपने आयात पर नए शुल्क को कम करने के लिए कई तरह की कार्रवाई करनी पड़ सकती है, और उन देशों द्वारा जवाबी शुल्क लगाने से स्थिति और खराब हो सकती है।

अमेरिका में फिच रेटिंग्स के आर्थिक शोध के प्रमुख ओलु सोनोला ने कहा कि अमेरिका द्वारा विभिन्न देशों से वसूले जाने वाले औसत शुल्क की दर 2024 के ढाई प्रतिशत से बढ़कर करीब 22 प्रतिशत हो जाएगी।

सोनोला ने कहा, अब कई देश मंदी की गिरफ्त में आ जाएंगे।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 06:21:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यमन में संदिग्ध अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत: हूती विद्रोही</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यमन-म-सदगध-अमरक-हवई-हमल-म-कम-स-कम-छह-लग-क-मत-हत-वदरह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यमन-म-सदगध-अमरक-हवई-हमल-म-कम-स-कम-छह-लग-क-मत-हत-वदरह</guid>
        <description>दुबई, 3 अप्रैल। यमन में हूती विद्रोही-नियंत्रित क्षेत्रों में बुधवार को संदिग्ध अमेरिकी हवाई हमले में कम से कम छह लोग मारे गए।

हूती विद्रोहियों की ओर से मृतकों के संबंध में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान यमन में विद्रोहियों को निशाना बनाते हुए किए गए हमलों की संख्या में वृद्धि हुई है और इन हमलों में कम से कम 67 लोग मारे गए हैं।

हालांकि, अभी तक अभियान और उसके लक्ष्यों के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मंगलवार को हमलों की कुल संख्या 200 से अधिक बताई है।

लेविट ने कहा, इन हमलों के परिणामस्वरूप ईरान अविश्वसनीय रूप से कमजोर हो गया है और हमने देखा है कि उन्होंने हूती नेताओं को मार गिराया है।

हालांकि, हूती विद्रोहियों ने अभी तक अपने किसी भी नेता की मौत की बात स्वीकार नहीं की है, उधर अमेरिका ने भी किसी भी मारे गए विद्रोही नेता का नाम उजागर नहीं किया है।

हालांकि, ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के लीक होने पर यह जानकारी सामने आई है कि विद्रोहियों के मिसाइल बल के एक नेता को निशाना बनाया गया था।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 06:21:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के टैरिफ़ एलान के बाद चीन ने अमेरिका से टैरिफ़ वापिस लेने की अपील</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-टरफ-एलन-क-बद-चन-न-अमरक-स-टरफ-वपस-लन-क-अपल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-टरफ-एलन-क-बद-चन-न-अमरक-स-टरफ-वपस-लन-क-अपल</guid>
        <description>चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका से अपील की है कि वो इन एकतरफ़ा लगाए गए टैरिफ़ को तुरंत वापिस ले और अपने साझेदारों के साथ मिलकर बातचीत के जरिए ट्रेड से जुड़े विवादों का सही समाधान निकाले.

वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, चीन इस फ़ैसले का कड़ा विरोध करता है और अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए मज़बूत कदम उठाएगा.

इससे पहले चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ़ पर टिप्पणी की.

समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि ट्रंप ट्रेड को एक बदले की लड़ाई बना रहे हैं.

ट्रंप के टैरिफ़ के एलान का सबसे ज्यादा असर चीन पर हुआ है क्योंकि अब सभी चीनी सामानों पर 34 फ़ीसदी और टैरिफ़ लगा दिया गया है.

इससे पहले अमेरिका ने चार मार्च को चीन से आने वाले सामान पर 20 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 06:21:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के ‘जवाबी शुल्क’ पर दुनियाभर के नेताओं ने दी सधी प्रतिक्रिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-जवब-शलक-पर-दनयभर-क-नतओ-न-द-सध-परतकरय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-जवब-शलक-पर-दनयभर-क-नतओ-न-द-सध-परतकरय</guid>
        <description>बैंकॉक, 3 अप्रैल। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को लगभग सभी अमेरिकी व्यापारिक साझेदार देशों पर दूरगामी प्रभाव वाले नए शुल्क लगाने की घोषणा की।

इसमें चीन से आयात पर 34 प्रतिशत कर और यूरोपीय संघ (ईयू) और अन्य पर 20 प्रतिशत कर तथा भारत पर व्यापक रूप से 26 प्रतिशत का रियायती जवाबी शुल्क लगाया गया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था की संरचना के काफी हद तक ध्वस्त होने और व्यापक व्यापार युद्ध शुरू होने का खतरा है।

ट्रंप इन आयात करों को जवाबी शुल्क कहते हैं और इनकी सीमा 10 प्रतिशत से 49 प्रतिशत तक है। सरल शब्दों में कहें तो अमेरिका अपने व्यापारिक साझेदारों पर उतना ही शुल्क लगाएगा जितना वे लगाएंगे। ट्रंप के अनुसार, ये देश दशकों से अमेरिका के साथ यही करते आ रहे हैं।

उन्होंने कहा, करदाताओं को 50 से अधिक वर्षों से लूटा जा रहा है... लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है।

राष्ट्रपति ने वादा किया कि करों के परिणामस्वरूप अमेरिका के कारखानों में नौकरियां वापस आएंगी, लेकिन उनकी नीतियों से अचानक आर्थिक मंदी का खतरा है क्योंकि उपभोक्ताओं और व्यवसायों को कीमतों में भारी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने इसे न केवल एक आर्थिक मुद्दा बताया, बल्कि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न भी बताया, जो हमारी जीवन-शैली के लिए खतरा है।

ट्रंप की इस घोषणा के बाद वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल मच गई। बृहस्पतिवार को अमेरिकी शेयर वायदा में तीन प्रतिशत तक की गिरावट आई और तोक्यो के बाजार में एशिया में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। तेल की कीमतें दो डॉलर प्रति बैरल से अधिक गिर गईं और बिटकॉइन की कीमत में 4.4 प्रतिशत की गिरावट आई।

ट्रंप की घोषणा के बाद ब्रिटेन की सरकार ने कहा कि अमेरिका ब्रिटेन का सबसे करीबी सहयोगी बना हुआ है। व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने कहा कि ब्रिटेन को उम्मीद है कि वह ट्रंप द्वारा घोषित ब्रिटिश वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क के प्रभाव को कम करने के लिए एक व्यापार समझौता कर लेगा।

उन्होंने कहा, कोई भी व्यापार युद्ध नहीं चाहता और हमारा इरादा समझौता सुनिश्चित करना है।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ईयू के विरुद्ध नए 20 प्रतिशत शुल्क को गलत बताते हुए कहा कि इससे किसी भी पक्ष को लाभ नहीं होगा।

मेलोनी ने फेसबुक पर पोस्ट कर कहा, हम अमेरिका के साथ एक समझौते की दिशा में काम करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, जिसका उद्देश्य एक व्यापार युद्ध से बचना है।

ब्राजील की सरकार ने कहा कि वह इस मामले को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में ले जाने पर विचार कर रही है। बाद में ब्राजील की कांग्रेस ने सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित किया, जो ब्राजील की सरकार को देश के सामान पर शुल्क लगाने वाले किसी भी देश या व्यापार समूह के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की अनुमति देता है।

अमेरिका को सबसे बड़े निर्यातकों में से एक एशियाई देशों ने प्रभावित होने वाले वाहन निर्माताओं एवं अन्य व्यवसायों का समर्थन करने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का संकल्प जताया।

दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्रालय ने कहा कि दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक नेता प्रधानमंत्री हान डक-सू ने अधिकारियों से कहा है कि वे नए 25 प्रतिशत शुल्क के संभावित प्रभाव का विश्लेषण करने के लिए व्यापारिक समूहों के साथ काम करें ताकि नुकसान को कम से कम किया जा सके।

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि चीन अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए दृढ़ता से जवाबी कदम उठाएगा। हालांकि चीन ने यह नहीं बताया कि वह इसके प्रत्युत्तर में क्या कदम उठा सकता है।

चीन ने कहा, चीन अमेरिका से अपने एकतरफा शुल्क उपायों को तुरंत रद्द करने और समान बातचीत के माध्यम से अपने व्यापारिक भागीदारों के साथ मतभेदों को ठीक से हल करने का आग्रह करता है।

कुछ देशों ने व्हाइट हाउस (अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यालय एवं आवास) की गणना पर आपत्ति जताई।

आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि उनके देश पर लगाया गया अमेरिकी शुल्क पूरी तरह से अनुचित है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा।

दक्षिण प्रशांत क्षेत्र के नॉरफॉक द्वीप पर लगाए गए 29 प्रतिशत शुल्क ने सभी हैरान हैं क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के इस क्षेत्र की आबादी महज 2,000 लोगों की है और इसकी अर्थव्यवस्था पर्यटन पर आधारित है।

रफॉक द्वीप के प्रशासक जॉर्ज प्लांट ने बृहस्पतिवार को एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को बताया, जहां तक ​​मेरी जानकारी है, हम अमेरिका को कुछ भी निर्यात नहीं करते हैं।

न्यूजीलैंड ने भी ट्रंप के शुल्क के तर्क का मुद्दा उठाया है।

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने बुधवार को कहा कि वह ट्रंप की घोषणा के मेक्सिको पर प्रभाव का आकलन करेंगी।

भारत यात्रा पर आए चिली के राष्ट्रपति ग्रेब्रियल बोरिक ने भारत में एक व्यापार मंच से चेतावनी दी कि इस तरह के कदम अनिश्चितता पैदा करने के अलावा, पारस्परिक रूप से सहमत नियमों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करने वाले सिद्धांतों को भी चुनौती देते हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 06:21:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत पर 26% टैरिफ़ लगाने के बाद बोले ट्रंप &amp;apos;मोदी मेरे दोस्त&amp;apos;, जानिए दस अहम बातें</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-पर-26-टरफ-लगन-क-बद-बल-टरप-मद-मर-दसत-जनए-दस-अहम-बत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-पर-26-टरफ-लगन-क-बद-बल-टरप-मद-मर-दसत-जनए-दस-अहम-बत</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ की घोषणा कर दी है. ट्रंप के इस टैरिफ़ को डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ का नाम दिया गया है.

व्हाइट हाउस ने लगभग 100 देशों की सूची जारी की है, जिन पर डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाया गया है.

इसके तहत जिन देशों पर टैरिफ़ लगाया गया है, यह अमेरिका पर उन देशों के लगाए टैरिफ़ से आधा या लगभग आधे के बराबर है.

हालांकि, इस सूची में ऐसे देश भी हैं, जिन पर उतना ही टैरिफ़ लगाया गया है जितना उन्होंने अमेरिका पर लगाया है. इसके अलावा 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ भी लगाया गया है.

ट्रंप का टैरिफ़
टैरिफ़ की घोषणा करते हुए अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा, आज लिबरेशन डे है, जिसका अमेरिका लंबे समय से इंतज़ार कर रहा था.

उन्होंने कहा, आज का दिन अमेरिकी उद्योग के पुनर्जन्म और अमेरिका के फिर से समृद्ध बनने के तौर पर याद किया जाएगा.

ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिका का फ़ायदा उठाया गया और उसे विदेशियों ने लूट लिया है.

उन्होंने कहा, हमारे टैक्स पेयर्स को 50 सालों से अधिक समय से ठगा जा रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

डोनाल्ड ट्रंप ने यह टैरिफ़ एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए लागू किया है. ट्रंप के डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ को 10 प्वॉइंट्स में समझिए.

डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ को लेकर जुनून के पीछे है 40 साल पुराना जापानी कनेक्शन

1. भारत पर कितना टैरिफ़

ट्रंप ने भारत पर 26 फ़ीसदी डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ की घोषणा की है. व्हाइट हाउस के मुताबिक़, भारत अमेरिका पर 52 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाता है.

टैरिफ़ की घोषणा करते हुए अमेरिका राष्ट्रपति ने भारत का भी ज़िक्र किया.

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री (मोदी) कुछ ही दिन पहले ही यहां से गए हैं और वो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, पर मैंने उनसे कहा कि आप मेरे दोस्त हैं लेकिन आप हमारे साथ सही नहीं कर रहे.

ट्रंप ने कहा, वे हमें 52 फ़ीसदी चार्ज कर रहे हैं. आप समझ रहे हैं.. इस लिहाज़ से हम उनसे लगभग ना के बराबर चार्ज कर रहे हैं...सालों और दशकों से.

2. कब से लागू होगा टैरिफ़
विदेशों में निर्मित सभी ऑटोमोबाइल्स पर 25 फीसदी का टैरिफ़ लगाया गया है, जो कि अमेरिकी समयानुसार आज रात (बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात) 12 बजकर एक मिनट से लागू हो जाएगा.

इसके अलावा, सभी देशों पर 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ अमेरिकी समयानुसार पांच अप्रैल रात 12 बजकर एक मिनट से लागू हो जाएगा.

जबकि 10 फ़ीसदी से अधिक टैरिफ़ अमेरिकी समयानुसार 9 अप्रैल रात 12 बजकर एक मिनट से लागू होगा.

3. शेयर बाज़ार पर असर

ट्रंप के डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ से दुनिया भर में आर्थिक तौर पर उथल-पुथल मचने की आशंका जताई जा रही है.

टैरिफ़ की घोषणा के बाद एशिया-पैसिफ़िक देशों के शेयर बाज़ारों में गिरावट देखने को मिली है.

जापान के शेयर बाज़ार में चार फ़ीसदी की गिरावट दर्ज हुई है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाज़ार में दो फ़ीसदी की गिरावट आई है.

उधर, ट्रंप के टैरिफ़ का असर सोने की कीमत पर भी देखने को मिला है. सोने की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है.

ट्रंप के भाषण से पहले व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने संवाददाताओं को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप सभी देशों पर 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ लगाएंगे.

ट्रंप ने कुछ देशों मात्र बेसलाइन टैरिफ लगाया है, जबकि कुछ देशों पर इससे ज़्यादा टैरिफ़ लगाया गया है.

बेसलाइन टैरिफ़ का सामना करने वाले कुछ देश:

5. सबसे ज़्यादा टैरिफ़ किन पर?
व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका लगभग 60 देशों पर स्पेसिफ़िक रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाएगा. यानी इन देशों पर सबसे अधिक टैरिफ़ लगाया गया है.

स्पेसिफ़िक रेसिप्रोकल टैरिफ़ का सामना करने वाले कुछ देश:

यूरोपीय संघ (20%)
चीन (34%)
वियतनाम (46%)
थाईलैंड (36%)
जापान (24%)
कंबोडिया (49%)
दक्षिण अफ़्रीका (30%)
ताइवान (32%)
6. कनाडा और मेक्सिको को राहत

इन नई टैरिफ़ घोषणाओं में कनाडा और मेक्सिको का उल्लेख नहीं है.

व्हाइट हाउस ने कहा कि वे इन दोनों देशों के साथ पिछले आदेशों में निर्धारित किए गए ढांचे के तहत ही काम करेंगे.

उन आदेशों में कनाडा और मेक्सिको पर फेंटानिल और सरहद से जुड़े मुद्दों को वजह बताते हुए शुल्क लगाया गया था.

ट्रंप ने तब दोनों देशों पर 25% टैरिफ़ का एलान किया था लेकिन बाद में इसे कम किया था.

ट्रंप कनाडा और मेक्सिको पर शुल्क रोकने के लिए सहमत हुए.

7. ऑटो आयात पर 25% शुल्क
इसके अलावा, राष्ट्रपति ने घोषणा की कि अमेरिका विदेशों में निर्मित गाड़ियों पर 25% शुल्क लगा रहा है.

ये शुल्क लगभग तुरंत, तीन अप्रैल की आधी रात को लागू हो जाएंगे.

ट्रंप की इस घोषणा का सबसे बड़ा असर अमेरिकी कारों पर ही पड़ने वाला है. अमेरिका बड़ी संख्या में कारें आयात करता है और अब उनकी क़ीमत बढ़ जाएगी.

8. ये चीज़े होंगी अमेरिका में महंगी
अमेरिका में अब बीयर, व्हिस्की और टक़िला जैसे ड्रिंक्स भी महंगे हो जाएंगे. मेक्सिको से आने वाली मोडेलो और कोरोना जैसे बीयर के ब्रैंड अब अमेरिका में महंगे हो जाएंगे.

टैरिफ़ लगने के बाद एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में कई कारें 4,000 से 10,000 डॉलर तक महंगी हो जाएंगी.

ट्रंप ने यूरोपीय संघ से आने वाली शराब पर भी 200 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया है. इसकी वजह शैंपेन या जर्मन बीयर वगैहरा महंगे जाएंगे.

इसके अलावा ईंधन, मेपस सिरप, एवोकाडो आदि भी अब अमेरिका में महंगे बिकेंगे.

9. दुनिया के नेताओं की कैसी प्रतिक्रिया?

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी टैरिफ़ को गलत बताया है और कहा है कि इससे व्यापार युद्ध छिड़ सकता है.

उन्होंने एक बयान में कहा, हम अमेरिका से समझौता करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. इसका उद्देश्य उस व्यापार युद्ध को रोकना है जो पश्चिमी देशों को कमजोर करेगा.

इस बीच ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि टैरिफ अप्रत्याशित नहीं हैं, लेकिन वे पूरी तरह से अनुचित हैं.

</description>
        <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 06:21:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>थाईलैंड और म्यांमार के बाद भारत के इन पड़ोसी देशों में आया भूकंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/थईलड-और-मयमर-क-बद-भरत-क-इन-पडस-दश-म-आय-भकप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/थईलड-और-मयमर-क-बद-भरत-क-इन-पडस-दश-म-आय-भकप</guid>
        <description>पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में बुधवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. इसकी जानकारी राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने दी.

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि पाकिस्तान में आए भूकंप की तीव्रता 4.3 थी. वहीं, अफ़ग़ानिस्तान में आए भूकंप की तीव्रता 4.7 थी.

पाकिस्तान में आए भूकंप का केंद्र ज़मीन से 120 किलोमीटर की गहराई में था. वहीं, अफ़ग़ानिस्तान में आए भूकंप का केंद्र ज़मीन से 193 किलोमीटर की गहराई में था.

थाईलैंड और म्यांमार में भूकंप के झटके पिछले शुक्रवार को महसूस किए गए थे. दोनों देशों में भूकंप ने तबाही मचा दी थी.

भूकंप प्रभावित थाईलैंड और म्यांमार में बचाव अभियान अभी भी जारी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 07:17:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>म्यांमार भूकंप : मृतकों की संख्या 2,700 के पार; सैन्य शासन ने युद्ध विराम प्रस्ताव को किया खारिज</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मयमर-भकप-मतक-क-सखय-2700-क-पर-सनय-शसन-न-यदध-वरम-परसतव-क-कय-खरज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मयमर-भकप-मतक-क-सखय-2700-क-पर-सनय-शसन-न-यदध-वरम-परसतव-क-कय-खरज</guid>
        <description>नेपीडॉ, 4 मार्च । म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में मृतकों की संख्या बढ़कर 2,719 हो गई, लगभग 4,521 लोग घायल हुए और 441 अभी भी लापता हैं। प्रधानमंत्री मिन आंग ह्लाइंग ने यह जानकारी दी। इस बीच, म्यांमार के जुंटा के प्रमुख आंग ह्लाइंग ने जातीय सशस्त्र संगठनों (ईएओ) के युद्ध विराम प्रस्तावों को खारिज कर दिया और सैन्य अभियान जारी रखने की घोषणा की। ह्लाइंग ने मंगलवार को कहा, कुछ जातीय सशस्त्र समूह अभी सक्रिय रूप से लड़ाई में शामिल नहीं हो रहे, लेकिन वे हमलों की तैयारी के लिए इकट्ठा हो रहे हैं और प्रशिक्षण ले रहे हैं। चूंकि यह आक्रामकता का एक रूप है, इसलिए सेना जरूरी रक्षा अभियान जारी रखेगी। म्यांमार नाउ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे वक्त में जब वैश्विक ध्यान भूकंप के विनाश और मानवीय सहायता भेजने पर केंद्रित है, म्यांमार की सेना ने देश भर में प्रतिरोधी समूहों के खिलाफ अपने हमले जारी रखे हैं। हमलों पर चिंता जताते हुए, अमेरिका स्थित एडवोकेसी ग्रुप ह्यूमन राइट्स वॉच ने मंगलवार को कहा कि म्यांमार की सैन्य सरकार को भूकंप पीड़ितों के लिए मानवीय सहायता तक तत्काल, निर्बाध पहुंच की अनुमति देनी चाहिए, आपातकालीन प्रतिक्रिया में बाधा डालने वाले प्रतिबंधों को हटाना चाहिए।</description>
        <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 07:17:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका में हज़ारों सरकारी कर्मचारियों की जाएगी नौकरी, दफ़्तर पहुंचे लोगों को गेट पर रोका</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-हजर-सरकर-करमचरय-क-जएग-नकर-दफतर-पहच-लग-क-गट-पर-रक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-हजर-सरकर-करमचरय-क-जएग-नकर-दफतर-पहच-लग-क-गट-पर-रक</guid>
        <description>अमेरिका में फेडरल स्वास्थ्य कर्मियों की छंटनी शुरू हो गई है. इस छंटनी के बारे में कर्मचारियों को मंगलवार को तब पता चला जब उन्हें ऑफिस के गेट पर ही रोक दिया गया.

इन छंटनियों में कई शीर्ष अधिकारी शामिल थे.

अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ़ कैनेडी जूनियर ने पिछले हफ्ते ही घोषणा थी कि 10,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जाएगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ने पिछले सप्ताह कहा था कि फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) से 3,500 कर्मचारियों को निकालने की योजना है.

वहीं, यूनाइटेड स्टेट्स सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) से 2,400 कर्मियों की छंटनी होनी है. इसके अलावा प्रशासन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान से भी 1,200 कर्मचारियों को निकालना है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 07:17:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हसीना की अवामी लीग के एक लाख से अधिक सदस्य भारत भागे : सूचना सलाहकार आलम</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हसन-क-अवम-लग-क-एक-लख-स-अधक-सदसय-भरत-भग-सचन-सलहकर-आलम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हसन-क-अवम-लग-क-एक-लख-स-अधक-सदसय-भरत-भग-सचन-सलहकर-आलम</guid>
        <description>ढाका, 1 अप्रैल। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सूचना सलाहकार महफूज आलम ने मंगलवार को दावा किया कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी के एक लाख से अधिक सदस्य भारत भाग गए हैं।

मीडिया में आलम का यह बयान आया।

बांग्लादेशी समाचार पोर्टल बीडीन्यूज24डॉट कॉम के अनुसार, आलम ने यह टिप्पणी यहां ईद के अवसर पर आयोजित एक समारोह में की, जिसमें हसीना के कार्यकाल के दौरान कथित रूप से लापता या मारे गए व्यक्तियों के परिवार शामिल हुए थे।

इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि मानवाधिकार समूह मेयर डाक ने शहर के तेजगांव क्षेत्र में इस कार्यक्रम का आयोजन किया।

सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार, हसीना की आलोचना करते हुए महफूज आलम ने कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता की हत्या का बदला लेने के लिए लोगों को जबरन गायब कर दिया और उनकी हत्या करवा दी।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 07:17:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>म्यांमा में विनाशकारी भूकंप: मृतकों की संख्या बढ़कर 1,700 से अधिक हुई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मयम-म-वनशकर-भकप-मतक-क-सखय-बढकर-1700-स-अधक-हई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मयम-म-वनशकर-भकप-मतक-क-सखय-बढकर-1700-स-अधक-हई</guid>
        <description>बैंकॉक, 31 मार्च। म्यांमा में पिछले हफ्ते आए विनाशकारी भूकंप के बाद मलबे से और शव निकाले जाने के साथ मृतकों की संख्या बढ़ कर 1,700 से अधिक हो गई है। देश में, सेना के नेतृत्व वाली सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सरकार के प्रवक्ता मेजर जनरल जॉ मिन तुन ने सरकारी टीवी चैनल एमआरटीवी को बताया कि भूकंप के कारण 3,400 लोग घायल हुए हैं और 300 से ज़्यादा लापता हैं। सेना ने पूर्व में भूकंप से 1,644 लोगों के मारे जाने की सूचना दी थी, लेकिन विस्तृत जानकारी नहीं दी थी।

म्यांमा में शुक्रवार दोपहर 7.7 तीव्रता का भूकंप आने से राजधानी नेपीता और देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले सहित कई अन्य स्थानों पर व्यापक नुकसान हुआ।

स्प्रिंग रेवोल्यूशन म्यांमा मुस्लिम नेटवर्क की संचालन समिति के सदस्य तुन की ने सोमवार को बताया कि जुमे की नमाज के दौरान म्यांमा में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के कारण, विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा कर रहे 700 से अधिक लोगों की मौत हो गई।

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि मस्जिदों में मारे गए लोगों की यह संख्या भूकंप में अब तक मारे गए 1,700 से अधिक लोगों की आधिकारिक संख्या में शामिल है या नहीं।

तुन ने बताया कि भूकंप के कारण लगभग 60 मस्जिदें क्षतिग्रस्त हो गईं या ढह गईं।

समाचार वेबसाइट द इरावदी द्वारा साझा किये गए एक वीडियो में, भूकंप के दौरान कई मस्जिदें ढहती दिखाई दे रही हैं और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं।

भूकंप के दौरान, मांडले में 270 बौद्ध भिक्षु यू हला थीन मठ में मौजूद थे। भूकंप के कारण मठ की इमारत ढह गई।

सोमवार को घटनास्थल पर मौजूद बचावकर्मियों ने बताया कि 70 लोग सुरक्षित निकल पाने में कामयाब रहे, लेकिन 50 लोग मृत पाए गए तथा 150 अब भी लापता हैं।

माना जा रहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में मारे गए और घायलों की वास्तविक संख्या आधिकारिक आंकड़ों से संभवत: कई गुना अधिक है, लेकिन संचार व्यवस्था को नुकसान पहुंचने और सड़क संपर्क बाधित हो जाने के कारण कई क्षेत्रों में हुई जानमाल की क्षति के बारे में बहुत कम जानकारी है।

म्यांमा में अंतरराष्ट्रीय बचाव समिति के कार्यक्रमों की उप निदेशक लॉरेन एलेरी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया, इस समय, विनाश की व्यापकता के बारे में हमें सटीक जानकारी नहीं है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि उसे क्षेत्र में तीन अस्पतालों के नष्ट हो जाने और 22 के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की जानकारी है।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 01 Apr 2025 06:56:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अंतरिक्ष से लौटने के बाद पहली बार बोलीं सुनीता विलियम्स, भारत के बारे में कही ये बात</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अतरकष-स-लटन-क-बद-पहल-बर-बल-सनत-वलयमस-भरत-क-बर-म-कह-य-बत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अतरकष-स-लटन-क-बद-पहल-बर-बल-सनत-वलयमस-भरत-क-बर-म-कह-य-बत</guid>
        <description>इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुनीता विलियम्स ने अपने अंतरिक्ष से धरती पर लौटने और भारत के बारे में भी चर्चा की.

उन्होंने कहा, यह सच में एक चमत्कार जैसा है कि हमारा शरीर कैसे बदलाव के साथ खुद को ढाल लेता है. जब मैं पहले दिन वापिस आई, तो हम सभी थोड़ा लड़खड़ा रहे थे. यह सच में कमाल की बात है कि सिर्फ 24 घंटों में हमारा नर्वस सिस्टम काम करने लगता है. हमारा दिमाग समझ जाता है कि क्या हो रहा है.

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुनीता विलियम्स से भारत को लेकर भी सवाल पूछा गया था.

जिस पर उन्होंने जवाब दिया, भारत एक शानदार देश है. हर बार जब हम हिमालय के ऊपर से गुजरे, तो बुच विलमोर ने वहां के कुछ बेहद खूबसूरत नज़ारे अपने कैमरे में कैद किए.

सुनीता विलियम्स ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह भारत आएंगी.

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर गईं नासा की अंतरिक्ष यात्री और भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स 286 दिनों के बाद 19 मार्च को पृथ्वी पर लौटीं.

286 दिनों तक स्पेस स्टेशन पर रहते हुए सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर ने 900 घंटों तक रिसर्च की और इस दौरान उन्होंने 150 वैज्ञानिक प्रयोग किए.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 01 Apr 2025 06:56:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भूकंप प्रभावित म्यांमार में मरने वालों की संख्या 2 हज़ार के पार, जारी है बचाव अभियान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भकप-परभवत-मयमर-म-मरन-वल-क-सखय-2-हजर-क-पर-जर-ह-बचव-अभयन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भकप-परभवत-मयमर-म-मरन-वल-क-सखय-2-हजर-क-पर-जर-ह-बचव-अभयन</guid>
        <description>म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद सोमवार को भी बचाव कार्य जारी है. म्यांमार की सैन्य सरकार के मुताबिक़ यहां मरने वालों की संख्या 2 हज़ार के पार जा चुकी है.

म्यांमार की सैन्य सरकार ने बताया कि भूकंप के कारण 2,056 लोगों की मौत हुई है. 3,900 से अधिक लोग घायल हुए हैं और 270 लोग अभी भी लापता हैं.


याद दिला दें कि म्यांमार से जानकारी पाना मुश्किल है क्योंकि यहां के सैन्य नेतृत्व का राष्ट्रीय आपदाओं से हुए नुकसान के पैमाने को दबाने का इतिहास रहा है.

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने म्यांमार में भूकंप से निपटने के लिए 80 लाख डॉलर की सहायता की अपील की है.

संगठन के एक प्रवक्ता ने बताया है कि म्यांमार के अस्पताल भी भूकंप से प्रभावित हुए हैं, वहीं घायलों की संख्या बढ़ने के कारण अस्पतालों पर काफ़ी दबाव भी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 01 Apr 2025 06:56:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप की नाराज़गी के बाद आया रूस का ये बयान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-नरजग-क-बद-आय-रस-क-य-बयन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-नरजग-क-बद-आय-रस-क-य-बयन</guid>
        <description>-गेब्रिएला पॉमरॉय

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति तीखी नाराज़गी जताने के बाद रूस की पहली प्रतिक्रिया आई है. रूस ने कहा कि वह अभी भी अमेरिका के साथ काम कर रहा है.

रूसी राष्ट्रपति के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव ने कहा, हम अमेरिकी पक्ष के साथ काम करना जारी रखेंगे, सबसे पहले, अपने संबंधों को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे.

उन्होंने कहा कि इस हफ़्ते पुतिन और ट्रंप के बीच बातचीत की कोई योजना नहीं है, लेकिन (बातचीत) ज़रूरी होने पर पुतिन इसके लिए तैयार हैं.

बता दें कि रविवार को ट्रंप ने एनबीसी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहा कि वो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से काफ़ी नाराज़ हैं.

ट्रंप ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि अगर पुतिन युद्ध विराम पर सहमत नहीं होते हैं, तो वो रूस से तेल ख़रीदने वाले देशों पर 50 फीसदी का ट्रैरिफ लगा सकते हैं.

ट्रंप की ओर से रूसी राष्ट्रपति की आलोचना पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में क्रेमलिन ने दोनों नेताओं के बीच तनाव को कम करने की कोशिश की है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 01 Apr 2025 06:56:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नाइजीरिया में अपहरणकर्ता होने के संदेह में भीड़ ने 16 लोगों की हत्या की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नइजरय-म-अपहरणकरत-हन-क-सदह-म-भड-न-16-लग-क-हतय-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नइजरय-म-अपहरणकरत-हन-क-सदह-म-भड-न-16-लग-क-हतय-क</guid>
        <description>अबुजा (नाइजीरिया), 29 मार्च। दक्षिणी नाइजीरिया में भीड़ ने अपहरणकर्ता होने के संदेह में हमला कर 16 लोगों की हत्या कर दी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस प्रवक्ता मोसेस यामू ने एक बयान में बताया कि सभी पीड़ितो को एडो राज्य के यूरोमी क्षेत्र में स्थानीय सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोके जाने के बाद उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि सभी पीड़ित उत्तरी नाइजीरिया के रहने वाले थे।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में देखा गया कि भीड़ ने पीड़ितों को प्रताड़ित किया और पुराने वाहनों के टायर उनके सिर और कंधे पर रखकर उनमें आग लगा दी।

यामू ने बताया कि इस हमले से यात्रियों के एक समूह के 10 लोगों को बचा लिया गया, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में 14 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।

एडो राज्य के गवर्नर के प्रतिनिधि सोलोमन ओसाघाले ने एक बयान में कहा, किसी को भी किसी अन्य व्यक्ति को जान से मारने का अधिकार नहीं है।

नाइजीरिया में भीड़ द्वारा हिंसा की घटनाएं पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ी हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल की 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के दक्षिणी हिस्से में आमतौर पर चोरी और जादू-टोने के आरोपों को लेकर हमले होते हैं, जबकि उत्तरी क्षेत्र में हमले के मामले ईशनिंदा के आरोपों के कारण बढ़े है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 06:20:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>म्यांमा और थाईलैंड में भीषण भूकंप, 150 से अधिक की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मयम-और-थईलड-म-भषण-भकप-150-स-अधक-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मयम-और-थईलड-म-भषण-भकप-150-स-अधक-क-मत</guid>
        <description>बैंकॉक, 29 मार्च। म्यांमा में शुक्रवार को भूकंप से देश के बड़े हिस्से में भारी तबाही हुई। प्रारंभिक मौत का आंकड़ा 140 से अधिक है और आने वाले समय में इसमें बढोत्तरी हो सकती है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

म्यांमा के पड़ोसी देश थाईलैंड में भी भूकंप का असर दिखा और यहां कम से कम छह लोगों की मौत हो गयी जबकि 22 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में 101 व्यक्ति लापता हैं।

म्यांमा की सैन्य सरकार के प्रमुख सीनियर जनरल मिन आंग हलाइंग ने टेलीविजन पर कहा, मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

उन्होंने बताया कि म्यांमा में कम से कम 144 लोगों की मौत हुई है जबकि 730 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गयी थी और इसका केंद्र म्यांमा के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के निकट पास जमीन की गहराई में था। मांडले में भूकंप से कई इमारतें ढह गई।

थाईलैंड में भूकंप के झटके बैंकॉक महानगरीय क्षेत्र में महसूस किए गए।

चीन के यूनान और सिचुआन प्रांतों में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 06:20:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>म्यांमार में भूकंप से 144 की हुई मौत, 700 से अधिक लोग घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मयमर-म-भकप-स-144-क-हई-मत-700-स-अधक-लग-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मयमर-म-भकप-स-144-क-हई-मत-700-स-अधक-लग-घयल</guid>
        <description>म्यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप के कारण अब तक कम से कम 144 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 732 लोग घायल हुए हैं.

बीबीसी बर्मा की टीम को ये जानकारी म्यांमार के सैन्य शासन प्रमुख मिन ऑन्ग हल्येंग की ओर से आई है. उनका साथ ही कहना है कि मृतकों और घायलों की संख्या और बढ़ सकती है.

म्यांमार में 2021 से ही सैन्य शासन है.

वहीं, थाईलैंड में एक इमारत के ढहने से अभी तक भूकंप में तीन लोगों की मौत हो चुकी है.

हालांकि, इसके बाद से अभी तक थाईलैंड के प्रशासन ने नहीं बताया है कि कितने लोगों की मौत हुई है या कितने लोग घायल हुए हैं.

शुक्रवार को म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने कई इमारतों को ध्वस्त कर दिया. म्यांमार के साथ ही थाईलैंड और चीन में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 06:20:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत के बाद क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-क-परधनमतर-न-अमरक-रषटरपत-टरप-स-बतचत-क-बद-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-क-परधनमतर-न-अमरक-रषटरपत-टरप-स-बतचत-क-बद-कय-कह</guid>
        <description>कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनसे फ़ोन पर कहा कि वो कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करते हैं.

दोनों नेताओं के बीच ये पहली बार है कि फ़ोन पर बात हुई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्क कार्नी से ऐसे समय में बात की है जब अमेरिका और कनाडा के बीच ट्रेड वॉर चल रहा है. डोनाल्ड ट्रंप कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बता चुके हैं.

कार्नी ने ट्रंप के साथ फ़ोन पर हुई बातचीत को बहुत रचनात्मक बताया. वहीं ट्रंप ने बातचीत को बहुत उपयोगी बताया.

ट्रंप एलान कर चुके हैं कि वो आयातित वाहनों के पार्ट्स पर 25 फ़ीसदी टैक्स लगाएंगे. ये कनाडा की कार इंडस्ट्री के लिए काफ़ी नुक़सानदायक होगा.

कनाडाई प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने चुनाव (28 अप्रैल को होगा) के तुरंत बाद एक नए आर्थिक और सुरक्षा संबंध पर व्यापक वार्ता शुरू करने पर सहमति व्यक्त की.

मार्क कार्नी ने एक दिन पहले ही कहा था कि कनाडा का अमेरिका के साथ वो पुराना रिश्ता जो बुनियादी तौर पर अर्थव्यवस्था को एकीकृत करने, सुरक्षा और सैन्य सहयोग को गहरा करने पर आधारित था, अब ख़त्म हो गया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 06:20:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ऑस्ट्रेलिया में आम चुनावों की सरगर्मी तेज़, ओपनियन पोल में क्या है रुझान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ऑसटरलय-म-आम-चनव-क-सरगरम-तज-ओपनयन-पल-म-कय-ह-रझन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ऑसटरलय-म-आम-चनव-क-सरगरम-तज-ओपनयन-पल-म-कय-ह-रझन</guid>
        <description>ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने शुक्रवार को एलान किया कि देश में संघीय चुनाव 3 मई को होंगे. एंथनी अल्बनीज़ की लेबर पार्टी के पास अभी मामूली बहुमत है.

ओपनियन पोल में अनुमान जताया गया है कि ऑस्ट्रेलिया के दो प्रमुख राजनीतिक दलों- लेबर पार्टी और लिबरल पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला होगा. ऐसे में संभावना है कि निर्दलीय सांसदों या अन्य छोटे दलों पर दोनों बड़े राजनीतिक दलों को निर्भर रहना होगा.

साल 2022 में हुए चुनाव में छोटे दलों और स्वतंत्र उम्मीदवारों को रिकॉर्ड स्तर पर वोट मिले थे.

चुनावी अभियान में जीवन यापन की लागत से जुड़े मुद्दों के हावी रहने की संभावना है.

अल्बनीज़ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीवन यापन की लागत से निपटने के अपने वादे को दोहराया.

उन्होंने पहले ही अधिक मुफ्त स्वास्थ्य सेवा देने, छात्र ऋण कम करने और छोटे कर कटौती लागू करने की योजनाओं की घोषणा कर दी थी.

अल्बनीज़ने कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वी पीटर डटन को चुनना देश के लिए एक पीछे जाने वाला कदम होगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 06:08:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा के पीएम बोले&amp; अमेरिका के साथ पुराना रिश्ता हुआ ख़त्म</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-क-पएम-बल-अमरक-क-सथ-परन-रशत-हआ-खतम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-क-पएम-बल-अमरक-क-सथ-परन-रशत-हआ-खतम</guid>
        <description>कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा का अमेरिका के साथ वो पुराना रिश्ता जो बुनियादी तौर पर अर्थव्यवस्था को एकीकृत करने, सुरक्षा और सैन्य सहयोग को गहरा करने पर आधारित था, अब ख़त्म हो गया है.

राजधानी ओटावा में कैबिनेट की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ के निर्णय से कनाडाई लोगों को अपनी अर्थव्यवस्था के बारे में फिर से सोचना होगा.

मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा जवाबी टैरिफ़ के साथ प्रतिक्रिया देगा जो अमेरिका पर अधिकतम असर डालेगा.

ट्रंप ने बुधवार को एलान किया था कि वो आयातित वाहनों और वाहनों के पार्ट्स पर 25 फ़ीसदी टैक्स लगाएंगे. ये स्थायी है.

कार्नी ने 1965 में कनाडा और अमेरिका के बीच हुए ऑटोमोटिव प्रोडक्ट्स एग्रीमेंट को सबसे महत्वपूर्ण समझौता बताया और कहा कि इस टैरिफ़ के साथ ये खत्म हो गया है.

हालांकि कार्नी का कहना है कि ट्रंप कार्यालय की ओर से फ़ोन वार्ता शिड्यूल करने का प्रस्ताव आया है और हो सकता है कि जल्द ही दोनों नेताओं के बीच बातचीत हो.

अगर ऐसा होता है तो यह पहला मौका होगा जब कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके और ट्रंप के बीच फ़ोन पर बातचीत हो.

कनाडा में अगले महीने आम चुनाव होने वाले हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 06:08:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मिस्र: लाल सागर में डूबी पर्यटक पनडुब्बी, छह लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मसर-लल-सगर-म-डब-परयटक-पनडबब-छह-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मसर-लल-सगर-म-डब-परयटक-पनडबब-छह-लग-क-मत</guid>
        <description>मिस्र में आज एक पर्यटक पनडुब्बी लाल सागर में डूब गई. इस हादसे में 6 लोगों की मौत होने की ख़बर है.

लाल सागर इलाके के गवर्नर अम्र हेनेफ़ी ने कहा है कि हादसे में छह पर्यटकों की मौत हुई है और 39 लोगों को बचा लिया गया है. यह हादसा हर्गाडा के तट से लगभग एक किलोमीटर दूर हुआ.

लाल सागर इलाके के गवर्नर अम्र हेनेफ़ी ने फेसबुक पर बताया कि अब कोई भी पर्यटक लापता नहीं है. उन्होंने कहा कि अधिकारी इस हादसे की वजह का पता लगाने में जुटे हैं.

मिस्र में रूस के दूतावास के मुताबिक़ पनडुब्बी में सवार सभी पर्यटक रूसी थे. रूसी दूतावास के मुताबिक मिस्र में यह दुर्घटना स्थानीय समयानुसार लगभग 10 बजे हुई.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 06:08:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मिस्र के तट के पास पर्यटकों को लेकर जा रही पनडुब्बी डूबी, कम से कम छह लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मसर-क-तट-क-पस-परयटक-क-लकर-ज-रह-पनडबब-डब-कम-स-कम-छह-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मसर-क-तट-क-पस-परयटक-क-लकर-ज-रह-पनडबब-डब-कम-स-कम-छह-लग-क-मत</guid>
        <description>काहिरा, 27 मार्च। मिस्र के हर्गहाडा शहर के पास 45 पर्यटकों को लाल सागर में प्रवाल भित्तियां दिखाने के लिए पानी के भीतर ले जा रही एक पनडुब्बी डूब गई, जिसमें छह रूसी मारे गए। यह जानकारी प्रांतीय गवर्नर ने दी।

प्रांतीय गवर्नर ने बताया कि इनमें कई पर्यटकों को बचा लिया गया घटना में घायल हो गए हैं।

रूसी वाणिज्य दूतावास ने बताया कि पनडुब्बी डूबने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। उसने बताया कि यह हादसा समुद्र तट से करीब 1,000 मीटर दूर हुआ।

रूस की तास समाचार एजेंसी ने हर्गहाडा में स्थित देश के वाणिज्य दूतावास का हवाला देते हुए पहले कहा था कि मृतकों में कम से कम दो बच्चे शामिल हैं। वाणिज्य दूतावास ने कहा था कि जहाज पर सवार सभी 45 पर्यटक रूसी थे, लेकिन मिस्र के गवर्नर ने कहा कि उनमें भारतीय, नॉर्वे के नागरिक और स्वीडिश नागरिक भी शामिल थे।

गवर्नर मेजर जनरल अम्र हनफी ने एक बयान में कहा कि जब पनडुब्बी डूबी तो उसमें 45 पर्यटक और मिस्र के चालक दल के पांच सदस्य सवार थे। उन्होंने कहा कि बचाव दल तुरंत भेजे गए।

उन्होंने कहा कि सभी छह मृतक रूसी थे और बचाए गए 39 पर्यटकों में से 29 घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि पनडुब्बी में सवार कोई भी व्यक्ति लापता नहीं है, जिससे पता चलता है कि चालक दल को भी बचा लिया गया है।

रूसी वाणिज्य दूतावास ने जिस कंपनी को पनडुब्बी संचालित करने वाला बताया है, उसकी वेबसाइट के अनुसार, सिंदबाद नामक यह पनडुब्बी एक से तीन घंटे का टूर संचालित करती है। इसके अनुसार यह पनडुब्बी आमतौर पर पानी के नीचे लगभग 20-25 मीटर पर चलती है और इसमें खिड़कियां होती हैं जिससे पर्यटक समुद्री जीवन देख सकते हैं।

कंपनी से सम्पर्क करने के प्रयास किये गए लेकिन ऐसा अभी नहीं हो पाया।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 06:08:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका: ट्रंप ने कारों पर लगाया 25 फ़ीसदी टैरिफ़, गहराया ट्रेड वॉर का ख़तरा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-टरप-न-कर-पर-लगय-25-फसद-टरफ-गहरय-टरड-वर-क-खतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-टरप-न-कर-पर-लगय-25-फसद-टरफ-गहरय-टरड-वर-क-खतर</guid>
        <description>-नतालिया शर्मन और माइकल रेस

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ़ को लेकर नई घोषणा की है. इसके मुताबिक, अमेरिका आने वाली कारों और कारों के पार्ट्स पर 25 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया जाएगा.

ट्रंप के इस कदम से ग्लोबल ट्रेड वॉर शुरू होने की आशंका बढ़ गई है.

ट्रंप ने कहा है कि नए टैरिफ़ 2 अप्रैल से लागू हो जाएंगे. कारों के पार्ट्स पर यह टैरिफ़ मई या इसके बाद से शुरू होंगे.

राष्ट्रपति ने यह दावा किया कि उनके इस कदम से कार इंडस्ट्री में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. उन्होंने वादा किया कि इस कदम से अमेरिका में रोज़गार और निवेश भी बढ़ेगा.

क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट

मगर, विशेषज्ञों की राय इस मामले में कुछ अलग है.

उनका मानना है कि ट्रंप के इस कदम से अमेरिका में महत्वपूर्ण कार प्रोडक्शन अस्थाई तौर पर बंद हो सकता है, कीमतें बढ़ सकती हैं और सहयोगी देशों के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है.

अमेरिका ने मोटे तौर पर पिछले साल 80 लाख कारें आयात की थीं, जो कि लगभग 240 बिलियन डॉलर का व्यापार था.

अमेरिका को कार भेजने वालों में सबसे आगे मैक्सिको का नाम आता है. इसके बाद दक्षिण कोरिया, जापान, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं.(bbc.com/hindi)

ट्रंप के इस नए कदम से वैश्विक स्तर पर होने वाले कारों के व्यापार और इसकी सप्लाई चैन के प्रभावित होने का ख़तरा है.</description>
        <pubDate>Thu, 27 Mar 2025 06:06:59 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने युद्ध विराम पर रूस की शर्तों को लेकर क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-रषटरपत-जलसक-न-यदध-वरम-पर-रस-क-शरत-क-लकर-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-रषटरपत-जलसक-न-यदध-वरम-पर-रस-क-शरत-क-लकर-कय-कह</guid>
        <description>-जेरेमी बोवेन

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि उनको उम्मीद है कि अमेरिका अब रूस की मांगों के सामने मज़बूती से खड़ा रहेगा.

दरअसल, रूस ने काला सागर में युद्ध विराम की शर्त के तौर पर खुद पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों को हटाने की मांग की है.

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने बुधवार को पेरिस में हुए एक पैनल इंटरव्यू में यूरोपीय पत्रकारों से बातचीत की.

इस दौरान, बीबीसी ने राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से सवाल किया था कि क्या अमेरिका रूस के दबाव का विरोध करेगा?

इसके जवाब में उन्होंने कहा, मुझे आशा है कि ऐसा होगा. ईश्वर करे, वे ऐसा करें. मगर, हम देखेंगे.

इससे पहले, अमेरिका ने मंगलवार को कहा था कि सऊदी अरब में अमेरिकी अधिकारियों के साथ रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल तीन दिनों तक अलग-अलग बातचीत करने के बाद काला सागर में युद्ध विराम को लेकर सहमत हो गए हैं.

मगर, इसके कुछ घंटों बाद, रूस की ओर से एक बयान जारी किया गया था, जिसमें शर्तों की एक सूची शामिल थी.

रूस ने कहा था कि काला सागर में कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए समुद्री संघर्ष विराम तभी शुरू होगा, जब रूस पर खाद्य और उर्वरकों के व्यापार पर पश्चिम की ओर से लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाएंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 27 Mar 2025 06:06:59 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>टिकटॉक को बेचने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन के सामने क्या प्रस्ताव रखा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टकटक-क-बचन-क-लए-रषटरपत-टरप-न-चन-क-समन-कय-परसतव-रख</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टकटक-क-बचन-क-लए-रषटरपत-टरप-न-चन-क-समन-कय-परसतव-रख</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक को बेचने के लिए चीन के सामने एक प्रस्ताव रखा है.

उन्होंने कहा है किइस शॉर्ट वीडियो ऐप को बेचने के लिए होने वाले सौदे को सुनिश्चित करने के लिए वो चीन पर लगाए गए टैरिफ़ में कटौती कर सकते हैं.

इस शॉर्ट वीडियो ऐप की मालिक एक चीनी कंपनी बाइटडांस है.

ट्रंप ने यह भी कहा है कि वो इस प्लेटफ़ॉर्म के किसी ग़ैर-चीनी ख़रीदार को ढूंढने के लिए 5 अप्रैल की समय सीमा को बढ़ाने के लिए तैयार हैं.

इससे पहले, बाइडन प्रशासन के तहत टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक क़ानून पास हुआ था. मगर, जनवरी में ट्रंप ने सत्ता में आने के बाद इस क़ानून को लागू करने में देरी की.

यह क़ानून साल 2024 में बना था. इसे बेचने या इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया गया था.

ट्रंप ने बुधवार को रिपोर्टर्स से कहा, टिकटॉक को लेकर चीन को भूमिका निभानी होगी. मुझे लगता है कि वे ऐसा करेंगे.

हो सकता है कि मैं इसके लिए टैरिफ़ में थोड़ी कटौती कर दूं या कुछ और, ताकि यह काम हो सके.

ट्रंप ने यह भी कहा है कि उनको उम्मीद है कि 5 अप्रैल तक की समयसीमा में इस मामले में होने वाले समझौते को लेकर एक रूपरेखा तैयार हो जाएगी.

बीबीसी ने इस मामले में टिप्पणी के लिए टिकटॉक और वॉशिंगटन स्थित चीन के दूतावास से संपर्क किया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 27 Mar 2025 06:06:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने आयातित वाहनों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया; कर राजस्व में 100 अरब डॉलर की वृद्धि की उम्मीद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-आयतत-वहन-पर-25-परतशत-शलक-लगय-कर-रजसव-म-100-अरब-डलर-क-वदध-क-उममद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-आयतत-वहन-पर-25-परतशत-शलक-लगय-कर-रजसव-म-100-अरब-डलर-क-वदध-क-उममद</guid>
        <description>वाशिंगटन, 27 मार्च। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वह आयातित वाहनों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगा रहे हैं।

व्हाइट हाउस का दावा है कि इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भर वाहन विनिर्माताओं पर वित्तीय दबाव भी पड़ सकता है।

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, इससे वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। हम प्रभावी रूप से 25 प्रतिशत शुल्क लगाएंगे।

शुल्क से व्हाइट हाउस को सालाना 100 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व मिलने की उम्मीद है। हालांकि यह आसान नहीं होगा क्योंकि अमेरिकी वाहन विनिर्माता भी अपने कई कलपुर्जे व घटक दुनिया भर से खरीदते हैं।

अप्रैल से शुरू होने वाली कर वृद्धि का मतलब है कि वाहन विनिर्माताओं को उच्च लागत और कम बिक्री का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, ट्रंप का तर्क है कि शुल्क के कारण अमेरिका में और अधिक कारखाने खुलेंगे तथा वह बेकार आपूर्ति श्रृंखला समाप्त हो जाएगी, जिसके माध्यम से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में वाहन कलपुर्जों और तैयार वाहनों का विनिर्माण किया जाता है।

ट्रंप ने अपने द्वारा हस्ताक्षरित शुल्क निर्देश के प्रति अपनी गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा, यह स्थायी (फैसला) है।

राष्ट्रपति ने कहा कि वाहनों पर शुल्क तीन अप्रैल से वसूला जाना शुरू किया जाएगा।

इस बीच, बुधवार को कारोबार में जनरल मोटर्स के शेयर में करीब तीन प्रतिशत की गिरावट आई। फोर्ड के शेयर में मामूली बढ़त दर्ज की गई। जीप तथा क्रिसलर का स्वामित्व रखने वाली स्टेलेंटिस के शेयर में भी करीब 3.6 प्रतिशत की गिरावट आई।

वैश्विक नेताओं ने शुल्क की आलोचना करने में देर नहीं लगाई जो इस बात का संकेत है कि ट्रंप व्यापक व्यापार युद्ध को तेज कर सकते हैं जिससे दुनिया भर में वृद्धि को नुकसान पहुंच सकता है।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, यह स्पष्ट रूप से प्रत्यक्ष हमला है। हम अपने कर्मचारियों की रक्षा करेंगे। हम अपनी कंपनियों की रक्षा करेंगे। हम अपने देश की रक्षा करेंगे।

कार्नी ने कहा कि उन्हें जवाबी कार्रवाई करने से पहले ट्रंप के कार्यकारी आदेश का विवरण देखना होगा।

उन्होंने इस कदम को अनुचित बताया और कहा कि वह चुनाव अभियान छोड़कर बृहस्पतिवार को ओटावा जाएंगे तथा अमेरिकी संबंधों पर अपने मंत्रिमंडल की विशेष समिति की अध्यक्षता करेंगे।

ब्रसेल्स में, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूरोप से वाहन निर्यात को लक्षित करने के अमेरिकी निर्णय पर खेद व्यक्त किया और यूरोपीय आयोग उपभोक्ताओं तथा व्यवसायों की रक्षा करने का संकल्प किया।

उन्होंने बयान में कहा,  शुल्क कर ...व्यवसायों के लिए बुरे, अमेरिका और यूरोपीय संघ में उपभोक्ताओं के लिए समान रूप से बदतर।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 27 Mar 2025 06:06:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन&amp;थाईलैंड नौसेना का संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-थईलड-नसन-क-सयकत-परशकषण-आयजत-कय-जएग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-थईलड-नसन-क-सयकत-परशकषण-आयजत-कय-जएग</guid>
        <description>बीजिंग, 25 मार्च । वार्षिक प्रशिक्षण योजना और चीन और थाईलैंड द्वारा की गई आम सहमति के अनुसार, चीन और थाईलैंड मार्च के अंत से अप्रैल की शुरुआत तक चीन के क्वांगतोंग प्रांत के चानच्यांग समुद्र और हवाई क्षेत्र में चीन-थाईलैंड ब्लू स्ट्राइक-2025 नौसेना संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित करेंगे। यह छठी बार है जब दोनों नौसेनाओं ने संयुक्त प्रशिक्षण की यह श्रृंखला आयोजित की है, जो दोनों नौसेनाओं के बीच व्यावहारिक सहयोग को गहरा करने और उनकी संयुक्त समुद्री संचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सकारात्मक महत्व रखती है। मंगलवार को थाई संयुक्त प्रशिक्षण बल चानच्यांग स्थित सैन्य बंदरगाह पर पहुंचा और चीनी पक्ष ने बंदरगाह पर गर्मजोशी से स्वागत समारोह आयोजित किया। इस वर्ष चीन और थाईलैंड के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ है और संयुक्त प्रशिक्षण शुरू होने का 15वां वर्ष है।</description>
        <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 06:22:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूनुस&amp;मोदी बैठक प्रस्ताव पर भारत की प्रतिक्रिया का इंतजार: बांग्लादेश</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यनस-मद-बठक-परसतव-पर-भरत-क-परतकरय-क-इतजर-बगलदश</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यनस-मद-बठक-परसतव-पर-भरत-क-परतकरय-क-इतजर-बगलदश</guid>
        <description>ढाका, 25 मार्च । बांग्लादेश ने मंगलवार को कहा कि वह अगले सप्ताह बैंकॉक में बिम्सटेक (बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल) शिखर सम्मेलन के दौरान मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच बैठक के अपने प्रस्ताव पर भारत की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।

बांग्लादेश के विदेश सचिव मोहम्मद जशीम उद्दीन ने यहां एक प्रेसवार्ता में मुख्य सलाहकार यूनुस की चीन और थाईलैंड की आगामी यात्राओं की रूपरेखा बताते हुए कहा, हमारी ओर से हम बैठक के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब हम भारत से सकारात्मक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

इससे पहले ढाका ने भारत को एक पत्र भेजकर यूनुस और मोदी के बीच बैठक का प्रस्ताव रखा था। उक्त घटनाक्रम बांग्लादेश में पांच अगस्त, 2024 को सत्ता परिवर्तन के बाद तनावपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों के बीच हुआ था, जब बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना सत्ता से हट गई थीं और वस्तुत: भारत चली गई थीं।

मोदी और यूनुस बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए थाईलैंड जा सकते हैं। बांग्लादेश ने कार्यक्रम के इतर दोनों नेताओं की मुलाकात का प्रस्ताव रखा है।

जशीम उद्दीन ने द्विपक्षीय संबंधों में मौजूदा तनाव को स्वीकार किया, लेकिन साथ ही कहा कि अगर दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होती है तो इसे दूर किया जा सकता है।

पिछले सप्ताह दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि उनके पास दोनों नेताओं के बीच किसी भी योजनाबद्ध बैठक के बारे में कोई अद्यतन जानकारी नहीं है।

यूनुस 2-4 अप्रैल को बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बैंकॉक में रहेंगे।

बैंकॉक यात्रा से पहले, यूनुस बुधवार से शुरू होने वाली तीन दिवसीय यात्रा पर चीन जाएंगे, जहां वे हैनान प्रांत में बोआओ फोरम फॉर एशिया (बीएफए) वार्षिक सम्मेलन में भाग लेंगे, जो स्विट्जरलैंड में विश्व आर्थिक मंच सम्मेलन के लगभग समान एक व्यापारिक शिखर सम्मेलन है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूनुस अपनी यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिस दौरान सीमा पार तीस्ता नदी जलाशय मुद्दे पर चर्चा हो सकती है।

इससे पहले भारत ने हसीना शासन के दौरान इस परियोजना में चीनी भागीदारी के बारे में अपनी आपत्तियां व्यक्त की थीं।

बांग्लादेश के विदेश सचिव ने कहा, इस यात्रा के एजेंडे में तीस्ता शामिल नहीं है। यह शीर्ष नेतृत्व की इच्छा का मामला है। हालांकि, जल प्रबंधन एजेंडे में है और संभावना है कि उन चर्चाओं के दौरान तीस्ता का मुद्दा भी उठेगा।

चीन ने पहले प्रस्तावित तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और पुनरुद्धार परियोजना के दायरे का आकलन करने के लिए एक सर्वेक्षण किया था, जिसके बारे में माना जाता है कि यह बांग्लादेश के तत्कालीन हसीना शासन के निमंत्रण पर किया गया था। बाद में, हसीना ने कहा कि भारत इस परियोजना को आगे बढ़ा सकता है क्योंकि नदी दोनों पड़ोसियों द्वारा साझा की जाती है।

जशीम उद्दीन ने कहा कि यूनुस की चीन यात्रा के दौरान म्यांमा की आंतरिक स्थिति और रोहिंग्या मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों द्वारा मानव संसाधन विकास, आर्थिक और तकनीकी सहयोग और मीडिया संपर्क बढ़ाने पर समझौतों पर हस्ताक्षर किये जाने की भी उम्मीद है।

सैन्य सहयोग पर, बांग्लादेश के विदेश सचिव ने कहा कि सुरक्षा और संभावित खरीद पर सामान्य चर्चा होगी। एक सवाल के जवाब में, उन्होंने चीन को बांग्लादेश का करीबी मित्र बताया और कहा, चीन भी बांग्लादेश को उसी तरह मानता है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 06:22:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश सरकार के तख़्तापलट की ख़बरों को अफ़वाह बताया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/महममद-यनस-न-बगलदश-सरकर-क-तखतपलट-क-खबर-क-अफवह-बतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/महममद-यनस-न-बगलदश-सरकर-क-तखतपलट-क-खबर-क-अफवह-बतय</guid>
        <description>बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार प्रोफ़ेसर मोहम्मद यूनुस ने मंगलवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए सरकार के तख़्तापलट की ख़बरों को अफ़वाह बताया.

उन्होंने कहा कि देश में अस्थिरता फैलाने के लिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है और झूठी ख़बरें फैलाई जा रही हैं.

प्रोफ़ेसर यूनुस ने कहा, लोगों को गुमराह करने के लिए एक के बाद एक झूठी जानकारी फैलाई जा रही है ताकि देश में अस्थिरता पैदा की जा सके. अफ़वाहें फैलाने के लिए नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं. एक तस्वीर को दूसरी तस्वीर से जोड़ा जा रहा है, एक घटना का फोटोकॉर्ड बनाया जा रहा है और दूसरे देशों की घटनाओं को इस देश की घटनाओं के रूप में पेश कर सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाई जा रही है.

प्रोफ़ेसर यूनुस ने इन गतिविधियों के लिए अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की अवामी लीग पार्टी को ज़िम्मेदार ठहराया.

उन्होंने कहा, आप सभी जानते हैं कि इसके पीछे कौन है और क्यों हमारी एकता ही इन भगोड़ी ताकतों के लिए परेशानी का कारण बन रही है. वे इस एकता को तोड़ना चाहते हैं.

अंतरिम सरकार के प्रमुख ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आएंगे, अफ़वाहों का रूप और भी भयावह हो जाएगा.

प्रोफेसर यूनुस ने आगे कहा, आप उनकी नई-नई चालों को कभी समझ नहीं पाएंगे. आपको यह पता भी नहीं चलेगा कि कब आप उनकी साजिश का एक मोहरा बन गए. हमें इन अफ़वाहों को जागरूकता और एकता के जरिए रोकना होगा. हमें इन भगोड़ी ताकतों की साजिशों को विफल करना होगा.

प्रोफेसर यूनुस ने अपने भाषण में कहा कि सरकार ने अफ़वाहों और झूठी ख़बरों को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र से मदद मांगी है. उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस संबंध में बांग्लादेश को सहयोग का आश्वासन दिया है.

चुनावों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश में अगले चुनाव इस साल दिसंबर और अगले साल जून के बीच होंगे.

प्रोफेसर यूनुस ने कहा, हम चाहते हैं कि अगला चुनाव बांग्लादेश के इतिहास का सबसे निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव हो. चुनाव आयोग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं. मुझे उम्मीद है कि सभी राजनीतिक दल पूरे जोश के साथ चुनाव की तैयारी करेंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 06:22:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा में हमास के विरोध में सड़कों पर उतरे फ़लस्तीनी, क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-हमस-क-वरध-म-सडक-पर-उतर-फलसतन-कय-ह-परदरशनकरय-क-मग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-हमस-क-वरध-म-सडक-पर-उतर-फलसतन-कय-ह-परदरशनकरय-क-मग</guid>
        <description>-रुश्दी अबॉउलौफ़, एलेक्स बॉयड

ग़ज़ा में हमास के ख़िलाफ़ मंगलवार को विरोध प्रदर्शन हुआ. इसमें उत्तरी ग़ज़ा के बैत लाहिया की सड़कों पर सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया.

इसराइल और ग़ज़ा के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद यह पहला मौका है, जब लोग इतनी बड़ी तादाद में हमास के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकजुट होकर सड़कों पर उतरे हैं.

प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि हमास अब सत्ता छोड़ दे.

इस बीच, मास्क लगाए हमास के लड़ाकों ने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को बलपूर्वक तितर-बितर करने की कोशिश की.

कुछ लड़ाकों के हाथों में हथियार भी थे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट भी की.

वहीं, हमास के आलोचक माने जाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियोज़ वायरल किए.

इनमें उत्तरी ग़ज़ा के बैत लाहिया की सड़कों पर कई युवा नज़र आए. वो नारे लगा रहे थे कि बाहर...बाहर...बाहर...हमास बाहर जाओ... हालांकि, हमास के समर्थक माने जाने वाले समूहों ने इस मामले में हमास का बचाव किया.

हमास के समर्थकों ने इन प्रदर्शनों को कम महत्वपूर्ण बताया.

उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले गद्दार हैं.

इस मामले पर हमास की ओर से कोई बयान नहीं आया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 06:22:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण कोरिया में जंगल में आग लगने से कम से कम 16 लोगों की मौत, 19 घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-म-जगल-म-आग-लगन-स-कम-स-कम-16-लग-क-मत-19-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-म-जगल-म-आग-लगन-स-कम-स-कम-16-लग-क-मत-19-घयल</guid>
        <description>सियोल, 26 मार्च। दक्षिण कोरिया के दक्षिणी क्षेत्रों में शुष्क मौसम और तेज हवाओं के बीच जंगलों में आग लगने से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई जबकि 19 लोग घायल हो गए। सरकारी अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

एंडोंग और अन्य दक्षिणी शहरों व कस्बों के अधिकारियों ने मंगलवार को स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया। दूसरी ओर दमकलकर्मी शुष्क हवाओं के कारण लगी आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं। आग के कारण 43 हजार एकड़ से अधिक भूमि जलकर राख हो गई और 1,300 वर्ष पुराने बौद्ध मठ समेत सैंकड़ों संरचनाएं तबाह हो गईं।

दक्षिण कोरिया के गृह व सुरक्षा मंत्रालय के अनुसार एंडोंग, उसके पड़ोसी कस्बों उइसियोंग व सानशियोंग और उल्सान शहर में 5,500 से अधिक लोगों को अपने घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है। ये इलाके आग से सबसे अधिक प्रभावित हैं।

कोरिया हेरिटेज सर्विस के अधिकारियों ने बताया कि उइसियोंग में लगी आग से सातवीं सदी का बौद्ध मठ गोउंसा जलकर राख हो गया।

दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने मंगलवार को कहा था कि अग्निशमन कर्मियों ने उन क्षेत्रों में लपटों को बुझा दिया है लेकिन मौसम शुष्क होने और तेज हवा के कारण आग फिर से फैल गई। लगभग 9,000 अग्निशमन कर्मी, 130 से अधिक हेलीकॉप्टर और सैकड़ों वाहन आग बुझाने के काम में लगे हुए हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 06:22:36 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप को हमारी संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए: कनाडा के प्रधानमंत्री, उनके प्रतिद्वंद्वी ने कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-हमर-सपरभत-क-सममन-करन-चहए-कनड-क-परधनमतर-उनक-परतदवदव-न-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-हमर-सपरभत-क-सममन-करन-चहए-कनड-क-परधनमतर-उनक-परतदवदव-न-कह</guid>
        <description>टोरंटो, 24 मार्च। कनाडा में आम चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए देश के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और उनके प्रतिद्वंद्वी एवं कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोलीवरे ने रविवार को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।

ट्रंप की ओर से कनाडा की संप्रभुता को पैदा किए गए खतरे और व्यापार युद्ध की आशंका की पृष्ठभूमि में दोनों ने यह बयान दिया है।

कार्नी ने घोषणा की कि 28 अप्रैल को मतदान से पहले पांच सप्ताह तक चुनाव प्रचार अभियान चलेगा।

कार्नी ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप के अनुचित व्यापारिक कदमों और हमारी संप्रभुता के खिलाफ उनकी धमकियों के कारण हम अपने जीवन के सबसे बड़े संकट का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि कनाडा वास्तव में कोई देश नहीं है। वह हमें तोड़ना चाहते हैं ताकि अमेरिका हमारा मालिक बन सके। हम ऐसा नहीं होने देंगे।

लिबरल पार्टी ने शनिवार को घोषणा की थी कि कार्नी पहली बार संसद सदस्य बनने के लिए ओटावा के उपनगरीय क्षेत्र नेपियन से चुनाव लड़ेंगे।

हाउस ऑफ कॉमन्स की 343 सीट या जिलों के लिए चुनाव प्रचार 37 दिन तक चलेगा।

पूर्व केंद्रीय बैंकर मार्क कार्नी ने 14 मार्च को कनाडा के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। कार्नी (59) ने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की जगह ली। ट्रूडो ने जनवरी में अपने इस्तीफे की घोषणा की थी।

इस साल संभावित चुनाव में सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी की हार की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन ट्रंप ने शुल्क के रूप में आर्थिक युद्ध की घोषणा कर दी और पूरे देश को 51वें प्रांत के रूप में अमेरिका में मिलाने की चेतावनी दी। अब इन बदले समीकरण के कारण लिबरल पार्टी को चुनाव में बढ़त मिलने के दावे किए जा रहे हैं।

ट्रंप ने कनाडा के इस्पात और एल्युमीनियम पर 25 प्रतिशत शुल्क लगा दिया है तथा दो अप्रैल से सभी कनाडाई उत्पादों पर भारी शुल्क लगाने की घोषणा की है।

कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोलीवरे चुनाव में कार्नी के मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं। उन्होंने कहा कि वह ट्रंप के सामने खड़े होंगे।

पोलीवरे ने कहा, मैं इस बात पर जोर दूंगा कि राष्ट्रपति (ट्रंप) कनाडा की स्वतंत्रता और संप्रभुता को मान्यता दें। मैं इस बात पर जोर दूंगा कि वह हमारे देश पर शुल्क लगाना बंद करें।

उन्होंने कहा, मुझे पता है कि बहुत से लोग चिंतित, क्रोधित और बेचैन हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 24 Mar 2025 07:26:25 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>तुर्की में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी, अर्दोआन ने लगाए ये आरोप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/तरक-म-लगतर-वरध-परदरशन-जर-अरदआन-न-लगए-य-आरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/तरक-म-लगतर-वरध-परदरशन-जर-अरदआन-न-लगए-य-आरप</guid>
        <description>तुर्की में इस्तांबुल के मेयर इकराम इमामोअलु की गिरफ्तारी के बाद से विरोध प्रदर्शन जारी हैं.

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के प्रतिद्वंद्वी इकराम इमामोअलु को बुधवार को हिरासत में लिया गया था.

ये कार्रवाई इमामोअलु को 2028 के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर चुने जाने से कुछ ही दिन पहले की गई.

इसके बाद से ही इमामोअलु के समर्थक सड़कों पर उतर आए. गुरुवार से पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प जारी है.

तुर्की के अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के तीसरे दिन शुक्रवार रात को देशभर में 343 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

इमामोअलु शनिवार को इस्तांबुल की एक अदालत में पेश हुए और अभियोक्ताओं ने आतंकवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों में उनकी औपचारिक गिरफ़्तारी की अपील की.

इमामोअलु ने ख़ुद पर लगे आरोपों से से इनकार किया है.

वहीं अपने भाषण में अर्दोआन ने बढ़ते प्रदर्शनों की निंदा की है. उन्होंने इमामोअलु की विपक्षी रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी (सीएचपी) पर शांति भंग करने और लोगों को ध्रुवीकृत करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 14:56:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>तालिबान का दावा&amp; अमेरिका ने सिराजुद्दीन हक़्क़ानी समेत उनके तीन नेताओं पर घोषित इनाम हटाया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/तलबन-क-दव-अमरक-न-सरजददन-हककन-समत-उनक-तन-नतओ-पर-घषत-इनम-हटय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/तलबन-क-दव-अमरक-न-सरजददन-हककन-समत-उनक-तन-नतओ-पर-घषत-इनम-हटय</guid>
        <description>अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका ने उनके तीन नेताओं सिराजुद्दीन हक़्क़ानी, अज़ीज़ हक़्क़ानी और याह्या हक़्क़ानी पर घोषित इनाम हटा दिया है.

हालांकि, अमेरिका की ओर से इस पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि अमेरिका ने सिराजुद्दीन हक़्क़ानी पर घोषित 1 करोड़ डॉलर का इनाम हटा दिया है.

वहीं एफ़बीआई की वेबसाइट पर अभी भी अफ़ग़ानिस्तान के कार्यवाहक गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक़्क़ानी पर दस मिलियन यानी 1 करोड़ डॉलर का इनाम है. इसमें कहा गया है कि हक़्क़ानी ने अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका और गठबंधन बलों के ख़िलाफ़ सीमा पार हमलों में हिस्सा लिया.

सिराजुद्दीन हक़्क़ानी के साथ ही अब्दुल अज़ीज़ हक़्क़ानी और याह्या हक़्क़ानी भी अमेरिका में वांटेड हैं.

बता दें कि ट्रंप प्रशासन अफ़ग़ानिस्तान में बंद अमेरिकी नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने की कोशिश में है. अफ़ग़ानिस्तान में दो दशकों की लड़ाई के दौरान दो हज़ार से ज़्यादा अमेरिकी सेवा सदस्य मारे जा चुके हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 14:56:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डिज्नीलैंड में छुट्टियां मनाने के बाद भारतीय मूल की महिला ने गला रेतकर की बेटे की हत्या</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डजनलड-म-छटटय-मनन-क-बद-भरतय-मल-क-महल-न-गल-रतकर-क-बट-क-हतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डजनलड-म-छटटय-मनन-क-बद-भरतय-मल-क-महल-न-गल-रतकर-क-बट-क-हतय</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 23 मार्च। भारतीय मूल की एक महिला पर डिज्नीलैंड में तीन दिन छुट्टियां मनाने के बाद अपने 11 वर्षीय बेटे की गला रेतकर हत्या करने का आरोप लगाया गया है।

डिज्नीलैंड कैलिफोर्निया के एनाहिम में स्थित एक थीम पार्क है।

कैलिफोर्निया में ऑरेंज काउंटी के जिला अटॉर्नी कार्यालय की ओर से शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया गया कि यदि सरिता रामाराजू (48) दोषी पाई जाती है तो उसे अधिकतम 26 वर्ष की सजा हो सकती है।

सरिता 2018 में अपने पति से तलाक लेने के बाद कैलिफोर्निया से चली गई थी। तलाक के बाद सरिता के बेटे का संरक्षण उसके पास नहीं था लेकिन उसे अपने बेटे से मिलने की अनुमति थी। घटना से पहले सरिता अपने बेटे के साथ सांता एना के एक मोटल में ठहरी थी। उसने अपने और अपने बेटे के लिए डिज्नीलैंड के तीन दिवसीय पास खरीदे थे।

सरिता को 19 मार्च को जिस दिन मोटल से जाना था और अपने बेटे को उसके पिता को सौंपना था, उसने उसी दिन सुबह नौ बजकर 12 मिनट पर पुलिस को फोन करके बताया कि उसने अपने बेटे की हत्या कर दी है और आत्महत्या करने के लिए गोलियां खा ली हैं।

सांता एना पुलिस जब मोटल पहुंची तो उसने देखा कि बच्चा डिज्नीलैंड की यादगार वस्तुओं के बीच एक कमरे में बिस्तर पर मृत पड़ा था।

पुलिस के बयान में कहा गया कि ऐसा प्रतीत होता है कि लड़के की कई घंटों पहले ही हत्या कर दी गई थी।

पुलिस ने बताया कि मोटल के कमरे के अंदर एक बड़ा चाकू मिला जिसे एक दिन पहले खरीदा गया था। अज्ञात पदार्थ के सेवन के बाद सरिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसे बृहस्पतिवार को छुट्टी दे दी गई। उसे अपने बेटे की हत्या करने के संदेह में गिरफ्तार कर लिया गया।

हालांकि बयान में मृत लड़के का नाम नहीं बताया गया लेकिन एनबीसी लॉस एंजिलिस समाचार चैनल की एक रिपोर्ट में उसकी पहचान यतिन रामाराजू के रूप में की गई।

सरिता और उसके पति प्रकाश राजू के बीच अपने बेटे के संरक्षण के अधिकार को लेकर पिछले साल से कानूनी लड़ाई चल रही थी। बच्चे के संरक्षण का अधिकार उसके पिता प्रकाश को सौंपा गया था।

ऑरेंज काउंटी के जिला अटॉर्नी टॉड स्पिट्जर ने कहा, किसी बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित जगह उसके माता-पिता की बाहों में होनी चाहिए। अपने बेटे को प्यार से गले लगाने के बजाय उसने उसका गला काट दिया।...(भाषा)</description>
        <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 14:56:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>न्यू मेक्सिको में पार्क में गोलीबारी में तीन लोगों की मौत, 15 घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नय-मकसक-म-परक-म-गलबर-म-तन-लग-क-मत-15-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नय-मकसक-म-परक-म-गलबर-म-तन-लग-क-मत-15-घयल</guid>
        <description>लास क्रूसेस, 23 मार्च। न्यू मेक्सिको के लास क्रूसेस शहर में एक पार्क में गोलीबारी की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस और अग्निशमन दल घटना के बाद शुक्रवार रात करीब 10 बजे शहर के यंग पार्क में पहुंचे। पार्क में कार शो आयोजित किया गया था और उसमें लगभग 200 लोग इकट्ठा हुए थे। पुलिस ने बताया कि इस कार शो के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। उसने बताया कि पीड़ितों का पहले घटनास्थल पर ही इलाज किया गया और फिर उन्हें उपचार के लिए अस्पतालों में भेजा गया।

लास क्रूसेस पुलिस प्रमुख जेरेमी स्टोरी ने बताया कि पार्क के एक बड़े हिस्से में 50 से 60 खोखे बिखरे हुए मिले हैं, जिससे प्रतीत होता है कि कई लोगों ने कई अग्नेयास्त्रों से गोलीबारी की।

पुलिस को संदेह है कि ये दो गुटों के बीच गोलीबारी की घटना है जिसमें तीन लोग मारे गए और 15 लोग घायल हो गए।

मृतकों में 19 साल के दो युवक और 16 साल का एक किशोर शामिल है। पुलिस ने मृतकों और घायलों के नाम फिलहाल उजागर नहीं किए हैं।

शहर के इस पार्क में हालांकि अवैध कार शो होना कोई नयी बात नहीं है लेकिन पहले क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी अधिक रहती थी।

लास क्रूसेस के दमकल विभाग के प्रमुख माइकल डेनियल ने बताया कि घायलों को तीन स्थानीय अस्पतालों और एल पासो के यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया।

लास क्रूसेस सिटी काउंसलर जोहाना बेनकोमो ने शनिवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में इस घटना पर दुख व्यक्त किया।(एपी)</description>
        <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 14:56:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण कोरिया : जंगल की आग को बुझाने में बाधा बनी तेज हवाएं, लोगों को घर खाली करने के निर्दश</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-जगल-क-आग-क-बझन-म-बध-बन-तज-हवए-लग-क-घर-खल-करन-क-नरदश</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-जगल-क-आग-क-बझन-म-बध-बन-तज-हवए-लग-क-घर-खल-करन-क-नरदश</guid>
        <description>चांगवोन, 22 मार्च । दक्षिण-पूर्वी काउंटी सानचियोंग में लगी जंगल की आग को बुझाने में तेज हवाओं के कारण मुश्किलें आ रही हैं, जिसके कारण शनिवार को और अधिक घरों को खाली करने का आदेश दिया गया। योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, सांचियोंग के काउंटी कार्यालय ने आठ शहरों के निवासियों को दोपहर तीन बजे तक तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दिया। यह कदम काउंटी कार्यालय की ओर से जंगल की आग से प्रभावित सात गांवों के 213 निवासियों को पास के एक अनुसंधान केंद्र में भेजने के आदेश के एक दिन बाद उठाया गया। जंगल की आग से प्रभावित सात गांवों में से एक गांव के शख्स को धुएं के कारण अस्पताल में इलाज कराया गया, लेकिन किसी अन्य को नुकसान नहीं हुआ। जंगल में लगी आग से प्रभावित क्षेत्र बढ़कर 290 हेक्टेयर हो गया है। कार्यवाहक राष्ट्रपति चोई सांग-मोक ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे सूर्यास्त से पहले आग बुझाने के लिए सभी जरूरी उपकरण और कर्मचारियों को जुटाने की पूरी कोशिश करें।</description>
        <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 11:34:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बलूचिस्तान का सवाल : गहरे संकट में पाकिस्तान, देश की अखंडता के साथ&amp;साथ चीन की दोस्ती खोने का डर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बलचसतन-क-सवल-गहर-सकट-म-पकसतन-दश-क-अखडत-क-सथ-सथ-चन-क-दसत-खन-क-डर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बलचसतन-क-सवल-गहर-सकट-म-पकसतन-दश-क-अखडत-क-सथ-सथ-चन-क-दसत-खन-क-डर</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 22 मार्च। बलूचिस्तान पाकिस्तान के लिए न सुलझने वाली गुत्थी बनता जा रहा है। प्रांत में अलगववादी चरमपंथियों की कार्रवाईयों ने सरकार को हिला कर रख दिया है। इस प्रदेश में बढ़ती हिंसा न सिर्फ सुरक्षा के नजरिए से बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी पाकिस्तान को बड़ा जख्म दे सकती है। चीन ने यहा बड़े पैमाने पर निवेश किया है लेकिन सबसे अहम सवाल यह है कि हाल की हिंसक घटनाओं के बाद क्या बीजिंग अपने कदम पीछे खींच सकता है। पाकिस्तान के भूमि क्षेत्र का लगभग 44% हिस्सा बलूचिस्तान का है। यह अफगानिस्तान और ईरान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा भी साझा करता है। इस प्रांत केवल 5% कृषि योग्य है। यह अत्यंत शुष्क रेगिस्तानी जलवायु के लिए जाना जाता है लेकिन इसे प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर माना जाता है। इसके बावजूद विकास की दौड़ में सबसे पीछे रह गया है। इस प्रांत में तांबा, सोना, कोयला और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार हैं, जो पाकिस्तान की खनिज संपदा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और मध्य एशिया को जोड़ने वाली अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण, बलूचिस्तान न एक भू-राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहमियत रखता है। बलूचिस्तान की भू-रणनीतिक अहमियत के कारण चीन की मत्वकांक्षी परियोजना चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) का एक बड़ा हिस्सा इसी प्रांत में है। सीपीईसी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बेल्ट एंड रोड पहल का हिस्सा है और ग्वादर शहर का बंदरगाह इस प्रोजेक्ट के लिए बेहद अहम मान जाता है।</description>
        <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 11:34:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सूडानी सेना ने फिर से राष्ट्रपति भवन को अपने कब्ज़े में लिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सडन-सन-न-फर-स-रषटरपत-भवन-क-अपन-कबज-म-लय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सडन-सन-न-फर-स-रषटरपत-भवन-क-अपन-कबज-म-लय</guid>
        <description>बारबरा प्लेट उशर

सूडानी सेना ने राजधानी खार्तूम में राष्ट्रपति भवन को अर्द्धसैनिक बल यानी रैपिड सपोर्ट फ़ोर्स से वापस ले लिया है. सैन्य नेताओं ने इसकी पुष्टि की है.

बीबीसी की ओर से वेरिफाई की गई और सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई वीडियो और तस्वीरों में सैनिक खुशी से अपनी बंदूकों को लहराते हुए, नारे लगाते हुए और प्रार्थना करते हुए देखे जा सकते हैं.

दो साल पहले, रैपिड सपोर्ट फ़ोर्स ने सूडान की सेना को राजधानी खार्तूम से बाहर कर दिया गया था.

रैपिड सपोर्ट फ़ोर्स को आरएसएफ के नाम से जाना जाता है.

आरएसएफ ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

सेना के प्रवक्ता नबील अब्दुल्ला ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि सैन्य बलों ने राष्ट्रपति भवन और केंद्रीय खार्तूम में मंत्रालयों की इमारतों पर कब्जा कर लिया है.

नबील अब्दुल्ला ने आगे कहा, हमारी सेनाओं ने पूरी तरह से दुश्मन के लड़ाकों और उपकरणों को नष्ट कर दिया और बड़ी मात्रा में हथियार और उपकरण जब्त किए गए हैं.

हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि हम तब तक लड़ाई जारी रखेंगे जब तक हम पूरी तरह से जीत नहीं जाते.

खार्तूम वह जगह है जहां दो साल पहले सूडान का गृहयुद्ध शुरू हुआ था और जहां कुछ सबसे बड़े युद्ध लड़े गए थे.

युद्ध की शुरुआत से आरएसएफ ने राजधानी खार्तूम और सूडान के पश्चिमी हिस्से पर नियंत्रण बना रखा था.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, यह युद्ध दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट बना चुका है. इसमें सेना और आरएसएफ दोनों पर मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 11:34:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश : ढाका में सड़कों पर उतरे हजारों मजदूर, हाईवे किया जाम, क्या है मामला?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-ढक-म-सडक-पर-उतर-हजर-मजदर-हईव-कय-जम-कय-ह-ममल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-ढक-म-सडक-पर-उतर-हजर-मजदर-हईव-कय-जम-कय-ह-ममल</guid>
        <description>ढाका, 22 मार्च । बांग्लादेश की राजधानी में शनिवार को हजारों मजदूरों ने प्रदर्शन किया और हाईवे जाम कर दिया। उन्होंने कारखाने को दोबारा खोलने, वार्षिक अवकाश, बकाया अवकाश भुगतान और बोनस की मांग की। मजदूरों ने दो घंटे तक ढाका-मैमनसिंह राजमार्ग को जाम रखा, जिससे यातायात बाधित रहा और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ढाका संभाग के गाजीपुर जिले में जायंट निट गारमेंट फैक्ट्री के मजदूरों ने सुबह फैक्ट्री बंद होने का नोटिस देखने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू किया। गाजीपुर औद्योगिक पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) फारुक हुसैन ने बताया कि श्रमिकों ने छुट्टी और बोनस भुगतान को लेकर गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया था। बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक द ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, इसके जवाब में फैक्ट्री के अधिकारियों ने फैक्ट्री बंद करने का नोटिस जारी कर दिया। छुट्टी और बोनस के बारे में अधिकारियों से बातचीत करने के कई कोशिशों के बावजूद, श्रमिकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। एक प्रदर्शनकारी कर्मचारी ने डेली स्टार से कहा, हम अपने परिवारों के साथ जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ईद करीब आ रही है, फिर भी हमारी छुट्टियों के भुगतान और बोनस की कोई गारंटी नहीं है। फैक्ट्री को फिरमनी से खोलना चाहिए और हमारे बकाए का तुरंत भुगतान किया जाना चाहिए। इस सप्ताह की शुरुआत में सैकड़ों श्रमिकों ने वेतन न मिलने के मुद्दे पर गाजीपुर के भोगरा बाईपास चौराहे पर ढाका-तंगैल और ढाका-मैमनसिंह हाईवे को जाम कर दिया था।</description>
        <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 11:34:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों की 11वीं बैठक आयोजित</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-जपन-और-दकषण-करय-क-वदश-मतरय-क-11व-बठक-आयजत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-जपन-और-दकषण-करय-क-वदश-मतरय-क-11व-बठक-आयजत</guid>
        <description>बीजिंग, 22 मार्च । चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने टोक्यो में जापानी विदेश मंत्री ताकेशी इवाया और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ताए-यूल के साथ तीन देशों के विदेश मंत्रियों की 11वीं बैठक में भाग लिया। वांग यी ने कहा कि तीन पक्षों की समान कोशिशों से चीन, जापान व दक्षिण कोरिया के नेताओं के 9वें सम्मेलन में निर्धारित 6 कुंजीभूत क्षेत्रों के सहयोग में नया कदम उठाया गया है। तथ्यों से साबित है कि जब तीनों देशों का सहयोग अधिक मजबूत है, तो तीनों देशों का खतरे से मुकाबला करने की क्षमता और विकास का आधार अधिक मजबूत है और जनता के बीच पारस्परिक समझ अधिक गहरी है।</description>
        <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 11:34:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी शिक्षा विभाग को लेकर ट्रंप ने किया ये फ़ैसला, इन छात्रों की बढ़ेगी मुश्किलें</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-शकष-वभग-क-लकर-टरप-न-कय-य-फसल-इन-छतर-क-बढग-मशकल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-शकष-वभग-क-लकर-टरप-न-कय-य-फसल-इन-छतर-क-बढग-मशकल</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें अधिकारियों को शिक्षा विभाग को ख़त्म करने के निर्देश दिए गए हैं.

ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान ये वादा किया था.

गुरुवार को आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने कहा, हम इसे जितना जल्दी हो सके बंद करने जा रहे हैं. इससे हमें कोई फ़ायदा नहीं हो रहा है.

ट्रंप लंबे समय से इस विभाग को ख़त्म करने की मांग करते रहे हैं, लेकिन इसे पूरी तरह से बंद करने के लिए उन्हें अमेरिकी संसद कांग्रेस की मंजूरी की ज़रूरत पड़ेगी, जो कि संभव नहीं है.

ट्रंप के इस कदम को पहले से ही उन लोगों की ओर से क़ानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जो एजेंसी के बंद होने और पिछले हफ्ते घोषित कर्मचारियों की भारी कटौती को रोकने की कोशिश कर रहे हैं.

ट्रंप ने कहा, अमेरिका किसी दूसरे देश की तुलना में शिक्षा पर कहीं ज़्यादा पैसा खर्च करता है, लेकिन इसके बावजूद छात्रों की सफलता बहुत कम है.

शिक्षा विभाग कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए संघीय छात्र लोन का प्रबंधन करने और कम आय वाले और शारीरिक रूप से अक्षम छात्रों को सहायता पहुंचाने के लिए ज़िम्मेदार है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 06:16:50 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>आग लगने से लंदन के एक हिस्से में बिजली गुल होने के कारण हीथ्रो हवाई अड्डा शुक्रवार को बंद रहेगा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/आग-लगन-स-लदन-क-एक-हसस-म-बजल-गल-हन-क-करण-हथर-हवई-अडड-शकरवर-क-बद-रहग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/आग-लगन-स-लदन-क-एक-हसस-म-बजल-गल-हन-क-करण-हथर-हवई-अडड-शकरवर-क-बद-रहग</guid>
        <description>लंदन, 21 मार्च। ब्रिटेन का हीथ्रो हवाई अड्डा लंदन के एक विद्युत उपकेंद्र में आग लगने से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण शुक्रवार को बंद रहेगा।

विद्युत उपकेंद्र में आग लगने के कारण हवाई अड्डे और हजारों मकानों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

पश्चिमी लंदन में एक विद्युत उपकेंद्र के ट्रांसफार्मर में आग लग जाने के बाद लगभग 150 लोगों को वहां से निकाला गया।

हवाई अड्डे ने एक बयान जारी कर कहा, हमारे यात्रियों और सहकर्मियों की सुरक्षा बनाये रखने के लिए हमारे पास हीथ्रो को शुक्रवार को पूरे दिन के लिए बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

उसने कहा, हमें अगले दिनों के दौरान बड़े व्यवधान की आशंका है, ऐसे यात्रियों को तब तक किसी भी परिस्थिति में हवाई अड्डे पर नहीं आना चाहिए जब तक वह फिर से नहीं खुल जाता।

हवाई अड्डे ने कहा कि बिजली बहाल होने की सूचना मिलने पर वह अपने संचालन को लेकर ताजा जानकारी देगा।

लंदन अग्निशमन विभाग ने कहा कि दमकल की 10 गाड़ियां और लगभग 70 अग्निशमन कर्मी घटनास्थल पर हैं।

सहायक आयुक्त पैट गॉलबोर्न ने कहा, आग के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है जिससे बड़ी संख्या में मकान और स्थानीय व्यवसाय प्रभावित हुए हैं। हम व्यवधान को सीमित करने के लिए अपने भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उपकेंद्र से आग की ऊंची लपटें और धुएं के बड़े गुबार निकलते दिखाई दे रहे हैं।

स्कॉटिश और सदर्न इलेक्ट्रिसिटी नेटवर्क ने एक्स के जरिए बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से 16,300 से अधिक मकान प्रभावित हुए हैं।

आपातकालीन सेवाओं को आग लगने की सूचना बृहस्पतिवार रात 11 बजकर 23 मिनट पर मिली। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है।

गॉलबोर्न ने लोगों से सुरक्षा संबंधी सावधानी बरतने और प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की अपील की। आग बुझाने के प्रयास जारी हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 06:16:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरानी मूल की अमेरिकी पत्रकार की हत्या के लिए दो लोग दोषी ठहराए गए, ईरान पर लगे ये आरोप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-मल-क-अमरक-पतरकर-क-हतय-क-लए-द-लग-दष-ठहरए-गए-ईरन-पर-लग-य-आरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-मल-क-अमरक-पतरकर-क-हतय-क-लए-द-लग-दष-ठहरए-गए-ईरन-पर-लग-य-आरप</guid>
        <description>ईरानी मूल की अमेरिकी पत्रकार की न्यूयॉर्क में हत्या करने की साज़िश में दो लोगों को दोषी पाया गया है.

न्यूयॉर्क में एक संघीय न्याय पीठ ने रफ़त अमीरोव और पोलाड ओमारोव को जुलाई 2022 में पत्रकार मसीह अलीनेजाद की हत्या की साजिश रचने का दोषी पाया है.

अभियोजकों ने कहा कि ईरान सरकार ने इस साज़िश के लिए पैसे दिए थे और ईरानी महिलाओं के लिए सिर पर स्कार्फ़ पहनना अनिवार्य करने के ख़िलाफ़ अभियान चलाने के कारण अलीनेजाद को निशाना बनाया था.

हालांकि ईरानी सरकार ने ऐसे आरोपों को बेतुका और बेबुनियाद बताया है.

अभियोजकों ने कहा कि ईरान ने सालों तक अलीनेजाद को चुप कराने और धमकाने की कई बार कोशिश की, जिसमें 2021 में चार ईरानी ख़ुफ़िया अधिकारियों की गिरफ़्तारी के साथ एक नाकाम अपहरण की साज़िश भी शामिल है.

अमेरिकी सरकार ने कहा कि जब ये कोशिशें विफल हो गईं तो पत्रकार की हत्या के लिए 5 लाख डॉलर का इनाम रखा गया.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 06:16:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>खैबर पख्तूनख्वा में मुठभेड़ के दौरान 10 आतंकवादियों और पाकिस्तानी सेना के एक कैप्टन की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/खबर-पखतनखव-म-मठभड-क-दरन-10-आतकवदय-और-पकसतन-सन-क-एक-कपटन-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/खबर-पखतनखव-म-मठभड-क-दरन-10-आतकवदय-और-पकसतन-सन-क-एक-कपटन-क-मत</guid>
        <description>पेशावर, 21 मार्च। पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान जिले में मुठभेड़ के दौरान एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़े कम से कम 10 आतंकवादियों और पाकिस्तानी सेना के एक कैप्टन की मौत हो गई। पाकिस्तान सशस्त्र बलों की मीडिया और जनसंपर्क शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने यह जानकारी दी।

सेना की मीडिया शाखा की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद बृहस्पतिवार को खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान (आईबीओ) चलाया गया।

बयान में बताया गया कि भीषण मुठभेड़ के दौरान कैप्टन हसनैन अख्तर की मौत हो गई।

आईएसपीआर ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों के पास से हथियार और गोला-बारूद जब्त किया गया है। उसने बताया कि ये आतंकवादी विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसी के खिलाफ कई हमले करने के साथ-साथ निर्दोष आम नागरिकों की हत्या में भी शामिल थे।

उसने कहा, इलाके में तलाश अभियान जारी है और सुरक्षा बल देश से आतंकवाद के खतरे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।...

अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों में वृद्धि हुई है। विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के सीमावर्ती प्रांतों में कानून प्रवर्तकों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर हमले किए जा रहे हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 06:16:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा के 4 नागरिकों को चीन ने दी मौत की सज़ा, कनाडा की विदेश मंत्री ने क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-क-4-नगरक-क-चन-न-द-मत-क-सज-कनड-क-वदश-मतर-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-क-4-नगरक-क-चन-न-द-मत-क-सज-कनड-क-वदश-मतर-न-कय-कह</guid>
        <description>चीन ने इस साल के शुरुआत में मादक पदार्थ से संबंधित आरोपों में चार कनाडाई नागरिकों को मृत्यु दंड दिया है.

कनाडा के अधिकारियों ने इस ख़बर की पुष्टि की है.

कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि उन सभी के पास दो देशों की नागरिकता थी और उनके परिवारों के अनुरोध पर उनकी पहचान गुप्त रखी गई है.

विदेश मंत्री ने निंदा करते हुए कहा कि ये मौलिक मानवीय गरिमा के विपरीत है, साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दया की अपील की थी.

रिपोर्टों के मुताबिक़, कनाडा स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि कनाडाई नागरिकों के अपराधों के सबूत ठोस और काफ़ी थे और उन्होंने कनाडा से गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां करना बंद करने का आग्रह किया.

चीनी दूतावास ने यह भी कहा कि बीजिंग ने संबंधित कनाडाई नागरिकों के अधिकारों और हितों की पूरी गारंटी दी है.

चीनी प्रवक्ता ने साथ ही कनाडा सरकार से चीन की न्यायिक संप्रभुता का सम्मान करने का आग्रह किया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:24:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एर्दोवान को चुनौती देने वाले इस्तांबुल के मेयर हिरासत में</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एरदवन-क-चनत-दन-वल-इसतबल-क-मयर-हरसत-म</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एरदवन-क-चनत-दन-वल-इसतबल-क-मयर-हरसत-म</guid>
        <description>तुर्की में राष्ट्रपति एर्दोवान को सबसे कड़ी चुनौती देते दिख रहे राजनेता को हिरासत में ले लिया गया है. 2028 के चुनाव पर पहले उन पर आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

(dw.com/hi)

तुर्की के प्रशासन ने राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोवान के मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और इस्तांबुल के लोकप्रिय मेयर एकरम इमामोग्लु को भ्रष्टाचार और एक आतंकवादी गुट की मदद करने सहित कई आरोपों में हिरासत में लिया. 19 मार्च को हुई कार्रवाई को मुख्य विपक्षी दल- रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी (सीएचपी) ने हमारे अगले राष्ट्रपति के खिलाफ एक तख्तापलट करार दिया है.

इमामोग्लु, सीएचपी के एक लोकप्रिय और प्रभावशाली नेता हैं. कुछ दिन बाद पार्टी उन्हें 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित करने वाली थी. इमामोग्लु की हिरासत देश भर में विपक्षी नेताओं पर महीनों से चल रही कानूनी कार्रवाई की एक कड़ी है. आलोचक कहते हैं कि ऐसा इन नेताओं की चुनावी भविष्य को नुकसान पहुंचाने के लिया जा रहा है.

ताजा कार्रवाई के बाद तुर्की की मुद्रा लीरा 12 फीसदी गिरकर- 1 डॉलर के मुकाबले 42 पर, रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई. एर्दोवान पिछले 22 साल से तुर्की की सत्ता पर काबिज हैं. तुर्की की लगातार गिरती करंसी इस नाटो देश की आर्थिक और सामाजिक कमजोरी को भी दर्शाती है.

सरकार ने नकारे विपक्ष के सारे आरोप
इमामोग्लु पर दो जांचें बिठाई गई हैं. पहली जांच पर इस्तांबुल के प्रॉसिक्यूटर ऑफिस ने कहा कि पत्रकारों और कारोबारियों समेत कुल 100 लोगों पर नगरपालिका के जारी किए कुछ टेंडरों में आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का शक है.

दूसरी जांच में इमामोग्लु और छह अन्य लोगों पर कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) की मदद करने का आरोप लगाया गया है. तुर्की और उसके पश्चिमी सहयोगी इसे एक आतंकवादी संगठन मानते हैं. जेल में बंद इस पार्टी के प्रमुख अब्दुल्ला ओकालान ने बीते फरवरी महीने में अपने समर्थकों से हथियार डालने के लिए कहा था. यह 40,000 से ज्यादा जानें लेने वाले हिंसक संघर्ष को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम था.

तुर्की सरकार ने विपक्ष के सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि देश की न्याय पालिका स्वतंत्र है. 54 साल के इमामोग्लु, जो कुछ सर्वेक्षणों में एर्दोवान से आगे दिख रहे हैं, दो अलग जांचों का सामना कर रहे हैं. उन पर अपराधिक संगठन का नेतृत्व करने, रिश्वतखोरी और टेंडर में हेराफेरी के आरोप भी हैं.

सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में, इस्तांबुल के दो बार के मेयर इमामोग्लु ने कहा कि वह हार नहीं मानेंगे और दबाव के सामने डटे रहना जारी रखेंगे.

नागरिक अधिकारों पर काम करने वाले एनजीओ- ह्यूमन राइट्स वॉच ने मेयर इमामोग्लु के खिलाफ लगाए गए आरोपों को राजनीति से प्रेरित और फर्जी बताया और कहा कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए. राष्ट्रपति एर्दोवान के दफ्तर ने हिरासत को राजनीतिक कदम बताने वाले दावों के बारे में पूछे जाने पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की.

तख्तापलट की कोशिश
सीएचपी नेता ओजगुर ओजेल ने हिरासत को तख्तापलट की कोशिश बताया और विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की. उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ है, उसके बावजदू पार्टी रविवार (23 मार्च) को इमामोग्लु को अपने नेता के रूप में चुनेगी. ओजेल ने कहा, तुर्की, अगले राष्ट्रपति के खिलाफ एक तख्तापलट से गुजर रहा है. हम यहां तख्तापलट की एक कोशिश का सामना कर रहे हैं.

इमामोग्लु की डिग्री रद्द
18 मार्च को इस्तांबुल विश्वविद्यालय ने इमामोग्लु की डिग्री रद्द कर दी. वह विश्वविद्यालय के फैसले को अदालत में चुनौती देंगे. लेकिन वहां भी डिग्री बहाल ना हुई तो उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है. तुर्की के कानून के हिसाब से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के पास उच्च शिक्षा होनी जरूरी है.

तुर्की में अगला चुनाव 2028 में होना है. पहले प्रधानमंत्री रहे एर्दोवान, राष्ट्रपति के रूप में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं. अगर वह फिर से चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उन्हें अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले जल्द चुनाव करवाना होगा या फिर संविधान में संशोधन करना होगा. एर्दोवान को पिछले साल अपनी सबसे बुरी चुनावी हार का सामना करना पड़ा था. देशभर में हुए निकाय चुनावों में इमामोग्लु की सीएचपी ने तुर्की के उन बड़े शहरों और नगर पालिकाओं में जीत दर्ज की जो एर्दोवान के सत्तारूढ़ दल- एके पार्टी का गढ़ मानी जाती थीं.

विरोध-प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर पाबंदियां
इस्तांबुल के गवर्नर ने शहर में चार दिनों के लिए सभी बैठकों और प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया है. तुर्की में लोग एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और टिकटॉक समेत तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक सीमित पहुंच और पाबंदियों की बात रहे हैं. एक इंटरनेट ऑब्जरवेटरी ने भी इस बात की पुष्टि की है. इसके अलावा विरोधियों पर बढ़ती सख्त कानूनी कार्रवाई में कई नए आरोप पत्र दाखिल किए जा रहे हैं और विपक्ष के शासन वाली नगर पालिकाओं में सरकारी ट्रस्टियों की नियुक्तियां हो रही हैं.

आरएस/ओएसजे (एएफपी,रॉयटर्स,डीपीए)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:24:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हूती विद्रोहियों की दागी गई मिसाइल को हवा में ही किया तबाह : इजरायली सेना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हत-वदरहय-क-दग-गई-मसइल-क-हव-म-ह-कय-तबह-इजरयल-सन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हत-वदरहय-क-दग-गई-मसइल-क-हव-म-ह-कय-तबह-इजरयल-सन</guid>
        <description>यरूशलम, 20 मार्च। इजरायली सेना ने गुरुवार को दावा किया कि उसने हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई मिसाइल को नष्ट कर दिया। इस घटना से तेल अवीव सहित मध्य और दक्षिणी इजरायल में सायरन बज उठे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल रक्षा बलों ने एक बयान में कहा कि वायु सेना ने मिसाइल को इजरायली क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया और सायरन प्रोटोकॉल के अनुसार बजाया गया। यमन में हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर अपने हमले दोबारा शुरू कर दिए है। गाजा में इजरायली हवाई हमले फिर से शुरू होने पर के बाद ग्रुप भी सक्रिय हो गया है। मंगलवार को, हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने दक्षिणी इजरायल में एक सैन्य अड्डे की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की, जिसके बारे में इजरायली सेना ने कहा कि देश में प्रवेश करने से पहले ही उसे रोक दिया गया। इससे पहले यमन के हूती ग्रुप ने लाल सागर, अरब सागर, अदन की खाड़ी और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में इजरायली जहाजों पर फिर से हमले शुरू करने की घोषणा की। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने अल-मसीरा टीवी पर प्रसारित एक बयान में कहा कि फिलिस्तीनियों को समर्थन देने और गाजा में मदद पहुंचाने के लिए सीमा चौकियों को खोलने का दबाव इजरायल पर बनाने के लिए हमले फिर से शुरू किए गए हैं।

हूती नेता अब्दुलमलिक अल-हूती ने इजरायल को चार दिन का अल्टीमेटम जारी करते हुए गाजा में मानवीय मदद की अनुमति देने की मांग की, नहीं तो उनका समूह नौसैनिक हमले फिर से शुरू कर देगा। इससे पहले, अल-हूती ने चेतावनी दी थी कि अगर इजरायल गाजा युद्धविराम का उल्लंघन करना जारी रखता है तो वे इजरायली शहरों और इजरायल से जुड़े वाणिज्यिक जहाजों पर हमले फिर से शुरू कर देंगे। नवंबर 2023 से, हूती ग्रुप ने गाजा में इजरायली हमलों के विरोध में और फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों और इजरायली शहरों पर दर्जनों ड्रोन और रॉकेट हमले किए। बाद में यूएस और ब्रिटिश जहाजों निशाना बनाया जाने लगा। इस बीच यूएस-ब्रिटिश नौसेना गठबंधन ने हूती ग्रुप को रोकने के लिए हवाई हमले और मिसाइल हमले किए। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:24:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>साउथ कोरिया में विदेशियों को जीवन साथी बनाने का बढ़ा चलन, तीन साल से यही ट्रेंड</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सउथ-करय-म-वदशय-क-जवन-सथ-बनन-क-बढ-चलन-तन-सल-स-यह-टरड</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सउथ-करय-म-वदशय-क-जवन-सथ-बनन-क-बढ-चलन-तन-सल-स-यह-टरड</guid>
        <description>सोल, 20 मार्च । दक्षिण कोरिया के युवा जीवन साथी के तौर पर विदेशियों में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। लगातार तीसरे साल इस संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। इससे जुड़े आकंड़े गुरुवार को जारी किए गए। योनहाप समाचार एजेंसी ने सांख्यिकी कोरिया के आंकड़ों के हवाले से बताया कि पिछले साल बहुसांस्कृतिक विवाहों की संख्या 20,759 तक पहुंच गई, जो पिछले साल के 19,717 मामलों से 1,042 अधिक है। कोविड-19 महामारी के कारण 2020 में अंतर्राष्ट्रीय विवाहों की संख्या में भारी गिरावट आई और यह पिछले वर्ष के लगभग 24,000 से घटकर लगभग 15,000 रह गई तथा 2021 में और भी कम होकर लगभग 13,000 रह गई। लेकिन 2022 में यह आंकड़ा फिर से बढ़कर 16,666 हो गया। पिछले साल दक्षिण कोरिया में कुल विवाहों में से बहुसांस्कृतिक विवाहों का हिस्सा 9.3 प्रतिशत था, जो पिछले वर्ष के 10.1 प्रतिशत से कम है। वियतनामी महिलाओं की हिस्सेदारी सभी विदेशी पत्नियों में सबसे अधिक 32.1 प्रतिशत थी, इसके बाद चीनी महिलाओं की हिस्सेदारी 16.7 प्रतिशत और थाई महिलाओं की हिस्सेदारी 13.7 प्रतिशत थी। विदेशी पतियों में, संयुक्त राज्य अमेरिका के पतियों की हिस्सेदारी 28.9 प्रतिशत थी, उसके बाद चीन के पतियों की हिस्सेदारी 17.6 प्रतिशत और वियतनाम के पतियों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत थी।

आंकड़ों के अनुसार, बहुसांस्कृतिक जोड़ों के बीच तलाक की संख्या में साल-दर-साल 1.4 प्रतिशत की कमी आई है, जो 2024 में कुल 6,022 होगी। इस बीच, सांख्यिकी एजेंसी के अनुसार, दक्षिण कोरिया में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या 2024 में नौ वर्षों में पहली बार बढ़ी है, जो महामारी के बाद विवाहों में वृद्धि, माता-पिता बनने के प्रति बदलते दृष्टिकोण और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के कारण है। योनहाप की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल कुल 238,300 बच्चे पैदा हुए, जो 2023 में 230,000 के रिकॉर्ड निचले स्तर से 3.6 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा 2015 से घट रहा है, जब यह 438,400 था। कुल प्रजनन दर, यानी एक महिला द्वारा अपने जीवनकाल में अपेक्षित बच्चों की औसत संख्या, भी नौ वर्षों में पहली बार उछलकर 2024 में 0.75 पर पहुंच गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 0.72 थी। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:24:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>युद्ध विराम पर बातचीत करेंगे ट्रंप और पुतिन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यदध-वरम-पर-बतचत-करग-टरप-और-पतन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यदध-वरम-पर-बतचत-करग-टरप-और-पतन</guid>
        <description>वाशिंगटन, 18 मार्च। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्ता करेंगे, ताकि वह युद्ध विराम के अमेरिका के प्रस्ताव पर सहमति प्राप्त कर सकें।

उन्हें उम्मीद है कि इससे यूक्रेन के खिलाफ रूस के विनाशकारी युद्ध को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस युद्ध विराम समझौते को लेकर आशावादी है, हालांकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को संदेह है कि पुतिन ट्रंप को दिखावटी समर्थन देने के अलावा और कुछ नहीं कर रहे हैं, जबकि रूसी सेना उनके देश पर बमबारी जारी रखे हुए है।

ट्रंप ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा,  रूस में स्थिति खराब है, यूक्रेन में भी हालात खराब हैं। यूक्रेन में जो कुछ हो रहा है, वह अच्छा नहीं है, लेकिन हम देखेंगे कि क्या हम शांति समझौता, युद्ध विराम और शांति स्थापित कर सकते हैं। और मुझे लगता है कि हम ऐसा करने में सक्षम होंगे। 

ट्रंप-पुतिन वार्ता की तैयारी के लिए, व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने पिछले सप्ताह मास्को में पुतिन से मुलाकात कर प्रस्ताव पर चर्चा की थी।

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सऊदी अरब में वार्ता के दौरान यूक्रेन के वरिष्ठ अधिकारियों को युद्ध विराम की रूपरेखा पर सहमत होने के लिए राजी किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वाशिंगटन और मास्को ने संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौते के हिस्से के रूप में यूक्रेन और रूस के बीच कुछ संपत्तियों को विभाजित करने पर चर्चा शुरू कर दी है।

पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि ट्रंप और पुतिन यूक्रेन में युद्ध पर चर्चा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका-रूस संबंधों को सामान्य बनाने को लेकर कई सवाल अब भी बाकी हैं। पेस्कोव ने कहा कि यह वार्ता जीएमटी (ग्रीनविच मीन टाइम) के अनुसार अपराह्न एक बजे से तीन बजे (भारतीय समयानुसार शाम साढ़े छह से रात साढ़े आठ बजे) के बीच होगी।

उन्होंने कहा कि भूखंडों और बिजली संयंत्रों की अदला-बदली बातचीत का हिस्सा होगी।

इस प्रस्तावित बातचीत को ट्रंप के लिए अमेरिकी विदेश नीति को एक नयी दिशा देने के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।

इससे पहले, ट्रंप ने रविवार शाम एयरफोर्स वन (अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला विमान) से फ्लोरिडा से वाशिंगटन जाते समय संवाददाताओं को पुतिन के साथ प्रस्तावित बातचीत के बारे में जानकारी दी थी। वहीं, रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन ने सोमवार सुबह पुतिन के इस बातचीत में शामिल होने की पुष्टि की थी।

ट्रंप ने कहा था, हम देखेंगे कि क्या हमारे पास मंगलवार तक घोषणा करने के लिए कुछ है। मैं राष्ट्रपति पुतिन से मंगलवार को बात करूंगा।

उन्होंने कहा, सप्ताहांत में बहुत काम किया गया है। हम देखना चाहते हैं कि क्या हम इस युद्ध को समाप्त कर सकते हैं।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने दोनों नेताओं के मंगलवार को बात करने की योजना की सोमवार सुबह पुष्टि की, लेकिन विस्तृत जानकारी देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था।

यूरोपीय सहयोगी, पुतिन के प्रति ट्रंप के मित्रवत रुख तथा यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के प्रति उनके सख्त रुख से चिंतित हैं, जिन्हें करीब दो सप्ताह पहले तब तीखी बहस का सामना करना पड़ा था, जब वह ओवल ऑफिस (अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय) पहुंचे थे।

रूस ने करीब तीन साल पहले यूक्रेन पर हमला किया था।

ट्रंप ने कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए भूमि और बिजली संयंत्र बातचीत का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, हम जमीन के बारे में बात करेंगे। हम बिजली संयंत्रों के बारे में बात करेंगे।

रूस ने 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण शुरू करने के बाद यूक्रेन के चार क्षेत्रों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इनमें पूर्व में डोनेत्स्क और लुहान्स्क क्षेत्र तथा देश के दक्षिण-पूर्व में खेरसॉन और ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र शामिल हैं, लेकिन चारों में से किसी पर भी उसका पूरी तरह से नियंत्रण नहीं है।

पिछले साल पुतिन ने शांति की मांगों में से एक के रूप में सभी चार क्षेत्रों से कीव के सैनिकों की वापसी को सूचीबद्ध किया था। 2014 में रूस ने यूक्रेन से क्रीमिया को भी अपने में मिला लिया था।

ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र के कब्जे वाले हिस्से में, मॉस्को ज़ापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र को नियंत्रित करता है, जो यूरोप में सबसे बड़ा संयंत्र है। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने संभावित परमाणु आपदा की आशंकाओं के बीच संयंत्र के बारे में अकसर चिंता व्यक्त की है।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 06:18:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप से बातचीत के बाद पुतिन ने यूक्रेन की जंग रोकने के लिए रखीं ये शर्तें</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-स-बतचत-क-बद-पतन-न-यकरन-क-जग-रकन-क-लए-रख-य-शरत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-स-बतचत-क-बद-पतन-न-यकरन-क-जग-रकन-क-लए-रख-य-शरत</guid>
        <description>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में तत्काल और पूर्ण युद्धविराम के अमेरिकी प्रस्ताव को ठुकरा दिया है.

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत के बाद सिर्फ़ ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों को रोकने पर सहमति जताई है.

पुतिन ने एक महीने तक चलने वाले व्यापक युद्धविराम पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है, जिस पर ट्रंप की टीम ने हाल ही में सऊदी अरब में यूक्रेनियों के साथ काम किया था.

उन्होंने कहा कि व्यापक युद्धविराम तभी संभव है जब यूक्रेन के साथ विदेशी सैन्य सहायता और खुफ़िया जानकारी का आदान-प्रदान बंद हो जाए.

हालांकि यूक्रेन के यूरोपीय सहयोगियों ने पहले भी ऐसी शर्तों को ख़ारिज किया है.

तीन साल से चल रहे इस युद्ध में रूस हाल ही में कुर्स्क क्षेत्र में अपने उस क्षेत्र को वापस ले रहा है जो छह महीने पहले यूक्रेनी आक्रमण के दौरान कब्ज़ा कर लिया गया था.

पिछले हफ़्ते सऊदी अरब में अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में यूक्रेन ने अमेरिका के 30 तीनों के युद्धविराम के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 06:18:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की सफल वापसी पर एलन मस्क ने क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सनत-वलयमस-और-बच-वलमर-क-सफल-वपस-पर-एलन-मसक-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सनत-वलयमस-और-बच-वलमर-क-सफल-वपस-पर-एलन-मसक-न-कय-कह</guid>
        <description>अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की सफल वापसी के बाद स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने स्पेसएक्स और नासा की टीमों को बधाई दी है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, एक और सुरक्षित अंतरिक्ष यात्री वापसी के लिए स्पेसएक्स और नासा की टीमों को बधाई.

साथ ही उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी शुक्रिया अदा किया है.

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर नौ महीने अंतरिक्ष में बिताने के बाद धरती पर वापस आ गए हैं.

सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर ने 5 जून 2024 को परीक्षण यान स्टारलाइनर से आईएसएस के लिए उड़ान भरी थी.

वहां आठ दिन गुजारने के बाद उनकी वापसी थी लेकिन यान में ख़राबी के कारण यह अटक गई थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 06:18:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा में हमलों के बाद इसराइल ने हमास को दी चेतावनी&amp; ‘यह बस शुरुआत है’</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-हमल-क-बद-इसरइल-न-हमस-क-द-चतवन-यह-बस-शरआत-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-हमल-क-बद-इसरइल-न-हमस-क-द-चतवन-यह-बस-शरआत-ह</guid>
        <description>इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने मंगलवार की रात कहा कि इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी में हमास के ख़िलाफ़ पूरी ताक़त के साथ दोबारा लड़ाई शुरू कर दी है.

उन्होंने एक वीडिया जारी करके चेतावनी दी कि यह बस शुरुआत है.

उनका ये बयान तब आया है जब इसराइल ने ग़ज़ा में कई बड़े हवाई हमले किए हैं, जिसे लेकर इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स ने एक बयान में कहा था कि वह हमास के आतंकी ठिकानों को निशाना बना रही है.

अपने बयान में नेतन्याहू ने कहा कि इसराइल ने इसराइली बंधकों को रिहा करने के लिए हमास के साथ बातचीत करने की कोशिश की थी. उन्होंने हमास पर हर बार प्रस्तावों को ख़ारिज करने का आरोप लगाया है.

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इसराइली हमलों में 400 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं.

19 जनवरी को युद्ध विराम शुरू होने के बाद से ग़ज़ा में यह सबसे बड़ा हवाई हमला है. ग़ज़ा युद्ध विराम को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत किसी समझौते पर पहुंचने में नाकाम रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 06:18:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का &amp;apos;फ्रेंच कनेक्शन&amp;apos; : फ्रांसीसी नेता ने अमेरिका से वापस मांगी प्रतिमा, ट्रंप प्रशासन ने सुनाई खरी&amp;खरी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सटचय-ऑफ-लबरट-क-फरच-कनकशन-फरसस-नत-न-अमरक-स-वपस-मग-परतम-टरप-परशसन-न-सनई-खर-खर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सटचय-ऑफ-लबरट-क-फरच-कनकशन-फरसस-नत-न-अमरक-स-वपस-मग-परतम-टरप-परशसन-न-सनई-खर-खर</guid>
        <description>वाशिंगटन, 18 मार्च । अमेरिका ने फ्रांसीसी नेता राफेल ग्लक्समैन के इस सुझाव को खारिज कर दिया कि स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को फ्रांस को वापस कर देना चाहिए। ट्रंप प्रशासन ने उनकी टिप्पणियों को अनुचित और राजनीति से प्रेरित बताया। सेंटर-लेफ्ट नेता ग्लक्समैन ने हाल ही में कहा कि फ्रांस को प्रतिष्ठित प्रतिमा वापस ले लेनी चाहिए, उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका ने उन मूल्यों को बरकरार नहीं रखा है, जिन्होंने फ्रांस को स्मारक उपहार में देने के लिए प्रेरित किया। ग्लक्समैन की टिप्पणियों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों, [विशेष रूप से वैज्ञानिक स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के संबंध में], की सीधी आलोचना के रूप में देखा गया। ग्लक्समैन ने कहा, हम अत्याचारियों का साथ देने वाले और वैज्ञानिक स्वतंत्रता की मांग करने वाले को बर्खास्त करने वाले अमेरिकियों से कहेंगे कि हमें स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी वापस दे दो। हमने इसे आपको एक उपहार के रूप में दिया था, लेकिन जाहिर है, आप इसे तुच्छ समझते हैं। इसलिए यह फ्रांस में अपने घर पर ठीक रहेगा। फ्रेंच नेता के इस बयान पर व्हाइट हाउस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस मांग को सिरे से खारिज करते हुए ग्लक्समैन की राजनीतिक हैसियत का मजाक उड़ाया।

उन्होंने कहा, बिल्कुल नहीं। और उस अनाम निम्न-स्तरीय फ्रांसीसी राजनीतिज्ञ को मेरी सलाह होगी कि उन्हें याद दिलाया जाए कि यह केवल संयुक्त राज्य अमेरिका की वजह से है कि फ्रांसीसी अभी जर्मन नहीं बोल रहे हैं। इसलिए उन्हें हमारे महान देश का बहुत आभारी होना चाहिए। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को 28 अक्टूबर, 1886 को न्यूयॉर्क हार्बर में अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में प्रस्तुत किया गया था। फ्रांसीसी कलाकार ऑगस्टे बार्थोल्डी द्वारा निर्मित, यह फ्रांस के लोगों की ओर से संयुक्त राज्य अमेरिका को एक उपहार था, जो स्वतंत्रता और लोकतंत्र के साझा मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है। पेरिस में सीन नदी के एक द्वीप पर प्रतिमा की एक छोटी प्रतिकृति है। ग्लक्समैन की टिप्पणियों को इसे वापस करने की वास्तविक मांग के बजाय एक प्रतीकात्मक राजनीतिक बयान के रूप में देखा गया। ट्रंप के मुखर आलोचक, ग्लक्समैन ने अमेरिकी राष्ट्रपति की विदेश नीति में बदलाव का कड़ा विरोध किया है, खासकर यूक्रेन में युद्ध के संबंध में। उन्होंने फ्रांस में धुर दक्षिणपंथियों के नेताओं की भी निंदा करते हुए उन पर ट्रंप और अरबपति एलन मस्क का फैन क्लब बताया। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 12:04:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा पर बड़ा हमला : इजरायल ने एयर स्ट्राइक से पहले अमेरिका से की चर्चा, व्हाइट हाउस का खुलासा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-पर-बड-हमल-इजरयल-न-एयर-सटरइक-स-पहल-अमरक-स-क-चरच-वहइट-हउस-क-खलस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-पर-बड-हमल-इजरयल-न-एयर-सटरइक-स-पहल-अमरक-स-क-चरच-वहइट-हउस-क-खलस</guid>
        <description>वाशिंगटन, 18 मार्च । इजरायल ने मंगलवार तड़के गाजा पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें सैंकड़ों फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। इस बीच अमेरिका ने कहा कि यहूदी राष्ट्र ने सोमवार को हमले से पहले उसके साथ विचार-विमर्श किया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक अमेरिकी न्यूज चैनल के कार्यक्रम में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, आज रात गाजा में अपने हमलों के बारे में इजरायल ने ट्रंप प्रशासन और व्हाइट हाउस से परामर्श किया। गाजा में फिलिस्तीनी चिकित्सकों का कहना है कि 19 जनवरी को इजरायल और हमास आतंकवादियों के बीच युद्ध विराम होने के बाद से फिलिस्तीनी क्षेत्र पर यह इजरायल का सबसे बड़ा हवाई हमला है। हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इजरायल ने एकतरफा तरीके से युद्धविराम समझौते को पलट दिया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने कहा, जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है - हमास, हूती, ईरान, वे सभी जो न केवल इजरायल, बल्कि संयुक्त राज्य अमेरिका को भी आतंकित करना चाहते हैं, उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। सब कुछ तहस-नहस हो जाएगा, ट्रंप पहले ही सार्वजनिक रूप से इसी तरह के शब्दों का इस्तेमाल करते हुए चेतावनी जारी कर चुके हैं जिसमें कहा गया था कि हमास को गाजा में सभी बंधकों को रिहा कर देना चाहिए या तबाही होने देनी चाहिए।

इजरायल का गाजा में ताजा हमला ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका ने शनिवार से यमन में एयर स्ट्राइक का सिलसिला शुरू किया। ट्रंप प्रसाशन का कहना है कि हूती ग्रुप के दर्जनों सदस्य उसके हमलों में मारे गए हैं। वहीं हूती विद्रोहियों ने कहा कि कम से कम 53 लोग मारे गए। बता दें उत्तरी यमन के अधिकांश हिस्से पर नियंत्रण करने वाला हूती ग्रुप ने फिलिस्तीनियों के समर्थन में नवंबर 2023 से लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाना शुरू किए और करीब 100 से अधिक हमले किए। उनका कहना था कि वे गाजा में इजरायल के युद्ध के खिलाफ फिलिस्तीनियों के प्रति एकजुटता दर्शाने के लिए यह कार्रवाई कर रहे हैं। दशकों पुराने इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष में नवीनतम रक्तपात 7 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुआ, जब फिलिस्तीनी ग्रुप हमास ने इजरायल पर बड़ा हमला किया। हमले में 1,200 लोग मारे गए और लगभग 250 से अधिक को बंधक बना लिया गया। हमास के जवाब में यहूदी राष्ट्र ने फिलिस्तीनी ग्रुप के कब्जे वाली गाजा पट्टी में सैन्य अभियान शुरू किया। इजरायली हमलों ने गाजा शहर को खंडहर में तब्दील कर दिया और हजारों फिलिस्तीनियों की मौत हुई। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 12:04:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाक&amp;अफगान सीमा विवाद : फिर से खुलेगी तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग, दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पक-अफगन-सम-ववद-फर-स-खलग-तरखम-बरडर-करसग-दन-पकष-क-बच-बन-सहमत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पक-अफगन-सम-ववद-फर-स-खलग-तरखम-बरडर-करसग-दन-पकष-क-बच-बन-सहमत</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 18 मार्च । पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तोरखम बॉर्डर मंगलवार को खुलने जा रहा है। विवादित सीमा के करीब अफगान बलों की ओर से किए जा रहे निमार्ण कार्य को लेकर दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव के कारण लगभग यह बॉर्डर क्रॉसिंग करीब महीने तक बंद रही। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार को दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम वार्ता के दूसरे दौर की बातचीत हुई। इस दौरान 21 फरवरी को बंद किए गए तोरखम व्यापार मार्ग को सभी प्रकार की आवाजाही के लिए खोलने का फैसला लिया गया। इस पहले 4 मार्च को तोरखम सीमा पर स्थिति काफी बिगड़ गई, जब क्रॉसिंग को फिर से खोलने के लिए वार्ता नाकाम हो गई, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और अफगान तालिबान लड़ाकों के बीच गोलीबारी हुई। हिंसक झड़प में कई सशस्त्र बल कर्मियों और नागरिकों की मौत हो गई है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सबसे महत्वपूर्ण क्रॉसिंग में से एक तोरखम से दोनों देशों के बीच सबसे ज्यादा व्यापार और आवाजाही होती है।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि 24 दिनों तक सीमा बंद रहने के दौरान ट्रांजिट ट्रेड समेत सभी तरह के व्यापार ठप रहे। नाम न बताने की शर्त पर एक पाकिस्तानी अधिकारी ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि बॉर्डर बंद होने के कारण राष्ट्रीय खजाने को कुल 72 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। इस संघर्ष ने सीमा के दोनों ओर के व्यापारियों को भारी झटका दिया है, जिन्होंने लाखों डॉलर गंवाए हैं। गतिरोध के कारण तोरखम क्रॉसिंग के दोनों ओर सैकड़ों यात्री और मरीज, हजारों मालवाहक ट्रक फंसे हुए हैं। अफगान मीडिया टोलो न्यूज ने अफगान व्यापारी जालमई अजीमी के हवाले से बताया, सोमवार को तोरखम में दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई। लिए गए निर्णय सकारात्मक थे और संभावना है कि आज या कल क्रॉसिंग फिर से खुल जाएगी।(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 12:04:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश : चुनाव को लेकर उलझे राजनीतिक दल, चुनाव आयोग ने रखी अपनी राय</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-चनव-क-लकर-उलझ-रजनतक-दल-चनव-आयग-न-रख-अपन-रय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-चनव-क-लकर-उलझ-रजनतक-दल-चनव-आयग-न-रख-अपन-रय</guid>
        <description>ढाका, 18 मार्च। बांग्लादेश चुनाव आयोग (ईसी) ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय चुनाव से पहले स्थानीय सरकार के चुनाव कराने से संसदीय चुनाव में देरी होगी। आयोग ने राष्ट्रीय और सभी स्थानीय सरकारों के चुनाव चार महीने की समय-सीमा के भीतर पूरे करने के प्रस्ताव का विरोध किया। आयोग ने तर्क दिया कि सिर्फ स्थानीय चुनाव पूरे होने में ही लगभग एक साल का समय लग जाता है क्योंकि ये चुनाव चरणों में होते हैं। चुनाव आयोग ने सोमवार को बांग्लादेश के राष्ट्रीय सहमति आयोग को अपनी राय भेजी, जिसमें चुनाव से संबंधित कई सुधार प्रस्तावों का विरोध किया गया। बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट यूएनबी ने चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद के हवाले से कहा, अली रियाज (राष्ट्रीय सहमति आयोग के उपाध्यक्ष) को संबोधित करते हुए, हमने कुछ प्रस्तावों पर अलग-अलग विचार व्यक्त करते हुए अपनी राय भेजी है। देश के प्रमुख समाचार पत्र डेली स्टार ने बताया कि चुनाव आयोग ने कई सुधार प्रस्तावों पर आपत्ति जताई है, इनमें निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन, चुनाव आयुक्तों के खिलाफ जांच, स्थानीय सरकार और राष्ट्रीय चुनाव का समय जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। अखबार के मुताबिक ईसी ने प्रस्तावित चुनाव आयोग अध्यादेश 2025 का विरोध किया है।

चुनाव आयोग ने कहा कि यह आयुक्तों की स्वतंत्रता को खत्म कर देगा और उन्हें राजनीतिक दबाव के सामने ला खड़ा करेगा। इस महीने की शुरुआत में भी चुनाव आयोग ने कहा था कि राष्ट्रीय चुनाव से पहले स्थानीय चुनाव कराना संभव नहीं होगा। दरअसल बांग्लादेश में प्रमुख राजनीतिक दल इस बात पर उलझे हुए हैं कि पहले कौन सा चुनाव कराया जाए। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने भी दिसंबर में राष्ट्रीय संसदीय चुनाव होने की संभावना पर संदेह जताया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना ​​है कि चुनाव में देरी के लिए कथित तौर पर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के भीतर से एक साजिश चल रही है। बांग्लादेश में विभिन्न राजनीतिक संगठनों की बहुप्रचारित एकता, जो अगस्त 2024 में शेख हसीना के नेतृत्व वाली लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई अवामी लीग सरकार को हटाने के दौरान पूरी तरह व्यक्त हुई अब धीरे-धीरे फीकी पड़ती दिख रही है। कई राजनीतिक नेता जो पहले यूनुस का समर्थन करते थे, अब खुलकर उनकी आलोचना कर रहे हैं, खासकर राष्ट्रीय चुनाव कराने में हुई लंबी देरी को लेकर। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 12:04:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>न्यायाधीश के रोक लगाने के बावजूद ट्रंप प्रशासन ने सैकड़ों प्रवासियों को निर्वासित किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नययधश-क-रक-लगन-क-बवजद-टरप-परशसन-न-सकड-परवसय-क-नरवसत-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नययधश-क-रक-लगन-क-बवजद-टरप-परशसन-न-सकड-परवसय-क-नरवसत-कय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 17 मार्च। अमेरिका में एक संघीय न्यायाधीश द्वारा 18वीं सदी के युद्धकालीन अधिनियम के तहत निर्वासन पर अस्थायी रूप से रोक लगाने का आदेश जारी किए जाने के बावजूद देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने सैकड़ों प्रवासियों को अल साल्वाडोर भेज दिया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

न्यायाधीश ने अधिनियम के क्रियान्वयन पर रोक लगाने का जब आदेश दिया, प्रवासियों को ले जा रहे विमान उससे पहले ही उड़ान भर चुके थे।

ट्रंप ने निर्वासन में तेजी लाने के लिए 18वीं सदी के कानून का इस्तेमाल किए जाने की घोषणा की थी। इसके कुछ ही घंटों बाद यूएस डिस्ट्रिक्ट जज जेम्स ई बोसबर्ग ने इस पर रोक लगाए जाने का शनिवार को आदेश जारी किया लेकिन वकीलों ने उन्हें बताया कि दो विमान प्रवासियों को लेकर अल साल्वाडोर और होंडुरास की ओर पहले की उड़ान भर चुके हैं।

बोसबर्ग ने विमानों को वापस लौटने का मौखिक आदेश दिया लेकिन जाहिर तौर पर ऐसा नहीं किया गया और न्यायाधीश के लिखित आदेश में भी यह निर्देश शामिल नहीं था।

अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने रविवार को एक बयान में इन अटकलों का जवाब दिया कि क्या प्रशासन अदालती आदेशों का उल्लंघन कर रहा है।

उन्होंने कहा, प्रशासन ने अदालती आदेश का पालन करने से इनकार नहीं किया। इस आदेश का कोई वैधानिक आधार नहीं है और यह टीडीए के विदेशी आतंकवादियों को अमेरिकी क्षेत्र से पहले ही हटा दिए जाने के बाद जारी किया गया था।

टीडीए का तात्पर्य ट्रेन डी अरागुआ गिरोह से है जिसे ट्रंप ने शनिवार को जारी घोषणा में निशाना बनाया था।

ट्रंप प्रशासन ने 18वीं सदी के कानून का इस्तेमाल करने की घोषणा करते हुए शनिवार को कहा था कि वेनेजुएला का एक गिरोह अमेरिका पर आक्रमण कर रहा है और प्रशासन के पास उसके सदस्यों को देश से बाहर निकालने के लिए नयी शक्तियां हैं।

ट्रंप ने 1798 के एलियन एनीमीज एक्स (विदेशी शत्रु अधिनियम) को लागू करने की घोषणा करते हुए दावा किया कि वेनेजुएला का गिरोह ट्रेन डी अरागुआ अमेरिका पर आक्रमण कर रहा है। यह अधिनियम राष्ट्रपति को निर्वासन में बड़े पैमाने पर तेजी लाने के लिए नीतिगत और कार्यकारी कार्रवाई के संबंध में व्यापक छूट देता है।

अमेरिकी इतिहास में इस अधिनियम का इस्तेमाल अब तक केवल तीन बार हुआ है और वह भी केवल युद्ध के दौरान किया गया। इससे पहले इसका इस्तेमाल द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हुआ था। उस समय जर्मन और इतालवी लोगों को कैद करने के साथ-साथ जापानी-अमेरिकी नागरिकों को सामूहिक रूप से नजरबंद करने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 10:57:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यमन में हूथी विद्रोहियों पर अमेरिकी हमले में 31 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यमन-म-हथ-वदरहय-पर-अमरक-हमल-म-31-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यमन-म-हथ-वदरहय-पर-अमरक-हमल-म-31-लग-क-मत</guid>
        <description>डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका ने पहली बार यमन में हूथी विद्रोहियों पर हमला किया है. रविवार, 16 मार्च को हुए हमले में 31 लोगों की मौत हुई है. ट्रंप ने और हमलों की चेतावनी दी है.

(dw.com/hi)

हूथी विद्रोहियों का कहना है कि अमेरिकी हमले में जिन लोगों की मौत हुई है उनमें बच्चे भी शामिल हैं. हूथी विद्रोहियों पर लाल सागर में जहाजों पर हमले करने के आरोप लगते हैं. डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि अगर जहाजों पर हमले नहीं रुके तो हूथी विद्रोहियों पर, कहर बरपेगा.

मरने वालों में औरतें और बच्चे
समाचार एजेंसी एएफपी के एक फोटोग्राफर ने यमन की राजधानी सना में विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके में धमाकों की आवाज सुनी और धुएं का गुबार उठता देखा. विद्रोहियों के मुताबिक सना के साथ ही सादा, अल बायदा और रदा के इलाके में हुए हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है और 100 से ज्यादा लोग घायल हैं. हूथी के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अल-असबाही ने एक बयान जारी कर कहा है, कि मरने वाले और जख्मी लोगों में, ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं.

सोशल मीडिया पर डाले एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने हूथी की हरकतों को बंद करने के लिए, भारी घातक बल का इस्तेमाल करने की शपथ ली है. पोस्ट में ट्रंप ने लिखा है, सभी हूथी आतंकवादियों, तुम्हारा समय आ चुका है और तुम्हारे हमले अब बंद होने चाहिए, आज से ही. अगर तुमने ऐसा नहीं किया, तो तु्म्हारे ऊपर ऐसा कहर बरसेगा जो तुमने पहले कभी नहीं देखा होगा.

हूथियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा करने के साथ ही ट्रंप ने उसके प्रमुख सहयोगी को भी चेतावनी दी है. ट्रंप ने लिखा है, ईरान, हूथी आतंकवादियों को सहयोग तुरंत बंद होना चाहिए. ट्रंप का कहना है, अमेरिकी लोगों, उनके राष्ट्रपति और दुनिया के लिए शिपिंग के रास्तों को खतरे में मत डालो, क्योंकि अमेरिका तुम्हें जिम्मेदार ठहराएगा और हम अच्छे नहीं होंगे.

हूथी विद्रोहियों ने जवाबी कार्रवाई की बात कही है, जबकि ईरान के विदेश मंत्री ने हमलों में हुए मौत की निंदा की है और कहा है कि अमेरिका के पास ईरान की विदेश नीति तय करने का कोई अधिकार नहीं है.

अमेरिका के सेंट्रल कमांड (सीईएनटीसीओएम) ने लड़ाकू विमान और बम से ध्वस्त होती एक इमारत की तस्वीरें डाली हैं. इस तस्वीर के साथ लिखा गया है, अमेरिकी हितों की रक्षा, दुश्मनों को रोकने और आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल करने के लिए सटीक हमले शुरू किए गए हैं.

यमन पर हूथी विद्रोहियों का नियंत्रण
हूथी विद्रोयों के खिलाफ ब्रिटेन भी हमले करता रहा है, लेकिन फिलहाल अमेरिकी हमलों पर ब्रिटेन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. एक दशक से ज्यादा समय से यमन के ज्यादातर हिस्से पर हूथी विद्रोहियों का नियंत्रण है. ये लोग प्रतिरोध की धुरी का हिस्सा हैं. यह धुरी इस्राएल और अमेरिका के कट्टर विद्रोहियों में शामिल है. हूथी विद्रोहियों ने लाल सागर और अदन की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए हैं. खासतौर से गाजा युद्ध के समय में.

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा है कि हूथी विद्रोहियों ने 2023 से अब तक अमेरिकी जंगी जहाजों पर 174 बार हमला किया और कारोबारी जहाजों पर 145 बार. इन हमलों की वजह से इस जरूरी रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर तनाव बढ़ गया है. आमतौर पर दुनिया के कुल जहाजों में से 12 फीसदी की आवाजाही इसी रास्ते से होती है. इस रास्ते से बचना चाहें तो फिर दक्षिणी अफ्रीका की ओर से जाना पड़ता है जो लंबा है और यात्रा का खर्च बढ़ा देता है.

फलीस्तीनी चरमपंथी गुट हमास ने हूथी विद्रोहियों के सहयोग की सराहना की है और अमेरिकी हमले की निंदा की है. हमास का कहना है कि ये हमले, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का घोर उल्लंघन हैं और देश की संप्रभुता और स्थिरता पर चोट हैं.

अमेरिका ने हूथी विद्रोहियों के ठिकानों पर हमला कई चरणों में किया. गाजा में जब इस्राएल के साथ संघर्षविराम जनवरी में शुरू हुआ तो उन्होंने हमले बंद कर दिए थे. मंगलवार, 11 मार्च को उन्होंने घोषणा की कि जब तक इस्राएल फल्स्तीनी इलाके की घेराबंदी हटा कर वहां आपूर्ति को बहाल नहीं करता वे हमले चालू रहेंगे.

ट्रंप के बयान में इस्राएल के साथ चल रहे विवाद का जिक्र नहीं है. इसमें कारोबारी जहाजों पर हूथियों के पुराने हमलों का ही जिक्र है. इसी महीने की शुरुआत में अमेरिका ने हूथियों को दोबारा से, विदेशी आतंकवादी संगठन के रूप में चिह्नित किया और उनके साथ अमेरिका की किसी तरह की बातचीत पर रोक लगा दी. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस बारे में रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से भी चर्चा की है. ईरान को रूस का करीबी माना जाता है.

हूथी विद्रोहियों ने सना पर 2014 में कब्जा कर लिया था और वे बाकी बचे हिस्से पर भी नियंत्रण करना चाहते थे लेकिन सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने दखल दे कर उनके अभियान को रोक दिया. इस जंग में यमन की भारी तबाही हुई और यह पहले से ही दुनिया के सबसे गरीब देशों में शामिल हो चुका है. 2002 के संघर्षविराम के बाद यहां जंग तो थम गई है लेकिन प्रस्तावित शांति वार्ता अटकी हुई है. इसकी प्रमुख वजह है हूथी विद्रोहियों को इस्राएल और इस्राएल से जुड़े जहाजों पर हमला करना.

एनआर/एसके (एएफपी)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 10:57:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पृथ्वी पर लौटने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को करना पड़ता है कई चुनौतियों का सामना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पथव-पर-लटन-वल-अतरकष-यतरय-क-करन-पडत-ह-कई-चनतय-क-समन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पथव-पर-लटन-वल-अतरकष-यतरय-क-करन-पडत-ह-कई-चनतय-क-समन</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 16 मार्च। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के अंदर अंतरिक्ष यात्रियों को हवा में तैरते देखना भले ही मजेदार लगता हो, लेकिन वहां गुरुत्वाकर्षण नहीं होने का असर धरती पर लौटने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों पर लंबे समय तक रहता है और उन्हें मतली, चक्कर आने, बात करने और चलने में दिक्कत जैसी चुनौतियों से जूझना पड़ता है।

नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर तथा रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव बुधवार को स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान से पृथ्वी पर लौटेंगे।

विल्मोर और विलियम्स बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल से पिछले साल पांच जून को केप कैनवेरल से रवाना हुए थे। वे दोनों आठ दिन के मिशन के लिए ही गए थे, लेकिन अंतरिक्ष यान से हीलियम के रिसाव और वेग में कमी के कारण ये लगभग नौ माह से अंतरिक्ष स्टेशन में फंसे हुए हैं।

विभिन्न अंतरिक्ष मिशन के तहत यात्रा कर चुके कई अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी पर लौटने के बाद चलने में कठिनाई, देखने में दिक्कत, चक्कर आने तथा बेबी फीट नामक स्थिति जैसी चुनौतियों का सामना करने की बात कही है। बेबी फीट का तात्पर्य है कि अंतरिक्ष यात्रियों के तलवों की त्वचा का मोटा हिस्सा निकल जाता है और उनके तलवे बच्चे की तरह मुलायम हो जाते हैं।

ह्यूस्टन स्थित बेलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन ने अंतरिक्ष में शरीर में होने वाले बदलावों के बारे में कहा, जब अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर वापस लौटते हैं तो उन्हें पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अनुसार तुरंत फिर से ढलना पड़ता है। उन्हें खड़े होने, अपनी दृष्टि को स्थिर करने, चलने और मुड़ने में समस्या हो सकती है। पृथ्वी पर लौटने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को उनकी बेहतरी के लिए पृथ्वी पर लौटने के तुरंत बाद अक्सर एक कुर्सी पर बिठाया जाता है।

अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर जीवन के अनुसार स्वयं को फिर से ढालने में कई सप्ताह लगते हैं।

कान के अंदर स्थित वेस्टिबुलर अंग मस्तिष्क को गुरुत्वाकर्षण के बारे में जानकारी भेजकर पृथ्वी पर चलते समय मनुष्यों को अपने शरीर को संतुलित रखने में मदद करता है।

जापानी अंतरिक्ष एजेंसी जेएएक्सए ने कहा, अंतरिक्ष में कम गुरुत्वाकर्षण के कारण वेस्टिबुलर अंगों से प्राप्त होने वाली जानकारी में बदलाव आता है। ऐसा माना जाता है कि इससे मस्तिष्क भ्रमित हो जाता है और स्पेस सिकनेस (अंतरिक्ष में यात्रा करने वाले कई लोगों को होने वाली स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत) हो जाती है। जब आप पृथ्वी पर वापस आते हैं, तो आप पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के प्रभावों का फिर से अनुभव करते हैं और इस प्रकार कभी-कभी ग्रैविटी सिकनेस हो जाती है, जिसके लक्षण स्पेस सिकनेस जैसे ही होते हैं।

पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण रक्त और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों को शरीर के निचले हिस्से की ओर खींचता है, लेकिन अंतरिक्ष में भारहीनता के कारण अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर में ये तरल पदार्थ शरीर के ऊपरी हिस्सों में जमा हो जाते हैं और इसी कारण वे फूले हुए नजर आते हैं।

जेएएक्सए ने कहा, पृथ्वी पर लौटने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को खड़े होने पर अक्सर चक्कर आते हैं। इस स्थिति को ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन कहा जाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण अंतरिक्ष की तुलना में अधिक मजबूत होता है और हृदय से सिर तक रक्त पहुंचना अधिक कठिन होता है।

गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण हड्डियों के घनत्व में काफी और अक्सर अपूरणीय कमी आती है।

नासा के अनुसार, अगर अंतरिक्ष यात्री इस कमी को दूर करने के लिए सावधानी नहीं बरतते हैं, तो वजन सहन करने वाली हड्डियों का घनत्व अंतरिक्ष में हर महीने करीब एक प्रतिशत कम हो जाता है।

इस समस्या से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक सख्त व्यायाम व्यवस्था है।

नासा ने कहा, अंतरिक्ष यात्रियों को शून्य गुरुत्वाकर्षण के कारण हड्डियों और मांसपेशियों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ट्रेडमिल या स्थिर साइकिल का उपयोग करके प्रतिदिन दो घंटे व्यायाम करना आवश्यक है। यह व्यायाम नहीं करने पर अंतरिक्ष यात्री महीनों तक अंतरिक्ष में तैरने के बाद पृथ्वी पर लौटने के बाद चलने या खड़े होने में असमर्थ रहेंगे।

कनाडाई अंतरिक्ष यात्री क्रिस हैडफील्ड ने बताया कि उन्हें अंतरिक्ष में जीभ के भारहीन होने के कारण 2013 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से लौटते पर बात करते समय दिक्कत हुई।

हैडफील्ड ने कहा , पृथ्वी पर लौटने के तुरंत बाद मैं अपने होठों और जीभ का वजन महसूस कर सकता था और मुझे अपनी बातचीत का तरीका बदलना पड़ा। मुझे एहसास ही नहीं हुआ था कि मुझे भारहीन जीभ से बात करने की आदत हो गई थी।

रोग प्रतिरोधी क्षमता कमजोर हो जाने के कारण पृथ्वी पर लौटने पर अंतरिक्ष यात्रियों को संक्रमण और बीमारी का खतरा भी अधिक रहता है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 10:57:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पुतिन से बात करेंगे ट्रंप, क्या रुकने वाला है रूस&amp;यूक्रेन युद्ध ?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पतन-स-बत-करग-टरप-कय-रकन-वल-ह-रस-यकरन-यदध</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पतन-स-बत-करग-टरप-कय-रकन-वल-ह-रस-यकरन-यदध</guid>
        <description>वाशिंगटन, 17 मार्च । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने फ्लोरिडा से वाशिंगटन की देर रात की फ्लाइट के दौरान एयर फोर्स वन पर मीडिया से कहा, हम देखना चाहते हैं कि क्या हम युद्ध को समाप्त कर सकते हैं। शायद हम कर सकते हैं, शायद हम नहीं भी कर सकते, लेकिन मुझे लगता है कि हमारे पास बहुत अच्छा मौका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, मैं मंगलवार को राष्ट्रपति पुतिन से बात करूंगा। वीकेंड में बहुत काम किया गया है। इससे पहले क्रेमलिन ने शुक्रवार को कहा कि पुतिन ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के जरिए ट्रंप को उनकी युद्ध विराम योजना के बारे में एक संदेश भेजा और सतर्क आशावाद व्यक्त किया कि तीन साल से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर पहुंचा जा सकता है। अमेरिका में अलग-अलग संडे शो के दौरान विटकॉफ, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज ने इस बात पर जोर दिया कि रूस के युद्ध विराम पर सहमत होने से पहले कई चुनौतियों का समाधान किया जाना बाकी है, युद्ध का अंतिम शांतिपूर्ण समाधान दूर की बात है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें रूसी युद्ध को समाप्त करने का एक अच्छा मौका दिखाई दे रहा है। कीव की ओर से 30-दिवसीय अंतरिम युद्धविराम के अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद उनका यह बयान आया। हालांकि, जेलेंस्की ने लगातार कहा है कि उनके देश की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है और रूस को उस क्षेत्र को सौंपना चाहिए जिसे उसने जब्त किया है। रूस ने 2014 में क्रीमिया प्रायद्वीप पर कब्जा कर लिया था और अब 2022 में देश पर आक्रमण करने के बाद से चार पूर्वी यूक्रेनी क्षेत्रों पर उसका नियंत्रण है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 10:57:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका में सौतेली मां पर आरोप, 20 साल तक बेटे को बनाया बंदी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-सतल-म-पर-आरप-20-सल-तक-बट-क-बनय-बद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-सतल-म-पर-आरप-20-सल-तक-बट-क-बनय-बद</guid>
        <description>अमेरिका के कनेक्टिकट में एक आदमी को कथित तौर पर 20 सालों तक उसकी सौतेली मां ने एक छोटे कमरे में बंद रखा था.

अधिकारियों ने बताया कि जहां उस आदमी को रखा गया था, उस छोटे से कमरे में उन्होंने आग लगा दी.

जब आग लगी तो अधिकारियों ने आग पर काबू पाया और वहां से 32 साल के एक दुर्बल व्यक्ति को बचाया. जब उन्हें बचाया गया तो उस समय कथित बंदी का वजन 30 किलोग्राम था.

कनेक्टिकट के वॉटरबरी में पुलिस ने बताया कि व्यक्ति ने कबूल किया है कि उसने वर्षों तक लंबे समय तक दुर्व्यवहार, भुखमरी और अमानवीय व्यवहार सहने के बाद कमरे में आग लगाई थी.

उनकी सौतेली मां पर उन्हें बंधक बनाकर रखने और भूखा रखने का आरोप है, साथ ही उन पर अपहरण और क्रूरता का आरोप भी लगाया गया है.

हालांकि सौतेली मां ने उन पर लगे आरोपों से इनकार किया है.

आग लगाने के कारण के बारे में उस कथित बंदी ने पुलिस को बताया कि वह अपनी आज़ादी चाहते थे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Mar 2025 09:23:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जाफ़र एक्सप्रेस हाईजैक मामलाः पाकिस्तान के आरोपों पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जफर-एकसपरस-हईजक-ममल-पकसतन-क-आरप-पर-भरतय-वदश-मतरलय-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जफर-एकसपरस-हईजक-ममल-पकसतन-क-आरप-पर-भरतय-वदश-मतरलय-न-कय-कह</guid>
        <description>पाकिस्तान में जाफ़र एक्सप्रेस के हाईजैक मामले पर पाकिस्तान के आरोपों पर भारत ने जवाब दिया है.

पाकिस्तान का कहना था कि उसका यह मानना है कि पाकिस्तान में होने वाले आतंकी हमलों में भारत का हाथ होता है.

इस मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा गया है कि वो पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आधारहीन आरोपों को मज़बूत तरीके़ से ख़ारिज करता है.

मंगलवार को जाफ़र एक्सप्रेस को बलूच लिबरेशन आर्मी ने हाईजैक कर लिया था.

गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफ़क़त अली ख़ान ने ट्रेन हाईजैक मामले में अफ़ग़ानिस्तान से किए गए फ़ोन कॉल्स के सबूत पेश किए थे.

इस दौरान, जब उनसे यह पूछा गया कि क्या आतंकी हमलों के मामले में पाकिस्तान का रुख़ भारत से अफ़ग़ानिस्तान की ओर से शिफ़्ट हो गया है? तो इसके जवाब में उन्होंने कहा था कि ऐसा कुछ नहीं है.

उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान यह मानता है कि पाकिस्तान में होने वाले आतंकी हमलों में भारत का हाथ है.

इन आरोपों पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जवाब दिया है.

उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय के हवाले से लिखा, हम पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आधारहीन आरोपों को मज़बूत तरीके़ से ख़ारिज करते हैं.

पूरी दुनिया जानती है कि वैश्विक आतंकवाद का केंद्र कहां है.

जायसवाल ने कहा, पाकिस्तान को उसकी आंतरिक समस्याओं और असफलताओं को लेकर दूसरों पर उंगली उठाने और दोष मढ़ने के बजाए अपने अंदर झांकना चाहिए.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Mar 2025 09:23:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शहबाज़ शरीफ़ ने होली पर पाकिस्तान के हिंदू समुदाय से क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शहबज-शरफ-न-हल-पर-पकसतन-क-हद-समदय-स-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शहबज-शरफ-न-हल-पर-पकसतन-क-हद-समदय-स-कय-कह</guid>
        <description>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पर एक पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने देश के हिंदू समुदाय को होली की शुभकामनाएं दीं.

उन्होंने एक्स पर लिखा, मैं पाकिस्तान में रहने वाले हमारे हिंदू समुदाय को होली के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं.

इस उत्सव के आसपास मौजूद ऊर्जा वसंत के आगमन और प्रेम का प्रतीक है. यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है.

उन्होंने लिखा, यह पल नई शुरुआत और रिश्तों को और मज़बूत बनाने का जश्न है. यह वो मौका है, जो विभिन्नता के महत्व और एक संगठित राष्ट्र बनाने में समावेशिता के महत्व पर प्रकाश डालता है.

रंगों का यह त्यौहार आपके जीवन को ख़ुशियों, स्वास्थ्य, सफलता और समृद्धि से भर दे.

हैप्पी होली.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Mar 2025 09:23:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>राष्ट्रपति पुतिन ने युद्ध विराम के लिए यूक्रेन के सामने क्या शर्तें रखीं?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रषटरपत-पतन-न-यदध-वरम-क-लए-यकरन-क-समन-कय-शरत-रख</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रषटरपत-पतन-न-यदध-वरम-क-लए-यकरन-क-समन-कय-शरत-रख</guid>
        <description>-जेम्स लैंडेल/गैब्रिएला पॉमरॉय

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन में सीज़फ़ायर के लिए वो तैयार हैं. लेकिन, कुछ सवाल अभी भी बने हुए हैं, जैसे- कुछ दिनों के लिए होने वाली यह संधि कैसी होगी?

पुतिन ने इसके लिए कुछ कठिन शर्तें सामने रखी हैं.

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि विवाद का एक इलाक़ा कुर्स्क है, जहां पिछले साल यूक्रेन ने सैन्य घुसपैठ की थी. इस दौरान यूक्रेन ने कुछ हिस्से पर क़ब्ज़ा कर लिया था.

पुतिन ने कहा कि रूस ने कुर्स्क पर पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया है और यूक्रेन के सैनिकों को अलग-थलग कर दिया है.

पुतिन ने कहा, कुर्स्क में यूक्रेन के पास दो विकल्प हैं. या तो सरेंडर करें या फिर मरे.

इससे पहले, यूक्रेन ने अमेरिका से हुई बातचीत के दौरान 30 दिनों के लिए युद्ध विराम किए जाने की योजना पर सहमति जताई थी.

राष्ट्रपति पुतिन ने युद्ध विराम के समझौते से जुड़ी बातें यूक्रेन के जवाब के संदर्भ में कही हैं.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने राष्ट्रपति पुतिन की योजना को षड्यंत्रकारी बताया. यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस पर ज़्यादा प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की.

इस बीच, अमेरिका ने रूस पर तेल, गैस और बैंकिंग सेक्टर को लेकर और प्रतिबंध लगा दिए हैं.

मॉस्को में गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में राष्ट्रपति पुतिन ने युद्ध विराम की घोषणा को लेकर कहा, आइडिया तो सही है. हम इसका समर्थन करते हैं. मगर, कुछ सवाल हैं, जिन पर हमें चर्चा करने की ज़रूरत है.

पुतिन ने कहा, इस युद्ध विराम से शांति स्थापित होना चाहिए और इस संकट के मूल कारण दूर होने चाहिए.

उन्होंने कहा, हमें हमारे अमेरिकी सहयोगियों के साथ बात करने की ज़रूरत है. हो सकता है कि मैं डोनाल्ड ट्रंप से बात करूं.

पुतिन ने कहा, 30 दिनों के लिए युद्ध विराम यूक्रेन के लिए यह अच्छा रहेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Mar 2025 09:23:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डेनवर हवाई अड्डे पर ‘अमेरिकन एयरलाइंस’ के विमान में आग लगी, 12 लोगों को अस्पताल ले जाया गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनवर-हवई-अडड-पर-अमरकन-एयरलइस-क-वमन-म-आग-लग-12-लग-क-असपतल-ल-जय-गय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनवर-हवई-अडड-पर-अमरकन-एयरलइस-क-वमन-म-आग-लग-12-लग-क-असपतल-ल-जय-गय</guid>
        <description>डेनवर, 14 मार्च। डेनवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिकन एयरलाइंस के एक विमान में उस समय आग लग गई जब वह उतर रहा था जिसके बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया गया।

डेनवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि 12 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है।

डेनवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर से एक्स पर किए गए पोस्ट के अनुसार, अस्पताल ले जाए गए सभी लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने एक बयान में कहा कि कोलोराडो स्प्रिंग्स हवाई अड्डे से डलास फोर्ट वर्थ जा रही उड़ान 1006 को डेनवर की ओर मोड़ दिया गया और चालक दल द्वारा इंजन में खराबी की सूचना दिए जाने के बाद शाम पांच बजकर 15 मिनट पर इसे सुरक्षित रूप से उतारा गया।

एफएए ने बताया कि बोइंग 737-800 के इंजन में आग लग गई थी।

हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि बृहस्पतिवार अपराह्न जब आग लगी तब विमान, गेट सी38 पर था।

सीबीएस न्यूज द्वारा पोस्ट की गई एक तस्वीर में विमान के चारों ओर धुआं निकलता दिखाई दे रहा था।

विमानन कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि 172 यात्रियों और चालक दल के छह सदस्यों को टर्मिनल पर ले जाया गया।

उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि अग्निशमन कर्मियों ने शाम तक आग बुझा दी।

एफएए ने कहा कि वह इस घटना की जांच करेगा।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Mar 2025 09:23:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कुवैत ने जेल में बंद अमेरिकियों के एक समूह को रिहा किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कवत-न-जल-म-बद-अमरकय-क-एक-समह-क-रह-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कवत-न-जल-म-बद-अमरकय-क-एक-समह-क-रह-कय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 13 मार्च। कुवैत ने अमेरिकी कैदियों के एक समूह को रिहा कर दिया है, जिनमें मादक पदार्थों से संबंधित आरोपों में वर्षों से जेल में बंद पूर्व सैनिक और सैन्य ठेकेदार शामिल हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

कुवैत के इस कदम को दो सहयोगी देशों के बीच सद्भावना के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के बंधक संबंधी मामलों के शीर्ष दूत एडम बोहलर द्वारा क्षेत्र की हाल की यात्रा के बाद इन कैदियों को रिहा किया गया है। अमेरिकी सरकार विदेशों में जेलों में बंद अपने नागरिकों को वापस लाने के निरंतर प्रयास कर रही है।

रिहा किए गए कैदियों में से छह के साथ कुवैत से न्यूयॉर्क की उड़ान में जोनाथन फ्रैंक्स भी थे। फ्रैंक्स एक निजी सलाहकार हैं, जो अमेरिकी बंधकों और बंदियों से संबंधित मामलों को देखते हैं।

फ्रैंक्स ने एक बयान में कहा, मेरे मुवक्किल और उनके परिवार इस मानवीय कार्य के लिए कुवैत सरकार के आभारी हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में टिप्पणी के अनुरोध पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। रिहा किए गए कैदियों के नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

कुवैत एक छोटा किंतु तेल समृद्ध देश है जो इराक और सऊदी अरब की सीमा से लगा हुआ है और ईरान के निकट है। इसे अमेरिका का एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी माना जाता है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Mar 2025 06:25:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस&amp;यूक्रेन युद्धविराम के लिए रूस के साथ अमेरिका कैसे करेगा बातचीत, ट्रंप ने ये बताया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-यदधवरम-क-लए-रस-क-सथ-अमरक-कस-करग-बतचत-टरप-न-य-बतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-यदधवरम-क-लए-रस-क-सथ-अमरक-कस-करग-बतचत-टरप-न-य-बतय</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया है कि यूक्रेन में युद्धविराम पर बातचीत करने अमेरिका का एक दल रूस रवाना हुआ है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया है कि इस टीम में कौन से लोग शामिल हैं.

यह ख़बर ऐसे वक़्त में सामने आई है जब सउदी अरब में अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत के बाद यूक्रेन 30 दिनों के तत्कालिक युद्धविराम के अमेरिकी प्रस्ताव पर राज़ी हो गया है.

यूक्रेन की इस रज़ामंदी के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा था कि गेंद अब रूस के पाले में है.

सऊदी अरब के जेद्दा में बैठक के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा था कि अब यह अमेरिका पर निर्भर है कि वो रूस को इस मुद्दे पर कैसे तैयार करे.

इस बीच रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि वो इस युद्धविराम प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा है और उसने यह भी बताया है कि ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फ़ोन पर बातचीत भी हो सकती है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Mar 2025 06:25:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मानवता के खिलाफ अपराध मामले में फिलीपीन के पूर्व राष्ट्रपति दुतेर्ते आईसीसी की हिरासत में</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मनवत-क-खलफ-अपरध-ममल-म-फलपन-क-परव-रषटरपत-दतरत-आईसस-क-हरसत-म</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मनवत-क-खलफ-अपरध-ममल-म-फलपन-क-परव-रषटरपत-दतरत-आईसस-क-हरसत-म</guid>
        <description>हेग, 13 मार्च। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) ने फिलीपीन के पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते को मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप में बुधवार को हिरासत में ले लिया।

दुतेर्ते पर पद पर रहते हुए मादक पदार्थ रोधी कार्रवाई के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध करने के आरोप हैं।

मानवाधिकार संगठनों और पीड़ित परिवारों ने दुतेर्ते की गिरफ्तारी की सराहना की है। अदालत के मुख्य अभियोजक करीम खान ने इसे जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया।

दुतेर्ते को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके समर्थकों ने फिलीपीन के राष्ट्रपति फर्डिनैंड मार्कोस के प्रशासन की आलोचना की। मार्कोस और दुतेर्ते के बीच पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता है।

दुतेर्ते (79) मनीला से विमान के जरिए नीदरलैंड पहुंचे, जहां मंगलवार को आईसीसी के अनुरोध पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

नीदरलैंड की अदालत ने एक बयान में कहा कि किसी संदिग्ध के आने पर मानक प्रक्रियाओं के अनुरूप एहतियात के तौर पर उसे चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाती है और उसी क्रम में दुतेर्ते को भी चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई गई। हालांकि अदालत ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी कि दुतेर्ते का स्वास्थ्य कैसा है।

एक एम्बुलेंस उस विमान के नजदीक पहुंची जिसमें दुतेर्ते सवार थे। इसके बाद चिकित्सक विमान के अंदर गए। इस दौरान पुलिस का एक हेलीकॉप्टर हवाई अड्डे के करीब मंडराता रहा और बाद में पुलिस सुरक्षा में एक काली एसयूवी हवाई अड्डे से बाहर जाती दिखाई दी।

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के बाहर लोगों की भीड़ जमा थी।

फिलीपीन के विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को मनीला में जारी एक बयान में कहा कि हेग स्थित फिलीपीन दूतावास ने दुतेर्ते के आगमन पर उन्हें राजनयिक पहुंच मुहैया कराई। साथ ही ठंड़ के कपड़े और जरूरत का अन्य सामान भी उपलब्ध कराया गया।

कुछ ही दिनों में दुतेर्ते को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर उन्हें अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।

पीड़ित परिवारों ने दुतेर्ते की गिरफ्तारी पर खुशी जताई है और उम्मीद जताई कि उन्हें न्याय मिलेगा।

आईसीसी ने 2021 में कथित मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सामूहिक हत्याओं के आरोपों की जांच शुरू की। राष्ट्रीय पुलिस के अनुसार दुतेर्ते के राष्ट्रपति कार्यकाल में इन घटनाओं में 6,000 से अधिक लोग मारे गए थे वहीं मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि 30,000 लोग मारे गए थे।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Mar 2025 06:25:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बलूचिस्तान ट्रेन हाईजैक&amp; ख़त्म हुआ ऑपरेशन, पाकिस्तानी सेना ने क्या बताया?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बलचसतन-टरन-हईजक-खतम-हआ-ऑपरशन-पकसतन-सन-न-कय-बतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बलचसतन-टरन-हईजक-खतम-हआ-ऑपरशन-पकसतन-सन-न-कय-बतय</guid>
        <description>पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि बलूचिस्तान प्रांत में ट्रेन हाईजैक होने के बाद सुरक्षा बलों का अभियान समाप्त हो गया है और इस अभियान में सभी चरमपंथी मारे गए हैं.

बीबीसी उर्दू के मुताबिक़ आईएसपीआर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में यह दावा किया है. प्रवक्ता ने कहा है कि इस ऑपरेशन के दौरान किसी यात्री की मौत नहीं हुई है.

हालांकि प्रवक्ता ने बताया है कि ऑपरेशन शुरू होने से पहले ही चरमपंथियों ने 21 लोगों की हत्या कर दी थी.

बीबसी उर्दू के मुताबिक़ पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री अत्ता तरार ने बताया है कि ट्रेन में कुल 440 यात्री सवार थे, जिनमें से कई को बंधक बना लिया गया था. इन्हें बचाने का अभियान 36 घंटों तक चला.

उन्होने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने सावधानी और कुशलता से आपरेशन को अंजाम दिया, जिससे ऑपरेशन के दौरान किसी बंधक को कोई नुक़सान नहीं हुआ.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Mar 2025 06:25:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ज़ेलेंस्की: सब कुछ रूस की मंशा पर निर्भर करता है</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जलसक-सब-कछ-रस-क-मश-पर-नरभर-करत-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जलसक-सब-कछ-रस-क-मश-पर-नरभर-करत-ह</guid>
        <description>अमेरिका और यूक्रेन के अधिकारियों की सऊदी अरब में चल रही युद्धविराम वार्ता को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने सकारात्मक बताया है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने शांति और युद्धविराम के लिए अपनी मंशा साफ कर दी है, अब रूस को इस पर जवाब देना होगा.

उनका यह बयान तब आया जब अमेरिका के साथ बातचीत के बाद यूक्रेन ने 30 दिन के युद्धविराम के लिए मंजूरी दी.

ज़ेलेंस्की ने कहा, अब सब कुछ रूस पर निर्भर करता है कि वो युद्धविराम चाहता है या शांति, या हिंसा जारी रखना चाहता है.

उन्होंने आगे कहा, यूक्रेन ने अपना रुख साफ कर दिया है... अब रूस को इस पर फैसला लेना होगा.

इससे पहले, रूस ने कहा था कि वह अमेरिकी अधिकारियों से पूरी जानकारी मिलने के बाद ही कोई प्रतिक्रिया देगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Mar 2025 06:25:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान में ट्रेन में बंधक बनाए गए 104 यात्रियों को बचाया गया, 16 आतंकवादी मारे गए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-म-टरन-म-बधक-बनए-गए-104-यतरय-क-बचय-गय-16-आतकवद-मर-गए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-म-टरन-म-बधक-बनए-गए-104-यतरय-क-बचय-गय-16-आतकवद-मर-गए</guid>
        <description>(अब्दुल वहीद)

कराची, 12 मार्च। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक सुरंग में बलूच आतंकवादियों द्वारा एक यात्री ट्रेन पर हमला किए जाने के बाद सुरक्षा बलों ने कम से कम 16 आतंकवादियों को मार गिराया और 104 यात्रियों को बचा लिया। सुरक्षा अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि नौ डिब्बों में लगभग 400 यात्रियों को लेकर जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी तभी मंगलवार दोपहर गुदलार और पीरू कोनेरी इलाकों के बीच उस पर गोलीबारी की गई।

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली।

सुरक्षा सूत्रों ने पुष्टि की है कि आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान वे महिलाओं और बच्चों सहित 104 यात्रियों को बचाने में सफल रहे।

एक सूत्र ने कहा, मुठभेड़ में 16 आतंकवादी मारे गए हैं और कई अन्य घायल हो गए हैं। मुठभेड़ अभी जारी है।

उन्होंने कहा कि जब तक सभी यात्रियों को ट्रेन से नहीं निकाल लिया जाता, तब तक आतंकवादियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

बताया जाता है कि अन्य आतंकवादी कुछ यात्रियों को पहाड़ी इलाकों में ले गए हैं और सुरक्षा बलों ने अंधेरे में उनका पीछा किया।

सूत्र ने बताया कि बचाए गए यात्रियों में 58 पुरुष, 31 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं तथा उन्हें एक अन्य ट्रेन से माच (पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के कच्छी जिले का एक शहर) भेजा गया है।

उन्होंने कहा, आतंकवादियों ने अंधेरे का सहारा लेकर भागने की कोशिश करने के लिए अब छोटे-छोटे समूह बना लिए हैं, लेकिन सुरक्षा बलों ने सुरंग को घेर लिया है और शेष यात्रियों को भी जल्द ही बचा लिया जाएगा।

बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि सुरक्षा बलों ने पहले एक डिब्बे से 80 यात्रियों - 43 पुरुष, 26 महिलाएं और 11 बच्चों - को छुड़ाने में कामयाबी हासिल की।

हालांकि प्राधिकारियों ने कोई और ब्यौरा नहीं दिया है, लेकिन रिंद ने बताया कि सुरंग में ट्रेन को रोके जाने की सूचना रेलवे प्राधिकारियों को मिलने के तुरंत बाद ही सैन्य टुकड़ियों सहित सुरक्षा बल उस दुर्गम इलाके में पहुंच गए थे जहां सुरंग स्थित है।

पाकिस्तानी मीडिया ने उस सुरंग के पास भीषण गोलीबारी और विस्फोट की खबर दी है, जहां आतंकवादियों ने ट्रेन पर हमला किया।

रिंद ने कहा कि पेशावर जाने वाली यात्री ट्रेन पर भीषण गोलीबारी की खबरों के बीच बचाव दल को मौके पर भेजा गया है।

इस बीच, पाकिस्तान रेलवे ने क्वेटा रेलवे स्टेशन पर एक आपातकालीन डेस्क स्थापित किया है क्योंकि चिंतित रिश्तेदार अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए पहुंच रहे हैं।

पिछले वर्ष अक्टूबर में पाकिस्तान रेलवे ने डेढ़ महीने से अधिक समय के निलंबन के बाद क्वेटा और पेशावर के बीच रेल सेवाएं बहाल करने की घोषणा की थी।

जिस इलाके में ट्रेन को रोका गया है, वहां के जिला पुलिस अधिकारी राणा मोहम्मद दिलावर ने बताया कि सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है, लेकिन ऐसी खबरें हैं कि आतंकवादियों ने कुछ महिलाओं और बच्चों को बंधक बना लिया है।

उन्होंने बताया कि ट्रेन में करीब चार से पांच सरकारी अधिकारी सवार थे।

पेशावर रेलवे स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी तारिक महमूद ने कहा कि लोगों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

पिछले वर्ष नवंबर में क्वेटा रेलवे स्टेशन पर एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को बम से उड़ा लिया था जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी और 62 अन्य घायल हो गए थे जिसके बाद रेलवे ने कई सेवाएं निलंबित कर दी थीं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 06:30:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की भारत में एंट्री, हाई स्पीड इंटरनेट के लिए एयरटेल से करार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-कपन-सपसएकस-क-भरत-म-एटर-हई-सपड-इटरनट-क-लए-एयरटल-स-करर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-कपन-सपसएकस-क-भरत-म-एटर-हई-सपड-इटरनट-क-लए-एयरटल-स-करर</guid>
        <description>एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स और एयरटेल ने स्टारलिंक हाई स्पीड इंटरनेट को भारत में लाने के लिए करार किया है.

इसकी जानकारी एयरटेल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दी है.

एयरटेल के बयान के अनुसार, एयरटेल ने स्पेसएक्स के साथ समझौता किया है, जिसके तहत भारत में एयरटेल के ग्राहकों के लिए स्टारलिंक हाई स्पीड इंटरनेट की सेवाएं लाई जाएंगी.

यह भारत में साइन किया गया पहला समझौता है, लेकिन इसकी शुरुआत स्पेसएक्स को भारत में स्टारलिंक सेवाएं देने की जरूरी मंज़ूरी मिलने के बाद ही होगी.

इस समझौते के तहत एयरटेल और स्पेसएक्स मिलकर यह देखेंगे कि स्टारलिंक एयरटेल की सेवाओं को कैसे बेहतर बना सकता है. साथ ही, भारतीय बाजार को लेकर एयरटेल के अनुभव से स्पेसएक्स की ग्राहकों और बिज़नेस को दी जाने वाली सेवाएं कैसे और अच्छी बनाई जा सकती हैं.

इस समझौते में स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्शन भी देने की बात भी शामिल है.

यह घोषणा तब हुई है जब कुछ हफ्ते पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाशिंगटन में एलन मस्क से मुलाकात की थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 06:30:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने कनाडा के स्टील और अल्यूमीनियम पर 50 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाने की योजना रोकी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कनड-क-सटल-और-अलयमनयम-पर-50-फसद-टरफ-लगन-क-यजन-रक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कनड-क-सटल-और-अलयमनयम-पर-50-फसद-टरफ-लगन-क-यजन-रक</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी देने के बाद फ़िलहाल कनाडा के स्टील,अल्यूमीनियम और अन्य धातुओं पर 50 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाने की योजना को रोक दिया है.

हालांकि कनाडा से आयात होने वाले इन मेटल्स पर 25 फ़ीसदी टैरिफ़ जारी रहेगा, जो 12 मार्च यानी आज से लागू हो रहा है.

ट्रंप का यह कदम कनाडा के ओंटारियो प्रांत के उस फ़ैसले के बाद आया है जिसमें उसने नॉर्थ अमेरिका के कुछ राज्यों को भेजी जाने वाली बिजली पर 25 फ़ीसदी के नए शुल्क लगाने को रोक दिया है.

ट्रंप ने बिजली सप्लाई पर इस शुल्क के ख़िलाफ़ कनाडा पर बड़े टैरिफ़ लगाने की धमकी दी थी.

यह दोनों देशों के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के लिहाज़ से एक अहम कदम है, जो अमेरिका और कनाडा दोनों की अर्थव्यवस्था के लिए घातक है.

अमेरिका जिन देशों से इस्पात का आयात करता है उनमें साल 2024 में कनाडा सबसे आगे रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 06:30:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पूर्व मुक्केबाज माइक टायसन पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली महिला ने मामला वापस लिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/परव-मककबज-मइक-टयसन-पर-बलतकर-क-आरप-लगन-वल-महल-न-ममल-वपस-लय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/परव-मककबज-मइक-टयसन-पर-बलतकर-क-आरप-लगन-वल-महल-न-ममल-वपस-लय</guid>
        <description>सायराक्यूज (अमेरिका), 12 मार्च। पूर्व पेशेवर मुक्केबाज माइक टायसन पर 1991 में लिमोजिन कार में बलात्कार का आरोप लगाने वाली महिला ने अपना मुकदमा वापस ले लिया है। अमेरिकी जिला अदालत में दायर एक पत्र से यह जानकारी मिली।

टायसन के वकील डैनियल रुबिन के पत्र में कहा गया है कि वादी के वकील ने मुझे सूचित किया है कि वादी अपनी शिकायत वापस ले रही है और स्वेच्छा से मामले को बंद कर रही हैं।

न्यायाधीश मिशेल कैट्ज को सात मार्च को यह पत्र लिखा गया था।

महिला के वकीलों ने मंगलवार को एक बयान में कहा, हम इस बात से बेहद निराश हैं कि अदालत ने हमें मामले में दलीलों में संशोधन करने की अनुमति नहीं दी। यह शर्म की बात है कि हमारे मुवक्किल के मामले को प्रक्रियात्मक आधार पर खारिज करना पड़ा।

वकील डैरेन सेइलबैक द्वारा जारी बयान में कहा गया है, हम अपने मुवक्किल के बयान के साथ खड़े हैं और उसका 100 फीसदी समर्थन करते हैं।

जनवरी 2023 में दायर अपने मुकदमे में महिला ने कहा कि 1987 से 1990 तक हैवीवेट चैंपियन रहे टायसन ने अल्बानी नाइट क्लब में उनसे मुलाकात की थी और इसके बाद उन्होंने उनसे बलात्कार किया। महिला ने कहा कि उसके बाद से वह शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक रूप से आहत रहीं।

टायसन ने इन आरोपों से इनकार किया है। 1992 में एक अलग मामले में उन्हें बलात्कार का दोषी ठहराया गया था और उन्हें तीन साल जेल में बिताने पड़े थे।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 06:30:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पोप फ्रांसिस की सेहत में सुधार, डॉक्टरों ने कहा&amp; जान को कोई खतरा नहीं वेटिकन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पप-फरसस-क-सहत-म-सधर-डकटर-न-कह-जन-क-कई-खतर-नह-वटकन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पप-फरसस-क-सहत-म-सधर-डकटर-न-कह-जन-क-कई-खतर-नह-वटकन</guid>
        <description>सिटी, 11 मार्च । वेटिकन ने बताया कि पोप फ्रांसिस के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी सेहत में सुधार हो रहा है और जान को कोई खतरा नहीं है। वेटिकन ने पोप फ्रांसिस की हेल्थ के बारे में बताया कि 88 वर्षीय पोप फ्रांसिस को जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। हालांकि, उनकी स्थिति अभी भी जटिल है। वेटिकन ने एक बयान में कहा, होली फादर की चिकित्सा स्थितियां अभी भी स्थिर बनी हुई है। बयान में कहा गया है कि पिछले दिनों में जो सुधार हुए थे, वे अब और बेहतर हो गए हैं, जैसा कि खून के टेस्ट, डॉक्टर की जांच और दवाइयों के अच्छे असर से साबित हुआ है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि पोप फ्रांसिस अपना इलाज पूरा करने के लिए कुछ और दिनों के लिए चिकित्सा निगरानी में रहें, क्योंकि उनकी स्थिति जटिल है और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के समय गंभीर संक्रमण था। पोप फ्रांसिस की तबीयत में सुधार हो रहा है और वह अपने इलाज के दौरान शारीरिक तथा सांस संबंधी चिकित्सा से गुजर रहे हैं।

वे रात में ऑक्सीजन मास्क और दिन में हाई-फ्लो ऑक्सीजन कैनुला का उपयोग करते हैं। हालांकि, पोप ने अपने प्रवेश के बाद से कोई सार्वजनिक उपस्थिति नहीं दिखाई है, लेकिन वे वीडियो लिंक के माध्यम से वेटिकन की प्रार्थनाओं का पालन करते हैं। पिछले सप्ताह पोप ने एक ऑडियो संदेश भी रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने अपने स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना और समर्थन करने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया। लगातार चार रविवार तक अपनी एंजेल्स प्रार्थना में शामिल नहीं होने के बावजूद पोप फ्रांसिस ने अपनी चिकित्सा टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, मैं भी सेवा की सोच और देखभाल की कोमलता का अनुभव करता हूं, विशेष रूप से डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 08:02:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रूडो के बाद कार्नी के पीएम बनने पर कैसे होंगे भारत&amp;कनाडा रिश्ते ?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरड-क-बद-करन-क-पएम-बनन-पर-कस-हग-भरत-कनड-रशत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरड-क-बद-करन-क-पएम-बनन-पर-कस-हग-भरत-कनड-रशत</guid>
        <description>ओटावा, 10 मार्च । कनाडा के पीएम पद की रेस जीतने वाले मार्क कार्नी के नेतृत्व में क्या ओटावा नई दिल्ली के साथ ज्यादा बेहतर संबंध कायम करेगा। यह सवाल इसलिए उठा है क्योंकि कार्नी चुनाव अभियान के दौरान भारत के साथ तनावपूर्ण संबंधों के पुनर्निर्माण की बात जोर-शोर उठा चुके हैं। कनाडा के केन्द्रीय बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैण्ड के पूर्व गवर्नर ने रविवार को लिबरल पार्टी के नेतृत्व की प्रतियोगिता में तीन प्रतिद्वंद्वियों को भारी मतों से हराया। कार्नी ने अब तक किसी भी निर्वाचित पद पर कार्य नहीं किया है। वह आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे और अगले आम चुनाव में लिबरल पार्टी का नेतृत्व करेंगे। पीएम जस्टिन ट्रूडो के बार-बार दिए गए बेतुके बयान और आधारहीन आरोपों के चलते दोनों देशों के संबंध अपने सबसे बुरे दौर में पहुंच गए। हालांकि अब ट्रूडो की जगह लेने वाले कार्नी ने संबंधों को सुधारने के संकेत देते रहे हैं। हाल ही में कैलगरी में एक बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, कनाडा समान विचारधारा वाले देशों के साथ अपने व्यापारिक संबंधों में विविधता लाना चाहता है और भारत के साथ संबंधों को फिर से स्थापित करने के अवसर मौजूद हैं। कनाडा में भारत विरोधी खालिस्तानी तत्वों की गतिविधियां भारत के लिए चिंता की वजह रही हैं।

नई दिल्ली ने बार-बार ओटावा से भारत विरोधी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। ओटावा के साथ नई दिल्ली के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में बिगड़ते चले गए है। भारत ने बार-बार कनाडा में उग्रवाद, हिंसा की संस्कृति और भारत विरोधी गतिविधियों के बारे में अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है और ओटावा से इन गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। 18 जून 2023 को खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारा की पार्किंग में गोली मारकर हत्या कर दी गई। निज्जर हत्याकांड नई दिल्ली और ओटावा के संबंधों में बड़े विवाद की वजह बन गया जब कनाडा के पीएम जस्टिसन ट्रूडो ने इस हत्या में भारत के शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने 18 सितंबर 2023 को संसद में कहा था, पिछले कुछ हफ्तों से, कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां ​​भारत सरकार के एजेंटों और निज्जर की हत्या के बीच संभावित संबंध के विश्वसनीय आरोपों की सक्रिय रूप से जांच कर रही हैं। नई दिल्ली ने इस आरोप को मजबूती से खारिज कर दिया और कनाडा की तरफ से इसे लेकर कभी कोई सबूत सामने नहीं रखे गए। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 08:02:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मार्क कार्नी कौन हैं, जो जस्टिन ट्रूडो की जगह होंगे कनाडा के नए प्रधानमंत्री</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मरक-करन-कन-ह-ज-जसटन-टरड-क-जगह-हग-कनड-क-नए-परधनमतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मरक-करन-कन-ह-ज-जसटन-टरड-क-जगह-हग-कनड-क-नए-परधनमतर</guid>
        <description>जस्टिन ट्रूडो के बाद कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी होंगे. वह ब्रिटेन और कनाडा के केंद्रीय बैंकों के प्रमुख रह चुके हैं.

तीन प्रतिद्वंद्वियों के ख़िलाफ़ आसानी से नेतृत्व की दौड़ जीतने वाले कार्नी अगले आम चुनाव में कनाडा की लिबरल पार्टी की ओर से चुनाव लड़ेंगे.

जस्टिन ट्रूडो पर अपनी ही पार्टी के भीतर से इस्तीफ़ा देने के लिए दबाव बढ़ रहा था, जिसके बाद नौ साल तक प्रधानंत्री पद पर रहने के बाद जनवरी में उन्होंने अपने इस्तीफे़ की घोषणा की थी.

प्रधानमंत्री का पद स्वीकार करते हुए कार्नी ने कहा, हमारा देश काले दिनों का सामना कर रहा है जो उस देश के कारण आए हैं जिस पर हम अब भरोसा नहीं कर सकते.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संदेश देते हुए कार्नी ने संकल्प लिया कि जब तक अमेरिकी हमें सम्मान नहीं देंगे, तब तक वे अमेरिकी वस्तुओं पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ (जवाबी ) जारी रखेंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 10 Mar 2025 06:42:04 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन में इंटरनेट सेवा को लेकर मस्क ने पोलैंड के विदेश मंत्री को बताया ‘छोटा आदमी’</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-म-इटरनट-सव-क-लकर-मसक-न-पलड-क-वदश-मतर-क-बतय-छट-आदम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-म-इटरनट-सव-क-लकर-मसक-न-पलड-क-वदश-मतर-क-बतय-छट-आदम</guid>
        <description>अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अरबपति कारोबारी एलन मस्क के बीच पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोर्स्की के साथ रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लंबी बहस हुई.

एक्स पर हुई ये बहस यूक्रेन में हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराने वाली मस्क की स्टारलाइन सैटेलाइट सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर हुई.

यूक्रेन में सिस्टम को बंद करने वाले मस्क के एक पोस्ट के जवाब में सिकोर्स्की ने कहा कि अगर स्टारलिंक को बंद करने की धमकी दी गई, तो दूसरे सप्लायर्स की तलाश की जाएगी.

हालांकि रुबियो ने मस्क के उस दावे को तुरंत ही खारिज किया जिसमें सिस्टम बंद करने की बात कही गई थी. साथ ही उन्होंने सिकोर्स्की से आभार जताने का आग्रह किया.

तीनों के बीच जारी ये बहस तब ख़त्म हुई जब मस्क ने सिकोर्स्की को छोटा व्यक्ति कहा.

स्टारलिंक सिस्टम स्पेसएक्स के उस मिशन का हिस्सा है, जिसका मक़सद दुनिया भर में दूरदराज और वंचित क्षेत्रों, जैसे युद्ध क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराना है.

रविवार का यह बहस तब शुरू हुआ जब मस्क ने पोस्ट किया कि स्टारलिंक यूक्रेनी सेना की रीढ़ है.

उन्होंने लिखा, अगर मैं इसे बंद कर दूं तो युद्ध में खड़ी आगे की पंक्ति ध्वस्त हो जाएगी.

मस्क के इस पोस्ट के जवाब में सिकोर्स्की ने कहा इस सर्विस के लिए पौलेंड भुगतान कर रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 10 Mar 2025 06:42:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण कोरिया का दावा&amp; उत्तर कोरिया ने दागे कई मिसाइल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-क-दव-उततर-करय-न-दग-कई-मसइल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-क-दव-उततर-करय-न-दग-कई-मसइल</guid>
        <description>न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने सोमवार को अपने पश्चिमी तट से कई अज्ञात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक़ दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने संवाददाताओं को भेजे एक संदेश में कहा कि मिसाइलों को स्थानीय समयानुसार क़रीब 2 बजे पश्चिमी तट से समुद्र की ओर दागा गया.

इस संदेश में कहा गया है कि दक्षिण कोरियाई सेना ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है.

उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने सोमवार से शुरू अमेरिका और दक्षिण कोरिया के वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास की आलोचना की थी और कहा कि इससे कोरियाई प्रायद्वीप में स्थिति और खराब हो जाएगी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 10 Mar 2025 06:42:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका: व्हाइट हाउस के बाहर हथियारबंद व्यक्ति को सीक्रेट सर्विस ने मारी गोली</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-वहइट-हउस-क-बहर-हथयरबद-वयकत-क-सकरट-सरवस-न-मर-गल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-वहइट-हउस-क-बहर-हथयरबद-वयकत-क-सकरट-सरवस-न-मर-गल</guid>
        <description>अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने एक बयान में कहा कि रविवार को तड़के व्हाइट हाउस के बाहर एक सशस्त्र झड़प में एक व्यक्ति को गोली मारी गई है.

बयान में कहा गया है कि स्थानीय पुलिस से एक गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति आत्मघाती हो सकता है, जो इंडियाना से वॉशिंगटन डीसी की यात्रा कर रहा है.

बयान में बताया गया कि मिली गुप्त सूचना के मुताबिक़, अधिकारी उस आदमी के पास गए जो उस जानकारी से मेल खाता था और जिसके पास हथियार दिखाया गया था. इसके बाद गोलीबारी हुई.

सीक्रेट सर्विस ने कहा कि वह व्यक्ति अब अज्ञात हालत में अस्पताल में है.

हालांकि जिस वक़्त ये हुआ तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में मौजूद नहीं थे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 10 Mar 2025 06:42:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डब्ल्यूएचओ की पूर्व वैज्ञानिक ने काम करने के घंटों और शरीर को लेकर क्या बात कही</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डबलयएचओ-क-परव-वजञनक-न-कम-करन-क-घट-और-शरर-क-लकर-कय-बत-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डबलयएचओ-क-परव-वजञनक-न-कम-करन-क-घट-और-शरर-क-लकर-कय-बत-कह</guid>
        <description>विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पूर्व प्रमुख वैज्ञानिक और स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाहकार सौम्या स्वामिनाथन ने व्यक्ति के काम करने के घंटों को लेकर एक बयान दिया है.

उन्होंने कहा है कि लोगों को अपने शरीर की सुननी चाहिए और जब शरीर को आराम की ज़रूरत हो तो करना चाहिए. ऐसा न करने की स्थिति में आपकी कार्य क्षमता प्रभावित हो सकती है.

स्वामिनाथन ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा कि छोटे अंतराल के लिए बहुत ज़्यादा काम किया जा सकता है, जैसा कोविड-19 के दौरान देखने को मिला था मगर, लंबे समय के लिए ऐसा नहीं हो सकता है.

सौम्या स्वामिनाथन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उत्पादकता काम की गुणवत्ता पर निर्भर करती है ना कि काम करने के लिए ख़र्च किए गए समय पर.

सौम्या स्वामिनाथन ने कहा, मैं जानती हूं कि कुछ लोग बहुत कठिन परिश्रम करते हैं. इसलिए, मुझे लगता है कि यह एक व्यक्तिगत मामला है. जब आप थक जाते हैं तो आपका शरीर आपको बताता है. तब आपको अपने शरीर की बात सुननी चाहिए.

आप कुछ महीनों के लिए कठिन परिश्रम कर सकते हैं, जैसा कोविड के दौरान हमने किया था. मगर, क्या हम इसे कई सालों तक जारी रख सकते हैं? मुझे तो नहीं लगता.

उन्होंने कहा, उन दो-तीन वर्षों के लिए हमने ऐसा किया. हमने ज़्यादा नींद भी नहीं ली. हम ज़्यादातर समय तनाव में थे. कई बातों को लेकर चिंतित थे. खासतौर पर स्वास्थ्य की देखभाल से जुड़े लोग. वे लोग दिन-रात काम कर रहे थे.

उसके बाद कई लोगों ने यह प्रोफ़ेशन ही छोड़ दिया. छोटे समय के लिए ऐसा किया जा सकता है, मगर यह वास्तविक तौर पर स्थायी नहीं है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 10 Mar 2025 06:42:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सीरियाई सेनाओं और असद समर्थकों के बीच भीषण लड़ाई, दर्जनों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सरयई-सनओ-और-असद-समरथक-क-बच-भषण-लडई-दरजन-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सरयई-सनओ-और-असद-समरथक-क-बच-भषण-लडई-दरजन-क-मत</guid>
        <description>सीरिया की राजधानी दमिश्क में नई सरकार के प्रति वफ़ादार सीरियाई सेनाएं और सत्ता से बेदखल किए गए असद शासन के समर्थकों के साथ भीषण लड़ाई की ख़बरे हैं.

देश के उत्तर-पश्चिमी तटीय क्षेत्र में रूसी नियंत्रित एयरबेस के नज़दीक लताकिया प्रांत में हुई झड़पों में दर्जनों लोग मारे गए हैं.

दिसंबर में बशर अल-असद के पतन के बाद से सीरिया की इस्लामी सरकार से जुड़ी सेनाओं के साथ अबतक की हिंसक झड़प है.

मारे गए लोगों की संख्या के बारे में अलग-अलग अनुमान हैं और बीबीसी स्वतंत्र रूप से उनकी पुष्टि करने में असमर्थ है.

गुरुवार देर रात सीरिया स्थित स्टेप न्यूज़ एजेंसी ने खबर दी कि सरकार समर्थित बलों के हमले में लगभग 70 पूर्व सरकारी लड़ाके मारे गए हैं जबकि 25 से अधिक को जबलेह और उसके आसपास के क्षेत्रों में पकड़ लिया गया है.

इसके अलावा, एएफ़पी समाचार एजेंसी ने एक युद्ध पर्यवेक्षक का हवाला देते हुए कहा कि कुल 48 लोग मारे गए, जिनमें 16 सरकारी सुरक्षाकर्मी, 28 असद समर्थक लड़ाके और चार नागरिक शामिल हैं.

सीरिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल हसन अब्दुल ग़नी ने सरकारी मीडिया के माध्यम से लताकिया में लड़ रहे असद समर्थकों को चेतावनी जारी की है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 06:44:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा और मेक्सिको पर टैरिफ़ को लेकर ट्रंप ने लिया ये फ़ैसला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-और-मकसक-पर-टरफ-क-लकर-टरप-न-लय-य-फसल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-और-मकसक-पर-टरफ-क-लकर-टरप-न-लय-य-फसल</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और मेक्सिको पर 25 फ़ीसदी टैरिफ़ में छूट को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है.

यह दो दिनों में दूसरी बार है जब ट्रंप ने अमेरिका के दो सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों से आयात पर टैरिफ़ लगाने और फिर छूट देने का फ़ैसला लिया.

इन फ़ैसलों से व्यवसायों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है और वित्तीय बाजार चिंतित हो गए हैं.

बुधवार को उन्होंने कहा कि वे कार निर्माताओं को 25% आयात शुल्क से अस्थायी रूप से छूट देंगे.

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने इस कदम के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया, जबकि कनाडा के वित्त मंत्री ने कहा कि देश अमेरिकी उत्पादों पर लगाए जाने वाले दूसरे दौर के जवाबी टैरिफ़ को फिलहाल टाल देगा.

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने गुरुवार को कहा था कि टैरिफ़ को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ फ़ोन पर उनकी दिलचस्प बातचीत हुई.

ट्रूडो ने पत्रकारों से कहा कि कुछ राहत के बावजूद, दोनों सहयोगियों के बीच आने वाले समय में व्यापार को लेकर टकराव की संभावना बनी हुई है.

ट्रंप ने कहा है कि वह मेक्सिको की राष्ट्रपति शिनबाम के साथ फ़ोन पर बातचीत के बाद 2 अप्रैल तक छूट देने पर वह सहमत हुए हैं और उनका उद्देश्य कार निर्माताओं और कार पार्ट्स के आपूर्तिकर्ताओं की मदद करना है.

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि मेक्सिको से होने वाले लगभग 50% अमेरिकी आयात और कनाडा से होने वाले 62% आयात पर अभी भी टैरिफ़ जारी रह सकता है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 06:44:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सीरियाई सेना पर असद समर्थकों ने घात लगाकर हमला किया, 13 पुलिस अधिकारियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सरयई-सन-पर-असद-समरथक-न-घत-लगकर-हमल-कय-13-पलस-अधकरय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सरयई-सन-पर-असद-समरथक-न-घत-लगकर-हमल-कय-13-पलस-अधकरय-क-मत</guid>
        <description>दमिश्क (सीरिया), 7 मार्च। सीरिया के जबलेह शहर में बंदूकधारियों ने बृहस्पतिवार को सीरियाई पुलिस गश्त दल पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें कम से कम 13 सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। एक स्थानीय अधिकारी ने यह जानकारी दी।

हमला ऐसे समय में हुआ है जब सीरिया के जबलेह क्षेत्र में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद के अल्पसंख्यक अलावी समुदाय के लोगों और इस्लामी संगठनों के बीच तनाव तेज है। दिसंबर की शुरुआत में इस्लामवादी हयात तहरीर अल-शाम के नेतृत्व में विद्रोही समूहों ने असद शासन का तख्तापलट कर दिया था।

ब्रिटेन के मानवाधिकार संगठन सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि लताकिया शहर के पास जबलेह शहर में घात लगाकर किए गए हमले में कम से कम 16 लोग मारे गए। निगरानी समूह के प्रमुख रामी अब्दुर्रहमान ने कहा कि पुलिस बल पर अलावी समुदाय के लोगों ने घात लगा कर हमला किया।

अब्दुर्रहमान ने कहा, शासन के पतन के बाद से ये सबसे अधिक हिंसक झड़प हैं।

दमिश्क में एक स्थानीय अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि घात लगाकर किए गए हमले में जनरल सिक्योरिटी डायरेक्टरेट के 13 सदस्य मारे गए।

अरब में प्रसारित होने वाले टेलीविजन चैनल अल-जजीरा ने कहा कि उसके कैमरामैन रियाद अल-हुसैन संघर्ष को कवर करते समय घायल हो गए।

सरकारी मीडिया ने बताया कि अधिकारियों ने पास के शहर टार्टस में 12 घंटे का कर्फ्यू लगा दिया है।

सरकारी समाचार एजेंसी सना ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए क्षेत्र में बड़ी संख्या में अतिरिक्त बल भेजा जा रहा है।

स्थानीय मीडिया ने सुरक्षा अधिकारी साजिद अल-दीक के हवाले से कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को सुरक्षा बलों पर हमला करने वाले बंदूकधारियों से अलावी समुदाय के लोगों का कोई लेना-देना नहीं है।

अल-दीक ने कहा, हम सांप्रदायिक भावनाओं को बढ़ावा देने से बचने का आह्वान करते हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 06:44:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>स्पेसएक्स रॉकेट में फिर हुआ विस्फोट, लगातार दूसरी बार आसमान से मलबे बरसे</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सपसएकस-रकट-म-फर-हआ-वसफट-लगतर-दसर-बर-आसमन-स-मलब-बरस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सपसएकस-रकट-म-फर-हआ-वसफट-लगतर-दसर-बर-आसमन-स-मलब-बरस</guid>
        <description>गुरुवार को टेक्सास से लॉन्च होने के थोड़ी देर बाद अरबपति कारोबारी और अब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन में शामिल एलन मस्क की स्वामित्व वाली कंपनी स्पेसएक्स के एक रॉकेट में विस्फोट हो गया है.

इस कारण कुछ हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द कर दी गईं और अंतरिक्ष यान के मलबे के गिरने को लेकर चेतावनियां जारी की गई हैं.

स्पेसएक्स ने इस बात की पुष्टि की है कि बिना क्रू के गया उनका स्पेसशिप अंतरिक्ष में जाते समय ग़ायब हो गया है और अब उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है.

अब तक का सबसे बड़ा रॉकेट स्पेसएक्स स्टारशिप लॉन्च के कुछ ही समय बाद नियंत्रण से बाहर हो गया था.

इस घटना में किसी तरह की चोट या क्षति की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन कैरिबियन सागर के द्वीपीय देशों से मिली तस्वीरों में आसमान से आग में तब्दील मलबे की बारिश दिखाई दे रही है.

यह रॉकेट परीक्षण का आठवां मिशन था और यह इसकी लगातार दूसरी विफलता थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 06:44:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>संस्कृत : वैज्ञानिक भाषा और भावी पीढ़ी के लिए आशीर्वाद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ससकत-वजञनक-भष-और-भव-पढ-क-लए-आशरवद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ससकत-वजञनक-भष-और-भव-पढ-क-लए-आशरवद</guid>
        <description>मेलबर्न, 7 मार्च । बीएपीएस (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामिनारायण संस्था) द्वारा संस्कृत का वैश्विक गौरव बढ़ाते हुए ऑस्ट्रेलिया में 1400 से अधिक बाल-किशोरों द्वारा सत्संगदीक्षा और सिद्धांत कारिका का मुखपाठ किया गया है। बीएपीएस संस्था प्रारंभ से ही संस्कृत के अध्ययन और इसके महत्व को बढ़ावा देती आई है। यह संस्था न केवल आध्यात्मिक मार्ग का अनुसरण करती है, बल्कि युवा पीढ़ी को शाश्वत मूल्यों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्कृत सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि विज्ञान, संस्कृति और मानसिक विकास का दिव्य साधन है। संस्कृत की संरचना और वैज्ञानिक गुण स्मरण शक्ति, एकाग्रता और तार्किक क्षमता को बढ़ाने में सहायक हैं। प्रकट गुरूहरि महंत स्वामी महाराज ने हमेशा संस्कृत की महानता को उजागर किया है। उनके आशीर्वाद से बीएपीएस संस्था में संतों और युवाओं के लिए संस्कृत अध्ययन अनिवार्य बना है। बीएपीएस संस्था संस्कृत के वैश्विक प्रचार-प्रसार में अग्रणी रही है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में बीएपीएस संस्था के 1400 से अधिक बाल-बालिका और किशोर-किशोरियों ने सत्संगदीक्षा ग्रंथ के 315 श्लोकों का हृदयस्थ कर मुख से उच्चारण किया। इसके साथ ही कई विद्यार्थियों ने सिद्धांत कारिका के 565 श्लोक भी कंठस्थ किए हैं।

यह उपलब्धि केवल अध्ययन से नहीं, बल्कि महंत स्वामी महाराज के वचनों और बीएपीएस संस्था के मार्गदर्शन से संभव हुई है। संस्कृत सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक विकास का माध्यम है। संस्कृत श्लोकों के पठन से बच्चों के मस्तिष्क और व्यक्तित्व पर आश्चर्यजनक प्रभाव पड़ा है। कई माता-पिता ने अनुभव किया कि मुखपाठ करने से उनके बच्चे पढ़ाई में मेधावी और तेजस्वी बन गए हैं। उनकी स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ गई है। बीएपीएस संस्था केवल मंदिरों और संत जीवन के लिए ही नहीं जानी जाती, बल्कि यह संस्कृति, संस्कार और शास्त्र विद्या के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित एक वैश्विक आध्यात्मिक संस्था है। संस्कृत केवल अतीत की भाषा नहीं, बल्कि भविष्य की भाषा है। बीएपीएस संस्था और महंत स्वामी महाराज के आशीर्वाद से संस्कृत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रही है। हाल ही में अबू धाबी में बीएपीएस हिंदू मंदिर ने अपनी पहली वर्षगांठ पर एक समारोह आयोजित किया था। बीएपीएस हिंदू मंदिर पारंपरिक भारतीय वास्तुकला और आधुनिक स्थिरता प्रथाओं का एक अद्भुत संगम, अबू धाबी में बीएपीएस हिंदू मंदिर शांति, मित्रता और विश्वास का प्रतीक है। यह सभी पृष्ठभूमि के लोगों के लिए खुला है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 06:44:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका ने यूक्रेन के साथ खु़फ़िया जानकारी साझा करना किया बंद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-यकरन-क-सथ-खफय-जनकर-सझ-करन-कय-बद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-यकरन-क-सथ-खफय-जनकर-सझ-करन-कय-बद</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका ने यूक्रेन के साथ खु़फ़िया जानकारी साझा करना रोक दिया है.

जब वाल्ट्ज से खु़फ़िया जानकारी साझा करने पर रोक लगाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पत्रकारों से कहा, हमने एक कदम पीछे ले लिया है.

उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन यूक्रेन के साथ संबंध के सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है.

वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बाद में अगले सप्ताह पेरिस में यूरोपीय सेना प्रमुखों की बैठक की घोषणा की और टेलीविजन पर दिए गए भाषण में कहा कि फ्रांस को अमेरिकी मदद के बिना आगे बढ़ने के लिए तैयार रहना चाहिए.

अमेरिका ने 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के शुरुआती चरणों से ही यूक्रेन के साथ खु़फ़िया जानकारी साझा की है.

हालांकि यह अभी भी साफ़ नहीं है कि खु़फ़िया जानकारी साझा करने पर रोक आंशिक है या पूर्ण और यह कब तक प्रभावी रहेगी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 06:37:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के ‘ग़ज़ा प्लान’ के बदले अरब नेताओं ने 53 अरब डॉलर की ‘अरब योजना’ मंज़ूर की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-गज-पलन-क-बदल-अरब-नतओ-न-53-अरब-डलर-क-अरब-यजन-मजर-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-गज-पलन-क-बदल-अरब-नतओ-न-53-अरब-डलर-क-अरब-यजन-मजर-क</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति के ग़ज़ा प्लान के विकल्प के रूप में अरब नेताओं ने 53 अरब डॉलर की एक अलग अरब योजना को मंज़ूरी दी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ग़ज़ा के पुनर्निर्माण करने के लिए ग़ज़ा को अमेरिकी अधिकार में लेने और क़रीब 20 लाख फ़लस्तीनियों को बाहर निकालने की योजना पेश की थी.

ट्रंप की इस योजना को अरब देशों ने सिरे से ख़ारिज कर दिया था.

हालांकि अरब लीग के महासचिव अहम अबुल ग़ैत ने अरब प्लान की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप के प्लान का ज़िक्र नहीं किया.

उन्होंने स्वैच्छिक या ज़बरिया किसी भी तरह के विस्थापन को ख़ारिज करने के अरब पक्ष को दुहराया.

मिस्र ने 91 पृष्ठों का एक विस्तृत ख़ाका पेश किया है जिसमें हरे भरे इलाक़े और बड़ी सार्वजनिक इमारतों का ख़ाका है.

ग़ौरतलब है कि अमेरिका ने ग़ज़ा को मिडिल ईस्ट का रिवेरा यानी मध्य पूर्व की सबसे ख़ूबसूरत जगह बनाने की बात कही थी, जिसने पूरे अरब जगत और दुनिया को हैरान कर दिया था.

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि क़रीब डेढ़ साल चले हमास इसराइल युद्ध के दौरान ग़ज़ा पट्टी में 90% घर, इमारतें और सार्वजनिक जगहें तबाह हो चुकी हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 06:37:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बेल्जियम की राजकुमारी का स्टार्टअप कंपनियों के साथ संवाद, कई एमओयू पर हस्ताक्षर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बलजयम-क-रजकमर-क-सटरटअप-कपनय-क-सथ-सवद-कई-एमओय-पर-हसतकषर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बलजयम-क-रजकमर-क-सटरटअप-कपनय-क-सथ-सवद-कई-एमओय-पर-हसतकषर</guid>
        <description>मुंबई, 5 मार्च। बेल्जियम की राजकुमारी एस्ट्रिड ने बुधवार को उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सक्रिय स्टार्टअप कंपनियों के अधिकारियों के साथ बातचीत की।

भारत की एक सप्ताह की यात्रा पर आईं राजकुमारी एस्ट्रिड ने मुंबई प्रवास की शुरुआत रूट मोबाइल के मुख्यालय के दौरे से की। इस कंपनी का बहुलांश स्वामित्व अब बेल्जियम की सरकारी दूरसंचार कंपनी प्रॉक्सिमस के पास है।

बेल्जियम के प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई के उपनगरीय इलाके मलाड में स्थित रूट मोबाइल के मुख्यालय में अंतरिक्ष और ड्रोन प्रौद्योगिकी में सफलता हासिल कर चुकी पांच स्टार्टअप कंपनियों के बारे में जानकारी ली।

बेल्जियम के 300 सदस्यीय आर्थिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहीं राजकुमारी एस्ट्रिड ने मंगलवार को नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मुलाकात की थी।

वह मुंबई में देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा निर्यातक टीसीएस के एक केंद्र में भी गईं। टीसीएस वर्ष 1992 से ही बेल्जियम में मौजूद है और वहां के बैंकों, खुदरा, विनिर्माण, यात्रा एवं दूरसंचार क्षेत्रों को सेवाएं मुहैया कराती है।

विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर का समय वीरमाता जीजाबाई उद्यान चिड़ियाघर में व्यतीत किया। वहां पर राजकुमारी एस्ट्रिड ने देश के एकमात्र हम्बोल्ट पेंगुइन बाड़े के आसपास कुछ समय बिताया।

राजकुमारी एस्ट्रिड ने शाम को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ एक कार्यक्रम में भी शिरकत की। इस दौरान दोनों देशों की 11 कंपनियों या शैक्षणिक संस्थानों के बीच द्विपक्षीय हितों से संबंधित समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

एक एमओयू हब.ब्रसेल्स और केरल स्टार्टअप मिशन के बीच उभरते उद्यमियों की मदद के लिए हुआ जबकि जॉन कॉकरिल और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ( आईआईटी) मुंबई के बीच रक्षा उत्पाद विकास के लिए एक समझौता हुआ। आईआईटी मुंबई और हैसेल्ट विश्वविद्यालय ने भी सौर ऊर्जा पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

बेल्जियम के प्रतिनिधिमंडल का देश के सबसे बड़े कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र टाटा मेमोरियल अस्पताल का दौरा करने और नवी मुंबई में जॉन कॉकरिल की विनिर्माण सुविधा का दौरा करने का भी कार्यक्रम है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 06:37:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>टैरिफ़ वॉर पर बातचीत के बाद ट्रंप ने ट्रूडो को बताया &amp;apos;कनाडा का गवर्नर&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरफ-वर-पर-बतचत-क-बद-टरप-न-टरड-क-बतय-कनड-क-गवरनर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरफ-वर-पर-बतचत-क-बद-टरप-न-टरड-क-बतय-कनड-क-गवरनर</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने टैरिफ़ को लेकर फ़ोन पर बात की है.

ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी देते हुए ट्रूडो को कनाडा का गवर्नर बताया.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, मैंने कनाडा के गवर्नर जस्टिन ट्रूडो से कहा कि कमज़ोर सीमा नीतियों के कारण हमारे सामने जो समस्याएं आई हैं, उन्हें काफ़ी हद तक उन्होंने बढ़ावा दिया. ये नीतियां कई लोगों की मौत के लिए ज़िम्मेदार हैं.

उन्होंने लिखा, जस्टिन ट्रूडो ने मुझे फ़ोन करके पूछा कि टैरिफ़ के बारे में क्या किया जा सकता है.

ट्रंप ने कहा, मैंने उन्हें बताया कि कई लोग फे़न्टानिल (नशीला पदार्थ) के कारण मारे गए हैं जो कनाडा और मेक्सिको की सीमा से आ रहा है, और कुछ भी मुझे यह नहीं दिखा पाया कि यह अब बंद हो गया है.

ट्रूडो ने कहा कि स्थिति अब पहले से बेहतर है, लेकिन मैंने उन्हें कहा कि यह काफ़ी नहीं है.

ट्रंप ने बताया कि बातचीत कुछ हद तक दोस्ताना तरीके़ से समाप्त हुई.

कनाडा में चुनाव को लेकर उन्होंने कहा, ट्रूडो मुझे यह बताने में असमर्थ थे कि कनाडा में चुनाव कब हो रहे हैं, जिससे मेरी जिज्ञासा बढ़ गई, तब मुझे एहसास हुआ कि वह सत्ता में बने रहने के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको से अमेरिका आने वाले उत्पादों पर 25% टैरिफ़ लगा दिए हैं.

इसके बाद कनाडा ने भी जवाबी टैरिफ़ का एलान किया है. इस मुद्दे के अलावा कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने के ट्रंप के दावे से भी दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 06:37:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने कांग्रेस में अपने संबोधन में ‘त्वरित और निरंतर’ कार्रवाई का श्रेय लिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कगरस-म-अपन-सबधन-म-तवरत-और-नरतर-कररवई-क-शरय-लय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कगरस-म-अपन-सबधन-म-तवरत-और-नरतर-कररवई-क-शरय-लय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 5 मार्च। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और अर्थव्यवस्था, आव्रजन तथा विदेश नीति को पुनः दिशा देने में त्वरित और निरंतर कार्रवाई का श्रेय लिया।

ट्रंप ने अपने संबोधन में कांग्रेस और देश की जनता को अपने कार्यकाल के शुरुआती हफ्तों में किए गए कामकाज के बारे में जानकारी दी।

व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप के संबोधन का विषय अमेरिकी सपने का नवीकरण था, जिसमें उन्होंने अपनी उपलब्धियों को सामने रखा। साथ ही कांग्रेस से अपील की कि वह उनके आक्रामक आव्रजन अभियान को वित्तपोषित करने के लिए अधिक धन उपलब्ध कराए।

ट्रंप ने कहा , यह कुछ और नहीं बल्कि तेज और अथक कार्रवाई रही। लोगों ने मुझे काम करने के लिए चुना है और मैं यह कर रहा हूं।

इस दौरान उन्होंने आव्रजन, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा की दिशा में उठाए गए कदमों पर चर्चा की, साथ ही कहा कि अमेरिका का विश्वास और सम्मान लौटा है।

ट्रंप के संबोधन की शुरुआत में डेमोक्रेटिक पार्टी ने लगातार व्यवधान डाला। टेक्सास से प्रतिनिधिसभा में सदस्य ए. ग्रीन ने खड़े होकर चिल्ला कर कहा कि ट्रंप दिशाहीन हैं।

लगातार व्यवधान डाले जाने के बाद हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने हस्तक्षेप किया और सदन में शिष्टाचार बहाल करने का आग्रह किया। बाद में उन्होंने ग्रीन को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 06:30:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हवाई में ज्वालामुखी से लावा फूटा, 150 फुट से ज्यादा ऊंचाई तक पहुंचा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हवई-म-जवलमख-स-लव-फट-150-फट-स-जयद-ऊचई-तक-पहच</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हवई-म-जवलमख-स-लव-फट-150-फट-स-जयद-ऊचई-तक-पहच</guid>
        <description>होनोलूलू (अमेरिका), 5 मार्च। अमेरिका के हवाई में मंगलवार को ज्वालामुखी से लावा फूटा और 150 फुट से ज्यादा ऊंचाई तक गया। रुक-रुक कर हो रहे विस्फोट के कारण लावे के और ऊंचाई तक जाने की आशंका है।

बिग आइसलैंड के हवाई वोलकेनोज़ नेशनल पार्क में स्थित विश्व के सर्वाधिक सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक किलाउआ के शिखर पर 23 दिसंबर से विस्फोट होना शुरू हुआ।

मंगलवार को 12वां विस्फोट हुआ। हवाई ज्वालामुखी वेधशाला ने कहा कि सुबह हल्के प्रवाह के साथ लावा निकलना शुरू हुआ लेकिन दोपहर में इसमें तेजी आई। लावा 150 से 165 फुट तक की ऊंचाई तक गया और इसके और ऊंचाई पर जाने की आशंका है।

विस्फोट से किसी भी आवासीय क्षेत्र को खतरा नहीं है।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 06:30:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने गोल्ड कार्ड वीज़ा और अमेरिकी कर्ज़ पर क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-गलड-करड-वज-और-अमरक-करज-पर-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-गलड-करड-वज-और-अमरक-करज-पर-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने गोल्ड कार्ड वीज़ा की अपनी हालिया नीति की तारीफ़ करते हुए कहा कि इस आमदनी से कर्ज़ किया जाएगा.

उन्होंने कहा,बीते 24 सालों में जो नहीं किया गया, मैं संघीय बजट को संतुलित करना चाहता हूं.

उन्होंने कहा, हमने गोल्ड कार्ड के लिए एक विस्तृत योजना बनाई है, जिसकी जल्द ही 50 लाख डॉलर में बिक्री शुरू की जाएगी.

ट्रंप ने आप्रवासियों पर निशाना साधा और कहा, एक तरफ़ हम अपराधियों, कातिलों, तस्करों और बाल यौन शोषण करने वालों को बाहर करेंगे र जहीन, मेहनती और नौकरी पैदा करने वाले लोगों को लाएंगे. ये बहुत सारी मुद्रा देने जा रहे हैं और हम इस धन से अपना कर्ज़ कम करेंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 06:30:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूएई में भारतीय महिला को मौत की सज़ा हुई, 5 मार्च को दफ़नाया जाएगा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यएई-म-भरतय-महल-क-मत-क-सज-हई-5-मरच-क-दफनय-जएग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यएई-म-भरतय-महल-क-मत-क-सज-हई-5-मरच-क-दफनय-जएग</guid>
        <description>संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारतीय महिला शहज़ादी ख़ान को मौत की सज़ा दी गई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दिल्ली हाईकोर्ट को केंद्र सरकार की तरफ़ से एडीशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ने बताया कि शहज़ादी ख़ान को 15 फ़रवरी को मौत की सज़ा दी जा चुकी है. अब पांच मार्च को उन्हें दफ़नाया जाएगा.

33 साल की शहज़ादी ख़ान उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं. वो संयुक्त अरब अमीरात में एक घर में हाउस हैल्प के तौर पर काम कर रही थीं. वो एक बच्चे की केयर कर रही थीं. उसकी मौत के लिए शहज़ादी ख़ान को ज़िम्मेदार ठहराया गया.

बाद में केस चला और शहज़ादी को इस मामले में दोषी ठहराया गया और मौत की सज़ा सुनाई गई. वो अबू धाबी की एक जेल में बंद थीं.

उनके पिता ने बेटी की सज़ा माफ़ कराने के लिए केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से इस मामले में दख़ल देने की मांग की थी.

विदेश मंत्रालय की तरफ़ से एडीशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा और एडवोकेट आशीष दीक्षित ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि यूएई में भारतीय दूतावास को 28 फ़रवरी 2025 को यूएई सरकार ने बताया कि शहज़ादी को यूएई के क़ानून के मुताबिक़ 15 फ़रवरी को ही मौत की सज़ा दे दी गई थी.

वहीं बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा से बात करते हुए वकील अली मोहम्मद माज़ ने कहा,  हमने इस मामले में माफ़ी की अपील की थी. मामला चल रहा था. हमने अबू धाबी में अधिकारियों को ख़त और ईमेल भी लिखे थे. 14 फ़रवरी को हमें अबू धाबी जेल से कॉल आई और बताया गया कि उन्हें जल्द ही फांसी की सज़ा दे दी जाएगी. सरकार ने हाई कोर्ट में बताया कि 15 फ़रवरी को ही उन्हें मौत की सज़ा दे दी गई.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 06:40:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने कहा&amp; पुतिन पर चिंता करने के बजाय दूसरे गंभीर मुद्दों पर ध्यान देना ज़रूरी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कह-पतन-पर-चत-करन-क-बजय-दसर-गभर-मदद-पर-धयन-दन-जरर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कह-पतन-पर-चत-करन-क-बजय-दसर-गभर-मदद-पर-धयन-दन-जरर</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लिखा है कि पुतिन के बारे में चिंता करने के बजाय और दूसरे गंभीर मुद्दे हैं जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए.

उन्होने कहा, प्रवासी बलात्कार गिरोहों, ड्रग माफियाओं, हत्यारों और मानसिक अस्पतालों से जो लोग हमारे देश में आ रहे हैं, इन मुद्दों पर हमें ज़्यादा चिंता करना चाहिए, ताकि हमारा हाल भी यूरोप जैसा ना हो जाए.

इससे पहले रविवार को लंदन में यूक्रेन के मुद्दे पर कई यूरोपीय देशों के नेताओं और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेस्की ने मिलकर बातचीत की.

इस मुलाक़ात के बाद ज़ेलेंस्की ने कहा है कि हालिया घटना के बाद उन्हें यूरोप से स्पष्ट समर्थन मिला है.

पिछले सप्ताह शुक्रवार को ज़ेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति भवन में तीखी बहस हो गई थी. इस बहस में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ज़ेलेंस्की पर काफ़ी तीखी बयानबाज़ी की थी.

इस बहस के बाद यूरोप के कई देशों ने खुलकर यूक्रेन का समर्थन किया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 06:40:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पोप फ़्रांसिस की हालत गंभीर, अब तक क्या&amp;क्या हुआ?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पप-फरसस-क-हलत-गभर-अब-तक-कय-कय-हआ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पप-फरसस-क-हलत-गभर-अब-तक-कय-कय-हआ</guid>
        <description>निमोनिया से पीड़ित पोप फ़्रांसिस की हालत गंभीर है लेकन वह होश में हैं.

वेटिकन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सोमवार को दो बार श्वसन तंत्र में दिक्कत आई थी, जिसके बाद उनके फेफड़ों में से म्यूकस कफ़ निकाला गया है.

सांस लेने में मदद के लिए उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है और ऑक्सीजन मास्क लगाया गया है. हालांकि वेटिकन का कहना है कि पोप सचेत हैं और सहयोग कर रहे हैं और उन्हें हाई फ़्लो ऑक्सीजन का सहारा दिया गया है.

शुक्रवार को पोप फ़्रांसिस को सांस और इससे जुड़ी दिक्कतें हुई थीं.

पोप फ़्रांसिस के दोनों फेफड़ों में निमोनिया हो गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

88 साल के पोप पिछले एक सप्ताह से सांस की समस्या से जूझ रहे थे, जिसके बाद उन्हें रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया.

डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उनके दोनों फेफड़ों में निमोनिया है और इसके लिए उन्हें ख़ास इलाज की ज़रूरत है. उनका कहना है कि उन्हें बायलेटरल निमोनिया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 06:40:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जापान के जंगलों में लगी आग के कारण सैकड़ों लोगों ने घर छोड़ा, दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जपन-क-जगल-म-लग-आग-क-करण-सकड-लग-न-घर-छड-दरजन-मकन-कषतगरसत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जपन-क-जगल-म-लग-आग-क-करण-सकड-लग-न-घर-छड-दरजन-मकन-कषतगरसत</guid>
        <description>तोक्यो, 4 मार्च। जापान के जंगलों में लगी आग ने पूर्वोत्तर के एक तटीय शहर में दर्जनों मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया है और सैकड़ों लोगों को अपने घर छोड़कर जाने पर मजबूर कर दिया है।

अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, ओफुनाटो में पिछले बुधवार को लगी आग से अब तक लगभग 2,100 हेक्टेयर (5,190 एकड़) जंगल जल चुका है।

एजेंसी ने बताया कि कम से कम 84 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और 1,200 से ज़्यादा लोगों को निकाला गया है। कुछ इलाकों में आग की स्थिति कम हुई है। इससे निपटने के लिए देश भर से 2,000 से ज़्यादा सैनिक और दमकलकर्मी तैनात किए गए हैं।

एजेंसी ने बताया कि पिछले बृहस्पतिवार को सड़क पर एक व्यक्ति मृत मिला था तथा अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह मौत आग से जुड़ी है।

ओफुनाटो सहित पूर्वोत्तर क्षेत्रों में 1946 के बाद से इस बार सबसे शुष्क सर्दी रही।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 06:40:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पिछले साल की शुरुआत से सूडान में 200 से अधिक बच्चों से बलात्कार हुआ : यूनिसेफ</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पछल-सल-क-शरआत-स-सडन-म-200-स-अधक-बचच-स-बलतकर-हआ-यनसफ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पछल-सल-क-शरआत-स-सडन-म-200-स-अधक-बचच-स-बलतकर-हआ-यनसफ</guid>
        <description>काहिरा, 4 मार्च। संयुक्त राष्ट्र बाल एजेंसी यूनिसेफ ने मंगलवार को बताया कि संघर्ष-ग्रस्त सूडान में 2024 की शुरुआत से एक साल की उम्र तक के बच्चे बलात्कार का शिकार हुए हैं।

यूनिसेफ के अनुसार, यौन हिंसा का इस्तेमाल युद्ध की रणनीति के रूप में किया जा रहा है।

यूनिसेफ ने बताया कि उत्तर अफ्रीकी देश में लिंग आधारित हिंसा के विषय में काम करने वाली संस्थाओं द्वारा संकलित रिकॉर्ड के अनुसार, सशस्त्र बलों ने लड़कों सहित 221 बच्चों से बलात्कार किया।

सूडान में युद्ध की शुरुआत अप्रैल 2023 में सेना और उसके प्रतिद्वंद्वी अर्द्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच खार्तूम में लड़ाई से हुई जो देश भर में फैल गई। तब से कम से कम 20,000 लोग मारे गए हैं, हालांकि यह संख्या कहीं अधिक होने की आशंका है। युद्ध के कारण 1.4 करोड़ से अधिक लोग अपने अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हुए और देश के कुछ हिस्से भूखमरी की कगार पर हैं।

अधिकार समूहों का कहना है कि यौन हिंसा और जबरन बाल विवाह सहित अत्याचार दोनों पक्षों द्वारा किए गए हैं।

यूनिसेफ ने पिछले महीने बताया था कि युद्ध शुरू होने के बाद से अनुमानित 61,800 बच्चे आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं।

यूनिसेफ ने कहा कि बच्चों के साथ बलात्कार के मामलों में 30 प्रतिशत से अधिक पीड़ित लड़के थे। पीड़ितों में पांच वर्ष से कम उम्र के 16 बच्चे और चार शिशु शामिल हैं। ये मामले गदारेफ, कसाला, गेजेरा, खार्तूम, रिवर नाइल, नॉर्दर्न स्टेट, साउथ कोर्दोफन, नॉर्थ दारफुर और वेस्ट दारफुर राज्यों में दर्ज किए गए।

यूनिसेफ की प्रवक्ता टेस इनग्राम ने एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को बताया कि बलात्कार के शिकार हुए 221 बच्चों में से 73 मामले संघर्ष से संबंधित थे और 71 इससे संबंधित नहीं थे जबकि अन्य अज्ञात थे।

यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने रिपोर्ट में कहा कि बलात्कार सहित यौन हिंसा का इस्तेमाल युद्ध की रणनीति के रूप में किया जा रहा है जो अंतरराष्ट्रीय कानून और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों का उल्लंघन है।

महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा का दस्तावेजीकरण करने वाला गैर-लाभकारी संगठन एसआईएचए नेटवर्क ने पिछले महीने कहा था कि युद्ध शुरू होने के बाद से संघर्ष से संबंधित यौन हिंसा के लगभग 23 प्रतिशत मामले लड़कियों से जुड़े थे।

दक्षिण कोर्दोफन में बंदूक के बल पर एक लड़के से बलात्कार किया गया और छह साल के बच्चे सहित कई बच्चों के साथ भी दुष्कर्म किया गया।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 06:40:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूरोपीय देशों के नेताओं से मिलने के बाद ज़ेलेंस्की ने अमेरिका के बारे में ये कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यरपय-दश-क-नतओ-स-मलन-क-बद-जलसक-न-अमरक-क-बर-म-य-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यरपय-दश-क-नतओ-स-मलन-क-बद-जलसक-न-अमरक-क-बर-म-य-कह</guid>
        <description>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि हालिया घटना के बाद उन्हें यूरोप से स्पष्ट समर्थन मिला है.

ज़ेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि कुछ ज़्यादा एकजुटता के साथ, सहयोग करने की कुछ ज़्यादा इच्छा के साथ उन्हें यूरोप का समर्थन मिल रहा है.

उन्होंने लिखा है, हर कोई हक़ीक़त में शांति हासिल करने के मुद्दे पर एकजुट है, हमें वास्तविक सुरक्षा गारंटी चाहिए. यही पूरे यूरोप की मांग है.

ज़ाहिर तौर पर हम अमेरिका की अहमियत समझते हैं और हम अमेरिका से मिले हर मदद के लिए उनके आभारी हैं. कोई ऐसा दिन नहीं गुज़रा जब हमनें उनका आभार व्यक्त नहीं किया है.

इससे पहले रविवार को लंदन में यूक्रेन में जंग को लेकर कई यूरोपीय देशों के नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की भी मौजूद थे.

बीबीसी के एक सवाल के जवाब में ज़ेलेंस्की ने कहा, मैं अब भी अमेरिका के साथ खनिज समझौता करने को तैयार हूं लेकिन हमारी शर्त यही है कि यूक्रेन की स्थिति के बारे में सुना जाए.

दरअसल ज़ेलेंस्की खनिज समझौते के बदले अमेरिका से यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी चाहते हैं.

पिछले सप्ताह शुक्रवार को ज़ेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति भवन में तीखी बहस हो गई थी. इस बहस में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ज़ेलेंस्की पर काफ़ी हमले किए थे.

इस बहस के बाद यूरोप के कई देशों ने खुलकर यूक्रेन का समर्थन किया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 07:19:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ऑस्कर में रहा ‘अनोरा’ का दबदबा, पांच अवॉर्ड किए अपने नाम, ‘द ब्रूटलिस्ट’ ने जीते 3 पुरस्कार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ऑसकर-म-रह-अनर-क-दबदब-पच-अवरड-कए-अपन-नम-द-बरटलसट-न-जत-3-परसकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ऑसकर-म-रह-अनर-क-दबदब-पच-अवरड-कए-अपन-नम-द-बरटलसट-न-जत-3-परसकर</guid>
        <description>लॉस एंजिल्स, 3 मार्च । एक सेक्स वर्कर की कहानी को पर्दे पर बखूबी उतारने वाली सीन बेकर की फिल्म अनोरा को 97वें अकादमी में बेस्ट फिल्म के साथ कुल पांच ऑस्कर अवॉर्ड मिले। द ब्रूटलिस्ट को भी कुल तीन पुरस्कार मिले। द ब्रूटलिस्ट के निर्माता-निर्देशक ब्रैडी कॉर्बेट हैं। 23 कैटेगरी (श्रेणियों) में ऑस्कर विजेताओं की घोषणा की गई। सबसे ज्यादा 5 अवॉर्ड फिल्म अनोरा ने बेस्ट पिक्चर, बेस्ट डायरेक्शन, बेस्ट स्क्रीनप्ले, बेस्ट एडिटिंग, बेस्ट एक्ट्रेस कैटेगरी में जीते। वहीं, दूसरे नंबर पर द ब्रूटलिस्ट को 3 अवॉर्ड मिले हैं। 97वें ऑस्कर में द ब्रूटलिस्ट 10 कैटेगरी में नॉमिनेट हुई थी। अनोरा ने बेस्ट फिल्म, बेस्ट एक्ट्रेस, बेस्ट डॉयरेक्टर का अवॉर्ड जीता है। सीन बेकर के निर्देशन में बनी फिल्म अनोरा एक सेक्स वर्कर पर आधारित है, जो एक रूसी लड़के से शादी करती है। वहीं, ऑस्कर में तीन पुरस्कार जीतने वाली द ब्रूटलिस्ट एक आर्किटेक्ट लास्जलो टोथ की कहानी है। टोथ कैसे करियर और परिवार के बीच तालमेल बिठाने की जद्दोजहद करता है ये बखूबी दिखाती है। फिल्म में एड्रियन ब्रॉडी, फेलिसिटी जोन्स, गाइ पीयर्स और जो अल्विन जैसे कलाकार अहम भूमिका में हैं। अकादमी समारोह में जोई सल्दाना को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का पुरस्कार मिला है। जोई का यह पहला ऑस्कर अवॉर्ड है।

जोई को एमिलिया पेरेज में बेहतरीन अभिनय के लिए यह सम्मान मिला। कीरन कल्किन को द रियल पेन के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का पुरस्कार मिला। फैमिली ड्रामा आई एम स्टिल हियर को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर का पुरस्कार मिला। नो अदर लैंड को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री का ऑस्कर मिला। 97वें एकेडमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर में भारत की तरफ से शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेट होने वाली फिल्म अनुजा पुरस्कार पाने से चूक गई। इस कैटेगरी में फिल्म आई एम नॉट ए रोबोट ने बाजी मारी। डच फिल्म निर्माता विक्टोरिया वार्मरडैम और निर्माता ट्रेंट की फिल्म आई एम नॉट ए रोबोट के लिए बेस्ट लाइव एक्शन शॉर्ट का पुरस्कार जीतकर अनुजा के सपने को तोड़ दिया। एडम जे ग्रेव्स और सुचित्रा मट्टई के निर्देशन में बनी अनुजा का ऑस्कर में ए लीन, आई एम नॉट ए रोबोट, द लास्ट रेंजर और द मैन हू कुड नॉट रिमेन साइलेंस से मुकाबला था। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 07:19:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हसीना शासन के ‘अत्याचारों’ के रिकॉर्ड को संरक्षित करना महत्वपूर्ण : यूनुस</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हसन-शसन-क-अतयचर-क-रकरड-क-सरकषत-करन-महतवपरण-यनस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हसन-शसन-क-अतयचर-क-रकरड-क-सरकषत-करन-महतवपरण-यनस</guid>
        <description>ढाका, 3 मार्च। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रशासन के दौरान किए गए कथित अत्याचारों के दस्तावेजों को सावधानीपूर्वक संरक्षित करने का आह्वान किया है।

ढाका ट्रिब्यून अखबार की खबर के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के साथ रविवार को हुई बैठक के दौरान यूनुस ने इस बात पर जोर दिया कि उचित अभिलेखीय प्रणाली के बिना सच्चाई जानना और न्याय सुनिश्चित करना मुश्किल है।

मुख्य सलाहकार की प्रेस शाखा द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र की रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ग्वेन लुईस और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञ हुमा खान के साथ बातचीत के दौरान मुख्य सलाहकार ने शापला चत्तर में प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई, डेलवर हुसैन सईदी के फैसले के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की बर्बरता और वर्षों की कथित न्यायेतर हत्याओं का हवाला दिया।

इसके जवाब में संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने मानवाधिकारों के हनन के दस्तावेजीकरण में बांग्लादेश की सहायता करने की अपनी इच्छा की पुष्टि की।

तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण में संयुक्त राष्ट्र की विशेषज्ञता की पेशकश करते हुए लुईस ने कहा, यह (अत्याचारों के शिकार लोगों को) मरहम लगाने और सत्य-निर्माण की एक प्रक्रिया है।

यूनुस ने जुलाई-अगस्त 2024 के विद्रोह के बाद मानवाधिकार उल्लंघन पर संगठन की हालिया तथ्यान्वेषी रिपोर्ट की भी सराहना की, जिसके कारण अवामी लीग के 15 साल के शासन का खत्मा हो गया और हसीना पलायन कर भारत चली गईं।

लुईस के अनुसार, मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क पांच मार्च को जिनेवा में मानवाधिकार परिषद के सत्र में दस्तावेज पेश करेंगे।

यूनुस ने कहा, हमें बहुत खुशी है कि संयुक्त राष्ट्र ने यह रिपोर्ट प्रकाशित की है, यह समय पर हुआ।

चर्चा में रोहिंग्या शरणार्थियों की दुर्दशा पर भी चर्चा हुई, जिसमें लुईस ने घटती अंतरराष्ट्रीय सहायता पर चिंता व्यक्त की।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस 13 से 16 मार्च तक बांग्लादेश का दौरा करेंगे।

लुईस ने उम्मीद जताई कि गुतारेस की यह यात्रा शरणार्थी संकट पर विश्व का ध्यान आकर्षित करेगी।

लुईस ने कहा, हम धन की स्थिति को लेकर बहुत चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों को खाद्य आपूर्ति और अन्य बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रति माह 150 लाख अमरीकी डॉलर की आवश्यकता है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 07:19:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के इस आदेश से और बढ़ सकती हैं कनाडा के लिए मुश्किलें?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-इस-आदश-स-और-बढ-सकत-ह-कनड-क-लए-मशकल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-इस-आदश-स-और-बढ-सकत-ह-कनड-क-लए-मशकल</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ़ को लेकर एक और आदेश जारी किया है.

उन्होंने एक नई जांच का आदेश दिया है जिससे इमारती लकड़ी और फर्नीचर जैसे लकड़ी के उत्पादों पर अधिक टैरिफ़ लगाया जा सकता है.

व्हाइट हाउस का कहना है कि कनाडा, जर्मनी और ब्राज़ील इमारती लकड़ी उत्पादन पर सब्सिडी देते हैं, जिससे संयुक्त राज्य अमेरिका को नुकसान हो रहा है.

नए टैरिफ़ कनाडाई नरम लकड़ी पर पहले से लगे शुल्क और अगले सप्ताह से सभी कनाडाई आयातों पर लगने वाले 25 प्रतिशत टैरिफ़ के अलावा होंगे.

दरअसल, ट्रंप ने फरवरी में कनाडा, मेक्सिको और चीन से आयात होने वाले सामान पर टैरिफ़ लगाने की घोषणा की थी.

राष्ट्रपति बनने के बाद से ही ट्रंप कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की मांग कर रहे हैं, जिसे कनाडा नकारता रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sun, 02 Mar 2025 07:42:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>विशेष वकील को पद से हटाने की ट्रंप की कोशिश गैरकानूनी: अमेरिकी अदालत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वशष-वकल-क-पद-स-हटन-क-टरप-क-कशश-गरकनन-अमरक-अदलत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वशष-वकल-क-पद-स-हटन-क-टरप-क-कशश-गरकनन-अमरक-अदलत</guid>
        <description>वाशिंगटन, 2 मार्च। अमेरिका की एक अदालत ने कहा है कि एक संघीय निगरानी एजेंसी के प्रमुख हैंपटन डेलिंजर को पद पर बरकरार रखा जाए और उन्हें हटाने का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रयास गैर-कानूनी है।

अमेरिकी जिला न्यायाधीश एमी बर्मन जैक्सन ने स्वतंत्र एजेंसी के प्रमुख को हटाने के राष्ट्रपति के अधिकार को लेकर एक कानूनी लड़ाई में विशेष वकील कार्यालय के प्रमुख हैंपटन डेलिंजर का पक्ष लिया। संभावना है कि इस एजेंसी की कमान एक बार फिर अमेरिकी उच्चतम न्यायालय को सौंपी जा सकती है।

डेलिंजर ने खुद को हटाए जाने के बाद पिछले महीने ट्रंप के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। हालांकि कानून के अनुसार राष्ट्रपति केवल अक्षमता, कर्तव्य की उपेक्षा या कार्यालय में दुराचार के लिए ही विशेष वकीलों को हटा सकते हैं।

डेलिंजर को डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडन ने नियुक्त किया था और अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने 2024 में पांच साल के कार्यकाल के लिए उनके नाम पर मुहर लगाई थी।

जैक्सन ने ट्रंप प्रशासन का यह दावा खारिज कर दिया कि विशेष वकील को हटाए जाने से मिला संरक्षण असंवैधानिक है।

न्यायाधीश ने कहा कि राष्ट्रपति को अपनी इच्छा से विशेष वकील को हटाने की अनुमति देने से विशेष वकील के महत्वपूर्ण कर्तव्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

जैक्सन ने अपने फैसले में लिखा कि विशेष वकील से अपेक्षा की जाती है कि वह राजनीतिक परिवर्तनों के बावजूद काम जारी रखे और निष्पक्षता सुनिश्चित करे।

यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब डेलिंजर ट्रंप प्रशासन द्वारा सरकार में बड़े पैमाने पर किए गए बदलाव के तहत परिवीक्षाधीन कर्मचारियों को नौकरी से निकालने को चुनौती दे रहे हैं। मंगलवार को एक संघीय बोर्ड ने कई परिवीक्षाधीन कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर रोक लगा दी थी, क्योंकि डेलिंजर ने कहा था कि उनकी बर्खास्तगी गैरकानूनी हो सकती है।

डेलिंजर ने शनिवार को एक बयान में कहा, मुझे खुशी है और मैं आभारी हूं कि अदालत ने संसद द्वारा मेरे पद को दी गई सुरक्षा के महत्व और वैधता पर मुहर लगा दी है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sun, 02 Mar 2025 07:42:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के साथ संबंध सुधारें जेलेंस्की: नाटो प्रमुख</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-सथ-सबध-सधर-जलसक-नट-परमख</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-सथ-सबध-सधर-जलसक-नट-परमख</guid>
        <description>लंदन, 2 मार्च। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के महासचिव मार्क रूटे ने वोलोदिमीर जेलेंस्की और डोनाल्ड ट्रंप के बीच शुक्रवार को हुई तीखी बहस के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति से कहा कि उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ अपने संबंधों में सुधार करने का तरीका खोजना चाहिए।

रूटे ने शनिवार को बीबीसी को बताया कि उन्होंने जेलेंस्की से कहा कि उन्हें (अमेरिका के) राष्ट्रपति (डोनाल्ड) ट्रंप द्वारा यूक्रेन के लिए अब तक किए गए कार्यों का वास्तव में सम्मान करना चाहिए।

वह 2019 में राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के पहले कार्यकाल में किए गए उस फैसले का जिक्र कर रहे थे जिसके तहत यूक्रेन को जैवलिन टैंक रोधी मिसाइल की आपूर्ति की गई थी जिनका इस्तेमाल उसने 2022 में रूसी टैंकों के खिलाफ किया था।

रूटे ने ट्रंप और जेलेंस्की के बीच शुक्रवार को हुई बैठक को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वह यह जानते हैं कि अमेरिकी प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यूक्रेन रूस के साथ स्थायी शांति स्थापित कर सके।

रूटे ने उम्मीद जताई कि रविवार को लंदन में बैठक करने वाले यूरोपीय नेता यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी प्रदान करके भविष्य में शांति समझौते को संभव बनाने में मदद करेंगे।(एपी)</description>
        <pubDate>Sun, 02 Mar 2025 07:42:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका: एलन मस्क के खिलाफ टेस्ला के शोरूम के बाहर प्रदर्शन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-एलन-मसक-क-खलफ-टसल-क-शरम-क-बहर-परदरशन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-एलन-मसक-क-खलफ-टसल-क-शरम-क-बहर-परदरशन</guid>
        <description>बोस्टन, 2 मार्च। प्रदर्शनकारियों ने संघीय खर्च में कटौती के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों के तहत अरबपति कारोबारी एलन मस्क द्वारा उठाए गए कदमों के खिलाफ देशभर में टेस्ला के स्टोर के बाहर प्रदर्शन किए।

उदारवादी समूह कई सप्ताह से टेस्ला के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं ताकि कार कंपनी की ब्रिकी पर नकारात्मक प्रभाव डाला जा सके और मस्क के सरकारी कार्यदक्षता विभाग का विरोध तेज किया जा सके तथा राष्ट्रपति पद के चुनाव में ट्रंप की नवंबर की जीत से अब भी हतोत्साहित डेमोक्रेटिक पार्टी में ऊर्जा भरी जा सके।

शनिवार को बोस्टन में विरोध करने वाले मैसाचुसेट्स के 58 वर्षीय पारिस्थितिकी विज्ञानी नाथन फिलिप्स ने कहा, हम एलन से बदला ले सकते हैं। हम हर जगह शोरूम में जाकर, टेस्ला का बहिष्कार करके कंपनी को सीधे आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।

मस्क ट्रंप के निर्देश पर संघीय खर्च और कार्यबल में भारी कटौती करने के लिए कदम उठा रहे हैं और उनका तर्क है कि ट्रंप की जीत ने राष्ट्रपति एवं उन्हें अमेरिकी सरकार के पुनर्गठन का जनादेश दिया है।

टेस्ला टेकडाउन वेबसाइट पर शनिवार को 50 से अधिक प्रदर्शनों की सूची दी गई तथा मार्च में और भी प्रदर्शन किए जाने की योजना है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sun, 02 Mar 2025 07:42:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मई में बंद हो जाएगा स्काइप, माइक्रोसॉफ़्ट ने किया एलान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मई-म-बद-ह-जएग-सकइप-मइकरसफट-न-कय-एलन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मई-म-बद-ह-जएग-सकइप-मइकरसफट-न-कय-एलन</guid>
        <description>मई 2025 की शुरुआत से अब स्काइप का ऑनलाइन वजूद ख़त्म हो जाएगा.

कंपनी ने एक्स पर जानकारी दी है कि मई से स्काइप ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होगा.

लेकिन, स्काइप के यूज़र्स आने वाले कुछ दिनों बाद अपने लॉग इन के आधार पर माइक्रोसॉफ़्ट टीम्स में साइन इन कर सकेंगे.

कंपनी के बयान के अनुसार, सभी चैट और संपर्कों से जुड़े रहने के लिए अपने स्काइप अकाउंट से माइक्रोसॉफ़्ट टीम्स फ़्री में आप साइन इन कर सकते हैं.

इंटरनेट फ़ोन और वीडियो आधारित सेवा स्काइप का, 2000 के दशक के मध्य से इंटरनेट कॉलिंग के बाज़ार पर दबदबा था.

स्काइप की सेवा को माइक्रोसॉफ़्ट ने 14 साल पहले 8.5 अरब डॉलर में ख़रीदा था. उस समय माइक्रोसॉफ़्ट की ओर से होने वाला यह सबसे बड़ा अधिग्रहण था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 01 Mar 2025 06:37:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ज़ेलेंस्की से बहस पर डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद ने ट्रंप और वेंस से की ये मांग</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जलसक-स-बहस-पर-डमकरटक-परट-क-ससद-न-टरप-और-वस-स-क-य-मग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जलसक-स-बहस-पर-डमकरटक-परट-क-ससद-न-टरप-और-वस-स-क-य-मग</guid>
        <description>यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से बहस पर अमेरिका के पेंसिल्वेनिया की डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद मेडेलिन डीन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से अपमानजनक व्यवहार के लिए माफ़ी मांगने को कहा है.

मेडेलिन डीन ने बीबीसी के कार्यक्रम द वर्ल्ड टूनाइट में कहा, उन्होंने सातवीं क्लास के बदमाश बच्चों की तरह व्यावहार किया.

मेडेलिन डीन ने इस विवाद को बढ़ाने का आरोप जेडी वेंस पर लगाया.

डीन ने पिछले साल यूक्रेन का दौरा भी किया था.

डीन ने कहा, मैंने ज़ेलेंस्की और उनके साथ काम करने वाले सभी लोगों, ज़मीनी स्तर पर मौजूद जनरलों और आम सैनिकों से यही सुना है, धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद, हम आप पर निर्भर हैं.

वहीं अमेरिकी कांग्रेस की पूर्व स्पीकर नैंसी पेलोसी ने व्हाइट हाउस में हुई घटना को शर्मनाक व्यवहार बताया है.

पेलोसी ने एक्स पर लिखा, यूक्रेन के निर्वाचित नेता को राष्ट्रपति कार्यालय में बुलाना और उनके साथ सम्मानजनक तरीके से बातचीत करना अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए अपनी शक्ति प्रदर्शन होता. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के शर्मनाक व्यावहार की वजह से आप यह कभी नहीं जान पाएंगे. पुतिन इस घटना से बहुत खुश होंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 01 Mar 2025 06:37:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिणी चीन में नदी में पोत और नौका की टक्कर होने से कम से कम 11 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-चन-म-नद-म-पत-और-नक-क-टककर-हन-स-कम-स-कम-11-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-चन-म-नद-म-पत-और-नक-क-टककर-हन-स-कम-स-कम-11-लग-क-मत</guid>
        <description>बीजिंग, 1 मार्च। चीन के दक्षिणी हिस्से में एक नदी में तेल रिसाव को साफ करने वाले एक पोत ने एक छोटी नौका को टक्कर मार दी, जिससे 11 लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य लोग लापता हैं। सरकारी मीडिया ने शुक्रवार रात यह जानकारी दी।

देश की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि मंगलवार की सुबह हुनान प्रांत में युआनशुई नदी में हुई दुर्घटना के दौरान 19 लोग पानी में गिर गए जिनमें से तीन को उसी दिन बचा लिया गया।

दुर्घटना उस स्थान पर हुई जहां नदी औसतन 60 मीटर (200 फुट) से अधिक गहरी और 500 मीटर (1,600 फुट) चौड़ी है।

शिन्हुआ ने बताया कि तलाश एवं बचाव अभियान जारी रखी।

दुर्घटना में बचे एक व्यक्ति के रिश्तेदार ने शंघाई के समाचार पत्र द पेपर को बताया कि नौका ही उनके गांव में आने-जाने का मुख्य साधन है।

द पेपर द्वारा प्राप्त एक वीडियो में तेल रिसाव को साफ करने वाला एक बड़ा पोत शांत पानी में नौका को पीछे से टक्कर मारता दिखाई दे रहा है।

चीन की समाचार एजेंसी ने बुधवार को बताया कि पोत पर सवार तीन लोग पुलिस की जांच के दायरे में हैं और उनमें से कोई भी घायल नहीं हुआ है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 01 Mar 2025 06:37:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के साथ तीखी बहस के बाद यूक्रेन के लोगों ने किया जेलेंस्की का समर्थन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-सथ-तख-बहस-क-बद-यकरन-क-लग-न-कय-जलसक-क-समरथन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-सथ-तख-बहस-क-बद-यकरन-क-लग-न-कय-जलसक-क-समरथन</guid>
        <description>कीव, 1 मार्च। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ओवल ऑफिस में हुई तीखी बहस के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के व्हाइट हाउस से बाहर निकलते ही यूक्रेन के लोग जेलेंस्की के समर्थन में आ गए और उन्हें देश के हितों का रक्षक करार दिया।

अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यालय में हुई बैठक के दौरान ट्रंप और अमेरिका उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने जेलेंस्की से कुछ तीखे सवाल किए और इस दौरान जेलेंस्की थोड़े परेशान दिखे। इस घटना ने मॉस्को में रूसी अधिकारियों को खुश किया होगा और वे इसे अमेरिका तथा जेलेंस्की के संबंधों को खत्म करने वाली घटना के तौर पर देख रहे होंगे।

बहरहाल, यूक्रेन के लोग शुक्रवार को जेलेंस्की और ट्रंप के बीच हुई तीखी बहस को लेकर अपने राष्ट्रपति के साथ खड़े दिखे। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की ने देश की गरिमा और हितों के लिए आवाज उठाई।

कीव में सेवानिवृत्त 67 वर्षीय नतालिया सेरहिएन्को ने कहा कि उन्हें लगता है कि यूक्रेन के लोग वाशिंगटन में अपने राष्ट्रपति के रवैये से सहमत हैं, क्योंकि जेलेंस्की ने शेर की तरह लड़ाई लड़ी है।

उन्होंने कहा, उनके बीच तीखी, बहुत तीखी बातचीत हुई लेकिन जेलेंस्की यूक्रेन के हितों की रक्षा कर रहे हैं।

शुक्रवार की रात यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव पर दो ड्रोन के हमले के बाद, रूस की सीमा पर स्थित इस क्षेत्र के प्रमुख ओलेह सिनीहुबोव ने जेलेंस्की की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति इस बात पर अड़े रहे कि भविष्य में रूसी आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन की सुरक्षा के आश्वासन के बिना कोई शांति समझौता नहीं किया जा सकता।

सिनीहुबोव ने कहा, हमारे नेता दबाव के बावजूद यूक्रेन और यूक्रेनवासियों के हितों की रक्षा को लेकर दृढ़ संकल्पित हैं... हमें सुरक्षा की गारंटी और न्यायपूर्ण शांति चाहिए।

कीव के निवासी 37 वर्षीय आर्टेम वसीलीव ने कहा कि उन्हें लगता है कि ओवल ऑफिस में बातचीत के दौरान अमेरिका ने पूरी तरह अनादर दिखाया, जबकि तथ्य यह है कि यूक्रेन पहला देश है जो रूस के सामने खड़ा हुआ है।

वसीलीव ने कहा, हम लोकतंत्र को बचाने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हमें अपने योद्धाओं, अपने सैनिकों और अपने देश के लोगों के प्रति पूर्ण अनादर झेलना पड़ रहा है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 01 Mar 2025 06:37:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कांगो में ‘एम23’ विद्रोही समूह के नेताओं की बैठक में विस्फोट, कई लोगों के घायल होने की आशंका</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कग-म-एम23-वदरह-समह-क-नतओ-क-बठक-म-वसफट-कई-लग-क-घयल-हन-क-आशक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कग-म-एम23-वदरह-समह-क-नतओ-क-बठक-म-वसफट-कई-लग-क-घयल-हन-क-आशक</guid>
        <description>बुकावु (कांगो), 27 फरवरी। पूर्वी कांगो में एम23 विद्रोही समूह के नेताओं और निवासियों की बैठक में बृहस्पतिवार को हुए विस्फोट में कई लोगों के घायल होने की आशंका है।

बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और फोटो में बुकावु में बैठक से भागती भीड़ और जमीन पर खून से लथपथ शव दिखाई दे रहे हैं।

जब विस्फोट हुआ उस समय एम23 विद्रोही समूह के नेता बुकावु के मध्य भाग में निवासियों के साथ बैठक कर रहे थे। इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी कि कोई हताहत हुआ है या नहीं।

बैठक में विद्रोही नेताओं में कांगो रिवर एलायंस (एएफसी) के नेता कॉर्निले नांगा भी मौजूद थे। एएफसी में एम23 भी शामिल है।

एम23 विद्रोहियों ने क्षेत्र में प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया है और लगभग 3,000 लोगों की हत्या कर दी है।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 07:09:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटिश पीएम स्टार्मर से मिलने के बाद ट्रंप ने टैरिफ़ पर क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटश-पएम-सटरमर-स-मलन-क-बद-टरप-न-टरफ-पर-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटश-पएम-सटरमर-स-मलन-क-बद-टरप-न-टरफ-पर-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ब्रिटेन के बीच बहुत जल्द ट्रेड डील हो सकती है.

ब्रिटेन के पीएम किएर स्टार्मर के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इसका ऐलान किया.

ट्रंप ने किएर स्टार्मर से व्हाइट हाउस में मुलाक़ात के दौरान रियल ट्रेड डील का ज़िक्र किया. इसका मतलब ये है कि ट्रंप ब्रिटेन पर टैरिफ़ लगाने की मंशा नहीं रखते.

इससे ये आशंकाएं फ़िलहाल ख़ारिज हो गई हैं कि ट्रंप ब्रिटेन के ख़िलाफ़ टैरिफ़ लगा सकते हैं.

दरअसल वो अमेरिका के कुछ ट्रेड पार्टनरों के ख़िलाफ़ टैरिफ़ लगाने की चेतावनी दे चुके हैं और चीन पर टैरिफ़ लगा भी चुके हैं.

स्टार्मर की इस अमेरिकी यात्रा को काफी अहम माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि ब्रिटिश पीएम यूक्रेन मामले और अमेरिका की व्यापार नीतियों के कुछ मुद्दों पर ट्रंप को प्रभावित कर सकते हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 07:09:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पुतिन ने वेस्टर्न एलीट क्लास पर लगाया शांति वार्ता को पटरी से उतारने का आरोप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पतन-न-वसटरन-एलट-कलस-पर-लगय-शत-वरत-क-पटर-स-उतरन-क-आरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पतन-न-वसटरन-एलट-कलस-पर-लगय-शत-वरत-क-पटर-स-उतरन-क-आरप</guid>
        <description>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यह दावा किया है कि पश्चिम का कुलीन वर्ग अमेरिका के साथ शुरू हुई रूस की बातचीत को नाकाम करने की कोशिश कर रहा है.

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, हम यह समझते हैं कि रूस और अमेरिका के बीच फ़िर संपर्क शुरू होने से सभी ख़ुश नहीं हैं.

पश्चिम का कुलीन वर्ग अभी भी दुनिया में अस्थिरता पैदा करने के लिए आतुर है. यही ताक़तें दोनों देशों के बीच शुरू हुई बातचीत को रोकने के लिए ऐसे प्रयास करेंगी.

पुतिन ने कहा, हमें ऐसे प्रयासों को नाकाम करने के लिए राजनयिक स्तर पर हर संभव क़दम उठाना चाहिए और विशेष सेवाओं का इस्तेमाल करना चाहिए.

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को ख़त्म करने के लिए अमेरिका और रूस की ओर से सऊदी अरब में बातचीत शुरू करने की बात कही गई थी.

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने इसी बातचीत को लेकर पश्चिमी देशों पर निशाना साधा है.

न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी और रायटर्स के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने रूस की एफ़एसबी सिक्योरिटी एजेंसी के साथ हुई मीटिंग में कहा, अमेरिका के नए प्रशासन के साथ हुई पहली मुलाक़ात एक उम्मीद जगाती है. इसके तहत दोनों देश अपने संबंधों को फ़िर से स्थापित करना चाहते हैं.

इस बीच, रूस की तास न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, रूस और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल के बीच इस्ताम्बुल में बातचीत हुई है.

दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच 6 घंटे से ज़्यादा समय तक बातचीत हुई. इस बातचीत का मक़सद अमेरिका और रूस के बीच जारी मतभेदों को दूर करना था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 07:09:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हॉलीवुड एक्टर जीन हैकमैन और उनकी पत्नी घर में मृत मिले, जांच जारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हलवड-एकटर-जन-हकमन-और-उनक-पतन-घर-म-मत-मल-जच-जर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हलवड-एकटर-जन-हकमन-और-उनक-पतन-घर-म-मत-मल-जच-जर</guid>
        <description>-पॉल ग्लेन

ऑस्कर विजेता अमेरिकी एक्टर जीन हैकमैन, उनकी पत्नी बेट्सी आराकावा और उनका डॉग एक घर में मृत मिले.

95 साल के जीन अपनी पत्नी 64 वर्षीय बेट्सी के साथ न्यू मेक्सिको के सेंटा फ़ी स्थित घर में रहते थे. जीन का फ़िल्मी करियर छः दशक से ज़्यादा लंबा रहा है.

अपने फ़िल्मी करियर में उन्होंने दो एकेडमी अवॉर्ड्स, दो बाफ़्टा अवॉर्ड्स, चार गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स और एक स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवॉर्ड जीता है.

न्यू मेक्सिको में सेंटा फ़ी काउंटी पुलिस ने इस घटना को लेकर एक बयान जारी किया है.

इसमें पुलिस ने कहा, हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि जीन हैकमैन और उनकी पत्नी बुधवार दोपहर उनके घर में मृत मिले. अभी जांच जारी है. हालांकि, अभी हमें ऐसा नहीं लगता है कि घटना स्थल पर किसी तरह का अपराध हुआ है.

हैकमैन ने साल 1971 में आई एक थ्रिलर फ़िल्म द फ़्रेंच कनेक्शन के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता था. वहीं, 1992 में आई फ़िल्म अनफ़ॉरगिवन के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड जीता था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 07:09:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ज़ेलेंस्की को तानाशाह कहने वाले ट्रंप ने की अब उनकी तारीफ़, क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जलसक-क-तनशह-कहन-वल-टरप-न-क-अब-उनक-तरफ-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जलसक-क-तनशह-कहन-वल-टरप-न-क-अब-उनक-तरफ-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाकात से पहले उनकी तारीफ़ की है.

उन्होंने कहा कि ज़ेलेंस्की के लिए उनके मन में काफी सम्मान है.

बीबीसी ने उनसे पूछा क्या वो हाल ही में ज़ेलेंस्की को तानाशाह कहने के लिए माफ़ी मांगेंगे.

इस पर ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि उन्होंने ऐसा कहा था..

ज़ेलेंस्की को उन्होंने बेहद बहादुर शख़्स करार दिया.

ट्रंप ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर के साथ यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध ख़त्म करने के बारे में बातचीत के बाद बोल रहे थे.

ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शुक्रवार को ज़ेलेंस्की के साथ उनकी बैठक काफी अच्छी रहेगी.

उन्होंने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच शांति कायम करने की कोशिश काफी तेजी से आगे बढ़ रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 07:09:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के राष्ट्रपति ने ‘ट्रंप गाजा’ का एआई से बनाया वीडियो साझा किया, कड़ी आलोचना हुई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-रषटरपत-न-टरप-गज-क-एआई-स-बनय-वडय-सझ-कय-कड-आलचन-हई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-रषटरपत-न-टरप-गज-क-एआई-स-बनय-वडय-सझ-कय-कड-आलचन-हई</guid>
        <description>(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 26 फरवरी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक एआई जनित वीडियो साझा किया, जिसमें युद्धग्रस्त गाजा को एक ऐसे शहर में बदलते हुए दिखाया गया है, जहां अमेरिकी नेता इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ छुट्टियां मनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है।

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल और इंस्टाग्राम सहित अपने सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो साझा किया। वीडियो को लाखों लोगों ने देखा है।

वीडियो 2025 में तबाह हो चुके गाजा के एक मोंटाज के साथ शुरू होता है और सवाल पूछता है आगे क्या होगा?

फिर इसमें एक गीत आता है जिसका अनुवाद है, डोनाल्ड ट्रंप आपको आजाद कर देंगे... कोई और सुरंग नहीं, कोई और डर नहीं। ट्रंप का गाजा आखिरकार है यहीं। ट्रंप गाजा चमक रहा है। सौदा हुआ डन, ट्रंप गाजा नंबर वन।

वीडियो में स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क की एआई वाली तस्वीरें हैं जो नए शहर में खानपान का लुत्फ उठा रहे हैं।

इसमें बेली डांसर, पार्टी के दृश्य, गाजा की सड़कों पर दौड़ती शानदार कारें और आसमान से गिरते डॉलर को पकड़ने की कोशिश करते छोटे बच्चे, साथ ही बिना शर्ट के ट्रंप और नेतन्याहू को बीच पर कुर्सी पर बैठे दिखाया गया है।

इस पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और लोगों ने कड़ी आलोचना की है। कई उपयोगकर्ताओं ने टिप्पणी की कि उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की देखभाल करने के लिए ट्रंप को वोट दिया, न कि ऐसा कुछ करने के लिए।

एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने कहा, मैंने डोनाल्ड ट्रंप को वोट दिया। मैंने इसके लिए वोट नहीं दिया। न ही मेरे जानने वाले किसी और ने। मानवता, शालीनता, सम्मान की कमी ने मुझे अपने वोट पर पछतावा कराया है।

एक अन्य उपयोगकर्ता ने कहा, मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति का अकाउंट है। सम्मान और गंभीरता कहां है?

इस महीने की शुरुआत में, नेतन्याहू के साथ व्हाइट हाउस में एक संयुक्त प्रेस वार्ता में ट्रंप ने एक आश्चर्यजनक घोषणा में कहा था कि अमेरिका गाजा पट्टी पर कब्जा करेगा, उसका स्वामी होगा और वहां आर्थिक विकास करेगा जिससे बड़ी संख्या में नौकरियां और आवास पैदा होंगे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 06:33:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइल ने फ़लस्तीनी कैदियों को छोड़ना शुरू किया, मना जश्न</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-न-फलसतन-कदय-क-छडन-शर-कय-मन-जशन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-न-फलसतन-कदय-क-छडन-शर-कय-मन-जशन</guid>
        <description>इसराइल ने बंधकों की रिहाई के बदले में फ़लस्तीनी कैदियों को छोड़ना शुरू कर दिया है.

वेस्ट बैंक से छोड़े जाने वाले फ़लस्तीनी कैदियोंं की तस्वीरें सामने आ रही हैं. उनके इंतज़ार में लोगों का हुजूम उमड़ता दिख रहा है.

हालांकि बीबीसी अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर पाया है कि ये कैदी कौन हैं या उन्हें किस अपराध की सजा के तौर पर जेलों में रखा गया था.

फिलहाल ये पता नहीं चल पाया है कि अबतक कितने फ़लस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया है.

इन कैदियों को रिहा किए जाने के बाद वेस्ट बैंक के रामाल्लाह कल्चरल पैलेस ले जाया गया. जहां फ़लस्तीनियों का एक बड़ा समूह उनका इंतज़ार कर रहा था.

वहां मौजूद लोग रिहा किए गए कुछ कैदियों को कंधे पर उठाए दिख रहे थे

उम्मीद है कि इसराइल आज रात तक 625 कैदियों और बंदियों को रिहा कर देगा.

स्थानीय मीडिया का कहना है कि इन कैदियों को जिन बसों में लाया जा रहा था, उनका संचालन रेड क्रॉस कर रहा था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 06:33:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप कैबिनेट की पहली बैठक में एलन मस्क भी रहेंगे मौजूद, जानिए क्यों है अहम</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-कबनट-क-पहल-बठक-म-एलन-मसक-भ-रहग-मजद-जनए-कय-ह-अहम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-कबनट-क-पहल-बठक-म-एलन-मसक-भ-रहग-मजद-जनए-कय-ह-अहम</guid>
        <description>दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कैबिनेट की बैठक होने वाली है.

यह बैठक स्थानीय समय के मुताबिक़ बुधवार को होनी है.

अमेरिकी संविधान के मुताबिक़ कैबिनेट मंत्री अपने मंत्रालय से जुड़े किसी भी मुद्दे पर राष्ट्रपति को सलाह देते हैं. अमेरिका में कैबिनेट की बैठक कब होगी, यह राष्ट्रपति के विवेक पर निर्भर करता है

ट्रंप ने शीर्ष पदों पर अपने मंत्रियों की नियुक्ति कर दी है और उन्हें अमेरिकी सीनेट की मंज़ूरी मिलने के बाद पहली बार सभी मंत्री एक साथ एक एजेंडा तय करने के लिए मिल रहे हैं.

ख़ास बात यह है कि इस बैठक में ट्रंप के क़रीबी अरबपति कारोबारी एलन मस्क भी मौजूद होंगे, जिन्हें ट्रंप ने डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी यानी डोज का प्रमुख बनाया है.

डोज एक एडवाइज़री बॉडी है, जिसे सरकारी विभागों के ख़र्च में कटौती के लिए बनाया गया है.

हाल के दिनों में अमेरिकी सरकार में मस्क की भूमिका को लेकर कई तरह के सवाल भी नज़र आए हैं. राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक़ मस्क डोज के नेता नहीं हैं, बल्कि अन्य बैठकों की तरह वो आज की बैठक में भी राष्ट्रपति के एक क़रीब सलाहकार की भूमिका में हैं.

हालांकि ट्रंप ने अपने ताज़ा बयान में ट्रूथ सोशल पर लिखा है, कैबिनेट के सभी सदस्य ट्रंप से काफ़ी खुश हैं और मीडिया कैबिनेट मीटिंग में यह देख लेगी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 06:33:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका: न्यायालय ने अन्य देशों को अमेरिकी सहायता जारी करने के लिए ट्रंप को दिए आदेश पर रोक लगाई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-नययलय-न-अनय-दश-क-अमरक-सहयत-जर-करन-क-लए-टरप-क-दए-आदश-पर-रक-लगई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-नययलय-न-अनय-दश-क-अमरक-सहयत-जर-करन-क-लए-टरप-क-दए-आदश-पर-रक-लगई</guid>
        <description>वाशिंगटन, 27 फरवरी। अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को एक न्यायाधीश के उस आदेश पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन को अन्य देशों के लिए अरबों डॉलर की अमेरिकी सहायता जारी करने के संबंध में मध्य रात्रि तक की समय सीमा दी गई थी।

प्रधान न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि यू.एस. डिस्ट्रिक्ट जज आमिर एच. अली द्वारा जारी आदेश पर तब तक रोक रहेगी जब तक कि उच्च न्यायालय इस पर पूरी तरह से विचार नहीं कर लेता।

अली ने संघीय सरकार को विदेशी सहायता पर अस्थायी रोक लगाने के उनके फैसले का अनुपालन करने का आदेश दिया था। यह फैसला गैर-लाभकारी समूहों और व्यवसायों द्वारा दायर मुकदमे में सुनाया गया था। एक अपीली पैनल ने हस्तक्षेप करने के प्रशासन के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।

संघीय सरकार ने ट्रंप के एक कार्यकारी आदेश के बाद विदेशी सहायता पर रोक लगा दी थी, जिसमें उन कार्यक्रमों को निशाना बनाया था जो ट्रंप के अनुसार बेकार हैं और अमेरिका की विदेश नीति के लक्ष्यों के अनुरूप नहीं हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 06:33:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ज़ेलेंस्की ने कहा&amp; &amp;apos;हम इस साल युद्ध ख़त्म कर सकते हैं&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जलसक-न-कह-हम-इस-सल-यदध-खतम-कर-सकत-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जलसक-न-कह-हम-इस-सल-यदध-खतम-कर-सकत-ह</guid>
        <description>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने उम्मीद जताई है कि यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग इस साल खत्म हो सकती है.

ज़ेलेंस्की ने कहा, हमें उम्मीद है कि हम इस साल युद्ध ख़त्म कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि यह पूरे देश के लिए बहुत कठिन रहा है.

ज़ेलेंस्की का कहना है कि रूस को रोकने के लिए आने वाले सालों में यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी चाहिए.

उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइज़ेशन यानी नेटो में शामिल होने से बहुत मदद मिलेगी.

हाल ही में ज़ेलेंस्की ने कहा था कि शांति या नेटो सदस्यता मिले तो वे पद छोड़ने के लिए तैयार हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 25 Feb 2025 06:26:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-फरस-क-रषटरपत-मकर-स-मलकत-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-फरस-क-रषटरपत-मकर-स-मलकत-क</guid>
        <description>वाशिंगटन, 24 फरवरी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का स्वागत किया।

मैक्रों की यात्रा अटलांटिक पार संबंधों के भविष्य के बारे में गहरी अनिश्चितता के दौर में हो रही है। ट्रंप ने अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव किया है और वह यूक्रेन में रूस के युद्ध को जल्दी से समाप्त करना चाहते हैं।

दोनों नेताओं ने युद्ध पर चर्चा करने के लिए जी7 अर्थव्यवस्थाओं के साथी नेताओं के साथ एक वर्चुअल बैठक में भाग लेने के साथ दिन की शुरुआत की।

ट्रंप ने ग्रीनलैंड, कनाडा, गाजा और पनामा नहर क्षेत्रों के साथ-साथ यूक्रेन से कीमती दुर्लभ पृथ्वी खनिजों की भी मांग की है।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 25 Feb 2025 06:26:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ़लस्तीनी कै़दियों की रिहाई को लेकर हमास ने इसराइल के सामने रखी ये शर्त</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फलसतन-कदय-क-रहई-क-लकर-हमस-न-इसरइल-क-समन-रख-य-शरत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फलसतन-कदय-क-रहई-क-लकर-हमस-न-इसरइल-क-समन-रख-य-शरत</guid>
        <description>ग़ज़ा युद्ध विराम समझौते में हमास ने इसराइल के सामने अपनी शर्त रखी है.

हमास ने कहा है कि ग़ज़ा युद्ध विराम समझौते के अगले कदमों पर इसराइल के साथ बातचीत इस शर्त पर होगी कि जेल में बंद फ़लस्तीनी कै़दियों को मुक्त किया जाएगा, जैसा कि तय हुआ था.

इसराइल ने रविवार को कहा कि वह 600 से ज़्यादा फ़लस्तीनी कै़दियों की रिहाई को रोक रहा है, जो छह जीवित और चार मृत बंधकों के बदले में रिहा किए जाने थे.

इसराइल ने हमास पर लगातार ग़ज़ा युद्ध विराम समझौते के उल्लंघनों का आरोप लगाया है.

हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसराइल के फ़लीस्तीनी कैदियों को न छोड़ने पर अड़े रहने से पूरा समझौता ही गंभीर खतरे में पड़ गया है. उन्होंने मध्यस्थों, विशेषकर अमेरिका से इसराइल पर दबाव डालने का आह्वान किया है.

समझौते का पहला चरण और छह सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम शनिवार को समाप्त होने वाला है, लेकिन दूसरे चरण और युद्ध की समाप्ति पर अप्रत्यक्ष वार्ता अभी तक शुरू नहीं हुई है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 25 Feb 2025 06:26:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन युद्ध पर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका ने दिया रूस का साथ, भारत किसके साथ?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-यदध-पर-सयकत-रषटर-म-अमरक-न-दय-रस-क-सथ-भरत-कसक-सथ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-यदध-पर-सयकत-रषटर-म-अमरक-न-दय-रस-क-सथ-भरत-कसक-सथ</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को रूस को यूक्रेनी क्षेत्र से तत्काल हटाने के समर्थन वाले एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस प्रस्ताव के पक्ष में 93 और विरोध में 18 वोट डाले गए. 65 देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.

प्रस्ताव का समर्थन करने वालों में जर्मनी, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे प्रमुख यूरोपीय देश शामिल हैं.

वहीं रूस समेत अमेरिका, इसराइल और हंगरी ने इस प्रस्ताव के खिलाफ़ वोट किया. यह प्रस्ताव यूक्रेन के साथ रूस के युद्ध की तीसरी वर्षगांठ पर आया है.

भारत और चीन ने संयुक्त राष्ट्र में हुए इस प्रस्ताव पर हुए मतदान में हिस्सा नहीं लिया.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 25 Feb 2025 06:26:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जर्मनी में हुए चुनावों में कंज़र्वेटिव पार्टी की हुई जीत, जानिए क्या कह रहे हैं यूरोपीय देशों के नेता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जरमन-म-हए-चनव-म-कजरवटव-परट-क-हई-जत-जनए-कय-कह-रह-ह-यरपय-दश-क-नत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जरमन-म-हए-चनव-म-कजरवटव-परट-क-हई-जत-जनए-कय-कह-रह-ह-यरपय-दश-क-नत</guid>
        <description>जर्मनी में हुए आम चुनावों में कंज़र्वेटिव सीडीयू पार्टी देश की संसद में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. इस पार्टी को सबसे ज़्यादा 28.6 फ़ीसदी वोट मिले हैं.

जर्मनी में सीडीयू/सीएसयू पार्टी के नेता फ़्रिड्रिख़ मर्त्ज़ ने कहा है कि आज हम जश्न मना रहे हैं, लेकिन कल काम करेंगे.

जर्मनी में चुनावों के बाद वोटों की गिनती समाप्त हो चुकी है. चुनाव के नतीजों में अल्टरनेटिव फ़ॉर जर्मन पार्टी (एएफ़डी) दूसरे और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी तीसरे नंबर पर रही है.

इन नतीजों पर यूरोप के नेताओं का प्रतिक्रिया भी आने लगी है.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने कहा, मैं जर्मनी की नई सरकार के साथ मिलकर काम करने और दोनों देशों के बीच पहले से मज़बूत रिश्ते को और अच्छा करके के लिए काम करने को तैयार हूं.

उन्होंने कहा है कि ब्रिटेन और जर्मनी साथ मिलकर दोनों देशों की सुरक्षा और विकास के लिए काम के करेंगे.

वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुअल मैक्रों ने कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता फ़्रिड्रक मर्त्ज़ को बधाई दी है और कहा है कि दोनों साथ मिलकर एक ताक़तवर यूरोप के लिए काम करेंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 06:24:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मौत के पांच महीने बाद हिज़्बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह का अंतिम संस्कार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मत-क-पच-महन-बद-हजबललह-नत-हसन-नसरललह-क-अतम-ससकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मत-क-पच-महन-बद-हजबललह-नत-हसन-नसरललह-क-अतम-ससकर</guid>
        <description>रविवार को हिज़्बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह और उनके उत्तराधिकारी हाशिम सैफ़िद्दीन को आखिरी विदाई देने के लिए हजारों लोग बेरूत के स्पोर्ट्स सिटी में उमड़ पड़े.

लेबनान पर इसराइली हमलों में मारे जाने के लगभग पांच महीने बाद उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है.

क़रीब पांच महीने पहले हिज़्बुल्लाह के ये दो बड़े नेता इसराइली हमलों में मारे गए थे.

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने हिज़्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की मौत पर पांच दिनों के शोक का एलान भी किया था.(bbc.com/hindi)

हसन नसरल्लाह और हाशिम सैफ़िद्दीन के अंतिम संस्कार में ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हों रहे हैं.</description>
        <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 06:24:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पोप फ्रांसिस की हालत अब गंभीर, ताज़ा बयान में वेटिकन ने क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पप-फरसस-क-हलत-अब-गभर-तज-बयन-म-वटकन-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पप-फरसस-क-हलत-अब-गभर-तज-बयन-म-वटकन-न-कय-कह</guid>
        <description>पोप फ्रांसिस की हालत गंभीर बनी हुई है. वेटिकन ने रविवार को एक बयान में बताया है कि पोप को अब भी ऑक्सीजन थेरेपी दी जा रही थी.

वेटिकन के बयान के मुताबिक़ ख़ून की जांच में पाया गया कि उनमें दिल से संबंधित शुरुआती और हल्की परेशानी भी पाई गई है.

इसके अलावा इस जांच में किडनी के जुड़ी समस्या का भी पता चला है.

वेटिकन के बयाने के मुताबिक़ रविवार को पोप फ्रांसिस की थ्रोम्बोकाइटोपेनिया की स्थिति स्थिर पाई गई, इसमें ख़ून में प्लेटलेट्स की मात्रा काफ़ी कम हो जाती है.

इससे पहले रविवार सुबह पोप ने एक बयान जारी कर कैथोलिक ईसाइयों से परंपरागत प्रार्थना करने को कहा, क्योंकि वो ख़ुद ऐसा नहीं कर पा रहे थे.

कई दिनों से सांस लेने में परेशानी के बाद पोप को 14 फ़रवरी को रोम के जेमेली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था.

हास्पिटल में उन्हें पहले ब्रॉन्काइटिस का उपचार दिया गया और बाद में उन्हें निमोनिया से पीड़ित पाया गया.

अर्जेंटीना के पोप फ्रांसिस रोमन कैथोलिक चर्च के प्रमुख बनने वाले पहले लैटिन अमेरिकी और पहले जेसुइट हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 06:24:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकन एयरलाइंस की न्यूयॉर्क&amp;दिल्ली उड़ान को बम की धमकी मिलने के बाद रोम भेजा गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरकन-एयरलइस-क-नययरक-दलल-उडन-क-बम-क-धमक-मलन-क-बद-रम-भज-गय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरकन-एयरलइस-क-नययरक-दलल-उडन-क-बम-क-धमक-मलन-क-बद-रम-भज-गय</guid>
        <description>(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 24 फरवरी। न्यूयॉर्क से दिल्ली जा रहे अमेरिकन एयरलाइंस के विमान को रविवार शाम बम की संदिग्ध धमकी मिलने के बाद उसका मार्ग परिवर्तित कर रोम की ओर भेज दिया गया और जांच के बाद इसे फिर से उड़ान भरने की मंजूरी दे दी गई।

अधिकारियों के मुताबिक इस विमान में 199 यात्री और चालक दल के 15 सदस्य सवार थे।

संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) ने पीटीआई को बताया कि चालक दल द्वारा सूचना दिए जाने के बाद अमेरिकन एयरलाइंस की उड़ान एए292 का मार्ग परिवर्तित किया गया और उसे रोम की ओर भेज दिया गया।

एफएए ने बताया कि विमान को स्थानीय समयानुसार शाम करीब साढ़े पांच बजे रोम के लियोनार्डो दा विंची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतारा गया।

पीटीआई को दिए गए एक बयान में अमेरिकन एयरलाइंस ने कहा कि उड़ान संख्या 292 का संभावित सुरक्षा कारणों से मार्ग परिवर्तित किया गया और उसे रोम की ओर भेजा गया।

विमानन कंपनी ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि विमान रोम में सुरक्षित उतर गया और कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने निरीक्षण कर विमान को फिर से उड़ान भरने की अनुमति दे दी।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 06:24:31 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल: तीन बसों में सिलसिलेवार विस्फोट, चरमपंथियों के हमले का संदेह</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-तन-बस-म-सलसलवर-वसफट-चरमपथय-क-हमल-क-सदह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-तन-बस-म-सलसलवर-वसफट-चरमपथय-क-हमल-क-सदह</guid>
        <description>बैट याम (इजराइल), 21 फरवरी। मध्य इजराइल में बृहस्पतिवार को तीन खड़ी बसों में सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए और प्राधिकारियों को इनके पीछे चरमपंथियों का हाथ होने का संदेह है।

इन विस्फोटों में कोई हताहत नहीं हुआ।

ये विस्फोट उस दिन हुए जब युद्ध विराम समझौते के तहत हमास द्वारा गाजा से चार बंधकों के शव लौटाए जाने के बाद इजराइल शोक में हैं। ये विस्फोट 2000 के दशक में फलस्तीनी विद्रोह के दौरान हुए विस्फोटों की याद दिलाते हैं।

पुलिस प्रवक्ता असी अहरोनी ने चैनल 13 टीवी को बताया कि दो अन्य बसों में विस्फोटक बरामद किये गये।

इजराइली पुलिस ने बताया कि पांचों बम एक जैसे थे और उनमें टाइमर लगे हुए थे।

पुलिस के मुताबिक, बम निरोधक दस्ता बरामद किये गये बमों को निष्क्रिय करने में जुटा है।

शहर के मेयर त्जिवका ब्रॉट ने कहा कि यह चमत्कार है कि इन विस्फोटों में कोई हताहत नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि ये बस अपनी यात्राएं पूरी करने के बाद खड़ी थीं।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बताया कि वह अपने सैन्य सचिव से ताजा जानकारी प्राप्त कर रहे हैं और घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।

पुलिस ने बताया कि शिन बेट आंतरिक सुरक्षा एजेंसी मामले की जांच कर रही है।

पुलिस प्रवक्ता हैम सरग्रॉफ ने इजराइली टीवी को बताया, हमें यह पता लगाना है कि क्या एक ही संदिग्ध ने बसों में विस्फोटक रखे थे या इसमें कई लोग शामिल थे।

सरग्रॉफ ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस्तेमाल किए गए विस्फोटक वेस्ट बैंक में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों से मिलते जुलते थे, लेकिन उन्होंने इस संबंध में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया।

हमास द्वारा सात अक्टूबर, 2023 को किए हमले के बाद से इजराइली सेना ने वेस्ट बैंक में संदिग्ध फलस्तीनी चरपंथियों पर कई बार हमले किए है।

खुद को हमास के कस्साम ब्रिगेड्स की शाखा बताने वाले एक समूह ने टेलीग्राम ऐप पर लिखा, जब तक हमारी जमीन पर कब्जा रहेगा, तब तक हम अपने शहीदों का बदला लेना नहीं भूलेंगे।

बहरहाल, वेस्ट बैंक के तुलकरम शहर के इस समूह ने बस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 07:44:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बंधक बनाए गए बच्चों की पहचान हुई लेकिन हमास का दिया शव उनकी मां का नहीं: इजराइल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बधक-बनए-गए-बचच-क-पहचन-हई-लकन-हमस-क-दय-शव-उनक-म-क-नह-इजरइल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बधक-बनए-गए-बचच-क-पहचन-हई-लकन-हमस-क-दय-शव-उनक-म-क-नह-इजरइल</guid>
        <description>तेल अवीव, 21 फरवरी। इजराइली सेना ने शुक्रवार सुबह बताया कि बंधक बनाये गये दो बच्चों के शवों की पहचान कर ली गई है लेकिन हमास द्वारा दिया गया एक अन्य शव इन लड़कों की मां का नहीं है।

हमास चरमपंथियों ने युद्ध विराम समझौते के तहत बृहस्पतिवार को ये चार शव सौंपे थे।

इजराइल ने 83 वर्षीय ओडेड लिफ्शिट्ज का शव प्राप्त होने की पुष्टि की। ओडेड को हमास द्वारा सात अक्टूबर 2023 को किए गए हमले के दौरान अगवा कर लिया गया था। इन हमलों के बाद इजराइल और हमास के बीच युद्ध शुरू हो गया था।

इजराइली रक्षा बलों ने एक बयान में बताया कि दो बच्चों- एरियल और केफिर बिबास के शवों की पहचान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक मेडिसिन ने इजराइल पुलिस के सहयोग से की और उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है।

बयान के मुताबिक, बंधक बनाए गए इन बच्चों नवंबर 2023 में हत्या कर दी गयी थी।

सेना ने साथ ही बताया कि सौंपा गया एक अन्य शव उन लड़कों की मां शिरी बिबास या किसी अन्य बंधक का नहीं है।

इजराइली सेना ने शुक्रवार की सुबह एक बयान में कहा, हमास चरमपंथी संगठन ने समझौते का गंभीर उल्लंघन किया है। समझौते के तहत हमास चार मृतक बंधकों को वापस करने के लिए बाध्य है।

सेना के मुताबिक, हम मांग करते हैं कि हमास हमारे सभी बंधकों के साथ शिरी को भी घर वापस भेजे।

हमास ने इजराइल के इस बयान पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी कि शव लड़कों की मां का नहीं था।

संयुक्त राष्ट्र में इज़राइल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा, हमास ने न केवल एरियल और केफिर बिबास (चार वर्षीय और 10 माह के बच्चों) की निर्मम हत्या की, बल्कि उनकी मौत के बाद भी हर बुनियादी नैतिक मूल्य का उल्लंघन करना जारी रखा।

उन्होंने कहा कि इजराइल मांग करता है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस जघन्य अपराध की निंदा करे और बच्चों मां शिरी बिबास को उसके परिवार के पास तुरंत वापस भेजने की मांग करे।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 07:44:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकाः एलन मस्क ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन पर क्यों साधा निशाना?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-एलन-मसक-न-परव-रषटरपत-ज-बइडन-पर-कय-सध-नशन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-एलन-मसक-न-परव-रषटरपत-ज-बइडन-पर-कय-सध-नशन</guid>
        <description>अमेरिका के अरबपति उद्यमी एलन मस्क ने कंज़र्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ़्रेंस के मंच पर डिपार्टमेंट ऑफ़ गवर्मेंट एफ़िशिएंसी से जुड़ी कई जानकारी दी और देश के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन पर भी आरोप लगाए हैं.

अमेरिका में मस्क इस विभाग का नेतृत्व कर रहे हैं. उनके इस विभाग का मक़सद सरकारी विभागों के ख़र्च को कम करना है.

मस्क के साथ मंच पर अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई भी मौजूद थे. उन्होंने मस्क को तोहफ़े में एक आरा मशीन दी.

मस्क अमेरिका में सरकारी ख़र्च को कम करने के प्रयासों में जुटे हैं. राष्ट्रपति मिलेई ने यही दिखाने के मक़सद से मस्क को आरा मशीन तोहफ़े में दी.

मस्क ने अपनी बातचीत के दौरान कई विषयों पर बात की.

मस्क से पूछा गया कि क्या उनको लगता है कि अमेरिका पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने अंतरिक्ष यात्रियों को जानबूझकर अंतरिक्ष में छोड़ दिया, ताकि यात्रियों को पृथ्वी पर वापस लाने में उनको मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की मदद न लेनी पड़े.

इसके जवाब में मस्क ने कहा, हां, बिल्कुल. मस्क ने कहा, हम निश्चित तौर पर उनको जल्दी से वापस ला सकते थे, मगर वो ऐसे किसी भी व्यक्ति का साथ नहीं चाहते हैं, जो राष्ट्रपति ट्रंप का समर्थन करता है.

दरअसल, पिछले साल जून महीने से दो अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी बुच विल्मोर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर फंसे हुए हैं, क्योंकि उनके बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में दिक्कत आ गई है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 07:44:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइलः तेल अवीव के दक्षिण में तीन बसों में धमाके, अब तक क्या पता चला है</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-तल-अवव-क-दकषण-म-तन-बस-म-धमक-अब-तक-कय-पत-चल-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-तल-अवव-क-दकषण-म-तन-बस-म-धमक-अब-तक-कय-पत-चल-ह</guid>
        <description>इसराइल के प्रमुख शहरों में शुमार तेल अवीव के दक्षिण में स्थित बैट याम शहर में तीन बसों में धमाके हुए. इन धमाकों में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

इसराइली पुलिस के मुताबिक़ यह एक संदिग्ध आतंकवादी हमला है.

इसराइली पुलिस ने बताया कि दो अन्य बसों में भी धमाका करने के मक़सद से लगाई गई डिवाइस को पुलिस ने निष्क्रिय कर दिया.

इसराइल के परिवहन मंत्री मिरी रागेव ने देश में सभी बसों और ट्रेनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है, ताकि यह जांच की जा सके कि कहीं धमाका करने के लिए कोई डिवाइस तो नहीं लगाई गई है.

इसराइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स को आदेश दिया है कि वेस्ट बैंक में स्थित शरणार्थी शिविरों में सक्रियता को बढ़ा दें.

इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्स ने एक बयान में कहा कि बैट याम में हुई घटना की जांच के लिए आईडीएफ़ इसराइली पुलिस और शिन बैट सिक्योरिटी एजेंसी के साथ मिलकर काम कर रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 07:44:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइलः आईडीएफ़ ने मां और दो बच्चों के शव वापस किए जाने के बाद हमास के बारे में क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-आईडएफ-न-म-और-द-बचच-क-शव-वपस-कए-जन-क-बद-हमस-क-बर-म-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-आईडएफ-न-म-और-द-बचच-क-शव-वपस-कए-जन-क-बद-हमस-क-बर-म-कय-कह</guid>
        <description>-जॉर्ज राइट

ग़ज़ा से गुरुवार को चार शव इसराइल को लौटाए गए थे. हमास ने दावा किया था कि इनमें से एक शव शिरी बिबास का है, जबकि इसराइली सेना का कहना है कि वह शव इसराइली बंधक शिरी बिबास का नहीं है.

हमास ने 7 अक्तूबर 2023 को 33 साल की शिरी बिबास को उनके दो बच्चों 5 साल के एरियल और दो साल के कफ़ीर के साथ बंधक बना लिया था.

इन लोगों की मौत की ख़बर से इसराइल में काफ़ी नाराज़गी और शोक की लहर देखी गई.

इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स ने बिबास के परिवार को यह सूचना दी कि उनके बेटों के शवों की पहचान कर ली गई है, मगर तीसरा शव उनकी मां शिरी बिबास का नहीं है.

आईडीएफ़ ने मांग की है कि बाक़ी बचे बंधकों के साथ शिरी बिबास का शव भी लौटाया जाए. हालांकि, हमास की ओर से अब तक इसराइल के दावे को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई है.

आईडीएफ़ ने एक्स पर लिखा, पहचान प्रक्रिया के दौरान, यह पाया गया कि जो अतिरिक्त शव मिला है, वो शिरी बिबास का नहीं है, और उस शव की पहचान किसी भी बंधक से मेल नहीं खाती है. इस शव की पहचान नहीं हो पाई है. यह अज्ञात है.

आईडीएफ़ ने कहा कि इंटेलिजेंस और फ़ॉरेंसिक जांच के मुताबिक, नवंबर 2023 में दोनों बच्चों को आतंकवादियों ने बर्बरतापूर्वक मार दिया था.

हालांकि, हमास का कहना है कि दोनों बच्चे और उनकी मां इसराइल की बमबारी में मारे गए थे.

हमास ने जब शिरी, एरियल और कफ़ीर को बंधक बनाया था, तब शिरी की उम्र क़रीब 32 साल, एरियल की उम्र 4 साल और कफ़ीर की उम्र 9 महीने की थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 07:44:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जवाबी शुल्क पर बोले ट्रंप &amp; कोई भी मुझसे बहस नहीं कर सकता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जवब-शलक-पर-बल-टरप-कई-भ-मझस-बहस-नह-कर-सकत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जवब-शलक-पर-बल-टरप-कई-भ-मझस-बहस-नह-कर-सकत</guid>
        <description>वाशिंगटन, 19 फरवरीअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्पष्ट कर दिया है कि भारत को वाशिंगटन के जवाबी शुल्कों से छूट नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा, शुल्क के मुद्दे पर कोई भी मुझसे बहस नहीं कर सकता।

ट्रंप ने हाल ही में फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार के दौरान ये टिप्पणियां कीं। फॉक्स न्यूज ने राष्ट्रपति ट्रंप और अरबपति एलन मस्क के साथ किया गया एक संयुक्त टेलीविजन साक्षात्कार मंगलवार रात को प्रसारित किया।

तेरह फरवरी को, व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी की ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक से कुछ घंटे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने जवाबी टैरिफ (शुल्क) की घोषणा की थी।

इस योजना के तहत, ट्रंप प्रशासन प्रत्येक विदेशी व्यापार भागीदार पर लगभग बराबर का जवाबी शुल्क लगाएगा।

साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने अमेरिका और भारत सहित उसके साझेदारों के बीच मौजूदा शुल्क संरचनाओं पर अपना रुख दोहराया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, मैंने कल प्रधानमंत्री मोदी से कहा (जब वे यहां थे) हम यही करने जा रहे हैं : बराबर का जवाबी शुल्क। आप जो भी शुल्क वसूलेंगे, मैं भी वैसा ही करूंगा।

ट्रंप ने कहा, उन्होंने (मोदी) कहा, नहीं, नहीं, मुझे यह पसंद नहीं है। तो मैंने कहा, नहीं, नहीं, आप जो भी शुल्क लगाएंगे, मैं भी वैसा ही करूंगा। मैं हर देश के साथ ऐसा ही कर रहा हूं।

अमेरिका से कुछ आयातों पर भारत बहुत कड़े शुल्क लगाता है, जैसे ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भारत 100 प्रतिशत शुल्क लगाता है।

साक्षात्कार के दौरान मस्क ने कहा, यह 100 प्रतिशत है - ऑटो आयात पर 100 प्रतिशत शुल्क। हां, ये बहुत ज्यादा। और कई अन्य चीजों पर भी ऐसा ही कुछ है। मैंने कहा, हम यही करने जा रहे हैं: जवाबी शुल्क। आप जो भी शुल्क लेंगे, मैं भी वही शुल्क लूंगा।

ट्रम्प ने कहा कि जवाबी शुल्क प्रणाली के तहत, अमेरिका भारतीय आयातों पर उसी स्तर का शुल्क लगाएगा जैसा भारत अमेरिकी वस्तुओं पर लगाता है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Feb 2025 06:45:50 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फिलीपींस&amp;चीन तनाव : पीएलए नौसेना के हेलीकॉप्टर की खतरनाक उड़ान पर भड़का अमेरिका, बीजिंग पर साधा निशाना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फलपस-चन-तनव-पएलए-नसन-क-हलकपटर-क-खतरनक-उडन-पर-भडक-अमरक-बजग-पर-सध-नशन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फलपस-चन-तनव-पएलए-नसन-क-हलकपटर-क-खतरनक-उडन-पर-भडक-अमरक-बजग-पर-सध-नशन</guid>
        <description>मनीला, 19 फरवरी । संयुक्त राज्य अमेरिका ने बुधवार को फिलीपींस के विमान के नजदीक से चीनी हेलीकॉप्टर के खतरनाक तरीक से गुजरने की आलोचना की। चीनी हेलीकॉप्टर ने दक्षिण चीन सागर में एक विवादित तट पर गश्त कर रहे फिलीपींस के सरकारी विमान के करीब से उड़ान भरी थी। फिलीपींस में अमेरिकी राजदूत मैरीके कार्लसन ने एक्स पर पोस्ट किया, हम पीएलए नौसेना के हेलीकॉप्टर की खतरनाक उड़ान की निंदा करते हैं, जिसने फिलीपींस के हवाई मिशन पर गए पायलटों और यात्रियों को खतरे में डाल दिया। फिलीपींस तटरक्षक ने कहा, इस लापरवाह कार्रवाई ने पायलटों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा किया। फिलीपीन तटरक्षक ने कहा कि सरकारी मत्स्य पालन विमान मंगलवार को स्कारबोरो शोल के ऊपर एक समुद्री डोमेन जागरूकता उड़ान भर रहा था। यह इलाका फिलीपींस के विशेष आर्थिक क्षेत्र के अंदर स्थित एक चट्टानी एटोल और मछली पकड़ने का प्रमुख क्षेत्र है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी का हेलीकॉप्टर विमान के तीन मीटर के करीब से गुजरा। फिलीपीन तट रक्षक ने दावा किया कि यह विमानन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन और घोर उपेक्षा है। चीनी सेना के दक्षिणी थिएटर कमांड ने कहा कि फिलीपीन विमान ने चीन के हवाई क्षेत्र में अवैध रूप से घुसपैठ की।

इसने फिलीपींस पर झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाया। दक्षिणी थिएटर कमांड ने अपने बयान में कहा कि फिलीपींस के इस कदम ने चीन की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन किया है। स्कारबोरो शोल दक्षिण चीन सागर में सबसे विवादित समुद्री क्षेत्र है। बीजिंग और मनीला अक्सर इस मुद्दे पर आमने-सामने आ जाते हैं। चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर संप्रभुता का दावा करता है, जो सालाना 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के जहाज- वाणिज्य के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है। इसे लेकर चीन ब्रुनेई, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ उलझता रहता है। 2016 के मध्यस्थता फैसले ने चीन के व्यापक दावे को अमान्य कर दिया, लेकिन बीजिंग इस फैसले को मान्यता नहीं देता है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Feb 2025 06:45:50 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फिलीपीन के गांव ने डेंगू से निपटने के लिए मच्छर जिंदा या मुर्दा लाने पर इनाम की घोषणा की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फलपन-क-गव-न-डग-स-नपटन-क-लए-मचछर-जद-य-मरद-लन-पर-इनम-क-घषण-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फलपन-क-गव-न-डग-स-नपटन-क-लए-मचछर-जद-य-मरद-लन-पर-इनम-क-घषण-क</guid>
        <description>मनीला, 19 फरवरी। फिलीपीन के राजधानी क्षेत्र के गांव ने डेंगू से निपटने के लिए अनोखा तरीका अख्तियार किया है जिसके तहत मच्छर को जिंदा या मुर्दा लाने पर इनाम दिया जाएगा।

यह तरीका मांडलुयोंग शहर के एडिशन हिल्स गांव ने अपनाया है। दरअसल पास के शहर क्यूज़ोन में सप्ताहांत में मच्छर जनित बीमारी के प्रकोप की घोषणा के बाद चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष एक फरवरी तक फिलीपीन में डेंगू के कम से कम 28,234 मामले दर्ज किए गए हैं जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 40 फीसदी अधिक हैं।

क्यूज़ोन शहर ने मृतकों की संख्या 10 पहुंचने के बाद शनिवार को डेंगू के प्रकोप की घोषणा कर दी। शहर में 1750 से ज्यादा लोग डेंगू से पीड़ित हैं जिनमें ज्यादातर बच्चे हैं।

एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरी गांव एडिशन हिल्स ने डेंगू से निपटने के लिए सफाई अभियान शुरू किया है जिसके तहत नहरों आदि की सफाई की जा रही है।

लेकिन जब इस वर्ष मामले बढ़कर 42 हो गए और दो छात्रों की मृत्यु हो गई, तो गांव के प्रधान कार्लिटो सेर्नल ने लड़ाई तेज करने का फैसला किया।

सेर्नल ने बताया कि निवासियों को प्रत्येक पांच मच्छर या मच्छर के लार्वा के बदले एक फिलीपींस पेसो (करीब डेढ़ रुपये) का इनाम मिलेगा।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Feb 2025 06:45:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोनाल्ड ट्रंप ने ज़ेलेंस्की को बताया तानाशाह, दोनों नेताओं के बीच गहराई दरार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-न-जलसक-क-बतय-तनशह-दन-नतओ-क-बच-गहरई-दरर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-न-जलसक-क-बतय-तनशह-दन-नतओ-क-बच-गहरई-दरर</guid>
        <description>यूक्रेन में जारी जंग को खत्म करने को लेकर अमेरिका और रूस के बीच हुई शांति वार्ता के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के बीच में विवाद बढ़ता जा रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ज़ेलेंस्की को बिना चुनाव वाला तानाशाह करार दे दिया.

ज़ेलेंस्की ने इससे पहले आरोप लगाया था कि यूक्रेन के बारे में रूस काफ़ी ग़लत सूचनाएं फैला रहा है.

उन्होंने कहा था, मैं राष्ट्रपति ट्रंप का पूरा सम्मान करता हूँ, लेकिन कहना चाहूँगा कि वे ग़लत सूचनाओं की दुनिया में हैं.

ज़ेलेंस्की का राष्ट्रपति के तौर पर कार्यकाल मई 2024 में खत्म होना था, लेकिन यूक्रेन में फरवरी 2022 में रूस के हमले के बाद से यहां मार्शल लॉ लगा हुआ है और इस कारण यहां चुनाव नहीं हो सके हैं.

ट्रंप ने इससे पहले दावा किया था कि जेलेंस्की की अप्रूवल रेटिंग यानी आसान शब्दे में उनकी लोकप्रियता मात्र चार प्रतिशत रह गई है.

हालांकि बीबीसी वेरिफाई की रिपोर्ट में सामने आया है कि 57 फ़ीसदी यूक्रेनी लोग अभी भी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की पर विश्वास करते हैं.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ के बीच यूक्रेन में जारी जंग को खत्म करने पर सऊदी अरब में शांति वार्ता हुई थी.

इस पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा था, हम सब पारदर्शिता चाहते हैं ताकि कोई पीठ पीछे कुछ न तय करे. हमें रूस-अमेरिकी वार्ता में आमंत्रित नहीं किया गया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Feb 2025 06:45:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पनामा ने स्वदेश लौटने से इनकार करने वाले अमेरिका से निर्वासित 98 लोगों को डेरियन शिविर भेजा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पनम-न-सवदश-लटन-स-इनकर-करन-वल-अमरक-स-नरवसत-98-लग-क-डरयन-शवर-भज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पनम-न-सवदश-लटन-स-इनकर-करन-वल-अमरक-स-नरवसत-98-लग-क-डरयन-शवर-भज</guid>
        <description>पनामा सिटी, 20 फरवरी। पनामा ने अमेरिका द्वारा निर्वासित किए गए विभिन्न देशों के उन 98 लोगों को बुधवार को अपने डेरियन प्रांत के एक शिविर में स्थानांतरित कर दिया जिन्होंने अपने देश लौटने से इनकार कर दिया है। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी।

इस घटनाक्रम से परिचित पनामा के एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि डेरियन भेजे गए प्रवासियों ने अपने देश वापस जाने से इनकार कर दिया है और उन्हें तब तक यहीं रखा जाएगा जब तक कि उन्हें लेने के लिए कोई तीसरा देश आगे नहीं आता।

ये 98 लोग अमेरिका सरकार द्वारा पनामा भेजे गए 299 प्रवासियों के एक बड़े समूह का हिस्सा हैं। अन्य लोग पनामा सिटी के एक होटल में पुलिस की निगरानी में है और उन्हें उनके देश वापस भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

पनामा सरकार ने इस बात से इनकार किया है कि इन लोगों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन वे पुलिस की निगरानी में हैं और उन्हें होटल से बाहर जाने की अनुमति नहीं है।

पनामा की राष्ट्रीय आव्रजन सेवा ने बुधवार को पहले घोषणा की थी कि एक चीनी महिला होटल से भाग निकली थी, लेकिन बाद में अधिकारियों ने बताया कि उसे पुनः पकड़ लिया गया है।

पनामा के सुरक्षा मंत्री फ्रैंक अब्रेगो ने मंगलवार को कहा था कि पनामा और अमेरिका के बीच प्रवास समझौते के तहत प्रवासियों को चिकित्सकीय देखभाल और भोजन मुहैया कराया जा रहा है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Feb 2025 06:45:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अपदस्थ प्रधानमंत्री हसीना ने यूनुस पर बांग्लादेश में आंतकवाद फैलाने का आरोप लगाया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अपदसथ-परधनमतर-हसन-न-यनस-पर-बगलदश-म-आतकवद-फलन-क-आरप-लगय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अपदसथ-परधनमतर-हसन-न-यनस-पर-बगलदश-म-आतकवद-फलन-क-आरप-लगय</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 18 फरवरी। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने देश के लोगों के खिलाफ ही आतंकवादियों को खुला छोड़ दिया है।

पांच अगस्त 2024 को छात्रों के विद्रोह के बाद हसीना की 16 साल पुरानी सरकार गिर गई और उन्हें बांग्लादेश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

हसीना ने 2024 में जुलाई-अगस्त में सरकार के खिलाफ हिंसक विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मारे गए पुलिस अधिकारियों की विधवाओं और बच्चों के साथ ऑनलाइन माध्यम से की गई बातचीत में कहा, उन्होंने (यूनुस) सभी जांच समितियों को भंग कर दिया और लोगों को मारने के लिए आतंकवादियों को छोड़ दिया। वे बांग्लादेश को तबाह कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, मैं वापस आऊंगी और हमारे पुलिसकर्मियों की मौत का बदला लूंगी।

मंगलवार को यह बातचीत सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुई।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 07:02:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हमलावरों ने बस से लोगों को उतारकर गोली मारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-बलचसतन-म-हमलवर-न-बस-स-लग-क-उतरकर-गल-मर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-बलचसतन-म-हमलवर-न-बस-स-लग-क-उतरकर-गल-मर</guid>
        <description>पाकिस्तान के बलूचिस्तान के बरख़ान ज़िले में एक यात्री बस पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी की है. इसके बाद हमलावरों ने लोगों को बस से उतारकर उनकी हत्या कर दी.

ये हमला मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को हुआ है.

बरख़ान के डिप्टी कमिश्नर वक़ार ख़ुर्शीद ने बीबीसी को बताया कि अज्ञात हमलावरों ने क्वेटा से लाहौर जा रही एक यात्री बस को निशाना बनाया था.

उन्होंने कहा कि हमलावरों ने सात लोगों को बस से उतारकर उनकी हत्या कर दी.

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक पाकिस्तान के पंजाब के थे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 07:02:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>&amp;apos;चॉकलेट चोरी के शक़ में बच्ची की पिटाई&amp;apos;, मौत के बाद पाकिस्तान में ग़ुस्से की लहर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चकलट-चर-क-शक-म-बचच-क-पटई-मत-क-बद-पकसतन-म-गसस-क-लहर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चकलट-चर-क-शक-म-बचच-क-पटई-मत-क-बद-पकसतन-म-गसस-क-लहर</guid>
        <description>-अज़ादेह मोशिरी और उस्मान ज़ाहिद

(इस कहानी के कुछ ब्यौरे आपको विचलित कर सकते हैं)

पाकिस्तान में एक दंपति को 13 साल की बच्ची की हत्या के शक़ में हिरासत में लिया गया है. आरोप के मुताबिक़ दोनों ने चॉकलेट चोरी के शक़ में अपने घर पर काम करने वाली इस बच्ची की इतनी पिटाई की कि उसकी मौत हो गई.

इक़रा नाम की इस बच्ची ने पिछले बुधवार को कई चोटों के कारण अस्पताल में दम तोड़ दिया. पुलिस की शुरुआती जांच रिपोर्ट में पाया गया कि बच्ची को बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया था. रावलपिंडी में हुई इस घटना के कारण पूरे पाकिस्तान में ग़ुस्से की लहर फैल गई और सोशल मीडिया पर #JusticeforIqra ट्रेंड करने लगा.

सोशल मीडिया पर इंसाफ़ की मांग
पूरे पाकिस्तान में बाल मज़दूरी को लेकर अलग-अलग प्रांतों में अलग-अलग नियम है.

लेकिन पंजाब प्रांत (जहां की ये घटना हुई है) वहां 15 साल से कम उम्र के बच्चों से मज़दूरी कराना प्रतिबंधित है.

इक़रा के पिता सनाउल्लाह ने बीबीसी से कहा, उसकी मौत से मैं बिखर गया. पुलिस ने मुझे बुधवार को कॉल किया. जब मैं अस्पताल पहुंचा तो इक़रा बिस्तर पर बेहोश पड़ी थी. थोड़ी देर बाद ही उसकी मौत हो गई.

इक़रा आठ साल की उम्र से ही काम कर रही है. उसके 45 वर्षीय पिता ने कहा कि वो कर्ज़ में थे इसलिए उनकी बेटी को भी काम करना पड़ रहा था.

दो साल पहले वो इस दंपति के यहां काम करने लगी.

उसे हर महीने क़रीब साढ़े आठ हज़ार रुपए पाकिस्तानी रुपए (ढाई हज़ार भारतीय रुपए) मिलते थे.

पुलिस के मुताबिक़, इक़रा के मालिक ने उस पर चॉकलेट चोरी का इल्ज़ाम लगाया और उसे टॉर्चर किया गया. इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि उसका शोषण किया गया था.

बीबीसी के पास इक़रा के जो फ़ोटो मिले उससे इक़रा के पैर और हाथ में फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोट होने का पता चला.

पुलिस को अब इक़रा की ऑटोप्सी और पूरी मेडिकल रिपोर्ट का इंतज़ार है.

सामाजिक कार्यकर्ता शेहर बानो ने एक्स पर लिखा, मेरा दिल ख़ून के आंसू रो रहा है. इस तरह घरों में आख़िर कितने मासूमों के साथ हिंसा होती रहगी. आख़िर कब तक ग़रीबों को अपनी बेटियों को यूं ही क़ब्र में धकेलना पड़ेगा.

कई इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि एक चॉकलेट के लिए इक़रा की हत्या कर दी गई

एक पाकिस्तानी यूज़र ने लिखा, एक चॉकलेट के लिए मौत

एक दूसरे यूज़र ने लिखा, ये सिर्फ़ अपराध नहीं है. ये हमारा सिस्टम है, जहां अमीर, ग़रीबों के साथ ऐसा बर्ताव करते हैं.

अभियुक्त हिरासत में
इक़रा के मालिक राशिद शफ़ीक़ और उनकी पत्नी सना को हिरासत में ले लिया गया है. साथ ही उनके घर पर बच्चों को पढ़ाने वाले एक क़ुरान टीचर को भी हिरासत में लिया गया है.

घायल इक़रा को वही टीचर अस्पताल लेकर आए थे और मेडिकल स्टाफ़ को बताया था कि बच्ची के पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और मां का पता नहीं चल पा रहा है.

इक़रा के पिता का कहना है कि वो अभियुक्तों को जेल की सलाखों के पीछे देखना चाहते हैं.

पाकिस्तान में इस तरह के मामलों में लोगों का भयंकर गु़स्सा पनपने के बावजूद अक्सर इनका कोर्ट से बाहर ही निपटारा हो जाता है और दोषियों को अक्सर सज़ा नहीं मिल पाती.

2018 में एक जज और उनकी पत्नी को अपनी 10 साल की घरेलू नौकरानी को प्रताड़ित करने का दोषी पाया गया था और तीन साल की सज़ा सुनाई गई थी.

बाद में उनकी सज़ा कम करके एक साल कर दी गई. तब पाकिस्तान में इस केस की बहुत चर्चा हुई थी.

पाकिस्तान इंस्ट्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के मुताबिक़ उस मामले में पीड़ित बच्ची तैयबा के शरीर में गंभीर चोटें और हाथ और पैरों पर जले के निशान पाए गए थे.

बच्ची की तस्वीर में उसके चेहरे पर कट और खरोंच के निशान भी देखे जा सकते थे और आंख में सूजन भी थी. उन्होंने अभियोजकों को बताया कि उन पर घर की झाड़ू गुमा देने का आरोप लगाया गया था.

पाकिस्तानी क़ानून के मुताबिक़ पीड़ित परिवार को इस बात का अधिकार है कि वो कई गंभीर मामलों में संदिग्ध को माफ़ी दे सकता है. इसके लिए उन्हें कोर्ट में हलफ़नामा देना होगा कि वो अल्लाह के नाम पर ऐसा कर रहे हैं

हालांकि क़ानून के जानकार कहते हैं कि इस तरह की माफ़ी के पीछे मुख्य कारण ये होता है कि पीड़ित परिवार को दोषी पक्ष की तरफ़ से पैसा दे दिया जाता है. क़ानून के मुताबिक़ पीड़ित को पैसा देना ग़ैर क़ानूनी नहीं है.

यूनिसेफ़ के मुताबिक़ पाकिस्तान में 33 लाख बच्चे बाल मज़दूरी कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के मुताबिक़ पाकिस्तान में काम करने वाले 85 लाख घरेलू नौकरों में ज़्यादातर संख्या महिलाओं और बच्चों की है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 07:02:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>विकासशील देशों में प्लास्टिक जलाना कम करने के लिए कार्रवाई जरूरी : ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वकसशल-दश-म-पलसटक-जलन-कम-करन-क-लए-कररवई-जरर-ऑसटरलयई-शधकरत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वकसशल-दश-म-पलसटक-जलन-कम-करन-क-लए-कररवई-जरर-ऑसटरलयई-शधकरत</guid>
        <description>सिडनी, 19 फरवरी । ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने विकासशील देशों में जलाने के लिए प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की अपील की है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की कर्टिन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक नए अध्ययन में पाया कि अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के लाखों परिवार पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की कमी के कारण प्लास्टिक जलाने को मजबूर हो रहे हैं। शोध में सामने आया कि इन देशों में कई लोग गैस जैसे स्वच्छ ईंधन नहीं खरीद सकते। साथ ही, शहरीकरण बढ़ने से लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन मिलना भी मुश्किल हो गया है, जबकि प्लास्टिक कचरा आसानी से उपलब्ध है। कर्टिन इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी ट्रांजिशन (सीआईईटी) के प्रमुख शोधकर्ता बिशाल भारद्वाज ने बताया कि प्लास्टिक जलाने से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम होते हैं। उन्होंने कहा, प्लास्टिक जलाने से डाइऑक्सिन, फ्यूरान और भारी धातुओं जैसे हानिकारक रसायन हवा में घुल जाते हैं, जो फेफड़ों की बीमारियों समेत कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि महिलाएं और बच्चे इस खतरे से ज्यादा प्रभावित होते हैं क्योंकि वे घर में अधिक समय बिताते हैं। एक सर्वेक्षण में पाया गया कि नाइजीरिया में 13% घरों में खाना पकाने के लिए कचरे का उपयोग किया जाता है।

वहीं, इंडोनेशिया की मिट्टी और भोजन के विश्लेषण में प्लास्टिक जलाने से जुड़े जहरीले पदार्थ खतरनाक स्तर तक पाए गए। अध्ययन के लेखकों ने चेतावनी दी कि यह समस्या और बढ़ेगी, क्योंकि 2050 तक विश्व की दो-तिहाई आबादी शहरों में रहने लगेगी और 2060 तक प्लास्टिक की खपत तीन गुना हो सकती है। सीआईईटी की निदेशक पीटा ऐशवर्थ ने कहा कि यह समस्या आमतौर पर झुग्गी-बस्तियों जैसे उपेक्षित इलाकों में अधिक देखी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्लास्टिक जलाने पर पूरी तरह रोक लगाना व्यावहारिक समाधान नहीं हो सकता। इसके बजाय, गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन पर सब्सिडी देना, कचरा प्रबंधन को सुधारना और जागरूकता अभियान चलाना बेहतर उपाय हो सकते हैं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 07:02:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा: टोरंटो एयरपोर्ट पर हुई विमान दुर्घटना में क्रू समेत सभी यात्री सुरक्षित</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-टरट-एयरपरट-पर-हई-वमन-दरघटन-म-कर-समत-सभ-यतर-सरकषत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-टरट-एयरपरट-पर-हई-वमन-दरघटन-म-कर-समत-सभ-यतर-सरकषत</guid>
        <description>-एलेक्स स्मिथ/नादिन यूसिफ़

कनाडा के टोरंटो पियर्सन एयरपोर्ट पर हुई विमान दुर्घटना में क्रू समेत सभी यात्री सुरक्षित बच गए हैं.

यह जानकारी ग्रेटर टोरंटो एयरपोर्ट्स अथॉरिटी की चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर डेबोराह फ्लिंट ने दी.

उन्होंने कहा, हम बहुत सुखद महसूस कर रहे हैं कि किसी यात्री की जान नहीं गई, और दुर्घटना की तुलना में यात्रियों को छोटी चोटें आई हैं.

आपातकालीन सेवाओं के मुताबिक़, इस दुर्घटना में एक बच्चा और दो वयस्क गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

टोरंटो पियर्सन एयरपोर्ट ने बताया कि डेल्टा एयरलाइंस का विमान मिनियापोलिस से आ रहा था. विमान में 80 लोग सवार थे. इनमें 76 यात्री और 4 क्रू मेंबर थे. कुल 18 यात्रियों को अस्पताल ले जाया गया.

यूएस फ़ेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक़, डेल्टा एयरलाइंस का विमान 4819 लैंडिंग के दौरान स्थानीय समयानुसार दोपहर में लगभग दो बजकर 45 मिनट पर पलट गया.

इस विमान का संचालन डेल्टा एयरलाइंस की सहायक कंपनी एंडेवर एयर के द्वारा किया जा रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 06:35:21 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा युद्ध विराम समझौते पर चर्चा के लिए इजरायली टीम जाएगी काहिरा : नेतन्याहू</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-यदध-वरम-समझत-पर-चरच-क-लए-इजरयल-टम-जएग-कहर-नतनयह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-यदध-वरम-समझत-पर-चरच-क-लए-इजरयल-टम-जएग-कहर-नतनयह</guid>
        <description>यरूशलम, 17 फरवरी । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि गाजा युद्ध विराम समझौते पर चर्चा के लिए एक वार्ता दल सोमवार को मिस्र की राजधानी काहिरा जाएगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, नेतन्याहू ने अमेरिका के मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ के साथ फोन पर बात की, जिसके बाद उन्होंने एक इजरायली वार्ता दल को सोमवार को काहिरा के लिए रवाना होने का निर्देश दिया।

बता दें मिस्र, कतर, संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में यह समझौता हुआ है।

बयान में कहा गया कि टीम सबसे पहले समझौते के पहले चरण को जारी रखने पर चर्चा करेगी। इसके मुताबिक सोमवार को होने वाली इजरायली सुरक्षा कैबिनेट की बैठक के बाद उन्हें दूसरे चरण के संबंध में वार्ता जारी रखने के निर्देश प्राप्त होंगे।

इस बीच, रविवार को फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में विटकॉफ ने कहा कि दूसरे चरण के बारे में बातचीत पहले ही शुरू हो चुकी है और इस सप्ताह भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा, लोकेशन तय की जानी है ताकि यह पता लगा सकें कि हम दूसरे चरण को सफलतापूर्वक कैसे पूरा कर सकते हैं।

इससे पहले गाजा युद्ध विराम समझौते के तहत शनिवार (15 फरवरी) को बंधकों और कैदियों की छठी अदला-बदली के तहत हमास ने तीन इजरायली बंधकों को रिहा कर दिया। इन तीन के बदले में यहूदी राष्ट्र 369 फिलिस्तीनी कैदियों आजाद किया।

19 जनवरी से प्रभावी और छह सप्ताह तक चलने वाले युद्ध विराम समझौते के पहले चरण के तहत, लगभग 2,000 फिलिस्तीनियों के बदले में 33 इजरायली बंधकों को रिहा किए जाने की उम्मीद है।

अब तक, 19 इजरायली बंधकों के साथ-साथ पांच थाई लोगों को गाजा से रिहा किया जा चुका है, जबकि इजरायली अधिकारियों ने 1,000 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया है।

इजराइल और हमास को फरवरी की शुरुआत में दूसरे चरण पर बातचीत शुरू करनी थी। हमास ने 4 फरवरी को एक बयान में कहा कि उसने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के साथ चर्चा शुरू कर दी है, जबकि नेतन्याहू के प्रवक्ता ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि इजराइल ने अभी तक दूसरे चरण पर बातचीत शुरू नहीं की है।

समझौते के दूसरे चरण में शेष बंधकों की रिहाई, फिलिस्तीनी क्षेत्र से इजराइली सेना की पूरी तरह वापसी और स्थायी युद्ध विराम के कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया जाना है।(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 06:35:21 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने यूक्रेन के मामले में रूस से क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फरस-क-रषटरपत-मकर-न-यकरन-क-ममल-म-रस-स-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फरस-क-रषटरपत-मकर-न-यकरन-क-ममल-म-रस-स-कय-कह</guid>
        <description>फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से फोन पर बात की है.

राष्ट्रपति मैक्रों ने लिखा, हम यूक्रेन में स्थायी शांति चाहते हैं. इसे हासिल करने के लिए रूस को आक्रामता छोड़नी होगी. यूक्रेनी लोगों की सुरक्षा के लिए एक मज़बूत और विश्वसनीय गारंटी देनी होगी.

उन्होंने लिखा, अन्यथा इस युद्ध विराम के मिन्स्क समझौते के समान ख़त्म होने का ख़तरा है. हम एक साथ काम करेंगे. इनमें यूरोपीय, अमेरिकी और यूक्रेनी लोग शामिल हैं. यही बात अहम है.

दरअसल, पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक विद्रोहियों और यूक्रेन की सेना के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद 2014 में मिन्स्क-1 और 2015 में मिन्स्क-2 समझौता हुआ था.

फ़रवरी 2015 में बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में रूस, यूक्रेन, जर्मनी और फ़्रांस के नेताओं की मौजूदगी में यह समझौता हुआ. इसके तहत उन इलाकों में शांति बहाल करने के क़दम उठाए जाने थे जिन पर रूस समर्थक अलगाववादियों ने क़ब्ज़ा कर लिया था.

इससे पहले, यूरोपीय नेताओं से मिलने के बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने लिखा, हम सभी यह मानते हैं कि यूरोपीय लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए साथ मिलकर बेहतर और ज़्यादा निवेश करना होगा. यह हमारे आज और भविष्य के लिए है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 06:35:21 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडाः टोरंटो में लैंडिंग के दौरान पलट गया प्लेन, कई ज़ख़्मी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-टरट-म-लडग-क-दरन-पलट-गय-पलन-कई-जखम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-टरट-म-लडग-क-दरन-पलट-गय-पलन-कई-जखम</guid>
        <description>कनाडा के टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक प्लेन पलट गया. यह दुर्घटना प्लेन की लैंडिंग के समय हुई.

यूएस फ़ेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, द डेल्टा एयरलाइंस का विमान 4819 लैंडिंग के दौरान स्थानीय समयानुसार दोपहर में लगभग दो बजकर 45 मिनट पर पलट गया. विमान में 80 लोग सवार थे.

मेडिकल सहायता में जुटी टीम के मुताबिक, इस घटना में 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से तीन गंभीर रूप से ज़ख़्मी बताए जा रहे हैं. इन घायलों में एक बच्चा और दो वयस्क शामिल हैं.

एफ़एए के मुताबिक, सभी यात्रियों को विमान से बाहर निकाल लिया गया है. प्लेन के पलटने की वजह अभी नहीं पता लगी है.

कनाडा की परिवहन मंत्री ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर घटना पर नज़र बनाकर रखी है.

कुछ समय पहले, फ़्लाइट रडार 24 ने एक्स पर लिखा कि टोरंटो पियर्सन एयरपोर्ट से लगभग 26 फ़्लाइट डायवर्ट की गई हैं.

द डेल्टा एयरलाइंस की सीईओ डेबोराह फ़्लिंट ने कहा कि उनको किसी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी नहीं है.

जबकि, स्थानीय स्तर पर मेडिकल सहायता में जुटी टीम ने तीन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की बात कही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 06:35:21 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से दोहराई टैरिफ लगाने की बात</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-न-फर-स-दहरई-टरफ-लगन-क-बत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-न-फर-स-दहरई-टरफ-लगन-क-बत</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार टैरिफ़ लगाने की बात दोहराई है. इसमें उन्होंने दुनिया के देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाने की बात कही है.

उन्होंने एक्स पर लिखा, व्यापार के मामले में, मैंने पारदर्शिता के लिहाज़ से यह तय किया है कि मैं रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाऊंगा. मतलब यह कि जो देश अमेरिका पर जितना टैरिफ़ लगाएगा, हम उस देश पर उतना टैरिफ़ लगाएंगे. ना कम, ना ज़्यादा.

ट्रंप ने कहा, यह सभी के लिए न्याय संगत होगा. कोई देश इसमें शिकायत नहीं कर सकता है. कुछ मामलों में अगर किसी देश को ऐसा महसूस होता है कि अमेरिका बहुत ज़्यादा टैरिफ़ लगा रहा है, तो इसके लिए उस देश को अमेरिका के ख़िलाफ़ लगाए जा रहे टैरिफ़ को कम करना होगा या हटाना होगा.

ट्रंप ने लिखा, अगर आपके उत्पाद अमेरिका में बनाते हैं, तो उस पर कोई टैरिफ़ नहीं लगाया जाएगा.

दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 फरवरी को एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था, जिसमें रेसिप्रोकल टैरिफ के लिए योजना बनाने का आदेश दिया गया था.

व्हाइट हाउस की ओर से इस मामले पर कहा गया था, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निष्पक्ष, मुक्त, पारस्परिक व्यापार के लिए एक योजना की घोषणा की है.

उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अब दूसरे देश की ओर से बहुत ज़्यादा कीमत वसूले जाने को बर्दाश्त नहीं करेगा. अमेरिका दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, फिर भी हमारे व्यापारिक साझेदार अपने बाज़ारों को अमेरिकी निर्यात के लिए बंद रखते हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 06:35:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रवांडा समर्थित विद्रोहियों ने कांगो के खनिज समृद्ध पूर्वी क्षेत्र के दूसरे प्रमुख शहर पर कब्जा किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रवड-समरथत-वदरहय-न-कग-क-खनज-समदध-परव-कषतर-क-दसर-परमख-शहर-पर-कबज-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रवड-समरथत-वदरहय-न-कग-क-खनज-समदध-परव-कषतर-क-दसर-परमख-शहर-पर-कबज-कय</guid>
        <description>बुकावु (कांगो), 17 फरवरी। अफ्रीकी देश कांगों में रवांडा समर्थित विद्रोहियों ने खनिज समृद्ध पूर्वी कांगो के दूसरे प्रमुख शहर पर कब्जा कर लिया है।

विद्रोही समूह एम23 ने पुष्टि की है कि उसके लड़ाके बुकावु शहर में हैं और कांगो की सेना के शहर से जाने के बाद उन्होंने यहां की सुरक्षा व्यवस्था संभालने का जिम्मा लिया है।

द कांगो रिवर अलायंस ने एक बयान में कहा कि उसके लड़ाकों ने 13 लाख की आबादी वाले शहर बुकावु में सुरक्षा चुनौतियों को हल करने और बुकावु की जनता की सहायता करने का निर्णय लिया है।

द कांगो रिवर अलायंस विद्रोही समूहों का संगठन है जिसमें एम23 भी शामिल है।

संगठन के प्रवक्ता लॉरेंस कान्यूका ने एक बयान में कहा, हमारे बल लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं, जिससे पूरी आबादी संतुष्ट है।

ऐसा प्रतीत होता है कि सरकारी बलों ने विद्रोहियों से कोई खास संघर्ष नहीं किया और यहां एक भी सैनिक मौजूद नहीं है। शनिवार को हजारों नागरिकों के साथ कई सैनिक भागते हुए देखे गए थे।

एम23 के एक चरमपंथी बर्नार्ड महेशे बयामुंगू ने बुकावु में दक्षिण किवु के गवर्नर कार्यालय के सामने खड़े होकर निवासियों से कहा कि वे जंगल में रह रहे हैं।

उसने कहा, हम पुराने शासन की अव्यवस्था को दुरुस्त करने जा रहे हैं।

कांगो के संचार मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक बयान में पहली बार स्वीकार किया कि बुकावु पर कब्जा कर लिया गया है और कहा कि सरकार क्षेत्र में व्यवस्था बहाल करने के हर संभव प्रयास कर रही है।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Feb 2025 07:53:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा को लेकर ट्रंप की योजना पर क्या बोले नेतन्याहू?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-क-लकर-टरप-क-यजन-पर-कय-बल-नतनयह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-क-लकर-टरप-क-यजन-पर-कय-बल-नतनयह</guid>
        <description>-इयान एकमैन और माइआ डेविस

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग़ज़ा को लेकर प्रस्तावित की गई योजना को एक सच्चाई का रूप देने के लिए काम कर रहे हैं.

दरअसल, नेतन्याहू ने रविवार को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाक़ात की थी.

इसके बाद उन्होंने बताया कि फ़लस्तीनियों के इलाक़े पर एक समान रणनीति के तहत वह अमेरिका को सहयोग कर रहे थे.

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले दिनों ये प्रस्ताव दिया था कि ग़ज़ा का पुनर्निमाण होने तक यहां के बाशिंदों को दूसरी जगहों पर भेज देना चाहिए. हालांकि, मध्य पूर्व के देशों ने ट्रंप के इस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया था.

इन देशों में मिस्र और जॉर्डन भी शामिल हैं.

नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप के विज़न को लागू करने के तरीकों को लेकर उनके और रूबियो के बीच बातचीत हुई है. उन्होंने कहा कि ग़ज़ा के मामले में अमेरिका और इसराइल का रुख़ समान है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Feb 2025 07:53:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यह ऐप बताता है कि चुनाव में कौन सी पार्टी आपके लिए ठीक रहेगी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यह-ऐप-बतत-ह-क-चनव-म-कन-स-परट-आपक-लए-ठक-रहग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यह-ऐप-बतत-ह-क-चनव-म-कन-स-परट-आपक-लए-ठक-रहग</guid>
        <description>मतदान को लेकर अकसर उलझन रहती है, खासतौर से उन लोगों के लिए जो पहली बार वोट डालते हैं. जर्मनी में एक ऐप लोगों को उनके लोकतांत्रिक कर्तव्यों को पूरा करने में मदद करती है, नाम है वाल-ओ-माट.

(dw.com/hi)

इस ऐप की सेवाएं ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं. इसके नाम का मतलब है वोटिंग मशीन. दो दशक पहले आया ऐप, आने के बाद से खासा लोकप्रिय है. दिग्गज राजनीतिक भी यह स्वीकार करते हैं कि वो किसी वीडियो गेम के प्रेमी की तरह उसके नए संस्करण का इंतजार करते हैं.

इस साल का संस्करण जिस दिन लॉन्च हुआ उसी दिन से इसे 90 लाख से ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे हैं, जो एक रिकॉर्ड है. वाल-ओ-माट यूजर को जर्मनी की मौजूदा राजनीतिक सिरदर्दी से निकलने में मदद करता है. इसमें एक राजनीतिक क्विज जैसा होता है जिसका जवाब राजनीतिक दल देते हैं और आखिर में एक नतीजा निकलता है.

कैसे काम करता है ऐप

इस साल इसमें 38 बयान हैं. इनमें सारे मोटरवे स्पीड लिमिट वाले होने चाहिए से लकर जर्मनी को यूक्रेन की सैन्य मदद जारी रखनी चाहिए जैसे बयान शामिल हैं. यूजर इन पर क्लिक करते हुए आगे बढ़ते हैं. उनके सामने जवाब देने के लिए तीन विकल्प होते हैं, सहमत, पक्की राय नहीं और असहमत.

इसकी मदद से अल्गोरिद्म उनकी राजनीतिक प्राथमिकताओं का अंदाजा लगा लेता है. दूसरे प्रस्तावों में यूरो मुद्रा से पीछा छुड़ाना, जर्मनी के परमाणु बिजली घरों को बंद करने की नीति से वापस आना, ट्रेन स्टेशनों पर फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर वाले कैमरे लगाना शामिल हैं.

आखिर में वोटर उन मुद्दों पर अपनी राय मजबूत कर सकते हैं जो उन्हें ज्यादा जरूरी लगता है. इसके बाद वाल-ओ-माट उस पार्टी के बारे में बताता है जो उनकी राय से सबसे ज्यादा मेल खाते हैं. बहुत से लोगों का कहना है कि यह उन्हें कतार में खड़ी 29 पार्टियों के बारे में राज बताने में मदद करता है जो उनका वोट चाहती हैं. इतनी ज्यादा पार्टियों की कतार देख वोटरों का दिमाग घूम जाता है लेकिन फिर इसमें से छांट कर उन दलों का नाम निकाला जाता है जिनके संसद में पहुंचने की उम्मीद है.

हर चुनाव के साथ बढ़ रहे हैं यूजर

कोलोन में 21 साल के यूनिवर्सिटी छात्र थुरे कुलेसा का कहना है, मैंने अब तक जितने चुनावों में हिस्सा लिया है उन सबमें इसका इस्तेमाल किया है. यह मुझे किसी पार्टी की छवि को पुख्ता करने में मदद करता है और मैं यह उत्सुकता की वजह से भी करता हूं.

23 फरवरी को आम चुनावसे पहले कुलेसा को ऐप से जो नतीजे मिले हैं उसे देख कर उन्हें ज्यादा हैरानी नहीं हुई. उन्होंने बताया, मैंने जिनकी उम्मीद की थी वही पार्टियां इसमें सबसे ऊपर है.

पार्टियों की पूरी लिस्ट में उनकी पसंद पिराटेस है. यह पार्टी ऑनलाइन अधिकारों और राजनीतिक पारदर्शिता के पक्ष में प्रचार करती है. इसके हिसाब से जिन पार्टियों की विचारधारा मेल खाती है वे मध्य वामपंथी सोशल डेमोक्रैटिक पार्टी और ग्रीन पार्टी है.

वाल-ओ-माट को राजनीतिक शिक्षा की संघीय एजेंसी ने 2002 के चुनाव से पहले लॉन्च किया था. हर चुनाव के साथ इसका इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ती गई. इस तरह से यह बढ़ते-बढ़ते 2021 में 2.1 करोड़ तक पहुंच गई.

राजनीतिक पार्टियों की भागीदारी

ऐप के लिए सवालों को यूनिवर्सिटियों के 38 विशेषज्ञ तैयार करते है. ये सभी एजेंसी के कर्मचारी हैं. इसके साथ ही 24 युवा वोटरों का एक पैनल भी है. वास्तव में इन्हीं को लक्ष्य करके ऐप अपनी सेवाएं तैयार करता है.

पार्टियों के मैनिफेस्टो की जिन बातों को इसमें शामिल किया जाता है उन्हें पार्टियों को भेजा जाता है ताकि वो चेक कर सकें. असली मैनिफेस्टो क्विज नीदरलैंड्स में इसी तरह के एक प्रोजेक्ट के लिए तैयार किया गया था. कई और लोकतांत्रिक देशों में भी इस तरह की सेवाएं हैं.

जर्मनी में राजनीतिक शिक्षा की संघीय एजेंसी के प्रमुख थॉमस क्रुएगर ने बताया कि इस बार के चुनाव के लिए नया वाल-ओ-माट रिकॉर्ड टाइम में तैयार किया गया. यह जल्दबाजी इसलिए हुई क्योंकि चांसलर ओलाफ शॉल्त्स की सरकार कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी और नए चुनावों का एलान समय से करीब छह महीने पहले ही कर दिया गया. क्रुएगर ने बताया कि आमतौर पर टीम ऐप को तैयार कर जारी करने में 9 महीने का समय लेती है.

एनआर/एवाई (एएफपी)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Feb 2025 07:53:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका: कड़ाके की सर्दी के बीच नौ लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-कडक-क-सरद-क-बच-न-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-कडक-क-सरद-क-बच-न-लग-क-मत</guid>
        <description>लुइसविले, 16 फरवरी। अमेरिका में कड़ाके की सर्दी के कारण कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई है। मारे गये लोगों में से आठ लोग केंटकी के रहने वाले थे और इनकी मौत भारी बारिश, के कारण नदियों के उफान पर होने और सड़कों पर पानी भर जाने के कारण हुई।

केंटकी के गवर्नर एंडी बेशियर ने रविवार को कहा कि बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को बाहर निकाला जाना है।

बेशियर ने बताया कि कई मौतें कारों के पानी में फंस जाने के कारण हुईं, जिनमें एक मां और उसका सात वर्षीय बच्चा भी शामिल है।

उन्होंने कहा, इसलिए दोस्तों, अभी सड़कों पर न निकलें और सुरक्षित रहें।

बेशियर ने कहा, यह खोज और बचाव का चरण है तथा मुझे उन सभी केंटकी के लोगों पर बहुत गर्व है, जो अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Feb 2025 07:53:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>निर्वासितों का अमेरिका में बसने का सपना टूटा, अपना दर्द बयां किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नरवसत-क-अमरक-म-बसन-क-सपन-टट-अपन-दरद-बय-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नरवसत-क-अमरक-म-बसन-क-सपन-टट-अपन-दरद-बय-कय</guid>
        <description>चंडीगढ़, 16 फरवरी। बेहतर जीवन के लिए इन लोगों ने अमेरिका में बसने का सपना देखा था। लेकिन अब जंजीरों में जकड़े हुए लौटने के बाद अंधरकारमय भविष्य उन्हें डरा रहा है।

शनिवार को अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरे अमेरिकी सैन्य विमान में सवार 116 अवैध भारतीय प्रवासियों में से कई ने बताया कि उनके परिवार ने उन्हें अमेरिका भेजने के लिए अपनी कृषि भूमि बेचकर या गिरवी रखकर या अपने रिश्तेदारों से उधार लेकर बड़ी रकम का इंतजाम किया था।

निर्वासित लोगों के नए समूह में पंजाब के 65, हरियाणा के 33, गुजरात के आठ, उत्तर प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान के दो-दो तथा हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर का एक-एक व्यक्ति शामिल था।

रविवार को पंजाब के फिरोजपुर जिले में अपने गांव चांदीवाला पहुंचे सौरव (20) ने बताया कि 27 जनवरी को जब वह सीमा पार कर देश (अमेरिका) में घुसने की कोशिश कर रहा था तो उसे अमेरिकी अधिकारियों ने पकड़ लिया था। वह पिछले साल 17 दिसंबर को घर से अमेरिका के लिए निकला था।

सौरव ने कहा, हमें 18 दिनों तक एक शिविर (हिरासत केंद्र) में रखा गया। उन्होंने कहा कि उनके मोबाइल फोन ले लिए गए थे।

सौरव ने कहा, परसों हमें बताया गया कि हमें दूसरे शिविर में ले जाया जाएगा। जब हमें विमान में बिठाया गया तो उन्होंने कहा कि हमें भारत ले जाया जा रहा है।

सौरव ने बताया कि उनके परिवार ने उन्हें विदेश भेजने के लिए 45-46 लाख रुपये खर्च किए। उन्होंने कहा, दो एकड़ कृषि भूमि बेची गई और कमीशन एजेंट से पैसे उधार लिए गए।

अपनी यात्रा के बारे में सौरव ने कहा कि उन्हें एम्स्टर्डम, पनामा और मैक्सिको होते हुए अमेरिकी सीमा तक ले जाया गया।

यह पूछे जाने पर कि क्या अमृतसर जाते समय उन्हें बेड़ियां लगाई गई थीं, सौरव ने कहा, हमें हथकड़ी लगाई गई थी और हमारे पैरों में जंजीरें बांधी गई थीं।

गुरदासपुर जिले के खानोवाल घुमन गांव के निवासी हरजीत सिंह को उनके चचेरे भाई के साथ अमेरिका से निर्वासित कर दिया गया।

उन्होंने कहा, हम आज सुबह करीब छह बजे घर पहुंचे।

उन्होंने कहा, हमें 27 जनवरी को अमेरिकी सीमा पार करते समय पकड़ा गया और 18 दिनों तक हिरासत केंद्र में रखा गया। हमें 13 फरवरी को निर्वासित कर दिया गया और हमारे हाथों में हथकड़ी और पैरों में जंजीरें डाल दी गईं।

हरजीत ने बताया कि परिवार ने उनके और उनके चचेरे भाई के अमेरिका जाने पर 90 लाख रुपये खर्च किये।

हरजीत ने कहा, हमें आश्वासन दिया गया था कि हमें कानूनी तरीके से अमेरिका ले जाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

होशियारपुर जिले के बोदल गांव निवासी मंताज सिंह (22) ने बताया कि जैसे ही वह अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें अमेरिकी सीमा गश्ती दल ने पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि डंकी रूट के जरिए वहां ले जाया गया।

डंकी रूट अमेरिका में प्रवेश करने के लिए प्रवासियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक अवैध और जोखिम भरा रास्ता है।

कपूरथला जिले के बेहबल बहादुर गांव के निवासी साहिल प्रीत सिंह के माता-पिता ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे को विदेश भेजने में 40-45 लाख रुपये खर्च किए।

साहिल की मां हरविंदर कौर ने दावा किया कि एक ट्रैवल एजेंट ने उनके साथ धोखाधड़ी की है। उन्होंने कहा कि परिवार ने कृषि भूमि और सोने के आभूषण बेचकर तथा अपने रिश्तेदारों से उधार लेकर पैसों का इंतजाम किया था।

उन्होंने पंजाब सरकार से उनके बेटे को नौकरी देने और धोखेबाज एजेंट के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की भी मांग की।

मोगा जिले के धरमकोट गांव के जसविंदर सिंह करीब 45 दिन पहले घर से अमेरिका के लिए निकले थे। उनके गांव के एक सरपंच ने बताया कि परिवार ने डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर 45 लाख रुपए जुटाए और उन्हें एक ट्रैवल एजेंट को दे दिया, जिसने उन्हें ठग लिया।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sun, 16 Feb 2025 15:48:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एलन मस्क नीत अमेरिकी विभाग ने भारत सहित कई देशों को अनुदान में कटौतियों का ऐलान किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-नत-अमरक-वभग-न-भरत-सहत-कई-दश-क-अनदन-म-कटतय-क-ऐलन-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-नत-अमरक-वभग-न-भरत-सहत-कई-दश-क-अनदन-म-कटतय-क-ऐलन-कय</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 16 फरवरी। अरबपति एलन मस्क के नेतृत्व वाले अमेरिकी सरकार कार्यदक्षता विभाग ने भारत में चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए किये जाने वाले 2.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर के आवंटन सहित व्यय में कई कटौतियों की घोषणा की है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने मस्क को नये सरकारी कार्यदक्षता विभाग का प्रमुख चुना था। शासन में सुधार और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए विभाग ने शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट में इस कटौती की घोषणा की।

विभाग ने कहा, अमेरिकी करदाताओं के पैसे निम्नलिखित मदों पर खर्च किए जाने वाले थे, जिनमें से सभी को रद्द कर दिया गया है...।

सूची में चुनाव और राजनीतिक प्रक्रिया सुदृढ़ीकरण के लिए समूह को 48.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर का अनुदान शामिल था, जिसमें मोल्दोवा में समावेशी और भागीदारीपूर्ण राजनीतिक प्रक्रिया के लिए 2.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर और भारत में चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 2.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर शामिल थे।

पोस्ट में वित्त पोषण के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी गई।

यह घटनाक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ मस्क से भी बातचीत की थी।

स्पेसएक्स के सीईओ ने अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों ने अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र में अवसरों पर चर्चा की थी।

अपने पोस्ट में, विभाग ने बांग्लादेश में राजनीतिक परिदृश्य को मजबूत करने के लिए 2.9 करोड़ अमेरिकी डॉलर के आवंटन, साथ ही नेपाल में राजकोषीय संघवाद के लिए 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर और वहां जैव विविधता संरक्षण के लिए 1.9 करोड़ अमेरिकी डॉलर के आवंटन को भी रद्द कर दिया।

इसने मोजाम्बिक स्वैच्छिक चिकित्सा पुरुष खतना के लिए एक करोड़ अमेरिकी डॉलर के अनुदान में कटौती, कंबोडिया में स्वतंत्र आवाज को मज़बूत करने के लिए 23 लाख अमेरिकी डॉलर, प्राग सिविल सोसाइटी सेंटर को 3 करोड़ 20 लाख अमेरिकी डॉलर, लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण केंद्र के लिए चार करोड़ अमेरिकी डॉलर और सर्बिया में सार्वजनिक खरीद में सुधार के लिए 1.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर के साथ-साथ अन्य व्यय में कटौती की घोषणा की। इसमें एशिया में सीखने के परिणामों में सुधार के लिए 4.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर भी शामिल हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sun, 16 Feb 2025 15:48:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एम्स ने ‘सर्जिकल रोबोट’ के साथ अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी हासिल की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एमस-न-सरजकल-रबट-क-सथ-अतयधनक-परदयगक-हसल-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एमस-न-सरजकल-रबट-क-सथ-अतयधनक-परदयगक-हसल-क</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 16 फरवरी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली ने अपने शल्य चिकित्सा विभाग में अत्याधुनिक सर्जिकल रोबोट तैनात किया है। इसके साथ ही यह देश के किसी सरकारी अस्पताल में ऐसी पहली सामान्य सर्जरी इकाई बन गयी है, जिसने ऐसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी हासिल की है।

एम्स में सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. हेमांग भट्टाचार्य ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत रोगी देखभाल को बेहतर बनाने, जटिल प्रक्रियाओं को बेजोड़ सटीकता के साथ निष्पादित करने और चिकित्सा प्रौद्योगिकी में वैश्विक प्रगति के साथ तालमेल रखने की एम्स की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

उन्होंने कहा, सामान्य सर्जरी विभाग में रोबोटिक सर्जरी को शामिल करने की पहल, सरकारी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य देखभाल के मानक को बढ़ाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

सर्जिकल रोबोट शल्य चिकित्सा क्षेत्र का विस्तृत, त्रि-आयामी दृश्य प्रदान करता है तथा रोबोटिक भुजाओं के माध्यम से अद्वितीय निपुणता प्रदान करता है, जिससे शल्य चिकित्सक जटिल प्रक्रियाओं को सटीकता के साथ करने में सक्षम होते हैं।

उन्होंने कहा, उदाहरण के लिए, जटिल कोलोरेक्टल सर्जरी, एसोफैजेक्टोमी और अग्नाशय की सर्जरी, जो अपनी जटिल प्रकृति के कारण पारंपरिक रूप से चुनौतीपूर्ण थीं, अब कम जटिलता के साथ की जा सकेगी जिससे लोग तेजी से ठीक होंगे और उन्हें अस्पताल में कम समय तक भर्ती रहना होगा।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sun, 16 Feb 2025 15:48:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>आईएसआईएल भारत में बड़े पैमाने पर हमले करने में असमर्थ : संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/आईएसआईएल-भरत-म-बड-पमन-पर-हमल-करन-म-असमरथ-सयकत-रषटर-रपरट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/आईएसआईएल-भरत-म-बड-पमन-पर-हमल-करन-म-असमरथ-सयकत-रषटर-रपरट</guid>
        <description>(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, 16 फरवरी। आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट भारत में बड़े पैमाने पर हमले करने में असमर्थ रहा, लेकिन इसके आकाओं ने देश में स्थित समर्थकों के माध्यम से लोन ऐक्टर हमलों को अंजाम देने का प्रयास किया। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

लोन ऐक्टर हमले विचारधारा से प्रेरित हिंसा की घटनाएं होती है, जिसे ऐसे व्यक्तियों द्वारा अंजाम दिया जाता है, जो संगठित आतंकवादी समूहों का हिस्सा नहीं होते हैं या दूसरों के प्रत्यक्ष आदेशों का पालन नहीं करते हैं।

आईएसआईएल (दाएश), अलकायदा और संबद्ध व्यक्तियों और संगठनों के संबंध में विश्लेषणात्मक सहायता एवं प्रतिबंध निगरानी दल की 35वीं रिपोर्ट के अनुसार, ये आतंकवादी समूह और सहयोगी संगठन बाहरी आतंकवाद-रोधी दबाव के कारण स्थिति को ध्यान में रखकर साजिशें रच रहे हैं।

आईएसआईएल (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवेंट) एक आतंकवादी समूह है, जिसका लक्ष्य पश्चिम एशिया में खिलाफत स्थापित करना है। इस आतंकी संगठन को इस्लामिक स्टेट और दाएश के नाम से भी जाना जाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है, आईएसआईएल (दाएश) भारत में बड़े पैमाने पर हमले करने में असमर्थ रहा। हालांकि, इसके आकाओं ने भारत स्थित समर्थकों के माध्यम से लोन ऐक्टर हमले को भड़काने की कोशिश की। आईएसआईएल (दाएश) समर्थित अल-जौहर मीडिया ने अपने प्रकाशन सेरात उल-हक के माध्यम से भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करना जारी रखा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अफगानिस्तान में लगभग दो दर्जन से अधिक आतंकवादी समूह सक्रिय हैं, तथा संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों का मानना है कि इस देश से उत्पन्न सुरक्षा खतरे से क्षेत्र और उसके बाहर अस्थिरता की स्थिति बनी रहेगी।

इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए आईएसआईएल (दाएश) द्वारा उत्पन्न खतरे पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस की 20वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि दाएश द्वारा उत्पन्न खतरों के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sun, 16 Feb 2025 15:48:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका को यूक्रेन के दुर्लभ खनिजों तक पहुंच देने से जेलेंस्की का इनकार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-यकरन-क-दरलभ-खनज-तक-पहच-दन-स-जलसक-क-इनकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-यकरन-क-दरलभ-खनज-तक-पहच-दन-स-जलसक-क-इनकर</guid>
        <description>म्यूनिख, 16 फरवरीयूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने अपने मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे यूक्रेन के दुर्लभ खनिजों तक अमेरिका की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर न करें, क्योंकि यह प्रस्ताव अमेरिकी हितों पर अत्यधिक केंद्रित है।

वार्ता से परिचित एक वर्तमान और एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शुक्रवार को म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ जेलेंस्की की वार्ता के केंद्र में यही प्रस्ताव था।

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समझौते को अस्वीकार करने के जेलेंस्की के निर्णय को फिलहाल के लिए अदूरदर्शी बताया।

जेलेंस्की ने शनिवार को म्यूनिख में एसोसिएटेड प्रेस से कहा, मैंने मंत्रियों को संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करने का निर्देश दिया क्योंकि मेरे विचार में यह हमारी, हमारे हितों की रक्षा करने के लिए नहीं है।

यूक्रेन के वर्तमान और पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि प्रस्ताव में इस बात पर ध्यान केंद्रित किया गया है कि अमेरिका बाइडन प्रशासन द्वारा यूक्रेन को दी गई सहायता के बदले मुआवजे के रूप में और भविष्य की सहायता के भुगतान के रूप में कीव के दुर्लभ खनिजों का किस तरह उपयोग कर सकता है।

यूक्रेन में महत्वपूर्ण खनिजों के विशाल भंडार हैं जिनका उपयोग एयरोस्पेस, रक्षा और परमाणु उद्योगों में किया जाता है। ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि चीन पर निर्भरता कम करने के लिए यूक्रेन के खनिजों में उसकी रुचि है।

व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने स्पष्ट रूप से इस प्रस्ताव के बारे में कुछ नहीं बताया, लेकिन एक बयान में कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा यूक्रेन को दिए गए उत्कृष्ट अवसर के बारे में राष्ट्रपति जेलेंस्की का रुख अदूरदर्शी है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sun, 16 Feb 2025 15:48:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी उप&amp;राष्ट्रपति ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रवासन के मुद्दे पर यूरोप पर निशाना साधा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-उप-रषटरपत-न-अभवयकत-क-सवततरत-और-परवसन-क-मदद-पर-यरप-पर-नशन-सध</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-उप-रषटरपत-न-अभवयकत-क-सवततरत-और-परवसन-क-मदद-पर-यरप-पर-नशन-सध</guid>
        <description>-एमिली एटकिंसन

अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वान्स ने यूरोपीय देशों की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि यूरोप को सबसे बड़ा ख़तरा रूस और चीन से नहीं है, बल्कि खुद से है.

यह उम्मीद की जा रही थी कि वान्स म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में अपने भाषण में यूक्रेन जंग को ख़त्म करने के लिए संभावित बातचीत पर चर्चा करेंगे.

इसके बजाय उन्होंने अधिकांश समय यूरोपीय देशों की सरकारों पर अपने मूल्यों से पीछे हटने और प्रवासन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर मतदाताओं की चिंताओं को नज़रअंदाज करने का आरोप लगाया.

वान्स ने जिन देशों की सरकारों पर ये आरोप लगाया उनमें ब्रिटेन की सरकार भी शामिल है.

जेडी वान्स के इस भाषण के बाद हॉल में सन्नाटा छा गया. उनके भाषण के बाद कई नेताओं ने इसकी निंदा भी की.

जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियम ने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है.

वान्स ने ट्रंप प्रशासन की बात दोहराई है कि यूरोप को अपनी सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाना चाहिए.

वान्स ने अपने भाषण में यूक्रेन जंग का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि एक उचित समझौता हो सकता है.

इस हफ़्ते की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक घोषणा की थी कि वह और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शांति वार्ता शुरू करने पर सहमत हो गए हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 07:14:53 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस&amp;यूक्रेन युद्ध: पुतिन से मिलने के लिए ज़ेलेंस्की ने रखी ये शर्त</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-यदध-पतन-स-मलन-क-लए-जलसक-न-रख-य-शरत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-यदध-पतन-स-मलन-क-लए-जलसक-न-रख-य-शरत</guid>
        <description>रूस-यूक्रेन युद्ध ख़त्म करने को लेकर बन रही योजना पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने प्रतिक्रिया दी है.

ज़ेलेंस्की ने कहा है कि वह शांति वार्ता के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से तभी मिलेंगे जब अमेरिका और यूरोपीय नेताओं के साथ एक साझा योजना पर सहमति बन जाएगी.

इससे पहले उन्होंने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अब तक की चर्चाएं शांति योजना बनाने के लिए निश्चित रूप से काफ़ी नहीं हैं.

ज़ेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेन नेटो में रहना चाहता है और वह रूस के कब्ज़ा किए गए क्षेत्रों को मान्यता नहीं देगा.

दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने इस युद्ध को ख़त्म करने की पहल शुरू कर दी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 07:14:53 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने शनिवार को रिहा होने वाले इसराइली बंधकों के नाम जारी होने के बाद क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-शनवर-क-रह-हन-वल-इसरइल-बधक-क-नम-जर-हन-क-बद-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-शनवर-क-रह-हन-वल-इसरइल-बधक-क-नम-जर-हन-क-बद-कय-कह</guid>
        <description>हमास ने उन तीन इसराइली बंधकों के नाम जारी कर दिए हैं जिन्हें फ़लस्तीनी क़ैदियों के बदले शनिवार को रिहा किया जाना है. इस सूची के जारी होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, मुझे नहीं पता कि कल 12 बजे क्या होने वाला है. मैं बहुत कड़ा रुख अपनाऊंगा. मैं आपको नहीं बता सकता कि इसराइल क्या करने जा रहा है.

उन्होंने कहा, मैं अलग रुख अपनाऊंगा. हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि बीबी (बिन्यामिन नेतन्याहू) क्या करने जा रहे हैं. यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसराइल क्या करने जा रहा है.

ट्रंप ने कहा, मुझे लगता है वो पूरी तरह से बदल गए हैं, हमास पूरी तरह से बदल गया है. वो अब फिर से बंधकों को रिहा करना चाहते हैं. लेकिन आपको यह देखना होगा कि उन्होंने (हमास ने) यह कहते हुए इसकी शुरुआत की थी कि हम बंधकों को रिहा नहीं करने जा रहे हैं.

इससे पहले हमास ने इसराइल पर युद्ध विराम की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह बंधकों की रिहाई को रोक रहा है.

हमास के इस बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इसराइल ने कड़ी चेतावनी दी थी.

ट्रंप ने कहा था कि अगर हमास ने शनिवार तक ग़ज़ा में बंधक बनाए गए सभी बंधकों को रिहा नहीं किया, तो युद्ध विराम ख़त्म कर दिया जाना चाहिए.

वहीं इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने ग़ज़ा में फिर से युद्ध छेड़ने की चेतावनी दी थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 07:14:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मोदी ट्रंप की मुलाकात में क्या बात हुई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मद-टरप-क-मलकत-म-कय-बत-हई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मद-टरप-क-मलकत-म-कय-बत-हई</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत को अत्याधुनिक लड़ाकू विमान बेचने की पेशकश की. प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की मुलाकात में आपसी कारोबार बढ़ाने और संबंधों में गर्मजोशी लाने के उपायों पर चर्चा हुई.

(dw.com/hi)

अमेरिकी प्रशासन का दुनिया के ज्यादातर देशों के प्रति अभी जो तल्खी वाला रवैया है, भारत पर उसका ज्यादा असर ना हो ऐसे संकेत दोनों नेताओं की मुलाकात से देने की कोशिश हुई है.

भारत को एफ-35 लड़ाकू विमान बेचने की पेशकश
व्हाइट हाउस में ट्रंप की वापसी के बाद नरेंद्र मोदी चौथे नेता हैं जो उनसे मिलने वहां पहुंचे हैं. मोदी ने राष्ट्रवादी नेता को दोस्त बताया और कहा कि वे उनके अमेरिका को फिर महान बनाने के नारे को स्वीकार करते हैं. डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि वे मोदी और भारत से एक खास जुड़ाव पाते हैं. यहां से थोड़ा और आगे जाकर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए ट्रंप ने उनको खुद से ज्यादा सख्त मोल तोल करने वाला बताया.

एक के बाद एक अमेरिकी प्रशासन बीते सालों में चीन के उभार के सामने भारत को समान हितों के आगे प्रमुख सहयोगी के रूप में देखते हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका प्रशासन भारत को एफ-35 लड़ाकू विमान बेचने के लिए तैयार है. यह विमान अमेरिकी सेना की खास सौगात है.

मुलाकात के बाद दोनों नेताओं की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में ट्रंप ने कहा, इस साल से हम भारत को सैन्य साजोसामान की बिक्री कई अरब डॉलर बढ़ाने जा रहे हैं. ट्रंप ने यह भी कहा, हम वह रास्ता भी तैयार कर रहे हैं जिस पर आगे चलकर भारत को एफ-35 लड़ाकू विमान दिए जाएंगे.

इन विमानों के साथ भारत उस एलीट क्लब में शामिल हो जाएगा जिसमें नाटो सहयोगी, इस्राएल और जापान शामिल हैं. सिर्फ इन्हीं देशों को एफ-35 विमान बेचे जाते हैं. यह विमान ध्वनि की गति से तेज रफ्तार पर भी बिना रडार की पकड़ में आए अपना काम करके निकल सकता है.

अपने पूर्ववर्ती जो बाइडेन की विरासत को आगे बढ़ाते हुए ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों ने बंदरगाह, रेलवे और अंडरसी केबल के क्षेत्र में निवेश की योजना बनाई है. उनका कहना है कि वे अंडरसी केबलों का इतिहास के सबसे महान मार्गों में से एक को तैयार करेंगे जो भारत से इस्राएल, यूरोप और दूसरे देशों में जाएगा.

शुल्क के मामले में भारत को छूट नहीं
ट्रंप ने दोस्त और दुश्मन दोनों का रवैया अपनाया. बैठक से पहले उन्होंने भारत समेत सारे देशों के लिए आपसी शुल्क की घोषणा की. इसमें कहा गया है कि जो देश अमेरिकी चीजों पर शुल्क लगाएगा उस देश की चीजों पर अमेरिका में भी शुल्क लगेगा. मोदी के बगल में खड़े हो कर ट्रंप ने भारत के अनुचित, बेहद कड़े शुल्कों को बड़ी समस्या बताया, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश बातचीत के जरिए ट्रेड सरप्लस को भारत के हित में घटाने का रास्ता निकालेंगे.

मोदी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े और पांचवे सबसे बड़े देश आपसी हितों वाले कारोबारी समझौते पर काम करेंगे जो बहुत जल्द होगा इसमें तेल और गैस पर ध्यान दिया जाएगा.

ट्रंप के साथ मोदी की मुलाकात में स्पेस एक्स और टेस्ला के मालिक इलॉन मस्क भी शामिल हुए. नए प्रशासन में मस्क की भूमिका ट्रंप के दाहिने हाथ जैसी है और उन्होंने अमेरिकी नौकरशाही को पूरी तरह बदलने की मुहिम शुरू की है.

मोदी ने मस्क के साथ अकेले में भी मुलाकात की. इस मुलाकात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि मस्क ने मोदी से निजी तौर पर मुलाकात की या फिर आधिकारिक तौर पर. प्रधानमंत्री ने मस्क और उनके बच्चों से मुलाकात की तस्वीरें पोस्ट की हैं. मोदी मस्क के एक्स प्लेटफॉर्म का खूब इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने बाद में यह भी कहा कि वह मस्क को प्रधानमंत्री बनने के पहले से जानते हैं.

अवैध आप्रवासियों को स्वीकार करेगा भारत
मोदी ने इस यात्रा के पहले शुल्कों में राहत देने का भी एलान किया है. भारत में ऊंचे दर्जे की मोटरसाइकिलों पर शुल्क घटाया गया है. इसका फायदा अमेरिका की हार्ले डेविडसन जैसी कंपनियों को मिलेगा. यह कंपनी भारत में अपना कारोबार बढ़ाने के लिए जूझ रही है जिसने ट्रंप को नाखुश किया है. भारत ने पहले ही अमेरिकी सैन्य विमान में भेजे गए 100 से ज्यादा अवैध आप्रवासियों को स्वीकार कर लिया है.

प्रेस कांफ्रेंस में मोदी ने कहा कि वह इस मामले में सहयोग जारी रखेंगे. मोदी का कहना है कि भारतीयों को मानव तस्कर लोभ देकर अपने जाल में फंसाते हैं. मोदी ने कहा, कोई भी भारतीय जो अमेरिका में अवैध तरीके से रह रहा है, हम उसे वापस लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. ट्रंप ने यह भी घोषणा की है कि वे 2008 के मुंबई हमले के एक संदिग्ध को भारत प्रत्यर्पित करेंगे. इस संदिग्ध का नाम तहव्वुर हुसैन राणा है.

पाकिस्तानी मूल के इस कनाडाई नागरिक को 2011 में दोषी ठहराया गया था और बाद में 13 साल के जेल की सजा मिली थी. राणा के प्रत्यर्पण की पहले ही उम्मीद की जा रही थी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अपील ठुकरा दी थी.

एनआर/एसके (एएफपी, रॉयटर्स)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 07:14:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका में टिक&amp;टॉक की एप्पल और गूगल प्ले स्टोर पर हुई वापसी, ट्रंप ने दी थी छूट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-टक-टक-क-एपपल-और-गगल-पल-सटर-पर-हई-वपस-टरप-न-द-थ-छट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-टक-टक-क-एपपल-और-गगल-पल-सटर-पर-हई-वपस-टरप-न-द-थ-छट</guid>
        <description>अमेरिका में सोशल मीडिया ऐप टिक-टॉक की एप्पल और गूगल प्ले स्टोर पर फिर से वापसी हो गई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टिक-टॉक के प्रतिबंध को अभी रोकते हुए उसे 5 अप्रैल तक की छूट दी है.

पिछले महीने टिक-टॉक बंद हो गया था. इसके बाद ट्रंप ने उस कार्य़कारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें उसे प्रतिबंध से 75 दिनों की छूट दी गई.

अमेरिकी क़ानून के अनुसार, टिक-टॉक को प्रतिबंध से हमेशा के लिए छूट तभी मिल सकती है जब इस पर मालिकाना हक़ किसी और का होगा.

मामले पर टिक-टॉक से बीबीसी ने सवाल किया तो उन्होंने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

बाइडन प्रशासन ने आरोप लगाया था कि चीन टिक-टॉक का इस्तेमाल जासूसी के लिए कर सकता है. हालांकि, चीन और टिक-टॉक इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी अपने पहले कार्य़काल के दौरान टिक-टॉक पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में रहे थे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 07:14:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एलन मस्क का आह्वान: अमेरिका की संघीय सरकार से ‘संपूर्ण एजेंसियों को हटाया’ जाए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-आहवन-अमरक-क-सघय-सरकर-स-सपरण-एजसय-क-हटय-जए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-आहवन-अमरक-क-सघय-सरकर-स-सपरण-एजसय-क-हटय-जए</guid>
        <description>दुबई, 13 फरवरी। अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में खर्चों में भारी कटौती और प्राथमिकताओं को फिर से तय किए जाने के अपने अभियान के तहत अमेरिका की संघीय सरकार से संपूर्ण एजेंसियों को हटाने का आह्वान किया।

मस्क ने दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में विभिन्न देशों की सरकारों के शिखर सम्मेलन में वीडियो कॉल के माध्यम से एक व्यापक सर्वेक्षण की पेशकश की, जिसमें उन्होंने ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकताओं के बारे में बताया, जिनमें थर्मोन्यूक्लियर युद्ध और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संभावित खतरों के कई संदर्भ शामिल थे। मस्क ने कहा, हमारे यहां वास्तव में नौकरशाही का शासन है, न कि लोगों का शासन - लोकतंत्र।

मस्क काली टी-शर्ट पहनकर सम्मेलन में शामिल हुए जिस पर लिखा था: टेक सपोर्ट।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि वह व्हाइट हाउस के टेक सपोर्ट हैं।

मस्क ने कहा, मुझे लगता है कि हमें बहुत सी एजेंसियों को पीछे छोड़ने के बजाय समस्त एजेंसियों को हटाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, अगर हम खरपतवार की जड़ों को नहीं हटाते हैं, तो खरपतवार के फिर से उगने की संभावना है।

मस्क ने पहले भी शिखर सम्मेलन को संबोधित किया है, लेकिन बृहस्पतिवार को उनकी उपस्थिति ऐसे समय में हुई है जब उन्होंने सरकारी दक्षता विभाग का नेतृत्व संभालने के बाद से ट्रंप से निकटता की वजह से सरकार के बड़े हिस्से पर नियंत्रण मजबूत कर लिया है। इसमें अनुभवी अधिकारियों को दरकिनार करना, संवेदनशील डेटाबेस तक पहुंच प्राप्त करना और राष्ट्रपति के अधिकार की सीमाओं पर संवैधानिक टकराव को आमंत्रित करना शामिल है।

मस्क की नई भूमिका ने उनकी टिप्पणियों को स्पेसएक्स और इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला में अपने निवेश के माध्यम से दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति होने से परे और अधिक वजनदार बना दिया है।

उनकी टिप्पणियों ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी शक्ति के बारे में अधिक अलगाववादी दृष्टिकोण भी पेश किया जहां अमेरिका ने 11 सितंबर, 2001 के आतंकवादी हमलों के बाद से अफगानिस्तान और इराक दोनों में युद्ध लड़े हैं।

मस्क ने ट्रंप द्वारा यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डवलपमेंट (यूएसएड) को बंद करने की ओर इशारा करते हुए कहा, उदाहरण के लिए यूएसएड पर बहुत ध्यान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि ट्रंप के अधीन अमेरिका अन्य देशों के मामलों में हस्तक्षेप करने में कम दिलचस्पी रखता है।

मस्क ने यूएई में बड़ी संख्या में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, कई बार अमेरिका अंतरराष्ट्रीय मामलों में कुछ हद तक आक्रामक रहा है, जो दर्शकों में से कुछ लोगों को रास आ सकता है।

उन्होंने विविधता, समानता और समावेशी कार्य को खत्म करने पर ट्रंप प्रशासन के ध्यान देने पर भी संज्ञान लिया और एक बिंदु पर इसे एआई से जोड़ा।

एआई पर मस्क ने कहा कि उनका मानना है कि एक्स का नया अपडेट किया गया एआई चैटबॉट ग्रोक 3, लगभग दो सप्ताह में तैयार हो जाएगा। उन्होंने एक बार इसे डरावना भी कहा।

उन्होंने सैम ऑल्टमैन के ओपनएआई के प्रबंधन की आलोचना की जिसके लिए मस्क ने हाल ही में 97.4 अरब अमेरिकी डॉलर की बोली लगाई थी, उन्होंने इसे अमेजन के वर्षावन को बचाने के उद्देश्य से स्थापित एक गैर-लाभकारी संगठन के समान बताया ।

मस्क ने बोरिंग कंपनी में अपने काम के अनुरूप दुबई लूप परियोजना की भी घोषणा की - जो परिवहन की गति बढ़ाने के लिए लास वेगास में सुरंग खोद रही है।

दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद अल मकतूम ने एक बयान में कहा कि शहर-राज्य और बोरिंग कंपनी 11 स्टेशनों वाले 17 किलोमीटर लंबे भूमिगत नेटवर्क के विकास की संभावना तलाशेंगे जो प्रति घंटे 20,000 से अधिक यात्रियों को ले जा सकता है।

मस्क ने कहा कि यह एक छिद्र की तरह होगा जिससे आप शहर के एक हिस्से से प्रवेश करने के बाद शहर के दूसरे हिस्से में पहुंच जाएंगे।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Feb 2025 06:53:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मस्क ने ओपनएआई के लिए अपनी पेशकश को वापस लेने के लिए शर्त रखी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मसक-न-ओपनएआई-क-लए-अपन-पशकश-क-वपस-लन-क-लए-शरत-रख</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मसक-न-ओपनएआई-क-लए-अपन-पशकश-क-वपस-लन-क-लए-शरत-रख</guid>
        <description>वाशिंगटन, 13 फरवरी। दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपतियों में से एक एलन मस्क ने कहा है कि चैटजीपीटी विनिर्माता ओपनएआई यदि खुद को लाभ के लिए कार्यरत कंपनी बनाने का विचार छोड़ देती है वह इसे खरीदने की अपनी पेशकश वापस ले लेंगे।

टेस्ला और एक्स जैसी कंपनियों का स्वामित्व रखने वाले मस्क ने कुछ दिन पहले ही 97.4 अरब डॉलर में ओपनआई को खरीदने की एक बड़ी पेशकश की थी।

हालांकि ओपनएआई के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी सैम आल्टमैन ने उनकी इस पेशकश को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि ओपनएआई बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।

मस्क के वकीलों ने बुधवार को कैलिफोर्निया की एक अदालत में दायर एक दस्तावेज में कहा, अगर ओपनएआई का बोर्ड यह तय करता है कि वह अपनी गैर-लाभकारी स्थिति को बनाए रखेगा और इसे लाभ के लिए कार्यरत कंपनी में बदलने की योजना को रोक देगा, तो मस्क अपनी बोली वापस ले लेंगे।

वकीलों की ओर से कहा गया कि अगर कंपनी ऐसा नहीं करती है तो उसे अपनी संपत्तियों का सही मूल्य किसी बाहरी खरीदार से प्राप्त करना होगा।

ओपनएआई का नियमन एक गैर-लाभकारी बोर्ड करता है। इसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक लाभ के लिए इंसान से बेहतर एआई का निर्माण करना है।

ओपनएआई तेजी से एक बड़े व्यवसाय में बदला है। इसलिए, पिछले साल उसने अपनी संरचना बदलने की योजना बनाई, ताकि वह एक लाभकारी संगठन बन सके और अपना व्यापार बढ़ा सके।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Feb 2025 06:53:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस&amp;यूक्रेन युद्ध ख़त्म करने को लेकर क्या बोले ज़ेलेंस्की?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-यदध-खतम-करन-क-लकर-कय-बल-जलसक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-यदध-खतम-करन-क-लकर-कय-बल-जलसक</guid>
        <description>राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि उनका देश अमेरिका और रूस के बीच किसी भी शांति समझौते को यूक्रेन की भागीदारी के बिना स्वीकार नहीं करेगा.

बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन कॉल में दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत तुरंत शुरू होनी चाहिए.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, इससे पहले पत्रकारों से बात करते हुए, ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि सब कुछ पुतिन की योजना के अनुसार न हो.

ज़ेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने ट्रंप के साथ नेटो पर चर्चा नहीं की, लेकिन उन्हें पता है कि अमेरिका नहीं चाहता कि यूक्रेन इसका सदस्य बने.

रूस और यूक्रेन के बीच फ़रवरी 2022 में युद्ध की शुरुआत हुई थी. तब से ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ रूस का तनाव बढ़ गया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Feb 2025 06:53:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण अमेरिका की सबसे तेज यात्रा का विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रहे भारतीय साइकिलिस्ट की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-अमरक-क-सबस-तज-यतर-क-वशव-रकरड-बनन-क-कशश-कर-रह-भरतय-सइकलसट-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-अमरक-क-सबस-तज-यतर-क-वशव-रकरड-बनन-क-कशश-कर-रह-भरतय-सइकलसट-क-मत</guid>
        <description>सैंटियागो(चिली), 13 फरवरी। दक्षिण अमेरिका की सबसे तेज 10,000 किलोमीटर की यात्रा करने का विश्व रिकॉर्ड तोड़ने के प्रयास में चिली में एक वाहन की चपेट में आने से 36 वर्षीय भारतीय साइकिलिस्ट की मौत हो गई। मीडिया में आई खबरों में यह जानकारी दी गई है।

स्थानीय रेडियो नेटवर्क रेडियो पॉलिना ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि मोहित कोहली को बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे (स्थानीय समयानुसार) पोजो अलमोंटे कम्यून में रूट संख्या पांच पर एक मिनी बस ने कुचल दिया।

पोजो अलमोंटे अग्निशमन विभाग के अधीक्षक एफ्रेन लिलो के अनुसार, कोहली की मौके पर ही मौत हो गई।

खबर के मुताबिक, प्रारंभिक जांच और दुर्घटना के कारणों को स्पष्ट करने के लिए राष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसी के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे हैं।

इक्विक पुलिस के यातायात दुर्घटना जांच अनुभाग (एसआईएटी) के लेफ्टिनेंट एलेक्सिस गुटिरेज कोरबालन ने बताया, गंभीर रूप से घायल होने की वजह से उनकी (कोहली की) मौत हो गई।

कोहली अपने सोशल मीडिया खाते पर अपनी यात्रा का विवरण दे रहे थे, जिसके अनुसार, उनका लक्ष्य कोलंबिया के कार्टाजेना से अर्जेंटीना के उशुआइया तक सबसे तेज साइकिलिंग रिकॉर्ड बनाना था।

एक स्थानीय समाचार पोर्टल के अनुसार, साइकिल चालक ने 22 जनवरी को कार्टाजेना से अपनी यात्रा शुरू की और 10,000 किलोमीटर की यात्रा दौरान वह कोलंबिया, पेरू, इक्वाडोर को पार कर चिली से गुजर रहे थे।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, दक्षिण अमेरिका की सबसे तेज यात्रा करने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रिया के माइकल स्ट्रैसर ने बनाया था और उन्होंने 2018 में यह दूरी तय करने में 41 दिन और 41 मिनट लगे थे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Feb 2025 06:53:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस&amp;यूक्रेन युद्ध पर बोले ट्रंप&amp; युद्ध ख़त्म होने की अच्छी संभावना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-यदध-पर-बल-टरप-यदध-खतम-हन-क-अचछ-सभवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-यदध-पर-बल-टरप-यदध-खतम-हन-क-अचछ-सभवन</guid>
        <description>गुरुवार को एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को ख़त्म करने को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल ट्रूथ अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा, कल रूस और यूक्रेन के साथ शानदार बातचीत हुई. युद्ध ख़त्म होने की अच्छी संभावना है.

इससे पहले बुधवार को ट्रंप ने बताया था कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फ़ोन पर बात की है, वह उनसे मिलने वाले हैं.

रूस और यूक्रेन के बीच फ़रवरी 2022 में युद्ध की शुरुआत हुई थी. तब से ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ रूस का तनाव बढ़ गया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Feb 2025 06:53:42 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश में पिछले साल हुई हिंसा और शेख़ हसीना को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-पछल-सल-हई-हस-और-शख-हसन-क-लकर-सयकत-रषटर-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-पछल-सल-हई-हस-और-शख-हसन-क-लकर-सयकत-रषटर-न-कय-कह</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि पिछले साल बांग्लादेश में सरकार के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों में 1400 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं, जिसमें ज़्यादातर लोग सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार जांचकर्ताओं ने शेख़ हसीना की अपदस्थ सरकार पर क्रूर जवाबी कार्रवाई का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि यह मानवता के ख़िलाफ़ अपराध हो सकता है.

संयुक्त राष्ट्र को एक दस्तावेज मिला है जिसके मुताबिक, एक आधिकारिक नीति मिली है, जिसमें सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला करने और हिंसक दमन करने की योजना थी, जो सत्ता को बनाए रखने की नीयत से व्यापक विरोध का सामना करने के लिए बनाई गई थी.

शेख हसीना 15 साल से बांग्लादेश की सत्ता पर काबिज थीं, सत्ता गंवाने के बाद शेख़ हसीना एक सैन्य विमान से दिल्ली पहुंची थीं.

बांग्लादेश में पिछले साल छात्रों और आम लोगों ने आंदोलन कर तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को पद छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया था. इस घटना को 6 महीने से अधिक बीत चुके हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 08:36:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मैं और पुतिन यूक्रेन युद्ध की समाप्ति के लिए बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए : ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/म-और-पतन-यकरन-यदध-क-समपत-क-लए-बतचत-शर-करन-पर-सहमत-हए-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/म-और-पतन-यकरन-यदध-क-समपत-क-लए-बतचत-शर-करन-पर-सहमत-हए-टरप</guid>
        <description>वाशिंगटन, 12 फरवरी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को लेकर वाशिंगटन की तीन साल पुरानी नीति को पलटते हुए बुधवार को कहा कि वह और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन कैदियों की अदला-बदली के बाद युद्ध की समाप्ति के लिए बातचीत शुरू करने पर सहमत हो गए हैं।

ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में पुतिन से फोन पर हुई लंबी बातचीत का जिक्र किया और कहा कि दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए साथ मिलकर, बहुत निकटता से काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह पुतिन से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात करेंगे, संभवत: एक-दूसरे के देश में।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की शामिल होंगे या नहीं। हालांकि, ट्रंप ने बुधवार को जेलेंस्की से भी फोन पर बातचीत की और यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार दमित्रो लित्विन ने इसे अच्छी बातचीत करार दिया।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रूस-यूक्रेन मामलों के लिए ट्रंप के विशेष दूत सेवानिवृत्त जनरल कीथ केलॉग वार्षिक म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इस सप्ताहांत जर्मनी में होंगे। इस सम्मेलन में जेलेंस्की भी शिरकत करेंगे।

हालांकि, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यूक्रेन की उम्मीदों को झटका देते हुए बुधवार को ब्रसेल्स में नाटो मुख्यालय के अपने दौरे के दौरान कहा कि यूक्रेन के लिए उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सदस्यता की उम्मीद अव्यावहारिक थी।

हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन के लिए किसी भी सुरक्षा गारंटी की जिम्मेदारी यूरोपीय देशों को उठानी होगी।

हेगसेथ ने नाटो और यूक्रेन रक्षा संपर्क समूह के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान ये टिप्पणियां कीं। वह इन दोनों गठबंधनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने वाले ट्रंप प्रशासन के पहले सदस्य हैं।

सहयोगी देश यह जानने को उत्सुक हैं कि वाशिंगटन आने वाले समय में यूक्रेन को कितनी सैन्य एवं वित्तीय सहायता मुहैया कराने का इच्छुक है। हेगसेथ ने उनसे कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि यूक्रेन को अधिकांश सैन्य एवं वित्तीय सहायता देने का जिम्मा यूरोपीय देश संभालें, एक संभावित शांतिरक्षक बल की तैनाती की जाए जिसमें अमेरिकी सैनिक शामिल न हों।

उन्होंने कहा कि संभावित शांतिरक्षक बल के इन सैनिकों का अगर रूसी सेना से आमना सामना होता है, तो उन्हें अनुच्छेद पांच के तहत सुरक्षा न प्रदान की जाए।

अनुच्छेद पांच के तहत अमेरिका या नाटो के 31 अन्य देशों को उन सैनिकों की सहायता के लिए आगे आना होगा।

हेगसेथ ने वहां एकत्रित लगभग 50 देशों के समूह को संबोधित करते हुए कहा, इस संपर्क समूह के सदस्यों को इस क्षण का सामना करना होगा।

ये देश रूस के 2022 के आक्रमण के बाद से यूक्रेन को समर्थन प्रदान कर रहे हैं।

अमेरिका के पूर्ववर्ती जो बाइडन प्रशासन ने फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद कई अन्य यूरोपीय देशों के साथ यूक्रेन की नाटो सदस्यता का समर्थन किया था।

ट्रंप ने रूस में तीन साल पहले हिरासत में लिए गए पेनसिल्वेनिया के शिक्षक मार्क फोजेल की रिहाई के बाद पुतिन से फोन पर बातचीत की।

दो अमेरिकी अधिकारियों ने बुधवार को पुष्टि की कि रूस ने अमेरिका के साथ कैदियों की अदला-बदली समझौते के तहत फोजेल को रिहा किया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका फोजेल के बदले क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में दोषी करार दिए गए रूसी नागरिक एलेक्जेंडर विन्निक को छोड़ेगा।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 08:36:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन और अमेरिका के बिना हुआ एआई पर वैश्विक समझौता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-और-अमरक-क-बन-हआ-एआई-पर-वशवक-समझत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-और-अमरक-क-बन-हआ-एआई-पर-वशवक-समझत</guid>
        <description>पेरिस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर हुए सम्मेलन में समझौते पर दो सबसे बड़े देशों ने ही दस्तखत नहीं किए. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने इस सम्मेलन की अध्यक्षता की.

(dw.com/hi)

इनकार कर दिया. ब्रिटेन सरकार के मुताबिक, यह समझौता राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों का सही समाधान नहीं देता.

पेरिस में हुए इस सम्मेलन में दुनियाभर के नेता एआई टेक्नोलॉजी को सुरक्षित और नैतिक बनाने के लिए नियम तय करने पर सहमत हुए. हालांकि ब्रिटेन और अमेरिका, जहां दुनिया की सबसे बड़ी एआई कंपनियां हैं, दोनों ही इस समझौते पर हस्ताक्षर को राजी नहीं हुए. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर पहले ही कह चुके हैं कि उनका देश अपने हिसाब से एआई के लिए नियम बनाएगा.

ब्रिटेन और अमेरिका नहीं हुए सहमत
ब्रिटेन सरकार के प्रवक्ता ने कहा, हमने महसूस किया कि इस घोषणा में वैश्विक प्रशासन को लेकर व्यावहारिक स्पष्टता नहीं थी और इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कठिन सवालों का समाधान भी नहीं था. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग जारी रखेंगे.

फ्रांस और भारत ने इस सम्मेलन की मेजबानी की थी, जिसमें जर्मनी और चीन सहित कई देशों ने हस्ताक्षर किए. यह समझौता कहता है कि एआई को खुला, पारदर्शी, नैतिक, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना जरूरी है. हालांकि, ओपनएआई जैसी बड़ी कंपनियों के इस समझौते का समर्थन करने के कोई संकेत नहीं मिले.

ब्रिटेन सरकार के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि उनका देश अमेरिका के फैसले से प्रभावित नहीं था. उन्होंने कहा, हम केवल उन्हीं पहलुओं को स्वीकारते हैं जो हमारे राष्ट्रीय हित में हों.

पिछले महीने, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टारमर ने यूके को एआई का वैश्विक नेता बनाने का वादा किया था. उन्होंने कहा कि कंपनियों को अपनी नई तकनीकों को ब्रिटेन में टेस्ट करने का मौका मिलेगा और सरकार इसे अपने तरीके से नियंत्रित करेगी.

अमेरिका को सेंसरशिप की चिंता
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने इस सम्मेलन में यूरोपीय देशों को चेतावनी दी कि एआई पर ज्यादा नियम-कानून बनेंगे तो यह उद्योग खत्म हो सकता है. उन्होंने कहा कि कुछ तानाशाही सरकारें एआई का गलत इस्तेमाल कर रही हैं और इससे सुरक्षा खतरे बढ़ सकते हैं.

वैंस ने कहा कि अत्यधिक रेगुलेशन एक उभरते उद्योग को उसकी प्रारंभिक अवस्था में ही नष्ट कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि एआई को विचारधारा से मुक्त रखना आवश्यक है और अमेरिकी एआई को तानाशाही सेंसरशिप के उपकरण के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.

वैंस ने यूरोपीय संघ के डिजिटल सेवा अधिनियम और जीडीपीआर जैसे नियमों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि इनसे छोटे उद्यमों के लिए कानूनी लागत बढ़ जाती है. उन्होंने कहा, बिल्कुल, हम इंटरनेट को सुरक्षित बनाना चाहते हैं, लेकिन एक बच्चे को ऑनलाइन शोषण से बचाने और एक वयस्क को उस विचार तक पहुंचने से रोकने के बीच अंतर है, जिसे सरकार गलत सूचना मानती है.

यूरोपीय संघ ने हाल ही में एआई एक्ट पारित किया है, जो दुनिया में इस तकनीक के लिए पहला व्यापक नियामक ढांचा है.

यूरोप भी बदलेगा अपना रुख
फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने इस सम्मेलन में कहा कि एआई में विश्वास बनाए रखने के लिए रेगुलेशन आवश्यक हैं, अन्यथा लोग इसे अस्वीकार कर देंगे. उन्होंने कहा, हमें एक भरोसेमंद एआई की आवश्यकता है. यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला फोन डेर लेयेन ने भी कहा कि ईयू एआई पर नियमों को सरल बनाएगा और इसमें निवेश बढ़ाएगा.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट के सह-आयोजक थे. उन्होंने कहा, एआई लाखों लोगों की जिंदगियां बदल रहा है. समय के साथ-साथ रोजगार का स्वरूप भी बदल रहा है. एआई से रोजगार के संकट पर ध्यान देना होगा. इतिहास गवाह है कि तकनीक नौकरियां नहीं लेती. एआई से नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे.

इस सम्मेलन में चीन ने भी भाग लिया और कहा कि वह एआई को सुरक्षित बनाने के लिए अन्य देशों के साथ काम करने के लिए तैयार है. चीन के उपप्रधानमंत्री शांग गुओकिंग ने कहा, हम एआई को साझा भविष्य के लिए विकसित करना चाहते हैं.

क्यों नहीं हो पाया समझौता
अमेरिका और ब्रिटेन के इस समझौते पर हस्ताक्षर ना करने के पीछे क्या कारण थे, यह तुरंत स्पष्ट नहीं था, जबकि चीन समेत 60 से अधिक देशों ने इस पर हस्ताक्षर किए. आयोजकों से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि अमेरिका के इस पर हस्ताक्षर ना करने की संभावना पहले से थी, क्योंकि वह रेगुलेशन के प्रति अलग नजरिया रखता है.

एक ब्रिटिश सरकारी सूत्र ने कहा कि यूके की चिंताएं इस समझौते में कुछ विशेष शब्दों से जुड़ी थीं, जिन्हें बदलने में सफलता नहीं मिली. उन्होंने कहा कि पेरिस समिट में अपनाई गई नीति ब्रिटेन द्वारा 2023 में आयोजित पहली एआई सुरक्षा समिट से काफी अलग थी.

स्टैन्फर्ड इंस्टिट्यूट फॉर ह्यूमन-सेंटर्ड एआई के कार्यकारी निदेशक रसेल वाल्ड ने कहा, स्पष्ट रूप से, जेडी वैंस के भाषण से पता चलता है कि अब अमेरिकी नीति में एक निर्णायक बदलाव आ गया है. सुरक्षा अब प्राथमिक मुद्दा नहीं होगा, बल्कि तेजी से इनोवेशन और अवसर को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि सुरक्षा का मतलब नियमों की बढ़ोतरी से है और नियमों की बढ़ोतरी का मतलब है, अवसर खो देना.

ओपनएआई की प्रतिस्पर्धी कंपनी एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई ने कहा कि इस सम्मेलन में दुनिया ने एक मौका गंवा दिया. उन्होंने कहा कि इसमें आपूर्ति श्रृंखला नियंत्रण, एआई से जुड़े सुरक्षा जोखिम और संभावित श्रम बाजार में बदलाव पर चर्चा करने का अवसर खो गया.

वीके/एनआर (रॉयटर्स, एएफपी)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 08:36:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अध्ययन ने पता लगाया डीएनए में होने वाले बदलाव किस तरह धूम्रपान से फेफड़ों के कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अधययन-न-पत-लगय-डएनए-म-हन-वल-बदलव-कस-तरह-धमरपन-स-फफड-क-कसर-क-खतर-क-बढत-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अधययन-न-पत-लगय-डएनए-म-हन-वल-बदलव-कस-तरह-धमरपन-स-फफड-क-कसर-क-खतर-क-बढत-ह</guid>
        <description>यरूशलम, 13 फरवरी । इजरायली वैज्ञानिकों की एक टीम ने यह पता लगाया है कि डीएनए की संरचना और उसमें होने वाले रासायनिक बदलाव किस तरह धूम्रपान से फेफड़ों के कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, यरूशलम की हिब्रू यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने सिगरेट के धुएं में मौजूद बेन्जो(ए)पाइरीन नामक जहरीले रसायन पर ध्यान केंद्रित किया। जब यह शरीर में पहुंचता है, तो डीएनए से जुड़कर उसकी सामान्य कार्यप्रणाली को बाधित करता है और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। यह अध्ययन न्यूक्लिक एसिड्स रिसर्च पत्रिका में प्रकाशित हुआ और इसमें पाया गया कि डीएनए की संरचना और उसमें होने वाले रासायनिक बदलाव यह तय करते हैं कि धूम्रपान से होने वाला नुकसान कितना गंभीर होगा, शरीर उस नुकसान की मरम्मत कितनी अच्छी तरह कर पाएगा और इससे कितने म्यूटेशन उत्पन्न होंगे।

शोध में पता चला कि डीएनए के कुछ हिस्से, जो अधिक खुले और सक्रिय होते हैं, वे नुकसान के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, लेकिन वे खुद को बेहतर तरीके से ठीक भी कर सकते हैं, जिससे उनमें समय के साथ कम म्यूटेशन होते हैं। वहीं, जो हिस्से मरम्मत में कमजोर होते हैं, वे अधिक म्यूटेशन जमा कर सकते हैं, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ता है। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि कुछ प्रोटीन, जो जीन की गतिविधि को नियंत्रित करते हैं, कभी-कभी डीएनए को क्षति से बचाते हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में वे इसे और अधिक संवेदनशील बना सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि डीएनए की मरम्मत करने की शरीर की क्षमता यह तय करने में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि म्यूटेशन होगा या नहीं, बजाय इसके कि केवल क्षति की मात्रा ही महत्वपूर्ण है। यह अध्ययन यह समझने में मदद करता है कि धूम्रपान किस तरह डीएनए को नुकसान पहुंचाकर और म्यूटेशन उत्पन्न करके फेफड़ों के कैंसर का कारण बनता है।

इससे भविष्य में कैंसर की रोकथाम और उपचार की रणनीतियों को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनियाभर में कैंसर से होने वाली कुल मौतों में से 25% का कारण तंबाकू का सेवन है। यह फेफड़ों के कैंसर का मुख्य कारण भी है। इस क्षेत्र में यह एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है, जहां अनुमानित 18.6 करोड़ लोग (यानी वयस्क जनसंख्या का 26%) तंबाकू का उपयोग कर रहे हैं। धूम्रपान करने वालों में जीवनभर फेफड़ों के कैंसर का खतरा न धूम्रपान करने वालों की तुलना में 22 गुना अधिक होता है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 08:36:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन संघर्ष हल करने को लेकर ट्रंप&amp;पुतिन की बातचीत सकारात्मक : यूएन संयुक्त</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-सघरष-हल-करन-क-लकर-टरप-पतन-क-बतचत-सकरतमक-यएन-सयकत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-सघरष-हल-करन-क-लकर-टरप-पतन-क-बतचत-सकरतमक-यएन-सयकत</guid>
        <description>राष्ट्र, 13 फरवरी। संयुक्त राष्ट्र ने यूक्रेन-रूस संघर्ष को समाप्त करने के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत किया है। साथ ही अमेरिका और रूस के नेताओं के बीच फोन पर हुई बातचीत को सकारात्मक  बताया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने बुधवार को कहा, हम यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए किए जा रहे किसी भी प्रयास की सराहना करेंगे, जिसमें रूस और यूक्रेन दोनों पक्ष शामिल हों। अगर वे दोनों एक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार हैं, तो यह एक स्वागत योग्य कदम होगा। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी कहा कि अमेरिका और रूस जैसे बड़े देशों के बीच बातचीत का सकारात्मक प्रभाव हो सकता है।

फरहान हक ने कहा, संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के बीच नियमित संपर्क से समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। हम इसे एक सकारात्मक पहल मानते हैं। व्हाइट हाउस और क्रेमलिन ने बुधवार को अलग-अलग बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर बातचीत हुई। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि वह और पुतिन इस बात पर सहमत हुए हैं कि वाशिंगटन और मॉस्को, यूक्रेन-रूस संघर्ष को समाप्त करने के लिए तुरंत सीधी बातचीत करेंगे। जब संयुक्त राष्ट्र से पूछा गया कि क्या वह इस वार्ता का हिस्सा बनेगा, तो फरहान हक ने कहा, हमें देखना होगा कि हमें क्या भूमिका निभानी होगी। जैसा कि हम पिछले तीन वर्षों में कई बार कह चुके हैं, अगर दोनों पक्ष हमें बुलाएंगे, तो हम एक सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

ये प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस फोन कॉल के बाद सामने आई है जिसमें यूक्रेन युद्ध विराम को लेकर गहन मंत्रणा हुई है। यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के मिशन पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह सऊदी अरब में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की योजना बना रहे हैं। बुधवार सुबह पुतिन के साथ फोन पर बातचीत के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति ने वाशिंगटन में संवाददाताओं से कहा कि उनकी कई बैठकें होंगी, और पहली बार हम सऊदी अरब में मिलेंगे। इसके अलावा, उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि वह यहां आएंगे, और मैं वहां (रूस) जाऊंगा। पुतिन के साथ ट्रंप की लंबी बातचीत उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से उनकी पहली आधिकारिक बातचीत थी, और उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से भी बात की। ट्रुथ सोशल पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत को बढ़ावा देगा और एक वार्ता दल नियुक्त कर रहा है जिसमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो और केंद्रीय खुफिया एजेंसी के निदेशक जॉन रैटक्लिफ शामिल हैं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 08:36:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह से मिले राष्ट्रपति ट्रंप, ग़ज़ा पर कही ऐसी बात</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जरडन-क-कग-अबदललह-स-मल-रषटरपत-टरप-गज-पर-कह-ऐस-बत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जरडन-क-कग-अबदललह-स-मल-रषटरपत-टरप-गज-पर-कह-ऐस-बत</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह से मुलाक़ात की. इस मौके पर उन्होंने दोहराया कि ग़ज़ा पट्टी को अमेरिका अपने नियंत्रण में लेगा.

राष्ट्रपति ट्रंप ने चार फ़रवरी को ग़ज़ा पट्टी पर अमेरिकी नियंत्रण का प्रस्ताव रखा था. इससे पहले, ट्रंप ने यह भी कहा था कि फ़लस्तीनियों को मिस्र और जॉर्डन में स्थायी रूप से बसाया जाए.

हालांकि, जॉर्डन समेत उस इलाक़े में मौजूद अन्य देशों ने ट्रंप के सुझाव पर आपत्ति दर्ज कराई थी. ट्रंप द्वारा दिए गए इस प्रस्ताव के बाद ट्रंप और जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह की यह पहली मुलाक़ात थी.

मध्य पूर्व में जॉर्डन, अमेरिका का प्रमुख सहयोगी है. वह लाखों फ़लस्तीनियों को अपने यहां लेने के ट्रंप के प्रस्ताव को पहले ही ठुकरा चुका है.

किंग अब्दुल्लाह ने ट्रंप से हुई मुलाक़ात के बाद कहा, जॉर्डन इस मत को लेकर अटल है कि वो फ़लस्तीनियों के विस्थापन के ख़िलाफ़ है.

मगर, ओवल ऑफ़िस में जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह के पास बैठे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह संकेत दिया कि वो अपना इरादा नहीं बदलेंगे.

हालांकि, फ़लस्तीनियों को अपने यहां लेने के सवाल पर जॉर्डन किंग अब्दुल्लाह ने कहा कि ऐसा फ़ैसला लिया जाना चाहिए जो सभी के लिए सर्वश्रेष्ठ हो.

ट्रंप ने कहा, मुझे लगता है कि जब हम बातचीत ख़त्म करेंगे, तो हमारे पास एक स्थान होगा, जहां वो लोग (फ़लस्तीनी) बहुत ख़ुशी और बहुत सुरक्षा के साथ रह सकेंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 10:49:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत, इजराइल सिर्फ रणनीतिक साझेदार नहीं बल्कि भावनात्मक तौर से भी एक दूसरे से जुडे हैं: नेसेट स्पीकर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-इजरइल-सरफ-रणनतक-सझदर-नह-बलक-भवनतमक-तर-स-भ-एक-दसर-स-जड-ह-नसट-सपकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-इजरइल-सरफ-रणनतक-सझदर-नह-बलक-भवनतमक-तर-स-भ-एक-दसर-स-जड-ह-नसट-सपकर</guid>
        <description>लोद (इजराइल), 12 फरवरी। इजराइल के संसद नेसेट के स्पीकर आमिर ओहाना ने कहा है कि भारत और इजराइल न केवल कई क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदार हैं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों में मधुरता और ईमानदारी है।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी विश्वासपात्र माने जाने वाले ओहाना ने भारत को बड़ा एवं शक्तिशाली देश और इजराइल को छोटा एवं रचनात्मक देश माना। उन्होंने भारत और इजराइल के बीच संबंधों को मजबूत एवं गहरा करने में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की कड़ी मेहनत को श्रेय दिया।

मार्च 2023 में अपनी भारत यात्रा को याद करते हुए नेसेट के स्पीकर ने कहा, मैंने नेसेट स्पीकर के रूप में कार्यभार संभालने के बाद अपनी विदेश यात्रा के लिए भारत को प्रथम गंतव्य के रूप में चुना। यह पहली यात्रा हमारे संबंधों में भारत के महत्व को भी दर्शाती है। यह किसी नेसेट स्पीकर की भारत की पहली यात्रा भी थी।

उन्होंने जोर देकर कहा, यात्रा के दौरान और उसके बाद भी भारत के प्रति भावनाएं और अधिक गहरी हुई हैं। भारत न केवल कई क्षेत्रों में इजराइल का रणनीतिक साझेदार है, बल्कि यह एक ऐसा देश है जिसके साथ हमारे देश के लोगों के बीच संबंध मधुर और ईमानदार हैं।

ओहाना यहां महाराष्ट्र क्षेत्र से आए बेने इजराइल समुदाय के उन सैकड़ों भारतीय यहूदियों को संबोधित कर रहे थे, जो मंगलवार शाम को मालिडा की सदियों पुरानी भारतीय परंपरा का जश्न मनाने के लिए इस शहर में आए थे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 10:49:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन : भारतीय मूल की महिला के साथ ट्रेन में नस्लीय दुर्व्यवहार, नशे में धुत शख्स बोला &amp; हमने भारत को जीता...</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-भरतय-मल-क-महल-क-सथ-टरन-म-नसलय-दरवयवहर-नश-म-धत-शखस-बल-हमन-भरत-क-जत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-भरतय-मल-क-महल-क-सथ-टरन-म-नसलय-दरवयवहर-नश-म-धत-शखस-बल-हमन-भरत-क-जत</guid>
        <description>लंदन, 12 फरवरी । ब्रिटेन की एक ट्रेन में कथित नस्लीय दुर्व्यवहार का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि 26 वर्षीय भारतीय मूल की महिला के साथ नशे में धुत एक शख्स ने क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया। इस घटना से सार्वजनिक स्थानों पर हेट स्पीच को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यह घटना रविवार को उस समय हुई जब महिला, लंदन से मैनचेस्टर जा रही थीं। एक सहयात्री के साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान, उन्होंने आप्रवासियों का समर्थन करने वाले एक संगठन के साथ अपने काम का जिक्र किया। ऐसा लगता है कि दोनों की बातचीत से एक अन्य यात्री भड़क गया। यह शख्स एक कैन से शराब पी रहा था और नस्लीय टिप्पणी करने लगा।

घटना के एक वीडियो, [जिसे बाद में हटा दिया गया], में यह व्यक्ति, भारतीय मूल की महिला और अन्य यात्रियों पर नस्लवादी टिप्पणी करते हुए नजर आया। वह इंग्लैंड के औपनिवेशिक अतीत के बारे में शेखी बघार रहा था। उसने कहा, आप इंग्लैंड में हैं और आप कुछ दावा कर रहे हैं। यदि आप कुछ दावा नहीं कर रहे होते तो आप इंग्लैंड में नहीं होते। अंग्रेजों ने दुनिया पर विजय प्राप्त की और इसे आपको वापस दे दिया। हमने भारत पर विजय प्राप्त की, हम इसे नहीं चाहते थे, हमने इसे आपको वापस दे दिया। महिला ने उस घटना को याद करते हुए कहा, उस व्यक्ति ने आप्रवासी शब्द सुना और उसकी तत्काल प्रतिक्रिया क्रोध और आक्रमक थी। यह बहुत ही परेशान करने वाला था। मुझे लगा कि उसने जो कहा वह गलत था। यह एक पागलपन भरी स्थिति थी। मैंने अपनी सुरक्षा के लिए इसे रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो को ऑनलाइन पोस्ट करने के बाद, महिला ने पाया कि उन्हें गालियों की बौछार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, इस एक वीडियो से मुझे जितनी नफरती मिली है, वह पागलपन है। ऐसे अपशब्द कहे गए, जिनके बारे में मुझे पता भी नहीं था। हिंसक बयानबाजी और नफरत भरी बातें अब एक्स पर इतनी आसानी से फैल सकती हैं। मैं इस देश में रंग-बिरंगे लोगों के अधिकारों के बारे में गहराई से सोचती हूं, और मुझे लगता है कि हम पीछे हट रहे हैं।

भारतीय मूल की महिला ने इस घटना की रिपोर्ट ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस (बीटीपी) को दी है। उन्होंने अपनी विरासत पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, भारतीय होना, एक अप्रवासी की बेटी होना, अपने इतिहास और विरासत से जुड़े रहना एक वरदान है। मैं अपने लिए और रंग-बिरंगे लोगों के लिए खड़ी होती हूं, और मैं सभी का पूरा समर्थन करती हूं। यह घटना अवंती वेस्ट कोस्ट ट्रेन में एक अन्य नस्लवादी टकराव के कुछ ही दिनों बाद हुई, जहां एक महिला ने नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) के डेंटिस्ट से कहा था कि अपने देश वापस जाओ। घटना के एक वीडियो में महिला को एनएचएस डेंटिस्ट पर नस्लवादी टिप्पणी करते हुए नजर आई। महिला साथी यात्री को मोरक्को या ट्यूनीशिया वापस जाने के लिए कह रही थी। इन लगातार घटनाओं ने यू.के. में सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती असहिष्णुता और नस्लीय दुर्व्यवहार के बारे में नई चिंताएँ पैदा कर दी हैं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 10:49:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस के नियंत्रण में आ सकता है यूक्रेन : डोनाल्ड ट्रंप ने यह क्या कह दिया ?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-क-नयतरण-म-आ-सकत-ह-यकरन-डनलड-टरप-न-यह-कय-कह-दय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-क-नयतरण-म-आ-सकत-ह-यकरन-डनलड-टरप-न-यह-कय-कह-दय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 12 फरवरी । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन किसी दिन रूस के नियंत्रण में आ सकता है। उन्होंने युद्ध प्रभावित देश से अमेरिकी सहायता के बदले में अपने प्राकृतिक संसाधनों को साझा करने की बात कही। ट्रंप ने सोमवार को फॉक्स न्यूज को बताया कि उन्होंने कीव से कहा था कि उन्हें 500 बिलियन डॉलर की दुर्लभ पृथ्वी तत्व (विशेष धातुओं का एक समूह) चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेनी अधिकारियों ने प्रस्ताव पर मूल रूप से सहमति जताई थी। यूएस प्रेसिडेंट ने कहा कि यूक्रेन के पास दुर्लभ मिट्टी, तेल और गैस, अन्य चीजों के मामले में बहुत मूल्यवान भूमि है। ट्रंप ने कहा, मैं चाहता हूँ कि हमारा पैसा सुरक्षित रहे क्योंकि हम सैकड़ों अरब डॉलर खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा, वे सौदा कर सकते हैं, वे सौदा नहीं भी कर सकते हैं। वे किसी दिन रूसी हो सकते हैं, या वे किसी दिन रूसी नहीं भी हो सकते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति रूस यूक्रेन संघर्ष को जल्द खत्म करन की बात कहते आए हैं। उन्होंने पहले इस सप्ताह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मिलने की बात कही थी। सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ट्रंप की ये टिप्पणियाँ क्रेमलिन को खुश करने वाली हैं, जिसने अपने आक्रमण को शुरू करने के बाद से चार यूक्रेनी क्षेत्रों को अवैध रूप से अपने कब्ज़ में ले लिया है। क्रेमलिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणियों को दोहराया। फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके प्रशासन ने रूस और यूक्रेन के बीच संभावित शांति वार्ता के लिए आधार तैयार करने में जबरदस्त प्रगति की है। ट्रंप ने यूक्रेन में अमेरिकी निवेश पर रिटर्न सुनिश्चित करने में अपनी रुचि भी दोहराई, विशेष रूप से देश के संसाधनों के संदर्भ में। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 10:49:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पेरिस में पीएम मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति की मुलाकात, परमाणु ऊर्जा पर की चर्चा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/परस-म-पएम-मद-और-अमरक-उपरषटरपत-क-मलकत-परमण-ऊरज-पर-क-चरच</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/परस-म-पएम-मद-और-अमरक-उपरषटरपत-क-मलकत-परमण-ऊरज-पर-क-चरच</guid>
        <description>वाशिंगटन, 12 फरवरी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पेरिस में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत में अमेरिकी परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी में निवेश को लेकर चर्चा की। पेरिस के बाद पीएम मोदी वाशिंगटन के लिए रवाना होंगे। बैठक में वेंस की भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस और उनके तीन बच्चों में से दो भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने उपराष्ट्रपति के बेटे विवेक को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके परिवार को उपहार भी दिए। यह मुलाकात पेरिस में एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर इस बैठक के बारे में पोस्ट करते हुए इसे शानदार बताया और बताया कि उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत की।

उपराष्ट्रपति वेंस ने भी एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठकर कॉफी पी और दोनों देशों के हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा की। खासतौर पर यह बातचीत इस बारे में थी कि अमेरिका किस तरह स्वच्छ और विश्वसनीय परमाणु ऊर्जा तकनीक के जरिए भारत को अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने में मदद कर सकता है। भारत ने हाल ही में अपने वार्षिक बजट में 2047 तक परमाणु ऊर्जा उत्पादन को 100 गीगावाट तक बढ़ाने की योजना का ऐलान किया है। इसके लिए सरकार परमाणु ऊर्जा अधिनियम और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। यह कानून लंबे समय से विदेशी निवेशकों के लिए एक बाधा बना हुआ है, क्योंकि यह परमाणु दुर्घटनाओं की स्थिति में कंपनियों की जवाबदेही तय करता है। फ्रांस दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी वाशिंगटन डी.सी. के लिए रवाना होंगे, जहां वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात करेंगे।

यह बैठक राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी की पहली व्यक्तिगत मुलाकात होगी। पीएम मोदी पहले विदेशी नेताओं में से एक हैं, जिनका ट्रंप ने अपने नए कार्यकाल के शुरुआती दिनों में स्वागत किया है। दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हैं और इस वार्ता में व्यापार और ऊर्जा को लेकर मुख्य रूप से चर्चा होने की उम्मीद है। बैठक के बाद दोनों देशों की सरकारें एक संयुक्त बयान जारी करेंगी, जिसमें चर्चा किए गए मुद्दों का विवरण होगा। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 10:49:21 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद रूस&amp;यूक्रेन युद्ध को पहले दिन रुकवाने के दावे पर क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-रषटरपत-बनन-क-बद-रस-यकरन-यदध-क-पहल-दन-रकवन-क-दव-पर-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-रषटरपत-बनन-क-बद-रस-यकरन-यदध-क-पहल-दन-रकवन-क-दव-पर-कय-कह</guid>
        <description>डोनाल्ड ट्रंप ने अपने उस पुराने दावे पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद पहले दिन ही रूस- यूक्रेन युद्ध को रुकवा देने की बात की थी.

राष्ट्रपति कार्यालय में ट्रंप से जब पत्रकारों ने इस मुद्दे पर सवाल किया तो उन्होंने कहा, अभी आधा दिन ही गुज़रा है. अभी मेरे पास आधा दिन बचा हुए है. हम देखेंगे कि क्या होता है.

ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, मैं समझता हूं कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की रूस के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करना चाहते हैं.

ज़्यादातर लोग समझते थे कि रूस-यूक्रेन युद्ध एक सप्ताह में ख़त्म हो जाएगा. मैं मानता हूं कि यह युद्ध समाप्त होना ज़ेलेंस्की के लिए बहुत बेहतर होगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 02:19:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हमास ने इसराइल के तीन बंधकों को रिहा किया, इसराइली सेना ने की पुष्टि</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हमस-न-इसरइल-क-तन-बधक-क-रह-कय-इसरइल-सन-न-क-पषट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हमस-न-इसरइल-क-तन-बधक-क-रह-कय-इसरइल-सन-न-क-पषट</guid>
        <description>हमास ने तीन इसराइली बंधकों को रेड क्रॉस के अधिकारियों के ज़रिए इसराइली सेना (आईडीएफ़) को सौंप दिया है, जहां से उन्हें इसराइल लेकर जाया जा रहा है.

इसराइली सेना ने कहा है, तीनों वापस लौटे लोगों को एक विशेष आईडीएफ़ इकाई और शिन बेट सुरक्षा बल वापस इसराइल लेकर जा रहे हैं, जहां उनका शुरुआती तौर पर चिकित्सा मूल्यांकन किया जाएगा.

आईडीएफ़ कमांडर और सैनिक इसराइल लौट रहे लोगों को सलामी देते हैं और गले लगाते हैं.

समाचार एजेंसी एएफ़पी से हमास के एक अधिकारी ने कहा, तीनों महिला बंधकों को आधिकारिक तौर पर पश्चिमी ग़ज़ा शहर के अल-रिमल पड़ोस में अल-सरया स्क्वायर में रेड क्रॉस को सौंप दिया गया है.

यह तब हुआ जब रेड क्रॉस टीम के एक सदस्य ने उनसे मुलाकात की और उनकी भलाई सुनिश्चित की.

युद्धविराम समझौते के तहत बताया गया था कि इसराइल के तीन महिला बंधकों को रिहा किया जाएगा. इनमें 24 साल की रोमी गोनेन, 28 साल की एमिली डमारी और 31 साल की डोरोन स्टीनब्रेचर शामिल हैं.

इन तीन बंधकों के बदले इसराइल 90 फ़लस्तीनी क़ैदियों को रिहा करेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 20 Jan 2025 01:03:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ओहायो के गवर्नर पद का चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं विवेक रामास्वामी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ओहय-क-गवरनर-पद-क-चनव-लडन-क-यजन-बन-रह-ह-ववक-रमसवम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ओहय-क-गवरनर-पद-क-चनव-लडन-क-यजन-बन-रह-ह-ववक-रमसवम</guid>
        <description>वाशिंगटन, 18 जनवरी। भारतीय-अमेरिकी नेता विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर पद का चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। मीडिया में आई अनेक खबरों में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।

रामास्वामी ने इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उम्मीदवारी पेश की थी लेकिन बाद में वह इस दौड़ से हट गए थे।

रामास्वामी को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जे डी वेंस का करीबी माना जाता है। ट्रंप ने उन्हें टेस्ला के मालिक एलन मस्क के साथ मिलकर शासन में सुधार की दिशा में काम करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

वाशिंगटन पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से बताया कि रामास्वामी, ओहायो के गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं जिसकी घोषणा भी वह जल्द कर सकते हैं।

रामास्वामी की इस योजना के बारे में जानकारी रखने वाले उनके एक करीबी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर वाशिंगटन पोस्ट को बताया, वह (रामास्वामी) जल्द ही गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा करेंगे।

उन्हें बताया, घोषणा का मसौदा तैयार है। अगर वह चुने जाते हैं, तो वह ओहायो के गवर्नर माइक डेविन की जगह लेंगे। ओहायो में चुनाव नवंबर 2026 में होने हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 18 Jan 2025 00:58:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइली मंत्रिमंडल ने गाजा में संघर्ष विराम, बंधकों की रिहाई संबंधी समझौते को मंजूरी दी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-मतरमडल-न-गज-म-सघरष-वरम-बधक-क-रहई-सबध-समझत-क-मजर-द</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-मतरमडल-न-गज-म-सघरष-वरम-बधक-क-रहई-सबध-समझत-क-मजर-द</guid>
        <description>यरुशलम, 18 जनवरी। इजराइल के मंत्रिमंडल ने शनिवार को गाजा में संघर्ष विराम के लिए एक समझौते को मंजूरी दे दी, जिससे वहां बंधक बनाए गए दर्जनों लोगों को रिहा किया जा सकेगा और हमास के साथ 15 महीने से जारी लड़ाई रुक जाएगी।

इस समझौते से दोनों पक्ष अपने सबसे घातक और विनाशकारी संघर्ष को समाप्त करने के एक कदम और करीब पहुंच जाएंगे।

मध्यस्थता कर रहे कतर और अमेरिका ने बुधवार को संघर्ष विराम की घोषणा की लेकिन यह समझौता कुछ वक्त के लिए अधर में लटका रहा क्योंकि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि अंतिम समय में कुछ जटिलताएं उत्पन्न हो गईं। उन्होंने इसके लिए आतंकवादी समूह हमास को जिम्मेदार ठहराया।

संघर्ष विराम रविवार से लागू हो जाएगा, हालांकि प्रमुख प्रश्न अब भी बने हुए हैं मसलन पहले चरण में कौन से 33 बंधक रिहा किए जाएंगे और उनमें से कितने अभी जीवित हैं।

मंत्रिमंडल की बैठक यहूदी सब्बाथ की शुरुआत के बाद हुई, जो इस मौके की अहमियत को दर्शाता है। यहूदी कानून के अनुसार, इजराइली सरकार आमतौर पर जीवन या मृत्यु के आपातकालीन मामलों को छोड़कर सब्बाथ में सभी काम रोक देती है।

सब्बाथ का अर्थ होता है सप्ताह का सातवां दिन जो शुक्रवार शाम से शनिवार शाम तक यहूदियों और कुछ ईसाइयों द्वारा विश्राम और पूजा के दिन के रूप में मनाया जाता है।

नेतन्याहू ने एक विशेष कार्य बल को गाजा से लौटने वाले बंधकों को लेने के लिए तैयारी करने का निर्देश दिया और कहा कि उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है कि समझौता हो गया है।

संघर्ष विराम के दौरान सैकड़ों फलस्तीनी बंदियों को भी रिहा किया जाना है, तथा बड़े पैमाने पर तबाह हुए गाजा में मानवीय सहायता में वृद्धि होनी चाहिए।

इजराइल के न्याय मंत्रालय ने रिहा किए जाने वाले 95 फलस्तीनी कैदियों की सूची प्रकाशित की और कहा कि रिहाई रविवार को स्थानीय समयानुसार शाम चार बजे से पहले शुरू नहीं होगी। सूची में शामिल सभी लोग युवा या महिला हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 18 Jan 2025 00:58:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स का स्टारशिप टेस्ट हुआ फेल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-कपन-सपस-एकस-क-सटरशप-टसट-हआ-फल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-कपन-सपस-एकस-क-सटरशप-टसट-हआ-फल</guid>
        <description>अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स का स्टारशिप रॉकेट मिशन फेल हो गया है.

स्पेस एक्स ने बताया है कि गुरुवार को उड़ान भरने के बाद ही दिक्कतें पेश आने लगी थीं. इसके बाद मिशन का अपर स्टेज चरण पूरा नहीं हो पाया.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डाले गए पोस्ट में स्पेस एक्स ने कहा है, एसेंट बर्न के समय स्टारशिप में समस्या आई थी. इस उड़ान से जुड़े डेटा का टीम अध्ययन करेगी ताकि समस्या के मूल कारण को बेहतर ढंग से समझा जा सके

सोशल मीडिया पर दिख रहे एक अपुष्ट वीडियो में रॉकेट को आग में जलते देखा जा सकता है.

एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर लॉन्च के बाद का वीडियो जारी करते हुए लिखा है, सफलता अनिश्चित है, लेकिन मनोरंजन की गारंटी है.

उन्होंने यह भी कहा है कि शिप और बूस्टर का पहले से बेहतर वर्जन लॉन्च का इंतज़ार कर रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 17 Jan 2025 00:49:50 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सदर्न कैलिफोर्निया में हवाएं तेज होने के बाद जंगल में आग की नयी चेतावनी जारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सदरन-कलफरनय-म-हवए-तज-हन-क-बद-जगल-म-आग-क-नय-चतवन-जर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सदरन-कलफरनय-म-हवए-तज-हन-क-बद-जगल-म-आग-क-नय-चतवन-जर</guid>
        <description>लॉस एंजिलिस, 15 जनवरी। सदर्न कैलिफोर्निया में रहने वाले लाखों लोगों के लिए मंगलवार को जंगल में आग की नयी चेतावनी जारी की गई, वहीं हजारों लोगों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई।

लॉस एंजिलिस में एक सप्ताह में दो बार जंगल में आग भड़क चुकी है और आसपास के इलाकों में फिर से तेज हवाएं चलने के कारण आग के और भड़कने की आशंका है।

सूर्योदय से पहले पर्वतीय इलाकों में बहने वाली सांता एना हवाओं के और तेज होने का पूर्वानुमान है जिससे आग के फिर से भड़कने की आशंका है। आग में अब तक 24 लोग मारे जा चुके हैं।

लॉस एंजिलिस शहर की अग्निशमन प्रमुख क्रिस्टिन क्राउली ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली, विनाशकारी और तेज हवाएं पहले से ही चल रही हैं।

सदर्न कैलिफोर्निया का अधिकांश हिस्सा आग से प्रभावित है। सैन डिएगो से लेकर लॉस एंजिलिस के सुदूर उत्तरी भाग तक 482 किलोमीटर के क्षेत्र में कर्मचारी हाई अलर्ट पर हैं।

पूर्वानुमान करने वाले अधिकारियों ने कहा कि सबसे बड़ा खतरा लॉस एंजिलिस के उत्तर में अंतर्देशीय क्षेत्रों में है, जिसमें घनी आबादी वाले थाउजेंड ओक्स, नॉर्थरिज और सिमी वैली शामिल हैं जहां 3,00,000 से अधिक लोग रहते हैं।

लगभग 90,000 घरों की बिजली गुल है, क्योंकि बिजली कंपनियों ने आग भड़कने की आशंका के मद्देनजर बिजली आपूर्ति बंद कर दी है।

स्थानीय निवासियों को किसी भी अनहोनी से बचने के लिए सतर्क रहने, बाहर के माहौल, आसमान पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है और सूचना मिलते ही जगह खाली करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

वहीं, पुलिस ने लूटपाट, आग वाले इलाकों में ड्रोन उड़ाने, कर्फ्यू का उल्लंघन करने और अन्य अपराधों के लिए लगभग 50 लोगों को गिरफ्तार किया है। लॉस एंजिलिस पुलिस के प्रमुख जिम मैकडॉनेल ने बताया कि इनमें से तीन लोगों को आगजनी के संदेह में गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को छोटी-मोटी आग लगाते हुए देखा गया था, जिसे तुरंत बुझा दिया गया।

मौसम विज्ञानी एरियल कोहेन ने कहा कि शाम को और बुधवार को हवाओं के तेज होने और फिर इनके मंद होने का अनुमान है। मध्य कैलिफोर्निया से लेकर मैक्सिको की सीमा तक बुधवार तक के लिए उच्च स्तर की चेतावनियां जारी रहेंगी।

लॉस एंजिलिस की मेयर कैरेन बास ने कहा कि उन्होंने आग से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।

लॉस एंजिलिस काउंटी के अग्निशमन प्रमुख एंथनी मैरोन ने चेतावनी दी कि अगर हवा की गति 112 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हुई तो आग पर काबू पाना और मुश्किल हो जाएगा।

इस संकट के कारण हॉलीवुड में होने वाले कई पुरस्कार समारोहों को आगे के लिए टाल दिया गया है। ऑस्कर के लिए नामांकन दो बार टाला गया और संभावित तिथि की घोषणा किए बिना कुछ संगठनों ने भी अपने पुरस्कार समारोहों को टाल दिया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 15 Jan 2025 00:54:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण अफ्रीका में खदान में फंसने से कम से कम 100 खनिकों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-अफरक-म-खदन-म-फसन-स-कम-स-कम-100-खनक-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-अफरक-म-खदन-म-फसन-स-कम-स-कम-100-खनक-क-मत</guid>
        <description>जोहानिसबर्ग, 14 जनवरी। दक्षिण अफ्रीका में सोने की एक खदान में अवैध रूप से खनन का काम कर रहे कम से कम 100 खनिकों की मौत हो गई। खनिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक समूह ने सोमवार को यह जानकारी दी।

खदान खाली पड़ी थी, ये खनिक कई महीनों तक खदान की गहराई में अंदर तक फंसे रहे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें बाहर निकालने का काफी प्रयास किया।

माइनिंग अफेक्टेड कम्युनिटीज यूनाइटेड इन एक्शन ग्रुप के प्रवक्ता सबेलो मंगुनी ने एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को बताया कि शुक्रवार को बचाए गए कुछ खनिकों के पास मिले मोबाइल फोन में दो वीडियो थे, जिनमें प्लास्टिक में लिपटे काफी शव जमीन के नीचे पड़े दिख रहे दे रहे थे।

मंगुनी ने कहा कि उत्तर पश्चिमी प्रांत की खदान में कम से कम 100 लोगों की मौत हो गई है, जहां पुलिस ने खनिकों को बाहर निकालने के लिए नवंबर में पहली बार अभियान चलाया था।

मंगुनी ने कहा कि संदेह है कि उनकी मौत भूख या शरीर में पानी की कमी के कारण हुई है।

उन्होंने कहा कि शुक्रवार से अब तक 18 शव निकाले जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को समुदाय द्वारा चलाए गए अभियान में नौ शव बरामद किए गए।

मंगुनी ने बताया कि सोमवार को अधिकारियों द्वारा चलाए गए आधिकारिक अभियान में नौ अन्य शवों को निकाला गया और 26 लोगों को जीवित बाहर निकाला गया।

पुलिस के प्रवक्ता ब्रिगेडियर सेबाटा मोकग्वाबोन ने कहा कि उन्होंने सोमवार को नया बचाव अभियान शुरू किया, हालांकि वे अब भी इस बात की पुष्टि करने में लगे हैं कि कितने शव बरामद किए गए हैं और कितने जीवित लोगों को बाहर निकाला गया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 14 Jan 2025 01:16:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका: जंगल की आग में अब तक 26 लोगों की मौत, आग पर काबू पाने की कवायद तेज</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-जगल-क-आग-म-अब-तक-26-लग-क-मत-आग-पर-कब-पन-क-कवयद-तज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-जगल-क-आग-म-अब-तक-26-लग-क-मत-आग-पर-कब-पन-क-कवयद-तज</guid>
        <description>लॉस एंजिलिस (अमेरिका), 13 जनवरी। अमेरिका के पश्चिमी तटीय लॉस एंजिलिस क्षेत्र में जंगल में लगी आग में मरने वालों की संख्या 24 हो गई है और हजारों घर तबाह हो गए।

मौसम विज्ञानियों ने इस सप्ताह हवाओं के और तेज होने के पूर्वानुमान जताया है जिसके मद्देनजर अग्निशमन दल ने आग बुझाने की कवायद तेज कर दी है।

अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 16 लोग लापता हैं और इनकी संख्या बढ़ सकती है।

राष्ट्रीय मौसम सेवा ने बुधवार तक भीषण आग की स्थिति के लिए उच्च श्रेणी की चेतावनी जारी की है। राष्ट्रीय मौसम सेवा ने क्षेत्र में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है और पर्वतीय क्षेत्रों में हवा की गति 113 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है।

मौसम विज्ञानी रिच थॉम्पसन ने कहा कि मंगलवार को आग के और प्रचंड होने की आशंका रहेगी।

लॉस एंजिलिस काउंटी के अग्निशमन प्रमुख एंथनी सी मारोन ने कहा कि आग बुझाने की कवायद में तेजी लाने के लिए पानी के 70 अतिरिक्त ट्रक पहुंचे हैं।

लॉस एंजिलिस काउंटी के शेरिफ रॉबर्ट लूना ने कहा कि ईटॉन क्षेत्र में आग लगने की घटना में 12 लोगों के लापता होने की सूचना है और पैलिसेड्स से चार लोग लापता हैं।

लूना ने कहा कि रविवार सुबह कई और लोगों के लापता होने की सूचना मिलने की आशंका है और अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि जिन लोगों की अब तक मौत हो चुकी है उनमें से ऐसे लोग कितने हैं जिनके लापता होने की सूचना दर्ज की गई है।

इस बीच, मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। लॉस एंजिलिस काउंटी कोरोनर के कार्यालय ने रविवार शाम एक बयान में कहा कि पैलिसेड्स क्षेत्र में आग के कारण आठ लोगों की जान चली गई जबकि ईटॉन क्षेत्र में आग के कारण 16 लोगों की मौत हो गई है।

अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है। अधिकारियों ने एक केंद्र स्थापित किया है जहां लापता लोगों की सूचना दर्ज कराई जा सकती है।

अधिकारी आग में क्षतिग्रस्त हुए या तबाह हुए घरों का ऑनलाइन आंकड़ा तैयार कर रहे हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 13 Jan 2025 00:50:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोनाल्ड ट्रंप की अपील ख़ारिज, हश मनी मामले में सज़ा पर नहीं लगी रोक</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-क-अपल-खरज-हश-मन-ममल-म-सज-पर-नह-लग-रक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-क-अपल-खरज-हश-मन-ममल-म-सज-पर-नह-लग-रक</guid>
        <description>-केयला एपस्टाइन

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप पर हश मनी मामले में शुक्रवार को होने वाली सज़ा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया था कि क्या वो खुद पर हो रही सज़ा को रोक सकते हैं? इस पर सु्प्रीम कोर्ट के जजों ने 5-4 से फैसला सुनाते हुए ट्रंप के अनुरोध को खारिज कर दिया.

डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2016 में अडल्ट फ़िल्म स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को चुप रहने के लिए एक लाख तीस हज़ार डॉलर दिए थे. इसे छिपाने के लिए ट्रंप को रिकॉर्ड में हेराफेरी करने का दोषी पाया गया था.

इस मामले की सुनवाई करने वाले जस्टिस जुआन मर्चन ने संकेत दिए हैं कि वो ट्रंप को जेल की सज़ा देने पर विचार नहीं करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने गुरुवार शाम को पत्रकारों से कहा कि यह अपमानजनक था, लेकिन वास्तव में यह एक उचित फैसला था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 00:41:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लॉस एंजेलिस में लगी आग कहां तक फैली? अब तक कितना हुआ नुकसान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-म-लग-आग-कह-तक-फल-अब-तक-कतन-हआ-नकसन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-म-लग-आग-कह-तक-फल-अब-तक-कतन-हआ-नकसन</guid>
        <description>अमेरिका के लॉस एंजेलिस के जंगलों में लगी आग लगातार बढ़ती जा रही है. आग ने कई इलाक़ों को अपने चपेट में ले लिया है.

अमेरिका के अधिकारियों के मुताबिक़ आग से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है.

यह आग लॉस एंजेलिस के जिन इलाक़ों में फैली है उनमें पैलिसाइड्स, ईटन, हर्स्ट, लिडिआ और कैनेथ शामिल हैं.

इन पांचों इलाक़ों में पैलिसाइड्स में सबसे ज़्यादा आग फैली हुई है. पैसिफ़िक पैलिसाइड्स में आग की चपेट में लगभग 20 हज़ार एकड़ का क्षेत्र आ चुका है. अब तक मात्र छह प्रतिशत आग पर काबू पाया गया है.

ईटन में लगी आग की वजह से ऑल्टाडेना और पैसाडेना में लगभग 14 हज़ार एकड़ का इलाका जल रहा है. यहां की आग पर एक भी प्रतिशत काबू नहीं पाया जा सका है.

जिन पांच इलाक़ों में आग फैली है उनमें से कैनेथ सबसे नया है. कैलिफोर्निया के वेस्ट हिल्स में लॉस एंजिलेस और वेंचुरा काउटी का 960 एकड़ का क्षेत्र आग से प्रभावित हुआ है. आग पर एक भी प्रतिशत काबू नहीं पाया जा सका है.

हर्स्ट के सिलमार में 700 एकड़ के इलाके में फ़ायर फ़ाइटर्स आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं. अब तक 10 प्रतिशत आग पर काबू पाया जा चुका है.

लिडिआ में फ़ायर फ़ाइटर्स ने 60 प्रतिशत आग पर काबू पा लिया है. यहां एक्टन शहर में करीब 400 एकड़ का क्षेत्र आग से प्रभावित है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 00:41:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका : लॉस एंजिल्स के जंगलों की भयानक आग 10 हजार एकड़ में फैली, 5 की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/los-angeles</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/los-angeles</guid>
        <description>los angeles</description>
        <pubDate>Thu, 09 Jan 2025 01:59:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण कोरिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिकित्सा सुधार पर बातचीत की उम्मीद जताई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/south-korea</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/south-korea</guid>
        <description>south korea</description>
        <pubDate>Thu, 09 Jan 2025 01:59:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>‘अगर गाजा में बंधक बनाए गए लोगों को रिहा नहीं किया गया तो कहर टूटेगा’: ट्रंप की हमास को चेतावनी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अगर-गज-म-बधक-बनए-गए-लग-क-रह-नह-कय-गय-त-कहर-टटग-टरप-क-हमस-क-चतवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अगर-गज-म-बधक-बनए-गए-लग-क-रह-नह-कय-गय-त-कहर-टटग-टरप-क-हमस-क-चतवन</guid>
        <description>वाशिंगटन, 8 जनवरी अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को अगर उनके शपथ ग्रहण तक रिहा नहीं किया गया तो पश्चिम एशिया पर कहर टूटेगा।

ट्रंप ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि यदि बंधक बनाए गए लोगों को रिहा नहीं किया गया तो वह क्या कार्रवाई करेंगे।

हमास ने सात अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हमला करके बड़ी संख्या में लोगों को बंधक बना लिया था। अधिकारियों का कहना है कि अब भी लगभग 100 लोग हमास के कब्जे हैं जिनमें कुछ अमेरिकी नागरिक भी हैं।

अधिकारियों का यह भी मानना है कि बंधक बनाए गए लोगों में से कई की अब तक मौत हो गई होगी।

ट्रंप ने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में संवाददाताओं से कहा,  अगर बंधक वापस नहीं आए तो सब कुछ बिगड़ जाएगा। मैं आपकी बातचीत को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता, अगर वे मेरे पदभार ग्रहण करने तक वापस नहीं आए तो पश्चिम एशिया में सब कुछ बिगड़ जाएगा।

वह अमेरिकी बंधकों की रिहाई पर हमास के साथ वार्ता की स्थिति पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

ट्रंप ने हमास को 20 जनवरी तक सभी बंधकों को रिहा करने की चेतावनी दी।

उन्होंने कहा,  यह हमास के लिए अच्छा नहीं होगा और सच कहूं तो यह किसी के लिए भी अच्छा नहीं होगा। सब कुछ बर्बाद हो जाएगा। मुझे और कुछ कहने की ज़रूरत नहीं है लेकिन ऐसा ही है। उन्हें बहुत पहले ही बंधकों को रिहा कर देना चाहिए था। सात अक्टूबर जैसा हमला कभी नहीं होना चाहिए था..।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 08 Jan 2025 05:23:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शेख हसीना का पासपोर्ट रद्द कर भी क्या करेगा बांग्लादेश, जब वीजा की अवधि बढ़ा रहा भारत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शख-हसन-क-पसपरट-रदद-कर-भ-कय-करग-बगलदश-जब-वज-क-अवध-बढ-रह-भरत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शख-हसन-क-पसपरट-रदद-कर-भ-कय-करग-बगलदश-जब-वज-क-अवध-बढ-रह-भरत</guid>
        <description>नई दिल्ली, 8 जनवरी । भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वीजा अवधि को बड़ा दिया है। वह पिछले साल अगस्त से भारत में रह रही हैं। इस बीच खबर है कि बांग्लादेश ने उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया है। हालांकि वीजा अवधि बढ़ने से हसीना के लिए अधिक समय तक भारत में रहने का रास्ता साफ हो गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार, भारत से पूर्व पीएम के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। यूनुस सरकार हसीना और उनकी बांग्लादेश आवाम पार्टी (बीएएल) पर शिकंजा कसने की पूरी कोशिश कर रही है। सरकार ने पूर्व पीएम और उनके प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने इस दावे को खारिज कर दिया कि हसीना को देश में शरण दी गई है और वह सामान्य रूप से देश में रह रही हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत उन्हें शरण नहीं दे सकता क्योंकि भारत के पास कोई शरण नीति नहीं है और इसलिए किसी को भी शरण देने की कोई व्यवस्था नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि हसीना के वीजा का विस्तार नियमित चैनलों के माध्यम से हुआ है और जहां तक ​​प्रत्यर्पण अनुरोध का सवाल है तो यूनुस शासन ने प्रमुख औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं, इसलिए भारत सरकार द्वारा उनकी मांग पर प्रतिक्रिया देने की संभावना नहीं है। पूर्व पीएम और आवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना को पिछले साल अगस्त में छात्र आंदोलन से उभरे आक्रोश के बाद सत्ता छोड़कर भारत भागना पड़ा था। इस बीच बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया मंगलवार को इलाज के लिए लिए लंदन रवाना हो गईं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का कहना है कि उनकी नेता की यात्रा मेडिकल कारणों से हो रही है और इसके राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाए। हालांकि राजनीतिक उथल पुथल के दौर में जिया की विदेश यात्रा कई सवाल खड़ी करती है। सबसे अहम बात यह है कि देश की राजनीति पर कई दशकों तक हावी रहीं दो शीर्ष नेता अब विदेश में है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 08 Jan 2025 05:23:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बर्फ़ीले तूफ़ान की चेपट में अमेरिका, सात राज्यों में इमरजेंसी की घोषणा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरफल-तफन-क-चपट-म-अमरक-सत-रजय-म-इमरजस-क-घषण</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरफल-तफन-क-चपट-म-अमरक-सत-रजय-म-इमरजस-क-घषण</guid>
        <description>अमेरिका में भीषण बर्फ़ीले तूफ़ान के कारण क़रीब 6 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं और कई प्रांतों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है.

केंटकी, वर्जीनिया, वेस्ट वर्जीनिया, कैनसास, अरकनसां , न्यूजर्सी और मिसूरी समेत कई राज्यों ने इमरजेंसी घोषित की है.

इन राज्यों के लगभग सभी हाईवे पर बर्फ जमा होने के कारण इन्हें बंद कर दिया गया है. प्रशासन ने सड़क मार्ग का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी है. हज़ारों उड़ानों को रद्द करना पड़ा है और स्कूलों को बंद कर दिया गया है.

भारी बर्फबारी और न्यूनतम तापमान का बीते एक दशक का रिकॉर्ड टूट गया है.

कैनसास और मिसूरी अभी सबसे अधिक प्रभावित हैं. यहां कुछ इलाकों में रविवार को दोपहर बाद से 10 इंच तक बर्फबारी हुई है.

कैनसास के अधिकारी ब्रायन प्लाट ने कहा, पिछले 32 सालों में मैंने 10 इंच से अधिक बर्फबारी नहीं देखी है.

मौसम विभाग के अनुसार, देश के मध्य से लेकर पूर्वी तट के लगभग 30 अमेरिकी राज्यों में हालात गंभीर होने की आशंका है.

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ख़राब मौसम का कारण ध्रुवीय भंवर (आर्कटिक के चारो ओर ठंडी हवाओं का बहाव) है.

वॉशिंगटन डीसी और फ़िलाडेल्फिया समेत कई बड़े शहरों के भारी बर्फबारी की चपेट में आने की आशंका है.

मौसम विभाग ने कहा है कि सोमवार से खराब मौसम से राहत मिलने की उम्मीद है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 06 Jan 2025 01:53:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हश मनी केस : ट्रंप को सुनाई जाएगी सजा लेकिन नहीं जाना पड़ेगा जेल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हश-मन-कस-टरप-क-सनई-जएग-सज-लकन-नह-जन-पडग-जल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हश-मन-कस-टरप-क-सनई-जएग-सज-लकन-नह-जन-पडग-जल</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 4 जनवरी । डोनाल्ड ट्रंप को हश मनी केस में 10 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। उन्हें एक पोर्न स्टार को पैसे देकर चुप रहने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। हालांकि जज ने संकेत दिया की ट्रप को जेल या अन्य दंड का सामना नहीं करना पड़ेगा। न्यूयॉर्क के न्यायाधीश जुआन मर्चेन ने संकेत दिया कि वह ट्रंप को जेल की सजा नहीं सुनाएंगे और न ही उन्हें पर जुर्माना लगाएंगे, बल्कि उन्हें बिना शर्त बरी करेंगे। उन्होंने अपने आदेश में लिखा कि निर्वाचित राष्ट्रपति सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से या वर्चुअल रूप से पेश हो सकते हैं। बता दें डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने वाले हैं।

निर्वाचित राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर जज के आदेश को अवैध राजनीतिक हमला बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि मामला एक धांधली के अलावा कुछ नहीं है। मर्चेन ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत के कारण मामले को खारिज करने के ट्रंप के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए सजा के लिए अपनी योजना की घोषणा की। ट्रंप के बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया था कि राष्ट्रपति पद के दौरान उनके ऊपर मामले का लटका रहना उनके शासन करने की क्षमता को बाधित करेगा। मर्चेन ने उस तर्क को खारिज करते हुए लिखा कि जूरी के फैसले को दरकिनार करना कानून के शासन को अथाह तरीकों से कमजोर करेगा। सजा सुनाए जाने के बाद ट्रंप के लिए अपील का रास्ता साफ हो जाएगा।

मर्चेन ने अपने फैसले में माना कि ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपील करने का इरादा रखते हैं। बता दें ट्रंप पर एक पोर्न स्टार को किए गए भुगतान को कानूनी खर्च के रूप में अकाउंट बुक्स में दिखाकर कानून का उल्लंघन करने का आरोप था। भुगतान ट्रंप के वकील के माध्यम से स्टॉर्मी डेनियल को किया गया था ताकि वह रिपब्लिबकन नेता के साथ अपने यौन संबंध के बारे में खामोश रहें। राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के खिलाफ़ चुनाव लड़ने वाली उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और उनके समर्थकों ने इसे एक प्रमुख मुद्दा बनाया, लेकिन मतदाताओं ने इसे नजरअंदाज कर दिया। वहीं चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने खुद को राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियोगों से पीड़ित एक शहीद के रूप में पेश किया। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 04 Jan 2025 03:44:50 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका : भारत लाए जाने से बचने के लिए 26/11 हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की आखिरी कोशिश</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-भरत-लए-जन-स-बचन-क-लए-2611-हमल-क-आरप-तहववर-रण-क-आखर-कशश</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-भरत-लए-जन-स-बचन-क-लए-2611-हमल-क-आरप-तहववर-रण-क-आखर-कशश</guid>
        <description>वाशिंगटन, 4 जनवरी। मुंबई 26/11 हमले का आरोपी तहव्वुर राणा भारत में प्रत्यर्पण से बचने के लिए आखिरी कोशिश की है। उसके वकील जोशुआ एल. ड्रेटल ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। अपील में तर्क दिया गया है कि प्रत्यर्पण दोहरे खतरे के सिद्धांत का उल्लंघन होगा, जो एक ही अपराध के लिए दो बार मुकदमा चलाने से बचाता है। अमेरिकी शीर्ष अदालत इस मामले पर 17 जनवरी को सुनवाई करेगी। लंबी कानूनी लड़ाई हारने के बाद, राणा ने 13 नवंबर को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिक दायर की थी। अमेरिकी सॉलिसिटर जनरल एलिजाबेथ बी प्रीलोगर ने 16 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट से राणा की याचिका को खारिज करने की अपील की।

राणा के वकील ने 23 दिसंबर को अपने जवाब में अमेरिकी सरकार की सिफारिश को चुनौती दी। उसने सप्रीम कोर्ट से याचिका स्वीकारने की अपील की। पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक और वर्तमान में लॉस एंजिल्स की जेल में बंद राणा पर 2008 के मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली से जुड़े होने का आरोप है। बता दें 26 नवंबर 2008 की रात को 10 आतंकवादियों ने मुंबई में कई स्थानों पर एक साथ हमला किया था। उन्होंने दो पांच सितार होटलों, एक अस्पताल, रेलवे स्टेशनों और एक यहूदी केंद्र को निशाना बनाया। हमले में 9 आतंकियों समेत 175 लोगों की मौत हुई थी। हमले में शामिल एक आतंकी अजमल कसाब को गिरफ्तार कर लिया गया जिसे 21 नवंबर, 2012 को पुणे के यरवडा जेल में फांसी दे दी गई। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 04 Jan 2025 03:44:50 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>न्यू ऑरलियंस का हमलावर आईएसआईएस का कट्टर समर्थन था, अकेले ही हमले को अंजाम दिया: बाइडन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नय-ऑरलयस-क-हमलवर-आईएसआईएस-क-कटटर-समरथन-थ-अकल-ह-हमल-क-अजम-दय-बइडन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नय-ऑरलयस-क-हमलवर-आईएसआईएस-क-कटटर-समरथन-थ-अकल-ह-हमल-क-अजम-दय-बइडन</guid>
        <description>वाशिंगटन, 3 जनवरी। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि न्यू ऑरलियंस में नए साल के स्वागत का जश्न मना रहे लोगों पर हमला करने वाले व्यक्ति शम्सुद्दीन जब्बार ने अकेले ही इस घटना को अंजाम दिया और इस बात के संकेत मिले हैं कि वह आईएसआईएस का कट्टर समर्थक था।

अमेरिका के न्यू ऑरलियंस में बुधवार तड़के नए साल के स्वागत का जश्न उस वक्त त्रासदी में बदल गया जब जब्बार ने जश्न मना रहे लोगों पर पिकअप ट्रक चढ़ा दिया। इस घटना में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 35 अन्य घायल हो गए।

संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने कहा कि वह मामले में आतंकवादी हमले के पहलू से जांच कर रही है। आरोपी टेक्सास राज्य का 42 वर्षीय पूर्व सैनिक था और वह स्थानीय पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया।

बाइडन ने संवाददाताओं से कहा, एफबीआई ने आज मुझे बताया कि हमें अभी तक इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि हमले में कोई और शामिल था। उन्हें पता चला है कि हमलावर वही व्यक्ति था जिसने भीड़ में अपनी गाड़ी घुसाने से कुछ घंटे पहले ही फ्रेंच क्वार्टर में दो नजदीकी जगहों पर आइस कूलर में विस्फोटक रखे थे।

बाइडन ने कहा, उनका अनुमान है कि उसके वाहन में इन दो कूलर को उड़ाने के लिए रिमोट डेटोनेटर था।

उन्होंने कहा, हमलावर ने हमले से कुछ घंटे पहले ही कई वीडियो पोस्ट किए थे, जिनसे पता चलता है कि वह आईएसआईएस का कट्टर समर्थक था।

उन्होंने कहा कि संघीय कानून प्रवर्तन और खुफिया समुदाय मामले की सक्रिय जांच कर रहे हैं।

बाइडन ने बृहस्पतिवार दोपहर कैंप डेविड से लौटने के तुरंत बाद अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक की। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि न्यू ऑरलियंस में हुए हमले और लॉस वेगास में हुए विस्फोट के बीच कोई संबंध है या नहीं।

अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लॉस वेगास स्थित होटल के बाहर बुधवार को टेस्ला साइबरट्रक में विस्फोट हो जाने से उसमें सवार एक संदिग्ध व्यक्ति की मौत हो गई थी।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 03 Jan 2025 01:43:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण कोरिया में भारी हंगामा, राष्ट्रपति को गिरफ़्तार करने उनके घर पहुंची पुलिस</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-म-भर-हगम-रषटरपत-क-गरफतर-करन-उनक-घर-पहच-पलस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-म-भर-हगम-रषटरपत-क-गरफतर-करन-उनक-घर-पहच-पलस</guid>
        <description>दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति यून सुक-योल को उनके आवास पर गिरफ़्तार करने पहुंची पुलिस टीम उन तक पहुंच नहीं पा रही है.

उनके समर्थक बड़ी संख्या में इस गिरफ़्तारी का विरोध करने के लिए जुटे हुए हैं.

प्रेसिडेंशियल सिक्योरिटी फोर्स पुलिस को राष्ट्रपति यून तक पहुंचने से रोक रही है.

दरअसल यून ने 3 दिसंबर की रात अचानक से मार्शल लॉ की घोषणा कर दी थी. इसका देश भर में खूब विरोध हुआ.

राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाया गया और फिर उनके ख़िलाफ़ इस हफ्ते की शुरुआत में गिरफ़्तारी वारंट जारी हुआ.

यून को राष्ट्रपति की शक्तियों का दुरुपयोग और विद्रोह को उकसाने के मामले में जांच कर रहे अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए समन भेजा गया था. लेकिन उन्होंने इसका जवाब देने से इनकार कर दिया.

अब करीब 20 पुलिस अधिकारियों की टीम यून सुक-योल को गिरफ़्तार करने उनके घर पहुंची है.

राष्ट्रपति के वकील का कहना है कि वो इस गैरक़ानूनी गिरफ़्तारी वारंट को चुनौती देंगे.

14 दिसंबर को सांसदों ने उन पर महाभियोग चलाने के लिए मतदान किया था. इसके बाद यून को उनके कर्तव्यों से निलंबित कर दिया गया.

लेकिन उन्हें देश की संवैधानिक अदालत के फ़ैसले के बाद ही पद से हटाया जा सकता है.

इस बीच उत्तर कोरिया की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है. वहां के सरकारी मीडिया ने कहा है कि दक्षिण कोरिया में राजनीतिक अराजकता की स्थिति बनी हुई है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 03 Jan 2025 01:43:25 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका: व्यक्ति ने नए साल का जश्न मना रहे लोगों की भीड़ पर ट्रक चढ़ाया; 15 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-वयकत-न-नए-सल-क-जशन-मन-रह-लग-क-भड-पर-टरक-चढय-15-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-वयकत-न-नए-सल-क-जशन-मन-रह-लग-क-भड-पर-टरक-चढय-15-लग-क-मत</guid>
        <description>न्यू ऑरलियंस (अमेरिका), 2 जनवरी। अमेरिका के न्यू ऑरलियंस में इस्लामिक स्टेट से प्रेरित एक चालक ने नए साल का जश्न मना रहे लोगों की भीड़ पर ट्रक चढ़ा दिया। इस घटना में 15 लोगों की मौत हो गई।

आरोपी के पिकअप ट्रक पर इस्लामिक स्टेट का झंडा लगा था और वह पुलिस की नाकाबंदी से बचकर निकलने का प्रयास कर रहा था। इसी कोशिश में उसने जश्न मना रहे लोगों को टक्कर मार दी। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे मार गिराया।

संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने कहा कि वह न्यू ऑरलियंस के मशहूर फ्रेंच क्वार्टर में बुधवार सुबह हुए हमला मामले में आतंकवादी हमले के पहलू से जांच कर रही है और उसका मानना है कि चालक ने अकेले इस घटना को अंजाम नहीं दिया।

जांच अधिकारियों को आरोपी के पास से बंदूकें मिली हैं और वाहन में विस्फोटक सामग्री भी थी। साथ ही जांच अधिकारियों को प्रसिद्ध फ्रेंच क्वार्टर में अन्य जगह भी कुछ उपकरण मिले।

राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार शाम कहा कि एफबीआई को घटना से संबंधित वीडियो मिले हैं जिसे चालक ने हमले से कुछ घंटे पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोपी ने कहा था कि वह इस्लामिक स्टेट समूह से प्रेरित है और वह लोगों का कत्लेआम करना चाहता है।

इस हिंसा के कारण जश्न में डूबे बॉर्बन स्ट्रीट पर मातम पसर गया, जहां सिर्फ घायलों की चीख पुकार, खून से लथपथ शव और जान बचाने के लिए नाइटक्लबों एवं रेस्तराओं की ओर से भागते लोग दिखे। घटना में कई लोग घायल हुए। पास के सुपरडोम में एक कॉलेज फुटबॉल प्लेऑफ खेल बृहस्पतिवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

न्यू ऑरलियंस की पुलिस अधीक्षक एनी किर्कपैट्रिक ने कहा, यह सिर्फ आतंकवादी कृत्य नहीं है। यह खौफनाक है।

किर्कपैट्रिक ने कहा कि चालक ने पैदल यात्रियों के लिए किए गए सुरक्षा उपायों को ध्वस्त कर दिया और हर तरफ तोड़-फोड़ मचा दी, जिससे लोग दहशत में आ गए।

एफबीआई ने चालक की पहचान टेक्सास से अमेरिकी नागरिक शमसुद्दीन जबर (42) के रूप में की है और कहा कि वह आतंकवादी संगठन के साथ जबर के संभावित जुड़ाव की जांच कर रही है।

एफबीआई की प्रभारी सहायक विशेष एजेंट एलेथिया डंकन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, हमारा मानना है कि जबर ने अकेले इस घटना को अंजाम नहीं दिया।

एसोसिएटेड प्रेस को प्राप्त लुइसियाना राज्य पुलिस के खुफिया बुलेटिन के अनुसार, जांच अधिकारियों को कई तरह के विस्फोटक मिले, जिनमें दो पाइप बम भी शामिल हैं। इन्हें कूलरों के भीतर छिपाकर रखा गया था और रिमोट के माध्यम से विस्फोट करने के लिए तार लगाए गए थे।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 02:25:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश: अदालत ने पुजारी चिन्मय की जमानत याचिका खारिज की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-अदलत-न-पजर-चनमय-क-जमनत-यचक-खरज-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-अदलत-न-पजर-चनमय-क-जमनत-यचक-खरज-क</guid>
        <description>ढाका, 2 जनवरी । बांग्लादेश सम्मिलित सनातन जागरण जोत के प्रवक्ता और हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की गुरुवार को चिटगांव कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रोपॉलिटन पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एडवोकेट मोफिजुर हक भुइयां ने कहा कि चटगांव मेट्रोपॉलिटन सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सैफुल इस्लाम ने लगभग 30 मिनट तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के बाद चिन्मय के वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने बताया कि वे जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करने की योजना बना रहे हैं। लगभग 11:40 बजे वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के 11 वकील पुलिस सुरक्षा में दो मिनी बसों में सवार होकर अदालत परिसर से रवाना हो गए।

इससे पहले दिन में वे हाई-प्रोफाइल मामले में चिन्मय का प्रतिनिधित्व करने के लिए सुबह करीब 10:15 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत पहुंचे। उनके प्रयासों के बावजूद, अदालत का फैसला उनकी याचिका के खिलाफ गया। बता दें कि इससे पहले 11 दिसंबर को एक बांग्लादेश की एक अदालत ने दास की प्रारंभिक जमानत याचिका को प्रक्रिया में खामी के कारण खारिज कर दिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, वैध पावर ऑफ अटॉर्नी और वकील की उपस्थिति की कमी के कारण याचिका खारिज की गई थी। मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब दास के वकीलों में से एक सुभाशीष शर्मा सुरक्षा कारणों से 3 दिसंबर की सुनवाई में शामिल नहीं हो सके थे। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 02:25:55 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश : मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने भारतीय उच्चायोग जाकर डॉ. मनमोहन सिंह को दी श्रद्धांजलि</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-मखय-सलहकर-महममद-यनस-न-भरतय-उचचयग-जकर-ड-मनमहन-सह-क-द-शरदधजल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-मखय-सलहकर-महममद-यनस-न-भरतय-उचचयग-जकर-ड-मनमहन-सह-क-द-शरदधजल</guid>
        <description>ढाका, 31 दिसंबर । बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. सिंह का 26 दिसंबर को 92 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में निधन हुआ। प्रोफेसर यूनुस ने ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग का दौरा किया और दिवंगत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने उच्चायोग में शोक पुस्तिका में एक शोक संदेश भी लिखा। भारतीय उच्चायुक्त प्रणय कुमार वर्मा ने सुबह 11:30 बजे बारीधारा स्थित उच्चायोग में मुख्य सलाहकार की मेजबानी की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रोफेसर यूनुस ने उच्चायुक्त से संक्षिप्त बातचीत की और अपने पुराने मित्र मनमोहन सिंह के साथ अपनी यादें साझा कीं। उन्होंने दिवंगत भारतीय प्रधानमंत्री के साथ अपनी दोस्ती को याद करते हुए कहा, वह कितने सरल थे! कितने बुद्धिमान थे!

उन्होंने यह भी कहा कि सिंह ने भारत को वैश्विक आर्थिक दिग्गज बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। इससे पहले शुक्रवार को अपने संदेश में मुख्य सलाहकार ने डॉ. सिंह को अत्यंत विनम्र व्यक्ति, दूरदर्शी नेता और एक राजनेता बताया, जो भारत के लोगों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। मुख्य सलाहकार ने कहा कि दिवंगत प्रधानमंत्री को भारत के आर्थिक परिवर्तन में उनके योगदान के लिए याद किया जाएगा। प्रोफेसर यूनुस ने कहा कि डॉ. सिंह के नेतृत्व ने न केवल भारत के भविष्य को आकार दिया, बल्कि बांग्लादेश और भारत के बीच मैत्री और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के बंधन को मजबूत करने में भी योगदान दिया।

क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में डॉ. मनमोहन सिंह की भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्य सलाहकार ने दिवंगत नेता के नजरिए और क्षेत्रीय शांति, समृद्धि , दक्षिण एशियाई सहयोग को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला। प्रोफेसर यूनुस ने दक्षिण एशियाई देशों से डॉ सिंह के विचारों की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 31 Dec 2024 04:36:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>क्वाड के 20 साल, संयुक्त बयान में कहा गया&amp; आपदा राहत से रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचे हम</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कवड-क-20-सल-सयकत-बयन-म-कह-गय-आपद-रहत-स-रणनतक-सझदर-तक-पहच-हम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कवड-क-20-सल-सयकत-बयन-म-कह-गय-आपद-रहत-स-रणनतक-सझदर-तक-पहच-हम</guid>
        <description>नई दिल्ली, 31 दिसंबर । ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका का रणनीतिक गठबंधन चतुर्भुज सुरक्षा संवाद (क्वाड) सहयोग के 20 साल पूरे कर रहा है। वर्ष 2004 में भारतीय महासागर में आए भूकंप और सुनामी के जवाब में स्थापित किया गया क्वाड एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में विकसित हुआ है, जो खुले, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का समर्थन करता है। क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान में आसियान की महत्ता और एकता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की और क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

बयान के अनुसार, 20 साल पहले (2004) में हिंद महासागर में आए भूकंप और सुनामी के जवाब में, हमारे देशों ने इतिहास के सबसे बड़े आपदाओं में से एक से प्रभावित लाखों लोगों की मदद के लिए एकजुट होकर काम किया। हम उन लोगों की यादों का सम्मान करते हैं और बचे हुए लोगों का मान रखते हैं। इसमें उल्लेख किया गया कि चार देशों के 40,000 से अधिक आपातकालीन प्रतिक्रिया कर्मियों ने मानवीय सहायता और आपदा राहत प्रदान करने के लिए मिलकर काम किया, जो क्वाड के मिशन का एक अभिन्न हिस्सा बना हुआ है। बयान में आगे कहा गया है, मानवीय सहायता और आपदा राहत के प्रति हमारी आधारभूत प्रतिबद्धता मजबूत बनी हुई है।

हम पूरे क्षेत्र में आपदाओं के लिए तैयारी करने और तत्काल तथा प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करना जारी रखेंगे। क्वाड ने पिछले कुछ वर्षों में अपने दायरे को व्यापक बनाया है और जटिल क्षेत्रीय तथा वैश्विक चुनौतियों का समाधान किया है। हाल की पहलों में जलवायु परिवर्तन से निपटना, समुद्री क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाना, एसटीईएम शिक्षा को बढ़ावा देना, आतंकवाद का मुकाबला करना और साइबर सुरक्षा को मजबूत करना शामिल है। बयान में कहा गया, आपातकालीन स्थिति में शुरू हुआ क्वाड अब सकारात्मक परिणाम देने वाली पूर्ण साझेदारी में विकसित हो गया है। हमारे देश अब चुनौतियों की एक विस्तृत श्रृंखला का समाधान करने के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भागीदारों के साथ सहयोग करते हैं। बयान के अनुसार, वर्ष 2021 से हमारे चार देशों के नेता दक्षिण एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया और प्रशांत क्षेत्र में क्वाड के सकारात्मक योगदान को आगे बढ़ाने के लिए सालाना बैठक करते रहे हैं।

बयान में कहा गया, चार साझेदारों के रूप में, हम एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दृष्टिकोण को साझा करते हैं जो शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हो, जो प्रभावी क्षेत्रीय संस्थाओं द्वारा समर्थित हो। हम आसियान की एकता के साथ-साथ हिंद-प्रशांत पर आसियान दृष्टिकोण को मुख्यधारा में लाने और लागू करने के लिए अपने अटूट समर्थन की पुष्टि करते हैं। हम प्रशांत क्षेत्र के नेतृत्व वाली क्षेत्रीय संरचना, सबसे महत्वपूर्ण प्रशांत द्वीप मंच का सम्मान करते हैं। हम क्षेत्र के प्रमुख संगठन, हिंद महासागर रिम एसोसिएशन के लिए अपने समर्थन में भी दृढ़ हैं। क्वाड क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। 2024 में, क्वाड सदस्य देशों ने कई समुद्री सुरक्षा पहलों की घोषणा की। एक प्रमुख आकर्षण इंडो-पैसिफिक में प्रशिक्षण के लिए समुद्री पहल (मैत्री/एमएआईटीआरआई) का शुभारंभ था, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय साझेदारों को उनके जल क्षेत्रों की निगरानी और सुरक्षा में मदद करना है। भारत 2025 में मैत्री कार्यशाला की उद्घाटन मेज़बानी करने के लिए तैयार है।

इसके अलावा, क्वाड ने एक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पायलट परियोजना भी शुरू की, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के लिए नागरिक प्रतिक्रियाओं का अधिक कुशलता से समर्थन करने के लिए सामूहिक एयरलिफ्ट क्षमताओं को बढ़ाना है। इंडो-पैसिफिक में नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक समुद्री कानूनी वार्ता भी शुरू की गई। इस वर्ष की शुरुआत में क्वाड के चौथे व्यक्तिगत शिखर सम्मेलन के बाद जारी वेलिंगटन घोषणापत्र में समुद्री क्षेत्र में हाल ही में हुई खतरनाक और आक्रामक कार्रवाइयों पर चिंता व्यक्त की गई थी, जो दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियों का स्पष्ट संदर्भ था। क्वाड कैंसर मूनशॉट इस वर्ष की एक और महत्वपूर्ण घोषणा थी, जिसका मुख्य ध्यान सर्वाइकल कैंसर से निपटने पर था। भारत ने 7.5 मिलियन डॉलर के परीक्षण किट और तकनीकी सहायता देने का वादा किया, जबकि अन्य सदस्य देशों ने अपने स्वयं के संसाधनों की प्रतिबद्धता जताई। बयान में यह भी कहा गया, चार भागीदारों के रूप में, हम एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के दृष्टिकोण को साझा करते हैं जो शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध है। हम इस क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सहयोग की अपनी 20 साल की विरासत के साथ, क्वाड इंडो-पैसिफिक के भू-राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 31 Dec 2024 04:36:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण कोरिया विमान हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों ने क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-वमन-हदस-म-मर-गए-लग-क-परजन-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-वमन-हदस-म-मर-गए-लग-क-परजन-न-कय-कह</guid>
        <description>दक्षिण कोरिया में रविवार को हुए भयानक विमान हादसे में 179 लोगों की जान गई है. मारे गए लोगों के परिजनों ने मीडिया में बातचीत की है.

78 साल के मैंग गी-सू के भतीजे और भतीजे के दो बेटों की भी इस हादसे में मौत हुई है. उनके भतीजे के दोनों बच्चे कॉलेज इंट्रेंस एग्जाम के ख़त्म होने का जश्न मना रहे थे.

मैंग बीबीसी को बताया, मुझे यकीन नहीं हो रहा कि पूरा परिवार खत्म हो गया.

जेजू एयर में सवार कई यात्री थाईलैंड में क्रिसमस मनाने के बाद घर लौट रहे थे.

इस हादसे की एक पीड़िता की चचेरी बहन जोंगलुक डौंगमनी ने बीबीसी थाई से कहा कि जब उन्होंने यह ख़बर सुनी तो वह हैरान रह गईं.

71 साल के बुजुर्ग पिता जियोन जे-यंग ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि उनकी बेटी मि-सूक की पहचान अंगूठे के निशान से की गई. वह अपने दोस्तों के साथ बैंकॉक से लौट रही थी.

जियोन ने कहा, मेरी बेटी अभी लगभग 40 साल की थी.आखिरी बार मैंने अपनी बेटी को 21 दिसंबर को देखा था. तब वह अगले साल का कैलेंडर और खाना लेकर घर आई थी. यह हमारे लिए आखिरी मुलाकात बन गई.

एक महिला ने अपनी बहन के बारे में बताया कि वह कठिन समय से गुजर रही थी. इसलिए वह थाईलैंड चली गई क्योंकि उसके जीवन में सुधार होने लगा था.

उन्होंने दक्षिण कोरिया की सरकारी न्यूज़ एजेंसी योनहाप को बताया, उसे बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और वह यात्रा पर गई क्योंकि उनकी स्थिति में अभी सुधार होना शुरू ही हुआ था.

हादसे में मारे गए कुछ लोगों के डीएनए की पहचान करने के लिए उनके मुंह के लार के नमूने लिए गए.

कब हुआ था हादसा

दक्षिण कोरिया के मुआन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार को लैंडिंग के वक़्त एक बड़ा विमान हादसा हो गया. जिसमें 179 लोगों की मौत हो गई.

इस विमान में 181 लोग सवार थे, जिनमें 175 यात्री और चालक दल के छह सदस्य शामिल थे.

इस हादसे में दो लोगों को मलबे से जीवित निकाला गया है और अस्पताल ले जाया गया है. ये दोनों चालक दल के सदस्य हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 30 Dec 2024 00:51:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर का 100 वर्ष की आयु में निधन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-परव-रषटरपत-जम-करटर-क-100-वरष-क-आय-म-नधन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-परव-रषटरपत-जम-करटर-क-100-वरष-क-आय-म-नधन</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 30 दिसंबर। नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित एवं अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति जिमी कार्टर का रविवार को निधन हो गया। वह 100 वर्ष के थे।

कार्टर भारत की यात्रा करने वाले तीसरे अमेरिकी नेता थे और उनकी यात्रा के दौरान उनके सम्मान में हरियाणा के एक गांव का नाम उनके नाम पर कार्टरपुरी रखा गया था।

सबसे लंबे समय तक जीवित रहे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति कार्टर ने 1977 से 1981 तक इस पद पर सेवाएं दी थीं। मूंगफली की खेती करने वाले कार्टर ने वाटरगेट घोटाले और वियतनाम युद्ध के बाद राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता था। वह 1977 से 1981 तक राष्ट्रपति रहे।

अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए एक बयान में कहा, अमेरिका और विश्व ने आज एक असाधारण नेता, राजनीतिज्ञ और मानवतावादी खो दिया।

कार्टर के परिवार में उनके बच्चे- जैक, चिप, जेफ एवं एमी, 11 पोते-पोतियां और 14 परपोते-परपोतियां हैं। उनकी पत्नी रोजलिन और उनके एक पोते का निधन हो चुका है।

कार्टर की पत्नी रोजलिन का नवंबर 2023 में निधन हो गया था। वह 96 वर्ष की थीं।

चिप कार्टर ने कहा, मेरे पिता केवल मेरे लिए ही नहीं, बल्कि शांति, मानवाधिकारों और निःस्वार्थ प्रेम में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति के नायक थे।

बाइडन ने अपने बयान में कहा कि कार्टर ने करुणा और नैतिक मूल्यों के जरिए शांति स्थापित करने, नागरिक अधिकारों और मानवाधिकारों को प्रोत्साहित करने, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों को बढ़ावा देने, बेघरों को घर मुहैया कराने और वंचितों की हमेशा मदद करने की दिशा में काम किया।

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हालांकि वह दार्शनिक और राजनीतिक रूप से कार्टर से पूरी तरह असहमत हैं, लेकिन वह जानते हैं कि कार्टर हमारे देश और इसके मूल्यों से सच्चा प्यार करते थे और उनका सम्मान करते थे।

ट्रंप ने कहा, उन्होंने अमेरिका को एक बेहतर जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत की और इसके लिए मैं उनका अत्यधिक सम्मान करता हूं। वह वास्तव में एक अच्छे इंसान थे और उनकी कमी निश्चित रूप से महसूस होगी।

कार्टर को भारत का मित्र माना जाता था। वह 1977 में आपातकाल हटने और जनता पार्टी की जीत के बाद भारत आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे। भारतीय संसद में अपने संबोधन के दौरान कार्टर ने सत्तावादी शासन के खिलाफ बात की थी।

कार्टर ने दो जनवरी, 1978 को कहा था, भारत की कठिनाइयां, जिनका हम अक्सर स्वयं अनुभव करते हैं और जिनका विशेष रूप से विकासशील देशों को सामना करना पड़ता है, वे हमें भविष्य की जिम्मेदारियों की याद दिलाती हैं। सत्तावादी तरीके की नहीं।

उन्होंने सांसदों से कहा था, भारत की सफलताएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे इस सिद्धांत को निर्णायक रूप से खारिज करती हैं कि आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति के लिए विकासशील देश को सत्तावादी या अधिनायकवादी सरकार को और इस तरह के शासन से मनुष्यता की भावना को होने की नुकसान को स्वीकार करना होगा।

कार्टर ने कहा था, क्या लोकतंत्र महत्वपूर्ण है? क्या सभी लोग मानवीय स्वतंत्रता को महत्व देते हैं?...भारत ने जोरदार आवाज में हां में जवाब दिया है और यह आवाज पूरी दुनिया में सुनी गई। पिछले मार्च यहां कुछ महत्वपूर्ण हुआ, इसलिए नहीं कि कोई खास पार्टी जीती या हारी, बल्कि इसलिए कि मतदाताओं ने स्वतंत्र रूप से और समझदारी से चुनावों में अपने नेताओं को चुना। इस अर्थ में, लोकतंत्र ही विजेता रहा।

इसके एक दिन बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के साथ दिल्ली घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करते हुए कार्टर ने कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच मित्रता के मूल में उनका यह दृढ़ संकल्प है कि सरकारों के कार्य लोगों के नैतिक मूल्यों से निर्देशित होने चाहिए।

कार्टर सेंटर के अनुसार, तीन जनवरी, 1978 को कार्टर और तत्कालीन प्रथम महिला रोजलिन कार्टर नयी दिल्ली के पास स्थित दौलतपुर नसीराबाद गांव गए थे। वह भारत की यात्रा पर जाने वाले तीसरे अमेरिकी राष्ट्रपति थे और देश से व्यक्तिगत रूप से जुड़े एकमात्र राष्ट्रपति थे। उनकी मां लिलियन ने 1960 के दशक के अंत में पीस कोर के साथ स्वास्थ्य स्वयंसेवक के रूप में वहां काम किया था।

कार्टर सेंटर ने कहा, यह यात्रा इतनी सफल रही कि कुछ ही समय बाद गांव के निवासियों ने उस क्षेत्र का नाम बदलकर कार्टरपुरी रख दिया।

उसने कहा, इस यात्रा ने एक स्थायी प्रभाव छोड़ा: जब राष्ट्रपति कार्टर ने 2002 में नोबेल शांति पुरस्कार जीता तो गांव में उत्सव मनाया गया और तीन जनवरी को कार्टरपुरी में अवकाश रहता है।

उसने कहा कि इस यात्रा ने एक स्थायी साझेदारी की नींव रखी, जिससे दोनों देशों को बहुत लाभ हुआ है।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 30 Dec 2024 00:51:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान में पाकिस्तान के 10 हज़ार से अधिक नागरिकों को क्यों किया गया गिरफ़्तार?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-म-पकसतन-क-10-हजर-स-अधक-नगरक-क-कय-कय-गय-गरफतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-म-पकसतन-क-10-हजर-स-अधक-नगरक-क-कय-कय-गय-गरफतर</guid>
        <description>पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) का कहना है कि इस साल ईरान में 10,000 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है. ये लोग अवैध रूप से विदेश पहुंचना चाहते थे.

एफआईए अधिकारियों के मुताबिक, साल 2024 में 1 जनवरी से 15 दिसंबर तक ईरान में 10, 454 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है. ये लोग बलूचिस्तान के अनजाने रास्तों से ईरान में दाखिल हुए थे.

पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि ईरान के अधिकारियों ने अलग-अलग समय पर इन लोगों को गिरफ़्तार करने के बाद चगाई जिले के सीमावर्ती शहर ताफ्तान में पाकिस्तान को सौंप दिया था.

पाकिस्तानियों के अलावा अफ़ग़ान नागरिक भी बलूचिस्तान के रास्ते बेहतर भविष्य की तलाश में यूरोपीय देशों में जाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, ईरान में बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

एफआईए अधिकारियों के अनुसार, साल 2024 में ईरान में गिरफ़्तारियों की दर साल 2023 की तुलना में ज्यादा थी. साल 2023 में ईरान में गिरफ़्तार किए गए पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या 8 हजार 272 थी.

एफआईए के आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 से साल 2024 तक पांच सालों के दौरान पाकिस्तान से अवैध रूप से ईरान में प्रवेश करने वाले 62,000 से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया था.

ईरान में गिरफ़्तार किए गए ज़्यादातर पाकिस्तानी नागरिक पंजाब प्रांत के हैं.

बलूचिस्तान के पांच जिले ईरान के साथ सीमा साझा करते हैं, जिनमें चगाई, वाशिक, पंजगुर, केच और ग्वादर शामिल हैं.

पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों के अलावा अफ़ग़ानिस्तान के लोग भी इन जिलों में पहुंचते हैं जहां से मानव तस्कर उन्हें ईरान ले जाते हैं और वहां से तुर्की के रास्ते ग्रीस ले जाते हैं.

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, पहले बड़ी संख्या में लोग केच और ग्वादर से ईरान में प्रवेश करते थे, लेकिन वहां चरमपंथी हमलों के कारण अब ज्यादातर लोग चगाई और वाशक के रास्ते ईरान में घुसते हैं.

इस कोशिश के दौरान जहां बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ़्तार किया जाता है, वहीं रास्ते की कठिनाइयों के कारण कई लोगों की जान भी चली जाती है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 28 Dec 2024 01:33:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अज़रबैजान एयरलाइंस ने बताया, क्यों हादसे का शिकार हुआ उसका विमान?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अजरबजन-एयरलइस-न-बतय-कय-हदस-क-शकर-हआ-उसक-वमन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अजरबजन-एयरलइस-न-बतय-कय-हदस-क-शकर-हआ-उसक-वमन</guid>
        <description>अज़रबैजान एयरलाइंस का कहना है कि 25 दिसंबर को कज़ाकिस्तान में उसका विमान बाहरी तकनीकी दखल की वजह से हादसे का शिकार हुआ था.

इस क्रैश में 38 लोगों की मौत हो गई जब एम्ब्रेयर विमान तेज गति से नीचे आया और अक्ताऊ हवाई अड्डे पर रनवे से 3 किमी पहले ही आग की लपटों में घिर गया .

विमान ने मूल रूप से दक्षिणी रूस के ग्रोज़नी हवाई अड्डे पर उतरने की कोशिश की थी.

रूस की नागरिक उड्डयन एजेंसी के प्रमुख ने शुक्रवार को कहा कि चेचेन्या की राजधानी में स्थिति बहुत जटिल थी और वहां हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया था.

इस विमान क्रैश के बाद अज़रबैजान एयरलाइंस ने रूस के सात शहरों के लिए उड़ानों को निलंबित कर दिया है.

यूक्रेन के खुफिया निदेशालय के प्रमुख ने भी इस विमान क्रैश के लिए रूस को दोषी ठहराया है.

रिपोर्टरों के साथ एक टेलीफ़ोन ब्रीफ़िंग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव से आरोपों के बारे में पूछा गया.

उन्होंने कहा, मैं एक बार फिर दोहराता हूं, मैंने जो कुछ कहा है, उसमें मुझे और कुछ नहीं जोड़ना है. इस विमान दुर्घटना की जांच चल रही है और जब तक जांच के नतीजों से कोई निष्कर्ष नहीं निकल जाता, हम खुद को कोई आकलन देने का हकदार नहीं मानते और ऐसा नहीं करेंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 28 Dec 2024 01:33:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा हाइड्रोपावर बांध बनाएगा चीन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/तबबत-म-बरहमपतर-नद-पर-दनय-क-सबस-बड-हइडरपवर-बध-बनएग-चन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/तबबत-म-बरहमपतर-नद-पर-दनय-क-सबस-बड-हइडरपवर-बध-बनएग-चन</guid>
        <description>चीन की सरकार ने तिब्बती पठार के निचले हिस्से में हाइड्रोपावर बांध बनाने की मंजूरी दे दी है. ये बांध यारलंग सांगपो (ब्रह्मपुत्र) नदी परबनाया जाएगा.

इस बांध के बनने के बाद से भारत और बांग्लादेश में पानी का बहाव प्रभावित हो सकता है.

माना जा रहा है कि इस बांध के बनने से हर साल 300 अरब किलोवाट घंटे बिजली का उत्पादन होगा.

चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, चीन की ये योजना कार्बन उत्सर्जन को कम करने का लक्ष्य हासिल करने में मुख्य भूमिका निभाएगी और इससे इंजीनियरिंग जैसे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही इस योजना से तिब्बत में रोजगार के मौके भी बनेंगे.

चीन के अधिकारियों ने अभी तक ये नहीं बताया है कि इस परियोजना के तहत तिब्बत से कितने लोग विस्थापित होंगे और ये किस प्रकार से स्थानीय जलवायु को प्रभावित करेगा.

लेकिन चीन के अधिकारियों के मुताबिक, ये बांध तिब्बत के वातावरण को उच्च स्तर पर प्रभावित नहीं करेगा.

तिब्बत से बाहर निकलते ही यारलंग सांगपो ब्रह्मपुत्र नदी बन जाती है और ये भारत के अरुणाचल प्रदेश और असम राज्य से होकर बांग्लादेश में प्रवेश करती है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 27 Dec 2024 01:46:21 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नॉर्वे : बस हादसे में तीन की मौत, चार गंभीर रूप से घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नरव-बस-हदस-म-तन-क-मत-चर-गभर-रप-स-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नरव-बस-हदस-म-तन-क-मत-चर-गभर-रप-स-घयल</guid>
        <description>ओस्लो, 27 दिसंबर । नॉर्वे के उत्तरीय शहर हैडसेल में एक यात्री बस के झील में गिर जाने से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह जानकारी देश के स्थानीय अधिकारियों ने दी। झील में गिरने के समय इस बस में 50 से अधिक यात्री सफर कर रहे थे। दुर्घटना से पहले यह बस नार्विक से स्वोल्वेर जा रही थी। स्वोल्वेर जाते समय बस उत्तरी नॉर्वे के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लोफोटेन द्वीपसमूह के राफ्टसुंडेट के निकट होटल में पलट गई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, आपातकालीन सेवाओं को घटनास्थल के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। खराब मौसम की वजह से घटनास्थल पर पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर को ले जाने में भी समस्या हुई।

नॉर्डलैंड पुलिस डिस्ट्रिक्ट के चीफ ऑफ स्टाफ बेंट एरे एलर्टसन ने इस दुर्घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा, बस आंशिक रूप से पानी में डूबी हुई है। तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं। आपातकालीन सेवाओं ने बस से सभी को निकाल लिया है। गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया, जबकि अन्य को एक स्कूल सहित निकटवर्ती आश्रय स्थलों में ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि विमान में सवार यात्री आठ विभिन्न देशों से हैं, जिनमें नॉर्वे, भारत, चीन, सिंगापुर, मलेशिया, नीदरलैंड, फ्रांस और दक्षिण सूडान शामिल हैं। नॉर्वे में चीनी दूतावास ने पुष्टि की है कि बस में करीब 20 चीनी पर्यटक सवार थे, जिनमें से पांच को मामूली चोट आई। दूतावास ने कहा कि वह पर्यटकों से संपर्क बनाए हुए है और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।

नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने इस दुर्घटना में मारे गए लोगों के लिए शोक व्यक्त किया। उन्होंने राष्ट्रीय प्रसारक एनआरके से कहा, मुझे लगता है कि नॉर्वे में हर कोई हैडसेल से जो कुछ भी सुन रहा है, उससे प्रभावित है। उन्होंने देश से उन लोगों के साथ खड़े होने का आग्रह किया जो बुरी तरह प्रभावित हैं। दुर्घटना के कारणों की जांच चल रही है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 27 Dec 2024 01:46:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल&amp;हमास युद्ध: गाजा में तंबू में रह रही बच्ची की ठंड के कारण मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-हमस-यदध-गज-म-तब-म-रह-रह-बचच-क-ठड-क-करण-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-हमस-यदध-गज-म-तब-म-रह-रह-बचच-क-ठड-क-करण-मत</guid>
        <description>यरूशलम, 26 दिसंबर। इजराइल और हमास के बीच जारी युद्ध के कारण गाजा में कड़ाके की ठंड में तंबू में रहने को मजबूर तीन सप्ताह की एक बच्ची की मौत हो गई ।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इजराइल और हमास एक दूसरे पर युद्ध विराम समझौते को जटिल बनाने के आरोप लगा रहे हैं।

चिकित्सकों ने बताया कि हाल के दिनों में गाजा में तंबुओं में रह रहे बच्चे की ठंड से मौत का यह तीसरा मामला है।

इजराइल और हमास के बीच पिछले 14 महीने से जारी युद्ध ने भारी तबाही मचाई है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइल द्वारा गाजा पर की गई बमबारी और जमीनी हमलों में 45,000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें से आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं। इस युद्ध के कारण गाजा की करीब 23 लाख आबादी में से लगभग 90 प्रतिशत लोगों को कई बार विस्थापित होना पड़ा है।

तंबुओं में रह रहे हजारों लोग ठंड शुरू होने के कारण ठिठुर रहे हैं। सहायता समूहों को भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सहायता समूहों के अनुसार, इन लोगों के पास कंबल और गर्म कपड़े तक नहीं हैं।

खान यूनिस शहर के बाहर मुवासी इलाके में तंबू में रहने को मजबूर तीन सप्ताह की सिला के पिता महमूद अल-फसीह ने कहा कि उन्होंने बच्ची को ठंड से बचाने के लिए कंबल में लपेट कर रखा लेकिन यह पर्याप्त नहीं था।

उन्होंने कहा कि मंगलवार रात नौ डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच तंबू में सर्द हवाएं आ रही थीं और जमीन ठंडी थी।

उन्होंने कहा, रात भर बहुत ठंड थी।

फसीह ने कहा कि सिला रात में तीन बार रोकर उठी और सुबह उन्होंने पाया कि वह बेहोश थी तथा उसका शरीर अकड़ गया था। वह उसे एक अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसके फेफड़ों ने पहले ही काम करना बंद कर दिया था।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 26 Dec 2024 02:03:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने &amp;apos;कनाडा के गवर्नर जस्टिन ट्रूडो&amp;apos; को क्रिसमस की दीं शुभकामनाएं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कनड-क-गवरनर-जसटन-टरड-क-करसमस-क-द-शभकमनए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-कनड-क-गवरनर-जसटन-टरड-क-करसमस-क-द-शभकमनए</guid>
        <description>वाशिंगटन, 26 दिसंबर । अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए कनाडाई पीएम पर फिर तंज कसा है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को कनाडा का गवर्नर कहा है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि यदि कनाडा संयुक्त राज्य अमेरिका का 51वां राज्य बन जाता है, तो उनके टैक्सों में 60 प्रतिशत से अधिक की कटौती हो जाएगी, उनके व्यवसायों का आकार तुरंत दोगुना हो जाएगा, और उन्हें अमेरिका की सैन्य सुरक्षा भी प्राप्त हो जाएगी जो दुनिया में किसी भी अन्य देश को नहीं मिलेगी। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि नेशनल हॉकी लीग (एनएचएल) के दिग्गज वेन ग्रेट्जकी को देश का नेतृत्व करना चाहिए।

ट्रंप की यह टिप्पणी उनकी उस वायरल टिप्पणी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने एक रात्रिभोज के बाद ट्रूडो को कनाडा के महान राज्य का गवर्नर कहा था। ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा था, कनाडा के महान राज्य के गवर्नर जस्टिन ट्रूडो के साथ दूसरा रात्रिभोज करना खुशी की बात थी। मैं जल्द ही गवर्नर से फिर मिलने की उम्मीद करता हूं ताकि हम टैरिफ और व्यापार पर अपनी गहन बातचीत जारी रख सकें, इसके परिणाम सभी के लिए वास्तव में शानदार होंगे! ट्रंप की इस टिप्पणी ने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में नई तरह की डिबेट को जन्म दिया है। इसमें कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह जानबूझकर किया गया अपमान था। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने कट्टरपंथी वामपंथी पागलों की भी आलोचना की। अपनी विवादास्पद टिप्पणियों में ट्रंप ने पनामा नहर पर अमेरिकी नियंत्रण के बारे में परोक्ष धमकी देते हुए कहा, सभी को मेरी क्रिसमस की शुभकामनाएं, जिसमें चीन के अद्भुत सैनिक भी शामिल हैं, जो प्यार से, लेकिन अवैध रूप से, पनामा नहर (जहां हमने 110 साल पहले इसके निर्माण में 38,000 लोगों को खो दिया था) का संचालन कर रहे हैं, हमेशा यह सुनिश्चित करते हुए कि संयुक्त राज्य अमेरिका मरम्मत के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रहा है, लेकिन किसी भी चीज के बारे में कुछ भी कहने का हक उसके पास नहीं है।

उन्होंने ग्रीनलैंड का भी उल्लेख किया था, व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा, ग्रीनलैंड के लोगों के लिए, जिनकी संयुक्त राज्य अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों के लिए आवश्यकता है और जो चाहते हैं कि अमेरिका वहां हो, और हम वहां होंगे! ट्रंप ने वामपंथी आलोचकों पर भी निशाना साधते हुए लिखा, उन कट्टरपंथी वामपंथी पागलों को मेरी क्रिसमस, जो लगातार हमारी न्याय व्यवस्था और हमारे चुनावों में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं, और हमेशा संयुक्त राज्य अमेरिका के महान नागरिकों और देशभक्तों के पीछे पड़े रहते हैं, लेकिन विशेष रूप से, उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी, मेरे पीछे पड़े रहते हैं। उन्होंने उन पर राष्ट्रपति जो बाइडेन से माफी मांगने का आरोप लगाया, जिन्हें उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति के रूप में वर्णित किया, जिसे बिल्कुल भी पता नहीं है कि वह क्या कर रहे हैं। ट्रंप ने बाइडेन द्वारा हाल ही में अपराधियों को दिए गए माफीनामे पर ऐतराज जताया था। लेकिन निराले अंदाज में पोस्ट भी डाली थी। कहा,  उन 37 सबसे हिंसक अपराधियों को भी, जिन्होंने हत्या, बलात्कार और लूटपाट की, जैसा कि उनके पहले किसी ने नहीं किया था, लेकिन उन्हें स्लीपी जो बाइडेन द्वारा अविश्वसनीय रूप से माफी दे दी गई। मैं उन भाग्यशाली आत्माओं को क्रिसमस की शुभकामनाएं देने से इनकार करता हूं। इसके बजाय, मैं कहूंगा, नरक में जाओ! --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 26 Dec 2024 02:03:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मृत्युदंड को लेकर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी: ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मतयदड-क-लकर-कई-नरम-नह-बरत-जएग-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मतयदड-क-लकर-कई-नरम-नह-बरत-जएग-टरप</guid>
        <description>फोर्ट लाउडरडेल, 25 दिसंबर। अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मृत्युदंड को लेकर कोई नरमी नहीं बरतने की बात कही है। इससे पहले मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन ने मौत की सजा पाए अधिकांश लोगों की सजा कम कर दी।

ट्रंप ने बाइडन के सोमवार के फैसले की आलोचना की, जिसके तहत बाइडन ने मौत की सजा पाए 40 में से 37 लोगों के मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदल दिया।

ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि बाइडन का फैसला समझ से परे है और पीड़ितों के परिवारों का अपमान है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, जो बाइडन ने हमारे देश के सबसे बुरे हत्यारों में से 37 की मौत की सजा कम कर दी है। यह समझ से परे है। पीड़ितों के रिश्तेदार व दोस्त और भी ज्यादा दुखी हैं। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा है कि ऐसा हो गया है!

ट्रंप कहा कि वह सत्ता संभालने के बाद न्याय विभाग को मृत्युदंड पर अमल करने का निर्देश देंगे।

उन्होंने कहा कि वह बलात्कारियों, हत्यारों और बड़े अपराधों के मामलों में कड़ी कार्रवाई करेंगे।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 25 Dec 2024 02:24:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बाइडेन ने 37 अपराधियों को किया माफ, सजा ए मौत का फैसला बदला, भड़के ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बइडन-न-37-अपरधय-क-कय-मफ-सज-ए-मत-क-फसल-बदल-भडक-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बइडन-न-37-अपरधय-क-कय-मफ-सज-ए-मत-क-फसल-बदल-भडक-टरप</guid>
        <description>वाशिंगटन, 25 दिसंबर । अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघीय मौत की सजा पाए 37 व्यक्तियों की सजा कम करने के निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन के फैसले की आलोचना की है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, जो बाइडेन ने हमारे देश के सबसे बुरे हत्यारों में से 37 की मौत की सजा कम कर दी है। जब आप उनमें से प्रत्येक के कृत्यों को सुनेंगे, तो आपको विश्वास नहीं होगा कि उन्होंने ऐसा किया है। इसका कोई मतलब नहीं है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ट्रंप की यह टिप्पणी बाइडेन द्वारा यह घोषणा करने के एक दिन बाद आई है कि वह संघीय मृत्युदंड की सजा काट रहे 40 व्यक्तियों में से 37 की सजा को पैरोल की संभावना के बिना आजीवन कारावास में बदल रहे हैं। बाइडेन ने एक बयान में कहा, मैं इन हत्यारों की निंदा करता हूं, उनके घृणित कृत्यों के पीड़ितों के लिए शोक मनाता हूं और उन सभी परिवारों के लिए दुख व्यक्त करता हूं, जिन्हें अकल्पनीय और अपूरणीय क्षति हुई है। बाइडेन ने आगे कहा, लेकिन मेरी अंतरात्मा और एक सार्वजनिक वकील, सीनेट न्यायपालिका समिति के अध्यक्ष, उपराष्ट्रपति और अब राष्ट्रपति के रूप में मेरे अनुभव के आधार पर मैं पहले से कहीं अधिक आश्वस्त हूं कि हमें संघीय स्तर पर मृत्युदंड के उपयोग को रोकना चाहिए। निवर्तमान राष्ट्रपति ने कहा, अच्छे विवेक के साथ मैं पीछे नहीं हट सकता और एक नए प्रशासन को फांसी को फिर से शुरू करने नहीं दे सकता, जिन्हें मैंने रोका था।

मंगलवार को एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि जैसे ही उनका पदभार ग्रहण होगा, वे न्याय विभाग को अमेरिकी परिवारों और बच्चों को हिंसक बलात्कारियों, हत्यारों और राक्षसों से बचाने के लिए मृत्युदंड को सख्ती से लागू करने का निर्देश देंगे। ट्रंप ने कहा, हम फिर से कानून और व्यवस्था का राष्ट्र बनेंगे। डेथ पेनाल्टी इन्फॉर्मेशन सेंटर के अनुसार अमेरिका में कुल मिलाकर 2250 कैदी मौत की सजा का सामना कर रहे हैं। यह एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसका मिशन मीडिया, नीति निर्माताओं और आम जनता को मृत्युदंड और इससे प्रभावित होने वाले लोगों से संबंधित मुद्दों पर डेटा और विश्लेषण उपलब्ध कराना है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 25 Dec 2024 02:24:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>&amp;apos;सुपर&amp;एज्ड&amp;apos; सोसाइटी बना दक्षिण कोरिया, क्या हैं इसके मायने?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सपर-एजड-ससइट-बन-दकषण-करय-कय-ह-इसक-मयन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सपर-एजड-ससइट-बन-दकषण-करय-कय-ह-इसक-मयन</guid>
        <description>सियोल, 24 दिसंबर।दक्षिण कोरिया औपचारिक रूप से एक सुपर-एज्ड सोसाइटी में बदल गया है। देश की 20 प्रतिशत जनसंख्या 65 वर्ष या उससे अधिक आयु की है। आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि देश तेजी से वृद्ध होती आबादी और कम जन्म दर के जनसांख्यिकीय संकट से जूझ रहा है। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार तक 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के दक्षिण को रियाई लोगों की संख्या 10.24 मिलियन थी, जो देश की कुल जनसंख्या 51.22 मिलियन का 20.0 प्रतिशत है। संयुक्त राष्ट्र उन देशों को वृद्ध समाज (एजिंग सोसाइटी) के रूप में वर्गीकृत करता है, जहां 7 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या 65 वर्ष या उससे अधिक आयु की है। जिन देशों की जनसंख्या में 14 प्रतिशत से अधिक आबादी 65 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों की है तो उन्हें वृद्ध समाज (एज्ड सोसायटी) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

वहीं जिन देशों की जनसंख्या में 20 प्रतिशत से अधिक आबादी 65 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों की है, उन्हें अति-वृद्ध समाज यानी सुपर एज्ड सोसायटी के रूप में वर्गीकृत करता है। दक्षिण कोरिया में इस आयु वर्ग में पिछले कुछ वर्षों में धीरे-धीरे वृद्धि हुई है। यह 2008 में 4.94 मिलियन थी। 2008 में यह जनसंख्या का 10 प्रतिशत था, जो 2019 में 15 प्रतिशत से अधिक हो गया और इस वर्ष जनवरी में 19.05 प्रतिशत तक पहुंच गया। सोमवार तक आयु वर्ग में महिलाओं की संख्या 5.69 मिलियन थी, जबकि पुरुषों की संख्या 4.54 मिलियन थी। दक्षिण जिओला प्रांत में इस आयु वर्ग की आबादी 27.18 प्रतिशत थी। यह देश के प्रमुख क्षेत्रों में सबसे अधिक थी।

केंद्रीय शहर सेजोंग में इस आयु वर्ग की हिस्सेदारी सबसे कम यानी 11.57 प्रतिशत थी। सोल में इस आयु वर्ग की जनसंख्या 19.41 प्रतिशत थी। एक विज्ञप्ति में मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, जनसंख्या केंद्रित मंत्रालय स्थापित करके मौलिक और व्यवस्थित प्रतिक्रिया उपायों की तत्काल जरुरत है। दक्षिण कोरिया ने अपने जनसांख्यिकीय संकट को दूर करने के लिए जनसंख्या रणनीति के एक नए मंत्रालय को शुरू करने की योजना का अनावरण किया है। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 24 Dec 2024 02:14:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका : पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की तबियत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-परव-रषटरपत-बल-कलटन-क-तबयत-बगड-असपतल-म-भरत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-परव-रषटरपत-बल-कलटन-क-तबयत-बगड-असपतल-म-भरत</guid>
        <description>वाशिंगटन, 24 दिसंबर । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन (78) को बुखार आने के बाद वाशिंगटन डीसी के मेडस्टार जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह जानकारी उनके डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ एंजेल उरेना ने दी। उरेना ने सीएनएन को बताया, पूर्व राष्ट्रपति क्लिंटन की तबीयत ठीक है। उन्होंने आगे कहा कि वे अच्छे मूड में हैं और क्रिसमस तक घर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं। क्लिंटन वाशिंगटन में अपने आवास पर थे जब उन्हें अस्पताल ले जाने का फैसाल किया गया। पूर्व राष्ट्रपति कथित तौर पर होश में हैं और अलर्ट हैं। डॉक्टर उनकी जांच कर रहे हैं और उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

उनकी मेडिकल टीम उनके ठीक होने को लेकर आशावादी है। बिल क्लिंटन जनवरी 1993 से जनवरी 2001 तक अमेरिका के राष्ट्रपति पद रहे । 42वें राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने करीब 25 साल पहले व्हाइट हाउस छोड़ा था। पिछले कुछ वर्षों में वह कई स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। 2004 उनकी क्यूडेरपल बाईपास हार्ट सर्जरी हुई, जबकि 2005 में फेफड़े की सर्जरी हुई। 2010 में उन्हें कोरोनरी स्टेंट लगाए गए और 2021 में गंभीर ब्लड इंफेक्शन के लिए उनका इलाज किया गया। इस दौरान उन्हें लॉस एंजिल्स में छह दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इन शारीरिक परेशानियों के बावजूद, क्लिंटन सार्वजनिक रूप से काफी एक्टिव रहते हैं।

उन्होंने इस गर्मी में शिकागो में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में भाषण दिया और अपनी पुस्तक सिटीजन: माई लाइफ आफ्टर द व्हाइट हाउस के प्रचार के लिए यात्रा करते हुए काफी समय बिताया। अगस्त में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में बोलते हुए क्लिंटन ने कहा, भले ही मैं 23 साल से अधिक समय से व्हाइट हाउस से दूर हूं, लेकिन एक भी दिन ऐसा नहीं जाता जब मैं भगवान को इस बात के लिए धन्यवाद न दूं कि मुझे सेवा करने का मौका मिला और इसके क्या मायने हैं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 24 Dec 2024 02:14:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका : लिफ्ट में दरार आने के बाद 174 पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतारा गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/america</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/america</guid>
        <description>America</description>
        <pubDate>Mon, 23 Dec 2024 01:52:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण अफ्रीका : लिम्पोपो सड़क दुर्घटना में सात लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/south-africa</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/south-africa</guid>
        <description>South Africa</description>
        <pubDate>Mon, 23 Dec 2024 01:52:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तानी मूल की बच्ची की हत्या के लिए पिता और सौतेली मां को मिली उम्रक़ैद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-मल-क-बचच-क-हतय-क-लए-पत-और-सतल-म-क-मल-उमरकद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-मल-क-बचच-क-हतय-क-लए-पत-और-सतल-म-क-मल-उमरकद</guid>
        <description>पाकिस्तानी मूल की ब्रिटिश नागरिक सारा शरीफ़ के हत्या मामले में अदालत ने उनके पिता उरफ़ान शरीफ़ और सौतेली मां बिनाश बतूल को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.

अगस्त 2023 में सारा का शव उनके घर से बरामद किया गया था.

ब्रिटिश अदालत ने सारा शरीफ़ की हत्या के मामले में उनके चाचा फ़ैसल मलिक को दोषी क़रार नहीं दिया है, लेकिन एक बच्चे की हत्या होने देने के लिए उन्हें 16 साल जेल की सज़ा मिली है.

इस मामले में सज़ा सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि सारा को बार-बार काफ़ी ज़ोर से पीटा गया और उन्हें बहुत यातनाएं दी गईं.

न्यायाधीश ने फ़ैसला सुनाते हुए 10 साल की सारा को काफ़ी साहसी बताया.

सारा की मां ओल्गा ने एक बयान में कहा कि उनकी बेटी हमेशा मुस्कुराती रहती थी और उसका अपना अलग चरित्र था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 18 Dec 2024 01:46:53 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत के ऊपर ‘सैटेलाइट बीम’ बंद कर दिए गए: एलन मस्क</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-क-ऊपर-सटलइट-बम-बद-कर-दए-गए-एलन-मसक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-क-ऊपर-सटलइट-बम-बद-कर-दए-गए-एलन-मसक</guid>
        <description>इंफाल, 18 दिसंबर। स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने कहा कि भारत के ऊपर स्टारलिंक के सैटेलाइट बीम बंद कर दिए गए हैं। उनका यह बयान उस दावे की प्रतिक्रिया में आया है जिसमें कहा गया कि उनकी कंपनी के उपकरण का इस्तेमाल हिंसाग्रस्त मणिपुर में किया जा रहा है।

सुरक्षा बलों ने हाल ही में इंफाल पूर्वी जिले में छापेमारी के दौरान हथियारों और गोला-बारूद के साथ कुछ इंटरनेट उपकरण जब्त किए थे।

भारतीय सेना के स्पियर कोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जब्त की गई चीजों की तस्वीरें साझा की थीं जिसके बाद एक उपयोगकर्ताओं ने इस पर ध्यान दिया कि उनमें से एक उपकरण पर स्टारलिंक का लोगो था।

इस ओर ध्यान आकर्षित करते हुए एक उपयोगकर्ता ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, स्टारलिंक का इस्तेमाल आतंकवादियों द्वारा किया जा रहा है। आशा है कि एलन मस्क इस पर ध्यान देंगे और इस तकनीक के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने में मदद करेंगे।

मस्क ने जवाब दिया, यह गलत है। भारत के ऊपर स्टारलिंक के सैटेलाइट बीम बंद कर दिए गए हैं।

राज्य पुलिस के अनुसार, केराओ खुनौ से जब्त की गई सामग्री में एक इंटरनेट सैटेलाइट एंटीना, एक इंटरनेट सैटेलाइट राउटर और 20 मीटर (लगभग) एफटीपी तार शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि स्टारलिंक जैसे उपकरण की बरामदगी के बाद एजेंसियों ने इस बात की जांच शुरू कर दी कि यह उपकरण हिंसाग्रस्त राज्य में कैसे पहुंचा।

सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने वाली मस्क की कंपनी स्टारलिंक के पास भारत में काम करने का लाइसेंस नहीं है।

पिछले साल मई से मणिपुर में मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच शुरू हुई जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 18 Dec 2024 01:46:53 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जेलेंस्की और पुतिन से &amp;apos;नरसंहार&amp;apos; रुकवाने के लिए बात करेंगे ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जलसक-और-पतन-स-नरसहर-रकवन-क-लए-बत-करग-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जलसक-और-पतन-स-नरसहर-रकवन-क-लए-बत-करग-टरप</guid>
        <description>वाशिंगटन, 17 दिसम्बर । अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से लगभग तीन साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए बात करेंगे। ट्रंप के मुताबिक वो इस नरसंहार को रुकवाने की कोशिश करेंगे। जनवरी में ट्रंप के व्हाइट हाउस में प्रवेश से पहले ही दोनों पक्षों में जंग में बढ़त हासिल करने की होड़ लगी है। हालांकि अमेरिका से समर्थन प्राप्त करने वाले देश यूक्रेन को इस बात की भी चिंता है कि उसे क्षेत्र की शांति के बदले कुछ रियायतें देने को मजबूर होना पड़ सकता है। दरअसल ट्रंप, जो बाइडेन प्रशासन द्वारा मास्को के खिलाफ कीव को प्रदान की गई अरबों डॉलर की सहायता को लेकर सवाल खड़े करते रहे हैं।

दोनों देश के राष्ट्रपतियों से बात कर नरसंहार को रोकने की बात डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। ट्रंप ने कहा, हम राष्ट्रपति पुतिन से बात करेंगे साथ ही हम जेलेंस्की और यूक्रेन के प्रतिनिधियों से भी बात करेंगे। उन्होंने युद्ध का जिक्र करते हुए कहा, हमें इसे रोकना होगा, यह नरसंहार है। टिप्पणी ऐसे समय में की गई है जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन में अपनी सेना के आगे बढ़ते रहने के कदम की सराहना करते हुए कहा था कि ये वर्ष ऐतिहासिक रहा। बता दें कि ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि वह संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने पर काम करेंगे। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह ऐसा कैसे करेंगे। ज्ञात हो कि ट्रंप ने इस महीने पेरिस में फ्रांसीसी नेता इमैनुएल मैक्रों द्वारा आयोजित एक बैठक में जेलेंस्की से मुलाकात की थी, जिसके बाद यूक्रेनी नेता ने दावा किया था कि कीव एक स्थायी शांति और सुरक्षा गारंटी की मांग कर रहा है।

यूक्रेन के मित्र और पड़ोसी देश पोलैंड ने सोमवार को अपील की कि कीव को शांति वार्ता के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोर्स्की ने कहा कि ऐसा करने के लिए पीड़ित को नहीं बल्कि हमलावर को प्रोत्साहित और मजबूर किया जाना चाहिए। यूक्रेन युद्ध के एक और शीतकाल में प्रवेश कर रहा है, क्योंकि रूसी हमलों के कारण उसका ऊर्जा ग्रिड पहले ही बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। साथ ही ट्रंप ने यह बात ऐसे समय कही, जब रूसी सेनाएं पूर्वी शहर पोक्रोवस्क के प्रवेश द्वार पर पहुंच चुकी हैं। वर्ष के अंत में आयोजित बैठक में शीर्ष सैन्य जनरलों को संबोधित करते हुए पुतिन ने सोमवार को दावा किया कि उनके सैनिकों का इस युद्ध के अग्रिम मोर्चे पर दबदबा कायम है। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 02:42:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका : विस्कॉन्सिन स्कूल में गोलीबारी से मरने वालों की संख्या दो</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-वसकनसन-सकल-म-गलबर-स-मरन-वल-क-सखय-द</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-वसकनसन-सकल-म-गलबर-स-मरन-वल-क-सखय-द</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 17 दिसंबर । विस्कॉन्सिन के मैडिसन स्थित एबंडैंट लाइफ क्रिश्चियन स्कूल में सोमवार को हुई गोलीबारी में एक शिक्षक और एक किशोर छात्र की मौत हो गई, जबकि छह छात्र घायल हो गए। पुलिस ने पहले मृतकों की संख्या अधिक बताई थी, लेकिन बाद में इसे सही करार दिया। पुलिस ने बताया कि स्कूल का संदिग्ध किशोर छात्र अब मर चुका है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, संदिग्ध ने हैंडगन का इस्तेमाल किया था।

मैडिसन के पुलिस प्रमुख शॉन बार्न्स ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमले का मकसद अभी तक साफ नहीं है। उन्होंने बताया कि छह घायल छात्रों में से दो की हालत गंभीर है और उन्हें गंभीर चोट आई है, जबकि बाकी चार छात्रों को हल्की चोट आई हैं। अधिकारी छात्रों को उनके माता-पिता से मिलाने की कोशिश कर रहे हैं। एबीसी न्यूज के अनुसार, इस स्कूल में किंडरगार्टन से 12वीं कक्षा तक लगभग 390 छात्र पढ़ाई करते हैं। विस्कॉन्सिन के सार्वजनिक निर्देश अधीक्षक जिल अंडरली ने एक बयान में कहा, यह घटना हमें याद दिलाती है कि हमें अपने बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए और मेहनत करनी चाहिए, ताकि ऐसी दुखद घटनाएं फिर से न हों। हम तब तक आराम नहीं करेंगे जब तक हम ऐसे उपाय नहीं ढूंढ लेते, जो हमारे स्कूलों को सुरक्षित बना सकें। विस्कॉन्सिन के गवर्नर टोनी एवर्स ने लिखा, मैं मैडिसन के एबंडैंट लाइफ क्रिश्चियन स्कूल में हुई घटना पर नजर बनाए हुए हूं।

हम बच्चों, शिक्षकों और पूरे स्कूल के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। हम और जानकारी का इंतजार कर रहे हैं और पहले उत्तरदाताओं के लिए आभारी हैं, जिन्होंने त्वरित प्रतिक्रिया दी। मैडिसन पुलिस विभाग ने कहा कि वे पीड़ितों के परिवारों से संपर्क करने के बाद ही जानकारी देंगे, इसलिये सोमवार सुबह एक ईसाई स्कूल में गोलीबारी में मारे गए दो लोगों के बारे में जानकारी नहीं दी। संघीय जांच ब्यूरो और शराब, तंबाकू, फायर आर्म्स और विस्फोटक ब्यूरो के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और स्थिति की जांच कर रहे हैं। सीनेटर रॉन जॉनसन ने सोशल मीडिया पर लिखा, एबंडैंट लाइफ क्रिश्चियन स्कूल में हुई इस दुखद घटना के सभी पीड़ितों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं। मैं स्थिति पर नजर रखे हुए हूं। विस्कॉन्सिन के गवर्नर टोनी एवर्स ने लिखा, मैं मैडिसन के एबंडैंट लाइफ क्रिश्चियन स्कूल में हुई घटना पर नजर बनाए हुए हूं।

हम बच्चों, शिक्षकों और पूरे स्कूल के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। हम और जानकारी का इंतजार कर रहे हैं और पहले उत्तरदाताओं के लिए आभारी हैं, जिन्होंने जल्दी से प्रतिक्रिया दी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को मैडिसन के स्कूल में हुई गोलीबारी के बारे में जानकारी दी गई है। वरिष्ठ उप प्रेस सचिव एमिली सिमंस ने कहा, राष्ट्रपति को विस्कॉन्सिन के मैडिसन स्कूल में हुई गोलीबारी के बारे में जानकारी दी गई है। व्हाइट हाउस के अधिकारी जरूरत के अनुसार मदद करने के लिए मैडिसन में स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं। के-12 स्कूल शूटिंग डेटाबेस के अनुसार, इस साल अमेरिका में 322 स्कूलों में गोलीबारी हुई हैं, जो 1966 के बाद से किसी भी साल में दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। यह संख्या पिछले साल की 349 गोलीबारी से कम है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 02:42:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हिंद महासागर के छोटे से द्वीप पर शक्तिशाली तूफ़ान ने मचाई तबाही, सैकड़ों लोगों के मरने की आशंका</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हद-महसगर-क-छट-स-दवप-पर-शकतशल-तफन-न-मचई-तबह-सकड-लग-क-मरन-क-आशक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हद-महसगर-क-छट-स-दवप-पर-शकतशल-तफन-न-मचई-तबह-सकड-लग-क-मरन-क-आशक</guid>
        <description>हिंद महासागर में मौजूद मायोट द्वीप से शक्तिशाली चक्रवाती तूफ़ान चिडो के टकराने के बाद वहां बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं.

इस द्वीप पर फ्रांस का अधिकार है. बताया जा रहा है इलाक़े में यह पिछले 100 साल का सबसे शक्तिशाली तूफ़ान है.

फ़िलहाल कम से कम 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. लेकिन राहतकर्मियों ने जो तबाही वहां देखी है उसके बाद कहा है कि मरने वालों की तादाद इससे कहीं अधिक होने वाली है.

अधिकारियों के मुताबिक़ तूफ़ान की वजह से सैंकड़ों की संख्या में लोगों की मौत की आशंका है. राहतकर्मी अब भी कुछ प्रभावित इलाक़ों में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.

मायोट की आबादी 3,20,000 है. इस वक्त वहां हज़ारों लोग भोजन, पानी और शेल्टर के बिना रह रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 01:46:59 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>&amp;apos;ओपनएआई&amp;apos; को लेकर कई खुलासे करने वाले सुचिर बालाजी अमेरिकी अपार्टमेंट में पाए गए मृत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ओपनएआई-क-लकर-कई-खलस-करन-वल-सचर-बलज-अमरक-अपरटमट-म-पए-गए-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ओपनएआई-क-लकर-कई-खलस-करन-वल-सचर-बलज-अमरक-अपरटमट-म-पए-गए-मत</guid>
        <description>सैन फ्रांसिस्को, 14 दिसंबर । ओपन-एआई के पूर्व कर्मचारी सुचिर बालाजी अपने अपार्टमेंट के अंदर मृत पाए गए हैं। सैन जोस मर्करी न्यूज के अनुसार, बालाजी उनके बुकानन स्ट्रीट अपार्टमेंट के अंदर मृत पाए गए। उनके मृत होने की पुष्टि सैन फ्रांसिस्को पुलिस और मुख्य चिकित्सा परीक्षक के कार्यालय ने की है। चिकित्सा परीक्षक के कार्यालय ने मृत्यु के तरीके को आत्महत्या माना और पुलिस अधिकारियों ने इस सप्ताह कहा कि वर्तमान में, किसी भी तरह की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं है। रिपोर्टों में एक प्रवक्ता के हवाले से कहा गया, मुख्य चिकित्सा परीक्षक कार्यालय (ओसीएमई) ने मृतक की पहचान सैन फ्रांसिस्को निवासी 26 वर्षीय सुचिर बालाजी के रूप में की है।

उनकी मौत आत्महत्या के रूप में निर्धारित की गई है। प्रवक्ता ने कहा, ओसीएमई ने परिजनों को सूचित कर दिया है और इस समय प्रकाशन के लिए कोई और टिप्पणी या रिपोर्ट नहीं है। सुचिर बालाजी ने लगभग चार साल तक ओपनएआई में काम किया था। तब उन्हें एहसास हुआ कि यह तकनीक समाज को फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाएगी। यह बात उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स से कही थी। ओपनएआई के प्रवक्ता ने कहा, आज इस बेहद दुखद समाचार को जानकर हम स्तब्ध हैं और इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं सुचिर के प्रियजनों के साथ हैं। अक्टूबर में एक्स पर एक पोस्ट करके बालाजी बताया था, मैं लगभग 4 साल तक ओपनएआई में था और उनमें से पिछले 1.5 साल तक चैटजीपीटी पर काम किया। शुरुआत में मुझे कॉपीराइट, फेयर यूज आदि के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी, लेकिन जेनएआई कंपनियों के खिलाफ सभी मुकदमों को देखने के बाद मैं जानने को उत्सुक हो गया।

बालाजी ने आगे लिखा, जब मैंने इस मुद्दे को बेहतर ढंग से समझने की कोशिश की, तो अंत में इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि फेयर यूज कई जेनएआई उत्पादों के लिए एक बहुत ही अविश्वसनीय डिफेंस की तरह लगता है, मूल कारण यह है कि वे ऐसे विकल्प बना सकते हैं जो उस डाटा के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं जिस पर उन्हें प्रशिक्षित किया जाता है। बालाजी कंप्यूटर विज्ञान का अध्ययन करने के लिए कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले गय थे। वह कैलिफोर्निया के क्यूपर्टिनो में पले-बढ़े। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 01:51:54 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने दिया रहस्यमयी ड्रोन दिखाई देने पर उसे मार गिराने का निर्देश</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-दय-रहसयमय-डरन-दखई-दन-पर-उस-मर-गरन-क-नरदश</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-दय-रहसयमय-डरन-दखई-दन-पर-उस-मर-गरन-क-नरदश</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 14 दिसंबर। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के विभिन्न हिस्सों में दिखाई देने वाले रहस्यमयी ड्रोन को मार गिराने का निर्देश दिया है।

रहस्यमयी ड्रोन सबसे पहले न्यू जर्सी में देखे गए थे लेकिन उसके बाद से अब इस प्रकार के ड्रोन अन्य स्थानों पर भी दिखाई देने लगे हैं।

हालांकि अमेरिकी सरकार और व्हाइट हाउस ने अब तक यही कहा है कि इनसे राष्ट्रीय सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है और न ही इसमें किसी विदेशी हाथ होने का कोई सबूत है लेकिन फिर भी रहस्यमयी ड्रोन का दिखना जांच का विषय है।

ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, देश भर में रहस्यमयी ड्रोन दिखाई दिए हैं। क्या यह वास्तव में हमारी सरकार की जानकारी के बिना हो रहा है? मुझे ऐसा नहीं लगता, या तो जनता को इसके बारे में अभी जानकारी दो अथवा उन्हें मार गिराओ।

ट्रंप ने इस पोस्ट के अंत में अपने हस्ताक्षर भी किए।

इससे पहले बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति कार्यालय एवं राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस ने कहा था कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि ड्रोन देखे जाने की कथित घटनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं या उनका किया अन्य देश से संबंध है।

व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा संचार सलाहकार जॉन किर्बी ने संवाददाताओं को बताया कि आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय और एफबीआई इन घटनाओं की जांच कर रहे हैं, तथा यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये ड्रोन कहां से आ रहे हैं।

किर्बी ने कहा,  अमेरिका का तट रक्षक बल न्यूजर्सी को सहयोग दे रहा । महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में ड्रोन दिखाई देने की कोई सूचना नहीं है....।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 01:51:54 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने सभी अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेजे जाने पर जोर दिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/newly-elected-president-trump</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/newly-elected-president-trump</guid>
        <description>newly elected president trump</description>
        <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 01:58:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने जन्मजात अमेरिकी नागरिकता ख़त्म करने के बारे में क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-जनमजत-अमरक-नगरकत-खतम-करन-क-बर-म-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-जनमजत-अमरक-नगरकत-खतम-करन-क-बर-म-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि कार्यकाल संभालने के पहले दिन ही वो साल 2021 में यूएस कैपिटल हिल दंगों में शामिल लोगों को माफ़ी दे देंगे.

नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद ट्रंप ने पहली बार टीवी पर इंटरव्यू दिया है. ट्रंप ने एनबीसी से कहा, ये लोग नरक में जी रहे हैं.

साथ ही ट्रंप ने अमेरिका में पैदा होने वाले लोगों को स्वतः नागरिकता दिए जाने की नीति को ख़त्म करने की बात कही है.

हालांकि उन्होंने उन अवैध अप्रवासियों की मदद के लिए डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की पेशकश की है, जो बच्चों के रूप में अमेरिका आए हैं.

शुक्रवार को ट्रंप ने कहा है कि कार्यकाल संभालने के बाद वो कई मामलों पर आदेश जारी करेंगे, इनमें अप्रवासन, ऊर्जा और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 01:58:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इमरान ख़ान ने कहा&amp; &amp;apos;पाकिस्तान में तानाशाही स्थापित हो गई है&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इमरन-खन-न-कह-पकसतन-म-तनशह-सथपत-ह-गई-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इमरन-खन-न-कह-पकसतन-म-तनशह-सथपत-ह-गई-ह</guid>
        <description>पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के एक्स अकाउंट से किए गए लंबे पोस्ट में आने वाले दिनों में पार्टी के आंदोलन की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी गई है.

गुरुवार की रात को किए गए पोस्ट में लिखा गया है, देश में तानाशाही स्थापित हो गई है. सरकारी आतंकवाद की वजह से निर्दोष और शांत राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर गोली चलाई गई और उन्हें शहीद किया गया. हमारे हजारों कार्यकर्ता लापता हैं. सुप्रीम कोर्ट को अब इस पर संज्ञान लेना चाहिए और अपनी संवैधानिक भूमिका निभानी चाहिए.

हमने गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए सुप्रीम कोर्ट, लाहौर हाई कोर्ट और इस्लामाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अदालतों ने कोई कार्रवाई नहीं की और अब देश इस स्थिति तक पहुंच गया है.

पोस्ट में लिखा है, हम 13 दिसंबर को शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए पेशावर में एक भव्य सभा का आयोजन किया जाएगा. इस सभा में भाग लेने के लिए विपक्षी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया जाएगा.

इमरान ख़ान की ओर से जारी इस संदेश के ज़रिए विचारधीन राजनीतिक कैदियों को रिहाई और 9 मई और 26 नवंबर की घटनाओं की पारदर्शी जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन की मांग उठाई गई है.

इसमें कहा गया है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 14 दिसंबर से सविनय अवज्ञा आंदोलन और बहिष्कार अभियान करने की घोषणा की है.

26 नवंबर को इमरान ख़ान की रिहाई के लिए तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बुशरा बीबी के नेतृत्व में इस्लामाबाद में विरोध प्रदर्शन किया था.

प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हुई गिरफ़्तारी और पुलिस कार्रवाई के बाद पीटीआई ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 06 Dec 2024 01:07:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सूडान : आरएसएफ के हमले में कम से कम 20 नागिरकों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सडन-आरएसएफ-क-हमल-म-कम-स-कम-20-नगरक-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सडन-आरएसएफ-क-हमल-म-कम-स-कम-20-नगरक-क-मत</guid>
        <description>खार्तूम, 5 दिसंबर । सूडान में उत्तरी दारफुर राज्य के एक क्षेत्र पर अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के हमले में 20 नागरिकों की मौत हो गई। दारफुर क्षेत्र के गवर्नर ने यह जानकारी दी। गवर्नर मिन्नी आर्को मिन्नावी ने बुधवार को अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में कहा, आरएसएफ ने एल फशर शहर के दक्षिण में अबू जेरिगा क्षेत्र में नरसंहार किया, जिसमें 20 नागरिकों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार मिन्नावी ने बताया कि हमला मंगलवार को हुआ। गवर्नर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवीय संगठनों से अपराधों का दस्तावेजीकरण करने और अपराधियों को इंसाफ के कटघरे में लाने के लिए इंटरनेशनल जांच टीम भेजने की अपील की। मिन्नावी ने सहायता संगठनों से गहराते मानवीय संकट के बीच प्रभावित आबादी को मदद पहुंचाने की कोशिशों को तेज करने की अपील की।

इस बीच, गैर-सरकारी सूडानी डॉक्टर्स नेटवर्क ने कहा कि हमले में 21 नागरिकों की मौत हो गई जबकि 13 अन्य घायल हो गए। आरएसएफ ने अबू जेरिगा क्षेत्र पर हुए हमले पर कोई टिप्पणी जारी नहीं की है। 10 मई से अल फशर में सूडानी सशस्त्र बलों (एसएएफ) और आरएसएफ के बीच भीषण झड़पें हुई हैं। दोनों पक्ष अप्रैल 2023 के मध्य से एक क्रूर संघर्ष में उलझे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अनुमानों के अनुसार, सूडान में चल रहे युद्ध में 27,120 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 14 मिलियन से अधिक लोग देश के भीतर या विदेश में विस्थापित हुए हैं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 05 Dec 2024 03:06:31 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण कोरिया मार्शल लॉ विवाद : रक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार, रिटायर्ड आर्मी जनरल लेंगे उनकी जगह</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-मरशल-ल-ववद-रकष-मतर-क-इसतफ-सवकर-रटयरड-आरम-जनरल-लग-उनक-जगह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-मरशल-ल-ववद-रकष-मतर-क-इसतफ-सवकर-रटयरड-आरम-जनरल-लग-उनक-जगह</guid>
        <description>सोल, 5 दिसंबर । दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सूक योल ने रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति कार्यालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। देश में मार्शल लॉ लागू होने में उनकी कथित भूमिका को लेकर बढ़ते विवाद के बीच यह इस्तीफा हुआ है। बता दें राष्ट्रपति यून सुक-योल ने देश में मंगलवार रात मॉर्शल लॉ लगाने की घोषणा की थी। हालांकि बुधवार सुबह उन्हें अपना फैसला पलटना पड़ा। मार्शल लॉ कुछ ही घंटे तक लागू रहा। आरोप है कि किम ने कथित तौर पर मार्शल लॉ घोषित करने का प्रस्ताव रखा था। उनके इस्तीफे की मांग विपक्षी ही नहीं बल्कि सत्तारूढ़ पार्टी की तरफ से भी गई।

यून के चीफ ऑफ स्टाफ चुंग जिन-सुक ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि राष्ट्रपति ने किम के उत्तराधिकारी के रूप में चोई ब्युंग-हुक को नामित किया, जो एक रिटायर्ड फोर स्टार आर्मी जनरल हैं और वर्तमान में सऊदी अरब में दक्षिण कोरिया के राजदूत के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून ने बुधवार को माफी मांगी और इस्तीफे की पेशकश की। किम ने एक बयान में कहा, मैंने इमरजेंसी मार्शल लॉ की वजह से पैदा हुई उथल-पुथल की जिम्मेदारी लेते हुए राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

यून की मार्शल लॉ की घोषणा का न सिर्फ विपक्षी पार्टियों ने बल्कि उनकी अपनी सत्ताधारी दल पीपुल्स पावर पार्टी (पीपीपी) ने भी विरोध किया। मीडिया रिपोट्स के मुताबिक राष्ट्रपति यून सुक-योल पीपुल्स पावर की लोकप्रियता रेटिंग लगातार कम हो रही है। उनकी पत्नी भी कुछ कथित घोटालों और विवादों से जुड़ी रही हैं। इस बीच बुधवार को विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ महाभियोग चलाने का प्रस्ताव पेश किया। मुख्य विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ रीबिल्डिंग कोरिया पार्टी और रिफॉर्म पार्टी सहित पांच अन्य छोटी विपक्षी पार्टियों ने दोपहर 2:43 (स्थानीय समायुनुसार) बजे नेशनल असेंबली में बिल ऑफिस में प्रस्ताव पेश किया। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 05 Dec 2024 03:06:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मस्क और ट्रंप: हितों के टकराव के बीच कब तक टिकेगी ये दोस्ती</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मसक-और-टरप-हत-क-टकरव-क-बच-कब-तक-टकग-य-दसत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मसक-और-टरप-हत-क-टकरव-क-बच-कब-तक-टकग-य-दसत</guid>
        <description>इलॉन मस्क को अमेरिका के नए सरकारी दक्षता विभाग का प्रभारी बनाना कई सवालों को जन्म देता है. सोचिए क्या दुनिया का सबसे अमीर आदमी सरकारी खर्च में कटौती की मुहिम का नेतृत्व करते हुए अपने निजी हितों को पीछे छोड़ पाएगा?

डॉयचे वैले पर टिमोथी रुक्स की रिपोर्ट-

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने वाले डॉनल्ड ट्रंप और दुनिया के सबसे अमीर आदमी इलॉन मस्क की बढ़ती दोस्ती के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है. जो जोड़ी पहले अजीब लग रही थी, वह मस्क के लिए काम के नए अवसर में बदल गई. कुछ हफ्ते पहले, दोनों को फ्लोरिडा के पाम बीच, न्यूयॉर्क में एक अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप मैच के रिंगसाइड, और एक जेट में मैकडॉनल्ड्स खाते हुए देखा गया.

चुनाव से पहले, ट्रंप ने घोषणा की थी कि वह अमेरिकी कंपनी टेस्ला के सीईओ को सरकारी दक्षता आयोग का प्रभारी बनाएंगे. नई एजेंसी को सरकारी दक्षता विभाग यानी डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) कहा जाएगा.

क्या होगा मस्क का नया काम
चूंकि यह एक नई एजेंसी होगी, इसलिए कोई नहीं जानता कि यह क्या करेगी और इसके पास क्या अधिकार होंगे. हालांकि, ऐसी संभावना जताई जा रही है कि यह सिर्फ एक छोटा सलाहकार समूह होगा, जो न तो सरकार में शामिल होगा और न ही यह कोई वास्तविक विनियामक प्राधिकरण यानी रेगुलेटरी अथॉरिटी होगा. हालांकि, मस्क की वजह से इसका प्रभाव जरूर होगा और इस समूह की बात सुनी जाएगी.

फिलहाल, 2024 के लिए अमेरिका के सरकारी बजट के तौर पर करीब 68 खरब डॉलर का आवंटन किया गया है. सरकारी दक्षता विभाग का लक्ष्य सरकारी बजट और खर्च को कम करना है. यह विभाग अमेरिकी बजट में 20 खरब डॉलर की कटौती करना चाहता है. इसके लिए, यह केंद्र सरकार के आकार को स्थायी तौर पर छोटा, अनावश्यक खर्चों, नियम-कानूनों और कर्मचारियों में कटौती करना चाहता है. मस्क खुद अपने कारोबार में खर्च में कटौती करने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन अमेरिकी सरकार के खर्च को कम करना एक बड़ी चुनौती होगी. इस परियोजना यानी खर्च में कटौती को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

मिशिगन यूनिवर्सिटी के फोर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी में प्रोफेसर डॉनल्ड मोयनेहेन का मानना है कि मस्क का सरकार के साथ कोई खास अनुभव नहीं है. वह तो बस सरकार के खिलाफ मुकदमे लड़ते रहे हैं या सरकार के बारे में झूठी या गुमराह करने वाली खबरें फैलाते रहे हैं. उन्होंने डीडब्ल्यू को बताया, संघीय सरकार को आधुनिक बनने की जरूरत है, लेकिन मस्क ने सिर्फ खर्च में कटौती और उन लोगों को सजा देने की बात की है जिनसे वे असहमत हैं. उनका हिसाब किताब सही नहीं है.

अमेरिका का 2023 का बजट 61 खरब डॉलर था. इसका एक तिहाई हिस्सा सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं पर खर्च किया गया. ट्रंप ने कहा है कि इन क्षेत्रों के लिए खर्च की जाने वाली राशि में वे किसी तरह की कटौती नहीं करेंगे. संसद की स्वतंत्र संस्था कांग्रेसनल बजट ऑफिस के मुताबिक, ऐसे में कानून बनाने वालों के पास सिर्फ 17 खरब डॉलर खर्च करने का अधिकार है. बाकी पैसे पहले से ही खर्च करने के लिए तय किए जा चुके हैं.

स्पेसएक्स और हितों का टकराव
मस्क पहले से ही टेस्ला, स्पेसएक्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स जैसी छह कंपनियों का संचालन कर रहे हैं. ऐसे में, एक नया पद लेने से उनके लिए हितों का टकराव हो सकता है, खासकर जब उनकी कई कंपनियां सरकार से सब्सिडी या सीधे सरकारी ठेके लेती हैं, जिससे वे सरकारी ठेकेदार बन जाती हैं. ये कंपनियां ऐसी नई खोज और तकनीक भी विकसित और इस्तेमाल करती हैं जो नियम-कानूनों की सीमाओं को पार करती हैं यानी कभी-कभी उनका पालन नहीं करती हैं.

मोयनेहेन ने कहा, मुझे ऐसा कोई व्यक्ति याद नहीं है जिसका सरकारी अधिकारी के साथ इतना स्पष्ट और सीधा टकराव हो कि उसका कारोबार प्रभावित होता हो और उसे सरकार के खर्च, संरचना और कर्मचारियों की छंटनी के बारे में सलाह देने का मौका दिया गया हो. यह बहुत ही अजीब और भ्रष्टाचार की तरह है.

पिछले कुछ सालों में, स्पेसएक्स को नासा और रक्षा विभाग से अरबों डॉलर के ठेके मिले हैं. इन ठेकों में, उपग्रहों को लॉन्च करना, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की सर्विस करना, और स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशन नेटवर्क का इस्तेमाल करना शामिल है.

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, पिछले दशक में स्पेसएक्स को नासा और रक्षा विभाग से 15 अरब डॉलर से अधिक के ठेके मिले हैं. सिर्फ पिछले साल, मस्क की कंपनियों ने 17 सरकारी एजेंसियों के साथ 3 अरब डॉलर के 100 अलग-अलग अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए.

कुछ अन्य हितों का टकराव
मस्क का अमेरिकी सरकार के विभागों और अन्य नियामकों के साथ विवाद का इतिहास रहा है. साल 2018 में अमेरिकी वित्तीय बाजार विनियामक, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) ने उन पर शेयर बाजार से जुड़े धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे. बाद में समझौता करने के लिए उन्हें टेस्ला के चेयरमैन पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

टेस्ला को कई राज्यों में टैक्स में भारी छूट और अन्य प्रोत्साहन मिले हैं. केंद्र सरकार से भी टेस्ला को कुछ गाड़ियों की सप्लाई करने का छोटा सा ठेका मिला है. हालांकि, मस्क ट्रंप को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टैक्स क्रेडिट जारी रखने या मेक्सिको या कहीं और गाड़ियां बनाने वाली प्रतिस्पर्धी कंपनियों पर टैरिफ बढ़ाने के लिए राजी कर सकते हैं.

मस्क उन नियामकों को प्रभावित कर सकते हैं जो टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक पर करीब से नजर रखना चाहते हैं. वह सत्ता में बैठे लोगों को उत्सर्जन नियमों को बनाए रखने के लिए भी राजी कर सकते हैं, जिससे टेस्ला उन अन्य वाहन निर्माताओं को अरबों डॉलर के क्रेडिट बेच सकता है जो पर्याप्त इलेक्ट्रिक वाहन नहीं बनाते हैं.

मस्क की अन्य कंपनियों एक्सएआई, द बोरिंग कंपनी, न्यूरालिंक और एक्स के पास कोई सरकारी अनुबंध नहीं है. फिर भी, इन कंपनियों को ट्रंप के करीब होने से बहुत फायदा हो सकता है. इस नजदीकी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा </description>
        <pubDate>Tue, 03 Dec 2024 01:50:55 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यमन: हूती ग्रुप का ड्रोन अटैक, मशहूर बाजार को बनाया निशाना, 6 की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यमन-हत-गरप-क-डरन-अटक-मशहर-बजर-क-बनय-नशन-6-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यमन-हत-गरप-क-डरन-अटक-मशहर-बजर-क-बनय-नशन-6-क-मत</guid>
        <description>अदन, 2 दिसम्बर । यमन के ताइज प्रांत के एक मशहूर बाजार पर हूती विद्रोहियों के ड्रोन हमले में छह लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय सरकार के समर्थक सैन्य अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर रविवार को बताया, हूती बमबारी ताइज के मकबानह जिले में एक व्यस्त बाजार में हुई। इस हमले की यमन सरकार ने कड़ी निंदा की और इस घटना के लिए सीधे तौर पर हूती ग्रुप को दोषी ठहराया है। यमन के सूचना मंत्री मुअम्मर अल-एरियानी ने इस बम विस्फोट को ताइज में नागरिकों के खिलाफ हूती मिलिशिया की तरफ से क्रूर और जानबूझकर की गई हत्याओं का विस्तार बताया।

मंत्री ने अतंरराष्ट्रीय कार्रवाई की अपील की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न मानवाधिकार संगठनों से इस घटना की निंदा करने की अपील की। स्थानीय मेडिकल स्रोतों ने बताया कि ड्रोन हमले की वजह से कि कुछ घायलों की हालत गंभीर है। हालांकि, हूती ग्रुप ने ताइज में हुई घटना के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। बता दें कि यमन 2014 के अंत से ही एक विनाशकारी गृहयुद्ध में उलझा हुआ है। हूती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं। 2015 में, हूती समूह ने ताइज प्रांत में प्रवेश किया और इसकी राजधानी ताइज को घेर लिया। हालांकि यह शहर यमन सरकार के नियंत्रण में है, लेकिन अभी भी हूती बलों ने शहर की घेराबंदी की हुई है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 05:20:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सीरिया : तुर्की समर्थित गुटों का अलेप्पो के कुर्द इलाकों पर हमला, अलग&amp;थलग पड़े 2,00,000 से अधिक लोग</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सरय-तरक-समरथत-गट-क-अलपप-क-करद-इलक-पर-हमल-अलग-थलग-पड-200000-स-अधक-लग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सरय-तरक-समरथत-गट-क-अलपप-क-करद-इलक-पर-हमल-अलग-थलग-पड-200000-स-अधक-लग</guid>
        <description>दमिश्क, 2 दिसम्बर । तुर्की समर्थित गुट, अलेप्पो प्रांत में कुर्द-नियंत्रित क्षेत्रों पर हमले कर रहे हैं। हमलों की वजह से 2,00,000 से अधिक सीरियाई कुर्द अलग-थलग पड़ गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि ऑपरेशन डॉन ऑफ फ्रीडम नामक इस हमले का टारगेट ग्रामीण अलेप्पो था, जहां 200,000 से अधिक सीरियाई कुर्द रहते हैं। ऑब्जर्वेटरी ने कहा कि सीरियन नेशनल आर्मी के बैनर तले काम कर रहीं तुर्की समर्थित गुटों ने तेल रिफात शहर सहित कई क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा कई इलाकों की घेराबंदी कर दी है, सड़कें ब्लॉक कर दी है और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों जाने से रोक दिया है।

जवाब में, सीरिया में कुर्द स्वायत्त प्रशासन ने आगे बढ़ रहे तुर्की समर्थित गुटों का विरोध करने के लिए लामबंदी की घोषणा की है। तेल रिफात और उसके आस-पास के इलाके 2016 से कुर्द नियंत्रण में हैं। ये पिछले तुर्की सैन्य अभियानों की वजह से विस्थापित कुर्दों के लिए शरणस्थली बन हुए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सीरिया में व्यापक संघर्ष छिड़ा हुआ है। हयात तहरीर अल-शाम जैसे विद्रोही ग्रुप और उसके सहयोगी गुट सरकार द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों के खिलाफ बड़े अभियान चला रहे हैं। तुर्की सरकार सीरिया में कुछ कुर्द समूहों, विशेष रूप से पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट्स (वाईपीजी) को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा मानती है।

अंकारा का मानना है कि वाईपीजी के कथित रूप से कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) से संबंध हैं। पीकेके को तुर्की, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ ने आतंकी संगठन घोषित किया है। इस बीच सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने आतंकवादी संगठनों से पूरी ताकत और दृढ़ संकल्प के साथ लड़ने का संकल्प लिया। असद ने इस बात पर जोर दिया कि विद्रोहियों के खिलाफ सीरिया की लड़ाई ना केवल राष्ट्रीय हितों बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी जरूरी है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने सरकारी समाचार एजेंसी सना के हवाले से बताया कि असद ने अराघची से कहा, आतंकवाद का सामना करना, इसकी संरचना को खत्म करना और इसके स्रोतों को खत्म करना पूरे क्षेत्र के लिए फायदेमंद है। वहीं अराघची ने ईरानी नेतृत्व की तरफ से उन्हें समर्थन का संदेश दिया। इसमें सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता और चल रहे संघर्ष में व्यापक समर्थन प्रदान करने की उसकी तत्परता को जाहिर किया गया। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 05:20:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सीरिया: कट्टरपंथी विद्रोही समूहों का बड़ा हमला, 89 लोगों की मौत, कई गांवों और कस्बों पर किया कब्जा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सरय-कटटरपथ-वदरह-समह-क-बड-हमल-89-लग-क-मत-कई-गव-और-कसब-पर-कय-कबज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सरय-कटटरपथ-वदरह-समह-क-बड-हमल-89-लग-क-मत-कई-गव-और-कसब-पर-कय-कबज</guid>
        <description>दमिश्क, 28 नवंबर। हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) विद्रोही समूह और उसके सहयोगी गुटों ने अलेप्पो प्रांत के पश्चिमी ग्रामीण इलाकों में सीरियाई सैन्य ठिकानों पर बड़ा हमला किया। बुधवार की झड़पों में 89 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एचटीएस और उसके समर्थक गुटों के 52 लड़ाके और सीरियाई सरकारी बलों के 37 सैनिक शामिल थे। सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि एचटीएस और अल-फतह अल-मुबीन ऑपरेशन रूम के गुटों ने ऑपरेशन शुरू होने के 12 घंटे से भी कम समय में 21 गांवों, कस्बों और रणनीतिक स्थलों पर नियंत्रण कर लिया।

पांच सीरियाई सैनिकों को एचटीएस ने बंधक बना लिया और हथियार डिपो, बख्तरबंद वाहन और भारी हथियार भी जब्त कर लिए। ऑब्जर्वेटरी ने बताया कि हमले के जवाब में, रूसी युद्धक विमानों ने अटारीब शहर के आसपास विद्रोहियों गुटों के ठिकानों पर वैक्यूम मिसाइलों का उपयोग करके हमले किए। सीरियाई सरकारी बलों ने अटारीब, दारत इज्जाज और आसपास के गांवों पर सैकड़ों तोपों और रॉकेटों से बमबारी की। ऑब्जर्वेटरी के अनुसार, एक दिन पहले, एचटीएस की तैयारियों कारण पश्चिमी अलेप्पो के ग्रामीण इलाकों में अतारिब और आसपास के गांवों से नागरिकों को बड़ी संख्या में पलायन करना पड़ा था। एचटीएस, जिसे पहले नुसरा फ्रंट के नाम से जाना जाता था, को कई देश आतंकवादी संगठन मानते हैं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 28 Nov 2024 01:34:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कमला हैरिस ने लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए लड़ते रहने का संकल्प जताया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-लकततर-और-कनन-क-शसन-क-लए-लडत-रहन-क-सकलप-जतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-लकततर-और-कनन-क-शसन-क-लए-लडत-रहन-क-सकलप-जतय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 27 नवंबर। रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप से राष्ट्रपति पद का चुनाव हारने के कुछ दिनों बाद, अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा है कि वह लोकतंत्र, कानून के शासन, समान न्याय और स्वतंत्रता के लिए लड़ाई जारी रखेंगी।

हैरिस ने देश भर में अपने प्रमुख समर्थकों और धन जुटाने वालों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसा भविष्य सुनिश्चित करने के लिए बहुत कुछ लड़ना है, जहां हर कोई अपने सपनों को पूरा कर सके और यह लड़ाई पांच नवंबर को समाप्त नहीं हुई है। ये समर्थक और धन जुटाने वाले उनके राष्ट्रपति पद के चुनाव अभियान का हिस्सा थे और मंगलवार को उनके एक आह्वान पर इकट्ठा हुए थे।

राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव पांच नवंबर को हुआ था। ट्रंप राष्ट्रपति जो बाइडन का स्थान लेंगे, जबकि हैरिस का स्थान जे डी वांस लेंगे।

हैरिस ने कहा, हम लड़ाई जारी रखेंगे। हमें ऐसे भविष्य के लिए बहुत संघर्ष करना है, जहां हर कोई अपने सपनों, अपनी महत्वाकांक्षाओं और अपनी आकांक्षाओं को पूरा कर सके। हम महिलाओं के अपने शरीर के बारे में निर्णय लेने के अधिकार के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा कि हम अपने लोकतंत्र, कानून के शासन और समान न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह अनिश्चितताओं से भरा समय है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 27 Nov 2024 02:33:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण कोरिया : 14 वर्षों में रिकॉर्ड की गई उच्च जन्म दर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-14-वरष-म-रकरड-क-गई-उचच-जनम-दर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-14-वरष-म-रकरड-क-गई-उचच-जनम-दर</guid>
        <description>सोल, 27 नवंबर (आईएएनएस)। लगातार घटती आबादी से परेशान दक्षिण कोरिया के लिए सितंबर गुड न्यूज देकर गया। लगभग 14 साल में ऐसा पहली बार हुआ कि इस महीने में बड़ी संख्या में नवजात जन्मे। घटते जन्म दर और तेजी से बढ़ती उम्र के गंभीर जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से निपटने को लेकर दक्षिण कोरिया संघर्ष कर रहा है। योनहाप समाचार एजेंसी ने बताया स्टैस्टिक कोरिया द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार सितंबर में कुल 20,590 बच्चे पैदा हुए, जो एक साल पहले की तुलना में 10.1 प्रतिशत (1,884 नवजात शिशुओं की वृद्धि) अधिक है। बता दें कि यह जनवरी 2011 के बाद से सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि है, जब बच्चों के जन्म में 10.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। एजेंसी के एक अधिकारी इम यंग-इल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया, यह वृद्धि कोविड-19 महामारी के शुरुआती चरणों के दौरान शादियों में देरी होने के बाद 2022 की दूसरी छमाही से 2023 की पहली छमाही तक अधिक शादियां करने के कारण हुई है। एजेंसी ने बताया कि इस साल की तीसरी तिमाही में कुल 61,288 बच्चे पैदा हुए, जो पिछले साल की इसी अवधि से 8 प्रतिशत अधिक है।

यह संख्या 2012 की तीसरी तिमाही के बाद से सबसे बड़ी तिमाही वृद्धि को भी दर्शाती है। देश में तीसरी तिमाही में कुल प्रजनन दर 0.76 रही, जो कि एक महिला के जीवनकाल में होने वाले औसत बच्चों की संख्या को दिखाती है। जनवरी-सितंबर अवधि के लिए यह दर 0.74 रही। नौ महीने का यह आंकड़ा 2023 के पूरे वर्ष के लिए दर्ज 0.72 से अधिक है, जो 1970 के बाद का सबसे निम्नतम स्तर है। यंग-इल ने कहा, इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि 2024 में कुल प्रजनन दर 0.72 से ऊपर हो सकती है और अगर मौजूदा रुझान चौथी तिमाही में भी जारी रहता है, तो यह 0.74 के आसपास भी पहुंच सकती है। हालांकि, यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह आंकड़ा बेहद अच्छा है क्योंकि यह अभी भी अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है। दक्षिण कोरिया अपनी जन्म दर में लगातार गिरावट से जूझ रहा है, क्योंकि युवा लोगों की बढ़ती संख्या विवाह और माता-पिता बनने में देरी या इससे बचने का विकल्प चुन रही है। विवाह को प्रोत्साहित करने और प्रजनन दर में सुधार करने के लिए, सरकार ने विभिन्न विवाह लाभ और बाल देखभाल के लिए सहायता शुरू की है। इस बीच, सितंबर में मौतों की संख्या पिछले साल की तुलना में 3.8 प्रतिशत बढ़कर 29,362 हो गई। इसके अनुसार, दक्षिण कोरिया ने इस महीने में 8,772 की प्राकृतिक जनसंख्या में कमी दर्ज की। 2019 की चौथी तिमाही से मौतों की संख्या नवजात शिशुओं की संख्या से अधिक रही है। रिपोर्ट में यह भी दिखाया गया है कि सितंबर में शादी करने वाले जोड़ों की संख्या पिछले साल की तुलना में 18.8 प्रतिशत बढ़कर 15,368 हो गई। डेटा में कहा गया है कि तलाक लेने वाले जोड़ों की संख्या पिछले साल की तुलना में 0.4 प्रतिशत से बढ़कर 7,531 हो गई। --आईएएनएस एमकेएस/केआर</description>
        <pubDate>Wed, 27 Nov 2024 02:33:42 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अदानी के मामले में भारतीय संसद में हंगामें पर क्या बोला अमेरिका?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अदन-क-ममल-म-भरतय-ससद-म-हगम-पर-कय-बल-अमरक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अदन-क-ममल-म-भरतय-ससद-म-हगम-पर-कय-बल-अमरक</guid>
        <description>गौतम अदानी, उनके भतीजे सागर अदानी समेत अमेरिका में आठ लोगों के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी के आरोप तय किए गए हैं.

मामले को लेकर संसद के शीताकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने चर्चा की मांग की तो हंगामें के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर से पूछा राहुल गांधी अदानी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, क्या आप अदानीकी गिरफ्तारी का समर्थन करते हैं?

मैथ्यू मिलर ने इसको लेकर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह कानून प्रवर्तन का मामला है.

मिलर ने कहा, मैं इस विषय पर जस्टिस डिपार्टमेंट के अपने सहकर्मियों से टिप्पणी करने का अनुरोध करूंगा.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी नेता गौतम अदानी को गिरफ्तार कर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 26 Nov 2024 01:55:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सीरिया पर इजरायली हवाई हमले में कई पुल और मार्ग क्षतिग्रस्त</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/israeli-on-syria</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/israeli-on-syria</guid>
        <description>israeli on syria</description>
        <pubDate>Tue, 26 Nov 2024 01:55:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>तुर्किये में उतरने के बाद रूसी विमान में लगी आग, यात्रियों और चालक दल को सुरक्षित निकाला गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/turkiye</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/turkiye</guid>
        <description>turkiye</description>
        <pubDate>Mon, 25 Nov 2024 02:41:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लेबनान के बेरूत में इजरायली हवाई हमले में तीन पैरामेडिक्स की मौत।</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/three-paramedics-killed-in-israeli-airstrike-on-lebanon-beirut</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/three-paramedics-killed-in-israeli-airstrike-on-lebanon-beirut</guid>
        <description>three-paramedics-killed-in-israeli-airstrike-on-lebanon-beirut</description>
        <pubDate>Sat, 23 Nov 2024 03:44:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>किम जोंग&amp;उन बोले, पहले कभी नहीं रहा परमाणु युद्ध का इतना ज़्यादा ख़तरा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कम-जग-उन-बल-पहल-कभ-नह-रह-परमण-यदध-क-इतन-जयद-खतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कम-जग-उन-बल-पहल-कभ-नह-रह-परमण-यदध-क-इतन-जयद-खतर</guid>
        <description>उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन का कहना है कि इससे पहले परमाणु युद्ध का इतना ज़्यादा ख़तरा कभी नहीं रहा.

किम जोंग-उन ने इसके लिए उत्तर कोरिया को लेकर अमेरिका की आक्रामक और शत्रुतापूर्ण नीतियों को दोषी ठहराया है और कहा कि अमेरिकी नीतियां कभी नहीं बदल सकती हैं.

उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया केसीएनए के मुताबिक़, किम जोंग उन ने गुरुवार को एक सैन्य प्रदर्शनी में कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप पर युद्ध में शामिल पक्षों ने इससे पहले कभी भी इतने ख़तरनाक टकराव का सामना नहीं किया है. यह सबसे विनाशकारी थर्मोन्यूक्लियर युद्ध में बदल सकता है.

उन्होंने कहा, उत्तर कोरिया, अमेरिका के साथ बातचीत में जितना आगे जा सकता था उतना आगे जा चुका है.

किम जोंग-उन की टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर कोरिया और रूस के बीच नज़दीकियां बढ़ रही हैं.

रूस ने इस साल उत्तर कोरिया को हथियारों और सैनिकों के बदले में दस लाख बैरल से भी ज़्यादा तेल सप्लाई किया है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की भी अपने बयान में कह चुके हैं कि रूस यूक्रेनी सैनिकों के इस्तेमाल और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करके युद्ध को और गंभीर करना चाह रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 23 Nov 2024 01:02:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रुस ने यूक्रेन पर हमले में मध्यवर्ती रेंज की नयी मिसाइल का परीक्षण किया : पुतिन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/russia-attacks-ukraine</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/russia-attacks-ukraine</guid>
        <description>Russia attacks Ukraine</description>
        <pubDate>Fri, 22 Nov 2024 00:55:36 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पीएम मोदी को डोमिनिका के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया; बोले, &amp;apos;यह सम्मान 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/dominica</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/dominica</guid>
        <description>Dominica</description>
        <pubDate>Thu, 21 Nov 2024 01:35:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटले के साथ मुलाकात अच्छी रही: पीएम मोदी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/mia-amor-motley</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/mia-amor-motley</guid>
        <description>mia amor motley</description>
        <pubDate>Thu, 21 Nov 2024 01:35:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एलन मस्क की स्पेसएक्स ने इसरो के कम्युनिकेशन सैटेलाइट को किया लॉन्च, क्यों है अहम?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-सपसएकस-न-इसर-क-कमयनकशन-सटलइट-क-कय-लनच-कय-ह-अहम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-सपसएकस-न-इसर-क-कमयनकशन-सटलइट-क-कय-लनच-कय-ह-अहम</guid>
        <description>भारत की नई कम्युनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-एन2 को एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने अमेरिका के केप कैनवरल से सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है.

इसरो की कमर्शियल इकाई न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) ने बताया है कि 4 हज़ार 700 किलोग्राम वज़न वाली ये हाई थ्रूपुट सैटेलाइट (एचटीएस) फैल्कन 9 रॉकेट से लक्षित ऑर्बिट में पहुंच गई है.

एनएसआईएल ने एक्स पर पोस्ट में बताया, एनएसआईएल का जीसैट-एन2 (एचटीएस) कम्युनिकेश सैटेलाइन 19 नवंबर 2024 को अमेरिका के केप कैनवरल से सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया है. जीसैट-एन2 का वज़न 4700 किलोग्राम है. इसे लक्षित ऑर्बिट में पहुंचा दिया गया है और इसरो के मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी यानी एमसीएफ़ ने इसका कंट्रोल भी ले लिया है. शुरुआती जानकारी में सैटेलाइट अच्छी स्थिति में दिख रहा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस सैटेलाइट से पूरे भारत में न केवल ब्रॉडबैंड सर्विस में सुधार होगा बल्कि इससे इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी यानी उड़ान में रहते हुए इंटरनेट के इस्तेमाल में भी बेहतरी आएगी. ये सैटेलाइट 14 साल तक काम कर सकती है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 20 Nov 2024 01:46:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रम्प प्रशासन के दबाव को कम करने के लिए भारत से संबंध सुधारने की कोशिश कर रहा चीन: अघी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरमप-परशसन-क-दबव-क-कम-करन-क-लए-भरत-स-सबध-सधरन-क-कशश-कर-रह-चन-अघ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरमप-परशसन-क-दबव-क-कम-करन-क-लए-भरत-स-सबध-सधरन-क-कशश-कर-रह-चन-अघ</guid>
        <description>(ललित के. झा)

वाशिंगटन, 20 नवंबर। अमेरिका-भारत सामरिक एवं साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा कि अमेरिका में आगामी ट्रम्प प्रशासन का दबाव कम करने के लिए चीन अब भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिका में हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प ने जीत दर्ज की है और वह जनवरी में देश की बागडोर संभालेंगे।

ट्रम्प ने राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान चीन से माल पर 60 प्रतिशत शुल्क और हर दूसरे अमेरिकी आयात पर 20 प्रतिशत तक के शुल्क का प्रस्ताव रखा था।

उन्होंने आगे कहा,  इसलिए हम ट्रम्प प्रशासन के आने का प्रारंभिक प्रभाव देख रहे हैं, जिसने चीन पर भारत के साथ व्यवहार को आसान बनाने का दबाव बनाया है। इसीलिए सीमा पर गश्त पर सहमति बनी है। सीधी उड़ानों पर सहमति बनी है।

अघी ने कहा,  वे भारत आने वाले चीन के लोगों के लिए अधिक वीजा भी जारी करेंगे। आप देख रहे हैं कि ट्रम्प की जीत का भारत-चीन संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

भारत ने पिछले महीने घोषणा की थी कि उसने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त को लेकर चीन के साथ समझौता कर लिया है, जिससे चार साल से अधिक समय से जारी सैन्य गतिरोध समाप्त हो गया।

अघी ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा,  चीन की ओर से यह अनुमान लगाया जा रहा था कि ट्रम्प आ रहे हैं। अमेरिका के साथ रिश्ते तनावपूर्ण हो जाएंगे। इसलिए कई मोर्चों पर तनाव क्यों रखें.. कम से कम भारत के साथ साझेदारी या संभावित रिश्ते को आसान बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि अमेरिका में नया प्रशासन विनिर्माण को चीन से दूर ले जाने और अमेरिका में ही रोजगार सृजन की योजना बना रहा है।

इस बीच, समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) की एक खबर के अनुसार, अमेरिका में कांग्रेस की एक समिति ने सिफारिश की है कि चीन के साथ अपने व्यापार संबंधों को अमेरिका कड़ा करे और लगभग 25 साल पुराने उस फैसले को वापस लेने पर जोर दे जिसने चीन की तीव्र आर्थिक वृद्धि में मदद की थी और जिसे अब अमेरिका में कई लोग अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाने वाला मानते हैं।

अमेरिका-चीन आर्थिक तथा सुरक्षा समीक्षा आयोग ने मंगलवार को कांग्रेस को भेजी अपनी नौ पन्नों की वार्षिक रिपोर्ट में पहली बार चीन के साथ स्थायी सामान्य व्यापार संबंधों को समाप्त करने का आह्वान किया।

यह कदम ट्रम्प और कई प्रमुख रिपब्लिकन सांसदों की विचारधारा के अनुरूप है क्योंकि आने वाले प्रशासन के तहत चीन के साथ व्यापार युद्ध के तेज होने के आसार हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 20 Nov 2024 01:46:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलों के इस्तेमाल की अमेरिकी मंज़ूरी के बाद वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की क्या बोले?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-लब-दर-क-मसइल-क-इसतमल-क-अमरक-मजर-क-बद-वलदमर-जलसक-कय-बल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-लब-दर-क-मसइल-क-इसतमल-क-अमरक-मजर-क-बद-वलदमर-जलसक-कय-बल</guid>
        <description>अमेरिका ने यूक्रेन को सौंपी लंबी दूरी की मिसाइलों का रूस की सीमा के अंदर इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है. इस मुद्दे पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने प्रतिक्रिया दी है.

वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बयान जारी कर कहा, मैं अपने उन साझेदारों का अभारी हूं जो कि एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर हमारा समर्थन करते हैं.

उन्होंने कहा कि हमें अभी भी अपने सहयोगियों से ज़रूरी सुविधाएं नहीं मिली है, लेकिन हम लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम करना जारी रख रहे हैं.

ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को मजबूत करने के लिए जो मैंने विक्ट्री प्लान पेश किया था. इसमें लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता शामिल थी.

मीडिया में बहुत कुछ कहा गया है कि हमें मंजूरी मिल गई है, लेकिन हमला शब्दों से नहीं किया जाता. इन बातों की घोषणा नहीं की जाती. मिसाइलें ख़ुद ही बोलेंगीं.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने देश की संसद के सामने रूस-यूक्रेन संघर्ष को ख़त्म करने के लिए विक्ट्री प्लान पेश किया था.

इसके मुख्य बिंदुओं में नेटो में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण और रूस के अंदर लंबी दूरी तक हमला करने को लेकर सहयोगी देशों के प्रतिबंधों को हटाना शामिल था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 00:52:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उत्तरी ग़ज़ा में इसराइल के हवाई हमले में 34 लोगों की हुई मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उततर-गज-म-इसरइल-क-हवई-हमल-म-34-लग-क-हई-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उततर-गज-म-इसरइल-क-हवई-हमल-म-34-लग-क-हई-मत</guid>
        <description>उत्तरी ग़ज़ा के बेइत लाहिया शहर में इसराइली हवाई हमले में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है. स्थानीय सिविल डिफेंस एजेंसी ने ये जानकारी दी.

एएफपी ने एजेंसी के हवाले से बताया कि हमले में जिन लोगों की मौत हुई उनमें से अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं. वहीं हमले में सात लोग घायल हुए है.

इसराइली सेना का कहना है कि वो उत्तरी ग़ज़ा में हमले कर रही है ताकि हमास फिर से इकट्ठा नहीं हो सके.

इसराइली हमले के कारण पिछले पांच हफ्ते में सवा लाख़ से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं.

इसराइल पर सात अक्तूबर को हमास ने हमला किय़ा था और इसमें 1,200 लोगों की मौत हुई थी. वहीं इसराइली की जवाबी कार्रवाई में अब तक ग़ज़ा में क़रीब 44 हज़ार लोग जान गंवा चुके हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 00:52:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उत्तर कोरिया ने विस्फोटक ड्रोन का परीक्षण किया, किम ने बड़े पैमाने पर निर्माण का आह्वान किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उततर-करय-न-वसफटक-डरन-क-परकषण-कय-कम-न-बड-पमन-पर-नरमण-क-आहवन-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उततर-करय-न-वसफटक-डरन-क-परकषण-कय-कम-न-बड-पमन-पर-नरमण-क-आहवन-कय</guid>
        <description>सियोल, 15 नवंबर । उत्तर कोरिया ने लक्ष्यों पर सटीक प्रहार करने के लिए डिजाइन किए गए विस्फोटक ड्रोन का परीक्षण किया है, वहीं नेता किम जोंग उन ने इन हथियारों के बड़े पैमाने पर निर्माण में तेजी लाने का आह्वान किया है। यह जानकारी शुक्रवार को सरकारी मीडिया ने दी।

देश ने यह परीक्षण ऐसे समय में किया है जब अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान निकटवर्ती अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन्नत लड़ाकू जेट विमानों और एक अमेरिकी विमानवाहक पोत के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं।

उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने कुछ तस्वीरें प्रकाशित कीं जिनमें किम कम से कम दो अलग-अलग तरह के मानवरहित हवाई वाहनों के पास अधिकारियों से बात करते नजर आ रहे हैं। इनमें एक्स-आकार की पूंछ और पंख वाले यान शामिल हैं जो उन ड्रोन की तरह प्रतीत होते हैं जिनका देश ने अगस्त में उस समय खुलासा किया था जब किम ने विस्फोट करने वाले ड्रोन के एक और प्रदर्शन का निरीक्षण किया था।

केसीएनए ने बताया कि ड्रोन ने विभिन्न मार्गों से उड़ान भरी और लक्ष्यों पर सटीक प्रहार किया। इसके चित्रों में ऐसा प्रतीत हो रहा था कि ड्रोन से बीएमडब्ल्यू सेडान और टैंकों के पुराने मॉडल को निशाना बनाया गया।

किम ने हथियार विकसित करने की प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया और जल्द से जल्द एक श्रृंखला उत्पादन प्रणाली बनाने और बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की आवश्यकता पर बल दिया। किम ने बताया कि कैसे ड्रोन आधुनिक युद्ध में महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।

केसीएनए ने किम के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि कई सैन्य गतिविधियों के लिए ड्रोन कम लागत पर बनाना आसान है।

उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर पिछले महीने उत्तर कोरिया विरोधी पर्चे गिराने के लिए अपने ड्रोन भेजने का आरोप लगाया था और धमकी दी थी कि अगर दोबारा ऐसा किया गया तो वह बलपूर्वक जवाब देगा। दक्षिण कोरिया की सेना ने इस बात की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है कि उत्तर कोरिया के ये दावे सही हैं या नहीं।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 15 Nov 2024 01:10:21 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जापान की राजकुमारी यूरिको का 101 वर्ष की उम्र में निधन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जपन-क-रजकमर-यरक-क-101-वरष-क-उमर-म-नधन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जपन-क-रजकमर-यरक-क-101-वरष-क-उमर-म-नधन</guid>
        <description>तोक्यो, 15 नवंबर। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के सम्राट रहे हिरोहितो के भाई की पत्नी और शाही परिवार की सबसे बुजुर्ग सदस्य राजकुमारी यूरिको का स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण निधन हो गया। वह 101 वर्ष की थीं। महल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इंपीरियल हाउसहोल्ड एजेंसी ने बताया कि यूरिको का तोक्यो के एक अस्पताल में शुक्रवार को निधन हो गया। एजेंसी ने राजकुमारी के निधन का कारण नहीं बताया, लेकिन जापानी मीडिया ने बताया कि निमोनिया से ग्रस्त होने की वजह से यूरिको का निधन हुआ।

यूरिको का जन्म 1923 में एक कुलीन परिवार में हुआ था। 18 साल की उम्र में उनका विवाह हिरोहितो के छोटे भाई राजकुमार मिकासा से हुआ। राजकुमार मिकासा, जापान के वर्तमान सम्राट नारुहितो के चाचा हैं। द्वितीय विश्व युद्ध शुरू होने से कुछ महीने पहले ही यूरिको और राजकुमार मिकासा की शादी हुई थी।

द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम महीनों में अमेरिका द्वारा तोक्यो में की गई बमबारी में मिकासा और यूरिको का घर जलकर खाक हो गया था, जिसके बाद वह अपने पति और बच्ची के साथ एक आश्रय गृह में रहीं।

यूरिको के पांच बच्चे थे। राजकुमारी से पहले उनके पति तथा तीन बच्चों का निधन हो चुका है।

राजकुमारी यूरिको का निधन हो जाने के बाद अब जापान के शाही परिवार में 16 सदस्य रह गए हैं, जिनमें चार पुरुष हैं। देश के सामने यह दुविधा है कि शाही परिवार को कैसे बनाए रखा जाए, जबकि सत्तारूढ़ पार्टी में रूढ़िवादी लोग केवल पुरुषों के उत्तराधिकार पर जोर दे रहे हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 15 Nov 2024 01:10:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जर्मनी: कैसा होगा केंद्र सरकार के गिरने के बाद का रास्ता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जरमन-कस-हग-कदर-सरकर-क-गरन-क-बद-क-रसत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जरमन-कस-हग-कदर-सरकर-क-गरन-क-बद-क-रसत</guid>
        <description>जर्मनी में केंद्र की मौजूदा गठबंधन सरकार के गिर जाने की स्थिति में देश में जल्द ही नए चुनाव कराने पड़ेंगे. देखिए कैसी होगी नई सरकार के अस्तित्व में आगे तक की पूरी प्रक्रिया.

 डॉयचे वैले पर डाविड एल की रिपोर्ट-

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में डॉनल्ड ट्रंप की जीत के दिन ही जर्मनी में मौजूदा गठबंधन सरकार लड़खड़ा गई. कारण बना पूर्व वित्त मंत्री क्रिस्टियान लिंडनर द्वारा जारी 18 पन्नों का एक पेपर, जिसने गठबंधन के बाकी सहयोगियों को खासा नाराज किया. इसके बाद चांसलर ओलाफ शॉल्त्स ने लिंडनर को अपनी कैबिनेट से बाहर निकाल दिया. एफडीपी पार्टी के नेता लिंडनर का साथ देते हुए उनके दल के सभी सांसदों ने गठबंधन सरकार से इस्तीफा दे दिया.

चांसलर ओलाफ शॉल्त्स ने जर्मनी की सरकारी प्रसारण सेवा एआरडी को दिए इंटरव्यू में कहा, अगर सब लोग सहमत हों तो मुझे क्रिसमस से पहले ही विश्वास मत के लिए सदन बुलाने में कोई दिक्कत नहीं है. मुझे कुर्सी का लालच नहीं है.

इससे पहले उन्होंने विश्वास मत साबित करने के लिए 15 जनवरी को संसद का सत्र बुलाने की बात कही थी. लेकिन लगातार बढ़ते दबाव के कारण अब दिसंबर में ही विश्वास मत की स्थिति बनती दिख रही है.

कैसी है आगे की राह
आने वाले हफ्तों में मौजूदा सरकार गठबंधन के दो सहयोगियों, एसपीडी और ग्रीन पार्टी, की मदद से बचे हुए कामों को पूरा करने की योजना बना रही है. शॉल्त्स ने पेंशन पैकेज पारित करने, शरणार्थियों के लिए यूरोपीय संघ के नए ढांचे के तहत कानून बनाने और जर्मनी की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहायता पैकेज पारित करने की बात की है.

हालांकि शॉल्त्स ने मौजूदा साल के सप्लीमेंट्री बजट का जिक्र नहीं किया. इसके बिना अल्पमत की सरकार के पास काम की बहुत कम संभावना बचती है.

बजट पारित करने के लिए बुंडेस्टाग में शॉल्त्स बहुमत कैसे हासिल करेंगे, यह भी साफ नहीं है. उन्होंने मुख्य विपक्षी पार्टी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के प्रमुख फ्रीडरिष मेर्त्स के साथ बातचीत की घोषणा की है.

हालांकि मेर्त्स ने सहयोग के लिए यह शर्त रखी है कि शॉल्त्स जल्द से जल्द अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएं. कई विपक्षी सांसद भी जल्द से जल्द नए चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं.

पहला चरण: अविश्वास प्रस्ताव
बेसिक लॉ कहलाने वाले जर्मनी के संविधान के अनुच्छेद 68 के अनुसार, चांसलर संसद में एक प्रस्ताव पेश करेंगे और बुंडेस्टाग के सदस्यों से उसका समर्थन करने का अनुरोध करेंगे. संविधान में इस पर सोच विचार और बहस करने के लिए अधिकतम 48 घंटे का समय निर्धारित किया गया है. इसके बाद संसद को एक नतीजे पर आना होगा.

अगर चांसलर को सांसदों का विश्वास मत नहीं मिल पाता है तो उस स्थिति में अगले चुनाव का रास्ता साफ हो जाएगा. जर्मनी के इतिहास में ये छठी बार होगा जब कोई चांसलर विश्वास मत का सामना करेगा. ऐसे मामलों में अब तक केवल दो बार ही सरकार बचाई जा सकी है.

दूसरा चरण: संसद का विघटन
अगर चांसलर बुंडेस्टाग में विश्वास मत खो देते हैं तो उन्हें राष्ट्रपति को संसद भंग करने का प्रस्ताव देना होगा. अगर राष्ट्रपति को लगता है कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार चलाना संभव नहीं है तो संसद भंग करके अगले चुनावों का एलान करने के लिए उनके पास 21 दिनों का समय होता है.

जर्मनी के बेसिक लॉ के अनुसार संसद भंग होने के 60 दिनों के भीतर नए चुनाव करा दिए जाने चाहिए.

तीसरा चरण: समय से पहले चुनाव
अब तक जर्मनी में मार्च 2025 में नई संसद का चुनाव कराने की संभावना पर चर्चा हो रही थी लेकिन तेजी से बदलते परिदृश्य में दिसंबर में ही अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर चुनाव पहले भी हो सकते हैं.

चुनाव की नई तारीखों को लेकर राजनीतिक पंडित कई कयास लगा रहे हैं. मेर्त्स की मानें तो नए चुनाव जनवरी में हो सकते हैं. सामान्य स्थिति में अपना कार्यकाल पूरा कर पाने पर जर्मनी में अगले चुनाव 28 सितंबर 2025 को होने तय थे. नया चुनाव हाल ही में पारित चुनावी कानून सुधार के बाद आयोजित होने वाला पहला चुनाव होगा. इसके तहत बुंडेस्टाग के 733 सदस्यों की संख्या को घटाकर 630 कर दिया गया है.

चौथा चरण: नई सरकार का गठन
सर्वेक्षणों की मानें तो जर्मनी की अगली संसद की संरचना बिल्कुल अलग होगी. गठबंधन से बर्खास्त की गई एफडीपी को संसद में बने रहने के लिए जरूरी 5 फीसदी वोट मिलने की कम ही उम्मीद है. ज्यादातर सर्वे वर्तमान में सीडीयू/सीएसयू और एसपीडी के बीच गठबंधन की उम्मीद कर रहे हैं.

इसके बाद भी जर्मनी में नई सरकार का गठन कितनी जल्दी हो पाएगा, ये पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता. पिछली बार 2021 में अपने तय समय और आम परिस्थितियों में हुए आम चुनावों के बाद देश में नई सरकार के गठन में 71 दिन लग गए थे. (dw.com)</description>
        <pubDate>Tue, 12 Nov 2024 01:19:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के झटके को कैसे झेलेंगे भारत जैसे एशियाई बाजार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-झटक-क-कस-झलग-भरत-जस-एशयई-बजर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-झटक-क-कस-झलग-भरत-जस-एशयई-बजर</guid>
        <description>अगर अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप चीन पर भारी टैरिफ लगाने के अपने वादे को पूरा करते हैं, तो कुछ एशियाई देशों को फायदा हो सकता है. ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी कुछ एशियाई देशों को काफी लाभ मिला था.

(dw.com)

जनवरी में अमेरिका के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे डॉनल्ड ट्रंप ने आयात पर भारी टैक्स लगाने का वादा किया है. इसमें चीन को खासतौर पर निशाना बनाया जा सकता है. अगर वह इस वादे को पूरा करते हैं तो भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम आदि कुछ देशों को खासा फायदा हो सकता है. इसका कारण यह होगा कि कई फैक्ट्रियां चीन से हटकर एशिया के अन्य हिस्सों में स्थानांतरित हो सकती हैं.

लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध से वैश्विक बाजार अस्थिर हो जाएगा, और इसका सबसे बड़ा असर भी एशिया पर ही पड़ेगा, जो वैश्विक विकास में सबसे ज्यादा योगदान देता है.

ट्रंप ने पिछले हफ्ते जोरदार बहुमत के साथ राष्ट्रपति चुनाव जीता है. उन्होंने अपने प्रचार के दौरान वादा किया था कि वह चीन से अमेरिका आने वाले सभी सामानों पर 60 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन स्थापित हो सके.

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि नए राष्ट्रपति शायद इतनी ऊंची दर पर टिके नहीं रहेंगे. फिर भी, अगर ऐसा होता है तो इससे चीन की जीडीपी में 0.7 प्रतिशत से 1.6 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. इसका कुछ असर दक्षिण-पूर्व एशिया में भी महसूस किया जाएगा, जहां की उत्पादन क्षमता सीधे चीन से जुड़ी हुई है और चीन का अच्छा खासा निवेश है.

ऑक्सफर्ड इकोनॉमिक्स के एडम अहमद समादीन के अनुसार, चीन पर टैरिफ बढ़ने के कारण अमेरिकी मांग में कमी से आसियान देशों के निर्यात पर भी असर पड़ेगा, भले ही इन देशों पर सीधे अमेरिकी टैरिफ न लगे हों.

अमेरिका से सब जुड़े हैं
इंडोनेशिया विशेष रूप से संवेदनशील है, क्योंकि इसके खनिजों के निर्यात पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा जापान, ताइवान और दक्षिण कोरिया भी प्रभावित होंगे, जहां चीन सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है.

ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि वह सभी आयातों पर 10 से 20 प्रतिशत तक की दर से टैरिफ बढ़ा सकते हैं. यह उनकी संरक्षणवादी नीतियों का हिस्सा है क्योंकि उनका मानना है कि अन्य देश अमेरिका का फायदा उठा रहे हैं.

समादीन के अनुसार, इन प्रभावों का दायरा इस पर निर्भर करेगा कि हर देश की अर्थव्यवस्था का अमेरिकी बाजार से कितना सीधा संपर्क है. उन्होंने कहा कि अमेरिका कंबोडिया के 39.1 प्रतिशत, वियतनाम के 27.4 प्रतिशत, थाईलैंड के 17 प्रतिशत और फिलीपींस के 15.4 प्रतिशत निर्यात का हिस्सा है.

चुनाव से पहले ही चीनी निर्यातकों में खलबली मची हुई थी. ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में 2018 में चीन पर भारी टैरिफ लगाए थे, जिससे कनेक्टर देशों का उभरना हुआ. इन देशों के जरिए चीनी कंपनियों ने अपने उत्पादों को अमेरिकी टैक्स से बचाते हुए भेजा. अब ऐसे देशों पर भी खतरा मंडरा रहा है.

जापान के सबसे बड़े बैंक मित्सुबिशी यूएफजी फाइनैंशल ग्रुप (एमयूएफजी) के वरिष्ठ विश्लेषक लॉयड चान ने कहा, वियतनाम के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी ट्रंप के निशाने पर हो सकते हैं, ताकि चीन के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के वियतनाम के जरिए अमेरिकी बाजार में प्रवेश को रोका जा सके. उन्होंने कहा, यह असंभव नहीं है. व्यापार का पुनर्गठन खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में तेजी से हो रहा है.

भारत पर असर
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत और अमेरिका के सुरक्षा संबंध पहले की तरह ही बने रहने की संभावना है. हालांकि, कारोबारी संबंधों के बारे में ऐसा अनुमान नहीं लगाया जा सकता है. विदेश नीति विशेषज्ञ सी राजा मोहन का मानना है कि ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति के कारण भारत से निर्यात की जाने वाली चीजों पर टैरिफ बढ़ सकता है. इससे आईटी, दवा और कपड़ा क्षेत्र पर खास तौर पर असर पड़ेगा.

ऑक्सफर्ड इकोनॉमिक्स की अर्थशास्त्री एलेक्जेंड्रा हरमन का मानना है कि भारतीय उत्पादों में चीनी हिस्सेदारी के कारण भारत भी ट्रंप के संरक्षणवादी उपायों का शिकार हो सकता है. नई दिल्ली स्थित ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के अजय श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रंप भारत के ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स और वाइन सेक्टर पर ऊंचे टैरिफ लगा सकते हैं, जिससे भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में महंगे हो सकते हैं.

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के निदेशक अजय सहाय का कहना है कि यह व्यापार युद्ध भारत के लिए खतरनाक हो सकता है. उन्होंने कहा, ट्रंप एक सौदेबाज व्यक्ति हैं. वह भारत के कुछ उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाकर अमेरिकी उत्पादों के लिए भारत में टैरिफ कम करने की मांग कर सकते हैं.

मध्यम अवधि में, इन नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए चीन के बाहर फैक्ट्रियां स्थापित की जा सकती हैं, ताकि नुकसान से बचा जा सके. चीन+1 रणनीति के कारण ट्रंप के पहले कार्यकाल में चीन की फैक्ट्रियां बड़े पैमाने पर भारत, मलेशिया, थाईलैंड और वियतनाम में चली गई थीं.

वियतनाम को फायदा
वियतनाम अपनी भौगोलिक स्थिति और सस्ते कुशल श्रम के कारण पहले से ही इस रणनीति का लाभ उठा रहा है. वहां एप्पल की सहयोगी निर्माता कंपनी फॉक्सकॉन और पेगाट्रॉन और दक्षिण कोरिया की सैमसंग का निवेश है, जिससे यह चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन निर्यातक बन गया है.

यूरोपीय चैंबर ऑफ कॉमर्स इन वियतनाम के चेयरमैन ब्रूनो यास्पर्ट ने कहा, यह संभावना बढ़ती है कि और अधिक कंपनियां चीन के बाहर दूसरा या तीसरा उत्पादन बेस स्थापित करना चाहेंगी.

चीनी कंपनियां भी वियतनाम से लेकर इंडोनेशिया तक बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं, खासकर सोलर, बैटरी, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और खनिज क्षेत्रों में. हनोई स्थित अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारी निदेशक एडम सिटकॉफ ने कहा, अमेरिकी कंपनियां और निवेशक वियतनाम में अवसरों को लेकर काफी उत्साहित हैं और यह रुचि ट्रंप प्रशासन</description>
        <pubDate>Tue, 12 Nov 2024 01:19:38 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल ने अमेरिका में नए राजदूत की नियुक्ति की, ट्रंप की जीत के बाद पीएम नेतन्याहू का फैसला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-न-अमरक-म-नए-रजदत-क-नयकत-क-टरप-क-जत-क-बद-पएम-नतनयह-क-फसल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-न-अमरक-म-नए-रजदत-क-नयकत-क-टरप-क-जत-क-बद-पएम-नतनयह-क-फसल</guid>
        <description>यरूशलम, 9 नवंबर (आईएएनएस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने येचिएल लेटर को संयुक्त राज्य अमेरिका में इजरायल का राजदूत नियुक्त किया है। नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 65 वर्षीय लेटर ने इजरायल में सीनियर पब्लिक सर्विस पदों पर काम किया है, जिसमें शिक्षा मंत्रालय के उप महानिदेशक, वित्त मंत्रालय में चीफ-ऑफ-स्टाफ और इजरायल पोर्ट्स कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष शामिल हैं। बयान में कहा गया कि लेटर का जन्म संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ था और वह अमेरिकी प्रशासन और समाज से गहराई से परिचित हैं, उन्हें एक अत्यधिक सक्षम राजनयिक और एक वाक्पटु वक्ता कहा गया है, जो अमेरिकी संस्कृति और राजनीति की गहरी समझ रखते हैं। लीटर जनवरी 2025 में पदभार ग्रहण करेंगे। वे इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग के भाई माइकल हर्ज़ोग की जगह लेंगे, जिन्होंने तीन साल तक अमेरिका में इजरायल के राजदूत के रूप में काम किया है। लेटर की नियुक्ति की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के चंद दिनों बाद हुई। अमेरिका के आगामी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी जनवरी 2025 में पद संभालेंगे। ट्रंप की जीत पर नेतन्याहू ने एक्स पर पोस्ट किया था, प्रिय डोनाल्ड और मेलानिया ट्रंप, इतिहास की सबसे बड़ी वापसी के लिए बधाई! व्हाइट हाउस में आपकी ऐतिहासिक वापसी अमेरिका के लिए एक नई शुरुआत है। यह इजरायल और अमेरिका के बीच महान गठबंधन के लिए एक शक्तिशाली प्रतिबद्धता का अवसर प्रदान करती है। यह एक बड़ी जीत है! इजरायल के लिए अमेरिकी मदद बेहद अहम रही है खासतौर से ऐसे मौके पर जब वह गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष में उलझा है। यहूदी राष्ट्र नए अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भी बेहतर तालमेल कायम रखना चाहेगा। --आईएएनएस एमके/</description>
        <pubDate>Sat, 09 Nov 2024 01:48:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के कार्यकाल का कैसे सामना करेगा यूरोपीय संघ?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-करयकल-क-कस-समन-करग-यरपय-सघ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-करयकल-क-कस-समन-करग-यरपय-सघ</guid>
        <description>यूरोपीय संघ के भविष्य पर बात करने के लिए हंगरी में दो शिखर सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं. अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप की वापसी चर्चा के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेगा.

डॉयचे वैले पर बैर्न्ड रीगर्ट की रिपोर्ट-

इसी साल जुलाई में ब्रिटेन में हुए चौथे यूरोपियन पॉलिटिकल कम्युनिटी (ईपीसी) शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने कहा था कि हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन व्हाइट हाउस पहुंचेगा, यूरोप को ज्यादा स्वतंत्र और लचीला बनना होगा. चार्ल्स ने यह बात डीडब्ल्यू को दिए इंटरव्यू में कही थी.

अब अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद ईपीसी के अगले शिखर सम्मेलन के लिए इसके 47 सदस्य देश बुडापेस्ट में इकट्ठा हो रहे हैं. शिखर सम्मेलन के प्रमुख मुद्दों में डॉनल्ड ट्रंप की जीत के बाद यूरोप का रुख, यूक्रेन को मिल रहे समर्थन पर वॉशिंगटन की आगामी रिपब्लिकन सरकार का रुख, नाटो सुरक्षा गारंटी और यूरोप में रूस के खतरे पर बातचीत की जाएगी.

शिखर सम्मेलन के अपने निमंत्रण पत्र में चार्ल्स मिशेल ने दुनिया के प्रमुख संकटों - रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व में जारी हिंसा, अफ्रीका में जारी संघर्ष और अस्थिरता, कमजोर वैश्विक अर्थव्यस्था और अनियमित प्रवासन के बारे में लिखा. उन्होंने लिखा, दुनिया के ये संकट हमारे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को खतरे में डाल रहे हैं.

हंगरी के पीएम विक्टर ओरबान के साथ मतभेद
शिखर सम्मेलन की सह-मेजबानी कर रहे हंगरी के दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान लगातार डॉनल्ड ट्रंप का समर्थन करते रहे हैं. ट्रंप की वापसी को उन्होंने दुनिया की जीत कहा है. कुछ महीने पहले उन्होंने अपने सहयोगियों को तब नाराज कर दिया था, जब वे एक शांति मिशन के दौरान कीव, मॉस्को, बीजिंग और ट्रंप के फ्लोरिडा में मौजूद घर मार-ए-लागो की यात्रा पर निकल गए थे.

ओरबान ने दावा किया था कि ट्रंप कुछ ही दिनों में यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध को खत्म कर देंगे. उन्होंने कहा कि वह यूरोप के इकलौते ऐसे नेता थे, जो शांति चाहते थे. इसके जवाब में यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं ने हड़ताल का आयोजन किया है, जिसमें मुट्ठीभर मंत्री शामिल हुए. ईयू की तरफ से कोई भी आयुक्त बुडापेस्ट में हंगरी द्वारा आयोजित अनौपचारिक मंत्री स्तरीय बैठक में शामिल नहीं हुआ.

क्या डॉनल्ड ट्रंप को न्योता दिया गया था?
ओरबान पूरी तैयारी में हैं. रिपोर्टों से पता चलता है कि उन्होंने वीडियो लिंक के जरिए ट्रंप को इस सम्मेलन में शामिल करने की योजना बनाई है. हालांकि, ईयू के राजनयिकों ने शिखर सम्मेलन की तैयारियों से पहले ही इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था.

इसके जवाब में ओरबान ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंस रद्द करने की धमकी दी. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जेलेंस्की व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल होंगे या नहीं.

अगर जनवरी में अमेरिका ने यूक्रेन को दी जा रही मदद रोक दी, तो जेलेंस्की को उम्मीद है कि वे ईपीसी और ईयू के सदस्यों को यूक्रेन को और सहायता देने के लिए मना लेंगे. चुनावी प्रचार के दौरान ट्रंप यूक्रेन को दी जा रही मदद घटाने जैसे बयान दे चुके हैं.

क्या टैरिफ में वृद्धि के लिए तैयार है ईयू?
जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स समेत कई यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप को जीत की बधाई दी है और घोषणा की है कि वे अमेरिका के साथ अपनी साझेदारी को जारी रखना चाहते हैं. कूटनीति से इतर ईयू ट्रंप की वापसी को लेकर पहले से ही आर्थिक नीतियां तैयार कर रहा है. यूरोपीय आयोग और सदस्य देश ट्रंप द्वारा टैरिफ लागने की धमकियों का जवाब देने के लिए तैयार हैं.

निर्यात के लिहाज से अमेरिका, जर्मनी के लिए महत्वपूर्ण है. म्यूनिख स्थित लाइबनित्स इंस्टिट्यूट फॉर इकोनॉमिक रिसर्च का अनुमान है कि अगर जर्मनी पर टैरिफ लगाया गया, तो उसकी अर्थव्यवस्था को 33 बिलियन यूरो का नुकसान हो सकता है.

क्या आर्थिक प्रगति कर पाएगा ईयू?
8 नवंबर को हो रहे ईपीसी शिखर सम्मेलन के ठीक बाद 27 ईयू राष्ट्राध्यक्ष और सरकारें एक अनौपचारिक बैठक करेंगे, जिसमें चीन और अमेरिका जैसी अर्थव्यवस्थाओं से निपटने की योजना पर चर्चा की जाएगी.

इससे पहले सितंबर में इटली के अर्थशास्त्री और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के पूर्व प्रमुख मारियो द्रागी ने यूरोपीय प्रतिस्पर्धा के भविष्य पर एक रोडमैप की रूपरेखा तैयार की, जिसमें सैकड़ों अरब यूरो के निवेश की बात कही गई थी. हालांकि, इतनी बड़ी राशि इकट्ठा करने को लेकर ब्लॉक के भीतर ही सहमति नहीं बन पाई.

जर्मनी की लगातार गिरती अर्थव्यवस्था, जो मंदी के मुहाने पर है, चिंता का विषय है. जर्मनी को नुकसान का मतलब है समूचे यूरोप का नुकसान. बर्लिन में जारी राजनीतिक खींचतान के अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों की घटती लोकप्रियता ने ईयू के भीतर जर्मन-फ्रांसीसी नेतृत्व को कमजोर किया है. इसकी भरपाई के लिए ओरबान और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी जैसे दक्षिणपंथी नेता तैयार खड़े दिखते हैं.

फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमला करने के बाद यूरोपियन पॉलिटिकल कम्युनिटी (ईपीसी) की स्थापना की गई थी. यह लगभग सभी यूरोपीय देशों को एक साथ लाता है, जिसमें तुर्की के साथ-साथ कॉकेशियन और पश्चिमी बाल्कन देश भी शामिल हैं. रूस और उसके करीबी बेलारूस को इसमें आमंत्रित नहीं किया गया था. (dw.com)</description>
        <pubDate>Sat, 09 Nov 2024 01:48:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कार निर्माता कंपनी निसान का बड़ा एलान, जाएगी 9 हज़ार लोगों की नौकरी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कर-नरमत-कपन-नसन-क-बड-एलन-जएग-9-हजर-लग-क-नकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कर-नरमत-कपन-नसन-क-बड-एलन-जएग-9-हजर-लग-क-नकर</guid>
        <description>जापान की कार निर्माता कंपनी निसान ने छंटनी का एलान किया है. छंटनी के इस नए एलान के तहत लगभग 9 हज़ार कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ेगी.

कंपनी के मुताबिक़, वैश्विक स्तर पर निर्माण से संबंधी समस्याओं और चीन और अमेरिका में बिक्री गिरने से यह फ़ैसला करना पड़ा है.

जापान की कार निर्माता कंपनी ने कहा है कि वह लगभग 9 हज़ार कर्मचारियों की छंटनी करेगी. वैश्विक स्तर पर कंपनी का प्रोडक्शन क़रीब पांच फ़ीसदी तक गिरा है.

हालांकि अभी तक निसान ने इस छंटनी से जुड़े बीबीसी के सवालों का कोई भी जवाब नहीं दिया है.

निसान के चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर मकोतो उचिदा ने कहा, इन बदलावों का यह बिलकुल भी मतलब नहीं है कि कंपनी खुद को छोटा कर रही है. निसान अपने बिज़नेस को आगे बढ़ाने और ज़्यदा लचीला बनाने के लिए पुर्नगठन भी शुरू करेगी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 08 Nov 2024 01:37:41 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने के फैसले को सही मानते हैं बाइडेन: व्हाइट हाउस</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रषटरपत-पद-क-दड-स-बहर-हन-क-फसल-क-सह-मनत-ह-बइडन-वहइट-हउस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रषटरपत-पद-क-दड-स-बहर-हन-क-फसल-क-सह-मनत-ह-बइडन-वहइट-हउस</guid>
        <description>वाशिंगटन, 8 नवंबर (आईएएनएस)। व्हाइट हाउस के मुताबिक प्रेसिडेंट जो बाइडेन का मानना है कि राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने का उनका फैसला सही था। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने गुरुवार को एक ब्रीफिंग के दौरान यह बात कही। यह राष्ट्रपति-चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत की घोषणा के बाद पहली ब्रीफिंग थी। बता दें इस चुनाव में बाइडेन की जगह डेमोक्रेट उम्मीदवार बनीं कमला हैरिस जीत दर्ज नहीं कर सकी। पियरे ने कहा, उन्हें (बाइडेन) बहुत गर्व था। जब उन्होंने मशाल उपराष्ट्रपति को सौंपने का फैसला किया, तो उन्हें लगा कि उस समय यह सही फैसला था। उन्हें (बाइडेन) विश्वास था कि वह (कमला हैरिस) तैयार थीं। पियरे ने सीधे तौर पर यह जवाब नहीं दिया कि क्या बाइडेन को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दौड़ से हटने का अफसोस है या नहीं? जीन-पियरे ने राष्ट्रपति के रूप में बाइडेन की उपलब्धियों का बखान करने की कोशिश की, जबकि डेमोक्रेट्स की हार के लिए कोई सीधा कारण नहीं बताया। व्हाइट हाउस अधिकारी ने कहा, हम जो भी उपलब्धियां हासिल कर सके, उसके बावजूद, कोविड-19 महामारी के कारण वैश्विक स्तर पर प्रतिकूल परिस्थितियां रहीं, जाहिर है, कोविड-19 के कारण सप्लाई चेन में व्यवधान उत्पन्न हुआ, और इसका राजनीतिक प्रभाव कई पदाधिकारियों पर पड़ा। इससे पहले राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ऐलान किया कि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस लड़ाई जारी रखेंगी भले ही वह राष्ट्रपति पद का चुनाव हार गई हों। उन्होंने हैरिस को पीढ़ियों का नेता करार दिया। बाइडेन ने बुधवार को एक बयान में कहा, वह उद्देश्य, दृढ़ संकल्प के साथ लड़ाई जारी रखेंगी।

वह सभी अमेरिकियों के लिए चैंपियन बनी रहेंगी। उन्होंने कहा, सबसे बढ़कर, वह एक ऐसी नेता बनी रहेंगी, जिन्हें हमारी पीढ़ियां याद रखेंगी। बाइडेन ने कहा, आज अमेरिका ने उस कमला हैरिस को देखा, जिन्हें मैं जानता हूं और जिनका मैं प्रशंसक हूं। बाइडेन ने कहा कि 2016 में अपनी पार्टी का नामांकन प्राप्त करने के बाद कमला को अपना उपराष्ट्रपति चुनना उनका पहला फैसला था और यह मेरा सबसे अच्छा निर्णय था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, उनकी दास्तां अमेरिका की सबसे अच्छी कहानी का प्रतिनिधित्व करती है। और जैसा कि उन्होंने आज स्पष्ट किया, मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह उस कहानी को लिखना जारी रखेंगी। --आईएएनएस एमके/</description>
        <pubDate>Fri, 08 Nov 2024 01:37:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने ट्रंप की जीत पर क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अफगनसतन-क-तलबन-सरकर-न-टरप-क-जत-पर-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अफगनसतन-क-तलबन-सरकर-न-टरप-क-जत-पर-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की चुनावी जीत पर अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने भी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है.

अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्रालय ने संतुलित विदेश नीति की उम्मीद रखते हुए आशा व्यक्त की है कि आने वाली अमेरिकी सरकार दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में ठोस प्रगति सुनिश्चित करेगी.

तालिबान सरकार के विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है, नई अमेरिकी सरकार अफ़ग़ानिस्तान को लेकर व्यवहारिक नज़रिया अपनाएगी, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों का एक नया दौर शुरू हो सकेगा.

तालिबान के विदेश मंत्रालय ने यह उम्मीद भी जताई है कि ट्रंप दुनिया भर में चल रहे संघर्ष ख़ास तौर पर ग़ज़ा और लेबनान में चल रहे तनाव को ख़त्म करने में अहम भूमिका निभाएंगे.

ग़ौरतलब है कि साल 2016 में जब ट्रंप पहली बार राष्ट्रपति बने थे, उसी कार्यकाल में उन्होंने एलान कर दिया था कि वे अमेरिकी सेना को अफ़ग़ानिस्तान से वापस बुलाएंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 07 Nov 2024 01:18:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारतीय&amp;अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा, ‘मुझे कमला हैरिस पर गर्व है’</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरतय-अमरक-ससद-र-खनन-न-कह-मझ-कमल-हरस-पर-गरव-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरतय-अमरक-ससद-र-खनन-न-कह-मझ-कमल-हरस-पर-गरव-ह</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 7 नवंबर। अमेरिका के चुनावी इतिहास में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की सबसे बुरी हार के बाद भारतीय अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने बुधवार को कहा कि उन्हें उपराष्ट्रपति पर गर्व है और एक दिन अमेरिका के लोग उन्हें प्रेरक के तौर पर देखेंगे।

डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रहीं हैरिस (60) पांच नवंबर के आम चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के अपने प्रतिद्वंद्वी और अब राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित डोनाल्ड ट्रंप (78) से हार गईं।

खन्ना (48) ने कहा, आज मैं कहना चाहता हूं कि मुझे कमला हैरिस पर गर्व है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में सिलिकॉन वैली का प्रतिनिधित्व करने वाले खन्ना को मंगलवार को लगातार पांचवीं बार फिर से चुना गया।

पेंसिल्वेनिया में पले-बढ़े खन्ना ने कहा, बक्स काउंटी में पले-बढ़े एक बच्चे के रूप में मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक अफ्रीकी और भारतीय अमेरिकी महिला उम्मीदवार बनेगी और पेंसिल्वेनिया में 48 प्रतिशत वोट प्राप्त करेगी। रास्ता कठिन है, लेकिन एक दिन अमेरिका लेग उनसे प्रेरणा लेंगे उनके दिखाए राह पर चलेंगे।

खन्ना ने कहा कि सीनेट और प्रतिनिधि सभा के साथ व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक कार्यालय एवं आवास) भी खो चुकी डेमोक्रेटिक पार्टी जल्द वापसी करेगी।

वहीं, उद्यमी से राजनेता बने विवेक रामास्वामी ने बुधवार को राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित डोनाल्ड ट्रंप की वापसी को अमेरिका की वापसी बताया और कहा कि देश को इस समय एक कठोर निर्णय लेने वाले कमांडर-इन-चीफ की जरूरत है।

राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल रहे रिपब्लिकन पार्टी के नेता रामास्वामी ने कहा, यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप आधुनिक इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति के मुकाबले सबसे बड़े अंतर से जीते। वह कोई विचारक नहीं है। वह कोई नीति विशेषज्ञ नहीं है। वह समझौता नहीं करने वाले एक अमेरिकी है। उन्हें अयोग्य ठहराया गया, दो बार मारने की कोशिश की गई। इनमें से कोई भी काम नहीं आया। मीडिया में हमारे स्व-नियुक्त श्रेष्ठ लोगों ने उन्हें गलत समझा, उन्हें कम आंका और संदेह किया।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 07 Nov 2024 01:18:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोनाल्ड ट्रंप के लिए नॉर्थ कैरोलाइना की जीत कितनी बड़ी?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-क-लए-नरथ-करलइन-क-जत-कतन-बड</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-क-लए-नरथ-करलइन-क-जत-कतन-बड</guid>
        <description>-नदीन युसूफ़

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के सात स्विंग स्टेट्स में से एक यानी नॉर्थ कैरोलाइना में जीत दर्ज कर ली है. उन्हें 16 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिले हैं.

इसे ट्रंप के लिए खुशखबरी के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि इससे कुल 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल करने के रास्ते में उन्हें बड़ी मदद मिलेगी.

हालांकि, अन्य स्विंग स्टेट्स में वोटों की गिनती पूरी होना अभी बाकी है.

लेकिन माना ये भी जा रहा है कि अगर कमला हैरिस विस्कॉन्सिन, पेन्सिलवेनिया और मिशिगन जैसे तीन अहम राज्यों में जीत दर्ज करती हैं, तो वो भारी पड़ सकती हैं.

हालांकि, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि नॉर्थ कैरोलाइना की जीत रिपब्लिकन के लिए बड़ी जीत है. लेकिन अतीत में भी ये राज्य इसी पैटर्न पर वोट करता आया है.

साल 2016 में ट्रंप ने नॉर्थ कैरोलाइना राज्य में 3.66 फ़ीसदी के अंतर से जीत दर्ज की थी. वहीं 2020 में उनकी जीत का अंतर घटा था और ये 1.34 फ़ीसदी था.

इस राज्य को आख़िरी बार डेमोक्रेटिक पार्टी ने साल 2008 में जीता था, जब बराक ओबामा राष्ट्रपति चुने गए थे. हालांकि, साल 2012 के चुनाव में ओबामा ये राज्य रिपब्लिकन प्रत्याशी मिट रॉमनी से हार गए थे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 06 Nov 2024 01:02:59 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हवाई और अलास्का को छोड़ अमेरिका के बाकी सभी राज्यों में वोटिंग समाप्त</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हवई-और-अलसक-क-छड-अमरक-क-बक-सभ-रजय-म-वटग-समपत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हवई-और-अलसक-क-छड-अमरक-क-बक-सभ-रजय-म-वटग-समपत</guid>
        <description>हवाई और अलास्का को छोड़कर अमेरिका के बाकी सभी राज्यों में पोलिंग स्टेशन बंद कर दिए गए हैं.

पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ माने जाने वाले राज्यों में ट्रंप की जीत का अनुमान है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले राज्यों में कमला हैरिस जीतती दिख रही हैं.

अमेरिका में कुल 50 राज्य हैं. अगले एक घंटे में इनके प्रोजेक्शन आना शुरू हो जाएंगे. लेकिन कुछ राज्यों में अन्य के मुकाबले वोटों की गिनती लंबी चलेगी.

नेवाडा राज्य के अंतिम नतीजे सामने आने में कई दिन भी लग सकते हैं. यहां वोटिंग मुख्य रूप से मेल के ज़रिए होती है.

वोटों की गिनती शनिवार तक होगी. ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ बैलेट देरी से मतदान केंद्र पहुंचते हैं. हालांकि ये वोट चुनाव के दिन ही दिए जाते हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 06 Nov 2024 01:02:59 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>स्पेन के बार्सिलोना में बाढ़ की वजह से फ़्लाइटें रद्द, रेल सेवा पर रोक</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सपन-क-बरसलन-म-बढ-क-वजह-स-फलइट-रदद-रल-सव-पर-रक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सपन-क-बरसलन-म-बढ-क-वजह-स-फलइट-रदद-रल-सव-पर-रक</guid>
        <description>स्पेन का बार्सिलोना शहर सोमवार को बाढ़ की चपेट में आ गया है. स्पेन के मौसम विभाग ने बार्सिलोना के कैटेनोनिया को रेड अलर्ट पर रखा है.

बार्सिलोना में मौजूद स्पेन के दूसरे सबसे बड़े एयरपोर्ट पर भी इस बाढ़ का असर दिख रहा है और इसकी वजह से 80 विमानों को रद्द किया गया है या फिर उनके समय में बदलाव किया गया है. वहीं इलाक़े में रेल सेवा फ़िलहाल रोक दी गई है.

इससे पहले पिछले सप्ताह भारी बारिस की वजह से स्पेन के वेलेंसिया शहर में कम से कम 217 लोगों की मौत हो चुकी है. बाढ़ राहत में लगे कर्मी अब भी वहाँ अंडरग्राउंड पार्किंग में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं.

स्पेन में आई इस बाढ़ के बाद राहत कार्यों को लेकर लोगों में काफ़ी नाराज़गी देखी गई है. लोगों का यह भी आरोप है कि बाढ़ की चेतावनी बेहतर होने से इस तरह के बड़े नुक़सान से बचा जा सकता था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 05 Nov 2024 01:35:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मैं एक ऐसा राष्ट्र देखती हूं जो नफरत, भेदभाव को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित है: हैरिस</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/म-एक-ऐस-रषटर-दखत-ह-ज-नफरत-भदभव-क-खतम-करन-क-लए-दढ-सकलपत-ह-हरस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/म-एक-ऐस-रषटर-दखत-ह-ज-नफरत-भदभव-क-खतम-करन-क-लए-दढ-सकलपत-ह-हरस</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 4 नवंबर। अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार एवं उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने रविवार को कहा कि पूरे देश में अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने देखा कि लोग नफरत तथा भेदभाव को खत्म करने के लिए और आगे बढ़ने का नया रास्ता तैयार करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।

हैरिस ने मिशिगन के डेट्रॉयट स्थित एक चर्च में अपने भाषण में कहा, जब मैं अपने खूबसूरत देश में एक राज्य से दूसरे राज्य और एक चर्च से दूसरे चर्च की यात्रा करती हूं तो मेरे मन को काफी सुकून मिलता है। मैं एक ऐसा राष्ट्र देखती हूं जो नफरत और भेदभाव को खत्म करने और देश को आगे बढ़ाने के लिए नया मार्ग तैयार के वास्ते दृढ़ संकल्पित है।

हैरिस ने कहा कि अपने प्रचार अभियान के दौरान उन्होंने देखा कि तथाकथित रेड स्टेट (जहां मुख्य मतदाता एक तरफा रिपब्लिकन पार्टी को वोट देते हैं) और तथाकथित ब्लू स्टेट (जहां मुख्य मतदाता एक तरफा डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट देते हैं) के लोग इतिहास को बदलने के लिए तैयार हैं।

अपने प्रचार अभियान के अंतिम चरण में हैरिस ने कहा, मैं देखती हूं कि हमारे यहां युवा पीढ़ी, युवा नेताओं की संख्या अच्छी खासी है। यह देखकर आपको प्रेरणा मिलेगी कि वे किस तरह बदलाव के लिए एकजुट हो रहे हैं। मुझे इस पीढ़ी के बारे में जो बात पसंद है, वह यह है कि वे हमेशा उत्सुक रहते हैं। जब मैं अपने देश की यात्रा करती हूं, तो मैं देखती हूं कि जो पड़ोसी कभी एक दूसरे के लिए अजनबी थे वे अब एक दूसरे की मदद कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग भेदभाव को बढ़ाना चाहते हैं, नफरत फैलाना चाहते हैं, भय फैलाना चाहते हैं और अराजकता पैदा करना चाहते हैं लेकिन हमारे देश में यह चीज (लोगों की एकजुटता) दलीय राजनीति से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 04 Nov 2024 01:17:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इंडोनेशिया में ज्वालामुखी विस्फोट से कई मकान जलकर खाक, कम से कम छह लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इडनशय-म-जवलमख-वसफट-स-कई-मकन-जलकर-खक-कम-स-कम-छह-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इडनशय-म-जवलमख-वसफट-स-कई-मकन-जलकर-खक-कम-स-कम-छह-लग-क-मत</guid>
        <description>मौमेरे (इंडोनेशिया), 4 नवंबर। इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप में ज्वालामुखी विस्फोटों के कारण कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है। इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी के एक अधिकारी फिरमान योसेफ ने बताया कि सोमवार को आधी रात के बाद हुए विस्फोट के कारण 2,000 मीटर ऊंचाई तक राख हवा में फैल गई और गर्म राख ने पास के एक गांव को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कैथोलिक नन के एक कॉन्वेंट सहित कई मकान जल गए और कम से कम छह लोगों की मौत हो गई।

आपदा प्रबंधन एजेंसी ने पहले मृतक संख्या नौ बताई थी लेकिन बाद में उसने इसमें बदलाव करते हुए छह लोगों की मौत की जानकारी देते हुए बताया कि उसे स्थानीय लोगों से ताजा जानकारी मिली है। उसने कहा कि जान-माल को हुए नुकसान के बारे में जानकारी अभी एकत्र की जा रही है, क्योंकि स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट में ढहे मकानों के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है।

प्राधिकारियों ने पिछले सप्ताह हुए ज्वालामुखी विस्फोटों के बाद सोमवार को माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी के लिए खतरे का स्तर तथा जोखिम संभावित क्षेत्र का आकार बढ़ा दिया।

देश की ज्वालामुखी विज्ञान एजेंसी ने ज्वालामुखी विस्फोट बढ़ने के साथ ही चेतावनी की स्थिति को उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया है और निषिद्ध क्षेत्र के दायरे को सोमवार को आधी रात के बाद दोगुना से अधिक बढ़ाकर सात किलोमीटर (4.3 मील) कर दिया। ज्वालामुखी विस्फोट के कारण बृहस्पतिवार से रोजाना 2,000 मीटर (6,500 फुट) की ऊंचाई तक राख उठ रही है।

एजेंसी ने बताया कि वुलांगिटांग जिले में विस्फोट से आसपास के छह गांवों पुलुलेरा, नवोकोटे, होकेंग जया, क्लैटानलो, बोरू और बोरू केदांग में कम से कम 10,000 लोग प्रभावित हुए हैं।

इंडोनेशिया में पिछले दो सप्ताह में दूसरी बार ज्वालामुखी विस्फोट हुआ है। इससे पहले, इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक में 27 अक्टूबर को विस्फोट होने से कम से कम तीन बार राख के गुबार उठे और आसपास के गांवों में मलबा फैल गया। हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 04 Nov 2024 01:17:36 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा में पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर गोली चलाने के आरोप में अबजीत किंगरा नाम का शख़्स गिरफ़्तार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-म-पजब-सगर-एप-ढलल-क-घर-पर-गल-चलन-क-आरप-म-अबजत-कगर-नम-क-शखस-गरफतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-म-पजब-सगर-एप-ढलल-क-घर-पर-गल-चलन-क-आरप-म-अबजत-कगर-नम-क-शखस-गरफतर</guid>
        <description>कनाडा पुलिस ने पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के कनाडा के घर पर इस साल दो सितंबर को हुई फ़ायरिंग और आगजनी के सिलसिले में एक भारतीय व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है.

एपी ढिल्लों का नाम लिए बिना कनाडा पुलिस की अधिकारी नैंसी सग्गर ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर ये जानकारी दी है.

उन्होंने अपने संदेश में कहा, कॉलवुड इलाके के रावेनवुड रोड पर गोलीबारी करने और दो गाड़ियों में आग लगाने की घटना 2 सितंबर 2024 को सामने आई थी. उस घर में मौजूद एक व्यक्ति को सुरक्षित निकाल लिया गया था. इसके बाद फ़ायर डिपार्टमेंट ने आकर आग बुझा दी थी.

अधिकारी ने बताया कि इस मामले में 30 अक्तूबर को विनिपेग के 25 वर्षीय अबजीत किंगरा को गिरफ़्तार कर लिया गया है. किंगरा पर हथियारों के अवैध इस्तेमाल और आगजनी का अभियोग लगाया गया है.

नैंसी सग्गर ने बताया कि पुलिस को एक और संदिग्ध की तलाश है.

उन्होंने बताया, उस हमले के एक अन्य संदिग्ध 23 वर्षीय विक्रम शर्मा के ख़िलाफ़ वारंट जारी किए गए हैं. पुलिस का अनुमान है कि वो अब भारत में है.

क्या हुआ था 2 सितंबर को

एक्स पर कनाडा पुलिस ने एक प्रेस रिलीज़ में शेयर किया है. उसमें दो सितंबर की वारदात का ब्योरा है.

प्रेस रिलीज़ के मुताबिक पुलिस ने दो सितंबर को कारों में आग लगी हुई देखी. साथ ही पुलिस को इस बात के सुबूत भी मिले कि एक घर और कार में कई गोलियां चलाई गई थीं.

अबजीत किंगरा को ओंटारियो में गिरफ्तार किया गया था और शुक्रवार को उनको ओंटारियो कोर्ट में पेश किया जाएगा.

पुलिस ने कहा है कि उसके पास फ़िलहाल दूसरे संदिग्ध विक्रम शर्मा की कोई भी तस्वीर नहीं है.

लेकिन पुलिस ने उनके हुलिए के बारे में अंदेशा लगाते हुए उनको पांच फुट नौ इंच लंबे, 90 किलोग्राम के वज़न वाले, काली आखों और भूरे बाल वाला दक्षिण एशियाई व्यक्ति बताया है.

एपी ढिल्लों नई पीढ़ी के लोकप्रिय पंजाबी सिंगर हैं जो पिछले कुछ वर्षों में काफ़ी चर्चित रहे हैं.

एपी ढिल्लों ने ब्राउन मुंडे और इनसेन जैसे सुपरहिट गाने दिए हैं. वे भारत में कई बड़े खेल आयोजनों में भी परफॉर्म कर चुके हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 01 Nov 2024 02:39:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लॉस एंजिलिस काउंटी ने प्लास्टिक की बोतलों को लेकर पेप्सी और कोका&amp;कोला के खिलाफ मुकदमा दायर किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-कउट-न-पलसटक-क-बतल-क-लकर-पपस-और-कक-कल-क-खलफ-मकदम-दयर-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-कउट-न-पलसटक-क-बतल-क-लकर-पपस-और-कक-कल-क-खलफ-मकदम-दयर-कय</guid>
        <description>लॉस एंजिलिस (अमेरिका), 1 नवंबर। लॉस एंजिल्स काउंटी ने प्लास्टिक प्रदूषण बढ़ाने के मामले में पेप्सी और कोक पर कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।

लॉस एंजिलिस काउंटी ने बुधवार को दायर मुकदमे में आरोप लगाया कि पेप्सिको और कोका-कोला कंपनियों ने प्लास्टिक की अपनी बोतलों के पुनर्चक्रण के बारे में जनता को गुमराह किया तथा प्लास्टिक के नकारात्मक पर्यावरणीय और स्वास्थ्य प्रभावों को कम करके दिखाया।

लॉस एंजिलिस काउंटी के पर्यवेक्षक लिंडसे होर्वाथ ने एक बयान में कहा, कोक और पेप्सी को धोखाधड़ी बंद करनी चाहिए और उनके उत्पादों के कारण होने वाले प्लास्टिक प्रदूषण की समस्याओं की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। लॉस एंजिलिस काउंटी भ्रामक और अनुचित व्यावसायिक कार्यों में संलग्न उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करना जारी रखेगी जिनके कारण पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

वैश्विक पर्यावरण समूह ब्रेक फ्री फ्रॉम प्लास्टिक के अनुसार, दोनों कंपनियां लगातार पांच वर्षों से दुनिया के शीर्ष प्लास्टिक प्रदूषकों में शामिल रही हैं और कोका-कोला इस मामले में छह साल तक शीर्ष स्थान पर रही है।

ब्रेक फ्री फ्रॉम प्लास्टिक के अनुसार, पेप्सिको प्रतिवर्ष लगभग 25 लाख मीट्रिक टन प्लास्टिक का उत्पादन करती है, जबकि कोका-कोला प्रतिवर्ष लगभग 32 लाख 24 हजार मीट्रिक टन प्लास्टिक का उत्पादन करती है।

यूरोपीय संघ के एक उपभोक्ता संरक्षण समूह और पर्यावरण संगठनों ने पिछले साल नवंबर में कोका-कोला, नेस्ले और डैनोन के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन पर अपनी पैकेजिंग को 100 प्रतिशत पुनर्चक्रण योग्य बताकर भ्रमित करने का आरोप लगाया गया था।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 01 Nov 2024 02:39:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पूर्वी&amp;मध्य सूडान में कुख्यात अर्द्धसैनिक बल के लड़ाकों ने 120 लोगों की हत्या की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/परव-मधय-सडन-म-कखयत-अरदधसनक-बल-क-लडक-न-120-लग-क-हतय-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/परव-मधय-सडन-म-कखयत-अरदधसनक-बल-क-लडक-न-120-लग-क-हतय-क</guid>
        <description>काहिरा, 27 अक्टूबर। सूडान के पूर्वी मध्य क्षेत्र में कुख्यात अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के लड़ाकों ने कई दिनों तक उत्पात मचाया, जिसमें एक कस्बे में 120 से अधिक लोग मारे गए। चिकित्सकों के एक समूह और संयुक्त राष्ट्र ने इसकी जानकारी दी ।

सूडान की सेना के खिलाफ आरएसएफ का यह नवीनतम हमला था, जो क्षेत्र में सेना से लगातार कई असफलताओं का सामना करने के बाद हुआ था।

डेढ़ साल से अधिक समय से जारी इस युद्ध ने इस अफ्रीकी देश को तबाह कर दिया है, इसकी आबादी का एक बड़ा हिस्सा विस्थापित हो गया है।

संयुक्त राष्ट्र ने शनिवार को एक बयान में कहा कि आरएसएफ के लड़ाकों ने 20-25 अक्टूबर को गेजिरा प्रांत के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों के गांवों और कस्बों में उत्पात मचाया, नागरिकों पर गोलीबारी की और महिलाओं एवं लड़कियों के यौन उत्पीड़न किए। उन्होंने बाजारों सहित निजी और सार्वजनिक संपत्तियों में भी लूटपाट की।

सूडान में संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता समन्वयक क्लेमेंटाइन एनक्वेटा-सलामी ने शनिवार को एक बयान में कहा, ये जघन्य अपराध हैं।

उन्होंने कहा, महिलाएं और बच्चे उस संघर्ष का खामियाजा भुगत रहे हैं जिसने पहले ही बहुत से लोगों की जान ले ली है।

उन्होंने कहा कि ये हमले 2000 के दशक के आरंभ में दारफुर नरसंहार के दौरान हुई भयावह घटनाओं से मिलते-जुलते हैं, जिनमें बलात्कार, यौन उत्पीड़न एवं सामूहिक हत्याएं शामिल हैं।

सूडानी डॉक्टर्स यूनियन ने एक बयान में कहा कि सरिहा शहर में कम से कम 124 लोग मारे गए और 200 अन्य घायल हुए।

इसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से आरएसएफ पर दबाव डालने का आह्वान किया।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 28 Oct 2024 01:24:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूएन ने ग़ज़ा के उत्तरी हिस्से में चल रही लड़ाई को बताया इसराइल&amp;हमास युद्ध का ‘सबसे काला दौर’</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यएन-न-गज-क-उततर-हसस-म-चल-रह-लडई-क-बतय-इसरइल-हमस-यदध-क-सबस-कल-दर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यएन-न-गज-क-उततर-हसस-म-चल-रह-लडई-क-बतय-इसरइल-हमस-यदध-क-सबस-कल-दर</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकारों के प्रमुख वोल्कर टर्क का कहना है कि ग़ज़ा के उत्तरी भाग में चल रही लड़ाई, इसराइल-हमास युद्ध का सबसे काला दौर है.

इसराइल का कहना है कि वह हमास के लड़ाकों को संगठित होने से रोकने के लिए इन इलाक़ों में ज़मीनी हमले कर रहा है.

वोल्कर टर्क ने कहा, इसराइली सेना पूरी आबादी को बमबारी, घेराबंदी और भुखमरी के जोखिम में डाल रही है. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकारों के प्रमुख ने वैश्विक नेताओं से ग़ज़ा के मामले में कार्रवाई करने की अपील की है.

वोल्कर टर्क ने कहा कि जिनेवा सम्मेलनों के तहत देशों का कर्तव्य है कि वे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सम्मान सुनिश्चित करें.

हालांकि इसराइली सेना ने संयुक्त राष्ट्र संघ के इस बयान पर तत्काल कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी थी. लेकिन इसराइली सेना का कहना है कि उन्होंने छह अक्तूबर को ग़ज़ा के उत्तरी क्षेत्र में सैकड़ों हमास लड़ाकों को मारा है और जबालिया से 45 हज़ार नागरिकों को निकाला है.

इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ने कहा था कि वह उत्तरी ग़ज़ा के अस्पतालों में इसराइली सेना की कार्रवाई से परेशान है.

वहीं ग़ज़ा में हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना था कि इसराइली सेना ने अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों, मरीज़ों और विस्थापितों को हिरासत में ले लिया है.

इस पर इसराइली सेना का कहना था कि वे ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर हमास के लड़ाकों से निपटने के लिए इस क्षेत्र में दाख़िल हुए हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 26 Oct 2024 01:14:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>किर्गिस्तान ने आठ महीने में 8.7 टन से अधिक सोना किया निर्यात</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/करगसतन-न-आठ-महन-म-87-टन-स-अधक-सन-कय-नरयत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/करगसतन-न-आठ-महन-म-87-टन-स-अधक-सन-कय-नरयत</guid>
        <description>बिश्केक, 24 अक्टूबर । किर्गिस्तान ने इस साल जनवरी से अगस्त तक 63.96 करोड़ अमेरिकी डॉलर मूल्य का 8.72 टन सोना निर्यात किया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी समिति ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, सोने के मुख्य खरीदार ब्रिटेन ने 5.89 टन ​​सोना खरीदा। स्विट्जरलैंड ने 971.5 किलोग्राम और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 13.5 किलोग्राम सोना खरीदा। पिछले वर्ष इसी अवधि में किर्गिजस्तान ने 54.52 करोड़ अमेरिकी डॉलर मूल्य का 8.717 टन सोना निर्यात किया था। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रैंकिंग (2 अगस्त 2024 तक) के मुताबिक, दुनिया में सबसे ज्यादा सोना अमेरिका के पास है।

अमेरिका के पास 8,133 टन सोना है। वहीं, जर्मनी के पास 3,351 टन, इटली के पास 2,452 टन, फ्रांस के पास 2,437 टन, रूस के पास 2,335 टन, चीन के पास 2,264 टन, स्विट्जरलैंड के पास 1,040 टन और जापान के पास 846 टन सोना है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, विश्व स्वर्ण भंडार के मामले में भारत नौवें नंबर पर है। भारत के पास कुल 840 टन सोना है। वहीं, नीदरलैंड के पास 612 टन, तुर्की के पास 585 टन, ताइवान के पास 422 टन, पुर्तगाल के पास 383 टन, पोलैंड के पास 377 टन, उज्बेकिस्तान के पास 365 टन, सऊदी अरब के पास 323 टन, ब्रिटेन के पास 310 टन, कजाकिस्तान के पास 298 टन, लेबनान के पास 287 टन, स्पेन के पास 282 टन, ऑस्ट्रिया के पास 280 टन, थाईलैंड के पास 234 टन, सिंगापुर के पास 228 टन, बेल्जियम के पास 227 टन, अल्जीरिया के पास 174 टन और वेनेजुएला के पास 161 टन सोना है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 25 Oct 2024 00:53:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा ने अचानक गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का नाम अपनी वांछित सूची से हटाया: भारतीय राजनयिक</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-न-अचनक-गगसटर-गलड-बरड-क-नम-अपन-वछत-सच-स-हटय-भरतय-रजनयक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-न-अचनक-गगसटर-गलड-बरड-क-नम-अपन-वछत-सच-स-हटय-भरतय-रजनयक</guid>
        <description>(विजय जोशी)

नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर। भारत द्वारा वापस बुलाए गए राजनयिक संजय वर्मा ने कहा है कि कनाडा ने अचानक उत्तरी अमेरिकी राष्ट्र में सक्रिय गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का नाम वांछित अपराधियों की अपनी सूची से हटा दिया।

पीटीआई की वीडियो सेवा के साथ एक साक्षात्कार में वर्मा ने कहा कि भारत ने कनाडाई अधिकारियों के साथ गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और बराड़ के नाम साझा किए थे, जिसने बराड़ का नाम वांछितों की सूची में डाल दिया था।

वरिष्ठ राजनयिक ने यह भी कहा कि खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या गलत थी और गहन जांच के बाद सच्चाई सामने आनी चाहिए।

वर्मा ने कहा, निज्जर हमारे लिए एक आतंकवादी था, लेकिन किसी भी लोकतंत्र, कानून के शासन वाले देश के लिए जो कुछ भी न्यायेतर है, वह गलत है।

राजनयिक ने कहा, हमने उनसे हमेशा कहा कि हम पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचना चाहते हैं, ताकि आप संतुष्ट हों, हम संतुष्ट हों।

उन्होंने कहा कि बराड़ कनाडा में एक गिरोह चलाता था लेकिन उस देश में ऐसे कई समूह हैं जिनकी पहुंच इतनी अंतरराष्ट्रीय नहीं है, लेकिन उनका प्रभाव पूरे कनाडा में है।

वर्मा ने कहा, गोल्डी बराड़ कनाडा में रह रहा था। हमारे अनुरोध पर, उसका नाम वांछितों की सूची में डाल दिया गया था। अचानक, उसका नाम वांछितों की सूची से गायब हो गया। मैं इससे क्या मतलब निकालूं? या तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया है या वह अब वांछित नहीं है।

उन्होंने कहा, इसलिए, जब मादक पदार्थों की तस्करी या मानव तस्करी और बंदूक चलाने पर हिंसा शुरू होती है, तो हमने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में देखा है कि हत्याएं होती हैं।

माना जाता है कि बराड़ लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य था और मई 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद वह चर्चा में आया। हालांकि, खबरों से पता चलता है कि दोनों अब अलग-अलग गिरोह चला रहे हैं।

वर्मा ने कहा कि भारत ने बराड़ और बिश्नोई के नाम रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के साथ साझा किए थे।

राजनयिक ने कहा, तो, ऐसा नहीं है कि कनाडा या कनाडाई अधिकारी अपने सपनों से जाग गए और कहा, यहां एक लॉरेंस बिश्नोई है और यहां एक गोल्डी बराड़ है, यह एक भारतीय एजेंसी थी जिसने उन्हें इन दो गैंगस्टर के बारे में बताया था।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 25 Oct 2024 00:53:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>70 साल पीछे पहुंचा गाजा, युद्ध ने फिलिस्तीनी अर्थव्यवस्था को किया तबाह: यूएन एजेंसी चीफ</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/70-सल-पछ-पहच-गज-यदध-न-फलसतन-अरथवयवसथ-क-कय-तबह-यएन-एजस-चफ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/70-सल-पछ-पहच-गज-यदध-न-फलसतन-अरथवयवसथ-क-कय-तबह-यएन-एजस-चफ</guid>
        <description>गाजा, 24 अक्टूबर । इजरायल हमास के बीच एक साल से जारी युद्ध ने गाजा पट्टी को 1950 के दशक की स्थिति में पहुंचा दिया। फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने यह बात कही। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यूएन अधिकारी फिलिप लाजारिनी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संयुक्त राष्ट्र के एक नवीनतम अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि युद्ध ने फिलिस्तीनी अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है।

गाजा की लगभग पूरी आबादी गरीबी में जी रही है, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्र 70 साल पीछे चले गए हैं। बता दें लाजारिनी संयुक्त राष्ट्र के नियर ईस्ट में फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए रिलीफ एंड वर्क्स एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के कमिश्नर जनरल हैं। लाजारिनी ने कहा, यह जितना लंबा चलेगा, लाखों लड़कियों और लड़कों को सीखने के माहौल में वापस लाने में उतना ही अधिक समय लगेगा, इन भारी नुकसानों को कम करने की चुनौतियां उतनी ही अधिक होंगी। इससे पहले लाजारिनी ने उत्तरी गाजा में तत्काल लड़ाई को रोकने के लिए अपील की थी ताकि वहां फंसे नागरिकों तक मानवीय सहायता पहुंचाई जा सके।

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में, उन्होंने कहा कि यूएनआरडब्ल्यूए के कर्मचारियों ने युद्धग्रस्त क्षेत्र में भोजन, पानी या दवा नहीं मिलने की सूचना दी है। फिलिप लाजारिनी ने कहा, हर जगह मौत की गंध है, शव सड़कों पर या मलबे के नीचे पड़े हैं। शवों को हटाने या मानवीय सहायता प्रदान करने के मिशनों को अस्वीकार कर दिया गया है। यूएन एजेंसी चीफ ने आगे कहा, उत्तरी गाजा में लोग बस मरने का इंतजार कर रहे हैं। वे खुद को अकेला, निराश और अकेला महसूस कर रहे हैं। वे एक घंटे से दूसरे घंटे तक जीते हैं, हर पल मौत से डरते हैं। लाजारिनी ने लिखा, उत्तरी गाजा में हमारे कर्मचारियों की ओर से, मैं तत्काल युद्धविराम की मांग कर रहा हूं, भले ही कुछ घंटों के लिए, ताकि उन परिवारों के लिए सुरक्षित मानवीय मार्ग सुनिश्चित हो सके जो क्षेत्र को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना चाहते हैं। यह उन नागरिकों की जान बचाने के लिए न्यूनतम है जिनका इस संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं है। हमास ने पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल में हमला किया था। हमले में करीब 1200 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 250 से अधिक लोगों कों बंधक बना लिया था। इसके बाद से इजरायल हमास के कंट्रोल वाली गाजा पट्टी पर हमले कर रहा है। गाजा स्थित स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को एक बयान में कहा कि गाजा पट्टी में जारी इजरायली हमलों में मरने वाले फिलिस्तीनियों की संख्या बढ़कर 42,792 हो गई है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 24 Oct 2024 02:42:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उत्तर कोरियाई खतरा: सोल और वाशिंगटन ने बड़े पैमाने पर किया संयुक्त हवाई अभ्यास</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उततर-करयई-खतर-सल-और-वशगटन-न-बड-पमन-पर-कय-सयकत-हवई-अभयस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उततर-करयई-खतर-सल-और-वशगटन-न-बड-पमन-पर-कय-सयकत-हवई-अभयस</guid>
        <description>सोल, 24 अक्टूबर । दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने इस सप्ताह बड़े पैमाने पर संयुक्त हवाई अभ्यास शुरू किया। यह जानकारी दक्षिण कोरिया की वायुसेना ने गुरुवार को दी। यह अभ्यास उत्तर कोरियाई खतरों के खिलाफ तैयारी बढ़ाने की दोनों देशों की संयुक्त कोशिश का हिस्सा है। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को दक्षिण कोरिया के अलग-अलग एयपरपोर्ट पर 12 दिवसीय फ्रीडम फ्लैग अभ्यास शुरू हुआ। दक्षिण कोरिया के एफ-35ए स्टील्थ फाइटर्स और एफ-15के, के साथ-साथ यूएस एफ-35बी, एफ-16 और एमक्यू-9 ड्रोन सहित लगभग 110 विमान शामिल हुए। रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स भी केसी-30ए मल्टी-रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के साथ अभ्यास में शामिल होगी। पहली बार आयोजित होने वाला फ्रीडम फ्लैग, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच नियमित रूप से होने वाले बड़े पैमाने के हवाई अभ्यासों की जगह लेगा बता दें उत्तर कोरिया सोल और वाशिंगटन के संयुक्त सैन्य अभ्यास का विरोध करता आया है।

यह संयुक्त अभ्यास ऐसे समय में किया जा रहा है जब सोल और वाशिंगटन की तरफ से रूस में उत्तर कोरियाई सैनिकों की तैनाती के दावे किए जा रहे हैं। व्हाइट हाउस के अधिकारी के मुताबिक 3000 हजार सैनिक रूस पहुंचे हैं। योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा संचार सलाहकार जॉन किर्बी ने अमेरिका का आकलन पेश किया कि प्योंगयांग ने अक्टूबर के प्रारम्भ से मध्य तक की अवधि में इन सैनिकों को जहाज से रूस भेजा। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वाशिंगटन को अभी तक यह नहीं पता है कि सैनिकों का मिशन क्या है? किर्बी के मुताकि उत्तर कोरियाई सैनिक वर्तमान में तीन रूसी साइट्स पर बुनियादी युद्ध की ट्रेनिंग ले रहे हैं।

अमेरिका का विश्लेषण सोल की प्रमुख खुफिया एजेंसी के आकलन से मेल खाता है, जिसके अनुसार लगभग 3,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों को रूस भेजा गया और दिसंबर तक कुल 10,000 सैनिकों की तैनाती की उम्मीद है। इस बीच, रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने उत्तर कोरिया सैनिकों को लेकर दक्षिण कोरिया के खुफिया विश्लेषण को फर्जी खबर बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर सोल यूक्रेनी संकट में शामिल होता है तो उसे सुरक्षा परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 24 Oct 2024 02:42:04 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>महाराजा चार्ल्स और महारानी कैमिला ने ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/महरज-चरलस-और-महरन-कमल-न-ऑसटरलयई-यदध-समरक-पर-पषपजल-अरपत-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/महरज-चरलस-और-महरन-कमल-न-ऑसटरलयई-यदध-समरक-पर-पषपजल-अरपत-क</guid>
        <description>कैनबरा, 21 अक्टूबर। महाराजा चार्ल्स तृतीय और महारानी कैमिला ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किया और अपने शुभचिंतकों से मुलाकात की।

चार्ल्स (75) कैंसर का इलाज करवा रहे हैं, जिसके कारण उनकी यात्रा का कार्यक्रम छोटा कर दिया गया है। यह चार्ल्स की ऑस्ट्रेलिया की 17वीं यात्रा है और 2022 में ब्रिटेन का महाराजा बनने के बाद से उनकी पहली यात्रा है।

चार्ल्स और कैमिला ने अपने आगमन के अगले दिन आराम किया और रविवार को सिडनी में चर्च सेवा में अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद वे कैनबरा के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने अज्ञात ऑस्ट्रेलियाई सैनिक के स्मारक का दौरा किया। फिर उन्होंने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज द्वारा संसद भवन में आयोजित एक स्वागत समारोह में भाग लिया।

दंपत्ति ने युद्ध स्मारक से निकलकर सैकड़ों लोगों का अभिवादन किया।

स्वागत समारोह में सभी छह ऑस्ट्रेलियाई राज्यों के सरकारी नेताओं ने भाग नहीं लिया। उन्होंने इस आधार पर निमंत्रण अस्वीकार कर दिया कि वे ब्रिटिश सम्राट के बजाय एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक को राज्य प्रमुख के रूप में पसंद करेंगे।

अल्बानीज़ भी चाहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया एक गणतंत्र बने, लेकिन उन्होंने अपने वर्तमान कार्यकाल के दौरान इस बारे में जनमत संग्रह कराने से इनकार कर दिया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 00:52:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारतीय अमेरिकी नागरिक हैरिस को वोट देने से हिचकिचा रहे : समुदाय के डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े नेता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरतय-अमरक-नगरक-हरस-क-वट-दन-स-हचकच-रह-समदय-क-डमकरटक-परट-स-जड-नत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरतय-अमरक-नगरक-हरस-क-वट-दन-स-हचकच-रह-समदय-क-डमकरटक-परट-स-जड-नत</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 21 अक्टूबर। वरिष्ठ भारतीय अमेरिकी नेता स्वदेश चटर्जी ने कहा है कि अमेरिका में रह रहा भारतीय समुदाय पांच नवंबर को होने वाले चुनाव में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को वोट देने से हिचकिचा रहा है, क्योंकि सीनेटर या कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल के रूप में अपनी पिछली भूमिकाओं में हैरिस ने भारतीय समुदाय के बीच अपना जनाधार विकसित नहीं किया।

वर्ष 2001 में पद्म भूषण से सम्मानित भारतीय समुदाय के डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े नेता ने इंडियन अमेरिकन्स फॉर हैरिस नामक समूह बनाया है, जो उपराष्ट्रपति के पक्ष में न सिर्फ कैलिफोर्निया में चुनाव प्रचार कर रहा है बल्कि अन्य राज्यों में भी उपराष्ट्रपति का समर्थन कर रहा है।

चटर्जी ने स्वीकार किया है कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय उन्हें भारी मत देने से हिचकिचा रहा है, क्योंकि वे उन्हें अच्छी तरह से नहीं जानते। उन्होंने कहा कि कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल के रूप में हैरिस ने भारतीय अमेरिकी समुदाय में अपना जनाधार नहीं बनाया और सीनेटर के रूप में वह समुदाय की किसी भी बैठक या उनके किसी भी कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनीं।

उन्होंने पीटीआई-भाषा को दिए साक्षात्कार में कहा, हालांकि वह भारतीय मूल की हैं, लेकिन उनके पास उस तरह का जनाधार नहीं है।

चटर्जी ने कहा कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए ऐतिहासिक चुनाव प्रचार का अंतिम पखवाड़ा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए हैरिस के सामने आने वाली चुनौतियों पर उनका अवलोकन भारतीय अमेरिकियों से उन्हें और उनकी टीम को मिली जानकारी पर आधारित है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह एक चुनौती हो सकती है। हालांकि वे (हैरिस की चुनाव प्रचार अभियान टीम) इसका समाधान करने की कोशिश कर रहे हैं। वे अच्छी तरह जानते थे कि एशियाई अमेरिकी और दक्षिण एशियाई समुदाय दोनों में ही कमला हैरिस को लेकर विश्वसनीयता की कमी है।

भारतीय-अमेरिकी नेता ने कहा कि समुदाय पूरी तरह बंटा हुआ है।

उन्होंने कहा, जो भारतीय अमेरिकी थोड़े समृद्ध हैं, उन्हें लगता है कि (रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार) डोनाल्ड ट्रंप कर घटाएंगे। साथ ही हिंदू धर्म के बारे में थोड़ा बहुत जानने वाले लोगों को लगता है कि टेक्सास और अहमदाबाद में क्रमशः हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रंप कार्यक्रमों के कारण अमेरिका-भारत संबंधों के लिए ट्रंप बेहतर होंगे।

चटर्जी के अनुसार, हैरिस जब सीनेट सदस्य थीं तब उन्होंने अपनी मां के योगदान और अपनी भारतीय विरासत को मान्यता नहीं दी।

उन्होंने कहा, जब वह उपराष्ट्रपति के रूप में चुनी गईं तब वह वास्तव में भारतीय अमेरिकी समुदाय में शामिल हो गईं। बहुत से समुदाय के नेताओं ने उनका समर्थन किया और वह निर्वाचित हुईं। राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी भारतीय अमेरिकियों का समर्थन किया।

चटर्जी ने कहा, उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के सम्मेलन में इस बात को स्वीकार किया। इसलिए कृपया पार्टी लाइन का सम्मान करें और कृपया (उनका) समर्थन करें। यही संदेश मैं समुदाय को देना चाहता हूं।

एक सवाल के जवाब में चटर्जी ने कहा कि सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी ने भारतीय अमेरिकियों को एशियाई-अमेरिकी-प्रशांत द्वीपवासियों के समूह में बांट दिया है, जो समुदाय को पसंद नहीं है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के तौर पर हैरिस ने भारतीय अमेरिकियों के लिए कोई कार्यक्रम नहीं किया है।

चटर्जी ने कहा कि कमला हैरिस के प्रति भारतीय अमेरिकी समुदाय की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है।

चटर्जी ने पीटीआई-भाषा से कहा, जब तक आप इसमें शामिल नहीं होते, आप बड़ी तस्वीर नहीं देख पाते। स्पष्ट कहूं तो अमेरिका-भारत संबंध आज ऐसे बिंदु पर है जहां यह मायने नहीं रखता कि व्हाइट हाउस में कौन (राष्ट्रपति) है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 00:52:38 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप की सेहत पर उठाए सवाल, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिया ये जवाब</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-डनलड-टरप-क-सहत-पर-उठए-सवल-परव-अमरक-रषटरपत-न-दय-य-जवब</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-डनलड-टरप-क-सहत-पर-उठए-सवल-परव-अमरक-रषटरपत-न-दय-य-जवब</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों का प्रचार अंतिम दौर में है और इस दौरान डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस ने अपने प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रंप की सेहत पर सवाल खड़े किए हैं.

हैरिस ने ट्रंप को लेकर कहा कि वह मीडिया के सामने आने से बचते हैं क्योंकि वे चुनाव प्रचार करने में थक जा रहे हैं.

मिशिगन में एक रैली को संबोधित करते हुए कमला हैरिस ने कहा, ट्रंप के पास अमेरिका के लिए कोई भी योजना नहीं है. जैसा कि हमने देखा है कि वे केवल खुद पर ध्यान दे रहे हैं. वे बहस से बच रहे हैं और अपने इंटरव्यू को रद्द कर रहे हैं.

ट्रंप ने पिछले ही हफ़्ते तीन मीडिया इंटरव्यू कैंसल कर दिए थे. हैरिस ने कहा कि मेरी टीम ने बताया है कि उन्होंने ऐसा थकान की वजह से किया है.

हैरिस ने कहा कि अगर आप प्रचार में ही थक जा रहे हैं तो इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या आप दुनिया के इस सबसे कठिन काम (अमेरिका का राष्ट्रपति बनना) के योग्य भी हैं या नहीं?

इससे पहले पॉलिटिको एक्सटर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, ट्रंप अभियान के एक सदस्य ने कहा था कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने थकावट की वजह से कुछ इंटरव्यू को कैंसल किया था.

ट्रंप ने हैरिस के आरोपों पर क्या कहा?

कमला हैरिस के अपनी सेहत को लेकर दिए गए बयानों के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, हैरिस ने मेरे ऊपर थकावट की वजह से मीडिया इंटरव्यू को कैंसल करने का आरोप लगाया है.

ट्रंप ने कहा, मैंने पिछले 48 दिनों से आराम नहीं किया है. हैरिस हारी हुई हैं और उनके अंदर कोई भी ऊर्जा नहीं बची है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 19 Oct 2024 01:02:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हमास के शीर्ष नेता सिनवार की मौत की पुष्टि के लिए इजराइल शव का करा रहा है डीएनए परीक्षण</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हमस-क-शरष-नत-सनवर-क-मत-क-पषट-क-लए-इजरइल-शव-क-कर-रह-ह-डएनए-परकषण</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हमस-क-शरष-नत-सनवर-क-मत-क-पषट-क-लए-इजरइल-शव-क-कर-रह-ह-डएनए-परकषण</guid>
        <description>दीर अल बलाह (गाजा पट्टी), 17 अक्टूबर। इजराइल की सेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या गाजा में सैन्य अभियान में हमास के शीर्ष नेता याह्या सिनवार की मौत हो गई। अधिकारी यह पता लगाने के लिए शव का डीएनए परीक्षण करा रहे हैं कि क्या यह सिनवार का है।

इजराइल की सेना ने एक बयान में कहा कि गाजा में अभियान के दौरान तीन आतंकवादी मारे गए, लेकिन उसने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। सेना ने कहा कि तीनों की पहचान की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वह इस संभावना की जांच कर रही है कि क्या उनमें से एक सिनवार था।

इजराइल के सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि शव के परीक्षण से अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि क्या यह सिनवार का है।

सिनवार सात अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हमास के हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था और इजराइल ने गाजा में अपने जवाबी अभियान की शुरुआत से ही उसे खत्म करने का संकल्प ले रखा है। पूरे युद्ध के दौरान, सिनवार सार्वजनिक रूप से कभी सामने नहीं आया।

अगर सिनवार की मौत की पुष्टि हो जाती है, तो यह चरमपंथी समूह के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। वह वर्षों से गाजा पट्टी के अंदर हमास का शीर्ष नेता रहा है, जो इसकी सैन्य शाखा का गठन करते हुए इससे निकटता से जुड़ा हुआ था।

जुलाई में ईरान की राजधानी तेहरान में इजराइल के हमले में इस्माइल हानिया की हत्या के बाद सिनवार को समूह के शीर्ष नेता के रूप में चुना गया था। इजराइल ने हमास की सैन्य शाखा के प्रमुख मोहम्मद दीफ को भी हवाई हमले में मारने का दावा किया है, लेकिन समूह ने कहा है कि वह बच गया।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन को घटनाक्रम के बारे में अवगत कराया है। अमेरिकी अधिकारी बृहस्पतिवार सुबह से ही इजराइली अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं।

इजराइली सेना ने उत्तरी गाजा के जबालिया शरणार्थी शिविर पर एक सप्ताह से अधिक समय से हवाई और जमीनी हमला जारी रखा है। सेना ने बृहस्पतिवार को अबू हुसैन स्कूल पर हमला किया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक विस्थापित फलस्तीनी शरणार्थियों ने जिस स्कूल में शरण ले रखी थी, वहां इजराइल के हवाई हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई।

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय की स्थानीय आपातकालीन इकाई के प्रमुख फरेस अबू हमजा ने हमले में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की और कहा कि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पास के कमाल अदवान अस्पताल में घायलों को भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा, कई महिलाएं और बच्चे गंभीर हालत में हैं।

इजराइल की सेना ने कहा कि उसने स्कूल के अंदर हमास और इस्लामिक जिहाद द्वारा संचालित कमांड सेंटर को निशाना बनाया, जहां 10 से ज्यादा आतंकी छिपे हुए थे।

इजराइल ने गाजा में विस्थापित लोगों को शरण देने वाले अस्थाई शिविरों और स्कूलों पर कई बार हमले किए हैं। इजराइली सेना का कहना है कि वह आतंकवादियों को निशाना बनाती है और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने से बचने का प्रयास करती है।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 18 Oct 2024 00:39:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले की जांच कर रहे पैनल ने कहा, सीक्रेट सर्विस में सुधार की जरूरत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-पर-हए-हमल-क-जच-कर-रह-पनल-न-कह-सकरट-सरवस-म-सधर-क-जररत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-पर-हए-हमल-क-जच-कर-रह-पनल-न-कह-सकरट-सरवस-म-सधर-क-जररत</guid>
        <description>अमेरिकी सीक्रेट सर्विस पर जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें कई ख़ामियां हैं और उनको तुरंत ठीक करने की ज़रूरत है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर इन ख़ामियों को जल्द ठीक नहीं किया गया तो पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले जैसी घटनाएं आगे भी जारी रह सकती हैं.

एक स्वतंत्र पैनल पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जुलाई में हुई गोली चलाए जाने की जांच कर रहा था.

इस पैनल ने गुरुवार को अपनी जांच से जुड़े नतीजों को जारी किया है. इस जांच नतीजे में कहा गया है कि अमेरिकी सीक्रेट सर्विस में नौकरशाही बढ़ गई है और इस संस्था में कोई भी सुधार नहीं हो रहा है.

पैनल ने 52 पन्ने की अपनी रिपोर्ट में कहा है,सीक्रेट सर्विस में आमूल-चूल बदलाव की ज़रूरत है. इस संस्था की नाक़ामियों की वजह से डोनाल्ड ट्रंप पर हमला हुआ था.

डोनाल्ड ट्रंप पर हुई गोलीबारी की घटना के मामले में सीक्रेट सर्विस ने अपनी गलतियों को स्वीकार किया था.

संस्था के निदेशक ने भी घटना के कुछ दिनों के बाद ही अपना इस्तीफ़ा भी दे दिया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 18 Oct 2024 00:39:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल ने लेबनान में किये हवाई हमले, 21 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-न-लबनन-म-कय-हवई-हमल-21-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-न-लबनन-म-कय-हवई-हमल-21-लग-क-मत</guid>
        <description>कना(लेबनान), 16 अक्टूबर। लेबनान में किये गए इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 21 लोग मारे गए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

इन हमलों में, एक दक्षिणी शहर पर की गई बमबारी भी शामिल है जिसमें एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई।

लेबनान के दक्षिणी हिस्से में एक अन्य स्थान पर, एक शहर के मेयर की भी हमले में मौत हो गई। लेबनानी अधिकारियों ने बताया कि यह हमला राहत प्रयासों में समन्वय के लिए आयोजित बैठक स्थल को निशाना बनाकर किया गया।

दक्षिणी शहर कना में मंगलवार देर रात किए गए हमलों पर इजराइली सेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई, जहां 15 लोग मारे गए हैं।

लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने इजराइल पर, राहत प्रयासों पर चर्चा करने के लिए आयोजित नगर परिषद की बैठक को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन इजराइली हमलों के बारे में जानबूझकर चुप रहा है, जिसमें नागरिक मारे गए हैं।

उन्होंने एक बयान में कहा, इस वास्तविकता के आलोक में किस समाधान की उम्मीद की जा सकती है?

इजराइली सेना ने बिना कोई सबूत दिए कहा कि उसने बुधवार के हमलों में नबातियेह के नागरिक क्षेत्रों में स्थित हिज्बुल्ला के कमांड केंद्रों और हथियार भंडारों को निशाना बनाया।

इजराइल ने छह दिन के विराम के बाद बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर भी बमबारी शुरू कर दी और एक अपार्टमेंट भवन के नीचे स्थित हथियारों के गोदाम को निशाना बनाया। सेना ने हमले से पहले निवासियों को घर खाली करने की चेतावनी दी थी और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

मंगलवार देर रात दक्षिणी शहर कना पर किए गए हमलों पर इजराइली सेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

घटनास्थल से एसोसिएटेड प्रेस की तस्वीरों और वीडियो में कई इमारतें जमींदोज नजर आ रही हैं तथा कुछ की ऊपरी मंजिलें ढही हुई दिख रही हैं।

वर्ष 1996 में, कना में सैकड़ों विस्थापित लोगों के आवास वाले संयुक्त राष्ट्र परिसर पर इजराइली गोलाबारी में कम से कम 100 नागरिक मारे गए थे और चार संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों सहित कई लोग घायल हुए थे।

वर्ष 2006 के युद्ध के दौरान एक रिहायशी इमारत पर इजराइल के हमले में करीब 36 लोग मारे गए थे जिनमें से एक तिहाई बच्चे थे। इजराइल ने उस समय कहा था कि उसने हिजबुल्ला के एक रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाकर यह हमला किया था।

इजराइल ने कुछ दिनों के विराम के बाद बेरूत पर हमले फिर से शुरू किए।

दक्षिणी बेरूत पर छह दिनों में पहली बार ये हमले किये गए और लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने कहा कि अमेरिका ने उन्हें आश्वासन दिया था कि इजराइल राजधानी पर अपने हमलों को रोक देगा।

दक्षिणी बेरूत में हिज्बुल्ला की अच्छी खासी उपस्थिति है।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नबातियेह में शहर और आस-पास के इलाकों में आधा दर्जन से अधिक हमले हुए, जिसमें कम से कम छह लोग मारे गए और 43 अन्य घायल हुए हैं। प्रांतीय गवर्नर हुवैदा तुर्क ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि मारे गए लोगों में शहर के मेयर अहमद कहिल भी शामिल हैं।

लेबनान के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष समन्वयक जीनिन हेनिस-प्लास्चर्ट ने हमजे में खलील की मौत होने पर कहा, यह हमला अन्य घटनाओं के बाद हुआ है, जिसमें लेबनान में नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 17 Oct 2024 01:14:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा के सांसद चंद्रा आर्या ने क्यों कहा &amp;apos;खालिस्तान&amp;apos; कनाडाई समस्या</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-क-ससद-चदर-आरय-न-कय-कह-खलसतन-कनडई-समसय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-क-ससद-चदर-आरय-न-कय-कह-खलसतन-कनडई-समसय</guid>
        <description>कनाडा में भारतीय मूल के सांसद चंद्रा आर्या ने कहा है कि एक हिंदू सांसद के तौर पर वे भी कनाडा में रह रहे हिंदुओं की चिंताओं को महसूस कर पा रहे हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी करते हुए उन्होंने कहा,मैंने हाल ही में हुई घटनाओं को लेकर कनाडा के हिंदुओं की चिंताओं के बारे में सुना है. एक हिंदू सांसद के तौर पर मैंने भी इन चिंताओं को महसूस किया है.

उन्होंने कहा,खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने मेरे ख़िलाफ़ भी प्रदर्शन किया था. आरसीएमपी अधिकारियों की सुरक्षा में मैं एडमोंटन में एक हिंदू कार्यक्रम में शामिल हो सका. हम कनाडा में लंबे समय से खालिस्तानी हिंसक उग्रवाद की समस्या से अवगत हैं.

चंद्रा आर्या ने कहा,  मैं साफ़ कर दूं कि कनाडा के भीतर किसी भी देश की कोई भी कार्रवाई को हम स्वीकार नहीं करते हैं. कनाडाई होने के नाते हम नहीं चाहते कि कोई भी देश हमारे घरेलू मामलों में दख़ल दे. इसमें खालिस्तानी उग्रवाद से जुड़े मामले भी शामिल हैं.

भारतीय मूल के सांसद ने कहा,खालिस्तान एक कनाडाई समस्या है और इसे सही करना हमारी सरकार और क़ानून की ज़िम्मेदारी है.

भारत और कनाडा के संबंधों में पिछले साल से ही तनातनी देखने को मिल रही है. दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव जून 2023 में कनाडा के ही भारतीय मूल के सिख नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से शुरू हुआ है.

कनाडा सरकार ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया था. हरदीप सिंह निज्जर खालिस्तान समर्थक थे.

वहीं इसी हफ़्ते दोनों ही देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को भी निष्कासित कर दिया है. हालांकि भारत ने दावा किया था कि उसने अपने राजनयिकों को वापस बुलाया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 17 Oct 2024 01:14:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत ने कहा है कि वह अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश के आरोपों को गंभीरता से ले रहा है: अमेरिका</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-न-कह-ह-क-वह-अमरक-नगरक-क-हतय-क-सजश-क-आरप-क-गभरत-स-ल-रह-ह-अमरक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-न-कह-ह-क-वह-अमरक-नगरक-क-हतय-क-सजश-क-आरप-क-गभरत-स-ल-रह-ह-अमरक</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 16 अक्टूबर। अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि भारत का कहना है कि वह एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश के आरोपों को गंभीरता से ले रहा है।

अमेरिका आए भारतीय अधिकारियों की एक टीम ने यहां विदेश मंत्रालय और विधि मंत्रालय के अधिकारियों के साथ इस मामले को लेकर मुलाकात की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, मेरे पास बैठक की विस्तृत जानकारी अभी नहीं हैं। बैठक भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पिछले कई महीनों से जारी हमारी बातचीत के संदर्भ में आयोजित की गई थी।

मिलन ने एक सवाल के जवाब में कहा, उन्होंने हमें बताया है कि वे आरोपों को गंभीरता से ले रहे हैं और विधि मंत्रालय के अभियोग में शामिल गतिविधियां सरकारी नीति का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं।

उन्होंने कहा, इसलिए भारतीय अधिकारियों के साथ इस सप्ताह जो बैठक हुई या जो आज होने वाली है, उसका उद्देश्य मामले में उनकी सक्रिय जांच पर चर्चा करना है, उन्हें मामले में हमारी सक्रिय जांच के बारे में अद्यतन जानकारी देना है तथा आने वाले दिनों एवं सप्ताहों में उठाए जा सकने वाले कदमों के बारे में पक्षकारों को जानकारी देना है।

यह टिप्पणी ऐसे समय में की गई जब एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी अधिकारी की संलिप्तता के अमेरिकी आरोपों की जांच के संदर्भ में गठित भारतीय जांच समिति मंगलवार को यहां पहुंची।

अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने पिछले साल नवंबर में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर न्यूयॉर्क में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया था। गुप्ता को पिछले साल जून में चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था और 14 जून को उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था।

भारत ने इन आरोपों को खारिज किया है लेकिन उसने मामले की जांच के लिए एक अंतरिम जांच टीम गठित की है।

मिलर ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि भारत अमेरिका का मजबूत साझेदार बना रहेगा।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 16 Oct 2024 01:15:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एससीओ बैठक: शहबाज शरीफ ने किया जयशंकर का स्वागत, विदेश मंत्री ने भारतीय उच्चायोग में लगाया पौधा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एससओ-बठक-शहबज-शरफ-न-कय-जयशकर-क-सवगत-वदश-मतर-न-भरतय-उचचयग-म-लगय-पध</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एससओ-बठक-शहबज-शरफ-न-कय-जयशकर-क-सवगत-वदश-मतर-न-भरतय-उचचयग-म-लगय-पध</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 16 अक्टूबर । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को इस्लामाबाद में एससीओ शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर का स्वागत किया। इससे पहले जयशंकर ने पाकिस्तान स्थित इंडियन हाई कमीशन कैंपस में सुबह की सैर की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान को बढ़ावा देते हुए एक पौधा लगाया। विदेश मंत्री ने एक्स पर लिखा, पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग की टीम के सहकर्मियों के साथ हमारे हाई कमीशन कैंपस में सुबह की सैर।

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, कैंपस में अर्जुन का पौधा #प्लांट फॉर मदर के प्रति एक और प्रतिबद्धता। #एक_पेड़_मां_के_नाम  विदेश मंत्री एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की 23वीं बैठक में भाग लेने के लिए इस्लामाबाद में हैं। आयोजन की शुरुआत मंगलवार शाम को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से दिए गए वेलकम डिनर के साथ हुई। यह 9 साल में किसी भारतीय विदेश मंत्री की पहली पाकिस्तान यात्रा है। पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज ने अफगानिस्तान पर एक सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के लिए 2015 में इस्लामाबाद का दौरा किया था। मंगलवार दोपहर को विदेश मंत्री जयशंकर के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर पहुंचा। मंगलवार को जयशंकर के रवाना होने से पहले विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, एससीओ सीएचजी बैठक प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है और संगठन के व्यापार और आर्थिक एजेंडे पर केंद्रित होती है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

भारत एससीओ फ्रेमवर्क में सक्रिय रूप से शामिल है। एससीओ के अन्य सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व चीन, रूस, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के साथ-साथ ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति करेंगे। मंगोलिया के प्रधानमंत्री (पर्यवेक्षक राज्य) और मंत्रिपरिषद के उपाध्यक्ष, तुर्कमेनिस्तान के विदेश मंत्री (विशेष अतिथि) भी बैठक में भाग ले रहे हैं। हालांकि विदेश मंत्री जयशंकर के इस्लामाबाद में केवल 24 घंटे रहने की उम्मीद है और बैठक के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच कोई द्विपक्षीय बैठक निर्धारित नहीं है लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान में सत्तारूढ़ सरकार के कई मंत्रियों और विपक्षी नेताओं ने घरेलू राजनीतिक लाभ के लिए उनके आगमन पर ध्यान केंद्रित कर रखा है।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सांसद और खैबर-पख्तूनख्वा (केपी) के सूचना सलाहकार बैरिस्टर मुहम्मद अली सैफ ने जयशंकर को पीटीआई कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए आमंत्रित किया, जो देश की राजधानी में विरोध रैली कर रहे हैं। सैफ ने कहा, एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए इस्लामाबाद आने वाले सभी विदेशी प्रतिनिधिमंडल हमारे विरोध को देखकर खुश होंगे और हमारे देश की लोकतांत्रिक प्रथाओं और ताकत की सराहना करेंगे... हम जयशंकर को हमारे सरकार विरोधी प्रदर्शन को संबोधित करने के लिए भी आमंत्रित करेंगे और वह खुद देखेंगे कि पाकिस्तान का लोकतंत्र कितना मजबूत है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 16 Oct 2024 01:15:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जस्टिन ट्रूडो का दावा&amp; निज्जर हत्या मामले की जांच में भारत नहीं कर रहा था सहयोग</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जसटन-टरड-क-दव-नजजर-हतय-ममल-क-जच-म-भरत-नह-कर-रह-थ-सहयग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जसटन-टरड-क-दव-नजजर-हतय-ममल-क-जच-म-भरत-नह-कर-रह-थ-सहयग</guid>
        <description>कनाडा के छह राजनयिकों को देश से निकालने और भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा को वापस बुलाने के भारत के फ़ैसले के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की है.

राजधानी ओटावा में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान ट्रूडो ने दावा किया है कि कनाडा के अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों को आपराधिक गतिविधियों के साक्ष्य दिए थे लेकिन भारत सरकार ने सहयोग नहीं किया.

कनाडा की विदेश मंत्री मेलेनी जोली के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान ट्रूडो ने कहा, भारत सरकार के एजेंटों के सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर ख़तरे में भूमिका को लेकर सुबूत मौजूद हैं. यह अस्वीकार्य है.

उन्होंने कहा, कनाडा-भारत के लोगों से लोगों के बीच संबंधों, व्यापार और वाणिज्य का एक लंबा इतिहास रहा है. लेकिन हम अभी जो देख रहे हैं उसे बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं. भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का कनाडा पूरी तरह सम्मान करता है और हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार भी कनाडा के लिए वैसा ही करेगी.

ट्रूडो ने आरोप लगाया कि जब इंटेलिजेंस ने हरदीप सिंह निज्जर की कनाडाई ज़मीन पर हत्या में भारत की संभावित भागीदारी पर संदेह जताया था तब भारत सरकार के साथ इस मुद्दे पर सहयोग के लिए अपील की गई थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 15 Oct 2024 01:05:42 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा में पोलियो टीकाकरण अभियान का दूसरा दौर शुरू, करीब 6 लाख बच्चों को दी जाएगी खुराक: संयुक्त राष्ट्र</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-पलय-टककरण-अभयन-क-दसर-दर-शर-करब-6-लख-बचच-क-द-जएग-खरक-सयकत-रषटर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-पलय-टककरण-अभयन-क-दसर-दर-शर-करब-6-लख-बचच-क-द-जएग-खरक-सयकत-रषटर</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र, 15 अक्टूबर । इजरायली हमलों में तबाह हो चुके गाजा में पोलियो टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण शुरू हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय कार्यकर्ताओं ने बताया कि अभियान गाजा पट्टी के मध्य क्षेत्र में शुरू हुआ। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) ने सोमवार को कहा कि दो सप्ताह से भी कम समय में, यूएनआरडब्ल्यूए (फिलिस्तीनियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी), विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष का लक्ष्य 10 वर्ष से कम आयु के लगभग 5,90,000 बच्चों को नोवल ओरल पोलियो वैक्सीनेशन की दूसरी खुराक देना है।

टीकाकरण का पहला चरण 1 से 12 सितंबर तक लागू किया गया था, जिसमें 5,59,000 से अधिक बच्चों तक पहुंचा गया। पहले दौर की तरह, दूसरे दौर में भी तीन चरण होंगे, जिनमें से प्रत्येक में तीन अभियान दिवस और एक कैच-अप दिवस शामिल होगा। गाजा में अल अक्सा अस्पताल के पास विस्थापित लोगों के टेंटों पर रविवार रात को इजरायली हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए, संयुक्त राष्ट्र के कार्यवाहक अवर महासचिव जॉयस मसूया ने कहा कि फिलिस्तीनियों को जो परेशानियां झेलनी पड़ रही है, उसका कोई अंत नहीं है। एक बयान में, मसूया ने कहा कि गाजा में लोगों के लिए वास्तव में कोई सुरक्षित स्थान नहीं है।

उन्होंने अत्याचारों को समाप्त करने, नागरिकों और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा की मांग की। बता दें इस हमले में कई लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों सहित कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इससे कुछ घंटे पहले नुसेरात में एक स्कूल में बने शेल्टर पर हमला हुआ था, जिसमें कथित तौर पर 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 15 Oct 2024 01:05:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल के सैन्य अड्डे पर हिजबुल्ला के ड्रोन हमले में चार सैनिकों की मौत : सेना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-क-सनय-अडड-पर-हजबलल-क-डरन-हमल-म-चर-सनक-क-मत-सन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-क-सनय-अडड-पर-हजबलल-क-डरन-हमल-म-चर-सनक-क-मत-सन</guid>
        <description>दीर अल-बला (गाजा पट्टी), 14 अक्टूबर। मध्य इजराइल में रविवार को एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हिजबुल्ला के ड्रोन हमले में चार सैनिकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। सेना ने यह जानकारी दी।

लेबनान में दो सप्ताह पहले इजराइल द्वारा जमीनी हमले शुरू किए जाने के बाद आतंकवादी समूह द्वारा किया गया यह सबसे घातक हमला है।

लेबनान स्थित हिजबुल्ला ने बिनयामीना शहर के पास किए गए हमलों को बृहस्पतिवार को देश की राजधानी बेरूत पर इजराइल के हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया। इस हमले में 22 लोग मारे गए थे।

बाद में हिजबुल्ला ने कहा कि उसने इजराइल के विशिष्ट गोलानी ब्रिगेड को निशाना बनाया तथा ड्रोन के हमले के दौरान इजराइली वायु रक्षा प्रणालियों पर कब्जा करने के लिए कई मिसाइलें दागीं।

इजराइल की राष्ट्रीय बचाव सेवा ने कहा कि हमले में 61 लोग घायल हुए हैं। इजराइल की उन्नत वायु-रक्षा प्रणालियां इतनी मजबूत मानी जाती है कि ड्रोन या मिसाइल हमले में इतनी संख्या में लोगों के घायल होने की आशंका नहीं के बराबर रहती है। गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से साल में लगभग हर दिन हिजबुल्ला और इजराइल के बीच लगभग गोलीबारी होती रही है तथा लड़ाई तेज होती गई।

दो स्थानीय अस्पतालों के अनुसार, गाजा के अंदर रविवार रात को इजराइल के हवाई हमले में एक स्कूल में बच्चों सहित कम से कम 20 लोग मारे गए। नुसरत का यह स्कूल युद्ध के कारण विस्थापित हुए कई फलस्तीनियों के लिए शरण स्थल बन गया था।

इस बीच, सोमवार को सुबह दीर अल-बला में अल-अक्सा शहीद अस्पताल के बाहर विस्फोट हुए जिसके बाद लोगों को अस्पताल ले जाया गया।

हिजबुल्ला का इजराइल पर किया गया घातक हमला उसी दिन हुआ, जिस दिन अमेरिका ने घोषणा की थी कि वह इजराइल को मिसाइलों से रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए एक नयी वायु रक्षा प्रणाली भेजेगा, साथ ही इसे संचालित करने के लिए आवश्यक सैनिक भी भेजेगा। इजराइली सेना के प्रवक्ता ने समयसीमा बताने से इनकार कर दिया।

इजराइल का अब गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्ला के साथ युद्ध जारी है। दोनों ही ईरान समर्थित चरमपंथी समूह हैं और इस महीने की शुरुआत में हुए मिसाइल हमले के जवाब में उसके ईरान पर हमला करने की उम्मीद है। ईरान ने कहा है कि वह इजराइल के किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा।

इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को हिजबुल्ला के लिए मानव ढाल कहा। लेबनान में यूनिफिल के नाम से मशहूर संयुक्त राष्ट्र शांति सेना ने कहा कि इजराइली टैंक ने रविवार की सुबह एक स्थान के मुख्य द्वार को नष्ट कर दिया और बाद में शांति सैनिकों के पास धुएं के गोले दागे, जिससे उन्हें त्वचा में जलन महसूस हुई।

यूनिफिल ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून का एक और खुला उल्लंघन बताया।

लेबनान में जमीनी आक्रमण की शुरुआत के बाद से इजराइली सेना द्वारा संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर बार-बार गोलीबारी किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय आलोचना बढ़ रही है। शांति सैनिकों के ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में पांच शांति सैनिक घायल हो गए हैं। इनमें से अधिकतर हमलों के लिए इजराइली सेना को दोषी ठहराया गया है।

सेना का कहना है कि हिजबुल्ला शांति सैनिकों के आस-पास के इलाकों में काम करता है, लेकिन उसने कोई सबूत नहीं दिया है।

सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशनी ने जोर देकर कहा कि इजराइल ने यूनिफिल के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की कोशिश की है और संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाए जाने की किसी भी घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रविवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव को संबोधित एक वीडियो संदेश में यूनिफिल से इजराइल की चेतावनी पर ध्यान देने का आह्वान किया और उन पर हिजबुल्ला को मानव ढाल बनकर सुरक्षा प्रदान करने का आरोप लगाया।

इजराइल लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र पर पक्षपाती होने का आरोप लगाता रहा है।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 14 Oct 2024 00:43:36 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन ने ताइवान के नज़दीक एक वीडियो में दिखाई सैन्य क्षमता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-न-तइवन-क-नजदक-एक-वडय-म-दखई-सनय-कषमत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-न-तइवन-क-नजदक-एक-वडय-म-दखई-सनय-कषमत</guid>
        <description>चीन की सेना की पूर्वी कमांड ने एक ट्रेनिंग वीडियो जारी किया है. यह ताइवान के आसपास किए गए सैन्य अभ्यास से संबंधित है.

इस वीडियो में बीजिंग की सैन्य ताकत, युद्धपोत, लड़ाकू विमान, बख़्तरबंद सैन्य वाहन और मिसाइल लॉन्चर दिखाए गए हैं.

चीन के मीडिया आउटलेट ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि वीडियो में चीन की सेना की पूर्वी कमांड की तैयारी दिखाई गई है कि चीन की सेना युद्ध की स्थिति का सामना करने के लिए कितनी तैयार है और उसकी कितनी क्षमता है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 14 Oct 2024 00:43:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पायलट की मौत के बाद तुर्किये एयरलाइन का विमान न्यूयॉर्क में आपातकालीन स्थिति में उतरा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पयलट-क-मत-क-बद-तरकय-एयरलइन-क-वमन-नययरक-म-आपतकलन-सथत-म-उतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पयलट-क-मत-क-बद-तरकय-एयरलइन-क-वमन-नययरक-म-आपतकलन-सथत-म-उतर</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 9 अक्टूबर। विमान के पायलट की मौत के बाद सिएटल से इस्तांबुल जा रहे तुर्किये एयरलाइन के एक जेट विमान को बुधवार को न्यूयॉर्क में आपातकालीन स्थिति में उतारा गया। एयरलाइन के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
एयरलाइन के प्रवक्ता याह्या उस्तुन ने एक बयान में कहा कि मंगलवार रात सिएटल से उड़ान संख्या टीके204 के उड़ान भरने के बाद पायलट इल्सेहिन पेहलिवन (59) अचानक बेहोश हो गए।
उस्तुन ने बताया कि चालक दल के सदस्यों ने आपातकालीन लैंडिंग का निर्णय लिया और पायलट पेहलिवन को बचाने का प्रयास किया, लेकिन विमान के उतरने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
प्रवक्ता ने बताया कि यात्रियों के लिए न्यूयॉर्क से उनके गंतव्य तक पहुंचने की व्यवस्था की जा रही है।
उस्तुन ने बताया कि पेहलिवन 2007 से तुर्किये एयरलाइन में काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मार्च में नियमित स्वास्थ्य जांच में ऐसी कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं पाई गई, जिसके कारण उन्हें काम करने से रोका जाता।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 10 Oct 2024 00:52:59 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की, &amp;apos;सबसे अच्छा इंसान&amp;apos; बताया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-परधनमतर-मद-क-तरफ-क-सबस-अचछ-इसन-बतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-परधनमतर-मद-क-तरफ-क-सबस-अचछ-इसन-बतय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 9 अक्टूबर। अमेरिका में नवंबर में प्रस्तावित राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें सबसे अच्छा इंसान बताया और कहा कि वह उनके दोस्त हैं।
ट्रंप ने फ्लैगरेंट पॉडकास्ट के दौरान एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की, जिसे बुधवार को अपलोड किया गया।
उन्होंने कहा, मोदी, भारत। वह मेरे दोस्त हैं। वह सबसे अच्छे इंसान हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 10 Oct 2024 00:52:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>7 अक्टूबर हमले की पहली बरसी पर बड़ा हमला करना चाहता था हमास : इजरायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/7-अकटबर-हमल-क-पहल-बरस-पर-बड-हमल-करन-चहत-थ-हमस-इजरयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/7-अकटबर-हमल-क-पहल-बरस-पर-बड-हमल-करन-चहत-थ-हमस-इजरयल</guid>
        <description>तेल अवीव, 7 अक्टूबर । इजरायली सेना ने दावा किया कि 7 अक्टूबर हमले की पहली बरसी पर हमास ने इजरायल पर बड़े हमले की योजना बनाई थी जिसे नाकाम कर दिया गया। इजरायली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के मुताबिक फिलिस्तीनी आतंकी ग्रुप की प्लानिंग सोमवार को इजरायल पर रॉकेटों की बौछार करने की थी। आईडीएफ के मुताबिक हमास की योजना की जानकारी मिलने के बाद एक तत्काल खतरे को विफल कर दिया गया। फोर्सेज ने बताया कि लड़ाकू विमानों ने सुबह 6:30 बजे से कुछ समय पहले (जब हमास ने रॉकेट दागने की योजना थी) गाजा में कई रॉकेट लॉन्चरों और सुरंगों पर हमला किया।

हालांकि आईडीएफ ने कहा कि हमास चार रॉकेट दागने में कामयाब रहा, जिनमें से तीन को रोक दिया गया, जबकि चौथा रॉकेट खुले इलाके में गिरा। आईडीएफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कुछ क्षण पहले गाजा के आसपास के इजरायली इलाकों में सायरन बजने लगे। पिछले साल ठीक इसी समय, पूरे इजरायल में सायरन बजने लगे थे। आईडीएफ ने 7 अक्टूबर के हमले के प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा, आज से एक साल पहले, हमारे देश का इतिहास हमेशा के लिए बदल गया। इजरायली वॉर रूम ने इस दिन की गंभीरता पर जोर देते हुए पोस्ट किया, सुबह 6:29 बजे। एक साल पहले इसी समय ईरान समर्थित हमास ने इजरायली लोगों पर हमला किया, 1,200 से अधिक निर्दोष लोगों की हत्या की, सैकड़ों लोगों का अपहरण किया, भयानक बलात्कार किए और लाखों लोगों के जीवन को तहस-नहस कर दिया। 7 अक्टूबर, 2023 का हमला इजरायल के लिए बड़ा झटका था। होलोकॉस्ट के बाद एक ही दिन में यहूदी लोगों पर हुआ यह सबसे घातक हमला था। इसमें करीब 1200 इजरायलियों की मौत हो गई जबकि 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी और गाजा पट्टी में सैन्य ऑपरेशन शुरू किया। इजरायली हमलों की वजह से गाजा में बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ।

अलजजीरा की सोमवार की एक रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में इजरायली हमलों में कम से कम 41,870 लोग मारे गए हैं और 97,166 घायल हुए हैं। गाजा में इजरायल का सैन्य अभियान जारी है। इस बीच पिछले कई दिनों से इजरायल, लेबनान में भारी हवाई हमले कर रहा है। उसका कहना है कि इस कार्रवाई में हिजबुल्लाह के सदस्यों और ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके साथ ही यहूदी राष्ट्र ने लेबनान में सीमित जमीनी सैन्य अभियान भी शुरू किया है। इजरायली हमलों के कारण लेबनान में भी भारी तबाही हुई है। लेबनान में विस्थापित लोगों की कुल संख्या लगभग 12 लाख हो गई। यह जानकारी लेबनानी मंत्रिपरिषद की डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट यूनिट ने अपनी एक रिपोर्ट में दी। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 07 Oct 2024 05:04:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के निदेशक ने एजेंसी की थपथपाई पीठ, दिया ट्रंप की हत्या के विफल प्रयास का श्रेय</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-सकरट-सरवस-क-नदशक-न-एजस-क-थपथपई-पठ-दय-टरप-क-हतय-क-वफल-परयस-क-शरय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-सकरट-सरवस-क-नदशक-न-एजस-क-थपथपई-पठ-दय-टरप-क-हतय-क-वफल-परयस-क-शरय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 17 सितंबर । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा मिली हुई है। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के कार्यवाहक निदेशक रोनाल्ड रोवे ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति पर कथित हत्या के प्रयास को विफल करने का श्रेय एजेंसी को दिया। रोवे ने कहा, वह व्यक्ति, जो पूर्व राष्ट्रपति को देख नहीं पाया था, घटनास्थल से भाग गया। उसने हमारे एजेंटों पर कोई गोली नहीं चलाई ।

गोलीबारी की सूचना मिलने पर, पूर्व राष्ट्रपति के करीबी सुरक्षा दल ने राष्ट्रपति को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। यह टिप्पणी दो महीने में ट्रंप पर दूसरी बार हुए हत्या के प्रयास के बाद आई है। आरोपी 58 वर्षीय रयान वेस्ले राउथ ने फ्लोरिडा के उस मैदान में अपनी राइफल झाड़ियों में छिपा कर रखी थी जहां ट्रंप गोल्फ खेल रहे थे। यह घटना ऐसे समय में हुई ,जब पेंसिल्वेनिया के बटलर में ट्रंप पर हुए हमले को लेकर सीक्रेट सर्विस की कार्यप्रणाली को गहनता से जांचा परखा जा रहा है। विभिन्न रिपब्लिकन नेताओं ने सोमवार को एजेंसी से ट्रंप की सुरक्षा का स्तर राष्ट्रपति जो बाइडेन के स्तर तक बढ़ाने का आह्वान किया था। रोवे ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रंप को उच्चतम स्तर की सुरक्षा मिल रही है और यह प्रणाली काम कर रही है। उन्होंने कहा, पूर्व राष्ट्रपति के सुरक्षात्मक तंत्र ने खतरे की जल्द पहचान करने में मदद की और सुरक्षित निकासी का मार्ग प्रशस्त किया।  उन्होंने आगे कहा, उनकी सुरक्षा व्यवस्था में हर तरह की रणनीति का इस्तेमाल किया गया है। 60 दिन पहले हुई घटना के परिणामस्वरूप स्थापित की गई हैं। वे तत्व काम कर रहे हैं। इसमें सुरक्षा के लिए स्तरीकृत दृष्टिकोण को मजबूत करना शामिल है, जिसमें ट्रंप के आगमन से पहले गोल्फ कोर्स के विभिन्न बिंदुओं की जांच शामिल थी।

रोवे ने कहा, छठी स्क्रीन के क्षेत्र पर नजर रख रहे एजेंट ने देखा कि व्यक्ति के पास एक हथियार है, जिसे उसने राइफल समझा और उसने तुरंत अपनी बंदूक चला दी। उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप अभी भी कई सौ गज और कई छेदों की दूरी पर थे। फिर भी, इसमें कोई संदेह नहीं है कि एजेंसी को शुरुआत में राउथ को तब तक नहीं पहचान पाने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ेगा क्योंकि वो पूर्व राष्ट्रपति के करीब पहुंच गया था। इतना ही नहीं वो ट्रंप के पहुंचने से 12 घंटे पहले से डेरा डाले बैठा था। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि राउथ को ट्रंप के स्थान के बारे में कैसे जानकारी थी, जो कि एक ऑफ द रिकॉर्ड गतिविधि थी, जो पूर्व राष्ट्रपति के सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं थी। एफबीआई के पूर्व उप निदेशक एंड्रयू मैककेब ने सीएनएन पर एक कार्यक्रम में कहा, तथ्य यह है कि उन्हें नहीं पता था कि वह व्यक्ति वहां था, और वह वहां इतने लंबे समय से था, इससे इस बारे में वास्तविक चिंताएं उत्पन्न होती हैं कि वे उस जगह की सुरक्षा के बारे में क्या सोच रहे हैं।

रोवे ने कहा कि एजेंसी अपने दृष्टिकोण के कुछ पहलुओं पर पुनर्विचार करेगी। उन्होंने कहा, हमें यह देखने की जरूरत है कि हमारी सुरक्षात्मक कार्यप्रणाली क्या है। हमें प्रतिक्रियात्मक मॉडल से बाहर निकलकर तत्परता मॉडल अपनाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी को अन्य भू-राजनीतिक घटना के लिए तैयार रहना चाहिए, जो अमेरिका को संघर्ष में डाल सकती हैं। उन्होंने कहा कि सीक्रेट सर्विस अपने संसाधन संबंधी आवश्यकताओं के बारे में सांसदों के साथ विचार-विमर्श कर रही है, तथा एजेंसी को अतिरिक्त एजेंटों की नियुक्ति के लिए धन की आवश्यकता है। रोवे ने कहा, इसके लिए हमें अधिक लोगों को काम पर रखने के लिए धन की आवश्यकता है। आप मुझे सिर्फ पैसे देकर यह नहीं कह सकते कि, अरे, हम यह सुनिश्चित करने जा रहे हैं कि सभी को ओवरटाइम मिले। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 00:43:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत और अमेरिका के बीच टू प्लस टू अंतरसत्रीय वार्ता, रणनीतिक और रक्षा मामलों पर हुई चर्चा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-और-अमरक-क-बच-ट-पलस-ट-अतरसतरय-वरत-रणनतक-और-रकष-ममल-पर-हई-चरच</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-और-अमरक-क-बच-ट-पलस-ट-अतरसतरय-वरत-रणनतक-और-रकष-ममल-पर-हई-चरच</guid>
        <description>नई दिल्ली, 17 सितंबर । एक आधिकारिक बयान में यूएस-भारत टू प्लस टू अंतरसत्रीय वार्ता की जानकारी दी गई। बताया गया कि बैठक के दौरान द्विपक्षीय रणनीतिक और रक्षा प्राथमिकताओं के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश और रक्षा मंत्रालय तथा अमेरिकी विदेश और रक्षा विभाग के अधिकारी सोमवार को टू प्लस टू अंतरसत्रीय वार्ता में शामिल हुए। एक्स पोस्ट में, विदेश मंत्रालय (एमईए) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत और अमेरिका ने सोमवार को भारत के विदेश और रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी विदेश और रक्षा विभागों के अधिकारियों संग बैठक हुई।

चर्चा के केंद्र में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ द्विपक्षीय रणनीतिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों को शामिल किया गया। इससे पहले 13 सितंबर को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास वित्त निगम (डीएफसी) के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की थी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी निशा बिस्वाल ने किया। प्रतिनिधिमंडल में भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी और दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच शामिल थे। वित्त मंत्रालय के अनुसार, चर्चा भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित थी, जिसमें भारत में निवेश के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया।

बातचीत के दौरान डीएफसी के प्रतिनिधियों ने निवेश के लिए एक प्रमुख स्थल के रूप में भारत की महत्वपूर्ण क्षमता को स्वीकार किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अनुकूल अवसरों पर प्रकाश डाला तथा देश में निवेश का और अधिक विस्तार करने की प्रतिबद्धता जताई। वित्त मंत्री सीतारमण ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापक और बहु क्षेत्रीय सहयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हाल के सुधारों और देश के उभरते निवेश माहौल ने विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। उन्होंने विशेष रूप से सतत विकास और नवाचार के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने की भारत की क्षमता पर प्रकाश डाला। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 00:43:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शायद भगवान चाहते हैं, मैं अमेरिका को बचाऊं: डोनाल्ड ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शयद-भगवन-चहत-ह-म-अमरक-क-बचऊ-डनलड-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शयद-भगवन-चहत-ह-म-अमरक-क-बचऊ-डनलड-टरप</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 17 सितम्बर । पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जान लेने की रविवार को दूसरी कोशिश की गई। उन्होंने सोमवार को पहली बार सार्वजनिक तौर पर इस बारे में बात की। कहा, शायद भगवान चाहते हैं कि मैं इस देश को बचाऊं। रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ने बताया कि उन्हें गोल्फ खेलने के दौरान अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी लेकिन वे समझ नहीं पाए कि क्या हुआ? उन्होंने कहा कि सीक्रेट सर्विस ने उन्हें गोल्फ कार्ट में डालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। ट्रंप ने कहा, मैं अपने कुछ दोस्तों के साथ गोल्फ खेल रहा था, यह रविवार की सुबह थी और बहुत शांतिपूर्ण, सुंदर मौसम था, अचानक हमने हवा में गोलियां चलने की आवाज सुनी। उन्होंने बताया कि लगभग चार या पांच गोलियां चलीं लेकिन मैं कुछ समझ नहीं पाया।

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, सीक्रेट सर्विस को तुरंत पता चल गया कि यह गोलियां थीं और उन्होंने मुझे पकड़ लिया। ट्रंप ने यह जानकारी सोमवार को एक्स स्पेसेस पर एक ऑनलाइन इंटरव्यू में दी। ट्रंप ने कहा, हम कार्ट्स में सवार हो आगे बढ़े। हम उस रास्ते से हट गए। पूर्व राष्ट्रपति ने सीक्रेट सर्विस के सुरक्षाकर्मियों की तारीफ करते हुए कहा कि एजेंट्स ने शानदार काम किया, इसमें कोई शक नहीं। उन्होंने कहा,हमने जो गोलियां सुनीं, वे सीक्रेट सर्विस द्वारा चलाई गई थीं। ट्रंप ने कहा कि वह खेल (गोल्फ) जारी रखना चाहते थे, लेकिन हमने यहां से चले जाने का फैसला किया। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि जुलाई में हुई हत्या की नाकाम कोशिश के विपरीत, जिसमें दर्शकों में से एक व्यक्ति मारा गया था, इस बार परिणाम बहुत बेहतर रहा। पेंसिलवेनिया में एक खुले मैदान में आयोजित रैली में ट्रंप की हत्या का असफल प्रयास किया गया था। ट्रंप ने उस महिला की तारीफ की, जो एक नागरिक है, जिसने कथित संभावित शूटर का पीछा किया और उसके वाहन की तस्वीरें लीं। उन्होंने कहा कि उसने अभूतपूर्व काम किया। राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार ने कहा, कितने लोगों में इतनी समझ होगी कि वे उसका (आरोपी) पीछा करें और उसके ट्रक के पीछे की तस्वीरें लें, वह भी लाइसेंस प्लेट नंबर के साथ जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को उस व्यक्ति का पता लगाने में मदद मिल सके। पूर्व राष्ट्रपति ने घटना में आरोपी रायन वेसली राउथ को बहुत खतरनाक व्यक्ति कहा। राउथ, ने डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करने वाली एक राजनीतिक कार्रवाई समिति को दान दिया था और पार्टी के प्राथमिक चुनाव में भाग भी लिया था। उसने एक पुस्तक में लिखा था कि ईरान ट्रंप की हत्या करने के लिए स्वतंत्र है।

राउथ को सोमवार को संघीय अदालत में पेश किया गया। उस पर अवैध रूप से बंदूक रखने और एसकेएस-स्टाइल राइफल पर से सीरियल नंबर मिटाने का आरोप लगाया गया। वह एक सजायाफ्ता अपराधी है। इससे पहले फॉक्स न्यूज डिजिटल के साथ एक इंटरव्यू में, ट्रंप ने राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को हमले के प्रयास के लिए दोषी ठहराया। उन्होंने कहा, राउथ ने बाइडेन और हैरिस की बयानबाजी पर विश्वास किया और उसी के अनुसार काम किया। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, उनकी बयानबाजी के कारण मुझ पर गोली चलाई जा रही है, जबकि मैं ही देश को बचाने वाला हूं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 00:43:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पेरू के जंगलों में लगी भीषण आग से 15 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पर-क-जगल-म-लग-भषण-आग-स-15-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पर-क-जगल-म-लग-भषण-आग-स-15-लग-क-मत</guid>
        <description>लीमा, 17 सितंबर । पेरू के विभिन्न हिस्सों में लगी जंगल की आग के कारण कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। अधिकारी ने पत्रकारों को बताया, हमने अब तक 15 लोगों की मौत, छह लोगों के अस्पताल में भर्ती होने और 128 लोगों को अस्पताल से छुट्टी होने की सूचना दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के रूप में हम हमेशा आशावादी रवैया अपनाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री सीजर वास्क्वेज ने सोमवार को आश्वासन दिया कि अधिकारी सतर्क रहेंगे और आग से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को मेडिकल मदद देना जारी रखेंगे। इस आग से न केवल दक्षिण अमेरिकी राष्ट्र बल्कि पूरा क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल डिफेंस (इंडेसी) ने कहा कि इस वर्ष देश के 25 क्षेत्रों में से 23 में 222 फॉरेस्ट फायर दर्ज की गईं, जिनमें से 51 सक्रिय हैं। पेरू की राष्ट्रपति दीना बोलुआर्टे सोमवार को अमेजन क्षेत्र के लिए रवाना हुईं। वह आग से प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी करने, स्थानीय अधिकारियों और अन्य संस्थानों के साथ कार्रवाई का समन्वय करने के लिए अमेजन क्षेत्र जा रही हैं। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 00:43:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पश्चिमी देशों के रवैये से मध्य पूर्व में स्थिरता पर गंभीर असर : अरब लीग प्रमुख</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पशचम-दश-क-रवय-स-मधय-परव-म-सथरत-पर-गभर-असर-अरब-लग-परमख</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पशचम-दश-क-रवय-स-मधय-परव-म-सथरत-पर-गभर-असर-अरब-लग-परमख</guid>
        <description>काहिरा, 17 सितंबर । अरब लीग (एएल) के महासचिव अहमद अबुल-घीत ने चेतावनी दी है कि गाजा संघर्ष के प्रति पश्चिम का सहनशील रवैया मध्य पूर्व की स्थिरता पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। एएल के एक बयान के अनुसार, अबुल-घीत ने यह टिप्पणी सोमवार को काहिरा में मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक टोर वेनेसलैंड के साथ बैठक के दौरान की। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने गाजा और पश्चिमी तट के घटनाक्रम पर चर्चा की। उन्होंने संघर्ष के क्षेत्रीय प्रभाव और लेबनान मोर्चे पर भी ध्यान केंद्रित किया।

वे फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर इजरायली के कब्जे के समाधान के लिए राजनीतिक प्रक्रिया के साथ-साथ मानवीय प्रयासों की आवश्यकता पर सहमत हुए। बैठक में दो-राज्य समाधान के लिए भविष्य में उठाए जाने वाले कूटनीतिक कदमों पर भी चर्चा हुई। अबुल-घीत ने जोर देकर कहा कि सभी मोर्चों पर, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में राजनीतिक कार्य जारी रहना चाहिए। 7 अक्टूबर 2023 को फिलिस्तीनी ग्रुप हमास ने इजरायल में बड़ा हमला किया था।

इसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और करीब 250 का अपहरण किया गया था। इसके बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी और गाजा पट्टी में सैन्य ऑपरेशन शुरू किया। इजरायली हमलों में गाजा में बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ है। इजरायली सेना की कार्रवाई अभी भी जारी है। इजरायल का कहना है कि हमास को खत्म करने तक ऑपरेशन जारी रहेगा। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 00:43:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>तूफान यागी से दक्षिण पूर्वी एशिया में मृतक संख्या 500 के पार पहुंची</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/तफन-यग-स-दकषण-परव-एशय-म-मतक-सखय-500-क-पर-पहच</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/तफन-यग-स-दकषण-परव-एशय-म-मतक-सखय-500-क-पर-पहच</guid>
        <description>बैंकाक, 17 सितंबर। म्यांमा में पिछले हफ्ते आए तूफान यागी और मानसून की बारिश की वजह से आयी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 226 लोगों की मौत हो गई है तथा 77 लोग लापता हैं। सरकारी मीडिया ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इन आंकड़ों के बाद दक्षिण पूर्व एशिया में तूफान के कारण मृतक संख्या 500 के पार चली गई है।

प्रभावित इलाकों में संचार संबंधी दिक्कतें हैं जिस वजह से हताहतों की तादाद पता लगाने का काम धीमा है।

आसियान मानवीय सहायता समन्वय केंद्र के मुताबिक, तूफान यागी ने सबसे पहले वियतनाम, उत्तरी थाईलैंड और लाओस को प्रभावित किया था। वियतनाम में करीब 300, थाईलैंड में 42 और लाओस में चार लोगों की मौत हुई थी। उसने कहा कि फिलीपीन में 21 लोगों की मौत हुई है तथा 26 अन्य लापता हैं।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय ने सोमवार को बताया था कि म्यांमा में बाढ़ से अनुमानित 631,000 लोग प्रभावित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा कि सितंबर की शुरुआत में म्यांमा में पहले से ही 34 लाख लोग विस्थापित थे जिनमें से ज्यादातर युद्ध एवं अशांति की वजह से विस्थापित हुए।

तूफान के कारण और मानसून की बारिश के कारण म्यांमा में व्यापक बाढ़ आ गई, विशेष रूप से मध्य और पूर्वी क्षेत्रों के साथ-साथ राजधानी नेपीता भी सैलाब की चपेट में है।

म्यांमा एलिन की रिपोर्ट के मुताबिक, 160,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और बाढ़ पीड़ितों के लिए 438 अस्थायी राहत शिविर खोले गए हैं।

सैन्य सरकार ने घोषणा की है कि लगभग 240,000 लोग विस्थापित हो गए हैं।

इसमें यह भी कहा गया कि बाढ़ से लगभग 130,000 मवेशी मारे गये तथा 259,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न है।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 00:43:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ्रांस में 50 से अधिक लोगों से पत्नी का बलात्कार कराने वाले शख्स के खिलाफ मुकदमा शुरू</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फरस-म-50-स-अधक-लग-स-पतन-क-बलतकर-करन-वल-शखस-क-खलफ-मकदम-शर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फरस-म-50-स-अधक-लग-स-पतन-क-बलतकर-करन-वल-शखस-क-खलफ-मकदम-शर</guid>
        <description>एविग्नन (फ्रांस), 17 सितंबर। दक्षिण फ्रांस में एक दशक तक पत्नी को नशीला पदार्थ देने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने के लिए दर्जनों पुरुषों को बुलाने के सनसनीखेज मामले के आरोपी के खिलाफ अदालत में मुकदमा शुरू हो गया है, और मंगलवार को वह अदालत में बयान दर्ज करा रहा है। इस मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

मामले के आरोपी डोमिनिक पेलीकोट (71) को दोषी पाए जाने पर 20 साल के जेल की सजा हो सकती है। उसकी गवाही अदालत में उसके साथ खड़े करीब 50 अन्य लोगों के लिए अहम होगी, जिनके खिलाफ आरोपी की पत्नी गिसेले पेलीकोट के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है।

फ्रांस में यौन हिंसा के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक बन चुकी पीड़िता गिसेले पेलीकोट मामले में अपनी पहचान उजागर करने के लिए राजी हो गयी हैं और उन्होंने इस मुकदमे की सुनवाई खुली अदालत में करने को मंजूरी दे दी है। वह अपने पूर्व पति की गवाही के बाद अदालत में बयान दर्ज करा सकती हैं।

मुकदमे की सुनवाई देखने अदालत में पहुंची 69 वर्षीय बर्नाडेटे टेसनेयर ने कहा, 50 वर्ष के गृहस्थ जीवन में यह कैसे संभव हो सकता है कि कोई ऐसे इंसान के साथ रहे जो अपनी जिंदगी को इतनी अच्छी तरह छुपाता है । यह भयावह है।

पेलीकोट के वकीलों ने बताया कि उनके मुवक्किल के बीमार पड़ने के कारण कई दिनों तक उसकी गवाही में देरी हुई।

अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, यह हैरान करने वाला मामला 2020 में सामने आया जब एक सुरक्षा एजेंट ने पेलीकोट को एक सुपरमार्केट में महिलाओं का अंतरंग वीडियो बनाते पकड़ा। इसके बाद पुलिस ने पेलीकोट के मकान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की और गिसेले पेलीकोट के साथ यौन संबंधों में लिप्त पुरुषों की हजारों तस्वीरें और वीडियो बरामद की।

दस्तावेज के अनुसार, पुलिस जब पेलीकोट के घर पहुंची तो उस समय गिसेले अपने बिस्तर पर अचेत अवस्था में मिली थी।

जांच के दौरान पुलिस 72 संदिग्धों में से ज्यादातर का पता लगाने में कामयाब रही। गिसेले और पेलीकोट के तीन बच्चे हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद दंपती पेरिस से प्रोवेंस के छोटे-से शहर मजान में आकर बस गए।

कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, जब पुलिस अधिकारियों ने गिसेले को पूछताछ के लिए बुलाया था तो शुरुआत में उन्होंने बताया था कि उनका पति एक अच्छा आदमी है। उन्होंने गिसेले को कुछ तस्वीरें दिखायी, इसके बाद उसने अपने पति को छोड़ दिया और अब उनका तलाक हो चुका है।

पेलीकोट के अलावा 26 से 74 वर्ष की आयु के 50 अन्य पुरुष मुकदमे का सामना कर रहे हैं। उनमें से कई ने गिसेले के साथ दुष्कर्म करने से इनकार करते हुए दावा किया कि पेलीकोट ने उनसे झूठ बोला था, और उन्हें लगा था कि गिसेले यौन संबंध बनाने के लिए राजी हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 00:43:42 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लेबनान में हुए पेजर धमाके के पीछे का कारण क्या है?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लबनन-म-हए-पजर-धमक-क-पछ-क-करण-कय-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लबनन-म-हए-पजर-धमक-क-पछ-क-करण-कय-ह</guid>
        <description>लेबनान में मंगलवार को राजधानी बेरूत समेत कई जगहों पर हुए पेजर धमाकों में अभी तक नौ लोग मारे गए हैं और 2800 से भी ज़्यादा ज़ख़्मी हैं.

हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि पेजर में यह धमाके आख़िर कैसे हुए. लेकिन हिज़्बुल्लाह ने इसके लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है जबकि इसराइल ने इस पर कोई भी टिप्पणी नहीं की है.

इन धामकों की शुरुआत राजधानी बेरूत में स्थानीय समयनुसार शाम को लगभग पौने चार बजे हुई.

एक चश्मदीद ने बताया कि उसने लोगों की जेबों से धुआं निकलते देखा. इससे पहले की कुछ समझ आता धमाका हो गया, जिसकी आवाज़ गोली चलने जैसी या पटाखों जैसी थी.

वहीं एक सीसीटीवी वीडियो में दुकान पर ख़रीदारी कर रहे व्यक्ति की जेब में रखे पेजर में हुए धमाके का दृश्य भी सामने आया है.

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ इस पहले धमाके के बाद लगभग एक घंटे तक धमाकों का सिलसिला जारी रहा.

विशेषज्ञों ने मंगलवार को हुए इस धमाके पर कहा कि हिज़्बुल्लाह को अपनी सुरक्षा प्रणाली पर बहुत भरोसा था. हालांकि यह धमाके हैकिंग या पेजर की बैटरी के ज़्यादा गर्म होने की वजह से हो सकते हैं.

हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने बैटरी के गर्म होने की संभावनाओं को ख़ारिज़ किया है. उनका कहना है कि सीसीटीवी में जिस तरह के दृश्य देखे गए हैं, उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि इस तरह के सिलसिलेवार धामके बैटरी के गर्म होने से नहीं हो सकते.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 00:43:41 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>म्यांमार: बाढ़ के कारण 200 से ज़्यादा लोगों की मौत, पाँच लाख लोग प्रभावित</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मयमर-बढ-क-करण-200-स-जयद-लग-क-मत-पच-लख-लग-परभवत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मयमर-बढ-क-करण-200-स-जयद-लग-क-मत-पच-लख-लग-परभवत</guid>
        <description>म्यांमार में यागी तूफ़ान की वजह से आई बाढ़ में जनजीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है. देश की सैन्य सरकार का कहना है कि इस बाढ़ में 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

वहीं अब भी 80 से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. यागी इस साल एशिया से टकराने वाला सबसे शक्तिशाली तूफ़ान भी है.

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सितंबर की शुरुआत में वियतनाम, लाओस, थाईलैंड और म्यांमार में तूफ़ान की वजह से 500 से भी ज़्यादा मौतें हुई हैं.

म्यांमार में यागी की वजह से बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं. कई सारे गांव डूब गए हैं.

साथ ही म्यांमार में कई एकड़ में लगाई गई फ़सलें भी बर्बाद हो गई हैं. संयुक्त राष्ट्र ने भी चेताया है कि यहां पर पांच लाख से भी ज़्यादा लोगों के लिए तत्काल खाने, पीने के पानी, आवास और कपड़ों का इंतज़ाम किए जाने की ज़रूरत है.

संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा है कि यागी तूफ़ान ने राजधानी नेपिडॉओ समेत म्यांमार के नौ और राज्यों में तबाही मचाई है.

म्यांमार साल 2021 से ही गृह युद्ध का सामना भी कर रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 00:43:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोनाल्ड ट्रंप ने कहा&amp; अगले हफ़्ते पीएम मोदी से होगी मुलाक़ात</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-न-कह-अगल-हफत-पएम-मद-स-हग-मलकत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-न-कह-अगल-हफत-पएम-मद-स-हग-मलकत</guid>
        <description>पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे अगले हफ़्ते भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ़्ते तीन दिनों के लिए अमेरिका के दौरे पर जा रहे हैं. वे 21 से लेकर 23 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे.

अपने अमेरिका दौरे में प्रधानमंत्री क्वाड नेताओं के सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस सम्मेलन की मेज़बानी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन करेंगे.

क्वाड नेताओं के इस सम्मेलन में नरेंद्र मोदी के अलावा ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंटनी अल्बनीज़ और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा भी हिस्सा लेंगे.

यह क्वाड नेताओं का चौथा शिखर सम्मेलन है. इस सम्मेलन में नेता पिछले एक साल के हुए कामों की प्रगति की समीक्षा करेंगे. इंडो-पैसिफिक यानी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों के विकास लक्ष्यों को पूरा करने में सहायता करने के लिए आने वाले वर्ष के लिए एजेंडा तय करेंगे.

साल 2025 में होने वाले क्वाड सम्मेलन की मेज़बानी भारत करेगा. भारतीय विदेश मंत्रालय ने ये जानकारी मंगलवार को दी. क्वाड समूह में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 00:43:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>म्यांमार के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप निराधार : चीन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मयमर-क-आतरक-ममल-म-हसतकषप-क-आरप-नरधर-चन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मयमर-क-आतरक-ममल-म-हसतकषप-क-आरप-नरधर-चन</guid>
        <description>बीजिंग, 15 सितंबर । म्यांमार में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि चीन ऐसे किसी भी कथन और कार्य का विरोध करता है, जो चीन और म्यांमार के बीच दरार पैदा करने का प्रयास करता है और चीन के खिलाफ निराधार आरोप लगाता है। हाल ही में कुछ मीडिया और व्यक्तियों ने चीन पर म्यांमार के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का निराधार आरोप लगाया है। चीनी प्रवक्ता ने दोहराया कि चीन और म्यांमार पारंपरिक मित्रवत पड़ोसी हैं।

चीन स्वतंत्रता, संप्रभुता, राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा में म्यांमार का दृढ़ समर्थन करता है, आंतरिक मामलों में कतई हस्तक्षेप नहीं करता और बर्मी-स्वामित्व वाली और बर्मी-नेतृत्व वाली शांति प्रक्रिया का समर्थन करता है। चीन म्यांमार के आंतरिक मामलों में बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप का विरोध करता है। ऐसे किसी भी कथन और कार्य का विरोध करता है, जो चीन-म्यांमार संबंधों को अलग-थलग करने का प्रयास करता है और चीन पर निराधार आरोप लगाता है। प्रवक्ता ने कहा कि म्यांमार के प्रति चीन की मैत्रीपूर्ण नीति म्यांमार की जनता पर केंद्रित है।

आशा है कि म्यांमार में सम्बंधित पक्ष जल्द से जल्द युद्ध समाप्त कर शांतिपूर्ण तरीकों से मतभेदों को हल करेंगे, और पूरे म्यांमार में स्थिति को स्थिर और शांत करने को बढ़ावा देंगे। चीन इस सम्बंध में रचनात्मक भूमिका निभाना जारी रखने को तैयार है। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 16 Sep 2024 01:14:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण चीन सागर स्थिति पर हुए तीन सम्मेलनों से भेजे गये संकेत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-चन-सगर-सथत-पर-हए-तन-सममलन-स-भज-गय-सकत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-चन-सगर-सथत-पर-हए-तन-सममलन-स-भज-गय-सकत</guid>
        <description>बीजिंग, 15 सितंबर । 11 से 13 सितंबर तक चीन में लगातार तीन ध्यानाकर्षक सम्मेलन आयोजित हुए। दक्षिण चीन सागर सवाल पर चीन-फिलिपींस सलाह मशविरे तंत्र के प्रमुखों की बैठक से 11वें पेइचिंग शांगशान मंच और चीन-आसियान देशों के दक्षिण चीन सागर में विभिन्न पक्षों की कार्रवाइयों की घोषणा पर 22वें उच्च स्तरीय सम्मेलन तक वे न सिर्फ दक्षिण चीन सागर सवाल से संबंधित हैं, बल्कि एक समान और स्पष्ट संकेत भेजा गया है यानी वार्ता से मतभेद का समाधान करना और दक्षिण चीन सागर की स्थिरता बनाए रखना, इस क्षेत्र की सम्मान प्रतीक्षा है और इस क्षेत्र के लाभ में है। पिछले कई महीनों में फिलिपींस ने बार-बार दक्षिण चीन सागर में उकसावा दिया। इन कार्रवाइयों के पीछे हमेशा अमेरिका की छाया नजर आती रही। अमेरिका अपने स्वार्थ के लिए फिलिपींस को प्रेरित करता है। इसी कारण इस क्षेत्र की स्थिति तनावपूर्ण बनी है। पेइचिंग शांगशान मंच पर फिलिपींस के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा अनुसंधान संघ के अध्यक्ष ल्वो वानवेइ ने दो टूक बात कही कि पहले चीन के प्रति फिलिपींस मैत्रीपूर्ण रूख अपनाता था, लेकिन आज वह पश्चिमी जगत के चीन विरोधी रूख से प्रभावित हुआ है। हमारी कूटनीति को आसियान के तरीके का पालन करना है, न कि अमेरिका का तरीका। सिंगापुर के रक्षा मंत्री हुआंग योंगहुंग ने अपने भाषण में आशा व्यक्त की कि चीन और फिलिपींस दक्षिण चीन सागर सवाल पर वार्ता जारी रखेंगे। सभी पक्षों को शांति की चाहत है। अमेरिकी पक्ष को समझना चाहिए कि अंतर्राष्ट्रीय टक्कर के समाधान में बड़े देशों को अधिक बड़ी जिम्मेदारी उठानी चाहिए। शांति मूल्यवान है। यह चीन की प्राचीन बुद्धिमत्ता है। अभूतपूर्व अंतर्राष्ट्रीय परिस्थिति में वैश्विक सार्वभौमिक सुरक्षा पहल लागू कर दक्षिण चीन सागर को शांति, मित्रता और सहयोग के समुद्र के रूप में बनाना इस क्षेत्र के देशों की समान अभिलाषा है। चीन इस लक्ष्य के लिए कोशिश करता रहेगा। फिलिपींस को गलत रास्ते से यथाशीघ्र ही क्षेत्रीय समानता पर लौटकर सच्चे मायने में अपने हितों से मेल खाने वाला चुनाव करना चाहिए।

(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 16 Sep 2024 01:14:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन के निर्दिष्ट आकार के उद्यम के औद्योगिक अतिरिक्त मूल्य में वृद्धि</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-क-नरदषट-आकर-क-उदयम-क-औदयगक-अतरकत-मलय-म-वदध</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-क-नरदषट-आकर-क-उदयम-क-औदयगक-अतरकत-मलय-म-वदध</guid>
        <description>बीजिंग, 15 सितंबर । चीनी राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों से पता चला कि अगस्त में, चीन के निर्दिष्ट आकार के उद्यम के औद्योगिक अतिरिक्त मूल्य में साल-दर-साल 4.5% की वृद्धि हुई, जो कुल मिलाकर स्थिर रही। चीनी राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के प्रवक्ता ल्यू एहुआ ने कहा कि अगस्त में चीन के औद्योगिक क्षेत्र के 80% से अधिक क्षेत्रों, लगभग 80% उद्योगों और 50% से अधिक उत्पादों ने विकास हासिल किया। देश के 31 क्षेत्रों में से 25 क्षेत्रों के अतिरिक्त मूल्य में वृद्धि हुई। उद्योग के 41 प्रमुख उद्योगों में से 32 उद्योगों के अतिरिक्त मूल्य में साल-दर-साल वृद्धि हुई और गिने गए 619 औद्योगिक उत्पादों में से 339 उत्पादों के उत्पादन ने साल-दर-साल वृद्धि हासिल की। अगस्त में, निर्दिष्ट आकार के उच्च तकनीक विनिर्माण के अतिरिक्त मूल्य में साल-दर-साल 8.6% की वृद्धि हुई, कुशल मानव रहित हवाई वाहन विनिर्माण उद्योग के अतिरिक्त मूल्य में साल-दर-साल 54% की वृद्धि हुई, नई ऊर्जा वाहनों और चार्जिंग पाइल्स के उत्पादन में साल-दर- साल क्रमशः 30.5% और 97% की वृद्धि हुई। इसके अलावा, औद्योगिक उत्पाद निर्यात की प्रेरक भूमिका लगातार दिख रही है। अगस्त में, 39 प्रमुख निर्यात उद्योगों में से 32 उद्योगों में निर्यात वृद्धि देखी गई और विकास दर 82.1% तक पहुंच गई। ऑटोमोबाइल विनिर्माण उद्योग के निर्यात वितरण मूल्य में 15.9% की वृद्धि हुई जो 2.9 प्रतिशत अंक की तेजी के साथ लगातार नौ महीनों तक दोहरे अंक की वृद्धि है।

(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 16 Sep 2024 01:13:59 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अंतरिक्ष की सैर करके धरती पर लौटे अरबपति जेरेड आइजैकमैन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अतरकष-क-सर-करक-धरत-पर-लट-अरबपत-जरड-आइजकमन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अतरकष-क-सर-करक-धरत-पर-लट-अरबपत-जरड-आइजकमन</guid>
        <description>केप केनवरल, 15 सितंबर (एपी)। अरबपति प्रौद्योगिकी उद्यमी जेरेड आइजैकमैन अपने साथियों के साथ पांच दिन की अंतरिक्ष की सैर करके रविवार को धरती पर लौट आए।

स्पेसएक्स का ड्रैगन नामक एक यान आइजैकमैन, स्पेसएक्स के दो इंजीनियरों और वायुसेना के पूर्व पायलट को लेकर रविवार तड़के फ्लोरिडा के ड्राई टॉर्टुगस द्वीप के निकट मैक्सिको की खाड़ी में उतरा।

उन्होंने पृथ्वी से लगभग 460 मील (740 किलोमीटर) ऊपर, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन और हबल स्पेस टेलीस्कोप से भी अधिक ऊंचाई पर पहली निजी यात्रा की। मंगलवार को उड़ान भरने के बाद उनका अंतरिक्ष यान 875 मील (1,408 किलोमीटर) की ऊंचाई पर पहुंच गया था।

आइजकमैन अंतरिक्ष की सैर करने वाले 264वें व्यक्ति बन गए हैं। 1965 में पूर्व सोवियत संघ ने अंतरिक्ष सैर की शुरुआत की थी। स्पेसएक्स की साराह गिलिस अंतरिक्ष की सैर करने वाली 265वीं व्यक्ति बनी हैं। अब तक अंतरिक्ष की सैर करने वाले सभी व्यक्ति पेशेवर अंतरिक्ष यात्री थे।</description>
        <pubDate>Mon, 16 Sep 2024 01:13:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चक्रवात ‘बेबिन्का’ के करीब आने के मद्देनजर शंघाई ने सैकड़ों उड़ानें रद्द कीं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चकरवत-बबनक-क-करब-आन-क-मददनजर-शघई-न-सकड-उडन-रदद-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चकरवत-बबनक-क-करब-आन-क-मददनजर-शघई-न-सकड-उडन-रदद-क</guid>
        <description>बैंकॉक, 15 सितंबर। चक्रवात बेबिन्का के प्रभाव से निपटने की तैयारियों में जुटे शंघाई प्रशासन ने रविवार को विभिन्न हवाई अड्डों से प्रस्तावित सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दीं। प्राधिकारियों ने यह जानकारी दी।

बेबिन्का के सोमवार तड़के शंघाई तट से टकराने का अनुमान है।

हवाई अड्डे के अधिकारियों ने एक बयान में बताया कि स्थानीय समयानुसार रात आठ बजे के बाद शंघाई के होंगकिआओ और पुडोंग हवाई अड्डों से प्रस्तावित सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इस फैसले से 600 से अधिक उड़ानें प्रभावित होंगी।

शंघाई प्रशासन ने कुछ पुलों और राजमार्गों पर यातायात आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

चक्रवात बेबिन्का शंघाई तट से कुछ सौ किलोमीटर दूर है।

चीन मौसम विज्ञान प्रशासन के मुताबिक, चक्रवात के प्रभाव से क्षेत्र में चलने वाली हवाओं के रविवार रात तक 151 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने की संभावना है। इसके चलते बेबिन्का को एक तीव्र चक्रवात के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

सरकारी मीडिया की खबर के अनुसार, चक्रवात के मद्देनजर शंघाई के एक जिले से 9,318 लोगों को निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। वहीं, पास के झाउशान शहर में होटल, रेस्तरां, सुपरमार्केट और दुकानें दिन में जल्दी बंद कर दी गईं और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी रोक दी गईं।

सरकारी मीडिया की खबर के मुताबिक, चक्रवात से पूर्वी तट के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है और वहां कुछ हिस्सों में 10 इंच (254 मिलीमीटर) तक बारिश हो सकती है।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 16 Sep 2024 01:13:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>म्यांमार में ‘यागी’ तूफ़ान की वजह से आई भीषण बाढ़ में 100 से भी ज़्यादा लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मयमर-म-यग-तफन-क-वजह-स-आई-भषण-बढ-म-100-स-भ-जयद-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मयमर-म-यग-तफन-क-वजह-स-आई-भषण-बढ-म-100-स-भ-जयद-लग-क-मत</guid>
        <description>म्यांमार में यागी तूफ़ान की वजह से आई बाढ़ में 100 से भी ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है.

म्यांमार में सत्तारूढ़ सेना के प्रवक्ता ज़ॉ मिन टुन ने रविवार को कहा, 113 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 64 लोग लापता हैं. वहीं स्थानीय रिपोर्टों की मानें तो मौतों का आंकड़ा ज़्यादा भी हो सकता है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, म्यांमार में तीन लाख बीस हज़ार से भी ज्यादा लोगों को अस्थायी आश्रयों में शरण लेनी पड़ी है.

यागी इस साल एशिया में आने वाला सबसे शक्तिशाली तूफ़ान है. म्यांमार से पहले यह तूफ़ान वियतनाम, लाओस, फ़िलीपींस और चीनी द्वीप हनियान में भी तबाही मचा चुका है.

म्यांमार पहुंचने से पहले ही इस तूफ़ान की वजह से 287 लोगों की जान जा चुकी थी. हालांकि वियतनाम पहुंचने के बाद इस तूफ़ान के प्रभाव में गिरावट दर्ज की गई है लेकिन इसके बावजूद भी इसकी वजह से दक्षिणी-पूर्वी एशिया में भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं.

म्यांमार के सरकारी मीडिया के मुताबिक़ इस तूफ़ान की वजह से शुक्रवार की शाम तक लगभग 66,000 घर तबाह हो गए. इसके अलावा लगभग 375 स्कूलों और एक बौद्ध विहार को भी नुकसान पहुंचा है.

कई किलोमीटर तक की सड़कें बह गई हैं और कई दूसरी इमारतों को भी भारी नुकसान हुआ है. शुक्रवार को दो लाख तीस हज़ार से भी ज़्यादा लोगों को 187 राहत बचाव कैंपों में भेजा गया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 16 Sep 2024 01:13:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूरोप के कई देशों में भीषण बारिश और बाढ़ से बिगड़ते जा रहे हालात</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यरप-क-कई-दश-म-भषण-बरश-और-बढ-स-बगडत-ज-रह-हलत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यरप-क-कई-दश-म-भषण-बरश-और-बढ-स-बगडत-ज-रह-हलत</guid>
        <description>मध्य और पूर्वी यूरोप को इन दिनों भारी बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ की वजह से कई देश और हज़ारों की तादाद में लोग प्रभावित हो रहे हैं.

ऑस्ट्रिया में बाढ़ से बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाते वक़्त एक अग्निशामक कर्मचारी की जान चली गई. वहीं पोलैंड में भी एक व्यक्ति की मौत हुई है.

भारी बारिश और बाढ़ की वजह से रोमानिया में भी पांच लोगों के मौत की ख़बर है. वहीं चेक रिपब्लिक में अब भी मौतों के सही आंकड़े का पता नहीं चल पाया है.

ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना से सटे प्रांतों को आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया गया है. वहां के नेताओं ने इसे एक अप्रत्याशित और भीषण स्थिति बताया है. पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने बाढ़ की वजह से प्राकृतिक आपदा की स्थिति की घोषणा कर दी है.

चेक रिपब्लिक को भी भारी बारिश का सामना करना पड़ रहा है. यहां तक कि कुछ इलाकों में तीन दिनों के अंदर ही तीन महीनों जितनी बारिश हो गई है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 16 Sep 2024 01:13:55 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ्लोरिडा स्थित गोल्फ क्लब में ट्रंप की हत्या की कोशिश की गई: एफबीआई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फलरड-सथत-गलफ-कलब-म-टरप-क-हतय-क-कशश-क-गई-एफबआई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फलरड-सथत-गलफ-कलब-म-टरप-क-हतय-क-कशश-क-गई-एफबआई</guid>
        <description>वेस्ट पाम बीच (अमेरिका), 16 सितंबर। अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो ने कहा है कि फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में देश के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गोल्फ क्लब में रविवार को उनकी हत्या की कोशिश की गई।

इस घटना से मात्र नौ सप्ताह पहले ही एक बंदूकधारी ने पेंसिल्वेनिया में 13 जुलाई को एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप (78) को निशाना बनाकर गोलीबारी की थी। इस हमले में एक गोली ट्रंप के दाहिने कान को छूकर निकल गई थी।

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि वह सुरक्षित और ठीक हैं और प्राधिकारियों ने इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।

ट्रंप जहां खेल रहे थे, वहां से कुछ दूरी पर छिपकर बैठे अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एजेंट ने देखा कि लगभग 400 गज की दूरी पर झाड़ियों के बीच से एक एके-शैली राइफल की नाल दिख रही थी।

पाम बीच काउंटी के शेरिफ रिक ब्रैडशॉ ने बताया कि एक एजेंट ने गोली चलाई जिसके बाद वहां मौजूद बंदूकधारी राइफल वहीं फेंककर एक एसयूवी में सवार होकर भाग गया।

उन्होंने बताया कि राइफल के साथ दो बैकपैक, निशाना लगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक दूरबीन और एक कैमरा भी मिला है। बाद में उस व्यक्ति को पास की एक काउंटी में कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने पकड़ लिया।

मार्टिन काउंटी के शेरिफ विलियम स्नाइडर के अनुसार, उस व्यक्ति का व्यवहार शांत और संतुलित था तथा जब उसे रोका गया तो उसने यह भी नहीं पूछा कि उसे क्यों रोका गया है।

ट्रंप ने अपने समर्थकों को भेजे एक ईमेल में कहा, मेरे आस-पास गोलीबारी की आवाजें आ रही थीं, लेकिन इससे पहले कि अफवाहें नियंत्रण से बाहर हो जाएं, मैं आपको बताना चाहता हूं कि मैं सुरक्षित और ठीक हूं।

उन्होंने लिखा, मुझे कोई चीज नहीं रोक सकती।

ट्रंप की गतिविधियों से परिचित एक अधिकारी ने अपनी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि ट्रंप पाम बीच स्थित अपने निजी क्लब मार-ए-लागो में लौट आए हैं, जहां वे रहते हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को इस मामले में जांच के निष्कर्षों से अवगत कराया गया है। हैरिस ने एक बयान में कहा, अमेरिका में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है।

बाइडन ने भी यही बात दोहराते हुए कहा कि उन्होंने अपनी टीम को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सीक्रेट सर्विस के पास पूर्व राष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हर संसाधन और क्षमता हो।

कानून प्रवर्तन के तीन अधिकारियों ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति का नाम रयान राउथ है।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 16 Sep 2024 01:13:54 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इराक ने अमेरिकी सांसदों के तेल तस्करी के आरोपों को नकारा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इरक-न-अमरक-ससद-क-तल-तसकर-क-आरप-क-नकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इरक-न-अमरक-ससद-क-तल-तसकर-क-आरप-क-नकर</guid>
        <description>बगदाद, 9 सितंबर । इराक ने अमेरिका के कुछ सांसदों के उस आरोप को नकार दिया है, जिसमें कहा गया था कि ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का बावजूद इराक उसकी मदद करने के लिए अवैध तरीके से कच्चे तेल की तस्करी कर रहा है। इराक के तेल मंत्रालय ने अमेरिकी सांसदों के इस आरोप को बेवजह का मनगढ़ंत आरोप बताया। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, बुधवार को पांच अमेरिकी सांसदों ने राष्ट्रपति जो बाइडेन को पत्र लिखकर कई इराकी दलों और अधिकारियों पर ईरान को अवैध तरीके से कच्चा तेल तस्करी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने पत्र में इराकी तेल मंत्री हयान अब्दुल गनी पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।

हयान अब्दुल गनी जल्द ही अमेरिका की यात्रा करने वाले हैं। इन अमेरिकी सांसदों ने रविवार को राष्ट्रपति बाइडेन से आग्रह किया कि वह इस मामले की जांच पूरी होने तक गनी को वाशिंगटन आने से रोकें। इसके बाद इराक के तेल मंत्रालय ने अमेरिकी सांसदों द्वारा राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र पर आश्चर्य प्रकट करते हुए इसकी निंदा की। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इराक की कच्चे तेल से जुड़ी गतिविधियों पर अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षक निगरानी रखते हैं और इराक के समुद्री क्षेत्र पर देश के नौसैनिक बलों का कड़ा नियंत्रण रहता है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 01:53:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तानी बलों के साथ संघर्ष में अफगान तालिबान के आठ जवान मारे गए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-बल-क-सथ-सघरष-म-अफगन-तलबन-क-आठ-जवन-मर-गए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-बल-क-सथ-सघरष-म-अफगन-तलबन-क-आठ-जवन-मर-गए</guid>
        <description>इस्लामाबाद/पेशावर, 9 सितंबर अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पास सीमावर्ती क्षेत्र में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के साथ भीषण झड़प में अफगान तालिबान के कम से कम आठ कर्मी मारे गए हैं जिनमें दो प्रमुख कमांडर शामिल हैं।

प्रांत के खुर्रम सीमावर्ती जिले में सप्ताहांत में सामने आई इस घटना में अफगान तालिबान के 16 जवान घायल भी हो गए हैं।

द डॉन अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा कि अफगान पक्ष ने शनिवार की सुबह पाक-अफगान सीमा पर पलोसिन इलाके में भारी हथियारों से एक पाकिस्तानी चौकी पर हमला किया था।

सूत्रों ने कहा, हमें दूसरे पक्ष में भारी नुकसान की खबर मिली हैं। पाकिस्तानी बलों की जवाबी गोलीबारी में अब तक अफगान तालिबान के आठ लोग मारे गए हैं और 16 अन्य घायल हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि दो प्रमुख कमांडर भी मारे गए हैं।

पाकिस्तानी सेना की मीडिया इकाई आईएसपीआर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

अफगान जवानों ने सीमा पर तैनात पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर पहली बार गोलीबारी नहीं की है। पहले भी इस्लामाबाद ने इस तरह की घटनाओं पर काबुल के साथ चिंताएं साझा की हैं।

सूत्रों ने बताया कि अफगान तालिबान पाकिस्तान के अंदर आतंकवादी गतिविधियों में मदद करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाक बलों पर हमले भी कर रहा है।

तनावपूर्ण सुरक्षा हालात की वजह से दोनों देशों के बीच सप्ताहांत में व्यापार ठप रहा।

सीमा क्षेत्र में रविवार को भी रुक-रुककर गोलीबारी होने की खबरें हैं, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

इस बीच, रविवार को मध्य खुर्रम के मरगन इलाके में एक आतंकवादी हमले में अद्धर्सनिक बल फ्रंटियर कोर (एफसी) का एक अधिकारी मारा गया और तीन अन्य घायल हो गए।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 01:53:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>वियतनाम में तूफान &amp;apos;यागी&amp;apos; से 59 लोगों की मौत, कई लापता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वयतनम-म-तफन-यग-स-59-लग-क-मत-कई-लपत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वयतनम-म-तफन-यग-स-59-लग-क-मत-कई-लपत</guid>
        <description>हनोई, 9 सितंबर । वियतनाम में तूफान यागी और इसके कारण आये बाढ़ और भूस्खलन से काफी तबाही हुई है। कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, आपदा की चपेट में आने से देश के उत्तरी क्षेत्र में 59 लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने वियतनाम की एक समाचार एजेंसी के हवाले से बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण 247 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 157 क्वांग मिन्ह प्रांत से और 40 लोग हाई फोंग शहर से हैं।

आपदा में 25 मानव रहित नौकाएं और जहाज डूब गए, जिनमें से ज्यादातर मछली पकड़ने वाली नावें थीं। इस आपदा से 1,13,000 हेक्टेयर चावल के खेत और 22,000 हेक्टेयर से अधिक अन्य फसलों के खेतों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा 1,90,000 पक्षी मारे गए और लगभग 1,21,700 पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए। वियतनाम के उत्तरी फू थो प्रांत में सोमवार सुबह एक स्टील पुल ढह गया, जिसके कारण 10 गाड़ियां और दो मोटरसाइकिलें रेड नदी में गिर गईं तथा 13 लोग लापता हो गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काओ बांग प्रांत में भूस्खलन के कारण 21 लोगों की मौत हो गई और कई लापता हो गए।

वहीं, लाओ कै प्रांत में 15 लोगों की मौत हो गई। मंत्रालय के अनुसार, टाइफून यागी पिछले 30 साल में उत्तरी वियतनाम में आया सबसे भयंकर तूफान था। यागी का जापानी में अर्थ बकरी या मकर राशि होता है। यह चीन सागर में आये चार श्रेणी 5 सुपर टाइफून में से एक है। यागी की उत्पत्ति 30 अगस्त को बने कम दबाव वाले क्षेत्र में हुई थी, जो लगभग 540 किलोमीटर की दूरी पर था। इस सिस्टम को 1 सितंबर को उष्णकटिबंधीय तूफान के रूप में वर्गीकृत किया गया और जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) द्वारा यागी नाम दिया गया। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 01:53:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सूडान में आरएसएफ ने नागरिकों पर किया हमला, 20 की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सडन-म-आरएसएफ-न-नगरक-पर-कय-हमल-20-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सडन-म-आरएसएफ-न-नगरक-पर-कय-हमल-20-क-मत</guid>
        <description>खार्तूम, 9 सितंबर । मध्य सूडान के सिन्नर शहर में अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) ने नागरिकों पर हमला किया। हमले में 20 से अधिक नागरिक मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, स्थानीय स्वैच्छिक समूह सिन्नर यूथ गैदरिंग ने बताया कि आरएसएफ ने रविवार को सिन्नर बाजार और अल-मुवाज़फ़ीन मोहल्ले पर अंधाधुंध गोलाबारी की। इस बीच, गैर-सरकारी सूडानी डॉक्टर्स नेटवर्क ने बताया कि सिन्नर बाजार पर आरएसएफ द्वारा की गई गोलीबारी में 21 लोग मारे गए और 70 से अधिक घायल हो गए। उन्होंने इस हमले को निहत्थे नागरिकों के खिलाफ नरसंहार बताया। आरएसएफ ने अभी तक इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

आरएसएफ ने जून से सिंगा शहर सहित सिन्नर राज्य के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है, जबकि सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) का राज्य के पूर्वी हिस्से पर नियंत्रण है। इस हमले के बाद अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन ने अनुमान लगाया कि सिन्नर में लड़ाई के कारण 725,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। सूडान में एसएएफ और आरएसएफ के बीच 15 अप्रैल, 2023 से संघर्ष चल रहा है। इसके परिणामस्वरूप देश में कम से कम 16,650 मौतें हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, सूडान में लगभग 10.7 मिलियन लोग विस्थापित हैं। इनमें से लगभग 2.2 मिलियन पड़ोसी देशों में शरण ले रहे हैं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 01:53:25 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एलन मस्क बन सकते हैं दुनिया के पहले &amp;apos;ट्रिलिनियर&amp;apos;, होड़ में अदाणी, अंबानी भी शामिलः रिपोर्ट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-बन-सकत-ह-दनय-क-पहल-टरलनयर-हड-म-अदण-अबन-भ-शमल-रपरट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-बन-सकत-ह-दनय-क-पहल-टरलनयर-हड-म-अदण-अबन-भ-शमल-रपरट</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 9 सितंबर। इलेक्ट्रिक कार विनिर्माता टेस्ला और रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स के मुखिया एलन मस्क वर्ष 2027 तक दुनिया के पहले ट्रिलिनियर बन सकते हैं। इसका मतलब है कि उनकी संपत्ति 1,000 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगी।

इन्फॉर्मा कनेक्ट अकादमी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी इसके अगले साल (2028) यह दर्जा हासिल कर सकते हैं, जबकि एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी वर्ष 2033 में इस मुकाम तक पहुंच सकते हैं।

रिपोर्ट कहती है कि 237 अरब अमेरिकी डॉलर की कुल संपत्ति के साथ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति मस्क को दुनिया का पहला खरबपति बनने के लिए तीन वर्षों में 110 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ने की जरूरत है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अदाणी के विविध कारोबारों वाले समूह की वृद्धि 123 प्रतिशत की मौजूदा औसत वार्षिक दर से जारी रही तो वह वर्ष 2028 तक दुनिया के दूसरे ट्रिलिनियर बन सकते हैं।

अदाणी इस समय 100 अरब डॉलर से कुछ कम की संपत्ति के साथ दुनिया के धनी लोगों की सूची में 13वें स्थान पर हैं।

रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख अंबानी 2033 में ट्रिलिनियर का दर्जा हासिल कर सकते हैं। इस समय वह 111 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 01:53:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>प्रिंसेस ऑफ़ वेल्स ने वीडियो संदेश में बताया उनका कीमोथेरपी ट्रीटमेंट पूरा हुआ</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/परसस-ऑफ-वलस-न-वडय-सदश-म-बतय-उनक-कमथरप-टरटमट-पर-हआ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/परसस-ऑफ-वलस-न-वडय-सदश-म-बतय-उनक-कमथरप-टरटमट-पर-हआ</guid>
        <description>केंसिंग्टन पैलेस ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें प्रिंसेस ऑफ़ वेल्स बता रही हैं कि वो कीमोथेरपी का अपना कोर्स पूरा करने के बाद राहत महसूस कर रही हैं.

कैथरीन ने मार्च में सार्वजनिक किया था कि वो कैंसर का इलाज करा रही हैं और इस साल सार्वजनिक तौर पर नज़र नहीं आएंगी.

इस साल वह कुछ कार्यक्रमों में भाग लेंगी, जिनमें नंवबर में रिमेंबरेंस कार्यक्रम और उनका साला क्रिसमस कैरोल कॉन्सर्ट हो सकता है.

लेकिन अपने भावनात्मक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा है कि यह साल अविश्वसनीय रूप से कठिन रहा है और जैसा कि आप जानते हैं कि जीवन एक पल में बदल सकता है.

प्रिंसेस ऑफ़ वेल्स का कीमोथेरपी का अपना कोर्स पूरा करना सकारात्मक है, लेकिन अभी भी लंबा रास्ता तय करना है. केंसिंग्टन पैलेस ने संकेत दिया कि अभी ये कहना संभव नहीं है कि कैथरीन कैंसर मुक्त हुई हैं.

कैथरीन जुलाई में विंबलडन के फ़ाइनल में दिखी थीं. इस दौरान दर्शकों ने उनके लिए खड़े होकर तालियां बजाई थीं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 01:53:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा में इसराइल के हवाई हमले में 40 लोगों की मौत&amp; हमास संचालित प्रशासन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-इसरइल-क-हवई-हमल-म-40-लग-क-मत-हमस-सचलत-परशसन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-इसरइल-क-हवई-हमल-म-40-लग-क-मत-हमस-सचलत-परशसन</guid>
        <description>हमास संचालित प्रशासन ने कहा है कि ग़ज़ा पट्टी में इसराइल के ताज़ा हवाई हमले में कम से कम 40 लोगों की मौत हुई है.

हमास संचालित सिविल डिफ़ेंस प्रशासन ने कहा है कि ये हमला मानवीय मदद के लिए निर्धारित इलाक़े में हुआ और कई अन्य लोगों के घायल होने की आशंका है.

इसराइली सेना ने कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने ख़ान युनिस में हमास के लड़ाकों के एक संचालन केंद्र पर हमला किया और इस अभियान में नागरिकों को नुकसान से बचाने के उपाय किए गए थे.

स्थानीय निवासियों ने कहा कि अल-मवासी में विस्थापित लोगों के टेंटों पर तीन हमले किए गए, जिससे एक विशाल गड्ढा बन गया है.

अल-मवासी ख़ान युनिस के पश्चिम में बसा आबादी वाला इलाक़ा है.

हमास के सिविल डिफ़ेंस के ऑपरेशंस डायरेक्टर ने बीबीसी को बताया, 40 लोग मारे गए और 60 लोग घायल हुए हैं जबकि कई लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं.

बीते साल अक्टूबर में जब इसराइल ने अपना सैन्य अभियान शुरु किया, उसके बाद हज़ारों विस्थापित फ़लस्तीनी जान बचाकर ख़ान युनिस चले गए थे.

यह ज़मीनी सैन्य अभियान, सात अक्टूबर को हमास के इसराइल के अंदर घुस कर किए गए हमले के बाद इसराइल ने शुरू किया था, जिसमें 1200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बनाकर ग़ज़ा में ले जाया गया था.

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसराइली सैन्य अभियान में अबतक 40,900 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 01:53:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के बीच पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट, क्या है माहौल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-और-डनलड-टरप-क-बच-पहल-परसडशयल-डबट-कय-ह-महल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-और-डनलड-टरप-क-बच-पहल-परसडशयल-डबट-कय-ह-महल</guid>
        <description>-कैटी के

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज प्रेसिडेंशियल डिबेट होने वाली है.

इस डिबेट को एबीसी न्यूज़ आयोजित कर है. माना जा रहा है कि दोनों ही उम्मीदवारों से टैक्स में कटौती और विदेश नीतियों पर सवाल पूछे जाएंगे.

लेकिन डिबेट में दर्शकों का ध्यान इस बात पर रहता है कि कौन उम्मीदवार लड़खड़ाता है या कौन पूरी डिबेट में दूसरे पर हावी रहता है.

ट्रंप के सलाहकारों ने बताया कि नीतियों को लेकर ट्रंप ने विशेष तैयारी की है.

वो टेलीविज़न के दर्शकों की पसंद को अच्छी तरह जानते हैं, इसलिए वो अपने प्रदर्शन की नाटकीयता को और बेहतर करने की कोशिश करेंगे.

राष्ट्रपति डिबेट में ट्रंप पहले ही छह बार हिस्सा ले चुके हैं जबकि कमला हैरिस का यह डेब्यू है.

राष्ट्रपति जो बाइडन के देर से रेस से हटने के कारण कुछ ही सप्ताह में विश्वस्तरीय प्रदर्शन के लिए तैयार होने के लिए कमला हैरिस को रिहर्सल का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया है.

हालांकि उन्होंने नीतियों को लेकर काफ़ी तैयारी की लेकिन उनके सलाहकारों ने टीवी दर्शकों का दिल जीतने की भी तैयारी की है.

कथित तौर पर कमला हैरिस की तैयारी के लिए उनकी टीम ने टेलीविज़न स्टेज पर रिहर्सल कराया, जहां एक डिबेट पोडियम बनाया गया था और विधिवत लाइटिंग की गई थी.

उनकी टीम थोड़ी नर्वस है क्योंकि हालिया सीएनएन इंटरव्यू में कमला कुछ ख़ास प्रभाव नहीं डाल सकी थीं.

अमेरिका में 5 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 01:53:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>वेनेजुएला: निकोलस मादुरो के विरोधी रहे नेता ने छोड़ा देश</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वनजएल-नकलस-मदर-क-वरध-रह-नत-न-छड-दश</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वनजएल-नकलस-मदर-क-वरध-रह-नत-न-छड-दश</guid>
        <description>वेनेजुएला सरकार ने कहा है कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रहे विपक्षी नेता एडमंडो गोंज़ालेज़ ने देश छोड़ दिया है और उन्होंने स्पेन से राजनीतिक शरण मांगी है.

जुलाई में हुए राष्ट्रपति चुनावों के विवादित नतीजों के बाद से ही एडमंडो गोंज़ालेज़ के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी कर दिया गया था. इसके बाद से ही वे छिपे हुए थे.

राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों में सरकार के नियंत्रण वाली नेशनल इलेक्टोरल काउंसिल ने निकोलस मादुरो को विजेता घोषित किया था.

वेनेजुएला के उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने सोशल मीडिया पर कहा कि कुछ दिनों पहले स्वेच्छा से स्पेन के दूतावास में शरण लेने के बाद अडमंडो गोंज़ालेज़ ने स्पेन की सरकार से राजनीतिक शरण देने के लिए कहा था.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने उनके सुरक्षित निकासी पर सहमति जताई थी और उन्होंने देश छोड़ दिया है.

स्पेन के विदेश मंत्री मैनुअल अल्बेरेस ने कहा कि एडमंडो गोंज़ालेज़ ने स्पेन की वायुसेना के विमान से वेनेजुएला से उड़ान भरी.

चुनावी नतीजों के बाद से ही वेनेजुएला में राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है.

विपक्षी दलों का ऐसा दावा है कि एडमंडो गोंज़ालेज़ ने इस चुनाव में जीत हासिल की थी. लेकिन अमेरिका, यूरोपीय संघ और कुछ लैटिन अमेरिकी देशों ने मादुरो को राष्ट्रपति के तौर पर मान्यता दे दी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 00:46:36 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लेबनान पर इजरायली हवाई हमले में तीन लोगों की मौत, दो घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लबनन-पर-इजरयल-हवई-हमल-म-तन-लग-क-मत-द-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लबनन-पर-इजरयल-हवई-हमल-म-तन-लग-क-मत-द-घयल</guid>
        <description>बेरूत, 8 सितंबर । दक्षिणी लेबनान पर इजरायली ड्रोन हमले में लेबनानी नागरिक सुरक्षा के तीन कर्मियों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। अनाम सूत्रों ने समाचार एजेंसी शिन्हुआ को बताया कि शनिवार को दक्षिणी लेबनान के सीमा क्षेत्र में वादी फ्रौन में इजरायली हवाई हमले में नागरिक सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया, जो एक पिछले हवाई हमले से लगी आग को बुझाने की कोशिश कर रहे थे।

नागरिक सुरक्षा कर्मियों के एक समूह पर इजरायली ड्रोन ने हवा से जमीन पर मिसाइल दागी थी। सूत्रों ने बताया कि शवों को दक्षिणी लेबनान के एक अस्पताल भेजा दिया गया है। मृतकों की पहचान अब्बास हम्मूद, मोहम्मद हाशम और कासिम बज्जी के रूप में की गई है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि इजरायली लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने शनिवार को दक्षिणी लेबनान के चार सीमावर्ती कस्बों और गांवों पर छह हमले किए, तथा इजरायली सेना ने पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में नौ गांवों और कस्बों पर 35 गोले दागे, जिससे कई जगहों पर आग लग गई और भारी नुकसान हुआ। बता दें कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर बड़े पैमाने पर हमले किए थे। इन हमलों के जवाब में इजरायल ने हमास के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया। इजरायली सैन्य कार्रवाई के बाद हिजबुल्लाह ने हमास के समर्थन में हमले किए। 8 अक्टूबर 2023 के बाद से लेबनान-इजरायल सीमा पर तनाव है।(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 00:46:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका में गोलीबारी, संदिग्ध आरोपी फरार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-गलबर-सदगध-आरप-फरर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-गलबर-सदगध-आरप-फरर</guid>
        <description>वाशिंगटन, 8 सितंबर । अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी केंटकी शहर के पास एक राजमार्ग पर कई लोगों को गोली मार दी गई। घटना को अंजाम देकर बंदूकधारी फरार है। इसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों ने दी। न्यूज 9 के रिपोर्टर ने बताया कि यह घटना शनिवार शाम को हुई। गोलीबारी शहर के 49/केवाई-909 क्षेत्र में हुई। जोसेफ ए. काउच इस घटना का संदिग्ध आरोपी है। पुलिस ने कहा कि अगर आपको इस व्यक्ति के ठिकाने या स्थान के बारे में कोई जानकारी है, तो कृपया 911 या 606-878-7000 पर कॉल करके लंदन-लॉरेल काउंटी 911 केंद्र से संपर्क करें। जोसेफ ए. काउच 32 वर्षीय श्वेत पुरुष है, जिसकी लंबाई लगभग 510 है और वजन लगभग 70 किलो है।

न्यूज 9 के अनुसार, लॉरेल काउंटी शेरिफ कार्यालय ने बताया कि कई लोगों को गोली मारी गई और लंदन से लगभग नौ मील उत्तर में इंटरस्टेट 75 को बंद कर दिया गया। शेरिफ कार्यालय ने कहा कि वह गोलीबारी में शामिल एक व्यक्ति की तलाश कर रहा है, जिसकी पहचान 32 वर्षीय जोसेफ ए. काउच के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति श्वेत है, उसकी लंबाई करीब 5 फुट 10 इंच है और उसका वजन लगभग 70 किलो है। काउच की एक तस्वीर भी जारी की गई है। केंटकी राज्य पुलिस के प्रवक्ता ट्रूपर स्कॉटी पेनिंगटन ने क्षेत्र के निवासियों से घर के अंदर रहने का आग्रह किया है। लुइसविले एटीएफ एजेंटों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे इंटरस्टेट 75 के निकट हुई गंभीर घटना पर नजर बनाए हुए हैं और राज्य तथा स्थानीय पुलिस की सहायता कर रहे हैं। तत्काल कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।

पीड़ितों की संख्या और उनकी स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। केंटकी के गवर्नर एंडी बेशर ने सोशल मीडिया पर लिखा, केंटकी, हमें लॉरेल काउंटी में I-75 पर गोलीबारी की घटना की जानकारी है। केंटकी राज्य के ट्रूपर स्कॉटी पेनिंगटन ने फेसबुक पर लिखा, इस समय संदिग्ध को पकड़ा नहीं जा सका है और हम लोगों से घर के अंदर रहने का आग्रह कर रहे हैं। केंटकी राज्य पुलिस और स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता के लिए अल्कोहल, तंबाकू, आग्नेयास्त्र और विस्फोटक ब्यूरो के एजेंटों को बुलाया गया है, एजेंसी ने एक्स पर पोस्ट किया और इसे गंभीर घटना बताया। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 00:46:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>वेनिस फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड लेने नहीं पहुंची निकोल किडमैन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वनस-फलम-फसटवल-म-बसट-एकटरस-क-अवरड-लन-नह-पहच-नकल-कडमन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वनस-फलम-फसटवल-म-बसट-एकटरस-क-अवरड-लन-नह-पहच-नकल-कडमन</guid>
        <description>लॉस एंजेलिस, 8 सितंबर । हॉलीवुड स्टार निकोल किडमैन अपनी मां की मृत्यु की वजह से वेनिस फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार नहीं ले सकीं। मिरर यूके की रिपोर्ट के अनुसार, अभिनेत्री ने यह पुरस्कार एक सीईओ की भूमिका के लिए जीता है, जिसका एक युवा इंटर्न के साथ अफेयर था। हलीना रेन द्वारा निर्देशित बेबीगर्ल फिल्म में हैरिस डिकिंसन ने भी मुख्य भूमिका निभाई है।

शनिवार रात फिल्म फेस्टिवल में हलीना रेन ने किडमैन के नोट को पढ़ते हुए कहा, दिल टूट गया है।आज मैं वेनिस पहुंची। कुछ समय बाद पता चला कि मेरी मां जैनेल किडमैन का निधन हो गया है। फिलहाल, मैं सदमे में हूं। मुझे अपने परिवार के पास जाना है, लेकिन यह पुरस्कार उनके लिए है। उन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया और मुझे यहां तक पहुंचाया है। मैं बहुत आभारी हूं कि मुझे हलीना के माध्यम से आप सभी को उनका नाम बताने का मौका मिला। मिरर यूके के अनुसार, अभिनेत्री ने इस साल की शुरुआत में प्रतिष्ठित अमेरिकन फिल्म इंस्टीट्यूट लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड को अपनी मां को समर्पित किया था।

उस समय उन्होंने कहा था कि उनकी मां खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें सम्मानित होते नहीं देख सकीं। उन्होंने कहा, मेरी मां यहां नहीं हैं, लेकिन, उन्होंने मुझे एक कार्ड भेजा और मैं रो रही थी। किडमैन ने आगे कहा, यह उनके लिए है, जब से मैं एक छोटी लड़की थी। बिस्तर पर रोती हुई कहती थी, मां... वे मुझे नहीं चाहते थे, मैं उतनी सुंदर नहीं हूं, तब से वह इस सबके दौरान मेरे साथ रही हैं। वेनिस फिल्म फेस्टिवल का 81वां संस्करण शनिवार को संपन्न हुआ। फिल्म निर्माता पेड्रो अल्मोडोवर की अंग्रेजी भाषा में पहली फिल्म द रूम नेक्स्ट डोर ने महोत्सव का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार, गोल्डन लॉयन जीता। जूलियन मूर और टिल्डा स्विंटन अभिनीत इस फिल्म का महोत्सव में प्रीमियर होने पर लगभग 20 मिनट तक खड़े होकर स्वागत किया गया। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 00:46:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण कोरिया में मेडिकल स्टाफ की कमी से अस्पतालों की आपातकालीन सेवाओं पर पड़ा गहरा प्रभाव</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-म-मडकल-सटफ-क-कम-स-असपतल-क-आपतकलन-सवओ-पर-पड-गहर-परभव</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-म-मडकल-सटफ-क-कम-स-असपतल-क-आपतकलन-सवओ-पर-पड-गहर-परभव</guid>
        <description>सियोल, सितंबर 8 । दक्षिण कोरिया में पिछले दिनों सरकार ने राज्य चिकित्सा सुधार योजना लागू की थी। इस योजना का विरोध देश के तमाम मेडिकल कर्मचारी कई महीनों से कर रहे हैं। इसकी वजह से पिछले सप्ताह देश में संचालित आपातकालीन सेवाओं में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई। दक्षिण कोरियाई स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार गुरुवार तक देश के 180 प्रमुख अस्पतालों के सभी आपातकालीन सेंटर्स में से 88 आपातकालीन और गंभीर रूप से बीमार रोगियों को चिकित्सा उपचार और अन्य सेवाएं प्रदान करने में सक्षम रह गए हैं, जबकि फरवरी के पहले सप्ताह में यह संख्या 109 थी। इन सेंटर्स की क्षमता 27 तरह की बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने की है।

समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, यह आंकड़ा 29 अगस्त को 102 से नीचे आ गया। चिंता इस बात की है कि आगामी चुसेओक हॉलिडे के दौरान सेंटर्स की संख्या में और कमी आ सकती है। कई अस्पतालों ने आपातकालीन सेंटर्स के संचालन के लिए समय कम कर दिया है, क्योंकि मेडिकल स्टाफ की कमी के कारण देश के अधिकांश जूनियर डॉक्टर फरवरी से सरकार के चिकित्सा स्कूलों में दाखिला कोटा बढ़ाने के फैसले के विरोध में हड़ताल पर हैं या नौकरी छोड़ चुके हैं। सरकार ने कम स्टाफ वाले अस्पतालों में सैन्य और सार्वजनिक डॉक्टरों को भेजा है।

डॉक्टरों और अस्पतालों के मुताबिक, सरकार का यह कदम देश के अस्पतालों में डॉक्टर्स की कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। देश में वयस्कों के लिए आपातकालीन ब्रोंकोस्कोपी करने में सक्षम आपातकालीन केंद्रों की संख्या 109 से घटकर पिछले सप्ताह 60 रह गई जो कुल संख्या का 45 फीसदी है। इससे पहले केले सप्ताह की तुलना में, यह आंकड़ा 40 प्रतिशत गिर गया है। जिन अस्पतालों में बड़े पैमाने पर आग से जले लोगों का इलाज किया जाता है, उनकी संख्या फरवरी में 44 थी जो अगस्त के अंत में घटकर 38 हुई तो पिछले सप्ताह 28 पर पहुंच गई। दक्षिण कोरिया के एक स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक सरकार आपातकालीन कक्षों में डॉक्टरों के श्रम लागत को वहन करने के विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 00:46:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दो साल में मंगल ग्रह पर पहला स्टारशिप मिशन लॉन्च करने का लक्ष्य : मस्क</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/द-सल-म-मगल-गरह-पर-पहल-सटरशप-मशन-लनच-करन-क-लकषय-मसक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/द-सल-म-मगल-गरह-पर-पहल-सटरशप-मशन-लनच-करन-क-लकषय-मसक</guid>
        <description>सैन फ्रांसिस्को, 8 सितंबर । टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने रविवार को कहा कि मंगल ग्रह पर पहला अनक्रूड स्टारशिप मिशन दो साल में लॉन्च किया जाएगा। स्टारशिप दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है। इसका उपयोग इंसानों को चंद्रमा और फिर अंत में मंगल ग्रह पर भेजने के लिए किया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में टेक अरबपति ने कहा, मंगल ग्रह पर पहला स्टारशिप दो साल में लॉन्च होगा। मंगल ग्रह पर लैंडिंग की विश्वसनीयता का परीक्षण करने के लिए इन्हें शामिल किया जाएगा। अगर लैंडिंग अच्छी रही, तो मंगल ग्रह पर पहले क्रू की उड़ान उड़ान चार साल में होगी।

उन्होंने आगे कहा, लगभग 20 वर्षों में एक शहर बनाने का लक्ष्य है, जो खुद की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा। आने वाले वर्षों में किसी ना किसी ग्रह पर मानव जीवन को शुरू करने की तैयारी भी होगी। मस्क की एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने पहली पूरी तरह से रियूज होने वाली रॉकेट का निर्माण किया है। इससे स्पेश मिशन पर आने वाले खर्चों में काफी कमी आएगी। मस्क ने आगे बताया, मंगल ग्रह पर चुनौतीपूर्ण माहौल है।

मानव के लिए स्थितियां उचित नहीं है। इसके बावजूद हम आने वाले सालों में ऐसा करने में सक्षम हो सकते हैं, इसके लिए हमें मौजूदा तकनीक को 10 हजार गुना बेहतर करने की जरूरत होगी। स्पेसएक्स ने हाल ही में हेवी बूस्टर के साथ अपने 400 फुट ऊंचे स्टारशिप की तीसरी परीक्षण उड़ान शुरू की है। स्टारशिप में एक विशाल बूस्टर होता है, जिसे सुपर हेवी कहा जाता है। इसमें ऊपरी हिस्से में एक अंतरिक्ष यान भी है, जिसे स्टारशिप कहा जाता है। स्पेसएक्स के सीईओ कम से कम दस लाख लोगों को मंगल ग्रह पर भेजने की योजना बना रहे हैं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 00:46:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल ने मध्य सीरिया में भीषण गोलीबारी की, चार लोगों की मौत : सरकारी मीडिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-न-मधय-सरय-म-भषण-गलबर-क-चर-लग-क-मत-सरकर-मडय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-न-मधय-सरय-म-भषण-गलबर-क-चर-लग-क-मत-सरकर-मडय</guid>
        <description>दमिश्क, 9 सितंबर (एपी)। इजराइल ने रविवार देर रात को मध्य सीरिया में कई इलाकों को निशाना बनाकर हमले किए जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए तथा गोलेबारी के कारण कई जगहों पर आग लग गई। सरकारी मीडिया ने इस बारे में खबर दी।

सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी सना की खबर के अनुसार सीरियाई वायु रक्षा प्रणाली ने मध्य क्षेत्र में कई जगहों को निशाना बनाकर किए गए आक्रामक हमले का मुकाबला किया। इस हमले में हमा प्रांत में एक राजमार्ग को नुकसान पहुंचा और आगजनी हुई जिसके बाद सोमवार सुबह दमकलकर्मी आग पर काबू करने के लिए जूझते दिखे।

सना ने पश्चिमी हमास प्रांत में मसयाफ नेशनल हॉस्पिटल के प्रमुख फैसल हैदर के हवाले से बताया कि हमले के बाद कम से कम चार मृतकों और 13 घायलों को अस्पताल लाया गया। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये आम नागरिक हैं या चरमपंथी।

ब्रिटेन से संचालित युद्ध निगरानी करने वाली संस्था सीरियन ऑब्सर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स की रिपोर्ट के अनुसार एक हमले में मसयाफ में एक वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र और उन अन्य स्थलों को निशाना बनाया गया जहां ईरानी मिलीशिया और विशेषज्ञ सीरिया में हथियार विकसित करने के लिए ठहरे थे। स्थानीय मीडिया ने तटीय शहर टार्टस के आस पास भी हमले की सूचना दी।

इजराइल की सेना की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।</description>
        <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 00:46:28 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के बेटे ने टैक्स मामले में दोष स्वीकार किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-बइडन-क-बट-न-टकस-ममल-म-दष-सवकर-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-बइडन-क-बट-न-टकस-ममल-म-दष-सवकर-कय</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बेटे हंटर बाइडन ने जानबूझ कर टैक्स न देने के 9 आरोपों में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है.

इससे पहले हंटर बाइडन ने 2016 से 2019 के बीच जानबूझकर 14 लाख डॉलर का टैक्स न देने के आरोपों से इनकार किया था.

54 साल के हंटर बाइडन खुद को बेगुनाह बताते हुए मुक़दमे का सामना करना चाहते थे लेकिन अभियोजकों की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद वो दोष स्वीकार करने पर सहमत हो गए.

तीन महीने पहले उन्हें बंदूक रखने और ड्रग्स के इस्तेमाल के अलग मामलों में दोषी पाया गया था.

गुरुवार को उन पर टैक्स चोरी का मामला शुरू होने ही वाला था और जूरी का चुनाव किया जाना था लेकिन अंतिम पलों में हंटर बाइडन ने अपना फ़ैसला बदल दिया.

हंटर बाइडन के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल निजी कारणों से मुक़दमे की सुनवाई नहीं चाहते हैं, ताकि उनके दोस्तों और परिजनों को उस दौरान की गवाही न देना पड़े, जब वो नशे की लत का शिकार थे.

जज मार्क स्कार्सी ने कहा कि दोष स्वीकार करने पर बाइडन को अधिकतम 15 साल की जेल की सज़ा और पांच लाख से 10 लाख डॉलर तक का ज़ुर्माना देना पड़ेगा.

उनकी सज़ा पर फ़ैसला व्हाइट हाउस के चुनाव समाप्त होने के एक महीने बाद यानी 16 दिसंबर को होगा, जब उनके पिता जो बाइडन का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा.

राष्ट्रपति बाइडन ने पहले कहा था कि अपने बेटे को माफ़ी देने के लिए वो अपने अधिकारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे.

नवंबर में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 01:25:53 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी स्कूल में गोलीबारी के मामले में 14 साल के लड़के पर हत्या का आरोप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-सकल-म-गलबर-क-ममल-म-14-सल-क-लडक-पर-हतय-क-आरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-सकल-म-गलबर-क-ममल-म-14-सल-क-लडक-पर-हतय-क-आरप</guid>
        <description>वाशिंगटन, 6 सितम्बर । अमेरिका के एक हाई स्कूल में चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 14 वर्षीय एक लड़के पर हत्या का आरोप लगाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना की जांच जारी है। दक्षिणी राज्य जॉर्जिया के अपालाची हाई स्कूल में बुधवार को कथित तौर पर 14 वर्षीय दो बच्चों और दो शिक्षकों की हत्या करने के बाद नाबालिग लड़के पर चार गंभीर हत्या के आरोप लगे हैं।

सीएनएन ने गुरुवार को अज्ञात सूत्रों के हवाले से बताया कि गोलीबारी में इस्तेमाल की गई बंदूक नाबालिग के पिता ने खरीदी थी। जॉर्जिया ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने कहा कि संदिग्ध कोल्ट ग्रे पर वयस्क के रूप में आरोप लगाए जाएंगे। उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा और उसके खिलाफ अतिरिक्त आरोप लगाए जाने की उम्मीद है। एजेंसी ने गुरुवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, अपालाची हाई स्कूल में गोलीबारी की जांच अभी भी जारी है। चारों मृतकों का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। अमेरिका में स्कूल में गोलीबारी एक चौंकाने वाली नियमित घटना है, जहां बंदूकें लोगों से ज्यादा हैं और शक्तिशाली सैन्य शैली की राइफलें खरीदने पर नियम भी लचीले हैं।

हाल के महीनों में सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं, विशेषकर नाबालिगों द्वारा की गई गोलीबारी के मामले में माता-पिता की जिम्मेदारी तेजी से सुर्खियों में आई है। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को विस्कॉन्सिन में पत्रकारों से बात करते हुए घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा था कि आपके घर में एक असॉल्ट राइफल, एक हथियार कैसे हो सकता है? यदि माता-पिता अपने बच्चों को इन बंदूकों तक पहुंच देते हैं तो आपको उन्हें जवाबदेह बनाना होगा। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 01:25:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मेरा जीवन बहुत सामान्य है : निकोल किडमैन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मर-जवन-बहत-समनय-ह-नकल-कडमन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मर-जवन-बहत-समनय-ह-नकल-कडमन</guid>
        <description>लॉस एंजेलिस, 6 सितंबर । ऑस्कर विजेता अभिनेत्री निकोल किडमैन का कहना है कि उनकी जीवन शैली बहुत सामान्य है। निकोल ने संगीतकार कीथ अर्बन से शादी की है। किडमैन ने एक्स्ट्रा से कहा मेरा जीवन बहुत सामान्य है। मैं कल रात अभिभावक-शिक्षक (सम्मेलन) में रहूंगी। 57 वर्षीय अभिनेत्री ने द परफेक्ट कपल में लीव श्रेइबर के साथ अभिनय किया था और उन्होंने 56 वर्षीय अभिनेता के साथ काम करने के अनुभव का आनंद लिया।

उन्होंने कहा मुझे उनके साथ काम करना पसंद है क्योंकि वह महान लोगों में से एक है। फीमेलफर्स्ट डॉट को डॉट यूके की रिपोर्ट के अनुसार, हॉलीवुड स्टार ने हमेशा सोचा था कि श्रेइबर इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त कलाकार हैं। उन्होंने शेयर किया, मैंने कहा, तुम्हें मुझे लीव देने होंगे क्योंकि मुझे एक पति, एक सीन पार्टनर चाहिए, जिसके साथ मैं अभिनय कर सकूं, जो स्क्रिप्ट के साथ बहुत, बहुत गंभीर हो। यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी बेटी उनकी अलमारी में जाती हैं? इस पर अभिनेत्री ने एंटरटेनमेंट टुनाइट के साथ बातचीत में बताया कि कैसे उनकी बेटी उनकी अलमारी में उथल-पुथल करती है। किडमैन ने इसके जवाब में कहा, वह वास्तव में ऐसा करती है। वह मेरी अलमारी में चली जाती है और मुझे ऐसा लगता है जैसे कोई बम उसमें गिर गया हो। वह वहां पागल हो जाती हैं।

वह सिर्फ एक टी-शर्ट लेती है लेकिन उथल-पुथल मचा देती है। किडमैन नई इरॉटिक थ्रिलर फिल्म बेबीगर्ल में अभिनय कर रही हैं। अभिनेत्री ने हाल ही में कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि यह महिलाओं के लिए एक लिब्रेटिंग स्टोरी साबित होगी। अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि फिल्म बनाना उन्हें बहुत ही फ्रींइंग अनुभव हुआ। उन्होंने वेनिस फिल्म समारोह में कहा, यह एक औरत की कहानी है, और मुझे आशा है कि यह कहानी औरों को भी आजादी का एहसास दिलाएगी। एक महिला द्वारा बताया गया है, उसकी दृष्टि के जरिए हलीना (रेजन) ने इसे लिखा और निर्देशित किया है।

मेरे लिए इसे इतना अनोखा बना दिया है क्योंकि अचानक मैं इस कंटेंट के साथ एक महिला के हाथों में पड़ने जा रही थी। यह हमारी साझा प्रवृत्ति के लिए बहुत प्रिय और लिब्रेटिंग था। यह एक महिला के द्वारा, उसकी नजर से बताई गई कहानी है - हलीना (रेजन) ने इसे लिखा और निर्देशित किया - और यही बात इसे मेरे लिए इतना खास बनाती है क्योंकि अचानक मैं इस कहानी को एक महिला के हाथों में सौंप रही थी। यह हमारे साझा सहज ज्ञान के बहुत करीब था और बहुत ही मुक्तिदायक था। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 01:25:50 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोनाल्ड ट्रंप की सज़ा की तारीख़ टली, इस आपराधिक मामले में ठहराए गए थे दोषी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-क-सज-क-तरख-टल-इस-आपरधक-ममल-म-ठहरए-गए-थ-दष</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-क-सज-क-तरख-टल-इस-आपरधक-ममल-म-ठहरए-गए-थ-दष</guid>
        <description>मैनहट्टन हश मनी आपराधिक मुक़दमे में डोनाल्ड ट्रंप की सज़ा को नवंबर में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों तक के लिए टाल दिया गया है.

शुक्रवार को जज जुआवन मर्चेन ने ट्रंप की सज़ा को 26 नवंबर तक के लिए टालने का फ़ैसला सुनाया.

डोनाल्ड ट्रंप रिपबल्किन पार्टी की तरफ़ से अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं. इस मामले में उनकी सज़ा की घोषणा की तारीख़ 18 सितंबर के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन ट्रंप के वकीलों ने उनकी सज़ा को टालने के लिए सारे क़ानूनी प्रयास किए थे.

मई में न्यूयॉर्क की एक ज्यूरी ने ट्रंप को व्यवसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करने और गुंडागर्दी के मामले में दोषी ठहराया था.

अमेरिका में ऐसा पहली बार था जब किसी पूर्व राष्ट्रपति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था.

अपने फ़ैसले में जज मर्चेन ने लिखा था कि, इस पूरे मामले में ऐसी सुनवाई की ज़रूरत है जो कि पूरी तरह से ज्यूरी के फ़ैसले पर केंद्रित हो. हमारे फ़ैसले का सम्मान किया जाना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा था कि, यह तय किया जाना चाहिए कि अमेरिकी चुनावों का इस फ़ैसले पर कोई असर ना पड़े.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 01:25:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजरायली सैन्य अभियानों में वेस्ट बैंक में 33 फिलिस्तीनी मारे गए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरयल-सनय-अभयन-म-वसट-बक-म-33-फलसतन-मर-गए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरयल-सनय-अभयन-म-वसट-बक-म-33-फलसतन-मर-गए</guid>
        <description>रामल्लाह, 5 सितंबर । फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि एक सप्ताह पहले वेस्ट बैंक (पश्चिमी तट) पर शुरू हुए इजरायली सैन्य अभियानों में 33 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और लगभग 140 अन्य घायल हुए हैं। मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि मृतकों में उत्तरी पश्चिमी तट जेनिन में 19, तुबास में चार और तुलकरम में सात फिलिस्तीनी शामिल हैं। वहीं दक्षिण में हेब्रोन में तीन अन्य लोग भी मारे गए हैं। फिलिस्तीनी आधिकारिक समाचार एजेंसी वफा की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सेना ने बुधवार को लगातार आठवें दिन जेनिन शहर और उसके शिविर के खिलाफ अपना अभियान जारी रखा।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने वफा की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि इस अभियान से जल और बिजली नेटवर्क सहित बुनियादी ढांचे को बड़ी क्षति पहुंची है। इसके अलावा लोगों की संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी के आयुक्त जनरल फिलिप लाजारिनी ने मंगलवार को कहा कि जेनिन, हिंसा और विनाश से तबाह हो गया है। उन्होंने उत्तर सहित पूरे पश्चिमी तट पर नागरिकों की तत्काल सुरक्षा का आह्वान किया है।

उन्होंने मांग की कि इजरायली सेना और फिलिस्तीनी सशस्त्र समूह दोनों नागरिकों की सुरक्षा बनाए रखें और सहायता तक पहुंच प्रदान करें। 28 अगस्त से इजरायल उत्तरी पश्चिमी तट पर बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चला रहा है। उसका कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य वांछित व्यक्तियों को गिरफ्तार करना और इजरायल के खिलाफ भविष्य में होने वाले हमलों को रोकना है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर में गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से पश्चिमी तट पर इजरायली हमलों में 680 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 01:36:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के स्कूल में गोलीबारी में चार की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-सकल-म-गलबर-म-चर-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-सकल-म-गलबर-म-चर-क-मत</guid>
        <description>वाशिंगटन, 5 सितंबर । अमेरिका के जॉर्जिया प्रांत के एक हाई स्कूल में बुधवार को हुई गोलीबारी में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि देश में मूर्खतापूर्ण बंदूक हिंसा समाज को तोड़ रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कथित शूटर को हिरासत में ले लिया गया है। यह गोलीबारी स्थानीय समय के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे जॉर्जिया के विंडर में अपालाची हाई स्कूल में हुई। बैरो काउंटी के शेरिफ जुड स्मिथ ने एक समाचार सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, आज आप हमारे पीछे जो देख रहे हैं, वह एक बुरी चीज है। उन्होंने केवल इतना कहा कि कई लोग घायल हुए हैं।

राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि वह उन लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हैं, जिनकी जान बेहद मूर्खतापूर्ण बंदूक हिंसा के कारण चली गई। राष्ट्रपति ने कहा, विंडर, जॉर्जिया में जो खुशी का माहौल होना चाहिए था, वह अब एक और भयावह अनुस्मारक में बदल गया है कि कैसे बंदूक हिंसा हमारे समुदायों को अलग करती रहती है। उन्होंने कहा कि देश भर के छात्र पढ़ना और लिखना सीखने की बजाय झुकना और छिपना सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश इसे सामान्य रूप से स्वीकार नहीं कर सकता। राष्ट्रपति ने कहा, हम संघीय, प्रांतीय और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और उन पहले प्रतिक्रिया देने वालों के आभारी हैं जिन्होंने संदिग्ध को हिरासत में लिया तथा और लोगों की जान जाने से बचाया।

उन्होंने कहा कि इस बंदूक हिंसा महामारी को समाप्त करना उनके लिए व्यक्तिगत है और इसीलिए उन्होंने दोनों दलों से समर्थन वाले सुरक्षित समुदाय अधिनियम पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा, मैंने बंदूक हिंसा रोकथाम के लिए पहला व्हाइट हाउस कार्यालय भी स्थापित किया है, जिसकी देखरेख उपराष्ट्रपति हैरिस करती हैं। हमने महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन इस संकट के लिए और भी अधिक करने की आवश्यकता है। अमेरिकी सरकार स्कूल की गोलीबारी के आंकड़े नहीं रखती है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2024 में 46 ऐसी गोलीबारी की घटनाएं हुई हैं, जो 1999 के बाद से किसी भी वर्ष की तुलना में अधिक है - 1999 में कोलंबिन हाई स्कूल में गोलीबारी में 15 लोग मारे गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स में आगे दावा किया गया है कि 3,83,000 से अधिक छात्र स्कूलों में गोलीबारी के गवाह रहे हैं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 01:36:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इंडोनेशिया के शाही इमाम के साथ पोप ने दिया ये संदेश</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इडनशय-क-शह-इमम-क-सथ-पप-न-दय-य-सदश</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इडनशय-क-शह-इमम-क-सथ-पप-न-दय-य-सदश</guid>
        <description>-जोएल गुइंटो

इंडोनेशिया के दौरे पर पहुंचे पोप फ़्रांसिस और इंडोनेशिया के शाही इमाम ने दुनिया को शांति का साझा संदेश दिया है.

साथ ही पोप फ़्रांसिस ने संघर्ष भड़काने में धर्म के इस्तेमाल के ख़िलाफ़ चेतावनी भी दी.

राजधानी जकार्ता के इस्तिकलाल मस्जिद में शाही इमाम के साथ पोप ने धार्मिक सौहार्द और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक घोषणा पर हस्ताक्षर किया. यहां उन्होंने छह अन्य धर्मों के नेताओं से भी मुलाक़ात की.

दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद के दौरे पर पोप ने गुरुवार को लोगों को संबोधित करते हुए कहा, सभी धर्मों के लोगों को ये जानना चाहिए कि हम सभी भाई हैं, सभी लोगों का एक ही रास्ता है, ईश्वर तक पहुंचना.

उन्होंने कहा कि आज इंसानियत जंग, संघर्ष और पर्यावरण की तबाही की वजह से भारी संकट में है.

पोप ने उस 91 फ़ुट लंबी सुरंग का भी दौरा किया जो इस्तिकलाल मस्जिद को सड़क के दूसरी तरफ़ स्थित कैथलिक चर्च से जोड़ती है.

दोनों धर्मगुरुओं ने इस टनल ऑफ़ फ़्रेंडशिप का मुआयना किया.

कहा जाता है कि यह एक धार्मिक भाईचारे का प्रतीक है और दिखाता है कि कैसे अलग-अलग धार्मिक विश्वास के लोग एक साझी विरासत से आते हैं.

इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुसंख्यक देश है और 27.5 की आबादी में तीन प्रतिशत कैथोलिक धर्म को मानने वाले हैं.

इंडोनेशिया में आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त छह धर्म हैं- इस्लाम, प्रोटेस्टेंट, कैथलिक, बौद्ध, हिंदू और कन्फ़्यूशियस.

87 साल के पोप एशिया प्रशांत क्षेत्र के 11 दिवसीय दौरे पर हैं और गुरुवार को इंडोनेशिया में उनका अंतिम दिन था. अपने कार्यकाल में यह उनका सबसे लंबा विदेशी दौरा है.

पोप फ़्रांसिस यहां से पापुआ न्यू गिनी, तिमोर लेस्टे और सिंगापुर के लिए रवाना होंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 01:36:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजरायली सेना ने पश्चिमी तट पर 6 फिलिस्तीनियों को मार गिराया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरयल-सन-न-पशचम-तट-पर-6-फलसतनय-क-मर-गरय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरयल-सन-न-पशचम-तट-पर-6-फलसतनय-क-मर-गरय</guid>
        <description>रामल्लाह, 6 सितम्बर । इजरायली बलों ने पश्चिमी तट के शहर तुबास में छह फिलिस्तीनियों को मार गिराया। इसकी जानकारी फिलिस्तीनी चिकित्सा और सुरक्षा विभाग ने दी। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि टुबास में उनके वाहन को निशाना बनाकर किए गए इजरायली हवाई हमले में पांच फिलिस्तीनी मारे गए। टुबास उत्तर-पश्चिमी वेस्ट बैंक में स्थित है। फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने बताया कि टुबास के दक्षिण में फारा शिविर में इजरायली सेना ने छठे व्यक्ति को गोली मार दी। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, पीड़ित तक पहुंचने में सेना को घंटों लग गए।

इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने कहा कि उसने गुरुवार की सुबह फारा कैंप में ड्रोन हमला किया और टुबास में तीन और हमले किए। आईडीएफ ने कहा कि इन हमलों का लक्ष्य फिलिस्तीनी बंदूकधारी थे जो छापे के दौरान सैनिकों पर गोलीबारी कर रहे थे और विस्फोटक फेंक रहे थे। तुबास के गवर्नर अहमद अल-असद ने शिन्हुआ को बताया कि इजरायली छापों से फारा शिविर में बुनियादी ढांचे और सेवाओं को व्यापक क्षति पहुंची है। जेनिन में इजरायली सेना ने लगातार नौवें दिन भी अभियान जारी रखा। मेयर निदाल ओबेदी ने कहा कि जारी हमलों ने स्थानीय बुनियादी ढांचे को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया है, जिसकी पूरी सीमा का अभी आकलन किया जाना बाकी है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 28 अगस्त से पश्चिमी तट पर इजरायली सैन्य अभियानों के परिणामस्वरूप 39 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 145 घायल हुए हैं। मंत्रालय ने कहा कि अक्टूबर 2023 में गाजा संघर्ष शुरू होने के बाद से पश्चिमी तट पर 691 फिलिस्तीनी मारे गए हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को तड़के इजरायली सेना शहर के बुनियादी ढांचे को हुए भारी नुकसान के बीच तुलकारेम और उसके शरणार्थी शिविर से वापस चली गई। इजरायल द्वारा गाजा पट्टी पर किए जा रहे हमले के कारण पश्चिमी तट पर तनाव चरम पर है। पिछले वर्ष 7 अक्टूबर से अब तक 40,800 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं। हमलों में तेजी की एक और वजह 19 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के ऐतिहासिक राय भी है, जिसमें इजरायल द्वारा फिलिस्तीनी भूमि पर दशकों से किए जा रहे कब्जे को गैरकानूनी घोषित किया गया था। अंतर्राष्ट्रीय अदालत ने पश्चिमी तट तथा पूर्वी यरुशलम में सभी बस्तियों को खाली करने की मांग भी रखी थी। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 01:36:53 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका में सड़क दुर्घटना में चार भारतीय नागरिकों की मौत, डीएनए टेस्ट से होगी पहचान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-सडक-दरघटन-म-चर-भरतय-नगरक-क-मत-डएनए-टसट-स-हग-पहचन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-सडक-दरघटन-म-चर-भरतय-नगरक-क-मत-डएनए-टसट-स-हग-पहचन</guid>
        <description>टेक्सास, 4 सितंबर । अमेरिका के टेक्सास में हुए सड़क हादसे में भारतीय मूल के चार नागरिकों की मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान आर्यन रघुनाथ ओरमपति, फारूक शेख, लोकेश पलाचारला और दर्शिनी वासुदेवन के रूप में हुई है। इनमें दो मृतक हैदराबाद के निवासी थे। सड़क दुर्घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में सड़क के एक तरफ यातायात सुचारू रूप चलाया जा रहा है। वहीं, सड़क के दूसरी तरफ कई गाड़ियां हैं जो हादसे का शिकार हुई हैं।

मौके पर पुलिस बल तैनात है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सड़क दुर्घटना बीते सप्ताह शुक्रवार को हुई थी। मृतकों में दो हैदराबाद के रहने वाले थे। सभी भारतीय कारपूलिंग ऐप के ज़रिए एक एसयूबी(कार) में बैठकर अर्कांसस के बेंटनविले जा रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के कारण वाहन में आग लग गई, जिससे उसमें बैठे लोग फंस गए। कार में लगी आग के कारण सभी चारों लोगों की जलकर मौत हो गई। इनकी पहचान कारपूलिंग ऐप के माध्यम से हुई है।

हालांकि, इनकी असल पहचान के लिए डीएनए टेस्ट इनके अभिभावकों के साथ कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि ओरमपति अपने चचेरे भाई से मिलने के बाद लौट रहे थे। वहीं, लोकेश अपनी पत्नी से मिलने के लिए बेंटनविले जा रहे थे। दर्शिनी वासुदेवन बेंटनविले में अपने चाचा से मिलने जा रही थीं। चारों कारपूलिंग ऐप के माध्यम से मिले और आगे की यात्रा कर रहे थे। बता दें कि दर्शिनी वासुदेवन के माता-पिता, जो दुर्घटना से कुछ समय पहले तक उनसे नियमित संपर्क में थे। वह केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से सहायता की अपील कर रहे हैं। हालांकि, स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। कहा जा रहा रहा है कि शवों की पहचान के लिए डीएनए फिंगरप्रिंटिंग की जाएगी। अमेरिका में बीते सप्ताह लंबी छुट्टियों के कारण प्रक्रिया पूरी होने में देरी लगी है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 01:16:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बोको हरम के नाइजीरिया के गांव पर हमले में 100 से अधिक लोगों की जान गयी : स्थानीय निवासी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बक-हरम-क-नइजरय-क-गव-पर-हमल-म-100-स-अधक-लग-क-जन-गय-सथनय-नवस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बक-हरम-क-नइजरय-क-गव-पर-हमल-म-100-स-अधक-लग-क-जन-गय-सथनय-नवस</guid>
        <description>मैदुगुरी, 4 सितंबर। पूर्वोत्तर नाइजीरिया में संदिग्ध बोको हरम चरमपंथियों ने बाजार, नमाजियों और लोगों के घरों में गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 100 ग्रामीण मारे गये। स्थानीय निवासियों ने बुधवार को यह दावा किया।

योबे पुलिस के प्रवक्ता डुंगस अब्दुलकरीम ने बताया कि रविवार शाम को 50 से अधिक चरमपंथी मोटरसाइकिलों से योबे प्रांत के तारमुवा परिषद क्षेत्र में घुस गये और इमारतों में आग लगाने से पहले उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी।

योबे के उप-गवर्नर इदी बार्डे गुबाना ने रविवार को हुए हमले में मरने वालों की संख्या 34 बताई है।

समुदाय के नेता जना उमर ने कहा कि उप-गवर्नर ने हमले में मारे गये जिन 34 लोगों के बारे में बताया है, वे एक ही गांव के हैं। उन्होंने कहा कि अब तक हमले में 102 ग्रामीणों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोगों को या तो अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही दफना दिया गया था या उनके शव दफनाने के लिए अन्य स्थानों पर ले जाये गये।

उमर ने कहा, हम अब तक लोगों की तलाश कर रहे हैं क्योंकि कई लोग अब भी लापता हैं।

रविवार को हुआ हमला योबे में पिछले साल हुए सबसे घातक हमलों में से एक है।

स्थानीय मीडिया ने बताया कि चरमपंथियों ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह हमला ग्रामीणों द्वारा सुरक्षाकर्मियों को उनकी गतिविधियों के बारे में सूचना देने के प्रतिशोध में किया गया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 01:16:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका : जॉर्जिया के हाई स्कूल में 14 वर्षीय छात्र ने की गोलीबारी, चार लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-जरजय-क-हई-सकल-म-14-वरषय-छतर-न-क-गलबर-चर-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-जरजय-क-हई-सकल-म-14-वरषय-छतर-न-क-गलबर-चर-लग-क-मत</guid>
        <description>विंडर (अमेरिका), 5 सितंबर। अमेरिका के जॉर्जिया में एक हाई स्कूल में 14 वर्षीय एक छात्र ने बुधवार को गोलीबारी कर दी जिसमें चार लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि घटना के कारण छात्रों को अपनी कक्षा में शरण लेनी पड़ी जिसके बाद उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें फुटबॉल स्टेडियम में भेजा गया। घटना के बाद अपने बच्चों की सलामती जानने के लिए अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए।

मृतकों में अपालाची हाई स्कूल के दो छात्र और दो शिक्षक शामिल हैं। विंडर अटलांटा से करीब एक घंटे की दूरी पर है। घटना में आठ विद्यार्थियों और एक शिक्षक समेत नौ अन्य लोग घायल भी हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सोफोमोर कायली एबनर ज्यामिती की कक्षा में थीं जब उन्होंने गोली चलने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर एबनर और उनकी दोस्त अपनी शिक्षक की डेस्क के नीचे छिप गईं। इसके बाद शिक्षक ने दरवाजे के सामने डेस्क को लगाकर अवरोधक तैयार किया ताकि कोई कक्षा में प्रवेश नहीं कर सके।

एबनर ने बताया कि विद्यार्थियों के फुटबॉल स्टेडियम में इकट्ठा होने के बाद उन्होंने देखा कि शिक्षकों ने अपनी कमीज उतारकर घायलों के जख्मों पर पट्टी की।

जॉर्जिया जांच ब्यूरो के निदेशक क्रिस होजी ने बताया कि गोली चलने की सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर स्कूल के दो अधिकारियों ने हमलावर छात्र को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि संदिग्ध एक स्कूली छात्र है। उसने तुरंत आत्मसमर्पण कर दिया और उसे हिरासत में ले लिया गया है। आरोपी छात्र पर वयस्क के समान हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

घटना के बाद दोपहर को संवाददाता सम्मेलन में अधिकारियों ने बताया कि वे इस बात का पता लगा रहे हैं कि संदिग्ध को बंदूक कैसे मिली और वह बैरो काउंटी में स्कूल में कैसे घुसा?

इस दौरान बैरो काउंटी के शेरिफ जुड स्मिथ घटना की जानकारी देते हुए रो पड़े। उन्होंने कहा कि इसी जगह वह पले-बढ़े हैं और उनके बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं।

उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने न्यू हैंपशायर में एक चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कहा, यह बहुत ही अपमानजनक है कि हमारे देश अमेरिका में हर दिन माता-पिता को अपने बच्चों को इस चिंता में स्कूल भेजना पड़ता है कि बच्चा जीवित घर लौट पाएगा या नहीं।

सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक संदेश में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, इन प्यारे बच्चों को एक बीमार और विक्षिप्त राक्षस ने बहुत जल्दी हमसे छीन लिया।

जॉर्जिया के गवर्नर ब्रायन केम्प ने एक बयान में कहा, यह एक ऐसा दिन है जिससे हर माता-पिता डरेंगे और इस दुखद घटना के कारण हर जगह जॉर्जिया के लोग अपने बच्चों को कसकर गले लगाएंगे और उन्हें खुद से दूर नहीं जाने देंगे।

संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के अटलांटा कार्यालय ने कहा कि उसके अधिकारी स्कूल में मौजूद हैं और स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय और सहयोग कर रहे हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 01:16:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा में 187,000 बच्चों को पोलिया टीका लगाया गया : संयुक्त राष्ट्र</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-187000-बचच-क-पलय-टक-लगय-गय-सयकत-रषटर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-187000-बचच-क-पलय-टक-लगय-गय-सयकत-रषटर</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र, 5 सितम्बर । तीन दिवसीय पोलियो टीकाकरण अभियान के पहले चरण में गाजा पट्टी के 187,000 बच्चों को पोलियो टीका लगाया गया। टीका लगाए गए सभी बच्चे 10 साल से कम उम्र के थे। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र ने दी। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार,यूएन ऑफिस फॉर द कोऑर्डिनेशन ऑफ ह्यूमन अफेयर्स (ओसीएचए) ने बुधवार को कहा कि अब यह अभियान गुरुवार से तीन दिनों के लिए गाजा के दक्षिणी क्षेत्र में शुरू होगा, जिसके बाद उत्तरी क्षेत्र में चलाया जाएगा। 640,000 से अधिक बच्चों को टीके की दो खुराक (प्रत्येक खुराक चार सप्ताह के अंतराल पर) देने का लक्ष्य रखा गया है।

ओसीएचए ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों ने रविवार से अब तक 187,000 बच्चों को टीका लगाया है। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने कहा, अभियान के शेष चरणों के लिए क्षेत्रीय स्तर पर संघर्ष विराम आवश्यक है, अन्यथा हम गाजा के बच्चों की सुरक्षा करने में विफल हो जाएंगे और अन्य बच्चों को खतरे में डाल देंगे। यह अभियान 10 महीने के बच्चे के पोलियो से आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो जाने के बाद शुरू किया गया था। ओसीएचए ने कहा कि टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए मध्य गाजा में 510 टीमें तैनात की गईं। इसमें 40 हेल्थ पार्टनर भाग ले रहे हैं। 17 स्वास्थ्य सेवा केन्द्र टीकाकरण संचालित कर रहे हैं और 23 अभियान के बारे में समुदायों को जानकारी दे रहे हैं।

गौरतलब है कि गाजा में लड़ाई जारी रहने के बावजूद टीकाकरण किया जा रहा है। हमास नियंत्रित गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि पिछले 24 घंटों में 42 लोग मारे गए हैं तथा युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 40,861 लोग मारे गए हैं। फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की मुख्य एजेंसी के प्रमुख फिलिप लाज़ारिनी ने बुधवार को लिखा, बहुत बढ़िया प्रगति! गाजा के मध्य क्षेत्रों में हर दिन, अधिक से अधिक बच्चों को पोलियो के खिलाफ टीके लग रहे हैं। पोलियो अभियान की सफलता के बावजूद, स्थायी युद्ध विराम सुनिश्चित करने, गाजा में बंधकों को रिहा करने तथा इजरायल की जेलों में बंद अनेक फिलिस्तीनियों को वापस लाने के कूटनीतिक प्रयास विफल हो रहे हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को जोर देकर कहा कि इजरायली सैनिक मिस्र की सीमा से लगे गाजा के दक्षिणी छोर पर फिलाडेल्फिया गलियारे में बने रहेंगे। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 01:16:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ्रांस में 10 साल तक पत्नी का रेप कराने वाले शख़्स के ख़िलाफ़ मुक़दमा शुरू</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फरस-म-10-सल-तक-पतन-क-रप-करन-वल-शखस-क-खलफ-मकदम-शर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फरस-म-10-सल-तक-पतन-क-रप-करन-वल-शखस-क-खलफ-मकदम-शर</guid>
        <description>-लूसी क्लार्क-बिलिंग्स

इस ख़बर में कुछ चिंताजनक विवरण हैं.

फ्रांस में एक व्यक्ति के ख़िलाफ़ अपनी पत्नी के साथ रेप करने और दूसरे पुरुषों से रेप कराने के मामले में अदालत में मुक़दमा शुरू हो गया है.

71 साल के डोमिनिक पी पर आरोप हैं कि वो एक दशक तक अपनी पत्नी का रेप कराने के लिए ऑनलाइन माध्यमों के सहारे अनजान लोगों को घर पर आमंत्रित करते थे.

पीड़ित महिला के वकीलों का कहना है कि उन्हें इतनी अधिक नशीली दवाएं दे दी जाती थीं, कि उन्हें अपने साथ बार-बार हो रहे उत्पीड़न के बारे में पता ही नहीं था.

इस मामले ने फ्रांस में गंभीर अपराधों को लेकर डर का माहौल पैदा कर दिया है.

पुलिस ने 72 पुरुषों द्वारा 92 रेप के मामलों की पहचान की है. इनमें से 51 अभियुक्तों की पहचान हो गई है और उनके ख़िलाफ़ आरोप तय किए गए हैं. पीड़िता के पति के साथ इन पर भी मुक़दमा चलेगा.

पीड़िता को अपने साथ हो रहे उत्पीड़न के बारे में पहली बार 2020 में पता चला था. इसकी जानकारी भी उसे पुलिस ने ही दी थी.

दरअसल सितंबर 2020 में अभियुक्त को एक शॉपिंग सेंटर में सिक्योरिटी गार्ड ने तीन महिलाओं का आपत्तिजनक वीडियो बनाते हुए पकड़ लिया था.

इसके बाद पुलिस ने उसके कंप्यूटर की जांच की. इसमें उसकी पत्नी के साथ होने वाले रेप के कई वीडियो और तस्वीरें मिलीं. इनमें वो अचेत अवस्था में दिख रही थीं.

ये अपराध घर पर ही हुए थे. इनकी शुरुआत 2011 में हुई. जिन पुरुषों को अभियुक्त घर बुलाता था, उनकी उम्र 26 से 74 साल के बीच थी.

वेबसाइट पर हुई चैट में जांचकर्ताओं ने पाया कि डोमिनिक पी ने कथित तौर पर अजनबियों को अपने घर बुलाया और पत्नी का रेप करने को कहा.

जांचकर्ताओं को इसमें पैसे के लेन देन का कोई सबूत नहीं मिला है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 01:22:50 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कांगो में जेल तोड़कर भागने की कोशिश के दौरान 129 कैदियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कग-म-जल-तडकर-भगन-क-कशश-क-दरन-129-कदय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कग-म-जल-तडकर-भगन-क-कशश-क-दरन-129-कदय-क-मत</guid>
        <description>किंशासा (कांगो), 3 सितंबर। कांगो की राजधानी में एक मुख्य बंदीगृह को तोड़कर भागने की कोशिश के दौरान 129 कैदियों की मौत हो गई। इनमें से ज्यादातर की जान भगदड़ में गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

कांगो के गृह मंत्री जैकमिन शबानी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि शुरुआती अनुमान के अनुसार, सोमवार की सुबह किंशासा में क्षमता से अधिक कैदियों वाली मकाला जेल से भागने की कोशिश कर रहे कैदियों को चेतावनी देने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा चलाई गई गोली से 24 कैदियों की मौत हुई।

उन्होंने बताया, घटना में 59 लोग घायल हुए हैं जिनका सरकार इलाज करा रही है। साथ ही महिलाओं से बलात्कार के भी कुछ मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि जेल में कानून व्यवस्था लागू कर दी गई है। घटना में जेल के एक हिस्से को आग लगा दी गई थी।

मानवाधिकार संस्था एम्नेस्टी इंटरनेशनल ने देश को लेकर अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा कि मकाला जेल कांगो का मुख्य बंदीगृह है जिसमें 1,500 कैदियों के रहने की क्षमता है लेकिन इसमें 12,000 कैदियों को रखा गया है। इनमें से ज्यादातार सुनवाई पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। बंदीगृह में पहले भी कैदियों के जेल तोड़कर भागने की घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें 2017 की वह घटना भी शामिल है जिसमें एक धार्मिक संप्रदाय ने सैकड़ों कैदियों को मुक्त कराया था।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि रविवार मध्यरात्रि को गोलीबारी शुरू हुई जो सोमवार सुबह तक जारी रही। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इससे पहले कहा था कि घटना में सिर्फ दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिसे मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने विवादित आंकड़ा बताया था।

जेल में हुई घटना के वीडियो में जमीन पर शव पड़े दिख रहे हैं। इनमें कई के शरीर पर चोट के निशान हैं। अन्य वीडियो में कैदी, मारे गए कैदियों के शवों को वाहन में डालते नजर आ रहे हैं।

जेल में जबरन प्रवेश के कोई संकेत नहीं दिखे हैं। जेल राष्ट्रपति भवन से पांच किलोमीटर की दूरी पर शहर के मध्य में स्थित है।

उप न्याय मंत्री मबेम्बा कबुया ने स्थानीय टॉप कांगो एफएम रेडियो को बताया कि प्रतीत होता है कि जेल तोड़ने की साजिश जेल के कैदियों ने ही रची थी।

हमले की घटना के बाद जेल की ओर जाने वाली सड़क की घेराबंदी कर दी गई जबकि अधिकारियों ने घटना की जांच के लिए समिति का गठन किया है।

न्याय मंत्री कॉन्स्टेंट मुताम्बा ने इस हमले को जेल तोड़ कर भागने की पूर्वनियोजित साजिश करार दिया।

उन्होंने जेल से कैदियों के हस्तांतरण पर प्रतिबंध की भी घोषणा की और कहा कि प्रशासन जेल में क्षमता से अधिक कैदियों की संख्या को कम करने के अन्य प्रयासों के अलावा नयी जेल का निर्माण कराएगा।

हालांकि, कांगो के एक प्रमुख जेल अधिकार कार्यकर्ता इमैनुएल एडू कोल ने दावा किया कि उन्हें हमले में 200 से अधिक लोगों के मारे जाने की जानकारी मिली है। उनमें से कई को गोली मारी गई थी।

उन्होंने जेल से साझा किए गए वीडियो और उन कैदियों का हवाला दिया, जिनसे उन्होंने बात की थी।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 01:22:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्राजील में ‘एक्स’ पर प्रतिबंध के आदेश पर अमल करेगी मस्क की स्टारलिंक</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरजल-म-एकस-पर-परतबध-क-आदश-पर-अमल-करग-मसक-क-सटरलक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरजल-म-एकस-पर-परतबध-क-आदश-पर-अमल-करग-मसक-क-सटरलक</guid>
        <description>साओ पाउलो, 4 सितंबर । एलन मस्क की उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी स्टारलिंक ब्राजील में एक्स की सेवाएं प्रतिबंधित करने के उच्चतम न्यायालय के एक शीर्ष न्यायाधीश के हालिया आदेश पर अमल करेगी।

कंपनी ने पहले मस्क के मलिकाना हक वाले एक्स पर प्रतिबंध के आदेश के अनुपालन से इनकार कर दिया था।

स्टारलिंक ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह कंपनी की संपत्तियां फ्रीज किए जाने के बावजूद साइट तक पहुंच बाधित करने के न्यायमूर्ति एलेक्जेंडर डि मोरेस के आदेश पर अमल करेगी। पहले कंपनी ने ब्राजील के दूरसंचार नियामक से अनौपचारिक रूप से कहा था कि न्यायमूर्ति मोरेस द्वारा संपत्ति फ्रीज करने के आदेश को पलटे न जाने तक वह आदेश का पालन नहीं करेगी।

स्टारलिंक ने कहा, हमारी संपत्तियों को फ्रीज करने के अनुचित व्यवहार के बावजूद, हम ब्राजील में एक्स तक पहुंच को अवरुद्ध करने के आदेश का अनुपालन कर रहे हैं। हम सभी कानूनी रास्ते अपनाना जारी रखेंगे, क्योंकि अन्य लोग भी इस बात से सहमत हैं कि न्यायमूर्ति मोरेस का हालिया आदेश ब्राजील के संविधान का उल्लंघन करता है।

न्यायमूर्ति मोरेस ने स्टारलिंक पर एक्स पर लगाए गए जुर्माने के भुगतान का दबाव बनाने के लिए पिछले हफ्ते उसके बैंक खाते फ्रीज कर दिए थे। उन्होंने तर्क दिया था कि दोनों कंपनियां एक ही औद्योगिक समूह का हिस्सा हैं, इसलिए ऐसा किया जा सकता है।

न्यायमूर्ति मोरेस ने मस्क द्वारा ब्राजील में कंपनी के कानून प्रतिनिधि को नामित करने से इनकार करने के बाद देश में एक्स की सेवाएं निलंबित करने का आदेश दिया था।

इस कदम से अभिव्यक्ति की आजादी, धुर-दक्षिणपंथी खातों और गलत सूचनाओं के प्रवाह को लेकर मस्क और न्यायमूर्ति मोरेस के बीच महीनों से जारी मतभेद और गहरा गया।

उच्चतम न्यायालय की एक बड़ी पीठ ने न्यायमूर्ति मोरेस के आदेश को बरकरार रखा था।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 01:22:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शिकागो में ट्रेन में चार लोगों की गोली मारकर हत्या</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शकग-म-टरन-म-चर-लग-क-गल-मरकर-हतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शकग-म-टरन-म-चर-लग-क-गल-मरकर-हतय</guid>
        <description>फॉरेस्ट पार्क, 4 सितंबर। शिकागो में ब्लू लाइन ट्रेन में चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

गोलीबारी की यह घटना शिकागो के फॉरेस्ट पार्क के निकट ब्लू लाइन ट्रेन पर सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुई। फॉरेस्ट पार्क शिकागो शहर से लगभग 16 किलोमीटर पश्चिम में स्थित एक उपनगर है।

पुलिस के अनुसार इस घटना के सिलसिले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को 30 वर्षीय संदिग्ध पर हत्या का आरोप लगाया।

फॉरेस्ट पार्क के मेयर रोरी होस्किन्स ने कहा,  जब इन यात्रियों को गोली मारी गई वे सो रहे थे।

कुक काउंटी के चिकित्सा परीक्षक कार्यालय ने बताया कि तीन पुरुष और एक महिला की मौत हो गई। फॅरेस्ट पार्क पुलिस ने कहा कि चारों वयस्क प्रतीत होते हैं।

होस्किन्स ने बताया कि हत्याकांड को अंजाम देकर संदिग्ध हमलावर फरार हो गया लेकिन वीडियो फुटेज की मदद से पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

अधिकारियों ने उसकी पहचान शिकागो के रन्नी एस. डेविस के रूप में की।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 01:22:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका : पेनसिल्वेनिया में ट्रंप की रैली में गिरफ्तार व्यक्ति मंच पर बैनर टांगना चाहता था</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-पनसलवनय-म-टरप-क-रल-म-गरफतर-वयकत-मच-पर-बनर-टगन-चहत-थ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-पनसलवनय-म-टरप-क-रल-म-गरफतर-वयकत-मच-पर-बनर-टगन-चहत-थ</guid>
        <description>हैरिसबर्ग (अमेरिका), 4 सितंबर। अमेरिका के पेनसिल्वेनिया में पिछले हफ्ते रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की एक रैली के दौरान गिरफ्तार किए गए व्यक्ति ने पूछताछ में बताया कि वह मंच पर ट्रंप की नीतियों के विरोध वाला एक बैनर टांगना चाहता था।

जॉन्सटाउन के पुलिस प्रमुख रिचर्ड प्रिचर्ड ने मंगलवार को बताया कि पिट्सबर्ग के स्टीफन ए वीस (36) पर अनुचित आचरण और गिरफ्तारी का विरोध करने के आरोप लगाए गए हैं। वीस को शुक्रवार को ट्रंप की रैली के दौरान अचानक मंच पर चढ़ने के बाद हिरासत में ले लिया गया था।

प्रिचर्ड के मुताबिक, जांच अधिकारी यह नहीं जानते हैं कि बैनर पर क्या लिखा था, क्योंकि रैली स्थल पर मौजूद एक कर्मी ने उसे नष्ट कर दिया था। उन्होंने कहा कि बैनर एक चादर से बनाया गया था और पूछताछ में वीस ने एक अधिकारी को बताया कि वह ट्रंप की नीतियों में भरोसा नहीं करता है।

प्रिचर्ड के अनुसार, वीस ने पैर में चोट लगने का नाटक किया था और बैसाखी में गोंद की शीशी छिपा रखी थी।

वीस से मंगलवार को जब फोन पर संपर्क किया गया, तो उसने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह कानूनी सलाह ले रहा है।

जॉन्सटाउन पुलिस अधिकारी की ओर से दायर आरोप पत्र में कहा गया है कि वीस रैली स्थल पर मंच की ओर भागा, वह समाचार चैनल के पत्रकारों के लिए बने मंच पर चढ़ गया और मुख्य मंच की तरफ देखते हुए चिल्लाने लगा, जहां पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप भाषण दे रहे थे।

पुलिस ने आरोप पत्र में कहा कि वीस गिरफ्तारी का विरोध कर रहा था, जिसके चलते उसे पकड़ने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

प्रिचर्ड ने कहा कि वीस के साथ रैली में मौजूद एक व्यक्ति ने पुलिस ने बताया कि उसे वीस के मंसूबों की जानकारी नहीं थी।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 01:22:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यहूदी बस्तियां कैसे वेस्ट बैंक की ज़मीन पर तेज़ी से क़ब्ज़ा जमा रही हैं?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यहद-बसतय-कस-वसट-बक-क-जमन-पर-तज-स-कबज-जम-रह-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यहद-बसतय-कस-वसट-बक-क-जमन-पर-तज-स-कबज-जम-रह-ह</guid>
        <description>-मोशे शर्वित

पिछले साल अक्तूबर में एक फ़लस्तीनी बुज़ुर्ग महिला आयशा शतय्याह ने बताया कि एक आदमी ने उनके सिर पर बंदूक़ तानकर उन्हें उस घर को छोड़कर जाने के लिए कहा था जिस घर में वो बीते 50 साल से रह रही थीं.

उन्होंने बीबीसी से कहा कि साल 2021 में उत्पीड़न और धमकी का एक तेज़ी से बढ़ता हिंसक अभियान शुरू हुआ. तभी इसराइल के क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में उनके घर के नज़दीक एक बड़ी चौकी भी स्थापित की गई थी.

बीबीसी का एक नया विश्लेषण बताता है कि बीते कुछ सालों में ऐसी बड़ी-बड़ी चौकियों की संख्या बढ़ी है. वर्तमान में पूरे वेस्ट बैंक में कम से कम ऐसी 196 चौकियां हैं. इनमें से 29 चौकियां तो सिर्फ़ बीते साल ही बसाई गईं, जो कि पिछले सालों में से सबसे अधिक है.

इन चौकियों को इसराइली बाशिंदे और स्थानीय लोग आउटपोस्ट कहते हैं.

ये आउटपोस्ट यानी चौकियां- खेतों, घरों और कारवां के समूह भी हो सकती हैं. इन चौकियों की कोई तय सीमा नहीं होती. ये इसराइली और अंतरराष्ट्रीय क़ानून, दोनों के तहत अवैध होती हैं.

लेकिन बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ने ऐसे दस्तावेज़ देखे हैं, जिनसे पता चलता है कि इसराइली सरकार से क़रीबी संबंध रखने वाले संगठनों को नई अवैध चौकियां बनाने के लिए पैसा और ज़मीन उपलब्ध करवाई गई.

चौकियों के तेज़ी से प्रसार की जांच के लिए बीबीसी ने तेज़ी से फैलती चौकियों का ख़ुद से भी विश्लेषण किया और उस सेटलर (नए बसने वाले) के बारे में जांच की जिसने आयशा शतय्याह को धमकी दी थी.

विशेषज्ञों का कहना है कि ये चौकियां, बस्तियों की तुलना में अधिक तेज़ी से ज़मीन के बड़े हिस्से पर क़ब्ज़ा करने में सक्षम हैं. साथ ही ये फ़लस्तीनी समुदायों के प्रति हिंसा और उत्पीड़न से जुड़ी हुई हैं.

चौकियों की संख्या के आधिकारिक आंकड़े मौजूद नहीं हैं. लेकिन बीबीसी ने इसराइली एंटी-सेटलमेंट वॉचडॉग्स पीस नाउ, केरेम नवोट और फ़लस्तीनी प्राधिकरण की बनाई सूचियों और उनके स्थानों की समीक्षा की. फ़लस्तीनी प्राधिकरण कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों का संचालन करता है.

हमने इसे वैरिफ़ाई करने के लिए सैकड़ों सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया, ताकि यह पता चल सके कि ये चौकियां कहां और कब बसाई गईं. इसकी पुष्टि करने और यह दिखाने के लिए कि चौकियां अभी भी इस्तेमाल में हैं, बीबीसी ने सोशल मीडिया पोस्ट, इसराइल के सरकारी प्रकाशन और ख़बरों के स्रोतों की भी जांच की.

हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि हमने जिन 196 चौकियों की पुष्टि की है उनमें से लगभग आधी (89) चौकियां 2019 के बाद बनाई गई हैं.

इनमें से कुछ का संबंध वेस्ट बैंक में फ़लस्तीनी समुदाय के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा से है. इस साल की शुरुआत में, ब्रिटिश सरकार ने फ़लस्तीनियों के खिलाफ़ हिंसा भड़काने और हिंसा करने वाले आठ अतिवादी सेटलर्स (यहूदी बस्तियों में रहने वाले) पर प्रतिबंध लगाया था. इनमें से कम से कम छह ने अवैध चौकियां स्थापित की थीं या उनमें रह रहे थे.

वेस्ट बैंक में इसराइली सेना के कमांडर एवी मिज़राही का कहना है कि बस्तियों में बसने वाले अधिकांश सेटलर्स क़ानून का पालन करने वाले इसराइली नागरिक हैं, लेकिन वह मानते हैं कि चौकियों के होने से हिंसा की संभावना अधिक होती है.

वो कहते हैं, जब भी आप किसी इलाक़े में अवैध रूप से चौकियां बनाते हैं, उस इलाक़े में रहने वाले फ़लस्तीनियों के लिए तनाव बढ़ जाता है.

ब्रिटेन ने जिन अतिवादी इसराइली बाशिंदों पर प्रतिबंध लगाया था उन्हीं में से एक अतिवादी सेटलर मोशे शर्वित भी थे. ये वही थे जिनके बारे में आयशा ने कहा था कि उन्हें बंदूक़ की नोंक पर धमकाया था.

आयशा के घर से 800 मीटर की दूरी पर मोशे और उनके द्वारा स्थापित बस्ती को अमेरिकी सरकार ने मार्च में प्रतिबंध लगाया था. उनकी चौकी को एक बेस बताया गया जहां से वह फ़लस्तीनियों के ख़िलाफ़ हिंसा किया करते हैं.

आयशा कहती हैं, उसने हमारा जीवन नरक बना दिया है. वो अब अपने बेटे के साथ नबलूस के नज़दीक एक शहर में रहती हैं.

यहूदी बस्तियां पूरे वेस्ट बैंक में बड़ी जगहों पर बनी हैं जो इसराइली क़ानून के तहत वैध हैं.

अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत दोनों को अवैध माना जाता है, जिसके तहत आम लोगों के क़ब्जे वाले इलाक़े में जाने पर रोक है. लेकिन वेस्ट बैंक में कई सेटलर्स रहते हैं जिनका दावा है कि यहूदियों के रूप में वो धार्मिक और ऐतिहासिक रूप से इस ज़मीन से जुड़े हुए हैं.

संयुक्त राष्ट्र की एक उच्च अदालत ने जुलाई में एक ऐतिहासिक सुझाव में कहा कि इसराइल को सभी नई बस्तियों की गतिविधियों को रोकना चाहिए और क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी क्षेत्र से सभी सेटलर्स को हटाना चाहिए. इसराइल ने इस सुझाव को नकार दिया और इसे मौलिक रूप से ग़लत और एकतरफ़ा बताया.

चौकियों के पास कोई क़ानूनी दर्जा नहीं होने के बावजूद, इस बात के बहुत कम सबूत हैं कि इसराइली सरकार इनकी तेज़ी से बढ़ती हुई संख्या को रोकने की कोशिश कर रही है.

बीबीसी ने नए सबूत देखे हैं, जो बताते हैं कि इसराइल के साथ क़रीबी संबंध रखने वाले दो संगठनों को वेस्ट बैंक में नई चौकियां बनाने के लिए पैसे और ज़मीन उपलब्ध करवाई गई है.

इन्हीं में से एक संगठन वर्ल्ड ज़ायोनिस्ट ऑर्गनाइज़ेशन (डब्ल्यूज़ेडओ) है. एक सदी पहले बने इस संगठन ने इसराइल की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी. इस संगठन में एक सेटलमेंट डिवीज़न है, जो 1967 से इसराइल के कब्ज़े वाले बड़े भूभाग के प्रबंधन के लिए ज़िम्मेदार है.

इस डिवीज़न को पूरी तरह से इसराइल का सरकारी पैसा मिलता है और यह ख़ुद को इसराइली राष्ट्र का अंग बताता है.

पीस नाउ ने कई कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए हैं और बीबीसी ने इनका विश्लेषण की है. इनके मुताबिक़ डब्ल्यूज़ेडओ की सेटलमेंट डिवीज़न ने बार-बार ज़मीन आवंटित की है जहां चौकियां बनाई गई हैं.

इसके उलट डब्ल्यूज़ेडओ ने कॉन्ट्रैक्ट में ख़ुद कहा है कि इन जगहों पर कोई ढांचा नहीं बनाया जा सकता और इनका इस्तेमाल सिर्फ़ खेती या जानवरों की चारागाह के रूप में किया जा सकता है.

ल</description>
        <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 01:22:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजरायल&amp;हमास युद्ध विराम समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे अमेरिका नीत वार्ताकार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरयल-हमस-यदध-वरम-समझत-क-अतम-रप-दन-म-जट-अमरक-नत-वरतकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरयल-हमस-यदध-वरम-समझत-क-अतम-रप-दन-म-जट-अमरक-नत-वरतकर</guid>
        <description>तेल अवीव, 2 सितंबर । इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम के लिए जारी कई दौर की परोक्ष वार्ता में शामिल अमेरिका, कतर और मिश्र युद्ध विराम समझौते को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं। गाजा में हमास के उग्रवादियों द्वारा छह इजरायली बंधकों की नृशंस हत्या के बाद अमेरिका ने युद्ध विराम समझौते के प्रारूप को जल्द अंतिम रूप देने के लिए दबाव बनाना शुरू किया है। मारे गए बंधकों के शवों के पोस्टमार्टम में पता चला है कि उन्हें नजदीक से कई बार गोली मारी गई थी। इन बंधकों के शव कई दिन बाद गाजा में इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) द्वारा बरामद किए गए थे।

इजरायली मीडिया के मुताबिक, अमेरिका के वार्ताकारों ने कतर और मिस्र से युद्ध विराम समझौता जल्दी करने के लिए कहा है। इजरायली मीडिया में यह भी कहा जा रहा है कि हमास और इजरायल के बीच युद्ध विराम और बंधकों की रहाई के प्रावधान वाले इस समझौते का अंतिम प्रारूप तैयार कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी पक्ष मध्यस्थता वार्ता में नए सिरे से तेजी लाना चाहता है, क्योंकि मारे गए छह बंधकों में से एक इजरायली अमेरिकी नागरिक हैरिस गोल्डबर्ग-पोलिन भी है। दोहा और काहिरा में हुई शांति वार्ता की अध्यक्षता करने वाले अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स ने प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए अगले दौर की वार्ता जल्द आयोजित करने के लिए इजरायली सरकार से पहले ही कह दिया है। इसके बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर सीजफायर समझौते को लागू करने और हमास की कैद से बंधकों को छुड़ाने का दबाव बढ़ रहा है। इजरायल और हमास के बीच पिछले साल नवंबर से जारी संघर्ष में छह बंधकों के शव मिलने के बाद पूरे इजरायल में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए और इजरायली सरकार पर बंधकों को मुक्त कराने के लिए हमास के साथ युद्ध विराम समझौता करने के लिए दबाव बढ़ रहा है।

राजधानी तेल अवीव, यरुशलम और अन्य शहरों में लोगों ने बंधकों को बचाकर लाने के लिए अपनी ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस मामले में गंभीर कदम उठाने की मांग की। बंधकों और लापता लोगों के परिवार बंधकों को वापस लाने के लिए पूरे देश में एक के बाद एक विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के आतंकवादियों ने दक्षिणी इजरायल में घुसकर 1,200 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी और 251 लोगों को बंधक बना लिया था। इजरायल के मुताबिक, इन बंधकों में केवल 66 लोग ही जीवित बचे हैं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 00:42:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश : संसद की अध्यक्ष शिरीन ने इस्तीफा दिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-ससद-क-अधयकष-शरन-न-इसतफ-दय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-ससद-क-अधयकष-शरन-न-इसतफ-दय</guid>
        <description>ढाका, 2 सितंबर। बांग्लादेश की संसद की अध्यक्ष शिरीन शर्मिन चौधरी ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया।

करीब चार सप्ताह पहले राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से हटने के बाद सदन को भंग कर दिया था।

राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों ने बताया कि चौधरी ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान एक आभूषण कारीगर की हत्या के मामले में उन पर आरोप लगाया गया है।

चौधरी के अलावा अवामी लीग के नेताओं और हसीना के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रहे कई लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार और हत्या समेत अन्य आरोपों में मामले दर्ज किए गए हैं।

हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद अवामी लीग के कई नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 00:42:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइली पीएम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने की यह टिप्पणी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-पएम-क-लकर-अमरक-रषटरपत-बइडन-न-क-यह-टपपण</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-पएम-क-लकर-अमरक-रषटरपत-बइडन-न-क-यह-टपपण</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के लिए कहा कि वो बंधकों की रिहाई के लिए हमास के साथ समझौते और युद्धविराम के लिए पर्याप्त कोशिश नहीं कर रहे हैं.

बाइडन ने ये बात ऐसे वक़्त पर कही है, जब ऐसी रिपोर्ट्स आ रही हैं कि अमेरिका की तरफ़ से इसराइली पीएम को एक और नया अंतिम प्रस्ताव भेजा जा सकता है.

राष्ट्रपति बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने इस नए प्रस्ताव के संबंध में वार्ताकारों से मुलाक़ात की.

ये सब ऐसे वक़्त पर हो रहा है, जब सोमवार को भी इसराइल में सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन जारी रहे.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नेतन्याहू सरकार बंधकों की रिहाई के लिए हमास के साथ समझौता करने के लिए कुछ ख़ास कोशिश नहीं कर रही है.

बीते साल सात अक्टूबर को इसराइल पर हमला करने के बाद सैकड़ों की संख्या में लोगों को बंधक बनाकर ग़ज़ा ले जाया गया था. इनमें से छह के शव बीते शनिवार को ग़ज़ा के रफाह की एक सुरंग में मिले हैं.

जब बाइडन से पूछा गया कि क्या नेतन्याहू पर्याप्त कोशिशें कर रहे हैं, तो इस पर उन्होंने जवाब दिया नहीं.

उन्होंने कहा कि अमेरिका हार नहीं मानेगा और समझौते तक पहुंचने के लिए अपनी तरफ़ से ज़ोर लगाता रहेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 00:42:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस ने यूक्रेन के 150 से अधिक ड्रोन मार गिराए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-न-यकरन-क-150-स-अधक-डरन-मर-गरए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-न-यकरन-क-150-स-अधक-डरन-मर-गरए</guid>
        <description>मॉस्को, 1 सितंबर। रूस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रात भर में यूक्रेन के 158 ड्रोन मार गिराए, जिनमें से दो ड्रोन मॉस्को शहर में और नौ मॉस्को के आसपास के क्षेत्र में नष्ट किए गए।

यूक्रेन की ओर से बीती रात किए गए ड्रोन हमलों को उसकी ओर से अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया जा रहा है।

कुर्स्क क्षेत्र में 46 ड्रोन नष्ट किए गए, जहां यूक्रेन ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद से रूसी सरजमीं पर सबसे बड़े आक्रमण के तहत हाल के सप्ताहों में अपने सैनिकों को भेजा है। चौतीस और ड्रोन ब्रायंस्क क्षेत्र में नष्ट किए गए, 28 से अधिक ड्रोन वोरोनेझ क्षेत्र तथा 14 ड्रोन बेलगोरोद क्षेत्र में नष्ट किए गए, जिनकी सीमा यूक्रेन से लगती है।

रूस के अंदरुनी क्षेत्र में भी ड्रोन नष्ट किए गए, जिनमें से एक-एक ड्रोन उत्तर-पश्चिमी मॉस्को के त्वेर क्षेत्र तथा उत्तर-पूर्वी मॉस्को के इवानोवो क्षेत्र में नष्ट किया गया।

यूक्रेन के इन ड्रोन हमलों से अब लड़ाई अग्रिम मोर्चे से रूस की राजधानी तक भी पहुंच गई है। इस साल की शुरुआत से ही यूक्रेन ने रूसी जमीन पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं और उसकी रिफाइनरी तथा तेल केंद्रों को निशाना बनाया है।

यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, यूक्रेन में रूस की ओर से छोड़े गए 11 में से आठ ड्रोन नष्ट कर दिए गए।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि देश के उत्तर-पूर्वी खारकीव क्षेत्र में बमबारी में पांच लोग घायल हो गए।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 04:03:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोमिनिकन गणराज्य में ट्रक बार में जा घुसा ; 11 लोगों की मौत, 30 अन्य घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डमनकन-गणरजय-म-टरक-बर-म-ज-घस-11-लग-क-मत-30-अनय-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डमनकन-गणरजय-म-टरक-बर-म-ज-घस-11-लग-क-मत-30-अनय-घयल</guid>
        <description>सैन जुआन, 1 सितंबर। कैरेबियाई देश डोमिनिकन गणराज्य में एक ट्रक के बार में घुस जाने पर कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 30 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सरकारी अधिकारियों के हवाले से समाचार पत्र लिस्टिन डियारियो की एक खबर में कहा गया है कि दुर्घटना रविवार तड़के राजधानी सैंटो डोमिंगो के पश्चिम में स्थित अजुआ में हुई।

यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि दुर्घटना किस वजह से हुई।

घायलों में से ज्यादातर को पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, उनकी हालत के बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 04:03:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइल में प्रधानमंत्री नेतन्याहू के ख़िलाफ़ उग्र विरोध प्रदर्शन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-म-परधनमतर-नतनयह-क-खलफ-उगर-वरध-परदरशन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-म-परधनमतर-नतनयह-क-खलफ-उगर-वरध-परदरशन</guid>
        <description>इसराइल में बिन्यामिन नेतन्याहू सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. हज़ारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे.

ये प्रदर्शन ग़ज़ा में बंधक बनाए गए छह लोगों के शव मिलने के बाद शुरू हुए. लोगों की मांग है कि प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की सरकार को बंधकों की रिहाई के लिए हमास के साथ समझौता करना चाहिए.

प्रदर्शनकारी तेल अवीव, यरूशलम और अन्य कई शहरों में इसराइली झंडा अपने हाथों में लेकर निकले. इनका कहना है कि पीएम नेतन्याहू और उनकी सरकार बंधकों की रिहाई के लिए हमास के साथ समझौता करने के लिए ज़्यादा कुछ नहीं कर रही.

बीते साल सात अक्टूबर को इसराइल पर हुए हमास के हमले के बाद सैकड़ों की संख्या में लोगों को बंधक बनाकर ग़ज़ा ले जाया गया था.

रविवार को विरोध प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण तरीके से हुई. लेकिन बाद में भीड़ ने पुलिस बैरियर तोड़ दिए और तेल अवीव में प्रमुख हाईवे ब्लॉक कर दिए. प्रदर्शनकारियों ने टायरों में भी आग लगाई.

इसराइल की ट्रेड यूनियन ने सोमवार को देशव्यापी हड़ताल का एलान किया है. इनकी मांग है कि सरकार बंधकों की रिहाई के लिए हमास के साथ जल्द से जल्द किसी समझौते तक पहुंचे.

इसराइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने इससे पहले कहा था कि उसे शनिवार को दक्षिणी ग़ज़ा के रफाह में एक सुरंग में छह शव मिले थे.

आईडीएफ शनिवार को जब तक इन बंधकों तक पहुंच पाती, उससे कुछ देर पहले ही इन्हें मार दिया गया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 04:03:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा: इजरायली हवाई हमले में 10 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-इजरयल-हवई-हमल-म-10-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-इजरयल-हवई-हमल-म-10-लग-क-मत</guid>
        <description>गाजा, 2 सितंबर । इजरायली सेना ने रविवार को गाजा पट्टी के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में 10 लोग मारे गए हैं, जबकि कई लोगों के घायल होने की खबर है। फिलिस्तीनी चिकित्सा सूत्रों ने इजरायली हमलों की पुष्टि की है। फिलिस्तीनी चिकित्सा सूत्रों के हवाले से बताया गया कि गाजा शहर के सफद स्कूल पर हवाई हमला किया गया था। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, इस स्कूल को विस्थापितों के शेल्टर के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था।

इजरायली हमले में छह फिलिस्तीनी मारे गए और दर्जनों लोग घायल हो गए। फिलिस्तीनी सिविल डिफेंस एजेंसी ने बताया कि इजरायल की चेतावनी के बाद स्कूल को खाली करा लिया गया था। इस बीच, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने दावा किया कि स्कूल में हमास का कमांड और नियंत्रण केंद्र था। फिलिस्तीनी चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, एक अन्य हमले में मध्य गाजा के एक शहर डेयर अल-बलाह को ड्रोन से निशाना बनाया गया।

एक नागरिक वाहन पर हुए हमले में चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हालांकि, आईडीएफ ने इस हमले को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया है। बता दें कि इजरायल पर 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने हमला किया था। हमास ने दक्षिणी इजरायली को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया था। इसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए और 250 लोगों को बंधक बना लिया था। गाजा स्थित स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को एक बयान में कहा कि गाजा पट्टी पर जारी इजरायली हमलों में मारे गए मृतकों की संख्या बढ़कर 40,738 हो गई है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 04:03:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ऑस्ट्रेलिया में शक्तिशाली तूफान का कहर, एक महिला की मौत, हजारों घरों की बिजली गुल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ऑसटरलय-म-शकतशल-तफन-क-कहर-एक-महल-क-मत-हजर-घर-क-बजल-गल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ऑसटरलय-म-शकतशल-तफन-क-कहर-एक-महल-क-मत-हजर-घर-क-बजल-गल</guid>
        <description>सिडनी, 2 सितंबर । ऑस्ट्रेलिया में सोमवार को आए शक्तिशाली तूफान की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को मामले की जानकारी दी। बताया देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में शक्तिशाली तूफान आया था। बारिश के साथ चली तेज हवाओं के कारण विद्युत आपूर्ति भी ठप रही। ऑस्ट्रेलिया के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य न्यू साउथ वेल्स के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। बताया कि सोमवार की सुबह खराब मौसम के कारण पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, एक अन्य व्यक्ति मामूली रूप से घायल हो गया जिसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रविवार की रात तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण पूरे दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में काफी नुकसान हुआ। ऑस्ट्रेलिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले राज्य विक्टोरिया में सोमवार सुबह 8 बजे तक 140,000 से अधिक घरों में बिजली नहीं थी। राज्य के कुछ हिस्सों में रविवार रात 146 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चल रही थी। यही नहीं, राज्य आपातकालीन सेवा को मदद के लिए 1,000 से अधिक कॉल प्राप्त हुए, जिसमें गिरे हुए पेड़ों से संबंधित 800 और नुकसान से संबंधित 200 कॉल आए। मौसम विज्ञान ब्यूरो ने सोमवार को विक्टोरिया में तेज हवाओं के चलने का अंदेशा जताया है।

साथ ही मंगलवार को स्थिति सामान्य होने का पूर्वानुमान लगाया है। हालांकि, मंगलवार को ओलावृष्टि और गरज के साथ छींटे भी पड़ सकते हैं। इस बीच बिजली कंपनी यूनाइटेड एनर्जी ने चेतावनी दी है कि पूरे राज्य में बिजली बहाल करने में कई दिन लग सकते हैं। विक्टोरिया की ऊर्जा मंत्री लिली ने सोमवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कुछ इलाकों में बिजली लाइनों की मरम्मत करना बहुत खतरनाक है। बता दें कि रविवार रात को दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में ब्लैकआउट से 7,000 घर प्रभावित हुए। तस्मानिया में बाढ़ की चेतावनी कई बार जारी की गई थी। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 04:03:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हवाई में गोलीबारी, चार की मौत दो घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हवई-म-गलबर-चर-क-मत-द-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हवई-म-गलबर-चर-क-मत-द-घयल</guid>
        <description>लॉस एंजिल्स, 2 सितंबर । अमेरिका के हवाई स्टेट स्थित होनोलुलु काउंटी में गोलीबारी में संदिग्ध समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। होनोलुलु पुलिस विभाग ने रविवार को फेसबुक पोस्ट में कहा, संदिग्ध समेत तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अन्य लोगों को अस्पताल ले जाया गया। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, विभाग ने बाद में पुष्टि की कि घायलों में से एक की अस्पताल में मौत हो गई और अन्य दो अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। होनोलुलु पुलिस विभाग के अनुसार, शनिवार को रात 11:15 (स्थानीय समयानुसार ) के करीब पुलिस अधिकारी वायनाई घाटी क्षेत्र स्थित एक आवास पर पहुंचे।

वायनाई घाटी क्षेत्र ओहू द्वीप के पश्चिमी तट पर स्थित है, जो हवाई द्वीप समूह का तीसरा सबसे बड़ा द्वीप है और राज्य की राजधानी होनोलुलु में ही स्थित है। पश्चिमी ओहू में बढ़ती हिंसक गतिविधियों में गोलीबारी का ये ताजा मामला है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार हो रही हिंसक वारदातों से वो परेशान हो चुके हैं, इससे उनके आस पड़ोस में अराजकता का माहौल पैदा हो रहा है, स्थानीय टेलीविजन स्टेशन की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि इन वारदातों में ज्यादातर युवा या किशोर शामिल होते हैं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 04:03:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस ने ड्रोन, क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइल से कीव पर हमले किए : यूक्रेनी वायु सेना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-न-डरन-करज-और-बलसटक-मसइल-स-कव-पर-हमल-कए-यकरन-वय-सन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-न-डरन-करज-और-बलसटक-मसइल-स-कव-पर-हमल-कए-यकरन-वय-सन</guid>
        <description>कीव, 2 सितंबरयूक्रेन की वायु सेना ने सोमवार को सुबह बताया कि रूस ने कीव और संभवत: अन्य शहरों को निशाना बनाकर ड्रोन, क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइल से बड़े पैमाने पर हमले किए हैं।

सोमवार को तड़के यूक्रेन की राजधानी कई विस्फोटों से दहल उठी, जिससे निवासियों को बम रोधी आश्रयों में शरण लेनी पड़ी।

कीव के मेयर विताली क्लित्स्को ने कहा कि कीव के होलोसिव्स्की और सोलोमिंस्की जिले में आपातकालीन सेवाओं को बुलाया गया। उन्होंने बताया कि शेवशेनकिव्स्की जिले में मलबे के नीचे दबने से एक व्यक्ति के जख्मी होने की सूचना है।

हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख आंद्री यरमाक ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, हर चीज का जवाब मिलेगा। दुश्मन को इसका एहसास होगा।

वायु सेना के अनुसार, रूस ने कीव को निशाना बनाकर कई क्रूज मिसाइल के साथ बैलिस्टिक मिसाइल दागीं और कुछ ड्रोन हमले भी किए।

कीव के नगर सैन्य प्रशासन के प्रमुख सेरही पोपको ने कहा कि यूक्रेन की राजधानी और इसके उपनगरों को निशाना बनाकर 10 से अधिक क्रूज मिसाइलों, करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलों और एक ड्रोन से हमला किया गया, जिसे यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया।

यूक्रेन के मीडिया के अनुसार, देश के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में भी धमाका हुआ। खारकीव क्षेत्र के प्रमुख ओलेह सिनीहुबोव ने पुष्टि की कि तड़के खारकीव के इंडस्ट्रियल्नी जिले पर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि हमले के कारण एक आवासीय इमारत और कई अन्य इमारतों में आग लग गई।

यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब एक दिन पहले ही कई रूसी क्षेत्रों को निशाना बनाकर दागे गए यूक्रेन के 158 ड्रोन को रूस की सेना द्वारा मार गिराए जाने तथा नष्ट किए जाने की सूचना मिली थी। करीब ढाई साल पहले शुरू जंग में यूक्रेन की ओर से अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक है।

कुछ सप्ताह पहले यूक्रेन के सुरक्षा बलों ने रूस के कुर्स्क क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था, जिन्हें मॉस्को की सेना अब तक पीछे नहीं धकेल पाई है और रूस ने इसका उचित जवाब देने का संकल्प लिया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 04:03:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस के कामचटका में 6.1 तीव्रता का आया भूकंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-क-कमचटक-म-61-तवरत-क-आय-भकप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-क-कमचटक-म-61-तवरत-क-आय-भकप</guid>
        <description>व्लादिवोस्तोक, 30 अगस्त । रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र में कामचटका के तट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.1 दर्ज की गई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी तरह के नुकसान, हताहत या सुनामी के खतरे की कोई खबर नहीं है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, रूसी विज्ञान अकादमी की भूभौतिकीय सेवा की कामचटका शाखा द्वारा जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, भूकंप प्रशांत महासागर में स्थानीय समयानुसार शाम 4:24 बजे आया।

पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की, येलिजोवो, विलुचिंस्क और येलिज़ोवो जिले की कई बस्तियों में पांच तीव्रता तक के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केन्द्र पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की शहर से 126 किमी दूर, समुद्र तल से 27 किमी की गहराई में स्थित था। इस महीने की शुरुआत में रूस के पूर्वी तट पर आए 7.0 तीव्रता के भूकंप के बाद कामचटका क्षेत्र में शिवलुच ज्वालामुखी फट गया था। तास समाचार एजेंसी ने 18 अगस्त को रूसी विज्ञान अकादमी की सुदूर पूर्वी शाखा के ज्वालामुखी विज्ञान और भूकंप विज्ञान संस्थान का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी थी कि- ज्वालामुखी ने राख और लावा उगलना शुरू कर दिया है।

रिपोर्ट में वैज्ञानिकों के हवाले से कहा गया, शिवेलुच ज्वालामुखी का विस्फोट शुरू हो गया है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि 8 किलोमीटर ऊपर तक धुएं का गुबार उठा। शनिवार शाम को कामचटका के पूर्वी तट के समुद्री क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने शुरू में सुनामी की चेतावनी जारी की थी, लेकिन बाद में कहा कि खतरा टल गया है। रूसी आपात मंत्रालय ने कोई सुनामी चेतावनी जारी नहीं की थी। भूकंप के बाद प्रशांत महासागर में कामचटका के पास कई झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 3.9 से 5.0 के बीच थी। तास ने मंत्रालय के हवाले से बताया कि इनमें से ज्यादातर झटके जमीन पर महसूस नहीं किए गए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) ने बताया कि इससे पहले जुलाई में कामचटका क्षेत्र के पूर्वी तट के पास 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 01:19:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान&amp;बांग्लादेश के बीच दूसरे टेस्ट के पहले दिन का खेल लगातार बारिश के कारण रद्द</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-बगलदश-क-बच-दसर-टसट-क-पहल-दन-क-खल-लगतर-बरश-क-करण-रदद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-बगलदश-क-बच-दसर-टसट-क-पहल-दन-क-खल-लगतर-बरश-क-करण-रदद</guid>
        <description>रावलपिंडी, 30 अगस्त।पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में शुक्रवार को दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल लगातार बारिश और गीली आउटफील्ड के कारण बिना टॉस हुए रद्द कर दिया गया। रावलपिंडी में पहला टेस्ट पाकिस्तान से दस विकेट से जीतने के बाद बांग्लादेश दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 1-0 से आगे है, जिससे खेल के सबसे लंबे प्रारूप में मेजबान टीम पर यह उसकी पहली जीत है।

रावलपिंडी में कल रात से कुछ बारिश हो रही थी, जिससे कवर लगे होने के बावजूद आउटफील्ड पर गड्ढे बन गए। बारिश तेज़ होने के कारण दोनों टीमें और मैच अधिकारी अपने होटल में ही रुके रहे और अंततः दिन के खेल को रद्द करना पड़ा। बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की सीरीज बराबर करने के लिए पाकिस्तान को दूसरा टेस्ट मैच जीतना जरूरी है। मौसम पूर्वानुमानों से पता चला है कि शनिवार और रविवार को रावलपिंडी में आसमान साफ ​​रहेगा, लेकिन दूसरे टेस्ट मैच के आखिरी दो दिनों में फिर से छिटपुट बारिश और आंधी आएगी। रावलपिंडी में दूसरा टेस्ट ड्रा रहने पर बांग्लादेश को पाकिस्तान पर पहली टेस्ट सीरीज में ऐतिहासिक जीत मिलेगी।

दोनों टीमें 2023-2025 विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप स्टैंडिंग के निचले भाग में हैं, जिसमें बांग्लादेश सातवें नंबर पर और पाकिस्तान आठवें नंबर पर है, जो अंतिम स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज से ठीक ऊपर है। दिसंबर 2021 में दक्षिण अफ्रीका को हराने के बाद से पाकिस्तान ने कोई घरेलू टेस्ट मैच नहीं जीता है। शान मसूद की अगुवाई वाली टीम ने दूसरे टेस्ट के लिए अपनी 12 सदस्यीय टीम से बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शाहीन शाह आफरीदी को बाहर कर दिया है, जबकि तेज गेंदबाज मीर हमजा और लेग स्पिनर अबरार अहमद को शामिल किया है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 01:19:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्राज़ील के सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स को किया बैन, लेकिन क्यों</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरजल-क-सपरम-करट-न-सशल-मडय-पलटफरम-एकस-क-कय-बन-लकन-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरजल-क-सपरम-करट-न-सशल-मडय-पलटफरम-एकस-क-कय-बन-लकन-कय</guid>
        <description>सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) को ब्राज़ील ने बैन कर दिया है. यह क़दम ब्राज़ील की सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद उठाया गया.

एक्स तय वक़्त से पहले ब्राज़ील में अपने क़ानूनी प्रतिनिधि को नियुक्त करने में नाकाम रहा था.

एलेक्स्रांदे दे मोरास ने एक्स के तुरंत और पूरी तरह से निलंबन का आदेश दिया था, जब तक कि वह कोर्ट के सभी आदेश के पालन को पूरा नहीं करता और तय किया गया जुर्माना नहीं भर देता.

इस पूरे मामले की शुरुआत इसी साल अप्रैल में हुई थी, जब जजों ने ग़लत जानकारी फैलाने के आरोप में दर्जनों एक्स अकाउंट को बैन कर दिया था.

उस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स के मालिक एलन मस्क ने कहा था, फ़्री स्पीच किसी भी लोकतंत्र का आधार है और ब्राज़ील के जज जिन्हें जनता ने नहीं चुना है वे राजनीतिक दबाव में आकर इसे बर्बाद कर रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 01:19:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पुतिन को मंगोलिया में किया जाए गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट ने कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पतन-क-मगलय-म-कय-जए-गरफतर-अतररषटरय-करमनल-करट-न-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पतन-क-मगलय-म-कय-जए-गरफतर-अतररषटरय-करमनल-करट-न-कह</guid>
        <description>-सोफ़िया फेरिरा सैन्टोस

अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट ने कहा है कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगले सप्ताह मंगोलिया दौरे पर जाते हैं तो मंगोलिया के अधिकारियों का दायित्व है कि वो उन्हें गिरफ्तार करें.

पुतिन अगले सप्ताह मंगलवार को मंगोलिया के दौरे पर जा सकते हैं. ये पहली बार होगा जब पुतिन किसी ऐसे मुल्क के दौरे पर होंगे जो अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) का सदस्य है.

आईसीसी के प्रवक्ता डॉ. फादी एल-अब्दल्लाह ने शुक्रवार को बीबीसी से कहा कि कोर्ट के आदेशों का पालन करने के लिए कोर्ट मंगोलिया समेत सदस्य देशों पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि आईसीसी के अन्य सदस्य देशों की तरह ये मंगोलिया का दायित्व है कि वो इसमें सहयोग करे.

मार्च 2023 में आईसीसी ने पुतिन की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था. कोर्ट का कहना था कि पुतिन युद्ध अपराधों के लिए ज़िम्मेदार हैं और रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद वो यूक्रेन के बच्चों को ग़ैर-क़ानूनी तरीके से रूस से जाना रोकने में असमर्थ रहे हैं.

हालांकि रूस पुतिन पर लगे आरोपों को खारिज करता रहा है. आईसीसी के पुतिन के नाम का वारंट जारी करने को रूस ने अपमानजनक बताया था.

रूस ने क्या कहा?

यूक्रेन के अधिकारियों की मांग है कि मंगोलिया आने पर पुतिन को गिरफ्तार किया जाए.

यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वो उम्मीद करते हैं कि मंगोलिया को ये पता होगा कि पुतिन युद्ध अपराधी हैं.

हालांकि, राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन का कहना है कि पुतिन के दौरे को लेकर उन्हें कोई चिंता नहीं है.

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, मंगोलिया में हमारे सहयोगियों के साथ हमारे बेहतरीन संबंध हैं. हालांकि राष्ट्रपति के दौरे की तैयारी को लेकर हमने सभी सतर्कता बरती है.

आदेश न मामने पर हो सकती है कार्रवाई

आईसीसी के प्रवक्ता डॉ. अब्दल्लाह का कहना है कि अगर कोई सदस्य देश आदेश का पालन करने से इनकार करता है तो आईसीसी के जजों की नज़र इस पर रहेगी और इस पर सदस्य देशों की बैठक के दौरान चर्चा की जाएगी. इसके बाद जो ज़रूरी लगे वो कार्रवाई की जाएगी.

आईसीसी के पास किसी को गिरफ्तार करने की शक्ति नहीं है, और अपने आदेश का पालन करने के लिए वो अपने सदस्य देशों पर निर्भर करता है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 01:19:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश के अवामी लीग के नेता की गला घोंटकर की गई थी हत्या: अधिकारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-अवम-लग-क-नत-क-गल-घटकर-क-गई-थ-हतय-अधकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-अवम-लग-क-नत-क-गल-घटकर-क-गई-थ-हतय-अधकर</guid>
        <description>शिलांग, 30 अगस्त। बांग्लादेश के अवामी लीग के नेता इशाक अली खान पन्ना के पोस्टमार्टम से पता चला है कि उनकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। एक अधिकारी ने यहां शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पन्ना का शव इस सप्ताह की शुरुआत में मेघालय में पाया गया था।

अधिकारी ने बताया कि शव में सिर पर चोट के निशान थे।

पन्ना का क्षत-विक्षत शव लोगों को 26 अगस्त को बांग्लादेश सीमा से लगभग 1.5 किमी दूर पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के डोना भोई गांव में एक बागान में मिला था। पासपोर्ट के आधार पर अवामी लीग नेता की पहचान की गई थी।

अवामी लीग की प्रमुख नेता शेख हसीना हैं जिन्होंने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था और भारत आ गई थीं।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर पीटीआई-भाषा को बताया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार पन्ना की मौत दम घुटने से हुई। उनकी सांस की नली पर दबाव डाला गया। फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला की रिपोर्ट से इस मामले में और अधिक जानकारी मिलेगी।

पोस्टमार्टम पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के खलीहरियात सिविल अस्पताल में किया गया।

अधिकारी ने कहा, शरीर पर घाव के निशान थे। माथे पर चोट के निशान। इन निशानों से पता चलता है कि मरने से ठीक पहले उन्होंने संघर्ष किया था।

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि सरकार पन्ना के परिवार के सदस्यों की ओर से उचित राजनयिक माध्यम से संपर्क किए जाने का इंतजार कर रही है ताकि शव उन्हें सौंपा जा सके।

पन्ना बांग्लादेश छात्र लीग के पूर्व महासचिव और पीरोजपुर जिले से आवामी लीग के प्रमुख सदस्य थे। सूत्रों ने बताया कि पांच अगस्त को शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से वह फरार थे।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, हो सकता है कि सीमा पार करने की कोशिश के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा हो।

हालांकि पुलिस ने कहा कि ऐसी भी खबरें है जिनमें उनके और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच गोलीबारी की आशंका जताई गई है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 01:19:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजरायली हमले में वेस्ट बैंक में 9 और गाजा में 8 फिलिस्तीनियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरयल-हमल-म-वसट-बक-म-9-और-गज-म-8-फलसतनय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरयल-हमल-म-वसट-बक-म-9-और-गज-म-8-फलसतनय-क-मत</guid>
        <description>रामल्लाह, 29 अगस्त । उत्तरी वेस्ट बैंक में बड़े पैमाने पर इजरायली सैन्य अभियान के दौरान नौ फिलिस्तीनी मारे गए हैं। साथ ही सेंट्रल गाजा में विस्थापित लोगों के एक स्कूल के पास इजरायली हवाई हमले में कम से कम आठ फिलिस्तीनी मारे गए। फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने बुधवार को कहा कि अभियान में वेस्ट बैंक के जेनिन, टुबास और तुलकरम शहरों के साथ-साथ कई कैंप को निशाना बनाया गया, जिससे स्थानीय बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।

सिन्हुआ न्यूज़ एजेंसी ने बताया, अभियान में बुलडोजर, हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, साथ ही इजरायली बलों ने तीनों शहरों जेनिन, टुबास और तुलकरम की घेराबंदी कर दी। फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (पीआरसीएस) ने एक प्रेस बयान में कहा, दक्षिणी जेनिन में एक वाहन पर इजरायली ड्रोन हमले में तीन युवकों की मौत हो गई। इस बीच, इजरायली सेना की जेनिन में ही स्थानीय लोगों के साथ झड़प हुई, जिसमें सेना की गोलियों से दो युवकों की मौत हो गई। मरने वाले युवक 25 वर्षीय क़स्साम जबरीन और 39 वर्षीय असिम दबया हैं।

फिलिस्तीनी प्राधिकरण में जेनिन के गवर्नर कमाल अबू अल-रब ने कहा कि इजरायली सेना ने अस्पतालों पर धावा बोलने और शहर में चिकित्सा संस्थानों की घेराबंदी करने की धमकी दी है। इसके अलावा, पीआरसीएस ने कहा कि तुबास के दक्षिण में फरा शरणार्थी शिविर पर इजरायली ड्रोन द्वारा किए गए बम विस्फोट में चार युवक मारे गए। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, मृतकों की पहचान 13 वर्षीय मोराद, 17 वर्षीय मोहम्मद जयसा, 22 वर्षीय इब्राहिम घनीमी और 23 वर्षीय अहमद नबरीसी के रूप में हुई है। तुलकरम में, फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने सिन्हुआ न्यूज़ एजेंसी को बताया कि इजरायली सेना ने शहर पर धावा बोला और नूर शम्स शिविर के आसपास के जंगलों और खेतों में सेना और स्नाइपर टीमों को तैनात किया।

बुधवार को, इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ), इजरायल सिक्योरिटी अथॉरिटी और इजरायली पुलिस ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि इजरायली सुरक्षा बलों ने तीन शहरों में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया है, जिसमें जेनिन और तुलकरम में पांच सशस्त्र आतंकवादियों और फ़ारा शरणार्थी शिविर में चार को मार गिराया गया। इजरायली मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि उत्तरी वेस्ट बैंक में यह अभियान 2002 के बाद से अपनी तरह का सबसे बड़ा अभियान है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष की शुरुआत के बाद से वेस्ट बैंक में इजरायली हमलों में 660 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं।

उधर सेंट्रल गाजा में विस्थापित लोगों के एक स्कूल के पास इजरायली हवाई हमले में कम से कम आठ फिलिस्तीनी मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने बुधवार को सिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया कि एक इजरायली युद्धक विमान ने डेर अल-बलाह शहर के पूर्व में अल-मनफालौटी स्कूल के आसपास मिसाइल से बमबारी की। इस बीच, इजरायल रक्षा बलों ने एक बयान में कहा कि इजरायली सेना ने नेत्ज़ारिम कॉरिडोर में दर्जनों आतंकवादियों को मार गिराया गया है और सैकड़ों बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया गया है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 01:14:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लाल सागर में जल रहे जहाज की बुझाई जाएगी आग, हूती विद्रोहियों ने रेस्क्यू की दी इजाजत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लल-सगर-म-जल-रह-जहज-क-बझई-जएग-आग-हत-वदरहय-न-रसकय-क-द-इजजत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लल-सगर-म-जल-रह-जहज-क-बझई-जएग-आग-हत-वदरहय-न-रसकय-क-द-इजजत</guid>
        <description>सना, 29 अगस्त । लाल सागर में जल रहे तेल टैंकर से भरे जहाज की आग को बुझाने और उसे रेस्क्यू करने के लिए हूती विद्रोहियों ने इजाजत दे दी है। यमन के हूती प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुलसलाम ने कहा कि समूह ने बचाव अभियान को अनुमति देने पर सहमति जताई है। ओमान में रहने वाले अब्दुलसलाम ने बुधवार देर रात हूतियों द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी के हवाले से कहा कि यह फैसला मस्कट में यूरोपीय संघ के राजदूतों के साथ बातचीत के बाद लिया गया है।

शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने हूती टेलीविजन के हवाले से बताया कि लाल सागर में मौजूद जहाज में लगातार तेल रिसाव के कारण कई दिनों से आग जल रही है। जिसे रेस्क्यू कर इरिट्रिया के बंदरगाह पर ले जाया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने बुधवार को कहा कि ईरान समर्थित हूती समूह ने टगबोट और बचाव जहाजों को लाल सागर में क्षतिग्रस्त कच्चे तेल के टैंकर वाले जहाज तक पहुंचने की अनुमति देने के लिए एक अस्थायी संघर्ष विराम पर सहमति व्यक्त की है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कहा, कई देशों ने अंसारुल्लाह (हूतियों) से संपर्क साधा और टगबोट और बचाव जहाजों के प्रवेश के लिए अस्थायी संघर्ष विराम का अनुरोध किया है। मानवीय और पर्यावरणीय चिंताओं को ध्यान में रखते हुए अंसारुल्लाह ने इस अनुरोध पर सहमति जताई है।

ज्ञात हो कि यमन के बंदरगाह शहर होदेइदाह के पास जहाज पर हमला किया गया था। पेंटागन के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि लाल सागर में जहाज में आग लगी हुई है और अब भी तेल रिस रहा है। हूती ने कहा कि उन्होंने जहाज पर हमला किया है। बता दें कि विद्रोही फिलिस्तीनियों के समर्थन में लाल सागर से गुजर रहे हर एक जहाजों को निशाना बना रहा है। 150,000 टन कच्चे तेल को ले जाने वाले एमवी सोनियन नामक जहाज पर 23 अगस्त से आग लगी हुई है। हूतियों के एक बयान के अनुसार, इस हमले में कई नावों, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया था। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 01:14:31 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा में पोलियो टीकाकरण के लिए युद्धविराम पर सहमत हुआ इसराइल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-पलय-टककरण-क-लए-यदधवरम-पर-सहमत-हआ-इसरइल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-पलय-टककरण-क-लए-यदधवरम-पर-सहमत-हआ-इसरइल</guid>
        <description>-टॉम बेनेनट

इसराइल, ग़ज़ा में मानवीय मदद पहुंचाने के लिए युद्ध को रोकने पर सहमत हुआ है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि ग़ज़ा में बच्चों को पोलियो के टीकाकरण के लिए इसराइल ने युद्ध विराम के लिए रज़ामंदी दे दी है.

डब्ल्यूएचओ के वरिष्ठ अधिकारी रिक पीपरकोर्न ने कहा कि ग़ज़ा पट्टी में चलाए जाने वाले इस टीकाकरण अभियान में छह लाख 40,000 बच्चों को टीका लगाया जाएगा.

रविवार से शुरू हो रहे इस तीन दिवसीय अभियान में ग़ज़ा के मध्य, दक्षिणी और उत्तरी हिस्से को कवर किया जाएगा.

युद्ध विराम अभियान के दिन स्थानीय समयानुसार छह बजे से 15.00 बजे तक लागू रहेगा.

यह समझौता ऐसे समय हुआ है, जब संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों ने कहा कि एक 10 महीने का शिशु पोलियो की वजह से पक्षाघात का शिकार हो गया. ग़ज़ा में 25 सालों में यह पोलियो का ये पहला मामला है.

इस समय ग़ज़ा में ओरल पोलियो वैक्सीन की 12.6 लाख खुराक उपलब्ध है जबकि चार लाख खुराक जल्द ही पहुंचने वाली है.

इस टीकाकरण अभियान की निगरानी फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ़ और यूएनआरडब्ल्यूए के साथ मिलकर करेगा. इसमें 2000 स्वास्थ्य कर्मी हिस्सा लेंगे.

डब्ल्यूएचओ का मकसद ग़ड़ा पट्टी में 90 प्रतिशत टीकाकरण करने का है.

डब्ल्यू एचओ का कहना है कि संघर्ष से पहले ग़ज़ा और वेस्ट बैंक में टीकाकरण पर्याप्त था. ताज़ा आंकड़ों के अनुसार 2022 में ग़ज़ा और वेस्ट बैंक में 99 प्रतिशत टीकाकरण था, जोकि पिछले साल घटकर 89 प्रतिशत हो गया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 01:14:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईईटी फ्यूल्स ने एड्रियन करी को नियुक्त किया मुख्य डीकार्बोनाइजेशन अधिकारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईईट-फयलस-न-एडरयन-कर-क-नयकत-कय-मखय-डकरबनइजशन-अधकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईईट-फयलस-न-एडरयन-कर-क-नयकत-कय-मखय-डकरबनइजशन-अधकर</guid>
        <description>स्टैनलो (यूके), 29 अगस्त । ईईटी फ्यूल्स एस्सार ऑयल यूके का व्यापारिक नाम है। इसने 2 सितंबर से एड्रियन करी को अपना मुख्य डीकार्बोनाइजेशन अधिकारी नियुक्त करने की घोषणा की है। दुनिया की अग्रणी लो कार्बन प्रक्रिया रिफाइनरी प्रदान करने के लक्ष्य के साथ एड्रियन ईईटी फ्यूल्स की ऊर्जा ट्रांजिशन रणनीति के विकास और कार्यान्वयन का नेतृत्व करेंगे। उनके पास यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका (ईएमईए) में चेयरमैन, प्रबंध निदेशक और बोर्ड सदस्य के रूप में काम करने का व्यापक अनुभव है। इस दौरान कई व्यवसायों, बड़े पैमाने पर विनिर्माण इकाइयों और प्रमुख पूंजी परियोजनाओं को स्थापित करने और बढ़ाने का उनके पास एक अनोखा ट्रैक रिकॉर्ड है।

उनकी हालिया भूमिकाओं में एन्सिरक में रणनीतिक सलाहकार और प्रबंध निदेशक, ग्लास फ्यूचर्स में गैर-कार्यकारी निदेशक, नॉर्थ वेस्ट बिजनेस लीडर्स टीम के सदस्य, तथा ब्रिटिश ग्लास और गैलो ग्लास कंपनी में बोर्ड सदस्य शामिल हैं। वह सैन टेल्मो बिजनेस स्कूल इंटरनेशनल एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य भी रहे हैं, तथा चेशायर और वॉरिंगटन लोकल एंटरप्राइज पार्टनरशिप में सतत और समावेशी विकास के आयुक्त भी रहे हैं। एड्रियन के पास टिमनी लीडरशिप स्कूल (2014) से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट (एएलपी) और आईईएसई बिजनेस स्कूल से एडवांस मैनेजमेंट प्रोग्राम (एएमपी) से सर्टिफिकेट हैं।

इसके अलावा उन्होंने जॉर्डनस्टाउन के अल्स्टर विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की है। ईईटी फ्यूल्स के सीईओ दीपक माहेश्वरी ने कहा, एड्रियन की नियुक्ति कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को खत्म करने के अलावा अन्य सभी चीजों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उनकी विशेषज्ञता और स्थापित नेतृत्व यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि हम क्षेत्रीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक योगदान देना जारी रखें। एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन के प्रबंध निदेशक टोनी फाउंटेन ने कहा, एड्रियन की नियुक्ति लो कार्बन भविष्य की ओर हमारे ट्रांजिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हम एक अग्रणी लो कार्बन ऊर्जा ट्रांजिशन केंद्र स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और थॉर्नटन साइंस पार्क को खरीदने के समझौते के साथ-साथ, यह नियुक्ति यह सुनिश्चित करने के लिए हमारी भूमिका निभाने की योजना को दर्शाती है कि यूके अपने जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को पूरा करता है, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाता है, और ईंधन के लिए एक मजबूत और सुरक्षित विनिर्माण आधार बनाए रखता है। अपनी नई भूमिका पर टिप्पणी करते हुए, एड्रियन करी ने कहा, मैं ईईटी फ्यूल्स में शामिल होकर और कंपनी के स्थायी भविष्य में योगदान देकर रोमांचित हूं। डीकार्बोनाइजेशन के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता अविश्वसनीय है। यह कार्बन उत्सर्जन को कम करते हुए विकास और नवाचार को आगे बढ़ाने के मेरे जुनून के साथ पूरी तरह से मेल खाता है। मैं अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए टीम के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 01:14:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका में भीषण गर्मी, यूएस नेशनल वेदर सर्विस ने जारी किया अलर्ट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-भषण-गरम-यएस-नशनल-वदर-सरवस-न-जर-कय-अलरट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-भषण-गरम-यएस-नशनल-वदर-सरवस-न-जर-कय-अलरट</guid>
        <description>लॉस एंजेल्स, 30 अगस्त । अमेरिका के मध्य-पश्चिमी राज्यों में इस सप्ताह भीषण गर्मी के कारण रिकॉर्ड स्तर पर उच्च तापमान दर्ज किया गया। यूएस नेशनल वेदर सर्विस ने इसके चलते 60 मिलियन से अधिक लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अमेरिकी नेशनल वेदर सर्विस (एनडब्ल्यूएस) के हवाले से बताया कि शिकागो, डेस मोइनेस और टोपेका जैसे मध्य-पश्चिमी क्षेत्रों के शहरों पर लोग अत्यधिक गर्मी का सामना कर रहे हैं।

अमेरिकी नेशनल वेदर सर्विस (एनडब्ल्यूएस) ने लोगों को इस भीषण गर्मी के चलते गर्मी और उमस से जुड़े खतरों को लेकर चेतावनी जारी की है। वहीं, अमेरिका के मध्य-पश्चिमी राज्यों ने भी खतरनाक गर्मी की तैयारी करते हुए कई पब्लिक कूलिंग सेंटर (सार्वजनिक शीतलन केंद्र) स्थापित किए हैं। अत्यधिक गर्मी और नमी संयुक्त राज्य अमेरिका में मौसम से संबंधित मौत का प्रमुख कारण है। अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, देश में हर साल लगभग 1,220 लोगों की अत्यधिक गर्मी से मौत होती है। पिछले साल इसी माह में देश के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी के कारण अमेरिका के एरिजोना, नेवादा और टेक्सास राज्यों में 147 लोगों की मौत हो गई थी। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल भी भीषण गर्मी से ये तीन राज्य सबसे अधिक प्रभावित हुए।

कैलिफोर्निया, दक्षिण के कुछ हिस्सों और मध्यपश्चिम में भी गर्मी से संबंधित कई मौतें दर्ज की गईं। मैरिकोपा काउंटी में आधिकारिक तौर पर गर्मी से संबंधित कम से कम 39 मौतें दर्ज की गईं। उस समय सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जून के अंत में तापमान रिकॉर्ड-तोड़ स्तर तक बढ़ गया और जुलाई के दौरान दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम के अधिकांश हिस्सों में तापमान बढ़ता रहा। 2023 में जून से जुलाई तक लगातार 31 दिन 43 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान के साथ फीनिक्स किसी भी अमेरिकी शहर का सबसे गर्म महीना रहा। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 01:14:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कमला हैरिस ने नीतिगत बदलावों का किया बचाव, बोलीं &amp;apos;मूल्य नहीं बदले हैं&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-नतगत-बदलव-क-कय-बचव-बल-मलय-नह-बदल-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-नतगत-बदलव-क-कय-बचव-बल-मलय-नह-बदल-ह</guid>
        <description>वाशिंगटन, 30 अगस्त । अमेरिकी उपराष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने कहा है कि उनके मूल्यों में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि उनके सिद्धांत नहीं बदले हैं।उन्होंने सिर्फ उन प्रमुख मुद्दों पर अपना रुख बदल लिया है जो उनकी उम्मीदवारी को तय सकते थे, जैसे कि फ्रैकिंग, जिसका उन्होंने एक बार विरोध किया था और अब नहीं करती हैं। उन्होंने गुरुवार को सीएनएन एंकर डाना बैश के साथ एक इंटरव्यू के दौरान यह बात कही। व्हाइट हाउस के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी से टिकट मिलने के बाद यह हैरिस का पहला इंटरव्यू था। फ्रैकिंग, चट्टानों के अंदर से प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम निकालने की एक प्रक्रिया है।

यह पेंसिल्वेनिया राज्य में काफी लोकप्रिय है, जिसकी भूमिका राष्ट्रपति चुनाव में काफी अहम होती है। माना जा रहा है कि ये अमेरिका में 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे तय करेगा। फ्रैकिंग का वो लोग विरोध करते हैं, जिनका ये मानना है कि यह भूमिगत और सतही जल को प्रदूषित करता है। डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस ने पहले इसका विरोध किया था और कहा था कि इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। जब हैरिस से इंटरव्यू में पूछा गया कि क्या वह फ्रैकिंग पर प्रतिबंध लगाएंगी तो उन्होंने कहा, मैंने 2020 में डिबेट के दौरान यह स्पष्ट कर दिया था कि मैं उपराष्ट्रपति के रूप में फ्रैकिंग पर प्रतिबंध नहीं लगाऊंगी।

मैं राष्ट्रपति के रूप में फ्रैकिंग पर प्रतिबंध नहीं लगाऊंगी। इसे लेकर मैंने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया कि मेरा स्टैंड क्या है। हम 2024 में हैं और मैंने फैसला नहीं बदला है, और न ही मैं इसे बदलने जा रही हूं। मैंने अपनी बात रखी थी और आगे भी मैं अपनी बात रखूंगी। कमला हैरिस से इंटरव्यू में पूछा गया कि उस समय आपने अपना स्टैंड क्यों बदला था ? उपराष्ट्रपति ने इसका उत्तर देते हुए कहा कि, मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि मेरे मूल्य नहीं बदले हैं। बता दें कि अमेरिका में 10 सितंबर को चुनाव से पहले की आखिरी और सबसे बड़ी प्रेजिडेंट डिबेट होनी है। डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस राष्ट्रपति की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। युवाओं में उनकी काफी लोकप्रियता है। रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के बीच कड़ी टक्कर नजर आ रही है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 01:14:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>तुर्की में ड्रग तस्करी के आरोप में 336 संदिग्ध गिरफ्तार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/तरक-म-डरग-तसकर-क-आरप-म-336-सदगध-गरफतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/तरक-म-डरग-तसकर-क-आरप-म-336-सदगध-गरफतर</guid>
        <description>अंकारा, 28 अगस्त । तुर्की में अवैध ड्रग की तस्करी के संदेह में 336 संदिग्धों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन लोगों पर आरोप है कि ये लोग पूरे देश में ड्रग तस्करी से जुड़े हुए थे। तुर्की के आंतरिक मामलों के मंत्री अली येरलिकाया के मुताबिक देश की पुलिस ने 49 राज्यों में 2.4 टन प्रतिबंधित नशीले पदार्थों को जब्त किया है, साथ ही 888,923 नशीली गोलियों को भी पकड़ा है। हालांकि उन्होंने इस कार्रवाई का समय और तिथि नहीं बताई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, नार्कोसेलिक-35 ऑपरेशन्स में 49 प्रांतों में 832 टीमों, 2,081 कर्मियों, 10 हवाई वाहनों, और 39 नारकोटिक्स डिटेक्टर डॉग्स ने हिस्सा लिया।

येरलिकाया ने कहा, हम अपने देश को जहर के सौदागरों और स्ट्रीट वेंडर्स से मुक्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। मंत्री येरलिकाया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बताया कि ये ऑपरेशन्स 49 प्रांतों, जिसमें अंकारा, इस्तांबुल, इज़मिर, और अंताल्या शामिल हैं, में स्थानीय आपराधिक संगठनों और नशीली दवाओं के निर्माताओं को लक्षित करके किए गए। मंत्री ने कहा, मैं चाहूंगा कि हमारे प्रिय देशवासियों को पता चले कि हम ड्रग डीलरों और स्ट्रीट वेंडरों को हमारे देश से समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि तुर्की में 2023 से ड्रग तस्करी पर कार्रवाई को तेज कर दिया गया है। --(आईएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 00:55:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>क्या कमला हैरिस बनाएंगी इतिहास, 1836 से केवल एक उपराष्ट्रपति को ही चुना गया है राष्ट्रपति</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कय-कमल-हरस-बनएग-इतहस-1836-स-कवल-एक-उपरषटरपत-क-ह-चन-गय-ह-रषटरपत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कय-कमल-हरस-बनएग-इतहस-1836-स-कवल-एक-उपरषटरपत-क-ह-चन-गय-ह-रषटरपत</guid>
        <description>न्यूयार्क, 28 अगस्त उपराष्ट्रपति कमला हैरिस व्हाइट हाउस के लिए अपना अभियान शुरू कर रही हैं और वह खुद का नाम इतिहास में दर्ज कराने के लिए भी पूरी मशक्कत करेंगी।

साल 1836 के बाद से, केवल एक मौजूदा उपराष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश 1988 में राष्ट्रपति पद पर चुने गए थे। उपराष्ट्रपति रहते हुए व्हाइट हाउस पहुंचने की कोशिश में असफल रहे लोगों में 1960 में रिचर्ड निक्सन, 1968 में ह्यूबर्ट हम्फ्री और 2000 में अल गोर शामिल रहे हैं।

युद्ध और घोटालों से लेकर अपराध और टेलीविजन पर होने वाली बहसों जैसे मुद्दों से प्रभावित चुनावों में तीनों हार गए। लेकिन प्रत्येक उपराष्ट्रपति के लिए दो अन्य कारक भी महत्वपूर्ण साबित हुए: क्या निवर्तमान राष्ट्रपति लोकप्रिय थे और क्या राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के बीच संबंध अच्छे थे?

प्रिंसटन विश्वविद्यालय में इतिहास और सार्वजनिक मामलों के प्रोफेसर जूलियन जेलिजर कहते हैं, लोग वास्तव में चाहते हैं कि दोनों मिलकर काम करें।

उन्होंने कहा, अगर उपराष्ट्रपति जिस व्यक्ति के साथ काम कर रहा है, वह लोकप्रिय है तो लोग उसकी कार्यशैली को पसंद करते हैं।

साल 1988 में, बुश ने मैसाचुसेट्स के गवर्नर डेमोक्रेट माइकल डुकाकिस को आसानी से हरा दिया, जिन्हें रिपब्लिकन ने कमजोर और संपर्क से परे करार दिया था।

बुश को एक ठोस अर्थव्यवस्था और शीत युद्ध के तनाव में कमी से मदद मिली। राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन की स्वीकृति रेटिंग 1986-87 के ईरान-कॉन्ट्रा घोटाले के मद्देनजर तेजी से गिरने के बाद बढ़ी और रीगन तथा बुश ने चुनाव अभियान के दौरान एक साथ अच्छा काम किया।

रीगन ने अपने उपराष्ट्रपति का खुलकर समर्थन किया, जिन्होंने 1980 के प्राइमरी में उनके खिलाफ चुनाव लड़ा था। उन्होंने रिपब्लिकन सम्मेलन में बुश की प्रशंसा एक प्रतिबद्ध और अमूल्य भागीदार के रूप में की, कैलिफोर्निया की एक रैली में उनके साथ दिखाई दिए और मिशिगन, न्यू जर्सी और मिसौरी में सभाओं में भाषण दिया।

इतिहासकार-पत्रकार जोनाथन डारमन ने कहा, रीगन द्वेष रखने वाले व्यक्ति नहीं थे। और बुश ने उपराष्ट्रपति रहते हुए अपने रिश्ते की जटिलता से बाहर निकलने का काम अच्छी तरह से किया।

जब गोर 2000 में चुनाव लड़े, तो उन्हें जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश की तरह ही लाभ मिला। अर्थव्यवस्था मजबूत थी, देश में शांति थी और राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को व्हाइट हाउस की इंटर्न मोनिका लेविंस्की के साथ उनके संबंध को लेकर महाभियोग के बावजूद उच्च रेटिंग प्राप्त थी।

गोर ने इससे पहले के आठ वर्षों में क्लिंटन के साथ मिलकर काम किया था, लेकिन इस स्कैंडल के कारण उनके बीच तनाव बना रहा।

उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रपति की मौजूदगी को कम से कम रखा और डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में अपने एक्सेप्टेंस भाषण में खुद को अपने दम पर चुनाव में उतरा नेता बताया। जानकार लोग मानते हैं कि क्लिंटन से उनकी दूरी ही उन्हें चुनाव में झटका देने वाली साबित हुई।

गोर की तरह, निक्सन भी तत्कालीन राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहावर की लोकप्रियता का फायदा नहीं उठा सके या नहीं उठाना चाहते थे।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 00:55:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के कैलिफोर्निया में भीषण सड़क हादसा, एक पुलिस अधिकारी समेत दो की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-कलफरनय-म-भषण-सडक-हदस-एक-पलस-अधकर-समत-द-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-कलफरनय-म-भषण-सडक-हदस-एक-पलस-अधकर-समत-द-क-मत</guid>
        <description>लॉस एंजिल्स, 28 अगस्त । अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक भीषण सड़क हादसा हुआ जहां एक तेज रफ्तार कार ने पुलिस की गाड़ी को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक पुलिस अधिकारी समेत दो लोगों की मौत हो गई है। घटना कैलिफोर्निया के सैन डिएगो की है। सैन डिएगो पुलिस विभाग के अनुसार, अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि दक्षिणी कैलिफोर्निया के क्लेयरमोंट मेसा बुलेवार्ड और डोलिवा ड्राइव के चौराहे पर दो गाड़ियों के बीच टक्कर हुई थी।

अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार सोमवार रात करीब 11:30 बजे ये हादसा घटित हुआ। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हुई और एक अन्य पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया। सैन डिएगो पुलिस विभाग के प्रमुख स्कॉट वाहल ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया, पुलिस अधिकारियों ने तेज रफ्तार से आ रही एक गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। लेकिन, उसने गाड़ी नहीं रोकी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, तेज रफ्तार कार ने पुलिस की एक कार को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि कार चला रहे अधिकारी और एक शख्स की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा एक अन्य अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल पुलिस अधिकारी को अस्पताल में भर्ती कराया है।

बताया जा रहा है कि उसकी हालत काफी गंभीर बनी हुई है। जिस अधिकारी की हादसे में मौत हुई है। उसका नाम ऑस्टिन बताया जा रहा है। इसके अलावा पुलिस अधिकारी जैच मार्टिनेज शार्प घायल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले की जांच कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल टीम करेगी। सैन डिएगो पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने अधिकारियों के परिवारों की मदद के लिए एक डोनेशन कैंपेन शुरू किया है। इस कैंपेन के तहत मिलने वाले पैसे पुलिस अधिकारियों के परिवार को दिए जाएंगे। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 00:55:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यमन में भयंकर बाढ़ से 25 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यमन-म-भयकर-बढ-स-25-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यमन-म-भयकर-बढ-स-25-लग-क-मत</guid>
        <description>सना, 28 अगस्त । यमन के अल-महवित क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के कारण कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई है। मंगलवार को 24 घंटे से अधिक की भारी बारिश के कारण अल-महवित में अचानक आई बाढ़ के कारण तीन बांध टूट गए और मल्हान जिले में दर्जनों घर बह गए। सूत्रों ने बताया कि कई ग्रामीण अभी भी लापता हैं, इसलिए बचाव अभियान जारी है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने कहा, स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इस महीने की शुरुआत में होदेइदाह और हज्जाह क्षेत्रों में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने 45 लोगों की जान ले ली और इससे 12,000 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है।

डब्ल्यूएचओ ने संघर्ष-ग्रस्त देश में बरसात के मौसम में दूषित पानी और खराब स्वच्छता के कारण बीमारियों के फैलने की संभावना के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की है। बता दें कि यमन 2014 से गृहयुद्ध में फंसा हुआ है, जब हौथी समूह ने कई उत्तरी प्रांतों पर कब्जा कर लिया, जिससे यमनी सरकार को राजधानी सना छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, इससे पहले 25 अगस्त को इंडोनेशिया के उत्तरी मालुकु प्रांत में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से कई घरों और बुनियादी ढांचे के नष्ट हो जाने के बाद 13 शव बरामद किए गए थे। इसके अलावा छह लोग अभी भी लापता हैं।

लगभग एक दशक से चल रहे युद्ध से जूझ रहा यमन लगभग हर साल भारी बारिश के कारण भयंकर बाढ़ का सामना करता है। वहां जलवायु परिवर्तन के कारण भारी बारिश हो रही है। संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता एजेंसी ओसीएचए ने 19 अगस्त को जारी एक रिपोर्ट में कहा कि जुलाई से अब तक बाढ़ के कारण होदेदा प्रांत में 36, इब्ब में नौ, मारिब में आठ और तैज में सात लोगों की मौत हो चुकी है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 00:55:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कांगो में मंकीपॉक्स से अब तक 610 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कग-म-मकपकस-स-अब-तक-610-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कग-म-मकपकस-स-अब-तक-610-लग-क-मत</guid>
        <description>किंशासा, 28 अगस्त । कांगो के स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा ने कहा है कि कांगो लोकतान्त्रिक गणराज्य (डीआरसी) में मंकीपॉक्स के कारण कम से कम 610 लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने लोगों से सुरक्षात्मक उपायों को अपनाने के बारे में कहा है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से टीकाकरण करवाने को कहा है। देश में अब तक 17,801 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि संदिग्ध मामले संघर्ष प्रभावित प्रांतों से सामने आ रहे हैं, जहां देश के 7.3 मिलियन आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों में से अधिकांश लोग रहते हैं, जिससे दशकों के संघर्ष से तबाह हुई आबादी के लिए पहले से ही असहनीय स्थिति और अधिक खराब होने का खतरा है। बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी मंकीपॉक्स (जिसे एमपॉक्स के नाम से भी जाना जाता है) को लेकर एक वैश्विक रणनीति तैयार की है। जिसमें वह इस वायरस को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके लिए वह वैश्विक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर काम करेगा। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस एडहानोम गेब्रियेसस ने कहा था, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और आसपास के देशों में एमपॉक्स के प्रकोप को नियंत्रित किया जा सकता है।

इसके लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और राष्ट्रीय व स्थानीय भागीदारों, नागरिक समाज, शोधकर्ताओं और निर्माताओं व हमारे सदस्य देशों के बीच एक व्यापक और समन्वित कार्य योजना की आवश्यकता है। डब्ल्यूएचओ आर एंड डी ब्लूप्रिंट, अफ्रीका सीडीसी, महामारी तैयारी नवाचार गठबंधन (सेपी), और राष्ट्रीय एलर्जी और संक्रामक रोग संस्थान, 29-30 अगस्त 2024 को एक आभासी वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजित करेगा। इसमें एमपॉक्स पर शोध कर रहे वैज्ञानिक इसे नियंत्रित करने पर चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि एमपॉक्स एक वायरल बीमारी है, जो मंकीपॉक्स वायरस के कारण होती है। वर्तमान में 14 अफ्रीकी देशों में इसका प्रकोप है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 00:55:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कुआलालंपुर सिंकहोल में गिरी भारतीय महिला का पांच दिन बाद भी कोई सुराग नहीं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कआललपर-सकहल-म-गर-भरतय-महल-क-पच-दन-बद-भ-कई-सरग-नह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कआललपर-सकहल-म-गर-भरतय-महल-क-पच-दन-बद-भ-कई-सरग-नह</guid>
        <description>कुआलालंपुर, 28 अगस्त । मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में भारतीय उच्चायोग ने बुधवार को कहा कि वह 23 अगस्त को एक सिंकहोल में गिरी भारतीय नागरिक विजया लक्ष्मी गली का पता लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क में हैं। भारतीय उच्च न्यायालय ने खुलासा किया कि सर्च और बचाव टीमें आंध्र प्रदेश की रहने वाले लापता भारतीय नागरिक के लिए संभावित स्थानों का पता लगा रही हैं। बयान में बताया गया कि पुलिस, अग्निशमन टीम, रेस्क्यू टीम, इंदा वाटर कंसोर्टियम, केएल फेडरल टेरिटरी एजेंसियों के अलावा स्थानीय अधिकारियों को नागरिक सुरक्षा बलों के साथ विशेष वैज्ञानिक टीमों का भी सहयोग मिल रहा है।

नालियों से फ्लशिंग के बाद, बाधाओं को दूर करने के लिए उच्च दबाव वाले पानी के जेट, रिमोट कैमरे और दुर्गम क्षेत्रों को मैप करने के लिए जमीन में घुसने वाले रडार सहित विशेष तकनीकों के साथ विजया लक्ष्मी गली की तलाश को आगे बढ़ाया जा रहा है। उच्चायोग सभी संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क में है। विजया लक्ष्मी गली की पांचवें दिन भी तलाश जारी है। भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें कहा गया कि उनके अधिकारी भी विजया लक्ष्मी के परिवार के सदस्यों के संपर्क में हैं और उन्हें मदद का आश्वासन भी दे रहे हैं। स्थानीय एजेंसियों के अनुसार, चित्तूर जिले के अनिमिगनिपल्ले गांव की विजया लक्ष्मी गली (45) 23 अगस्त को शुक्रवार को डांग वांगी इलाके में फुटपाथ पर चल रही थी। इसी बीच सुबह करीब 8.22 बजे वो 8 मीटर गहरे सिंकहोल में गिर गई। जानकारी के मुताबिक, विजया लक्ष्मी के पति और बेटा किसी तरह खुद को डूबने से बचाने में कामयाब रहे, जबकि महिला सीवर में बह गई। भारतीय उच्चायोग ने पुलिस और मलेशियाई अधिकारियों के साथ बातचीत कर लापता भारतीय नागरिक के पति और बेटे के पर्यटक वीजा को भी बढ़ा दिया है ताकि वो मलेशिया में रह सकें। महिला की तलाश अभी भी जारी है।

सोमवार को, मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त बी एन रेड्डी ने लापता भारतीय नागरिक के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें खोज प्रयासों में तेजी लाने के लिए मंत्रिस्तरीय और परिचालन स्तर पर चल रही गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का भी आश्वासन दिया। मलेशिया के संघीय क्षेत्र मंत्री जलीहा मुस्तफा ने प्रयासों की समीक्षा के लिए घटनास्थल का दौरा किया, उन्होंने कहा कि स्थिति पर नजर बनी हुई है और खोज प्रयासों में विशेष और योग्य टीमों को तैनात किया गया है। रेड्डी के अनुसार, कुआलालंपुर के मेयर भी व्यक्तिगत रूप से भारतीय नागरिक विजया लक्ष्मी के खोज प्रयासों की निगरानी कर रहे हैं। ---(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 00:55:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कैलिफोर्निया में एआई तकनीक से सुरक्षा प्रदान करने वाले बिल का मस्क ने किया समर्थन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कलफरनय-म-एआई-तकनक-स-सरकष-परदन-करन-वल-बल-क-मसक-न-कय-समरथन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कलफरनय-म-एआई-तकनक-स-सरकष-परदन-करन-वल-बल-क-मसक-न-कय-समरथन</guid>
        <description>सैन फ्रांसिस्को, 27 अगस्त । टेस्ला और स्पेस एक्स के सीईओ एलन मस्क ने मंगलवार को कैलिफोर्निया के नए बिल का समर्थन किया, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सुरक्षा का प्रावधान किया गया है। बता दें कि इस कैलिफोर्निया बिल को एसबी 1047 सुरक्षा बिल नाम दिया गया है। इसमें मानवता को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लार्ज मॉडल से होने वाले खतरों से बचाने का प्रावधान है। अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर एलन मस्क ने कहा, यह एक मुश्किल कदम है। इससे कई लोग परेशान हो सकते हैं। मुझे लगता है कि कैलिफोर्निया एसबी 1047 सुरक्षा बिल पास कर देना चाहिए। मस्क ने आगे कहा, पिछले 20 सालों तक मैं एआई रेगुलेशन की वकालत करता रहा हूं।

ठीक वैसे ही जैसे हम टैक्नोलॉजी और उत्पाद को विनियमित करते हैं, जिससे लोगों को व्यापक स्तर पर जोखिम का खतरा बना रहता है। वहीं, इस बिल में एआई उत्पादों से होने वाले संभावित जोखिमों को रोकने के लिए पूरा प्रावधान तैयार किया गया है। इसमें आपातकालीन बटन की भी व्यवस्था की गई है, जो कि पूरे एआई मॉड्यूल को बंद करने की क्षमता रखता है। इस बीच, चैट जीपीटी के ओपन एआई ने इस बिल का विरोध किया है। कैलिफोर्निया राज्य के सीनेटर स्कॉट वाइनर और गवर्नर गेविन न्यूजॉम को लिखे एक पत्र में सैम ऑल्टमैन ने कहा, एआई महज एक शुरुआत है। मौजूदा समय में कैलिफोर्निया एक वर्ल्ड लीडर के रूप में उभरकर सामने आ रहा है। साथ ही एआई राज्य की मौजूदा आर्थिक स्थिति को गति प्रदान करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। ओपन एआई ने अपने पत्र में कहा, यब बिल-- एसबी 1047 विकास में बाधक बनेगा। यहां के कुशल इंजीनियर और उद्यमी पलायन करने पर बाध्य हो जाएंगे। एआई कंपनी ने कहा, उन जोखिमों को देखते हुए, हमें राज्य की बजाय संघीय नीतियों के साथ अमेरिका की एआई बढ़त की रक्षा करनी चाहिए - जो सार्वजनिक सुरक्षा को संरक्षित करते हुए एआई लैब और डेवलपर्स के लिए स्पष्टता प्रदान कर सकती है।

कंपनी ने आगे कहा, ओपन एआई ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को भी उठाया है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा को दूर रखते हुए एसबी 1047 ने मांग की है कि एआई कंपनी अपने उत्पादों की जांच करे, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों पर किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। ओपन एआई ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर यह बिल पास होता है, तो कंपनी कैलिफोर्निया छोड़ देगी। स्कॉट वाइनर बताते हैं, इस तरह का घटिया तर्क टेक उद्योग ने तब भी दिया था, जब कैलिफोर्निया ने डाटा प्राइवेसी लॉ को एक ऐसे डर के साथ पास किया था, जो कि कभी साकार नहीं होने वाला है, लेकिन अब इसका कोई मतलब नहीं है। एसबी 1047 कैलिफोर्निया में मुख्यालय वाली कंपनियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह बिल कैलिफोर्निया में कारोबार करने वाली कंपनियों पर लागू होता है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 01:18:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इंडोनेशिया में मंकीपॉक्स पसार रहा पैर, 2022 से अब तक मिले 88 केस</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इडनशय-म-मकपकस-पसर-रह-पर-2022-स-अब-तक-मल-88-कस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इडनशय-म-मकपकस-पसर-रह-पर-2022-स-अब-तक-मल-88-कस</guid>
        <description>जकार्ता, 27 अगस्त । इंडोनेशिया में एक बार फिर मंकीपॉक्स के मामलों में वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य मंत्री बुदी गुनादी सादिकिन के अनुसार, इंडोनेशिया में 2022 से अबतक मंकीपॉक्स के 88 मामले दर्ज किए गए हैं। इंडोनेशिया में अगस्त 2022 में पहली बार मंकीपॉक्स का केस मिला था। इसके बाद से अब तक 88 मामले दर्ज किए गए हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में ही सिर्फ मंकीपॉक्स के 14 मामले मिले हैं। सादिकिन ने जकार्ता में सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया, इंडोनेशिया में मंकीपॉक्स के मामले अभी भी नियंत्रण में हैं। इसकी मृत्यु दर कम है। जो लोग बीमार थे, वे सभी ठीक हो गए हैं।

जकार्ता में मंकीपॉक्स के सबसे अधिक 59 केस दर्ज किए गए। इसके बाद पश्चिम जावा में 13, बेंटन में नौ, पूर्वी जावा और योग्याकार्ता में तीन-तीन और रियायू में एक केस मिला है। इस बीच इंडोनेशिया सरकार 2,225 व्यक्तियों के लिए 4,450 वैक्सीन की खुराक तैयार कर रही है। इसमें प्रत्येक व्यक्ति को इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए दो खुराक दी जाएंगी। 2023 में 495 लोगों को टीका लगाया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय में रोग नियंत्रण और रोकथाम के अंतरिम महानिदेशक युधि प्रमोनो ने कहा, अधिकतर मंकीपॉक्स के मामले 2022 और 2024 के बीच मिले हैं।

इनमें मंकीपॉक्स के केसों की सबसे अधिक संख्या अक्टूबर 2023 में दर्ज की गई है। युधि प्रमोनो ने सोमवार को राज्य मीडिया के हवाले से कहा, 2022 और आज के बीच मृत्यु दर कम रही है और अधिकतर संक्रमण यौन संपर्क के माध्यम से हुआ है। पिछले सप्ताह, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मध्य अफ्रीका में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता व्यक्त की और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषणा का ऐलान किया। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 01:18:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुटेरेस ने पाकिस्तान में आतंकी हमलों की निंदा की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सयकत-रषटर-परमख-गटरस-न-पकसतन-म-आतक-हमल-क-नद-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सयकत-रषटर-परमख-गटरस-न-पकसतन-म-आतक-हमल-क-नद-क</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र, 27 अगस्त । पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सोमवार को हुए आतंकी हमलों में 70 से अधिक लोग मारे गए हैं। इस घटना की संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में 26 अगस्त को हुए आतंकी हमलों की निंदा की है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि महासचिव ने इस बात पर जोर दिया है कि बेकसूर नागरिकों पर हमला स्वीकार नहीं किया जा सकता। दुजारिक ने कहा, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और पाकिस्तान सरकार से इस मामले में जांच करने का आह्वान किया। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि इस घटना में शामिल लोगों की जवाबदेही तय हो।

स्थानीय मीडिया ने सेना और पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया कि दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हुए आतंकवादी हमलों में 70 से अधिक लोग मारे गए हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की सेना ने कहा कि लासबेला जिले के एक शहर बेला में एक प्रमुख राजमार्ग पर वाहनों को निशाना बनाकर किए गए एक बड़े हमले में 14 सैनिक और पुलिस के साथ-साथ 21 आतंकवादी मारे गए। स्थानीय अधिकारियों ने कहा, मुसाखेल जिले में हमलावरों ने कथित तौर पर उनके काफिले को रोका और इसके बाद उनकी आईडी की जांच की। इस दौरान उन्होंने 35 वाहनों को आग लगा दी और पंजाब से ताल्लुक रखने वाले 23 नागरिकों को मार दिया। रेलवे अधिकारी मुहम्मद काशिफ ने बताया कि सोमवार को बोलन शहर में एक रेल पुल पर विस्फोट के बाद क्वेटा रेल यातायात निलंबित कर दिया गया।

यह रेल मार्ग क्वेटा को पाकिस्तान के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। साथ ही पड़ोसी ईरान के साथ रेल लिंक भी है। रेलवे पुल पर हमले वाली जगह के पास अब तक पुलिस को छह अज्ञात शव मिले हैं। वहीं, पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कहा कि मारे गए लोग निर्दोष नागरिक थे। घायलों को डेरा गाजी खान के एक अस्पताल में ले जाया गया, जो वहां का सबसे नजदीकी अस्पताल है। इस बीच राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इन हमलों को बर्बर बताया और कहा कि हमलावर बच नहीं पाएंगे। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 01:18:28 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईईटी फ्यूल्स की हाइड्रोजन फ्यूल स्विचिंग परियोजना अगले महत्वपूर्ण चरण में पहुंची, इंजीनियरिंग सलाह के लिए वुड की नियुक्ति</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईईट-फयलस-क-हइडरजन-फयल-सवचग-परयजन-अगल-महतवपरण-चरण-म-पहच-इजनयरग-सलह-क-लए-वड-क-नयकत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईईट-फयलस-क-हइडरजन-फयल-सवचग-परयजन-अगल-महतवपरण-चरण-म-पहच-इजनयरग-सलह-क-लए-वड-क-नयकत</guid>
        <description>स्टेनलो (ब्रिटेन), 27 अगस्त । दुनिया की अग्रणी लो कार्बन प्रोसेस रिफाइनरी बनाने में प्रयासरत एस्सार ऑयल यूके जो ईईटी फ्यूल्स के नाम से व्यापार करती है, अपनी हाइड्रोजन फ्यूल स्विचिंग परियोजना में फ्रंट-एंड इंजीनियरिंग डिजाइन (एफईईडी) चरण तक पहुंच गई है। इस परियोजना के लिए हाइड्रोजन की आपूर्ति ईईटी हाइड्रोजन द्वारा की जाएगी जो उसी स्थान पर स्थित है और लो कार्बन हाइड्रोजन का उत्पादन करने वाली ट्रैक-1 कंपनी है।

परियोजना के इस चरण का संचालन करने के लिए ईईटी फ्यूल्स ने परामर्श और इंजीनियरिंग में वैश्विक स्तर पर अनुभव रखने वाली कंपनी वुड को नियुक्त किया है जो ईंधन प्रणाली के अंतिम डिजाइन तैयार करने में समन्वय करेगी। इस ईंधन प्रणाली से कंपनी के हाइड्रोजन-रेडी क्रूड डिस्टिलर फर्नेस को ईंधन की आपूर्ति होगी। वुड हाइड्रोजन के कुशल और सुरक्षित दहन को सक्षम करने के लिए कोर इंफ्रास्ट्रक्चर और नियंत्रण प्रणालियों को भी फिर से डिजाइन करेगी। एफईईडी के पूरा होने से ईईटी फ्यूल्स को अगले वर्ष हाइड्रोजन फ्यूल स्विचिंग परियोजना पर अंतिम निवेश निर्णय (एफआईडी) लेने में मदद मिलेगी। यह परियोजना ईईटी फ्यूल्स की हाइड्रोजन-रेडी क्रूड डिस्टिलर फर्नेस जैसी परिसंपत्तियों में ईंधन स्विचिंग को संभव बनायेगी। यह ब्रिटेन की किसी भी रिफाइनरी में स्थापित अपनी तरह का पहला डिस्टिलर फर्नेस होगा और शत- प्रतिशत हाइड्रोजन या ईंधन-गैस मिश्रण पर चलने में सक्षम है। एक बार जब फर्नेस ईईटी हाइड्रोजन के उत्पादन संयंत्र से हाइड्रोजन पर चलने लगेगा, तो यह स्टेनलो रिफाइनरी में हर साल दो लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम करेगा। एक बार जब ईईटी हाइड्रोजन से हाइड्रोजन उपलब्ध हो जाएगा, तो इस साइट पर सभी फायर-हीटरों के लिए फ्यूल स्विचिंग संभव हो सकेगा।

इस परियोजना की प्रगति स्टेनलो रिफाइनरी में 2030 तक कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन को 95 प्रतिशत तक कम करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कंपनी की मजबूत गति को प्रदर्शित करती है। ईईटी फ्यूल्स के सीईओ दीपक माहेश्वरी ने कहा : हमारे पास स्टेनलो रिफाइनरी के साथ ब्रिटेन में ईईटी फ्यूल्स के लिए अभूतपूर्व योजनाएं हैं। हाइड्रोजन फ्यूल स्विचिंग इन योजनाओं का एक अभिन्न अंग है, और वुड के साथ एफईईडी का संचालन करने से हमें अंतिम निवेश निर्णय के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, हम दुनिया की पहली लो कार्बन प्रोसेस रिफाइनरी बनने की राह पर हैं।

इससे ब्रिटेन को ईंधन आपूर्ति की सुरक्षा मिलने के साथ ही ब्रिटेन के औद्योगिक केंद्र में रोजगार सृजन और उसे बनाये रखने में भी मदद मिलेगी। वुड के ब्रितानी संचालन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मार्टिन सिमोनाइट ने कहा, हम ईईटी फ्यूल्स के साथ इस डी-कार्बोनाइजेशन परियोजना पर काम करके बहुत खुश हैं, जो ऊर्जा परिवर्तन और ब्रिटेन की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रदान करता है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 01:18:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान और कतर ने द्विपक्षीय संबंधों और गाजा की स्थिति पर की चर्चा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-और-कतर-न-दवपकषय-सबध-और-गज-क-सथत-पर-क-चरच</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-और-कतर-न-दवपकषय-सबध-और-गज-क-सथत-पर-क-चरच</guid>
        <description>तेहरान, 27 अगस्त । ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची औरकतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने द्विपक्षीय संबंधों और गाजा की स्थिति पर चर्चा की। ईरानी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि सोमवार को बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को विस्तारित करने के संयुक्त प्रयासों की समीक्षा की और पहले से हस्ताक्षरित समझौतों को लागू कर काम में तेजी लाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने मंत्रालय के बयान का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने गाजा में इजरायली अपराधों के घटनाक्रम पर भी चर्चा की। अराघची ने हमास द्वारा स्वीकार किये जाने वाले युद्ध विराम समझौते के प्रति ईरान के समर्थन में कहा कि इजरायल के चलते क्षेत्र में तनाव बढ़ा है और संघर्ष का विस्तार हुआ है। मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने शहीद ईरानी राष्ट्रपति रईसी और विदेश मंत्री अमीर अब्दल्लाहियन को श्रद्धांजलि अर्पित की और संबंधों को विकसित करने के लिए किए गए प्रयासों की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच हुए समझौतों को आगे बढ़ाने और कार्यान्वित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर भी बल दिया। बता दें कि सोमवार को तेहरान पहुंचे कतर के विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा फिलिस्तीनी लोगों को समर्थन देने के लिए ईरान के साथ निरंतर परामर्श का आह्वान किया। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 01:18:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के ख़िलाफ़ फिर से अभियोग शुरू करने की अपील</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-खलफ-फर-स-अभयग-शर-करन-क-अपल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-खलफ-फर-स-अभयग-शर-करन-क-अपल</guid>
        <description>अमेरिका न्याय विभाग के विशेष वकील जैक स्मिथ ने 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में दख़ल की कथित कोशिश के लिए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ फिर से अभियोग चलाए जाने की अपील दायर की है.

इस अपील में उनके ऊपर पिछले आपराधिक मामलों को वैसे ही रखा गया है लेकिन पूर्व राष्ट्रपति कार्यालय के कुछ कामों को लेकर इम्युनिटी (छूट) होने के सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद, ट्रंप के ख़िलाफ़ आरोपों को कम किया गया है.

नई अपील में ट्रंप के ख़िलाफ़ चार आपराधिक मामलों को वैसे ही रखा गया है लेकिन उनके कथित कदाचार के बारे में कुछ तफ़्सीलें दी गई हैं.

2020 के चुनावों में किसी भी तरह के दख़ल के आरोपों को ट्रंप नकारते रहे हैं और अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है.

एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने लिखा है कि सज़ा के लिए नए सिरे से की गई अपील, ख़त्म हो चुके उत्पीड़न को फिर से ज़िंदा करना और चुनाव से अमेरिकी जनता का ध्यान भटकना है.

अमेरिका में पांच नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं.

उनके प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रपति जो बाइडन इस रेस से हट गए हैं और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उप राष्ट्रपति कमला हैरिस को उम्मीदवार घोषित किया गया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 01:18:25 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>संरा के म्यांमा से संबंधित प्रस्ताव में नागरिकों पर सैन्य हमलों की निंदा, शांति बहाली का आह्वान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सर-क-मयम-स-सबधत-परसतव-म-नगरक-पर-सनय-हमल-क-नद-शत-बहल-क-आहवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सर-क-मयम-स-सबधत-परसतव-म-नगरक-पर-सनय-हमल-क-नद-शत-बहल-क-आहवन</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र, 28 अगस्त। ब्रिटेन ने म्यांमा से संबंधित संयुक्त राष्ट्र का एक व्यापक प्रस्ताव सदस्य देशों को वितरित किया है, जिसमें शांति प्रयासों को नए सिरे से शुरू करने का आग्रह किया गया है, नागरिकों पर हमलों, खासतौर पर सेना द्वारा किए गए हमलों की निंदा की गई है और अवैध हथियारों की तस्करी रोकने का आह्वान किया गया है।

एसोसिएटेड प्रेस को मंगलवार को प्रस्ताव का मसौदा प्राप्त हुआ जिसमें म्यांमा में बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त की गई है। म्यांमा में इन दिनों सैन्य शासन और प्रतिरोधी बलों के बीच गृहयुद्ध छिड़ा हुआ है।

प्रस्ताव में बड़े पैमाने पर सुरक्षित, तेजी से और निर्बाध मानवीय सहायता की पहुंच को आसान बनाने का आह्वान किया गया है तथा देश में बिगड़ती मानवीय स्थिति और सहायता पहुंचाने पर लगाए गए प्रतिबंधों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। इसमें कहा गया है कि ऐसी स्थिति के कारण देश में भुखमरी बढ़ रही है।

इसमें आगाह किया गया है कि मौजूदा हालात में भेदभाव, जातीय आधारित हिंसा, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन, मानवाधिकारों का हनन और संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में यौन शोषणा की घटनाएं और अधिक बढ़ने की आशंका है।

लोकतंत्र समर्थक गुरिल्ला और अराकान सेना सहित जातीय अल्पसंख्यक सशस्त्र बल देश के सैन्य शासकों को हटाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सेना ने एक फरवरी 2021 को आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार से सत्ता छीन ली थी। सू ची और उनकी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया था जो अब तक रिहा नहीं हुए हैं।

सेना द्वारा सत्ता हथियाने के बाद जनता का भारी विरोध देखा गया जो कि बाद में गृहयुद्ध में बदल गया।

मसौदा प्रस्ताव में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया गया है। यह संगठन 10 देशों का समूह है जिसके 2021 के शांति प्रस्ताव को म्यांमा के जनरलों ने ठुकरा दिया था।

प्रस्ताव में हिंसा को तत्काल रोकने तथा आसियान राजदूत के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच बातचीत की वकालत की गई है।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 01:18:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सूडान में पैरा मिलिटरी रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के हमले में 25 लोगों की मौत, 30 घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सडन-म-पर-मलटर-रपड-सपरट-फरसज-क-हमल-म-25-लग-क-मत-30-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सडन-म-पर-मलटर-रपड-सपरट-फरसज-क-हमल-म-25-लग-क-मत-30-घयल</guid>
        <description>खार्तूम, 28 अगस्त । पश्चिमी सूडान के उत्तर दारफूर राज्य की राजधानी एल फाशेर में पैरामिलिटरी रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) द्वारा किए गए एक हमले में कम से कम 25 लोग मारे गए और 30 अन्य घायल हो गए। उत्तर दारफूर राज्य के स्वास्थ्य प्रमुख इब्राहीम खतीर ने मंगलवार को सिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया, आरएसएफ ने सोमवार को अबू शौक कैंप मार्केट पर चार शेल दागे, जिसमें 25 लोग मारे गए और लगभग 30 अन्य लोग घायल हो गए। खतीर के मुताबिक, यह घटना सोमवार को हुई और घायलों को अबू शौक क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों, सऊदी अस्पताल और सेना के मेडिकल कॉर्प्स अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया है।

एल फाशेर में एक गैर-सरकारी समूह ने मंगलवार को अपने फेसबुक पेज पर एक बयान में कहा कि आरएसएफ ने सोमवार को एल फाशेर में निजी सब-सहारा कॉलेज पर बमबारी की, जिससे इस कॉलेज के मुख्य हॉल, प्रयोगशाला, शवगृह और अन्य इमारतें नष्ट हो गईं। हालांकि आरएसएफ ने इन घटनाओं पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। बता दें कि 10 मई से, एल फाशेर में सूडानी सशस्त्र बलों (एसएएफ) और आरएसएफ के बीच भीषण संघर्ष जारी है। सूडान में 15 अप्रैल, 2023 से आरएसएफ और आरएसएफ के बीच गंभीर संघर्ष हो रहा है, जिससे कम से कम 16,650 लोगों की मौत हो चुकी है।

हालिया यूएन आंकड़ों के अनुसार, सूडान में अनुमानित 10.7 मिलियन लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हो चुके हैं, जबकि लगभग 2.2 मिलियन अन्य पड़ोसी देशों में शरण ले रहे हैं। इससे पहले पश्चिमी सूडान में उत्तरी डारफुर राज्य की राजधानी एल फशर पर ही 12 अगस्त को अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के हमले में कम से कम 28 नागरिक मारे गए और 46 अन्य घायल हो गए थे। वहां के कार्यवाहक गवर्नर अल-हाफिज बखेत के अनुसार, सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और डारफुर क्षेत्र में सशस्त्र आंदोलन के संयुक्त बल ने शनिवार को अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के हमले को विफल करने में कामयाबी हासिल की थी और उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया था -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 01:18:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप&amp;हैरिस 10 सितंबर को होने वाली प्रेजिडेंशियल डिबेट में माइक बंद रखने पर हुए राजी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-हरस-10-सतबर-क-हन-वल-परजडशयल-डबट-म-मइक-बद-रखन-पर-हए-रज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-हरस-10-सतबर-क-हन-वल-परजडशयल-डबट-म-मइक-बद-रखन-पर-हए-रज</guid>
        <description>वाशिंगटन, 28 अगस्त । अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को घोषणा की कि उन्होंने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस के साथ 10 सितंबर को होने वाली प्रेजिडेंशियल डिबेट के लिए माइक को बंद रखने का समझौता किया है। इस डिबेट में उन्ही नियमों के तहत आगे की चर्चा होगी, जो टीवी चैनल सीएनएन द्वारा आयोजित डिबेट में थे। हालांकि कमला हैरिस ने एबीसी न्यूज द्वारा होस्ट की जाने वाली इस डिबेट की पुष्टि अभी तक नहीं की है। सोमवार को दोनों उम्मीदवारों में बहस को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की टीम ने माइक्रोफोन को खुला रखने की मांग की।

इसके अलावा ट्रम्प ने नेटवर्क के पक्षपातपूर्ण होने का आरोप लगाते हुए डिबेट नहीं करने की धमकी दी। ट्रंप ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि अगले महीने होने वाली प्रेजिडेंशियल डिबेट के नियम जून महीने में सीएनएन पर हुई राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ डिबेट वाले ही रहेंगे। ज्ञात हो कि इसी डिबेट में कमजोर प्रदर्शन की वजह से राष्ट्रपति बाइडेन राष्ट्रपति की उम्मीदवारी से बाहर हो गए थे, जिसके बाद कमला हैरिस को नया डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किया गया। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि यह डिबेट खड़े होकर होगी और किसी को भी कोई नोट्स रखने की इजाजत नहीं होगी। ट्रंप आगे कहते हैं कि एबीसी न्यूज चैनल द्वारा हमें पहले ही यह आश्वासन दिया जा चुका है कि यह डिबेट निष्पक्ष और न्यायसंगत होगी, साथ ही किसी भी उम्मीदवार को पहले से ही प्रश्न रखने की इजाजत नहीं होगी।

इससे पहले हैरिस की टीम ने कहा था कि प्रसारणकर्ताओं को पूरे कार्यक्रम के दौरान उम्मीदवारों के माइक्रोफोन को चालू रखने चाहिए, न कि जब उनका प्रतिद्वंद्वी बोल रहे हों, जैसा कि पिछली राष्ट्रपति बहस में हुआ था। तथाकथित हॉट माइक राजनीतिक उम्मीदवारों की मदद या नुकसान कर सकते हैं, जो कभी-कभी उन टिप्पणियों को पकड़ लेते हैं जो कभी-कभी जनता के लिए नहीं होती हैं। जबकि ट्रम्प की टीम ने कहा कि वह पहले से ही बंद माइक्रोफोन रखने के लिए सहमत हो गई थी, ट्रम्प ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि वह अपने माइक्रोफोन को चालू रखना पसंद करते हैं। ट्रम्प की टीम ने 4 सितंबर को फॉक्स न्यूज नेटवर्क पर एक अलग से बहस की योजना बनाई लेकिन हैरिस टीम ने इसे मना कर दिया। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 01:18:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस ने 100 से ज्यादा मिसाइल और इतने ही ड्रोन से हमला किया: जेलेंस्की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-न-100-स-जयद-मसइल-और-इतन-ह-डरन-स-हमल-कय-जलसक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-न-100-स-जयद-मसइल-और-इतन-ह-डरन-स-हमल-कय-जलसक</guid>
        <description>कीव, 26 अगस्त। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने देश पर रूस की ओर से रातभर और सुबह की गयी बमबारी की सोमवार को निंदा करते हुए उसे घिनौना बताया और कहा कि इसमें विभिन्न प्रकार की 100 से अधिक मिसाइलों तथा करीब 100 शाहिद ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

जेलेंस्की ने कहा कि कुछ लोगों की मौत हुई है तथा कई अन्य लोग घायल हुए हैं। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि रूस के हमले से यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है।

जेलेंस्की ने कहा, रूस के पिछले हमलों की तरह यह भी घिनौना था जिसमें महत्वपूर्ण असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। खारकीव और कीव से लेकर ओडेसा तक तथा हमारे पश्चिमी क्षेत्रों को निशाना बनाया गया।

ये हमला मध्य रात्रि के आसपास शुरू हुआ और दिन निकलने के बाद भी जारी रहा। ऐसा प्रतीत होता है कि यह रूस का यूक्रेन के खिलाफ बीते कई सप्ताह में सबसे बड़ा हमला है।

यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस श्म्याल ने सोमवार सुबह कहा कि रूसी सेना ने 15 यूक्रेनी क्षेत्रों पर ड्रोन, क्रूज मिसाइल और हाइपरसोनिक बैलिस्टिक किंजल मिसाइल दागी हैं।

शम्याल ने कहा,  रूसी आतंकवादियों ने एक बार फिर ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाया है। दुर्भाग्य से, कई क्षेत्रों में नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा कि यूक्रेन के सरकारी स्वामित्व वाली पावर ग्रिड ऑपरेटर उक्रेनेर्गो को सिस्टम को स्थिर करने के लिए आपातकालीन बिजली कटौती के लिए मजबूर होना पड़ा।

रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि हमलों के लिए लंबी दूरी के हवाई हथियारों और महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना केंद्रों के खिलाफ ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 27 Aug 2024 03:09:41 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने विदेशी श्रमिकों को लेकर की अहम घोषणा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-क-पएम-जसटन-टरड-न-वदश-शरमक-क-लकर-क-अहम-घषण</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-क-पएम-जसटन-टरड-न-वदश-शरमक-क-लकर-क-अहम-घषण</guid>
        <description>कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार देश में कम वेतन वाले लोगों और अस्थायी विदेशी श्रमिकों की संख्या को कम कर रही है.

उन्होंने ये भी कहा कि अब कनाडा के व्यवसायों के लिए घरेलू कामगारों और युवाओं पर निवेश करने का समय आ गया है.

जस्टिन ट्रूडो ने ये जानकारी एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए दी. उन्होंने कहा कि अब लेबर मार्केट बदल गया है.

ट्रूडो ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, हम कनाडा में कम वेतन वाले, अस्थायी विदेशी श्रमिकों की संख्या कम कर रहे हैं. लेबर मार्केट बदल गया है. अब हमारे व्यवसायों के लिए कनाडाई श्रमिकों और युवाओं पर निवेश करने का समय आ गया है.

ये क़दम ऐसे वक्त पर उठाया गया है, जब कनाडा बढ़ती आबादी की समस्या से जूझ रहा है. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस समस्या ने आवास और स्वास्थ्य सेवा जैसी सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव डाला है.

फेडरल आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल कनाडा की जो आबादी बढ़ी, उसके पीछे का सबसे बड़ा कारण आप्रवासन था.

ट्रूडो और उनकी सरकार की इस बात को लेकर आलोचना होती है कि वो देश में सेवाओं और आवास निर्माण जैसी सुविधाओं को बढ़ाए बिना आप्रवासन को बढ़ावा दे रहे हैं.

वहीं कनाडा की बेरोज़गारी दर पिछले दो महीनों में बढ़कर 6.4 फीसदी हो गई है. इसका मतलब ये कि पूरे देश में अनुमानित 14 लाख लोग बेरोज़गार हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 27 Aug 2024 03:09:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, यूक्रेन दौरे पर हुई चर्चा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-ज-बइडन-न-पएम-मद-स-फन-पर-क-बत-यकरन-दर-पर-हई-चरच</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-ज-बइडन-न-पएम-मद-स-फन-पर-क-बत-यकरन-दर-पर-हई-चरच</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सोमवार को फोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन, बांग्लादेश समेत कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत हुई.

पीएम मोदी ने ये जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी थी.

वहीं इस बातचीत को लेकर व्हाइट हाउस की तरफ़ से भी बयान जारी किया गया है. साथ ही राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया.

अपने बयान में व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की. उन्होंने प्रधानमंत्री की हालिया पोलैंड और यूक्रेन यात्रा और सितंबर में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा पर चर्चा की.

बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति (जो बाइडन) ने पोलैंड और यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्राओं, जो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी और ऊर्जा क्षेत्र सहित यूक्रेन में शांति और मानवीय समर्थन के उनके संदेश के लिए भी प्रधानमंत्री (पीएम मोदी) की सराहना की है.

वहीं राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है.

उन्होंने लिखा, मैंने प्रधानमंत्री मोदी की पोलैंड और यूक्रेन की हालिया यात्रा पर चर्चा करने के लिए उनसे बातचीत की और शांति के उनके संदेश और यूक्रेन के लिए जारी मानवीय समर्थन के लिए उनकी सराहना की.

बाइडन ने अपनी पोस्ट में लिखा, हमने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शांति और समृद्धि में योगदान देने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

दोनों नेताओं की इस बातचीत को लेकर भारत और अमेरिका ने बयान जारी किए हैं. भारत ने अपने बयान में बांग्लादेश के मसले पर हुई बातचीत की जानकारी दी है. हालांकि अमेरिका की तरफ़ से जारी बयान में बांग्लादेश का कोई ज़िक्र नहीं है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 27 Aug 2024 03:09:38 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा ने चीन को लेकर किया अहम फ़ैसला, भड़का चीन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-न-चन-क-लकर-कय-अहम-फसल-भडक-चन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-न-चन-क-लकर-कय-अहम-फसल-भडक-चन</guid>
        <description>कनाडा ने चीन में निर्मित इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के आयात पर 100 फ़ीसदी शुल्क लगा दिया है. ये अमेरिका और यूरोपीय संघ के लगाए शुल्क के समान है.

कनाडा ने चीन से स्टील और एल्युमीनियम के आयात पर भी 25 फीसदी शुल्क का एलान किया है.

कनाडा और उसके सहयोगी पश्चिमी देशों ने चीन पर आरोप लगाया है कि वो अपनी ईवी इंडस्ट्री को सब्सिडी देता है, जिससे उसके कार निर्माताओं को अनुचित लाभ मिलता है.

चीन ने कनाडा के इस कदम को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूएचओ) के नियमों का उल्लंघन बताया है.

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा, हम कनाडा के ऑटोमोटिव सेक्टर को आने वाले कल के वाहनों का निर्माण करने वाले ग्लोबल लीडर के रूप में बदल रहे हैं. लेकिन चीन जैसे देशों ने वैश्विक बाज़ार में खुद को अनुचित लाभ देने का विकल्प चुना है.

चीन में निर्मित इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के आयात पर बढ़ाया गया शुल्क एक अक्टूबर और स्टील, एल्युमीनियम पर लगने वाला शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होगा.

मई में अमेरिका ने कहा था कि वो चीन के इलेक्ट्रिक वाहनों के आयात पर अपने टैरिफ को चार गुना बढ़ाकर 100 फीसदी कर देगा. इसके बाद यूरोपीय संघ ने चीन में निर्मित इलेक्ट्रिक वाहनों पर 36.3 फीसदी तक शुल्क लगाने की योजना का एलान किया था.

टेस्ला की चीन के शंघाई में मौजूद फैक्ट्री में बनने वाले इलेक्ट्रिक वाहन भी इस शुल्क के तहत आएंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 27 Aug 2024 03:09:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बच्चे को उनके कमरे को साफ&amp;सुथरा रखने में कैसे मदद कर सकते हैं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बचच-क-उनक-कमर-क-सफ-सथर-रखन-म-कस-मदद-कर-सकत-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बचच-क-उनक-कमर-क-सफ-सथर-रखन-म-कस-मदद-कर-सकत-ह</guid>
        <description>(एलिजाबेथ वेस्ट्रुप और गैब्रिएला किंग, डीकिन विश्वविद्यालय और क्रिस्टियन केहो, मेलबर्न विश्वविद्यालय)

मेलबर्न, 27 अगस्त। अगर आप कभी अपने बच्चे के कमरे का दरवाजा खोलते हैं और आपको कपड़ों, खिलौनों के साथ साथ और न जाने क्या-क्या देखने को मिलता है, तो आप अकेले नहीं हैं।

बार-बार कहने, समझाने और धमकियों के बाद भी, जब साफ-सफाई की बात आती है तो माता-पिता अक्सर अपने बच्चों के साथ टकराव की स्थिति में होते हैं। हममें से कई लोगों के लिए, यह कोशिश करो और जाने दो और फिर दोबारा से कहो और झगड़ा हो जाए का एक अंतहीन चक्र है। इससे उत्पन्न होने वाला संघर्ष हर किसी के लिए तनावपूर्ण हो सकता है।

लेकिन जब तक आपके बच्चे घर नहीं छोड़ देते, तब तक आप लेगो के ढेर, इकट्ठी की गई लकड़ियों और पत्थरों - या पुराने भोजन और बिना धुले बर्तनों से भरे कमरों के साथ रहने के लिए अभिशप्त नहीं हैं। इससे निपटने का एक अलग तरीका है।

बच्चे और किशोर गंदे क्यों होते हैं?

बच्चों के अस्त-व्यस्त होने के विकासात्मक कारण होते हैं।

बच्चे और किशोर वयस्क होने तक उच्च-स्तरीय संगठन के लिए आवश्यक अपने मस्तिष्क के हिस्से को पूरी तरह से विकसित नहीं कर पाते हैं, और साफ-सफाई के काम के काम के लिए उन्हें आसानी से मनाया जा सकता है।

हालाँकि, इससे वह परेशानी से बाहर नहीं निकल पाते। संगठन कौशल का अभ्यास मस्तिष्क के लिए बहुत अच्छा है। शोध से पता चलता है कि 18 महीने की उम्र से ही साफ-सफाई में मदद करना बेहतर सामाजिक कौशल (दूसरों के साथ काम करने की क्षमता) से जुड़ा है।

यदि बच्चों के कमरे में बहुत सारे खिलौने हैं तो कमरे को साफ-सुथरा रखना भी मुश्किल हो सकता है। इसका मतलब है कि उन्हें खिलौना ढूंढने के लिए चीजों को इधर-उधर करना होगा या खिलौने की टोकरियाँ उठानी होंगी। बहुत अधिक विकल्प भी बच्चों को जल्दी से एक खिलौने या गतिविधि से दूसरे की ओर ले जा सकता है।

आपको इसे स्वयं ही साफ़ क्यों नहीं करना चाहिए?

माता-पिता के रूप में हम अभिभूत और निराश महसूस करने के चक्र में फंस सकते हैं और अपने बच्चे के दृष्टिकोण से अलग हो सकते हैं। छोटे बच्चों के लिए, खेल ही काम है - उनका अधिकांश सीखना खेलते समय होता है।

जब हम उनके खेल में बाधा डालते हैं उनकी किसी खास चीज को इधर-उधर रख देते हैं, या किसी विशेष वस्तु को बाहर फेंक देते हैं, तो इससे बच्चे का विश्वास टूट सकता है और यह आपके बच्चे के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

किशोरों (और यहां तक ​​कि छोटे बच्चों) के लिए, उनकी दुनिया में एक स्वस्थ पहचान और नियंत्रण की भावना विकसित करने के लिए व्यक्तिगत स्थान होना महत्वपूर्ण है।

इसलिए जब माता-पिता उनके कमरे में घुसते हैं और अपना सामान इधर-उधर करते हैं, तो यह उल्लंघन जैसा महसूस हो सकता है।

सफ़ाई को आसान कैसे बनाया जा सकता है?

शांत माहौल में (जब आप उनसे कुछ भी साफ करने के लिए नहीं कह रहे हों) अपने बच्चे से सफ़ाई के बारे में बात करने के लिए समय निकालें। इसे एक व्याख्यान न बनाएं - स्वीकार करें कि उनके कमरे को साफ-सुथरा रखना कितना कठिन है, उनसे इस बारे में विचार पूछें कि क्या मदद मिल सकती है और एक नियमित दिनचर्या पर एक साथ निर्णय लें (शायद वे हमेशा टीवी से पहले अपने कमरे को जल्दी से साफ-सुथरा कर दें, या किसी खास दिन ऐसा करें)। चर्चा करें कि इसे कैसे किया जाए और आप साथ मिलकर कैसे काम करेंगे।

अपने बच्चे के कमरे में कम खिलौने रखें और इनके लिए एक विशेष स्थान रखें। यह कमरे को अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बना सकता है, खेल और रचनात्मकता को प्रेरित कर सकता है और साफ-सफाई को आसान बना सकता है।

उन क्षणों पर ध्यान दें जब आपके बच्चे किसी प्रकार की सफाई कर रहे हों और उनके प्रयासों को स्वीकार करें। बच्चों को ध्यान आकर्षित करना अच्छा लगता है - हम सभी ऐसा करते हैं!

बड़े बच्चों के लिए कार्य को छोटे भागों में बाँट दें। उदाहरण के लिए, आप केवल अपना कमरा साफ करो कहने के बजाय सुझाव दे सकते हैं, सारे लेगो को उस बॉक्स में पैक करें तो कैसा रहेगा?

छोटे बच्चों के साथ सक्रिय रहें। सफ़ाई करना कनेक्शन का समय हो सकता है। पहले उन्हें सभी लाल खिलौने ढूंढने को कहें, फिर देखें कि वे कितनी तेजी से आपके लिए ऐसे गंदे मोज़े ला सकते हैं जिन्हें धोने की ज़रूरत है।

जब आप अपने बच्चे को साफ़-सफ़ाई करने के लिए कहते हैं तो उसके मन में क्या भावनाएँ आती हैं, इस पर ध्यान दें। इन भावनाओं को जुड़ाव और मार्गदर्शन के अवसर के रूप में देखें। उदाहरण के लिए, इस अद्भुत किले को साफ करना कठिन है, आपने इस पर बहुत मेहनत की है। मुझे यह पसंद है कि यह कितना आरामदायक है। और जैसे ही आप आगे बढ़ें भावनाओं को नाम दें। उदाहरण के लिए, जब साफ करने के लिए बहुत कुछ हो तो बहुत खुशी होती है। क्या आप इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहां से शुरुआत करें? या समस्या को एक साथ हल करें: हम पहले क्या साफ़ कर सकते हैं?

किशोरों के साथ, केवल एक चीज़ से शुरू करें जिसे सफाई की आवश्यकता है (उदाहरण के लिए, धोना? या प्लेटें?)। किसी एक चीज से शुरूआत करना एक किशोर को सफाई न करने के एहसास से निकलने और टकराव को रोकने में मदद देते हैं।(द कन्वरसेशन)</description>
        <pubDate>Tue, 27 Aug 2024 03:09:36 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मध्य बुर्किना फासो में आतंकी हमले में कम से कम 100 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मधय-बरकन-फस-म-आतक-हमल-म-कम-स-कम-100-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मधय-बरकन-फस-म-आतक-हमल-म-कम-स-कम-100-लग-क-मत</guid>
        <description>अबुजा, 27 अगस्त। मध्य बुर्किना फासो के एक गांव में अल-कायदा से जुड़े आतंकवादियों द्वारा सप्ताहांत में किए गए हमले में कम से कम 100 ग्रामीणों और सैनिकों की मौत हो गई। एक विशेषज्ञ ने हमले से जुड़े वीडियो के विश्लेषण के बाद यह जानकारी दी।

इस हमले को संघर्षग्रस्त बुर्किना फासो में इस वर्ष हुए सबसे घातक हमलों में से एक बताया जा रहा है।

सुरक्षा थिंक टैंक सौफान सेंटर के वरिष्ठ अनुसंधान फेलो वसीम नस्र ने बताया कि राजधानी औगाडौगू से 80 किलोमीटर दूर बार्सालोघो कम्यून के ग्रामीण सुरक्षा चौकियों और गांवों की रक्षा के लिए बनाई जा रही खाइयों की खुदाई के काम में सुरक्षा बलों की शनिवार को मदद कर रहे थे।

नस्र के अनुसार, इस दौरान अल-कायदा से जुड़े जमात नुसरत अल-इस्लाम अल-मुस्लिमीन (जेएनआईएम) समूह के आतंकवादियों ने गांव में गोलीबारी शुरू कर दी।

अल-कायदा ने रविवार को एक बयान जारी कर हमले की जिम्मेदारी ली। उसने काया शहर के बार्सालोघो में एक सैन्य चौकी पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने का दावा किया। काया रणनीतिक लिहाज से अहम शहर है, जहां सुरक्षा बलों और औगाडौगू पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे आतंकी संगठनों के बीच कई मुठभेड़ हो चुकी हैं।

नस्र ने बताया कि हमले से जुड़े वीडियो में कम से कम 100 शवों की गिनती की गई है। इन वीडियो में गोलीबारी की आवाज के बीच खाइयों और फावड़ों के पास पड़ा शवों का ढेर दिखाई दे रहा है।

बुर्किना फासो के सुरक्षा मंत्री महामदौ सना ने रविवार को कहा कि सरकार ने हमले का करारा जवाब दिया। उन्होंने हमले में मारे गए लोगों की वास्तविक संख्या नहीं बताई, लेकिन कहा कि मृतकों में सैनिक और नागरिक शामिल हैं।

सना ने कहा, हम इस क्षेत्र में ऐसी बर्बरता स्वीकार नहीं करेंगे। सरकार ने सभी प्रभावित लोगों को चिकित्सा एवं अन्य मानवीय सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। अधिकारी लोगों के जीवन की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 27 Aug 2024 03:09:36 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान के बलूचिस्तान में आतंकी हमलों में 70 से ज़्यादा की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-बलचसतन-म-आतक-हमल-म-70-स-जयद-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-बलचसतन-म-आतक-हमल-म-70-स-जयद-क-मत</guid>
        <description>क्वेटा (पाकिस्तान), 27 अगस्त । दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक के बाद एक कई आतंकी हमलों में 70 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं। सैन्य और पुलिस अधिकारियों के हवाले से ये जानकारी दी गई है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की सेना ने कहा कि लासबेला जिले के एक शहर बेला में एक प्रमुख राजमार्ग पर वाहनों को निशाना बनाकर किए गए एक बड़े हमले में 14 सैनिक और पुलिस के साथ-साथ 21 आतंकवादी मारे गए। मुसाखेल जिले में एक अलग हमले में, स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि हमलावरों ने कथित तौर पर एक काफिले को रोका, उनकी पहचान की और यह पता करने के बाद कि वे पंजाब से थे, कम से कम 23 नागरिकों को मार दिया, साथ ही 35 वाहनों में आग लगा दी। कलात में एक पुलिस चौकी और एक राजमार्ग पर हुए हमले में कथित तौर पर दस लोग - पांच पुलिस और पांच नागरिक मारे गए।

रेलवे अधिकारी मुहम्मद काशिफ ने बताया कि सोमवार को बोलन शहर में एक रेल पुल पर विस्फोट के बाद क्वेटा रेल यातायात निलंबित कर दिया गया। यह रेल मार्ग क्वेटा को पाकिस्तान के बाकी हिस्सों से जोड़ता है, साथ ही पड़ोसी ईरान के साथ रेल लिंक भी है। रेलवे पुल पर हमले वाली जगह के पास अब तक पुलिस को छह अज्ञात शव मिले हैं। बलूचिस्तान प्रांत में कई साल से विद्रोह चल रहा है, वहां कई सशस्त्र समूह मौजूद हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, मानवाधिकार समूहों ने बलूचिस्तान आंदोलन के प्रति पाकिस्तान की प्रतिक्रिया की निंदा की है, जिसमें जबरन लोगों को गायब करना और दमन के अन्य रूप शामिल हैं।

पंजाब प्रांत को जोड़ने वाले राजमार्ग पर हमले से पहले बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने लोगों को राजमार्गों से दूर रहने की चेतावनी दी थी। एक बयान में, समूह ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने सादी वर्दी में यात्रा कर रहे सैन्य कर्मियों को निशाना बनाया, जिन्हें पहचाने जाने के बाद गोली मार दी गई। हालांकि, पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कहा कि मारे गए लोग निर्दोष नागरिक थे। घायलों को डेरा गाजी खान के एक अस्पताल में ले जाया गया, जो सबसे नजदीकी अस्पताल है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अलग-अलग बयानों में मुसाखाइल हमले को बर्बर बताया और कहा कि हमलावर बच नहीं पाएंगे।

पंजाब सरकार की प्रवक्ता उज्मा बुखारी ने हमलों की निंदा करते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय बताया और बलूचिस्तान सरकार से बीएलए आतंकवादियों को खत्म करने का आह्वान किया। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने भी वादा किया कि हमलावरों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पूरे प्रांत में सुरक्षा बलों ने 12 विद्रोही लड़ाकों को मार गिराया है। बलूचिस्तान में पहले भी इसी तरह के हमलों की जिम्मेदारी बीएलए ने ली है। मई में ग्वादर में सात नाइयों की हत्या या अप्रैल में हाईवे से कई लोगों को अगवा कर उनकी हत्या की जिम्मेदारी ली थी। बलूचिस्तान में बीएलए जैसे सशस्त्र समूहों का मकसद अलगाववाद है, जो अक्सर पंजाब से काम करने के लिए आने वाले मजदूरों को निशाना बनाते हैं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 27 Aug 2024 03:09:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अफगानिस्तान में सड़क दुर्घटना में चार की मौत, छह घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अफगनसतन-म-सडक-दरघटन-म-चर-क-मत-छह-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अफगनसतन-म-सडक-दरघटन-म-चर-क-मत-छह-घयल</guid>
        <description>बामियान, 24 अगस्त । मध्य अफगानिस्तान के बामियान प्रांत में शनिवार सुबह एक सड़क दुर्घटना के कारण कम से कम चार यात्रियों की जान चली गई और छह अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, याकावलैंड नंबर 1 जिले में एक यात्री कार के पलट जाने से यह घातक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक महिला और दो बच्चों सहित चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। इसमें कहा गया है कि तीन महिलाओं और दो बच्चों सहित घायलों को इलाज के लिए प्रांतीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 26 Aug 2024 00:38:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इंडोनेशिया के पूर्वी टर्नेट द्वीप पर अचानक आई बाढ़ में 11 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इडनशय-क-परव-टरनट-दवप-पर-अचनक-आई-बढ-म-11-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इडनशय-क-परव-टरनट-दवप-पर-अचनक-आई-बढ-म-11-लग-क-मत</guid>
        <description>टर्नेट द्वीप, 25 अगस्तइंडोनेशिया के पूर्वी टर्नेट द्वीप पर मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ में रविवार को 11 लोगों की मौत हो गई।

स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर काम कर रहे खोज और बचाव दल ने उत्तरी मालुकु प्रांत के रुआ गांव में 10 शव बरामद किए हैं। द्वीप की खोज और बचाव एजेंसी के एक अधिकारी ब्रैम मद्या टेमारा के अनुसार, टीम एक और शव को निकालने के लिए मशक्कत कर रही है।

अचानक आई बाढ़ ने रिहायशी इलाकों को बहा दिया और दर्जनों इमारतें और घर मलबे में दब गए।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 26 Aug 2024 00:38:36 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फातिमा सना 2024 महिला टी20 विश्व कप के लिए पाकिस्तान की कप्तान नियुक्त</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फतम-सन-2024-महल-ट20-वशव-कप-क-लए-पकसतन-क-कपतन-नयकत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फतम-सन-2024-महल-ट20-वशव-कप-क-लए-पकसतन-क-कपतन-नयकत</guid>
        <description>लाहौर, 25 अगस्त । पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने 22 वर्षीय तेज गेंदबाज फातिमा सना को संयुक्त अरब अमीरात में इस अक्टूबर में होने वाले महिला टी20 विश्व कप 2024 के लिए राष्ट्रीय महिला टीम का नया कप्तान नियुक्त किया है। फातिमा ने अनुभवी ऑलराउंडर निदा डार से नेतृत्व की भूमिका संभाली है, जो पाकिस्तान के टी20 कप्तान के रूप में पहली बार और आईसीसी इवेंट में कप्तान के रूप में उनकी पहली पारी है।

फातिमा ने अतीत में नेतृत्व क्षमता दिखाई है, इससे पहले उन्होंने दो एकदिवसीय मैचों में पाकिस्तान का नेतृत्व किया था, जिसमें हेगले ओवल में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक रोमांचक सुपर ओवर की जीत भी शामिल थी, जबकि वह डार के स्थान पर कप्तान थीं । यह अनुभव अमूल्य साबित होगा क्योंकि वह महिला क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक के लिए कप्तानी की भूमिका में कदम रखेंगी।

टी20 विश्व कप के लिए टीम में उस टीम से काफी हद तक कोई बदलाव नहीं हुआ है जिसने हाल ही में श्रीलंका में महिला टी20 एशिया कप में भाग लिया था। एकमात्र बदलाव में विकेटकीपर-बल्लेबाज नजीहा अल्वी की जगह बल्लेबाज सदफ शमास को शामिल किया गया है, जिन्होंने 2023 महिला टी20 विश्व कप में हिस्सा लिया था। 2023 विश्व कप अभियान के दस खिलाड़ियों ने अपना स्थान बरकरार रखा है, जिनमें आलिया रियाज, मुनीबा अली, नाशरा संधू, ओमैमा सोहेल और तुबा हसन जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। बाएं हाथ की स्पिनर सादिया इकबाल को टीम में शामिल किया जाना उनके फिटनेस टेस्ट पास करने पर निर्भर है, जबकि बाएं हाथ की अनकैप्ड तेज गेंदबाज तस्मिया रुबाब को भी चुना गया है। अल्वी, मुख्य टीम में बदले जाने के बावजूद, रिजर्व विकेटकीपर के रूप में टीम के साथ यात्रा करेंगी।

रमीन शमीम और उम्म-ए-हानी को गैर-यात्रा रिजर्व के रूप में नामित किया गया है। पाकिस्तान को ग्रुप ए में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा, जहां उसका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूजीलैंड और श्रीलंका से होगा। महिला टी20 विश्व कप 3 अक्टूबर से शुरू होने वाला है, हालांकि पिछले हफ्ते बांग्लादेश से टूर्नामेंट के स्थानांतरण के बाद एक संशोधित स्थिरता सूची अभी भी लंबित है। महिला टी20 विश्व कप 2024 के लिए पाकिस्तान टीम: फातिमा सना (कप्तान), आलिया रियाज, डायना बेग, गुल फिरोजा, इरम जावेद, मुनीबा अली (विकेटकीपर), नशरा संधू, निदा डार, ओमैमा सोहेल, सदफ शमास, सादिया इकबाल (फिटनेस के आधार पर), सिदरा अमीन, सैयदा अरूब शाह , तस्मिया रुबाब, तुबा हसन ट्रैवलिंग रिजर्व: नाजिहा अल्वी (विकेटकीपर)। गैर-यात्रा आरक्षित: रमीन शमीम और उम्म-ए-हानी (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 26 Aug 2024 00:38:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हत्या के चार और मामले दर्ज</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-अपदसथ-परधनमतर-शख-हसन-क-खलफ-हतय-क-चर-और-ममल-दरज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-अपदसथ-परधनमतर-शख-हसन-क-खलफ-हतय-क-चर-और-ममल-दरज</guid>
        <description>ढाका, 25 अगस्त। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके पूर्व कैबिनेट सहयोगियों के खिलाफ हत्या के कम से कम चार और मामले दर्ज किए गए हैं। रविवार को मीडिया में आईं खबरों से यह जानकारी मिली है।

सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस की खबर के अनुसार, वर्ष 2010 में बांग्लादेश राइफल्स (बीडीआर) के एक अधिकारी अब्दुर रहीम की मौत के मामले में रविवार को हसीना (76), बांग्लादेश सीमारक्षक बल (बीजीबी) के पूर्व निदेशक जनरल अजीज अहमद व 11 अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।

बीडीआर के सहायक उप निदेशक रहे रहीम 2010 में पिलखाना में कत्लेआम के सिलसिले में दर्ज मामले में आरोपी थे। उसी साल 29 जुलाई को हिरासत में रहते हुए जेल में उनकी मौत हो गई थी।

रहीम के बेटे अधिवक्ता अब्दुल अजीज ने ढाका मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट मोहम्मद अख्तर उज्जमां की अदालत में मामला दर्ज कराया।

समाचार एजेंसी ने बताया कि 18 जुलाई को भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के दौरान सैन्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एमआईएसटी) के एक छात्र की हत्या के मामले में हसीना और 48 अन्य के खिलाफ रविवार को हत्या का एक और मामला दर्ज किया गया।

खबर में कहा गया है कि पीड़ित शेख अशबुल यमीन के चाचा अब्दुल्ला-अल कबीर ने रविवार को ढाका के वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद सैफुल इस्लाम की अदालत में एक याचिका दायर कर 49 आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की अपील की।

इस मामले में अवामी लीग के महासचिव और पूर्व सड़क परिवहन एवं पुल मंत्री ओबैदुल कादर और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान व अन्य को आरोपी बनाया गया है।

हाल ही में विरोध प्रदर्शन के दौरान राजधानी में ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ बांग्लादेश (टीसीबी) के उत्पादों के एक विक्रेता की हत्या को लेकर हसीना और 27 अन्य के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया गया था।

मामले में अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर और पूर्व मंत्री अनीसुल हक तथा ताजुल इस्लाम अन्य प्रमुख आरोपी हैं।

हाल ही में विरोध प्रदर्शन के दौरान राजधानी में एक ऑटो-रिक्शा चालक की हत्या को लेकर हसीना समेत 25 लोगों के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया था।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 26 Aug 2024 00:38:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हिज़बुल्लाह के हमलों का हूती विद्रोहियों और हमास ने किया समर्थन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हजबललह-क-हमल-क-हत-वदरहय-और-हमस-न-कय-समरथन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हजबललह-क-हमल-क-हत-वदरहय-और-हमस-न-कय-समरथन</guid>
        <description>इसराइल ने हिज़बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर लेबनान में हवाई हमले किए हैं.

वहीं हिज़बुल्लाह ने इसराइल पर 300 रॉकेट दागने का दावा किया.

हमास ने कहा है कि वह हिज़बुल्लाह की तरफ से इसराइल पर किए हमले का स्वागत करता है.

टेलीग्राम पर हमास की तरफ से जारी बयान में इसराइल के अंदर किए गए इस हमले की प्रशंसा की गई है. हमले को प्रमुख प्रतिक्रिया बताया गया है.

हमास ने कहा कि वरिष्ठ कमांडर फौद शुक्र के मारे जाने के बाद वह हिज़बुल्लाह की इस मज़बूत कार्रवाई की सराहना करता है.

बयान में कहा गया है कि फ़लस्तीन और लेबनान के लोगों के खिलाफ की गई आपराधिक कार्रवाई को बख्शा नहीं जाएगा.

इस बीच हिज़बुल्लाह की मीडिया की ओर से टेलीग्राम पर किए गए पोस्ट में हिज़बुल्लाह के दो लड़ाकों के मारे जाने की पुष्टि की गई है.

हूती विद्रोहियों ने हिज़बुल्लाह की कार्रवाई का किया समर्थन

यमन के हूती विद्रोहियों ने हिज़बुल्लाह की तरफ से इसराइल पर की गई इस कार्रवाई को साहसिक बताया है.

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इसराइल की ओर से यमन के एक बंदरगाह पर किए हमले के जवाब में हमला शुरू करने की धमकी दी है.

इसराइल ने कहा है कि उसकी ओर से वो हमला हूती विद्रोहियों की तरफ से तेल अवीव में किए गए ड्रोन हमले के जवाब में किया गया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 26 Aug 2024 00:38:31 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत और यूक्रेन ने चार समझौतों पर हस्ताक्षर किये</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-और-यकरन-न-चर-समझत-पर-हसतकषर-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-और-यकरन-न-चर-समझत-पर-हसतकषर-कय</guid>
        <description>कीव, 23 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच हुई वार्ता के बाद भारत और यूक्रेन ने शुक्रवार को चार समझौतों पर हस्ताक्षर किये।

अधिकारियों ने बताया कि इन समझौतों से कृषि, खाद्य उद्योग, चिकित्सा, संस्कृति और मानवीय सहायता के क्षेत्रों में सहयोग सुनिश्चित होगा।

इससे पहले, मोदी ने यूक्रेन की राजधानी कीव की ऐतिहासिक यात्रा शुरू की, जहां उन्होंने राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ वार्ता की।

यह 1991 में यूक्रेन के स्वतंत्र होने के बाद भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यूक्रेन यात्रा है और उनकी यात्रा रूस के पश्चिमी कुर्स्क क्षेत्र में कीव के ताजा सैन्य आक्रमण के बीच हो रही है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 01:19:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नेपाल ने हटाई टिक टॉक से पाबंदी लेकिन...</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नपल-न-हटई-टक-टक-स-पबद-लकन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नपल-न-हटई-टक-टक-स-पबद-लकन</guid>
        <description>नेपाल ने 9 महीने बाद देश में टिक टॉक से पाबंदी हटा ली है. नेपाल ने सामाजिक सद्भाव को बचाने का हवाला देकर इस वीडियो ऐप पर पाबंदी लगा दी थी.

टिक टॉक के चीनी मालिक ने कहा है कि वो नेपाल के इस कदम से खुश हैं.

टिक टॉक को इसके लिए कुछ शर्तों का पालन करना होगा. उसे नेपाल में पर्यटन को बढ़ावा देना होगा, इसके अलावा टिक टॉक पर उचित भाषा का भी ध्यान रखना होगा.

नेपाल की पिछली सरकार ने देश में टिक टॉक पर पाबंदी लगा दी थी. टिक टॉक पर उस वक़्त नफ़रत फैलाने वाली बातों को रोकने से इनकार करने का आरोप था.

नेपाल के नए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली चीन के साथ बेहतर संबंधों के समर्थक हैं. जानकारों का मानना है कि वो आगे अपनी इसी नीति पर चलते रहेंगे. ओली पिछले महीने यानी जुलाई में चौथी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 01:19:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन ने भारतीय महिलाओं को एक दिन के लिए उच्चायुक्त बनने का निमंत्रण दिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-न-भरतय-महलओ-क-एक-दन-क-लए-उचचयकत-बनन-क-नमतरण-दय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-न-भरतय-महलओ-क-एक-दन-क-लए-उचचयकत-बनन-क-नमतरण-दय</guid>
        <description>कोच्चि, 23 अगस्त। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की पृष्ठभूमि में ब्रिटिश उच्चायोग ने 18 से 23 वर्ष की आयु वाली भारतीय महिलाओं को एक दिन के लिए ब्रिटेन के शीर्ष राजनयिकों में से एक बनने का मौका प्रदान किया है।

ब्रिटिश उच्चायोग ने शुक्रवार को कहा कि हाई कमिश्नर फॉर ए डे (एक दिन के लिए उच्चायुक्त) प्रतियोगिता भारत की प्रतिभाशाली युवा महिलाओं को वैश्विक मंच पर अपनी ताकत और नेतृत्व क्षमता दिखाने का एक जरिया है।

इसने एक विज्ञप्ति में कहा है, इसमें भाग लेने के लिए आवेदकों को एक मिनट का वीडियो प्रस्तुत करना होगा, जिसमें इस प्रश्न का उत्तर दिया गया हो: ब्रिटेन और भारत भविष्य की पीढ़ियों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रौद्योगिकी पर किस प्रकार सहयोग कर सकते हैं।

इसमें कहा गया है कि प्रतिभागियों को अपना वीडियो ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम या लिंक्डइन पर यूके इन इंडिया टैग करते हुए और हैशटैग डे ऑफ द गर्ल का उपयोग करते हुए साझा करना चाहिए।

प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि चार सितम्बर, 2024 है और आवेदकों को अपनी प्रविष्टि को अंतिम रूप देने के लिए एक ऑनलाइन फॉर्म भी भरना होगा।

एक विज्ञप्ति में भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने कहा कि यह प्रतियोगिता भावी महिला नेताओं को आगे लाने का एक मौका है।

उन्होंने कहा, भारत में प्रथम महिला ब्रिटिश उच्चायुक्त के रूप में यह एक ऐसा मुद्दा है जो मेरे दिल के बहुत करीब है और मैं हर युवा महिला को अपनी सोच बदलने और अपने सर्वोत्तम विचार भेजने के लिए प्रोत्साहित करती हूं।

ब्रिटिश उच्चायोग (बीएचसी) का एक निर्णायक मंडल विजेता का चयन करेगा।

प्रत्येक प्रतिभागी की केवल एक प्रविष्टि स्वीकार की जाएगी।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 01:19:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी राष्ट्रपति पद के निर्दलीय उम्मीदवार रॉबर्ट एफ़ कैनेडी जूनियर ने ट्रंप को दिया अपना समर्थन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-पद-क-नरदलय-उममदवर-रबरट-एफ-कनड-जनयर-न-टरप-क-दय-अपन-समरथन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-पद-क-नरदलय-उममदवर-रबरट-एफ-कनड-जनयर-न-टरप-क-दय-अपन-समरथन</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति पद के निर्दलीय उम्मीदवार रॉबर्ट एफ़ कैनेडी जूनियर ने अब डोनाल्ड ट्रंप को समर्थन देने का एलान किया है.

इसी के साथ रॉबर्ट एफ़ कैनेडी जूनियर ने अपनी उम्मीदवारी भी वापस ले ली है. उन्होंने एरिज़ोना में आयोजित की गई एक रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक मंच भी साझा किया.

रॉबर्ट एफ़ कैनेडी जूनियर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ़ कैनेडी के वंशज हैं. 70 वर्षीय कैनेडी पहले डेमोक्रेटिक पार्टी के ही सदस्य थे लेकिन सिद्धांतों के टकराव के चलते उन्होंने पार्टी को छोड़ने का फ़ैसला किया.

एरिज़ोना में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हुए उन्होंने कहा, वे 10 राज्यों के मतपत्रों से अपना नाम भी हटवाने की कोशिश करेंगे.

वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपनी रैली के मंच पर उनका स्वागत करते हुए कैनेडी को एक अभूतपूर्व और शानदार नेता बताया.

वहीं शुक्रवार को शिकागो में डेमोक्रेटिक पार्टी के कन्वेंशन प्रोग्राम में कमला हैरिस ने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को स्वीकर किया. साथ ही उन्होंने अमेरिकियों से ट्रंप का साथ ना देने की अपील भी की.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 01:19:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फेड रिजर्व अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने दिए ब्याज दरों में कटौती के संकेत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फड-रजरव-अधयकष-जरम-पवल-न-दए-बयज-दर-म-कटत-क-सकत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फड-रजरव-अधयकष-जरम-पवल-न-दए-बयज-दर-म-कटत-क-सकत</guid>
        <description>वाशिंगटन, 24 अगस्त । अमेरिकी फेडरल रिजर्व, फेड ने देश ब्याज दरों में कटौती करने के संकेत दिए हैं। ब्याज दरों में कटौती के संकेत कई महीनों से मिल रहे हैं। फेडरल रिजर्व, फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा है कि मौद्रिक नीति समायोजन के लिए समय आ गया है। उनके इस बयान से यह संकेत मिलते हैं कि केंद्रीय बैंक अगले महीने बहुप्रतीक्षित ब्याज दरों में कटौती शुरू कर सकता है। समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, पॉवेल ने शुक्रवार को आर्थिक नीति पर चर्चा के दौरान कहा कि मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत के लक्ष्य के बहुत करीब है और नीति समायोजन का समय आ गया है। उन्होंने कहा, हमारी इस यात्रा की दिशा स्पष्ट है।

वहीं ब्याज दरों में कटौती की टाइमिंग- आगामी आंकड़ों, बदलती सोच और रिस्क को बैलेंस करने के आधार पर तय होगा। बता दें, अमेरिका में 17-18 सितंबर को निर्धारित संघीय मुक्त बाजार समिति (एफओएमसी) की बैठक में दरों में कटौती की संभावना को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। पिछले महीने की एफओएमसी बैठक के बाद, पॉवेल ने कहा था कि यदि शर्तें पूरी होती हैं तो सितंबर में ही दरों में कटौती की जा सकती है। जुलाई में हुई एफओएमसी बैठक के अध्यन से पता चला कि फेड के पॉलिसी मेकर्स के अप्रत्याशित समर्थन से संकेत मिला कि मुद्रास्फीति पर प्रगति जारी रहने पर देश में चल रही ब्याज दर को अगले महीने कम किया जा सकता है। पॉवेल ने मुद्रास्फीति के लगातार बढ़ने की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा, मुद्रास्फीति की दर हमारे अनुमानों के करीब है, पिछले एक साल में कीमतों में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस साल की शुरुआत में दो प्रतिशत की वृद्धि हुई।  --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 01:18:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इंडोनेशिया में कानून में बदलाव को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इडनशय-म-कनन-म-बदलव-क-लकर-पलस-और-परदरशनकरय-क-बच-हसक-झडप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इडनशय-म-कनन-म-बदलव-क-लकर-पलस-और-परदरशनकरय-क-बच-हसक-झडप</guid>
        <description>इमेज कैप्शन,प्रदर्शन के दौरान संसद के बाहर अराजकता देखने को मिली. कुछ प्रदर्शनकारियों ने गेट तोड़ने की कोशिश की.

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में संवैधानिक अदालत के फैसले को पलटने के सरकार के प्रयास के विरोध में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई.

प्रदर्शन के दौरान संसद के बाहर अराजकता देखने को मिली, यहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने गेट तोड़ने की कोशिश की, जबकि अन्य लोग शांति की अपील कर रहे थे.

जकार्ता के अलावा अन्य प्रमुख शहरों जैसे- पड़ांग, बांडुंग और योग्याकार्ता में भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई.

पर्यवेक्षकों का कहना है कि राष्ट्रपति के समर्थकों का वर्चस्व वाली इंडोनेशिया की संसद और देश की संवैधानिक अदालत के बीच सत्ता संघर्ष एक राजनीतिक संकट को जन्म दे सकता है.

बुधवार को इंडोनेशिया की शीर्ष अदालत ने फैसला सुनाया कि किसी उम्मीदवार को चुनाव में उतारने के लिए पार्टियों को क्षेत्रीय विधानसभाओं में न्यूनतम 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व की आवश्यकता नहीं है.

इसके 24 घंटे के भीतर संसद ने इस फैसले को पलटने के लिए एक आपातकालीन प्रस्ताव पेश किया.

हालांकि, संसद में पर्याप्त सांसदों की मौजूदगी नहीं होने के चलते गुरुवार को मतदान स्थगित कर दिया गया.

यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता है तो यह निवर्तमान राष्ट्रपति जोको जोकोवी विदोदो और उनके उत्तराधिकारी प्रबोवो सुबियांतो के लिए सहूलियत भरा होगा.

इससे कई स्थानीय चुनावों के निर्विरोध होने की उम्मीद है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 23 Aug 2024 00:52:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिणी लेबनान पर इजरायली हवाई हमलों में 2 की मौत, 2 घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-लबनन-पर-इजरयल-हवई-हमल-म-2-क-मत-2-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-लबनन-पर-इजरयल-हवई-हमल-म-2-क-मत-2-घयल</guid>
        <description>बेरूत, 22 अगस्त। लेबनान के सैन्य सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में दो हिजबुल्लाह सदस्य मारे गए और दो नागरिक घायल हो गए।

सूत्रों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि हवाई हमलों में ऐता अल-शाब गांव के एक घर को निशाना बनाया गया, जिसमें दो हिजबुल्लाह सदस्य मारे गए।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि हताहतों को बिंट जेबील सरकारी अस्पताल ले जाया गया है।

सूत्रों ने बताया कि एक अलग हमले में, एक इजरायली युद्धक विमान ने दक्षिणी लेबनान के पूर्व में स्थित म्हाइबिब शहर पर दो मिसाइलें दागी, जिसमें दो नागरिक घायल हो गए।

उन्होंने बताया कि इजरायली लड़ाकू विमान और ड्रोन ने सुबह के समय लेबनान के 10 सीमावर्ती कस्बों और गांवों पर 12 हवाई हमले किए, जिसमें लगभग 20 घर नष्ट हो गए और 60 से अधिक क्षतिग्रस्त हो गए।

इस बीच, हिजबुल्लाह ने एक बयान में कहा कि उसके लड़ाकों ने किरयात शमोना बस्ती में इजरायली सैनिकों के ठिकानों पर आत्मघाती ड्रोन के एक स्क्वाड्रन के साथ हवाई हमला किया।

उन्होंने कहा कि ड्रोन अपने लक्ष्यों को सटीक रूप से भेदने में कामयाब रहा।

पिछले 24 घंटों के दौरान लेबनानी सेना ने दक्षिणी लेबनान से उत्तरी इजराइल की ओर लगभग आठ ड्रोन और लगभग 150 सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों के प्रक्षेपण पर नजर रखी।

सेना के अनुसार, इजरायली आयरन डोम मिसाइलों ने दक्षिणी लेबनान के सीमावर्ती क्षेत्र के हवाई क्षेत्र में इनमें से कुछ को रोक लिया, तथा इजरायली युद्धक विमानों ने भी इन ड्रोनों को रोकने में भाग लिया।(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 23 Aug 2024 00:52:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कमला हैरिस ने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी स्वीकार करते हुए माँ श्यामला को यूं याद किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-रषटरपत-पद-क-उममदवर-सवकर-करत-हए-म-शयमल-क-य-यद-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-रषटरपत-पद-क-उममदवर-सवकर-करत-हए-म-शयमल-क-य-यद-कय</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया के तहत शिकागो में आयोजित हुए डेमोक्रेटिक पार्टी के कन्वेंशन प्रोग्राम में डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति उम्मीदवार कमला हैरिस ने अपना अभी तक का सबसे लंबा भाषण दिया.

इसके साथ ही कमला हैरिस ने पार्टी की तरफ़ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को भी स्वीकार किया.

अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने बचपन की यादों के साथ की. उन्होंने बताया कि उनकी मां हमेशा हौसला बढ़ाती थीं. कमला हैरिस ने कहा, मेरे पिता मुझे सपनों के पीछे भागने के लिए प्रेरित करते थे.

हैरिस ने कहा कि उनकी मां श्यामला भारत से अमेरिका आई थीं. उन्होंने हमें सिखाया कि नाइंसाफ़ी के ख़िलाफ़ शिकायत मत करो बल्कि इसे दूर करने के लिए कुछ करो.

हैरिस ने कहा, एक महान राष्ट्र के लिए मैं डेमोक्रेटिक पार्टी के नामांकन को स्वीकार करती हूं.

इसके साथ ही हैरिस ने अमेरिका से अतीत की कड़वी यादों और निराशावाद से आगे निकलने की अपील भी की.

उन्होंने कहा कि देश को एक समुदाय, पार्टी या गुट की बजाय अमेरिका के तौर पर आगे बढ़ाने की ज़रूरत है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 23 Aug 2024 00:52:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन चाहता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति पद का चुनाव ट्रंप जीतें: कृष्णमूर्ति</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-चहत-ह-क-अमरक-क-रषटरपत-पद-क-चनव-टरप-जत-कषणमरत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-चहत-ह-क-अमरक-क-रषटरपत-पद-क-चनव-टरप-जत-कषणमरत</guid>
        <description>(ललित के झा)

शिकागो, 23 अगस्त। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बृहस्पतिवार को कहा कि चीन चाहता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की जीत हो।

इलिनोइस से सांसद कृष्णमूर्ति शिकागो में डेमोक्रेटिक नेशनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले एकमात्र भारतीय-अमेरिकी सांसद हैं।

प्रतिनिधि सभा में चीन से जुड़े मामलों की एक समिति के वरिष्ठ सदस्य कृष्णमूर्ति ने कहा, चीन के एक शीर्ष नेता ने एक पुस्तक लिखी है जिसका शीर्षक है अमेरिका अगेंस्ट अमेरिका और उन्हें लगता है कि वे इस तरह जीत जाएंगे। अमेरिका को हराने का एकमात्र तरीका यही है कि हम खुद को हरा दें।

उन्होंने कहा कि संसद में उनका काम चीन की अर्थव्यवस्था का अध्ययन करना है।

सांसद ने कहा, मेरी बातों को गंभीरता से लें कि वे मोलभाव की मेज पर डोनाल्ड ट्रंप को देखना चाहते हैं क्योंकि वह अंतहीन व्यापारिक युद्ध शुरू करेंगे जिससे अमेरिकियों के लिए कीमतें बढ़ेंगी क्योंकि वह अमेरिका में श्रमिकों को प्रशिक्षित करने वाले कार्यक्रमों में कटौती करेंगे। इन सबसे बढ़कर ट्रंप अमेरिकियों को अमेरिकियों के खिलाफ खड़ा करेंगे और चीन यही चाहता है कि हम आपस में लड़ें।

उन्होंने कहा, हमें हराने का यही तरीका है लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे। कमला हैरिस ने हमसे क्या कहा है? जब हम मिलकर लड़ते हैं, तब जीतते हैं। वह जानती हैं कि जब हम एक देश के रूप में लड़ते हैं तो हम जीतते हैं। जब हम एक टीम के रूप में लड़ते हैं तो हम जीतते हैं। यही कारण है कि जब नवंबर में कमला हैरिस जीतेंगी, तो हम जीतेंगे। (भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 23 Aug 2024 00:52:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हैरिस ने डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी स्वीकार की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हरस-न-डमकरटक-परट-क-उममदवर-सवकर-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हरस-न-डमकरटक-परट-क-उममदवर-सवकर-क</guid>
        <description>(ललित के झा)

शिकागो, 23 अगस्त। अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी औपचारिक रूप से स्वीकार कर ली।

चुनाव में हैरिस और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार एवं पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कड़ी टक्कर है।

भारतीय-अफ्रीकी मूल की हैरिस ने शिकागो में बृहस्पतिवार रात डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन के दौरान उम्मीदवारी स्वीकार की और इसी के साथ वह राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनने वाली डेमोक्रेटिक पार्टी की दूसरी महिला नेता बन गईं।

उन्होंने कहा, लोगों की ओर से, प्रत्येक अमेरिकी की ओर से, चाहे वह किसी भी पार्टी, जाति, या भाषा से संबंध रखता हो, मेरी मां की ओर से और उन सभी लोगों की ओर से जिन्होंने ऐसे अमेरिकियों की ओर से अपनी असंभव यात्रा शुरू की, जिनके साथ मैं बड़ी हुई, जो कड़ी मेहनत करते हैं, अपने सपनों का पीछा करते हैं और एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं, उन सभी की ओर से जिनकी कहानी पृथ्वी के सबसे महान राष्ट्र में ही लिखी जा सकती है, मैं उम्मीदवारी स्वीकार करती हूं।

शिकागो के यूनाइटेड सेंटर में उम्मीदवारी स्वीकार करने के लिए मंच पर आईं हैरिस (59) ने कहा कि उनके लिए असंभव यात्राएं कोई नयी बात नहीं हैं।

हैरिस ने कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप धीर-गंभीर व्यक्ति नहीं हैं और उन्हें पुन: राष्ट्रपति बनाने के परिणाम बेहद गंभीर होंगे।

उन्होंने रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन का सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि यदि वह राष्ट्रपति चुनी जाती हैं तो वह यूक्रेन और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के अपने सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ी रहेंगी।

हैरिस की मां श्यामला गोपालन भारतीय थीं और उनके पिता डोनाल्ड जैस्पर हैरिस जमैका के नागरिक थे। अगर हैरिस निर्वाचित होती हैं, तो वह अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति होंगी।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 23 Aug 2024 00:52:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में तीन की मौत, छह घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लबनन-म-इजरयल-हवई-हमल-म-तन-क-मत-छह-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लबनन-म-इजरयल-हवई-हमल-म-तन-क-मत-छह-घयल</guid>
        <description>बेरुत, 21 अगस्त । दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हवाई हमलों में हिज़्बुल्लाह के तीन सदस्यों की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए। घायलों में तीन डॉक्टर भी शामिल हैं। सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर सिन्हुआ न्यूज एजेंसी को बताया कि एक इजरायली युद्धक विमान ने मंगलवार रात लेबनान के दक्षिण-पश्चिमी शहर ताइर के अल-धहिरा गांव पर हवाई हमला किया, जिसमें हिज़्बुल्लाह के तीन सदस्य मारे गए। इस हमले में दो घर नष्ट हो गए जबकि 10 अन्य मकानों को भी थोड़ा बहुत नुकसान पहुंचा है।

सूत्रों ने बताया कि इस हमले के दौरान एक मिसाइल अस्पताल की एक एंबुलेंस के पास जा कर गिरी। एंबुलेंस हामूल क्षेत्र में एक ड्रोन हमले में घायलों को ताइर अस्पताल ले जा रही थी। एंबुलेंस में सवार तीन डॉक्टर घायल हो गए। इसके अलावा, वाडी हामूल क्षेत्र में इजरायली ड्रोन द्वारा दागे गए दो रॉकेटों के संपर्क में आने से दो अन्य लोग घायल हो गए। साथ ही इजरायली आर्टिलरी द्वारा दक्षिण-पूर्वी लेबनान के खियम गांव पर दागे गए गोले से एक सीरियाई नागरिक को गंभीर चोटें आई हैं। लेबनानी सेना ने दक्षिणी लेबनान से उत्तरी इजरायल की ओर कई ड्रोन और लगभग 40 मिसाइलों के दागे जाने की पुष्टि की है।

इस बीच, हिज़्बुल्लाह ने एक बयान में कहा कि उनके लड़ाकों ने कत्युशा रॉकेटों की बौछारों से अल-शोमीरा बैरक और पास के इजरायली सैनिकों पर हमला किया। बता दें, लेबनान-इजरायल सीमा पर तनाव 8 अक्टूबर 2023 को तब और बढ़ गया, जब हिज़्बुल्लाह ने इजराइल पर रॉकेटों की बौछार की थी। यह हमला हमास के इजरायल पर हमले के समर्थन में किया गया था। इसके जवाब में इजराइल ने दक्षिण-पूर्वी लेबनान की ओर भारी बमबारी की थी। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 01:23:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शिया जायरीनों को पाकिस्तान से इराक ले जा रही बस ईरान में दुर्घटनाग्रस्त, कम से कम 28 की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शय-जयरन-क-पकसतन-स-इरक-ल-ज-रह-बस-ईरन-म-दरघटनगरसत-कम-स-कम-28-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शय-जयरन-क-पकसतन-स-इरक-ल-ज-रह-बस-ईरन-म-दरघटनगरसत-कम-स-कम-28-क-मत</guid>
        <description>तेहरान, 21 अगस्त शिया जायरीनों को पाकिस्तान से इराक ले जा रही एक बस मंगलवार देर रात मध्य ईरान में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। अधिकारियों ने बुधवार को इस हादसे में करीब 28 जायरीनों की मौत होने, जबकि 23 अन्य के घायल होने की जानकारी दी।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने स्थानीय आपातकालीन सेवा के अधिकारी मोहम्मद अली मालकजादेह के हवाले से बताया कि यह हादसा मंगलवार देर रात राजधानी तेहरान से लगभग 500 किलोमीटर (310 मील) दक्षिण-पूर्व में यज्द प्रांत के तफ्त शहर के बाहरी इलाके में हुआ।

मालकजादेह के मुताबिक, हादसे में 23 जायरीन घायल हो गए, जिनमें से 14 को गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि हादसे के समय बस में कुल 51 लोग सवार थे और ये सभी पाकिस्तान के रहने वाले हैं।

ईरान के सरकारी समाचार चैनल ने हादसे के लिए बस के ब्रेक फेल होने और चालक की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।

पाकिस्तान में स्थानीय शिया नेता कमर अब्बास के हवाले से एक खबर में हादसे में कम से कम 35 लोगों के मारे जाने की जानकारी दी गई है। अब्बास ने कहा कि बस में पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत के लरकाना शहर के जायरीन सवार थे। पाकिस्तान सरकार की घटना पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पाकिस्तानी जायरीन अरबईन के लिए इराक जा रहे थे। अरबईन इस्लाम के इतिहास की पहली शताब्दी के दौरान कर्बला की लड़ाई में पैगंबर मुहम्मद के नवासे हुसैन की शहादत के 40वें दिन उनकी याद में किया जाने वाला एक अनुष्ठान है।

हुसैन को पैगंबर मुहम्मद का असली उत्तराधिकारी माना जाता है। बताया जाता है कि जब हुसैन ने उमय्यद शासक यजीद प्रथम के साथ आने से इनकार कर दिया था, तब कर्बला में लड़ाई छिड़ गई, जिसमें हुसैन और उनके कुछ साथी शहीद हो गए।

अरबईन के लिए हर साल दुनियाभर के करोड़ों जायरीन इराक के कर्बला में एकत्र होते हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 01:23:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फारूक अहमद बने बीसीबी के नए अध्यक्ष</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फरक-अहमद-बन-बसब-क-नए-अधयकष</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फरक-अहमद-बन-बसब-क-नए-अधयकष</guid>
        <description>ढाका, 21 अगस्त । फारूक अहमद को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) का नया अध्यक्ष चुना गया है। नजमुल हसन के इस्तीफ़े के बाद उन्हें यह पदभार दिया गया है। हसन ने बुधवार को ढाका में हुई एक बोर्ड मीटिंग के दौरान अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल (एनएससी) द्वारा बोर्ड के निदेशकों में नामित किए जाने के बाद फारूक और नजमुल अबीदीन फहीम बुधवार को ढाका में बीसीबी के निदेशकों की बैठक में शामिल हुए थे। एनएससी ने जलाल युनूस और अहमद सज्जादुल आलम की जगह पर फारूक और फहीम को बोर्ड के निदेशकों में शामिल किया था।

युनूस ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था जबकि आलम ने इस्तीफा देने से इंकार कर दिया था। बीसीबी की बैठक बुधवार को एनएससी के कार्यालय में हुई जिसमें महबूबुल अनम, खालिद महमूद, अकरम खान, सलाउद्दीन अहमद, काजी इनाम अहमद, इफ्तिखार अहमद और फहीम सिन्हा भी शामिल थे। 5 अगस्त को आवामी लीग की सरकार गिरने के बाद से हसन सहित अन्य 16 निदेशक लापता हैं। बैठक में निदेशकों को बताया गया कि महिला टी20 विश्व कप को बांग्लादेश से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थानांतरित कर दिया गया है लेकिन अक्टूबर में होने वाले इस टूर्नामेंट की मेजबानी अभी भी बांग्लादेश के पास ही है। इसके बाद सीईओ ने तमाम निदेशकों को बताया कि नजमुल ने औपचारिक तौर पर उन्हें यह सूचित कर दिया है कि उन्होंने (नजमुल ) बीसीबी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया है।

इसके ठीक बाद मौजूदा निदेशकों ने सर्वसम्मति से फारूक को नया अध्यक्ष चुन लिया। फारूक 2003 से लेकर 2007 तक बांग्लादेश के मुख्य चयनकर्ता रह चुके हैं। उन्हें बांग्लादेश की क्रिकेट में नए दौर के आगाज का भी श्रेय दिया जाता है। उनके ही कार्यकाल में शाकिब अल हसन, मुश्फिकुर रहीम और तमीम इकबाल जैसे युवा खिलाड़ियों को बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला था। हसन इस साल जनवरी महीने से बांग्लादेश के खेल मंत्री थे। वह 2009 से ही आवामी लीग के सांसद थे। बीसीबी के निदेशकों में दो लापता निदेशक नजीब अहमद और शेख सोहेल पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भाई हैं। हसन 17 अक्टूबर 2012 को बीसीबी के अध्यक्ष बने थे। इसके ठीक एक वर्ष बाद वह बीसीबी के पहले निर्वाचित अध्यक्ष बन गए।

बोर्ड ने देश के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद अपने संविधान में बदलाव किया था, जिसके अंतर्गत अब बोर्ड का अध्यक्ष बोर्ड के निदेशकों द्वारा निर्वाचित किया जाना तय किया गया था। इससे पहले सरकार बीसीबी अध्यक्ष को नियुक्त किया करती थी। बांग्लादेश की टीम इस समय पाकिस्तान में है जहां उसे दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। दूसरा टेस्ट मैच 30 अगस्त से रावलपिंडी में खेला जाना है। पहले दूसरा टेस्ट मैच कराची में खेला जाना था लेकिन चैंपियंंस ट्रॉफ़ी के मद्देनज़र स्टेडियम में चल रहे निर्माण कार्य के चलते पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इसे रावलपिंडी में ही आयोजित करने का निर्णय लिया। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 01:23:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान में पाकिस्तानी तीर्थयात्रियों से भरी बस का एक्सीडेंट, 28 की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-म-पकसतन-तरथयतरय-स-भर-बस-क-एकसडट-28-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-म-पकसतन-तरथयतरय-स-भर-बस-क-एकसडट-28-क-मत</guid>
        <description>तेहरान, 21 अगस्त । ईरान के यज्द शहर में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। ईरान से इराक जा रहे तीर्थयात्रियों की बस सड़क हादसे का शिकार हो गई। इसमें 28 पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 23 अन्य घायल हो गए। तेहरान में पाकिस्तान के राजदूत ने बुधवार को इस घटना की पुष्टि की। ईरान में पाकिस्तान के राजदूत मुदस्सिर टीपू ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, धार्मिक यात्रा के दौरान 28 पाकिस्तानी जायरीन की मंगलवार देर रात यज्द शहर में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। अन्य 23 लोग घायल हैं।

मेरे पास दुख व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं, लेकिन मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि जो लोग इस हादसे में मारे गए हैं, मैं उन लोगों को वापस लाने के लिए पूरी कोशिश करूंगा उन्होंने आगे कहा कि इस हादसे की जानकारी मिलते ही अधिकारी यज्द सिटी के लिए रवाना हो चुके हैं। ये हादसा ईरानी राजधानी तेहरान में पाकिस्तानी दूतावास से लगभग 700 किमी दूर हुआ है। राजदूत ने कहा, जाहेदान शहर में एक अधिकारी आपातकालीन व्यवस्था की देखरेख कर रहे हैं। मैं जरूरी व्यवस्थाओं के लिए ईरान सरकार और यज्द के मेयर के कार्यालय से संपर्क में हूं। उन्होंने इस दुख के समय में सहयोग देने के लिए ईरानी सरकार का आभार व्यक्त किया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ये बस हादसा मंगलवार देर रात ब्रेक फेल होने के कारण हुआ। हालांकि, इस मामले में अधिकारी जांच कर रहे हैं। इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ईरान के यज्द के पास पाकिस्तानी जायरीन की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मैं उनकी मौतों की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।

घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। मैंने तेहरान में स्थित पाकिस्तानी दूतावास को प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। वहीं, पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोघदम ने हादसे पर अपनी संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि वह ईरान में संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ईरान के यज्द में पाकिस्तानी तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस दुर्घटना की दुखद खबर सुनकर मैं बेहद दुखी हूं, जिसमें 28 पाकिस्तानी भाई-बहनों की मौत हो गई। अल्लाह मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करें। मैं पाकिस्तान सरकार और वहां के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं घायलों के सुरक्षित और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 01:23:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>निर्वस्त्र बच्चों, महिलाओं की तस्वीरें लेने, वीडियो बनाने के आरोप में भारतीय चिकित्सक गिरफ्तार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नरवसतर-बचच-महलओ-क-तसवर-लन-वडय-बनन-क-आरप-म-भरतय-चकतसक-गरफतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नरवसतर-बचच-महलओ-क-तसवर-लन-वडय-बनन-क-आरप-म-भरतय-चकतसक-गरफतर</guid>
        <description>वाशिंगटन, 21 अगस्तअमेरिका में कई वर्षों तक बच्चों और महिलाओं की सैकड़ों नग्न तस्वीरें खींचने और वीडियो बनाने के आरोप में 40 वर्षीय एक भारतीय चिकित्सक को गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

फॉक्स न्यूज टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, ओमैर एजाज को आठ अगस्त को गिरफ्तार किया गया। टीवी चैनल के अनुसार, एजाज ने स्नानगृह, कपड़े बदलने की जगह, अस्पताल के कमरों और यहां तक कि अपने घर में भी कई जगहों पर छिपाकर कैमरे लगा रखे थे।

समाचार चैनल के अनुसार, उसने दो साल तक के छोटे बच्चों की तस्वीरें लीं और वीडियो बनाए।

एजाज की पत्नी को ये आपत्तिजनक सामग्रियां मिलीं जिसके बाद प्राधिकारियों को उसके अपराधों के बारे में पता चला। इससे पहले तक उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था।

ओकलैंड काउंटी शेरिफ ने मंगलवार को बताया कि उसने कई महिलाओं के साथ ऐसे समय में कथित तौर पर यौन संबंध भी बनाए, जब वे बेहोश थीं या सो रही थीं।

शेरिफ माइक बुचर्ड ने कहा कि मामले की जांच में महीनों लगेंगे।

प्राधिकारियों को संदेह है कि कई और पीड़ित हो सकते हैं क्योंकि जांचकर्ता अमेरिका के मिशिगन राज्य में ओकलैंड काउंटी के शहर रोचेस्टर हिल्स में चिकित्सक के घर पर मिले हजारों वीडियो की समीक्षा कर रहे हैं।

एजाज को उसके घर से गिरफ्तार किए जाने के बाद से उससे जुड़े परिसरों की तलाशी के लिए कई वारंट जारी किए गए हैं। बुचर्ड ने बताया कि इस दौरान कंप्यूटर, फोन और 15 बाहरी उपकरण मिले हैं और केवल एक हार्ड ड्राइव में 13,000 वीडियो थे।

एजाज 2011 में कार्य वीजा पर भारत से अमेरिका आया था। वह भारत का नागरिक है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 01:23:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन में हिंसा भड़काने के आरोप में पाकिस्तान के लाहौर में एक शख़्स की गिरफ़्तारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-म-हस-भडकन-क-आरप-म-पकसतन-क-लहर-म-एक-शखस-क-गरफतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-म-हस-भडकन-क-आरप-म-पकसतन-क-लहर-म-एक-शखस-क-गरफतर</guid>
        <description>ब्रिटेन के साउथपोर्ट में इस महीने की शुरुआत में टेलर स्विफ़्ट की एक थीम डांस पार्टी में तीन बच्चियों की हत्या के बाद हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे थे. ब्रिटेन में 13 साल के बाद हुए इतने बड़े प्रदर्शनों को भड़काने के आरोप में पाकिस्तान के एक शख़्स को गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस ने इस शख़्स को साइबर टेररिज्म के संदेह में गिरफ़्तार किया है.

पुलिस ने बताया कि फरहान आसिफ़ नाम का ये शख़्स उस वेबसाइट से जुड़ा था जिसने ब्रिटेन के साउथपोर्ट में बच्चियों पर संदिग्ध हमलावर का गलत नाम दिया था.

इस हमले के बाद ही वेबसाइट चैनल3नाऊ पर इस संबंध में आर्टिकल प्रकाशित किया गया था.

इसी वेबसाइट ने बताया था कि हमलावर ब्रिटेन में राजनीतिक शरण लेने के लिए एक छोटी नाव से आया था.

हिंसा भड़काने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल हुए पोस्ट्स में इस ख़बर का हवाला दिया गया था.

मंगलवार को लाहौर पुलिस ने कहा कि उसने लेख के बारे में आसिफ़ से पूछताछ की थी.

इस महीने की शुरुआत में ब्रिटेन के साउथपोर्ट में मशहूर सिंगर टेलर स्विफ़्ट की थीम वाली डांस पार्टी में तीन बच्चियों की मौत के बाद वहां के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे.

ब्रिटेन में 13 वर्षों बाद इतने व्यापक स्तर पर प्रदर्शन हुए थे..

हिंसक प्रदर्शन के दौरान लीवरपूल, हल, ब्रिस्टल, मैनचेस्टर, ब्लैकपूल और बेलफास्ट में बोतलें फेंकी गईं थीं. कई जगहों पर पुलिस पर हमले किए. इनमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए.

एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि आसिफ़ ने कहा कि उन्होंने ब्रिटेन में चलने वाले सोशल मीडिया

अकाउंट से बिना कॉपी की गई जानकारी के आधार पर इसे लिखा था.

उन्होंने बगैर पड़ताल के लिए इसे लिख दिया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 01:23:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल ने गाजा में टैंक और ड्रोन से किए हमले, कम से कम 17 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-न-गज-म-टक-और-डरन-स-कए-हमल-कम-स-कम-17-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-न-गज-म-टक-और-डरन-स-कए-हमल-कम-स-कम-17-लग-क-मत</guid>
        <description>यरूशलम, 22 अगस्त। गाजा में बुधवार को इजराइली टैंक और ड्रोन हमलों में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। एक अस्पताल के कर्मियों ने यह जानकारी दी।

ये हमले मध्य गाजा के दीर अल-बलाह और दक्षिण में खान यूनिस में हुए।

अस्पताल कर्मियों ने बताया कि अल-बलाह और खान यूनिस में इजराइली हमलों में 17 लोगों की मौत हो गई।

इस बीच, लेबनान के हिजबुल्ला ने बुधवार को 50 से ज्यादा रॉकेट दागे, जिनसे इजराइली कब्जे वाले गोलान हाइट्स में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। हिजबुल्ला ने कहा कि ये हमले मंगलवार रात को लेबनान में इजराइल के हमले के जवाब में किए गए।

ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब एक ही दिन पहले अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पश्चिम एशिया की अपनी यात्रा के दौरान गाजा में युद्ध विराम समझौता करने के राजनयिक मिशन के तहत मिस्र और कतर में अपने साथी मध्यस्थों से मुलाकात की थी।

ईरान और लेबनान में हमास और हिजबुल्ला के दो शीर्ष कमांडर की हाल में निशाना बनाकर हत्या किए जाने से समझौते की आवश्यकता और बढ़ गई है। दोनों कमांडर की हत्या के पीछे इजराइल का हाथ बताया जा रहा है। दूसरी ओर, ईरान और हिजबुल्ला ने दोनों कमांडर की मौत का बदला लेने का संकल्प लिया है।

इस बीच, अहम मध्यस्थ देश मिस्र ने इस समझौते को लेकर बुधवार को संदेह व्यक्त किया।

मिस्र में अधिकारियों ने द एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के बताया कि हमास चरमपंथी समूह कई कारणों से समझौते संबंधी प्रस्ताव पर सहमत नहीं होगा और इस बात को लेकर भी लंबे समय से आशंका बनी हुई है कि क्या इस समझौते के बाद इजराइली सेनाएं वास्तव में गाजा से हट जाएंगी और युद्ध समाप्त हो जाएगा।

अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बुधवार को बात की, हालांकि उसने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई।

इजराइल पर सात अक्टूबर को हमास के चरमपंथियों के हमलों में लगभग 1,200 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकतर आम नागरिक शामिल थे और लगभग 250 लोगों को अगवा कर लिया गया था।

ऐसा माना जा रहा है कि बंधकों में से लगभग 110 लोग अब भी गाजा में हैं, जबकि इजराइली अधिकारियों का कहना है कि उनमें से लगभग एक-तिहाई की मौत हो चुकी है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइल के जवाबी हमलों ने 40,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं। गाजा के 23 लाख से अधिक निवासियों में से अधिकतर विस्थापित हो चुके हैं और वहां भारी मानवीय तबाही मची है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 01:23:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत ने सतत और समावेशी विकास पर दिया जोर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सरकष-परषद-क-बठक-म-भरत-न-सतत-और-समवश-वकस-पर-दय-जर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सरकष-परषद-क-बठक-म-भरत-न-सतत-और-समवश-वकस-पर-दय-जर</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 22 अगस्त । संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि डीएफेयर आर. रवींद्र ने कहा कि दुनिया तेजी से दो धड़ों में बंट रही है, जिसमें कुछ क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और समृद्धि है, जबकि अन्य संघर्ष और हिंसा के निरंतर चक्र में फंसे हुए हैं। वह सुरक्षा परिषद की एक मीटिंग में शांति के लिए नया एजेंडा- संघर्ष निवारण के वैश्विक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पहलुओं पर संबोधन विषय पर भारत का पक्ष रख रहे थे। रवींद्र ने विशेष रूप से अफ्रीका और पश्चिम एशिया के कुछ के बिगड़ते हालात और अनिश्चितता की ओर इशारा किया। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में अफ्रीका और पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में जटिल और अस्थिर हो गई हैं।

उन्होंने कहा कि आतंकवादियों , सशस्त्र विद्रहियों और बाहरी सहयोग के साथ संगठित आपराधिक ग्रुप आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे दुनिया में संघर्ष बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा, यह पहचानने की जरूरत है कि संघर्ष की रोकथाम जटिल और कई पहलुओं से युक्त है, इसके लिए समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है। इसलिए हमें न केवल राजनीतिक प्रक्रिया बल्कि सतत और समावेशी आर्थिक विकास पर भी ध्यान केंद्रित करने वाला एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाने पर विचार करना है। साथ ही समाधान, सुलह, पुनर्प्राप्ति और पुनर्निर्माण भी संघर्ष से बचाव संबंधी रणनीतियों के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

उन्होंने विश्व बिरादरी से पुरजोर तरीके से कहा कि इन सभी पहलुओं को एक साथ मिलाकर ही हम स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में प्रभावी कदम उठा सकते हैं। भारत ने वैश्विक समुदाय से अपील की कि संघर्ष की रोकथाम में एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया जाए, जो न केवल तात्कालिक समस्याओं को सुलझाए, बल्कि दीर्घकालिक स्थिरता और विकास को भी सुनिश्चित करे। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 01:23:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका ने एक चीनी नागरिक पर लगाया जासूसी का आरोप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-एक-चन-नगरक-पर-लगय-जसस-क-आरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-एक-चन-नगरक-पर-लगय-जसस-क-आरप</guid>
        <description>अमेरिकी वकीलों ने एक चीनी व्यक्ति के ख़िलाफ़ आपराधिक आरोप दाख़िल किए हैं.

अमेरिका में रहने वाले इस चीनी व्यक्ति पर चीन की ख़ुफ़िया एजेंसी का जासूस होने का आरोप लगाया गया है.

अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने कहा कि 67 वर्षीय चीनी नागरिक युआनजुं टांग को बुधवार को न्यूयॉर्क से गिरफ़्तार किया गया था.

चीनी नागरिक युआनजुं टांग पर एफ़बीआई के ख़िलाफ़ गलत बयान जारी करने का आरोप भी लगाया गया है.

बुधवार को जारी किए गए एक बयान में अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने कहा, टांग पर चीन के एजेंट के तौर पर काम करने, साज़िश रचने और एफ़बीआई पर ग़लत बयान देने का आपराधिक आरोप लगाया गया है.

टांग पर आरोप है कि वे लगातार ई-मेल, इनक्रिप्टेड चैट और दूसरे जरियों से संदेश भेजते रहते थे.

साथ ही उनको लगातार एमएसएस यानी मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी इंटेलिजेंस ऑफ़िसर से निर्देश मिलता रहता था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 01:23:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा&amp;मिस्र सीमा से नहीं हटेंगे इजरायली सैनिक : पीएम बेंजामिन नेतन्याहू</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-मसर-सम-स-नह-हटग-इजरयल-सनक-पएम-बजमन-नतनयह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-मसर-सम-स-नह-हटग-इजरयल-सनक-पएम-बजमन-नतनयह</guid>
        <description>यरूशलम, 22 अगस्त । गाजा पट्टी में हमास के साथ चल रहे युद्ध के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान दिया है। पीएम नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सैनिक गाजा-मिस्र सीमा से नहीं हटेंगे। इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पीएम ने कहा कि वे हमास के साथ संभावित युद्धविराम समझौते के तहत गाजा-मिस्र सीमा से सैन्य बलों को नहीं हटाएंगे। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा बुधवार को जारी बयान के हवाले से कहा कि नेतन्याहू ने गाजा-मिस्र सीमा से सैन्य बलों को हटाए जाने की खबरों को गलत बताया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इजरायल इस क्षेत्र पर नियंत्रण छोड़ने के लिए सहमत नहीं है। बयान में कहा गया है कि इजरायल सुरक्षा कैबिनेट अपने सभी युद्ध उद्देश्यों को हासिल करने पर जोर देगा। जिसमें यह सुनिश्चित करना भी शामिल है कि गाजा फिर से इजराइल के लिए खतरे का कारण न बने। इसके तहत दक्षिणी सीमा को सुरक्षित करने की जरूरत है। इससे पहले व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि बुधवार को भी नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने युद्धविराम समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा के लिए फोन पर बात की। इजरायली सैन्य अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि इजराइल फिलाडेल्फिया कॉरिडोर पर नियंत्रण बनाए बिना अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा कर सकता है।

ज्ञात हो कि गाजा में युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई के लिए अमेरिका समर्थित मौजूदा समझौता प्रस्ताव को इजरायल ने स्वीकार कर लिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सोमवार को घोषणा की थी कि इजरायल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इसके तहत गाजा पट्टी और मिस्र के बीच स्थित फिलाडेल्फिया कॉरिडोर से इजरायली सैनिकों की वापसी शामिल है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 01:23:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप के चुनाव जीतने पर एलन मस्क देश की सेवा के लिए तैयार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-क-चनव-जतन-पर-एलन-मसक-दश-क-सव-क-लए-तयर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-क-चनव-जतन-पर-एलन-मसक-दश-क-सव-क-लए-तयर</guid>
        <description>सैन फ्रांसिस्को, 20 अगस्त । दिग्गज कंपनी टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने मंगलवार को घोषणा की कि वह राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के जीतने पर अमेरिकी सरकार में योगदान देने के लिए तैयार हैं। इसके तहत वह सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) का नेतृत्व करने के इच्छुक हैं। ट्रंप ने हाल ही में एक चुनावी रैली के दौरान कहा था कि अगर वो चुनाव जीतते हैं, तो वह मशहूर अरबपति मस्क को कैबिनेट में मंत्री के तौर पर या किसी सरकारी विभाग के सलाहकार पद पर नियुक्त करने पर विचार कर सकते हैं। इस पर मस्क ने एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया, मैं देश की सेवा करने को तैयार हूं।

मस्क ने मजाक करते हुए कहा कि वह ट्रंप सरकार के तहत एक नई अमेरिकी सरकार में सरकारी दक्षता विभाग का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। पिछले हफ्ते, ट्रंप और मस्क ने एक्स पर एक ऑडियो साक्षात्कार के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की थी, जिनमें आव्रजन, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन, और वैश्विक राजनीति शामिल थे। मस्क ने ट्रंप को जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा के बारे में शिक्षित करने का प्रयास किया।

हालांकि, मस्क की जलवायु परिवर्तन पर की गई आलोचना को लेकर पूंजीपति विनोद खोसला ने मूर्खतापूर्ण बताया था। मस्क ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप का समर्थन किया और डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के खिलाफ उनके पक्ष में खड़े हुए। ट्रंप ने एक चुनावी रैली में अवैध अप्रवासन की बात करते हुए उल्लेख किया कि इससे उनकी जान बच गई। साक्षात्कार के प्रसारण में साइबर हमलों के कारण देरी हुई थी। बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति को जनवरी 2021 में ट्विटर (अब एक्स) से स्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था, लेकिन मस्क ने उनका निलंबन हटा दिया। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 01:11:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारी बारिश से पाकिस्तान में 24 घंटे में 20 की मौत, कुल आंकड़ा 215 पहुंचा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भर-बरश-स-पकसतन-म-24-घट-म-20-क-मत-कल-आकड-215-पहच</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भर-बरश-स-पकसतन-म-24-घट-म-20-क-मत-कल-आकड-215-पहच</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 20 अगस्त । पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने मंगलवार को बताया कि पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान में मानसून से संबंधित घटनाओं में 20 लोगों की मौत हो गई है। अब तक मरने वालों की संख्या 215 हो गई है। एनडीएमए ने एक रिपोर्ट में कहा कि पिछले 24 घंटों में बारिश से होने वाली दुर्घटनाओं और बाढ़ के कारण कुल 43 लोग घायल हुए हैं। जुलाई में शुरू हुए मानसून के मौसम में घायल होने वालों की संख्या 405 हो गई है।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि मृतकों में 108 बच्चे और 32 महिलाएं शामिल हैं। 86 मौतों के साथ पूर्वी पंजाब प्रांत सबसे अधिक प्रभावित रहा। इसके बाद उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र और दक्षिणी सिंध प्रांत में 65 और 37 मौतें हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में 18 लोग मारे गए। उधर पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर में पांच लोग मारे गए और उत्तरी गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में मानसून से संबंधित घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई।

एनडीएमए ने यह भी कहा कि देश में मानसून के मौसम में 448 पशुधन की मौत हो गई, जबकि 2,575 घर और 31 पुल क्षतिग्रस्त हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, देश में काबुल, सिंधु और झेलम नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में अगले 48 घंटों में मध्यम तीव्रता के साथ भारी बारिश हो सकती है। सरकार ने चिकित्सा सेवा और राहत के लिए कुल 86 शिविर स्थापित किए हैं। इन शिविरों में अब तक 4,102 लोगों को सहायता मिल चुकी है। पाकिस्तान में मानसून का मौसम सितंबर तक चलता है। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 01:11:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजरायल को मिल रहे समर्थन पर भड़के ईरान और मलेशिया, पश्चिमी देशों की नीतियों पर उठाए सवाल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरयल-क-मल-रह-समरथन-पर-भडक-ईरन-और-मलशय-पशचम-दश-क-नतय-पर-उठए-सवल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरयल-क-मल-रह-समरथन-पर-भडक-ईरन-और-मलशय-पशचम-दश-क-नतय-पर-उठए-सवल</guid>
        <description>तेहरान, 20 अगस्त । ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने गाजा में हो रहे हमलों को लेकर पश्चिमी देशों की आलोचना की है। उनका कहना है कि कुछ पश्चिमी देशों ने गाजा के लोगों के खिलाफ इजरायल को अपने मीडिया और हथियार दोनों का समर्थन दिया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित एक बयान में कहा गया कि सोमवार को दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई।

इस दौरान दोनों पक्षों ने विकास के साथ-साथ गाजा में युद्ध विराम पर चल रही बातचीत पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने गाजा के लोगों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कुछ पश्चिमी देशों की नीतियों की आलोचना की। ईरानी राष्ट्रपति और मलेशियाई प्रधानमंत्री ने संयुक्त बयान में कहा कि पश्चिमी देशों का मीडिया और इजरायल के लिए हथियारों का समर्थन गाजा में युद्ध विराम हासिल करने के प्रयासों के उनके दावों के विपरीत है। इससे गाजा के उत्पीड़ित और असहाय लोगों के खिलाफ इजरायल का अपराध जारी रहेगा। उन्होंने गाजा में इजरायल का मुकाबला करने के लिए मुस्लिम देशों के बीच और अधिक एकता और कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा, इस्लामिक सहयोग संगठन के राष्ट्राध्यक्षों का शिखर सम्मेलन आयोजित करना इन उद्देश्यों के अनुरूप एक प्रभावी कार्रवाई होगी। गाजा स्थित स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को एक बयान में कहा, गाजा पट्टी में जारी इजरायली सेना की कार्रवाई में 40,139 फिलिस्तीनी नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। ज्ञात हो कि, इजरायल ने 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमले के जवाब में गाजा में सैन्य अभियान को शुरू किया था। इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में पूरी तरह से घेराबंदी कर दी है। इसके कारण फिलिस्तीनी क्षेत्र में भोजन, दवा, बिजली और पानी की सप्लाई काफी हद तक प्रभावित हुई है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 01:11:31 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान में मजदूरों को ले जा रहा वाहन गड्ढे में गिरा, 7 की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-म-मजदर-क-ल-ज-रह-वहन-गडढ-म-गर-7-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-म-मजदर-क-ल-ज-रह-वहन-गडढ-म-गर-7-क-मत</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 20 अगस्त । पाकिस्तान के उत्तरी गिलगित-बाल्टिस्तान (जीबी) क्षेत्र में आठ मजदूरों को ले जा रहा एक वाहन गड्ढे में गिर गया, जिससे सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। सरकारी रेस्क्यू 1122 के जिला समन्वयक शौकत रियाज ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया कि यह दुर्घटना सोमवार रात जीबी क्षेत्र के डायमर जिले में काराकोरम राजमार्ग के पास हुई। वाहन ने अपना नियंत्रण खो दिया और गहरी खाई में जा गिरा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, बचाव अधिकारी ने बताया कि पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्यों ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।

उन्होंने बताया कि मजदूर काम के लिए क्षेत्र में स्थित डायमर बाशा डैम की ओर जा रहे थे। मृतकों की पहचान यूसुफ, एहसानुल्लाह, मोहिबुल्लाह, सज्जाद, सज्जाद और मुजीबुल्लाह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दुर्घटना के बाद बचाव दल और स्थानीय स्वयंसेवक घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने शवों तथा घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। मंगलवार को हुई एक अन्य दुर्घटना में सुक्कुर-मुल्तान मोटरवे पर एक यात्री बस और ट्रक की टक्कर में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद बचाव अधिकारी मौके पर पहुंचे और शवों और घायलों को तहसील अस्पताल घोटकी पहुंचाया। मृतकों की पहचान नूर इलाही, शगुफ्ता, रोजिना, उनीबा और हसनत के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि चार लोगों की हालत गंभीर है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 01:11:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा में इजरायली हवाई हमलों में 15 फिलिस्तीनियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-इजरयल-हवई-हमल-म-15-फलसतनय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-इजरयल-हवई-हमल-म-15-फलसतनय-क-मत</guid>
        <description>गाजा, 20 अगस्त । गाजा के खान यूनिस में दो शरणार्थी शिविरों पर इजरायल के हवाई हमले में कम से कम 15 फिलिस्तीनी मारे गए। फिलिस्तीनी सूत्रों ने ये जानकारी दी है। फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने सोमवार को सिन्हुआ न्यूज एजेंसी को बताया कि इजरायली विमानों ने गाजा शहर के पश्चिम में अल-शती में फिलिस्तीनियों के एक कैंप पर हमला किया। चिकित्सा सूत्रों ने बताया कि हवाई हमले में नौ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, खान यूनिस के पश्चिम में एक इंटरनेट वितरण केंद्र के पास फिलिस्तीनियों के एक और कैंप पर इजरायली हमले में छह लोग मारे गए। इसी बीच, फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) ने सोमवार को बताया कि गाजा पट्टी में 885 स्वास्थ्य कर्मियों के साथ, 207 यूएनआरडब्ल्यूए स्टाफ सदस्यों सहित अब तक कम से कम 289 राहत कार्यकर्ता मारे गए हैं। यूएनआरडब्ल्यूए के आयुक्त जनरल फिलिप लाजारिनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कई लोगों ने घायलों और बीमारों को मानवीय सहायता या चिकित्सा देखभाल प्रदान करते समय अपनी जान गंवा दी।

उन्होंने यह भी बताया कि संघर्ष के मानवीय प्रभाव और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के जारी उल्लंघन को कवर करते समय 160 से अधिक पत्रकार और मीडियाकर्मी मारे गए हैं। 7 अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजरायली सीमा पर हमास के हमले के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में गाजा में हजारों फिलिस्तीनी मारे गए हैं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 01:11:28 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जापान के एयरपोर्ट पर कैंची गायब होने से 36 उड़ानें रद्द, क्या है मामला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जपन-क-एयरपरट-पर-कच-गयब-हन-स-36-उडन-रदद-कय-ह-ममल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जपन-क-एयरपरट-पर-कच-गयब-हन-स-36-उडन-रदद-कय-ह-ममल</guid>
        <description>इस सप्ताहंत जापान के एक एयरपोर्ट में बोर्डिंग गेट के पास एक स्टोर में रखी कैंची गायब होने के बाद 36 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 201 में देरी हुई.

इस वजह से शनिवार की सुबह होक्काइदो के न्यू चिटोज़ हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल पर सुरक्षा जांच दो घंटे के लिए टाल दी गई. इससे सैकड़ों यात्री वहां फंसे रहे.

डिपार्चर लाउंज में मौजूद यात्रियों को दोबारा सुरक्षा जांच कराने को कहा गया और इससे वहां लंबी कतारें लग गईं.

अधिकारियों ने गायब कैंची का पता लगाने की कोशिश की लेकिन ये नहीं मिली. हालांकि अगले दिन ये उसी स्टोर में मिली.

इससे जापान के वार्षिक बोन उत्सव मना कर घर लौट रहे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

इनमें से एक यात्री ने कहा, हमारे पास इंतजार करने के अलावा और कोई चारा नहीं था. लेकिन मुझे लगता है कि एयरलाइंस को थोड़ा सावधान रहना चाहिए.

हालांकि कई लोग एयरपोर्ट अधिकारियों की तारीफ कर रहे रहे हैं. कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ये हवाईअड्डा यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कितना चिंतित है.

2022 में इस एयरपोर्ट से एक करोड़ पचास लाख लोगों ने हवाई यात्रा की थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 01:11:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बराक ओबामा ने की कमला हैरिस की तारीफ़, ट्रंप को निशाने पर लिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरक-ओबम-न-क-कमल-हरस-क-तरफ-टरप-क-नशन-पर-लय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरक-ओबम-न-क-कमल-हरस-क-तरफ-टरप-क-नशन-पर-लय</guid>
        <description>अमेरिका के शिकागो में हो रहे डेमोक्रेटिक पार्टी के नेशनल कन्वेंशन में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डोनाल्ड ट्रंप को खतरनाक बताया. उन्होंने मंगलवार को उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की तारीफ़ की.

बराक ओबामा ने डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कहा, डोनाल्ड ट्रंप ने प्रवासियों से जुड़े उन समझौतों को ख़त्म कर दिया, जिससे हमारी दक्षिणी सीमा को सुरक्षित करने में मदद मिलती.

उन्होंने कहा, ट्रंप ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उन्होंने सोचा कि समस्या को वास्तव में हल करने की कोशिश करने से उनके अभियान को नुकसान होगा.

कमला हैरिस को लेकर क्या कहा?

बराक ओबामा ने कहा, अमेरिका नए चैप्टर के लिए तैयार है. हम कमला हैरिस के लिए तैयार हैं. कमला हैरिस भी तैयार हैं.

उन्होंने कहा, दुनिया देख रही है कि नवंबर में होने वाले चुनाव में क्या होगा. देश के अधिकतर लोग उस देश में नहीं रहना चाहते जो विभाजित हो. हम कुछ अच्छा चाहते हैं.

ओबामा ने कहा, हमारा काम लोगों को ये विश्वास दिलाना है कि लोकतंत्र बहुत कुछ कर सकता है और कमला हैरिस ये अच्छे से समझती हैं.

डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में कमला हैरिस को गुरुवार को आधिकारिक तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के तौर पर चुना जाएगा.

पांच नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में उनका मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप से होगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 01:11:25 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शिया जायरीनों को पाकिस्तान से इराक ले जा रही बस ईरान में दुर्घटनाग्रस्त, कम से कम 28 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शय-जयरन-क-पकसतन-स-इरक-ल-ज-रह-बस-ईरन-म-दरघटनगरसत-कम-स-कम-28-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शय-जयरन-क-पकसतन-स-इरक-ल-ज-रह-बस-ईरन-म-दरघटनगरसत-कम-स-कम-28-लग-क-मत</guid>
        <description>तेहरान, 21 अगस्त। शिया जायरीनों को पाकिस्तान से इराक ले जा रही एक बस मंगलवार देर रात मध्य ईरान में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। अधिकारियों ने इस हादसे में बस में सवार कम से कम 28 जायरीनों की मौत होने, जबकि 23 अन्य के घायल होने की बुधवार को जानकारी दी।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने स्थानीय आपातकालीन सेवा के अधिकारी मोहम्मद अली मालकजादेह के हवाले से बताया कि यह हादसा मंगलवार देर रात मध्य ईरान के यज्द प्रांत में हुआ।

मालकजादेह के मुताबिक हादसे में 23 जायरीन घायल हो गए, जिनमें से 14 को गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि हादसे के समय बस में कुल 51 लोग सवार थे।

जायरीन अरबईन के लिए इराक जा रहे थे, जो सातवीं शताब्दी में एक शिया पैगंबर की शहादत के 40वें दिन किया जाने वाला एक अनुष्ठान है।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 01:11:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन में पारगमन वीज़ा&amp;मुक्त नीति का दायरा बढ़ा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-म-परगमन-वज-मकत-नत-क-दयर-बढ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-म-परगमन-वज-मकत-नत-क-दयर-बढ</guid>
        <description>बीजिंग, 19 अगस्त । चीनी राज्य परिषद के न्यूज कार्यालय ने सोमवार को उच्च गुणवत्ता वाला विकास बढ़ाने के विषय पर न्यूज ब्रीफिंग का आयोजन किया। इस मौके पर चीनी राष्ट्रीय आप्रवासन प्रशासन के उप प्रमुख ल्यू हाईथाओ ने कहा कि राष्ट्रीय आप्रवासन प्रशासन ने चीन आने में विदेशी लोगों को सुविधा देने के लिए क्रमशः 110 से अधिक नीति और कदम उठाए। वीज़ा-मुक्त प्रवेश, वीज़ा-मुक्त पारगमन और बंदरगाह वीज़ा आदि नीतियों में सुधार जारी रहा। इससे चीन आने वाले विदेशी लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बताया जाता है कि लोकप्रिय 144 घंटे तक पारगमन वीज़ा-मुक्त नीति का दायरा 37 बंदरगाहों और 54 देशों तक बढ़ाया गया है। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 20 Aug 2024 02:10:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन ने फिलीपींस को संप्रभुता का उल्लंघन बंद करने की चेतावनी दी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-न-फलपस-क-सपरभत-क-उललघन-बद-करन-क-चतवन-द</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-न-फलपस-क-सपरभत-क-उललघन-बद-करन-क-चतवन-द</guid>
        <description>बीजिंग, 19 अगस्त । चीनी तटरक्षक बल ने फिलीपींस को कड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें उससे दक्षिण चीन सागर में चीनी संप्रभुता का उल्लंघन करने वाली कार्रवाइयों को बंद करने का आग्रह किया गया है। यह तब हुआ जब फिलीपींस के तटरक्षक जहाज, नंबर-4410 ने चीनी अधिकारियों की बार-बार चेतावनी के बावजूद सोमवार को रनआईचाओ के पास के पानी में प्रवेश करने का प्रयास किया। चीनी तटरक्षक बल के प्रवक्ता के अनुसार, यह घटना तब हुई जब फिलीपींस का जहाज नानशा द्वीप समूह में श्येनपिनचाओ के पास के पानी में प्रवेश करने में विफल रहा। चीनी तटरक्षक बल ने कानून के अनुसार फिलीपींस के जहाज के खिलाफ नियंत्रण कार्रवाई करके जवाब दिया गया।

प्रवक्ता ने फिलीपींस की कार्रवाइयों की निंदा करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल चीन की संप्रभुता का उल्लंघन किया है, बल्कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को भी खतरे में डाला है। चीनी तटरक्षक बल ने फिलीपींस से अपने उल्लंघन और उकसावे को तुरंत बंद करने का आग्रह किया, चेतावनी दी कि आगे की कोई भी कार्रवाई ऐसे परिणामों को जन्म दे सकती है जिसके लिए फिलीपींस जिम्मेदार होगा। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 20 Aug 2024 02:10:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जेल में बंद इमरान ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का चांसलर बनने के लिए दिया आवेदन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जल-म-बद-इमरन-न-ऑकसफरड-यनवरसट-क-चसलर-बनन-क-लए-दय-आवदन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जल-म-बद-इमरन-न-ऑकसफरड-यनवरसट-क-चसलर-बनन-क-लए-दय-आवदन</guid>
        <description>एक साल से भी ज़्यादा समय से जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का चांसलर बनने के लिए आवेदन दिया है.

इमरान ख़ान के सलाहकार सैयद ज़ुल्फिकार बुखारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस बारे में जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि इमरान ख़ान के कहने पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी चांसलर इलेक्शन 2024 के लिए उनका आवेदन फॉर्म जमा कर दिया गया है.

वहीं, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने अभी तक इसे लेकर कुछ नहीं कहा.

यूनिवर्सिटी की तरफ से उम्मीदवारों के नाम अक्टूबर में बताए जा सकते हैं. मतदान 28 अक्टूबर को ऑनलाइन होगा.

इमरान ख़ान पर सरकारी उपहारों को निजी फ़ायदे के लिए ग़ैर क़ानूनी तरीके से बेचने सहित कई आरोप लगे हैं.

अपने ऊपर लगे आरोपों को इमरान ख़ान राजनीतिक प्रतिशोध और षडयंत्र बता चुके हैं.

संयुक्त राष्ट्र पैनल ने हाल ही में कहा था कि इमरान खान की हिरासत मनमाने ढंग से की गई थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 20 Aug 2024 02:10:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान को ईरान ने किया हैक, एफबीआई ने की पुष्टि</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-क-परचर-अभयन-क-ईरन-न-कय-हक-एफबआई-न-क-पषट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-क-परचर-अभयन-क-ईरन-न-कय-हक-एफबआई-न-क-पषट</guid>
        <description>अमेरिका के इंटेलिजेंस अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान को हैक करने के पीछे ईरान का हाथ था.

अमेरिका की ख़ुफ़िया एजेंसी एफबीआई और अन्य जांच एजेंसियों ने बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है. बयान में कहा, ईरान ने अमेरिका के चुनाव में लोकतांत्रिक संस्थानों में कलह को बढ़ावा देने और विश्वास को कम करने के लिए हस्तक्षेप करने का फैसला किया था.

बयान में कहा गया है, ईरान ने सोशल इंजीनियरिंग और अन्य प्रयासों के माध्यम से दोनों राजनीतिक दलों के राष्ट्रपति अभियानों के साथ ऐसा करने का प्रसास किया है.

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान की ओर से कहा गया था कि उसके आंतरिक संचार को हैक करने के पीछे ईरानी हैकर्स का हाथ है.

हालांकि, ट्रंप के प्रचार अभियान के इस दावे को ईरान के अधिकारियों ने खारिज कर दिया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 20 Aug 2024 02:10:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इटली में समुद्र तट के नजदीक लग्जरी नाव डूबी, एक की मौत छह लापता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इटल-म-समदर-तट-क-नजदक-लगजर-नव-डब-एक-क-मत-छह-लपत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इटल-म-समदर-तट-क-नजदक-लगजर-नव-डब-एक-क-मत-छह-लपत</guid>
        <description>ख़राब मौसम की वजह से इटली के तटीय शहर सिसली में समुद्र तट से थोड़ी दूर एक लग्जरी नाव के डूब जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है और छह लोग लापता हैं.

नाव में में 22 लोग सवार थे. इनमें 15 लोगों को बचाया गया है. इनमें एक साल का एक बच्चा भी शामिल है.

गोताखोर लापता लोगों की तलाश में लगे हैं. हेलीकॉप्टर से भी तलाशी अभियान जारी है.

नाव में सवार लोगों को बचाने वाले जहाज के कैप्टन ने बताया कि उन्हें लाइफ राफ्ट में 15 लोग मिले थे. उन्होंने वहीं से कोस्टगार्ड को अलर्ट कर दिया था.

लग्जरी नाव का नाम है बेयेसियन है. 56 मीटर लंबे इस नाव पर ब्रिटिश झंडा लगा था और डूबने के वक्त़ ये बंदरगाह से 700 मीटर दूर था.

शुरुआती ख़बरों में अधिकारियों ने बताया था कि हादसे के बाद लापता हुए लोगों में चार ब्रिटेन, दो अमेरिका और एक कनाडा का नागिरक था, मरने वाले शख़्स की नागरिकता का पता नहीं चल पाया है.

नाव के मलबे की पहचान कर ली गई है. समुद्र में पचास मीटर की गहराई में ये मिला है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 20 Aug 2024 02:10:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एलन मस्क को सलाहकार बनाने के सवाल पर क्या बोले ट्रंप?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-सलहकर-बनन-क-सवल-पर-कय-बल-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-सलहकर-बनन-क-सवल-पर-कय-बल-टरप</guid>
        <description>पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और इस बार के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वो टेस्ला के मालिक एलन मस्क को सलाहकार बनाने के लिए तैयार हैं.

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या वो मस्क को सलाहकार या कैबिनेट पद देने पर विचार करेंगे? इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि वो ऐसा बिलकुल करेंगे.

उन्होंने कहा कि मस्क बहुत ही बुद्धिमान व्यक्ति हैं. अगर वो चाहेंगे तो ऐसा ज़रूर किया जाएगा.

टेस्ला और स्पेस एक्स के मालिक एलन मस्क ने हाल में ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डोनाल्ड ट्रंप का इंटरव्यू लिया था.

इस दौरान उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस सहित कई मुद्दों पर बात की थी.(www.bbc.hindi.com)</description>
        <pubDate>Tue, 20 Aug 2024 02:10:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सैन फ्रांसिस्को से रोम जाने वाली यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट लगातार दो दिनों तक रही डायवर्ट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सन-फरससक-स-रम-जन-वल-यनइटड-एयरलइस-क-फलइट-लगतर-द-दन-तक-रह-डयवरट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सन-फरससक-स-रम-जन-वल-यनइटड-एयरलइस-क-फलइट-लगतर-द-दन-तक-रह-डयवरट</guid>
        <description>सैन फ्रांसिस्को, 16 अगस्त । सैन फ्रांसिस्को से रोम जाने वाली यूनाइटेड एयरलाइंस की एक उड़ान को लगातार दूसरे दिन डायवर्ट किया गया। सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने गुरुवार को एयरलाइन के एक प्रवक्ता के हवाले से कहा, बोइंग 777-200 द्वारा संचालित यूनाइटेड एयरलाइंस की उड़ान 507 को एक यात्री चिकित्सा आपातकाल के कारण कनाडा के एडमॉन्टन की ओर मोड़ दिया गया था।

बुधवार दोपहर को सैन फ्रांसिस्को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के लगभग 6.5 घंटे बाद विमान एडमॉन्टन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी 265 यात्री और 14 क्रू सदस्य गुरुवार को सैन फ्रांसिस्को लौट आए। यह घटना मंगलवार को इसी तरह के व्यवधान के बाद हुई जब सैन फ्रांसिस्को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से रोम जाने वाली यूनाइटेड एयरलाइंस की एक अन्य उड़ान को एक यांत्रिक समस्या के कारण सैक्रामेंटो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 17 Aug 2024 00:43:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उत्तरी चाड में लगातार बारिश के बाद आई बाढ़ में 50 से अधिक की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उततर-चड-म-लगतर-बरश-क-बद-आई-बढ-म-50-स-अधक-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उततर-चड-म-लगतर-बरश-क-बद-आई-बढ-म-50-स-अधक-क-मत</guid>
        <description>याउंडे, 16 अगस्त । अफ्रीकी देश चाड के उत्तरी प्रांत तिबेस्ती में लगातार बारिश के बाद आई बाढ़ के कारण कम से कम 54 लोगों की मौत हो गई है। इस आपदा की जानकारी अधिकारियों ने स्थानीय मीडिया को दी है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, तिबेस्ती प्रांत के गवर्नर महामत तोची चिदी ने कहा कि पिछले शुक्रवार से शुरू हुई बारिश बुधवार तक जारी रही, जिससे संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, प्रांत में बाढ़ के कारण 50,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। देश के सामाजिक कार्य, राष्ट्रीय एकजुटता और मानवीय मामलों के मंत्री फातिम बौकर कोसेई ने गुरुवार को कहा कि विस्थापित लोगों को आश्रय देने के लिए अस्थायी आश्रय स्थल बनाए गए हैं। कोसेई ने आश्रय की उपलब्धता के बारे में निवासियों को जागरूक करने के लिए राजधानी एनदजामेना का दौरा करने के बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, यह आवश्यक है कि बाढ़ से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों से बचने के लिए प्रभावित आबादी वहीं बस जाए। इस साइट पर सभी की सुरक्षा और भलाई की गारंटी के लिए सभी उपाय किए गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय के अनुसार चाड में मई के मध्य से बाढ़ आ रही है, जिससे 245,000 लोग प्रभावित हुए हैं। संगठन ने पिछले सप्ताह बताया था कि मूसलाधार बारिश और भीषण बाढ़ के कारण देश में 40 लोगों की मौत हो चुकी है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 17 Aug 2024 00:43:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हांगकांग में पहले जुड़वां पांडा शावकों का जन्म</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हगकग-म-पहल-जडव-पड-शवक-क-जनम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हगकग-म-पहल-जडव-पड-शवक-क-जनम</guid>
        <description>बीजिंग, 16 अगस्त । चीन के हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में रहने वाले पांडा युगल यिंगयिंग और लेले ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के मुताबिक, चीन की केंद्र सरकार द्वारा हांगकांग को दान किए गए पांडा युगल यिंगयिंग और लेले ने इस मार्च में हांगकांग महासागर पार्क में सफलता से प्राकृतिक संभोग पूरा किया। मादा पांडा यिंगयिंग ने लगभग पांच महीने गर्भधारण के बाद एक नर व एक मादा जुड़वां पांडा बच्चों को जन्म दिया। हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी ली च्याछाओ ने कहा कि वर्ष 2024 चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ है। इसका विशेष महत्व है कि यिंगयिंग और लेले ने हांगकांग में पांडा शावकों की पहली जोड़ी को जन्म दिया। उन्होंने एक बार फिर हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र को पांडा उपहार में देने के लिए मातृभूमि को धन्यवाद दिया, जिसने हांगकांग के लिए मातृभूमि चीन की देखभाल और समर्थन को पूरी तरह से प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि यह अवधि नवजात पांडा भ्रूण के स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने हांगकांग महासागर पार्क की पेशेवर पशु देखभाल टीम और चीनी पांडा संरक्षण व अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञों को धन्यवाद दिया, जो यिंगयिंग और पांडा शिशुओं की जोड़ी की सावधानीपूर्वक देखभाल करते हैं। बताया जाता है कि वर्ष 1999 में, चीन की केंद्र सरकार ने हांगकांग को पांडा आनआन और च्याच्या की एक जोड़ी भेंट की। वर्ष 2007 में हांगकांग की मातृभूमि में वापसी की 10वीं वर्षगांठ पर, हांगकांग को पांडा लेले और यिंगयिंग मिले। च्याच्या का वर्ष 2016 में 38 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिससे वह दुनिया का सबसे उम्रदराज़ चिड़ियाघर में रहने वाला पांडा बना, जबकि आनआन का वर्ष 2022 में 35 वर्ष की आयु में निधन हो गया। यिंगयिंग और लेले दोनों का जन्म अगस्त वर्ष 2005 में हुआ।

(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 17 Aug 2024 00:43:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पेइचिंग में सुपर चार्जिंग स्टेशनों को काम में लाया गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पइचग-म-सपर-चरजग-सटशन-क-कम-म-लय-गय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पइचग-म-सपर-चरजग-सटशन-क-कम-म-लय-गय</guid>
        <description>बीजिंग, 16 अगस्त । चीन की राजधानी पेइचिंग में स्टेट ग्रिड द्वारा निर्मित पहले चरण के सुपर चार्जिंग स्टेशनों का इस्तेमाल हाल में शुरू हुआ। सुपर चार्जिंग स्टेशन में एक पाइप की अधिकतम उत्पादन शक्ति 600 किलोवाट तक पहुंच सकती है और औसत दैनिक सेवा क्षमता 700 वाहनों तक पहुंचती है। बताया जाता है कि पहले चरण में दो सुपर चार्जिंग स्टेशनों को काम में लाया गया, जो अलग-अलग तौर पर ताशिंग जिले के शीहोंगमन व्यापारिक क्षेत्र और फंगथाई जिले के लीच़अ वित्तीय व्यापार क्षेत्र में स्थित हैं। शीहोंगमन व्यापारिक क्षेत्र स्थित सुपर चार्जिंग स्टेशन में एक 480 किलोवाट सुपरचार्ज्ड मुख्य कैबिनेट और तीन चार्जिंग पाइल मौजूद हैं, जो एक साथ 6 इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज कर सकते हैं। वहीं, लीच़अ वित्तीय व्यापार क्षेत्र में स्थित सुपर चार्जिंग स्टेशन में एक 640 किलोवाट सुपरचार्ज्ड मुख्य कैबिनेट और चार चार्जिंग पाइल मौजूद हैं, जो एक साथ 8 इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज कर सकते हैं। स्टेट ग्रिड ने कहा कि इस साल की दूसरी छमाही में पेइचिंग में अन्य 9 सुपर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इससे इलेक्ट्रिक कार मालिकों को अधिक कुशल और तेज चार्जिंग सेवा मिलेगी।

(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 17 Aug 2024 00:43:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूनुस ने चार और सलाहकारों को शामिल करके बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का विस्तार किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यनस-न-चर-और-सलहकर-क-शमल-करक-बगलदश-म-अतरम-सरकर-क-वसतर-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यनस-न-चर-और-सलहकर-क-शमल-करक-बगलदश-म-अतरम-सरकर-क-वसतर-कय</guid>
        <description>ढाका, 16 अगस्त। बांग्लादेश में मोहम्मद युनूस के नेृतत्व वाली अंतरिम सरकार का शुक्रवार को विस्तार किया गया और उनकी टीम में चार और सलाहकार शामिल किये गये।

नये सलाहकारों में अर्थशास्त्री वहीदुद्दीन महमूद, पूर्व कैबिनेट सचिव अली इमाम मजूमदार, पूर्व ऊर्जा सचिव मोहम्मद फौजुल कबीर खान और लेफ्टिनेंट जनरल जहांगीर आलम चौधरी शामिल हैं।

इन चार सदस्यों के शामिल होने के साथ ही अंतरिम सरकार की सलाहकार परिषद में सदस्यों की संख्या बढ़कर 21 हो गई।

यूनुस और 13 अन्य सलाहकारों को आठ अगस्त को शपथ दिलाई गई थी। दो सलाहकारों को 11 अगस्त को तथा एक को इसके एक दिन बाद शपथ दिलाई गई थी।

सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ विद्यार्थियों के व्यापक प्रदर्शन के बाद शेख हसीना (76) को इस्तीफा देना पड़ा था और पांच अगस्त को वह देश छोड़कर भारत चली गयी थीं।

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने सरकार के मुख्यालय बंगभवन में चार नए सलाहकारों को शपथ दिलाई।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 17 Aug 2024 00:43:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेनी सेना का रूस के कुर्स्क इलाक़े में एक और बड़ा हमला, एक ख़ास पुल को किया ध्वस्त</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-सन-क-रस-क-करसक-इलक-म-एक-और-बड-हमल-एक-खस-पल-क-कय-धवसत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-सन-क-रस-क-करसक-इलक-म-एक-और-बड-हमल-एक-खस-पल-क-कय-धवसत</guid>
        <description>यूक्रेन ने रूस के कुर्स्क इलाक़े में अपने हमले को जारी रखते हुए सीम नदी पर बने एक पुल को ध्वस्त कर दिया है.

रूसी अधिकारियों के हवाले से इस हमले पर कहा गया है कि ग्लुशकोवो शहर के पास यूक्रेनी सेना के इस ऑपरेशन से शहर का एक हिस्से का संपर्क बाकी जगहों से कट गया है.

यूक्रेनी सेना ने जिस पुल को ध्वस्त किया है उसका इस्तेमाल रूसी सैनिकों को ज़रूरी सामान की सप्लाई के लिए किया जाता था. लेकिन अब पुल के गिराए जाने से इसमें रुकावट आ सकती है.

वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि हमारे सैनिक कुर्स्क में अपनी स्थिति मज़बूत कर रहे हैं.

ज़ेलेंस्की के मुताबिक़ कुर्स्क इलाक़े के बदले वे रूस से यूक्रेनी क्षेत्र में किए गए कब्ज़ों को छोड़ने की मांग भी कर सकते हैं.

इससे पहले यूक्रेन के शीर्ष कमांडर ओलेक्सांद्र सिर्स्की ने बताया था कि यूक्रेनी सेना ने रूस के कुर्स्क इलाक़े में अपना सैन्य दफ़्तर बना लिया है.

ओलेक्सांद्र सिर्स्की के मुताबिक़ इसी दफ़्तर से सेना रूस पर हमला जारी रखे हुए है. सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में जनरल सिर्स्की को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि यह ऑफ़िस उस इलाक़े में बनाया गया है जहां पर यूक्रेन का नियंत्रण है.

वहीं रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव ने यूक्रेन के इस क़दम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम कुर्स्क क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी क़दम उठाएंगे.

यूक्रेन ने गुरुवार को रूसी इलाक़ों में बढ़त हासिल करने का दावा भी किया. जनरल सिर्स्की के मुताबिक़ यूक्रेनी सैनिक कुर्स्क क्षेत्र में 35 कि.मी. तक अंदर घुस चुके हैं. वे 82 बस्तियों सहित, 1150 वर्ग कि.मी. क्षेत्र पर अपना कब्ज़ा जमा चुके हैं.

यूक्रेन का यह अभी तक रूस पर सबसे ख़तरनाक हमला है. लेकिन यूक्रेन का कहना है कि उनकी दिलचस्पी रूसी इलाक़ों पर कब्ज़ा करने की नहीं है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 17 Aug 2024 00:43:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जो बाइडन ने ग़ज़ा में सीज़फ़ायर को लेकर किस बात की दी चेतावनी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ज-बइडन-न-गज-म-सजफयर-क-लकर-कस-बत-क-द-चतवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ज-बइडन-न-गज-म-सजफयर-क-लकर-कस-बत-क-द-चतवन</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ग़ज़ा में सीज़फ़ायर के समझौते के लिए बातचीत में शामिल सभी पक्षों को चेतावनी दी है.

बाइडन के मुताबिक़- सभी पक्षों को सीज़फ़ायर के लिए जारी कोशिशों को कमज़ोर नहीं करना चाहिए.

बाइडन ने कहा कि हम इस समय पहले के मुक़ाबले ग़ज़ा में युद्ध विराम के नज़दीक हैं. हालांकि उनके इस दावे पर हमास के ही एक अधिकारी ने संदेह जताया था.

बाइडन ने यह भी ऐलान किया था कि वे ग़ज़ा में सीज़फ़ायर के समझौतों की कोशिशों को जारी रखने के लिए विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को इसराइल भेज रहे हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की यह चेतावनी अमेरिका, क़तर और मिस्र के एक संयुक्त बयान के बाद सामने आई है.

इसमें कहा गया है कि पिछले 48 घंटे में तीनों देशों ने गंभीर बातचीत की है. इसका मक़सद ग़ज़ा में संघर्ष विराम और बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करना था.

बयान के अनुसार, दोहा में अमेरिका, क़तर और मिस्र ने दोनों पक्षों के सामने एक प्रस्ताव रखा था, जो अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन और सुरक्षा परिषद की ओर से निर्धारित किए सिद्धांतों के अनुरूप है.

इसमें ये भी कहा गया है कि समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तीनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी मिस्र की राजधानी काहिरा में अगले सप्ताह के अंत में फिर मिलेंगे. इस समझौते में मानवीय मदद को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 17 Aug 2024 00:43:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उत्तर कोरिया सालों बाद पर्यटकों को लिए खोलेगा अपनी सीमा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उततर-करय-सल-बद-परयटक-क-लए-खलग-अपन-सम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उततर-करय-सल-बद-परयटक-क-लए-खलग-अपन-सम</guid>
        <description>उत्तर कोरिया लगभग चार साल बाद अपनी सीमा विदेशी पर्यटकों के लिए खोलने जा रहा है.

2020 की शुरुआत में कोविड महामारी के दौरान उत्तर कोरिया ने अपनी सीमाएं सील कर दी थी.

उसके बाद अब जाकर उसने अपने एक शहर को पर्यटकों के लिए खोलने का फै़सला किया है.

चीन के दो टूर ऑपरेटरों ने बताया है कि पर्यटकों को जल्द ही उत्तर कोरिया के पहाड़ी शहर सामजियोन में आने की इज़ाज़त दी जा सकती है.

उत्तर कोरिया ने अपने यहां कोविड महामारी के दौरान जो प्रतिबंध लगाए थे उनमें पिछले साल से थोड़ी ढील देने की शुरुआत की गई थी.

उत्तर कोरिया में सीमाएं सील किए जाने के बाद देश में खाद्यान्न संकट पैदा हो गया था.

उत्तर कोरिया को अपने परमाणु कार्यक्रमों की वजह से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है. इस वजह से वहां की अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 02:08:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>खालिदा जिया की पार्टी ने शेख हसीना को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/खलद-जय-क-परट-न-शख-हसन-क-गरफतर-कर-उनक-खलफ-मकदम-चलन-क-मग-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/खलद-जय-क-परट-न-शख-हसन-क-गरफतर-कर-उनक-खलफ-मकदम-चलन-क-मग-क</guid>
        <description>ढाका, 15 अगस्त। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी ने बृहस्पतिवार को देशभर में धरने आयोजित कर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके करीबी लोगों को हालिया हिंसा के लिए गिरफ्तार करने तथा उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की।

हसीना अपनी सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर पांच अगस्त को देश छोड़कर चली गई थीं।

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की ढाका महानगर इकाई के कार्यकर्ता और समर्थक अपनी मांगों को लेकर बैतुल मुकर्रम नेशनल मस्जिद के दक्षिणी गेट, हसीना की पार्टी अवामी लीग के कार्यालयों के सामने और सेंट्रल शहीद मीनार पर एकत्र हुए।

बांग्लादेश में पांच अगस्त को हसीना सरकार गिरने के बाद देश भर में हिंसक घटनाओं में 230 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिसके साथ ही तीन सप्ताह तक हुई हिंसा के दौरान मरने वालों की संख्या बढ़कर 560 हो गई।

बीएनपी ढाका सिटी साउथ के संयोजक रफीकुल इस्लाम मजनू ने बृहस्पतिवार को बैतुल मुकर्रम में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

उन्होंने कहा, हमने आज के लिए एक कार्यक्रम की घोषणा की है। बीएनपी और उसके सहयोगी संगठन ढाका और देश भर में कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। हमारी एक मांग है - फासीवादी निरंकुश शेख हसीना और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए। उन्होंने बांग्लादेश में क्रूर नरसंहार किया है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 02:08:36 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत के साथ ‘विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ के प्रति रूस प्रतिबद्ध है: राष्ट्रपति पुतिन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-क-सथ-वशषधकर-परपत-रणनतक-सझदर-क-परत-रस-परतबदध-ह-रषटरपत-पतन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-क-सथ-वशषधकर-परपत-रणनतक-सझदर-क-परत-रस-परतबदध-ह-रषटरपत-पतन</guid>
        <description>मॉस्को, 15 अगस्त। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार को भारत को उसके स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं और दोनों देशों के बीच विशेष रूप से विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के प्रति मॉस्को की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पुतिन ने अपने भारतीय समकक्ष द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित एक बयान में कहा, 77 वर्षों के स्वतंत्र विकास के दौरान आपके देश ने सामाजिक-आर्थिक, वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी और कई अन्य क्षेत्रों में सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त सफलताएं हासिल की हैं और वैश्विक पटल पर उच्च प्रतिष्ठा अर्जित की है।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने पुतिन के हवाले से एक बयान में कहा, हम भारत के साथ विशेष रूप से विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के संबंधों को बहुत महत्व देते हैं। मुझे विश्वास है कि मॉस्को में हमारी हालिया वार्ता के बाद हुए समझौतों के लगातार क्रियान्वयन से बहुआयामी रूस-भारत सहयोग के विकास में योगदान मिलेगा।

यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को समाप्त करने का उपाय खोजन के लिए नए वैश्विक प्रयासों की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बातचीत करने के लिए मोदी के यूक्रेन की राजधानी का दौरा करने की उम्मीद है।

हालांकि, अभी तक इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 02:08:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अफ़्रीका के बाहर दर्ज़ किया गया एमपॉक्स संक्रमण का पहला मामला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अफरक-क-बहर-दरज-कय-गय-एमपकस-सकरमण-क-पहल-ममल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अफरक-क-बहर-दरज-कय-गय-एमपकस-सकरमण-क-पहल-ममल</guid>
        <description>स्वीडन की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने अफ़्रीका के बाहर एमपॉक्स का पहला मामला दर्ज़ किया है.

स्वीडिश एजेंसी का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति, अफ़्रीका में रहने के दौरान ही एमपॉक्स की चपेट में आया था.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अफ़्रीका के कुछ हिस्सों में फैल रही एमपॉक्स बीमारी के चलते सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल का एलान किया है.

संगठन ने इस बीमारी को अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय भी बताया है.

स्वीडन की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी के कार्यकारी प्रमुख ओलिविया विग्ज़ेल के मुताबिक़ संक्रमित व्यक्ति ने कहा था कि उसका इलाज स्टॉकहोम में किया जाए, जिससे कि दूसरे लोगों के लिए इस संक्रमण के ख़तरे को कम किया जा सके.

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने अफ़्रीका और उसके बाहर इस बीमारी के फ़ैलने की आशंकाओं पर अपनी चिंता ज़ाहिर की थी.

एमपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है, जिसे पहले मंकीपॉक्स के नाम से भी जाना जाता था. अफ़्रीकी देश कॉन्गो में इस बीमारी के शुरुआती दौर में ही 450 से भी ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 02:08:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइली बस्तियों में रहने वालों ने वेस्ट बैंक के एक गांव पर किया हमला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-बसतय-म-रहन-वल-न-वसट-बक-क-एक-गव-पर-कय-हमल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-बसतय-म-रहन-वल-न-वसट-बक-क-एक-गव-पर-कय-हमल</guid>
        <description>-जारोस्लाव लुकिव

इसराइली बस्तियों में रहने वाले लोगों ने वेस्ट बैंक के एक गांव के घरों और कारों में आग लगा दी.

फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस घटना में एक व्यक्ति की जान गई है वहीं एक व्यक्ति घायल भी हुआ है जिसे सीने में गंभीर चोटें आईं हैं.

आगज़नी को अंज़ाम देने वाले इसराइली बस्ती के लोगों में से कुछ ने मास्क पहन रखे थे.

इसराइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने बताया कि गुरुवार शाम को नेबलस शहर के पास स्थित जिट गांव पर हमला करने वाले लोगों ने पथराव भी किया था.

इसराइली नेताओं ने इस हमले की निंदा की है. साथ ही अपराधियों को सज़ा देने का वादा भी किया है.

इसराइली रक्षा बल ने बताया कि हमला करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में भी ले लिया गया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 02:08:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस ने क्यों दी एक बैले डांसर को 12 साल की सज़ा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-न-कय-द-एक-बल-डसर-क-12-सल-क-सज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-न-कय-द-एक-बल-डसर-क-12-सल-क-सज</guid>
        <description>रूस की एक अदालत ने बैले डांसर कैरेलिना को यूक्रेन का समर्थन करने वाली एक चैरिटी को 51 डॉलर दान देने के मामले में 12 साल की सज़ा सुनाई है.

उन्हें ये सज़ा देशद्रोह के मामले में दी गई है.

कैरेलिना लॉस एंजेलिस में रहती थीं और उन्हें 2021 में अमेरिका ने नागरिकता दी थी.

कैरेलिना को जनवरी में मॉस्को से 1,600 किलोमीटर दूर पूर्व की ओर स्थित येकातेरिनबर्ग में पारिवारिक यात्रा के दौरान गिरफ्तार किया गया था.

रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस ने कहा कि केन्सिया कैरेलिना ने उस यूक्रेनी संगठन के लिए फंड जुटाया है जो कि यूक्रेनी सेना को हथियार मुहैया करा रही है.</description>
        <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 02:08:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्राजील में विमान दुर्घटना में पांच की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरजल-म-वमन-दरघटन-म-पच-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरजल-म-वमन-दरघटन-म-पच-क-मत</guid>
        <description>साओ पाउलो, 16 अगस्त । ब्राजील में एक विमान दुर्घटना में पांच लोगों की मौत की खबर है। यह दुर्घटना ब्राजील के मातो ग्रोसो राज्य के अमेज़ोनियन शहर अपिआकास में तब घटी जब एक ट्विन-इंजन विमान नीचे आ गिरा। ब्राजील की ग्लोबोन्यूज़ नेटवर्क के मुताबिक, मृतकों में अर्नी स्पीयेरिंग, एक एग्री-बिजनेस मालिक और यूनियन स्पोर्ट्स क्लब के पूर्व अध्यक्ष, उनके दो पोते-पोतियां, उनकी कंपनी के एक कर्मचारी और पायलट शामिल हैं।

शिन्हुआ सामचार एजेंसी के मुताबिक, सात लोगों की क्षमता वाले ट्विन-इंजन किंग एयर विमान रोंडोनोपोलिस शहर की ओर जा रहा था और पाउसादा अमेजोनिया फिशिंग लॉज से उड़ान भर रहा था, तभी यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना के बारे में बताते हुए ब्राज़ीलियन एयर फोर्स ने कहा कि एयरोनॉटिकल एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंशन सेंटर के विशेषज्ञों को अपिआकास में दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए भेजा गया है। यह दुर्घटना वोएपास एयर कैरियर द्वारा संचालित एक विमान के विन्हेडो शहर में दुर्घटनाग्रस्त होने के एक सप्ताह से भी कम समय बाद हुई है, जिसमें 62 लोगों की मौत हो गई थी। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 02:08:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा में इजरायली हमले में सात फिलिस्तीनियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-इजरयल-हमल-म-सत-फलसतनय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-इजरयल-हमल-म-सत-फलसतनय-क-मत</guid>
        <description>गाजा, 14 अगस्त । इजरायली सेना लगातार गाजा में हमास के ठिकानों को निशाना बना रही है। इजरायली सेना ने एक बार फिर गाजा में हवाई हमला किया है, जिसमें सात फिलिस्तीनी मारे गए। फिलिस्तीनी सूत्रों ने बताया कि सेंट्रल गाजा के नुसेरात शरणार्थी शिविर में इजरायली सेना ने हवाई हमला किया, जिसमें तीन बच्चों सहित सात फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए। फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने शिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया कि मंगलवार शाम को हुए हवाई हमले में अबू नड्डा परिवार के एक आवासीय घर को निशाना बनाया गया। हालांकि, इजरायली सेना ने अभी तक इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

इस बीच, इजरायली सेना ने मंगलवार को वेस्ट बैंक में कैदियों के दो अपार्टमेंट उड़ा दिए। बताया जा रहा है कि इस हमले के बाद कैदियों में झड़प हो गई, जिसमें एक फिलिस्तीनी नागरिक की मौत हुई है। ज्ञात हो कि 7 अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया था। इस दौरान 1,200 लोग मारे गए और लगभग 250 इजरायली नागरिकों को हमास ने बंधक बना लिया था। इसके बाद इजरायली सेना ने गाजा में घुसकर हमास के ठिकानों पर कार्रवाई की। गाजा में इजरायली हमलों में फिलिस्तीनियों की मौत का आंकड़ा लगभग 40,000 हो गया है। मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान, इजरायली सेना ने 32 लोगों को मार डाला और 88 अन्य को घायल कर दिया, जिससे फिलिस्तीनी-इजरायल संघर्ष शुरू होने के बाद से कुल मौतों की संख्या 39,929 और घायलों की संख्या 92,240 हो गई। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 15 Aug 2024 01:14:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मरियम नवाज ने अरशद नदीम को दिया 10 करोड़ रुपए का चैक, &amp;apos;92.97&amp;apos; नंबर की कार गिफ्ट की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मरयम-नवज-न-अरशद-नदम-क-दय-10-करड-रपए-क-चक-9297-नबर-क-कर-गफट-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मरयम-नवज-न-अरशद-नदम-क-दय-10-करड-रपए-क-चक-9297-नबर-क-कर-गफट-क</guid>
        <description>खानेवाल (पाकिस्तान), 13 अगस्त । पाकिस्तान के पंजाब सूबे की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने पेरिस ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम के घर पर मुलाकात की। अरशद नदीम पाकिस्तान के खानेवाल के मियां चुन्नू गांव के रहने वाले हैं। नदीम ने पेरिस ओलंपिक के जैवलिन थ्रो फाइनल में 92.97 मीटर की थ्रो के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया था। मरियम नवाज ने अरशद नदीम को 10 करोड़ पाकिस्तानी रुपए का चेक और एक कार गिफ्ट के तौर पर भेंट की। खास बात यह है कि कार का नंबर 9297 है। नदीम ने 92.97 मीटर के थ्रो के साथ न केवल ओलंपिक गोल्ड हासिल किया था, बल्कि ओलंपिक रिकॉर्ड भी बनाया था।

नदीम और पाकिस्तान के इतिहास में 92.97 एक खास फीगर बन चुकी है। मरियम नवाज ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शेयर की हैं। उन्होंने इस दौरान नदीम की मां के साथ भी मुलाकात की। मरियम नवाज पाकिस्तान के पंजाब सूबे की पहली महिला मुख्यमंत्री भी हैं। अरशद नदीम की उपलब्धियों पर बात करें, तो वह ओलंपिक में पाकिस्तान के लिए पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल हासिल करने वाले एथलीट बने हैं। अरशद नदीम के प्रदर्शन के चलते पाकिस्तान पेरिस ओलंपिक की पदक तालिका में 62वें स्थान पर रहा।

भारत इस बार पाकिस्तान से पीछे रहकर 71वें स्थान पर रहा। ओलंपिक में अरशद नदीम और भारतीय स्टार नीरज चोपड़ा की प्रतिद्वंदिता भी छाई रही। नीरज चोपड़ा ने जहां टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था, वह पेरिस ओलंपिक में सिल्वर मेडलिस्ट रहे। भाला फेंक प्रतियोगिता में नदीम और नीरज के बीच प्रतिद्वंद्विता में यह पहली बार है जब अरशद नदीम ने नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ा है। इससे पहले अरशद नदीम ने टोक्यो ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया था, लेकिन वह कोई मेडल नहीं जीत पाए थे। पिछले दो साल में नदीम ने उल्लेखनीय प्रगति है और वह अब कई बार थ्रो करते हुए 90 मीटर के निशान को पार कर चुके हैं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 00:39:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूनुस ने बांग्लादेशी हिंदुओं से मुलाकात की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यनस-न-बगलदश-हदओ-स-मलकत-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यनस-न-बगलदश-हदओ-स-मलकत-क</guid>
        <description>ढाका, 13 अगस्त। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने परेशान हिंदू समुदाय के सदस्यों से मंगलवार को यहां प्रसिद्ध ढाकेश्वरी मंदिर में मुलाकात की और उनकी सरकार की भूमिका के बारे में कोई धारणा बनाने से पहले धैर्य रखने का आग्रह किया।

यूनुस ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा और बर्बरता के बीच आठ अगस्त को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में कार्यभार संभाला था। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए। उन्होंने देश की दुर्दशा के लिए संस्थागत पतन को जिम्मेदार ठहराया।

यह बैठक पांच अगस्त को प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से हटने के बाद कई दिनों तक चली हिंसा में अल्पसंख्यक हिंदू लोगों पर हमले, उनकी संपत्तियों की तोड़फोड़ तथा कई हिंदू मंदिरों को नष्ट किए जाने के बाद हो रही है।

ढाकेश्वरी मंदिर प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है।

डेली स्टार अखबार ने युनूस को उद्धृत करते हुए कहा, अधिकार सबके लिए समान हैं। हम सब एक ही व्यक्ति हैं और हमारे पास एक ही अधिकार है। हमारे बीच कोई भेदभाव न करें। कृपया हमारी सहायता करें। धैर्य रखें और बाद में आकलन करें - हम क्या कर पाए और क्या नहीं। अगर हम असफल होते हैं, तो हमारी आलोचना करें।

अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के हजारों सदस्यों ने शुक्रवार और शनिवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका और उत्तर-पूर्वी बंदरगाह शहर चटगांव में बड़े पैमाने पर विरोध रैलियां निकालीं और देश भर में हुई बर्बरता के बीच सुरक्षा की मांग की। हिंसा के दौरान हिंदू समुदाय के मंदिरों और उनके घरों पर हमले किये गये थे।

अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए विशेष न्यायाधिकरणों की स्थापना, अल्पसंख्यकों के लिए 10 प्रतिशत संसदीय सीटों का आवंटन, अल्पसंख्यक संरक्षण कानून लागू करने आदि की मांग करते हुए हिंदू प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को मध्य ढाका के शाहबाग में तीन घंटे से अधिक समय तक यातायात अवरुद्ध कर दिया।

शनिवार को ही यूनुस ने हिंसा प्रभावित देश में अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की निंदा करते हुए उन्हें जघन्य करार दिया था और युवाओं से सभी हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों की रक्षा करने का आग्रह किया था।

बांग्लादेश के दो हिंदू संगठनों - बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद और बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद - के अनुसार, पांच अगस्त को शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश के 52 जिलों में अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों पर हमलों की कम से कम 205 घटनाएं हुईं।

डेली स्टार के अनुसार, मंगलवार को ढाकेश्वरी मंदिर पहुंचने के बाद यूनुस ने बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद और महानगर सर्बजनिन पूजा समिति के नेताओं, मंदिर प्रबंधन बोर्ड के अधिकारियों और श्रद्धालुओं से मुलाकात की।

युनूस ने कहा, हमारी लोकतांत्रिक आकांक्षाओं में हमें मुसलमान, हिंदू या बौद्ध नहीं बल्कि इंसान के रूप में देखा जाना चाहिए। हमारे अधिकार सुनिश्चित होने चाहिए। सभी समस्याओं की जड़ संस्थागत व्यवस्थाओं के क्षय में है। इसीलिए ऐसे मुद्दे उठते हैं। संस्थागत व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है।

प्रोफेसर यूनुस के साथ विधि सलाहकार आसिफ नजरुल और धार्मिक मामलों के सलाहकार एएफएम खालिद हुसैन भी थे।

इस मौके पर हिंदू संगठनों के कई प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

हमेशा की तरह कुर्ता-पायजामा पहने यूनुस अपने अधिकारियों के साथ बैठे और मंदिर परिसर में हिंदू समुदाय से बातचीत की।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 00:39:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश में मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता स्थापित करना जरूरी : मुहम्मद यूनुस</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-मनवधकर-और-अभवयकत-क-सवततरत-सथपत-करन-जरर-महममद-यनस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-मनवधकर-और-अभवयकत-क-सवततरत-सथपत-करन-जरर-महममद-यनस</guid>
        <description>ढाका, 13 अगस्त। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने देश में अल्पसंख्यकों पर हो रही बर्बरता को लेकर कहा कि मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता स्थापित करना उनके प्रमुख लक्ष्यों में से एक है, क्याेंकि हिंदू शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे के बाद से (5 अगस्त) हिंसा का सामना कर रहे हैं।

मुहम्मद यूनुस ने ढाका में 800 साल पुराने हिंदू समुदाय के ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर का दौरा किया।

इस दौरान उन्होंने कहा, देश में सभी को समान अधिकार प्राप्त है। हमारे बीच कोई भेदभाव नहीं है। कृपया धैर्य रखें और बाद में हमें परखें कि हमने क्या किया और क्या नहीं। अगर हम असफल होते हैं तो आलोचना करें।

पिछले सप्ताह हसीना के भारत रवाना होने के बाद से पिछले कई दिनों में कट्टरपंथियों द्वारा उनके घरों, व्यवसायों और यहां तक ​​कि मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है। इसमें सैकड़ों हिंदू घायल बताए जा रहे हैं।

यूनुस ने बांग्लादेश पूजा उत्सव परिषद के अध्यक्ष वासुदेव धर और महासचिव संतोष शर्मा की उपस्थिति में कहा, हमारी लोकतांत्रिक भावना में हमें मुसलमान, हिंदू या बौद्ध नहीं बल्कि इंसान के रूप में देखा जाना चाहिए। हमें अपने अधिकारों का दावा करना चाहिए। सभी समस्याओं की जड़ में संस्थागत व्यवस्था की कमजोरी है। इसी कारण ऐसी समस्याएं पैदा होती हैं। संस्थागत व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है।

अंतरिम सरकार के कानूनी और धार्मिक मामलों के सलाहकार आसिफ नजरूल और ए.एफ.एम. खालिद हुसैन भी यूनुस के साथ मंदिर गए थे।

सोमवार को हुसैन ने अल्पसंख्यकों पर हमले की निंदा की थी और आश्वासन दिया था कि मौजूदा सरकार सांप्रदायिक सद्भाव में विश्वास करती है।

सचिवालय में आयोजित एक मीडिया ब्रीफिंग में हुसैन ने जोर देकर कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले उपद्रवियों द्वारा किए गए थे और अंतरिम सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नष्ट किए गए घरों और मंदिरों की सूची तैयार की जा रही है और पीड़ितों को वित्तीय सहायता दी जाएगी।

बता दें कि यह हिंसा अंतरिम सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिसने 8 अगस्त को मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में शपथ ली है।

शनिवार को चटगांव के मध्य में हजारों की संख्या में हिंदू एकत्रित हुए और समुदाय पर हो रहे हमलों के खिलाफ एक विशाल विरोध रैली निकाली तथा देश के नागरिकों के रूप में सुरक्षा और समान अधिकारों की मांग की।

बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई ओइक्या परिषद ने भी यूनुस को एक खुला पत्र भेजा था, जिसमें अल्पसंख्यकों के खिलाफ एक विशेष समूह की अभूतपूर्व हिंसा पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की गई थी।(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 00:39:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ऑस्ट्रेलियाई सांसद ने संसद में उठाया बांग्लादेशी हिंदुओं पर हमले का मुद्दा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ऑसटरलयई-ससद-न-ससद-म-उठय-बगलदश-हदओ-पर-हमल-क-मदद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ऑसटरलयई-ससद-न-ससद-म-उठय-बगलदश-हदओ-पर-हमल-क-मदद</guid>
        <description>ऑस्ट्रेलियाई सांसद जूलियन लीसर ने देश की संसद में बांग्लादेश के हालात और वहां हिंदुओं समेत बाक़ी अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों का मुद्दा उठाया.

सांसद जूलियन लीसर ने इसे मानवीय तबाही बताते हुए कहा, बांग्लादेशी हिंदुओं को हिंसक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है.

अपने संबोधन में उन्होंने कहा, बांग्लादेश में क़ानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है. बांग्लादेश में अलग-अलग धर्मों को मानने वालों के बीच आपसी सम्मान कम होता जा रहा है. ऐसा इसलिए है क्योंकि लोगों की अपनी अलग राजनीतिक विचारधारा है.

जूलियन लीसर के मुताबिक़, बांग्लादेश में हिंदुओं को बढ़ते हिंसक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. पिछले कुछ दिनों से ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं. हिंसक भीड़ हिंदुओं के घरों, मंदिरों और काम करने की जगहों को निशाना बना रही है.

उन्होंने कहा, हिंदू परिवार मारे जाने, लूट और अगज़नी के डर से अपना घर छोड़कर भाग रहे हैं. ऐसी रिपोर्ट्स आ रही है कि इन हमलों में हिंदू मारे जा रहे हैं. मैंने कई बार इस ओर ध्यान दिलाने की कोशिश की है कि मेरी चिंता दुनिया भर में अलग-अलग धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए है. बांग्लादेशी हिंदुओं की तकलीफ को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता है.

बांग्लादेश में शेख़ हसीना की सरकार के जाने के बाद से ही अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा की ख़बरें आई थीं.

सोमवार को अंतरिम सरकार में गृह मामलों के सलाहकार सखावत हुसैन ने अल्पसंख्यकों से हाथ जोड़कर माफ़ी मांगी थी. मंगलवार को बांग्लादेश के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद युनूस ढाका के विख्यात ढाकेश्वरी मंदिर पहुँचे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 00:39:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइली मंत्री के अल अक़्सा मस्जिद पहुंचने के बाद विवाद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-मतर-क-अल-अकस-मसजद-पहचन-क-बद-ववद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-मतर-क-अल-अकस-मसजद-पहचन-क-बद-ववद</guid>
        <description>इसराइल के धुर-दक्षिणपंथी और नेशनल सिक्योरिटी मामलों के मंत्री इत्तेमार बेन गिविर ने सैकड़ों यहूदियों के साथ यरूशलम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक अल-अक़्सा मस्जिद में प्रवेश किया और प्रार्थना की.

अल-अक़्सा मस्जिद के एक हिस्से को टेंपल माउंट के नाम से जाना जाता है जो कि यहूदियों का सबसे पवित्र स्थल भी है.

इसराइली मंत्री के इस क़दम को फ़लस्तीन, अमेरिका, फ़्रांस और सऊदी अरब समेत कई देशों और संयुक्त राष्ट्र ने भी उकसाने वाला बताया है और इसकी निंदा भी की है.

हालांकि इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के ऑफ़िस ने कहा है कि अल अक़्सा मस्जिद में प्रार्थना की स्थिति पर कोई भी बदलाव नहीं हुआ है. वहां केवल मुस्लिमों को ही प्रार्थना करने की अनुमति है.

इसराइली सरकार ने अल-अक़्सा मस्जिद में किसी भी और धर्म के प्रार्थना करने पर रोक लगाई हुई है.

यरूशलम की अल-अक़्सा मस्जिद यरूशलम के पूर्वी भाग में स्थित है. यह जगह मुसलमानों की तीसरी सबसे पवित्र जगह है. वहीं यह यहूदियों के लिए सबसे पवित्र जगह मानी जाती है.

यहूदियों के लिए टेंपल माउंट और मुसलमानों के लिए अल-हराम अल शरीफ़ के नाम से मशहूर पवित्र स्थल में अल-अक़्सा मस्जिद और डोम ऑफ़ द रॉक शामिल है.

डोम ऑफ़ द रॉक को यहूदी धर्म में सबसे पवित्र स्थल का दर्जा दिया गया है. पैग़ंबर मोहम्मद से जुड़े होने के कारण डोम ऑफ़ द रॉक को मुसलमान भी पवित्र स्थल मानते हैं.

इस धार्मिक स्थल पर ग़ैर-मुसलमानों की प्रार्थना पर पाबंदी लगी हुई है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 00:39:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा नहीं लड़ेंगे पार्टी के नेता का चुनाव, देश को मिलेगा नया पीएम</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जपन-क-परधनमतर-फमओ-कशद-नह-लडग-परट-क-नत-क-चनव-दश-क-मलग-नय-पएम</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जपन-क-परधनमतर-फमओ-कशद-नह-लडग-परट-क-नत-क-चनव-दश-क-मलग-नय-पएम</guid>
        <description>जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा ने सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के नेता के रूप में फिर से चुनाव नहीं लड़ने का फ़ैसला किया है.

इसी के साथ यह तय हो गया है कि जापान को अब एक नए प्रधानमंत्री मिलेंगे.

फुमिओ किशिदा ने इस फ़ैसले के बारे में कहा, पार्टी को नई शुरुआत की ज़रूरत है. 67 वर्षीय किशिदा के के सितंबर में पार्टी के नए नेता के चुनाव के बाद प्रधानमंत्री पद से हटने की उम्मीद जताई जा रही है.

जापान में किशिदा का समर्थन भी घटता जा रहा है. इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोपों में फंसी हुई है. इसके अलावा किशिदा सरकार बढ़ती महंगाई और गिरते येन (जापानी मुद्रा) जैसी समस्याओं से भी जूझ रही है.

किशिदा की पार्टी को इस बात का संदेह भी है कि क्या वे उनके नेतृत्व में आम चुनावों को जीत पाएंगे.

चुनावी विश्लेषकों का बीबीसी से कहना है कि जापान फ़िलहाल पीढ़ीगत बदलाव से गुज़र रहा है और सत्ता पर काबिज़ पार्टी अपनी छवि को साफ करने के लिए संघर्ष कर रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 00:39:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूएन प्रमुख ने इस क्षेत्र के लिए की सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट देने की मांग की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यएन-परमख-न-इस-कषतर-क-लए-क-सरकष-परषद-म-सथय-सट-दन-क-मग-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यएन-परमख-न-इस-कषतर-क-लए-क-सरकष-परषद-म-सथय-सट-दन-क-मग-क</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने अफ्रीका को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट देने की अपील की है.

चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं.

उन्होंने कहा, अक्सर ये कहा जाता है कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद दुनिया इतनी बदल गई है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य मौजूदा परिस्थितियों का प्रतिनिधित्व नहीं कर पा रहे हैं. जबकि अफ्रीका का ज्यादातर हिस्से पर अभी भी औपनिवेशिक राज है.

गुटेरेस ने कहा कि दुनिया 1945 से काफी कुछ बदल गई है. लेकिन संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में बदलाव की गति धीमी है.

अफ्रीकी संघ लंबे समय से अफ्रीका महाद्वीप के देशों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा है.

पिछले दिनों सियेरा लिओन और इसके राष्ट्रपति जूलियस मादा मायो ने अफ्रीका को इसमें प्रतिनिधित्व देने की मांग है. इसके बाद अफ्रीका को स्थायी सीट देने की बहस ने जोर पकड़ी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 00:39:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ मर्डर केस में होगी जांच, अदालत ने दिए आदेश</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शख-हसन-क-खलफ-मरडर-कस-म-हग-जच-अदलत-न-दए-आदश</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शख-हसन-क-खलफ-मरडर-कस-म-हग-जच-अदलत-न-दए-आदश</guid>
        <description>बांग्लादेश की एक अदालत ने ढाका के एक राशन दुकानदार की हत्या में पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की कथित भूमिका की जांच के आदेश दिए हैं.

इस मामले में शिकायतकर्ता के वकील ने बताया है कि दुकानदार की हत्या पिछले महीने छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई थी.

हसीना और छह अन्य लोगों के ख़िलाफ़ आमिर हमज़ा ने केस दर्ज कराया है, जिसे ढाका के चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने सुनवाई के लिए मंज़ूर कर लिया है.

आमिर हमज़ा के वकील अनवारुल हक़ ने ये जानकारी दी है. उन्होंंने बताया कि मजिस्ट्रेट राजेश चौधरी ने शिकायत पर सुनवाई के बाद हसीना के ख़िलाफ़ जांच के आदेश दिए हैं.

बांग्लादेश में पिछले दिनों हुए प्रदर्शन और हिंसा के दौरान हुई मौतों के बाद पहली बार हसीना के ख़िलाफ़ कोई मामला दर्ज हुआ है..

इस मामले में हसीना की पार्टी अवामी लीग के जनरल सेक्रेट्री अब्दुल कादिर और पूर्व गृह मंत्री अब्दुजम्मां ख़ान और कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी.

हमज़ा का कहना है कि राशन दुकान के मालिक अबु सईद को 19 जुलाई को उस समय गोली लगी थी जब पुलिस छात्रों के आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर गोली चला रही थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 00:39:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान में स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय ध्वज बेचने वाली दुकान पर ग्रेनेड हमला, तीन की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-म-सवततरत-दवस-स-पहल-रषटरय-धवज-बचन-वल-दकन-पर-गरनड-हमल-तन-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-म-सवततरत-दवस-स-पहल-रषटरय-धवज-बचन-वल-दकन-पर-गरनड-हमल-तन-क-मत</guid>
        <description>क्वेटा, 14 अगस्त। पाकिस्तान के 77वें स्वतंत्रता दिवस से पहले संदिग्ध आतंकवादियों ने बलूचिस्तान प्रांत में राष्ट्रीय ध्वज बेचने वाली एक दुकान और एक घर पर ग्रेनेड से हमला कर दिया, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए।

हिंसा प्रभावित बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में मंगलवार को हुए इस हमले की जिम्मेदारी अलगाववादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली है। कुछ दिन पहले ही इस समूह ने दुकान के मालिक को झंडा न बेचने और लोगों को 14 अगस्त को छुट्टी न मनाने की चेतावनी दी थी।

पाकिस्तान को 14 अगस्त 1947 को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से आजादी मिली थी।

सरकारी अस्पताल के प्रवक्ता वसीम बेग ने बताया कि एक दुकान और उसके पास स्थित घर पर किए गए हमले में घायल छह लोगों को भर्ती कराया गया है।

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश के उत्तर-पूर्व में एक सैन्य अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में दिए गए भाषण में आतंकवाद को हराने की प्रतिबद्धता जताई। मुनीर ने पाक तालिबान के हमलों को रोकने के लिए पड़ोसी देश अफगानिस्तान से सहयोग मांगा।

इस बीच, पाकिस्तानी सेना ने एक बयान में बताया कि आतंकवादियों के एक समूह ने उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के दक्षिण वजीरिस्तान जिले में चार सुरक्षा कर्मियों की हत्या कर दी। उसने बताया कि सेना की जवाबी कार्रवाई में छह आतंकवादी भी मारे गए।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 00:39:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>क्या देश की व्यवस्था के खिलाफ युवाओं के गुस्से ने शेख हसीना के शासन को उखाड़ फेंका ?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कय-दश-क-वयवसथ-क-खलफ-यवओ-क-गसस-न-शख-हसन-क-शसन-क-उखड-फक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कय-दश-क-वयवसथ-क-खलफ-यवओ-क-गसस-न-शख-हसन-क-शसन-क-उखड-फक</guid>
        <description>ढाका, 12 अगस्त। देश की व्यवस्था के प्रति निराशा जाहिर करते हुए एक विश्वविद्यालय की छात्रा जन्नत-उल प्रोम कहती हैं कि डिग्री पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई या संभवतः नौकरी के लिए वह बांग्लादेश छोड़ देंगी क्योंकि यहां की व्यवस्था में योग्य उम्मीदवार के लिए कोई जगह नहीं है और युवाओं को बेहद कम अवसर मिलते हैं।

प्रोम ने कहा, हमारे यहां दायरा बेहद सीमित है। उन्होंने कहा कि अगर उनके परिवार के पास उन्हें और उनके बड़े भाई के खातिर विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ाने की फीस के लिए पर्याप्त धन होता तो वह पहले ही घर छोड़ देतीं।

लेकिन हाल की घटनाओं से उनके मन में उम्मीद जगी है कि एक दिन बांग्लादेश में हालत बदलेंगे। देश की सत्ता में 15 वर्ष रहने के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने युवाओं के प्रदर्शन के चलते पिछले सप्ताह पद से इस्तीफा दे दिया और देश छोड़कर चली गईं।

सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों में प्रोम भी शामिल थी। उनका कहना है कि जिस तरह से शेख हसीना के निरंकुश शासन ने असहमति को दबाया, अभिजात वर्ग को तरजीह दी और असमानताओं को बढ़ाया, उससे युवा तंग आ चुके थे।

जून में छात्र बांग्लादेश की सड़कों पर उतर आए थे और मांग कर रहे थे कि उन नियमों को समाप्त किया जाए जिसके तहत 1971 में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में हिस्सा लेने वाले लड़ाकों के रिश्तेदारों को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था।

छात्रों के आंदोलन का केंद्र वह नौकरियां भी थीं जिन्हें देश में सबसे स्थिर और सबसे अधिक वेतन वाली माना जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी के बावजूद मध्यम वर्ग को इस तरह की नौकरियों में पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाए।

यह बात भी हैरान करने वाली है कि बिल्कुल नयी युवा पीढ़ी ने इस विद्रोह का नेतृत्व किया। प्रोम जैसे युवा बांग्लादेश में नौकरी के अवसरों की कमी से सबसे अधिक निराश और प्रभावित हैं।

जुलाई के मध्य में हसीना ने युवाओं की मांगों को हल्के में लेते हुए सवाल पूछा था कि अगर नौकरियां स्वतंत्रता सेनानियों को नहीं दी जानी चाहिए तो फिर किसे दी जानी चाहिए। हसीन ने कुछ ही समय बाद इसके जवाब में कहा था, क्या नौकरियां रजाकार के वशंजों को दी जानी चाहिए। इसके बाद युवाओं का गुस्सा भड़क गया था।

रजाकार वे लोग थे जिन्होंने बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम को दबाने के लिए पाकिस्तान के साथ हाथ मिला लिया था।

अगले दिन, सुरक्षा बलों के साथ झड़पों के दौरान प्रदर्शनकारियों की मौत की खबरें आई जिससे विरोध और भड़क गया तथा हसीना सरकार के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन ने व्यापक विद्रोह का रूप ले लिया।

कॉर्नेल विश्वविद्यालय में राजनीतिक हिंसा और बांग्लादेश के सैन्य इतिहास का अध्ययन करने वाली प्रोफेसर सबरीना करीम ने कहा कि प्रदर्शनकारियों में नयी पीढ़ी भी शामिल रही जिन्हें हसीना के प्रधानमंत्री बनने से पहले के दौर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

ढाका विश्वविद्यालय की 22 वर्षीय छात्रा नूरिन सुल्ताना टोमा का कहना है कि जिस तरह हसीना ने छात्र प्रदर्शनकारियों की तुलना देशद्रोहियों से की थी उससे साफ है कि उन्हें इस बात का अंदाजा हो गया था कि वह युवा की मांग को किसी भी कीमत पर पूरा नहीं कर पाएंगी।

टोमा ने कहा कि उन्हें लगने लगा था कि बांग्लादेश धीरे-धीरे असमानताओं का आदी होता जा रहा है और लोगों ने यह उम्मीद खो दी है कि चीजें कभी बेहतर होंगी।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 01:00:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हसीना के भारत प्रवास से द्विपक्षीय संबंध प्रभावित नहीं होंगे: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हसन-क-भरत-परवस-स-दवपकषय-सबध-परभवत-नह-हग-बगलदश-क-अतरम-सरकर-क-सलहकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हसन-क-भरत-परवस-स-दवपकषय-सबध-परभवत-नह-हग-बगलदश-क-अतरम-सरकर-क-सलहकर</guid>
        <description>ढाका, 12 अगस्त। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के एक शीर्ष सलाहकार ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर भारत गईं शेख हसीना के वहां रहने से द्विपक्षीय संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और ढाका हमेशा नयी दिल्ली के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश करेगा।

समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश की खबर के अनुसार, अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने यह टिप्पणी उस समय की जब उनसे पूछा गया कि क्या हसीना के भारत में लंबे समय तक रहने से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध प्रभावित होंगे।

हुसैन ने कहा, यह एक काल्पनिक प्रश्न है। अगर कोई व्यक्ति किसी देश में रहता है तो उस देश के साथ रिश्ते क्यों प्रभावित होंगे? इसका कोई कारण नहीं है।

नौकरियों में विवादास्पद आरक्षण प्रणाली को लेकर अपनी सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध के बाद 76 वर्षीय हसीना ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और देश छोड़कर भारत चली गई थीं।

हुसैन ने कहा कि द्विपक्षीय संबंध पारस्परिक हितों पर आधारित होते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों - बांग्लादेश और भारत - के हित हैं और वे उन हितों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

हुसैन ने कहा कि वह भारत के साथ हमेशा अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश करेंगे।

इससे पहले, उन्होंने बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा सहित ढाका में तैनात राजनयिकों को बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी और उनका समर्थन मांगा।

हुसैन ने राजनयिकों से कहा, हमारा मानना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हमारे सभी मित्र और साझेदार अंतरिम सरकार और हमारे लोगों के साथ खड़े रहेंगे, क्योंकि हम बांग्लादेश के लिए एक नया भविष्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 01:00:21 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइल और ईरान के बीच तनाव पर अमेरिका की नज़र, मध्य पूर्व में भेजी मिसाइल से लैस पनडुब्बी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-और-ईरन-क-बच-तनव-पर-अमरक-क-नजर-मधय-परव-म-भज-मसइल-स-लस-पनडबब</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-और-ईरन-क-बच-तनव-पर-अमरक-क-नजर-मधय-परव-म-भज-मसइल-स-लस-पनडबब</guid>
        <description>इसराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में एक गाइडेड मिसाइल पनडुब्बी भेजी है.

अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन को भी इस इलाके़ में जल्द पहुंचने को कहा है.

यूएसएस अब्राहम लिंकन लड़ाकू विमान एफ-35 से लैस है.

दरअसल हमास और हिज़बुल्लाह कुछ बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद इसराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है.

ईरान ने अपने यहां मारे गए हमास नेता इस्माइल हनिया का बदला लेने का एलान किया था. समझा जाता है कि हिज़बुल्लाह इसराइल के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है.

हनिया की मौत के बाद बढ़े तनाव को देखते हुए अमेरिका ने मध्य पूर्व में पनडुब्बी भेजने का फ़ैसला किया है.

अमेरिका ऐसे किसी भी हमले से इसराइल का बचाव करना चाहता है.

अमेरिकी रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने कहा कि उनका देश अपने सहयोगी देशों के बचाव के लिए हरसंभव क़दम उठाएगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 01:00:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान की धमकियों के बीच अमेरिका समेत पांच देशों ने जारी किया साझा बयान, क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-धमकय-क-बच-अमरक-समत-पच-दश-न-जर-कय-सझ-बयन-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-धमकय-क-बच-अमरक-समत-पच-दश-न-जर-कय-सझ-बयन-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने मध्य पूर्व के हालात पर संयुक्त बयान जारी किया है.

इन सभी देशों ने क्षेत्र में तनाव कम करने और ग़ज़ा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए एक डील तक पहुंचने के लिए अपना पूर्ण समर्थन ज़ाहिर किया.

संयुक्त बयान में कहा गया, जितना जल्दी संभव हो, हमने एक डील तक पहुंचने के उद्देश्य से इस हफ्ते के अंत में वार्ता फिर से शुरू करने के लिए राष्ट्रपति बाइडन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तह अल सीसी और कतर के अमीर तमीम के संयुक्त आह्वान का समर्थन किया है.

इसमें कहा गया है, सभी पक्षों को अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए. साथ ही ग़ज़ा तक बिना रुकावट मदद पहुंचाया जाना ज़रूरी है.

पांचों देशों ने ईरानी आक्रामकता और उसके समर्थन वाले चरमपंथी संगठनों के खिलाफ इसराइल की रक्षा के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया.

इन्होंने कहा कि ईरान की तरफ से इसराइल के खिलाफ सैन्य हमलों की लगातार मिल रही धमकियों को रोकने का आह्वान किया गया है.

इसके साथ ही इस तरह के हमले होने पर क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर परिणामों को लेकर भी चर्चा की गई.</description>
        <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 01:00:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लॉस एंजिलिस से लेकर सैन डिएगो तक 4.4 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-स-लकर-सन-डएग-तक-44-तवरत-क-भकप-क-झटक-महसस-कए-गए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-स-लकर-सन-डएग-तक-44-तवरत-क-भकप-क-झटक-महसस-कए-गए</guid>
        <description>लॉस एंजिल्स, 13 अगस्त। अमेरिका में लॉस एंजिलिस से लेकर सैन डिएगो तक 4.4 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसके असर से इमारतें हिलने लगीं, बर्तन गिरने लगे और वाहनों के अलार्म बजना शुरू हो गए। हालांकि, भूकंप से फिलहाल किसी बड़ी क्षति या जनहानि की सूचना नहीं है।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीसी) ने कहा कि सोमवार को आए भूकंप का केंद्र लॉस एंजिलिस के सिटी हॉल से 10.5 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हाईलैंड पार्क के पास 12.1 किलोमीटर की गहराई में था।

यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप के झटके ग्रेटर लॉस एंजिलिस से लेकर दक्षिण में सैन डिएगो और पूर्व में पाम स्प्रिंग्स रेगिस्तानी क्षेत्र तक महसूस किए गए। लॉस एंजिलिस से लगभग 160 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में दक्षिणी सैन जोकिन घाटी में भी भूकंप के झटके महसूस किए जाने की खबरें हैं।

भूकंप के कारण एक अस्पताल की इमारत हिलने लगी, टीवी चैनल ईएसपीएन पर लाइव प्रसारित किया जा रहा साक्षात्कार बाधित हो गया और ऑरेंज काउंटी में स्थित डिज्नीलैंड की जमीन में कंपन महसूस की गई।

समाचार चैनलों के हेलीकॉप्टर ने पासाडेना सिटी हॉल की ऊपरी मंजिल से पानी के रिसाव का दृश्य दिखाया। पासाडेना की जन सूचना अधिकारी लिसा डेर्डेरियन ने भी इस बात की पुष्टि की कि पानी का रिसाव भूकंप के कारण हुआ। उन्होंने बताया कि लगभग 200 कर्मचारियों को सिटी हॉल से सुरक्षित निकाल लिया गया और लिफ्ट में मौजूद एक व्यक्ति को बचाया गया।

डेर्डेरियन ने कहा कि सिटी हॉल में कोई खास हानि नहीं हुई है, लेकिन एक इंजीनियर इसका पूरा आकलन करेगा।

लॉस एंजिलिस के दमकल विभाग की प्रवक्ता मार्गरेट स्टीवर्ट ने एक बयान में कहा कि लॉस एंजिलिस के सभी 106 दमकल केंद्रों के कर्मचारियों ने 1,217 वर्ग किलोमीटर के शहर का सर्वेक्षण किया और कोई बड़ी क्षति नहीं होने की सूचना दी।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 01:00:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश के हालात पर निगरानी जारी रखेगा अमेरिका: व्हाइट हाउस</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-हलत-पर-नगरन-जर-रखग-अमरक-वहइट-हउस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-हलत-पर-नगरन-जर-रखग-अमरक-वहइट-हउस</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 13 अगस्त। अमेरिका के राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका बांग्लादेश के हालात पर निगरानी जारी रखेगा। उसने इस बात पर भी बल दिया कि राष्ट्रपति जो बाइडन मानवाधिकार के मुद्दों पर स्पष्ट और बेबाक तरीके से बोलते रहेंगे।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन ज्यां-पियरे, हिंदू-अमेरिकी समूहों और भारतीय-अमेरिकी सांसदों की उस अपील के संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब दे रही थीं, जिसमें उन्होंने शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के जीवन और संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की थी।

ज्यां-पियरे ने सोमवार को अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम निश्चित रूप से हालात पर निगरानी जारी रखेंगे। मेरे पास इसके अलावा और कुछ कहने को नहीं है। लेकिन, जब भी मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों की बात आती है तो राष्ट्रपति (जो बाइडन) सार्वजनिक रूप से और निजी तौर पर स्पष्ट तथा बेबाक तरीके से बोलते रहे हैं और ऐसे ही बोलते रहेंगे।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के कथित मानवाधिकार हनन की घटनाओं के खिलाफ पिछले कुछ दिन से अमेरिका के विभिन्न शहरों में सैकड़ों हिंदू-अमेरिकी नागरिकों की ओर से शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाले जा रहे हैं।

रविवार को अटलांटा में एक मार्च को संबोधित करते हुए, सांसद शॉन स्टिल ने अमेरिकी विदेश विभाग से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और हितों को सुनिश्चित करने की अपील की थी। कई अन्य सांसदों ने भी ऐसे ही विचार व्यक्त करते हुए इस मांग को दोहराया था।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 01:00:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शेख हसीना के करीबी अधिकारियों के इस्तीफे वैध : यूनुस</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शख-हसन-क-करब-अधकरय-क-इसतफ-वध-यनस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शख-हसन-क-करब-अधकरय-क-इसतफ-वध-यनस</guid>
        <description>ढाका, 13 अगस्त। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख एवं नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी अधिकारियों के इस्तीफे वैध हैं।

बांग्लादेश में विवादास्पद आरक्षण प्रणाली को लेकर हसीना सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने कई शीर्ष अधिकारियों को पद छोड़ने का अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद पिछले कुछ दिन में देश के प्रधान न्यायाधीश, पांच न्यायाधीश और सेंट्रल बैंक के गवर्नर इस्तीफा दे चुके हैं।

यूनुस (83) ने रविवार रात को पत्रकारों से कहा, कानूनी तौर पर... सारे कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बहाल करना अंतरिम सरकार की प्राथमिकता है। यूनुस ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश ओबैदुल हसन को जल्लाद करार दिया।

हसन के इस्तीफे के बाद सैयद रेफात अहमद को रविवार को बांग्लादेश का नया प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया। विवादास्पद आरक्षण प्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्र नेताओं ने इस पद के लिए रेफात के नाम की सिफारिश की थी।

पिछले बृहस्पतिवार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की कमान संभालने वाले यूनुस ने कहा कि उन्होंने यह पद इसलिए स्वीकार किया, क्योंकि आंदोलनकारी छात्रों ने उनसे कहा कि वह एकमात्र व्यक्ति हैं, जिन पर वे भरोसा कर सकते हैं।

यूनुस ने कहा, यह मेरा सपना नहीं है, यह उनका सपना है। इसलिए मैं इसे सच करने में उनकी मदद कर रहा हूं।

यूनुस ने आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों को छात्रों के नेतृत्व वाली क्रांति करार दिया और कहा कि उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख का पद इसलिए भी स्वीकार किया, क्योंकि ये वे लोग हैं, जिनके आंदोलन ने सरकार गिरा दी।

यूनुस लंबे समय से हसीना और उनकी सरकार के आलोचक रहे हैं। पेशे से अर्थशास्त्री और बैंकर यूनुस को गरीबों, खासकर महिलाओं की मदद के लिए ग्रामीण बैंक के माध्यम से माइक्रोक्रेडिट (लघु ऋण) प्रणाली की शुरुआत करने के वास्ते 2006 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

हसीना के 2008 में सत्ता में आने के बाद यूनुस और उनके ग्रामीण बैंक के खिलाफ कई जांच शुरू की गईं। 2013 में उन पर सरकार की अनुमति के बगैर नोबेल पुरस्कार राशि और एक किताब की रॉयल्टी सहित अन्य राशि प्राप्त करने के आरोप में मुकदमा चलाया गया।

हालांकि, यूनुस ने सभी आरोपों को खारिज किया था। उनके समर्थकों ने कहा था कि नोबेल विजेता को हसीना के साथ उनके तल्ख रिश्तों के कारण निशाना बनाया गया।

बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना के अचानक इस्तीफा देने और देश छोड़कर चले जाने से अस्थिरता की स्थिति पैदा हो गई। देश में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच राष्ट्रपति ने संसद भंग कर दी और यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया।

बांग्लादेश में 1971 के मुक्ति संग्राम में हिस्सा लेने वाले लोगों के परिवारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी आरक्षण का प्रावधान करने के खिलाफ हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए, जिनमें 300 से अधिक लोगों की जान गई।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 01:00:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>तोशाखाना के नए भ्रष्टाचार मामले में इमरान और बुशरा बीबी की रिमांड 11 दिन तक बढ़ाई गई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/तशखन-क-नए-भरषटचर-ममल-म-इमरन-और-बशर-बब-क-रमड-11-दन-तक-बढई-गई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/तशखन-क-नए-भरषटचर-ममल-म-इमरन-और-बशर-बब-क-रमड-11-दन-तक-बढई-गई</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 9 अगस्त। पाकिस्तान की एक जवाबेदही अदालत ने तोशाखाना के नए भ्रष्टाचार मामले में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की रिमांड 11 दिनों के लिए बढ़ा दी है। मीडिया में शुक्रवार को जारी की गई खबरों में यह जानकारी दी गई।

पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार में प्रकाशित खबर में कहा गया है कि जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश नासिर जावेद राणा की अध्यक्षता में रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में स्थापित अस्थायी अदालत कक्ष में बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई की गई।

न्यायाधीश राणा ने तोशाखाना के नये भ्रष्टाचार मामले में खान और बीबी की 10 दिन की रिमांड समाप्त होने के बाद इसे 11 और दिनों के लिए बढ़ा दिया।

पाकिस्तान-तहरीक-ए इंसाफ (पीटीआई ) के प्रमुख नेता इमरान खान (71) कई मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद पिछले एक साल से अधिक समय से अदियाला जेल में बंद हैं। उनकी पत्नी 49 वर्षीय बीबी भी उनके साथ जेल में बंद हैं।

राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने अदालत को बताया कि खान ने पिछले 10 दिनों की रिमांड के दौरान केवल दो बार जांच टीम के साथ सहयोग किया था। भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी संस्था ने अदालत से मामले की जांच के लिए अतिरिक्त 14 दिन की रिमांड सौंपने का अनुरोध किया था।

खबर में बताया गया कि हालांकि, अदालत ने दलीलें सुनने के बाद खान की प्रत्यक्ष रिमांड 11 दिन के लिए बढ़ाई और मामले की सुनवाई 19 अगस्त तक स्थगित कर दी।

खान और बीबी पहले ही तोशाखाना के नये भ्रष्टाचार मामले के संबंध में 24 दिन की रिमांड अवधि को पूरा कर चुके हैं।

एनएबी ने इस मामले में खाना और बीबी पर तोशाखाना से आभूषण सेट खरीदने और कानून का उल्लंघन कर उसे बेचने का आरोप लगाया।

एनएबी ने उनके खिलाफ ताजा तोशाखाना मामला तब दर्ज किया जब पिछले महीने जिला एवं सत्र न्यायालय ने गैर-इस्लामिक विवाह मामले में उनकी दोषसिद्धि को खारिज कर दिया था।

अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि दोनों को तत्काल रिहा कर दिया जाना चाहिए, जब तक कि वे अन्य मामलों में वांछित न हों।

तोशाखाना मामले में बृहस्पतिवार को हुई सुनवाई के बाद खान ने संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार दो महीने में गिर जाएगी।

खबर में उनके हवाले से कहा गया है, ये मूर्ख यह नहीं समझ रहे हैं कि इस सरकार के पास दो महीने से अधिक का समय नहीं है। सरकार दो महीने में गिर जाएगी।

इमरान खान ने कहा, मेरे पास बहुत समय है, लेकिन उनके (शासकों के) पास समय खत्म होता जा रहा है।

खान ने कहा कि वह सत्ताधारियों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे, चाहे सरकार उन्हें कितने भी लंबे समय तक जेल में रखे।

उन्होंने कहा, समझौता वह व्यक्ति करता है जिसने अपराध किया हो। मेरे पास विदेश में कोई धन नहीं है और न ही देश के बाहर मेरी कोई संपत्ति है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 10 Aug 2024 04:23:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्राज़ील विमान हादसे में 61 की मौत, चश्मदीद और जिनकी फ़्लाइट छूटी उन्होंने क्या बताया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरजल-वमन-हदस-म-61-क-मत-चशमदद-और-जनक-फलइट-छट-उनहन-कय-बतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरजल-वमन-हदस-म-61-क-मत-चशमदद-और-जनक-फलइट-छट-उनहन-कय-बतय</guid>
        <description>-इयोन वेल्स और रॉबर्ट प्लमर

ब्राज़ील की राजधानी साओ पाउलो में एक विमान हादसे में 61 लोगों की मौत हो गई है. विमान में 57 यात्री और चालक दल के चार सदस्य थे. इन सभी की मौत हो गई है.

विमान का संचालन करने वाली वोपास एयरलाइन के मुताबिक़ दो इंजनों वाला ये टर्बोप्रोप विमान ब्राज़ील के दक्षिणी शहर पराना के कास्कावेल से साओ पाउलो शहर के गुआरुलहोस एयरपोर्ट जा रहा था लेकिन विन्हेडो शहर के पास ये दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहे फुटेज में दिख रहा है कि एटीआर72-500 विमान घूमता हुआ सीधे नीचे गिरता जा रहा है.

स्थानीय अधिकारियों ने विमान में सवार सभी लोगों के मौत की पुष्टि कर दी है.

कास्कावेल स्थित यूओपेक्कन कैंसर अस्पताल ने बताया कि मरने वालों में उसके दो ट्रेनी डॉक्टर भी शामिल थे.

ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइस इनासियो लुला डी सिल्वा ने मरने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है

साओ पाउलो स्टेट के गवर्नर तारिसिसो गोम्स डी फ्रितास ने तीन दिन के शोक की घोषणा की है.

अधिकारियों ने बताया कि विमान के फ्लाइट रिकॉर्ड मिल गए हैं.

2007 के बाद ये ब्राज़ील का सबसे बड़ा विमान हादसा है. 2007 में साओ पाउलो में टीएएम एक्सप्रेस विमान हादसे में 199 लोगों की मौत हो गई थी.

फ्रेंच-इतालवी विमान कंपनी एटीआर ने कहा है वह विमान हादसे की जांच में पूरा सहयोग करेगी.

अधिकारियों ने बताया कि विमान जहां गिरा वहां सिर्फ़ एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ है. ज़मीन पर कोई भी घायल नहीं हुआ है.

अधिकारियों ने बताया कि वेलिनहोस म्यूनिसिपल सिविल गार्ड से तीन वाहनों के साथ 20 लोगों को भेजा गया है.

वीडियो में एक बड़े इलाके में फैली आग और विमान के मलबे से उठता धुआं दिख रहा है.

विमान जहां गिरा है उसके आसपास कई मकान दिख रहे हैं.

दुर्घटनास्थल पर पुलिस और फ़ायर सर्विस के लोग दिख रहे हैं.

फ्लाइट ट्रैकिंग में वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के मुताबिक़, विमान शुक्रवार को 11 बजकर 56 मिनट पर कास्कावेल से उड़ा था और उसके डेढ़ घंटे बाद उससे आख़िरी बार सिग्नल मिला था.

ब्राज़ील की सिविल एविएशन एजेंसी बताया कि विमान 2010 में बना था और अच्छी हालत में था.

विमान उड़ान भरने के लिए बिल्कुल फिट था. विमान चालक दल के पास सभी लाइसेंस थे.

अपने सामने विमान को हादसे का शिकार होते देखने वाले फेलिफ मेगलेस ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, जैसे ही मैंने विमान गिरने की आवाज़ सुनी मैं खिड़की से झांका. मैंने अपनी आंखों के सामने विमान को गिरते देखे.

विन्हेडो शहर में रहने वाले इस शख़्स ने बताया कि विमान गिरते ही वो घर से बाहर दौड़ा. वो बुरी तरह डरा हुआ था और समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए. डर से वो अपने घर की दीवार फांद कर बाहर भाग गया.

दुर्घटनास्थल के नज़दीक रहने वाली नताली सिसारी ने बताया वो खाना खा रही थीं तभी उन्होंने थोड़ी दूर में एक ज़ोरदार आवाज़ सुनी.

उन्होंने बताया कि ये आवाज़ ड्रोन उड़ने जैसी थी लेकिन बाद में बड़ी तेज़ आवाज़ आई.

उन्होंने सीएनएन ब्राज़ील को बताया, मैं दौड़ कर बालकनी में गई और देखा विमान बड़ी तेज़ी से चक्कर काटता हुआ नीचे गिर रहा है. पल भर में ही मुझे समझ में आ गया कि यह प्लेन का नॉर्मल मूवमेंट नहीं है.

एक और चश्मदीद पितरो ने रॉयटर्स को बताया कि बहुत से लोग वहां जमा हो गए और वीडियो बनाने लगा.

उन्होंने कहा, मैंने विमान का मलबा देखा. दुर्घटनास्थल पर सिर्फ़ इसका केबिन पड़ा था.

पराना के कास्कावेल से साओ पाउलो शहर के गुआरुलहोस एयरपोर्ट जा रहे इस विमान के लिए टिकट ले चुके कुछ यात्रियों की फ्लाइट छूट गई थी.

इनमें से एक थे एद्रियानो असीस. उन्होंने बताया, विमान की उड़ान के बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि ये कब उड़ेगा. काउंटर पर ये बताने वाला भी कोई नहीं था. जब भी कोई वहां पहुंचता था उसे कहा जाता था कि अब वो विमान में नहीं बैठ सकते.

मेरी वहां बैठे कुछ लोगों से इस मसले पर बहस भी हुई. लेकिन मैं ईश्वर का शुक्रिया अदा करता हूं कि मैं बच गया.

एक और यात्री जोस फेलिफ ने बताया कि उन्होंने शुरू में लताम जाने का टिकट बुक किया था. लेकिन लताम का एयरपोर्ट बंद था.

जब वो एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका बोर्डिंग लिमिट ख़त्म हो चुकी है.

उन्होंने कहा कि वहां बैठे अधिकारियों से उनका झगड़ा भी हुआ. लेकिन अधिकारियों ने उन्हें विमान में बैठने नहीं दिया.

उन्होंने कहा, ये सिहरन पैदा करने वाला अनुभव है. मैं अब भी कांप रहा हूं. सिर्फ मैं और भगवान ही इस पल का गवाह है.</description>
        <pubDate>Sat, 10 Aug 2024 04:23:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को लेकर क्या बोला अमेरिका</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-अतरम-सरकर-क-लकर-कय-बल-अमरक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-अतरम-सरकर-क-लकर-कय-बल-अमरक</guid>
        <description>बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के इस्तीफ़ा देकर देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन कर दिया गया है.

नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार बनाया गया है.

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मोहम्मद यूनुस का स्वागत किया है.

एंटनी ब्लिंकन ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए मोहम्मद यूनुस के शपथ लेने का मैं स्वागत करता हूं.

उन्होंने कहा, अमेरिका उनकी शांति के लिए की गई अपील का समर्थन करता है.

ब्लिंकन ने कहा, बांग्लादेश के लोगों के लोकतांत्रिक और समृद्ध भविष्य के लिए अमेरिका बांग्लादेश के साथ काम करने लिए प्रतिबद्ध है.

प्रोफ़ेसर यूनुस को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में नामित करने का फ़ैसला राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, सैन्य नेताओं और छात्र नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 10 Aug 2024 04:23:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने किया गाजा में युद्ध विराम का आह्वान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फरस-क-रषटरपत-इमनएल-मकर-न-कय-गज-म-यदध-वरम-क-आहवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फरस-क-रषटरपत-इमनएल-मकर-न-कय-गज-म-यदध-वरम-क-आहवन</guid>
        <description>पेरिस, 10 अगस्त । फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गाजा में युद्ध विराम का आह्वान किया है। राष्ट्रपति मैक्रों ने गाजा में युद्ध विराम के लिए फ्रांस के समर्थन की पुष्टि करते हुए कई बातों पर भी जोर दिया। फ्रांस के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एलिसी पैलेस ने एक बयान में कहा, इस युद्ध विराम का उद्देश्य सभी बंधकों को मुक्त करना, गाजा के लोगों की रक्षा करना और बड़े पैमाने पर वहां मानवीय सहायता पहुंचाना है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मैक्रों ने गुरुवार और शुक्रवार को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान युद्ध विराम को लेकर यह टिप्पणी की।

फोन पर चर्चा के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों और दोनों अरब नेताओं ने इस संकट के स्थायी और विश्वसनीय समाधान की दिशा में काम जारी रखने पर सहमति जताई। फ्रांस के राष्ट्रपति ने अरब लीग, इस्लामिक सहयोग संगठन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अपने सहयोगियों के साथ सहयोग करने की फ्रांस की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि ये पहल क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को बहाल करेगा। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी दी थी कि पिछले 10 महीनों में गाजा पट्टी में चल रहे संघर्ष में अब तक 39,699 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 91,722 अन्य घायल हुए हैं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 10 Aug 2024 04:23:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिणी कैलिफोर्निया में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया, किसी नुकसान की खबर नहीं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-कलफरनय-म-52-तवरत-क-भकप-आय-कस-नकसन-क-खबर-नह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-कलफरनय-म-52-तवरत-क-भकप-आय-कस-नकसन-क-खबर-नह</guid>
        <description>लॉस एंजिलिस, 7 अगस्तअमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के दक्षिणी हिस्से में मंगलवार रात 5.2 तीव्रता का भूकंप आया, लेकिन अभी तक इससे किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि दक्षिणी कैलिफोर्निया में मंगलवार रात नौ बजकर नौ मिनट पर भूकंप आया और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.2 मापी गई।

उसने बताया कि भूकंप का केंद्र लॉस एंजिलिस से लगभग 85 मील (137 किलोमीटर) दूर स्थित केर्न काउंटी क्षेत्र के मेटलर के पास था।

अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि दक्षिणी कैलिफोर्निया में आए भूकंप से बुनियादी ढांचे को किसी तरह का नुकसान हुआ है या नहीं।

उन्होंने बताया कि डोजर स्टेडियम में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए और इस दौरान वहां लॉस एंजिलिस डोजर्स और फिलाडेल्फिया फिलिस टीम के बीच बेसबॉल का मैच खेला जा रहा था। स्टेडियम में मौजूद भीड़ को भूकंप का पता नहीं चला और उन्होंने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी।

केर्न काउंटी अग्निशमन विभाग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि क्षेत्र के दमकलकर्मी अपने जिलों का सर्वेक्षण करेंगे।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 01:53:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>टिम वाल्ज काबिल उपराष्ट्रपति साबित होंगे: कमला हैरिस</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टम-वलज-कबल-उपरषटरपत-सबत-हग-कमल-हरस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टम-वलज-कबल-उपरषटरपत-सबत-हग-कमल-हरस</guid>
        <description>फिलाडेल्फिया, 7 अगस्त अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने मंगलवार को पेनसिल्वेनिया में एक रैली में मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज की सराहना की और कहा कि वह काबिल उपराष्ट्रपति साबित होंगे।

दरअसल हैरिस ने टिम वाल्ज को पार्टी की तरफ से उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी चुना है। हैरिस (59) का नवंबर में होने वाले चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति तथा रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप से मुकाबला होगा।

हैरिस ने एक रैली में वाल्ज के साथ मंच साझा किया और कहा, ये ऐसे इंसान हैं जिनसे लोग जुड़ाव महसूस करते हैं और जो लोगों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हैं। अमेरिका इसी प्रकार का उपराष्ट्रपति पाने का हकदार है।

हैरिस के बाद वाल्ज ने लोगों का अभिवादन किया और इस कठिन अभियान में उनका साथ देने का आग्रह किया।

वाल्ज ने कहा, हमारे पास 91 दिन हैं। हे ईश्वर, यह आसान है।

वाल्ज 2018 में मिनेसोटा का गवर्नर बनने से पहले 12 साल तक सांसद रह चुके हैं।

पिछले महीने राष्ट्रपति जो बाइडन ने आगामी चुनाव में राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने की घोषणा की थी, जिसके बाद भारतीय मूल की उपराष्ट्रपति हैरिस को सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से 2024 का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 01:53:31 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा को लेकर भीषण तनाव के बीच पेरिस में इजराइली खिलाड़ियों को मिली धमकियां</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-क-लकर-भषण-तनव-क-बच-परस-म-इजरइल-खलडय-क-मल-धमकय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-क-लकर-भषण-तनव-क-बच-परस-म-इजरइल-खलडय-क-मल-धमकय</guid>
        <description>पेरिस, 7 अगस्तइजराइल की ओलंपिक टीम ने कहा है कि गाजा में युद्ध के दौरान फलस्तीन के लोगों के मारे जाने को लेकर जारी भीषण तनाव और पश्चिम एशिया में व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष के खतरे के बीच पेरिस ओलंपिक में आए उसके कुछ खिलाड़ियों को धमकियां मिली हैं।

इजराइली राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष याएल अराद ने मंगलवार को एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को बताया कि टीम के सदस्यों को धमकियां मिलीं और इनके जरिए खिलाड़ियों में मनोवैज्ञानिक आतंक उत्पन्न करने की कोशिश की गई। समिति के अध्यक्ष ने इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं दी।

पेरिस के अभियोजकों ने पिछले सप्ताह इजराइल के खिलाड़ियों को ईमेल के जरिये दी गई मौत की धमकियों के मामले की जांच शुरू की। राष्ट्रीय साइबर अपराध एजेंसी इजराइल के कुछ खिलाड़ियों के निजी डेटा के ऑनलाइन लीक होने के मामले की भी जांच कर रही है। इजराइल-पराग्वे मैच के दौरान इजराइली खिलाड़ियों के साथ भेदभावपूर्ण बर्ताव होने के मामले की भी अभियोजकों ने जांच शुरू की है।

इजराइली खिलाड़ी टॉम रेउवेनी (24) ने सप्ताहांत में विंड सर्फिंग में स्वर्ण पदक जीता था। टॉम उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें धमकी मिली है। उन्होंने जर्मनी के म्यूनिख में 1972 ओलंपिक के दौरान मारे गए 11 इजराइली एथलीट की याद में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि खेलों को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि खेलों में, खास तौर पर ओलंपिक खेलों में कोई राजनीति होनी चाहिए। खेलों में राजनीति नहीं है बल्कि वे लोग राजनीति कर रहे हैं जो नहीं चाहते कि हम प्रतिस्पर्धा करें , हम यहां रहें। मुझे बहुत सारे संदेश और धमकियां मिली हैं।

इजराइल ने ओलंपिक को तटस्थ बनाए रखने का आग्रह किया है वहीं फलस्तीनी प्रतिनिधिमंडल यहां गाजा में नागरिकों के संघर्षों के बारे में बातचीत कर रहे हैं और लोगों को उनकी तकलीफों से अवगत करा रहे हैं। इजराइल और हमास के बीच युद्ध में 39,000 से अधिक फलस्तीनी लोगों की मौत हुई है।

फलस्तीनी अमेरिकी ओलंपिक तैराक वैलेरी तराजी ने रविवार को एपी से कहा,  मुझे जो बात सबसे ज्यादा परेशान कर रही है वह यह है कि लोग अब फलस्तीनियों को सिर्फ एक संख्या के तौर पर देख रहे हैं। मरने वाले लोगों की संख्या...। विस्थापित हुए लोगों की संख्या....।

उन्होंने कहा बतौर खिलाड़ी हम भी यहां दूसरों की तरह ही हैं। हम प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं। हम भी अपने घरों में उसी तरह जीना चाहते हैं जिस तरह दुनिया में लोग जीते हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 01:53:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश में अशांति जारी, कानून&amp;व्यवस्था बहाल करने में जुटे प्राधिकारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-अशत-जर-कनन-वयवसथ-बहल-करन-म-जट-परधकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-अशत-जर-कनन-वयवसथ-बहल-करन-म-जट-परधकर</guid>
        <description>ढाका, 7 अगस्त बांग्लादेश में छात्रों ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन स्वयंसेवकों के रूप में यातायात प्रबंधन किया। वहीं, एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य से धीरे-धीरे ड्यूटी पर लौटने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल करने का आह्वान किया।

स्थानीय मीडिया में आई खबरों के अनुसार, सोमवार को शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बांग्लादेश में अराजकता चरम पर है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने या यातायात का प्रबंधन करने के लिए पुलिसकर्मी उपलब्ध नहीं हैं।

अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) ए.के.एम. शाहीदुर रहमान को मौजूदा संकट से निपटने के लिए मंगलवार को बांग्लादेश पुलिस का शीर्ष अधिकारी नियुक्त किया गया। उन्होंने पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य से धीरे-धीरे ड्यूटी पर लौटने और सार्वजनिक सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल करने के काम में जुटने का आह्वान किया है।

ढाका ट्रिब्यून अखबार ने बताया कि बांग्लादेश स्काउट्स के सदस्यों समेत छात्रों को कई स्थानों पर यातायात प्रबंधन करते हुए देखा गया।

बुधवार को सुरक्षा बल में हुए ताजा फेरबदल के तहत रहमान को अब रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है।

अखबार ने बताया कि देशभर में मंगलवार को पुलिस थानों और विभिन्न केंद्रों पर हमलों में कई पुलिस कर्मियों के हताहत होने की खबरें हैं, जिससे यह अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है।

प्रथम अलो समाचार पोर्टल ने बताया कि प्राधिकारियों ने बुधवार को आरएबी और ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस (डीएमपी) के शीर्ष पदों में फेरबदल किया। उसने बताया, एकेएम शाहीदुर रहमान को आरएबी का महानिदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि मोहम्मद मैनुल हसन ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस के आयुक्त के रूप में हबीबुर रहमान का स्थान लेंगे।

इस फेरबदल से कुछ घंटों पहले राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को मंगलवार रात को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया।

अक्टूबर 2020 में नियुक्त हुए अटॉर्नी जनरल अबू मोहम्मद अमीनुद्दीन ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया।

वहीं, कारोबारी प्रतिष्ठानों ने पिछले दो दिन में फैक्टरियों में आगजनी की घटनाओं के बीच बुधवार को कानून एवं व्यवस्था तुरंत बहाल करने की मांग की, ताकि उनकी उत्पादन इकाइयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

डेली स्टार अखबार ने इंटरनेशनल चैंबल ऑफ कॉमर्स, बांग्लादेश के हवाले से बताया कि कारोबारियों ने कहा है कि उन्होंने आज खासतौर से कपड़ों की फैक्टरियां खोलीं, लेकिन अशांति और तोड़फोड़ के डर के कारण कई फैक्टरी का संचालन संभव नहीं है।

ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि कार्यालयों को फिर से खोले जाने के बाद दूसरे दिन बुधवार को बांग्लादेश बैंक में अराजकता की स्थिति पैदा हो गई। डिप्टी गवर्नर काजी सईदुर रहमान सहित बांग्लादेश बैंक के छह शीर्ष अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया।

अखबार ने बताया कि बांग्लादेश बैंक के सैकड़ों अधिकारी बैंक गवर्नर के कार्यालय में घुस गए, जिससे कई डिप्टी गवर्नर को कार्यालय छोड़ना पड़ा।

मंगलवार को देश के कई हिस्सों से हसीना की आवामी लीग पार्टी के कम से कम 29 समर्थकों का शव बरामद हुआ, जिससे सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर जुलाई में शुरू हुए प्रदर्शन के हिंसक होने से अब तक मारे गए लागों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है।

मीडिया में आई खबरों में मंगलवार को अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के ज्यादा मामले सामने आने की बात कही गई। सोमवार को लोकप्रिय लोक बैंड जोलर गान के प्रमुख राहुल आनंद के आवास पर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई, जिससे गायक और उनके परिवार को एक गुप्त स्थान पर शरण लेनी पड़ी।

डेली स्टार ने जोलर गान के संस्थापक सदस्यों में से एक सैफुल इस्लाम के हवाले से बताया कि भीड़ ने आवास का मुख्य प्रवेश द्वार तोड़ने के बाद तोड़फोड़ और लूटपाट शुरू कर दी और फर्नीचर, शीशों से लेकर कीमती सामान तक लूट ले गए। भीड़ ने राहुल आनंद के 3,000 संगीत वाद्य यंत्रों के साथ पूरे मकान को आग के हवाले कर दिया।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 01:53:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नेपाल में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पांच लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नपल-म-हलकपटर-दरघटन-म-पच-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नपल-म-हलकपटर-दरघटन-म-पच-लग-क-मत</guid>
        <description>काठमांडू, 7 अगस्तनेपाल में बुधवार को काठमांडू के उत्तर-पश्चिम में पर्वतीय क्षेत्र में एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई।

माय रिपब्लिका अखबार की खबर के अनुसार, पुलिस ने नुवाकोट के शिवपुरी ग्रामीण नगर पालिका के वार्ड नंबर सात में दुर्घटनास्थल से पांच शव बरामद किए हैं।

हादसे के समय एयर डायनेस्टी हेलीकॉप्टर, 9एन-एजेडी काठमांडू से रसुवा जा रहा था। हेलीकॉप्टर ने अपराह्न 1:54 बजे काठमांडू से उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान भरने के तीन मिनट बाद ही इसका संपर्क टूट गया।

पुलिस के एक अधिकारी का हवाला देते हुए अखबार ने कहा कि दुर्घटनास्थल से दो पुरुषों, एक महिला और पायलट के शव बरामद किए गए हैं। इसने कहा कि एक शव के बुरी तरह जल जाने के कारण उसकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 01:53:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश की स्थिति पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-सथत-पर-चन-वदश-मतरलय-क-परतकरय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-सथत-पर-चन-वदश-मतरलय-क-परतकरय</guid>
        <description>बीजिंग, 7 अगस्त। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मंगलवार की रात बांग्लादेश की स्थिति पर संवाददाता के सवाल के जवाब में बताया कि चीन बांग्लादेश की स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। मैत्रीपूर्ण पड़ोसी और सर्वांगीण रणनीतिक साझेदार के नाते चीन की हार्दिक इच्छा है कि बांग्लादेश यथाशीघ्र ही सामाजिक स्थिरता बहाल करेगा। रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश के राष्ट्रपति कार्यालय ने 6 अगस्त को ढाका में बयान जारी कर कहा कि बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने संसद भंग करने की घोषणा की है। बांग्लादेश की सेना के चीफ ऑफ स्टाफ ने 5 अगस्त को एक टीवी भाषण देकर कहा कि शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया है और शीघ्र ही अंतरिम सरकार की स्थापना की जाएगी। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 01:53:28 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हसीना ‘थोड़े और समय के लिए’ दिल्ली में रहेंगी: सजीब वाजेद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हसन-थड-और-समय-क-लए-दलल-म-रहग-सजब-वजद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हसन-थड-और-समय-क-लए-दलल-म-रहग-सजब-वजद</guid>
        <description>ढाका, 7 अगस्त। बांग्लादेश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद अपना देश छोड़कर भारत आईं अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना थोड़े और समय के लिए दिल्ली में रहेंगी। हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अवामी लीग की नेता हसीना (76) सोमवार को दिल्ली के निकट स्थित एक वायुसेना स्टेशन पहुंची थीं और बाद में उन्हें कड़ी सुरक्षा के तहत दिल्ली में एक सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया था। हसीना के साथ उनकी बहन शेख रेहाना भी हैं।

जर्मनी के मीडिया संस्थान डॉयशे वेले को दिए साक्षात्कार के दौरान जॉय से किसी तीसरे देश से शरण मांगने की हसीना की योजना के बारे में पूछा गया।

जॉय ने कहा, ये सभी अफवाहें हैं। उन्होंने अभी इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है। वह कुछ और समय के लिए दिल्ली में ही रहेंगी। मेरी बहन उनके साथ हैं। लिहाजा वह अकेली नहीं हैं।

हसीना की बेटी सायमा वाजेद विश्व स्वास्थ्य संगठन की दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक हैं, जिसका मुख्यालय नयी दिल्ली में है।

ब्रिटेन द्वारा शरण दिए जाने में टालमटोल के बाद हसीना की लंदन यात्रा की योजना अधर में लटक गई है। रेहाना की बेटी ट्यूलिप सिद्दीकी ब्रिटिश संसद की सदस्य हैं।

बांग्लादेश में मौजूदा अस्थिरता पर बात करने वाले जॉय से यह भी पूछा गया कि क्या उनकी राजनीति में आने की कोई योजना है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, अभी ऐसी कोई योजना नहीं है। यह तीसरी बार है जब हमारे परिवार के खिलाफ तख्तापलट किया गया है।

उन्होंने कहा कि हसीना को छोड़कर उनके परिवार के सभी सदस्य पहले से ही लंबे समय से विदेश में रह रहे थे और शेख रेहाना या परिवार के किसी अन्य सदस्य के राजनीति में आने की संभावना नहीं है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 01:53:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार हैं : अमेरिका</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-अतरम-सरकर-क-सथ-कम-करन-क-लए-तयर-ह-अमरक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-क-अतरम-सरकर-क-सथ-कम-करन-क-लए-तयर-ह-अमरक</guid>
        <description>वाशिंगटन, 8 अगस्त। अमेरिका ने कहा है कि वह बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है।

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद यूनुस की अगुवाई में बांग्लादेश में एक अंतरिम सरकार बृहस्पतिवार को शपथ ले सकती है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने बुधवार को अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से कहा, हम बांग्लादेश के घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं और हमने साफ तौर पर अंतरिम सरकार के नेता के रूप में मोहम्मद यूनुस की नियुक्ति देखी है।

उन्होंने बांग्लादेश में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बारे में पूछे गए सवालों पर कहा, हमें लगता है कि अंतरिम सरकार बांग्लादेश में दीर्घकालिक शांति और राजनीतिक स्थिरता कायम करने में अहम भूमिका निभाएगी।

इस बीच, विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने पीटीआई-भाषा से कहा कि अंतरिम सरकार के संबंध में सभी फैसलों में लोकतांत्रिक सिद्धांतों, कानून के शासन और बांग्लादेश के लोगों की इच्छा का सम्मान होना चाहिए।

प्रवक्ता ने एक सवाल पर कहा, हम समझते हैं कि नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने पर सहमत हो गए हैं। हम अंतरिम सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार हैं क्योंकि वह बांग्लादेश के लोगों के लिए लोकतांत्रिक भविष्य की योजना बना रही है।

यूनुस ने बुधवार को सभी से  नयी जीत का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए शांति कायम करने और हर प्रकार की हिंसा से बचने की अपील की।

भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाने समेत हाल में हुई हिंसा की निंदा की है।

उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार को देशभर में अशांति खत्म करनी चाहिए और इसके दोषियों को सजा दिलानी चाहिए।

कृष्णमूर्ति ने बुधवार को एक बयान में कहा, जैसा कि बांग्लादेश अपनी अंतरिम सरकार को शपथ दिलाने की तैयारी कर रहा है तो मैं सभी सरकारी अधिकारियों, नए प्रशासन और पुलिस प्रमुख तथा बांग्लादेश के लोगों से देशभर में हिंसा को समाप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आग्रह करता हूं। इस हिंसा में देश के हिंदू अल्पसंख्यकों, उनके घरों, कारोबारों तथा मंदिरों को बर्बरतापूर्वक निशाना बनाया गया।

डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हाकिम जेफ्रीज ने कहा कि वह बांग्लादेश में पिछले कुछ हफ्तों में हिंसा, लोगों की मौत और मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं से बहुत चिंतित तथा दुखी हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 01:53:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन के हिंसक प्रदर्शनों का दौर जारी, अब तक 400 लोगों की गिरफ़्तारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-क-हसक-परदरशन-क-दर-जर-अब-तक-400-लग-क-गरफतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-क-हसक-परदरशन-क-दर-जर-अब-तक-400-लग-क-गरफतर</guid>
        <description>ब्रिटेन में पिछले सप्ताह से शुरू हुए हिंसक प्रदर्शन में अब तक क़रीब 400 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

नेशनल पुलिस चीफ काउंसिल ने कहा है कि आगे हर दिन ये गिरफ़्तारियां बढ़ सकती हैं.

इससे पहले प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा कि हालात को काबू करने के लिए विशेषज्ञ पुलिस अफसरों का दल तैनात है.

प्लाईमाउथ में पुलिस ने कहा कि हिंसक प्रदर्शनों के दौरान कई पुलिस अफसर घायल हो गए हैं.

ब्रिटेन के साउथपोर्ट में मशहूर सिंगर टेलर स्विफ़्ट की थीम वाली डांस पार्टी में चाकूबाजी की घटना में तीन बच्चियों की मौत के बाद हिंसक प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे.

इस प्रदर्शन के दौरान धुर दक्षिणपंथी, आप्रवासी विरोधी और आप्रवास समर्थक कई जगह आमने-सामने आ गए थे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 06 Aug 2024 01:36:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेशः सोमवार को शेख़ हसीना के देश छोड़ने के बाद ढाका में क्या क्या हुआ</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-समवर-क-शख-हसन-क-दश-छडन-क-बद-ढक-म-कय-कय-हआ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-समवर-क-शख-हसन-क-दश-छडन-क-बद-ढक-म-कय-कय-हआ</guid>
        <description>बांग्लादेश में शेख़ हसीना के इस्तीफ़ा देने और देश छोड़कर चले जाने के बाद कई शहरों में बड़े पैमाने पर लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामना आई हैं.

ढाका में लोगों का हुजूम सड़कों पर उतर पड़ा और पीएम आवास समेत कई इमारतों में तोड़फोड़ हुई है.

तस्वीरों में प्रधानमंत्री कार्यालय से लोगों को सामान उठाकर ले जाते हुए भी देखा गया है. जबकि प्रदर्शनकारी आवास में सोफ़ों पर बैठे और सेल्फ़ी लेते नज़र आए.

इसके अलावा शेख़ हसीना सरकार के गृह मंत्री के आवास में भी तोड़ फोड़ की गई.

बांग्लादेश के सेना प्रमुख ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने यह भी कहा कि देश में एक अंतरिम सरकार बनाई जाएगी और इसके लिए सभी पक्षों से बातचीत की गई है.

बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने चिंता जताई है और देश में लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए फौरन कदम उठाने की बात कही है.

बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने के ख़िलाफ़ देश के छात्र जुलाई महीने से ही आंदोलन कर रहे थे.

यह आंदोलन काफ़ी उग्र और हिंसक हो गया था और जुलाई माह में ही 300 से ज़्यादा लोग मारे गए.

पिछले महीने ही शेख़ हसीना ने इस आंदोलन से निपटने के लिए सेना को तैनात किया था, लेकिन इसका आंदोलन पर ज़्यादा असर नहीं पड़ा.

बांग्लादेश के छात्रों ने रविवार से सविनय अवज्ञा आंदोलन की अपील की थी. इसमें लोगों से तमाम सरकारी टैक्स न देने की अपील की गई थी.

रविवार को बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी और इसमें क़रीब 90 लोगों की मौत हुई जबकि सोमवार को 20 लोगों के मारे जाने की पुलिस ने पुष्टि की है.

शेख़ हसीना के बेटे सजीब वाजिद रॉय ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के कार्यक्रम न्यूज़आवर से बातचीत में बताया है कि उनकी माँ रविवार को ही अपना पद त्यागने का मन बना चुकी थीं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 06 Aug 2024 01:36:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश: वो कुछ घंटे, जिनमें शेख़ हसीना से छिनी सत्ता और देश छोड़कर भागना पड़ा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-व-कछ-घट-जनम-शख-हसन-स-छन-सतत-और-दश-छडकर-भगन-पड</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-व-कछ-घट-जनम-शख-हसन-स-छन-सतत-और-दश-छडकर-भगन-पड</guid>
        <description>छात्र आंदोलन, हिंसा, सैकड़ों लोगों की मौत और सोमवार को प्रदर्शनकारियों के मार्च के एलान के बीच बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने पद और देश छोड़ दिया.

सरकारी नौकरियों में आरक्षण के ख़िलाफ़ शुरू हुआ ये छात्र आंदोलन, देशव्यापी प्रदर्शन में तब्दील होकर शेख़ हसीना की सरकार के पतन तक पहुंच गया.

सेना की ओर से देश में अंतरिम सरकार का गठन करने की घोषणा के बावजूद, आंदोलन और बांग्लादेश में आगे क्या होगा ये अभी स्पष्ट नहीं है.

पांच अगस्त का दिन बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक दिन साबित हुआ.

शेख़ हसीना का लगातार पंद्रह साल से चला आ रहा शासन और पांचवां कार्यकाल अचानक समाप्त हो गया. आनन-फानन में हसीना को देश छोड़कर जाना पड़ा.

पांच अगस्त को क्या-क्या हुआ
चार अगस्त को हुई व्यापक हिंसा के बाद पांच अगस्त की शुरुआत बेहद तनावपूर्ण हालात में हुई. तनाव के मद्देनज़र सरकार ने सोमवार से बुधवार की छुट्टी की घोषणा कर दी थी.

सुबह दस बजे ही ढाका में सेंट्रल शहीद मीनार के पास अलग-अलग कॉलेजों और संस्थानों की भीड़ ढाका मार्च में शामिल होने के लिए जुट गई थी.

स्टूडेंट अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन मूवमेंट ने इस मार्च का आह्वान किया था. पुलिस ने आंसू गैस और साउंड ग्रेनेड चलाकर छात्रों को हटाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही.

बांग्लादेश सरकार ने 25 जुलाई को ही इंटरनेट बंद कर दिया था. फ़ेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी रोक लगा दी गई. लेकिन सोमवार को देश में पूरी तरह इंटरनेट बंद करने का आदेश दे दिया गया. ब्राडबैंड इंटरनेट को भी बंद कर दिया गया. न्यूज़ वेबसाइटें भी ऑफ़लाइन हो गईं.

सख़्त इंतज़ाम, दमन की कोशिशें और पाबंदियां लोगों को घरों से निकलने से नहीं रोक सकीं. शहर के हर कोने से लोग बाहर सड़कों पर निकलने लगे.

11 बजते-बजते ढाका के जतराबाड़ी इलाक़े में हज़ारों लोगों की भीड़ जुट गई. तैनात की गई पुलिस भीड़ को थामने के लिए नाकाफ़ी रही.

यहां बख़्तरबंद गाड़ियों में सवार सैनिक भी सड़कों पर तैनात कर दिए गए. पुलिस ने आंसू गैस, साउंड ग्रेनेड और गोलियां चलाकर भीड़ को रोकने की कोशिश की.

वहीं, दोपहर क़रीब 12 बजे ढाका के हबीबगंज इलाक़े में बोरो बाज़ार की तरफ़ बढ़ रही भीड़ पर पुलिस ने गोलीबारी की. इस घटना में छह लोगों की मौत हुई, जिनमें नाबालिग बच्चे भी शामिल थे.

सोमवार के ढाका मार्च को रोकने के लिए दसियों हज़ार छात्रों, प्रदर्शनकारियों और विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया.

लेकिन इस सबके बावजूद बड़े पैमाने पर छात्र और आम लोग बाहर निकले और शहीद मीनार से शाहबाग़ इलाक़े की तरफ़ बढ़े. रविवार को शाहबाग़ में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसा में कई लोग मारे गए थे.

देश में तेज़ी से बदल रहे हालात के बीच बांग्लादेश के सेना प्रमुख वाकेर उज़्ज़मां ने दोपहर दो बजे राष्ट्र को संबोधित करने की घोषणा की. सेना ने एक बयान जारी कर सेना प्रमुख के संबोधन तक लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की.

इसी बीच, सड़कों पर भीड़ बढ़ती गई, लाखों लोग ढाका की सड़कों पर उतर आए.

शेख हसीना ने देश छोड़ा
दोपहर क़रीब सवा एक बजे, बांग्लादेश में ब्राडबैंड इंटरनेट फिर से बहाल कर दिया गया. ऑफ़लाइन हुई वेबसाइटें लाइव आने लगीं. सोशल मीडिया वेबसाइटों पर लगी पाबंदियां भी हटने लगीं. हालांकि, इंटरनेट बहाल किए जाने का कोई अधिकारिक आदेश नहीं आया.

इसी बीच, देश के सेना प्रमुख ने अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ सेना मुख्यालय पर बैठक की. इस बैठक में नागरिक समूहों से जुड़े लोग और बुद्धिजीवी भी शामिल हुए. ढाका यूनिवर्सिटी के क़ानून विभाग के प्रोफ़ेसर आसिफ़ नज़रुल को भी बैठक में बुलाया गया.

इसी बीच, दोपहर ढाई बजे, प्रधानमंत्री शेख हसीना के गणभवन से सैन्य हेलीकॉप्टर में निकलने की ख़बर आई. उनकी बहन शेख़ रेहाना भी उनके साथ थीं. गणभवन से हेलीकॉप्टर के उड़ने के कुछ मिनट बाद ही शेख़ हसीना के भारत के लिए रवाना होने की रिपोर्टें आने लगीं.

समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट में बताया गया कि देश छोड़ने से पहले शेख़ हसीना राष्ट्र के नाम संबोधन रिकॉर्ड करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें ऐसा करने का मौक़ा नहीं मिल सका.

दोपहर सवा तीन बजे, सेना प्रमुख वाकेर उज़्ज़मां ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस्तीफ़ा देकर देश छोड़ दिया है. उन्होंने विमर्श के बाद अंतरिम सरकार के गठन की घोषणा भी की. सेना प्रमुख ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मौत में शामिल रहे लोगों पर मुक़दमे दर्ज किए जाएंगे.

शांति की अपील करते हुए सेना प्रमुख ने कहा, हम देश को ठीक से चलाने में कामयाब होंगे.

हालांकि, प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए. अवामी लीग पार्टी के दफ़्तरों में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी.

प्रधानमंत्री आवास में लगी बांग्लादेश के संस्थापक और शेख़ हसीना के पिता शेख़ मुजीबुर्रहमान की विशाल मूर्ति पर प्रदर्शनकारी चढ़ गए. हथौड़े से इस मूर्ति को तोड़ने की कोशिश की गई.

दोपहर ढलते-ढलते ढाका शहर एक तरह से प्रदर्शनकारियों के नियंत्रण में आ गया. चीफ़ जस्टिस के घर में तोड़फोड़ हुई, प्रधानमंत्री आवास, संसद भवन, स्मारकों में प्रदर्शनकारी घुस गए.

धनमंडी इलाक़े में प्रमुख निवास स्थान सुधा सदन में आग लगा दी गई और इसे लूट लिया गया. शेख़ हसीना सरकार के कई मंत्रियों के घर पर भी हमले हुए, पार्टी के ऑफिसों को तोड़ा गया.

शाम छह बजे सेना ने शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर छह घंटों के लिए उड़ान के संचालन को निलंबित किए जाने की जानकारी दी.

अंतरिम सरकार की रूपरेखा तय करने के लिए 24 घंटों की समय सीमा
इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना शाम क़रीब सवा छह ग़ाज़ियाबाद के डासना स्थित भारतीय वायुसेना के हवाई अड्डे पर सी-130 विमान से उतरीं.

शाम क़रीब साढ़े सात बजे भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शेख़ हसीना से मुलाक़ात की. भारत सरकार ने सोमवार देर शाम बांग्लादेश के हालात पर चर्चा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की.</description>
        <pubDate>Tue, 06 Aug 2024 01:36:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश में लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हुए अंतरिम सरकार बनाई जानी चाहिए : अमेरिका</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-लकततरक-मलय-क-पलन-करत-हए-अतरम-सरकर-बनई-जन-चहए-अमरक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-लकततरक-मलय-क-पलन-करत-हए-अतरम-सरकर-बनई-जन-चहए-अमरक</guid>
        <description>वाशिंगटन, 6 अगस्त। अमेरिका ने कहा है कि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और बांग्लादेशी लोगों की इच्छा का सम्मान करते हुए अंतरिम सरकार का गठन किया जाना चाहिए।

विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने सोमवार को वाशिंगटन में अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम बांग्लादेश के लोगों को बांग्लादेश की सरकार का भविष्य निर्धारित करते हुए देखना चाहते हैं।

बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना के अचानक इस्तीफा देने और देश छोड़कर जाने से अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। ढाका में बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां ने कहा है कि एक अंतरिम सरकार कार्यभार संभालने जा रही है और सेना देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा उठाएगी।

हसीना के देश छोड़ने की खबर आते ही हजारों प्रदर्शनकारी उनके आवास में घुस गए और तोड़फोड़ व लूटपाट की। बाद में हसीना लंदन जाने की अपनी योजना के तहत भारत में गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर उतरीं।

मिलर ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका बांग्लादेश के हालात पर करीबी नजर रख रहा है और वह देश में हिंसा समाप्त करने तथा पिछले कुछ हफ्तों में हुई मौतों के लिए जवाबदेही तय करने का आह्वान करता है।

उन्होंने कहा, अंतरिम सरकार के संबंध में सभी फैसले लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और बांग्लादेशी लोगों की इच्छा का सम्मान करते हुए किए जाने चाहिए।

मिलर ने कहा, अब, जवाबदेही कैसी होनी चाहिए, यह बांग्लादेशी कानून के तहत तय किया जाना चाहिए। जाहिर है, हिंसा के कृत्यों, कानून का उल्लंघन करने वाले कृत्यों के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

एक सवाल के जवाब में मिलर ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि पूर्व प्रधानमंत्री हसीना ने अमेरिका से शरण मांगी है या नहीं।

उन्होंने कहा, पिछले कुछ हफ्तों में हुई हिंसा और मौतों के मद्देनजर यह जरूरी है कि हम इन मौतों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण एवं पारदर्शी जांच कराएं। जहां तक ​​अंतरिम सरकार का सवाल है, हमारा मानना ​​है कि यह महत्वपूर्ण है कि हम बांग्लादेशी लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करें और लोकतांत्रिक शासन की संभावनाएं तलाशें।

मिलर ने जोर देकर कहा कि अमेरिका बांग्लादेश के लोगों के साथ अपने रिश्ते को काफी महत्व देता है। उन्होंने कहा, हम इसे जारी रखना चाहते हैं। भविष्य में क्या हो सकता है, इसके बारे में जानने का अनुरोध करने वालों और सवाल पूछने वालों से मैं यह आग्रह करूंगा कि प्रधानमंत्री हसीना के इस्तीफे को अभी 12 घंटे भी नहीं बीते हैं।

मिलर ने कहा कि अमेरिका बांग्लादेश की स्थिति पर सावधानीपूर्वक नजर रख रहा है। उन्होंने कहा, अमेरिका बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ा है। हम सभी पक्षों से और हिंसा से बचने का आग्रह करते हैं। पिछले कई हफ्तों के दौरान बहुत सारी जानें गई हैं और हम आने वाले दिनों में शांति एवं संयम बरतने का आग्रह करते हैं।

मिलर ने कहा, हम अंतरिम सरकार के गठन संबंधी घोषणा का स्वागत करते हैं और आग्रह करते हैं कि कोई भी सत्ता परिवर्तन बांग्लादेश के कानूनों के अनुसार किया जाए। हम पिछले कुछ हफ्तों में देश में मानवाधिकारों के हनन, लोगों की जान जाने और उनके घायल होने की खबरों से बहुत दुखी हैं। हम उन लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और जो हिंसा का दंश झेल रहे हैं।

पिछले दो दिनों में, हसीना सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं।

बांग्लादेश में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन पिछले महीने विवादास्पद नौकरी आरक्षण योजना के खिलाफ शुरू हुआ था। यह प्रदर्शन बाद में सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गया।

वर्ष 1971 के मुक्ति संग्राम में हिस्सा लेने वाले लोगों के परिवारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी आरक्षण का प्रावधान इस विवादास्पद आरक्षण व्यवस्था के तहत किया गया था।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 06 Aug 2024 01:36:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शेख़ हसीना को राजनीतिक शरण देने के सवाल पर क्या बोला अमेरिका</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शख-हसन-क-रजनतक-शरण-दन-क-सवल-पर-कय-बल-अमरक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शख-हसन-क-रजनतक-शरण-दन-क-सवल-पर-कय-बल-अमरक</guid>
        <description>अमेरिका के बाइडन प्रशासन ने कहा है कि बांग्लादेश में कोई भी अंतरिम सरकार लोकतांत्रिक सिद्धांतों, कानून के नियम और बांग्लादेशी लोगों की इच्छा के मुताब़िक बननी चाहिए.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसे नहीं पता कि शेख़ हसीना ने उनके देश में शरण मांगी है या नहीं.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने पत्रकारों से कहा,हम चाहते हैं कि बांग्लादेश के लोग वहां की सरकार का भविष्य तय करें.

उन्होंने कहा,जवाबदेही कैसी होती है. ये बांग्लादेश के कानून में दिखना चाहिए. हिंसा करने और कानून तोड़ने वालो को जिम्मेदार ठहराया जाा चाहिए.

मैथ्यू मिलर ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि शेख़ हसीना ने अमेरिका में राजनीतिक शरण मांगी है या नहीं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 06 Aug 2024 01:36:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख सलाहकार बनाना चाहते हैं छात्र</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-महममद-यनस-क-अतरम-सरकर-क-परमख-सलहकर-बनन-चहत-ह-छतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-महममद-यनस-क-अतरम-सरकर-क-परमख-सलहकर-बनन-चहत-ह-छतर</guid>
        <description>बांग्लादेश में भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के नेता नाहिद इस्लाम ने शेख हसीना के इस्तीफ़े के बाद देश को चलाने के लिए गठित होने वाली अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस का नाम प्रस्तावित किया है.

उन्होंने राष्ट्रपति से जल्द से जल्द प्रोफेसर यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनाने का आग्रह किया.

आंदोलन के समन्वयकों में से एक नाहिद इस्लाम ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया फेसबुक पर वीडियो संदेश में मुख्य सलाहकार के नाम का प्रस्ताव रखा.

उस वक़्त उनके साथ कोऑर्डिनेटर आसिफ महमूद और अबू बक्र मजूमदार भी मौजूद थे.

इस्लाम ने यह भी कहा कि अंतरिम सरकार का मुखिया बनने के बारे में उनकी प्रोफेसर यूनुस से बात हो चुकी है.

उन्होंने कहा, हमने मोहम्मद यूनुस से भी बात की है. वह छात्रों की अपील पर बांग्लादेश के लिए ये यह अहम जिम्मेदारी लेने के लिए सहमत हो गए हैं.

भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन ने यह भी कहा कि सलाहकार परिषद के दूसरे सदस्यों के नामों की घोषणा जल्द ही की जाएगी.

इससे पहले कल प्रेस कॉन्फ्रेंस नाहिद इस्लाम ने कहा था, हम किसी भी तरह की सरकार का समर्थन नहीं करेंगे जब तक कि इसे छात्र-नागरिकों द्वारा समर्थित या प्रस्तावित न किया जाए.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 06 Aug 2024 01:36:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मध्य पूर्व में जारी संकट के बीच डब्लूएचओ ने 32 टन स्वास्थ्य सामग्री लेबनान भेजी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मधय-परव-म-जर-सकट-क-बच-डबलएचओ-न-32-टन-सवसथय-समगर-लबनन-भज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मधय-परव-म-जर-सकट-क-बच-डबलएचओ-न-32-टन-सवसथय-समगर-लबनन-भज</guid>
        <description>बेरूत, 6 अगस्त । डब्लूएचओ ने मध्य पूर्व में संभावित युद्ध के खतरे के मद्देनजर 32 टन स्वास्थ्य सामग्री और दवाएं लेबनान भेजी हैं। जिससे मध्य पूर्व एशिया में किसी भी अस्थिर स्थिति में लेबनान के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं की किल्लत का सामना न करना पड़े। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह स्वास्थ्य सामग्री और दवाएं लेबनान पहुंच चुकी हैं। बेरूत स्थित रफीक हरीरी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लेबनान के विदेश मंत्री फिरास अबियाद ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि अब्दल नसीर अबु बक्र की मौजूदगी में इन दवाओं और स्वास्थ्य सामग्री को प्राप्त किया।

शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक विदेश मंत्री फिरास अबियाद ने डब्ल्यूएचओ का आभार जताते हुए मध्य पूर्व एशिया में यूएन द्वारा युद्ध रोकने के लिए इजरायल पर बनाए जा रहे दबाव का शुक्रिया अदा किया। इस दौरान अबू बक्र ने डब्ल्यूएचओ के उद्देश्य के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि लेबनान को चिकित्सा सहायता मुहैया कराने का ध्येय स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करना और संकट के दौरान दवाओं की आपूर्ति करना है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि संगठन स्वास्थ्य क्षेत्र और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मदद करना आगे भी जारी रखेगा। 30 जुलाई को बेरूत के दक्षिणी नगरों में इजरायल के हमले के बाद लेबनान अपनी धरती पर बेहद सावधानी बरत रहा है। इस हमले में हिजबुल्लाह के वरिष्ठ सैन्य कमांडर फौद शोकोर के साथ सात नागरिकों की मौत हो गई थी। हिजबुल्लाह महासचिव हसन नसरल्लाह ने उचित समय आने पर इजरायली हमले का भीषण और दर्दनाक जवाब देने की धमकी दी है। बता दें हमास पोलित ब्यूरो प्रमुख इस्माइल हानिया मंगलवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित थे। वहीं पर बुधवार तड़के वह इजरायली हमले में अंगरक्षकों समेत मारे गए थे। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 06 Aug 2024 01:36:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश में राजनीतिक उथल&amp;पुथल : यूके ने की शांति स्थापना की अपील</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-रजनतक-उथल-पथल-यक-न-क-शत-सथपन-क-अपल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-रजनतक-उथल-पथल-यक-न-क-शत-सथपन-क-अपल</guid>
        <description>लंदन, 6 अगस्त । बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के चलते उत्पन्न संकट पर ब्रिटेन ने गहरी चिंता जताई है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने और उसके बाद की हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने सभी पक्षों से शांति और सहयोग की अपील की है। बांग्लादेश में पिछले दो हफ्तों से हिंसा का स्तर अभूतपूर्व रहा है, जिसमें सैकड़ों जानें गई हैं। इस बीच, सेना प्रमुख ने देश में संक्रमणकालीन अवधि की घोषणा की है, जिसके बाद राजनीतिक परिदृश्य और अधिक अस्थिर हो गया है।

देश में बढ़ती हिंसा और अराजकता को देखते हुए ब्रिटेन की सरकार ने स्थिति को सुधारने के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करने की सलाह दी है। विदेश मंत्री डेविड लैमी ने कहा, बांग्लादेश में हाल ही में हुई हिंसक घटनाएं अत्यंत दुखद हैं और हमने कई निर्दोष जिंदगियों को खो दिया है। इस संकट से बाहर निकलने का एकमात्र तरीका सभी पक्षों का एकजुट होना और शांति स्थापना के लिए मिलकर प्रयास करना है। उन्होंने कहा, बांग्लादेश के लोग संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में इन घटनाओं की पूर्ण और स्वतंत्र जांच के हकदार हैं। हम बांग्लादेश में एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक भविष्य की उम्मीद करते हैं। ब्रिटेन और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से गहरे सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। ब्रिटेन का मानना है कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंध और राष्ट्रमंडल के साझा मूल्य इस संकट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

ब्रिटेन बांग्लादेश में स्थिरता और लोकतंत्र की बहाली के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आग्रह किया कि वे इस संकट का समाधान निकालने के लिए मिलकर काम करे। उन्होंने कहा कि वैश्विक समर्थन और सहयोग बांग्लादेश में लोकतंत्र और स्थिरता की बहाली में सहायक होगा। ब्रिटेन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में राजनीतिक भविष्य अनिश्चित है और लोग शांति और स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं। ब्रिटेन का यह प्रयास बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मानवाधिकारों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति को लेकर वैश्विक प्रतिक्रिया कैसी होगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, बांग्लादेश की जनता शांति और सुरक्षा की आस में है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 06 Aug 2024 01:36:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लाहौर में इमरान खान की पार्टी के वरिष्ठ नेता की गोली मारकर हत्या</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लहर-म-इमरन-खन-क-परट-क-वरषठ-नत-क-गल-मरकर-हतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लहर-म-इमरन-खन-क-परट-क-वरषठ-नत-क-गल-मरकर-हतय</guid>
        <description>(एम जुल्करनैन)

लाहौर, 2 अगस्त। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के एक वरिष्ठ नेता की लाहौर में उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वह शुक्रवार की नमाज अदा करने के बाद एक मस्जिद से बाहर आ रहे थे। पुलिस ने यह जानकारी दी।

लाहौर पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, डॉ. शाहिद सादिक खान शुक्रवार की नमाज अदा करने के बाद लाहौर के वालेंसिया टाउन स्थित एक मस्जिद से बाहर आ रहे थे कि तभी चार अज्ञात लोगों ने उन पर गोलियां बरसाईं और दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर भाग गए।

उन्होंने कहा, उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

खान एक निजी अस्पताल के मालिक थे।

प्रवक्ता ने कहा कि घटना की जांच के लिए लाहौर पुलिस के प्रमुख ने विशेष टीम का गठन किया है।

पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक उस्मान अनवर ने लाहौर पुलिस से हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार करने को कहा।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 00:55:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उत्तर कोरिया के पूर्व अधिकारी का दावा&amp; किम जोंग उन चाहते हैं ट्रंप बने अमेरिका के राष्ट्रपति</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उततर-करय-क-परव-अधकर-क-दव-कम-जग-उन-चहत-ह-टरप-बन-अमरक-क-रषटरपत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उततर-करय-क-परव-अधकर-क-दव-कम-जग-उन-चहत-ह-टरप-बन-अमरक-क-रषटरपत</guid>
        <description>उत्तर कोरिया से भागने वाले एक उच्च अधिकारी ने बीबीसी से कहा है कि किम जोंग उन चाहते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बनें.

रि इल क्यू 2016 के बाद उत्तर कोरिया से भागने वाले सबसे उच्च रैंक के अधिकारी हैं. रि इल क्यू सात बार किम जोंग उन के साथ आमने सामने रह चुके हैं.

दक्षिण कोरिया भागने से पहले रि इल क्यू क्यूबा में उत्तर कोरिया के लिए काम कर रहे थे.

रि इल क्यू ने बीबीसी को बताया कि किम देखने में एक सामान्य व्यक्ति की तरह ही लगते हैं. पर इस बात में कोई संदेह नहीं है कि वह अपने अस्तित्व के लिए कुछ भी कर सकते हैं.

रि ने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो किम अपने अस्तित्व के लिए उत्तर कोरिया के ढाई करोड़ लोगों को भी मार सकते हैं.

रि इल क्यू ने कहा है कि 2019 में ट्रंप और किम जोंग उन के बीच बातचीत ख़त्म होने के बाद भी उत्तर कोरिया को लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप के साथ वह न्यूक्लियर कार्यक्रम को लेकर बातचीत कर सकता है.

डोनाल्ड ट्रंप पहले भी किम जोंग उन के साथ संबंधों को अपने राष्ट्रपति कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धि बता चुके हैं.

पिछले महीने एक रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि किम उन्हें दोबारा राष्ट्रपति कार्यालय में देखना चाहते हैं.

ट्रंप ने कहा था कि मुझे लगता है किम जोंग उन मुझे याद करते हैं.

रि इल क्यू का कहना है कि उत्तर कोरिया ट्रंप के साथ अपने अच्छे संबंधों का फायदा उठाना चाहता है. हालांकि पिछले महीने उत्तर कोरिया ने कहा था कि उसे फर्क नहीं पड़ता है कि अमेरिका का राष्ट्रपति कौन बनता है.

रि का कहना है कि उत्तर कोरिया कभी भी अपने परमाणु हथियारों को नष्ट नहीं करेगा. इसके बजाय वह अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों को हटाने के एवज में अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने का समझौता करने का प्रयास करेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 00:55:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>9/11 हमले के अभियुक्तों से किए गए समझौते को अमेरिकी रक्षा मंत्री ने रद्द किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/911-हमल-क-अभयकत-स-कए-गए-समझत-क-अमरक-रकष-मतर-न-रदद-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/911-हमल-क-अभयकत-स-कए-गए-समझत-क-अमरक-रकष-मतर-न-रदद-कय</guid>
        <description>अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने 9/11 हमले के अभियुक्तों के साथ किए गए प्री-ट्रायल समझौते को निरस्त कर दिया है.

शुक्रवार को रक्षा मंत्री ने एक मेमो में कहा है कि वह अदालत के उस अधिकारी को भी निलंबित कर रहे हैं जिसने समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

मूल समझौते में कथित तौर पर यह बात कही गई थी कि अभियुक्तों के लिए मौत की सज़ा नहीं मांगी जाएगी, जिसका कुछ पीड़ित परिवारों ने विरोध किया था.

मेमो में हमले के मुख्य साज़िशकर्ता ख़ालिद शेख़ मोहम्मद सहित पांच लोगों के नाम हैं जबकि मूल समझौते में तीन लोगों के नाम थे.

रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने ब्रिगेडियर जनरल सुसन एस्कैलियर को लिखा, अभियुक्तों के साथ किए गए प्री ट्रायल समझौते के महत्व को देखते हुए मैंने यह निश्चित किया है कि ऐसे फ़ैसलों की ज़िम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर मेरी होनी चाहिए.

इसलिए मैं आपसे यह अधिकार वापस लेता हूं और अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए मैं तीनों प्री ट्रायल समझौते को रद्द करता हूं.

इससे पहले व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा था कि इस समझौते में उसका कोई हाथ नहीं है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 00:55:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कमला हैरिस ने हासिल की अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-हसल-क-अमरक-रषटरपत-चनव-क-लए-उममदवर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-हसल-क-अमरक-रषटरपत-चनव-क-लए-उममदवर</guid>
        <description>अमेरिका की उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस को डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ़ से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुन लिया गया है.

उन्हें पार्टी के प्रतिनिधियों की तरफ़ से सबसे ज़्यादा वोट मिले हैं.

कमला हैरिस ने फ़ोन पर बात करते हुए कहा कि इस महीने के अंत में शिकागो में होने वाले डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन से पहले संभावित उम्मीदवार चुने जाने पर सम्मानित महसूस कर रही हैं.

कमला हैरिस किसी प्रमुख अमेरिकी दल के लिए राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार चुने जानी वाली पहली काली महिला और पहली दक्षिण एशियाई मूल की महिला हैं.

नवंबर में होने वाले चुनावों में अगर वह रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को हरा देती हैं तो वह अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति होंगी.

राष्ट्रपति जो बाइडन के ख़ुद को राष्ट्रपति पद की रेस से अलग करने और कमला हैरिस का राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन करने के बाद वर्चुअल रोल कॉल में हैरिस को किसी के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा है.

शुक्रवार दोपहर को 2350 डेमोक्रेटिक प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल करने के साथ ही कमला हैरिस औपचारिक तौर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बन गई हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 00:55:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ट्रंप ने उनसे जुड़ी खबरों पर प्रतिबंध लगाने के लिए गूगल पर साधा निशाना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टरप-न-उनस-जड-खबर-पर-परतबध-लगन-क-लए-गगल-पर-सध-नशन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टरप-न-उनस-जड-खबर-पर-परतबध-लगन-क-लए-गगल-पर-सध-नशन</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 3 अगस्त। अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने उनसे जुड़ी खबरों और तस्वीरों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी खबरों को लेकर गूगल पर शुक्रवार को निशाना साधा।

फॉक्स न्यूज के साथ साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, गूगल का रवैया बहुत खराब रहा है। वे बहुत गैर-जिम्मेदार रहे हैं और मुझे लगता है कि गूगल बंद होने की कगार पर पहुंचने वाला है, क्योंकि मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस (अमेरिकी संसद) इसे स्वीकार करेगी। मुझे सचमुच ऐसा नहीं लगता। गूगल को सावधान रहना होगा।

सप्ताह की शुरुआत में ट्रंप ने आरोप लगाया था कि गूगल पर पेनसिल्वेनिया में 13 जुलाई को एक चुनावी रैली के दौरान उन पर हुए जानलेवा हमले के संबंध में कोई तस्वीर या अन्य सामग्री खोजना लगभग असंभव है। हालांकि, गूगल ने पूर्व राष्ट्रपति के आरोपों को खारिज किया था।

कंपनी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था, पिछले कुछ दिनों में, एक्स पर कुछ लोगों ने दावा किया है कि सर्च इंजन चुनिंदा शब्दों को सेंसर कर रहा है या उन पर प्रतिबंध लगा रहा है। ऐसा नहीं हो रहा है। हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं। ये पोस्ट हमारे ऑटोकंप्लीट फीचर से संबंधित हैं, जो आपका समय बचाने के लिए आपके मन में चल रहे सवालों के बारे में अंदाजा लगाता है।

गूगल ने स्पष्ट किया था कि ऑटोकंप्लीट पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले से जुड़े सवालों के संबंध में कोई अंदाजा नहीं लगा रहा है। यह इसलिए क्योंकि उसमें राजनीतिक हिंसा से जुड़ी सामग्री को छांटने की व्यवस्था की गई है और यह व्यवस्था पुरानी हो चुकी है।

कंपनी ने कहा था कि पेनसिल्वेनिया में हुए भयावह घटनाक्रम के बाद इससे जुड़े संभावित सवाल सर्च के विकल्प में दिखने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गूगल ने कहा था, समस्या की तरफ ध्यानाकर्षित किए जाने के बाद उसने सुधार की दिशा में काम शुरू किया और नये फीचर जारी किए जा रहे हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 00:54:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन के शांक्सी प्रांत में पुल ढहने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 हुई, दो दर्जन लोग अभी भी लापता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-क-शकस-परत-म-पल-ढहन-स-मरन-वल-क-सखय-बढकर-38-हई-द-दरजन-लग-अभ-भ-लपत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-क-शकस-परत-म-पल-ढहन-स-मरन-वल-क-सखय-बढकर-38-हई-द-दरजन-लग-अभ-भ-लपत</guid>
        <description>बीजिंग, 3 अगस्त। चीन में दो सप्ताह पहले उत्तर-पश्चिमी शांक्सी प्रांत में एक राजमार्ग पुल के आंशिक रूप से ढहने से मरने वालों की संख्या बढ़ 38 हो गई है और करीब दो दर्जन लोग अभी भी लापता हैं।

सरकारी प्रसारक सीसीटीवी ने शुक्रवार शाम को यह जानकारी देते हुए बताया कि 19 जुलाई को हुई इस दुर्घटना में दो दर्जन वाहन तेज बहाव वाली नदी में गिर गए थे। सीसीटीवी की खबर के अनुसार, एक व्यक्ति को बचा लिया गया था।

शांक्सी प्रांत में जिस क्षेत्र में डैनिंग राजमार्ग पर पुल ध्वस्त हुआ, वहां पिछले दिनों भारी बारिश हुई थी।

सीसीटीवी की खबर के मुताबिक, पुल ध्वस्त होने पर कम से कम 25 कार नदी में गिर गईं। बचाव दलों ने पीड़ितों की तलाश में कई किलोमीटर नीचे तक खोज की है। घटना के तुरंत बाद सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ द्वारा जारी की गई एक तस्वीर में पुल का एक हिस्सा टूटा हुआ और लगभग 90 डिग्री के कोण पर नीचे बहते भूरे पानी में मुड़ा हुआ दिखाई दे रहा था।

सीसीटीवी की खबर में कहा गया है कि नदी एक पहाड़ी घाटी से होकर गुजरती है और मई में गुआंगदोंग प्रांत में इसी तरह की एक घटना में 36 लोगों की मौत हो गई थी।

जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के कारण हुई बारिश ने पूरे एशिया में भूस्खलन और बाढ़ की एक शृंखला को जन्म दिया है। इसी सप्ताह चीन में, गेमी चक्रवात के कारण 48 लोगों की मौत हो गई। हुनान में पहुंचने पर यह चक्रवात एक उष्णकटिबंधीय तूफान में तब्दील होकर कमजोर हो गया था।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 00:54:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेश में आरक्षण के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान मारे गए कई बच्चे: यूनिसेफ़</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-आरकषण-क-खलफ-परदरशन-क-दरन-मर-गए-कई-बचच-यनसफ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-म-आरकषण-क-खलफ-परदरशन-क-दरन-मर-गए-कई-बचच-यनसफ</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ़ का कहना है कि बांग्लादेश में आरक्षण के ख़िलाफ़ हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कई बच्चों की मौतें हुई हैं.

बच्चों के लिए काम करने वाली यूएन की संस्था यूनिसेफ़ का कहना है कि बांग्लादेश में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कम से कम 32 बच्चों की मौत हुई है.

यूनिसेफ़ के प्रवक्ता का कहना है कि मारे गए बच्चों में से एक की उम्र अभी पांच साल भी नहीं हुई थी. मारे गए अधिकतर लोग सिर्फ़ प्रदर्शन को देख रहे थे.

बीबीसी बांग्ला के सत्यापित किए गए आंकड़ों के मुताबिक़ ये बच्चे उन 200 लोगों में शामिल हैं जो बांग्लादेश में सरकारी नौकरी में आरक्षण को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान मारे गए हैं.

यूनिसेफ़ के दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय निदेशक संजय विजेसेकरा का कहना है कि इस सप्ताह उनकी बांग्लादेश की यात्रा के दौरान उन्हें बच्चों के हिरासत में लिए जाने के बारे में अवगत कराया गया था.

उन्होंने कहा है कि संगठन ने 32 बच्चों के मारे जाने की पुष्टि की है.

संयुक्त राष्ट्र की संस्था के एक प्रवक्ता ने बताया कि ज़्यादातर मरने वाले लोगों की उम्र 13 या उससे अधिक है. एक बच्चे की उम्र पांच साल से कम और एक बच्चे की उम्र छह से 12 साल के बीच है.

बांग्लादेश के जूनियर सूचना मंत्री मोहम्मद अली अराफ़ात ने कहा है कि सरकार के पास यूनिसेफ़ के दावों के संबंध में कोई जानकारी नहीं है.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि उन्हें नहीं मालूम कि यूनिसेफ़ को यह आंकड़े कहां से मिले हैं. उन्होंने कहा, हमारा रुख़ साफ है, जिस किसी की भी मौत हुई है हम उसकी जांच कराएंगे और अपराधियों को सज़ा देंगे.

छात्र प्रदर्शन में घायल हुए, मारे गए और गिरफ्तार किए गए लोगों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं.</description>
        <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 00:54:55 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने ट्रंप की सुरक्षा में अपनी चूक को स्वीकार किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-सकरट-सरवस-न-टरप-क-सरकष-म-अपन-चक-क-सवकर-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-सकरट-सरवस-न-टरप-क-सरकष-म-अपन-चक-क-सवकर-कय</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 3 अगस्त। अमेरिका की सीक्रेट सर्विस ने 13 जुलाई को पेनसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में अपनी चूक को स्वीकार किया है।

ट्रंप 13 जुलाई को पेनसिल्वेनिया में एक रैली में उस समय बाल-बाल बच गए, जब 20 वर्षीय एक हमलावर ने उन पर कई गोलियां चलाईं। इस हमले में वह जख्मी हो गए थे और उनके दाहिने कान के ऊपरी हिस्से पर चोट आई थी।

अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के कार्यवाहक निदेशक रोनाल्ड रोवे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 13 जुलाई की घटनाओं में चूक के लिए सीक्रेट सर्विस पूरी तरह से जिम्मेदार है। यह एक मिशन विफलता थी। हमारी एजेंसी की एकमात्र जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि उन लोगों को कभी भी खतरा न हो जिनकी सुरक्षा का जिम्मा हमारे ऊपर है। बटलर में हम ऐसा करने में विफल रहे और मैं यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा हूं कि ऐसी चूक दोबारा न हो।

सीक्रेट सर्विस की मुख्य जिम्मेदारी राष्ट्रपति, पूर्व राष्ट्रपतियों और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा करना है। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों को भी सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा मिलती है।

रोवे ने कहा कि सीक्रेट सर्विस 13 जुलाई की चूक की लंबित जांच में सहयोग जारी रखेगी। यह जांच होमलैंड सुरक्षा विभाग के महानिरीक्षक कार्यालय द्वारा की जा रही है। इसके अलावा राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा निर्देशित स्वतंत्र समीक्षा का कार्य भी चल रहा है।

उन्होंने कहा, मैं इन जांच के पूरा होने का इंतजार नहीं कर रहा हूं, और मैंने सीक्रेट सर्विस को तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे लोग सुरक्षित हैं। मैं पेनसिल्वेनिया के बटलर में सीक्रेट सर्विस की चूक के लिए जवाबदेही तय करने को प्रतिबद्ध हूं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 00:54:54 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव : कमला हैरिस छह अगस्त से विभिन्न राज्यों का दौरा करेंगी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-चनव-कमल-हरस-छह-अगसत-स-वभनन-रजय-क-दर-करग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-चनव-कमल-हरस-छह-अगसत-स-वभनन-रजय-क-दर-करग</guid>
        <description>वाशिंगटन, 1 अगस्त। अमेरिका की मौजूदा उपराष्ट्रपति और आगामी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस छह अगस्त से उन राज्यों का चार दिवसीय दौरा करेंगी जहां पर कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। उनके चुनाव प्रचार अभियान दल ने बृहस्पतिवार को यह घोषणा की।

इसी के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी के उपराष्ट्रपति पद उम्मीदवार के लिए अटकलों का दौर शुरू हो गया है। नवंबर 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में हैरिस के साथ के साथ मैदान में उतरने वाले उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम को अब तक गुप्त रखा गया है और इसकी घोषणा छह अगस्त से पहले होने की संभावना है।

अमेरिकी मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो, एरिजोना के सीनेटर मार्क केली और मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज उपराष्ट्रपति पद के शीर्ष उम्मीदवारों में शामिल हैं।

हैरिस (59) एकमात्र उम्मीदवार हैं जिन्होंने पांच नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से नामांकन पत्र दाखिल किया है।

कमला हैरिस के प्रचार अभियान दल ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार उन राज्यों का चार दिवसीय दौरा शुरू करेंगी जिनमें कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।

दल के मुताबिक वहां से हैरिस और उनके साथी उम्मीदवार सात अगस्त को विस्कॉन्सिन में ईओ क्लेयर और मिशिगन में डेट्रायट, आठ अगस्त को उत्तरी कैरोलिना में रिसर्च ट्रायंगल, नौ अगस्त को एरिजोना के फीनिक्स में और 10 अगस्त को नेवादा में लास वेगास की यात्रा करेंगे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 02 Aug 2024 00:56:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस अमेरिका के बीच कैदियों की अदला&amp;बदली: क्या बोला रिहा हुए रिपोर्टर का परिवार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-अमरक-क-बच-कदय-क-अदल-बदल-कय-बल-रह-हए-रपरटर-क-परवर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-अमरक-क-बच-कदय-क-अदल-बदल-कय-बल-रह-हए-रपरटर-क-परवर</guid>
        <description>तुर्की के अंकारा में रूस और अमेरिका के बीच गुरुवार को 26 कैदियों की अदला-बदली हुई.

इस अदला बदली में रूस में कैद तीन अमेरिकी नागरिकों को अमेरिका को सौंपा गया था. इसमें वॉल स्ट्रीट जर्नल के रिपोर्टर इवान गेर्शकोविच, अमेरिकी मरीन के अनुभवी पॉल वेलान और अलसु कुमर्शेवा शामिल हैं.

कैदियों की अदला-बदली के बाद अमेरिकी विदेश सचिव एंटनी ब्लिंकन ने अपना एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह वापस आए अमेरिकी नागरिकों से कॉल पर बात कर रहे हैं.

इवान गेर्शकोविच के रिहा होने पर उनके परिवार ने कहा कि उन्होंने इवान की रिहाई के लिए 491 दिन इंतजार किया है. वो जल्द उन्हें गले लगाने और उनके मुस्कुराते चेहरे को पास देखने का इंतजार कर रहे हैं.

इवान के सहकर्मी और दोस्त ने बीबीसी से कहा कि हमारा दिल खुशी से फूला नहीं समा रहा है.

वॉल स्ट्रीट जनरल की डिजिटल चीफ एडिटर ग्रेने मैक्कार्थी ने कहा कि इवान की रिहाई की खबर मिलने के बाद न्यूज़ रूम में खुशी का माहौल था.</description>
        <pubDate>Fri, 02 Aug 2024 00:56:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अस्पताल के निकलते समय हैती के प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए अधिकारियों ने गोलियां चलाईं: सरकार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/असपतल-क-नकलत-समय-हत-क-परधनमतर-क-सरकष-क-लए-अधकरय-न-गलय-चलई-सरकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/असपतल-क-नकलत-समय-हत-क-परधनमतर-क-सरकष-क-लए-अधकरय-न-गलय-चलई-सरकर</guid>
        <description>पोर्ट-ऑ-प्रिंस (हैती), 30 जुलाई हैती के प्रधानमंत्री गैरी कोनिले को पोर्ट-ऑ-प्रिंस स्थित एक अस्पताल से बाहर निकलते समय सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सुरक्षा अधिकारियों को गोलियां चलानी पड़ीं। प्रधानमंत्री के कार्यालय ने यह जानकारी दी।

कार्यालय ने एक बयान में बताया कि कोनिले राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख नॉर्मिल रामेउ और कुछ पत्रकारों के साथ हैती के सबसे बड़े अस्पताल गए थे, तभी इमारत के बाहर गोलियों की आवाज सुनी गई।

बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री ने एक साक्षात्कार की रिकॉर्डिंग पूरी की थी, तभी गोलियों की आवाज सुनाई दी। इसमें कहा गया है कि उनके और उनके साथ मौजूद दल के बाहर निकलते ही सुरक्षाकर्मियों ने कुछ गोलियां चलाईं।

बयान में कहा गया, प्रधानमंत्री और उनकी टीम अस्पताल से सुरक्षित बाहर निकली और प्रधानमंत्री को वापस उनके कार्यालय ले जाया गया।

इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

इस महीने की शुरुआत में, कोनिले और हैती के पुलिस प्रमुख ने इसी अस्पताल का दौरा किया था। उससे पहले प्राधिकारियों ने घोषणा की थी कि उन्होंने हथियारबंद गिरोहों से अस्पताल को अपने कब्जे में ले लिया है। उस समय, कोनिले ने तबाह हो चुके इस अस्पताल के बचे हुए हिस्से को युद्ध क्षेत्र बताया था।

कोनिले के कार्यालय की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि अस्पताल अब भी हैती की राष्ट्रीय पुलिस और केन्याई पुलिस के नेतृत्व वाले संयुक्त राष्ट्र समर्थित बहुराष्ट्रीय सुरक्षा मिशन के नियंत्रण में है, जिसका उद्देश्य हैती में व्यापक हिंसा फैलाने वाले आपराधिक गिरोहों से निपटने में मदद करना है।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 00:57:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के बारस्टो में 4.9 तीव्रता का भूकंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-बरसट-म-49-तवरत-क-भकप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-बरसट-म-49-तवरत-क-भकप</guid>
        <description>बारस्टो, 30 जुलाईअमेरिका में लॉस एंजिलिस के पूर्व में स्थित रेगिस्तानी इलाके में सोमवार को 4.9 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि, इससे जान-माल के नुकसान की फिलहाल कोई खबर नहीं है।

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने कहा कि दोपहर करीब एक बजे आए भूकंप का केंद्र बारस्टो से 13.7 मील (22 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में था।

पुलिस लेफ्टिनेंट गुस्तावो अराइजा ने कहा कि भूकंप के झटके लगभग 80 मील (129 किलोमीटर) दूर रेगिस्तानी रिजॉर्ट शहर पाम स्प्रिंग्स में भी महसूस किए गए, लेकिन इससे नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है।

काउंटी शेरिफ विभाग की प्रवक्ता मारा रोड्रिगेज ने बताया कि सैन बर्नार्डिनो काउंटी में किसी नुकसान या चोट की तत्काल कोई खबर नहीं है।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 00:57:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन में चाकूबाजी की घटना में एक और बच्ची की मौत, मृतकों की संख्या तीन हुई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-म-चकबज-क-घटन-म-एक-और-बचच-क-मत-मतक-क-सखय-तन-हई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-म-चकबज-क-घटन-म-एक-और-बचच-क-मत-मतक-क-सखय-तन-हई</guid>
        <description>(अदिति खन्ना)

लंदन, 30 जुलाई। ब्रिटेन पुलिस ने मंगलवार को कहा कि उत्तर-पश्चिमी इंग्लैंड के साउथपोर्ट में बच्चों की डांस क्लास में हुई चाकूबाजी की घटना में नौ साल की एक बच्ची की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

इससे पहले, छह और सात साल की दो बच्चियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।

पांच अन्य जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। उधर, मर्सीसाइड पुलिस के जासूसों ने मामले में 17 वर्षीय संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की।

मर्सीसाइड पुलिस ने बताया कि आज तड़के चाकू से किये गए हमले में जख्मी हुई एक और बच्ची की मौत हो गई।

मर्सीसाइड पुलिस ने कहा कि हार्ट स्ट्रीट में एक सामुदायिक केंद्र में हुई इस घटना में आठ अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से पांच की हालत गंभीर है। घटना में घायल हुए दो वयस्कों की भी हालत गंभीर है।

बताया जा रहा है कि घटना के वक्त छह से 11 साल की आयु के ये बच्चे प्रख्यात गायिका टेलर स्विफ्ट के संगीत पर आधारित एक ग्रीष्मकालीन अवकाश कार्यशाला में भाग ले रहे थे।

पुलिस ने कहा कि चाकूबाजी का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है और हमले को आतंकवाद से संबंधित नहीं माना जा रहा है। पुलिस ने पुष्टि की कि अधिकारी किसी और संदिग्ध की तलाश नहीं कर रहे हैं।

मर्सीसाइड पुलिस की प्रमुख कांस्टेबल सेरेना केनेडी ने कहा, कार्डिफ (वेल्स) में जन्मे लैंकशर के 17 वर्षीय व्यक्ति को हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार करके थाने ले जाया गया, जहां अधिकारी उससे पूछताछ करेंगे।

इस बीच, गायिका टेलर स्विफ्ट ने कहा कि वह घटना के बारे में जानकर पूरी तरह स्तब्ध हैं और इस भयावह घटना के बारे में अब जानकारी ले रही हैं।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, डांस क्लास में ये छोटे-छोटे बच्चे थे। मैं पूरी तरह असमंजस में हूं कि इनके परिवारों तक अपनी संवेदनाएं कैसे पहुंचाऊं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 00:57:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इमरान खान ने 12 मामलों में जमानत के लिए आतंकवाद रोधी अदालत का रुख किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इमरन-खन-न-12-ममल-म-जमनत-क-लए-आतकवद-रध-अदलत-क-रख-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इमरन-खन-न-12-ममल-म-जमनत-क-लए-आतकवद-रध-अदलत-क-रख-कय</guid>
        <description>लाहौर, 30 जुलाई। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान ने पिछले साल नौ मई को हुए दंगों से जुड़े 12 मामलों में जमानत के लिए यहां एक आतंकवाद रोधी अदालत का रुख किया है।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून में मंगलवार को आई एक खबर के अनुसार, खान के वकील सलमान सफदर के नेतृत्व में कानूनी टीम ने याचिकाएं दायर की हैं।

इस समय सभी मामलों में न्यायिक हिरासत में बंद खान ने दावा किया कि उनसे कोई बरामदगी नहीं हुई है। उन्होंने दलील दी कि ये मामले दुर्भावना से प्रेरित हैं और राजनीतिक प्रतिशोध में ऐसा किया गया है।

याचिकाओं में अदालत से इन मामलों में जमानत देने का अनुरोध किया गया है।

हाल में, लाहौर उच्च न्यायालय ने नौ मई की घटना से जुड़े कई मामलों में खान की न्यायिक हिरासत को अमान्य घोषित करके उन्हें बड़ी राहत दी थी।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 00:57:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान, मिस्र जल्द कर सकते हैं द्विपक्षीय संबंध बहाल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-मसर-जलद-कर-सकत-ह-दवपकषय-सबध-बहल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-मसर-जलद-कर-सकत-ह-दवपकषय-सबध-बहल</guid>
        <description>तेहरान, 31 जुलाई । ईरान और मिस्र ने उम्मीद जताई है कि द्विपक्षीय संबंध जल्द से जल्द बहाल हो जाएंगे। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित एक बयान के हवाले से बताया कि मंगलवार को तेहरान में एक बैठक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलात्ती ने द्विपक्षीय संबंधों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान और मिस्र दो ऐसे देश हैं जिनके बीच भाईचारे के रिश्ते हैं। दोनों देशों के लोग एक दूसरे में गहरी दिलचस्पी रखते हैं। उन्होंने दोनों देशों की प्राचीन और गौरवशाली सभ्यता की ओर इशारा किया।

उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने में जो समस्याएं आ रही हैं, वे जल्द से जल्द हल हो जाएंगी। राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान और मिस्र मिलकर क्षेत्र की कई समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। ईरान मिस्र के साथ सहयोग करने और अपने अनुभवों, और क्षमताओं का आदान-प्रदान करने के लिए तैयार है। मिस्र के विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने दूसरे देशों के मामलों में हस्तक्षेप न करने, बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय प्रणाली और मानवीय अधिकारों की रक्षा जैसे मुद्दों पर करीबी रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही दोनों देश एक दूसरे के साथ सहयोग शुरू करेंगे ताकि आपसी हितों की रक्षा की जा सके। ईरान और मिस्र ने 1980 में राजनयिक संबंध तोड़ लिए थे। हाल के महीनों में, दोनों देशों ने कुछ मुद्दों पर मतभेदों को सुलझाकर संबंधों को सुधारने की इच्छा जताई है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 00:57:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन : साउथपॉर्ट में मस्जिद के बाहर हिंसक भीड़ की पुलिस के साथ झड़प</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-सउथपरट-म-मसजद-क-बहर-हसक-भड-क-पलस-क-सथ-झडप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-सउथपरट-म-मसजद-क-बहर-हसक-भड-क-पलस-क-सथ-झडप</guid>
        <description>लंदन, 31 जुलाई । उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के साउथपॉर्ट में एक मस्जिद के बाहर हिंसक भीड़ की पुलिस के साथ झड़प हो गई। यहीं पर तीन बच्चों की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। मर्सीसाइड पुलिस ने कहा कि हिंसक विरोध प्रदर्शनों के पीछे इंग्लिश डिफेंस लीग का हाथ होने की संभावना है। द सन की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को हुए भयानक चाकू हमले के बाद पहले से ही तनावपूर्ण माहौल में, कथित हमलावर की पहचान के बारे में अटकलें लगाई जा रही थीं, जिससे तनाव और बढ़ गया। पुलिस ने बताया कि हिंसक भीड़ ने मस्जिद पर ईंटे फेंकी, कारों और व्हीली बिन्स में आग लगा दी और एक स्थानीय सुविधा स्टोर को नुकसान पहुंचाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहुंची पुलिस की टीम में से कम से कम 22 पुलिस अधिकारी घायल हुए और झड़प के बाद 11 को अस्पताल में भर्ती कराया गया। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 00:57:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>वेनेजुएला ने पेरू के साथ राजनयिक संबंध खत्म किए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वनजएल-न-पर-क-सथ-रजनयक-सबध-खतम-कए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वनजएल-न-पर-क-सथ-रजनयक-सबध-खतम-कए</guid>
        <description>काराकास, 31 जुलाई । पेरू के विदेश मंत्री जेवियर गोंजालेज-ओलेचिया के वेनेजुएला राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर दिए गए बयान के कारण वेनेजुएला ने पेरू के साथ राजनयिक संबंध खत्म करने का फैसला किया है। वेनेजुएला के विदेश मंत्री यवन गिल ने एक्स पर पोस्ट किया, पेरू के विदेश मंत्री के लापरवाह बयानों के बाद हमें यह फैसला करने के लिए मजबूर होना पड़ा है जो वेनेजुएला के लोगों की इच्छा और हमारे संविधान की अनदेखी करते हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि यह फैसला 1961 के वियना कन्वेंशन के अनुच्छेद 45 के आधार पर लिया गया है, जो कि डिप्लोमैटिक संबंधों पर है।

यह फैसला तब लिया गया जब पेरू ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति चुनाव परिणामों को मान्यता देने से इनकार कर दिया। पेरू के विदेश मंत्री ने कहा कि वे वेनेजुएला के विपक्षी उम्मीदवार एडमंडो गोंजालेज को देश के निर्वाचित राष्ट्रपति के रूप में मान्यता देते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान सहित कई देशों ने भी मादुरो के एक बार फिर राष्ट्रपति चुनाव जीतने पर गंभीर चिंता जताई है। साथ ही कहा है कि संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के बारे में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदेह जताया गया है। सोमवार को वेनेजुएला की राष्ट्रीय चुनाव परिषद (सीएनई) ने घोषणा की कि निकोलस मादुरो ने तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। वह 2031 तक देश पर शासन करेंगे। मादुरो नौ राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। सभी उम्मीदवारों में से सेवानिवृत्त राजनयिक एडमंडो गोंजालेज को मादुरो के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में देखा जा रहा था। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 00:57:04 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कमला हैरिस भारतीय&amp;अमेरिकियों के लिए आशा और प्रतिनिधित्व का प्रतीक : भुटोरिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-भरतय-अमरकय-क-लए-आश-और-परतनधतव-क-परतक-भटरय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-भरतय-अमरकय-क-लए-आश-और-परतनधतव-क-परतक-भटरय</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 29 जुलाई। डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए चंदा इकट्ठा करने वाले अजय भुटोरिया ने कहा कि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस अमेरिका में 44 लाख से अधिक भारतीय-अमेरिकियों के लिए आशा और प्रतिनिधित्व का प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि हैरिस के राष्ट्रपति प्रचार अभियान का जमीनी स्तर पर उत्साह परिणाम दे रहा है।

हैरिस (59) अमेरिका में नवंबर में प्रस्तावित राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की संभावित उम्मीदवार हैं। उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडन के इस दौड़ से हटने के बाद पिछले सप्ताह राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा की थी। हालांकि, अभी डेमोक्रेटिक पार्टी ने उन्हें अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।

हैरिस फॉर प्रेजीडेंट 2024 के उप राष्ट्रीय वित्त अध्यक्ष अजय भुटोरिया ने रविवार को कहा, भारतीय मूल की होने के कारण कमला हैरिस को भारतीय-अमेरिकी समुदाय का अतिरिक्त उत्साह और समर्थन हासिल है। कमला हैरिस की मां भारत में चेन्नई की रहने वाली हैं, इस लिहाज से वह न केवल 44 लाख से अधिक भारतीय-अमेरिकियों के लिए एक प्रत्याशी हैं, बल्कि आशा व प्रतिनिधित्व की प्रतीक भी हैं।

भुटोरिया ने एक बयान में कहा, ऐतिहासिक रूप से सक्रिय और प्रभावशाली यह समुदाय प्रमुख प्रांत में जीत का अंतर तय करने के लिए तैयार है।

हैरिस के प्रचार अभियान दल ने रविवार को घोषणा की थी कि उसने प्रचार अभियान के पहले सप्ताह में 20 करोड़ डॉलर का चंदा जुटा लिया है और 1,70,000 स्वयंसेवकों के हस्ताक्षर हासिल कर लिए हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 30 Jul 2024 01:16:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कांगो : संगीत कार्यक्रम में भगदड़ से सात लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कग-सगत-करयकरम-म-भगदड-स-सत-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कग-सगत-करयकरम-म-भगदड-स-सत-लग-क-मत</guid>
        <description>किन्शासा, 28 जुलाई। कांगो की राजधानी किन्शासा में शनिवार रात एक संगीत कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मच गई, जिससे सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

किन्शासा के गवर्नर डैनियल बुम्बा ने बताया कि मशहूर गायक माइक कलमबाई राजधानी के मध्य में स्थित स्टेड डेस मार्टियर्स स्टेडियम में आयोजित संगीत कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे थे, तभी वहां भगदड़ मच गई।

उन्होंने बताया कि इस स्टेडियम में 80,000 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था है।

सरकारी टेलीविजन चैनल आरटीएनसी की खबर के मुताबिक, स्टेडियम में भगदड़ मचने से सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि स्टेडियम में भगदड़ कैसे मची। उन्होंने कहा कि घटना की जांच जारी है।

हालांकि, कार्यक्रम का आयोजन करने वाली प्रबंधन कंपनी माजाबु गॉस्पेल ने कहा कि यह घटना उस समय हुई, जब सुरक्षाकर्मी कुछ उपद्रवियों को शांत कराने का प्रयास कर रहे थे।

आयोजकों ने बताया कि संगीत कार्यक्रम का लुत्फ उठाने के लिए लगभग 30,000 लोग स्टेडियम पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि माइक कलमबाई के अलावा कई अन्य लोकप्रिय कलाकारों को भी इस संगीत कार्यक्रम में प्रस्तुति देनी थी।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 02:51:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हैरिस की प्रचार टीम ने एक सप्ताह से भी कम समय में 20 करोड़ डॉलर का चंदा जुटाया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हरस-क-परचर-टम-न-एक-सपतह-स-भ-कम-समय-म-20-करड-डलर-क-चद-जटय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हरस-क-परचर-टम-न-एक-सपतह-स-भ-कम-समय-म-20-करड-डलर-क-चद-जटय</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 28 जुलाई (भाषा)। कमला हैरिस के राष्ट्रपति पद के चुनाव की दौड़ में शामिल होने के एक सप्ताह से भी कम समय में उनकी प्रचार टीम ने 20 करोड़ अमरिकी डॉलर का चंदा जुटा लिया है। यह जानकारी हैरिस की प्रचार टीम ने रविवार को दी।

हैरिस की प्रचार टीम ने कहा कि इतने कम समय में 20 करोड़ अमरिकी डॉलर का चंदा जुटा लेना यह दर्शाता है कि हैरिस के पक्ष में समर्थन बढ़ता जा रहा है।

प्रचार टीम ने यह भी माना कि राष्ट्रपति पद के लिए पांच नवंबर को होने वाले चुनाव में कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी और मतों का अंतर काफी कम रहेगा।

राष्ट्रपति जो बाइडन के चुनाव नहीं लड़ने के 20 जुलाई को ऐलान किये जाने के बाद से अब उपराष्ट्रपति हैरिस, राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की संभावित उम्मीदवार हैं।

राष्ट्रपति पद के लिए हैरिस के प्रचार अभियान के संचार निदेशक माइकल टायलर ने कहा, पिछले रविवार को राष्ट्रपति बाइडन के अनुमोदन के बाद से हैरिस की प्रचार टीम ने 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर का चंदा जुटाया है जो कि एक रिकॉर्ड है। राशि का 66 प्रतिशत ऐसे लोगों से आया है जिन्होंने पहली बार चंदा दिया है। यह इस बात का एक और सबूत है कि हैरिस के लिए समर्थन मजबूत होता जा रहा है।</description>
        <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 02:51:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>न्यूयॉर्क के पार्क में गोलीबारी में एक की मौत, छह घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नययरक-क-परक-म-गलबर-म-एक-क-मत-छह-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नययरक-क-परक-म-गलबर-म-एक-क-मत-छह-घयल</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 29 जुलाई । न्यूयॉर्क के रोचेस्टर शहर के एक पार्क में सामूहिक गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी। रोचेस्टर पुलिस ने बताया कि मरने वाले व्यक्ति की उम्र 20 साल थी। एक और व्यक्ति की हालत गंभीर है, जबकि पांच अन्य को मामूली चोटें आई हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रोचेस्टर पुलिस विभाग के कैप्टन ग्रेग बेलो ने एक प्रेस ब्रीफिंग में संवाददाताओं को बताया कि रविवार शाम करीब 6:20 बजे मेपलवुड पार्क में गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद पुलिस एक्शन में आई। उन्होंने देखा कि कई लोग गोली लगने से घायल हैं।

पुलिस ने कहा कि कुछ लोगों को निजी वाहन से और अन्य को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय मीडिया के हवाले से ग्रेग बेलो ने कहा, इस समय, हमें नहीं पता कि कितने लोग गोलीबारी में शामिल थे। हम अधिक से अधिक लोगों से जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। गोली लगने से घायल हुए व्यक्ति की पहचान अभी तक उजागर नहीं की गई है। इरॉन्डेक्वॉइट पुलिस, मोनरो काउंटी शेरिफ, रोचेस्टर पुलिस और न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस सहित कई पुलिस एजेंसियों ने पार्क में पहुंचकर घटना की जानकारी ली। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 02:51:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन के हुनान प्रांत में नदी पर बना बांध टूटा, 3,800 से अधिक लोगों को किया गया रेस्क्यू</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-क-हनन-परत-म-नद-पर-बन-बध-टट-3800-स-अधक-लग-क-कय-गय-रसकय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-क-हनन-परत-म-नद-पर-बन-बध-टट-3800-स-अधक-लग-क-कय-गय-रसकय</guid>
        <description>बीजिंग, 29 जुलाई । चीन के हुनान प्रांत में रविवार को नदी पर बना बांध अचानक टूट गया। जिसके बाद करीब 3,800 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया है। जानकारी के अनुसार, ये बांध मध्य चीन के हुनान प्रांत में मौजूद है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने शहर के बाढ़ नियंत्रण और सूखा राहत मुख्यालय के हवाले से बताया कि बांध टूटने की घटना रविवार रात करीब 8 बजे के आसपास घटित हुई। पता चला है कि बांध में दरार आ गई थी। वहीं, बांध टूटने की खबर मिलते ही जियांगतान शहर के यिसुहे कस्बे में रहने वाले कुल 3,832 निवासियों को निकाला गया है। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

मुख्यालय ने कहा, सशस्त्र पुलिस, मिलिशिया और बचावकर्मियों सहित 1,205 लोगों को बचाव और राहत कार्य में लगाया गया है। जिसमें 1,000 से अधिक स्थानीय अधिकारियों और पार्टी सदस्यों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जिनटैंग और शिन्हू के दो गांवों से निकाले गए निवासियों के रहने के लिए चार स्थानीय स्कूलों में आश्रय स्थल बनाए गए हैं।

हालांकि, अधिकतर लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ रहने के लिए चले गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को जियांग्टन काउंटी के हुआशी शहर में जुआनशुई नदी के एक हिस्से में एक और दरार आई। यह नदी यांग्त्सी की एक प्रमुख सहायक नदी ज़ियांगजियांग नदी में बहती है। इस बीच चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि हुनान में भारी बारिश की संभावना है और प्रांत के कुछ हिस्सों में टाइफून गेमी के प्रभाव के कारण शनिवार शाम से सोमवार तक अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 02:51:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइली सेना को ग़ज़ा में पांच बंधकों के शव मिले</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-सन-क-गज-म-पच-बधक-क-शव-मल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-सन-क-गज-म-पच-बधक-क-शव-मल</guid>
        <description>इसराइली सेना ने कहा है कि उसने ग़ज़ा से पांच इसराइली नागरिकों के शव बरामद किए हैं.

इन सभी नागरिकों को हमास ने बीते साल दक्षिणी इसराइल पर हमले के दौरान बंधक बनाया था.

किंडरगार्टन टीचर माया गोरेन, इसराइली सेना के मेजर रविद आर्येह काट्ज़, मास्टर सार्जेंट ओरेन गोल्डिन, स्टाफ सार्जेंट टोमर अहिमास और सार्जेंट किरिल ब्रोडस्की के शवों को ख़ान यूनिस में एक ऑपरेशन के दौरान बरामद किया गया.

इसराइली सेना ने कहा, हमारा यह मानना है कि टीचर गोरेन की हत्या क़ैद के दौरान की गई होगी, वहीं सेना के मेज़र की मौत 7 अक्टूबर को हमले के दौरान हुई होगी और बाद में उनके शव को हमास ने रख लिया होगा.

इसराइली सेना की तरफ़ से दी गई इस नई जानकारी के बाद अब माना जा रहा है कि बंधक बनाए गए 251 लोगों में से 111 लोग अभी भी हमास के कब्ज़े में है.

इसराइली सेना का मानना है कि इनमें से 39 लोगों की मौत भी हो चुकी है. बुधवार को इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी कांग्रेस में अपने संबोधन में बंधक बनाए गए लोगों का भी जिक्र किया था.

हालांकि नेतन्याहू ने अपने संबोधन में इस बारे में कोई भी संकेत नहीं दिया कि युद्धविराम और बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हमास के साथ कोई समझौता हुआ है या नहीं.

नेतन्याहू ने केवल इतना कहा था कि बंधकों को रिहा कराने की कोशिशें जारी हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 00:49:54 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण अफ्रीका में पहली बार किसी महिला को प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-अफरक-म-पहल-बर-कस-महल-क-परधन-नययधश-नयकत-कय-गय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-अफरक-म-पहल-बर-कस-महल-क-परधन-नययधश-नयकत-कय-गय</guid>
        <description>केपटाउन (दक्षिण अफ्रीका), 26 जुलाई। दक्षिण अफ्रीका में पहली बार किसी महिला को प्रधान न्यायाधीश के पद पर नियुक्त किया गया है।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने वर्तमान उप प्रधान न्यायाधीश मंडिसा माया को बृहस्पतिवार को देश की प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया।

दक्षिण अफ्रीका की प्रधान न्यायाधीश के पद पर माया का कार्यकाल एक सितंबर से प्रारंभ होगा। वह मौजूदा प्रधान न्यायाधीश रेमंड जोंडो के सेवानिवृत्त होने के बाद उनका स्थान लेंगी।

देश के शीर्ष संवैधानिक न्यायालय में पदोन्नति से पहले 60 वर्षीय माया दक्षिण अफ्रीका की दूसरी सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ऑफ अपील में जज प्रेसिडेंट के पद पर सेवाएं दे चुकी हैं।

वह सुप्रीम कोर्ट ऑफ अपील की न्यायाधीश नियुक्त होने वाली पहली अश्वेत महिला थीं तथा उस अदालत की उप-अध्यक्ष और फिर अध्यक्ष नियुक्त होने वाली पहली महिला थीं।

रामाफोसा ने फरवरी में माया को प्रधान न्यायाधीश पद के लिए नामित किया था और मई में न्यायिक सेवा आयोग ने उनका साक्षात्कार लिया था।

रामाफोसा ने एक बयान में कहा कि आयोग ने उनके नाम की सिफारिश की है और कहा है कि उनकी नियुक्ति देश के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

माया दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी केप प्रांत के एक ग्रामीण इलाके में पली-बढ़ी हैं। उन्हें 1989 में अमेरिका के ड्यूक विश्वविद्यालय में कानून में स्नातकोत्तर करने के लिए फुलब्राइट छात्रवृत्ति प्राप्त हुई थी, जो दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के दौर में किसी युवा अश्वेत महिला के लिए दुर्लभ उपलब्धि थी।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 00:49:53 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कमला हैरिस ने किया गाजा में युद्ध विराम का आह्वान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-कय-गज-म-यदध-वरम-क-आहवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-कय-गज-म-यदध-वरम-क-आहवन</guid>
        <description>वाशिंगटन, 26 जुलाई । अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल डेमोक्रेटिक पार्टी की संभावित उम्मीदवार कमला हैरिस ने विदेश नीति पर अपनी पहली टिप्पणी की। उपराष्ट्रपति हैरिस ने गुरुवार को इजरायल से युद्ध विराम समझौते पर सहमत होने का आह्वान किया। हैरिस ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, आइए इस समझौते को पूरा करें ताकि हम युद्ध विराम लागू कर सकें। बंधकों को घर वापस लाएं, और फिलिस्तीनी लोगों को राहत प्रदान करें। नेतन्याहू अमेरिका की यात्रा पर हैं। किसी विदेशी नेता की व्हाइट हाउस यात्रा के बाद उपराष्ट्रपति द्वारा पत्रकारों को इस तरह संबोधित करना असामान्य बात है।

आम तौर पर राष्ट्रपति ही पत्रकारों से बात करते हैं। लेकिन वाशिंगटन डीसी एक असामान्य बदलाव से गुजर रहा है। राष्ट्रपति जो बाइडेन दौड़ से बाहर हो चुके हैं और अपने उप-राष्ट्रपति को मैदान में उतारा है। राष्ट्रपति पद की संभावित उम्मीदवारी के बाद हैरिस की टिप्पणियों को डेमोक्रेटिक विदेश नीति के मुद्दे पर उनकी पहली टिप्पणी के रूप में व्यापक रूप से प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने इजरायल-हमास संघर्ष पर बाइडेन प्रशासन की लाइन को ही अपनाया है। वह इजरायल के अपने बचाव के अधिकार को मान्यता देती हैं लेकिन यह भी देखना महत्वपूर्ण है कि इजरायल इसे कैसे करता है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 00:49:50 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कमला हैरिस ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी का एलान किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-रषटरपत-चनव-क-लए-अपन-उममदवर-क-एलन-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-न-रषटरपत-चनव-क-लए-अपन-उममदवर-क-एलन-कय</guid>
        <description>कमला हैरिस ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी का एलान कर दिया है.

कमला हैरिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका एलान करते हुए लिखा, आज मैंने आधिकारिक तौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी का ऐलान करते हुए फ़ॉर्म पर दस्तख़्त कर दिए. मैं हर वोट हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करूंगी.

उन्होंने लिखा, और नवंबर में लोगों की ताक़त से भरा हमारा अभियान विजयी रहेगा.

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा ने भी उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया है.

माना जा रहा है कि ज्यादातर डेमोक्रेटिक सांसद उनके पक्ष में हैं और अगस्त में होने वाले पार्टी के कन्वेंशन में उन्हें औपचारिक तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुन लिया जाएगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 00:49:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हमले के दौरान ट्रंप के कान पर वास्तव में गोली लगी थी : एफबीआई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हमल-क-दरन-टरप-क-कन-पर-वसतव-म-गल-लग-थ-एफबआई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हमल-क-दरन-टरप-क-कन-पर-वसतव-म-गल-लग-थ-एफबआई</guid>
        <description>वाशिंगटन, 27 जुलाई। डोनाल्ड ट्रंप पर करीब दो सप्ताह पहले हुए हमले को लेकर लगाई जा रही तमाम तरह की अटकलों को विराम देते हुए संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की कि पेनसिल्वेनिया में रैली के दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के कान में वास्तव में गोली लगी थी।

एफबीआई ने एक बयान में कहा, हमलावर की रायफल से चली पूरी गोली या छर्रा पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के कान में लगा था।

एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने इस सप्ताह की शुरुआत में हमले को लेकर कुछ अस्पष्ट टिप्पणियां की थीं, जिससे इस बात को लेकर अटकलें लगने लगी थीं कि क्या ट्रंप को वास्तव में गोली लगी थी।

इस टिप्पणी को लेकर ट्रंप और उनके सहयोगियों ने नाराजगी जताई थी।

एफबीआई और सीक्रेट सर्विस समेत जांच में शामिल कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया था कि ट्रंप किस वजह से घायल हुए थे। ट्रंप के प्रचार अभियान दल ने भी उस अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड जारी करने से इनकार कर दिया था, जहां पूर्व राष्ट्रपति का घायल होने के बाद इलाज किया गया था।

ट्रंप के स्वास्थ्य के संबंध में हर जानकारी या तो खुद ट्रंप से या फिर व्हाइट हाउस में उनके पूर्व चिकित्सक रॉनी जैक्सन से मिली।

एफबीआई ने बाद में एक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की कि गोलीबारी पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या का प्रयास थी, जिसके परिणामस्वरूप वह घायल हुए और एक वीर पिता की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 00:49:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उकोरिया की ओर से दक्षिण कोरिया भेजा गया कचरे से भरा गुब्बारा राष्ट्रपति कार्यालय परिसर में गिरा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उकरय-क-ओर-स-दकषण-करय-भज-गय-कचर-स-भर-गबबर-रषटरपत-करयलय-परसर-म-गर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उकरय-क-ओर-स-दकषण-करय-भज-गय-कचर-स-भर-गबबर-रषटरपत-करयलय-परसर-म-गर</guid>
        <description>सियोल, 24 जुलाईउत्तर कोरिया ने बुधवार को दक्षिण कोरिया की ओर कचरे से भरे गुब्बारे भेजे, जिसमें कम से कम एक गुब्बारा राष्ट्रपति कार्यालय परिसर में जा गिरा।

दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा ने एक बयान जारी कर कहा कि मध्य सियोल स्थित राष्ट्रपति कार्यालय परिसर पर गिरे गुब्बारे में कोई खतरनाक पदार्थ नहीं था और इसे कोई हताहत नहीं हुआ। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण कोरिया को अगली बार सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसे गुब्बारों को मार गिराना होगा क्योंकि क्या पता उत्तर कोरिया भविष्य में इसमें खतरनाक वस्तुएं भेज दे।

दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया ने बुधवार को सियोल की ओर कचरे से भरे और गुब्बारे भेजे।

सियोल के अधिकारियों ने भी बताया कि उत्तर कोरिया ने बुधवार को दक्षिण कोरिया की ओर संभवतः कचरे से भरे और गुब्बारे उड़ाए । कुछ दिन पहले ही दक्षिण कोरिया ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सीमा पर उत्तर कोरिया के संबंध में दुष्प्रचार संदेश प्रसारित किए थे।

सुरक्षा सेवा ने यह बताने से इनकार कर दिया कि जब कचरे से भरा गुब्बारा परिसर में गिरा तो उस समय राष्ट्रपति यून सुक येओल कार्यालय में मौजूद थे या नहीं। यून के कार्यालय ने पहले कहा था कि बुधवार को उनका कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं है।

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने एक बयान में बताया कि उत्तर कोरिया की ओर से भेजे गए कचरे से भरे गुब्बारे बुधवार को सीमा पार करके सियोल के उत्तर में उड़ रहे थे। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 00:56:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>काठमांडू हवाई अड्डे पर विमान दुर्घटनाग्रस्त</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कठमड-हवई-अडड-पर-वमन-दरघटनगरसत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कठमड-हवई-अडड-पर-वमन-दरघटनगरसत</guid>
        <description>काठमांडू, 24 जुलाईकाठमांडू में त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान भरने के दौरान 19 लोगों को लेकर जा रहा एक निजी एयरलाइन का विमान बुधवार सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

सूत्रों ने बताया कि पोखरा जाने वाले सौर्य एयरलाइंस के इस विमान में चालक दल के सदस्य समेत कम से कम 19 लोग सवार थे। यह हादसा पूर्वाह्न करीब 11 बजे हुआ।

हवाई अड्डे पर तैनात एक सुरक्षा अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि विमान के पायलट को अस्पताल ले जाया गया है।

उन्होंने बताया कि विमान में लगी आग बुझा दी गयी है। पुलिस और दमकलकर्मी दुर्घटनास्थल पर बचाव अभियान संचालित कर रहे हैं। यात्रियों की स्थिति के बारे में अभी जानकारी नहीं मिली है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 00:56:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नेपाल में विमान दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 18 पहुंची</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नपल-म-वमन-दरघटन-म-मरन-वल-क-सखय-18-पहच</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नपल-म-वमन-दरघटन-म-मरन-वल-क-सखय-18-पहच</guid>
        <description>काठमांडू, 24 जुलाई । काठमांडू के त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (टीआईए) पर बुधवार को उड़ान भरने के दौरान एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 11 बजे हुई, जब सौर्य एयरलाइंस का पोखरा जाने वाला विमान रनवे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रवक्ता प्रेमनाथ ठाकुर ने इस बात की जानकारी दी। नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएएएन) ने बताया कि विमान में सवार 19 लोगों में से 18 के शव बरामद कर लिए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, विमान के कैप्टन मनीष शाक्य को बचा लिया गया है। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान जमीन पर गिर गया और आग के गोले में बदल गया। अग्निशमन दल, नेपाल पुलिस और नेपाली सेना बचाव अभियान चला रही है। हादसे का एक वीडियो सामने आया है जिसमें दिख रहा है कि विमान ने रनवे से उड़ान भरी, तब तक सब कुछ ठीक नजर आ रहा था। लेकिन कुछ ही मिनट में विमान का संतुलन बिगड़ गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि विमान एक ओर झुक गया, विमान के दाईं ओर झुकने के कुछ ही पल में ये रनवे से कुछ दूरी पर गिर गया। जमीन से टकराते ही विमान में आग लग गई और धुएं का गुबार एयरपोर्ट पर फैल गया। आग इतनी भयावह थी कि इसकी चपेट में विमान में सवार सभी लोग आ गए। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 00:56:21 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>टिकटॉक और इंस्टाग्राम छोड़ने के लिए बहुत से लोग भुगतान करने को तैयार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टकटक-और-इसटगरम-छडन-क-लए-बहत-स-लग-भगतन-करन-क-तयर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टकटक-और-इसटगरम-छडन-क-लए-बहत-स-लग-भगतन-करन-क-तयर</guid>
        <description>कैनबरा, 24 जुलाईसोशल मीडिया अर्थशास्त्रियों के लिए एक समस्या है। वे नहीं जानते कि इसका मूल्य कैसे तय किया जाए।

लंबे समय से यह तर्क दिया जाता रहा है कि इसे सकल घरेलू उत्पाद के हिस्से के रूप में राष्ट्रीय खातों में होना चाहिए। 2019 के एक अध्ययन में अनुमान लगाया गया कि अमेरिका में उपभोक्ताओं के लिए अकेले फेसबुक की कीमत 40 से 50 अमेरिकी डॉलर प्रति माह है।

लेकिन यह वह नहीं है जो हम भुगतान करते हैं। सोशल मीडिया के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है, और राष्ट्रीय खाते केवल उन चीज़ों को मापते हैं जिनके लिए हम भुगतान करते हैं, चाहे वे हमारे जीवन में कितने भी महत्वपूर्ण हों और हम प्रतिदिन कितने घंटे उनका उपयोग करके बिताते हैं।

जैसा कि ऑस्ट्रेलियाई सीनेट सोशल मीडिया के प्रभाव की जांच करने की तैयारी कर रही है, एडिलेड में इकोनॉमिक सोसाइटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया के वार्षिक सम्मेलन में अर्थशास्त्रियों की बैठक में सोशल मीडिया के मूल्य के बारे में नए निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए हैं जो एक चौंकाने वाली दिशा की ओर इशारा करते हैं। उनका सुझाव है कि यह नकारात्मक है।

यह सही है: निष्कर्षों से पता चलता है कि सोशल मीडिया हमारे लिए शून्य से भी कम मूल्य का है जिसके लिए हम भुगतान करते हैं। इससे पता चलता है कि हम इसके बिना बेहतर रहेंगे।

सोशल मीडिया के बिना बेहतर?

शिकागो विश्वविद्यालय के लियोनार्डो बर्स्ज़टीन ने सम्मेलन के मुख्य भाषण में निष्कर्ष प्रस्तुत किए।

निष्कर्ष चौंकाने वाले हैं क्योंकि वे आधुनिक अर्थशास्त्र के सिद्धांतों में से एक को उलट देते हैं - कि हम उन चीजों को महत्व देते हैं जो हम करते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो, हमारा व्यवहार हमारी प्राथमिकताओं का सबसे अच्छा संकेत है। जिस व्यक्ति ने प्रकट प्राथमिकता के इस सिद्धांत को विकसित किया, उसने अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार जीता था।

बर्सज़टीन और उनके सहयोगियों ने यही किया।

उन्होंने 1,000 से अधिक अमेरिकी विश्वविद्यालय के छात्रों का सर्वेक्षण किया, और टिकटॉक, इंस्टाग्राम और गूगल मैप्स के बारे में कई सवाल पूछे।

प्रश्नों का पहला सेट यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था कि एक महीने के लिए टिकटॉक और इंस्टाग्राम से दूर रहने के लिए उन्हें कितना भुगतान करने की आवश्यकता होगी (या भुगतान करने के लिए तैयार होंगे)।

एक महीने के लिए डिस्कनेक्ट करने का क्या मतलब है?

प्रश्नों का उत्तर बार-बार अलग-अलग कीमतों की पेशकश से मिलता है जब तक कि कोई स्वीकार न हो जाए। छात्रों को बताया जाता है कि उनमें से एक को वास्तव में पैसे प्राप्त करने (या भुगतान करने) के लिए यादृच्छिक रूप से चुना जाएगा और यह सुनिश्चित करने के लिए निगरानी की जाएगी कि वे सौदे पर टिके रहें।

उत्तरों से पता चलता है कि उपयोगकर्ता इन प्लेटफार्मों को बहुत महत्व देते हैं, औसतन टिकटॉक के लिए प्रति माह 59 अमेरिकी डॉलर और इंस्टाग्राम के लिए 47 डॉलर। 93% टिकटॉक उपयोगकर्ता और 86% इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता उन पर बने रहने के लिए कुछ भुगतान करने को तैयार होंगे।

उत्साहजनक बात यह है कि ये आंकड़े अन्य अध्ययनों में पाए गए आंकड़ों के बराबर हैं।

फिर बर्सज़टीन और सहकर्मियों ने प्रश्नों का दूसरा सेट पूछा:

यदि आपके परिसर में दो-तिहाई छात्र इनसे हटने के लिए साइन अप करते हैं, तो साइन अप करने के लिए आपको कितना भुगतान करना होगा (या भुगतान करने के लिए तैयार रहना होगा)?

यहां उत्तर पलट गये। एक ही तरह के बार-बार दिए गए प्रस्तावों और इस आश्वासन के बाद कि पिछले अध्ययनों में पाया गया था कि साइन अप करने वाले लगभग सभी लोग इसका अनुपालन करेंगे।

अधिकांश टिकटॉक उपयोगकर्ता (64%) और लगभग आधे इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता (48%) उनसे दूर रहने के लिए भुगतान करने को तैयार थे, जब तक कि अन्य लोग उनसे दूर हों, जिसके परिणामस्वरूप सभी उपयोगकर्ताओं के लिए टिकटॉक का औसत मूल्यांकन शून्य से 28 अमेरिकी डॉलर कम हो गया। और इंस्टाग्राम के लिए माइनस 10 डॉलर।

कई उपयोगकर्ता चाहते थे कि टिकटॉक अस्तित्व में ही न हो

यह खोज इस बात का माप है कि कितने उपयोगकर्ता टिकटॉक और इंस्टाग्राम से किस हद तक नफरत करते हैं, भले ही वे उनका उपयोग करने के लिए मजबूर महसूस करते हों।

अपनी खोज की विचित्र प्रकृति को स्पष्ट करने के लिए, बर्स्ज़टीन ने सम्मेलन का ध्यान एक अन्य उत्पाद, एक रेफ्रिजरेटर की ओर आकर्षित किया।

क्या आप कल्पना कर सकते हैं, उन्होंने पूछा, 60% रेफ्रिजरेटर मालिक कह रहे हैं कि वे चाहते हैं कि फ्रिज मौजूद ही न हों?

उन्होंने जिस संबंध का खुलासा किया है, वह एक विनाशकारी रिश्ते में देखी जाने वाली सह-निर्भरता की तरह है, या जिस तरह से हम तंबाकू जैसे नशे की लत वाले उत्पादों से संबंधित हैं, जिनके बारे में हम जानते हैं कि वे हमें नुकसान पहुंचा रहे हैं।

बर्स्ज़टीन और उनके सहयोगी यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि प्रौद्योगिकी और बड़ी तकनीक के प्रति उनकी नापसंदगी उनके निष्कर्षों को आगे नहीं बढ़ा रही है। इसलिए उन्होंने डिजिटल मैप्स के बारे में प्रश्न पूछे।

जबकि 57% इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता इंस्टाग्राम के बिना एक दुनिया पसंद करेंगे, केवल 4% मैप उपयोगकर्ता डिजिटल मैप के बिना एक दुनिया पसंद करेंगे।

बाकियों से छूटने का डर

यह पूछे जाने पर कि जो उपयोगकर्ता अपने प्लेटफॉर्म के बिना दुनिया को पसंद करेंगे, वे इसका उपयोग क्यों जारी रखते हैं, तीन-चौथाई इंस्टाग्राम उपयोगकर्ताओं और एक-तिहाई टिकटॉक उपयोगकर्ताओं ने जवाब दिया, जिसे डर ऑफ मिसिंग आउट या एफओएमओ के रूप में कोडित किया गया था।

इस्तेमाल किए गए वाक्यांशों में शामिल है अगर मैं इसका उपयोग करना बंद कर दूं, तो मैं पूरी तरह से लूप से बाहर हो जाऊंगा।

अन्य महत्वपूर्ण कारणों को मनोरंजन (टिकटॉक के लिए 37%, इंस्टाग्राम के लिए 21%) और लत (34% और 10%) के रूप में वर्गीकृत किया गया था।

सोशल मीडिया के बाहर इन उत्पाद बाजार जालों का परीक्षण करने के लिए, बर्स्ज़टीन और उनके सहयोगियों ने गुच्</description>
        <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 00:56:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूपी में कांवड़ यात्रा नेम प्लेट विवाद पर अमेरिका ने दी ये प्रतिक्रिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यप-म-कवड-यतर-नम-पलट-ववद-पर-अमरक-न-द-य-परतकरय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यप-म-कवड-यतर-नम-पलट-ववद-पर-अमरक-न-द-य-परतकरय</guid>
        <description>यूपी में कांवड़ यात्रा के दौरान दुकानदारों से नेम प्लेट लगाने पर हुए विवाद पर अब अमेरिका की भी प्रतिक्रिया आई है.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी पत्रकार के पूछे सवाल का प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने जवाब दिया है.

पाकिस्तानी पत्रकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान दुकानदारों को नाम लिखने के दिए गए आदेश को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर से सवाल किया था.

मैथ्यू मिलर ने जवाब दिया, हमने इस बारे में रिपोर्ट्स देखी हैं. हमने उन रिपोर्ट्स को भी देखा है जिसमें 22 जुलाई को भारत के सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगा दी है. इसलिए वह आदेश अभी प्रभावी नहीं है.

उन्होंने कहा- हम विश्व में सभी लोगों के लिए धर्म और विश्वास की स्वतंत्रता के अधिकार के प्रति सम्मान को बढ़ावा देने और उसका सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

उन्होंने कहा- सभी धर्म के लोगों के साथ समान व्यवहार को लेकर हमने भारतीय समकक्षों के साथ बातचीत की है.

कुछ दिनों पहले यूपी पुलिस ने कांवड़ यात्रा के रूट पर दुकानदारों से नेम प्लेट लगाने के लिए कहा था. ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था और अदालत ने यूपी पुलिस के इस आदेश पर रोक लगा दी थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 00:56:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>राष्ट्रपति रेस से बाहर क्यों हुए? देश के नाम संबोधन में बाइडन ने बताई वजह</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रषटरपत-रस-स-बहर-कय-हए-दश-क-नम-सबधन-म-बइडन-न-बतई-वजह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रषटरपत-रस-स-बहर-कय-हए-दश-क-नम-सबधन-म-बइडन-न-बतई-वजह</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने खुद को राष्ट्रपति पद की रेस से अलग करने के बाद पहली बार व्हाइट हाउस से देश को संबोधित किया है.

बाइडन ने देश के नाम दिए संबोधन में कहा, मैं इस पद का सम्मान करता हूँ लेकिन मैं अपने देश से ज़्यादा प्यार करता हूँ. राष्ट्रपति के रूप में इस देश की सेवा करना मेरे जीवन का सम्मान रहा है.

उन्होंने कहा कि अमेरिका एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, अब हम जो निर्णय लेंगे वह देश का भविष्य निर्धारित करेगा.

उन्होंने कहा, हमें आगे बढ़ने या पीछे हटने, आशा और घृणा, एकता और विभाजन के बीच चयन करना होगा.

बाइडन ने कहा, मुझे लगता है कि राष्ट्रपति के रूप में मेरा रिकॉर्ड, दुनिया में मेरा नेतृत्व, अमेरिका के भविष्य के लिए मेरा नज़रिया, सभी दूसरे कार्यकाल के योग्य हैं.

वो बोले, हमारे लोकतंत्र को बचाने के रास्ते में कुछ भी नहीं आ सकता है. इसमें व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं भी शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को कमान सौंपना ही आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका है.

बाइडन ने कहा, यह हमारे देश को एकजुट करने का सबसे अच्छा तरीका है. सार्वजनिक जीवन में लंबे वर्षों के अनुभव के लिए एक समय और स्थान होता है. नई आवाज़ों और हाँ युवा आवाज़ों के लिए भी एक समय और स्थान होता है. वह समय और स्थान अभी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 00:56:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>विरोध के बीच नेतन्याहू पहुंचे अमेरिका, बोले&amp; हमारे दुश्मन, आपके दुश्मन हैं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वरध-क-बच-नतनयह-पहच-अमरक-बल-हमर-दशमन-आपक-दशमन-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वरध-क-बच-नतनयह-पहच-अमरक-बल-हमर-दशमन-आपक-दशमन-ह</guid>
        <description>इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया है. उन्होंने अपने संबोधन में ग़ज़ा युद्ध का बचाव किया है.

कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने अमेरिकी सांसदों से कहा- हमारे दुश्मन, आपके दुश्मन हैं.

नेतन्याहू ने कहा, जब हम ईरान से लड़ते हैं तो हम अमेरिका के सबसे जानलेवा और कट्टर दुश्मन से लड़ रहे होते हैं.

उन्होंने कहा, हमारी जंग, आपकी जंग है और हमारी जीत, आपकी जीत है.

बिन्यामिन नेतन्याहू का ज्यादातर रिपब्लिकन नेताओं ने जोरदार स्वागत किया पर कांग्रेस के दर्जनों डेमोक्रेट नेता जान बूझकर वहां उपस्थित नहीं हुए.

संबोधन के दौरान इसराइली प्रधानमंत्री को भारी विरोध का भी सामना करना पड़ा. लोगों को हाथ में बैनर लेकर प्रदर्शन करते देखा गया, जिसमें एक बैनर पर नेतन्याहू को युद्ध अपराधी घोषित किया गया था.

नेतन्याहू के संबोधन के दौरान बाधा पहुंचा रहे पांच लोगों को कैपिटल बिल्डिंग के अंदर से गिरफ्तार किया गया है.

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि आप लोग आधिकारिक तौर पर ईरान के लिए उपयोगी मूर्ख बन गए हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 00:56:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नेपाल विमान दुर्घटना में सिर्फ़ पायलट की जान बच पाई, वजह सामने आई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नपल-वमन-दरघटन-म-सरफ-पयलट-क-जन-बच-पई-वजह-समन-आई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नपल-वमन-दरघटन-म-सरफ-पयलट-क-जन-बच-पई-वजह-समन-आई</guid>
        <description>नेपाल में हुए विमान हादसे में 18 लोगों की जान गई और पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

हादसा जब हुआ, तब विमान के बाकी हिस्से में आग लगने से कुछ ही सेकेंड पहले ही उसका कॉकपिट अलग हो गया था. कॉकपिट अलग होने के बाद भी पायलट को जिंदा बचा लिया गया.

कैप्टन मनीष रत्न शाक्य विमान दुर्घटना में जिंदा बचने वाले एक मात्र शख्स हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

बीबीसी नेपाली सेवा के मुताबिक़- पायलट बातचीत कर पा रहे हैं.

बचाव कर्मियों ने बीबीसी को बताया कि वे घायल पायलट तक तब पहुंचे जब आग विमान के कॉकपिट वाले हिस्से के पास पहुंच गई थी.

नेपाली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एयर शिल्ड खुली होने के कारण पायलट को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. हमने तुरंत खिड़की को तोड़कर उन्हें बाहर निकाला.

उन्होंने कहा कि जब पायलट को बचाया गया, उस वक्त उनका पूरा चेहरा खून से सना हुआ था. हमने उन्हें अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल जाते वक्त वह बात कर सकने में सक्षम थे.

नेपाली सेना के बयान के अनुसार, पायलट को दुर्घटना के पाँच मिनट के भीतर बचा लिया गया था. पायलट बहुत डरा हुआ था, लेकिन उस समय तक वह होश में था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 00:56:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मैंने नयी पीढ़ी को कमान सौंपने का निर्णय लिया और आगे बढ़ने का यही सर्वश्रेष्ठ तरीका है: बाइडन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मन-नय-पढ-क-कमन-सपन-क-नरणय-लय-और-आग-बढन-क-यह-सरवशरषठ-तरक-ह-बइडन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मन-नय-पढ-क-कमन-सपन-क-नरणय-लय-और-आग-बढन-क-यह-सरवशरषठ-तरक-ह-बइडन</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 25 जुलाई। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को कहा कि उन्होंने नयी पीढ़ी को कमान सौंपने का निर्णय लिया और यही आगे बढ़ने का सबसे सही तरीका है।

बाइडन ने अपने कार्यालय से देश के नाम संबोधन में यह बात कही।

उन्होंने कहा  मैंने तय किया कि आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि कमान नयी पीढ़ी को सौंपी जाए। यह हमारे देश को एकजुट करने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है। सार्वजनिक जीवन में लंबा अनुभव लेने का भी एक वक्त और स्थान होता है और इसी के साथ नयी आवाजों, युवा विचारों का भी एक वक्त और स्थान होता है, वह समय और स्थान यही है।

बाइडन ने देश के नाम यह संबोधन राष्ट्रपति पद की दौड़ से हटने तथा डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के रूप में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के नाम का समर्थन करने के तीन दिन बाद दिया है।

हैरिस अब राष्ट्रपति पद की संभावित उम्मीदवार हैं।

बाइडन ने ओवल ऑफिस से अपने संबोधन में कहा,  मेरा मानना ​​है कि अमेरिका एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। आज जो हम निर्णय लेंगे वह दशकों के लिए हमारे देश और दुनिया के भविष्य का निर्धारण करेंगे।

राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान प्रथम महिला जिल बाइडन, बेटा हंटर बाइडन और उनके परिवार के अनेक सदस्य मौजूद थे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 00:56:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन की संसद में ऋषि सुनक दो नवंबर तक अंतरिम नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-क-ससद-म-ऋष-सनक-द-नवबर-तक-अतरम-नत-परतपकष-बन-रहग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-क-ससद-म-ऋष-सनक-द-नवबर-तक-अतरम-नत-परतपकष-बन-रहग</guid>
        <description>(अदिति खन्ना)

लंदन, 23 जुलाई। ब्रिटेन की संसद में पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक दो नवंबर तक अंतरिम नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे। कंजर्वेटिव पार्टी की समय सारिणी के अनुसार नवंबर तक उनके उत्तराधिकारी का चुनाव किया जाएगा और इसके लिए नामांकन प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी।

टोरी (कंजर्वेटिव पार्टी) का नेतृत्व कौन करेगा, यह तय करने के लिए संसद के बैकबेंच सदस्यों की 1922 समिति ने सोमवार शाम को दो चरण की चुनाव प्रक्रिया की जानकारी दी, जिसके तहत दो नवंबर को नए नेता की नियुक्ति की जाएगी।

ब्रिटिश भारतीय नेता ऋषि सुनक (44) ने आम चुनाव में पार्टी की सबसे बुरी हार के बाद पांच जुलाई को अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि जब तक उनका उत्तराधिकारी नहीं चुना जाता तब तक वह टोरी के अंतरिम नेता की जिम्मेदारी का निर्वहन करते रहेंगे।

सुनक ने कहा, पार्टी का नेतृत्व हासिल करने के उम्मीदवारों या इससे जुड़े अभियान के बारे में कोई भी टिप्पणी करना मेरे लिए अनुचित होगा। मुझे विश्वास है कि पार्टी बोर्ड और 1922 समिति द्वारा तय की गई यह समय सारिणी एक विचारशील, पेशेवर और सम्मानजनक मुकाबले की अनुमति देगी।

नेता प्रतिपक्ष पद के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले कंजर्वेटिव पार्टी के प्रमुख नेताओं में भारतीय मूल की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल और सुएला ब्रेवरमैन, शैडो मंत्री जेम्स क्लेवरली, केमी बेडेनोच, टॉम तुगेंदट, मेल स्ट्राइड और पूर्व मंत्री रॉबर्ट जेनरिक शामिल हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 24 Jul 2024 00:42:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा के ख़ान यूनिस से अब तक 1.5 लाख लोग कर चुके हैं पलायन: यूएन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-क-खन-यनस-स-अब-तक-15-लख-लग-कर-चक-ह-पलयन-यएन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-क-खन-यनस-स-अब-तक-15-लख-लग-कर-चक-ह-पलयन-यएन</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र की दो संस्थाओं ने कहा कि सोमवार से अब तक ग़ज़ा के ख़ान यूनिस से 1.50 लाख से अधिक लोग पलायन कर चुके हैं.

ग़ज़ा पट्टी के दक्षिण में स्थित खान यूनिस एक नए इसराइली हमलों का केंद्र बना हुआ है.

इसराइल का कहना है कि ख़ान यूनिस में हमास फिर से अपनी सेना को इकठ्ठा करने का प्रयास कर रहा था, जिसको देखते हुए यह हमला किया गया है.

इसराइल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने सोमवार को ख़ान यूनिस के पूर्वी इलाके को ख़ाली करने का आदेश दिया था.

इसराइल का दावा है कि हमास के लड़ाके इस क्षेत्र का प्रयोग आतंकी गतिविधियों और रॉकेट से हमला करने के लिए कर रहे थे.

ग़ज़ा में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इसराइल के अभियान शुरू करने के बाद कम से कम 80 फ़लस्तीनी मारे गए हैं.

फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूएनआरडब्लूए के अधिकारी ने बीबीसी के टुडे कार्यक्रम में बताया कि सोमवार को नए आदेश की घोषणा किए जाने के बाद से अब तक लगभग 1.50 लाख लोग पलायन कर चुके हैं.

लुईस वाटरिज ने कहा, इज़राइली सेना ने ग़ज़ा पट्टी के 80% से अधिक हिस्से को ख़ाली करने के आदेश दे दिए हैं या उस क्षेत्र में जाने पर पाबंदी लगा दी है(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 24 Jul 2024 00:42:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इथियोपिया में हुए भूस्खलन के बाद अब तक 229 शव निकाले गए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इथयपय-म-हए-भसखलन-क-बद-अब-तक-229-शव-नकल-गए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इथयपय-म-हए-भसखलन-क-बद-अब-तक-229-शव-नकल-गए</guid>
        <description>इथियोपिया के गोफा के पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश के बाद रविवार शाम और सोमवार सुबह भूस्खलन की दो घटनाएं हुईं हैं.

एक स्थानीय अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि बचाव दल ने अब तक दक्षिणी इथियोपिया में हुए दो भूस्खलनों में मारे गए 229 लोगों के शवों को बाहर निकाला गया है.

गोफा क्षेत्र के प्रशासक दग्मावी अयेले ने बीबीसी को बताया कि मृतकों में वयस्क और बच्चे दोनों शामिल हैं और ज़िंदा बचाए गए 10 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

दग्मावी ने बताया कि भारी बारिश के कारण रविवार को भूस्खलन हुआ था. सोमवार को जब पुलिस अधिकारी और आसपास के लोग खोज और बचाव कार्य में लगे थे तभी दूसरा भूस्खलन हुआ, जिससे वे भी मिट्टी के नीचे दब गए.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि हम अब भी खुदाई कर रहे हैं

गोफा आपदा प्रबंधन के प्रमुख मार्कोस मॉलसे ने कहा कि अब तक 229 शव बरामद किए गए हैं

स्थानीय प्रशासन ने कहा कि ज़िंदा बचे लोगों की तलाश तेजी से जारी है लेकिन मृतकों की संख्या अभी बढ़ सकती है.

फुटेज में सैकड़ों लोगों को घटनास्थल पर एकत्रित होते और नीचे फंसे लोगों की तलाश में मिट्टी खोदते हुए देखा जा सकता है.

गोफा दक्षिण इथियोपिया राज्य का हिस्सा है. यह राजधानी अदीस अबाबा से लगभग 320 किमी दक्षिण पश्चिम की ओर स्थित है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 24 Jul 2024 00:42:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कमला हैरिस को डेमोक्रेटिक पार्टी का नामांकन हासिल करने के लिए पर्याप्त समर्थन मिला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-क-डमकरटक-परट-क-नमकन-हसल-करन-क-लए-परयपत-समरथन-मल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कमल-हरस-क-डमकरटक-परट-क-नमकन-हसल-करन-क-लए-परयपत-समरथन-मल</guid>
        <description>वाशिंगटन, 23 जुलाई। कमला हैरिस ने राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की संभावित उम्मीदवार बनने के लिए पर्याप्त डेलीगेट (प्रतिनिधि) का समर्थन हासिल कर लिया है। इससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति को संभावित प्रतिद्वंद्वियों, सांसदों, गवर्नर और प्रभावशाली समूहों से समर्थन मिला था।

सीएनएन की खबर के मुताबिक, भारतीय-अफ्रीकी मूल की हैरिस को 1976 डेलीगेट का समर्थन मिल गया है जो राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार बनने के लिए जरूरी संख्या से ज्यादा है।

हैरिस ने कहा,  जब मैंने राष्ट्रपति पद के लिए अपने अभियान की घोषणा की थी, तो मैंने कहा था कि मैं यह नामांकन हासिल करना चाहती हूं। आज रात, मुझे इस बात पर गर्व है कि मुझे हमारी पार्टी का उम्मीदवार बनने के लिए आवश्यक समर्थन मिल गया है।

हैरिस (59) ने कहा,  मैं जल्द ही औपचारिक रूप से नामांकन स्वीकार करने की आशा करती हूं।

राष्ट्रपति जो बाइडन ने रविवार को घोषणा की कि वह राष्ट्रपति पद का आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के तौर पर उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के नाम का अनुमोदन किया।

बाइडन के राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख नेता हैरिस के समर्थन में तत्काल खड़े हो गए। अमेरिका में इस साल पांच नवंबर को चुनाव होने हैं।

हैरिस ने कहा कि वह राष्ट्रपति बाइडन और डेमोक्रेटिक पार्टी के सभी लोगों की आभारी हैं जिन्होंने उन पर अपना विश्वास जताया है।

उन्होंने कहा कि वह अपने मुद्दे सीधे अमेरिकी लोगों के बीच लेकर जाएंगी।

हैरिस ने कहा,  यह चुनाव दो अलग-अलग दृष्टिकोणों के बीच एक स्पष्ट विकल्प प्रस्तुत करेगा। डोनाल्ड ट्रम्प हमारे देश को उस दौर में वापस ले जाना चाहते हैं जब हममें से कई लोगों को पूर्ण स्वतंत्रता और समान अधिकार नहीं थे।

हैरिस का जन्म प्रवासी माता-पिता (एक अश्वेत पिता और एक भारतीय मां) से हुआ। उनके पिता डोनाल्ड हैरिस जमैका के थे और उनकी मां श्यामला गोपालन चेन्नई की एक कैंसर शोधकर्ता और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता थीं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 24 Jul 2024 00:42:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डोनाल्ड ट्रंप ने फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से कहा&amp; &amp;apos;सबकुछ ठीक हो जाएगा&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-न-फलसतन-रषटरपत-महमद-अबबस-स-कह-सबकछ-ठक-ह-जएग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनलड-टरप-न-फलसतन-रषटरपत-महमद-अबबस-स-कह-सबकछ-ठक-ह-जएग</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 24 जुलाई। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ शुक्रवार को होने वाली बैठक से पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से कहा कि सबकुछ ठीक हो जाएगा।

ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा, बेंजामिन नेतन्याहू के साथ शुक्रवार को होने वाली मुलाकाात का बेसब्री से इंतजार है और मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के लिए और भी अधिक तत्पर हूं! इसके साथ ही उन्होंने अब्बास द्वारा उन्हें लिखा गया एक पत्र भी संलग्न किया।

फलस्तीन के राष्ट्रपति ने ट्रंप पर चुनावी रैली के दौरान 13 जुलाई को हुए हमले के एक दिन बाद यह पत्र लिखा था।

राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने 14 जुलाई को ट्रंप को लिखे पत्र में कहा,  आप पर हुए हमले की खबर सुनकर मुझे बहुत चिंता हो रही है। मैंने इसका वीडियो भी देखा।

डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अब्बास के पत्र के जवाब में अपने हाथ से लिखे गए पत्र की तस्वीर साझा करते हुए कहा, महमूद, शुक्रिया। सब ठीक हो जाएगा।

ट्रंप ने इससे पहले दिन में कहा था कि वह शुक्रवार को फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित मार-ए-लागो में नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे।

उन्होंने कहा, मेरे पहले कार्यकाल के दौरान हमने क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम की थी, यहां तक ​​कि ऐतिहासिक अब्राहम समझौते पर भी हस्ताक्षर किए थे और हम पुन: शांति कायम करेंगे। जैसा कि मैंने हाल के सप्ताहों में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अन्य विश्व नेताओं के साथ की गई चर्चा में कहा है कि मेरा शक्ति के माध्यम से शांति का एजेंडा दुनिया को दिखाएगा कि इन भयानक घातक युद्धों और हिंसक संघर्षों को समाप्त किया जाना चाहिए। लाखों लोग मर रहे हैं और कमला हैरिस किसी भी तरह से इसे रोकने में सक्षम नहीं हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 24 Jul 2024 00:42:03 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजरायल को नुकसान पहुंचाने वालों को चुकानी होगी कीमत : नेतन्याहू</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरयल-क-नकसन-पहचन-वल-क-चकन-हग-कमत-नतनयह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरयल-क-नकसन-पहचन-वल-क-चकन-हग-कमत-नतनयह</guid>
        <description>तेल अवीव, 21 जुलाई । इजरायल ने शनिवार को यमन में हौथी विद्रोहियों के तेल ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इस हमले में हौथी को भारी नुकसान पहुंचा है। इजरायली सेना की कार्रवाई पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने दुश्मनों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि हमें नुकसान पहुंचाया तो उसकी कीमत चुकानी होगी। बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा, मैंने युद्ध की शुरुआत से ही यह स्पष्ट कर दिया था कि इजरायल पर हमला करने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यही कारण है कि आज सुबह मैंने इजरायली कैबिनेट से कहा कि यमन में हौथी ठिकानों पर हमला करने के फैसले का वह समर्थन करे। जिस बंदरगाह को निशाना बनाया गया, उसका इस्तेमाल ईरान द्वारा हौथी आंतकियों को दिए जाने वाले हथियारों के लिए होता है। हौथी विद्रोहियों ने इन हथियारों का इस्तेमाल इजरायल, अरब और अन्य क्षेत्रों पर हमला करने के लिए किया है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले हौथी ने तेल अवीव में ड्रोन से हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके जवाब में ही इजरायली सेना ने हौथी विद्रोहियों के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। उन्होंने कहा, हौथी विद्रोहियों ने पिछले आठ महीनों में इजरायल के खिलाफ सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन लॉन्च किए हैं। इन हमलों का एकमात्र कारण यह है कि इजरायल और उसके सहयोगियों ने रक्षात्मक उपाय किए हैं, जिसके चलते विद्रोहियों के ठिकानों को नष्ट किया गया। पीएम नेतन्याहू ने अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों का आभार जताया।

उन्होंने कहा, मैं अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और अंतरराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन के अन्य सदस्यों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिसे हौथी विद्रोहियों के हमलों को रोकने के लिए बनाया गया है। लेकिन, कल सुबह इजरायल पर हुए ड्रोन हमले से पता चलता है कि हौथी विद्रोहियों को रोकने के लिए रक्षात्मक कार्रवाई से अधिक कदम उठाने की जरूरत है। यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि ईरान द्वारा समर्थित आतंकवाद इसकी कीमत चुकाए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में इजरायल पर ईरान और उसके सहयोगियों द्वारा सात मोर्चों पर हमला किया जा रहा है। इसलिए, जो लोग मध्य-पूर्व को अधिक सुरक्षित और स्थिर बनाना चाहते हैं। उन्हें यमन, गाजा, लेबनान और अन्य जगहों पर मौजूद आतंकी संगठनों के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई का समर्थन करना चाहिए। इजरायल के दुश्मनों के लिए मेरा एक सरल संदेश है। हर मोर्चे पर खुद की रक्षा करने के इजरायल के दृढ़ संकल्प पर संदेह नहीं करें। जो लोग हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 05:34:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इमरान खान की जान को खतरा, जेल में उन्हें अमानवीय हालात में रखा गया है: बुशरा बीबी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इमरन-खन-क-जन-क-खतर-जल-म-उनह-अमनवय-हलत-म-रख-गय-ह-बशर-बब</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इमरन-खन-क-जन-क-खतर-जल-म-उनह-अमनवय-हलत-म-रख-गय-ह-बशर-बब</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 21 जुलाई। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी ने रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद अपने पति की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया है तथा खाने के लिए दूषित भोजन दिया जाता है।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को जेल में संवाददाताओं से अनौपचारिक बातचीत में बुशरा ने अपनी जान के लिए भी खतरा बताया।

बुशरा के अनुसार, उन पिछली घटनाओं के मद्देनजर खान का जीवन खतरे में है जिनमें उन्हें कथित तौर पर जहर दिया गया और गोली मारी गई।

उन्होंने कहा कि इसकी जांच करने के उनके कानूनी अनुरोध का अदालत ने अभी तक समाधान नहीं किया है।

जेल की स्थितियों के बारे में 49 वर्षीय बुशरा ने कहा कि 71 वर्षीय खान को गंदे हालात में रखा गया है और खाने के लिए दूषित भोजन दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि अटक जेल में मुलाकात के दौरान खान कमजोर दिखाई दे रहे थे और उन्हें रात भर अपने बालों से कीड़े निकालने पड़े।

बुशरा ने दोषी अपराधियों की तुलना में राजनीतिक कैदियों के साथ बुरे व्यवहार की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि अन्य कैदियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है जबकि खान को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में संघर्ष करना पड़ता है।

पिछले साल अगस्त में भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तारी के बाद से खान रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अडियाला जेल में बंद हैं और उन पर 200 से अधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में से कुछ में उन्हें दोषी ठहराया गया है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 05:34:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बाइडन के मैदान छोड़ने पर बोले ओबामा लेकिन कमला हैरिस को लेकर चुप्पी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बइडन-क-मदन-छडन-पर-बल-ओबम-लकन-कमल-हरस-क-लकर-चपप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बइडन-क-मदन-छडन-पर-बल-ओबम-लकन-कमल-हरस-क-लकर-चपप</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने फिर से राष्ट्रपति पद का चुनाव ना लड़ने का निर्णय लिया है.

बाइडन ने यह फ़ैसला तब किया, जब उनके ऊपर डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर से राष्ट्रपति की रेस से बाहर होने का दबाव लगातार बढ़ रहा था.

बाइडन ने डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को समर्थन देने की घोषणा की है.

जो बाइडन के फिर से चुनाव न लड़ने के फ़ैसले को लेकर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि बाइडन अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रपतियों में से एक रहे हैं.

ओबामा ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद से बाइडन ने ख़ुद को साबित किया है. जब ओबामा राष्ट्रपति थे तो बाइडन उपराष्ट्रपति थे.

ओबामा ने कहा, कोविड महामारी को ख़त्म करने में बाइडन की अहम भूमिका रही. लाखों नौकरियां पैदा कीं, दवाओं की क़ीमत कम कीं, 30 सालों में गन सुरक्षा को लेकर अहम फ़ैसले किए.

हालांकि बराक ओबामा ने बाइडन की तरह उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की उम्मीदवारी को लेकर कुछ नहीं कहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि ओबामा कमला हैरिस को लेकर अभी किसी फ़ैसले पर नहीं पहुँच पाए हैं.

ओबामा ने कहा कि बाइडन ने जलवायु परिवर्तन को लेकर इतिहास में सबसे बड़ा निवेश किया है. कामाकाज़ी लोगों के अधिकारों को सुरक्षित करने को लेकर लड़ाई लड़ी है.

ओबामा ने कहा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की स्थिति को फिर से मज़बूत किया. नेटो को दोबारा जीवित किया है और यूक्रेन पर हुए हमले के बाद दूनिया को रूस के ख़िलाफ़ संगठित किया है. मैं और मिशेल जो बाइडन और जिल के प्रति अपना प्यार और आभार व्यक्त करना चाहते हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 05:34:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बाइडन के समर्थन से सम्मानित महसूस कर रही, ट्रंप को हराने के लिए देश को एकजुट करना लक्ष्य : कमला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बइडन-क-समरथन-स-सममनत-महसस-कर-रह-टरप-क-हरन-क-लए-दश-क-एकजट-करन-लकषय-कमल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बइडन-क-समरथन-स-सममनत-महसस-कर-रह-टरप-क-हरन-क-लए-दश-क-एकजट-करन-लकषय-कमल</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 22 जुलाई। अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि वह राष्ट्रपति पद के चुनाव में जो बाइडन द्वारा डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए उनके नाम की सिफारिश किए जाने से सम्मानित महसूस कर रही हैं।

कमला ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रोजेक्ट 2025 एजेंडे को हराने के लिए देश को एकजुट करना उनका लक्ष्य है।

उपराष्ट्रपति की यह टिप्पणी राष्ट्रपति बाइडन (81) के रविवार को राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने की अचानक घोषणा करने और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए भारतीय-अफ्रीकी मूल की कमला (59) के नाम की सिफारिश करने के बाद आई।

बाइडन के जून में अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप के साथ बहस में खराब प्रदर्शन के बाद से ही डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता उन पर राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने का दबाव बना रहे थे।

कमला ने कहा, मैं राष्ट्रपति का समर्थन पाकर सम्मानित महसूस कर रही हूं। मेरा मकसद अब राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में जीत हासिल करना है। कमला जनवरी 2021 से उपराष्ट्रपति के रूप में सेवाएं दे रही हैं। वह अमेरिका की पहली ऐसी महिला, पहली ऐसी अश्वेत और पहली ऐसी दक्षिण एशियाई मूल की नागरिक हैं जो इस पद पर आसीन हुई हैं।

बाइडन की सिफारिश से डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के रूप में कमला की दावेदारी को काफी बल मिला है, लेकिन उनके लिए शिकागो में अगले महीने प्रस्तावित डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन के दौरान पार्टी प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल करना जरूरी है।

कमला ने कहा, मैं राष्ट्रपति के रूप में बाइडन के असाधारण नेतृत्व और हमारे देश की कई दशकों तक सेवा करने के लिए अमेरिका के लोगों की तरफ से उनका शुक्रिया अदा करना चाहती हूं।

उन्होंने कहा कि पिछले साल उन्होंने पूरे देश की यात्रा की और अमेरिकियों से इस महत्वपूर्ण चुनाव में उनके पसंदीदा उम्मीदवार और उससे उनकी अपेक्षाओं के बारे में जाना।

कमला ने कहा, और आने वाले दिनों और हफ्तों में भी मैं यहीं करती रहूंगी। मैं डेमोक्रेटिक पार्टी और हमारे देश को एकजुट करने के लिए, डोनाल्ड ट्रंप और उनके विवादित प्रोजेक्ट 2025 एजेंडे को हराने के लिए वह सब कुछ करूंगी, जो मेरे बस में है... अभी चुनाव में 107 दिन बचे हैं। हम साथ मिलकर लड़ेंगे। हम साथ मिलकर जीतेंगे।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भी राष्ट्रपति पद की डेमोक्रेटिक उम्मीदवारी के लिए कमला के नाम की पैरवी की। क्लिंटन दंपति ने एक संयुक्त बयान में कहा, हमने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन हमें हमारे देश के लिए ट्रंप के दूसरे कार्यकाल से उत्पन्न खतरे से ज्यादा किसी और चीज को लेकर चिंता नहीं हुई।

बयान में कहा गया है, उन्होंने (ट्रंप) पहले ही दिन से तानाशाह बनने का वादा किया है और सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से उन्हें संविधान को और अधिक खंडित करने का साहस मिलेगा। अब समय आ गया है कि हम कमला हैरिस को समर्थन दें और उन्हें राष्ट्रपति बनाने के लिए हरसंभव कोशिश करें।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 05:34:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भूकंप के झटकों से दहला जापान का इबाराकी प्रांत, रिक्टर स्केल पर 4.8 रही तीव्रता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भकप-क-झटक-स-दहल-जपन-क-इबरक-परत-रकटर-सकल-पर-48-रह-तवरत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भकप-क-झटक-स-दहल-जपन-क-इबरक-परत-रकटर-सकल-पर-48-रह-तवरत</guid>
        <description>टोक्यो, 22 जुलाई । जापान की राजधानी टोक्यो के उत्तर-पूर्व में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। जापानी मौसम विभाग ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 10:07 बजे भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 4.8 दर्ज की गई। हालांकि, भूकंप के कारण जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। लेकिन, झटकों के बाद लोग सहम गए और घरों से निकल कर सड़क पर आ गए।

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, भूकंप की गहराई का केंद्र 90 किलोमीटर था। जो उत्तरी इबाराकी प्रांत के 36.8 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 140.8 डिग्री पूर्वी देशांतर के करीब आया। भूकंप के झटके मध्य टोक्यो तक महसूस किए गए, लेकिन मौसम विभाग की ओर से सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई। बता दें कि जून 2024 में भी जापान में भूकंप के झटके लगे थे। जापान के फुकुशिमा में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 05:34:41 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बाइडेन के रेस से हटने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी से नामांकन के लिए कमला हैरिस का अभियान तेज</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बइडन-क-रस-स-हटन-क-बद-डमकरटक-परट-स-नमकन-क-लए-कमल-हरस-क-अभयन-तज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बइडन-क-रस-स-हटन-क-बद-डमकरटक-परट-स-नमकन-क-लए-कमल-हरस-क-अभयन-तज</guid>
        <description>वाशिंगटन, 22 जुलाई । जो बाइडेन के अमेरिकी राष्ट्रपति पद की रेस से हटने के बाद अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने इस पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का नामांकन प्राप्त करने का अपना अभियान तेज कर दिया है। हैरिस ने पार्टी के सांसदों, नेताओं, अधिकारियों और बाहरी समर्थन समूहों से संपर्क स्थापित करना शुरू कर दिया है। हैरिस ने कुछ ही समय में कुछ महत्वपूर्ण समर्थन प्राप्त कर लिए हैं, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन, सीनेटर क्रिस कून और एमी क्लोबूचर और पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो, नार्थ कैरोलाइना के रॉय कूपर और कैलिफोर्निया के गेविन न्यूजॉम शामिल हैं। हैरिस को अमेरिकी कांग्रेस में अश्वेत और हिस्पैनिक कॉकस का भी समर्थन मिल गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए धन जुटाने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म एक्टब्लू ने हैरिस के राष्ट्रपति अभियान के पहले पांच घंटों में 27.5 मिलियन डॉलर जुटाने की बात कही। बाइडेन की उम्मीदवारी पर असमंजस को लेकर डोनेशन रोक दिए गए थे। अब जब बाइडेन रेस से बाहर हो गए हैं तो दूसरे उम्मीदवार के लिए रास्ता साफ हो गया है।

बाइडेन के रेस से बाहर होने के बाद हैरिस ने अपनी पहली टिप्पणी में कहा, मेरा इरादा इस नामांकन को हासिल करना और जीतना है और केवल उपराष्ट्रपति के आधार पर इसका दावा नहीं करना है। उन्होंने एक टीम बनाने की तैयारी कर ली है। डेमोक्रेट्स 9 अगस्त को शिकागो, इलिनोइस में पार्टी सम्मेलन में आधिकारिक रूप से अपने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की घोषणा करने वाले हैं। यह प्रक्रिया आमतौर पर डेमोक्रेटिक प्राइमरी के विजेता को नामांकित करने की औपचारिकता होती है। बाइडेन ने पार्टी प्राइमरी में भाग लेने वाले 14 मिलियन डेमोक्रेट्स का समर्थन हासिल करते हुए करीब 3,000 प्रतिनिधियों को जीता था।

अगर हैरिस को चुनौती देने वाले सामने आते हैं तो दौड़ खुल जाएगी, ऐसी स्थिति में उम्मीदवार का निर्धारण दावेदारों के बीच एक मुकाबले के बाद होगा। अब तक सीनेटर जो मैनचिन ने स्वतंत्र उम्मीदवार बनने का फैसला किया है। डेमोक्रेट्स के पास पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रोकने के लिए पर्याप्त समय नहीं है, यही कारण है कि पार्टी ने राष्ट्रपति बाइडेन पर प्राइमरी जीतने के बाद भी दौड़ से हटने के लिए दबाव डाला। हैरिस के पास नामांकन हासिल करने के लिए दो सप्ताह हैं। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रविवार को घोषणा की कि वह राष्ट्रपति पद का आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे। बाइडेन ने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ से हटने का एलान करते हुए कहा कि यह मेरी पार्टी और देश के सर्वोत्तम हित में है। बाइडेन 81 साल के हो गए हैं। उनका यह निर्णय अमेरिका में पांच नवंबर को होने वाले मतदान से चार महीने पहले आया है। उन्होंने अपनी जगह भारतीय मूल की कमला हैरिस को समर्थन दिया है।

कमला हैरिस वर्तमान में अमेरिका की पहली भारतवंशी अश्वेत उपराष्ट्रपति हैं। उन्हें फीमेल ओबामा भी कहा जाता है। हैरिस 59 साल की हैं। वह सैन फ्रांसिस्को की डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी बनने वाली पहली महिला, पहली भारतवंशी और पहली अश्वेत अमेरिकी हैं। राष्ट्रपति चुनाव 2020 के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार रहे जो बाइडेन ने अगस्त में उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के रूप में हैरिस को चुना था। 20 अक्टूबर 1964 को जन्मी कमला देवी हैरिस की मां श्यामला गोपालन 1960 में भारत के तमिलनाडु से बर्कले पहुंची थीं, जबकि उनके पिता डोनाल्ड जे हैरिस 1961 में ब्रिटिश जमैका से इकोनॉमिक्स में स्नातक की पढ़ाई करने बर्कले आए थे। यहीं अध्ययन के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और मानव अधिकार आंदोलनों में भाग लेने के दौरान उन्होंने विवाह करने का फैसला कर लिया। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 05:34:41 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हम नहीं हारेंगे; अमेरिका स्वर्णिम युग की दहलीज पर : ट्रंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हम-नह-हरग-अमरक-सवरणम-यग-क-दहलज-पर-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हम-नह-हरग-अमरक-सवरणम-यग-क-दहलज-पर-टरप</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 19 जुलाई। अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने देशवासियों से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब विश्व के ऐसे सबसे सर्वश्रेष्ठ नेतृत्व की मांग और अपेक्षा करने का समय आ गया है जो साहसिक, गतिशील, मजबूत और निडर हो।

ट्रंप ने कहा, अमेरिका एक नए स्वर्णिम युग की दहलीज पर है, लेकिन हमें इस युग को लाने के लिए साहसिक कार्य करने होंगे। हम हारेंगे नहीं।

राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी की ओर से बृहस्पतिवार को औपचारिक रूप से उम्मीदवारी स्वीकार करते हुए ट्रंप (78) ने अपने भाषण में अमेरिकियों से अपील की कि वे पांच नवंबर को होने वाले चुनाव में उन्हें जीत दिलाने में मदद करें।

ट्रंप ने अपने ऊपर हुए हमले के करीब एक सप्ताह के बाद कहा, आज, मैं आपसे आपका सहयोग, आपका समर्थन और आपका वोट विनम्रतापूर्वक मांगता हूं। मैं आपके भरोसे का सम्मान करने का हर दिन प्रयास करूंगा और मैं आपको कभी निराश नहीं करूंगा।

उन्होंने कहा, जिन पुरुषों और महिलाओं को भुला दिया गया है, जिन्हें पीछे छोड़ दिया गया है, जिन पर ध्यान नहीं दिया गया, अब उनके साथ ऐसा नहीं होगा। हम साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे और हम जीतेंगे।

ट्रंप ने रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में कहा, मैं आज शाम आप सभी के सामने आत्मविश्वास, ताकत और उम्मीद का संदेश लेकर खड़ा हूं। अब से चार महीने बाद हम एक अविश्वसनीय जीत हासिल करेंगे और हमारे शासन के आगामी चार वर्ष देश के इतिहास के सबसे महान वर्ष होंगे।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, कोई भी चीज हमें न तो डिगा सकती है, न हमारी रफ्तार को धीमा कर सकती है और न ही हमें रोक सकती है। हमारे रास्ते में कितना भी बड़ा खतरा और कितनी भी बाधाएं क्यों न आएं, हम अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए कोशिश करते रहेंगे और हम इसमें असफल नहीं होंगे।

उन्होंने कहा, हम सब मिलकर इस देश को बचाएंगे, हम प्रजातंत्र को पुनः स्थापित करेंगे और हम उस समृद्ध एवं अद्भुत कल की शुरुआत करेंगे जिसके हमारे लोग वास्तव में हकदार हैं।

ट्रंप ने अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले के बाद अमेरिकियों द्वारा दिए गए प्यार और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका संकल्प अटूट है और वह एक ऐसी सरकार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो अमेरिका के लोगों की सेवा करे।

उन्होंने कहा, इसलिए आज रात, पूरे विश्वास और समर्पण के साथ, मैं अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी को गर्व से स्वीकार करता हूं।

ट्रंप ने राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि वह आधुनिक समय के पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्होंने कोई नया युद्ध शुरू नहीं किया।

उन्होंने कहा, यूरोप और पश्चिम एशिया में शांति थी। (पूर्व) राष्ट्रपति बुश के कार्यकाल में रूस ने जॉर्जिया पर आक्रमण किया। (पूर्व) राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के कार्यकाल में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा किया। वर्तमान शासन में रूस, यूक्रेन पर आक्रमण कर रहा है। मेरे शासन में रूस ने कुछ भी नहीं किया। हमने सीरिया और इराक में आईएसआईएस को जड़ से खत्म कर दिया, इस काम में पांच साल लगने थे लेकिन मैंने दो माह के अंदर कर दिखाया। मैंने उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण रोके।

राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार ने कहा, ईरान कमजोर हो चुका था, टूट चुका था और समझौता करना चाहता था। उसके पास हमास, हिजबुल्ला पर खर्च करने के लिए धन ही नहीं था और वह ऐसी स्थिति में नहीं था कि परमाणु हथियार हासिल कर सके लेकिन अब वह 90 दिन में परमाणु हथियार हासिल कर सकता है और उसके पास पूर क्षेत्र में आंतक को बढ़ावा देने के लिए 300 अरब अमरीकी डॉलर हैं।

उन्होंने कहा, हमारे प्रतिद्वंद्वी को विरासत में एक शांतिपूर्ण दुनिया मिली थी लेकिन उन्होंने इसे युद्ध के ग्रह में बदल दिया।

ट्रंप ने कहा, अब चीन ताइवान को घेर रहा है और रूसी युद्धपोत एवं परमाणु पनडुब्बियां क्यूबा में हमारे तटों से लगभग 96 किलोमीटर दूर काम कर रही हैं और मीडिया इसके बारे में बात नहीं करना चाहता।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 20 Jul 2024 01:26:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नासा ने लागत में वृद्धि और देरी के कारण चंद्रमा पर लैंडर भेजने का मिशन रद्द किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नस-न-लगत-म-वदध-और-दर-क-करण-चदरम-पर-लडर-भजन-क-मशन-रदद-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नस-न-लगत-म-वदध-और-दर-क-करण-चदरम-पर-लडर-भजन-क-मशन-रदद-कय</guid>
        <description>वाशिंगटन, 18 जुलाई अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा कि वह लागत में वृद्धि और प्रक्षेपण में देरी होने के कारण, पानी की खोज के लिए चंद्रमा पर रोवर भेजने के मिशन को रद्द कर रहा है।

अंतरिक्ष एजेंसी ने बुधवार को कहा कि वाइपर रोवर को एस्ट्रोबोटिक टेक्नोलॉजी द्वारा उपलब्ध कराए गए एक लैंडर के जरिये 2023 के अंत तक प्रक्षेपित किया जाना था लेकिन अतिरिक्त परीक्षण और लागत बढ़ने के कारण इस मिशन में देरी होती रही जिससे अन्य परियोजनाओं पर खतरा मंडराने लगा है।

नासा ने बताया कि रोवर का उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर खोजबीन करना था। इसके विकास पर अभी तक करीब 45 करोड़ डॉलर खर्च किए जा चुके हैं।

अपोलो 11 मिशन की 55वीं वर्षगांठ से कुछ दिन पहले यह घोषणा की गयी है। अपोलो 11 नील आर्मस्ट्रांग और बज आल्ड्रिन को लेकर 20 जुलाई 1969 को चंद्रमा पर पहुंचा था। नासा ने बताया कि उसकी योजना अन्य परियोजनाओं के जरिए चंद्रमा पर बर्फ की मौजूदगी का अध्ययन करना है।

एस्ट्रोबोटिक की अब भी अगले साल के अंत तक अपने ग्रिफिन चंद्रमा लैंडर को प्रक्षेपित करने की योजना है।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 19 Jul 2024 01:50:28 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>राष्ट्रपति बाइडेन कोविड 19 से संक्रमित, खुद को किया आइसोलेट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रषटरपत-बइडन-कवड-19-स-सकरमत-खद-क-कय-आइसलट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रषटरपत-बइडन-कवड-19-स-सकरमत-खद-क-कय-आइसलट</guid>
        <description>वाशिंगटन, 18 जुलाई । अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावी सरगर्मियों के बीच जो बाइडेन कोविड-19 संक्रमित हो गए हैं। हालांकि लक्षण हल्के बताए जा रहे हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने बुधवार को एक बयान में कहा, आज लास वेगास में अपने पहले कार्यक्रम के बाद, राष्ट्रपति बाइडेन का कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव आया। उन्होंने आगे कहा,  वो वैक्सिनेटेड हैं और उन्होंने बूस्टर खुराक भी ली है तथा उनमें हल्के लक्षण हैं।

कोरोना की वजह से नेवादा में उनका चुनाव प्रचार कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। जिसके बाद राष्ट्रपति अपने गृह राज्य डेलावेयर के लिए रवाना हो गए, जहां वे स्वयं को खुद को सेल्फ क्वारंटीन करेंगे और स्वास्थ्य लाभ लेंगे। बुधवार को बाइडेन की फिर से चुनाव लड़ने की कोशिश को सबसे बड़ी चुनौती प्रतिनिधि सभा में वरिष्ठ डेमोक्रेटिक सदस्य एडम शिफ ने दी। वो अमेरिकी सीनेट के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, और राष्ट्रपति को पद से हटाने की मांग करने वाले सबसे नए डेमोक्रेट्स में शामिल हो गए हैं। शिफ पूर्व स्पीकर नैन्सी पेलोसी के बहुत करीबी हैं, जो पार्टी के अन्य नेताओं के साथ मिलकर राष्ट्रपति को बाहर निकालने की कोशिश कर रही हैं। शिफ ने एक बयान में लिखा, जो बाइडेन हमारे देश के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रपतियों में से एक रहे हैं, और सीनेटर, उपराष्ट्रपति और अब राष्ट्रपति के रूप में उनकी आजीवन सेवा ने हमारे देश को बेहतर बनाया है। लेकिन हमारा देश एक दो राहे पर खड़ा है। ट्रम्प का दूसरा राष्ट्रपति बनना हमारे लोकतंत्र की नींव को कमजोर कर देगा, और मुझे इस बात की फिक्र है कि क्या राष्ट्रपति नवंबर में डोनाल्ड ट्रम्प को हरा पाएंगे? बाइडेन ने पद छोड़ने की किसी भी सलाह को अस्वीकार कर दिया है और दौड़ में बने रहने की कसम खाई है, लेकिन उनकी उम्र को देखते हुए उनका कोविड-19 संक्रमण उनके संकल्प को गंभीर रूप से चुनौती दे सकता है।

व्हाइट हाउस के डॉक्टर केविन ओ कॉनर ने जीन-पियरे द्वारा जारी किए गए उसी बयान में कहा, बाइडेन में अभी हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, जैसे नाक बहना और खांसी। उन्हें थकान भी महसूस हो रही है। कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद बाइडेन को एंटी वायरल दवा पैक्सलोविड दी गई है। उन्होंने अपनी पहली खुराक ले ली उन्हें दिन के अपने पहले कार्यक्रम के लिए ठीक लगा, लेकिन यह देखते हुए कि वह बेहतर महसूस नहीं कर रहे थे, एहतियातन कोविड 19 टेस्ट किया गया जो पॉजिटिव आया। डॉक्टर ने कहा, उनके लक्षण हल्के बने हुए हैं। उनका तापमान सामान्य रूप से 97.8 है और उनकी पल्स ऑक्सीमेट्री सामान्य रूप से 97 प्रतिशत है। राष्ट्रपति को पैक्सलोविड की पहली खुराक मिल गई है। वह रेहोबोथ में अपने घर में खुद को अलग रखेंगे। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 19 Jul 2024 01:50:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नेपाल में भूस्खलन बस हादसे में अभी तक 19 शव बरामद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नपल-म-भसखलन-बस-हदस-म-अभ-तक-19-शव-बरमद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नपल-म-भसखलन-बस-हदस-म-अभ-तक-19-शव-बरमद</guid>
        <description>काठमांडू, 18 जुलाई नेपाल के चितवन जिले में पिछले सप्ताह दो बसों के भूस्खलन के मलबे के साथ नदी में बहने के बाद बचावकर्मियों ने अब तक 19 शव बरामद किए हैं, जिनमें चार भारतीय भी शामिल हैं। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

भूस्खलन की यह घटना शुक्रवार को चितवन जिले के नारायणघाट-मुगलिंग मार्ग पर सिमलताल इलाके में हुई थी। 54 लोगों में से तीन लोग घटना के तुरंत बाद तैरकर सुरक्षित निकल गए।

बीरगंज से काठमांडू जा रही पहली बस में सात भारतीय नागरिकों समेत 24 यात्री थे। काठमांडू से गौर जा रही दूसरी बस में 30 लोग सवार थे। भारी भूस्खलन की वजह से दोनों बसें त्रिशूली नदी में गिर गई थीं।

दोनों बसों से जुड़े हादसे में दुर्घटना स्थल से अब तक 19 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। सशस्त्र पुलिस बल (एसएसबी) के सूत्रों के अनुसार, 19 में से चार शव भारतीय नागरिकों के हैं।

पांच पुरुष शवों की अभी तक पहचान नहीं हुई है।

पुलिस के अनुसार नेपाल के स्थानीय अधिकारी बचाव कार्य के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश के भारतीय अधिकारियों के साथ समन्वय बना रहे हैं। खोज और बचाव कार्य बृहस्पतिवार को भी जारी रहा।

बुधवार को चले अभियान के दौरान 27 वर्षीय भारतीय नागरिक विवेक कुमार का शव बरामद किया गया।

इससे पहले ऋषि पाल शाह (28), जय प्रकाश ठाकुर (30) और सज्जाद अंसारी (23) समेत कुल तीन शव बरामद किए गए।

अधिकारियों ने बचाव कार्यों में सहायता के लिए उच्च गुणवत्ता वाले सोनार कैमरे, शक्तिशाली चुंबक और जल ड्रोन का उपयोग किया।

दोनों बसों में सवार यात्रियों के शव त्रिशूली नदी में 100 किलोमीटर दूर तक बह गए।

पहाड़ी इलाकों की वजह से नेपाल की नदियों का बहाव आम तौर पर तेज होता है। पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के कारण जलमार्ग भी उफान पर हैं और कीचड़ तथा मलबे की वजह से उनका पानी का रंग गहरा भूरा हो गया है, जिससे मलबे को देख पाना और भी मुश्किल हो गया है।

मानसून के मौसम में जून से सितंबर तक नेपाल में भारी बारिश होती है, जिससे अक्सर इस पर्वतीय हिमालयी देश में भूस्खलन की घटनाएं होती हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 19 Jul 2024 01:50:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लीबिया के एक शहर में एक सामूहिक कब्र से 24 अज्ञात शव बरामद किए गए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लबय-क-एक-शहर-म-एक-समहक-कबर-स-24-अजञत-शव-बरमद-कए-गए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लबय-क-एक-शहर-म-एक-समहक-कबर-स-24-अजञत-शव-बरमद-कए-गए</guid>
        <description>काहिरा, 17 जुलाईलीबिया के सिर्ते शहर में एक सामूहिक कब्र मिली है जिसमें से 24 अज्ञात शव बरामद किए गए हैं। इस शहर पर कभी इस्लामिक स्टेट समूह का कब्जा था। लीबिया की एक सरकारी एजेंसी ने यह जानकारी दी।

लापता लोगों की तलाश और पहचान के लिए काम करने वाली राष्ट्रीय एजेंसी ने बताया कि उनकी टीम को राजधानी त्रिपोली से लगभग 450 किलोमीटर पूर्व में सिर्ते शहर में 24 शव मिले हैं जिनमें से 17 शव तबाह हो चुकी इमारतों के नीचे से बरामद किए गए हैं।

यह सामूहिक कब्र कब की है, इसके बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया।

दिसंबर 2016 में अमेरिका समर्थित बलों द्वारा आतंकवादियों को खदेड़े जाने से पहले, सिर्ते पर कई वर्षों तक आईएस का कब्जा रहा। इस आतंकी गुट ने 2011 के विद्रोह के बाद लीबिया में फैली अशांति का फायदा उठाया।

लीबिया के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने जांच के लिए कुल 59 अज्ञात शवों के डीएनए नमूने लिए हैं। यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जिन शवों के नमूने लिये गए हैं उनमें सिर्ते में बरामद 24 शव भी शामिल हैं या नहीं।

इन शवों को शहर के एक कब्रिस्तान में दफना दिया गया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 18 Jul 2024 01:32:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन कोविड 19 से हुए संक्रमित</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-ज-बइडन-कवड-19-स-हए-सकरमत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-ज-बइडन-कवड-19-स-हए-सकरमत</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन कोविड-19 से संक्रमित हो गए हैं. बाइडन कोविड संक्रमित तब हुए हैं, जब उन पर डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ़ से ही दबाव बढ़ रहा है कि राष्ट्रपति की रेस से वह बाहर हो जाएं और किसी और को मौक़ा दें. कोविड संक्रमित होने के बाद बाइडन पर यह दबाव और बढ़ सकता है.

व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी कैरीन जीन पियरे के मुताबिक़ अमेरिकी राष्ट्रपति को कोविड की वैक्सीन और बूस्टर लगा हुआ है.

प्रेस सेक्रेटरी के मुताबिक़ इससे पहले भी बाइडन दो बार कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं.

कोविड से संक्रमित होने के बाद बाइडन ने भी इसकी जानकारी ट्वीट कर दी है.

जो बाइडन के मुताबिक़ वो अच्छा महसूस कर रहे हैं और उन्होंने लोगों के उनकी दुआओं के लिए धन्यवाद दिया है.

बाइडन बुधवार को लास वेगास में अपने समर्थकों से मिल रहे थे और लोगों से बात भी कर रहे थे. बाद में उन्होंने अपना चुनावी भाषण को रद्द कर दिया.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 18 Jul 2024 01:31:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस, यूक्रेन ने 95&amp;95 युद्धबंदियों की अदला&amp;बदली की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-न-95-95-यदधबदय-क-अदल-बदल-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-न-95-95-यदधबदय-क-अदल-बदल-क</guid>
        <description>कीव, 17 जुलाई। यूक्रेन और रूस ने 95-95 युद्धबंदियों की अदला-बदली की है। दोनों देशों के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

इससे पूर्व, तीन सप्ताह पहले भी युद्धबंदियों की इस तरह की अदला-बदली की गई थी। यह बंदी बनाए गए सैनिकों को वापस भेजने के लिए कभी-कभार होने वाले समझौतों का हिस्सा है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस अदला-बदली की सूचना दी।

फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले की शुरुआत के बाद से 54 बार युद्धबंदियों की अदला-बदली हो चुकी है। ना तो रूस और ना ही यूक्रेन ने युद्धबंदियों की संख्या का खुलासा किया।

जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने फिर से समझौतों की मध्यस्थता की है। यूएई ने कहा कि उसका रूस और यूक्रेन दोनों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध कायम है।

जेलेंस्की ने पोस्ट में लिखा, चाहे यह कितना भी मुश्किल क्यों न हो, हम उन सभी की तलाश कर रहे हैं जो कैद में हैं। हमें सभी को वापस लाना होगा।

रिहा किए गए यूक्रेन के नागरिकों में कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने दो साल से ज्यादा समय तक कैद में बिताया। यूक्रेन के युद्धबंदियों के समन्वय मुख्यालय ने बताया कि उन्हें कीव क्षेत्र में रूस के शुरुआती आक्रमण और पूर्वी लुहांस्क क्षेत्र में लड़ाई के दौरान मारियुपोल में पकड़ा गया था।

मुख्यालय ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3,400 से ज्यादा लोग रूस की कैद से वापस लौटे हैं। इनमें सैन्य और असैन्य दोनों तरह के लोग शामिल हैं।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रिहा किए गए रूसी सैनिकों को चिकित्सा उपचार और पुनर्वास के लिए मॉस्को ले जाया जाएगा।

जनवरी में रूस और यूक्रेन ने सैकड़ों युद्धबंदियों की अदला-बदली की थी, जो कि एक बार में रिहा किए गए बंदियों की सर्वाधिक संख्या है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 18 Jul 2024 01:31:54 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मधु खन्ना की &amp;apos;तंत्र ऑन द एज&amp;apos; ने ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर आर्ट बुक प्राइज 2024 जीता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मध-खनन-क-ततर-ऑन-द-एज-न-ऑकसफरड-बकसटर-आरट-बक-परइज-2024-जत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मध-खनन-क-ततर-ऑन-द-एज-न-ऑकसफरड-बकसटर-आरट-बक-परइज-2024-जत</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 17 जुलाई। कला इतिहासकार मधु खन्ना ने अपनी पुस्तक तंत्र ऑन द एज के लिए ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर आर्ट बुक प्राइज का दूसरा संस्करण जीता है।

भारत और श्रीलंका में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर द्वारा मंगलवार को आयोजित पुरस्कार समारोह में खन्ना और पुस्तक के प्रकाशक डीएजी को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और एक लाख रुपये नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

खन्ना ने कहा, इस पुस्तक को लिखना जुनून और समर्पण की यात्रा रही है। जैसे-जैसे हम हिंसा और पारिस्थितिकीय क्षरण से त्रस्त 21वीं सदी में प्रवेश कर रहे हैं, हमें अतीत के गुमनाम शिल्पी-योगियों और ऋषि-विद्वानों से विरासत में मिली तंत्र और योग की आध्यात्मिक विरासत को पुनः प्राप्त करना होगा।

उन्होंने कहा, उनकी विरासत के कारण ही हम आज तंत्र कला और उसके दर्शन की कालातीत आधुनिकता का जश्न मना पा रहे हैं।

निर्णायक मंडल में स्टेनर के अलावा कला इतिहासकार अलका पांडे और ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर्स की प्रीति पॉल शामिल थीं। निर्णायक मंडल ने विजयी पुस्तक के अतिरिक्त - दो अन्य पुस्तकों की भी सराहना की जिसमें नियोगी बुक्स द्वारा प्रकाशित शिल्पा शाह और रोजमरी क्रिल की द शूमेकर्स स्टिच: मोची एम्ब्रॉयडरीज ऑफ गुजरात इन द तापी कलेक्शन तथा एलेफ बुक कंपनी द्वारा प्रकाशित थोटा वैकुंठम्स थोटा वैकुंठम: ए सेलिब्रेशन शामिल हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 18 Jul 2024 01:31:53 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>आरज़ू राणा देऊबा बनीं नेपाल की विदेश मंत्री, भारत के साथ सीमा विवाद पर क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/आरज-रण-दऊब-बन-नपल-क-वदश-मतर-भरत-क-सथ-सम-ववद-पर-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/आरज-रण-दऊब-बन-नपल-क-वदश-मतर-भरत-क-सथ-सम-ववद-पर-कय-कह</guid>
        <description>नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने डॉ. आरज़ू राणा देऊबा को विदेश मंत्री बनाया है. सोमवार को उन्होंने अपना पद संभाल लिया.

पद संभालते ही उन्होंने कहा कि सीमा विवाद तथ्यों और सबूतों को आधार पर सुलझाए जाने चाहिए. इससे पड़ोसी देशों के साथ अनावश्यक विवाद ख़त्म हो जाएंगे.

उन्होंने कहा कि पहले की तरह ये ज़रूरी नहीं है कि पड़ोसी देशों के साथ सीमा विवाद सीमा पर लगे पिलर्स की गिनती करके सुलझाया जाए.

उन्होंने कहा, हम भारत के साथ अपने सीमा विवाद भूगोल, इतिहास और जीपीएस आधारित नए वैज्ञानिक नक्शों के मुताबिक़ सुलझाएंगे, हमारे पास पहले की तुलना में अब ज्यादा जानकारी, तथ्य और सुबूत हैं. इसलिए इस बात पर अब चिंता करने की जरूरत नहीं है कि कौन सी बाउंड्री पिलर कहां है.

आरज़ू देऊबा ने कहा,अब तथ्य सामने हैं. लिहाजा अब हम अपने सीमा विवाद सुलझा सकते हैं. मेरी जानकारी में महाकाली सीमाई नदी है. भारत और नेपाल दोनों के पास इस तक पहुंच है. इसलिए इस मामले में हमेशा विवाद रहा है.

राणा नेपाल की चौथी महिला विदेश मंत्री हैं . उनसे पहले बिमला राय पौडेल, सुजाता कोइराला और सहाना प्रधान नेपाल की विदेश मंत्री रह चुकी हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 16 Jul 2024 01:09:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>वैज्ञानिकों ने चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को आश्रय देने में उपयोग आ सकने वाली गुफा की पुष्टि की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वजञनक-न-चदरम-पर-अतरकष-यतरय-क-आशरय-दन-म-उपयग-आ-सकन-वल-गफ-क-पषट-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वजञनक-न-चदरम-पर-अतरकष-यतरय-क-आशरय-दन-म-उपयग-आ-सकन-वल-गफ-क-पषट-क</guid>
        <description>केप कैनावेरल (अमेरिका), 15 जुलाई। वैज्ञानिकों ने चंद्रमा पर एक गुफा होने की पुष्टि की है, जो उस स्थान से ज्यादा दूर नहीं है जहां 55 वर्ष पहले नील आर्मस्ट्रांग और बज एल्ड्रिन उतरे थे।

वैज्ञानिकों के अनुसार, वहां सैकड़ों और गुफाएं हो सकती हैं जिनमें भविष्य में अंतरिक्ष यात्री आश्रय ले सकते हैं।

इतालवी वैज्ञानिकों के नेतृत्व में एक टीम ने सोमवार को बताया कि चंद्रमा पर एक बड़ी गुफा होने के सबूत मिले हैं। यह अपोलो 11 के लैंडिंग स्थल से महज 250 मील (400 किलोमीटर) दूर सी ऑफ ट्रैंक्विलिटी में स्थित है।

यह गड्ढा, वहां खोजे गए 200 से अधिक अन्य गड्ढों की तरह, एक लावा ट्यूब के ढहने से बना था।

शोधार्थियों ने नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर द्वारा रडार मापों का विश्लेषण किया और पृथ्वी पर लावा ट्यूबों के साथ परिणामों की तुलना की। उनके निष्कर्ष नेचर एस्ट्रोनॉमी पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 16 Jul 2024 01:09:42 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता चीन का तकनीकी नवाचार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भवषय-क-मरग-परशसत-करत-चन-क-तकनक-नवचर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भवषय-क-मरग-परशसत-करत-चन-क-तकनक-नवचर</guid>
        <description>बीजिंग, 14 जुलाई । अमेरिकी तकनीकी घेराबंदी के बावजूद, चीन का तकनीकी नवाचार लगातार तेजी से विकसित हो रहा है। हाई-स्पीड रेलवे नेटवर्क का विस्तार और इसकी गुणवत्ता में सुधार जारी है, नई ऊर्जा ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है, 5जी तकनीक दुनिया में सबसे आगे है और इसकी प्रगति अंतरिक्ष अन्वेषण में विशेष रूप से प्रभावशाली है। चीन की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों ने दुनिया भर का ध्यान आकर्षित किया है और वैश्विक नवाचार परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। चीन अंतरराष्ट्रीय अत्याधुनिक नवाचार में एक महत्वपूर्ण भागीदार और वैश्विक समस्याओं को हल करने में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बन गया है।

चीन एक नवोन्वेषी देश बनता जा रहा है। चीन की वैज्ञानिक अनुसंधान शक्ति में सुधार का श्रेय कई कारकों को दिया जाता है। सबसे पहले, चीन ने अनुसंधान एवं विकास के खर्च और निवेश में वृद्धि की है, अपने प्रतिभाओं की संख्या बढ़ा दी है और वैज्ञानिक अनुसंधान के बुनियादी ढांचे और उपकरणों की बड़ी उन्नति की है। दूसरा, चीन ने अपनी अनुसंधान एवं विकास प्रणाली में लगातार सुधार किया है, प्रतिभा प्रबंधन को मजबूत किया है और अनुसंधान एवं विकास संसाधनों की प्रबंधन दक्षता में सुधार किया है। तीसरा, चीन अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग तथा वैज्ञानिक शोधकर्ताओं के आदान-प्रदान से लाभान्वित हुआ है। चीन के अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग पैटर्न से, हम चीन के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास की झलक पा सकते हैं।

बेल्ट एंड रोड के संयुक्त निर्माण से, चीन विकासशील देशों को वैज्ञानिक और तकनीकी मदद देता है। चीन अंतरराष्ट्रीय मानकों के निर्माण में भी सक्रिय रूप से भाग ले रहा है और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और तकनीकी मामलों में नियम-निर्माता बन रहा है। अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संगठनों में अधिक से अधिक चीनी लोग दिखते हैं। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 15 Jul 2024 01:29:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इटली में 33 कृषि मजदूरों से बंधुआ मजदूरी कराने के आरोप में दो भारतीय नागरिक गिरफ्तार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इटल-म-33-कष-मजदर-स-बधआ-मजदर-करन-क-आरप-म-द-भरतय-नगरक-गरफतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इटल-म-33-कष-मजदर-स-बधआ-मजदर-करन-क-आरप-म-द-भरतय-नगरक-गरफतर</guid>
        <description>रोम, 14 जुलाई। इटली के वेरोना प्रांत में 33 कृषि श्रमिकों से बंधुआ मजदूरी कराने के आरोप में दो भारतीयों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी मजदूर भारतीय हैं। मीडिया में आई खबरों में यह जानकारी दी गई है।

इससे कुछ दिन पहले एक सिख कृषि मजदूर की मौत से देश स्तब्ध हो गया था।

समाचार एजेंसी एएनएसए ने शनिवार को खबर दी कि वित्त पुलिस ने संदिग्धों की 4,75,000 यूरो की संपत्ति भी जब्त की है, जो कृषि क्षेत्र की दो कंपनियों के मालिक हैं और इनमें कोई कर्मचारी नहीं है और उनपर कर चोरी का आरोप भी है।

इतालवी समाचार एजेंसी ने बताया कि दो लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ बंधुआ मजदूरी और श्रमिकों के शोषण सहित अन्य अपराधों के लिए जांच की जा रही है।

इटली में बंधुआ मजदूरी के आधुनिक रूपों का मुद्दा हाल में 31 वर्षीय सिख कृषि मजदूर सतनाम सिंह की मौत के बाद मीडिया का ध्यान आकृष्ट किया। पिछले महीने रोम के पास लाजियो में एक मशीन की चपेट में आने से उसकी भुजा कट गई थी और नियोक्ता ने उसे उसके हाल पर छोड़ दिया। सिंह की ज्यादा खून बहने की वजह से मौत हो गई थी।

इटली के प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने पिछले महीने कहा था कि देश के खेतों में काम करने वाले हजारों भारतीय प्रवासियों में से एक सिंह अमानवीय कृत्यों का शिकार हुए हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 15 Jul 2024 01:29:42 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सोमालिया में कैफे के बाहर विस्फोट में पांच लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/समलय-म-कफ-क-बहर-वसफट-म-पच-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/समलय-म-कफ-क-बहर-वसफट-म-पच-लग-क-मत</guid>
        <description>मोगादिशू (सोमालिया), 15 जुलाई। सोमालिया की राजधानी मोगादिशू में रविवार को एक कैफे के बाहर हुए बम विस्फोट में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

सोमाली पुलिस के प्रवक्ता मेजर अब्दिफिताह अदेन हस्सा ने बताया कि कुछ लोग कैफे के अंदर टीवी पर स्पेन और इंग्लैंड के बीच यूरोपियन चैंपियनशिप फुटबॉल मैच का फाइनल देख रहे थे तभी बाहर एक कार में विस्फोट हो गया। यह कार विस्फोटकों से भरी हुई थी।

उन्होंने पत्रकारों को बताया कि हमले में कम से कम 20 अन्य लोग घायल हुए हैं।

घटनास्थल की बताई जा रहीं कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर आई हैं जिनमें विस्फोट के बाद कैफे के बाहर आग दिखाई दे रही है।

चश्मदीद इस्माइल अदेन ने फोन पर बताया, कुछ दर्शक कैफे की दीवार फांदने की कोशिश करते हुए घायल हो गए जबकि कुछ भगदड़ में घायल हो गए।

उन्होंने कहा कि विस्फोट के समय अधिकतर पीड़ित सड़क पर थे।

यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि हमले के लिए कौन जिम्मेदार है।

सोमालिया की सरकार चरमपंथी समूह अल-शबाब के खिलाफ आक्रामक अभियान चला रही है। इस समूह को अमेरिका ने अल-कायदा के सबसे खतरनाक संगठनों में से एक बताया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 15 Jul 2024 01:29:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हवाई के काउई द्वीप के पास हेलीकॉप्टर दुर्घनाग्रस्त, एक यात्री की मौत और दो लापता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हवई-क-कउई-दवप-क-पस-हलकपटर-दरघनगरसत-एक-यतर-क-मत-और-द-लपत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हवई-क-कउई-दवप-क-पस-हलकपटर-दरघनगरसत-एक-यतर-क-मत-और-द-लपत</guid>
        <description>होनोलूलू, 12 जुलाईअमेरिकी राज्य हवाई के काउई द्वीप के पास बृहस्पतिवार को एक हेलीकॉप्टर दुर्घनाग्रस्त हो गया, जिसमें एक यात्री की मौत हो गई और दो लापता हैं। काउई पुलिस ने यह जानकारी दी।

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) के अनुसार, रॉबिन्सन आर44 नामक हेलीकॉप्टर में तीन यात्री सवार थे, लेकिन दोपहर करीब दो बजे हेलीकॉप्टर ना पाली तट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

तटरक्षक प्रमुख पेटी ऑफिसर कोरिन जिल्निकी ने बताया कि घटनास्थल से गुजर रहे एक पैदल यात्री ने हेलीकॉप्टर को दुर्घटनाग्रस्त होते हुए देखा था। इसके बाद उसने अमेरिकी तटरक्षक और हवाई एजेंसी को इसके बारे में सूचना दी।

कोरिन ने बताया कि राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड इस घटना की जांच करेगा।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 13 Jul 2024 01:59:25 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मॉस्को के पास रूसी यात्री विमान क्रैश, तीन क्रू मेंबर्स की मौत की संभावना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मसक-क-पस-रस-यतर-वमन-करश-तन-कर-मबरस-क-मत-क-सभवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मसक-क-पस-रस-यतर-वमन-करश-तन-कर-मबरस-क-मत-क-सभवन</guid>
        <description>रूस का एक यात्री विमान शुक्रवार को मॉस्को के पास जंगल में क्रैश हो गया.

रूसी आपातकालीन मंत्रालय के मुताबिक़, विमान में सिर्फ़ क्रू मेंबर्स सवार थे.

मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर बताया कि, सुखोई सुपरजेट 100 एक जंगल में क्रैश हो गया और ऐसा माना जा रहा है कि विमान में मौजूद सभी तीन क्रू मेंबर्स की मौत हो गई है.

रूस के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि मरम्मत कार्य के बाद परीक्षण उड़ान के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ.

रूस कुछ समय से पश्चिमी देशों द्वारा निर्मित विमानों को बदलने के लिए एक स्वदेशी विमान सुखोई सुपरजेट विकसित कर रहा है.

साल 2022 में यूक्रेन पर किए गए हमले के बाद रूस को भारी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है. पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वज़ह से रूस को अपने पुराने विमान बेड़े को बदलने के लिए संघर्ष करना पड़ा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 13 Jul 2024 01:59:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लाहौर उच्च न्यायालय में पहली बार महिला बनी मुख्य न्यायधीश</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लहर-उचच-नययलय-म-पहल-बर-महल-बन-मखय-नययधश</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लहर-उचच-नययलय-म-पहल-बर-महल-बन-मखय-नययधश</guid>
        <description>(एम. जुल्करनैन)

लाहौर, 11 जुलाई। न्यायमूर्ति आलिया नीलम ने बृहस्पतिवार को लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश पद की शपथ ली। वह पाकिस्तान की पहली महिला हैं जो किसी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश के पद पर आसीन हुई हैं।

पंजाब के राज्यपाल सरदार सलीम हैदर खान ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। पंजाब सूबे की पहली महिला मुख्यमंत्री मरियम नवाज भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुईं।

न्यायमूर्ति नीलम (57) लाहौर उच्च न्यायालय में न्यायधीशों के वरिष्ठता क्रम में तीसरे स्थान पर थीं लेकिन पाकिस्तान के प्रधान न्यायधीश काजी फैज ईसा की अध्यक्षता वाले न्यायिक आयोग ने उन्हें इस पद के लिए नामित करने का फैसला किया।

नीलम को मुख्य न्यायधीश बनाने की घोषणा के साथ ही सोशल मीडिया पर उनकी सत्तारूढ़ शरीफ परिवार के सदस्यों के साथ खींची गई तस्वीर वायरल होने लगीं। इसके जरिये उनके विरोधी यह संकेत करना चाहते थे कि वह सत्तारूढ़ मुस्लिम लीग (नवाज) से जुड़ी हुई हैं।

न्यायमूर्ति नीलम का जन्म 12 नवंबर 1966 में हुआ और उन्होंने 1995 में पंजाब विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की एवं 1996 में वकील के तौर पर अपना पंजीकरण कराया।

न्यायमूर्ति नीलम ने 2008 में अधिवक्ता के तौर पर उच्चतम न्यायालय में पंजीकरण कराया। वह 2013 में लाहौर उच्च न्यायालय की अस्थायी न्यायधीश बनीं और 16 मार्च 2015 को उन्हें पदोन्नति देकर स्थायी न्यायधीश बना दिया गया।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 12 Jul 2024 02:23:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>प्यार की तलाश में दो अफ्रीकी शेरों ने की सबसे लंबी तैराकी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पयर-क-तलश-म-द-अफरक-शर-न-क-सबस-लब-तरक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पयर-क-तलश-म-द-अफरक-शर-न-क-सबस-लब-तरक</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 11 जुलाई। शेरनियों के प्यार की तलाश में दो शेरों ने दरियाई घोड़ों और मगरमच्छों से प्रभावित मानी जाने वाली अफ्रीकी नदी को 1.3 किलोमीटर तक तैरकर पार किया। इससे यह दृश्य साक्ष्य के साथ अफ्रीकी शेरों का सबसे लंबे समय तक तैरने का रिकॉर्ड बन गया। संबंधित दोनों शेर आपस में भाई बताए जाते हैं।

पत्रिका इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन में प्रकाशित अध्ययन के लेखकों के अनुसार, शेरनियों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करने और तैराकी से पहले के घंटों में मादा प्रेम के लिए लड़ाई हारने के बाद दोनों शेरों ने खतरनाक यात्रा पर निकलने का निर्णय किया क्योंकि उन्हें नदी के दूसरी ओर शेरनी मिलने की संभावना थी।

अध्ययन से जुड़े लोगों ने ड्रोन कैमरों की मदद से काज़िंगा चैनल को पार करने से पहले युगांडा में क्वीन एलिजाबेथ नेशनल पार्क से गुजरते शेरों का वीडियो बनाया।

मानव हस्तक्षेप और अवैध शिकार के कारण पैंथेरा प्रजाति के शेरों की आबादी केवल पांच वर्षों में लगभग आधी हो गई है।

इन शेर भाइयों की जोड़ी में से एक कई प्राणघातक घटनाओं से बचने के लिए जाना जाता है। अध्ययनर्ताओं ने इसे जैकब नाम दिया और कहा कि यह एक स्थानीय नायक है।

अध्ययन का सह-नेतृत्व करने वाले ग्रिफ़िथ विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के लेखक अलेक्जेंडर ब्रैक्ज़कोव्स्की ने कहा, हम सर्वाधिक जोखिम का सामना करने वाले अफ्रीकी शेर को देख रहे हैं। उस पर एक भैंसे ने हमला किया, उसके परिवार को शेर के शरीर के अंगों के व्यापार के लिए जहर दे दिया गया था, वह शिकारियों के जाल में फंस गया था, और अंततः अवैध शिकार की दूसरी घटना में उसने तब अपना पैर खो दिया वह स्टील के जाल में फंस गया।

अध्ययन से संबंधित एक वीडियो फुटेज में नदी के पास पहुंचने से पहले जैकब नेशनल पार्क में लंगड़ाते हुए और अपने भाई टीबू को रास्ता दिखाते हुए दिखता है।

दोनों शेर एक फरवरी 2024 को पानी के किनारे चलना शुरू करते हैं और पानी में प्रवेश करते हैं। उन्हें किसी संभावित खतरे- किसी जानवर या धारा का सामना करने से पहले हर बार एक निश्चित दूरी तक तैरकर चैनल पार करने के तीन प्रयास करते हुए देखा जा सकता है। फिर मजबूरन उन्हें वापस किनारे पर जाना पड़ता है।

चौथे प्रयास में, दोनों भाई अंततः तैरकर नदी पार करने में सफल हो गए और चार फरवरी को पार्क के कटुंगुरू क्षेत्र में पहुंच गए।

साथी और आवास की तलाश में शेरों की यह तैराकी उनकी आबादी में विषम लिंग अनुपात का प्रत्यक्ष उदाहरण है।

ब्रैक्ज़कोव्स्की ने कहा, जैकब और टीबू की बड़ी तैराकी इस बात का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है कि हमारी कुछ सबसे प्रिय वन्यजीव प्रजातियों को मानव-प्रधान दुनिया में आवास और साथी खोजने के लिए कठिन निर्णय लेने पड़ रहे हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 12 Jul 2024 02:23:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एप्पल ने ईयू के अंदर अपने प्रतिद्वंद्वियों के पेमेंट सिस्टम को अनुमति दी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एपपल-न-ईय-क-अदर-अपन-परतदवदवय-क-पमट-ससटम-क-अनमत-द</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एपपल-न-ईय-क-अदर-अपन-परतदवदवय-क-पमट-ससटम-क-अनमत-द</guid>
        <description>एप्पल ने मोबाइल पेमेंट को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद को निपटाने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ एक समझौता किया है.

कंपनी को आईफोन पर एप्पल-पे के प्रतिद्वंद्वियों को ब्लॉक करने पर भारी जुर्माना देना पड़ रहा था.

लेकिन चार साल की जांच के बाद एप्पल ने यूरोपीय संघ के अंदर अपने प्रतिद्वंद्वियों के पेमेंट सिस्टम को अपने प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है.

यूरोपियन कमिशन ने कहा कि, ये ऑफर एक दशक के लिए है. यह प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा और मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं को भुगतान करने के सुरक्षित तरीका प्रदान करेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 12 Jul 2024 02:23:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान के पेशावर में लैंडिंग के वक़्त एक यात्री विमान में लगी आग</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-पशवर-म-लडग-क-वकत-एक-यतर-वमन-म-लग-आग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-पशवर-म-लडग-क-वकत-एक-यतर-वमन-म-लग-आग</guid>
        <description>सऊदिया एयरलाइंस के एक पैसेंजर विमान में पाकिस्तान के पेशावर में लैंडिंग के दौरान आग लग गई.

फ़्लाइट में मौजूद सभी 276 यात्रियों और 21 क्रू को स्लाइड के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

बाचा ख़ान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने बताया कि, सऊदिया एयरलाइंस की फ़्लाइट में आग लगने से पहले लैंडिंग के दौरान टायर के पास चिंगारी और धुआं देखा गया. जिसके बाद फ़ायर फ़ाइटर और बचाव सेवाएं रनवे की ओर दौड़ीं.

वहीं सऊदिया एयरलाइंस ने आधिकारिक स्टेटमेंट जारी कर बताया कि, रियाद से पेशावर जा रही फ्लाइट नंबर एसवी792 की एक टायर से लैंडिंग के दौरान धुंआ निकलने लगा. जिसके बाद एयरक्राफ्ट को तुरंत रोका गया और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई. सभी गेस्ट और क्रू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 12 Jul 2024 02:23:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन को रूस के साथ संबंधों के परिणाम भुगतने पड़ेंगे: बाइडन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-क-रस-क-सथ-सबध-क-परणम-भगतन-पडग-बइडन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-क-रस-क-सथ-सबध-क-परणम-भगतन-पडग-बइडन</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 12 जुलाई। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस की मदद करने के परिणाम चीन को भुगतने होंगे। बाइडन ने साथ ही कहा कि कुछ यूरोपीय देश चीन में अपने निवेश में कटौती करने जा रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यहां संवाददाताओं से कहा,  हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि शी चिनफिंग (चीन के राष्ट्रपति) इस बात को समझें कि प्रशांत बेसिन के साथ-साथ यूरोप को नुकसान पहुंचाने की कीमत चुकानी पड़ेगी । यही बात रूस तथा यूक्रेन के मुद्दे पर भी है।

उन्होंने कहा, जैसे उदाहरण के लिए यदि आप चीन में निवेश करना चाहते हैं, तो इसमें 51 फीसदी चीन की हिस्सेदारी होना जरूरी है, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप उनके नियमों के अनुसार काम करें और अपने पास मौजूद सभी डेटा और जानकारी तक उन्हें पहुंच प्रदान करनी होगी।

वो बाजार कंपनियों को काफी मोहक लगता था क्योंकि एक अरब से अधिक लोगों तक पहुंच मिलती थी।

बाइडन ने कहा, वे ऐसा कर रहे थे लेकिन जब हमने यह कहना शुरू किया कि हम भी समान नियमों से काम करेंगे तो फिर उसमें कमी आई। उदाहरण के लिए वे सरकारी वित्तपोषण द्वारा उत्पादों को रियायत देने संबंधी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन नहीं करते।तो इस प्रकार वे बिना किसी महत्वपूर्ण शुल्क के अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को अमेरिका में निर्यात करने में सक्षम नहीं होंगें।

उन्होंने कहा, अन्य देश भी दुनिया भर में यही कर रहे हैं, लेकिन यह चिंता का विषय है। चीन, उत्तर कोरिया, रूस, ईरान जैसे देशों में हो सकता है कि अतीत में समन्वय नहीं रहा हो, वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे कैसे प्रभाव डाल सकते हैं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चीन से निपटने के लिए उनके पास एक रणनीति है।

उन्होंने कहा, इसके बारे में सार्वजनिक रूप से विस्तार से बात नहीं करूंगा। जब तक चीन, रूस को उसकी अर्थव्यवस्था में मदद करने के मामले में अप्रत्यक्ष समर्थन जारी रखता है और यूक्रेन में लड़ने की उनकी क्षमता में भी मदद करता है आप देखेंगे कि हमारे कुछ यूरोपीय मित्र चीन में अपने निवेश को कम करेंगे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 12 Jul 2024 02:23:42 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस से रिश्तों को लेकर चिंताओं के बावजूद रणनीतिक साझेदार बना रहेगा भारत : अमेरिका</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-स-रशत-क-लकर-चतओ-क-बवजद-रणनतक-सझदर-बन-रहग-भरत-अमरक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-स-रशत-क-लकर-चतओ-क-बवजद-रणनतक-सझदर-बन-रहग-भरत-अमरक</guid>
        <description>वाशिंगटन, 10 जुलाईअमेरिका के जो बाइडन प्रशासन ने कहा है कि रूस के साथ संबंधों को लेकर चिंताओं के बावजूद भारत वाशिंगटन का रणनीतिक साझेदार बना रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22वीं भारत-रूस शिखर वार्ता के लिए मॉस्को के दो दिवसीय दौरे पर गए थे। यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बातचीत पर पश्चिमी देशों की करीबी नजर थी।

मंगलवार को पुतिन से बातचीत में मोदी ने उनसे कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान युद्ध के मैदान पर संभव नहीं है और शांति के प्रयास बम और बुलेट के बीच सफल नहीं होते हैं।

अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन और विदेश विभाग के प्रवक्ताओं ने रूस के साथ भारत के रिश्तों और मोदी के मॉस्को दौरे से जुड़े सवालों पर मंगलवार को अलग-अलग प्रतिक्रिया दी।

पेंटागन के प्रेस सचिव मेजर जनरल पैट राइडर ने वाशिंगटन में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, भारत और रूस के बीच काफी लंबे समय से रिश्ते हैं। अमेरिका के नजरिये से, भारत एक रणनीतिक साझेदार है, जिसके साथ हम रूस से उसके रिश्तों को लेकर पूर्ण और स्पष्ट बातचीत करना जारी रख रहे हैं। चूंकि, यह इस हफ्ते होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से संबंधित है, इसलिए निश्चित रूप से, आपकी तरह ही दुनिया का ध्यान भी इस पर केंद्रित है।

वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमेरिका रूस से भारत के रिश्तों को लेकर अपनी चिंताओं के बारे में बिल्कुल स्पष्ट रहा है। उन्होंने कहा, हमने अपनी चिंताओं को निजी तौर पर सीधे भारत सरकार के समक्ष जाहिर किया है और हम ऐसा करना जारी रख रहे हैं। इसमें बदलाव नहीं हुआ है।

भारत ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की अभी तक निंदा नहीं की है। वह लगातार बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के समाधान की वकालत करता आया है।

राइडर ने कहा, मुझे नहीं लगता कि अगर (रूस के) राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस यात्रा (मोदी का रूस दौरा) को कुछ ऐसे पेश करें, जिससे किसी तरह यह दिखाया जा सके कि वह बाकी दुनिया से अलग-थलग नहीं हैं, तो कोई भी आश्चर्यचकित होगा। सच तो यह है कि राष्ट्रपति पुतिन के युद्ध का विकल्प चुनने से रूस बाकी दुनिया से अलग-थलग हो गया है और उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है।

राइडर ने कहा, उन्हें आक्रामकता की बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है और तथ्य इस बात की गवाही देते हैं। इसलिए, हम भारत को रणनीतिक साझेदार के तौर पर देखना जारी रखेंगे। हम उनके साथ ठोस बातचीत करना जारी रखेंगे।

एक संवाददाता ने कहा कि पुतिन उतने अलग-थलग नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रमुख अभी मॉस्को में है और उनसे गर्मजोशी से मिल रहा है।

इस पर राइडर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से भी मुलाकात की थी और उन्हें आश्वस्त किया था कि भारत यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए वह सब कुछ करना जारी रखेगा, जो उसके बस में है।

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हमें यकीन है कि भारत यूक्रेन में स्थायी और न्यायसंगत शांति कायम करने के प्रयासों का समर्थन करेगा और पुतिन को संयुक्त राष्ट्र चार्टर तथा संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों का पालन करने के महत्व से अवगत कराएगा।

मिलर ने कहा कि अमेरिका भारत से यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के आधार पर देश में स्थायी और न्यायसंगत शांति कायम करने के प्रयासों का समर्थन करने का लगातार आग्रह करता है। और यह मुद्दा ऐसा है, जिस पर हम भारत से बातचीत जारी रखेंगे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 11 Jul 2024 02:26:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ऑस्ट्रेलिया: पिता पर अपने तीन बच्चों को घर में जलाकर मारने का आरोप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ऑसटरलय-पत-पर-अपन-तन-बचच-क-घर-म-जलकर-मरन-क-आरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ऑसटरलय-पत-पर-अपन-तन-बचच-क-घर-म-जलकर-मरन-क-आरप</guid>
        <description>-हाना रिची

एक ऑस्ट्रेलियाई व्यक्ति पर अपने तीन बच्चों की हत्या करने और घर में आग लगाकर परिवार के सभी सदस्यों को मारने को कोशिश करने का आरोप लगाया गया है.

रविवार की सुबह सिडनी के इलाक़े में हुई इस घटना में आग में पांच महीने की एक बच्ची, ढाई साल और छह साल के दो बच्चों की मौत हो गई.

ढाई साल का बच्चा बहुत बुरी हालत में घर से बाहर निकलने में कामयाब रहा, उसे अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका.

पड़ोसियों और इमर्जेंसी सर्विस ने बाकी सदस्यों को घर से सुरक्षित निकालने की कोशिश की.

चार, सात और 11 साल की उम्र के तीन लड़के और एक नौ साल की लड़की अपनी मां के साथ बच गए.

28 वर्षीय व्यक्ति पर हत्या के तीन मामले, हत्या के प्रयास के पांच मामले और संपत्ति को नष्ट करने का एक आरोप है.

ये ख़बर ऐसे समय में आई है जब ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने घरेलू हिंसा को राष्ट्रीय संकट घोषित किया हुआ.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 11 Jul 2024 02:26:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फिलीपींस में आया 7.0 तीव्रता का भूकंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फलपस-म-आय-70-तवरत-क-भकप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फलपस-म-आय-70-तवरत-क-भकप</guid>
        <description>मनीला, 11 जुलाई । फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से सुल्तान कुदारत प्रांत में गुरुवार सुबह 7.0 तीव्रता का भूकंप आया। फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वॉलकैनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी ने ये जानकारी दी है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिकस, संस्थान ने कहा कि भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 10.13 बजे आया। यह 722 किलोमीटर की गहराई पर था और तटीय शहर पालेमबांग से लगभग 133 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। देश के दूसरे सबसे बड़े द्वीप मिंडानाओ के आस-पास के प्रांतों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, दावो ऑक्सिडेंटल, दावो ओरिएंटल, सारंगनी, दावो डे ओरो, दावो डेल नॉर्टे और कोटाबाटो में भी झटके महसूस किए गए। संस्थान ने कहा कि टेक्टोनिक भूकंप के कारण झटके तो आएंगे, लेकिन इससे नुकसान नहीं होगा। इसने कहा कि भूकंप के कारण सुनामी नहीं आएगी। फिलीपींस प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर पर स्थित है। यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 11 Jul 2024 02:26:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन में बच्चों के अस्पताल पर रूसी हमले के मुद्दे पर यूएन सुरक्षा परिषद की बैठक</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-म-बचच-क-असपतल-पर-रस-हमल-क-मदद-पर-यएन-सरकष-परषद-क-बठक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-म-बचच-क-असपतल-पर-रस-हमल-क-मदद-पर-यएन-सरकष-परषद-क-बठक</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र, 9 जुलाई । यूक्रेन में बच्चों के अस्पताल पर रूस के हमले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद मंगलवार को एक बैठक करेगी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। यूक्रेन के सबसे बड़े बच्चों के स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को रूसी हमला हुआ। उसी दिन रूस ने देश के अन्य हिस्सों में 40 मिसाइलें दागी। रूस इस महीने के लिए सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है। वह तीन स्थायी सदस्य, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस और अस्थायी सदस्य इक्वाडोर और स्लोवेनिया के अनुरोध पर बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता करेगा।

गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत नागरिकों और नागरिक संरचनाओं पर सीधे हमले करना प्रतिबंधित है, और इस तरह का कोई भी हमला स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसे तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कीव में ओखमतदित राष्ट्रीय बाल विशेष अस्पताल के अलावा, राजधानी में एक अन्य चिकित्सा सुविधा पर भी मिसाइलों से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि गुटेरेस का एक प्रतिनिधि सुरक्षा परिषद की बैठक में हिस्सा लेगा।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमले में बच्चों के अस्पताल में दो बच्चों और एक डॉक्टर की मौत हो गई। यहां युद्ध के कई पीड़ित बच्चों का इलाज चल रहा था। सोमवार को देश भर में हुए हमलों में कुल मिलाकर लगभग 40 लोग मारे गए। रूस और चीन द्वारा वीटो किए जाने के कारण परिषद यूक्रेन पर कार्रवाई करने में असमर्थ रही है - और इन हमलों पर कार्रवाई करने का कोई भी प्रयास भी विफल हो जाएगा क्योंकि रूस ही इस महीने सुरक्षा परिषद का प्रेसिडेंट है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 00:58:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाक में अज्ञात बंदूकधारियों के हमले में एक पुलिस अधिकारी और दो बच्चों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पक-म-अजञत-बदकधरय-क-हमल-म-एक-पलस-अधकर-और-द-बचच-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पक-म-अजञत-बदकधरय-क-हमल-म-एक-पलस-अधकर-और-द-बचच-क-मत</guid>
        <description>पेशावर (पाकिस्तान), 9 जुलाई पाकिस्तान के अशांत उत्तरपश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मंगलवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने एक वाहन पर घात लगाकर हमला कर दिया जिसमें एक पुलिस अधिकारी और दो बच्चों की मौत हो गयी।

पुलिस ने बताया कि यह घटना खैबर पख्तूनख्वा के अशांत लक्की मारवत जिले में हुई जब एक मोटरसाइकिल पर सवार बंदूकधारियों ने पुलिस अधिकारी की कार पर हमला कर दिया था। कार में सवार दो महिलाएं किसी तरह बच गयीं।

इस घटना में आठ से 12 साल के दो बच्चों की मौत हो गयी।

पुलिस अधिकारी का परिवार चिकित्सा उपचार के लिए पेशावर जा रहा था तभी बंदूकधारियों ने कुर्रम टोल प्लाजा के समीप उनके वाहन पर गोलियां चलानी शुरू कर दी।

बचाव दलों ने पीड़ितों को एक स्थानीय अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और दोषियों को पकड़ने के लिए एक तलाश अभियान चलाया है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 00:58:04 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बम, बंदूकों और गोलियों के बीच शांति वार्ता सफल नहीं होती: प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बम-बदक-और-गलय-क-बच-शत-वरत-सफल-नह-हत-परधनमतर-मद-न-पतन-स-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बम-बदक-और-गलय-क-बच-शत-वरत-सफल-नह-हत-परधनमतर-मद-न-पतन-स-कह</guid>
        <description>मॉस्को, 9 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि बम, बंदूकों और गोलियों के बीच शांति वार्ता सफल नहीं होती और किसी संघर्ष का कोई समाधान युद्धक्षेत्र में संभव नहीं है।

दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष की पृष्ठभूमि में बातचीत की।

टेलीविजन पर प्रसारित अपने प्रारंभिक वक्तव्य में मोदी ने पुतिन और वैश्विक समुदाय को आश्वासन दिया कि भारत शांति के पक्ष में है और यूक्रेन में संघर्ष समाप्त करने में योगदान करने को तैयार है।

उन्होंने कहा, नई पीढ़ी के लिए उज्ज्वल भविष्य के नाते शांति अत्यंत आवश्यक है....बम, बंदूकों और गोलियों के बीच शांति वार्ता सफल नहीं होती।

प्रधानमंत्री ने सोमवार को पुतिन के साथ हुई अनौपचारिक बातचीत का भी जिक्र किया और कहा कि रूस के राष्ट्रपति को सुनने से उम्मीद बनी।

मोदी ने कहा, अगर लोगों की जान जाती है तो मानवता में विश्वास करने वाला हर व्यक्ति दुखी होता है। उस पर भी यदि बेगुनाह बच्चों की हत्या हो, निर्दोष बच्चे मरें तो यह हृदय-विदारक और बहुत पीड़ादायी होता है।

उन्होंने कहा, कल हमारी बैठक में हमने यूक्रेन के मुद्दे पर एक दूसरे के विचारों को सुना और मैंने आपके समक्ष शांति तथा स्थिरता पर ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी रखा।

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में रूस द्वारा भारत की मदद का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि जब दुनिया खाद्य पदार्थों, ईंधन और उर्वरक की कमी का सामना कर रही थी, तब हमने अपने किसानों के समक्ष कोई समस्या नहीं आने दी और रूस के साथ हमारी दोस्ती ने इसमें भूमिका निभाई।

मोदी ने कहा, हम चाहते हैं कि रूस के साथ हमारा सहयोग और बढ़े ताकि हमारे किसानों का कल्याण हो।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध लोगों को अत्यंत लाभ पहुंचाएंगे।

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद की चुनौतियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, भारत करीब 40 साल से आतंकवाद की चुनौती का सामना कर रहा है। मैं आतंकवाद के सभी स्वरूपों की निंदा करता हूं।

मोदी ने कहा कि दुनिया को पिछले पांच साल में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है जिनमें पहली कोविड-19 की वजह से थी और फिर अनेक संघर्षों के कारण सामने आईं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 00:57:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नेटो बैठक में बाइडन ने यूक्रेन को दर्जनों एयर डिफ़ेंस सिस्टम देने का किया एलान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नट-बठक-म-बइडन-न-यकरन-क-दरजन-एयर-डफस-ससटम-दन-क-कय-एलन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नट-बठक-म-बइडन-न-यकरन-क-दरजन-एयर-डफस-ससटम-दन-क-कय-एलन</guid>
        <description>वॉशिंगटन डीसी में आयोजित अमेरिका की अगुवाई वाले सैन्य गुट नेटो की बैठक में राष्ट्रपति बाइडन ने यूक्रेन को दर्जनों एयर डिफ़ेंस सिस्टम देने की बात कही है.

नेटो की बैठक में अपने भाषण में बाइडन ने कहा कि अमेरिका और चार अन्य पश्चिमी देश एयर डिफ़ेंस सिस्टम देंगे तो आने वाले महीनों में यूक्रेन को दे दिए जाएंगे.

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस पैकेज में पैट्रियल मिसाइल सिस्टम, अन्य टैक्टिकल एयर डिफ़ेंस सिस्टम और इसके पार्ट्स शामिल होंगे.

अमेरिका के अलावा जर्मनी, नीदरलैंड्स, रोमानिया और इटली एयर डिफ़ेंस सिस्टम की आपूर्ति करेंगे.

इस साल के अंत तक एयर डिफ़ेंस सिस्टम के बारे में आगे फैसला किया जाएगा और इसमें ब्रिटेन, कनाडा, नॉर्वे स्पेन शामिल होंगे.

रूस के ताज़ा मिसाइल हमलों के बाद मंगलवार को यूक्रेन के अधिकारियों ने अतिरिक्त एयर डिफ़ेंस सिस्टम मुहैया कराने की अपील की थी.

यूक्रेन में बच्चों के एक अस्पताल पर मिसाइल गिरने की वजह से 36 लोग मारे गए और 140 लोग घायल हुए हैं.

नेटो देशों की बैठक में बाइडन का भाषण पहले प्रेसिडेंशियल डिबेट के मुकाबले जोशीला और सधा हुआ था.

विश्लेषक मान रहे हैं कि अपने राजनीतिक भविष्य पर मंडराते आशंका के बादलों के बीच बाइडन ने बहुत सधा हुआ संदेश दिया और राष्ट्रपति चुनाव प्रचार अभियान के दौरान आलोचकों के लिए कुछ ऐसा नहीें छोड़ा जिसकी वो आलोचना कर सकें.

बाइडन नेटो को और मजबूत करने की बात कही.

पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को कोट करते हुए बाइडन ने कहा, अगर आप ख़तरे में हैं, तो हम भी ख़तरे में हैं.

अगर आप शांति में नहीं हैं तो हम भी शांति से नहीं रह सकते. बाइडन ने नेटो के सेक्रेटरी जनरल जेन्स स्टोल्टेनबर्ग को सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ़ फ़्रीडम से नवाज़ा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 00:57:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा में विस्थापितों के कैंप पर इसराइल के हवाई हमले में 29 फ़लस्तीनियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-वसथपत-क-कप-पर-इसरइल-क-हवई-हमल-म-29-फलसतनय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-वसथपत-क-कप-पर-इसरइल-क-हवई-हमल-म-29-फलसतनय-क-मत</guid>
        <description>दक्षिणी ग़ज़ा में एक स्कूल के बाहर विस्थापित लोगों के कैंप पर हुए इसराइली हमले में कम से कम 29 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि ख़ान यूनिस के पूरब में स्थित अबसाना अल-कबीरा क़स्बे में अल-आवदा स्कूल के गेट पर पर हवाई हमला हुआ.

इसराइली सेना ने कहा है कि उसने हमास के मिलिटरी विंग के टेररिस्ट को निशाना बनाने के लिए सटीक मार करने वाले हथियारों का इस्तेमाल किया था.

सेना ने दावा किया कि संदिग्धों ने सात अक्टूबर को इसराइल पर हुए हमले में हिस्सा लिया था. इसराइली सेना ने कहा है कि इस हमले में अल-आवदा स्कूल के पास ही विस्थापित लोगों के कैंप में नागरिकों के हताहत होने की ख़बरों की जांच हो रही है.

एक सप्ताह पहले ही इसराइली सेना ने अबासान अल-कबीरा और ख़ान यूनिस के पूरब के इलाक़ों को खाली करने का आदेश दिया था. जिसकी वहज से हज़ारों लोग वहां से जा रहे थे.

बीबीसी ने प्रत्यक्षदर्शियों से बात की जिन्होंने बताया कि इलाके में उस समय 3,000 से अधिक विस्थापित मौजूद थे. उन्होंने हमले की भयावहता के बारे में भी बताया.

हमले में व्यापक तबाही हुई है और मरने वालों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.

सात अक्टूबर को इसराइल पर हमला हुआ था जिसमें 1.200 लोग मारे गए थे 251 लोगों को बंधक बनाकर ग़ज़ा ले जाया गया था.

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसके बाद शुरू हुई इसराइली सैन्य कार्रवाई में अबतक 38,240 लोग मारे जा चुके हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 00:57:38 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>आने वाले वक्त में मजबूत होगी भारत और ऑस्ट्रिया की मित्रता : प्रधानमंत्री मोदी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/आन-वल-वकत-म-मजबत-हग-भरत-और-ऑसटरय-क-मतरत-परधनमतर-मद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/आन-वल-वकत-म-मजबत-हग-भरत-और-ऑसटरय-क-मतरत-परधनमतर-मद</guid>
        <description>वियना, 10 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर से बुधवार को मुलाकात की और कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच प्रगाढ़ मित्रता है जो आने वाले वक्त में और मजबूत होगी।

दोनों नेताओं के बीच आज आधिकारिक तौर पर बातचीत होगी जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी के व्यापक आयामों पर चर्चा होगी।

रूस की दो-दिवसीय यात्रा के बाद मोदी वियना पहुंचे हैं। यह 40 वर्ष से अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ऑस्ट्रिया यात्रा है। इससे पहले 1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस देश की यात्रा की थी।

ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री अलेक्जेंडर शेलेनबर्ग ने हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दोनों नेताओं की एक तस्वीर साझा करते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया, भारत और ऑस्ट्रिया के बीच साझेदारी में मील का एक महत्वपूर्ण पत्थर ! प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेजबानी ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर ने की। यह दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात है। द्विपक्षीय साझेदारी के संबंध में चर्चा होगी।

एक तस्वीर में मोदी नेहमर को गले लगाते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में ऑस्ट्रियाई चांसलर प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं।

नेहमर ने भी मोदी के साथ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वियना में आपका स्वागत है! ऑस्ट्रिया में आपका स्वागत करना हमारे लिए खुशी और सम्मान की बात है। ऑस्ट्रिया और भारत मित्र और साझेदार हैं। आपकी यात्रा के दौरान राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं को लेकर उत्सुक हूं।

प्रधानमंत्री ने गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए ऑस्ट्रियाई चांसलर का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह कल हमारे बीच होने वाली वार्ताओं को लेकर उत्सुक हैं। हमारे देश पूरी दुनिया की भलाई के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।

मोदी ने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कहा,  चांसलर कार्ल नेहमर, वियना में आपसे मिलकर खुशी हुई। भारत-ऑस्ट्रिया के बीच मजबूत मित्रता है जो आने वाले समय में और प्रगाढ़ होगी।

मोदी ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलन से बुधवार को मुलाकात करेंगे और ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर के साथ भी आधिकारिक तौर पर वार्ता करेंगे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 00:57:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ्रांस में वामपंथी गठबंधन ने जीतीं सबसे ज्यादा सीटें</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फरस-म-वमपथ-गठबधन-न-जत-सबस-जयद-सट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फरस-म-वमपथ-गठबधन-न-जत-सबस-जयद-सट</guid>
        <description>फ्रांस के संसदीय चुनावों में वामपंथी गठबंधन ने सबसे ज्यादा सीटें जीत ली हैं. इस गठबंधन ने धुर दक्षिणपंथियों को सत्ता से दूर रखने की अपील के साथ चुनाव लड़ा था.

(dw.comhi)

पहले दौर में बड़ी बढ़त हासिल करने वाली फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी पार्टी को दूसरे चरण में हार का सामना करना पड़ा है. दूसरे दौर के मतदान के बाद मरीन ली पेन की पार्टी नेशनल रैली (आरएन) तीसरे नंबर पर खिसक गई और वामपंथी दलों के गठबंधन न्यू पॉप्युलर फ्रंट (एनएफपी) ने सबसे ज्यादा 182 सीटें हासिल कीं.

राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों का मध्यमार्गी गठबंधन दूसरे स्थान पर आया है. किसी भी दल के पास संसद में पूर्ण बहुमत नहीं है. हालांकि दक्षिणपंथी दलों ने अपनी सीटों की संख्या में पिछली बार के मुकाबले भारी वृद्धि की है, लेकिन फिर भी वे उम्मीदों से बहुत कम रहे.

पहले चरण के मतदान के बाद संभावनाएं जताई जा रही थीं कि नेशनल रैलीपहली बार फ्रांस में सरकार बनाने के करीबपहुंच सकती है. पहले चरण में उसने भारी जीत दर्ज की थी लेकिन रविवार को हुए दूसरे चरण के मतदान में वामपंथी दलों ने उससे यह बढ़त छीन ली और आरएन 143 सीटों पर ही सीमित हो गई.

इस बीच फ्रांस के प्रधानमंत्री गैब्रिएल अताल ने इस्तीफे की घोषणा कर दी है. चूंकि अब संसद में किसी पार्टी के पास बहुमत नहीं है इसलिए देश में अनिश्चितता का दौर है और अब क्या होगा, इस पर कई सवाल उठ रहे हैं. फ्रांस एक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र है. इसका राजनीतिक घटनाक्रमयूक्रेन युद्ध, वैश्विक कूटनीति और यूरोप की आर्थिक स्थिरता पर असर डाल सकता है.

अब क्या करेंगे माक्रों

चुनावों के अंतिम परिणामों के अनुसार, वामपंथी गठबंधन एनएफपी ने सबसे अधिक सीटें जीती हैं. संसद में वामपंथी गठबंधन के पास 182 सीटें हैं जबकि माक्रों के मध्यमार्गी दल के पास 168 सीटें हैं. पहले चरण में सबसे बड़ी पार्टी रही नेशनल रैली के पास 143 सीटें हैं. फ्रांस की 577 सीटों वाली नेशनल असेंबली में बहुमत के लिए 289 सीटों की जरूरत है.

राष्ट्रपति माक्रों के दफ्तर ने बयान जारी कर कहा कि वह किसी भी नई सरकार के बारे में निर्णय लेने के लिए नई नेशनल असेंबली के संगठित होने तक इंतजार करेंगे. नेशनल असेंबली का पहला पूर्ण सत्र 18 जुलाई को होगा.

प्रधानमंत्री गैब्रिएल अताल ने घोषणा की है कि वह पेरिस ओलंपिक के दौरान और जब तक जरूरत हो, अपने पद पर बने रहेंगे. नए प्रधानमंत्री और सरकार के गठन के लिए हफ्तों से लेकर महीनों तक राजनीतिक बातचीत जारी रह सकती है.

नेताओं की प्रतिक्रिया

नेशनल रैली के अध्यक्ष ने पार्टी को मिली ऐतिहासिक बढ़त को महत्वपूर्ण बताया. हालांकि नतीजे उनकी उम्मीदों से काफी कम रहे. पार्टी अध्यक्ष और नेशनल रैली की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार जॉर्डन बारडेला ने राष्ट्रपति माक्रों पर फ्रांस को अनिश्चितता और अस्थिरता में धकेलने का आरोप लगाया.

28 वर्षीय बारडेला ने कहा, करोड़ों फ्रांसीसियों से अपनी सोच को सत्ता में लाने की संभावना छीनना कभी भी फ्रांस का व्यवहारिक भविष्य नहीं बन पाएगा.

उसी रैली में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए मरीन लीपेन ने कहा, लहर बढ़ रही है. हमारी जीत को बस टाला गया है. पिछले आम चुनाव में आरएन ने 82 सीटें जीती थीं.

वामपंथी नेता जीन-लूक मेलेंशों ने चुनाव परिणामों को देश के अधिकांश लोगों के लिए बड़ी राहत बताया और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की. एनएफपी के नेता मेलेंशों ने कहा, राष्ट्रपति का फर्ज बनता है कि वह गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें.

मेलेंशों ने अन्य दलों के साथ किसी तरह के गठबंधन की संभावनाओं से इनकार कर दिया. एनएफपी में शामिल सोशलिस्ट पार्टी के नेता ओलिविएर फाउरे ने भी कहा कि विपरीत विचारधाराओं का ऐसा गठबंधन नहीं बनना चाहिए जो माक्रों की नीतियों को ही जारी रखे.

ग्रीन पार्टी की नेता मरीन तोंदेलियर ने कहा कि यह एनएफपी की स्पष्ट जीत है. उन्होंने कहा, हम जीते हैं और सरकार बनाएंगे. आज सामाजिक न्याय की जीत हुई है. पारिस्थितिकी न्याय की जीत हुई है. आज की रात लोगों की जीत हुई है और यह बस शुरुआत है.

वीके/एए (एपी, एएफपी)</description>
        <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 01:05:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कीव में बच्चों के अस्पताल पर रूस ने किया प्रक्षेपास्त्र हमला, हमलों में 20 लोगों की जान गयी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कव-म-बचच-क-असपतल-पर-रस-न-कय-परकषपसतर-हमल-हमल-म-20-लग-क-जन-गय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कव-म-बचच-क-असपतल-पर-रस-न-कय-परकषपसतर-हमल-हमल-म-20-लग-क-जन-गय</guid>
        <description>कीव, 8 जुलाई। यूक्रेन की राजधानी कीव में सोमवार को रूसी मिसाइलों के हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई जबकि बच्चों के एक अस्पताल की इमारत को भी व्यापक रूप से नुकसान पहुंचा। मध्य यूक्रेनी शहर कीर्वी रीह में हुए एक अन्य हमले में कम से कम 10 लोग मारे गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पोस्ट पर एक बयान में कहा कि रूसी बमबारी ने पांच यूक्रेनी शहरों को विभिन्न प्रकार की 40 से अधिक मिसाइलों से निशाना बनाया, जिससे रिहाइशी इमारतें और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे नष्ट हो गए

गृह मंत्री इहोर क्लिमेंको ने बताया कि सोमवार सुबह हुए हमले में देशभर में कम से कम 20 लोग मारे गए और लगभग 50 लोग घायल हो गए। क्रीर्वी रीह में नगर प्रशासन के प्रमुख ओलेक्सांद्र विल्कुल ने कहा कि यह एक बड़े पैमाने पर किया गया मिसाइल हमला था, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गयी और 31 अन्य लोग घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों ने यूक्रेन के मध्य द्निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र में भी विस्फोट की सूचना दी है।

जेलेंस्की ने कहा कि कीव के ओखमाटडिट बच्चों के अस्पताल की आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त इमारत के मलबे से राहतकर्मियों को लोगों की तलाश करते हुए देखा गया। उन्होंने कहा कि यहां हताहतों की संख्या अभी पता नहीं है।

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा, यह बहुत महत्वपूर्ण है कि दुनिया अब इस बारे में चुप न रहे और सभी को यह देखना चाहिए कि रूस क्या है और वह क्या कर रहा है।

यह हमला अमेरिका में तीन दिवसीय नाटो शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर हुआ है। सम्मेलन में इस बात पर विचार किया जाएगा कि किस प्रकार यूक्रेन को गठबंधन के अटूट समर्थन का भरोसा दिलाया जाए तथा यूक्रेनवासियों को यह आशा प्रदान की जाए कि उनका देश द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के सबसे बड़े संघर्ष से उबर सकता है।

बच्चों के अस्पताल की दो मंजिला इमारत आंशिक रूप से नष्ट हो गई। अस्पताल की मुख्य 10 मंजिला इमारत की खिड़कियाँ और दरवाजे उखड़ गए और दीवारें काली पड़ गयीं।

यह पिछले कई महीनों में कीव पर सबसे बड़ी बमबारी थी। यूक्रेनी वायु सेना ने कहा कि दिन के उजाले में किए गए हमलों में किंजल हाइपरसोनिक प्रक्षेपास्त्र शामिल थे, जो सबसे उन्नत रूसी हथियारों में से एक है। किंजल ध्वनि की गति से 10 गुना अधिक रफ्तार से उड़ता है, जिससे इसे रोकना मुश्किल हो जाता है। विस्फोटों से शहर की इमारतें हिल गईं।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 01:05:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बाइडन ने कांग्रेस के डेमोक्रेट नेताओं को लिखी चिट्ठी, कहा&amp; दोबारा राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए प्रतिबद्ध</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बइडन-न-कगरस-क-डमकरट-नतओ-क-लख-चटठ-कह-दबर-रषटरपत-चनव-लडन-क-लए-परतबदध</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बइडन-न-कगरस-क-डमकरट-नतओ-क-लख-चटठ-कह-दबर-रषटरपत-चनव-लडन-क-लए-परतबदध</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कांग्रेस के डेमोक्रेट नेताओं को लिखी एक चिट्ठी में कहा है कि वह डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ दोबारा राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.

बाइडन ने लिखा है कि उनकी उम्मीदवारी पर अब अटकलें ख़त्म हो जानी चाहिए. डेमोक्रेट पार्टी के कुछ डोनर्स और समर्थकों की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से हटने की अपील पर उन्होंने कहा कि सिर्फ और सिर्फ वोटर ही तय करेंगे कि डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से कौन राष्ट्रपति पद के लिए मैदान में उतरेगा.

पिछले हफ़्ते पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ टीवी डिबेट के दौरान कमजोर प्रदर्शन के बाद उन पर राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से अलग हटने का दबाव बढ़ गया है.

डिबेट में बाइडन के प्रदर्शन ने अपने पीछे कई गंभीर प्रश्न छोड़ दिए हैं. ये सवाल राष्ट्रपति की उम्मीदवारी के लिए उनकी सेहत और मानसिक स्थिति से जुड़े हुए हैं.

बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी में इस बात पर बहस छिड़ी है कि 81 वर्षीय राष्ट्रपति को उम्मीदवार बनाए रखने या हटाने में कितना नफ़ा या नुकसान है.राष्ट्रपति के कुछ पक्के समर्थक डेमोक्रेट्स भी बाइडन की उम्र और मानसिक स्थिति पर चिंता जता रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 01:05:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन के चुनाव में हार के बाद ऋषि सुनक ने पूर्व सांसदों से खेद जताया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-क-चनव-म-हर-क-बद-ऋष-सनक-न-परव-ससद-स-खद-जतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-क-चनव-म-हर-क-बद-ऋष-सनक-न-परव-ससद-स-खद-जतय</guid>
        <description>(अदिति खन्ना)

लंदन, 8 जुलाई। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह हुए आम चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी के पराजित उम्मीदवारों को सप्ताहांत पर कॉल कर पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए खेद जताया।

कंजर्वेटिव पार्टी हाउस कॉमन्स में सिर्फ 121 सीट जीत सकी है।

कई पूर्व सांसदों ने द डेली टेलीग्राफ को ब्रिटिश भारतीय सांसद से आए बहुत सहानुभूतिपूर्ण कॉल के बारे में बताया। सुनक ने यॉर्कशायर में रिचमंड और नॉर्थलेरटन की अपनी सीट जीती है और पार्टी द्वारा उनके उत्तराधिकारी का चयन किए जाने तक वह विपक्ष के नेता बने रहेंगे ।

पार्टी के एक पराजित उम्मीदवार ने कहा, उन्होंने शनिवार की रात मुझे फोन करने के लिए समय निकाला और मुझे लगता है कि उन्होंने अन्य सांसदों को भी फोन करने के लिए समय निकाला है। वह यह कहने के लिए फोन कर रहे थे कि उन्हें बेहद खेद है कि मैं अपनी सीट हार गया हूं।

सुनक ने पिछले सप्ताह अपने भाषण में कहा कि कंजर्वेटिव उम्मीदवारों और प्रचारकों ने अथक परिश्रम किया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा,  मुझे खेद है कि हम आपके प्रयासों के अनुरूप परिणाम नहीं दे सके।

इस बीच, नए प्रधानमंत्री कीअर स्टॉर्मर ने अपने कार्यकाल का पहला सप्ताहांत ब्रिटेन के विभिन्न हिस्सों की यात्रा में बिताया।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 01:05:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन पर रूसी हमले में 31 लोगों की मौत, बच्चों का अस्पताल भी चपेट में</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-पर-रस-हमल-म-31-लग-क-मत-बचच-क-असपतल-भ-चपट-म</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-पर-रस-हमल-म-31-लग-क-मत-बचच-क-असपतल-भ-चपट-म</guid>
        <description>यूक्रेन पर रूस के ताजा हमलो में 31 लोगों की मौत हो गई है और 150 से ज्यादा घायल हुए हैं. अकेले राजधानी कीएव में 17 लोग मारे गए है. इन 17 मौतों में से दो की मौत बच्चों के एक अस्पताल में हुई है. 11 मौतें नीप्रोपेत्रोवस्क में किए गए कई हमलों में हुई हैं. बाकी लोग कहां मारे गए इस बारे में कुछ भी पता नहीं है.

रूसी हमले की जद में ओहमेतिदयत अस्पताल भी आया है. हमले के वक़्त अस्पताल के बच्चों के वार्ड में 20 बच्चों का इलाज चल रहा था.

बच्चों के अस्पताल की जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें भारी नुकसान को देखा जा सकता है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदोमीर ज़ेलेंस्की पोलैंड के दौरे पर हैं. जहां उनके सुरक्षा समझौतों पर दस्तख़त करने की संभावनाएं हैं. ज़ेलेंस्की ने कहा कि कीएव और स्लोवियास्क समेत कई शहरों में अलग-अलग 40 मिसाइलों से हमले किए गए हैं.

इन हमलों में रिहाइशी इमारतें, भवन और बच्चों के अस्पतालों को नुक़सान हुआ है. पूरे कीएव शहर में धुएं का गुबार देखा जा सकता है.

वहीं सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कई वीडियो में ओहमेतिदयत अस्पताल को हमले से हुए नुकसान को देखा जा सकता है.

ज़ेलेंस्की ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लोग अस्पताल के मलबे की नीचे फंसे हुए थे. इस समय डॉक्टरों, नर्सों और आम लोग भी मलबे को हटाने की कोशिश कर रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 01:05:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सिंगापुर : नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी भारतीय मूल के व्यक्ति को 13 साल से अधिक की जेल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सगपर-नबलग-स-दषकरम-क-दष-भरतय-मल-क-वयकत-क-13-सल-स-अधक-क-जल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सगपर-नबलग-स-दषकरम-क-दष-भरतय-मल-क-वयकत-क-13-सल-स-अधक-क-जल</guid>
        <description>(गुरदीप सिंह)

सिंगापुर, 9 जुलाई। सिंगापुर की एक अदालत ने भारतीय मूल के एक व्यक्ति को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए सोमवार को 13 वर्ष चार सप्ताह की जेल और नौ कोड़े मारने की सजा सुनाई।

समाचार चैनल न्यूज एशिया की खबर के मुताबिक, राज कुमार बाला (42) को पीड़िता के साथ दुष्कर्म और छेड़छाड़ के अलग-अलग आरोपों के अलावा चिल्ड्रन एंड यंग पर्सन एक्ट के तहत भगोड़ों को शरण देने के मामले में भी दोषी ठहराया गया।

दोषी बाला भारतीय मूल का नागरिक है, जिसके पास अब सिंगापुर की नागरिकता है और वह देश में एक बार का संचालन करता है।

खबर के अनुसार, बचाव पक्ष के वकील रमेश तिवारी ने कहा कि उनके मुवक्किल ने अपील लंबित रहने तक जमानत पर रिहा करने का अनुरोध किया है।

अदालत को बताया गया कि पीड़िता फरवरी 2020 में सिंगापुर बालिका गृह से भाग गई थी और उस समय उसकी उम्र 17 वर्ष थी।

उसी की तरह भागी एक अन्य लड़की के माध्यम से उसे डनलप स्ट्रीट पर स्थित बाला के बार डॉन बार और बिस्ट्रो में नौकरी के बारे में पता चला।

अदालत को बताया गया कि पीड़िता जब साक्षात्कार के लिए बार पहुंची, तो बाला ने उससे कहा कि उसे ग्राहकों को शराब परोसने जैसे काम करने होंगे। बाला ने उसे नौकरी के साथ भागी हुई अन्य लड़कियों के साथ बार में रहने का प्रस्ताव भी दिया।

अदालत को बताया गया कि पीड़िता ने बाला का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और बार में नौकरी करने लगी। इस बीच, पुलिस को सूचना मिली कि बार में भागी हुई लड़कियों को शरण दी जाती है, जिसके बाद उसने वहां छापा मारा।

अदालत को बताया गया कि पीड़िता पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए कुछ अन्य लड़कियों के साथ वहां से भाग गई, लेकिन उसे रास्ते में बाला मिला। बाला यह कहते हुए उन्हें अपने घर ले गया कि वे वहां सुरक्षित रहेंगी।

अदालत को बताया गया कि घर में बाला ने पीड़िता के साथ शराब पी और उसके साथ दुष्कर्म किया। यह भी आरोप है कि बाला ने अन्य लड़कियों का भी यौन शोषण किया।

द स्ट्रेट्स टाइम्स की एक खबर के मुताबिक, बाला 22 और आरोपों का सामना कर रहा है, जो पांच अन्य लड़कियों से संबंधित हैं। इनमें मुख्य रूप से यौन अपराध से जुड़े मामले शामिल हैं, जिनकी सुनवाई लंबित है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 01:05:42 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका : तूफान ‘बेरिल’ ने टेक्सास में चार लोगों की जान ली, 30 लाख घरों, प्रतिष्ठानों की बिजली गुल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-तफन-बरल-न-टकसस-म-चर-लग-क-जन-ल-30-लख-घर-परतषठन-क-बजल-गल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-तफन-बरल-न-टकसस-म-चर-लग-क-जन-ल-30-लख-घर-परतषठन-क-बजल-गल</guid>
        <description>ह्यूस्टन, 9 जुलाई। अमेरिका के टेक्सास प्रांत में सोमवार तड़के आए शक्तिशाली तूफान बेरिल के असर से बाढ़ के हालात हैं जिसके कारण कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और करीब 30 लाख घरों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की बिजली गुल हो गई है।

नेशनल हरिकेन सेंटर ने सोमवार शाम को कहा कि बेरिल ने श्रेणी-एक के तूफान के रूप में माटागोर्डा के पास दस्तक दी जिसके बाद स्कूलों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और वित्तीय संस्थानों को बंद कर दिया गया।

केंद्र ने कहा कि पूर्वी टेक्सास, पश्चिमी लुइसियाना और अरकांसस के कुछ हिस्सों में बाढ़, बारिश और तेज आंधी के आसार हैं।

घरों पर पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और बाढ़ के पानी में फंसने के कारण ह्यूस्टन पुलिस विभाग के एक कर्मचारी की जान चली गई।

आग लगने की घटना में एक अन्य व्यक्ति के मारे जाने की सूचना है।

फिलहाल बाढ़ का पानी उतरने लगा है और कर्मचारियों ने नुकसान का आकलन करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने सोमवार रात स्थानीय लोगों से फिलहाल घर पर ही रहने की अपील की।

मेयर जॉन व्हिटमायर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, साफ आसमान को देखकर यह न समझें कि खतरा टल गया है।

उन्होंने कहा, परिस्थितियां अभी भी खतरनाक हैं। कितना नुकसान हुआ है फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सका।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 01:05:41 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लॉस एंजिलिस से उड़ान भरने के बाद विमान का पहिया निकला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-स-उडन-भरन-क-बद-वमन-क-पहय-नकल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लस-एजलस-स-उडन-भरन-क-बद-वमन-क-पहय-नकल</guid>
        <description>लॉस एंजिलिस, 9 जुलाई। अमेरिका के लॉस एंजिलिस में यूनाइटेड एयरलाइंस के बोइंग जेट विमान का पहिया सोमवार को उड़ान भरते समय निकल गया। हालांकि, बाद में विमान को डेनवर में सुरक्षित उतार लिया गया। विमानन कंपनी ने यह जानकारी दी।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

बयान के मुताबिक, लॉस एंजिलिस में विमान का पहिया बरामद कर लिया गया है। हम घटना के पीछे की वजहों की जांच कर रहे हैं।

घटना के समय बोइंग 757-200 विमान में 174 यात्री और चालक दल के सात सदस्य सवार थे।

इससे पहले, सात मार्च को सैन फ्रांसिस्को से उड़ान भरने वाले यूनाइटेड एयरलाइन के बोइंग बी777-200 जेट विमान का पहिया बीच हवा में टूटकर गिर गया था। घटना के कारण विमान हवाई अड्डे के पार्किंग क्षेत्र में एक कार के ऊपर जा गिरा था। हालांकि, इससे कोई घायल नहीं हुआ था।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 01:05:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने जोशीले भाषण में अपनी उम्मीदवारी को लेकर क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-ज-बइडन-न-जशल-भषण-म-अपन-उममदवर-क-लकर-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-ज-बइडन-न-जशल-भषण-म-अपन-उममदवर-क-लकर-कय-कह</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को अपने भाषण में चुनाव अभियान में बने रहने और डोनाल्ड ट्रंप को हराने की कसम खाई है. अमेरिका में इस बात को लेकर सवाल अभी बने हुए हैं कि क्या वो राष्ट्रपति चुनाव की रेस से बाहर हो जाएंगे.

विस्कॉन्सिन के मैडिसन में एक रैली में 81 साल के बाइडन ने पिछले हफ़्ते हुए सीएनएन के एक डिबेट में अपने ख़राब प्रदर्शन को स्वीकार किया.

बाइडन ने रैली में कहा, उसके बाद से ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि मैं क्या करने जा रहा हूँ. मेरा यह जवाब है कि मैं चुनाव लड़ रहा हूँ और फिर से जीतूंगा.

चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण इस इलाक़े में समर्थक उन्हें उत्साहित कर रहे थे. यह राष्ट्रपति चुनावों की दौड़ में उनके ताज़ा संकल्प को दोहराता है. बाइडन हाल के दिनों में बढ़ते राजनीतिक संकट को कम करने की कोशिश कर रहे थे.

अपने 17 मिनट के भाषण में बाइडन डिबेट के मुक़ाबले ज़्यादा जोश में दिख रहे थे. यह उनके चुनावी अभियान के एक महत्वपूर्ण समय में आया है.

उनके दानकर्ता और डेमोक्रिटिक पार्टी के सहयोगी इस बात पर विचार कर रहे थे कि उन्हें बाइडन के साथ बने रहना चाहिए या नहीं.

अमेरिकी मीडिया के कई रिपोर्ट के मुताबिक़ बाइडन के चुनाव अभियान को पता है कि अगले कुछ दिन उनके फिर से निर्वाचित होने की कोशिश के लिहाज से काफ़ी अहम हैं.

पिछले हफ़्ते के डिबेट के बाद बाइडन अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप के हाथों खो चुकी ज़मीन को वापस हासिल करना चाहते हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 03:13:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन के नए पीएम किएर स्टार्मर की कैबिनेट में किन्हें मिली जगह</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-क-नए-पएम-कएर-सटरमर-क-कबनट-म-कनह-मल-जगह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-क-नए-पएम-कएर-सटरमर-क-कबनट-म-कनह-मल-जगह</guid>
        <description>ब्रिटेन के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने अपने मंत्रिमंडल का गठन कर लिया है.

एंजेला रेनर को उप-प्रधानमंत्री बनाया गया है.

वहीं रेचल रीव्ज़ को वित्त मंत्री नियुक्त किया गया है. रेचल रीव्ज़ ब्रिटेन की पहली महिला वित्त मंत्री हैं.

विदेश मंत्रालय का ज़िम्मा डेविड लैमी को सौंपा गया है, जबकि यिवेट कूपर को गृह मंत्री बनाया गया है.

जॉन हेली को रक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है.

वहीं शबाना महमूद को न्याय मंत्री बनाया गया है.

ब्रिटेन में लेबर पार्टी ने 14 साल बाद सत्ता में वापसी की है.

इस जीत के बाद किएर स्टार्मर ने कहा है, हमने कर दिखाया है. आपने इसके लिए अभियान चलाया. आपने इसके लिए लड़ाई लड़ी. आपने इसके लिए वोटिंग की और अब वो घड़ी आ पहुंची है. बदलाव यहीं से शुरू होता है. और मैं अगर ईमानदारी से कहूं तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. पार्टी बदलने के लिए साढ़े चार साल की गई मेहनत, इसी दिन के लिए थी. बदलावों के साथ तैयार लेबर पार्टी देश की सेवा के लिए तैयार है.

वहीं हार के बाद पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने राष्ट्र को संबोधित किया और हार की ज़िम्मेदारी ली.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 03:13:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन चुनावः स्टार्मर ने कहा &amp;apos;लेबर पार्टी देश की सेवा के लिए तैयार है&amp;apos;</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-चनव-सटरमर-न-कह-लबर-परट-दश-क-सव-क-लए-तयर-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-चनव-सटरमर-न-कह-लबर-परट-दश-क-सव-क-लए-तयर-ह</guid>
        <description>ब्रिटेन में लेबर पार्टी 14 साल बाद सत्ता में वापसी करने जा रही है. लेबर पार्टी सरकार बनाने के लिए ज़रूरी 326 सीटों का आँकड़ा पार कर चुकी है.

किएर स्टार्मर के नेतृत्व में लेबर पार्टी साल 1997 वाली ऐतिहासिक जीत की तरफ़ बढ़ रही है.

इस जीत के बाद किएर स्टार्मर ने कहा है,हमने कर दिखाया है. आपने इसके लिए अभियान चलाया. आपने इसके लिए लड़ाई लड़ी. आपने इसके लिए वोटिंग की और अब वो घड़ी आ पहुंची है. बदलाव यहीं से शुरू होता है. और मैं अगर ईमानदारी से कहूं तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. पार्टी बदलने के लिए साढ़े चार साल की गई मेहनत, इसी दिन के लिए थी. बदलावों के साथ तैयार लेबर पार्टी देश की सेवा के लिए तैयार है.

स्टार्मर ने जीत पर खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा है कि कामकाजी लोगों की सेवा के लिए ब्रिटेन को दोबारा तैयार करने के लिए हम तैयार हैं और हमारे पूरे देश में लोग जब सोकर उठेंगे और उन्हें हमारी जीत की ख़बर मिलेगी तो उन्हें ऐसा महसूस होगा, जैसे कि हमारे महान देश के कंधों पर से कोई भारी बोझ आख़िरकार हट गया हो.

स्टार्मर ने कहा,अब हम एक बार फिर आगे देख सकते हैं, सवेरे की तरफ़ बढ़ सकते हैं. उम्मीद से जुड़ी सूर्य की किरणें, जो शुरुआत में भले मद्धम दिख रही हों, दिन चढ़ने के साथ तेज़ होती जाएंगी और 14 साल बाद एक बार फिर तमाम अवसरों के साथ हमारे देश पर चमकेंगी, ताकि उज्ज्वल भविष्य की तरफ़ बढ़ा जा सके.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 03:13:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन चुनाव: हार के बाद ऋषि सुनक के राजनीतिक भविष्य का क्या होगा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-चनव-हर-क-बद-ऋष-सनक-क-रजनतक-भवषय-क-कय-हग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-चनव-हर-क-बद-ऋष-सनक-क-रजनतक-भवषय-क-कय-हग</guid>
        <description>शुक्रवार को ब्रिटेन में हुए आम चुनावों के नतीजे आए और 14 सालों के बाद यहां लेबर पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की.

इसके बाद अब लेबर पार्टी के नेता किएर स्टार्मर ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं. वहीं एंगेला रेनर को देश का नया डिप्टी प्रधानमंत्री बनाया गया है.

650 सीटों वाली ब्रिटेन की संसद में लेबर पार्टी ने 412 सीटें जील ली हैं जो बहुमत के आंकड़े 326 से कहीं ज़्यादा है.

वहीं चुनाव के नतीजों से सत्ता में क़ाबिज़ कंज़र्वेटिव पार्टी को बड़ा झड़का लगा है. ये झटका ऋषि सुनक के लिए भी है जिनके नेतृत्व में चुनाव हो रहा था.

कंज़र्वेटिव को सिर्फ़ 121 सीटों पर जीत मिली है और पिछले चुनाव के मुक़ाबले पार्टी को 250 सीटों का नुक़सान हुआ है. उसके लिए ये करारी हार है.

विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने बीबीसी से कहा, बड़ी संख्या में वो लोग जो पहले कंज़र्वेटिव पार्टी को वोट दिया करते थे उन्होंने रिफॉर्म पार्टी के लिए वोट दिया है. कंज़र्वेटिव्स को अब ये सोचना होगा कि वो इनका भरोसा कैसे वापिस जीते.

ऋषि सुनक ने ली हार की ज़िम्मेदारी
हार के बाद प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर ऋषि सुनक के आख़िरी बार पत्रकारों को संबोधित किया और कहा कि मतदाताओं ने साफ़ संकेत दिया है कि सरकार बदलनी चाहिए.

उन्होंने कहा, मैं सबसे पहले महत्वपूर्ण बात कहना चाहता हूं, मुझे माफ़ कर दीजिए. मैंने इस काम में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है लेकिन आपने स्पष्ट संकेत दिया है कि यूके की सरकार को बदलना होगा. आपका निर्णय ही एकमात्र ऐसा निर्णय है जो मायने रखता है. मैं इस नुक़सान की ज़िम्मेदारी लेता हूं.

इस बयान के बाद ऋषि सुनक ने बकिंघम पैलेस पहुंच कर किंग चार्ल्स से मुलाक़ात की और अपना इस्तीफ़ा सौंपा.

लेकिन ऋषि सुनक ने केवल पीएम का पद छोड़ा ऐसा नहीं है. ऋषि सुनक ने कहा है कि वो आगे कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता के तौर पर भी काम नहीं करेंगे.

उन्होंने कंज़र्वेटिव पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं से माफ़ी मांगी और कहा, आपने कड़ी मेहनत की है लेकिन हमें जीत नहीं मिल सकी. इस नतीजे के बाद मैं पार्टी के नेता के तौर पर इस्तीफ़ा दूंगा, हालांकि मैं इस्तीफ़ा अभी नहीं दूंगा और नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक का इंतज़ार करूंगा.

लंदन में मौजूद बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव ने बीबीसी संवाददाता मोहम्मद शाहिद को बताया, बीते 14 सालों में देश ने पांच प्रधानमंत्री देखे और यहां लोगों में रोष था और थकान हो गई थी. लोग बदलाव चाहते थे.

वो कहते हैं कि लोगों ने लेबर पार्टी को मैन्डेट तो दिया है लेकिन किएर स्टार्मर के लिए भी आगे की राह आसान नहीं होगी क्योंकि यहां कई मुद्दे हैं जिन पर सरकार को कदम उठाने होंगे.

ऋषि सुनक के भविष्य पर राघवेंद्र कहते हैं, ये बात तय है कि कंज़र्वेटिव पार्टी में आने वाले वक्त में हम एक नए नेता का उदय देखेंगे. लेकिन सुनक क्या करेंगे ये कहना अभी मुश्किल है.

वो पहले भारतीय मूल के व्यक्ति थे जो ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने और इसे लकर गर्व भी जताया गया. लेकिन लेकिन अब इसे एक कलंक की तरह देखा जा रहा है कि उनके नेतृत्व में कंज़र्वेटिव पार्टी को इतनी बड़ी शिकस्त मिली है. कहा जा रहा है कि ये एक ऐसा आरोप है जिसे मिटा पाना खुद उनके लिए बेहद मुश्किल होगा.

वहीं ब्रिटेन में भारत की उच्चायुक्त रही रुचि घनश्याम ने बीबीसी संवाददाता मोहम्मद शाहिद वो बताया कि ऋषि सुनक जब प्रधानमंत्री बने उस समय यूके बहुत मुश्किल वक़्त से गुज़र रहा था.

वो कहती हैं, शुक्रवार की दोपहर को 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने आख़िरी भाषण में उन्होंने कहा कि उन्होंने अर्थव्यवस्था को स्थिर किया, महंगाई कम की और विकास की रफ़्तार को बढ़ाया. इस नज़रिए से उनका भाषण अच्छा था क्योंकि उन्होंने आने वाले प्रधानमंत्री के बारे में भी अच्छी बातें कहीं.

वो कहती हैं, वो युवा हैं, अच्छे व्यक्ति हैं, उन्होंने अपने अच्छे गुणों को दिखाया है. जैसा उन्होंने कहा है, जब तक पार्टी का नया नेता चुना जाता, वो कंज़र्वेटिव्स पार्टी का नेतृत्व करेंगे.

लेकिन पार्टी का सदस्य होने के साथ-साथ वो सांसद भी हैं. आगे क्या भविष्य होगा वो वक़्त ही बताएगा.

वहीं भारतीय मूल के ब्रिटिश अर्थशास्त्री और लेबर पार्टी के पूर्व सदस्य लॉर्ड मेघनाद देसाई ने बीबीसी संवाददाता सारिका सिंह से कहा, ऋषि सुनक नेता नहीं हैं बल्कि तकनीकी व्यक्ति हैं एक बैंकर हैं. लोंगों के साथ उनका कनेक्ट आसानी से नहीं होता था.

एक तरफ ये देखिए कि इन्होंने काम तो किया, लेकिन वादे नहीं पाए, तो दूसरी तरफ इन्हें काम करने का पांच साल का मौक़ा भी नहीं मिला. आगे वो क्या करेंगे ये वक्त ही बताएगा.

बधाई संदेश और उम्मीदें
लेबर पार्टी की जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय नेताओं के बयान भी सामने आ रहे हैं.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके किएर स्टार्मर को बधाई देते हुए कहा, वो भारत और ब्रिटेन के बीच रिश्तों को बढ़ावा देने के लिए सहयोग की आशा करते हैं.

इसके साथ ही पीएम मोदी ने ऋषि सुनक के नेतृत्व की तारीफ़ करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं.

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, एक स्थिर और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय संबंध दोनों देशों के लोगों के मौलिक हितों को पूरा करता है. साथ ही वैश्विक शांति, चुनौतियों और विकास के लिए साथ जवाब देने की ज़रूरत है. हम उम्मीद करते हैं कि हम ब्रिटेन के साथ आपसी सम्मान और सहयोग के आधार पर काम करेंगे तथा द्विपक्षीय संबंधों को सही रास्ते पर ले जाएंगे.

जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शुल्त्ज़, नैटो के प्रमुख जेन्स स्टॉल्टेनबर्ग ने भी किएर स्टार्मर को बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व वाली सरकार के साथ मिलकर काम करना जारी रहेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 03:13:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>निक्की हेली ने बाइडन के कार्यकाल पर पूर्वानुमान को लेकर शीर्ष अमेरिकी पत्रकार पर तंज कसा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नकक-हल-न-बइडन-क-करयकल-पर-परवनमन-क-लकर-शरष-अमरक-पतरकर-पर-तज-कस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नकक-हल-न-बइडन-क-करयकल-पर-परवनमन-क-लकर-शरष-अमरक-पतरकर-पर-तज-कस</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 4 जुलाई। भारतीय-अमेरिकी नेता निक्की हेली ने बुधवार को अमेरिका के एक शीर्ष पत्रकर जॉर्ज स्टेफनोपोलोस पर तंज कसा जिसने उनके उस दावे पर सवाल उठाया था कि राष्ट्रपति जो बाइडन अपना पहला कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे और उनके लिए वोट करने का मतलब उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के लिए वोट करना होगा।

हेली ने पिछले साल एबीसी न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में स्टेफनोपोलोस से यह कहा था जब वह रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए प्राइमरी चुनाव की उम्मीदवार थीं। हेली अब इस दौड़ से हट गयी हैं।

हेली ने पिछले साल स्टेफनोपोलोस के साथ अपने साक्षात्कार की एक संपादित क्लिप साझा करते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया, अब तो मुझ पर विश्वास करो, जॉर्ज?

रिपब्लिकन पार्टी की नेता की यह पोस्ट उन मीडिया खबरों तथा डेमोक्रेटिक पार्टी में जारी चर्चा के बीच आयी है कि बाइडन को रिपब्लिकन पार्टी के अपने प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव के लिए हुई बहस में अपने निराशाजनक प्रदर्शन के बाद चुनावी दौड़ से हट जाना चाहिए।

हेली ने जो पोस्ट साझा किया है, उसके शीर्षक में लिखा है, बाइडन बहस के बाद एबीसी के जॉर्ज स्टेफनोपोलोस के साथ अपने पहले साक्षात्कार के लिए तैयार हैं। जॉर्ज पिछले साल निक्की हेली पर चिल्ला रहे थे जब उन्होंने दूसरा कार्यकाल पूरा करने की बाइडन की क्षमता पर सवाल उठाया था : आपको कैसे पता कि जो बाइडन अपना कार्यकाल पूरा नहीं करने जा रहे हैं? इसका आधार क्या है?

उस क्लिप में हेली ने कहा था कि बाइडन अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे।

स्टेफनोपोलोस ने उस साक्षात्कार में हेली को बीच में टोकते हुए कहा था, क्षमा करें, क्षमा करें, एक सेकंड रुकिए। आपको कैसे पता कि जो बाइडन अपना कार्यकाल पूरा करने नहीं जा रहे हैं? इसका आधार क्या है?

हेली ने कहा था, खैर, सबसे पहले तो जो बाइडन के लिए वोट करने का मतलब कमला हैरिस के लिए वोट करना है। मुझे लगता है कि कमला हैरिस अगली राष्ट्रपति बनने जा रही हैं और इससे हर अमेरिकी को राहत की सांस लेनी चाहिए।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 01:25:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्राजील में बाढ़ का कहर, मरने वालों की संख्या 180 हुई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरजल-म-बढ-क-कहर-मरन-वल-क-सखय-180-हई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरजल-म-बढ-क-कहर-मरन-वल-क-सखय-180-हई</guid>
        <description>साओ पाउलो, 4 जुलाई । दक्षिणी ब्राजील के रियो ग्रांडे डो सुल राज्य में कई हफ्ते से बाढ़ का कहर जारी है। यहां पर बाढ़ से कम से कम 180 लोगों की मौत हो गई है और 32 लोग लापता बताए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, रियो ग्रांडे डो सुल में 29 अप्रैल को मूसलाधार बारिश शुरू हुई और कई दिनों तक जारी रही। इसके कारण पूरे राज्य के शहर जलमग्न हो गए। जून के मध्य में बाढ़ कम होने के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू हुआ। एजेंसी ने एक रिपोर्ट में कहा कि खराब मौसम के कारण राज्य की राजधानी पोर्टो एलेग्रे समेत 478 शहरों के लगभग 2,398,255 निवासी प्रभावित हुए हैं। साथ ही 450,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सामाजिक संचार सचिव पाउलो पिमेन्टा के मुताबिक, ब्राजील सरकार ने रियो ग्रांडे डो सुल के पुनर्निर्माण के लिए 85.7 बिलियन रियल (लगभग 15.4 बिलियन डॉलर) आवंटित किए हैं। उरुग्वे और अर्जेंटीना की सीमा पर स्थित कृषि प्रधान राज्य रियो ग्रांडे डो सुल को इस आपदा से रिकॉर्ड आर्थिक नुकसान हुआ है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 01:25:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन में लेबर पार्टी तेजी से बहुमत की ओर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-म-लबर-परट-तज-स-बहमत-क-ओर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-म-लबर-परट-तज-स-बहमत-क-ओर</guid>
        <description>ब्रिटेन के आम चुनाव में लेबर पार्टी तेजी से जीत की ओर बढ़ती दिख रही है.

अब तक की मतगणना में लेबर पार्टी 210 सीटें जीत चुकी हैं जबकि कंजर्वेटिव पार्टी सिर्फ़ 34 सीटें जीत पाई है. लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को 24 सीटें मिली हैं. एसएनपी को चार रिफॉर्म यूके पार्टी को तीन सीटें मिली हैं.

रिफॉर्म यूके के नाइजल फराज को पहली बार जीत मिली है. वो क्लेक्टोन से सांसद का चुनाव जीतने में सफल रहे हैं. रिफॉर्म पार्टी के ली एंडरसन को एशफील्ड से जीत मिली है.

अब तक के रुझानों के मुताबिक़ लेबर पार्टी को 405 सीटें मिलने की उम्मीद है जबकि बहुमत के लिए 326 सीटें पर्याप्त हैं.

इन रुझानों में कंजर्वेटिव पार्टी को 154 और लिबर डेमोक्रेटिक पार्टी को 56 सीटें मिलने की उम्मीद है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 01:24:55 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>लेबर पार्टी के स्टार्मर ने दी विक्ट्री स्पीच, कहा&amp; आपने हमारे देश को बदल दिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/लबर-परट-क-सटरमर-न-द-वकटर-सपच-कह-आपन-हमर-दश-क-बदल-दय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/लबर-परट-क-सटरमर-न-द-वकटर-सपच-कह-आपन-हमर-दश-क-बदल-दय</guid>
        <description>लंदन, 5 जुलाई । ब्रिटेन के निवर्तमान प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के हार स्वीकार करने के कुछ क्षण बाद, लेबर पार्टी के नेता स्टार्मर ने मध्य लंदन में विक्ट्री स्पीच दी। अपने समर्थकों के बीच स्टार्मर बोले, वास्तव में धन्यवाद... आपने हमारे देश को बदल दिया है। समर्थकों का उत्साह बढ़ाते हुए स्टार्मर ने कहा, आपने इसके लिए प्रचार किया, संघर्ष किया, मतदान किया और अब वो दिन आ गया है। बदलाव अब शुरू होता है। साढ़े चार साल पार्टी बदलने का काम हमने किया। यह इसी के लिए है - एक बदली हुई लेबर पार्टी जो हमारे देश की सेवा करने के लिए तैयार है, ब्रिटेन को कामकाजी लोगों की सेवा में बहाल करने के लिए तैयार है। स्टार्मर बोले, हमारे देश के लोग इस खबर को सुनकर आज जाग रहे होंगे - राहत महसूस कर रहे होंगे कि एक बोझ हटा लिया गया है, इस महान राष्ट्र के कंधों से अंततः एक बोझ हटा दिया गया है। 61 वर्षीय स्टार्मर ने जनादेश को जिम्मेदारियों का पर्याय बताया।

उन्होंने कहा, इस तरह का जनादेश बड़ी जिम्मेदारियों के साथ आता है। देश पहले आता है और पार्टी दूसरे पायदान पर। विजयी भाषण में स्टार्मर ने कहा, आज हम अगला अध्याय शुरू करते हैं - बदलाव का काम शुरू करते हैं, राष्ट्रीय नवीनीकरण का मिशन और अपने देश का पुनर्निर्माण शुरू करते हैं। स्टार्मर ने अपने भाषण में राजनीति को एक इम्तेहान बताया। कहा, आप जो भी हैं, जहां से भी हैं अगर नियमों के हिसाब से चलते हैं तो देश आपको सही मौका जरूर देगा। हमें आपके योगदान को सम्मान देना होगा और उसे बरकरार भी रखना होगा। इसके साथ ही, हमें राजनीति को सार्वजनिक सेवा में लौटाना होगा, यह दिखाना होगा कि राजनीति भलाई का काम करने की ताकत भी रखती है। कोई गलती न करें, इस युग में ये राजनीति की सबसे बड़ी परीक्षा है - विश्वास की वह लड़ाई जो हमारे युग को परिभाषित करती है। स्टार्मर ने आगे कहा, यही कारण है कि हमने यह प्रदर्शित करने के लिए इतनी मेहनत से अभियान चलाया कि हम सार्वजनिक सेवा के लिए उपयुक्त हैं। सेवा आशा की पहली शर्त है, उस बंधन का सम्मान करें जो देश को एकजुट कर सकता है। लेबर पार्टी के नेता ने आगे कहा- आज सुबह, हम देख सकते हैं कि ब्रिटिश लोगों ने 14 वर्षों के पन्ने को पलटने के लिए मतदान किया है, लेकिन यह दिखावा न करें कि इसमें कुछ भी अपरिहार्य था - राजनीति में कुछ भी पूर्व-निर्धारित नहीं है। चुनावी जीत आसमान से नहीं गिरती। इसे कड़ी मेहनत से जीता गया है और कड़ी लड़ाई लड़ी गई है। यकीन मानें इसे केवल एक बदली हुई लेबर पार्टी ही जीत सकती थी।

स्टार्मर ने अपने भाषण में वादा किया कि वो बदली हुई सोच के साथ काम करेंगे। बोले, हम एक बदली हुई लेबर पार्टी के रूप में चले और हम एक बदली हुई लेबर पार्टी के रूप में शासन करेंगे। मैं आपसे यह वादा नहीं करता कि यह आसान होगा। किसी देश को बदलना स्विच को चलाने जैसा नहीं है। यह कड़ी मेहनत, धैर्यपूर्वक काम, दृढ़ संकल्प है और हमें तुरंत आगे बढ़ना होगा। बता दें, स्टार्मर ने मध्य लंदन में होल्बोर्न और सेंट पैनक्रास की अपनी सीट जीती। 5 जुलाई को 650 सीटों वाले हाउस ऑफ कॉमन्स में लेबर ने 326 के बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। इसके बाद ऋषि सुनक ने हार स्वीकार कर ली। सुनक ने अपनी हार मानते हुए समर्थकों और कार्यकर्ताओं से कहा मुझे माफ कर दीजिएगा। सुनक ने तय समय से पहले चुनाव कराने का आह्वान करके कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया था। उनकी पार्टी जनमत सर्वेक्षणों में लेबर से 20 अंक पीछे थी। लेकिन उनका (सुनक) मानना ​​था कि पिछले चुनावों की तरह यह नतीजे पलट जाएंगे। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 01:24:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दिग्गज स्क्रीनराइटर रॉबर्ट टाउन का 89 साल की उम्र में निधन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दगगज-सकरनरइटर-रबरट-टउन-क-89-सल-क-उमर-म-नधन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दगगज-सकरनरइटर-रबरट-टउन-क-89-सल-क-उमर-म-नधन</guid>
        <description>लॉस एंजिल्स, 3 जुलाई । ऑस्कर विजेता और हॉलीवुड स्क्रीनराइटर रॉबर्ट टाउन का निधन हो गया है। उन्होंने 89 साल की उम्र में लॉस एंजिल्स स्थित अपने घर में आखिरी सांस ली। पब्लिसिस्ट कैरी मैकक्लर ने एक बयान में उनके निधन की खबर की पुष्टि की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1960 में की, लेकिन बी-मूवी निर्देशक रोजर कॉर्मन के लिए बतौर एक्टर और राइटर काम करने के बाद उनके करियर को नई ऊंचाई मिली। वह स्क्रिप्ट डॉक्टर्स कहे जाने लगे। रॉबर्ट टाउन ने 1970 के दशक में कमर्शियल हिट दिए, जिनमें द लास्ट डिटेल, चाइनाटाउन और शैम्पू शामिल है। तीनों स्क्रीनप्ले ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हुई, जिसमें चाइनाटाउन ने उस साल अवॉर्ड जीता।

वैराइटी के अनुसार, रॉबर्ट को 1967 में रिलीज हुई फिल्म बोनी एंड क्लाइड के लिए फिल्ममेकर वॉरेन बेट्टी ने स्पेशल कंसल्टेंट के तौर पर नियुक्त किया था। फिल्म के डायरेक्टर आर्थर पेन भी रॉबर्ट टाउन के काम से खुश थे। पेन ने कहा, रॉबर्ट के काम से वॉरेन को सीन की शूटिंग करने में मदद मिली। टाउन ने अपने करियर में कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया, लेकिन उनके कुछ स्क्रिप्ट को श्रेय नहीं दिया गया, जैसे द पैरालैक्स व्यू, मैराथन मैन, द मिसौरी ब्रेक्स और हेवन कैन वेट में उनको श्रेय नहीं मिला। 1973 में रॉबर्ट टाउन को एक बड़े सम्मान से सम्मानित किया गया। द गॉडफादर के डायरेक्टर फ्रांसिस फोर्ड कोपोला ने ऑस्कर स्पीच में उन्हें पचिनो-ब्रैंडो गार्डन सीन की स्क्रीप्टिंग के लिए धन्यवाद दिया था। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 00:40:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान: तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में विरोध प्रदर्शन से संबंधित प्रकरण में इमरान खान बरी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-तशखन-भरषटचर-ममल-म-वरध-परदरशन-स-सबधत-परकरण-म-इमरन-खन-बर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-तशखन-भरषटचर-ममल-म-वरध-परदरशन-स-सबधत-परकरण-म-इमरन-खन-बर</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 3 जुलाईपाकिस्तान की एक अदालत ने तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अयोग्य घोषित करने के निर्वाचन आयोग के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन से संबंधित मामले में बुधवार को खान और उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को बरी कर दिया।

जिला एवं सत्र न्यायालय ने जिन अन्य नेताओं को बरी किया है, उनमें शाह महमूद कुरैशी, शेख रशीद, असद कैसर, शहरयार आफरीदी, फैसल जावेद, राजा खुर्रम और अली नवाज अवान शामिल हैं।

जियो न्यूज की खबर के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट यासिर महमूद ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में बरी किए जाने के अनुरोध से संबंधित याचिकाओं पर पिछले हफ्ते सुनवाई की थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था।

निर्वाचन आयोग ने 2022 में तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में खान को पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। इसके खिलाफ प्रदर्शन के लिए आबपारा थाने में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक खान (71) और अन्य नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 00:40:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन के आम चुनाव में इस बार भारतीय मूल के उम्मीदवारों की बड़ी संख्या में जीत की उम्मीद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-क-आम-चनव-म-इस-बर-भरतय-मल-क-उममदवर-क-बड-सखय-म-जत-क-उममद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-क-आम-चनव-म-इस-बर-भरतय-मल-क-उममदवर-क-बड-सखय-म-जत-क-उममद</guid>
        <description>लंदन, 3 जुलाईब्रिटेन में बृहस्पतिवार को होने वाले आम चुनाव में देश के इतिहास में अब तक की सबसे विविध संसद देखने को मिल सकती है, जिनमें देशभर से भारतीय मूल के सांसदों की अच्छी-खासी संख्या हो सकती है।

ब्रिटिश फ्यूचर थिंक टैंक के एक विश्लेषण के अनुसार, अगर लेबर पार्टी बहुमत हासिल करती है तो उसमें जातीय अल्पसंख्यक सांसदों की अभी तक की सबसे अधिक संख्या हो सकती है।

विश्लेषण में कहा गया है कि इस बार करीब 14 प्रतिशत सांसद जातीय अल्पसंख्यक समुदायों के थे, जबकि नयी संसद में उनकी संख्या अधिक रह सकती है।

ब्रिटिश फ्यूचर के निदेशक सुंदर कटवाला ने कहा, इस चुनाव में जातीय अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व में बड़ी वृद्धि दिखेगी और यह अब तक की सबसे विविध संसद होगी।

वर्ष 2019 में हुए पिछले आम चुनाव में भारतीय मूल के 15 सांसद चुने गए थे, जिनमें से कई दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। उनके अलावा भारतीय मूल के कई लोग पहली बार आम चुनाव लड़ रहे हैं।

प्रतिष्ठित ब्रिटिश भारतीयों में से एक कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद आलोक शर्मा और लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र शर्मा इस बार क्रमश: रीडिंग वेस्ट और इलींग साउथल से पुन: चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।

इलींग साउथल में बड़ी संख्या में पंजाबी मतदाता हैं। वहां से इस बार दो ब्रिटिश सिख उम्मीदवार संगीत कौर भैल और जगिंदर सिंह निर्दलीयों के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं।

बृहस्पतिवार को होने वाले चुनाव में कुछ प्रमुख ब्रिटिश भारतीय उम्मीदवारों में प्रफुल नार्गुंड शामिल हैं, जो लेबर पार्टी की टिकट पर इस्लिंगटन नॉर्थ से चुनाव लड़ रहे हैं।

जस अथवाल लेबर पार्टी के गढ़ इफोर्ड साउथ से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि बैगी शंकर डर्बी साउथ, सतवीर कौर साउथम्पटन टेस्ट और हरप्रीत उप्पल हडर्सफील्ड से चुनाव लड़ रहे हैं।

इंदौर में जन्मे राजेश अग्रवाल पहली बार लीसेस्टर ईस्ट से चुनाव लड़ रहे हैं और उनका मुकाबला एक अन्य ब्रिटिश भारतीय एवं कंजर्वेटिव पार्टी की उम्मीदवार शिवानी राजा से है।

भारतीय मूल के मतदाताओं की अच्छी-खासी तादाद वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है, क्योंकि गोवा मूल की पूर्व सांसद कीथ वाज भी यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं।

इस बीच, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के उत्तरी इंग्लैंड में रिचमंड और नॉर्थअलर्टन की अपनी सीट बरकरार रखने की उम्मीद है। साथ ही उनके मंत्रिमंडल की पूर्व सहयोगी प्रीति पटेल के एसेक्स में विथम और सुएला ब्रेवरमैन के फारेहैम तथा वाटरलूविले में जीतने की उम्मीद है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 00:40:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उत्तरी कैलिफोर्निया के जंगल की आग और फैली, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उततर-कलफरनय-क-जगल-क-आग-और-फल-हजर-लग-क-सरकषत-सथन-पर-भज-गय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उततर-कलफरनय-क-जगल-क-आग-और-फल-हजर-लग-क-सरकषत-सथन-पर-भज-गय</guid>
        <description>ऑरोविल (कैलिफोर्निया), 4 जुलाई। उत्तरी कैलिफोर्निया में भीषण गर्मी के बीच जंगल में लगी आग ने बुधवार को आस-पास के क्षेत्रों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिसके मद्देनजर कम से कम 26,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

दमकल कर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं वहीं आग बुझाने के लिए हेलीकॉप्टर से भी पानी डाला जा रहा है।

सैक्रामेंटो से लगभग 70 मील (110 किलोमीटर) दूर बट काउंटी के ऑरोविल शहर के पास मंगलवार को वन क्षेत्र में सबसे पहले आग लगी , इससे धुएं का विशाल गुबार उठा।

ऑरोविल के मेयर डेविड पिटमैन ने बताया कि बुधवार दोपहर तक इस पर कुछ हद तक काबू पा लिया गया,साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि कुछ लोगों को जल्द घर जाने की अनुमति दी जा सकती है।

इस बीच बुधवार दोपहर को ऑरोविल से लगभग आठ किलोमीटर दूर दक्षिण में ग्रब्स नामक स्थान पर आग लग गई, जिसके कारण पलेर्मो शहर के लोगों को अपने घरों को खाली करना पड़ा। आग पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका है।

कैलिफोर्निया वन एवं अग्नि सुरक्षा विभाग (कैल फायर) के अनुसार, राज्य में 12 से अधिक स्थानों पर आग लगी हुई है, हालांकि इनमें से अधिकांश स्थानों पर आग ने विकार रूप धारण नहीं किया है।

ऑरोविल में मंगलवार रात आपातकाल की घोषणा की गई थी और लोगों को ठहराने के लिए आश्रय शिविर स्थापित किए गए थे।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 00:40:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रॉकेट हमले के बाद इसराइल ने फ़लस्तीनियों से दक्षिणी ग़ज़ा खाली करने को कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रकट-हमल-क-बद-इसरइल-न-फलसतनय-स-दकषण-गज-खल-करन-क-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रकट-हमल-क-बद-इसरइल-न-फलसतनय-स-दकषण-गज-खल-करन-क-कह</guid>
        <description>इसराइली सेना ने फ़लस्तीनियों को दक्षिणी ग़ज़ा के ख़ान यूनिस के पूर्वी हिस्से को खाली करने का आदेश दिया है. ये आदेश इसराइल की ओर रॉकेट छोड़े जाने के बाद दिया गया है.

यहां रह रहे लोगों को पहले ऑडियो मैसेज मिला जिसमें उन्हें ये इलाका खाली करने को कहा गया. इसके बाद इसराइली सेना ने सोशल मीडिया पर अरबी भाषा में इसे लेकर पोस्ट शेयर की.

चश्मदीदों का कहना है कि कई लोग पहले ही यहां से भाग रहे हैं.

इसराइल की ओर छोड़े गए 20 रॉकेटों के बाद इसराइली सेना ने ये फ़ैसला लिया है.

बीते कई महीनों में इसराइल की ओर ये पहला बड़ा हमला है. इन मिसाइलों को इसराइल ने मार गिराया और कुछ रॉकेट खाली ज़मीन पर गिरे. हमले में कोई हताहत नहीं हुआ.

फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद (पीआईजे) ने कहा कि उसने इसराइल के अपराधों के जवाब में यह बमबारी की.

जहां से लोगों को निकलने के आदेश दिए गए हैं ये खान यूनिस के दक्षिण-पूर्व में यूरोपीय अस्पताल के आसपास का क्षेत्र है.

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार,अस्पताल के कर्मचारियों ने खान यूनिस के नासिर अस्पताल में कुछ महत्वपूर्ण उपकरण ले जाना शुरू कर दिया है और कुछ कर्मचारी और मरीज भी वहां से चले गए हैं.

दूसरी ओर,ग़ज़ा के उत्तर में शेजैया में पांचवें दिन भी भीषण लड़ाई जारी रही और दक्षिणी राफ़ाह में एक इजराइली सैनिक मारा गया.

रविवार को इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहूने कहा कि उनके सैनिक पूरे फ़लिस्तीनी क्षेत्र मेंकठिन लड़ाईमें लगे हुए हैं.

ग़ज़ा के हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार,7 अक्टूबर के बाद इसराइल के हमलों में अब तक ग़ज़ा में 37,900 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं,पिछले 24 घंटों में 23 लोग मारे गए हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 03 Jul 2024 02:40:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>विशाल हथियार ले जाने में सक्षम नयी बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया : उत्तर कोरिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वशल-हथयर-ल-जन-म-सकषम-नय-बलसटक-मसइल-क-परकषण-कय-उततर-करय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वशल-हथयर-ल-जन-म-सकषम-नय-बलसटक-मसइल-क-परकषण-कय-उततर-करय</guid>
        <description>सियोल, 2 जुलाई। उत्तर कोरिया ने मंगलवार को कहा कि उसके विशाल हथियार ले जाने में सक्षम नयी सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है।

उत्तर कोरिया अमेरिका की अगुवाई वाले खतरों से निपटने के लिए अपने शस्त्रागार को उन्नत बनाने पर जोर दे रहा है।

उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने इस हथियार को ह्वासोंगफो-11डीए-4.5 बताया जो 4.5 टन का विशाल मुखास्त्र ले जाने में सक्षम है।

उसने बताया कि सोमवार को हुआ परीक्षण इसकी उड़ान स्थिरता की पुष्टि करने और अधिकतम 500 किलोमीटर की दूरी तक मार करने की क्षमता की जांच करने के लिए किया गया।

दक्षिण कोरियाई सेना ने पहले बताया था कि उत्तर कोरिया ने अपने एक दक्षिणपश्चिमी शहर से सोमवार को उत्तरपूर्वी दिशा में दो बैलिस्टिक मिसाइल छोड़ी।

उसने बताया कि पहली मिसाइल ने 600 किलोमीटर (370 मील) और दूसरी मिसाइल ने 120 किलोमीटर (75 मील) की दूरी तय की।

केसीएनए ने यह नहीं बताया कि नयी मिसाइल कहां से प्रक्षेपित की गयीं और वे कहां गिरीं।

केसीएनए ने उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रशासन के हवाले से बताया कि उत्तर कोरिया 250 किलोमीटर की मध्यम दूरी पर अपने मुखास्त्र के प्रदर्शन का सत्यापन करने के लिए जुलाई में मिसाइल का फिर परीक्षण करेगा।

यह प्रक्षेपण ऐसे समय किया गया है जब दो दिन पहले दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान का क्षेत्र में बहुक्षेत्रीय त्रिपक्षीय अभ्यास फ्रीडम एज समाप्त हुआ था।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 03 Jul 2024 02:40:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पीएम मोदी मॉस्को दौरे से पहले रूस ने कहा&amp; हर मुद्दे पर होगी बात</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पएम-मद-मसक-दर-स-पहल-रस-न-कह-हर-मदद-पर-हग-बत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पएम-मद-मसक-दर-स-पहल-रस-न-कह-हर-मदद-पर-हग-बत</guid>
        <description>रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जब मॉस्को में मुलाकात होगी तो दोनो के बीच कोई भी मुद्दा बातचीत के दायरे से बाहर नहीं होगा.

पेस्कोव ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की मॉस्को यात्रा की तारीख़ की घोषणा जल्द ही होगी. उन्होंने कहा कि यात्रा की तैयारियां आख़िरी चरण में हैं.

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने पेस्कोव के हवाले से बताया कि पुतिन और मोदी अपनी बैठक के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा,व्यापार जैसे एजेंडे पर बात करेंगे.

एक सवाल का जवाब देते हुए पेस्कोव ने कहा, हम (रूस और भारत) संयुक्त रूप से काम करने को लेकर चर्चा करेंगे. क्षेत्रीय मामले, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक सुरक्षा हमेशा एजेंडे में सबसे ऊपर रहते हैं. इसके अलावा द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग भी हमारी बातचीत का फोकस होगा. 

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए पेस्कोव ने कहा कि रूस और भारत में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की पारस्परिक राजनीतिक इच्छाशक्ति है.

पेस्कोव ने कहा, राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच संबंधों काफ़ी विश्वासपूर्ण हैं और उस देखते हुए हम उम्मीद कर सकते हैं कि एजेंडे में शामिल सभी मुद्दों पर विचारों साझा किए जाएंगे और ऐसे ही कई और मुद्दों पर बात होगी.

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो आठ जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी मॉस्को जा सकते हैं हालांकि उनके दौरे की तारीखों का कोई आधिकारिक एलान नहीं किया गया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 03 Jul 2024 02:39:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बाइडन की तुलना में हैरिस के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने की अधिक संभावना: सीएनएन सर्वेक्षण</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बइडन-क-तलन-म-हरस-क-रषटरपत-पद-क-चनव-जतन-क-अधक-सभवन-सएनएन-सरवकषण</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बइडन-क-तलन-म-हरस-क-रषटरपत-पद-क-चनव-जतन-क-अधक-सभवन-सएनएन-सरवकषण</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 3 जुलाई। भारतीय-अफ्रीकी मूल की अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस यदि राष्ट्रपति पद के चुनाव में खड़ी होती हैं तो राष्ट्रपति जो बाइडन की तुलना में उनके जीतने की संभावना अधिक है। सीएनएन के एक हालिया सर्वेक्षण में यह कहा गया है।

बाइडन (81) की देश के अगले राष्ट्रपति के रूप में स्वीकृति की रेटिंग पिछले सप्ताह अटलांटा में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साथ हुई बहस में उनके निराशाजनक प्रदर्शन के बाद गिर गई है।

राष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले बाइडन और ट्रंप के बीच हुई पहली बहस के बाद से सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी में यह मांग उठ रही है कि बाइडन को पीछे हट जाना चाहिए और पांच नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए पार्टी की ओर से किसी अन्य उम्मीदवार को मौका देना चाहिए।

सीएनएन के सर्वेक्षण के अनुसार, ट्रंप लोकप्रियता के मामले में बाइडन से छह अंक आगे हैं।

सर्वेक्षण में हैरिस, ट्रंप के बीच काल्पनिक मुकाबले को लेकर भी सर्वेक्षण कराया गया जिसके अनुसार 47 प्रतिशत पंजीकृत मतदाता ट्रंप का समर्थन करते हैं जबकि 45 प्रतिशत हैरिस के समर्थक हैं यानी उनके आमने-सामने होने की स्थिति में मुकाबला नजदीकी होगा।

इस बीच, बाइडन ने बहस में अपने निराशाजनक प्रदर्शन के लिए अपने हालिया विदेशी दौरों के कारण हुई थकान को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने वाशिंगटन डीसी में एक कार्यक्रम में कहा, मैंने होशियारी से काम नहीं लिया। मैंने बहस से कुछ समय पहले ही दुनिया भर में यात्रा करने का फैसला किया। मैंने अपने सहयोगी कर्मचारियों की सलाह नहीं मानी...और फिर मैं मंच पर लगभग सो गया था।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 03 Jul 2024 02:39:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बोलीविया में तख्तापलट की कोशिश में शामिल 30 से ज्यादा संदिग्ध जांच के दायरे में</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बलवय-म-तखतपलट-क-कशश-म-शमल-30-स-जयद-सदगध-जच-क-दयर-म</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बलवय-म-तखतपलट-क-कशश-म-शमल-30-स-जयद-सदगध-जच-क-दयर-म</guid>
        <description>ला पाज, 3 जुलाई (आईएएनएस)। बोलीविया के राष्ट्रपति लुइस आर्से के खिलाफ 26 जून को हुए असफल तख्तापलट की कोशिश में शामिल 30 से ज्यादा संदिग्ध व्यक्तियों की जांच चल रही है। प्रासीक्यूटर फ्रैंकलिन एल्बोर्ता ने पत्रकारों से कहा, हमें यह बात समझनी चाहिए कि यह एक जटिल मामला है। 30 से ज्यादा लोग पहले से ही औपचारिक रूप से जांच के दायरे में हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में से एक व्लादिमीर लूपा सलामांका है। वह सशस्त्र बलों के एक विशिष्ट समूह एफ10 का कमांडर है। व्लादिमीर लूपा सलामांका को ला पाज में अभियोजकों (प्रासीक्यूटर्स) के सामने गवाही देनी है। जिनके खिलाफ जांच चल रही है उनमें पूर्व सेना कमांडर और तख्तापलट नेता जनरल जुआन जोस जुनिगा, पूर्व नौसेना कमांडर जुआन अर्नेज़ और पूर्व वायु सेना कमांडर मार्सेलो जेगर्रा शामिल हैं। बता दें कि दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया में पिछले दिनों तख्तापलट की कोशिश की गई थी जिसमें बोलिवियाई सशस्त्र बलों के बख्तरबंद वाहन और सैनिकों ने ला पाज़ में राष्ट्रपति भवन में घुसने की कोशिश की। बोलिवियाई पुलिस ने विद्रोही सैन्य कमांडर जनरल जुआन जोस ज़ुनिगा को गिरफ्तार कर लिया, जिन्होंने तख्तापलट की कोशिश का नेतृत्व किया था। बोलिवियाई राष्ट्रपति लुइस आर्से ने तख्तापलट की कोशिश की निंदा की और नागरिकों से लोकतंत्र की रक्षा करने और संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने एक नए सेना कमांडर के नाम की घोषणा की। बोलीविया के विभिन्न भागों में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए राष्ट्रपति के आह्वान में शामिल होकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रदर्शन किया।(आईएएनएस)।</description>
        <pubDate>Wed, 03 Jul 2024 02:39:55 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजरायल ने कहा, मई से अब तक रफा में 900 आतंकवादियों को मार गिराया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरयल-न-कह-मई-स-अब-तक-रफ-म-900-आतकवदय-क-मर-गरय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरयल-न-कह-मई-स-अब-तक-रफ-म-900-आतकवदय-क-मर-गरय</guid>
        <description>यरूशलम, 3 जुलाई । इजरायल के सैन्य प्रमुख हर्ज़ी हलेवी ने कहा है कि मई की शुरुआत से अब तक इजरायल ने गाजा के सबसे दक्षिणी शहर रफा में लगभग 900 आतंकवादियों को मार गिराया है। इजरायली सेना ने मई में जमीनी हमले की शुरुआत की थी। इजरायल रक्षा बलों द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मंगलवार को दक्षिणी गाजा पट्टी में एक सैन्य चौकी का निरीक्षण करते समय हलेवी ने कहा कि हताहतों में हमास के कम से कम एक बटालियन कमांडर, कई कंपनी कमांडर और कई कार्यकर्ता शामिल हैं। सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, उन्होंने कहा कि रफा में कार्रवाई कुछ हफ़्तों में पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, अब फोकस हमास के बुनियादी ढांचे और सुरंगों को नष्ट करने पर है, और इसमें समय लगता है। उन्होंने कहा, यह अभियान लंबा है क्योंकि हम रफा को बुनियादी ढांचे के साथ छोड़ना नहीं चाहते हैं। जमीनी हमले की शुरुआत से पहले, रफा उन कुछ सुरक्षित स्थानों में था, जहां नागरिक भारी इजरायली बमबारी से बचने के लिए शरण लेते थे। (आईएएनएस)।</description>
        <pubDate>Wed, 03 Jul 2024 02:39:54 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान में 14वें राष्ट्रपति पद के लिए मतदान शुरू</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-म-14व-रषटरपत-पद-क-लए-मतदन-शर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-म-14व-रषटरपत-पद-क-लए-मतदन-शर</guid>
        <description>तेहरान, 28 जून । ईरान के 14वें राष्ट्रपति पद के लिए शुक्रवार को वोटिंग हो रही है। पिछले महीने राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी जिसके बाद चुनाव आवश्यक हो गया था। गृह मंत्री अहमद वाहिदी ने टेलीविजन पर अपने संबोधन में कहा, हम देश के 14वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान शुरू कर रहे हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने मतदान केंद्र पर पहुंचकर पहला वोट डाला। इस दौरान उन्होंने ईरानी लोगों की एकता का आह्वान करते हुए एक स्पीच दी। अधिकारियों के अनुसार, 95 से अधिक राज्यों में लगभग 59 हजार मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी। 6.1 करोड़ से अधिक लोग चुनाव में वोट डालने के पात्र हैं।

ईरान के 14वें राष्ट्रपति का चुनाव 2025 के लिए निर्धारित था। लेकिन इब्राहिम रईसी की मौत के बाद चुनाव पहले ही कराना तय किया गया। शुरुआत में वर्तमान उपराष्ट्रपति अमीर-हुसैन गाजीजादेह हाशमी; तेहरान के मेयर अलीरेजा जकानी; संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालीबाफ; परमाणु वार्ता के पूर्व शीर्ष वार्ताकार सईद जलीली; पूर्व गृह और न्याय मंत्री मुस्तफा पोर-मोहम्मदी और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मसूद पेजेशकियन उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल होने के लिए योग्य थे। बाद में हाशमी और जकानी ने गालीबाफ और जलीली के पक्ष में दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 00:46:41 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ़्रांस में कल चुनाव, मैक्रों की पार्टी ने कहा&amp; दक्षिणपंथी देश को बर्बाद कर देंगे</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फरस-म-कल-चनव-मकर-क-परट-न-कह-दकषणपथ-दश-क-बरबद-कर-दग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फरस-म-कल-चनव-मकर-क-परट-न-कह-दकषणपथ-दश-क-बरबद-कर-दग</guid>
        <description>फ्रांस में आम चुनाव प्रचार ख़त्म हो गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पार्टी की ओर से धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली का समर्थन न करने की अपील की गई है.

लेकिन ऐसा लगता है कि वोटर संसदीय चुनाव में नेशनल रैली को ऐतिहासिक जनादेश दे सकते हैं.

फ्रांस में 30 जून को पहले दौर का चुनाव होगा. दूसरे दौर का चुनाव 7 जुलाई को होगा.

फ्रांस के प्रधानमंत्री गैब्रियल अटाल ने चेतावनी दी है कि वोटरों ने अगर नेशनल रैली को वोट दिया तो नफ़रत और आक्रामकता की लहर आ सकती है. लेकिन मेरीन ली पेन और 28 वर्षीय जॉर्डन बार्देला की पार्टी को ओपिनियन पोल में आगे दिखाया गया है.

हालांकि दक्षिणपंथी नेशनल रैली ने अपने ऊपर लग रहे नस्लवाद के आरोपों को ख़ारिज किया है. लेकिन सवाल ये है कि क्या इसे इतने वोट मिल पाएंगे कि ये अपने दम पर सरकार बना सके.

जून की शुरुआत में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अचानक संसद को भंग करके मध्यावधि चुनाव कराने का एलान कर दिया था.

राष्ट्रपति मैक्रों ने संसदीय चुनावों का एलान उस वक़्त किया था, जब यूरोपीय संसद के चुनावों में कट्टर दक्षिणपंथी नेशनल रैली पार्टी को को बड़ी कामयाबी मिली थी.

चुनावों की घोषणा करते हुए मैक्रों ने अपने देश के नागरिकों से अपील की थी कि वो कट्टरपंथियों को तवज्जो न दें.

फ्रांस में कैसे होता है चुनाव

इन चुनावों में फ्रांस की संसद के निचले सदन, नेशनल असेंबली के 577 सदस्यों का चुनाव होगा. ये सदन ही देश के क़ानून बनाता है.

संसद के ऊपरी सदन यानी सीनेट के सदस्यों का चुनाव नेशनल असेंबली और स्थानीय अधिकारी मिलकर करते हैं.

30 जून को फ्रांस की मुख्य भूमि और फ्रांस से दूर आबाद इलाक़ों और विभागों के सभी 577 संसदीय इलाक़ों में वोट डाले जाएंगे.

इन चुनावों में विदेश में रह रहे फ्रांसीसी नागरिक भी वोट डाल सकते हैं. हर ज़िले से एक संसद सदस्य चुना जाता है.

7 जुलाई को सभी सीटों पर दोबारा वोट डाले जाएंगे, जिसमें मतदाताओं को पहले दौर में सबसे ज़्यादा वोट पाने वाले दो उम्मीदवारों में से एक का चुनाव करना होगा.

पहले दौर में जिन उम्मीदवारों को 12.5 प्रतिशत से अधिक वोट मिलेंगे, वो अगले दौर के चुनाव में दाख़िल हो सकता है.

ऐसे में आम तौर पर दूसरे दौर के मतदान में हर सीट पर दो या तीन उम्मीदवारों के बीच मुक़ाबला होता है.

संसद में बहुमत के लिए किसी दल या गठबंधन के लिए 289 सीटों पर जीत हासिल करनी होती है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 00:46:38 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में ये उम्मीदवार मामूली अंतर से आगे</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-रषटरपत-चनव-म-य-उममदवर-ममल-अतर-स-आग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-रषटरपत-चनव-म-य-उममदवर-ममल-अतर-स-आग</guid>
        <description>ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में रूढ़िवादी सईद जलीली ने अपने प्रतिद्वंद्वियों से हल्की बढ़त बना ली है.

सरकार की ओर से जारी शुरुआती नतीजों में पूर्व परमाणु वार्ताकार जलीली लगभग 42 फ़ीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. अब तक 8 लाख मत पत्रों की गिनती हो चुकी है. लेकिन नतीजे चौंकाने वाले रहे हैं.

सुधारवादी नेता मसूद पेज़ेशकियान शुरुआत में आगे चल रहे थे लेकिन अब 40 फ़ीसदी वोटों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं

पेज़ेशकियान पूर्व हार्ट सर्जन हैं और स्वास्थ्य मंत्री हैं. उन्होंने मोरल पुलिस पुलिसिंग पर लगाम लगाने का वादा कया है.

उन्होंने महिलाओं पर कड़े ड्रेस कोड लागू करने को अनैतिक क़रार दिया है.

अगर ईरानी राष्ट्रपति चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को 50 फ़ीसदी से ज़्यादा वोट नहीं मिले तो दोबारा मतदान होगा.

ईरान में पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की 19 मई को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत की वजह से नए राष्ट्रपति चुनाव हो रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 00:46:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस में पैसेंजर ट्रेन के नौ डिब्बे पटरी से उतरे, 70 लोग घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-म-पसजर-टरन-क-न-डबब-पटर-स-उतर-70-लग-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-म-पसजर-टरन-क-न-डबब-पटर-स-उतर-70-लग-घयल</guid>
        <description>मॉस्को, 27 जून । रूस के उत्तर-पश्चिमी कोमी क्षेत्र में एक पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतर गई। इस हादसे में कम से कम 70 लोग घायल बताए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी आरआईए ने रूस की सरकारी रेलरोड कंपनी के हवाले से बताया कि बुधवार को ट्रेन के नौ डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 70 यात्री घायल हुए हैं। फिलहाल, हादसे में किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है।

आपातकालीन सेवाएं और मेडिकल टीम को घटनास्थल पर भेजा गया। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया कि भारी बारिश दुर्घटना का संभावित प्रमुख कारण हो सकती है। यात्री ट्रेन उत्तर पूर्वी कोमी में वोरकुटा से नोवोरोस्सिएस्क के ब्लैक सी बंदरगाह जा रही थी। ट्रेन में 200 से ज्यादा यात्री सवार थे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, हादसा बुधवार को इंटा शहर के पास हुआ। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 01:03:21 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फिलीपींस : सेना ने झड़प में सात विद्रोहियों को मार गिराया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फलपस-सन-न-झडप-म-सत-वदरहय-क-मर-गरय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फलपस-सन-न-झडप-म-सत-वदरहय-क-मर-गरय</guid>
        <description>मनीला, 27 जून । फिलीपींस की सेना ने मनीला के उत्तर में स्थित नुएवा एसिजा प्रांत में हुई झड़प में सात संदिग्ध विद्रोहियों को मार गिराया। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सेना ने एक रिपोर्ट में कहा कि बुधवार दोपहर को पेंटाबांगन शहर में न्यू पीपुल्स आर्मी के विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच झड़प शुरू हो गई। झड़प के दौरान सेना के जवानों ने सात संदिग्ध विद्रोहियों को ढेर कर दिया। वहीं इस झड़प में कोई भी सैनिक मारा या घायल नहीं हुआ है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 01:03:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सीरिया में इजरायली मिसाइल हमले में 2 की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सरय-म-इजरयल-मसइल-हमल-म-2-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सरय-म-इजरयल-मसइल-हमल-म-2-क-मत</guid>
        <description>दमिश्क, 27 जून । सीरियाई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दक्षिणी सीरिया के कई सैन्य स्थलों पर इजरायली मिसाइल हमले किए गए जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, वहीं एक सैन्यकर्मी के घायल होने की खबर है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इजरायल ने बुधवार देर रात सीरिया के दक्षिणी क्षेत्र पर कब्जे वाले सीरियाई गोलन हाइट्स से कई स्थानों को निशाना बनाकर हवाई हमला किया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार सीरियाई वायु रक्षा बल कुछ मिसाइलों को रोकने में कामयाब रहा, उन्हें मार गिराया गया।

सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने दमिश्क के दक्षिणी ग्रामीण क्षेत्र के सैय्यदा जैनब उपनगर में हुए हमले की रिपोर्ट दी। ब्रिटेन स्थित निगरानी समूह ने कहा कि इजरायली मिसाइलों ने सीधे उस जगह को निशाना बनाया, जहां लेबनानी हिजबुल्लाह और ईरानी मिलिशिया से संबद्ध जिहाद अल-बीना फाउंडेशन के सर्विस सेंटर में वाहन खड़े थे। इसमें कहा गया है कि जैसे ही वहां से धुआं उठने लगा, एंबुलेंस जल्द ही मौके के लिए रवाना हो गई। इसमें कहा गया है कि सीरियाई वायु रक्षा प्रणाली ने इजरायली हमले को रोकने के लिए मिसाइलें भी दागीं। इजरायल ने बार-बार सीरियाई सैन्य स्थलों को निशाना बनाया है। विशेष रूप से वह जगह जहां ईरान समर्थक मिलिशिया या लेबनानी हिजबुल्लाह से जुड़े हथियार भंडारण स्थल हैं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 01:03:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एलन मस्क की कंपनी और नासा के बीच 84.3 करोड़ डॉलर का सौदा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-कपन-और-नस-क-बच-843-करड-डलर-क-सद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एलन-मसक-क-कपन-और-नस-क-बच-843-करड-डलर-क-सद</guid>
        <description>अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के बीच 84.3 अरब डॉलर का समझौता हुआ है.

इस समझौते के अनुसार 2030 में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) की मियाद पूरी होने के बाद उसे वापस धरती पर लाने में स्पेसएक्स की अहम भूमिका होगी.

समझौते के तहत लगभग 430 टन के आईएसएस को धरती पर वापिस लाने के लिए स्पेस एक्स डीऑर्बिट व्हीकल नाम का अंतरिक्षयान बनाएगा.

साल 2030 में आईएसएस की मियाद पूरी हो जाएगी. इसे बनाने के लिए 1980 के दशक में अंतरिक्ष में इसके हिस्सों को एक-एक कर भेजा गया था.

नासा का कहना है कि अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद आईएसएस अंतरिक्ष में तैरकर स्पेस कचरे का हिस्सा बन जाएगा, और ये वापिस धरती पर गिर सकता है. अगर इसके गिरने को नियंत्रित न किया गया तो इससे आबादी के लिए जोखिम पैदा हो सकता है.

इमेज कैप्शन,अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन
1998 से पांच स्पेस एजेंसियां- अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा, कनाडाई स्पेस एजेंसी सीएसए, यूरोपीय स्पेस एजेंसी ईएसए, जापान की स्पेस एजेंसी जाक्शा और रूसी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के रखरखाव और ज़रूरतों का काम करती रही हैं.

नासा का कहना है कि आईएसएस को सुरक्षित तरीके से डीऑर्बिट करना और वापिस लाना पाचों एजेंसियों की ज़िम्मेदारी है.

ये स्टेशन धरती से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में मौजूद है और और हर 90 मिनट पर धरती का एक चक्कर लगाता है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 01:03:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अर्थव्यवस्था, अफ़ग़ानिस्तान और कोरोना पर क्या बोले बाइडन और ट्रंप?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अरथवयवसथ-अफगनसतन-और-करन-पर-कय-बल-बइडन-और-टरप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अरथवयवसथ-अफगनसतन-और-करन-पर-कय-बल-बइडन-और-टरप</guid>
        <description>2024 की अमेरिकी प्रेज़िडेंशियल डिबेट में राष्ट्रपति जो बाइडन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आमने सामने थे.

बहस की शुरुआत अर्थव्यवस्था के मुद्दे से हुई.

महंगाई की बात आते ही बाइडन ने ट्रंप की तरफ़ बात को घुमा दिया और कहा कि उन्होंने बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था सौंपी थी जिसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि उनके शासन के दौरान अमेरिका की अर्थव्यवस्था महान थी.

बाइडन ने कहा कि हमें सब कुछ फिर सही करना था. ट्रंप पर कुछ न करने के आरोप लगाए और कई बार अव्यवस्था शब्द का इस्तेमाल किया.

बाइडन ने कहा कि ट्रंप ने अमीरों को फायदा पहुंचाया.

इसके बाद ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मतदाताओं के लिए इतिहास में सबसे ज़्यादा टैक्स कटौती की.

अफ़ग़ानिस्तान और कोरोना पर हुई तीखी बहस

डिबेट में अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सेना के वापस आने और कोरोना महामारी के दौरान सरकार के रवैये पर भी बात हुई.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिकी सेना अफ़ग़ानिस्तान में तब तक लड़ ही रही थी.

ट्रंप ने कहा कि उनका प्लान एक गरिमा और ताकत के साथ वहां(अफ़ग़ानिस्तान) से बाहर निकलने का था.

उन्होंने कहा, जब वो(बाइडन) वहां से निकले तो वो देश के इतिहास के लिए सबसे शर्मनाक पल था.

कोरोना महामारी को लेकर जो बाइडन ने कहा कि उस वक्त सब कुछ एक कुव्यवस्था में बदल गया था.

कोरोना मामले पर जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, हम कोरोना महामारी की चपेट में आ गए और जब ऐसा हुआ तो हमने ज़रूरत के हिसाब से पैसे खर्च किए ताकि हम महामंदी के दौर में न चले जाएं. सब कुछ बेहतरीन था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 01:03:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कीनिया में भारतीय उच्चायोग ने अपने लोगों के लिए जारी की एडवाइज़री</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनय-म-भरतय-उचचयग-न-अपन-लग-क-लए-जर-क-एडवइजर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनय-म-भरतय-उचचयग-न-अपन-लग-क-लए-जर-क-एडवइजर</guid>
        <description>कीनिया में सरकार के ख़िलाफ़ हिंसक प्रदर्शन हो रहा है. सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में पांच लोगों के मरने और संसद में आगज़नी जैसी ख़बरें भी सामने आई हैं.

ऐसे में कीनिया में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है.

भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा,कीनिया में भारतीय नागरिकों के लिए सलाह. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए, कीनिया में मौजूद हर भारतीय नागरिक को सलाह दी जाती है कि वो सतर्कता बरतें, ग़ैर ज़रूरी काम से बाहर न निकलें,

विरोध प्रदर्शन और जब तक कि स्थिति ठीक नहीं हो जाती है तब तक हिंसाग्रस्त इलाकों में जाने से बचें. कृपया स्थानीय खबरों और दूतावास की वेबसाइट पर नज़र बनाए रखें और अपडेट्स के लिए सोशल मीडिया देखते रहें.

दरअसल कीनिया की सरकार ने हाल ही में नया वित्त बिल पेश किया था, जिसमें कई सारे टैक्स में बढ़ोतरी की गई. इन बढ़ोतरियों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है और पुलिस कार्रवाई में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है.

विरोध कर रहे लोगों ने कीनिया की संसद में भी घुसने की कोशिश की और एक हिस्से में आग भी लगा दी. नैरोबी में प्रदर्शनकारियों का समूह पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़कर संसद में घुस गया था.

कीनिया के राष्ट्रपति विलियम रुतो ने बीते मंगलवार को एक संबोधन में कहा, देश की सुरक्षा और स्थिरता से खिलवाड़ करने वाले ख़तरनाक अपराधियों से निपटने के लिए हर रास्ता अपनाएंगे.

कीनिया में विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रण में करने के लिए सेना को उतारा जा चुका है. नए वित्त बिल को लेकर कीनिया में कई दिनों से ये प्रदर्शन चल रहे थे लेकिन मंगलवार को संसद में बिल पास हो जाने के बाद प्रदर्शन उग्र हो गया.

रबर बुलेट और आंसू गैस के गोलों का भी इस्तेमाल किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों के घायल होने की भी ख़बर है. मौक़े पर मौजूद बीबीसी के एक संवाददाता ने भी कई शवों को सड़क पर पड़े हुए देखा.

अराजकता और हिंसा से निपटने के लिए राष्ट्रपति रुतो ने कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 01:01:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में बदलावकारी हो सकते हैं ग्लोबल साउथ के विश्वविद्यालय : जेजीयू कुलपति</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सतत-वकस-लकषय-क-हसल-करन-म-बदलवकर-ह-सकत-ह-गलबल-सउथ-क-वशववदयलय-जजय-कलपत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सतत-वकस-लकषय-क-हसल-करन-म-बदलवकर-ह-सकत-ह-गलबल-सउथ-क-वशववदयलय-जजय-कलपत</guid>
        <description>टोक्यो, 26 जून । ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) के संस्थापक कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. राजकुमार ने यहां एकेडमिक काउंसिल ऑफ द यूनाइटेड नेशन्स सिस्टम (एसीयूएनएस) की वार्षिक बैठक को संबोधित किया। उन्होंने बैठक में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने में ग्लोबल साउथ के विश्वविद्यालयों की भूमिका विषय पर एक कीनोट भाषण दिया। डॉ. राज कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि अगले छह साल में एजेंडा 2030 को हासिल करना कितना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि सभी हितधारकों, सरकारों तथा कंपनियों के लिए रणनीतिक नीतियां तैयार कर उन पर काम करना कितना जरूरी है ताकि एसडीजी को हासिल करने में वे सीधे योगदान दे सकें और ज्वलंत वैश्विक मुद्दों का समाधान कर सकें। उन्होंने कहा, मानव विकास के लिए ज्ञान सृजन और वितरण, नवाचार, अत्याधुनिक शोध, इंटरैक्टिव लर्निंग, और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना जरूरी है। विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान इन महत्वपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच हो सकते हैं। आवश्यक महत्वपूर्ण कदमों के बारे में विस्तार से बताते हुए डॉ. राज कुमार ने कहा, भारत और ग्लोबल साउथ के विश्वविद्यालय 10 मुख्य बिंदुओं में सभी 17 एसडीजी की प्राप्ति में योगदान दे सकते हैं। विश्वविद्यालयों की प्राथमिक भूमिका अनुभव आधारित शिक्षण, क्लीनिकल ​​कार्यक्रमों, बड़ी परियोजनाओं में और सामुदायिक स्तर पर भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करते हुए पाठ्यक्रम के भीतर प्रासंगिक विषयों और चुनौतियों को शामिल करके छात्रों को परिवर्तन का दूत बनने के लिए सशक्त बनाना है।

गरीबी के दुष्चक्र को तोड़ने के लिए वित्तीय सहायता और छात्रवृत्ति प्रदान करना, परोपकार को बढ़ावा देना और सार्वजनिक शिक्षा में निवेश करने के लिए सरकार को नीतिगत सिफारिशें प्रदान करना आवश्यक है। सभी के लिए समानता सुनिश्चित करने के लिए संस्थानों की दोहरी जिम्मेदारी है कि वे समान अवसर और निष्पक्ष व्यवहार वाले समावेशी प्रशिक्षण केंद्र के साथ-साथ ऐसे कार्यस्थल के उदाहरण बनें। ज्ञान सृजन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े स्कॉलरशिप, तथा समाज के साथ जुड़कर जागरूकता बढ़ाकर विश्वविद्यालय अच्छे स्वास्थ्य और आरोग्य के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार हो सकते हैं। इसके अलावा, धरती पर जीवन के संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन की दिशा में काम करने के लिए विश्वविद्यालयों को पर्यावरण पर शोध पर निवेश करना चाहिए और सस्टेनेबल प्रैक्टिस के लिए स्थानीय संस्कृति से जुड़ना चाहिए। उन्हें कार्बन फुटप्रिंट कम करके और अपने परिसरों में जैवविविधता के संरक्षण के लिए अभ्यारण्य बनाकर बदलाव का कारण बनना चाहिए। विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम, अनुसंधान के एजेंडा, टिकाऊ बुनियादी ढांचा, परिसर के भीतर आयोजनों, आम लोगों के साथ संस्थान के जुड़ाव संस्थान के पर्यावरणीय फुटप्रिंट के जरिये व्यक्तिगत सजगता पैदा कर सकते हैं।

साफ पानी और खाद्य सुरक्षा के लक्ष्य की दिशा में काम करते हुए विश्वविद्यालयों को सार्वजनिक नीतियों को प्रभावित करने की अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करना चाहिए, और अपने परिसरों में जल संरक्षण तथा खाद्य सुरक्षा की परंपरा को बढ़ावा देना चाहिए। आम लोगों और उद्योगों के टिकाऊ आर्थिक विकास के लिए विश्वविद्यालयों को ऐसे परिवर्तनीय पाठ्यक्रम बनाने चाहिए जो बाजार में आ रहे बदलावों के अनुकूल हों, उद्योगों के साथ भागीदारी करनी चाहिए, और नवाचार तथा एंटरप्रेन्योरशिप के लिए इनक्यूबेटर की तरह काम करना चाहिए। शांति एवं न्याय की वकालत करने के लिए शिक्षण संस्थानों को एकेडमिक निष्पक्षता को ऊपर रखते हुए विभिन्न पहलुओं और सच्चाई का वस्तुनिष्ठ तरीके से, बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप या सेंसरशिप के चित्रण करना चाहिए ताकि लोगों की सामाजिक एवं राजनीतिक सोच में जागरूकता का समावेश किया जा सके। भागीदारी की दिशा में काम करते हुए, खासकर दक्षिण-दक्षिण भागीदारी की दिशा में, विश्वविद्यालय कंसोर्टियम, रिसर्च नेटवर्क का निर्माण कर सकते हैं, साझा चुनौतियों के समाधान पेश कर सकते हैं, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दे सकते हैं, और नीतियों में बदलाव पर प्रभाव छोड़ सकते हैं। इस साल एसीयूएनएस की वार्षिक बैठक ऐसे समय में हो रही है जब जेजीयू ने हाल ही में अपनी सस्टेनेबल डेवलपमेंट रिपोर्ट पेश की है जो अपनी तरह की पहली रिपोर्ट है।

इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे एक विश्वविद्यालय अपनी शैक्षिक गतिविधियों, शोध, प्रबंधन, नौकरियों के अवसर प्रदान करने, भर्ती में समान अवसर प्रदान करने, स्वास्थ्य मानकों की स्थापना और रखरखाव, सार्वजनिक सेवा प्रदान करने, स्थानीय समुदायों के लिए समर्थन, लैंगिक जागरूकता का निर्माण, परिसर में और उसके बाहर पर्यावरण संरक्षण नीतियों को अपनाने और अन्य सतत गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न विशिष्ट एसडीजी की उपलब्धि में सीधे और प्रभावी रूप से योगदान दे सकता है। जेजीयू सतत विकास रिपोर्ट एसीयूएनएस के निवर्तमान अध्यक्ष और जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के लिसे हॉवर्ड प्रोफेसर, आगामी अध्यक्ष डॉ. फ्रांज बाउमन, 2024 एसीयूएनएस वार्षिक बैठक के दो सह-मेजबान, टोक्यो में यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी के रेक्टर प्रोफेसर चिलिद्ज़ी मारवाला तथा टोक्यो यूनिवर्सिटी के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के वाइस डीन प्रोफेसर अत्सुको कावाकिता और एसीयूएनएस वार्षिक बैठक में मौजूद प्रोफेसरों, शोधकर्ताओं, कार्यकर्ताओं और अन्य प्रतिभागियों को प्रस्तुत की गई। एसीयूएनएस की वार्षिक बैठक में ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व विभिन्न स्कूलों के 15 संकाय सदस्यों ने किया, जिन्होंने विभिन्न पैनलों में अपने नवीनतम शोध प्रस्तुत किए। जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के वाइस डीन और एसीयूएनएस सर्वश्रेष्ठ शोध प्रबंध पुरस्कार समिति के वर्तमान अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. वेसलिन पोपोवस्की ने दो विजेताओं - रेबेका येमो (मैसाचुसेट्स यूनिवर्सिटी) और जोहान्स शेर्ज़िंगर (ज़्यूरिख यूनिवर्सिटी) को 2024 के सर्वश्</description>
        <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 01:01:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीनी पीएम ने समर दावोस मंच के उद्घाटन समारोह में भाग लिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-पएम-न-समर-दवस-मच-क-उदघटन-समरह-म-भग-लय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-पएम-न-समर-दवस-मच-क-उदघटन-समरह-म-भग-लय</guid>
        <description>बीजिंग, 26 जून । चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने उत्तर पूर्वी चीन के ता ल्येन शहर में समर दावोस मंच-2024 के उद्घाटन समारोह में भाग लेकर भाषण दिया। ली छ्यांग ने कहा कि हमें विश्व अर्थव्यवस्था के समक्ष वृद्धि के गतिरोध का सामना कर अधिक दूरदृष्टि और अधिक बड़ी मानसिकता से विकास मुद्दे को देखना, नये दौर की वैज्ञानिक व प्रौद्योगिकी क्रांति तथा व्यावसायिक परिवर्तन के मौके का लाभ उठाना, एक साथ बड़ा केक बनाने में अपने वैध हितों का अनुसरण कर आर्थिक वृद्धि के नए इंजन की खोज करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि चीन के नए व्यवसायों का तेज़ विकास वैश्विक वैज्ञानिक व तकनीकी क्रांति और हरित विकास के रूझान से अनुकूल होता है और अपने सुपर बड़े बाजार, संपूर्ण व्यावसायिक व्यवस्था, प्रचुर मानव संसाधन, विविध एप्लीकेशन दृश्यों समेत विशिष्ट अपेक्षाकृत लाभ में जमा हुआ है। नए व्यवसाय और नई प्रेरणात्मक शक्ति के तेज़ विकास से चीनी अर्थव्यवस्था के सतत व स्वस्थ विकास का समर्थन दिया गया है और विभिन्न देशों के उद्यमों के लिए अधिक बड़ी सहयोगी गुजांइश प्रदान की गई है। ली छ्यांग ने नए विकास की गुंजाइश तैयार करने के लिए चार सुझाव पेश किए, जिनमें वैज्ञानिक व तकनीकी सहयोग गहराना, हरित विकास का आधार मज़बूत करना, खुले बाज़ार की सुरक्षा करना और समावेशी विकास बढ़ाना शामिल हैं। पोलैंड के राष्ट्रपति और वियतनाम के प्रधानमंत्री समेत सौ से अधिक देशों व क्षेत्रों के 1,700 से अधिक विभिन्न जगतों के प्रतिनिधि उद्घाटन समारोह में उपस्थित हुए।(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 01:01:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जूलियन असांज के ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर पत्नी स्टेला ने जताई ये उम्मीद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/जलयन-असज-क-ऑसटरलय-पहचन-पर-पतन-सटल-न-जतई-य-उममद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/जलयन-असज-क-ऑसटरलय-पहचन-पर-पतन-सटल-न-जतई-य-उममद</guid>
        <description>जूलियन असांज के ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद उनकी पत्नी स्टेला असांज ने पत्रकारों से बात की.

उन्होंने बताया कि जूलियन प्रेस कॉन्फ़्रेंस में शामिल नहीं होंगे.

स्टेला ने कहा कि जूलियन को सार्वजनिक रूप से बात करने से पहले स्वस्थ होने के लिए समय चाहिए.

स्टेला बोलीं, जूलियन को रिकवर होने और आज़ादी की आदत डालने के लिए समय चाहिए. आपको समझना होगा कि वो किस दौर से गुज़र रहे हैं.

उन्होंने कहा कि जूलियन अब भी सिद्धांतवादी और निडर हैं.

स्टेला कहती हैं, मुझे उम्मीद है कि मीडिया को जूलियन के ख़िलाफ़ इस अमेरिकी मामले के ख़तरे का एहसास होगा. जो समाचार एकत्र करने और सार्वजनिक हित में जानकारी प्रकाशित करने को अपराध मानता है और उन्हें इसके लिए सजा दी है.

स्टेला ने दोहराया कि उन्हें उम्मीद है कि जूलियन को अमेरिकी राष्ट्रपति से माफ़ी मिल जाएगी.

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि अगर प्रेस इसके ख़िलाफ़ एकजुट होकर आगे बढ़े तो उन्हें माफ़ कर दिया जाएगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 01:01:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पन्नू मामले में भारत की जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं : अमेरिका</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पनन-ममल-म-भरत-क-जच-क-नतज-क-इतजर-कर-रह-ह-अमरक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पनन-ममल-म-भरत-क-जच-क-नतज-क-इतजर-कर-रह-ह-अमरक</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 27 जून। अमेरिका ने कहा है कि वह अपने देश में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित नाकाम साजिश में एक भारतीय अधिकारी के शामिल होने के आरोपों की भारत की जांच के नतीजों का इंतजार कर रहा है।

पिछले साल नवंबर में, अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर न्यूयॉर्क में पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ काम करने का आरोप लगाया था।

आतंकवाद के आरोपों में भारत में वांछित पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है।

गुप्ता को पिछले साल जून में चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था और 14 जून को प्रत्यर्पित कर अमेरिका लाया गया था।

विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने बुधवार को अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, उन्होंने (भारतीय अधिकारियों) घोषणा की है कि वे जांच कर रहे हैं और हम जांच के नतीजों का इंतजार करेंगे।

वह सीनेट की विदेश संबंधों की समिति के सदस्यों द्वारा विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को पत्र लिखे जाने और अमेरिकी सरजमीं पर किसी अमेरिकी नागरिक की हत्या की कथित साजिश में भारत सरकार की संलिप्तता पर उससे कड़ी कूटनीतिक प्रतिक्रिया मांगने संबंधी एक सवाल का जवाब दे रहे थे।

इन आरोपों के बाद भारत ने हत्या की कथित साजिश पर अमेरिका द्वारा उपलब्ध करायी सूचनाओं की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है।

मिलर ने कहा, हम उन सदस्यों को निजी रूप से जवाब देंगे जैसा कि हम हमेशा करते हैं। मैं उसके बारे में यहां नहीं बोलूंगा। जब पहली बार यह मुद्दा उठा था तो हमने स्पष्ट किया था कि हमने इसे भारत सरकार के समक्ष उठाया है और उन्हें कहा कि हम उनसे मामले की तह तक जाने की उम्मीद करते हैं।

अमेरिका के उप विदेश मंत्री कर्ट कैम्पबेल ने बुधवार को कहा था कि उनके देश ने पन्नू की हत्या की कथित नाकाम साजिश की भारत द्वारा जांच से संबंधित अद्यतन जानकारी मुहैया करने पर लगातार जोर दिया है और यह स्पष्ट कर दिया है कि वाशिंगटन इस मामले में जवाबदेही चाहता है।

कैम्पबेल ने पिछले हफ्ते अपनी और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलीवन की भारत यात्रा पर प्रेस वार्ता में ये टिप्पणियां कीं।

भारत में लोकसभा चुनाव पर एक अन्य सवाल पर मिलर ने कहा, जहां तक भारतीय चुनाव का सवाल है तो हमारा अमेरिकी सरकार की ओर से बिल्कुल स्पष्ट रुख है कि हम विश्व के इतिहास में लोकतंत्र की सबसे बड़ी कवायद की सराहना करते हैं।

मिलर ने कहा, यह एक असाधारण उपलब्धि है और जब चुनाव के नतीजों की बात आती है तो हम जाहिर तौर पर किसी का पक्ष नहीं लेते। इसका फैसला भारत की जनता को करना होता है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 01:01:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हवाई में जंगल की आग से जली महिला की मौत के बाद मृतकों की संख्या 102 हुई</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हवई-म-जगल-क-आग-स-जल-महल-क-मत-क-बद-मतक-क-सखय-102-हई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हवई-म-जगल-क-आग-स-जल-महल-क-मत-क-बद-मतक-क-सखय-102-हई</guid>
        <description>होनोलूलू, 25 जून। अमेरिका में एक सदी से भी अधिक समय में लगी सर्वाधिक भयावह आग से मरने वालों की संख्या बढ़कर 102 हो गई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

इस आग ने पिछले साल हवाई द्वीप माउई के ऐतिहासिक शहर लहाइना को तबाह कर दिया था

क्लॉडेट हेर्मेंस (68) की 28 मार्च को होनोलूलू के एक अस्पताल में मृत्यु हो गई।

माउई पुलिस विभाग ने होनोलूलू मेडिकल परीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी का हवाला देते हुए हेर्मेंस की मृत्यु की घोषणा की।

होनोलुलु के मेडिकल परीक्षक डॉ. मासाहिको कोबायाशी ने बताया कि हेर्मेंस के शरीर का 20 प्रतिशत हिस्सा जल गया था और कई अन्य समस्याओं के कारण उसका मामला जटिल हो गया था।

आग लगने के दिन उसे पहले माउई के अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन अगले दिन उसे राज्य की एकमात्र बर्न यूनिट में इलाज के लिए ओहू ले जाया गया। लगभग चार महीने बाद वह अस्पताल में भर्ती हुई।

आठ अगस्त को लगी जंगल की आग पिछले एक सदी में अमेरिका में सर्वाधिक घातक आग थी। इसकी वजह से लहाइना में करीब 3000 इमारतें नष्ट हो गईं और 12,000 से अधिक लोग विस्थापित हो गए।

अधिकारियों ने फरवरी में 101वीं मौत की पुष्टि की।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 01:44:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीनी राष्ट्रीय आव्रजन प्राधिकरण ने 6 महीनों में 4.5 टन ड्रग्स जब्त की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-रषटरय-आवरजन-परधकरण-न-6-महन-म-45-टन-डरगस-जबत-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-रषटरय-आवरजन-परधकरण-न-6-महन-म-45-टन-डरगस-जबत-क</guid>
        <description>बीजिंग, 25 जून । चीनी राष्ट्रीय आव्रजन प्राधिकरण के अनुसार, इस साल 24 जून तक, चीनी राष्ट्रीय आव्रजन प्राधिकरण ने सीमाओं और बंदरगाहों पर कुल 381 लोगों से जुड़े 284 ड्रग्स मामलों का पर्दाफाश किए और कुल 4.5 टन ड्रग्स बरामद की। हाल के वर्षों में, सीमा पर ड्रग्स के नियंत्रण को व्यापक रूप से मजबूत करने और सीमा पार ड्रग्स से संबंधित अपराधों पर सख्ती से नकेल कसने के लिए, चीनी राष्ट्रीय आव्रजन प्राधिकरण की पुलिस दिन-रात सीमा और बंदरगाह पर ड्रग्स के खिलाफ मोर्चाबंदी कर रही है, और घुसपैठ को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

सीमाओं और बंदरगाहों पर ड्रग्स के खिलाफ एक मजबूत रक्षा पंक्ति बनाने के प्रयास किए गए हैं। चीनी राष्ट्रीय आव्रजन प्राधिकरण ने कहा कि अगले चरण में राष्ट्रीय आव्रजन प्राधिकरण ड्रग्स के अपराधों, ड्रग्स से संबंधित समूहों आदि के पैटर्न और विशेषताओं पर गहन शोध करना जारी रखेगा, चौकियों की तैनाती को समायोजित करेंगे और एक सघन सीमा निरीक्षण और निषेध नेटवर्क का निर्माण करेंगे। एंटी-ड्रग मोबाइल क्लासरूम और राष्ट्रीय ड्रग विरोधी जागरूकता माह जैसी केंद्रीकृत प्रचार गतिविधियां जारी रखेंगे।(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 01:44:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चांद से सफलतापूर्वक लौटा चीन के अंतरिक्ष यान छांगअ 6 का वापसी कैप्सूल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चद-स-सफलतपरवक-लट-चन-क-अतरकष-यन-छगअ-6-क-वपस-कपसल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चद-स-सफलतपरवक-लट-चन-क-अतरकष-यन-छगअ-6-क-वपस-कपसल</guid>
        <description>बीजिंग, 25 जून । चीन के अंतरिक्ष यान छांगअ 6 का वापसी कैप्सूल मंगलवार की दोपहर 2.07 बजे भीतरी मंगोलिया के सीत्सीवांग बैनर के निर्धारित क्षेत्र में सफलतापूर्वक लैंड हुआ, जिसमें चांद के पिछले हिस्से से एकत्र नमूने लदे हैं। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने संदेश भेजकर इस मिशन में भाग लेने वाले सभी कार्यकर्ताओं को जोशपूर्ण बधाई दी और उनका अभिवादन किया। शी चिनफिंग ने अपने बधाई संदेश में कहा कि छांगअ 6 मानव के इतिहास में पहली बार चांद के पिछले हिस्से से नमूने एकत्र कर वापस आया।

यह चीन के अंतरिक्ष उड्डयन शक्ति और वैज्ञानिक व प्रौद्योगिकी शक्ति के निर्माण में प्राप्त और एक प्रतीकात्मक उपलब्धि है। 20 साल में चांद सर्वेक्षण परियोजना में भाग लेने वाले सभी लोगों ने एक उच्च गुणवत्ता और कुशलता वाला चांद सर्वेक्षण रास्ता निकाला है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि चांद से एकत्र हुए नमूनों का बारीकी से वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा, डीप स्पेस सर्वेक्षण आदि महत्वपूर्ण अंतरिक्ष उड्डयन परियोजनाओं को बखूबी अंजाम दिया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाया जाएगा ताकि ब्रह्मांड रहस्यों की खोज और मानव कल्याण के लिए और नया योगदान दिया जाए। ध्यान रहे 3 मई को छांगअ 6 अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित किया गया और 2 जून को उसका लैंडिंग कैप्सूल चांद के पिछले हिस्से में पहुंचा था। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 01:44:55 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटेन: सुनक ने सट्टा लगाने के आरोप में फंसे दो उम्मीदवारों से पार्टी का समर्थन वापस लिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटन-सनक-न-सटट-लगन-क-आरप-म-फस-द-उममदवर-स-परट-क-समरथन-वपस-लय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटन-सनक-न-सटट-लगन-क-आरप-म-फस-द-उममदवर-स-परट-क-समरथन-वपस-लय</guid>
        <description>लंदन, 25 जून। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने आम चुनाव की तारीख को लेकर सट्टा लगाने के आरोपों का सामना कर रहे कंजर्वेटिव पार्टी के अपने दो सहयोगियों से पार्टी का समर्थन वापस लेने का मंगलवार को फैसला किया।

यह कदम चार जुलाई को होने वाले चुनाव से पहले उठाया गया है। इससे पहले यह विवाद कई दिनों तक प्रचार अभियान की सुर्खियों में छाया रहा और विपक्ष आरोपियों के निलंबन की मांग कर रहा था।

कंजर्वेटिव पार्टी प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि पार्टी उम्मीदवार क्रेग विलियम्स और लॉरा सॉन्डर्स को अब क्रमशः वेल्स में मोंटगोमेरीशायर एंड ग्लाइंडर तथा इंग्लैंड में ब्रिस्टल नॉर्थ वेस्ट से सांसद के रूप में चुनाव लड़ने के लिए पार्टी का समर्थन नहीं होगा।

कंजर्वेटिव पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, आंतरिक जांच के परिणामस्वरूप, हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि हम आगामी आम चुनाव में संसदीय उम्मीदवार के रूप में क्रेग विलियम्स या लॉरा सॉन्डर्स का समर्थन नहीं कर सकते।

प्रवक्ता ने कहा, हमने गैंबलिंग कमीशन से पड़ताल की है कि यह निर्णय उनकी जांच को प्रभावित नहीं करता है, जो कि सही मायने में स्वतंत्र है।

पिछले कुछ सप्ताहों में हुए खुलासों के बाद सुनक पर कार्रवाई करने का बहुत दबाव था, जिसमें उनकी अपनी पार्टी के कुछ सदस्य भी शामिल थे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 01:44:54 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डकवर्थ&amp;लुईस पद्धति के जनक फ्रेंक डकवर्थ का निधन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डकवरथ-लईस-पदधत-क-जनक-फरक-डकवरथ-क-नधन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डकवरथ-लईस-पदधत-क-जनक-फरक-डकवरथ-क-नधन</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 25 जून। इंग्लैंड के सांख्यिकीविद् और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (डीएलएस) पद्धति को तैयार करने वालों में शामिल फ्रेंक डकवर्थ का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

ईएसपीएनक्रिकइंफो.कॉम की रिपोर्ट के अनुसार डकवर्थ का 21 जून को निधन हो गया।

डकवर्थ-लुईस पद्धति को डकवर्थ और उनके साथी सांख्यिकीविद् टोनी लुईस ने तैयार किया और इसका इस्तेमाल बारिश से प्रभावित मैचों के नतीजे के लिए किया जाता है।

इस पद्धति को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे पहले 1997 में लागू किया गया और 2001 में आईसीसी उन मुकाबलों में संशोधित लक्ष्य देने की मानक प्रणाली के रूप इसे स्वीकार किया जहां ओवरों की संख्या में कटौती होती है।

डकवर्थ और लुईस की सेवानिवृत्ति और ऑस्ट्रेलिया के सांख्यिकीविद् स्टीवन स्टर्न द्वारा इसमें कुछ संशोधन के बाद इस पद्धति को डकवर्थ-लुईस-स्टर्न नाम दिया गया।

डकवर्थ और लुईस दोनों को जून 2010 में मेंबर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश अंपायर (एमबीई) से सम्मानित किया गया।(भाषा)

डीएलएस पद्धति एक जटिल सांख्यिकीय विश्लेषण पर आधारित है जो बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए संशोधित लक्ष्य निर्धारित करने के लिए विभिन्न पहलुओं पर गौर करता है जिसमें शेष विकेट और कम हुए ओवर भी शामिल हैं।</description>
        <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 01:44:53 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कीनिया में बढ़े हुए टैक्स के ख़िलाफ़ उग्र प्रदर्शन, पांच की मौत, संसद में आगजनी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनय-म-बढ-हए-टकस-क-खलफ-उगर-परदरशन-पच-क-मत-ससद-म-आगजन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनय-म-बढ-हए-टकस-क-खलफ-उगर-परदरशन-पच-क-मत-ससद-म-आगजन</guid>
        <description>कीनिया में लोगों का उग्र प्रदर्शन जारी है और पुलिस कार्रवाई में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है. विरोध कर रहे लोगों ने कीनिया की संसद में भी घुसने की कोशिश की और एक हिस्से में आग भी लगा दी.

कीनिया की राजधानी नैरोबी में प्रदर्शनकारियों का समूह पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़कर संसद में घुस गया था.

दरअसल कीनिया की सरकार ने हाल ही में नया वित्त बिल पेश किया था, जिसमें कई सारे टैक्स में बढ़ोतरी की गई. इन बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ कीनिया के लोग सड़कों पर उतर गए हैं और उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं.

कीनिया के राष्ट्रपति विलियम रुतो ने बीते मंगलवार को एक संबोधन में कहा, देश की सुरक्षा और स्थिरता से खिलवाड़ करने वाले ख़तरनाक अपराधियों से निपटने के लिए हर रास्ता अपनाएंगे.

कीनिया में विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रण में करने के लिए सेना को उतारा जा चुका है.

नए वित्त बिल को लेकर कीनिया में कई दिनों से ये प्रदर्शन चल रहे थे लेकिन मंगलवार को संसद में बिल पास हो जाने के बाद प्रदर्शन उग्र हो गया. प्रदर्शनकारी संसद के अंदर जा घुसे, अंदर तोड़फोड़ की और कुछ हिस्सों में आग भी लगा दी.

कीनिया मेडिकल असोसिएशन के मुताबिक़ पुलिस ने कई राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें कम से कम पांच लोगों के मारे गए.

रबर बुलेट और आंसू गैस के गोलों का भी इस्तेमाल किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों के घायल होने की भी ख़बर है. मौक़े पर मौजूद बीबीसी के एक संवाददाता ने भी कई शवों को सड़क पर पड़े हुए देखा.

24 वर्ष के डैरिक म्वाथु ने बीबीसी से कहा, कुछ चीज़ें समझ से परे हैं जैसे कि आप ब्रेड पर कैसे 16 फ़ीसदी का टैक्स लगा सकते हो? आप सैनिटरी पैड पर कैसे टैक्स लगा सकते हो?

अराजकता और हिंसा से निपटने के लिए राष्ट्रपति रुतो ने कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 01:44:53 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने रूस के पूर्व प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ जारी किया गिरफ़्तारी का वारंट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इटरनशनल-करमनल-करट-न-रस-क-परव-परधनमतर-क-खलफ-जर-कय-गरफतर-क-वरट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इटरनशनल-करमनल-करट-न-रस-क-परव-परधनमतर-क-खलफ-जर-कय-गरफतर-क-वरट</guid>
        <description>इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने रूस के पूर्व प्रधानमंत्री सर्गेई शोइगु और सेना प्रमुख वेलेरी गेरासिमोव के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया है. उन पर युद्ध अपराध और यूक्रेन में मानवता के ख़िलाफ़ अपराध के आरोप हैं.

दोनों पर सिविलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर और बिजली नेटवर्क पर मिसाइल हमले के आदेश देने के आरोप हैं.

रूस इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट का सदस्य नहीं है. उसने इस एलान को खारिज करते हुए कहा कि इसका कोई महत्व नहीं है.

लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट का वारंट जारी करना दिखाता है कि रूसी अपराधों का दंड मिलना तय है.

पिछले साल इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने युद्ध अपराध के आरोप में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ख़िलाफ़ भी गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 01:44:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चांद की ज़मीन से नमूने लेकर धरती पर लौटा चीन का अंतरिक्ष यान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चद-क-जमन-स-नमन-लकर-धरत-पर-लट-चन-क-अतरकष-यन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चद-क-जमन-स-नमन-लकर-धरत-पर-लट-चन-क-अतरकष-यन</guid>
        <description>चीन का मानवरहित अंतरिक्ष यान चांद के सुदूर अज्ञात हिस्से के नमूने को लेकर धरती पर वापस आ गया है. लगभग दो महीने बाद चांगई-6 मंगलवार को इनर मंगोलिया रेगिस्तान में उतरा.

वैज्ञानिक चांगई-6 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं क्योंकि चांद से लाए गए नमूने ग्रहों के निर्माण के बारे में कई अहम सवालों के जवाब दे सकते हैं. चीन अकेला देश है जो चंद्रमा के दूर के हिस्से पर उतरा है, उसने 2019 में ऐसा पहले भी किया था.

चंद्रमा के इस हिस्से पर लैंडिंग मुश्किल मानी जाती है क्योंकि लंबी दूरी, विशाल गड्ढों और कुछ सपाट सतहों की वजह से ये चुनौतीपूर्ण है.

वैज्ञानिक चांद पर अभियान भेजने में इसलिए दिलचस्पी रखते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यहां बर्फ के अंश हो सकते हैं जो ऑक्सीजन, पानी और हाइड्रोजन बनाने में मददगार हो सकते हैं

चीन के लिए चांगई-6 मिशन काफी अहम है क्योंकि इसके जरिेये अपने प्रतिस्पर्द्धी अमेरिका को चुनौती दे सकता है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चांगई-6 मिशन के कमांड सेंटर के लोगों को बधाई देने के लिए फोन किया. जिनपिंग ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे गहरे अंतरिक्ष में अपने अभियान जारी रख सकते हैं.

ज़िनपिंग ने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे अंतरिक्ष में अन्वेषण जारी रख सकेंगे और ब्रह्मांड के रहस्यों को उजागर करने में नई ऊंचाइयों को छू सकेंगे और मानवता को लाभ पहुंचाएंगे. साथ ही राष्ट्र को आगे बढ़ाएंगे.

चांगई-6 मिशन को मई की शुरुआत में एक अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था. 3 मई को लॉन्च किए गए इस मिशन का लक्ष्य इस क्षेत्र से दुर्लभ चट्टान और मिट्टी इकट्ठा करना है.

चीन का यह यान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव-एटकेन बेसिन हिस्से पर लैंड हुआ था. चांद के हिस्से को धरती से नहीं देखा जा सकता.

स्कॉटलैंड की शाही खगोलशास्त्री कैथरीन हेमैन्स ने उम्मीद जताई कि नमूने इस सिद्धांत का परीक्षण करने में मदद करेंगे कि 4.5 अरब साल पहले चंद्रमा कैसे बना था और क्या यह पृथ्वी के बहुत शुरुआती दौर में टकराव से बना था?(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 01:44:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सऊदी अरब में इस साल 1,301 हाजियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सऊद-अरब-म-इस-सल-1301-हजय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सऊद-अरब-म-इस-सल-1301-हजय-क-मत</guid>
        <description>रियाद, 24 जून । सऊदी अरब ने घोषणा की है कि इस साल हज सीजन के दौरान 1,301 तीर्थयात्रियों की मौत हुई, जिनमें से 83 प्रतिशत अपंजीकृत थे। सऊदी प्रेस एजेंसी ने स्वास्थ्य मंत्री फहद अल-जलाजेल के हवाले से बताया कि हीट स्ट्रेस के अनेक मामले सामने आये हैं। उनमें कुछ लोग अब भी इलाजरत हैं। मंत्री ने रविवार को कहा, मृतकों में कई बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने संकेत दिया कि गर्मी से अपंजीकृत तीर्थयात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हुई क्योंकि वे बिना किसी आश्रय या आराम के सीधे धूप में लंबी दूरी तक चले थे। सभी पीड़ितों की पहचान कर ली गई है और उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है।

मंत्री ने कहा कि पहचान, दफनाने और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए उचित प्रक्रियाओं का पालन किया गया। अल-जलाजेल ने उच्च तापमान का सामना करने वाले तीर्थयात्रियों के बीच हीट स्ट्रेस के बारे में जागरूकता और तैयारी बढ़ाने के लिए सक्षम अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों की प्रशंसा की। समाचार एजेंसी ने शिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने घोषणा की कि हज सीजन के दौरान स्वास्थ्य प्रबंधन सफल रहा और महामारी या व्यापक बीमारियों का कोई प्रकोप दर्ज नहीं किया गया। उल्लेखनीय है कि आपातकालीन देखभाल और सर्जरी से लेकर डायलिसिस तक 4,65,000 से अधिक हाजियों को विशेष इलाज प्रदान किये गये। इनमें 1,41,000 अपंजीकृत लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने हज करने के लिए आधिकारिक प्राधिकरण प्राप्त नहीं किया था। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 00:41:43 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नेतन्याहू ने कहा, गाजा में भीषण लड़ाई जल्द खत्म होगी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नतनयह-न-कह-गज-म-भषण-लडई-जलद-खतम-हग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नतनयह-न-कह-गज-म-भषण-लडई-जलद-खतम-हग</guid>
        <description>यरूशलेम, 24 जून । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमास के खिलाफ गाजा में भीषण लड़ाई जल्द खत्म होने वाली है। इजरायली चैनल 14 टीवी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि रफा में युद्ध समाप्त होने वाला है। साथ ही उन्होंने कहा, पूरी गाजा पट्टी में युद्ध समाप्त होने के बहुत करीब है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि नेतन्याहू ने साथ ही ये भी कहा है कि इसका मतलब ये नहीं है कि गाजा पट्टी में चल रहे हमास के साथ संघर्ष का अंत हो जाएगा।

हमास के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। नेतन्याहू ने लेबनानी सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के खिलाफ युद्ध शुरू करने की इजरायल की चेतावनियों का जिक्र करते हुए कहा, गाजा में युद्ध समाप्त होने के बाद, हम उत्तर की ओर बढ़ना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि इजरायल-लेबनान सीमा पर युद्ध विराम सुनिश्चित करने के लिए कोई भी समझौता हमारी शर्तों पर होगा। इजरायल के उत्तर में हिजबुल्लाह-इजरायल के बीच 7 अक्टूबर, 2023 से गोलीबारी चल रही है। उन्होंने कहा कि वह केवल इस समझौते पर सहमत होंगे कि गाजा पट्टी में हमास को पूरी तरह से सत्ता से हटा दिया जाएगा और लगभग 100 बंधकों को रिहा किया जाएगा, जो अभी भी गाजा में कैद में हैं।(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 00:41:42 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अफगानिस्तान में भूस्खलन से सात लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अफगनसतन-म-भसखलन-स-सत-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अफगनसतन-म-भसखलन-स-सत-लग-क-मत</guid>
        <description>काबूल, 24 जून । पूर्वी अफगानिस्तान के पक्तिया प्रांत के एक गांव में भूस्खलन से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है। सरकारी समाचार एजेंसी बख्तार ने सोमवार को यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के अनुसार, प्रांत के जनिखैल जिले के जकोरगोर गांव में रविवार रात आई प्राकृतिक आपदा में एक घर बह गया। अफगानिस्तान के सुदूर इलाकों में आज भी ज्यादातर लोग मिट्टी के घरों में रहते हैं। इस कारण भारी बारिश, हिमपात और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय उन्हें नुकसान की आशंका बनी रहती है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 00:41:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>राजकुमारी एनी को मामूली चोट लगी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रजकमर-एन-क-ममल-चट-लग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रजकमर-एन-क-ममल-चट-लग</guid>
        <description>लंदन, 24 जून। गैटकोम्ब पार्क एस्टेट में रविवार को हुई एक घटना में राजकुमारी एनी को मामूली चोट और सिर में चोट आयी है। यह जानकारी बकिंघम पैलेस ने दी।

ब्रिटेन के महाराज चार्ल्स तृतीय की 73 वर्षीय बहन एनी को एहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनके पूरी तरह ठीक होने की उम्मीद है।

बकिंघम पैलेस ने सोमवार को एक बयान में कहा, चार्ल्स को पूरी जानकारी दी गई है और उन्होंने पूरे शाही परिवार के साथ मिलकर राजकुमारी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

बयान में कोई अन्य विवरण नहीं दिया गया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 00:41:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण कोरिया में फैक्टरी में आग लगने से 22 लोगों की मौत, मृतकों में ज्यादातर चीनी श्रमिक</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-म-फकटर-म-आग-लगन-स-22-लग-क-मत-मतक-म-जयदतर-चन-शरमक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-करय-म-फकटर-म-आग-लगन-स-22-लग-क-मत-मतक-म-जयदतर-चन-शरमक</guid>
        <description>सियोल, 24 जून। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल के समीप, लिथियम बैटरी बनाने वाली फैक्टरी में सोमवार को आग लग जाने से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गयी। मृतकों में ज्यादातर प्रवासी चीनी श्रमिक थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अग्निशमन अधिकारियों ने एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से बताया कि आग सुबह करीब 10:30 बजे सियोल के दक्षिण में स्थित ह्वासोंग शहर में फैक्टरी की दूसरी मंजिल पर बैटरियों में विस्फोट होने के बाद लगी। जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त श्रमिक बैटरियों की जांच और पैकेजिंग कर रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी।

स्थानीय अग्निशमन अधिकारी किम जिन-यंग ने बताया कि मृतकों में 18 चीनी, दो दक्षिण कोरियाई और एक व्यक्ति लाओस का नागरिक था। उन्होंने कहा कि मृतकों में से एक की नागरिकता का पता नहीं चल सका है।

किम ने बताया कि फैक्टरी में काम करने वाले एक व्यक्ति से संपर्क नहीं हो पाया है और बचावकर्मी घटनास्थल पर तलाश अभियान जारी रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि आठ घायलों में से दो की हालत गंभीर है।

आग एरिसेल नामक कंपनी के स्वामित्व वाली एक फैक्टरी की इमारत में लगी। किम ने बताया कि जो लोग मृत पाए गए वे संभवत: सीढ़ियों के रास्ते बाहर नहीं निकल पाए।

उन्होंने कहा कि अधिकारी इस बात की जांच करेंगे कि क्या फैक्टरी में आग बुझाने के उपकरण थे और क्या वे चालू हालत में थे। उन्होंने बताया कि आग लगने के समय फैक्टरी में कुल 102 लोग काम कर रहे थे।

प्रधानमंत्री हान डक-सू और गृह एवं सुरक्षा मंत्री ली सांग-मिन ने घटनास्थल का दौरा किया।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, हान ने अधिकारियों को मृतकों के रिश्तेदारों को सरकारी सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 00:41:38 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिटिश नागरिक अपनी मां से मिलने कार चलाकर लंदन से पुणे पहुंचा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरटश-नगरक-अपन-म-स-मलन-कर-चलकर-लदन-स-पण-पहच</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरटश-नगरक-अपन-म-स-मलन-कर-चलकर-लदन-स-पण-पहच</guid>
        <description>ठाणे, 24 जून। भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विराज मुंगाले ने अपनी मां से मिलने के लिए लंदन से ठाणे तक अपनी एसयूवी कार से एक असाधारण यात्रा पूरी की।

विराज ने बताया कि यह सफर पूरा करने के लिए उन्होंने 59 दिनों में 16 देशों की यात्रा की।

विराज के अनुसार, उन्होंने 18,300 किलोमीटर की दूरी तय की। उन्होंने बताया कि वह ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, बेल्जियम, पोलैंड, लिथुआनिया, लताविया, एस्टोनिया, रूस, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान, चीन, तिब्बत, नेपाल और फिर भारत पहुंचे।

इस सफर में उनके साथ नेपाली दोस्त रोशन श्रेष्ठ भी थे, जो नेपाल के काठमांडू तक गए।

सत्रह जून को ठाणे पहुंचे विराज ने सप्ताहांत में संवाददाताओं से कहा, मैं प्रतिदिन लगभग 400-600 किलोमीटर कार चलाता था। कभी-कभी 1,000 किमी तक भी कार चलाई, लेकिन हमेशा रात में वाहन चलाने से बचते हुए सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

विराज ने बताया कि उन्होंने अपनी नौकरी से दो महीने की छुट्टी ली और जिस भी देश से गुजरे, वहां से आवश्यक अनुमति और कानूनी मंजूरी ली।

बर्फ और ठंड सहित चरम मौसम की स्थिति उनकी यात्रा में आने वाली चुनौतियों में शुमार रहीं।

विराज ने बताया कि वह विमान से ब्रिटेन लौटेंगे और अपनी कार को जहाज से वापस भेजेंगे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 00:41:36 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत और अमेरिका के बीच संबंध बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं : अमेरिकी राजदूत गार्सेटी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-और-अमरक-क-बच-सबध-बहत-तज-स-आग-बढ-रह-ह-अमरक-रजदत-गरसट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-और-अमरक-क-बच-सबध-बहत-तज-स-आग-बढ-रह-ह-अमरक-रजदत-गरसट</guid>
        <description>(ललित के झा)

ओक्सन हिल (अमेरिका), 25 जून। भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच रिश्ते पहले कभी इतने अच्छे नहीं रहे जितने आज हैं और दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच संबंध बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

गार्सेटी ने सोमवार को सेलेक्ट यूएसए इन्वेस्टमेंट समिट के इतर एक कार्यक्रम में ये टिप्पणियां कीं जिसमें सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल भारत से है।

गार्सेटी ने वाशिंगटन में हुई एक बैठक में कहा, यह (भारत-अमेरिका) ऐसा रिश्ता है जो बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध पहले कभी इतने अच्छे नहीं रहे।

उन्होंने कहा, हमारा कभी भारत के साथ इतना करीबी रिश्ता नहीं रहा। भारतीय मूल के अमेरिकियों की संख्या अब हमारी आबादी का करीब 1.5 प्रतिशत है और वे अमेरिका में छह फीसदी कर का भुगतान करते हैं। यह अमेरिका में सबसे सफल प्रवासी समुदाय है।

इस कार्यक्रम में भारत के जेएसडब्ल्यू स्टील ने टेक्सास के बेटाउन में 14 करोड़ डॉलर निवेश करने की अपनी योजना की घोषणा की।

गार्सेटी ने कहा, अब अमेरिकी भारतीय ब्रांड और भारतीय कंपनियों से अधिक परिचित हो रहे हैं...हम एक साथ मिलकर तीसरे देशों, बुनियादी ढांचों, ऊर्जा, जलवायु समाधानों में निवेश कर रहे हैं।

उन्होंने जेएसडब्ल्यू स्टील की घोषणा पर कहा कि इस प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से 800 से अधिक अमेरिकी कर्मियों को नौकरियां मिलेंगी।

हजारों निवेशकों, कंपनियों, आर्थिक विकास संगठनों (ईडीओ) और उद्योग विशेषज्ञों को कारोबारी निवेश की सुविधा प्रदान करने के लिए सेलेक्ट यूएसए इन्वेस्टमेंट समिट अमेरिका में एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 00:41:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अफ़ग़ानिस्तान की जीत पर पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने बधाई दी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अफगनसतन-क-जत-पर-परव-भरतय-खलड-न-बधई-द</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अफगनसतन-क-जत-पर-परव-भरतय-खलड-न-बधई-द</guid>
        <description>पूर्व इंडियन क्रिकेटर वसीम ज़ाफर ने अफ़ग़ानिस्तान की जीत पर बधाई दी है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, इस जीत को उलटफेर कहना अफ़ग़ानिस्तान की टीम का अपमान होगा. अफ़ग़ानिस्तान किसी भी टीम को हराने में सक्षम है.

उन्होंने आज अपनी क्षमता के अनुरूप खेला और ऑस्ट्रेलिया जैसी अच्छी टीम को हरा दिया. ये सच्चाई है और इस जीत का जश्न मनाना चाहिए. 

अफ़ग़ानिस्तान ने सुपर 8 के आठवें मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 21 रनों से हरा दिया. पहली बार अफ़ग़ानिस्तान में ऑस्ट्रेलिया को हराया है. इस ऐतिहासिक जीत के बाद अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम की तारीफ़ हो रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 24 Jun 2024 01:03:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इराक में हवाई हमलों में सात आईएस आतंकवादी मारे गए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इरक-म-हवई-हमल-म-सत-आईएस-आतकवद-मर-गए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इरक-म-हवई-हमल-म-सत-आईएस-आतकवद-मर-गए</guid>
        <description>बगदाद, 23 जून । इराकी सेना ने दावा किया है कि बगदाद के उत्तर में सलाहुद्दीन प्रांत में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के ठिकानों पर किए गए दो हवाई हमलों में सात आतंकवादी मारे गए हैं। इराकी संयुक्त अभियान कमान से संबद्ध मीडिया आउटलेट सिक्योरिटी मीडिया सेल की ओर से शनिवार को जारी बयान के अनुसार, इराकी लड़ाकू विमानों ने खुफिया रिपोर्टों के आधार पर प्रांत के उत्तर-पूर्वी हिस्से में एक पहाड़ी इलाके में आईएस के ठिकानों और उनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक सुरंग पर दो हवाई हमले किए। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हवाई हमलों में एक प्रमुख व्यक्ति सहित सात आईएस आतंकवादी मारे गए। बयान में हमलों के समय के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। वर्ष 2017 में आईएस की हार के बाद से इराक में सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है। हालांकि, आईएस के बचे हुए लोग शहरी केंद्रों, रेगिस्तानों और बीहड़ इलाकों में घुस आए हैं और सुरक्षा बलों तथा नागरिकों के खिलाफ लगातार छापामार हमले कर रहे हैं।(आईएएनएस)।</description>
        <pubDate>Mon, 24 Jun 2024 01:03:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस के दागिस्तान क्षेत्र में आंतकवादी हमलों में 15 पुलिस अधिकारियों और कई नागरिकों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-क-दगसतन-कषतर-म-आतकवद-हमल-म-15-पलस-अधकरय-और-कई-नगरक-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-क-दगसतन-कषतर-म-आतकवद-हमल-म-15-पलस-अधकरय-और-कई-नगरक-क-मत</guid>
        <description>मॉस्को, 24 जून । रूस के दक्षिणी दागिस्तान क्षेत्र में सशस्त्र आतंकवादियों ने रविवार को 15 से अधिक पुलिस अधिकारियों और एक पादरी समेत कई नागरिकों की हत्या कर दी।

दागिस्तान के गवर्नर सर्गेई मेलीकोव ने सोमवार तड़के एक वीडियो बयान में बताया कि बंदूकधारियों ने दो शहरों में दो ऑर्थोडॉक्स गिरजाघरों, एक यहूदी उपासनागृह और एक पुलिस चौकी पर गोलीबारी की।

रूस की राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी समिति ने बताया कि ये हमले मुख्य रूप से मुस्लिम क्षेत्र में हुए जहां सशस्त्र चरमपंथ का इतिहास रहा है। उसने इन हमलों को आतंकवादी कृत्य बताया।

इस क्षेत्र में सोमवार, मंगलवार और बुधवार को शोक दिवस घोषित किया गया है।

दागिस्तान के अंदरुनी मामलों के मंत्री ने बताया कि सशस्त्र लोगों के एक समूह ने कैस्पियन सागर के समीप स्थित डर्बेंट शहर में एक यहूदी उपासनागृह और एक गिरजाघर पर हमला किया। सरकारी मीडिया के अनुसार, गिरजाघर और यहूदी उपासनागृह दोनों में आग लग गयी। इसी तरह दागिस्तान की राजधानी मखचकला में एक गिरजाघर और एक यातायात पुलिस चौकी पर भी हमले की ऐसी ही खबरें मिली हैं।

प्राधिकारियों ने क्षेत्र में आतंकवाद रोधी अभियान की घोषणा की है। आतंकवाद रोधी समिति ने बताया कि पांच बंदूकधारियों का खात्मा कर दिया गया है। गवर्नर ने बताया कि छह डाकुओं का खात्मा कर दिया गया है। बहरहाल, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमलों में कितने आतंकवादी शामिल थे।

अभी किसी ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। प्राधिकारियों ने इस आतंकवादी कृत्य की आपराधिक जांच शुरू कर दी है।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने कानून प्रवर्तन सूत्रों के हवाले से बताया कि दागिस्तान के एक अधिकारी को हमलों में उसके बेटों की संलिप्तता को लेकर हिरासत में लिया गया है।

मेलीकोव ने बिना कोई सबूत उपलब्ध कराए दावा किया कि इन हमलों की साजिश संभवत: विदेश में रची गयी।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 24 Jun 2024 01:03:02 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका में लूटपाट के दौरान भारतीय नागरिक को गोली मारी गई, इलाज के दौरान दम तोड़ा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-लटपट-क-दरन-भरतय-नगरक-क-गल-मर-गई-इलज-क-दरन-दम-तड</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-लटपट-क-दरन-भरतय-नगरक-क-गल-मर-गई-इलज-क-दरन-दम-तड</guid>
        <description>(सीमा हाकू काचरू)

ह्यूस्टन 24 जून। अमेरिका के टेक्सास राज्य में एक दुकान में लूटपाट के दौरान 32 वर्षीय एक भारतीय नागरिक को गोली मार दी गई। उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

डलास के प्लीजेंट ग्रोव में 21 जून को एक गैस स्टेशन सुविधा स्टोर में लूटपाट की घटना के दौरान दासारी गोपीकृष्ण गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पास के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान दासारी गोपीकृष्ण के रूप में की गयी है और वह आंध्र प्रदेश के बापटला जिले का रहने वाला था। वह आठ महीने पहले ही अमेरिका आया था।

रविवार को योग दिवस कार्यक्रम के लिए डलास में मौजूद भारत के महावाणिज्य दूत डी. सी. मंजूनाथ ने पीटीआई भाषा को बताया कि यह घटना अरकांसस में हुई गोलीबारी से संबंधित नहीं है, जैसा कि विभिन्न स्रोतों द्वारा पहले बताया गया था।

गोपीकृष्ण के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मंजूनाथ ने कहा, हम टेक्सास स्थित डलास के प्लीजेंट ग्रोव में लूटपाट के दौरान गोलीबारी की घटना में भारतीय नागरिक दासारी गोपीकृष्ण की मौत के बारे में जानकर बहुत दुखी हैं और उनके परिवार के सदस्यों के संपर्क में हैं।

भारतीय संगठनों के सहयोग से वाणिज्य दूतावास पोस्टमार्टम और मृत्यु प्रमाण पत्र सहित स्थानीय औपचारिकताओं के बाद गोपीकृष्ण के शव को भारत वापस भेजने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है।

गोपीकृष्ण के परिवार में उनकी पत्नी और बेटा हैं। इस घटना से डलास और आस-पास के इलाकों में रहने वाला भारतीय समुदाय शोकाकुल है

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को गोपीकृष्ण का शव भारत वापस लाने में मदद करने का वादा किया।

मुख्यमंत्री ने मृतक परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने उसके परिजनों को राज्य सरकार की ओर से हर संभव मदद देने का वादा किया।

नायडू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, यह जानकर बहुत दुख हुआ कि बापटला के एक युवक (दासारी गोपीकृष्ण) ने अमेरिका के टेक्सास में गोलीबारी की घटना में घायल होने के कारण दम तोड़ दिया। मैं उनके परिजन के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं और उन्हें आश्वासन देता हूं... उनके शव को घर लाने में हरसंभव मदद करूंगा।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर आया, जिसमें एक नकाबपोश भारतीय युवक को कई गोली मारता दिखाई दे रहा है। वह खुदरा दुकान से कुछ सामान और नकदी लूटता हुआ भी दिखाई दे रहा है, जहां मृतक काम करता था।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 24 Jun 2024 01:03:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान : स्वात में कुरान की बेअदबी के आरोप में भीड़ ने की व्यक्ति की हत्या</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-सवत-म-करन-क-बअदब-क-आरप-म-भड-न-क-वयकत-क-हतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-सवत-म-करन-क-बअदब-क-आरप-म-भड-न-क-वयकत-क-हतय</guid>
        <description>पेशावर, 21 जून। पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में कुरान की कथित तौर पर बेअदबी से गुस्साई भीड़ ने एक व्यक्ति की हत्या कर दी और इस दौरान फैली अशांति में आठ लोग घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी।

स्वात के जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) जहीदुल्ला ने बताया कि पंजाब के सियालकोट के रहने वाले व्यक्ति ने बृहस्पतिवार रात को स्वात की मदयान तहसील में कुरान के कुछ पन्ने कथित तौर पर जलाये थे।

जहीदुल्ला ने बताया कि संदिग्ध को हिरासत में लेकर मदयान थाने लाया गया। थाने के बाहर भीड़ जमा हो गयी और उन्होंने संदिग्ध को सौंपने की मांग की, जब पुलिस ने ऐसा करने से मना कर दिया तो भीड़ में से किसी ने गोली चला दी, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।

उन्होंने बताया कि दोनों ओर से हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे मदयान अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अधिकारी ने बताया कि भीड़ ने उसके बाद थाने में आग लगा दी। बाद में कुछ लोग थाने में घुसे और संदिग्ध को गोली मार दी।

उन्होंने बताया कि गोली मारने के बाद वे संदिग्ध के शव को घसीटकर मदयान अड्डा ले गये और उसे वहां लटका दिया।

अधिकारी ने बताया कि घटना के कारण भड़की हिंसा में आठ लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि मदयान में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री केपीके अली अमीन गंदापुर ने घटना पर संज्ञान लिया है और प्रांतीय पुलिस प्रमुख से रिपोर्ट मांगी है।

मुख्यमंत्री ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन कदम उठाने का निर्देश दिया और लोगों से शांत रहने का आग्रह किया।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 01:04:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कनाडा में ख़ालिस्तान समर्थकों के &amp;apos;जनता दरबार&amp;apos; लगाने पर भारत ने जताया विरोध</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कनड-म-खलसतन-समरथक-क-जनत-दरबर-लगन-पर-भरत-न-जतय-वरध</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कनड-म-खलसतन-समरथक-क-जनत-दरबर-लगन-पर-भरत-न-जतय-वरध</guid>
        <description>कनाडा के वैंकूवर में ख़ालिस्तान समर्थकों ने कथित जनता दरबार लगाया, जिसके खिलाफ भारत ने विरोध दर्ज कराया है.

अधिकारियों ने बताया कि 20 जून को वैंकूवर में ख़ालिस्तान समर्थकों के जनता दरबार लगाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाने को लेकर भारत ने कड़ा विरोध जताया है.

भारत ने कनाडाई उच्चायोग को एक पत्र जारी कर गंभीर आपत्ति जताई है.

भारत ने पत्र में जस्टिन ट्रूडो सरकार द्वारा खालिस्तानी की मांग करने वाले लोगों कनाडा में जगह दिए जाने का भी विरोध किया है.

भारत ने कनाडाई संसद द्वारा खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की याद में मौन रखने के एक दिन बाद विरोध जताया था.

पिछले साल जून ब्रिटिश कोलंबिया में ख़ालिस्तन समर्थक निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. कनाडा ने कहा था कि निज्जर की हत्या में भारत की संलिप्तता के उसके पास विश्वसनीय सबूत हैं

14 जून को जी7 शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बीच संक्षिप्त बातचीत हुई थी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 01:04:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के ओकलैंड में जुनेटींथ समारोह के दौरान गोलीबारी, 15 घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-ओकलड-म-जनटथ-समरह-क-दरन-गलबर-15-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-ओकलड-म-जनटथ-समरह-क-दरन-गलबर-15-घयल</guid>
        <description>सैन फ्रांसिस्को, 21 जून । अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत के ओकलैंड स्थित लेक मेरिट में जुनेटींथ समारोह के दौरान हुई गोलीबारी में 15 लोग घायल हो गए। ओकलैंड पुलिस विभाग ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि बुधवार को स्थानीय समयानुसार रात करीब 8:15 बजे तक भीड़ शांतिपूर्ण थी। इसके बाद ग्रैंड एवेन्यू और बेलव्यू एवेन्यू के पास वाहनों और मोटरसाइकिलों से जुड़ा एक अवैध प्रदर्शन हुआ। ओकलैंड पुलिस विभाग के प्रमुख फ्लॉयड मिशेल ने गुरुवार दोपहर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शो के दौरान, कोई व्यक्ति कार के हुड पर चढ़ गया, जिसके कारण कार में बैठे लोग बाहर निकल आए और उस व्यक्ति पर हमला कर दिया। इसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई।

ओकलैंड फायर डिपार्टमेंट ने कहा कि उसने गोलीबारी में घायल कम से कम चार लोगों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने भी कुछ पीड़ितों को पास के अस्पतालों में पहुंचाया। अन्य पीड़ित खुद ही अस्पताल गये। अमेरिका में गुलामी प्रथा की समाप्ति की याद में हर साल 19 जून को जुनेटींथ समारोह का आयोजन होता है। इस दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 01:04:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस का दावा, यूक्रेन के सौ से अधिक ड्रोन मार गिराये, बड़ा हमला नाकाम किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-क-दव-यकरन-क-स-स-अधक-डरन-मर-गरय-बड-हमल-नकम-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-क-दव-यकरन-क-स-स-अधक-डरन-मर-गरय-बड-हमल-नकम-कय</guid>
        <description>रूस का कहना है कि उसने बीती रात क्राइमिया और रूस के कुछ इलाक़ों में यूक्रेन के बड़े हमले को नाकाम कर दिया है.

रूस ने सौ से अधिक ड्रोन और 6 मानवरहित नावों को नष्ट करने का दावा किया है.

रूस का दावा है कि दक्षिणी रूस के क्रासनोडार इलाक़े पर सबसे भीषण हमला हुआ.

ऑनलाइन पोस्ट किए गए वीडियो में इस इलाक़े के येस्क स्थित सैन्य हवाई अड्डे के पास आग लगी दिख रही है.

क्रासनोडार के अधिकारियों ने सैन्य अड्डे के पास की घटनाओं पर टिप्पणी नहीं की है लेकिन ये बताया है कि इल्स्की के पास स्थित एक तेल रिफ़ायनरी की प्रशासनिक इमारतों में आग लगी है.

अधिकारियों के मुताबिक़ इस आग को बुझा दिया गया है और इस घटना में दो लोग घायल हुए हैं.

एक स्थानीय गवर्नर के मुताबिक़ गिरते हुए मलबे की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत क्रासनोडार शहर में हुई है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 01:04:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका ने अन्य देशों द्वारा ऑर्डर की गई मिसाइलों को भेजा यूक्रेन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-अनय-दश-दवर-ऑरडर-क-गई-मसइल-क-भज-यकरन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-अनय-दश-दवर-ऑरडर-क-गई-मसइल-क-भज-यकरन</guid>
        <description>वाशिंगटन, 21 जून । अमेरिका ने गुरुवार को घोषणा की कि वह अन्य देशों द्वारा ऑर्डर की गई सैकड़ों वायु रक्षा मिसाइलों को यूक्रेन भेज रहा है, ताकि यूक्रेन रूस से अपनी रक्षा कर सके। व्हाइट हाउस ने कहा कि अन्य देशों द्वारा ऑर्डर की गई मिसाइलें उन्हें अब कम से कम 16 महीने की देरी से प्रदान की जाएंगी। असाधारण कदम की घोषणा करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि रूस के लिए एक संदेश यह है कि यदि आपको लगता है कि आप यूक्रेन के समक्ष अधिक समय तक टिक पाएंगे, और यदि आपको लगता है कि आप यूक्रेन की मदद करने वाले हम लोगों से अधिक समय तक मुकाबला कर पाएंगे, तो आप पूरी तरह से गलत हैं। युद्ध में यूक्रेन की जीत तक हम उसकी मदद करते रहेंगे।

किर्बी ने कहा कि जिन देशों के ऑर्डर में देरी होगी, उन्हें सूचित कर दिया गया है और वे समझते हैं कि अमेरिका ऐसा क्यों कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हमारे किसी अन्य सहयोगी को कभी यूक्रेन जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा, तो हम अंतिम सांस तक उसकी मदद के लिए कदम उठाएंगे। ये मिसाइलें गर्मियों के अंत से पहले यूक्रेन तक पहुंचनी शुरू हो जाएंगी और 16 महीनों तक आपूर्ति जारी रहेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने प्रशासन को यूक्रेन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध किया है और उन्होंने खुद और यूरोप और एशिया में सहयोगियों के साथ मिलकर अरबों डॉलर के रक्षा उपकरण यूक्रेन भेजे हैंं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 01:04:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने दक्षिण कोरिया से कहा&amp; अगर ऐसा किया तो बड़ी ग़लती होगी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-रषटरपत-पतन-न-दकषण-करय-स-कह-अगर-ऐस-कय-त-बड-गलत-हग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-रषटरपत-पतन-न-दकषण-करय-स-कह-अगर-ऐस-कय-त-बड-गलत-हग</guid>
        <description>राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस के ख़िलाफ़ जंग में यूक्रेन को हथियार देने को लेकर दक्षिण कोरिया को आगाह किया है.

पुतिन ने कहा कि रूस के ख़िलाफ़ जंग में यूक्रेन को हथियार देकर दक्षिण कोरिया बड़ी ग़लती करेगा.

दक्षिण कोरिया ने बताया कि वो रूस और उत्तर कोरिया के बीच हुए नए समझौते को देखते हुए यूक्रेन को हथियार देने के बारे में सोच रहा है. इस पर पुतिन ने प्रतिक्रिया देते हुए दक्षिण कोरिया को आगाह किया है.

रूस और उत्तर कोरिया ने दूसरे देश से जंग के दौरान एक दूसरे की मदद करने को लेकर समझौता किया है.

इस पर दक्षिण कोरिया ने विरोध दर्ज कराया है. दक्षिण कोरिया ने पहले इस समझौते को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा बताकर निंदा की थी. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार चांग हो-जिन ने कहा था कि उनके देश ने यूक्रेन को हथियार देने के मुद्दे पर पुनर्विचार करने की योजना बनाई है.

पुतिन ने गुरुवार को वियतनाम में पत्रकारों से कहा कि अगर दक्षिण कोरिया यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करने का फैसला करता है तो रूस के फ़ैसले से दक्षिण कोरिया का वर्तमान नेतृत्व खुश नहीं होगा.

पुतिन की टिप्पणी के बाद, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने शुक्रवार को कहा कि वह यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति में विभिन्न विकल्पों पर विचार करेगा और उसका रुख़ इस बात पर निर्भर करेगा कि रूस इस मुद्दे को कैसे देखता है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 01:04:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उत्तर कोरिया पहुँचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन का ज़ोरदार स्वागत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उततर-करय-पहच-रस-रषटरपत-पतन-क-जरदर-सवगत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उततर-करय-पहच-रस-रषटरपत-पतन-क-जरदर-सवगत</guid>
        <description>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उत्तर कोरिया पहुँचे हैं. उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन ने उनका स्वागत किया.

उत्तर कोरिया के प्योंगयांग में पुतिन के स्वागत के लिए लोग सड़क किनारे भारी संख्या में जमा हुए. लोग हाथ में रूसी और उत्तर कोरिया के झंडे लिए हुए थे.

ऑफिशियल वेलकम सेरेमनी के लिए राष्ट्रपति पुतिन और किम जोंग उन प्योंगयांग सेंट्रल स्क्वेयर पहुंचे. कोरियन डेलिगेशन में किम की बहन किम यो जोंग भी मौजूद थीं.

रशियन टुडे के मुताबिक़ स्क्वेयर स्थानीय निवासियों से खचाखच भरा हुआ था. वे रूसी राष्ट्रपति का स्वागत करने आए थे. वहां सैनिकों की टुकड़ियां भी मौजूद थीं. इस दौरान स्थानीय मिलिट्री ऑर्केस्ट्रा ने दोनों देशों के राष्ट्रीय धुन भी बजाए.

ऐसा प्रतीत होता है कि किम पुतिन की यात्रा के लिए व्यापक संसाधन खर्च कर रहे हैं.

चीन ने पुतिन और किम के इस मुलाकात का स्वागत किया है. पुतिन ने एक महीने पहले ही चीन का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि वह और चीन के शी जिनपिंग भाई जितने क़रीब हैं.

पुतिन की प्योंगयांग यात्रा के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने गुरुवार को कहा, बीजिंग उन देशों के साथ संबंध मज़बूत करने और बढ़ाने के लिए रूस का स्वागत करता है, जिनके साथ उनकी पारंपरिक मित्रता है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Jun 2024 00:50:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इटली : मेलोनी सरकार का विवादित संविधान संशोधन विधेयक सीनेट में मंजूर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इटल-मलन-सरकर-क-ववदत-सवधन-सशधन-वधयक-सनट-म-मजर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इटल-मलन-सरकर-क-ववदत-सवधन-सशधन-वधयक-सनट-म-मजर</guid>
        <description>रोम, 19 जून । इतालवी सीनेट ने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार द्वारा पेश विवादास्पद संवैधानिक सुधार को मंजूरी दे दी है। रोम में मंगलवार को संसद के निचले सदन में सुधार के पक्ष में कुल 109 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि 77 ने इसके खिलाफ मतदान किया। विधेयक को कानून बनने से पहले अब भी कई बाधाओं को पार करना है। मतदान के बाद सत्तारूढ़ दलों ने जश्न मनाया, जबकि विपक्ष ने विरोध किया। संवैधानिक सुधार में यह प्रावधान है कि भविष्य में प्रधानमंत्री को पूरे पांच साल के लिए सीधे चुना जाएगा। जीतने वाले उम्मीदवार यानी प्रधानमंत्री का समर्थन करने वाले गठबंधन को संसद के दोनों सदनों में कम से कम 55 प्रतिशत सीटें दी जाएंगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसके पास बिना किसी बाधा के काम करने योग्य बहुमत है। इटली में संविधान संशोधन के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से विधेयक का पारित होना अनिवार्य है।

सीनेट में प्राप्त 109 वोट दो-तिहाई के आंकड़े से काफी कम थे। चैंबर ऑफ डेप्युटीज में भी इसे दो-तिहाई बहुमत मिलने की उम्मीद नहीं है। यदि दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलता है तो प्रस्तावित संशोधन पर जनमत संग्रह होगा। पिछली बार ऐसा जनमत संग्रह 2016 में हुआ था। उस समय सरकार के मुखिया माटेओ रेन्ज़ी को हार का सामना करना पड़ा और इसके परिणामस्वरूप उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। रोम की दक्षिणपंथी सरकार इतालवी सरकारों की पुरानी अस्थिरता से निपटने के लिए यह संविधान संशोधन लेकर आई है। द्वितीय विश्व युद्ध के अंत के बाद से इटली में कुल मिलाकर लगभग 70 सरकारें बन चुकी हैं। कई लोग इस बात से सहमत हैं कि राजनीतिक व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है, लेकिन मेलोनी सरकार के प्रस्तावित सुधार की विपक्ष ने तीखी आलोचना की है। उन्हें डर है कि मेलोनी संसद और राष्ट्रपति से महत्वपूर्ण शक्तियां छीन सकती हैं। विपक्षी नेता एली श्लेन ने कहा कि यह सुधार इटली में सरकारी ढांचे को बिल्कुल उलट देगा, और एक ही व्यक्ति के पास शक्तियां केंद्रित हो जाएंगी। विपक्ष ने योजना की खिलाफत की घोषणा की है। -(आईएएनएस/डीपीए)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Jun 2024 00:50:28 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सऊदी अरब में भीषण गर्मी के बीच हज यात्रा के दौरान 41 जॉर्डनियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सऊद-अरब-म-भषण-गरम-क-बच-हज-यतर-क-दरन-41-जरडनय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सऊद-अरब-म-भषण-गरम-क-बच-हज-यतर-क-दरन-41-जरडनय-क-मत</guid>
        <description>काहिरा, 19 जून । जॉर्डन के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सऊदी अरब में हज यात्रा के दौरान लू लगने से 41 जॉर्डनियों की मौत हो गई। हाल के दिनों में तापमान में वृद्धि के कारण यह स्थिति बनी हुई है। मक्का में लू लगने से मरने वाले जॉर्डन के तीर्थयात्रियों को दफनाया जा रहा है। लापता तीर्थयात्रियों की तलाश की जा रही है। सोमवार को, सऊदी अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों को धूप से बचने की चेतावनी जारी की। सोमवार को इस्लाम के सबसे पवित्र शहर में 51.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि अन्य नजदीकी पवित्र स्थलों पर अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस साल हज में करीब 18 लाख तीर्थयात्रियों ने हिस्सा लिया। यह पिछले सप्ताह शुक्रवार शाम को भीषण गर्मी के बीच मक्का में शुरू हुआ था।

बसों और ट्रेनों से श्रद्धालुओं को पवित्र स्थलों तक पहुंचाया गया, लेकिन भारी भीड़ और भीषण गर्मी अभी भी तीर्थयात्रियों और अधिकारियों के लिए चुनौती बनी हुई है। गौरतलब है कि हाल के दशकों में, यहां भीड़ के कारण हुए हादसों में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। (आईएएनएस/डीपीए)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Jun 2024 00:50:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस और उत्तर कोरिया ने किए समझौते पर हस्ताक्षर, दोनों देश आक्रमण होने पर एक दूसरे की करेंगे मदद</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-और-उततर-करय-न-कए-समझत-पर-हसतकषर-दन-दश-आकरमण-हन-पर-एक-दसर-क-करग-मदद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-और-उततर-करय-न-कए-समझत-पर-हसतकषर-दन-दश-आकरमण-हन-पर-एक-दसर-क-करग-मदद</guid>
        <description>सियोल, 19 जून। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने बुधवार को एक शिखर वार्ता के दौरान एक नए समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें दोनों में से किसी भी देश पर हमला होने पर पारस्परिक मदद को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई है। यह शिखर वार्ता ऐसे समय हुई है, जब दोनों देश पश्चिम के साथ बढ़ते गतिरोध का सामना कर रहे हैं।

नेताओं ने कहा कि यह समझौता सुरक्षा, व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक तथा मानवीय संबंधों जैसे क्षेत्रों से जुड़ा है, तथा यह 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद से मॉस्को और प्योंगयांग के बीच सबसे मजबूत कदम साबित हो सकता है। दोनों नेताओं ने इसे द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ा सुधार बताया।

चौबीस साल में पुतिन के पहले उत्तर कोरिया दौरे के दौरान दोनों की मुलाक़ात हुई।

पुतिन की यह यात्रा हथियारों की उस व्यवस्था को लेकर बढ़ती पश्चिमी देशों में बढ़ती चिंताओं के बीच हो रही है जिसके तहत उत्तर कोरिया यूक्रेन से युद्ध के लिए रूस को हथियार मुहैया करा रहा है और बदले में आर्थिक सहायता और प्रौद्योगिकी हासिल कर रहा है।

दोनों देशों के बीच इस कवायद को आर्थिक तथा सैन्य सहयोग बढ़ाने तथा अमेरिका के खिलाफ संयुक्त मोर्चा तैयार करने के तौर पर देखा जा रहा है।

रूसी सरकारी मीडिया के अनुसार हस्ताक्षर समारोह के बाद पुतिन ने कहा कि किम के साथ बातचीत में सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर काफी चर्चा हुई। पुतिन के हवाले से कहा गया है कि समझौते के तहत रूस उत्तर कोरिया के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग विकसित करने से पीछे नहीं हटेगा।

मीडिया ने कहा कि पुतिन और किम के बीच बैठक करीब दो घंटे तक जारी रही जबकि प्रारंभ में बैठक का वक्त एक घंटे निर्धारित किया गया था।

उत्तर कोरियाई नेता के साथ अपनी वार्ता की शुरुआत में पुतिन ने कहा कि रूस और उत्तर कोरिया आर्थिक तथा सैन्य सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे क्योंकि वे रूसी संघ के विरुद्ध अमेरिका और उसके उपग्रहों की साम्राज्यवादी आधिपत्यवादी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष कर रहे हैं।

उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम के कारण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं वहीं यूक्रेन के खिलाफ युद्व के कारण रूस भी अमेरिका और उसके पश्चिमी साझेदारों के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है।

रूसी मीडिया ने कहा था कि किम एक स्वागत समारोह की मेजबानी करेंगे। पुतिन के बुधवार शाम को वियतनाम के लिए रवाना होने की उम्मीद है।

पुतिन ने शिखर वार्ता से पहले दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी संबंधों की सराहना की।

किम ने कहा कि मॉस्को और प्योंगयांग के बीच अब संबंध सोवियत काल से भी अधिक घनिष्ठ हो गए हैं । उन्होंने पुतिन की यात्रा को घनिष्ठ मित्रता को और मजबूत करने का अवसर करार दिया।

किम ने संप्रभुता, सुरक्षा हितों और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए यूक्रेन में विशेष सैन्य अभियान चलाने में रूसी सरकार, सेना और लोगों को अपने देश के पूर्ण समर्थन और एकजुटता की बात कही। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि किम किस प्रकार के समर्थन की बात कर रहे थे।

किम ने विश्व में रणनीतिक स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में रूस की महत्वपूर्ण भूमिका और मिशन की भी सराहना की।

शिखर वार्ता से पहले किम ने शहर के मुख्य चौक पर एक भव्य समारोह में पुतिन का स्वागत किया और विदेश मंत्री चोई सोन हुई, शीर्ष सहयोगी एवं सत्तारूढ़ पार्टी के सचिव जो योंग वोन और अपनी बहन किम यो जोंग सहित उत्तर कोरियाई नेतृत्व के प्रमुख सदस्यों का परिचय पुतिन से कराया।

रूसी राष्ट्रपति के काफिले का स्वागत करने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने पुतिन का स्वागत है के नारे लगाए। इस दौरान जनता ने उत्तर कोरिया के तथा रूस के झंडे भी लहराए।

पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, पुतिन के साथ उप प्रधानमंत्री डेनिस मांतरूरोव, रक्षा मंत्री एंद्रेई बेलोसोव और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव सहित कई शीर्ष अधिकारी भी थे।

पुतिन और किम की मित्रता के बीच अमेरिका और दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का आरोप है कि उत्तर कोरिया रूस को यूक्रेन में इस्तेमाल के लिए तोपें, मिसाइलें और अन्य सैन्य उपकरण मुहैया करा रहा है और इसके बदले में उसे महत्वपूर्ण सैन्य तकनीक और सहायता मिल रही है।

हालांकि दोनों ही देशों ने हमेशा इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Jun 2024 00:50:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चाड की राजधानी में सैन्य आयुध भंडार में विस्फोट, नौ की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चड-क-रजधन-म-सनय-आयध-भडर-म-वसफट-न-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चड-क-रजधन-म-सनय-आयध-भडर-म-वसफट-न-क-मत</guid>
        <description>एनजमीना, 19 जून। चाड की राजधानी एनजमीना में एक सैन्य आयुध डिपो में विस्फोट में नौ लोगों को मौत हो गई जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए। एक सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी।

प्रवक्ता अब्देरमान कौलमल्लाह ने कहा कि राजधानी एनजमीना के गौडजी जिले में हुए विस्फोटों के बाद 46 लोगों का इलाज किया जा रहा है।

स्थानीय मीडिया ने बताया कि विस्फोट मंगलवार मध्य रात्रि से ठीक पहले शुरू हुए और 30 मिनट से अधिक समय तक चले, जिससे आस-पास की इमारतें हिल गईं।

अधिकारियों और गवाहों ने बुधवार को कहा कि चाड की राजधानी में एक सैन्य आयुध भंडार में विस्फोट और आग लगने से कई लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि आग बुझाने तथा घायलों के उपचार के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए गए।

पश्चिमी अफ्रीकी देश में आयुध डिपो में हुए धमाके की रोशनी आसमान में दूर तक देखी गयी और उसके बाद आसपास के इलाकों में घने धुएं का गुबार छा गया।

राष्ट्रपति महामत डेबी इत्नो ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि विस्फोट के कारण लगी आग से जानमाल का नुकसान हुआ है। डेबी ने कहा, पीड़ितों की आत्मा को शांति मिले, शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना।

उन्होंने हालांकि हताहत हुए लोगों की संख्या का कोई विवरण नहीं दिया।

मंगलवार देर रात डिपो में हुए विस्फोटों का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है और राष्ट्रपति ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी।

कौलमल्लाह के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा और स्वास्थ्य अधिकारियों की तैनाती के साथ स्थिति को नियंत्रण में लाया गया है। उन्होंने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 20 Jun 2024 00:50:25 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस&amp;यूक्रेन युद्ध: भारतीय नागरिकों की तस्करी के आरोपी को जमानत देने से अदालत का इनकार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-यदध-भरतय-नगरक-क-तसकर-क-आरप-क-जमनत-दन-स-अदलत-क-इनकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-यदध-भरतय-नगरक-क-तसकर-क-आरप-क-जमनत-दन-स-अदलत-क-इनकर</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 17 जून। दिल्ली की एक अदालत ने उस व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया है, जिस पर भारतीय नागरिकों की तस्करी रूस में करने का आरोप है, ताकि उन्हें यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में मोर्चे पर उनकी इच्छा के विरुद्ध तैनात किया जा सके। अदालत ने कहा कि उसके खिलाफ आरोप गंभीर हैं और वह सबूत नष्ट करने की कोशिश कर सकता है।

विशेष न्यायाधीश अतुल कृष्ण अग्रवाल ने मुंबई निवासी माइकल एलंगोवन एंथनी को राहत देने से इनकार कर दिया, जिसने स्वयं को निर्दोष बताया था।

न्यायाधीश ने सात जून को सुनाए गए आदेश में कहा, आरोपी के खिलाफ आरोप गंभीर और संगीन प्रकृति के हैं। इस स्तर पर याचिकाकर्ता को जमानत पर रिहा करने से मामले की आगे की जांच में बाधा आएगी। यह भी संभावना है कि वह उन सबूतों को नष्ट करने की कोशिश कर सकता है, जो अभी तक आईओ (जांच अधिकारी) द्वारा प्राप्त नहीं किए गए हैं। याचिकाकर्ता अन्य आरोपियों की कानून की प्रक्रिया से बचने में भी मदद कर सकता है।

आरोपी ने यह दावा करते हुए जमानत का अनुरोध किया था कि वह स्वयं इस गिरोह का शिकार है और उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है।

एंथनी को 26 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह हिरासत में है।

सीबीआई के अनुसार, आरोपी और उसके कथित साथियों ने पैसे के बदले भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में सुरक्षा गार्ड, सहायक और इसी तरह की नौकरी दिलाने के बहाने उनकी रूस में तस्करी की।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि पीड़ितों से धोखे से रूसी सेना में शामिल होने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर करवाए गए। उन्हें लड़ाकू भूमिकाओं में प्रशिक्षित किया गया और रूसी सेना की वर्दी और बैज प्रदान किए गए।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि इन भारतीय नागरिकों को फिर उनकी इच्छा के विरुद्ध युद्ध क्षेत्रों में तैनात किया गया और उनकी जान को खतरे में डाला गया, जिसमें से कुछ गंभीर रूप से घायल भी हुए।

सीबीआई ने आरोप लगाया कथित रैकेट संचालकों ने भारतीय छात्रों को भी रूस में संदिग्ध निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिलाने का वादा करके ठगा था। सीबीआई ने आरोप लगाया कि उन्होंने उन्हें मुफ्त में छूट वाले वीजा विस्तार, फीस ढांचा आदि की पेशकश की और वीजा एजेंट और कॉलेज अधिकारियों की दया पर छोड़ दिया।

सीबीआई ने दावा किया कि कथित घोटाले के पीड़ितों के पासपोर्ट रूस पहुंचने पर एजेंट द्वारा जब्त कर लिए गए थे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 01:02:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इटली के तट पर दो जहाज डूबे, 11 लोगों की मौत, 64 अन्य लापता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इटल-क-तट-पर-द-जहज-डब-11-लग-क-मत-64-अनय-लपत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इटल-क-तट-पर-द-जहज-डब-11-लग-क-मत-64-अनय-लपत</guid>
        <description>रोम, 17 जून। इटली के दक्षिणी तट पर सोमवार को एक जहाज डूबने से 64 लोग समुद्र में लापता हो गए, जबकि 11 लोगों को बचा लिया गया। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने एक बयान में यह जानकारी दी।

वहीं एक अन्य हादसे के बारे में जर्मन सहायता समूह रेस्कशिप ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पहली जहाज दुर्घटना में बचावकर्मियों को इटली के छोटे लैम्पेडुसा द्वीप के पास 10 प्रवासियों के शव मिले।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 01:02:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इक्वाडोर में भूस्खलन के बाद आठ लोगों की मौत, मलबे में और शवों को तलाश रहे बचाव दल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इकवडर-म-भसखलन-क-बद-आठ-लग-क-मत-मलब-म-और-शव-क-तलश-रह-बचव-दल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इकवडर-म-भसखलन-क-बद-आठ-लग-क-मत-मलब-म-और-शव-क-तलश-रह-बचव-दल</guid>
        <description>रियो वर्डे (इक्वाडोर), 18 जून। मध्य इक्वाडोर में भूस्खलन के बाद कम से कम आठ लोगों की मौत हो गयी और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका के मद्देनजर बचाव दलों तथा स्थानीय लोगों ने सोमवार को खोज अभियान चलाया।

इक्वाडोर के अनेक हिस्सों में बीते सप्ताहांत हुई भारी बारिश से काफी तबाही हुई लेकिन बानोस के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जहां रविवार को एक पहाड़ी का हिस्सा ढह गया और बाढ़ में कुछ मकान तथा वाहन बह गए।

इक्वाडोर के जोखिम प्रबंधन कार्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, वहीं 11 लापता हैं तथा 22 लोग घायल हुए हैं। रविवार को मारे गए लोगों की संख्या छह बताई गई थी और सोमवार को अधिकारियों ने दो और लोगों के शव मिलने की पुष्टि की।

राजधानी क्विटो से करीब 135 किलोमीटर दूर बानोस अमेजन के जंगल के बीच प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।

मशीनों के इस्तेमाल के साथ-साथ बचाव दलों और कुछ स्थानीय लोगों ने हाथ से भी मलबे को हटाया।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 01:02:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>निखिल गुप्ता पर अब अमेरिका की अदालत में चलेगा मुकदमा: अटॉर्नी जनरल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नखल-गपत-पर-अब-अमरक-क-अदलत-म-चलग-मकदम-अटरन-जनरल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नखल-गपत-पर-अब-अमरक-क-अदलत-म-चलग-मकदम-अटरन-जनरल</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 18 जून। अमेरिका में एक सिख अलगाववादी की सुपारी देकर हत्या कराने की साजिश में शामिल होने के आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को अब अमेरिका की एक अदालत में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। अटॉर्नी जनरल मेरिक गार्लैंड ने यह जानकारी देते हुए कहा कि देश अपने नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

गुप्ता (53) को न्यूयॉर्क में खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में अमेरिका सरकार के अनुरोध पर 30 जून, 2023 को चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था। उसे गत 14 जून को अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था।

गुप्ता के अटॉर्नी जेफ्री चाबरोवे के अनुसार, सोमवार को उसे मैनहट्टन संघीय अदालत में मजिस्ट्रेट न्यायाधीश जेम्स कॉट के समक्ष पहली पेशी के तहत प्रस्तुत किया गया, जहां उसने खुद को बेगुनाह बताया।

गार्लैंड ने सोमवार को कहा, यह प्रत्यर्पण स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि न्याय विभाग अमेरिकी नागरिकों को चुप कराने या उन्हें नुकसान पहुंचाने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने कहा, निखिल गुप्ता पर भारत में सिख अलगाववादी आंदोलन का समर्थन करने के लिए एक अमेरिकी नागरिक को निशाना बनाने तथा उसकी हत्या की कथित साजिश में शामिल रहने के मामले में अमेरिका की एक अदालत में मुकदमा चलेगा। भारत सरकार के एक कर्मी के निर्देश पर यह साजिश रची गई।

मामले में अगली अदालती सुनवाई 28 जून को होगी।

गुप्ता पर सुपारी देकर हत्या कराने और साजिश रचने के आरोप हैं। अगर गुप्ता को दोषी करार दिया जाता है तो उसे प्रत्येक आरोप के लिए अधिकतम 10 साल कैद की सजा सुनाई जा सकती है।

डिप्टी अटॉर्नी जनरल लिसा मोनाको ने कहा कि सुपारी देकर हत्या कराने की साजिश, कथित तौर पर भारत सरकार के एक कर्मी द्वारा न्यूयॉर्क शहर में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए रची गई थी। उन्होंने कहा कि यह एक राजनीतिक कार्यकर्ता को उसके सर्वोत्कृष्ट अमेरिकी अधिकार-अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का प्रयोग करने से रोकने का एक शर्मनाक प्रयास था।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 01:02:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मंगाफ अग्निकांड में मारे गए लोगों के परिजन को 15&amp;15 हजार डॉलर मुआवजा देगी कुवैत सरकार: रिपोर्ट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मगफ-अगनकड-म-मर-गए-लग-क-परजन-क-15-15-हजर-डलर-मआवज-दग-कवत-सरकर-रपरट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मगफ-अगनकड-म-मर-गए-लग-क-परजन-क-15-15-हजर-डलर-मआवज-दग-कवत-सरकर-रपरट</guid>
        <description>दुबई/कुवैत सिटी, 19 जून। कुवैत की सरकार दक्षिण अहमदी गवर्नरेट में पिछले दिनों हुए अग्निकांड में मारे गए 46 भारतीयों समेत सभी 50 लोगों के परिजनों को 15-15 हजार डॉलर का मुआवजा देगी। एक खबर में यह दावा किया गया।

कुवैत के अधिकारियों के अनुसार मंगाफ इलाके में 12 जून को सात मंजिला इमारत में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी।

इमारत में 196 प्रवासी श्रमिक रह रहे थे जिनमें अधिकतर भारतीय थे।

अरब टाइम्स अखबार में मंगलवार को प्रकाशित खबर के अनुसार कुवैत के अमीर, शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह के आदेश पर मृतकों के परिजन को 15-15 हजार डॉलर (12.5 लाख रुपये) की राशि मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।

सरकारी सूत्रों के हवाले से अखबार ने लिखा कि संबंधित दूतावासों को यह राशि पहुंचाई जाएगी। अग्निकांड में फिलीपीन के तीन नागरिक भी मारे गए थे और एक मृतक की पहचान नहीं हुई है।

खबर में कहा गया है कि संबंधित दूतावास मृतकों के परिजनों तक राशि पहुंचाने का काम करेंगे।

भारत सरकार ने भयावह अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की थी।

केरल सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह इस हादसे में जान गंवाने वाले अपने राज्य के लोगों के परिवारों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 01:02:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत ने यूक्रेन पीस समिट के साझा बयान से ख़ुद को अलग किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-न-यकरन-पस-समट-क-सझ-बयन-स-खद-क-अलग-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-न-यकरन-पस-समट-क-सझ-बयन-स-खद-क-अलग-कय</guid>
        <description>भारत ने स्विट्जरलैंड में आयोजित समिट ऑन पीस इन यूक्रेन के साझा बयान से ख़ुद को अलग कर लिया है.

16 जून को पीस समिट के आख़िरी दिन भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी (पश्चिम) पवन कपूर ने कहा कि भारत ऐसे ही प्रस्ताव पर सहमति जताएगा, जिसे दोनों ही पक्ष मानते हों, इसलिए भारत इस अंतिम दस्तावेज़ से ख़ुद को अलग कर रहा है.

इसके साथ ही भारत उन सात देशों में शामिल हो गया, जिन्होंने दो दिन तक बर्गेनस्टॉक में चलने वाले इस समिट के बाद साझे बयान का समर्थन करने से इनकार कर दिया.

समिट के बाद जारी साझे बयान में यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा करने का आह्वान किया गया है. ये यूक्रेन के शांति फार्मूले और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रस्तावों पर आधारित है, जिस पर अब तक 80 से अधिक देशों ने हस्ताक्षर किए हैं.

समिट के आखिरी दिन रविवार को विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) पवन कपूर ने भारत के रुख़ को स्पष्ट करते हुए कहा, समिट में हमारी भागीदारी और सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार संपर्क का उद्देश्य संघर्ष के स्थायी समाधान के लिए आगे का रास्ता खोजने के लिहाज से कई विचारों और विकल्पों को समझना है. हमें लगता है कि केवल वो विकल्प जो दोनों पक्षों को स्वीकार्य हों,स्थायी शांति की ओर ले जा सकते हैं.

इसे ध्यान में रखते हुए हमने ख़ुद को समिट की ओर से जारी किए जा रहे साझे बयान या किसी भी तरह के अन्य दस्तावेज से ख़ुद को अलग करने का फ़ैसला लिया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 01:26:46 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत के अगले साल जी&amp;7 में हिस्सा लेने पर कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो क्या बोले</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-क-अगल-सल-ज-7-म-हसस-लन-पर-कनड-क-पएम-जसटन-टरड-कय-बल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-क-अगल-सल-ज-7-म-हसस-लन-पर-कनड-क-पएम-जसटन-टरड-कय-बल</guid>
        <description>क्या भारत अगले साल कनाडा में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेगा?

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस सवाल के जवाब को टाल दिया. अगले साल जी-7 शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कनाडा को करनी है.

जस्टिन ट्रूडो से सवाल किया गया कि क्या वो नरेंद्र मोदी को अगले साल कनाडा जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए बुलाएंगे.

ट्रूडो का बयान तब आया है जब एक दिन पहले इटली में समाप्त हुए जी-7 शिखर सम्मेलन में उनकी मुलाकात पीएम मोदी से हुई.

बीते साल ट्रूडो ने कनाडा की संसद में भारत पर ख़ालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर हत्या का आरोप लगाया था.

भारत हालांकि कनाडा की ओर से लगाए गए इन आरोपों को खारिज करता रहा है लेकिन दोनों देशों के संबंधों में तनाव बरक़रार है.

ट्रूडो ने कहा, कनाडा अगले साल जी-7 के आयोजन को लेकर उत्साहित है. लेकिन अभी जी-7 की अध्यक्षता इटली के पास है.

इस साल के बाकी बचे हुए समय में मैं इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री मेलोनी और बाकी सहयोगियों के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं.

ट्रूडो ने कहा, कुछ मुद्दों के बारे में हमने बात की है. बाकी मुद्दों के बारे में भी हम बात करेंगे और बहुत कुछ तब तय होगा जब अगले साल हमारे पास जी-7 की अध्यक्षता होगी.

नरेंद्र मोदी के तीसरे बार पीएम बनने पर ट्रूडो ने बधाई देते हुए कहा था कि वो भारत के साथ मिलकर काम करने की दिशा में देख रहे हैं.

इस साल जी-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन 13 से 15 जून के बीच इटली में हुआ है. भारत जी-7 का सदस्य नहीं है. लेकिन इटली की पीएम मेलोनी ने पीएम मोदी को जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया था.

पिछले साल जी-7 की अध्यक्षता जापान के पास थी और तब भी भारत को इसमें शामिल होने का निमंत्रण मिला था. भारत 2019 में भी जी-7 शिखर सम्मेलन का हिस्सा बन चुका है.

भारत को 2020 में अमेरिका ने भी जी-7 सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया था. लेकिन कोरोना वायरस की वजह से उस सम्मेलन को रद्द कर दिया गया था.

कनाडा, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका जी-7 के स्थायी सदस्य हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 01:26:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सऊदी अरब में 14 हज यात्रियों की तेज़ गर्मी और हीटवेव से मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सऊद-अरब-म-14-हज-यतरय-क-तज-गरम-और-हटवव-स-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सऊद-अरब-म-14-हज-यतरय-क-तज-गरम-और-हटवव-स-मत</guid>
        <description>सऊदी अरब में हज के दौरान भीषण गर्मी के कारण जॉर्डन के कम से कम 14 नागरिकों की मौत हो गई. जॉर्डन के अधिकारियों ने ये जानकारी दी है.

जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसके 14 नागरिक अत्यधिक गर्मी के कारण लू लगने से मर गए हैं और 17 लोग लापता बताए जा रहे है.

अधिकारियों ने कहा कि लापता लोगों की तलाश जारी है.

एएफपी समाचार एजेंसी के अनुसार ईरानी रेड क्रिसेंट ने पुष्टि की है कि पांच ईरानी हज यात्रियों की भी मौत हो गई है,लेकिन ये नहीं बताया कि उनकी मौत कैसे हुई.

एक बयान में जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह मरने वालों के परिवारों की इच्छा के अनुसार, उनके शवों को दफ़नाने या लाने की प्रक्रिया पर वह सऊदी अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं.

हज दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समारोहों में से एक है. सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इस साल 18 लाख से ज़्यादा लोग इसमें हिस्सा ले रहे हैं.

इस सप्ताह तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो गया,जिससे खुले में और पैदल किए जाने वाले कई अनुष्ठान लोगों के लिए मुश्किल हो गए, खासकर बुजुर्गों के लिए ये और भी चुनौतीपूर्ण हो गया.

सऊदी मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख अयमान गुलाम ने पिछले सप्ताह चेतावनी दी थी कि इस साल हज के दौरान मक्का और मदीना में औसत तापमान में 1.5 से 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है.

सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया कि माउंट अराफात के पास एक ट्रीटमेंट सेंटर में गर्मी लोगों की बिगड़ती तबीयत कृ 225 मामले दर्ज किए गए.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 01:26:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने बताई रूस के साथ शांति वार्ता की ये शर्त</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-रषटरपत-जलसक-न-बतई-रस-क-सथ-शत-वरत-क-य-शरत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-रषटरपत-जलसक-न-बतई-रस-क-सथ-शत-वरत-क-य-शरत</guid>
        <description>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि अगर रूस यूक्रेन के अधिकार क्षेत्र से पीछे हट जाता है तो वह कल ही शांति वार्ता के लिए तैयार हैं.

स्विट्जरलैंड में यूक्रेन की ओर से आयोजित सम्मेलन शांति सम्मेलन के अंत में ज़ेलेंस्की ने कहा, पुतिन युद्ध खत्म नहीं करेंगे और उन्हें रोकना होगा, चाहे वो सैन्य अभियान से मुमकिन हो या फिर कूटनीतिक तरीके से.

इससे पहले यूक्रेन युद्ध ख़त्म करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शर्तों को इटली और जर्मनी ने ख़ारिज कर दिया है.

पुतिन ने यूक्रेन में युद्ध रोकने के लिए दो शर्तें रखी थीं. पहली, यूक्रेन को दोनेत्स्क, लुहांस्क, खे़रसोन और ज़ापोरज़िया से अपने सैनिक हटाने होंगे. दूसरी, यूक्रेन नेटो में शामिल नहीं होगा.

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शांति योजना को प्रोपेगेंडा करार दिया है. वहीं जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शॉल्त्स ने कहा कि ये एक तानाशाह की शांति है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 01:26:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इक्वाडोर में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कम से कम छह की मौत, कई लोग लापता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इकवडर-म-भर-बरश-क-करण-हए-भसखलन-म-कम-स-कम-छह-क-मत-कई-लग-लपत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इकवडर-म-भर-बरश-क-करण-हए-भसखलन-म-कम-स-कम-छह-क-मत-कई-लग-लपत</guid>
        <description>क्वीटो (इक्वाडोर), 17 जून। मध्य इक्वाडोर में रविवार को भूस्खलन के कारण मलबा एक राजमार्ग पर आ गिरा, जिसमें कम से कम छह लोगों की दबकर मौत हो गई और 30 अन्य लोग लापता हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण देश भर में नदियां उफान पर हैं।

शहर के अग्निशमन विभाग के मुताबिक, बानोस शहर में कीचड़ और मलबा पहाड़ी से नीचे खिसक कर तीन कारों, दो घरों और एक बस पर आ गिरा।

बानोस को इक्वाडोर का रिसॉर्ट शहर भी कहा जाता है।

अग्निशमन विभाग के उपप्रमुख कैप्टन एंजेल बैरिगा ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि बचावकर्मी नौ घायलों का इलाज कर रहे हैं और आपदा स्थल से छह शव बरामद किए गये जबकि 30 से अधिक लोगों के कीचड़ में फंसे होने की आशंका है।

पिछले कई दिन से इक्वाडोर और क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। इस सप्ताह की शुरुआत में एल सल्वाडोर में भूस्खलन में दो बच्चों की मौत हो गई थी।

पूरे इक्वाडोर में तूफानों के कारण कीचड़ और बाढ़ का पानी राजमार्गों और पुलों पर जमा हो गया है, जिससे देश को अमेजन के प्रांतों से जोड़ने वाली मुख्य सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 01:26:41 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>टेक्सास में जूनटींथ समारोह के दौरान गोलीबारी में दो लोगों की मौत, छह घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टकसस-म-जनटथ-समरह-क-दरन-गलबर-म-द-लग-क-मत-छह-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टकसस-म-जनटथ-समरह-क-दरन-गलबर-म-द-लग-क-मत-छह-घयल</guid>
        <description>टेक्सास, 17 जून। अमेरिका में टेक्सास के एक पार्क में सप्ताहांत में हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए। घायलों में दो बच्चे भी शामिल हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

शनिवार रात 11 बजे से कुछ पहले ऑस्टिन से लगभग 19 मील (30 किलोमीटर) दूर उत्तर में राउंड रॉक के ओल्ड सेटलर्स पार्क में जूनटींथ समारोह के दौरान यह गोलीबारी हुई।

राउंड रॉक पुलिस प्रमुख एलन बैंक्स ने घटनास्थल पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कार्यक्रम के दौरान दो समूहों के बीच झगड़ा शुरू हो गया जिसमें किसी ने गोलीबारी शुरू कर दी।

एलन ने कहा कि जिन दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, वे झगड़े में शामिल नहीं थे।

एलन ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने तुरंत घायलों को आपातकालीन चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना शुरू कर दिया जिन्हें बाद में अस्पताल ले जाया गया।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 01:26:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सुपारी देकर हत्या कराने की साजिश के आरोपी निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सपर-दकर-हतय-करन-क-सजश-क-आरप-नखल-गपत-क-अमरक-परतयरपत-कय-गय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सपर-दकर-हतय-करन-क-सजश-क-आरप-नखल-गपत-क-अमरक-परतयरपत-कय-गय</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 17 जून। अमेरिका में एक सिख अलगाववादी की सुपारी देकर हत्या कराने की साजिश में शामिल होने के आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को चेक गणराज्य से अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गई है।

गुप्ता (52) को अमेरिकी नागरिक एवं सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोपों में अमेरिका की सरकार के अनुरोध पर पिछले साल चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था।

चेक संवैधानिक अदालत ने पिछले माह गुप्ता की प्रत्यर्पण के खिलाफ दी गई याचिका खारिज कर दी थी।

अमेरिकी संघीय अभियोजकों का आरोप है कि गुप्ता एक अज्ञात भारतीय सरकारी अधिकारी के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे थे।

भारत ने इस मामले में अपनी संलिप्तता से इंकार किया है और आरोपों की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

गुप्ता फिलहाल ब्रूकलिन में मेट्रोपॉलिटन डिटेन्शन सेंटर में बंद हैं। उन्हें सोमवार को न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में पेश किया जा सकता है।

द वाशिंगटन पोस्ट ने सबसे पहले गुप्ता के प्रत्यर्पण की खबर जारी की।

अखबार की खबर के अनुसार, गुप्ता, जिसे चेक गणराज्य में हिरासत में लिया गया था, को सप्तातांत में न्यूयॉर्क लाया गया। मामले के जानकार लोगों ने नाम जाहिर नहीं करने के अनुरोध पर यह जानकारी दी है। आम तौर पर प्रत्यर्पित व्यक्ति को देश में आने के एक दिन के अंदर ही अदालत में पेश किया जाता है।

संघीय अभियोजकों का आरोप है कि गुप्ता ने पन्नू की हत्या के लिए एक व्यक्ति को सुपारी दी थी और 15,000 डॉलर की अग्रिम राशि का भुगतान किया था। उनका आरोप है कि भारत सरकार का एक अधिकारी भी इसमें शामिल था। अधिकारी का नाम नहीं लिया गया।

गुप्ता ने अपने वकील के माध्यम से अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया और कहा है कि उन पर अनुचित आरोप लगाए गए हैं।

वाशिंगटन पोस्ट की खबर में कहा गया, गुप्ता की वकील रोहिणी मूसा ने भारतीय उच्चतम न्यायालय को दी गई याचिका में कहा है कि उनके मुवक्किल पर अनुचित तरीके से मुकदमा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जो याचिकाकर्ता को कथित पीड़ित की हत्या की कथित बड़ी साजिश से जोड़ता हो।

अखबार की खबर के अनुसार, उन्होंने (मूसा ने) कहा कि भारत और अमेरिका अपनी विदेश नीति के लिए एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं।

गुप्ता का प्रर्त्यपण ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन वार्षिक क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (आईसीईटी) संवाद के लिए नयी दिल्ली की यात्रा पर आने वाले हैं। सुलिवन अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल के साथ इस संवाद में हिस्सा लेंगे।

पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है।

अप्रैल 2024 में वाशिंगटन पोस्ट की खबर में कहा गया था कि पन्नू की हत्या की साजिश के पीछे रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के अधिकारी विक्रम यादव का हाथ है। अखबार में यह दावा भी किया गया कि रॉ के प्रमुख सामंत गोयल ने अभियान को मंजूरी दी थी।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने खबर को खारिज कर दिया और पन्नू की हत्या की साजिश में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता के दावे को गलत बताया है।

भारत ने कहा है कि पन्नू की कथित हत्या की साजिश को लेकर अमेरिका द्वारा साझा किए गए प्रमाण की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 01:26:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जी7 सम्मेलन में अमेरिका, यूक्रेन ने सुरक्षा समझौते पर किए हस्ताक्षर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ज7-सममलन-म-अमरक-यकरन-न-सरकष-समझत-पर-कए-हसतकषर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ज7-सममलन-म-अमरक-यकरन-न-सरकष-समझत-पर-कए-हसतकषर</guid>
        <description>बारी (इटली), 14 जून । अमेरिका और यूक्रेन के राष्ट्रपति ने दक्षिण इटली में जी7 सम्मेलन के दौरान एक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए जो लंबे समय तक दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को रेखांकित करता है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए। इससे पहले ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी सहित 15 देश यूक्रेन के साथ इसी तरह का दीर्घकालिक सुरक्षा समझौता कर चुके हैं। बाइडेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने बुधवार को कहा था कि समझौते में वाशिंगटन द्वारा यूक्रेन में अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की बाध्यता नहीं होगी, न ही इसमें विशेष हथियार प्रणाली की आपूर्ति की प्रतिबद्धता होगी।

यह समझौता विशेष रूप से सैन्य उपकरणों, प्रशिक्षण और युद्धाभ्यास के संबंध में सभी संभावित स्तर पर दोनों देशों के बीच सहयोग को व्यापक रूप से रेखांकित करता है। साथ ही, यूक्रेन से अपने देश में न्याय, कानून प्रवर्तन और भ्रष्टाचार से लड़ने में सुधारों को लागू करने के लिए कहा गया है। इससे यूक्रेन को भविष्य में नाटो स्तर की सैन्य क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। इस समझौते में यूक्रेन की रक्षा के लिए अमेरिकी सशस्त्र बलों को तैनात करने की कोई प्रतिबद्धता नहीं है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के यूक्रेन में सैन्य प्रशिक्षकों को भेजने की अपील को बाइडेन ने खारिज कर दिया। वाशिंगटन का कहना है कि हमारा मकसद यूक्रेन को खुद अपनी रक्षा करने में सक्षम बनाना है। समझौते में विशेष हथियार प्रणालियों की आपूर्ति का कोई वादा नहीं है। अमेरिकी सरकार ने कीव के साथ इस समझौते से मास्को को एक संदेश देने की कोशिश की कि वह यूक्रेन के लिए निरंतर और दीर्घकालिक समर्थन के लिए प्रतिबद्ध है। -(आईएएनएस/डीपीए)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Jun 2024 01:27:01 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>टेस्ला शेयरधारकों ने मंजूर किया मस्क के लिए 56 अरब डॉलर का पे पैकेज</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/टसल-शयरधरक-न-मजर-कय-मसक-क-लए-56-अरब-डलर-क-प-पकज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/टसल-शयरधरक-न-मजर-कय-मसक-क-लए-56-अरब-डलर-क-प-पकज</guid>
        <description>सैन फ्रांसिस्को, 14 जून । टेस्ला के पक्षकारों की ओर से कंपनी के सीईओ एलन मस्क को दिए जाने वाले 56 अरब डॉलर (जिसकी अब वैल्यू 44.9 अरब डॉलर है) के पे पैकेज का समर्थन किया गया है। इसके अलावा पक्षकारों ने कंपनी को डेलावेयर से हटाकर टेक्सस में स्थानांतरित करने को लेकर भी सहमति दे दी। कंपनी ने बताया कि टेस्ला के बोर्ड की ओर से 2018 में 73 प्रतिशत वोट के साथ मस्क का पे पैकेज मंजूर कर दिया गया था। कंपनी की ओर से अप्रैल में मस्क को दिए जाने वाले इस पैकेज का वैल्यूशन 44.9 अरब डॉलर बताया गया था। बता दें, टेस्ला के शेयर में इस वर्ष 25 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

इलेक्ट्रिक कार कंपनी द्वारा दिए गए बयान में कहा गया कि पक्षकारों की ओर से 2018 सीईओ परफॉर्मेंस अवार्ड और कंपनी को टेक्सस में स्थानांतरित करने को लेकर समर्थन किया गया है। बता दें, टेक्सस के पक्षकारों की ओर से समर्थित मस्क का पे पैकेज 100 प्रतिशत स्टॉक ऑप्शन के रूप में होगा। देर रात गुरुवार को हुई टेस्ला की बैठक में मस्क की ओर से सभी शेयरधारकों को भरोसा दिया गया कि वे कंपनी को छोड़कर नहीं जाएंगे और अगले 5 वर्षों तक कोई भी शेयर नहीं बेचेंगे। मस्क ने कंपनी के शेयरधारकों से कहा कि ये पैकेज नकद में नहीं है। मैं कंपनी को बिल्कुल भी छोड़कर नहीं जाऊंगा और मैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहता। अमेरिकी बाजार में गुरुवार के सत्र में टेस्ला का शेयर 2.92 प्रतिशत की तेजी के साथ करीब 182 डॉलर पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 570 अरब डॉलर के आसपास है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Jun 2024 01:27:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सिरिल रामाफोसा दूसरी बार दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति चुने गए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सरल-रमफस-दसर-बर-दकषण-अफरक-क-रषटरपत-चन-गए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सरल-रमफस-दसर-बर-दकषण-अफरक-क-रषटरपत-चन-गए</guid>
        <description>सिरिल रामाफोसा एक बार फिर दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति चुने गए हैं.

सत्तारूढ़ अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस (एएनसी) और विपक्षी दलों के बीच एक ऐतिहासिक गठबंधन समझौते के बाद दक्षिण अफ्रीका की संसद ने सिरिल रामाफोसा को एक बार फिर देश के राष्ट्रपति के रूप में चुना है.

दक्षिण अफ्रीका की नई सरकार में रामफोसा की एएनसी, सेंटर-राइट डेमोक्रेटिक अलायंस (डीए) और छोटी पार्टियां शामिल हैं.

जीत के बाद दिए अपने भाषण में रामाफोसा ने नए गठबंधन की सराहना की. उन्होंने कहा कि मतदाताओं को उम्मीद है कि नेता हमारे देश में सभी की भलाई के लिए मिलकर काम करेंगे.

यह समझौता भारी राजनीतिक नाटकों के बीच संपन्न हुआ. एएनसी के महासचिव फिकिले मबालुला ने गठबंधन समझौते को एक उल्लेखनीय कदम बताया .

रामाफोसा साल 2018 में पहली बार दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के तौर पर चुने गए थे. उन्होंने सत्ता संघर्ष के बाद राष्ट्रपति और एएनसी नेता दोनों के रूप में जैकब ज़ुमा की जगह ली थी. वो एक फिर राष्ट्रपति बनने में कामयाब रहे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Jun 2024 01:26:59 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस की जब्त संपत्तियों का उपयोग यूक्रेन के लिए करने के फ़ैसले पर राष्ट्रपति पुतिन क्या बोले?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-क-जबत-सपततय-क-उपयग-यकरन-क-लए-करन-क-फसल-पर-रषटरपत-पतन-कय-बल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-क-जबत-सपततय-क-उपयग-यकरन-क-लए-करन-क-फसल-पर-रषटरपत-पतन-कय-बल</guid>
        <description>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ज़ब्त की गई रूसी संपत्ति का उपयोग कर यूक्रेन को 50 अरब डॉलर का कर्ज़ देने के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया दी है.

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, रूसी संपत्ति को ज़ब्त करने और उसके ब्याज को यूक्रेन के लिए उपयोग करना चोरी है. इसकी सज़ा ज़रूर मिलेगी.

इससे पहले जी7 शिखर सम्मेलन में ये सहमति बनी कि रूस की ज़ब्त की गई संपत्तियों का इस्तेमाल यूक्रेन को 50 अरब डॉलर देने के लिए किया जाएगा. इसका इस्तेमाल यूक्रेन रूस से लड़ने में करेगा.

इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा, जिस प्रकार से पश्चिमी देश रूस के साथ बर्ताव कर रहे हैं इससे ये पता चलता है कि अगला नंबर किसी का भी हो सकता है.

रूसी विदेश मंत्रालय में दिए अपने भाषण में उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि रूस के पास यूक्रेन में हस्तक्षेप करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था.

उन्होंने इस दावे को खारिज कर दिया कि रूस यूरोप के लिए खतरा है.

उन्होंने दावा किया कि अमेरिका हथियारों की सप्लाई को सही ठहराने और यूरोप को राजनीतिक, सैन्य और तकनीकी रूप से निर्भर बनाने के लिए दुष्प्रचार कर रहा है.

साल 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद यूरोपीय संघ के साथ-साथ जी7 ने संपत्ति लगभग 325 अरब डॉलर मूल्य की रूस की संपत्ति फ्रीज़ (रूस के बाहर मौजूद उसकी संपत्ति) कर दी थी.

ये संपत्तियां हर साल तीन अरब डॉलर का ब्याज कमा रही हैं.

जी7 की योजना के तहत तीन अरब डॉलर का इस्तेमाल यूक्रेन के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से लिए गए 50 अरब डॉलर के क़र्ज़ के सालाना ब्याज का भुगतान करने के लिए किया जाएगा.

दक्षिणी इटली के अपुलिया में शिखर सम्मेलन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, 50 अरब डॉलर का कर्ज़ यूक्रेन को दिया जाएगा और साथ ही ये पुतिन के लिए एक चेतावनी होगी कि हम पीछे नहीं हट रहे हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Jun 2024 01:26:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस&amp;यूक्रेन युद्ध ख़त्म करने के लिए राष्ट्रपति पुतिन ने सामने रखी शर्तें</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-यदध-खतम-करन-क-लए-रषटरपत-पतन-न-समन-रख-शरत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-यकरन-यदध-खतम-करन-क-लए-रषटरपत-पतन-न-समन-रख-शरत</guid>
        <description>-हेनरी एस्टियर

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच दो साल से भी अधिक वक्त से जारी युद्ध ख़त्म हो सकता है बशर्ते यूक्रेन कुछ बातों पर सहमत हो.

शुक्रवार को राजधानी मॉस्को में रूसी राजदूतों की एक बैठक को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि रूस के कब्ज़े वाले इलाक़ों से यूक्रेन के सेना हटाने के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध रुकने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.

पुतिन ने ये भी कहा है कि शांति वार्ता शुरू होने से पहले यूक्रेन को आधिकारिक तौर पर पश्चिमी मुल्कों के सैन्य गठबंधन नेटो का हिस्सा बनने का अपना सपना भी छोड़ना होगा.

पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन को दोनेत्स्क, लुहांस्क, खे़रसोन और ज़ापोरज़िया से अपने सैनिक हटाने होंगे. इन इलाक़ों के कुछ हिस्सों पर रूसी सैनिकों का कब्ज़ा है.

पुतिन ने कहा जितनी जल्दी यूक्रेन ये घोषणा करता है कि वो इन फ़ैसलों के लिए तैयार है, हमारी तरफ से युद्धविराम और शांति वार्ता की शुरुआत के लिए आदेश दिए जाएंगे. सच कहूं को उसी क्षण आदेश दिए जाएंगे.

यूक्रेन ने क्या दी प्रतिक्रिया?

यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार मिख़ाइल पोदोल्याक ने पुतिन के इस प्रस्ताव को पूरी तरह दिखावा और सामान्य ज्ञान के लिहाज़ से भी अस्वीकार्य कहा है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की पहले से कहते रहे हैं कि जब तक रूस क्रीमिया समेत यूक्रेन की पूरी ज़मीन से अपने सभी सैनिकों को वापिस नहीं बुला लेता, उसके साथ बातचीत नहीं हो सकती.

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पुतिन के लिए ये अजीब है कि जिस व्यक्ति ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यूरोप में सबसे बड़े सैन्य अभियान की योजना बनाई और अपने साथियों के साथ मिलकर जिसे कार्यान्वित किया, वो खुद को शांतिदूत की तरह पेश कर रहे हैं.

स्विट्ज़रलैंड में होगी रूस-यूक्रेन पर चर्चा

संभावित युद्धविराम के लिए पुतिन की शर्तें ऐसे वक्त सामने आई हैं जब शनिवार को 90 मुल्कों के प्रतिनिधि स्विट्ज़रलैंड में मुलाक़ात करने वाले हैं.

इस सम्मेलन में यूक्रेन के लिए शांति की राह मुद्दे पर चर्चा होनी है.

इसमें रूस को आमंत्रित नहीं किया गया है, हालांकि वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की इसमें शिरकत करने वाले हैं.

सम्मेलन में अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और यूरोप के अन्य देश शामिल होंगे.

वहीं चीन ने कहा है कि सम्मेलन में रूस की मौजूदगी के बिना वो इसका हिस्सा नहीं बनेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Jun 2024 01:26:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रामफोसा फिर बने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रमफस-फर-बन-दकषण-अफरक-क-रषटरपत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रमफस-फर-बन-दकषण-अफरक-क-रषटरपत</guid>
        <description>(फाकिर हसन)

जोहानिसबर्ग, 15 जून। दक्षिण अफ्रीका में दो सप्ताह पहले हुए आम चुनावों में अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) को 40 प्रतिशत मत हासिल हुए इसके बावजूद देश की संसद ने पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए सिरिल रामफोसा को राष्ट्रपति चुन लिया है।

इससे पहले दिन में एएनसी के थोको डिडिजा को अध्यक्ष और डेमोक्रेटिक अलायंस (डीए) की एनेली लोट्रिएट को उपाध्यक्ष चुना गया।

माना जा रहा है कि बुधवार को शपथ ग्रहण के बाद रामफोसा अपने नए मंत्रिमंडल की घोषणा करेंगे।

शुक्रवार आधी रात उन्हें राष्ट्रपति चुना गया और इसके साथ ही तमाम अटकलों पर भी विराम लग गया। इससे पहले शुक्रवार सुबह 10 बजे शुरू हुए सत्र में राष्ट्रीय एकता सरकार (जीएनयू) के गठन, बार-बार व्यवधान तथा लंबी मतदान प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई।

एएनसी ने डीए, इंकाथा फ्रीडम पार्टी (आईएफपी) और पैट्रियटिक फ्रंट (ओएफ) के साथ गठबंधन किया है। कुछ लोगों ने इस गठबंधन का दक्षिण अफ्रीका की राजनीति में एक नए युग के रूप में स्वागत किया जो सुलह का एक मजबूत संदेश देगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

हालांकि, कई लोगों ने कहा कि एएनसी ने डीए के साथ गठबंधन करके देश के नागरिकों को धोखा दिया है। डीए पहले विपक्ष में था तथा उसने 1994 में नेल्सन मंडेला के नेतृत्व में एएनसी के पहली बार सत्ता में आने के बाद से ही उसकी नीतियों का विरोध किया है।

एएनसी के सेक्रेटरी जनरल फिकिले मबालुला ने संसद में मतदान जारी रहने के दौरान एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हमें 60 लाख लोगों ने वोट दिया है और जनता चाहती है कि हम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए परिवर्तनकारी एजेंडे पर काम करना जारी रखें।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Jun 2024 01:26:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सिरिल रामफोसा फिर चुने गये दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सरल-रमफस-फर-चन-गय-दकषण-अफरक-क-रषटरपत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सरल-रमफस-फर-चन-गय-दकषण-अफरक-क-रषटरपत</guid>
        <description>केपटाउन, 15 जून । दक्षिण अफ्रीका की सत्तारूढ़ अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) के नेता सिरिल रामफोसा को संसद ने अगले पांच साल के लिए दोबारा राष्ट्रपति चुना है। गुरुवार को नेशनल असेंबली की पहली बैठक की अध्यक्षता करने वाले मुख्य न्यायाधीश रेमंड ज़ोंडो ने घोषणा की कि राष्ट्रपति चुनाव में रामफोसा को 283 वोट मिले, जबकि इकोनॉमिक फ्रीडम फाइटर्स के उम्मीदवार जूलियस मालेमा को 44 वोट मिले। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद अपने पहले संबोधन में रामफोसा ने कहा कि उन्होंने अपने दोबारा निर्वाचन को एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया है। वह उन लोगों के साथ भी काम करेंगे जिन्होंने उनका समर्थन नहीं किया।

उन्होंने कहा कि मई के अंत में हुए आम चुनावों के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश के लोग अपने नेताओं से मिलकर काम करने की उम्मीद करते हैं। रामफोसा ने कहा, अपने वोटों के माध्यम से हमारे लोग उम्मीद करते हैं कि गैर-नस्लवाद तथा गैर-लिंगवाद पर आधारित, शांति तथा न्याय पर आधारित लोकतांत्रिक समाज के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए; स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए और गरीबी, बेरोजगारी तथा असमानता की तिहरी चुनौतियों से निपटने के लिए; तथा सब के लिए समृद्धि हासिल करने के लिए सभी दल संविधान के ढांचे के भीतर एक साथ काम करेंगे। रामफोसा (71) ने जोर देकर कहा कि कई दलों की सहमति से बनी राष्ट्रीय एकता की सरकार दो या तीन दलों का एक बड़ा गठबंधन नहीं है। उन्होंने कहा, हम अब अपने लोगों द्वारा दिए गए जनादेश से यहां हैं, ताकि हम यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर सकें कि हम उन चुनौतियों का समाधान करें जिनका वे सामना कर रहे हैं। ...और मैं दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के रूप में इसे हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। यह हमारे देश के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है, जिसके लिए हमें अपने संवैधानिक लोकतंत्र तथा कानून के राज को मजबूत करने और अपने सभी लोगों के लिए एक दक्षिण अफ्रीका बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। दक्षिण अफ्रीकी संविधान के तहत, नेशनल असेंबली द्वारा राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने के बाद, निर्वाचित राष्ट्रपति को पांच दिन के भीतर पदभार ग्रहण करना होता है।

गुरुवार को नेशनल असेंबली द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, रामफोसा 19 जून को देश की प्रशासनिक राजधानी प्रिटोरिया में शपथ लेंगे। सांसदों ने शुक्रवार को एएनसी के थोको डिडिजा को नेशनल असेंबली का स्पीकर चुना, जो पहले कृषि मंत्री रह चुके हैं। डेमोक्रेटिक अलायंस (डीए) की एनेली लोट्रिएट डिप्टी स्पीकर चुनी गईं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एएनसी और मुख्य विपक्षी दल डीए ने शुक्रवार को राष्ट्रीय एकता की सरकार बनाने के लिए एक समझौता किया, जिसमें पैट्रिऑटिक अलायंस और इंकाथा फ्रीडम पार्टी भी शामिल होगी। समझौते के तहत रामफोसा को डीए के समर्थन से फिर से राष्ट्रपति चुने जाने की पहले से उम्मीद थी। गत 29 मई को हुए आम चुनावों में एएनसी ने नेशनल असेंबली की 400 सीटों में से 159 सीटें हासिल कीं। पिछले 30 साल में पहली बार संसद के निचले सदन में उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Jun 2024 01:26:55 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रफा में इजरायली बमबारी में 2 बंधकों की मौत : हमास</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रफ-म-इजरयल-बमबर-म-2-बधक-क-मत-हमस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रफ-म-इजरयल-बमबर-म-2-बधक-क-मत-हमस</guid>
        <description>गाजा, 15 जून । हमास की अल-कसम ब्रिगेड ने कहा है कि दक्षिणी गाजा पट्टी के रफा शहर में इजरायली बमबारी में दो इजरायली बंधकों की मौत हो गई है। अल-कसम ब्रिगेड ने शुक्रवार को कहा कि दो बंधकों की मौत कुछ दिन पहले हवाई हमले में हुई। सिन्हुआ न्यूज़ एजेंसी ने टेलीग्राम पर जारी एक वीडियो का हवाला देते हुए ये जानकारी दी। हमास के बयान पर इजरायली सेना की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अल-कसम ब्रिगेड ने कहा कि इजरायली सेना ने 8 जून को सेंट्रल गाजा में चार बंधकों को रिहा करने के अपने अभियान के दौरान कई बंधकों को मार डाला।

शुक्रवार तक, चल रहे फिलिस्तीनी-इजरायल संघर्ष में फिलिस्तीनी मृतकों की संख्या बढ़कर 37,266 हो गई है, जबकि 85,102 अन्य घायल हुए हैं। हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक अपडेट में ये बात कही। इजरायली रक्षा बलों ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उसने गाजा पट्टी में अपना अभियान जारी रखा है। इजरायली सैनिक रफा में खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान जारी रखे हुए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पिछले दिन कई आतंकवादियों को मार गिराया और बड़ी मात्रा में हथियार तथा अंडरग्राउंड टनल का पता लगाया। बयान में कहा गया है कि सेंट्रल गाजा में भी सैन्य अभियान चल रहा है। पिछले साल 7 अक्टूबर को हुए हमास के हमले का बदला लेने के लिए इजरायल ने गाजा पट्टी में बड़े पैमाने पर आक्रमण शुरू किया। हमास के हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए और लगभग 250 बंधक बनाए गए थे, जिनमें से कई की मौत हो गई है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 15 Jun 2024 01:26:55 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>जी&amp;7 समिट में मोदी और जस्टिन ट्रूडो होंगे आमने&amp;सामने</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ज-7-समट-म-मद-और-जसटन-टरड-हग-आमन-समन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ज-7-समट-म-मद-और-जसटन-टरड-हग-आमन-समन</guid>
        <description>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की जल्द ही मुलाक़ात हो सकती है.

प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को इटली में हो रहे जी-7 सम्मेलन में शिरकत करेंगे. भारत जी-7 का सदस्य नहीं है लेकिन वो पांचवीं बार आमंत्रित सदस्य के तौर पर इसमें हिस्सा ले रहा है.

कनाडा के प्रधानंमत्री से पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बारे में पूछने पर भारतीय अधिकारियों ने कहा कि भारत को इस बात पर आपत्ति है कि कनाडा में उसके ख़िलाफ़ हिंसा और चरमपंथ की वकालत करने वालों को राजनीतिक जमीन दी जा रही है.

भारतीय अधिकारियों ने कहा कि जी-7 सम्मेलन में भारत ग्लोबल साउथ के मुद्दों पर जोर देगा.

साथ ही रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति की अहमियत पर भी बात करेगा. जी-7 के एजेंडे में ग़ज़ा संघर्ष को सुलझाने की कोशिश भी प्राथमिकता में होगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जी-7 के आउटरीच सेशन में हिस्सा लेंगे. उनकी जी-7 देशों के कई नेताओं के द्विपक्षीय बातचीत भी होगी. आमंत्रित नेताओं से भी उनकी मुलाकात होगी.

भारत के विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बुधवार को कहा कि पीएम मोदी की मुलाकात इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से भी होगी. दोनों देशों की बातचीत के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जा रहा है.</description>
        <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 01:31:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रुस का शक्ति प्रदर्शनः क्यूबा पहुंचे रूस के युद्धक जहाज़, अमेरिका रख रहा है नज़र</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-क-शकत-परदरशन-कयब-पहच-रस-क-यदधक-जहज-अमरक-रख-रह-ह-नजर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-क-शकत-परदरशन-कयब-पहच-रस-क-यदधक-जहज-अमरक-रख-रह-ह-नजर</guid>
        <description>इमेज कैप्शन,रूस के ये युद्धक जहाज़ क्यूबा के बंदरगाह पर पहुंचे हैं, अमेरिका यहां से बहुत दूर नहीं है.

रूस के नोसैनिक जहाज़ों का एक बेड़ा क्यूबा पहुंचा हैं.

क्यूबा के पास रूसी युद्धक जहाज़ों के पहुंचने के रूस के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है.

यूक्रेन में युद्ध की वजह से पश्चिमी देशों और रूस के बीच तनाव बढ़ा हुआ है.

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वो इन जहाज़ों पर नज़र रखे हुए हैं. हालांकि अमेरिका का ये भी कहना है कि इन जहाज़ों से अमेरिका के लिए तुरंत कोई ख़तरा नहीं है.

कैरिबियाई देश क्यूबा पहुंचने से पहले इन जहाज़ों ने अटलांटिक महासागर में मिसाइलें दागने का युद्धाभ्यास भी किया है.

इन जहाज़ों में एक फ्रिजेट और एक परमाणु चलित पनडुब्बी भी शामिल है.

क्यूबा और रूस के बीच मज़बूत द्वपक्षीय संबंध हैं. ये जहाज़ हवाना के बंदरगाह पर अगले पांच दिनों तक रुके रहेंगे.

ये बंदरगाह फ्लोरिडा में अमेरिका के एक नोसैनिक एयर स्टेशन से मात्र 160 किलोमीटर दूर है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 01:31:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हमास और इसराइल के बीच मध्यस्थता के लिए क़तर पहुंचे एंटनी ब्लिंकन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हमस-और-इसरइल-क-बच-मधयसथत-क-लए-कतर-पहच-एटन-बलकन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हमस-और-इसरइल-क-बच-मधयसथत-क-लए-कतर-पहच-एटन-बलकन</guid>
        <description>अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन बुधवार को क़तर पहुंचे.

वो ग़जा में सीजफ़ायर और बंधकों की रिहाई के नए प्रस्ताव को सफ़ल बनाने के लिए क़तर पहुंचे हैं.

वहीं, अमेरिका ने कहा है कि अमेरिका समर्थित संघर्ष विराम प्रस्ताव पर हमास के जवाब का मूल्यांकन कर रहा है.

हमास ने इस प्रस्ताव पर मंगलवार की रात को जवाब दिया था.

हमास ने कहा है कि इस प्रस्ताव पर उसका जवाब सकारात्मक है और इसराइल के साथ समझौते तक पहुंचने का रास्ता खोलता है.

लेकिन इस प्रस्ताव को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है. क्योंकि फ़लस्तीनी समूह और इसराइल ने अभी तक इस प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया है.

इसराइली सरकार ने इस पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है. लेकिन एक इसराइली अधिकारी ने बताया कि हमास का जवाब इस प्रस्ताव को नकारने के समान है.

अमेरिका और मिस्र के साथ क़तर भी हमास और इसराइल के बीच मध्यस्थता कर रहा है.

ग़ज़ा में पिछले आठ महीने से युद्ध जारी है जिसमें बड़े पैमाने पर लोग मारे गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़, ग़ज़ा की अधिकतर आबादी पर भुखमरी का ख़तरा है.

हमास के 7 अक्टूबर को उत्तरी इसराइल पर हमला करने के बाद इसराइल ने ग़ज़ा में हमास को समाप्त करने के उद्देश्य से सैन्य अभियान शुरू किया था, जो अभी तक जारी है.

इस युद्ध को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों के क़तर, मिस्र और अमेरिका की मध्यस्थता में कई बार वार्ता हो चुकी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 01:31:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हौथी विद्रोहियों ने ग्रीक के जहाज को पहुंचाया नुकसान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हथ-वदरहय-न-गरक-क-जहज-क-पहचय-नकसन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हथ-वदरहय-न-गरक-क-जहज-क-पहचय-नकसन</guid>
        <description>वाशिंगटन, 13 जून । ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों द्वारा संचालित एक मानवरहित जहाज ने यमन के तट पर ग्रीक के एक जहाज को टक्कर मार दी। इससे जहाज क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। यह जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बुधवार को कहा कि उसकी सेना ने यमन के हौथी-नियंत्रित क्षेत्र में तीन एंटी-शिप क्रूज मिसाइल लांचर को नष्ट कर दिया। सेंटकॉम ने एक बयान में कहा कि ईरान समर्थित हौथियों गैर जिम्मेदाराना हरकत से क्षेत्रीय स्थिरता और लाल सागर व अदन की खाड़ी में नाविकों का जीवन खतरे में है।

पिछले साल अक्टूबर में गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से हौथी उग्रवादियों ने स्वेज नहर के माध्यम से भूमध्य सागर से जुड़ने वाले लाल सागर शिपिंग गलियारे में व्यापारी जहाजों पर बार-बार गोलीबारी की है। हौथियों का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य मालवाहक जहाजों को इजराइल पहुंचनेे से रोकना और फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास का समर्थन करना है। अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में हौथी ठिकानों पर कई बार जवाबी हमले किए हैं। यूरोपीय संघ ने भी लाल सागर में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए एक सैन्य अभियान शुरू किया है। -(आईएएनएस/डीपीए)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 01:31:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बाइडन ने कहा&amp; बेटे को मिली सज़ा माफ़ नहीं करूंगा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बइडन-न-कह-बट-क-मल-सज-मफ-नह-करग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बइडन-न-कह-बट-क-मल-सज-मफ-नह-करग</guid>
        <description>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वो गन मामले में अपने बेटे हंटर बाइडन की सज़ा माफ़ नहीं करेंगे.

बाइडन के बेटे को अवैध रूप से हथियार ख़रीदने और नशीली दवाओं के इस्तेमाल को लेकर झूठ बोलने के मामले में दोषी ठहराया गया है.

फेडरल अदालत की ओर से पिछले सप्ताह हंटर को दोषी ठहराने के बाद पहली बार बाइडन ने इस मामले में टिप्पणी की है.

उन्होंने कहा कि वो हटंर पर गर्व करते हैं. वह नशे की आदत से उबर चुके हैं. अब वो बहुत ही शालीन और प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं.

जी-7 सम्मेलन में हिस्सा लेने इटली पहुंचे बाइडन से पत्रकारों ने पूछा था कि क्या वो हंटर की सज़ा कम करने के क़दम उठाएंगे.

इस पर बाइडन ने कहा, मैं इस मामले को लेकर संतुष्ट हूं कि मैं इसमें कुछ करने नहीं जा रहा. मैंने कहा कि जूरी का जो फ़ैसला होगा वो मुझे मंजूर है. मैं इस पर कायम हूं और मैं हंटर को माफ़ नहीं करने जा रहा.

हंटर बाइडन को नशा करने और बंदूक रखने से जुड़े तीन मामलों में दोषी ठहराया गया था. बाइडन ने अपने बेटे को दोषी ठहराए जाने से पहले भी कहा था कि वो अदालत की सज़ा में कमी नहीं करेंगे. उन्होंने इसे एक बार फिर दोहराया है.

अमेरिका में राष्ट्रपति को अदालत से दोषी साबित लोगों की सजा माफ करने या उसे कम या उसमें बदलाव करने का अधिकार है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 01:31:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>वेस्ट बैंक में इजरायली रेड में 3 फिलिस्तीनियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वसट-बक-म-इजरयल-रड-म-3-फलसतनय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वसट-बक-म-इजरयल-रड-म-3-फलसतनय-क-मत</guid>
        <description>रामल्लाह, 14 जून । उत्तरी वेस्ट बैंक के जेनिन में कबातिया शहर में इजरायली सेना ने रेड की जिसमें तीन फिलिस्तीनी मारे गए। इजरायल ने फिलिस्तीनी सुरक्षा समन्वय कार्यालय को बताया कि गुरुवार को एक घर के अंदर रेड डाली गई जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई। ये जानकारी फिर जेनिन के गवर्नर कमाल अबू अल-रब ने सिन्हुआ न्यूज एजेंसी को दी। इजरायली सेना ने कई घंटों तक घर को घेरे रखा जहां तीनों युवक थे। उनकी पहचान उजागर नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो में एक इजरायली बुलडोजर को घर में मारे गए लोगों में से एक के शव को बाहर निकालते और उसे जमीन पर पटकते हुए दिखाया गया है। तीनों युवक इस्लामिक जिहाद के जेनिन बटालियन से जुड़े थे और जेनिन में ही रहते थे। इजरायली सेना इनका कई महीनों से पीछा कर रही थी। सूत्रों ने बताया कि इजरायली सेना ने घर पर धावा बोला, तलाशी ली और पूरा ऑपरेशन चलाया। किसी को भी आसपास आने नहीं दिया गया।

फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने एक प्रेस बयान में कहा कि इजरायली सेना ने तीनों युवक पर तब हमला किया जब वे एक घायल व्यक्ति को पड़ोस से अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इजरायली सैनिकों ने एम्बुलेंस कर्मचारियों और पत्रकारों पर भी गोलियां चलाईं और उन्हें घर के अंदर जाने से रोका। गवर्नर ने कहा कि इजरायली सेना ने घर को बुलडोजर से ध्वस्त करने के बाद पानी और बिजली का कनेक्शन भी काट दिया। इजरायली सैन्य प्रवक्ता अविचाय एड्राई ने एक बयान में पुष्टि की कि एक सप्ताह में दूसरी बार, इजरायल रक्षा बलों, शिन बेट सुरक्षा एजेंसी और सीमा सुरक्षा बलों ने जेनिन में आतंकवादी गतिविधियों को विफल करने के लिए ऑपरेशन चलाया। एड्रेई ने कहा कि इजरायली बलों ने कई संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया है और वहां कुछ के साथ मुठभेड़ भी हुई। आधिकारिक फिलिस्तीनी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक वेस्ट बैंक और ईस्ट यरुशेलम में इजरायली सेना ने 500 से अधिक फिलिस्तीनियों को मार दिया है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 01:31:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मलावीः उपराष्ट्रपति का लापता विमान मिला, कोई जीवित नहीं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मलव-उपरषटरपत-क-लपत-वमन-मल-कई-जवत-नह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मलव-उपरषटरपत-क-लपत-वमन-मल-कई-जवत-नह</guid>
        <description>मलावी में उपराष्ट्रपति के लापता विमान का मलबा मिल गया है, बचाव दल को कोई जीवित नहीं मिला है.

इस विमान में उपराष्ट्रपति सॉलोस चीलीमा के अलावा कई और लोग भी सवार थे.

घने कोहरे और जंगल की वजह से विमान को खोजने के प्रयासों में मुश्किलें आईं.

राष्ट्रपति लज़ारस चकवेरा ने बताया है कि विमान का मलबा मिल गया है लेकिन कोई जीवित नहीं मिला है.

ये सैन्य विमान ख़राब मौसम में उड़ान भर रहा था. इसमें उपराष्ट्रपति सॉलोस चीलीमा के अलावा नौ और लोग सवार थे.

एक शीर्ष सैन्य अधिकारी का कहना है कि विमान देश के उत्तरी इलाक़े में, घने जंगलों के बीच क्रैश हो गया था.

इस विमान को कम रोशनी होने की वजह से ज़ूज़ू एयरपोर्ट से वापस लौटा दिया गया था.

खोजी अभियान में मदद के लिए अमेरिका ने भी एक विमान उपलब्ध करवाया है.

मलावी में अगले साल राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं और ये माना जा रहा था कि चीलीमा वर्तमान राष्ट्रपति चकवेरा को चुनावों में चुनौती देते.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Jun 2024 00:40:53 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>बांग्लादेशः रोहिंग्या शरणार्थियों के कैंप में हिंसक झड़पें, तीन की मौत, सात घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बगलदश-रहगय-शरणरथय-क-कप-म-हसक-झडप-तन-क-मत-सत-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बगलदश-रहगय-शरणरथय-क-कप-म-हसक-झडप-तन-क-मत-सत-घयल</guid>
        <description>बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों के कैंप में हुई हिंसा में तीन रोहिंग्या शरणार्थी मारे गए हैं और सात घायल हुए हैं.

बांग्लादेश पुलिस के मुताबिक़ कैंप में दो प्रतिद्वंद्वी समूहों के बीच हिंसा हुई है.

अधिकारियों के मुताबिक़, कॉक्स बाज़ार ज़िले के उखिया कैंप में गश्त लगा रहे शरणार्थियों पर अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी के सदस्यों ने हमला किया.

कॉक्स बाज़ार म्यांमार की सीमा पर स्थित है.

मारे गए लोग रोहिंग्या सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन के सद्सय हैं.

बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक़ इस साल कैंपों में शरणार्थियों के बीच हुई हिंसा में अब तक कम से कम बीस लोग मारे जा चुके हैं.

म्यांमार में साल 2017 में सेना के रोहिंग्या लोगों पर हमला करने के बाद से भागकर क़रीब दस लाख रोहिंग्या लोग बांग्लादेश पहुंचे हैं.

ये शरणार्थी बांग्लादेश में कैंपों में रहते हैं जिनमें से अधिकतर कॉक्स बाज़ार ज़िले में हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Jun 2024 00:40:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाइरेनियन पर्वत दर्रे से उड़ने वाले करोड़ो कीड़ों के सर्वेक्षण से मिली दिलचस्प जानकारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पइरनयन-परवत-दरर-स-उडन-वल-करड-कड-क-सरवकषण-स-मल-दलचसप-जनकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पइरनयन-परवत-दरर-स-उडन-वल-करड-कड-क-सरवकषण-स-मल-दलचसप-जनकर</guid>
        <description>(विल हॉक्स, एक्सेटर विश्वविद्यालय)

एक्सेटर (यूके), 12 जून। 1950 में, पक्षी विज्ञानी एलिजाबेथ और डेविड लैक फ्रांस और स्पेन की सीमा पर पाइरेनियन पर्वत दर्रे से पक्षियों को प्रवास करते हुए देख रहे थे, तभी उनकी नज़र कुछ असाधारण - अनगिनत प्रवासी कीड़ों पर पड़ी। लैक्स यूरोप में मक्खी प्रवास को रिकॉर्ड करने वाले पहले लोग थे। वह केवल एक दिन दर्रे में रहे और उन्होंने इन कीड़ों को सभी में से सबसे उल्लेखनीय प्रवासी करार दिया।

सत्तर साल बाद, मैं एक्सेटर विश्वविद्यालय की कीट प्रवासन टीम के साथ अपने शोध के हिस्से के रूप में, समुद्र तल से 2,500 मीटर ऊपर, बुजारुएलो के इसी 30 मीटर चौड़े पहाड़ी दर्रे से प्रवास करने वाले कीड़ों की संख्या की गणना कर रहा हूं। हमारा नया अध्ययन इस बात पर प्रकाश डालता है कि, पूरे सितंबर और अक्टूबर में शरद ऋतु के मैदानी मौसम में, एक करोड़ 70 लाख से अधिक कीड़े इस दर्रे से होकर प्रवास करते हैं।

सितंबर के अंत की भीषण गर्मी में, जब पहाड़ी भेड़ें भी छाया के लिए चट्टानों के नीचे अपना सिर रखकर लेटी हुई थीं। जैसे ही मैं अपने कीड़े पकड़ने वाले जाल को हाथ में लेकर खड़ा हुआ, मेरे पास से उड़ने वाली तितलियों की संख्या बेहद बढ़ गई, जो सभी दर्रे से होकर दक्षिण की ओर पलायन कर रही थी।

बाद में दिन में, मैंने देखा कि छोटे-छोटे जीव मेरे पैरों के पास उछल-कूद कर रहे थे, मानो ज़मीन एक जीवित कालीन बन गई हो, जो ऊर्जा से भरी हो। अपना जाल फिर से घुमाते हुए, मैंने एक ही स्वाइप में कम से कम 20 मक्खियाँ फँसाईं - छोटी 3 मिमी लंबी घास की मक्खियों से लेकर घरेलू मक्खियाँ और बड़ी सी मरमलेड होवरफ्लाई तक। सभी दक्षिण की ओर बढ़ रहे थे।

कीड़ों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि उन्हें मेरे लिए आँख से देख कर गिनना आसान नहीं था, लिहाजा हमने सटीक प्रवासन संख्याओं की गणना करने के लिए एक छोटे वीडियो कैमरे का उपयोग किया। इन वीडियो से पता चला कि, अपने चरम पर, हर मिनट 3,500 से अधिक मक्खियाँ पर्वत दर्रे की प्रत्येक मीटर चौड़ाई से होकर पलायन कर रही थीं। इसका मतलब है कि लगभग 105,000 मक्खियाँ हर 60 सेकंड में 30 मीटर चौड़े दर्रे से गुज़रती हैं - वेम्बली स्टेडियम की बैठने की क्षमता से अधिक।

हमारी गणना के अनुसार, मुख्य भूमि यूरोप और ब्रिटेन से दक्षिण की ओर उड़ने वाले कीड़ों की कुल संख्या दसियों या सैकड़ों खरब है - जिनमें से एक करोड़ 70 लाख इस दर्रे से होकर यात्रा करते हैं। जैसे ही वे यूरोप के मैदानी इलाकों में उड़ते हैं, वे खुद को उन्मुख करने और अपनी यात्रा के लिए अनुकूल हवाओं का चयन करने के लिए सूर्य को एक कम्पास के रूप में उपयोग करते हैं। आख़िरकार, वे पाइरेनीज़ पहाड़ों की विशाल भौगोलिक बाधा तक पहुँच जाते हैं, जो इतनी ऊँची है कि उनके लिए आसानी से उड़ान भरना संभव नहीं है।

इसके बजाय, वे पहाड़ी दर्रों के माध्यम से खड़ी किनारे वाली घाटियों से घिरे हुए हैं। पाइरेनीज़ के बाद, वे स्पेन से होते हुए और शायद उससे आगे अफ्रीका में उड़ते हैं, सर्दियों के लिए उपयुक्त आवास की तलाश करते हैं और प्रजनन करना जारी रखते हैं। उनकी यात्राएँ आसानी से 1,000 किमी से अधिक हो सकती हैं और पक्षियों के प्रवास के बराबर हैं जो ऐसे छोटे प्राणियों के लिए वास्तव में उल्लेखनीय है।

उनकी संख्या निर्धारित करने के साथ-साथ, मैं इस पहाड़ी दर्रे से प्रवास करने वाले पूरे कीट समूह की पहचान करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं। दिन के दौरान, मैंने कीड़ों का नमूना इकट्ठा करने के लिए दर्रे में एक बड़ा स्थिर जाल लगाया। इन जालों ने चार वर्षों तक प्रत्येक शरद ऋतु में दो महीने के लिए नमूने एकत्र किए, और हमने प्रवास करने वाले कीड़ों की एक विविध श्रृंखला की पहचान की।

इस फ़ील्डवर्क को शुरू करने से पहले, मेरे पीएचडी पर्यवेक्षक कार्ल वॉटन और मैंने उम्मीद की थी कि तितलियाँ या ड्रैगनफ़्लाइज़ सबसे प्रचुर मात्रा में होंगी, क्योंकि कीड़ों के प्रवास के बारे में समाचार सुर्खियों में इन कीड़ों का सबसे अधिक बार उल्लेख किया गया है। हालाँकि, ये दोनों समूह हमारे द्वारा पहचाने गए प्रवासी कीड़ों की कुल संख्या का केवल 2% थे।

इसके बजाय, मक्खियाँ हर सर्वेक्षण और नमूने पर हावी रहीं। पकड़े गए प्रत्येक दस कीड़ों में से नौ मक्खियाँ थीं। यहां तक ​​कि जब आसमान साफ ​​दिखता था, तब भी मैं अपना जाल घुमाता था और असंख्य छोटी-छोटी मक्खियों को पकड़ लेता था।

दूर तक उड़ने वाले कीड़े

एक बार जब हमें पता चल जाए कि कौन से कीड़े प्रवास कर रहे हैं, तो हम दुनिया पर उनके प्रभाव को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। इनमें से अधिकांश (लगभग 90%) कीड़े परागणकर्ता हैं - जिनमें छोटी मरमलेड होवरफ्लाई और बहुत बड़े हमिंगबर्ड हॉकमोथ शामिल हैं। क्योंकि वे प्रवासी हैं, ये कीट पराग - और अंदर संग्रहीत आनुवंशिक सामग्री - कई किलोमीटर तक ले जा सकते हैं, और भौगोलिक रूप से अलग-थलग पौधों की आबादी को जोड़ सकते हैं। इससे पौधों की आनुवंशिक विविधता में सुधार होता है, और सूखे जैसी अधिक प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए जीन भी स्थानांतरित किया जा सकता है।

कुछ कीड़े ऐसे कीट हैं जो फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन कई अन्य कीट नियंत्रक हैं - जैसे मरमलेड और यूपियोड्स होवरफ्लाइज़, जिनके लार्वा अकेले दक्षिणी ब्रिटेन में हर साल औसतन 6 खरब एफिड खाते हैं। कुछ कीड़े, जैसे ड्रोन होवरफ्लाइज़, डीकंपोजर हैं जो जैविक कचरे को तोड़ने में मदद करते हैं।

ये सभी कीड़े पोषक तत्वों के परिवहन में भूमिका निभाते हैं - उनके शरीर में फॉस्फोरस और नाइट्रोजन होते हैं जो उर्वरक के रूप में कार्य कर सकते हैं और पौधों के विकास में सहायता कर सकते हैं। जब कीड़े मर जाते हैं, तो ये पोषक तत्व जमीन में अवशोषित हो जाते हैं, जिससे मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने और सुधारने में मदद मिलती है।

निःसंदेह, हमारे बहुचर्चित उद्यान पक्षी भोजन के रूप में इनमें से कई कीड़ों पर निर्भर हैं। जो पक्षी प्रवास नहीं करते, जैसे </description>
        <pubDate>Thu, 13 Jun 2024 00:40:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे बाइडन और जेलेंस्की, जी7 के नेता रूसी संपत्तियों से कीव की मदद को तैयार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/समझत-पर-हसतकषर-करग-बइडन-और-जलसक-ज7-क-नत-रस-सपततय-स-कव-क-मदद-क-तयर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/समझत-पर-हसतकषर-करग-बइडन-और-जलसक-ज7-क-नत-रस-सपततय-स-कव-क-मदद-क-तयर</guid>
        <description>ब्रिंडिसी (इटली), 13 जून। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की बृहस्पतिवार को इटली में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। जी7 समूह के सदस्य देश इस बात पर सहमत हो गए हैं कि जब्त की गयी रूसी संपत्तियों से प्राप्त 50 अरब अमेरीकी डॉलर की सहायता राशि यूक्रेन को किस तरह प्रदान की जाए। इस मामले से जुड़े दो लोगों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

जी7 समूह, 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर आक्रमण किये जाने के बाद रूस के बाहर जब्त की गई उसकी 260 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की संपत्तियों का उपयोग कीव की मदद के लिए करने के तरीकों पर चर्चा कर रहा है।

दोनों लोगों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि यूरोपीय अधिकारियों ने कानूनी और वित्तीय स्थिरता संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए संपत्तियों को जब्त करने का विरोध किया, हालांकि इस योजना के जरिये यूक्रेन के युद्ध प्रयासों में मदद करने के लिए संपत्तियों पर अर्जित ब्याज का उपयोग किया जाएगा।

रूस की जब्त अधिकांश संपत्तियां यूरोप में स्थित हैं।

इस समझौते की फिलहाल औपचारिक रूप से घोषणा नहीं की गयी है।

फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय के एक अधिकारी ने बुधवार को इस तरह की घोषणा होने की पुष्टि जरूर की थी।

समझौते की घोषणा ऐसे समय में हो रही है, जब बाइडन जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इटली रवाना हो रहे हैं। जी7 बैठक में कुछ बड़े फैसलों पर जल्द ही मुहर लग सकती है, जिसमें रूस से लड़ने के लिए यूक्रेन की मदद करना शामिल है और इस जंग में जब्त की गयी रूसी संपत्तियों से प्राप्त होने वाले अरबों डॉलर का प्रयोग करने पर विचार हो सकता है।

बाइडन के यूरोप की यात्रा पर रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस ने कहा कि सुरक्षा समझौते का उद्देश्य रूस को यह दिखाना है कि अमेरिका कीव का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि सुरक्षा समझौते का मतलब यह नहीं है कि अमेरिकी सैनिकों को रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन में सीधे तौर पर तैनात कर दिया जाएगा बल्कि मॉस्को को सिर्फ अमेरिका का दृढ़संकल्प दिखाना है।

बाइडन ऐसा करने से इसलिए भी हिचकिचा रहे हैं क्योंकि वह जानते हैं कि यह फैसला परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच सीधे संघर्ष में तब्दील हो सकता है।

सुलिवन ने कहा, हम सिर्फ यह दिखाना चाहते हैं कि अमेरिका, यूक्रेन के लोगों का समर्थन करता है, हम उनके साथ खड़े हैं और उनकी सुरक्षा जरूरतों को हल करने में उनकी मदद करना जारी रखेंगे।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 13 Jun 2024 00:40:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हिजबुल्ला ने लेबनान में इजरायली ड्रोन को मार गिराया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हजबलल-न-लबनन-म-इजरयल-डरन-क-मर-गरय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हजबलल-न-लबनन-म-इजरयल-डरन-क-मर-गरय</guid>
        <description>बेरूत, 11 जून । हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में एक इजरायली ड्रोन को मार गिराया है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, हिजबुल्ला ने सोमवार को एक बयान में कहा कि उसके लड़ाकों ने मिसाइलों से लैस हर्मीस 900 ड्रोन पर घात लगाकर हमला किया और ड्रोन द्वारा हमला करने से पहले उसे निशाना बनाया। लेबनान के एक सैन्य सूत्र ने बताया कि दक्षिणी लेबनान से दागी गई जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल ने एक इजरायली ड्रोन को गिरा दिया। दक्षिणी लेबनान स्थित जेज़ीन जिले में अल-रेहान पर्वत के आसपास के क्षेत्र में ड्रोन के गिरने से पहले उसमें आग लग गई। सूत्र के अनुसार, लगभग आधे घंटे बाद, एक इजरायली एफ-16 लड़ाकू विमान ने ड्रोन के मलबे पर हमला किया।

लेबनानी रक्षा सूत्रों ने बताया कि हिजबुल्ला ने इजरायल की बार-बार की धमकियों के कारण संभावित आक्रमण की आशंका में कई दिन पहले सभी क्षेत्रों में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी थी। पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमले के समर्थन में हिजबुल्ला ने इजरायल की ओर कई रॉकेट दागे थे। उसके बाद 8 अक्टूबर 2023 को लेबनान-इजरायल सीमा पर तनाव शुरू हो गया। जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने दक्षिण-पूर्वी लेबनान की ओर भारी गोलाबारी की। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 02:09:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>वेस्ट बैंक में इजरायली सेना की गोलीबारी में चार फिलिस्तीनियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वसट-बक-म-इजरयल-सन-क-गलबर-म-चर-फलसतनय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वसट-बक-म-इजरयल-सन-क-गलबर-म-चर-फलसतनय-क-मत</guid>
        <description>रामल्लाह, 11 जून । फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि वेस्ट बैंक के शहर रामल्लाह के कफ्र निमाह गांव में इजरायली सेना की गोलीबारी में चार फिलिस्तीनी मारे गए हैं। फिलिस्तीनी आधिकारिक समाचार एजेंसी वाफा के अनुसार, सोमवार को एक इजरायली विशेष बल ने गांव के पास एक वाहन पर गोलीबारी की और फिर गांव में घुसने के लिए आगे बढ़े, जिसके बाद वहां टकराव शुरू हो गया। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने आधिकारिक फिलिस्तीनी आंकड़ों के हवाले से बताया कि अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में इजरायली सेना द्वारा 530 से अधिक फिलिस्तीनियों की हत्या की गई है। हमास ने पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल पर अचानक हमला कर दिया था। उस हमले में 1,200 लोग मारे गये थे और 200 से ज्यादा को बंधक बना लिया गया था। उसके बाद से इजरायल ने गाजा पट्टी पर बड़े पैमाने पर जवाबी हमला किया है जो अब भी जारी है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 02:09:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गाजा में तत्काल युद्ध विराम का प्रस्ताव पारित किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सयकत-रषटर-सरकष-परषद-न-गज-म-ततकल-यदध-वरम-क-परसतव-परत-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सयकत-रषटर-सरकष-परषद-न-गज-म-ततकल-यदध-वरम-क-परसतव-परत-कय</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र, 11 जून । संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गाजा में युद्ध विराम के लिए अमेरिका का प्रस्ताव पारित हो गया। इसके तहत बंधकों की रिहाई के बदले में इजरायल के साथ संघर्ष को समाप्त करने की जिम्मेदारी हमास पर डाल दी गई है। अमेरिका द्वारा लाये गए प्रस्ताव पर सोमवार को चीन सहित 14 सदस्य देशों ने वोट किया, जबकि रूस ने मतदान में भाग नहीं लिया। इसके साथ ही ये प्रस्ताव पारित हो गया। इसके तहत तीन-चरण में गाजा में शांति प्रस्ताव लागू किया जाएगा, जिसमें कतर और मिस्र की भूमिका भी होगी। अमेरिकी स्थायी प्रतिनिधि लिंडा थोमा-ग्रीनफील्ड ने मतदान के बाद कहा, आज, इस परिषद ने हमास को एक स्पष्ट संदेश दिया है -- युद्ध विराम समझौते को स्वीकार करो।

उन्होंने कहा, इजरायल पहले ही इस समझौते पर सहमत हो चुका है और अगर हमास भी ऐसा ही करता है तो लड़ाई आज ही रुक सकती है। उन्होंने कहा, मिस्र और कतर ने अमेरिका को भरोसा दिया है कि वे हमास के साथ रचनात्मक तरीके से जुड़ने के लिए काम करना जारी रखेंगे और अमेरिका यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि इजरायल भी अपने दायित्वों को पूरा करे, बशर्ते कि हमास इस समझौते को स्वीकार कर ले। इजरायली राजनयिक रीट शापिर बेन-नफ्ताली ने परिषद से कहा, अगर हमास बंधकों को रिहा कर दे और आत्मसमर्पण कर दे तो युद्ध समाप्त हो जाएगा।

एक भी गोली नहीं चलेगी। परिषद का यह प्रस्ताव अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के इजरायल पहुंचने के बीच आया। इजरायली वॉर कैबिनेट में शामिल विपक्षी नेता बेनी गैंट्ज़ ने रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर बंधकों को वापस लाने और युद्ध को समाप्त करने के बजाय अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले इजरायली सेना ने शनिवार को गाजा में हमास के कब्जे वाले क्षेत्र से चार बंधकों को नाटकीय ढंग से बचाया था। बेन-नफ्ताली ने कहा, हमास द्वारा बंधकों को रिहा करने से इनकार करने से यह साबित हो गया है कि बंधकों को वापस लाने के प्रयास में सैन्य साधनों को भी शामिल किया जाना चाहिए। और यह शनिवार को साबित हो गया कि इसे कैसे हासिल किया जा सकता है। परिषद कक्ष के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए फिलिस्तीन के पर्यवेक्षक रियाद मंसूर ने कहा, हम फिलिस्तीन के लोग देखना चाहते हैं कि यह प्रस्ताव कैसे लागू होगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि हमने बड़ी संख्या में लोगों की जान जाते हुए देखा है और हत्याओं के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। हमास द्वारा नियंत्रित गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल के जवाबी हमलों में अब तक 36,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं।

थॉमस-ग्रीनफील्ड के अनुसार, सुरक्षा परिषद द्वारा स्वीकृत योजना छह सप्ताह के युद्ध विराम के साथ शुरू होगी, जिसमें इजरायली बंधकों, जिसमें महिलाएं, घायल और बुजुर्ग हैं, को छुड़ाया जाएगा और इसके बदले में इजरायली हिरासत से फिलिस्तीनियों को छोड़ा जाएगा। फिर इजरायल को गाजा के आबादी वाले क्षेत्रों से अपने सैनिकों को वापस बुलाना होगा और नागरिकों को अपने घरों में लौटने की अनुमति दी जाएगी। दूसरे चरण में, गाजा में मौजूद सभी अन्य बंधकों की रिहाई और गाजा से इजरायली सेना की पूरी तरह वापसी के बदले में शत्रुता का स्थायी अंत होगा। अंतिम चरण में गाजा के लिए एक पुनर्निर्माण योजना की शुरुआत होगी, और गाजा में मौजूद इजरायली और अन्य लोगों के अवशेषों को उनके परिवारों को वापस किया जाएगा। इजरायल को आश्वस्त करते हुए थॉमस-ग्रीनफील्ड ने कहा, जैसा कि राष्ट्रपति बाइडेन ने स्पष्ट किया है, हमास अब 7 अक्टूबर की घटना को फिर से दोहराने लायक नहीं है, और इजरायल की आत्मरक्षा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिबद्धता अटल है। रूस के स्थायी प्रतिनिधि वसीली नेबेंजिया ने प्रस्ताव पर संदेह व्यक्त किया और कहा कि यह प्लान कितना सफल होता है, देखना बाकी है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मास्को इसे रोकना नहीं चाहता, क्योंकि इसे अरब देशों का समर्थन प्राप्त है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 02:09:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन ने क्रीमिया में रूसी मिसाइल सिस्टम पर किया हमला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-न-करमय-म-रस-मसइल-ससटम-पर-कय-हमल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-न-करमय-म-रस-मसइल-ससटम-पर-कय-हमल</guid>
        <description>कीव, 11 जून । यूक्रेनी सेना ने क्रीमिया में तीन रूसी मिसाइल सिस्टम पर हमला किया। इसकी जानकारी यूक्रेनी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने एक बयान जारी कर दी। बयान के अनुसार, पश्चिमी क्रीमिया के येवपटोरिया शहर के पास एक एस-300 सिस्टम पर हमला किया गया, जबकि दूसरा हमला पड़ोसी गांव चोरनोमोरस्क के पास किया गया। इसके अलावा, यूक्रेनी सेना ने उत्तरी क्रीमिया के दजानकोय क्षेत्र में एक एस-400 कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया और मिसाइलें दागी। हमले में रडार स्टेशन नष्ट हो गए और रूसी ठिकानों पर गोला-बारूद से जबरदस्त विस्फोट हुआ। बयान के अनुसार, हमलों के चलते क्रीमिया में रूसी वायु रक्षा को काफी नुकसान हुआ है।

बता दें कि पिछले महीने भी यूक्रेन ने क्रीमिया में रूसी सेना पर अमेरिका से मिली मिसाइलों से हमला किया था। स्वतंत्र मीडिया ने क्रीमिया में 3 सैन्य ठिकानों पर हमलों की सूचना दी थी। इस हमले में कई लोग हताहत हुए थे। इस हमले के जवाब में रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने यूक्रेन की एटीएसीएमएस मिसाइलों को नष्ट कर दिया था। दरअसल, यह मिसाइल यूक्रेन को अमेरिका ने दी थी। अमेरिका ने तब घोषणा की थी कि वह यूक्रेन को नए हथियार पैकेज के हिस्से के रूप में एटीएसीएमएस मिसाइल देगा, जिनकी रेंज 165 किलोमीटर तक है। क्रीमिया रूसी सेना के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यूक्रेन में सैनिकों, हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति इसी प्रायद्वीप के जरिए होती है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने क्रीमिया समेत रूस द्वारा कब्जाए गए सभी क्षेत्रों को वापस हासिल करने का संकल्प लिया है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 02:09:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बेटे हंटर बाइडन बंदूक मामले में दोषी क़रार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-ज-बइडन-क-बट-हटर-बइडन-बदक-ममल-म-दष-करर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-रषटरपत-ज-बइडन-क-बट-हटर-बइडन-बदक-ममल-म-दष-करर</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बेटे हंटर बाइडन को डेलावेयर में चल रहे एक मुक़दमे में सभी तीन आरोपों में दोषी पाया गया है.

12 सदस्यीय जूरी इस नतीजे पर पहुंची कि जब हंटर बाइडन ने साल 2018 में बंदूक ख़रीदी तो भरे गए फॉर्म पर अपने ड्रग इस्तेमाल के बारे में ग़लत जानकारियां दीं.

जिन अपराधों के लिए हंटर बाइडन को दोषी पाया गया है उनमें 25 साल तक की सज़ा हो सकती है. हालांकि पहली बार इस तरह के अपराध में दोषी पाये जाने वाले लोगों को आमतौर पर इतनी लंबी सज़ा नहीं दी जाती है.

इस मुक़दमे में एक सप्ताह तक चश्मदीदों की गवाही सुनने के बाद जूरी ने 54 वर्षीय हंटर बाइडन की ड्रग्स लेने की लत पर भी चर्चा की.

हंटर बाइडन ने अपराध स्वीकार नहीं किए थे. उनके ख़िलाफ़ ग़लत बयान देने के दो आरोप और अवैध रूप से बंधूक रखने का एक आरोप था.

इस हाई प्रोफ़ाइल मुक़दमे में हंटर को ऐसे समय दोषी क़रार दिया गाय है जब उनके पिता, राष्ट्रपति जो बाइडन, फिर से राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं.

मुक़दमे की सुनवाई के दौरान अमेरिकी फ़र्स्ट लेडी, राष्ट्रपति बाइडन की पत्नी और हंटर बाइडन की सौतेली मां जिल बाइडन भी दिखाई दीं.

अदालत में मुक़दमे की कवरेज कर रहे रिपोर्टरों को मोबाइल फ़ोन नहीं ले जाने दिए गए थे. फ़ैसला आते ही रिपोर्टर ये ख़बर लेकर अदालत के बाहर दौड़ पड़े.

हंटर बाइडन को ड्रग्स के प्रभाव में रहते हुए अवैध रूप से बंदूक रखने के अपराध का दोषी पाया गया है.

उन्हें इस मामले में अब जेल भी जाना पड़ सकता है.

जिन तीन आरोपों में उन्हें दोषी पाया गया है, उनके लिए अधिकतम तीस साल तक की सज़ा दी जा सकती है, लेकिन विशेषज्ञ मान रहे हैं बाइडन को अगर जेल भेजा गया तो कम समय के लिए भेजा जाएगा.

अमेरिका में बंदूक ख़रीदते वक़्त झूठा बयान देने के लिए दस साल तक की सज़ा हो सकती है.

वहीं, यदि कोई व्यक्ति जिसे ड्रग्स लेने की लत हो, अवैध रूप से बंदूक रखता है तो उसे दस साल की सज़ा होती है.

किसी संघीय लाइसेंसधारी बंदूक विक्रेता को बंदूक ख़रीददते वक़्त झूठी जानकारी देने के आरोप में पांच साल तक की सज़ा होती है.

यदि हंटर बाइडन को इन तीनों ही आरोपों में अधिकतम सज़ा दी जाती है तो उन्हें 25 साल तक की सज़ा हो सकती है.

कब का है मामला?

हंटर बाइडन ने साल 2018 में डेलावेयर के एक बंदूक स्टोर से रिवॉल्वर ख़रीदा था जिसे उन्होंने 11 दिनों तक अपने पास रखा था.

हंटर बाइडन ने कोकीन की अपनी लत के बारे में भी खुलकर बातें की हैं.

अमेरिका में बंदूक ख़रीदने के लिए ड्रग्स की लत के बारे में जानकारी देना अनिवार्य है.

हंटर बाइडन पर आरोप है कि जब उन्होंने बंदूक ख़रीदी तो अपने ड्रग इस्तेमाल के बारे में ग़लत जानकारी दी.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 02:09:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजरायली सेना ने वेस्ट बैंक में छह फिलिस्तीनियों की हत्या की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरयल-सन-न-वसट-बक-म-छह-फलसतनय-क-हतय-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरयल-सन-न-वसट-बक-म-छह-फलसतनय-क-हतय-क</guid>
        <description>रामल्ला, 12 जून । उत्तरी वेस्ट बैंक में जेनिन के उत्तर-पश्चिम में कफ्र दान गांव में इजरायली सेना ने छह फिलिस्तीनियों की हत्या कर दी है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। फिलिस्तीनी आधिकारिक समाचार एजेंसी वाफा ने मंगलवार को बताया कि गांव में सेना के अतिरिक्त जवान तैनात किए गए थे। इजरायली विशेष बल ने एक घर को घेर लिया जिससे टकराव शुरू हो गया। वाफा ने कहा कि सैनिकों ने घर के अंदर मौजूद एक युवक से लाउडस्पीकर पर आत्मसमर्पण के लिए कहा और घर की ओर कंधे पर रखकर दागी जाने वाली मिसाइलें दागीं।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि उसने जेनिन के इलाके में चार सशस्त्र आतंकवादियों को मार गिराया और आतंकवादियों की चार बंदूकें बरामद कीं। आईडीएफ ने कहा, आतंकवाद विरोधी गतिविधि के दौरान, सैनिकों ने इलाके में आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक ढांचे को घेर लिया। आतंकवादियों के साथ गोलीबारी के दौरान, सैनिकों ने चार आतंकवादियों को मार गिराया और अन्य को घायल कर दिया। साथ ही, इजरायल सिक्योरिटी एजेंसी के एक हेलीकॉप्टर ने आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ढांचे के क्षेत्र पर हमला किया। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 02:09:05 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा संघर्ष विराम प्रस्ताव पर कतर, मिस्र को मिली हमास की प्रतिक्रिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-सघरष-वरम-परसतव-पर-कतर-मसर-क-मल-हमस-क-परतकरय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-सघरष-वरम-परसतव-पर-कतर-मसर-क-मल-हमस-क-परतकरय</guid>
        <description>दोहा/काहिरा, 12 जून । कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसे गाजा पट्टी में संघर्ष विराम के प्रस्ताव के बारे में हमास की प्रतिक्रिया मिल गई है। इसमें कहा गया है कि हमास और अन्य फिलिस्तीनी गुटों ने मंगलवार को युद्ध विराम समझौते और कैदियों की अदला-बदली के ताजा प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दी। बयान के अनुसार, दोनों देशों ने पुष्टि की कि वे प्रस्ताव पर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके बारे में कुछ और नहीं बताया। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मध्यस्थ प्रस्ताव और उस पर प्रतिक्रिया की जांच करेंगे और अगले कदम के बारे में दोनों पक्षों से समन्वय करेंगे।

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने भी मंगलवार को कहा कि उसे ताजा युद्ध विराम प्रस्ताव और कैदियों की अदला-बदली के सौदे पर हमास और फिलिस्तीनी गुटों से प्रतिक्रिया मिली है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी को भेजे गए एक संयुक्त बयान में, इस्लामिक रेसिस्टेन्स मूवमेंट (हमास) और इस्लामिक जिहाद ने कहा कि दोनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी के साथ बैठक के दौरान मंगलवार को फिलिस्तीनी गुटों की प्रतिक्रिया दी। यही प्रतिक्रिया मिस्र को भी दी गई। बयान में कहा गया कि इसमें फिलिस्तीनी लोगों के हितों को प्राथमिकता दी गई है और गाजा पट्टी में चल रहे युद्ध को पूरी तरह से रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इसने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने इस युद्ध को समाप्त करने वाले समझौते पर सकारात्मक रूप से जुड़ने की अपनी तत्परता व्यक्त की।

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिकी प्रस्ताव को अपनाया। इसके तहत तीन चरण में युद्धविराम समझौता लागू किया जाएगा। प्रस्ताव को 14 मतों के साथ अपनाया गया और रूस ने मतदान में भाग नहीं लिया। प्रस्ताव के अनुसार, पहले चरण में बंधकों की रिहाई और फिलिस्तीनी कैदियों की अदला-बदली के साथ तत्काल और पूर्ण युद्धविराम शामिल है। दूसरे चरण में गाजा में मौजूद सभी बंधकों की रिहाई और गाजा से इजरायली सेना की पूरी तरह वापसी होगी। तीसरे चरण में, गाजा के लिए एक पुनर्निर्माण योजना शुरू होगी, और मारे गए बंधक के अवशेष इजरायल को लौटा दिए जाएंगे। प्रस्ताव में कहा गया है कि इजरायल ने समझौते को स्वीकार कर लिया है और अब हमास ने भी इस पर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। -(आईएएनएस)/</description>
        <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 02:09:04 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत के साथ सहयोगात्मक संबंध और बातचीत के जरिए विवादों का समाधान चाहते हैं : पाकिस्तान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-क-सथ-सहयगतमक-सबध-और-बतचत-क-जरए-ववद-क-समधन-चहत-ह-पकसतन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-क-सथ-सहयगतमक-सबध-और-बतचत-क-जरए-ववद-क-समधन-चहत-ह-पकसतन</guid>
        <description>(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, 8 जून। पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत सहित सभी पड़ोसियों के साथ सहयोगात्मक संबंध और बातचीत के माध्यम से विवादों का समाधान चाहता है।

नरेन्द्र मोदी के रिकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री पद के लिए चुने जाने के बाद पाकिस्तान की यह टिप्पणी आई है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की ओर से आने वाली कठिनाइयों और बयानबाजी के बावजूद पाकिस्तान जिम्मेदाराना तरीके से काम कर रहा है।

उन्होंने कहा,  पाकिस्तान हमेशा से भारत समेत अपने सभी पड़ोसियों के साथ सहयोगात्मक संबंध चाहता रहा है। हमने जम्मू-कश्मीर जैसे प्रमुख विवाद समेत सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए लगातार रचनात्मक बातचीत और सहभागिता की वकालत की है।

भारत सरकार द्वारा पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 के कुछ प्रावधानों को निरस्त किये जाने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने संबंधों को कमतर कर दिया था। पाकिस्तान का मानना ​​है कि इस फैसले ने पड़ोसियों के बीच बातचीत के माहौल को कमजोर किया है।

भारत लगातार कहता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसियों जैसे संबंध चाहता है लेकिन वह इस बात पर जोर देता रहा है कि इस प्रकार के संबंधों के लिए आतंकवाद और शत्रुता से मुक्त वातावरण बनाने की जिम्मेदारी इस्लामाबाद की है।

बलूच ने कहा, पाकिस्तान शांति बनाये रखने में विश्वास करता है। हमें उम्मीद है कि भारत दोनों देशों की जनता के पारस्परिक लाभ के लिए शांति को बनाए रखने और वार्ता को आगे बढ़ाने तथा लंबे समय से चले आ रहे विवादों के समाधान के लिए अनुकूल वातावरण बनाने को लेकर कदम उठाएगा।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 02:39:50 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मस्क ने मोदी को चुनाव में जीत पर बधाई दी; कहा: भारत में &amp;apos;रोमांचक कार्य&amp;apos; करने को उत्सुक हूं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मसक-न-मद-क-चनव-म-जत-पर-बधई-द-कह-भरत-म-रमचक-करय-करन-क-उतसक-ह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मसक-न-मद-क-चनव-म-जत-पर-बधई-द-कह-भरत-म-रमचक-करय-करन-क-उतसक-ह</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 8 जून। टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनकी ऐतिहासिक चुनावी जीत पर बधाई देते हुए शुक्रवार को कहा कि उनकी कंपनियां भारत में रोमांचक कार्य करने को लेकर उत्सुक हैं।

मस्क ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक चुनावों में जीत पर नरेन्द्र मोदी को बधाई! मेरी कंपनियां भारत में रोमांचक कार्य शुरू करने का इंतजार कर रही हैं।

मोदी नौ जून को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी का यह लगातार तीसरा कार्यकाल होगा।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 02:39:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका ने इसराइल से क्यों हवाई हमले पर और ज्यादा पारदर्शी होने के लिए कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-इसरइल-स-कय-हवई-हमल-पर-और-जयद-परदरश-हन-क-लए-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-इसरइल-स-कय-हवई-हमल-पर-और-जयद-परदरश-हन-क-लए-कह</guid>
        <description>अमेरिका ने इसराइल से ग़ज़ा में एक स्कूल पर किए गए हवाई हमले को लेकर और पारदर्शी होने के लिए कहा है.

गुरुवार को ग़ज़ा के एक स्कूल में इसराइल के हवाई हमले में 35 लोगों की मौत हो गई.

इसराइली सेना ने दावा किया कि उसने हमास के परिसर पर हमला किया है. हमास ने इसराइली सेना के इस दावे को नकार दिया है.

अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, इसराइल ने कहा है कि उसके निशाने पर हमास के 20 से 30 आतंकवादी थे, लेकिन उन्होंने 9 आतंकियों के नाम ही जारी किए हैं. उन्हें सभी के नाम जारी करने चाहिए.

इसराइली सेना ने कहा है कि वो सभी आतंकवादियों के नाम जारी करेगी. हम इस मामले में और जानकारी की उम्मीद भी कर रहे हैं.

मैथ्यू मिलर ने कहा, इसराइल ने हमास के 9 आतंकवादियों के नाम जारी किए हैं. उन्होंने 8 और आतंकवादियों की मौत की पुष्टि की है. हमने रिपोर्ट देखी है और 14 बच्चे मारे गए हैं. 14 बच्चे जो मारे गए हैं वो आतंकवादी नहीं हैं.

बीते हफ्ते ग़ज़ा के रफ़ा में इसराइल के हमले से 45 लोगों की मौत हुई थी.

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ सात अक्टूबर के बाद से ग़ज़ा में इसराइल के हमलों से 36,470 फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 02:39:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डेनमार्क की प्रधानमंत्री पर हुए हमले की नरेंद्र मोदी ने निंदा की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनमरक-क-परधनमतर-पर-हए-हमल-क-नरदर-मद-न-नद-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनमरक-क-परधनमतर-पर-हए-हमल-क-नरदर-मद-न-नद-क</guid>
        <description>डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेते फ्रेडरिक्सन पर हुए हमले की कार्यवाहक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निंदा की है.

शुक्रवार की सुबह राजधानी कोपेनहेगन की सड़क पर पीएम मेते फ्रेडरिक्सन हमला हुआ था.

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेते फ्रेडरिक्सन पर हुए हमले की खबर से मैं बेहद चिंतित हूं. हम हमले की निंदा करते हैं.

मैं अपनी दोस्त के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं.

डेनमार्क के प्रधानमंत्री दफ़्तर ने बताया कि शहर के मध्य एक चौराहे पर एक शख़्स प्रधानमंत्री की ओर बढ़ा और उन पर हाथ चला दिया. हमलावर को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

डेनमार्क की प्रधानमंत्री के कार्यालय ने इस घटना का ब्योरा देते हुए बयान जारी किया है.

बयान में कहा गया है, शुक्रवार को प्रधानमंत्री मेते फ्रेडरिक्सन की कोपेनहेगन के कुल्टोरवेट में एक शख़्स ने मारपीट की. हमलावर को गिरफ़्तार कर लिया गया है. प्रधानमंत्री इस घटना से सदमे में हैं.

पुलिस ने कहा है कि हमलावर से पूछताछ की जा रही है लेकिन अभी तक हमले के मक़सद के बारे में पता नहीं चला है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 02:39:47 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मैक्रों ने यूरोपीय चुनाव में हार के बाद फ़्रांस में अचानक चुनाव का किया एलान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मकर-न-यरपय-चनव-म-हर-क-बद-फरस-म-अचनक-चनव-क-कय-एलन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मकर-न-यरपय-चनव-म-हर-क-बद-फरस-म-अचनक-चनव-क-कय-एलन</guid>
        <description>फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी प्रतिद्वंद्वी मरीन ले पेन की पार्टी नेशनल रैली की यूरोपियन यूनियन के चुनाव में बड़ी जीत के बाद देश में अचानक संसदीय चुनाव का एलान कर दिया है. ये चुनाव इस महीने के अंत में होंगे.

एग्ज़िट पोल की मानें तो अति दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली को 32 फ़ीसदी वोट मिल सकता है. जो राष्ट्रपति मैक्रों की रेनेसॉ पार्टी के मुकाबले दोगुना है, रेनेसॉ पार्टी को 13 फ़ीसदी वोट मिलेंगे.

देश की संसद को भंग करने की घोषणा करते हुए मैक्रों ने कहा कि चुनाव के लिए मतदान दो चरण- 30 जून और 7 जुलाई को होंगे.

मैक्रों ने ये हैरान करने वाला एलान एक टेलीविज़न संबोधन में किया. यूरोपियन यूनियन में फ़्रांस की वोटिंग ख़त्म होने और एग्ज़िट पोल के नतीजे आने के बाद उन्होंने एलिसी पैलेस से ये एलान किया.

इससे ठीक पहले नेशनल रैली के 28 साल के नेता जॉर्डन बार्डेला ने खुले तौर पर राष्ट्रपति से संसदीय चुनाव कराने का आह्वान किया था.

मैक्रों ने अपने संबोधन में फ़्रांस की जनता से कहा- मैंने आपका संदेश सुन लिया है और मैं इसे बिना जवाब दिए जाने नहीं दे सकता. फ़्रांस को शांति और सद्भाव से काम करने के लिए स्पष्ट बहुमत की ज़रूरत है. मैं ऐसे बर्ताव नहीं कर सकता कि कुछ नहीं हुआ है, मैंने तय किया है कि आपको चुनाव करने का मौक़ा दिया जाए, इसलिए मैं नेशनल असेंबली को आज रात ही भंग कर रहा हूं.

उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें यकीन है कि फ़्रांस के लोग आने वाली पीढ़ियों के लिए सही फ़ैसला करेंगे.

मैक्रों के दूसरे कार्यकाल को पूरा होने में दो साल बचे हैं और सीधे तौर पर यूरोपियन यूनियन में हुए इस मतदान का देश की राजनीति पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से फ़ैसला लिया है कि बिना लोकप्रियता के अगर वो काम करते रहे तो इससे सिस्टम पर बहुत अधिक दबाव पड़ेगा.

ले पेन जो दो बार मैक्रों से चुनाव में हार चुकी हैं, उन्होंने इस एलान के बाद तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने को तैयार है और वह बड़ी तादाद में हो रहे अप्रवासन पर रोक लगाने के लिए भी तैयार हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 02:39:45 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइल के वॉर कैबिनेट मंत्री बेनी गैन्ट्ज़ ने दिया अपने पद से इस्तीफ़ा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-क-वर-कबनट-मतर-बन-गनटज-न-दय-अपन-पद-स-इसतफ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-क-वर-कबनट-मतर-बन-गनटज-न-दय-अपन-पद-स-इसतफ</guid>
        <description>इसराइल के युद्ध कैबिनेट मंत्री बेनी गैन्ट्ज़ ने देश की आपातकालीन सरकार से इस्तीफ़ा दे दिया है.

इस क़दम को प्रधानमंत्री बिन्यमिन नेतन्याहू के युद्ध के बाद ग़ज़ा को लेकर प्लान पर दोनों के बीच गहराते मतभेद के रूप में देखा जा रहा है.

रविवार को तेल अवीव में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गैन्ट्ज़ ने अपने इस्तीफ़े की घोषणा की. उन्होंने कहा कि ये फ़ैसला उन्होंने भारी मन से लिया है.

गैन्ट्ज़ ने कहा,  दुर्भाग्य से नेतन्याहू हमें सच्ची जीत तक पहुंचने से रोक रहे हैं, जो कि मौजूदा संकट को खत्म करने के लिए उचित है.

नेतन्याहू के लिए आने वाले चुनाव में संभावित चुनौती माने जाने वाले गैन्ट्ज़ ने नेतन्याहू से देश में चुनाव की तारीख तय करने का आह्वान किया.

उनके इस्तीफ़े पर नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा, बेनी,ये अभियान छोड़ने का समय नहीं है, यह सेना में शामिल होने का समय है.

सोशल मीडिया पर इसराइल के विपक्ष के नेता येर लिपिड ने गैन्ट्ज़ का समर्थन करते उनके फ़ैसले को ज़रूरी और सही बताया.

गेन्ट्ज़ के इस्तीफ़े के तुरंत बाद धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर ने युद्ध कैबिनेट में जगह की मांग की.

बेन-गविर एक दक्षिणपंथी गठबंधन का हिस्सा हैं. गठबंधन ने धमकी दी है कि अगर इसराइल अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार करता है तो वह सरकार छोड़ देगा और सरकार गिरा देगा.</description>
        <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 02:39:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइली हमले में गाजा के एक स्कूल में कम से कम 33 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-हमल-म-गज-क-एक-सकल-म-कम-स-कम-33-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-हमल-म-गज-क-एक-सकल-म-कम-स-कम-33-लग-क-मत</guid>
        <description>देर अल-बलाह, 7 जून। मध्य गाजा में विस्थापित फलस्तीनियों को आश्रय देने वाले एक स्कूल पर सुबह-सुबह हुए इजराइली हमले में कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 12 महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि सुबह-सुबह हुए हमले में अल-सरदी स्कूल को निशाना बनाया गया और स्कूल में फलस्तीनी नागरिक भरे हुए थे जो उत्तरी गाजा में इजराइली हमलों से बचकर भागे थे।

अस्पताल ने शुरू में बताया कि स्कूल पर हमले में मारे गए लोगों में नौ महिलाएं और 14 बच्चे शामिल थे।

अस्पताल ने बाद में अपने आंकड़ों में संशोधन करके बताया कि मृतकों में तीन महिलाएं, नौ बच्चे और 21 पुरुष शामिल थे।

मध्य गाजा में अलग-अलग हमलों में 15 और लोग मारे गए जिनमें से लगभग सभी पुरुष थे।

इजराइली सेना ने बताया कि उसने संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित एक स्कूल की तीन कक्षाओं पर बृहस्पतिवार सुबह निशाना साधकर हमला किया। उसका मानना है कि इस स्कूल में लगभग 30 फलस्तीनी आतंकवादी मौजूद थे।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 01:56:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सुरक्षा परिषद के पांच नये सदस्य चुने</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सयकत-रषटर-महसभ-न-सरकष-परषद-क-पच-नय-सदसय-चन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सयकत-रषटर-महसभ-न-सरकष-परषद-क-पच-नय-सदसय-चन</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 7 जून । डेनमार्क, ग्रीस, पाकिस्तान, पनामा और सोमालिया वर्ष 2025 में दो साल के लिए अस्थायी सदस्य के रूप में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शामिल होंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा की गुरुवार को हुई बैठक में इन नये सदस्यों का चयन किया गया। ये इक्वाडोर, जापान, माल्टा, मोजाम्बिक और स्विट्जरलैंड की जगह लेंगे। अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के तहत सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र की एक मात्र एजेंसी है जिसके पास बाध्यकारी प्रस्ताव पारित करने का अधिकार है। अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य हैं जिनके पास किसी भी प्रस्ताव को वीटो करने का अधिकार है।

इनके अलावा अन्य 10 अस्थायी सदस्य भी होते हैं, जिन्हें आम सभा द्वारा दो-दो साल के लिए चुना जाता है। संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने कैमरून के प्रधानमंत्री फिलमोंग यांग को एक साल के लिए नया अध्यक्ष चुना है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने कहा कि यांग एक गौरवान्वित अफ्रीकी हैं जो अपने महादेश के भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके पास काफी अनुभव है। उन्होंने कहा, मैं उनके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्साहित हूं। वह अफ्रीका और विकासशील देशों के लिए न्याय हासिल करने के लिए सदस्य देशों के साथ सर्व स्वीकार्य समाधान पर काम करेंगे। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 01:56:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे वांग यी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/बरकस-दश-क-वदश-मतरय-क-बठक-म-भग-लग-वग-य</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/बरकस-दश-क-वदश-मतरय-क-बठक-म-भग-लग-वग-य</guid>
        <description>बीजिंग, 7 जून । चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने घोषणा की कि विदेश मंत्री वांग यी निमंत्रण पर 10 से 11 जून तक रूस के निज़नी नोवगोरोड में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इस बैठक के दौरान वह ब्रिक्स देशों और विकासशील देशों के विदेश मंत्रियों के वार्तालाप में भाग लेंगे। विदेश मंत्री वांग यी ब्रिक्स देशों के अन्य विदेश मंत्रियों और निमंत्रण पर वार्तालाप में भाग लेने वाले देशों के विदेश मंत्रियों के साथ ब्रिक्स सहयोग, वर्तमान अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय परिस्थिति पर समान चिंता वाले सवालों पर रायों का आदान-प्रदान करेंगे ताकि 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए तैयारी की जाए।

प्रवक्ता ने कहा कि यह बैठक ब्रिक्स के विस्तार के बाद होने वाली पहली विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। चीन ब्रिक्स साथियों के साथ ब्रिक्स रणनीतिक साझेदारी मजबूत कर विभिन्न क्षेत्रों का सहयोग गहराने, वैश्विक दक्षिण का समान विकास और संयुक्त सशक्तीकरण बढ़ाने और वृहद ब्रिक्स सहयोग की अच्छी शुरूआत बढ़ाने को तैयार है। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 01:56:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पहले चार महीनों में चीन की कुल सेवा आयात और निर्यात में साल&amp;दर&amp;साल 16.8% की वृद्धि</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पहल-चर-महन-म-चन-क-कल-सव-आयत-और-नरयत-म-सल-दर-सल-168-क-वदध</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पहल-चर-महन-म-चन-क-कल-सव-आयत-और-नरयत-म-सल-दर-सल-168-क-वदध</guid>
        <description>बीजिंग, 7 जून । चीनी वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला कि 2024 के जनवरी से अप्रैल तक चीन का सेवा व्यापार तेजी से बढ़ता रहा, सेवा आयात और निर्यात की कुल रकम 2431.96 अरब युआन है, जो साल-दर-साल 16.8% की वृद्धि है। ज्ञान-गहन सेवा व्यापार लगातार बढ़ रहा है। जनवरी से अप्रैल तक, चीन का ज्ञान-गहन सेवा आयात और निर्यात की रकम 963.72 अरब युआन है, जो साल-दर-साल 6.4% की वृद्धि है। उनमें से बौद्धिक संपदा रॉयल्टी, व्यक्तिगत संस्कृति और मनोरंजन सेवाओं जैसे क्षेत्र तेजी से बढ़े हैं। जनवरी से अप्रैल तक, यात्रा सेवाओं में तेजी से वृद्धि जारी रही। यात्रा सेवाओं का आयात और निर्यात मात्रा 660.03 अरब युआन है, जो साल-दर-साल 48.6% की वृद्धि है, जिससे यह सेवा व्यापार का सबसे बड़ा क्षेत्र बन गया है। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 01:56:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सेंट पीटर्सबर्ग में ब्रिक्स विशेषज्ञ फोरम का आयोजन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सट-पटरसबरग-म-बरकस-वशषजञ-फरम-क-आयजन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सट-पटरसबरग-म-बरकस-वशषजञ-फरम-क-आयजन</guid>
        <description>बीजिंग, 7 जून । रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में ब्रिक्स विशेषज्ञ फोरम का आयोजन किया गया। ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने वैश्विक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, वैश्विक शासन में सुधार लाने और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इन प्रयासों ने विश्व शांति और विकास की शक्ति को और मजबूत किया है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के प्रधान संपादक लियू यानसोंग ने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि दुनिया इस समय अभूतपूर्व बदलावों का सामना कर रही है। ब्रिक्स देश विभिन्न क्षेत्रों में अपने सहयोग को बढ़ा रहे हैं, उच्च गुणवत्ता वाली साझेदारी को बढ़ावा दे रहे हैं और संयुक्त रूप से आधुनिकीकरण का मार्ग तलाश रहे हैं।

यह सहयोग मानवता के लिए वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने और बेहतर भविष्य बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। रूसी स्टेट ड्यूमा के प्रथम उप-अध्यक्ष अलेक्जेंडर ज़ुकोव ने कहा कि ब्रिक्स देश संप्रभु समानता का सम्मान करते हैं, स्वतंत्र रूप से अपने विकास के मार्ग सुनिश्चित करते हैं और खुलेपन और आम सहमति के सिद्धांतों को कायम रखते हैं।

उनका लक्ष्य एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और एक निष्पक्ष वैश्विक वित्तीय और व्यापार प्रणाली स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स आज दुनिया के सामने मौजूद सबसे प्रमुख मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास करता है, जो अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए एक मॉडल स्थापित करता है। वर्तमान ब्रिक्स अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान रूस, राजनीतिक सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्त, शिक्षा, संस्कृति और अन्य विषयों पर केंद्रित विभिन्न कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा। सेंट पीटर्सबर्ग अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच के तहत सिन्हुआ समाचार एजेंसी और रूस टुडे अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के तत्वावधान में वर्तमान फोरम का आयोजन किया गया था। ब्रिक्स देशों के सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय मीडिया और शोध संगठनों के प्रमुखों ने भी फोरम में भाग लिया।(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 01:56:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>डेनमार्क की प्रधानमंत्री पर हमला, राजधानी की सड़क पर हमलावर ने की मारपीट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/डनमरक-क-परधनमतर-पर-हमल-रजधन-क-सडक-पर-हमलवर-न-क-मरपट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/डनमरक-क-परधनमतर-पर-हमल-रजधन-क-सडक-पर-हमलवर-न-क-मरपट</guid>
        <description>डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेते फ्रेडरिक्सन पर राजधानी कोपेनहेगन की सड़क पर हमला हुआ है. हमले से प्रधानमंत्री सदमे में हैं.

प्रधानमंत्री दफ़्तर ने बताया कि शहर के मध्य एक चौराहे पर एक शख़्स प्रधानमंत्री की ओर बढ़ा और उन पर हाथ चला दिया. हमलावर को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

यूरोपियन कमिश्नर उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे नीच हरकत क़रार दिया है.

उन्होंने कहा कि ये उन सभी चीज़ों के ख़िलाफ़ है जिन पर यूरोप के लोग विश्वास करते हैं और जिसके लिए लड़ते हैं.

डेनमार्क की प्रधानमंत्री के कार्यालय ने इस घटना का ब्योरा देते हुए बयान जारी किया है.

बयान में कहा गया है, शुक्रवार को प्रधानमंत्री मेते फ्रेडरिक्सन की कोपेनहेगन के कुल्टोरवेट में एक शख़्स ने मारपीट की. हमलावर को गिरफ़्तार कर लिया गया है. प्रधानमंत्री इस घटना से सदमे में हैं.

पुलिस ने कहा है कि हमलावर से पूछताछ की जा रही है लेकिन अभी तक हमले के मक़सद के बारे में पता नहीं चला है.</description>
        <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 01:56:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अपोलो 8 मिशन के चर्चित अंतरिक्ष यात्री बिल एंडर्स की प्लेन क्रैश में मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अपल-8-मशन-क-चरचत-अतरकष-यतर-बल-एडरस-क-पलन-करश-म-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अपल-8-मशन-क-चरचत-अतरकष-यतर-बल-एडरस-क-पलन-करश-म-मत</guid>
        <description>अपोलो 8 के अंतरिक्ष यात्री बिल एंडर्स का निधन हो गया है. वह 90 साल के थे. एंडर्स को बाहरी अंतरिक्ष की सबसे चर्चित तस्वीरों में से एक को खींचने का श्रेय दिया जाता है.

अधिकारियों ने बताया कि एंडर्स का विमान उस वक़्त क्रैश हो गया जब वो वॉशिंगटन में उत्तरी सिएटल के ऊपर उड़ रहा था.

एंडर्स के बेटे ग्रेग ने इस बात की पुष्टि की कि उनके पिता छोटे विमान में सवार थे. उनका शव शुक्रवार को बरामद हुआ.

परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, हम भारी सदमे में हैं. वो महान पायलट थे. वे हमेशा याद आएंगे.

अमेरिका के अपोलो मिशन में ल्युनर मॉड्यूल पायलट एंडर्स अंतरिक्ष से पृथ्वी की सबसे चर्चित तस्वीरों से एक को अपने कैमरे में कैद किया था. इसे बाहरी अंतरिक्ष में ली गई सबसे प्रेरक और यादगार तस्वीर माना जाता है.

1968 में क्रिसमस से एक दिन पहले लॉन्च हुआ अपोलो मिशन चांद पर पहुंचने वाला पहला मिशन था. एंडर्स की तस्वीर में चांद अपनी बंजर सतह से क्षितिज के ऊपर उठता नज़र आ रहा है.

एंडर्स ने बाद में अपनी इस तस्वीर को अंतरिक्ष कार्यक्रम में दिए गए अपने सबसे अहम योगदान में से एक क़रार दिया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 01:56:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन की बमबारी में 2 बच्चों समेत 22 नागरिकों की मौत : रूस</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-बमबर-म-2-बचच-समत-22-नगरक-क-मत-रस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-बमबर-म-2-बचच-समत-22-नगरक-क-मत-रस</guid>
        <description>मास्को, 8 जून। यूक्रेनी सेना ने रूस के खेरसॉन के सदोवोये गांव में एक स्टोर पर बमबारी की। इस हमले में कम से कम 22 नागरिक मारे गए। इसकी जानकारी क्षेत्र के गवर्नर व्लादिमीर साल्डो ने दी। न्यूज एजेंसी तास की रिपोर्ट के अनुसार, साल्डो ने बताया कि शुक्रवार को हमले के समय स्टोर के अंदर काफी संख्या में ग्राहक और कर्मचारी मौजूद थे। हमला दो बार किया गया। रिपोर्ट में साल्डो के हवाले से कहा गया, पहला हमला एक फ्रांसीसी हवाई बम से किया गया, और दूसरा अमेरिकी हिमार्स मिसाइल से किया गया। साल्डो ने कहा, पहली बार जब हमला हुआ तो लोग अपने घरों से निकल कर पीड़ितों की मदद के लिए बाहर भागे।

थोड़ी देर बाद, हिमार्स मिसाइल से हमला हुआ। हमले में मारे गए लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं। बता दें कि यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध को दो साल से ज्यादा का वक्त हो गया है और यह जंग समय के साथ खतरनाक मोड़ ले रही है। हाल ही में यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कराने पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देश जर्मनी को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। पुतिन ने कहा कि जिस तरह से यूक्रेन की मदद की जा रही है, युद्ध के लिए हथियारों की आपूर्ति हो रही है, अगर यह सब नहीं रुका तो हमारे बीच के संबंध समाप्त हो जाएंगे। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 01:56:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नई सरकार के गठन के बाद भारत आएंगे अमेरिकी एनएसए जैक सुलिवन</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नई-सरकर-क-गठन-क-बद-भरत-आएग-अमरक-एनएसए-जक-सलवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नई-सरकर-क-गठन-क-बद-भरत-आएग-अमरक-एनएसए-जक-सलवन</guid>
        <description>वाशिंगटन, 6 जून । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरी बार पदभार संभालने के बाद नई सरकार से बातचीत के लिए अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जैक सुलिवन भारत दौरे पर आएंगे। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा चुनाव में एनडीए की जीत पर बधाई देने के लिए उन्हें फोन किया था, तो उन्होंने सुलिवन के दौरे पर भी चर्चा की थी। व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, राष्ट्रपति जोसेफ बाइडेन जूनियर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के आम चुनावों में उनकी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जीत पर बधाई देने के लिए उन्हें फोन किया था।

बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने अमेरिका-भारत संबंधों और वैश्विक रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने तथा एक स्वतंत्र, मुक्त और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अपने साझा विजन को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक्स पर एक पोस्ट में भारत और अमेरिका की दोस्ती की सराहना की। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन सहित अमेरिकी प्रशासन के दूसरे वरिष्ठ सदस्यों ने भी पीएम मोदी को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति बाइडेन के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपने मित्र की कॉल आने पर खुश हैं। हालांकि सुलिवन के दौरे की घोषणा कर दी गई है, लेकिन तारीख अभी तय नहीं है। उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण के चंद दिनों के भीतर वह नई दिल्ली की यात्रा पर रवाना होंगे। पीएम मोदी के 8 जून को तीसरी बार शपथ लेने की संभावना है। व्हाइट हाउस के बयान में कहा गया है, इस साल जबरदस्त लू के बावजूद अपना वोट डालकर भारत के लोगों ने एक बार फिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का इजहार किया है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 00:48:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा में स्कूल पर इजरायली सेना का हवाई हमला, 30 की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-सकल-पर-इजरयल-सन-क-हवई-हमल-30-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-सकल-पर-इजरयल-सन-क-हवई-हमल-30-क-मत</guid>
        <description>गाजा, 6 जून । इजरायली सेना ने मध्य गाजा पट्टी के नुसेरात शिविर को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए। इस हमले में कम से कम 30 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें अधिकतर बच्चे और महिलाएं हैं। यह स्कूल विस्थापित लोगों के लिए एक शिविर में बदल दिया गया था। चिकित्सा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एक इजरायली लड़ाकू जेट ने स्कूल के कम से कम तीन क्लासरूम पर बमबारी की। हमास द्वारा संचालित गाजा सरकार के मीडिया कार्यालय ने स्कूल पर इजरायल के हमले की निंदा की और इसे भयानक नरसंहार बताया। कार्यालय ने कहा कि इजरायली सेना हमलों को जारी रखे हुए है, जो नागरिकों के खिलाफ किए गए नरसंहार के अपराध का सबूत है। हमास ने कहा कि इजरायल और अमेरिका को मानवता को खतरे में डालने वाले और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने वाले इन अपराधों की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। फिलहाल, इजरायली पक्ष ने अभी तक इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 00:48:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा पर इसराइल का एक और हवाई हमला, संयुक्त राष्ट्र के स्कूल में 35 फ़लस्तीनियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-पर-इसरइल-क-एक-और-हवई-हमल-सयकत-रषटर-क-सकल-म-35-फलसतनय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-पर-इसरइल-क-एक-और-हवई-हमल-सयकत-रषटर-क-सकल-म-35-फलसतनय-क-मत</guid>
        <description>इसराइल के हवाई हमले से मध्य ग़ज़ा में संयुक्त राष्ट्र के स्कूल में रह रहे 35 विस्थापित फ़लस्तीनियों की मौत हो गई है.

स्थानीय पत्रकारों ने बीबीसी को बताया है कि इसराइल ने क्लास रूम के टॉप फ्लोर पर दो मिसाइल दागे.

इसराइली सेना का कहना है कि स्कूल में हमास के परिसर में 20 से 30 लड़ाकों के होने की आशंका थी और इस हमले में उनकी मौत हो गई है.

ग़ज़ा में हमास की सरकार के मीडिया ऑफिस ने इसराइल के दावों को नकारा है और इस हमले को भीषण नरसंहार करार दिया है.

फ़लस्तीन में विस्थापितों के लिए स्कूल चलाने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी के मुखिया ने इसे दिल दहलाने वाली घटना बताया.

उन्होंने कहा कि शरणार्थी कैंप में लड़ाकों के होने का दावा हैरान करने वाला है और इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती है.

इसराइली सेना ने मध्य ग़ज़ा में बीते हफ्ते नया सैन्य अभियान शुरू किया है.

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ सात अक्टूबर के बाद से इसराइल के हमलों से 36,400 से ज्यादा फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 00:48:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>दक्षिण अफ्रीका में गठबंधन सरकार बनाने के लिए अन्य दलों से बात करेगी एएनसी: रामाफोसा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/दकषण-अफरक-म-गठबधन-सरकर-बनन-क-लए-अनय-दल-स-बत-करग-एएनस-रमफस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/दकषण-अफरक-म-गठबधन-सरकर-बनन-क-लए-अनय-दल-स-बत-करग-एएनस-रमफस</guid>
        <description>जोहानिसबर्ग, 8 जून। अफ्रीका में पिछले सप्ताह हुए चुनाव में बहुमत नहीं पाने पर अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) ने देश में गठबंधन सरकार बनाने के लिए अन्य दलों से बातचीत करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने यह जानकारी दी।

एएनसी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (एनईसी) की बैठक के बाद बृहस्पतिवार को मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए रामाफोसा ने कहा कि पार्टी ने यह जाना है कि दक्षिण अफ्रीका के लोग क्या चाहते हैं।

रामाफोसा ने कहा, देश की जरूरतों को समझते हुए और लोगों की इच्छा की सराहना करते हुए एनईसी ने सरकार बनाने के लिए अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन करने पर सहमति बनाने का प्रयास करने का फैसला किया है।

उनके इस बयान के साथ देश के भविष्य को लेकर एक सप्ताह से अधिक समय से चल रहीं अटकलों पर विराम लग गया।

अफ्रीका में पिछले सप्ताह हुए चुनाव में एएनसी को केवल 40 प्रतिशत ही मत मिले थे। दक्षिण अफ्रीका में कई दशक तक अल्पसंख्यक श्वेत रंगभेद शासन के बाद 30 वर्ष पहले नेल्सन मंडेला ने पहली बार एएनसी को बहुमत दिलाया था और तब से पहली बार ऐसा हुआ है कि उसे बहुमत नहीं मिला।

रामाफोसा ने कहा, राष्ट्रीय एकजुटता सरकार (जीएनयू) इस विशेष क्षण में सभी दक्षिण अफ्रीकियों की अपेक्षाओं को पूरा करने का सबसे व्यवहार्य, सबसे प्रभावी और सबसे शक्तिशाली तरीका है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 00:48:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>राफ़ा से 10 लाख लोग भागने को हुए मजबूर : संयुक्त राष्ट्र एजेंसी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रफ-स-10-लख-लग-भगन-क-हए-मजबर-सयकत-रषटर-एजस</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रफ-स-10-लख-लग-भगन-क-हए-मजबर-सयकत-रषटर-एजस</guid>
        <description>गाजा, 4 जून । संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी ने सोमवार को कहा कि गाजा के दक्षिणी शहर राफ़ा में इजराइली अभियानों के कारण 10 लाख से ज्यादा लोग भागने को मजबूर हुए हैं। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) ने एक्स पर एक बयान में कहा कि हज़ारों परिवार अब खान यूनिस में क्षतिग्रस्त और नष्ट हो चुकी यूएन एजेंसी के केंद्रों में शरण ले रहे हैं। बयान में कहा गया कि बढ़ती चुनौतियों के बावजूद एजेंसी के कर्मचारी बुनियादी सेवाएं प्रदान करते रहे। यूएन ने तत्काल युद्धविराम की आवश्यकता पर बल दिया है। इसमें कहा गया कि गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से यूएनआरडब्ल्यूए के 179 केंद्र प्रभावित हुए हैं। अब गाजा में कोई सुरक्षित जगह नहीं है। इस बीच, गाजा में स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को एक बयान में कहा कि इजराइली सेना ने पिछले 24 घंटों के दौरान 40 फिलिस्तीनियों को मार डाला और 150 अन्य को घायल कर दिया। पिछले साल 7 अक्टूबर को शुरू हुए संघर्ष के बाद से अब तक 36,479 लोगों की मौत हो गई है और 82,777 लोग घायल हुए हैं। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 06 Jun 2024 00:58:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सेना में विदेशी नागरिकों की भर्ती करेगा ऑस्ट्रेलिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सन-म-वदश-नगरक-क-भरत-करग-ऑसटरलय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सन-म-वदश-नगरक-क-भरत-करग-ऑसटरलय</guid>
        <description>कैनबरा, 4 जून । ऑस्ट्रेलिया की संघीय सरकार ने घोषणा की है कि जो विदेशी कम से कम 12 महीने तक देश में रह चुके हैं, वे अगले साल से देश की सशस्त्र सेनाओं में शामिल होने के पात्र होंगे। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्री और उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्लेस और रक्षा कार्मिक मंत्री मैट कीओग ने मंगलवार को कैनबरा में इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि इससे ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (एडीएफ) के विस्तार में मदद मिलेगी। विस्तारित पात्रता मानदंडों के तहत, न्यूजीलैंड के वे लोग जो ऑस्ट्रेलिया के स्थायी निवासी हैं और कम से कम 12 महीने से देश में रह रहे हैं, वे इसी साल 1 जुलाई से एडीएफ में शामिल हो सकेंगे।

अगले साल से समान मानदंडों को पूरा करने वाले अन्य सभी देशों के नागरिक एडीएफ में सेवा करने के पात्र हो जाएंगे। शर्त यह होगी कि आवेदकों ने पिछले दो साल में किसी विदेशी सेना में सेवा न की हो और वे एडीएफ में प्रवेश के मानकों और सुरक्षा आवश्यकताओं के अधीन होंगे। कीओग ने मार्लेस के साथ एक संयुक्त बयान में कहा कि पात्रता का विस्तार करने से सेना में जवानों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी। अप्रैल में मार्लेस द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय रक्षा रणनीति के अनुसार, 2020-21 और 2022-23 के बीच भर्ती लक्ष्यों का 80 प्रतिशत हासिल करने के बाद एडीएफ में वर्तमान में 4,400 जवानों की कमी है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 06 Jun 2024 00:58:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>विश्व पर्यावरण दिवस : साकार होगा हरित विकास का सपना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/वशव-परयवरण-दवस-सकर-हग-हरत-वकस-क-सपन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/वशव-परयवरण-दवस-सकर-हग-हरत-वकस-क-सपन</guid>
        <description>बीजिंग, 4 जून । विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को है। मानव का गृहस्थल पृथ्वी मानव निर्मिति विभिन्न पर्यावरण संकटों का सामना कर रहा है। सिर्फ पर्यावरण संरक्षण से ही हमारे होमटाउन की सुरक्षा की जा सकती है। यह समग्र मानवता के लिए आवश्यक है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने हरित विकास की अवधारणा प्रस्तुत की, जो उनके आर्थिक विचार और सांस्कृतिक विचार का केंद्रीय विषय है और नये युग में चीन में नये विकास के ढांचे का सैद्धांतिक आधार है। प्राचीन समय से चीनी लोग पृथ्वी और मानवता के एकीकरण पर विश्वास करते आए हैं। शी चिनफिंग ने प्रकृति के सम्मान के फिलॉसफी और वर्तमान चीनी वास्तविकता को जोड़कर शी चिनफिंग पारिस्थितिकी सभ्यता विचार रचा, जिसका केंद्र मानव और प्रकृति का सह अस्तित्व है।

प्रकृति का नुकसान अंत में मानवता के लिए नुकसान साबित होगा। उनके विचार का सार तो हरित विकास है। मानवता और प्रकृति का सामंजस्यपूर्ण सहअस्तित्व पूरा करने के लिए शी चिनफिंग ने दो विचार दिए। पहला, स्वच्छ पानी और नीला पहाड़ अनमोल संपत्ति है, इसका अर्थ है कि पर्यावरण संरक्षण की पूर्वशर्त में आर्थिक विकास करना। दूसरा, समग्र व्यवस्था का विचार है। शी के विचार में पहाड़, जल, वन, खेत व झील मानवता की मौजूदगी व विकास का भौतिक आधार हैं। इसका हरेक अंक अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी कारण चीन हरित, निम्न कार्बन व चक्रीय विकास की आर्थिक व्यवस्था की स्थापना की कोशिश करता है। यूएनडीपी के महानिदेशक अचिम स्टेनर ने कहा था कि हमें निम्न कार्बन समावेश का हरित विकास चाहिए। चीन ने इस क्षेत्र में न सिर्फ अपने लिए बल्कि विश्व को एक मौका प्रदान किया है। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Thu, 06 Jun 2024 00:58:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>एयर कनाडा की टोरंटो जाने वाली उड़ान में बमे रखे होने की धमकी से मचा हड़कंप</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/एयर-कनड-क-टरट-जन-वल-उडन-म-बम-रख-हन-क-धमक-स-मच-हडकप</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/एयर-कनड-क-टरट-जन-वल-उडन-म-बम-रख-हन-क-धमक-स-मच-हडकप</guid>
        <description>नयी दिल्ली, पांच जून। एयर कनाडा की टोरंटो जाने वाली उड़ान में उस समय हड़कंप मच गया जब यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को विमान में एक बम रखे होने की धमकी वाला ईमेल मिला।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि बाद में यह धमकी फर्जी निकली।

उन्होंने बताया कि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन लिमिटेड (डायल) के कार्यालय में मंगलवार रात 10 बजकर 50 मिनट पर एक ईमेल मिला कि दिल्ली से टोरंटो जाने वाली एयर कनाडा की उड़ान में एक बम रखा है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एक विस्तृत जांच की गयी और कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

उन्होंने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 06 Jun 2024 00:58:31 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>स्कूल में स्थित &amp;apos;हमास के अड्डे&amp;apos; को बनाया निशाना: इजराइली सेना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सकल-म-सथत-हमस-क-अडड-क-बनय-नशन-इजरइल-सन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सकल-म-सथत-हमस-क-अडड-क-बनय-नशन-इजरइल-सन</guid>
        <description>यरूशलम, 6 जून। इजराइल की सेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने गाजा पट्टी में एक स्कूल के अंदर हमास के एक अड्डे को निशाना बनाया, वहीं हमास से जुड़े मीडिया ने बताया कि इस हमले में कम से कम 39 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए।

नुसेरात क्षेत्र में हमले के बारे में बृहस्पतिवार सुबह विरोधाभासी जानकारी मिली और एसोसिएटेड प्रेस तुरंत स्वतंत्र रूप से हमले के बारे में पुष्टि नहीं कर सका।

हमास के अल-अक्सा टेलीविजन ने कम से कम 39 लोगों के मारे जाने की सूचना दी, लेकिन आंकड़ों का स्रोत नहीं बताया।

फलस्तीनी समाचार एजेंसी (डब्ल्यूएएफए) ने बताया कि कम से कम 32 लोग मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हो गए।

इजराइली सेना ने कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने फलस्तीनियों को सहायता प्रदान करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी द्वारा संचालित स्कूल पर हमला किया। एजेंसी को यूएनआरडब्ल्यूए के नाम से जाना जाता है।

इजराइली सेना ने दावा किया कि हमास और इस्लामिक जिहाद संगठनों ने अपनी गतिविधियों के लिए स्कूल का इस्तेमाल ढाल के रूप में किया। हालांकि, सेना ने तत्काल इसका कोई सबूत पेश नहीं किया।

इजराइली सेना ने दावा किया, हमले के दौरान निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुंचने के जोखिम को कम करने के लिए हमला करने से पहले कई कदम उठाए गए थे, जिनमें हवाई निगरानी करना और अतिरिक्त खुफिया जानकारी शामिल हैं।

नुसेरात शरणार्थी शिविर गाजा पट्टी के मध्य में है। यह मध्य गाजा में बना एक फलस्तीनी शरणार्थी शिविर है जो 1948 के अरब-इजराइल युद्ध के समय से है।

युद्ध की शुरुआत सात अक्टूबर को इजराइल पर हमास के हमले से हुई जिसमें कम से कम 1,200 लोग मारे गए और 250 अन्य लोगों को बंधक बनाया गया। गाजा पट्टी में इजराइली सैन्य अभियान में कम से कम 36,000 फलस्तीनी मारे गए हैं, जबकि इजराइली कब्जे वाले वेस्ट बैंक में अभियानों में सैकड़ो अन्य मारे गए हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 06 Jun 2024 00:58:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>तालिबान ने महिलाओं समेत 63 लोगों को मारे कोड़े, संयुक्त राष्ट्र ने की कड़ी निंदा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/तलबन-न-महलओ-समत-63-लग-क-मर-कड-सयकत-रषटर-न-क-कड-नद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/तलबन-न-महलओ-समत-63-लग-क-मर-कड-सयकत-रषटर-न-क-कड-नद</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 6 जून। अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने बुधवार को सारी पुल प्रांत में तालिबान द्वारा एक दर्जन से अधिक महिलाओं सहित 60 से अधिक लोगों को सार्वजनिक रूप से कोड़े मारे जाने की निंदा की।

यूएनएएमए ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक बयान में कहा कि अफगानिस्तान के अधिकारियों ने मंगलवार को कम से कम 63 लोगों को कोड़े मारे। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का सम्मान करने के लिए कहा।

तालिबान के उच्चतम न्यायालय ने एक बयान में 14 महिलाओं समेत 63 लोगों को सार्वजनिक रूप से कोड़े मारे जाने की पुष्टि की। इन लोगों पर अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न, चोरी और अनैतिक संबंधों जैसे अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। उन्हें एक खेल स्टेडियम में कोड़े मारे गए।

तालिबान ने एक उदार शासन देने के वादों के बावजूद, 2021 में फिर से सत्ता पर काबिज होने के बाद सार्वजनिक रूप से कठोर दंड देना शुरू कर दिया। वे लोगों को किसी भी अपराध के लिए फांसी, कोड़े मारना और पत्थर मारने जैसे दंड देते हैं। तालिबान के 1990 के दशक के शासन में भी यही होता था।

उच्चतम न्यायालय द्वारा अलग-अलग बयानों में बताया गया कि व्याभिचार और घर से भागने का प्रयास करने के दोषी एक पुरुष और एक महिला को बुधवार को उत्तरी पंजशीर प्रांत में कोड़े मारे गए।

इस साल के शुरू में तालिबान ने उत्तरी जावजान प्रांत मे एक स्टेडियम में हजारों लोगों के सामने, हत्या के दोषी एक व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से मौत की सजा दी थी। इस व्यक्ति को मृतक के भाई ने एक रायफल से पांच गोलियां मारी थीं।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 06 Jun 2024 00:58:28 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रूस के हमलों के बाद यूक्रेन में हुई बिजली गुल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रस-क-हमल-क-बद-यकरन-म-हई-बजल-गल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रस-क-हमल-क-बद-यकरन-म-हई-बजल-गल</guid>
        <description>कीव, 2जून। रूस द्वारा बुनियादी ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले किए जाने और पूर्वी दोनेत्स्क प्रांत में बढ़त हासिल करने का दावा किए जाने के एक दिन बाद यूक्रेन ने रविवार को देश के अधिकांश हिस्सों में आपातकालीन बिजली कटौती लागू कर दी।

शनिवार को ऊर्जा संयंत्रों को लक्ष्य बनाकर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए जाने के बाद यूक्रेन के तीन इलाकों को छोड़कर सभी क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। इन हमलों में कम से कम 19 लोग घायल हुए हैं।

यूक्रेन के सरकारी स्वामित्व वाले बिजली ग्रिड संचालक यूक्रेनेर्गो ने कहा कि बिजली गुल होने से औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ता दोनों प्रभावित हुए हैं।

गत अप्रैल में हुआ हमला हाल के सबसे बड़े हमलों में से एक था, जिसने कीव के सबसे बड़े ताप विद्युत संयंत्र को नुकसान पहुंचाया था। आठ मई को एक और बड़ा हमला हुआ, जिसमें कई क्षेत्रों में बिजली उत्पादन और बिजली वितरण प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा।

यूक्रेन की वायुसेना ने शनिवार को हुए हमलों के बाद रविवार को कहा कि वायु रक्षा बलों ने रात भर में सभी 25 ड्रोन को मार गिराया।

रूस ने रविवार को दावा किया कि उसने आंशिक रूप से रूस के कब्जे वाले दोनेत्स्क क्षेत्र के उमानस्के गांव पर नियंत्रण कर लिया है।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 04 Jun 2024 02:09:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>श्रीलंका: बाढ़, भूस्खलन के कारण कम से कम सात लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शरलक-बढ-भसखलन-क-करण-कम-स-कम-सत-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शरलक-बढ-भसखलन-क-करण-कम-स-कम-सत-लग-क-मत</guid>
        <description>श्रीलंका में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है.

देश के आपदा प्रबंधन केंद्र की ओर से इस बारे में जानकारी दी गई है.

कोलंबो के बाहर सितावाका में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान तब चली गई, जब उनका घर बाढ़ की चपेट में आ गया.

कई इलाक़ों में बिजली की सप्लाई प्रभावित हुई है और सोमवार को स्कूल बंद रखने का एलान किया गया है.

नौ ज़िलों में भूस्खलन से जुड़ी चेतावनी जारी की गई है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 04 Jun 2024 02:09:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने रूस और चीन पर क्या नए आरोप लगाए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-रषटरपत-जलसक-न-रस-और-चन-पर-कय-नए-आरप-लगए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-रषटरपत-जलसक-न-रस-और-चन-पर-कय-नए-आरप-लगए</guid>
        <description>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस और चीन पर नए आरोप लगाए हैं.

ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि रूस और चीन उनकी स्विट्जरलैंड में होने वाली वैश्विक शांति वार्ता को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.

ज़ेलेंस्की का कहना है कि रूस और चीन दूसरे देशों को इस वार्ता में हिस्सा लेने से रोक रहे हैं.

ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि रूस के हथियारों का सामान चीन से आता है.

चीन ने हालांकि कहा है कि रूस-यूक्रेन के युद्ध में वो किसी भी तरफ नहीं है, लेकिन अमेरिका चीन के इस स्टैंड पर सवाल उठाता रहा है.

चीन पर रूस को हथियारों का सामान भेजने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं.

पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की वजह से रूस की अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर से गुजर रही है.

ज़ेलेंस्की ने हाल ही में कहा था कि यूक्रेन को युद्ध में रूस की बढ़त को रोकने के लिए मदद की जरूरत है.

अमेरिका ने यूक्रेन को ख़ारकीएव के नजदीक रूसी सीमा के अंदर अपने हथियार इस्तेमाल करने की अनुमति भी दी है.

अमेरिकी संसद ने अप्रैल में यूक्रेन को 61 अरब डॉलर की सैन्य मदद देने का प्रस्ताव पास किया था.

यूक्रेन और रूस के बीच बीते ढाई साल से युद्ध चल रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 04 Jun 2024 02:09:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मालदीव के फ़ैसले से भड़के इसराइली, क्या होगा इसका असर</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मलदव-क-फसल-स-भडक-इसरइल-कय-हग-इसक-असर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मलदव-क-फसल-स-भडक-इसरइल-कय-हग-इसक-असर</guid>
        <description>ग़ज़ा में इसराइल की कार्रवाइयों को लेकर मालदीव में बढ़ते विरोध के बीच वहाँ की सरकार ने एक अहम फ़ैसला किया है.

मालदीव ने अपने यहाँ इसराइल के लोगों के आने पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया है.

राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू के कार्यालय ने रविवार को बताया कि मंत्रिमंडल ने क़ानूनों को बदलने का फ़ैसला किया है ताकि इसराइली पासपोर्ट धारकों को देश में घुसने से रोका जा सके.

मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय ने प्रेस रिलीज़ जारी की है, जिसमें बताया गया है कि राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू ने मंत्रिमंडल की सिफ़ारिशों पर ये फ़ैसला किया है.

राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया है कि उसने इस प्रक्रिया की देखरेख के लिए एक उप-समिति बनाने का भी फ़ैसला किया है. देश के गृह मंत्री अली एहसन ने भी इस फ़ैसले की जानकारी दी है.

उन्होंने बताया है कि इस उप-समिति में गृह मंत्री के साथ-साथ इस्लामी मंत्री, अटॉर्नी जनरल, आर्थिक मंत्री, पर्यटन मंत्री और विदेश मंत्री भी शामिल होंगे.

इसराइल के नागरिकों पर प्रतिबंध लगाने के अलावा मालदीव ने फ़लस्तीन को लेकर भी अहम फ़ैसले किए हैं.

मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक़, राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू एक विशेष दूत नियुक्त करेंगे जो फ़लस्तीनियों की ज़रूरतों का आकलन करेंगे और साथ ही उनके लिए पैसा इकट्ठा करने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा.

इस पैसे का इस्तेमाल फ़लस्तीनी क्षेत्र में विस्थापित लोगों की मदद के लिए किया जाएगा.

इसके अलावा फ़लस्तीनी लोगों को किस जगह पर मालदीव की ज़रूरत है, उसके लिए भी यह दूत राष्ट्रपति को सलाह देंगे.

मालदीव के मंत्रिमंडल ने इसके साथ ही एक राष्ट्रीय मार्च निकालने का फ़ैसला किया है, जिसका नाम फ़लस्तीन के साथ मालदीव के लोग दिया गया है.

कैबिनेट के इस फ़ैसले में इस्लामी देशों के साथ बैठक करके फ़लस्तीन के संघर्ष के मुद्दे पर एक प्रस्ताव पेश करने की भी मालदीव की योजना है.

मालदीव सरकार का इसराइली लोगों पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला एक विपक्षी नेता की कोशिशों के बाद किया गया है.

मुख्य विपक्षी दल मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के नेता मीकाइल अहमद नसीम ने बीते सप्ताह आप्रवासन क़ानून में संशोधन पेश किया था ताकि इसराइली नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगाई जा सके.

मालदीव में नई संसद ने बीते सप्ताह अपना कार्यभार संभाला है, जिसकी दूसरी बैठक सोमवार से शुरू हो रही है.

हाल ही में हुए चुनावों में सत्तारूढ़ मुख्य दल पीपल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) ने संसद में भारी बहुमत हासिल करते हुए 93 में से 75 सीटें जीती थीं.

वहीं राजधानी माले सिटी में आम लोग ग़ज़ा में इसराइली हमलों को लेकर महीनों से प्रदर्शन कर रहे थे और वो इसराइल के नागरिकों के देश में दाख़िल होने पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे.

मालदीव के इसराइल के पासपोर्ट धारकों को देश में घुसने से रोकने के फ़ैसले के बाद इसराइल ने भी एहतियाती क़दम उठाए हैं.

इसराइल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओरेन मार्मोर्स्टाइन ने कहा है कि विदेश मंत्रालय ने इसराइल के लोगों को सलाह दी है कि वो मालदीव की यात्रा करने से बचें.

विदेश मंत्रालय ने ये सलाह इसराइल के विदेशी पासपोर्ट धारक लोगों के लिए भी की है.

मालदीव में हर साल तक़रीबन 10 लाख पर्यटक पहुँचते हैं, जिनमें से तक़रीबन 15 हज़ार की संख्या इसराइल के लोगों की होती है.

बीते साल तक़रीबन इसराइल के 11 हज़ार नागरिकों ने मालदीव का दौरा किया था, जो मालदीव की कुल पर्यटक संख्या का 0.6 फ़ीसदी था.

मालदीव सरकार के इस फ़ैसले की सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है. कई इसराइली नागरिक मालदीव सरकार की आलोचना कर रहे हैं.

इसराइल के नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता यूसुफ़ हदाद ने मालदीव सरकार के फ़ैसले की निंदा की है.

उन्होंने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि 7 अक्तूबर के जनसंहार के बाद फ़लस्तीनियों की एंट्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया.

इसमें उन्होंने लिखा है, उनके (मालदीव) लिए अगर आप इसराइलियों के साथ रेप, किडनैप और जनसंहार करते हैं तो आपका छुट्टियों के लिए स्वागत है लेकिन अगर आप अपने देश की आतंकी संगठन से रक्षा करते हैं तो आपकी एंट्री की अनुमति नहीं है.

उन्होंने ईरान, उत्तर कोरिया या सीरिया के नागरिकों की एंट्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया है. सिर्फ़ इसराइलियों पर लगाया है. एक तरह से ये रंगभेद की परिभाषा है. उनके ख़ूबसूरत द्वीप हो सकते हैं लेकिन उनकी नीतियां बदसूरत हैं. यहूदी विरोधी आतंकवाद के समर्थक.

उज़ै बुलूत नामक एक एक्स यूज़र ने पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने इसे चौंकाने वाला नहीं बताया है.

उन्होंने लिखा, मालदीव की रंगभेदी सरकार ने इसराइलियों के देश में दाख़िल होने पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया है. यह बिल्कुल भी चौंकाने वाली बात नहीं है. इस तरह से मालदीव की इस्लामी शरिया तानाशाही ईसाइयों के साथ व्यवहार करती है. मालदीव ने ख़ुद को 100 फ़ीसदी मुस्लिम घोषित किया हुआ है, यानी ईसाइयों के लिए कोई जगह नहीं है.

मालदीव के नागरिक होने का मतलब है, मुसलमान होना. देश के अंदर बेहद क़रीबी समुदायों के बीच इस्लामी मूल्यों से हटने को आसानी से पहचाना जा सकता है और इसके बारे में प्रशासन या मुस्लिम नेताओं को बता सकते हैं. इस वजह से जो इस्लाम त्याग देते हैं वो अपनी आस्था को रहस्य रखते हैं. अगर किसी के बारे में पता चलता है तो ईसाइयों की नागरिकता छीनी जा सकती है और शरिया का उल्लंघन करने पर मिलने वाले लाभ छिन सकते हैं.

वहीं अशोक कुमार नामक यूज़र ने एक्स पर पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में चल रहे जनसंहार के मामले में मालदीव भी शामिल है.

मालदीव एक इस्लामिक देश है.

मालदीव ब्रिटेन से 1965 में राजनीतिक रूप से पूरी तरह से आज़ाद हुआ था. आज़ादी के तीन साल बाद मालदीव एक संवैधानिक इस्लामिक गणतंत्र बना था.

आज़ादी के बाद से ही मालदीव की सियासत और लोगों की ज़िंदगी में इस्लाम की अहम जगह रही</description>
        <pubDate>Tue, 04 Jun 2024 02:09:08 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन को मिली बड़ी कामयाबी, चांद के इस हिस्से पर उतार दिया अंतरिक्ष यान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-क-मल-बड-कमयब-चद-क-इस-हसस-पर-उतर-दय-अतरकष-यन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-क-मल-बड-कमयब-चद-क-इस-हसस-पर-उतर-दय-अतरकष-यन</guid>
        <description>चीन का कहना है कि उसका चालक रहित अंतरिक्ष यान चांद के उस हिस्से पर उतारा है जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता है.

ये चांद का वो इलाक़ा है जहां अभी तक कोई नहीं गया है और किसी ने अभी तक यहां जाने की कोशिश भी नहीं की थी.

चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (सीएनएसए) ने एक बयान में बताया है- चांग-ई-6 विमान बीजिंग के समयानुसार सुबह 06ः23 बजे चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास एटकेन बेसिन में उतरने में कामयाब रहा.

चीन ने ये अभियान 3 मई को रवाना किया था. इस अभियान का मक़सद चांद के इस हिस्से से चट्टान और मिट्टी इकट्ठा करके धरती पर लाना है.

ये अभियान चांद की सबसे प्राचीन चट्टानों को इकट्ठा कर सकता है. चांद के दक्षिणी ध्रुव पर विशाल क्रेटर है, जहां ये यान उतरा है.

इस अभियान के सामने कई मुश्किलें भी थीं. चांद के पार पहुंचने पर यान के साथ संपर्क करना मुश्किल हो जाता है.

चीन दुनिया का पहला देश है जिसने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर यान उतारने में कामयाबी हासिल की है. चीन ने यहां 2019 में चांग-ई-4 यान को उतारा था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 00:48:44 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका में पिट्सबर्ग के बार में गोलीबारी: दो लोगों की मौत, सात अन्य घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-पटसबरग-क-बर-म-गलबर-द-लग-क-मत-सत-अनय-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-म-पटसबरग-क-बर-म-गलबर-द-लग-क-मत-सत-अनय-घयल</guid>
        <description>पेन हिल्स (अमेरिका), 2 जून। उपनगरीय पिट्सबर्ग के एक बार में हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

एलेगनी काउंटी पुलिस ने कहा कि उसने पेन हिल्स के बॉलर्स हुक्का लॉंज और सिगार बार में सुबह के वक्त हुई गोलीबारी के मामले में कार्रवाई की है।

पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि रविवार तड़के तीन बजे के आसपास बचावकर्मियों को बार के अंदर एक पुरुष और एक महिला के शव मिले। इसके अलावा, सात व्यक्ति घायल भी हुए हैं।

बयान के अनुसार, घायलों को क्षेत्र के अस्पतालों में ले जाया गया, जिनमें से एक की हालत नाजुक है।

काउंटी पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बार के अंदर झगड़ा हुआ और कई लोगों ने गोलीबारी की।

किसी संदिग्ध को हिरासत में लिये जाने की जानकारी नहीं मिली है।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 00:48:42 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका को इसराइल से उम्मीद लेकिन क्या मानेंगे नेतन्याहू</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-इसरइल-स-उममद-लकन-कय-मनग-नतनयह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-इसरइल-स-उममद-लकन-कय-मनग-नतनयह</guid>
        <description>अमेरिकी सरकार ने उम्मीद जताई है कि अगर हमास तैयार हो जाता है तो इसराइल सीज़फ़ायर से जुड़े प्रस्ताव को स्वीकार कर लेगा.

अगर ये समझौता हुआ तो इसके तहत छह हफ़्ते के लिए ग़ज़ा में युद्ध-विराम लागू हो सकेगा.

इस बारे में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने जानकारी दी है.

बीते हफ़्ते अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस बारे में एक प्लान पेश किया था.

इस प्लान के तहत स्थायी तौर पर युद्ध ख़त्म होने से पहले मानवीय मदद पहुंचाने के साथ-साथ बंधकों की अदला-बदली करने की भी बात कही गई.

इस प्रस्ताव का इसराइली सरकार के कुछ नेताओं ने विरोध किया है.

बीते हफ़्ते रफ़ाह के उन शिविरों पर इसराइल ने हमला किया था, जहां अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए फ़लस्तीनी रह रहे थे.

इस हमले को इसराइल के पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने दुखद घटना बताया था. हमले में 45 लोगों की मौत हो गई थी.

इस हमले के बाद इसराइल को दुनिया के कई देशों की ओर से विरोध का सामना करना पड़ा था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 00:48:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मीडिया टाइकून रूपर्ट मर्डोक ने 93 साल की उम्र में पांचवी बार एलेना जुकोवा से की शादी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मडय-टइकन-रपरट-मरडक-न-93-सल-क-उमर-म-पचव-बर-एलन-जकव-स-क-शद</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मडय-टइकन-रपरट-मरडक-न-93-सल-क-उमर-म-पचव-बर-एलन-जकव-स-क-शद</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 3 जून। मीडिया दिग्गज रूपर्ट मर्डोक ने 93 साल की उम्र में पांचवी बार शादी की। उनकी कंपनी न्यूज कॉर्प ने इस जानकारी की पुष्टि की।

मर्डोक और 67 वर्षीय रूसी मूल की सेवानिवृत्त आणविक जीवविज्ञानी एलेना जुकोवा ने शनिवार को कैलिफोर्निया के बेल एयर स्थित अपने फार्म हाउस में शादी की। न्यूज कॉर्प ने जोड़े की तस्वीरें साझा की। इससे पहले, मार्च में दोनों ने सगाई की थी।

मर्डोक ने इससे पहले साल 2016 में मॉडल एवं अभिनेत्री जेरी हॉल से शादी की थी। हालांकि, 2022 में उनका तलाक हो गया था।

जुकोवा ने इससे पहले अरबपति निवेशक और रूसी राजनीतिज्ञ अलेक्जेंडर जुकोवा से शादी की थी। उनकी बेटी दशा की शादी पहले रूसी अरबपति रोमन अब्रामोविच से हुई थी, जो प्रीमियर लीग फुटबॉल क्लब चेल्सी के मालिक थे।

पिछले साल मर्डोक ने फॉक्स न्यूज की मूल कंपनी और न्यूज कॉर्प के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 00:48:36 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शांति सम्मेलन का निमंत्रण देने फिलीपीन पहुंचे जेलेंस्की, चीन और रूस पर अड़चन डालने का आरोप लगाया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शत-सममलन-क-नमतरण-दन-फलपन-पहच-जलसक-चन-और-रस-पर-अडचन-डलन-क-आरप-लगय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शत-सममलन-क-नमतरण-दन-फलपन-पहच-जलसक-चन-और-रस-पर-अडचन-डलन-क-आरप-लगय</guid>
        <description>मनीला, 3 जून। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की एशिया की अपनी एक विशिष्ट यात्रा के तहत सोमवार को फिलीपीन में थे। वह क्षेत्रीय नेताओं से अपने देश में युद्ध की स्थिति पर स्विट्जरलैंड द्वारा आयोजित एक वैश्विक शांति सम्मेलन में शामिल होने की अपील करने के लिए यात्रा कर रहे हैं।

उन्होंने रूस पर चीन की मदद से इस सम्मेलन में अड़चन डालने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया।

जेलेंस्की रविवार देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच अघोषित दौरे पर मनीला पहुंचे। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर में शंगरी-ला डिफेंस फोरम में भाग लिया था।

जेलेंस्की ने सिंगापुर में आयोजित इस वार्षिक रक्षा सम्मेलन से इतर फिलीपीन के राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस जूनियर से मिलने की योजना बनाई थी लेकिन मुलाकात हो नहीं सकी, जिसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत रूप से यहां आकर मर्कोस को आमंत्रित करने का फैसला किया। यह जानकारी फिलीपीन के अधिकारियों ने दी।

दोनों ही नेताओं ने सिंगापुर में हुए सम्मेलन में चीन की आलोचना की थी। इसमें अमेरिका और चीन समेत दुनियाभर के शीर्ष रक्षा और सरकारी पदाधिकारियों ने भाग लिया।

गाजा और यूक्रेन में युद्ध के बीच और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका तथा चीन में प्रभुत्व की प्रतिद्वंद्विता एवं बढ़ते तनाव के बीच यह सम्मेलन हुआ।

जेलेंस्की ने रविवार को सिंगापुर में एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि चीन अन्य देशों और उनके नेताओं पर स्विट्जरलैंड में आयोजित शांति सम्मेलन में शामिल नहीं होने के लिए दबाव बनाने में रूस की मदद कर रहा है।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 00:48:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मेक्सिको : चुनाव के नतीजों का इंतजार, पहली महिला राष्ट्रपति चुने जाने की संभावना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मकसक-चनव-क-नतज-क-इतजर-पहल-महल-रषटरपत-चन-जन-क-सभवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मकसक-चनव-क-नतज-क-इतजर-पहल-महल-रषटरपत-चन-जन-क-सभवन</guid>
        <description>मेक्सिको सिटी, 3 जून। मेक्सिको में रविवार को संपन्न हुए मतदान में देश में पहली महिला राष्ट्रपति निर्वाचित होने की पूरी संभावना है हालांकि मतदान वाले दिन भी हिंसा, गर्मी और ध्रुवीकरण चरम पर रहा।

पश्चिमी राज्य मिकोआकैन के कुइत्जियो शहर में काउंसिल के एक उम्मीदवार को गोली मारे जाने के बावजूद लोग बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए घरों से बाहर निकले। मतदान से महज कुछ घंटों पहले एक मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने उम्मीदवार की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

देशभर में मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुए लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि अगर मेक्सिकी सिटी की पूर्व मेयर क्लाउडिया शिनबाम चुनाव में जीत हासिल करती हैं तब भी वह निवर्तमान राष्ट्रपति आंद्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर जैसा रुतबा नहीं प्राप्त कर सकेंगी। दोनों ही नेता सत्तारूढ़ मोरेना पार्टी से ताल्लुक रखते हैं।

पूर्व सांसद और मुख्य विपक्षी उम्मीदवार जोचिटल गाल्वेज ने सुरक्षा को लेकर चिंताओं पर मेक्सिको की जनता को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया और उन्होंने वादा किया कि वह संगठित अपराध के प्रति आक्रमक रुख अख्तियार करेंगी।

मेक्सिको में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए करीब 10 करोड़ लोग मतदान करने के लिए पंजीकृत थे। मतदाता देश के 32 में से नौ राज्यों के गवर्नर और संसद के दोनों सदनों, हजारों मेयर और सैकड़ों अन्य पदों पर उम्मीदवारों के चुनाव के लिए मतदान कर रहे हैं। देश में इस चुनाव को अब तक के सबसे बड़े चुनाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें हिंसा भी हुई है।

इस चुनाव को व्यापक रूप से लोपेज ओब्रेडोर पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है। ओब्रेडोर एक प्रसिद्ध व्यक्ति हैं जिन्होंने सामाजिक कार्यक्रमों में विस्तार किया लेकिन मेक्सिको में हिंसा को कम करने में काफी हद तक विफल रहे हैं।

ओब्रेडोर की मोरेना पार्टी के वर्तमान में 23 गवर्नर और पार्टी को कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत प्राप्त है। मेक्सिको का संविधान राष्ट्रपति के पुनर्निर्वाचन को प्रतिबंधित करता है।

राष्ट्रपति पद के प्रमुख उम्मीदवार में दो महिलाओं के बीच कांटे की टक्कर है और जीत किसी भी की हो इस चुनाव में मेक्सिको को पहली महिला राष्ट्रपति मिलने जा रही है। वहीं तीसरे उम्मीदवार के रूप में जॉर्ज अल्वारेज मायनेज चुनाव मैदान में हैं, जो चुनाव में बहुत पीछे नजर आ रहे हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 00:48:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>‘पॉर्न स्टार’ को गुप्त तरीके से धन देने के मामले में ट्रंप दोषी करार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/परन-सटर-क-गपत-तरक-स-धन-दन-क-ममल-म-टरप-दष-करर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/परन-सटर-क-गपत-तरक-स-धन-दन-क-ममल-म-टरप-दष-करर</guid>
        <description>(ललित के झा)

वाशिंगटन, 31 मई। पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को गुप्त तरीके से धन देने के मामले में डोनाल्ड ट्रंप कोलकारोबारी रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के 34 आरोपों में बृहस्पतिवार को दोषी पाया गया और इसी के साथ वह किसी गंभीर अपराध के लिए दोषी ठहराए गए अमेरिका के पहले पूर्व राष्ट्रपति बन गए।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के चुनाव प्रचार अभियान दल ने कहा कि कानून से ऊपर कोई भी नहीं है, जबकि ट्रंप ने कहा कि यह फैसला एक दोषपूर्ण राजनीतिक व्यवस्था का परिणाम है।

ट्रंप को सजा सुनाए जाने की तिथि 11 जुलाई निर्धारित की गई है। इसके चार दिन बाद ही विस्कॉन्सिन के मिल्वौकी में रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में उन्हें पांच नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनावों में औपचारिक रूप से पार्टी उम्मीदवार नामित किया जाना है।

ट्रंप ने उनके खिलाफ फैसला सुनाए जाते ही कहा, यह शर्मनाक है। यह एक विवादित न्यायाधीश द्वारा की गई दोषपूर्ण, भ्रष्ट सुनवाई थी।

उन्होंने कहा, असली फैसला पांच नवंबर को लोग सुनाएंगे। वे जानते हैं कि यहां क्या हुआ और हर कोई जानता है कि यहां क्या हुआ।

उन्होंने कहा, मैं निर्दोष हूं। मैं अपने देश के लिए लड़ रहा हूं। मैं अपने संविधान के लिए लड़ रहा हूं। हमारे पूरे देश में इस समय धांधली हो रही है।

ट्रंप ने आरोप लगाया कि बाइडन प्रशासन ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसा किया है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह शर्मनाक हैं और इसके खिलाफ हम लड़ते रहेंगे। हम अंत तक लड़ेंगे और हम जीतेंगे क्योंकि हमारा देश नरक में चला गया है।

बाइडन के चुनाव प्रचार अभियान ने जूरी के फैसले का स्वागत किया। बाइडेन-हैरिस 2024 कम्युनिकेशंस के निदेशक माइकल टायलर ने कहा, हमने आज न्यूयॉर्क में देखा कि कानून से ऊपर कोई भी नहीं है।

ट्रंप द्वारा पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को धन दिए जाने का यह मामला 2016 का है। उस समय ट्रंप के पॉर्न स्टार के साथ संबंध होने की बातें सामने आई थीं और आरोप है कि उन्होंने इसे छिपाने के लिए स्टॉर्मी को एक लाख 30 हजार डॉलर का भुगतान किया था।

पूर्व राष्ट्रपति की कंपनी ने यह धन उनके वकील माइकल कोहेन को दिया था जिन्होंने ट्रंप की ओर से पॉर्न स्टार को इसका भुगतान किया।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 00:34:00 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मेजर राधिका सेन को &amp;apos;मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड&amp;apos;, गुटेरस ने बताया ‘रोल मॉडल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मजर-रधक-सन-क-मलटर-जडर-एडवकट-ऑफ-द-ईयर-अवरड-गटरस-न-बतय-रल-मडल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मजर-रधक-सन-क-मलटर-जडर-एडवकट-ऑफ-द-ईयर-अवरड-गटरस-न-बतय-रल-मडल</guid>
        <description>संयुक्त राष्ट्र, 30 मई । संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को भारतीय सेना की मेजर राधिका सेन को मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड प्रदान करते हुए उन्हें सच्चा नेता और रोल मॉडल कहा। गुटेरेस ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (एमओएनयूएससीओ) में संगठन स्थिरीकरण मिशन में शांति रक्षक के रूप में उनके काम के बारे में कहा, उनकी सेवा संयुक्त राष्ट्र के लिए एक सच्चा श्रेय है। भारतीय सेना के एक चिकित्सक, नायक धनंजय कुमार सिंह, जो पिछले साल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इसी मिशन में सेवा करते हुए शहीद हो गए थे, को समारोह के दौरान डैग हैमरशॉल्ड पदक से सम्मानित किया गया।

गुटेरेस ने कहा, सशस्त्र समूहों द्वारा युद्ध के लिए आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करने, डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने के बावजूद हमारे शांति रक्षक डटे हुए हैं। इस अवसर पर मेजर सेन ने कहा कि वह एमओएनयूएससीओ में अपने सम्मानित सहयोगियों और अपने देश भारत की ओर से यह पुरस्कार प्राप्त करके बहुत सम्मानित और विनम्र महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा, यह पुरस्कार मेरे लिए विशेष है, क्योंकि यह एमओएनयूएससीओ के चुनौतीपूर्ण वातावरण में काम करने वाले सभी शांति सैनिकों द्वारा की गई कड़ी मेहनत को मान्यता देता है। समारोह में दिखाए गए अपने काम के एक वीडियो में सेन ने कहा, महिलाओं और युवा लड़कियों को यह कहते हुए देखना मेरे लिए बहुत ही सुखद है कि वे एक महिला सैनिक को पुरुष और महिला दोनों सैनिकों की टीम का नेतृत्व करते हुए देखकर बहुत खुश और सशक्त महसूस करती हैं।

डीआरसी में शांति रक्षक के रूप में सेन के काम को याद करते हुए गुटेरेस ने कहा कि भारतीय दल के प्लाटून के कमांडर के रूप में, सेन ने उत्तरी किवु में बढ़ते संघर्ष के माहौल में अनगिनत बार अपनी इकाई का नेतृत्व किया। गुटेरेस ने कहा, विनम्रता, करुणा और समर्पण के साथ उनके नेतृत्व में, सैनिकों ने संघर्ष प्रभावित समुदायों, जिसमें महिलाएं और लड़कियां भी शामिल थीं, के साथ काम किया और उनका विश्वास जीता। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए अपने विचारों और चिंताओं को शेयर करने के लिए उन्होंने जो सुरक्षित और स्वागत योग्य मंच विकसित किया, उसके कारण मोनुस्को उनकी जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकी।

गुटेरेस ने कहा कि अपने सैन्य कर्तव्यों के अलावा, सेन ने डीआरसी में महिलाओं के लिए शैक्षिक और व्यावसायिक प्रयास भी किए। सेन ने कहा, हमें महिलाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा से लेकर लैंगिक समानता, महिलाओं के रोजगार और संघर्ष में यौन हिंसा से निपटने के साथ-साथ विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों पर बातचीत करने के साथ-साथ समुदायों के साथ जुड़ने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, महिलाएं और लड़कियां संघर्षों में असमान रूप से प्रभावित होती हैं, उन्हें दुर्व्यवहार का अधिक जोखिम होता है, समय की मांग है कि महिलाओं को राष्ट्र निर्माण में मुख्यधारा में लाया जाए। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने देश और उनके परिवार की ओर से धनंजय कुमार सिंह का डैग हैमरस्कॉल्ड मेडल प्राप्त किया। धनजंय सिंह आर्मी मेडिकल कोर से संबंधित थे।

उन्होंने एमओएनयूएससीओ के साथ नर्सिंग सहायक के रूप में काम किया। सेन को 2023 में भारतीय रैपिड डिप्लॉयमेंट बटालियन के साथ एंगेजमेंट प्लाटून कमांडर के रूप में एमओएनयूएससीओ में नियुक्त किया गया था। उन्होंने अप्रैल 2024 में अपना कार्यकाल पूरा किया। सेन मेजर सुमन गवानी के बाद यह सम्मान पाने वाली दूसरी भारतीय शांतिरक्षक हैं। उन्होंने दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ काम किया और 2019 में यह पुरस्कार प्राप्त किया। संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में 6,063 भारतीय कर्मियों में से 1,954 एमओएनयूएससीओ के साथ काम करते हैं। इनमेें 32 महिलाएं शामिल हैं। मेजर सेन को पुरस्कार मिलने पर भारतीय सेना ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, भारतीय सेना मेजर राधिका सेन को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव श्री एंटोनियो गुटेरेस द्वारा कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर बधाई देती है। उनका समर्पण और साहस एक बेहतर दुनिया के निर्माण में योगदान देने में महिला शांति सैनिकों की अमूल्य भूमिका को उजागर करता है। वह वास्तव में दुनिया भर में भारतीय शांति सैनिकों की प्रतिबद्धता और करुणा के चरित्र को दर्शाती हैं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 00:33:59 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पोर्न स्टार को चोरी छुपे पैसे देने के आरोप में अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोषी करार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/परन-सटर-क-चर-छप-पस-दन-क-आरप-म-अमरक-परव-रषटरपत-डनलड-टरप-दष-करर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/परन-सटर-क-चर-छप-पस-दन-क-आरप-म-अमरक-परव-रषटरपत-डनलड-टरप-दष-करर</guid>
        <description>न्यूयॉर्क, 31 मई । अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रचार के बीच एक ऐतिहासिक फैसले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है। गुरुवार को 12 जूरी ने फैसला सुनाया। ट्रंप को एक पोर्न स्टार को चोरी छुपे पैसे देने के मामले में दोषी ठहराया गया। पोर्न स्टार ने आरोप लगाया था कि उनके बीच यौन संबंध थे। हालांकि, अमेरिकी कानून उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने या निर्वाचित होने से नहीं रोकता।

उनके खिलाफ लंबित चार आपराधिक मामलों में से यह पहला मामला है, जिसका फैसला आया है और अन्य मामलों में देरी हो सकती है। ट्रंप पर आरोप था कि उन्होंने पोर्न स्टार को चुप रहने के लिए पैसे दिए और इसके लिए अपने व्यापारिक रिकॉर्ड में हेराफेरी की। उन्होंने वकील माइकल कोहेन को दिए गए कानूनी खर्च के रूप में इस पैसे को दिखाया, जो न्यूयॉर्क राज्य के कानून के तहत एक अपराध है। उन्हें 34 आरोपों में से प्रत्येक के लिए जुर्माने से लेकर चार साल तक की जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है। अगर उन्हें जेल की सजा सुनाई जाती है, तो भी वे बाहर रह सकते हैं और हाई कोर्ट में अपील कर सकते हैं।

अदालत से बाहर निकलते हुए ट्रंप ने कहा, यह धांधली वाला मुकदमा था। यह अभी खत्म नहीं हुआ है। ट्रंप को 11 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी, जो रिपब्लिकन पार्टी कन्वेंशन से ठीक चार दिन पहले है। इसमें उन्हें औपचारिक रूप से राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया जायेगा। ट्रंप ने कहा कि असली फैसला नवंबर में होगा, जब राष्ट्रपति चुनाव होंगे। अमेरिकी पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग सर्विस द्वारा प्रायोजित एक सर्वे से पता चला कि 67 प्रतिशत मतदाताओं ने कहा कि उनकी सजा उनके वोट को प्रभावित नहीं करेगी। ट्रंप और बाइडेन सर्वे में बराबर पर चल रहे हैं। बाइडेन अभियान के प्रवक्ता माइकल टायलर ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप को ओवल ऑफिस से बाहर रखने का केवल एक ही तरीका है -- चुनाव में हराना।

ट्रंप राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार होंगे। प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन, जो रिपब्लिकन हैं, ने कहा, आज अमेरिकी इतिहास का एक शर्मनाक दिन है। उन्होंने कहा, बाइडेन प्रशासन ने न्याय प्रणाली को हथियार बना लिया है, और आज का निर्णय इस बात का एक और सबूत है कि डेमोक्रेट असहमति को दबाने और अपने राजनीतिक विरोधियों को कुचलने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करना एक गैर-आपराधिक मामूली अपराध है, लेकिन डेमोक्रेट एल्विन ब्रैग ने इसे एक गंभीर अपराध में बदल दिया। मुकदमे के दौरान कोर्ट में काफी ड्रामा हुआ जिसमें सेक्स से सम्बंधित बातें भी शामिल थीं कि पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स ने गवाह के तौर पर सब के सामने कैसे सब कुछ बताया। ट्रंप के पूर्व वकील और फिक्सर कोहेन ट्रम्प से अलग होने के बाद अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाह बन गए।

उन्होंने अदालत में कहा कि उन्होंने ट्रंप से 30,000 डॉलर चुराए थे और शपथ के तहत झूठ बोलने की बात स्वीकार की थी। ट्रंप के वकीलों ने उनकी विश्वसनीयता को कम करने के लिए जूरी के सामने इस बात को जोर-शोर से पेश किया लेकिन इसका कुछ खास असर नहीं हुआ। अगर ट्रंप को जेल की सजा मिलती है और उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया जाता है और जेल भेजने का आदेश दिया जाता है, तो उनके साथ सीक्रेट सर्विस एजेंट भी होंगे, क्योंकि कानून के अनुसार उन्हें जेल में भी सुरक्षा मिलेगी। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 00:33:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका, ब्रिटेन ने संयुक्त कार्रवाई में यमन में हूती ठिकानों को बनाया निशाना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-बरटन-न-सयकत-कररवई-म-यमन-म-हत-ठकन-क-बनय-नशन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-बरटन-न-सयकत-कररवई-म-यमन-म-हत-ठकन-क-बनय-नशन</guid>
        <description>लंदन, 31 मई । अमेरिका और ब्रिटेन की सेनाओं ने एक संयुक्त ऑपरेशन में यमन में हूती ठिकानों को निशाना बनाया है। इस साल जनवरी से यमन में यह उनका पांचवां साझा ऑपरेशन है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि लाल सागर और अदन की खाड़ी में अंतर्राष्ट्रीय जहाजों पर हूती हमलों के जवाब में गुरुवार को हूती ठिकानों पर हमले किये गये। मंत्रालय ने बताया कि खुफिया सूचना में अल हुदायदा के पास दो स्थानों के बारे में पुष्टि की गई थी कि उनका इस्तेमाल जहाजों पर हमलों में किया गया था। इन इमारतों के बारे में बताया गया था कि वहां हमलों में इस्तेमाल किये गये ड्रोन के ग्राउंड कंट्रोल यूनिट हैं और लंबी दूरी तक जाने में सक्षम ड्रोन के स्टोरेज की सुविधा है।

माना जा रहा है कि अंतर्राष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा के लिए किये जाने वाले संयुक्त ऑपरेशन के खिलाफ लड़ाई के लिए वहां जमीन से हवा में मार करने वाले हथियार भी थे। इसके अलावा, यमन के तट से दक्षिण में गुलयफिका में भी हूती ठिकानों की पहचान की गई थी जिनका इस्तेमाल समूह जहाजों पर हमलों के लिए कमांड एंड कंट्रोल के रूप में कर रहा था। रॉयल एयर फोर्स के टाइफून एफजीआर4 विमानों ने तीन स्थानों पर लक्षित इमारतों पर पेववे आईवी गाइडेड बम गिराये।

मंत्रालय ने कहा कि हमलों की योजना बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया था कि किसी नागरिक या असैन्य ढांचे को नुकसान न हो। हूती के अल मसीरा सेटेलाइट न्यूज के अनुसार, एक हमले में दो लोग मारे गये और 10 अन्य घायल हो गये। ब्रिटेन और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में इस साल 12 जनवरी से यह हूती ठिकानों पर पांचवां हमला है। हूतियों ने हाल के महीनों में लाल सागर और अदन की खाड़ी में मालवाहक जहाजों पर हमले बढ़ा दिए हैं। वे गाजा में इजरायली हमले बंद करने की मांग कर रहे हैं जिसमें 36 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है। पिछले साल सात अक्टूबर को हमास के इजरायल में अचानक किये गये हमले में 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद इजरायल ने गाजा में सैन्य कार्रवाई शुरू की है। अमेरिकी समुद्री प्रशासन के अनुसार, नवंबर 2023 से अबतक हूतियों ने 50 जहाजों पर हमले किये हैं, एक जहाज को डुबो दिया है और एक पर कब्जा कर लिया है। हूतियों के डर के कारण लाल सागर और अदन की खाड़ी से जहाजों के परिवहन में कमी आई है। -(आईएएनएस/डीपीए)</description>
        <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 00:33:56 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रफा क्रॉसिंग खोलने के लिए इजरायल के साथ सहमति से मिस्र का इनकार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रफ-करसग-खलन-क-लए-इजरयल-क-सथ-सहमत-स-मसर-क-इनकर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रफ-करसग-खलन-क-लए-इजरयल-क-सथ-सहमत-स-मसर-क-इनकर</guid>
        <description>काहिरा, 31 मई । मिस्र ने रफा क्रॉसिंग को फिर से खोलने के लिए इजरायल के साथ किसी भी सहमति से इनकार किया है। इस महीने की शुरुआत में इजरायल ने गाजा के हिस्से वाली रफा क्रॉसिंग पर नियंत्रण हासिल कर लिया था। यह इलाका मिस्र से भी लगा हुआ है। इसके कारण तटीय क्षेत्र की बड़ी जनसंख्या तक मदद नहीं पहुंच सकी। मिस्र के सरकारी अल-काहिरा न्यूज टीवी ने शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय सूत्र के हवाले से बताया, क्रॉसिंग को दोबारा खोलने के लिए मिस्र-इजरायल समझौते के बारे में मीडिया रिपोर्टों में कोई सच्चाई नहीं है।

सूत्रों ने कहा, मिस्र अपना काम फिर से शुरू करने के लिए एक शर्त के रूप में क्रॉसिंग से इजरायल की पूरी वापसी पर जोर दे रहा है। रफा क्रॉसिंग के बंद होने के बाद से मिस्र ने संकेत दिया कि वह रफा के माध्यम से सहायता परिवहन का समन्वय तब तक नहीं करेगा, जब तक कि इजरायली सेनाएं वापस नहीं लौट जातीं। मिस्र 1979 में इजरायल के साथ शांति संधि पर हस्ताक्षर करने वाला पहला अरब देश था। लेकिन, गाजा में चल रहे सैन्य अभियान ने अरब दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले देश में इजरायल विरोधी भावना को भड़का दिया। इसने दशकों पुराने संबंधों में तनाव पैदा कर दिया है। --(आईएएनएस/डीपीए)</description>
        <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 00:33:55 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>निमहांस को 2024 के लिए डब्ल्यूएचओ का नेल्सन मंडेला स्वास्थ्य संवर्धन पुरस्कार मिला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नमहस-क-2024-क-लए-डबलयएचओ-क-नलसन-मडल-सवसथय-सवरधन-परसकर-मल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नमहस-क-2024-क-लए-डबलयएचओ-क-नलसन-मडल-सवसथय-सवरधन-परसकर-मल</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 31 मई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान संस्थान (निमहांस) को 2024 के नेल्सन मंडेला स्वास्थ्य संवर्धन पुरस्कार से सम्मानित किया है।

निमहांस केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय महत्व का एक संस्थान है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2019 में नेल्सन मंडेला स्वास्थ्य संवर्धन पुरस्कार शुरू किया था जो ऐसे व्यक्तियों, संस्थानों और/या सरकारी अथवा गैर सरकारी संगठनों को एक मान्यता प्रदान करता है जिसने स्वास्थ्य संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने यह पुरस्कार मिलने पर बेंगलुरु के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान संस्थान को बधाई दी है और कहा कि यह समावेशी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में भारत के प्रयासों की मान्यता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्र ने भी निमहांस को बधाई दी तथा मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के प्रयासों एवं अग्रणी कार्य को मान्यता मिलने पर अपनी खुशी प्रकट की।

निमहांस की निदेशक डॉ. प्रतिमा मूर्ति ने कहा,  हम संस्थानिक यात्रा के इस पड़ाव पर यह प्रतिष्ठित नेल्सन मंडेला स्वास्थ्य सवंर्धन पुरस्कार पाकर बहुत गौरवान्वित हैं।

उन्होंने कहा,  यह पुरस्कार न केवल हमारी पिछली और वर्तमान उपलब्धियों की मान्यता है, बल्कि उस स्थायी विरासत और दृष्टि की भी पुष्टि है जिसने निमहांस का उसकी स्थापना के बाद से ही मार्गदर्शन किया है। यह मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के हमारे मिशन को जारी रखने के हमारे संकल्प को मजबूत करता है, जिससे हम जिन लोगों की सेवा करते हैं उनके जीवन में एक ठोस बदलाव ला सकते हैं।(भाषा)</description>
        <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 00:33:54 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सीरिया में तुर्किये के ड्रोन हमले में अमेरिका समर्थित चार लड़ाके मारे गये : कुर्द समूह</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सरय-म-तरकय-क-डरन-हमल-म-अमरक-समरथत-चर-लडक-मर-गय-करद-समह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सरय-म-तरकय-क-डरन-हमल-म-अमरक-समरथत-चर-लडक-मर-गय-करद-समह</guid>
        <description>कामिशली (सीरिया), 1 जून। उत्तरी सीरिया में शुक्रवार शाम को तुर्किये के ड्रोन हमले अमेरिका समर्थित चार लड़ाके मारे गये जबकि 11 नागरिक घायल हो गये। कुर्द की अगुवाई वाले बल ने यह जानकारी दी।

अमेरिका समर्थित एवं कुर्द की अगुवाई वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) पर इस हमले से एक दिन पहले ही तुर्किये के राष्ट्रपति ने कहा था कि कुर्द की अगुवाई वाले समूह यदि स्थानीय चुनाव कराने की अपनी योजना पर आगे बढ़ते हैं तो उनकी सरकार उन पर कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगी । तुर्किये की सरकार का आरोप है कि इन समूहों का तुर्किये में प्रतिबंधित कुर्द उग्रवादियों के साथ संबंध है।

एसडीएफ ने कहा कि ड्रोन ने कामिशली और उसके आसपास उसके परिसरों तथा आम लोगों के मकानों एवं वाहनों पर आठ बार प्रहार किया। उत्तरी सीरिया में तुर्किये के ऐसे हमले असामान्य नहीं हैं।

कुर्दिश रेड क्रीसेंट ने कहा कि जब उसके अर्धचिकित्साकर्मी हमले वाले क्षेत्रों में पहुंचने की कोशिश कर रहे थे तब भी तुर्किये ने उसकी एक एंबुलेंस को निशाना बनाया। उसने कहा कि यह हमला कामिशली के पश्चिम अमौदा शहर के समीप हुआ।

अभी तुर्किये की ओर से तत्काल कोई बयान नहीं आया है।

सीरिया के उत्तरी एवं पूर्वी हिस्सों पर काबिज कुर्द के नेतृत्व वाले स्वायत्त प्रशासन ने 11 जून को निगम चुनाव कराने की घोषणा की है।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 00:33:49 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नियोक्ता विविधता, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय कदम उठा रहे हैं: रिपोर्ट</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नयकत-ववधत-लगक-समनत-क-बढव-दन-क-लए-सकरय-कदम-उठ-रह-ह-रपरट</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नयकत-ववधत-लगक-समनत-क-बढव-दन-क-लए-सकरय-कदम-उठ-रह-ह-रपरट</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 28 मई । भारत में नियोक्ताओं का बड़ा वर्ग प्रगतिशील नीतियों, कौशल उन्नयन और लचीलेपन के जरिए विविधता तथा लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई।

मैनपावरग्रुप इंडिया द्वारा किए गए नए सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में 54 प्रतिशत नियोक्ताओं ने उनकी कंपनी की विविधता, समानता, समावेशन तथा संबद्धता (डीईआईबी) पहल पर विश्वास जाहिर किया कि और कहा कि वे विभिन्न स्तरों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के रास्ते पर हैं। यह वैश्विक औसत 46 प्रतिशत से कहीं अधिक है।

यह सर्वेक्षण 3,150 भारतीय नियोक्ताओं के बीच किया गया। इसमें पाया गया कि विविध प्रतिभा को बनाए रखने में मदद करने के लिए आंतरिक नेतृत्व विकास कार्यक्रम सबसे प्रभावी हैं।

क्षेत्र-वार बात करें तो, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र अपने विविधता अनुपात को मजबूत करने में अग्रणी है। इसके बाद स्वास्थ्य देखभाल और जीवन विज्ञान क्षेत्र तथा वित्तीय व रियल एस्टेट क्षेत्र हैं। हालांकि उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं के क्षेत्र को अभी लंबा रास्ता तय करना है।

मैनपावरग्रुप के प्रबंध निदेशक (भारत और पश्चिम एशिया) संदीप गुलाटी ने कहा,  भारत की लैंगिक विविधता दुनिया भर में सर्वश्रेष्ठ में से एक है। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को तेज गति से बढ़ते देखना उत्साहजनक है। संगठनों ने सभी क्षेत्रों में हर स्तर पर महिलाओं को नियुक्त करना अनिवार्य करके अपनी नियुक्ति रणनीतियों में बदलाव किया है।

सर्वेक्षण में 80 प्रतिशत नियोक्ताओं ने कहा कि प्रौद्योगिकी लचीलापन बढ़ाती है और लैंगिक समानता को बढ़ावा देती है। 77 प्रतिशत ने कहा कि प्रौद्योगिकी प्रगति ने इस उद्देश्य का समर्थन किया है।

गुलाटी ने विश्वास व्यक्त किया, यदि अधिक से अधिक महिलाओं को श्रम बल में जोड़ा जाए तो भारत बेहद तेज वृद्धि दर से आगे बढ़ने की क्षमता रखता है।

मैनपावरग्रुप एम्प्लॉयमेंट आउटलुक सर्वे के नवीनतम संस्करण में, भारत के 3,150 नियोक्ताओं से उनकी विविधता योजनाओं, प्रगति व इरादों, विविध प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और लैंगिक अंतर को पाटने के बारे में पूछा गया था।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 29 May 2024 00:37:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल में हमास के हमले के लिए ईरान, चीन व रूस जिम्मेदार : निक्की हेली</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-म-हमस-क-हमल-क-लए-ईरन-चन-व-रस-जममदर-नकक-हल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-म-हमस-क-हमल-क-लए-ईरन-चन-व-रस-जममदर-नकक-हल</guid>
        <description>तेल अवीव, 28 मई । अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी की नेता और संयुक्त राष्ट्र में पूर्व अमेरिकी दूत निक्की हेली ने पिछले साल सात अक्टूबर को दक्षिणी इजराइल में हमास के हमले के लिए ईरान, चीन और रूस को जिम्मेदार ठहराया है। हमले में 1,200 लोग मारे गए थे और 250 को बंधक बना लिया गया था। इजराइल के दौरे पर गईं निक्की हेली ने सोमवार को एक बयान में कहा कि ईरान ने रूसी खुफिया जानकारी के आधार पर हमले की साजिश रची। चीन ने पूरे ऑपरेशन को आर्थिक मदद पहुंचाई। निक्की हेली ने कहा, वे सभी हत्यारे और सहयोगी हैं। हमें ऐसी घटना को दोबारा होनेे से रोकने के लिए खुद के प्रति ईमानदार होगा। उन्होंने यह भी कहा, अगर अमेरिका आत्मसंतुष्ट और अहंकारी हो गया, तो वहां भी यही होगा। हालांकि, निक्की हेली ने घटना में चीन और रूस के शामिल होने का कोई सबूत नहीं दिखाया।

गौरतलब है कि पिछले साल सात अक्टूबर के हमले के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मास्को में हमास नेताओं की मेजबानी की थी। रूसी उप विदेश मंत्री मिखाइल बोगदानोव ने ईरान के उप विदेश मंत्री अली बघेरी कानी के साथ रूस गए हमास नेता मूसा अबू मरजौक, हमास के अंतर्राष्ट्रीय संबंध कार्यालय के प्रमुख और हमास के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बसेम नईम से मुलाकात की थी। रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने दक्षिणी इजराइल का दौरा किया। वह सात अक्टूबर को हमास के हमले में नष्ट सेडेरोट पुलिस स्टेशन भी गईं। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 29 May 2024 00:37:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान: खैबर पख्तूनख्वा में खाई में गिरी जीप, एक ही परिवार के आठ लोगों की हुई मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-खबर-पखतनखव-म-खई-म-गर-जप-एक-ह-परवर-क-आठ-लग-क-हई-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-खबर-पखतनखव-म-खई-म-गर-जप-एक-ह-परवर-क-आठ-लग-क-हई-मत</guid>
        <description>कराची, 28 मई। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक छोटी जीप के सौ फुट गहरी खाई में गिर जाने से चार महिलाओं और तीन बच्चों सहित एक ही परिवार के आठ सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना सोमवार को शांगला जिले में तब हुई जब यह परिवार बेले बाबा में एक रिश्तेदार से मिलने के बाद पगोराई की ओर जा रहा था।

शांगला जिले के पुलिस अधिकारी इमरान खान और रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता रसूल खान शरीफ ने इस दुर्घटना और मृतकों की संख्या की पुष्टि की।

पाकिस्तानी अखबार डॉन में प्रकाशित की गई खबर में शरीफ के हवाले से कहा गया है कि मृतकों में चार महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं और शवों को अलपुरी के जिला मुख्यालय अस्पताल में ले जाया गया है।

उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में परिवार के सात सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चे ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।

पाकिस्तान में बड़ी सड़क दुर्घटनाएं आम है।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रविवार को एक वैन और ट्रक के बीच टक्कर होने से महिलाओं और बच्चों सहित एक ही परिवार के 13 सदस्यों की मौत हो गई थी और नौ अन्य घायल हो गए थे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 29 May 2024 00:37:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नवाज शरीफ छह साल बाद फिर से &amp;apos;निर्विरोध&amp;apos; पीएमएल&amp;एन अध्यक्ष चुने गए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नवज-शरफ-छह-सल-बद-फर-स-नरवरध-पएमएल-एन-अधयकष-चन-गए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नवज-शरफ-छह-सल-बद-फर-स-नरवरध-पएमएल-एन-अधयकष-चन-गए</guid>
        <description>लाहौर, 28 मई। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को मंगलवार को सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। पनामा पेपर्स मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद पद छोड़ने के लिए मजबूर हुए शरीफ छह साल बाद इस पद पर चुने गए हैं।

तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ (74) ब्रिटेन में चार साल के स्व-निर्वासन के बाद पिछले साल अक्टूबर में पाकिस्तान लौटे थे। उन्हें यहां आयोजित पार्टी की आम परिषद की बैठक में अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुना गया।

पीएमएल-एन के चुनाव आयुक्त राणा सनाउल्लाह ने आम परिषद को बताया कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए केवल नवाज को ही नामित किया गया था।

सनाउल्लाह ने अपनी सीटों पर खड़े होकर उनके नामांकन का समर्थन कर रहे आम परिषद के सदस्यों से मंजूरी मांगी। उन्होंने उनके पक्ष में नारे लगाए।

बैठक में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया जिसमें 2017 में नवाज सरकार को गिराने में शामिल लोगों (सेना के शीर्ष अधिकारियों और न्यायाधीशों) के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इस प्रस्ताव में फलस्तीन और कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता भी व्यक्त की गई।

नवाज रिकॉर्ड तीन बार पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने वाले एकमात्र नेता हैं। उन्होंने अपने छोटे भाई और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से पार्टी की बागडोर संभाली है। पनामा पेपर्स से संबंधित भ्रष्टाचार मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के कारण उन्होंने पार्टी अध्यक्ष का पद गंवाना पड़ा था।

नवाज को 2018 में पार्टी अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। उस समय तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश मियां साकिब निसार की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने फैसला सुनाया था कि संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के तहत अयोग्य घोषित किया गया व्यक्ति किसी राजनीतिक पार्टी का प्रमुख नहीं बन सकता। इस फैसले से कुछ महीने पहले ही पनामा पेपर्स से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में नवाज को उच्चतम न्यायालय ने आजीवन अयोग्य घोषित कर दिया था।

इससे पहले दिन में उनकी पार्टी ने आम परिषद की तैयारियों से जुड़ा एक वीडियो जारी कर कहा कि शीर्ष का अपना उचित स्थान लेने के लिए शेर फिर वापस आ रहा है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 29 May 2024 00:37:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका ने कहा&amp; रफ़ाह में इसराइल का ऑपरेशन कोई बड़ा हमला नहीं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-कह-रफह-म-इसरइल-क-ऑपरशन-कई-बड-हमल-नह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-न-कह-रफह-म-इसरइल-क-ऑपरशन-कई-बड-हमल-नह</guid>
        <description>अमेरिका नहीं मानता कि रफ़ाह में इसराइल ने बड़े स्तर पर हमला किया है. ये बात व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा है.

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि रफ़ाह में बड़े स्तर पर हमला करना, जहाँ सैकड़ों-हज़ारों लोग शरण लेकर रह रहे हैं, सीमा रेखा पार करने जैसा होगा.

किर्बी से रविवार को रफ़ाह में शरण लेकर रह रहे लोगों के टेन्टों पर इसराइली हवाई हमले को लेकर भी सवाल पूछा गया और जिसमें कम से कम 45 फ़लस्तीनी मारे गए थे.

किर्बी ने पत्रकारों से कहा कि रविवार को हुए हवाई हमले, जिसमें मरने वाले ज्यादातर बच्चे, महिलाएं और बुज़ुर्ग थे वो भयानक घटना है.

उन्होंने कहा, किसी भी बेगुनाह की जान नहीं जानी चाहिए.

इसराइल का कहना है कि ये संभव है कि शरणार्थी टेन्टों में आग इसलिए लगी क्योंकि आसपास की जगहों में हमास ने हथियारों को स्टोर करके रखा था, जिसमें आग लग गई.

किर्बी ने कहा, हमें अब भी लगता है कि रफ़ाह में बड़े पैमाने पर ग्राउंड ऑपरेशन की ज़रूरत है और हमने अब तक यहाँ बड़े स्तर पर ऑपरेशन देखा भी नहीं है.

जब किर्बी से पूछा गया कि क्यों मौजूदा ऑपरेशन को अमेरिका पूरी तरह बड़े स्तर पर किया हुआ हमला नहीं मानता है. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति यहां परिभाषा को बदलने की अपनी ओर से कोई कोशिश नहीं कर रहे. ना ही हथकंडा चलाया जा रहा है.

उन्होंने कहा, हमने उन्हें रफ़ाह में घुसकर सब कुछ तबाह करते नहीं देखा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 29 May 2024 00:37:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रफ़ाह में इसराइल के सैन्य अभियान को चीन ने &amp;apos;गंभीर चिंता का विषय&amp;apos; बताया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रफह-म-इसरइल-क-सनय-अभयन-क-चन-न-गभर-चत-क-वषय-बतय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रफह-म-इसरइल-क-सनय-अभयन-क-चन-न-गभर-चत-क-वषय-बतय</guid>
        <description>ग़ज़ा के रफ़ाह में इसराइल के सैन्य अभियान को चीन ने गंभीर चिंता का विषय बताया है.

चीन ने इसराइल से रफ़ाह में हमले रोकने की अपील की है.

रविवार को इसराइल ने रफ़ाह में विस्थापित फ़लस्तीनियों के कैंप पर हवाई हमला किया. इस हमले में 45 फ़लस्तीनियों की मौत हो गई.

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक़ चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, रफ़ाह में इसराइल का सैन्य अभियान गंभीर चिंता का विषय है.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनी गुटेरेस ने भी कहा, हमले से उन मासूमों की जान गई है जो सिर्फ बचने के लिए ठिकाना तलाश रहे थे.

अमरेका ने भी रफ़ाह में किए गए हमले को दर्दनाक बताया है. लेकिन अमेरिका ने यह भी कहा है कि इसराइल के पास अपनी सुरक्षा करने का अधिकार है.

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी रविवार को रफ़ाह में किए हमले को दुखद दुर्घटना बताया है.

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ सात अक्टूबर के बाद से इसराइल के हमलों से 35 हज़ार से ज्यादा फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 29 May 2024 00:37:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>सिंगापुर : जहरीली गैस से जान गंवाने वाले भारतीय का शव गृहनगर भेजा गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/सगपर-जहरल-गस-स-जन-गवन-वल-भरतय-क-शव-गहनगर-भज-गय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/सगपर-जहरल-गस-स-जन-गवन-वल-भरतय-क-शव-गहनगर-भज-गय</guid>
        <description>सिंगापुर, 29 मई। सिंगापुर में जहरीली गैस से जान गंवाने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति का शव अंतिम संस्कार के लिए भारत में उसके गृहनगर भेजा गया है।

सुपरसोनिक मेंटेनेंस सर्विसेज में सफाई संचालन प्रबंधक पद पर कार्यरत 40 वर्षीय श्रीनिवासन शिवरामन की 23 मई को राष्ट्रीय जल एजेंसी पीयूबी के चोआ चू कांग वाटरवर्क्स में एक टैंक में सफाई करते समय जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई थी।

शिवरामन और दो मलेशियाई कर्मचारियों को पूर्वाह्न करीब सवा 11 बजे टैंक में बेहोश पाया गया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां कुछ देर बाद शिवरामन की मौत हो गई। मलेशियाई मजदूर अभी भी गहन देखभाल में हैं।

पीयूबी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि मजदूर हाइड्रोजन सल्फाइड गैस की चपेट में आ गये थे। यह गैस जल शोधन प्रक्रिया के दौरान निकलती है।

द स्ट्रेट्स टाइम्स और तमिल भाषा के दैनिक समाचारपत्र तमिल मुरासु की खबर के मुताबिक शिवरामन के शव को 26 मई को परिवार और मित्रों को सौंप दिया गया था और 28 मई को शव को भारत भेजा गया।

घटना के वक्त शिवरामन का परिवार गर्मियों की छुट्टियों में सिंगापुर आया हुआ था। शिवरामन तमिलनाडु के तंजावुर जिले के कंबरनाथम गांव का रहने वाला था।

परिवार, दोस्तों और सहयोगियों सहित करीब 50 लोगों ने 26 मई को शोकसभा में शिवरामन को अंतिम श्रद्धांजलि दी थी।(भाषा)</description>
        <pubDate>Wed, 29 May 2024 00:37:10 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रफा में इजरायली बमबारी में 40 की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रफ-म-इजरयल-बमबर-म-40-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रफ-म-इजरयल-बमबर-म-40-क-मत</guid>
        <description>गाजा, 27 मई । गाजा पट्टी के सबसे दक्षिणी शहर रफा में इजरायल ने जबरदस्त बमबारी की है जिसमें कम से कम 40 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। फिलिस्तीनी मीडिया की ओर से ये जानकारी सामने आई है। रफा में हजारों फिलिस्तीनी शरणार्थी टेंट में संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी के गोदामों के पास रह रहे हैं, जहां इजरायली सेना ने रविवार को लगभग आठ रॉकेट दागे। स्थानीय सूत्रों ने सिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया कि यह विस्थापित परिवारों की घनी आबादी वाले इलाके पर एक अभूतपूर्व इजरायली हवाई हमला था, जिसमें प्लास्टिक और टिन से बने तंबू और साथ ही नागरिक वाहन भी नष्ट हो गए।

फेसबुक पर प्रसारित वीडियो क्लिप में दिखाया गया है कि क्षेत्र में आग की लपटें तेजी से उठ रही हैं और आग ने तंबुओं को अपनी चपेट में ले लिया। सूत्रों ने बताया कि नागरिक सुरक्षा और एम्बुलेंस कर्मचारियों को शवों को निकालने में काफी मशक्क्त करनी पड़ी। फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने सिन्हुआ को बताया कि इस क्षेत्र को हमले से पहले इजरायली सेना ने सुरक्षित क्षेत्र बताया था। रविवार रात जारी एक बयान में, हमास ने बमबारी की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के फैसले की पूर्ण अवज्ञा और अवहेलना बताया।

आईसीजे ने इजरायल से रफा में आक्रमण रोकने की मांग की थी। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने एक बयान में कहा कि आईडीएफ विमान ने रफा में हमास परिसर पर हमला किया, जहां हमास आतंकवादी थे। इसमें कहा गया है, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर हमला किया गया। इससे पहले 7 मई को, इजरायली सेना ने घोषणा की थी कि उसने मिस्र की सीमा पर गाजा पट्टी के दक्षिण में रफा के पूर्वी क्षेत्र में स्थित क्रॉसिंग के फिलिस्तीनी हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है, जिसके चलते गाजा में प्रवेश करने वाली सहायता रोक दी गई है। इजरायल रफा को हमास का आखिरी गढ़ मानता है, जिसने 2007 से गाजा पट्टी को नियंत्रित किया हुआ है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 28 May 2024 00:21:58 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका के तीन राज्यों में बवंडर से तबाही का मंजर, 11 की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-तन-रजय-म-बवडर-स-तबह-क-मजर-11-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-क-तन-रजय-म-बवडर-स-तबह-क-मजर-11-क-मत</guid>
        <description>वाशिंगटन, 27 मई । अमेरिका के टेक्सास, ओक्लाहोमा और अर्कांसस राज्यों में बवंडर के कहर से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। बवंडर के कारण कई इमारतें, बिजली और गैस लाइनें और एक ईंधन स्टेशन नष्ट हो गया, जहां कई लोग शरण लिए हुए थे। खबरों में रविवार को यह जानकारी दी गई। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार रात (स्थानीय समय) उन राज्यों में भयंकर तूफान आया, जहां तापमान बहुत अधिक चल रहा है।

टेक्सास का कुक काउंटी, डलास के उत्तर में और डेंटन काउंटी सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से हैं, जहां सात लोगों की मौत हो गई। कुक काउंटी के शेरिफ रे सैपिंगटन ने स्थानीय मीडिया को बताया कि अधिकारियों को मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि इस बीच खोज एवं बचाव अभियान जारी है और उन्हें जीवित बचे लोगों के मिलने की उम्मीद है। स्थानीय मीडिया पर फुटेज में दिखाया गया है कि एक ईंधन स्टेशन लगभग पूरी तरह से नष्ट हो गया है, जिसमें धातु मुड़ गई है और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बीबीसी ने स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण का हवाला देते हुए बताया कि ओक्लाहोमा में मेयस काउंटी में दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अर्कांसस में दो लोगों की मौत की सूचना मिली है, जिसमें एक महिला भी शामिल है, जो अपने टूटे हुए घर में मृत पाई गई थी।

अर्कांसस के रोजर्स शहर के पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने कई लोगों को बचाया है जो बवंडर के कारण पेड़ और बिजली की लाइनें गिरने और गैस आपूर्ति लाइनों के क्षतिग्रस्त होने के बाद फंस गए थे। बवंडर ने पूरे टेक्सास में सतही यातायात को भी प्रभावित किया, जिससे लॉरियां पलट गईं और प्रमुख राजमार्ग बंद हो गए, जबकि कई खंभे उखड़ गए, जिससे बिजली आपूर्ति बंद हो गई। अधिकारियों ने कहा कि सेवाएं बहाल करने में कई दिन लग सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तीन राज्यों में तबाही के बाद रविवार को मिसौरी, इलिनोइस, केंटकी, ओहियो और टेनेसी के कुछ हिस्सों में खराब मौसम के कारण खतरे की चेतावनी दी गई। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Tue, 28 May 2024 00:21:57 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अचानक स्पेन पहुंचे ज़ेलेंस्की, पश्चिमी देशों से रूस पर दबाव बनाने की अपील की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अचनक-सपन-पहच-जलसक-पशचम-दश-स-रस-पर-दबव-बनन-क-अपल-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अचनक-सपन-पहच-जलसक-पशचम-दश-स-रस-पर-दबव-बनन-क-अपल-क</guid>
        <description>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी देशों के नेताओं से अपील की है कि वो रूस पर शांति कायम करने के लिए दबाव डालें.

स्पेन पहुंचे ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस का इरादा यूक्रेन को बर्बाद करने का है और उसे रोकने के लिए दबाव बनाने की ज़रूरत है.

हालांकि यूक्रेनी राष्ट्रपति बहुत पहले ही कह चुके हैं किवो रूस के साथ तब तक सीधे तौर पर समझौता नहीं करेंगे जब तक रूसी सेना यूक्रेन की धरती से चली नहीं जाती है.

रूस यूक्रेन में शांति कायम करने के लिए अगले महीने स्विट्ज़रलैंड में एक शिखर सम्मेलन होने वाला है, जिसमें 90 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.

ज़ेलेंस्की ने इस सम्मेलन में रूस को आमंत्रित करने का विरोध किया.

रूस ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से कहा था कि वो शांति वार्ता के लिए तैयार है लेकिन उसके नियंत्रण में यूक्रेनी ज़मीन पर उसी का कब्ज़ा रहेगा.

यूक्रेन इस वक्त पश्चिमी देशों से हथियारों की सप्लाई की कमी से जूझ रहा है. रूस ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ जंग में बढ़त भी बनाई हुई है.

रूस ने कहा है कि वो हर महीने यूक्रेन पर करीब 3200 बम गिरा रहा है.

स्पेन में ज़ेलेंस्की ने कहा, आप इसके साथ कैसे लड़ाई लड़ेंगे. ज़ेलेंस्की स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज से मुलाकात करने पहुंचे हैं.

रूस और यूक्रेन के बीच ढाई साल से जंग चल रही है.

अमेरिका ने हाल ही में यूक्रेन की मदद करने के लिए 61 अरब डॉलर की सैन्य मदद करने का एलान भी किया था और उसके तहत हथियारों की आपूर्ति की जा रही है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 28 May 2024 00:21:52 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रफ़ाह में इसराइली हमले के बाद ब्रसेल्स में सऊदी अरब और नॉर्वे के विदेश मंत्री मिले</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रफह-म-इसरइल-हमल-क-बद-बरसलस-म-सऊद-अरब-और-नरव-क-वदश-मतर-मल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रफह-म-इसरइल-हमल-क-बद-बरसलस-म-सऊद-अरब-और-नरव-क-वदश-मतर-मल</guid>
        <description>रफ़ाह में इसराइली हमले के बाद सऊदी अरब और नॉर्वे के विदेश मंत्रियों ने बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में बैठक की.

इस दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने चर्चा की कि कैसे ग़ज़ा में युद्ध को तुरंत रोकने की ज़रूरत है और दो राष्ट्र समाधान तक पहुंचने के लिए बाक़ी देशों की ओर से क्या व्यावहारिक क़दम उठाए जा सकते हैं.

बैठक में सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान अल-सऊद और नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईड के साथ ही अल्ज़ीरिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, मिस्र, फ़िनलैंड, फ़्रांस, जर्मनी, ग्रीस, इंडोनेशिया, आयरलैंड, इटली, लातिविया, लिथुआनिया, माल्टा, नीदरलैंड्स, क़तर, ओआईसी, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन के विदेश मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया.

बैठक में रफ़ाह में हमले रोकने सहित तत्काल संघर्षविराम लागू करने और बंधकों की रिहाई के साथ ही ग़ज़ा में जंग ख़त्म करने पर ज़ोर दिया गया.

दोनों देशों ने ग़ज़ा में उपजे मानवीय संकट पर भी चिंता ज़ाहिर की और वेस्ट बैंक में अवैध कार्रवाई को बंद करने पर भी बात की.

इमेज कैप्शन,रफ़ाह में शरणार्थी कैंप पर इसराइली हमले के बाद का मंज़र
रविवार देर शाम इसराइली सेना ने ग़ज़ा पट्टी के दक्षिणी शहर रफ़ाह में विस्थापित फ़लस्तीनियों के कैंप पर हवाई हमला किया था. हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस हमले में 45 फ़लस्तीनी मारे गए.

इस हमले के बाद ही सऊदी अरब और नॉर्वे के विदेश मंत्रियों की ये मुलाक़ात हुई है. नॉर्वे आज से ही फ़लस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने जा रहा है.

बैठक में द्वि-राष्ट्र समाधान को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के तहत लागू करने को मज़बूत समर्थन देने की भी बात कही. साथ ही ये कहा गया कि इस समाधान की शर्तों पर हर पक्ष सहमत होना चाहिए. इस दौरान नॉर्वे, स्पेन और आयरलैंड की ओर से फ़लस्तीन को देश मानने के फ़ैसले का स्वागत भी किया गया.

दो-राष्ट्र सिद्धांत के तहत वेस्ट बैंक, गज़ा पट्टी और पूर्वी यरुशलम में वर्ष 1967 की संघर्षविराम रेखा से पहले के क्षेत्र में एक स्वतंत्र फ़लस्तीनी राष्ट्र का निर्माण होना है जिसे इसराइल के साथ शांति से रहना होगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Tue, 28 May 2024 00:21:51 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका: सप्ताहांत में आए शक्तिशाली तूफान से अलग&amp;अलग राज्यों में कम से कम 22 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-सपतहत-म-आए-शकतशल-तफन-स-अलग-अलग-रजय-म-कम-स-कम-22-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-सपतहत-म-आए-शकतशल-तफन-स-अलग-अलग-रजय-म-कम-स-कम-22-लग-क-मत</guid>
        <description>ह्यूस्टन (अमेरिका), 28 मई। मध्य और दक्षिणी अमेरिका में गत सप्ताहांत में एक के बाद एक आए शक्तिशाली तूफानों में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गयी, बड़ी संख्या में मकान एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से तबाह हो गये और बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

टेक्सास, ओक्लाहोमा, अर्कांसस और केंटकी में विनाशकारी तूफानों के कारण लोगों ने अपनी जान गंवाई। दक्षिण टेक्सास से फ्लोरिडा तक तेज गर्मी और लू ने नया रिकॉर्ड बनाया।

मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वानुमान जताया है कि सोमवार के बाद ईस्ट कोस्ट में मौसम खराब हो सकता है और छुट्टियां मनाने गये लाखों लोगों से मौसम के मद्देनजर वहां से लौटने की सलाह दी गई है।

वहीं, उत्तरी कैरोलाइना से मैरीलैंड तक बवंडर की चेतावनी जारी की गई है।

केंटकी के गवर्नर एंडी बेशियर ने खराब मौसम के मद्देनजर आपात स्थिति की घोषणा की थी। बेशियर ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि उनके राज्य में पांच लोगों की मौत हुई है।

गवर्नर कार्यालय ने बताया कि पश्चिमी केंटकी के काल्डवेल काउंटी में गिरे पेड़ को काटते समय 54 वर्षीय एक व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गयी।

अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम से जुड़ी घटनाओं में 22 लोगों की मौत हुई है, जिसमें कुक काउंटी में सात और अर्कांसस में आठ लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

केंटकी के चार्ल्सटन शहर में तूफान की वजह से कई मकान तबाह हो गये और बिजली आपूर्ति ठप पड़ गयी। चार्ल्सटन रविवार रात को आए तूफान से सीधे प्रभावित हुआ।

डॉसन स्प्रिंग्स के अग्निशमन प्रमुख रॉब लिंटन ने कहा,यहां हालात बेहद खराब हैं। हर जगह पेड़ गिर हुए हैं। मकान ध्वस्त हो गए हैं। बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। न पानी है और न बिजली। लिंटन चार्ल्सटन में रहते हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Tue, 28 May 2024 00:21:48 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मिस्र से केरेम शालोम क्रॉसिंग के जरिए गाजा में मानवीय सहायता पहुंचनी फिर शुरू</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मसर-स-करम-शलम-करसग-क-जरए-गज-म-मनवय-सहयत-पहचन-फर-शर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मसर-स-करम-शलम-करसग-क-जरए-गज-म-मनवय-सहयत-पहचन-फर-शर</guid>
        <description>काहिरा, 26 मई । मिस्र से केरेम शालोम क्रॉसिंग के माध्यम से गाजा पट्टी के लिए सहायता सामग्री फिर से पहुंचनी शुरू हो गई है। अल-कहेरा न्यूज टीवी के अनुसार, मानवीय सहायता सामग्री ले जाने वाले 200 ट्रक राफा सीमा के बाहर से मिस्र की ओर से करम अबू सलेम क्रॉसिंग या केरेम शालोम की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें चार ईंधन ट्रक भी शामिल हैं। इस महीने की शुरुआत में इजरायल ने गाजा के राफा क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया था। इस वजह से घनी आबादी वाले क्षेत्र में सहायता आपूर्ति रुक ​​गई थी।

राफा क्रॉसिंग के बंद होने के बाद से मिस्र ने संकेत दिया कि वह राफा के माध्यम से सहायता परिवहन का समन्वय तब तक नहीं करेगा, जब तक कि इजरायली सेनाएं वापस नहीं लौट जाती हैं। हमास ने हाल ही में केरेम शालोम क्रॉसिंग और इजरायली बस्तियों पर रॉकेट से हमला किया था। इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी ने केरेम शालोम क्रॉसिंग के माध्यम से गाजा में सहायता पहुंचाने पर सहमति जताई थी। मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया, मिस्र एक अस्थायी व्यवस्था के तहत फिलीस्तीनी पक्ष से राफा क्रॉसिंग को पुनः खोलने के लिए कानूनी व्यवस्था होने तक क्रॉसिंग पर संयुक्त राष्ट्र को मानवीय सहायता और ईंधन सौंपेगा। --(आईएएनएस/डीपीए)</description>
        <pubDate>Mon, 27 May 2024 00:32:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शनचो&amp;18 अंतरिक्ष यान में व्यापक अंतरिक्ष विज्ञान प्रयोग जारी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/शनच-18-अतरकष-यन-म-वयपक-अतरकष-वजञन-परयग-जर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/शनच-18-अतरकष-यन-म-वयपक-अतरकष-वजञन-परयग-जर</guid>
        <description>बीजिंग, 26 मई । चीन के शनचो-18 चालक दल को चीन के अंतरिक्ष स्टेशन में प्रवेश होने के बाद एक महीना हो चुका है। तीन अंतरिक्ष यात्री माइक्रोग्रैविटी वातावरण का अनुकूल करने के साथ विभिन्न कार्य करने में व्यस्त हैं।

बताया जाता है कि चीन के अंतरिक्ष स्टेशन में अंतरिक्ष विज्ञान के विभिन्न प्रयोग लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जीवन पारिस्थितिकी प्रायोगिक कैबिनेट और अंतरिक्ष उन्नत जलीय जीवन समर्थन प्रणाली के प्रमुख प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में प्रायोगिक परियोजनाएं सुचारू ढंग से चल रही हैं। चार जेब्राफिश और हॉर्नवॉर्ट को ले जाने वाला प्रायोगिक घटक शनचो-18 अंतरिक्ष यान के साथ अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचाया गया। इसका कक्षा में प्रयोग हो चुका है। शनचो-18 चालक दल ने दो बार जल नमूनों का संग्रह किया और एक बार मछली भोजन डिब्बा बदला। बाद में वैज्ञानिक पानी के नमूनों और मछली के अंडों आदि के उपयोग से संबंधित अध्ययन करेंगे। इसके साथ शनचो-18 चालक दल ने दहन विज्ञान प्रयोग कैबिनेट और कंटेनर रहित सामग्री प्रयोग कैबिनेट में संबंधित काम भी पूरे किये। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 27 May 2024 00:32:15 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन के क्वांगतोंग प्रांत में चार इंटरसिटी लाइनें जुड़ीं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-क-कवगतग-परत-म-चर-इटरसट-लइन-जड</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-क-कवगतग-परत-म-चर-इटरसट-लइन-जड</guid>
        <description>बीजिंग, 26 मई । चीन के क्वांगतोंग प्रांत में चार इंटरसिटी लाइनें रविवार को जुड़ गईं। इस तरह पांच शहरों को जोड़ने वाली पूर्व-पश्चिम यातायात धमनी स्थापित हुई, जिसकी कुल लंबाई 258 किलोमीटर है। यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने के लिए चार इंटरसिटी लाइनों का संचालन सार्वजनिक बस की तरह किया जाएगा। दोनों ट्रेन में समय का अंतराल 26 मिनट होगा। बताया जाता है कि पर्यटक रेलवे टिकट प्रणाली और इंटरसिटी रेलवे व सार्वजनिक परिवहन की टिकट प्रणाली से इंटरसिटी लाइनें का टिकट खरीद सकते हैं। यात्रियों को इंटरसिटी रेलवे में मेट्रो की तरह सुविधा मिलेगी। क्वांगतोंग में चार इंटरसिटी लाइनों के जुड़ने के बाद क्वांगतोंग- हांगकांग-मकाओ ग्रेटर बे एरिया में सबसे लंबा मेट्रो उपलब्ध होगा। इससे क्वांगचो प्रांत के क्वांगचो, फोशान, चाओछिंग, तोंगक्वान और ह्वीचो आदि शहरों के बीच संपर्क मजबूत होगा।(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 27 May 2024 00:32:14 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>शी चिनफिंग ने यूएई में चीनी शिक्षण पर &amp;apos;100 स्कूल प्रोजेक्ट&amp;apos; के छात्र प्रतिनिधियों को जवाबी पत्र भेजा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/श-चनफग-न-यएई-म-चन-शकषण-पर-100-सकल-परजकट-क-छतर-परतनधय-क-जवब-पतर-भज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/श-चनफग-न-यएई-म-चन-शकषण-पर-100-सकल-परजकट-क-छतर-परतनधय-क-जवब-पतर-भज</guid>
        <description>बीजिंग, 26 मई । हाल ही में, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने संयुक्त अरब अमीरात में चीनी शिक्षण के लिए 100 स्कूल प्रोजेक्ट के छात्र प्रतिनिधियों को एक पत्र का जवाब दिया, जिसमें उन्हें अच्छी तरह से चीनी भाषा सीखने, चीन को समझने और चीन-यूएई दोस्ती को बढ़ावा देने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शी चिनफिंग ने कहा कि मैंने आपका प्रत्येक पत्र पढ़ा और चीनी संस्कृति के प्रति आप लोगों के प्रेम और दोनों देशों के बीच मित्रता की आपकी अपेक्षा को महसूस किया।

पांच साल पहले, राष्ट्रपति मोहम्मदबिन जायद अल-नाहयान और मैंने संयुक्त रूप से संयुक्त अरब अमीरात में चीनी शिक्षण के लिए 100 स्कूल प्रोजेक्ट शुरू किया था। अब मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि चीनी सीखना संयुक्त अरब अमीरात में एक नया चलन बन गया है और इसने आप जैसे चीन-यूएई आदान-प्रदान के लिए युवा राजदूतों के एक समूह को तैयार किया है। शी चिनफिंग के अनुसार आप लोगों ने अपने पत्र में कहा कि चीन और यूएई 40 वर्षों से हाथ में हाथ डाले हुए हैं, और आप लोग आशा करते हैं कि चीन और यूएई हमेशा अच्छे दोस्त रहेंगे। चीनी लोग भी यही इच्छा रखते हैं। युवा लोग चीन-यूएई मैत्रीपूर्ण संबंधों के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। पांडा को देखने, लंबी दीवार पर चढ़ने और बड़े होने पर विश्वविद्यालय में अध्ययन करने के लिए चीन आने के लिए आप लोगों का स्वागत है। हम चीनी सीखने और चीन को समझने के लिए अधिक से अधिक अमीराती किशोरों का भी स्वागत करते हैं। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Mon, 27 May 2024 00:32:13 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>आग लगने का मामला: राजकोट गेम जोन के छह साझेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, दो गिरफ्तार</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/आग-लगन-क-ममल-रजकट-गम-जन-क-छह-सझदर-क-खलफ-परथमक-दरज-द-गरफतर</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/आग-लगन-क-ममल-रजकट-गम-जन-क-छह-सझदर-क-खलफ-परथमक-दरज-द-गरफतर</guid>
        <description>राजकोट, 26 मई। गुजरात के राजकोट शहर में गेम जोन में आग लगने से 27 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने इसके छह साझेदारों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

राजकोट के पुलिस आयुक्त राजू भार्गव ने संवाददाताओं को बताया कि स्थानीय पुलिस ने नवंबर 2023 में गेमिंग जोन के लिए बुकिंग लाइसेंस दिया था, जिसे एक जनवरी से 31 दिसंबर 2024 तक की अवधि के लिए नवीनीकृत किया गया था।

अधिकारी ने कहा, गेम जोन को सड़क और भवन विभाग से अनुमति मिल गई थी। इसने अग्निशमन संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करने के लिए अग्नि सुरक्षा उपकरण का प्रमाण भी जमा किया था। इस पर काम प्रक्रिया में था और अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि गेम जोन में अग्नि सुरक्षा उपकरण थे लेकिन आग पर काबू पाने के लिए की गई कार्रवाई पर्याप्त नहीं थी, जिससे शनिवार को त्रासदी हुई।

अधिकारियों ने पूर्व में कहा था कि नाना मावा इलाके में टीआरपी गेम ज़ोन में शनिवार शाम लगी भीषण आग में चार बच्चों सहित 27 लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य झुलस गए। उन्होंने कहा कि घटना के समय लोग वहां गर्मी की छुट्टियों का आनंद लेने के लिए एकत्र हुए थे।

प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी व्यक्तियों ने गेम जोन बनाने के लिए मेटल शीट फैब्रिकेशन का उपयोग करके लगभग दो-तीन मंजिला ऊंचा, 50 मीटर चौड़ा और 60 मीटर लंबा ढांचा बना रखा था।

इसमें कहा गया कि संचालकों के पास उचित अग्निशमन उपकरण नहीं थे और उन्होंने स्थानीय अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ले रखा था।

राजकोट के पुलिस उपायुक्त (अपराध) पार्थराजसिंह गोहिल ने कहा कि टीआरपी गेम ज़ोन का संचालन करने वाले रेसवे एंटरप्राइज के एक साझेदार युवराज सिंह सोलंकी और इसके प्रबंधक नितिन जैन को गिरफ्तार किया जा चुका है।

प्राथमिकी के अनुसार, राजकोट तालुका पुलिस ने रविवार को जिन छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, उनमें धवल कॉर्पोरेशन के मालिक धवल ठक्कर, रेसवे एंटरप्राइज के साझेदार- अशोक सिंह जडेजा, किरीट सिंह जडेजा, प्रकाशचंद हिरन, युवराज सिंह सोलंकी और राहुल राठौड़ शामिल हैं।

इसमें कहा गया कि मामला छह ज्ञात व्यक्तियों और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है जिनके नाम जांच के दौरान सामने आए हैं।

प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 337 (ऐसे कृत्य से चोट पहुंचाना जो दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालता है), 338 (किसी व्यक्ति के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य करके उसे गंभीर चोट पहुँचाना) और धारा 114 (अपराध होने पर किसी व्यक्ति की मौजूदगी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गोहिल ने कहा कि जांच के दौरान गेम जोन के प्रबंधक नितिन जैन का नाम सामने आया।

भार्गव ने कहा कि चारों फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अपराध शाखा की चार अलग-अलग टीम गठित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि मामले की जांच अपराध शाखा और संयुक्त अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विधि चौधरी के नेतृत्व में राजकोट पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंप दी गई है।

विशेष रूप से, गुजरात सरकार ने घटना की जांच के लिए राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुभाष त्रिवेदी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय एसआईटी का भी गठन किया है।

भार्गव ने कहा, हमारा पूरा प्रयास जल्द से जल्द जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करना होगा। इसके लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की एक टीम गांधीनगर से यहां पहुंच गई है तथा अन्य सभी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी...हमने राज्य सरकार से एक विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने के लिए भी कहा है।

मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने रविवार सुबह घटनास्थल और घायल व्यक्तियों से मिलने के लिए अस्पताल का दौरा किया।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और प्रत्येक घायल को पचास-पचास हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 27 May 2024 00:32:12 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अफगानिस्तान में अचानक आई बाढ़ से 15 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अफगनसतन-म-अचनक-आई-बढ-स-15-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अफगनसतन-म-अचनक-आई-बढ-स-15-लग-क-मत</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 26 मई। अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से एक ही परिवार के 10 सदस्यों समेत कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

असामान्य रूप से भारी मौसमी बारिश देश के कई हिस्सों में कहर बरपा रही है, जिससे सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ के मामलों के चलते संपत्ति और फसलें भी नष्ट हो गई हैं।

शनिवार रात आई बाढ़ के कारण उत्तर-पूर्व स्थित बदख्शां और उत्तरी बगलान प्रांत प्रभावित हुए हैं। इस महीने की शुरुआत में भारी बारिश के कारण बगलान प्रांत में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था।

बदख्शां में प्राकृतिक आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक मोहम्मद अकरम अकबरी ने कहा कि प्रांत की राजधानी फैजाबाद में बाढ़ की चपेट में आकर एक दंपति और उनके आठ बच्चों की मौत हो गई।

बगलान प्रांत में प्राकृतिक आपदा प्रबंधन के प्रांतीय निदेशक इदायतुल्ला हमदर्द ने कहा कि बाढ़ के कारण दोशी जिले में कम से कम 40 घर क्षतिग्रस्त हो गए और कई लोग मारे गए हैं। हालांकि, उन्होंने मृतकों की संख्या के संबंध में अधिक विवरण नहीं दिया।

हालांकि, एक स्थानीय अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रांत में बचाव दलों को अब तक पांच शव मिले हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 27 May 2024 00:32:11 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रफ़ाह पर इसराइल का हवाई हमला, हमास का दावा&amp; शरणार्थी शिविर को बनाया निशाना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रफह-पर-इसरइल-क-हवई-हमल-हमस-क-दव-शरणरथ-शवर-क-बनय-नशन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रफह-पर-इसरइल-क-हवई-हमल-हमस-क-दव-शरणरथ-शवर-क-बनय-नशन</guid>
        <description>ग़ज़ा में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है इसराइल ने रविवार को रफ़ाह में एक शरणार्थी शिविर पर हवाई हमला किया है, जिसमें कई लोग मारे गए हैं.

इसराइली सेना का कहना है कि उसने हमास के ठिकानों को निशाना बनाकर रफ़ाह में हवाई हमला किया था. सेना का कहना है कि वह इस हमले की समीक्षा कर रही है.

इससे पहले रविवार को हमास ने रफ़ाह से तेल अवीव की तरफ़ आठ रॉकेट दागे थे. पिछले चार महीनों में यह पहला बड़ा हमला था, जो इतनी दूर से किया गया.

दक्षिणी ग़ज़ा से कुछ वीडियो सामने आ रहे हैं, जिसमें बड़ा विस्फोट और भीषण आग दिखाई दे रही है.

हमास का कहना है कि इसराइल ने रफ़ाह के उत्तर-पश्चिम में विस्थापित फलस्तीनियों के एक शिविर को निशाना बनाया है.

उनका कहना है कि मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.

इसराइली सेना ने माना है कि उन्हें हमले के बाद आग लगने की जानकारी है, जिससे वहां रह रहे लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 27 May 2024 00:32:09 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अमेरिका: टेक्सास, ओक्लाहोमा और अर्कांसस में तूफान से कम से कम 18 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अमरक-टकसस-ओकलहम-और-अरकसस-म-तफन-स-कम-स-कम-18-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अमरक-टकसस-ओकलहम-और-अरकसस-म-तफन-स-कम-स-कम-18-लग-क-मत</guid>
        <description>ह्यूस्टन, 27 मई। मध्य अमेरिका के टेक्सास, ओक्लाहोमा और अर्कांसस राज्यों में आये शक्तिशाली तूफान के कारण दो बच्चों सहित कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, कई मकान तबाह हो गये और बढ़ते तापमान के बीच हजारों लोगों को बिजली के बिना रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।

अधिकारियों ने बताया कि ओक्लाहोमा सीमा के समीप टेक्सास की कुक काउंटी में सात लोगों के मारे जाने की सूचना प्राप्त हुई, जहां शनिवार रात को आए तूफान ने एक ग्रामीण इलाके में भारी तबाही मचाई।

कुक काउंटी के शेरिफ रे सैप्पिंगटन ने कहा, यहां सिर्फ मलबे का ढेर बचा है। भारी तबाही हुई है।

शेरिफ ने बताया कि मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी उम्र दो और पांच वर्ष थी। उन्होंने बताया कि एक परिवार के तीन सदस्यों की भी तूफान से हुई तबाही में मौत हो गयी।

उन्होंने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि लापता लोगों को ढूंढने के लिए खोज व बचाव अभियान अब भी जारी है।

सीबीएस न्यूज की खबर के मुताबिक, टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने रविवार को बताया कि शनिवार को आए तूफान की वजह से करीब 100 लोग घायल हो गये हालांकि सटीक आंकड़ा बता पाना थोड़ा मुश्किल है।

गवर्नर ने कहा कि 200 से ज्यादा मकान व अन्य इमारतें पूरी तरह से तबाह हो गयीं और 100 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। एबॉट ने कहा, अगर संख्या नहीं बढ़ती है तो मुझे हैरानी होगी।

तूफान की वजह से कई मकान और व्यवसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से तबाह हो गये और कई इलाकों में पेड़ एवं बिजली के खंभे भी उखड़ गये। वैली व्यू के आस-पास के इलाके तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

बिजली समस्या से जुड़ी एक वेबसाइट के मुताबिक, टेक्सास से लेकर कंसास, मिसौरी, अर्कांसस, टेनिसी और केनटकी तक 4,70,000 से ज्यादा लोगों को बिना बिजली के रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।(भाषा)</description>
        <pubDate>Mon, 27 May 2024 00:32:07 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उत्तर कोरिया की रॉकेट प्रक्षेपण की योजना, दूसरे सैन्य जासूसी उपग्रह भेजे जाने की संभावना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उततर-करय-क-रकट-परकषपण-क-यजन-दसर-सनय-जसस-उपगरह-भज-जन-क-सभवन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उततर-करय-क-रकट-परकषपण-क-यजन-दसर-सनय-जसस-उपगरह-भज-जन-क-सभवन</guid>
        <description>सियोल (दक्षिण कोरिया), 27 मई। उत्तर कोरिया ने अगले सप्ताह की शुरुआत में एक रॉकेट प्रक्षेपित करने की अपनी योजना की सोमवार को घोषणा की जिसके जरिए वह संभवत: अपने दूसरे सैन्य जासूसी उपग्रह अंतरिक्ष में पहुंचाएगा।

उत्तर कोरिया के पड़ोसियों दक्षिण कोरिया एवं जापान ने इस घोषणा की निंदा की है।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल, चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने चार साल से अधिक समय में अपनी पहली त्रिपक्षीय बैठक के लिए सियोल में मुलाकात की, तभी उत्तर कोरिया के संबंध में यह जानकारी मिली।

जापान के तट रक्षक ने बताया कि उसे उत्तर कोरिया ने उपग्रह रॉकेट के तय प्रक्षेपण के बारे में सूचित किया है जिसमें सोमवार से तीन जून की आधी रात तक कोरियाई प्रायद्वीप एवं चीन के बीच के जलक्षेत्र और फिलीपीन द्वीप लुजोन के पूर्व में सुरक्षा बरतने को लेकर सचेत किया गया है।

उत्तर कोरिया जापान को अपने प्रक्षेपण की जानकारी देता है क्योंकि जापान का तट रक्षक पूर्वी एशिया में समुद्री सुरक्षा जानकारी का समन्वय और वितरण करता है।

जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के कार्यालय ने बताया कि किशिदा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उत्तर कोरिया से प्रक्षेपण नहीं करने का अनुरोध करें और किसी भी आपात स्थिति में पर्याप्त कदम उठाने में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के साथ सहयोग करें।

ऐसा माना जा रहा है कि यह सूचना उत्तर कोरिया द्वारा अपने दूसरे सैन्य जासूसी उपग्रह को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करने के प्रयास को दर्शाती है। दक्षिण कोरिया की सेना ने शुक्रवार को कहा था कि उसे ऐसे संकेत मिले हैं कि उत्तर कोरिया, उत्तर-पश्चिम में अपने प्रमुख टोंगचांगरी प्रक्षेपण केंद्र से एक जासूसी उपग्रह प्रक्षेपण करने की तैयारी कर रहा है।

उत्तर कोरिया ने अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य खतरों से निपटने के लिए अंतरिक्ष-आधारित निगरानी नेटवर्क बनाने के अपने प्रयासों के तहत पिछले नवंबर में अपना पहला सैन्य टोही उपग्रह कक्षा में भेजा था।

संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया के उपग्रह प्रक्षेपित करने पर प्रतिबंध लगा रखा है क्योंकि उसका मानना है कि इसकी आड़ में उत्तर कोरिया लंबी दूरी की अपनी मिसाइल प्रौद्योगिकी का परीक्षण कर रहा है। उत्तर कोरिया का कहना है कि उसे उपग्रहों को प्रक्षेपित करने और मिसाइल का परीक्षण करने का अधिकार है। उसका कहना है कि जासूसी उपग्रह उसे अमेरिका और दक्षिण कोरिया की गतिविधियों पर बेहतर तरीके से नजर रखने और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइल की सटीकता से हमला करने की क्षमता बढ़ाने में मदद करेंगे।

यून ने किशिदा और ली के साथ बैठक की शुरुआत में कहा, बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी का उपयोग करके किया गया (उत्तर कोरिया का) हर प्रक्षेपण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सीधे तौर पर उल्लंघन करेगा और क्षेत्र एवं दुनिया की शांति एवं सुरक्षा को कमजोर करेगा।

किशिदा ने कहा कि उन्होंने उत्तर कोरिया से प्रक्षेपण योजना रद्द करने का आग्रह किया। चीन उत्तर कोरिया का सहयोगी है और ली ने उत्तर कोरियाई प्रक्षेपण योजना का उल्लेख नहीं किया।

जापान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के वरिष्ठ राजनयिक सोमवार को फोन पर हुई बातचीत के दौरान उत्तर कोरिया से प्रक्षेपण रद्द करने का आग्रह करने पर सहमत हुए।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 27 May 2024 00:32:06 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन के खार्किव में मिसाइल हमलों में 7 की मौत, 21 घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-खरकव-म-मसइल-हमल-म-7-क-मत-21-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-खरकव-म-मसइल-हमल-म-7-क-मत-21-घयल</guid>
        <description>कीव, 24 मई । रूसी सेना ने यूक्रेन के खार्किव में मिसाइल हमले किए। इन हमलों में सात लोग मारे गए और 21 अन्य घायल हो गए। खार्किव क्षेत्र के गवर्नर ओलेग सिनेगुबोव ने गुरुवार को कहा, रूसी सेना ने लगभग 15 मिसाइलें दागीं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, गवर्नर ने कहा कि मारे गए सभी लोग एक प्रिंटिंग हाउस के कर्मचारी थे। मिसाइल हमले के समय इमारत के अंदर लगभग 50 लोग काम कर रहे थे। रूस के नये हमले शुरू करने से इस महीने खार्किव क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 25 May 2024 00:28:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा में इजरायली सेना ने 24 लोगों की हत्या की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-इजरयल-सन-न-24-लग-क-हतय-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-इजरयल-सन-न-24-लग-क-हतय-क</guid>
        <description>गाजा, 24 मई । इजरायली सेना ने उत्तरी और मध्य गाजा में दो घरों को निशाना बनाया, जिसमें रात भर में कम से कम 24 लोग मारे गए। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने दी। फिलिस्तीनी आधिकारिक समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएफए ने गुरुवार को कहा कि बुधवार रात गाजा शहर के केंद्र में एक घर पर इजरायली सेना की गोलाबारी के बाद 10 बच्चों सहित कुल 16 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को सुबह में सैन्य बलों ने मध्य गाजा पट्टी में नुसीरात शरणार्थी शिविर के एक घर को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम आठ लोग मारे गए। इजरायल रक्षा बलों ने एक बयान में कहा कि आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए इसकी गतिविधियां पूरे गाजा पट्टी में जारी रहेंगी। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 25 May 2024 00:28:31 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पापुआ न्यू गिनी में भूस्खलन में लगभग 100 लोगों के मरने की आशंका</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पपआ-नय-गन-म-भसखलन-म-लगभग-100-लग-क-मरन-क-आशक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पपआ-नय-गन-म-भसखलन-म-लगभग-100-लग-क-मरन-क-आशक</guid>
        <description>सिडनी, 24 मई । दक्षिण प्रशांत द्वीप पर बसे देश पापुआ न्यू गिनी के एक दूरदराज के गांव में शुक्रवार तड़के भूस्खलन हुआ, जिसमें लगभग 100 लोगों के मारे जाने की आशंका है। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने एबीसी के हवाले से बताया कि यह आपदा पोर्ट मोरेस्बी से 600 किमी उत्तर पश्चिम में स्थित एंगा प्रांत के काओकलाम गांव में स्थानीय समयानुसार सुबह 3:00 बजे के आसपास हुई।

पोरगेरा वुमेन इन बिजनेस एसोसिएशन की प्रेसिडेंट एलिजाबेथ लारुमा ने कहा, भूस्खलन के दौरान लोग अपने-अपने घरों में सो रहे थे और पूरा गांव मलबे में दब गया। लारुमा ने कहा, मैं जो अनुमान लगा सकता हूं, उसके अनुसार लगभग 100 से ज्यादा लोग मलबे में दबे हुए हैं। यह हादसा स्थानीय समय के अनुसार तड़के 3 बजे करीब हुआ। इलाके के निवासियों का कहना है कि मृतकों की संख्या 100 से अधिक भी हो सकती है। हालांकि अधिकारियों ने इस आंकड़े की पुष्टि अभी नहीं की है। राहत और बचाव कर्मी लोगों को निकालने के काम में जुटे हुए हैं। कई शवों को निकाला जा चुका है, लेकिन कई अभी भी मलबे में दबे हैं। दबे हुए शवों को बाहर निकालने में स्थानीय लोग भी राहत और बचाव कर्मियों की मदद कर रहे हैं। आपको बता दें कि पापुआ न्यू गिनी की जनसंख्या 1 करोड़ के आसपास है। यह ऑस्ट्रेलिया के बाद सबसे अधिक आबादी वाला दक्षिण प्रशांत देश है। ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या 2 करोड़ 70 लाख है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Sat, 25 May 2024 00:28:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>रईसी के हेलीकॉप्टर में दुर्घटनाग्रस्त  होते   ही आग लगी थी, हमले का कोई संकेत नहीं मिला: ईरानी सेना</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/रईस-क-हलकपटर-म-दरघटनगरसत-हत-ह-आग-लग-थ-हमल-क-कई-सकत-नह-मल-ईरन-सन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/रईस-क-हलकपटर-म-दरघटनगरसत-हत-ह-आग-लग-थ-हमल-क-कई-सकत-नह-मल-ईरन-सन</guid>
        <description>तेहरान, 24 मई ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी जिस हेलीकॉप्टर में सवार थे उसमें दुर्घटनाग्रस्त होते ही आग लग गई थी और इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है कि उस पर कोई हमला किया गया था। ईरानी मीडिया ने हादसे के जांचकर्ताओं के हवाले यह जानकारी दी।

रविवार को हुई दुर्घटना में रईसी के अलावा देश के विदेश मंत्री और छह अन्य लोगों की मौत हो गई थी।

दुर्घटना की जांच कर रहे सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ का बयान बृस्पतिवार देर रात सरकारी टेलीविजन चैनल पर पढ़ा गया। दुर्घटना को लेकर जारी पहले बयान में किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है लेकिन कहा गया है कि आगे की जांच के बाद और जानकारी मिलेगी।

जनरल स्टाफ के बयान में कहा गया है कि दुर्घटना से पहले नियंत्रण टॉवर और हेलीकॉप्टर के चालक दल के बीच स्थापित हुए संचार में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

इसमें कहा गया है कि हेलीकॉप्टर ने हादसे से करीब 90 सेकंड पहले दो अन्य हेलीकॉप्टर से संचार स्थापित किया था।

बयान में कहा गया है कि हेलीकॉप्टर पर हमला होने का कोई संकेत नहीं मिला है और इसके मार्ग में भी कोई बदलाव नहीं हुआ था।

बेल हेलीकॉप्टर ईरान के उत्तर-पश्चिम में कोहरे वाले सुदूर पहाड़ी इलाके में रविवार को दुर्घटनाग्रस्त होकर गिर गया था।(एपी)</description>
        <pubDate>Sat, 25 May 2024 00:28:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इसराइल ने रफ़ाह में सैन्य अभियान रोकने वाले अंतरराष्ट्रीय अदालत के आदेश पर क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इसरइल-न-रफह-म-सनय-अभयन-रकन-वल-अतररषटरय-अदलत-क-आदश-पर-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इसरइल-न-रफह-म-सनय-अभयन-रकन-वल-अतररषटरय-अदलत-क-आदश-पर-कय-कह</guid>
        <description>इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के कुछ सहयोगियों ने आईसीजे के फ़ैसले के बाद अदालत पर यहूदी विरोधी भावना और हमास का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए गुस्से में प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

हालांकि, इस बात के कोई संकेत नहीं दिख रहे कि इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस यानी आईसीजे की ओर से रफ़ाह में सैन्य अभियान रोकने के आदेश के बाद भी इसराइल अपना रुख बदलेगा.

अभी भी इसराइल के टैंक रफ़ाह के मध्य वाले इलाक़ों में पहुंच रहे हैं.

इसराइली सरकार के पूर्व प्रवक्ता इलोन लेवी ने कहा कि फ़ैसला सुनाने वाले पीठासीन न्यायाधीश लेबनानी थे और अगर उन्होंने गलत तरीके से आदेश दिया तो वह सुरक्षित ढंग से घर नहीं लौट सकते.

आईसीजे ने इसराइल को ग़ज़ा के रफ़ाह में चलाए जा रहे सैन्य अभियान को रोकने का आदेश दिया था.

आईसीजे ने दक्षिण अफ्रीका की याचिका पर यह फ़ैसला सुनाया.

आईसीजे ने कहा कि इसराइल को रफ़ाह में चलाए जा रहे सैन्य अभियान को तुरंत रोक देना चाहिए, इससे फ़लस्तीनियों को ख़तरा है.

टाइम्स ऑफ़ इसराइल की रिपोर्ट के अनुसार इस आदेश के बाद इसराइल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और विदेश मंत्रालय ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें कहा गया है कि इसराइल ने दक्षिणी ग़ज़ा के शहर में रहने वाले आम लोगों की जान जोख़िम में डालने वाला अभियान न तो चलाया है और न ही आगे करेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Sat, 25 May 2024 00:28:28 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>हेली ने कही ट्रंप को वोट देने की बात, उप राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर चर्चा तेज</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/हल-न-कह-टरप-क-वट-दन-क-बत-उप-रषटरपत-उममदवर-क-लकर-चरच-तज</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/हल-न-कह-टरप-क-वट-दन-क-बत-उप-रषटरपत-उममदवर-क-लकर-चरच-तज</guid>
        <description>वाशिंगटन, 23 मई । व्हाइट हाउस के रिपब्लिकन उम्मीदवार की रेस की प्राइमरी में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सबसे बड़ी चुनौती देने वाली निक्की हेली ने बुधवार को कहा कि वह उनके लिए वोट करेंगी। भारतीय मूल की पूर्व राजनयिक ने हडसन इंस्टीट्यूट में कहा, मैं ट्रंप के लिए वोट करूंगी। उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया, एक मतदाता के रूप में मेरी प्राथमिकता एक ऐसा राष्ट्रपति चुनने की होगी जो हमारे सहयोगियों की पीछे खड़ा हो और हमारे दुश्मनों की जिम्मेदारी तय करे। जो सीमा को सुरक्षित बनाए। एक राष्ट्रपति जो पूंजीवाद और स्वतंत्रता का समर्थन करे। एक राष्ट्रपति जो समझता हो कि हमें अपना कर्ज कम करना है।

उन्होंने कहा, मैंने पहले भी साफ कहा है कि ट्रंप इन नीतियों में खरे नहीं हैं। लेकिन बाइडेन तो पूरी तबाही हैं। हेली के इस बयान से उनके चुनाव में उप राष्ट्रपति उम्मीवार के तौर पर ट्रंप का साथी बनने की चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप ने चुनाव में अपने साथी को लेकर कई लोगों के नाम लेकर विकल्प खुले रखे हैं, लेकिन हेली के नाम को सिरे से खारिज किया है। लेकिन जिस तरह हेली ने ट्रंप के बारे में अपने विचार बदले हैं, ट्रंप भी हेली के बारे में विचार कर सकते हैं। प्राइमरी के दौरान हेली ने उन्हें मानसिक रूप से दिवालिया तक कह दिया था।

उन्होंने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की दिमागी जांच की भी वकालत की थी क्योंकि ट्रंप ने एक बार हेली को नैंसी पोलिस कह दिया था जो प्रतिनिधि सभा की पूर्व डेमोक्रेटिक स्पीकर रह चुकी हैं। मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन भी हेली के समर्थकों से उनके लिए वोट करने की उम्मीद लगाये हुए थे, लेकिन हेली के इस बयान के बाद ऐसा होने की संभावना बहुत कम हो गई है। ट्रंप को भी राष्ट्रपति पद तक पहुंचने के लिए और हेली के समर्थकों की जरूरत है। हेली के रेस से बाहर हो जाने के बावजूद उन्हें रिपब्लिकन प्राइमरी में 14 फीसदी वोट मिले हैं और ट्रंप ने अब तक संभावित उप राष्ट्रपति के रूप में जिन लोगों को अपना चुनावी साथी के विकल्प के तौर पर सामने रखा है उनमें हेली जैसा करिशमा नहीं है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 24 May 2024 01:05:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>गाजा में इजरायली हमलों में 23 की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-म-इजरयल-हमल-म-23-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-म-इजरयल-हमल-म-23-क-मत</guid>
        <description>गाजा, 23 मई । गाजा पट्टी के विभिन्न हिस्सों में इजरायली छापे और हमले में कम से कम 23 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक गाजा पट्टी में इजरायली हमले जारी रहे। सूत्रों के अनुसार, इजरायली विमानों ने उत्तरी गाजा में जबालिया शरणार्थी शिविर के पश्चिम में एक घर को निशाना बनाया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। जेट विमानों ने अल-ज़वैदा शहर में विस्थापित लोगों के एक घर पर बमबारी की, जिसमें 10 लोग मारे गए। इसके अलावा, इजराइली विमानों ने गाजा शहर के दक्षिण में अल-ज़ायतौन में हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इजरायली सेना ने मध्य गाजा में नुसीरात शरणार्थी शिविर के पूर्वी इलाके में बमबारी की, जिससे काफी नुकसान हुआ। इस बीच, दक्षिणी गाजा शहर रफा में, इजरायली हवाई हमले और बमबारी के कारण पांच फिलिस्तीनी मारे गए और सात अन्य घायल हो गए। फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने सिन्हुआ को बताया कि इजरायली सेना मिस्र की सीमा के पास रफा में पश्चिम की ओर बढ़ रही है। इससे पहले फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) ने सुरक्षा को लेकर रफा में खाद्य वितरण कार्यक्रम को निलंबित कर दिया था जिससे लोगों के लिए एक नया संकट पैदा हो गया है। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 24 May 2024 01:05:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजरायली महिला सैनिकों के अपहरण का वीडियो सामने आया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरयल-महल-सनक-क-अपहरण-क-वडय-समन-आय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरयल-महल-सनक-क-अपहरण-क-वडय-समन-आय</guid>
        <description>तेल अवीव, 23 मई । हमास द्वारा 7 अक्टूबर को किए गए नरसंहार के दौरान पांच इजरायली महिला सैनिकों के अपहरण का वीडियो फुटेज जारी किया गया है। युवा महिलाओं के माता-पिता इस उम्मीद में बुधवार को वीडियो जारी करने पर सहमत हुए कि भयावह छवियां इजरायल और फिलिस्तीनी इस्लामवादी हमास आंदोलन के बीच एक समझौते में उनकी बेटियों और अन्य बंधकों की रिहाई में योगदान दे सकती हैं। वीडियो में खून से लथपथ घायल युवतियों को भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के साथ देखा जा सकता है। ये युवतियां गाजा पट्टी सीमा क्षेत्र में सेना पर्यवेक्षकों के रूप में ड्यूटी पर थीं। वे डरी हुई हैं और उनके हाथ उनकी पीठ के पीछे बंधे हुए हैं।

वीडियो में अपहरणकर्ता उन पर चिल्ला रहे हैं और उन्हें धमका रहे हैं। महिलाओं को पहले एक कमरे में रखा जाता है और फिर एक वाहन में ले जाया जाता है, जहां वे फर्श पर एक साथ लेट जाती हैं। बंधक परिवार फोरम ने एक बयान में कहा, यह वीडियो बंधकों को घर लाने में देश की विफलता का एक गंभीर प्रमाण है। इन्हें 229 दिनों बाद छोड़ा गया। बयान में कहा गया, फुटेज से पता चलता है कि अपहरण के दिन लड़कियों ने किस तरह का हिंसक, अपमानजनक और दर्दनाक व्यवहार सहा था, उनकी आंखें खौफ से भरी हुई थीं। वीडियो तीन मिनट से अधिक लंबा है। यह आतंकवादियों द्वारा लिए गए बॉडीकैम फुटेज का संकलन है। सबसे खराब दृश्य, जैसे लाशों के फुटेज और सबसे गंभीर हिंसा, कथित तौर पर नहीं दिखाए गए। -(आईएएनएस/डीपीए)</description>
        <pubDate>Fri, 24 May 2024 01:05:38 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पीएम सुनक ने ब्रिटेन में 4 जुलाई को मध्यावधि चुनाव का आह्वान किया, उपलब्धियां गिनाईं</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पएम-सनक-न-बरटन-म-4-जलई-क-मधयवध-चनव-क-आहवन-कय-उपलबधय-गनई</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पएम-सनक-न-बरटन-म-4-जलई-क-मधयवध-चनव-क-आहवन-कय-उपलबधय-गनई</guid>
        <description>लंदन, 23 मई । ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बुधवार को जुलाई में समय से पहले आम चुनाव कराने का आह्वान कर सबको चौंका दिया। बीबीसी के मुताबिक, बारिश के बीच 10, डाउनिंग स्ट्रीट स्थित अपने आवास के बाहर पत्रकारों को संबोधित करते हुए पीएम सुनक ने कहा कि उन्होंने पहले किंग चार्ल्स से 30 मई को संसद भंग करने के लिए कहा था और इसकी अनुमति दे दी गई। अब तय हो गया कि चुनाव 4 जुलाई को होंगे। हालांकि चुनाव वर्ष के अंत में प्रस्तावित थे। यह देखते हुए कि पिछले पांच वर्षों में देश को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे चुनौतीपूर्ण समय से जूझते देखा गया है, सुनक ने अपनी घोषणा से पहले कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने कहा कि देश ने उन चुनौतियों से लड़ाई लड़ी है और इससे उन्हें ब्रिटिश होने पर गर्व हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था अभी भी बढ़ रही है, मुद्रास्फीति सामान्य हो गई है, ब्याज दरें कम हो गई हैं और सरकार की योजना काम कर रही है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि वह मानते हैं कि कई लोगों के लिए चीजें आसान नहीं हैं। हाल के काउंसिल चुनावों में कंजर्वेटिवों के निराशाजनक प्रदर्शन के मद्देनजर 14 साल बाद सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही पुनर्जीवित लेबर पार्टी के बीच भारतीय मूल के सुनक ने लोगों से कहा कि अब सवाल यह है कि आप किस पर भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा, यह ब्रिटेन के भविष्य का फैसला करने का समय है और यह तय करने का कि क्या आप अपने द्वारा बनाए गए भविष्य का निर्माण करना चाहते हैं या उसी स्तर पर वापस जाने का जोखिम उठाना चाहते हैं। सुनक ने यह भी स्वीकार किया कि वह यह दावा नहीं कर सकते और न ही करेंगे कि सत्ता में रहते हुए उन्हें सब कुछ ठीक मिला, लेकिन उन्हें इस बात पर गर्व है कि उन्होंने क्या हासिल किया और भविष्य में क्या किया जा सकता है।

उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एनएचएस को रिकॉर्ड फंडिंग देना, बच्चों की पढ़ाई के स्तर में सुधार करना, ऊर्जा सुरक्षा को पर्यावरण हठधर्मिता से ऊपर रखना और रक्षा खर्च बढ़ाना बताया। घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए लेबर पार्टी के प्रमुख सर कीर स्टार्मर ने कहा कि यह एक ऐसा क्षण है, जिसकी देश को जरूरत है और वह इसका इंतजार कर रहा है। उन्होंने चुनाव अभियान को बेहतर भविष्य सुरक्षित करने का अवसर बताते हुए कहा कि यह समुदायों और देश को बदलने का समय है। स्टार्मर ने कहा कि लेबर पार्टी पिछले कुछ वर्षों में बदल गई है और देश के लिए ऐसा करने का मौका मांगती है, यह वादा करते हुए कि वह ब्रिटेन को कामकाजी लोगों की सेवा में वापस लाएगी। उन्होंने वादा किया कि यह नदियों में सीवेज बहाए जाने, ए एंड ई में इलाज के लिए इंतजार कर रहे लोगों जैसी चीजों को उलट देगा और बढ़ती बंधक और खाद्य कीमतों की प्रवृत्ति को उलट देगा। स्टार्मर ने कहा, लेबर के लिए वोट स्थिरता के लिए वोट है, और एक ऐसी राजनीति के लिए वोट है जो हल्के ढंग से चलती है और अराजकता को रोकती है। उन्होंने कहा, यह बदलाव का समय है। लिबरल डेमोक्रेट नेता, सर एड डेवी ने कहा कि आम चुनाव ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव सरकार को सत्ता से बाहर करने और जनता जिस बदलाव की मांग कर रही है, उसे लाने का मौका होगा। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 24 May 2024 01:05:36 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>अगले सप्ताह इजराइल का दौरा करेंगी निक्की हेली</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/अगल-सपतह-इजरइल-क-दर-करग-नकक-हल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/अगल-सपतह-इजरइल-क-दर-करग-नकक-हल</guid>
        <description>तेल अवीव, 23 मई । रिपब्लिकन पार्टी की नेता और अमेरिकी राष्ट्रपति पद की पूर्व उम्मीदवार निक्की हेली अगले हफ्ते इजरायल का दौरा करेंगी। इस दौरे में निक्की हेली के साथ नेसेट के इजरायल सदस्य डैनी डैनन भी होंगे,जो संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत थे। निक्की हेली भी संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत के रूप में काम कर चुकी हैं। वह अपनी इस यात्रा में किबुत्ज बेरी और कफर अजा क्षेत्रों सहित दक्षिण इजरायल का दौरा करेंगी जो गाजा की सीमा पर लगते हैं।

यहां हमास ने पिछले साल 7 अक्टूबर को 1200 लोगों की हत्या की थी और 200 से अधिक लोगों का अपहरण कर लिया था। निक्की हेली का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र संस्थानों द्वारा इजरायल के साथ किए गए व्यवहार के कारण 7 अक्टूबर का हमला हुआ। ट्रम्प प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) रॉबर्ट ओब्रायन; संयुक्त अरब अमीरात में पूर्व अमेरिकी राजदूत और अब्राहम समझौते के वास्तुकार जॉन राकोल्टा और स्विट्जरलैंड में अमेरिका के पूर्व राजदूत एड मैकमुलेन भी कुछ दिनों पहले इजरायल का दौरा कर चुके हैं। ट्रंप के करीबी नीति सलाहकारों की उपस्थिति और रिपब्लिकन नेता और राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प की संभावित साथी निक्की हेली के इस दौरे से ऐसे संकेत मिलते हैं कि डोनाल्ड ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी इजरायल को अपना पूर्ण समर्थन प्रदान करेगी। --(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Fri, 24 May 2024 01:05:35 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>फ़लस्तीन समर्थकों के विरोध&amp;प्रदर्शन के चलते ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक इमारत को बंद किया गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/फलसतन-समरथक-क-वरध-परदरशन-क-चलत-ऑकसफरड-यनवरसट-क-एक-इमरत-क-बद-कय-गय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/फलसतन-समरथक-क-वरध-परदरशन-क-चलत-ऑकसफरड-यनवरसट-क-एक-इमरत-क-बद-कय-गय</guid>
        <description>फ़लस्तीनी समर्थक एक ग्रुप के विरोध-प्रदर्शन के चलते ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक इमारत को बंद कर दिया गया है.

ऑक्सफोर्ड एक्शन फॉर फ़लस्तीन नाम का ये ग्रुप यूनिवर्सिटी के दफ्तरों में जाकर विरोध-प्रदर्शन कर रहा है.

यह ग्रुप यूनिवर्सिटी के साथ इसराइल-ग़ज़ा संघर्ष से संबंधित अपनी नीतियों पर बैठक की मांग कर रहा है.

बीबीसी ऑक्सफोर्ड रेडियो के रिपोर्टर फिल मेरसर के मुताबिक़, इमारत के बाहर सैकड़ों छात्र मौजूद हैं और पुलिस उन्हें अंदर जाने से रोक रही है.

उनके मुताबिक़, यह एक बड़ा आंदोलन है और पुलिस ग्रुप के लोगों को वापस भेज रही है.

हालांकि कुछ प्रदर्शनकारी फ़लस्तीन के झंडे के साथ इमारत के अंदर हैं और उनके पास अपनी मांगों की लिस्ट है.

विरोध-प्रदर्शन कर रहे ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा, हमारी मांगों पर दो हफ्ते से यूनिवर्सिटी ने कोई जवाब नहीं दिया. इसलिए हम शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं.

अपने स्टूडेंट्स के साथ वार्ता करने के बजाए वीसी ने इमारत को खाली करवाना चुना. हम मांग करते हैं कि प्रशासन तुरंत हमारी मांगों को सुने.

यूनिवर्सिटी ने विरोध-प्रदर्शन पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, सात अक्टूबर के बाद से ग़ज़ा में इसराइल के हमलों से 35 हज़ार से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत हो चुकी हैं. इनमें से अधिकतर बच्चे और महिलाएं हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 24 May 2024 01:05:34 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन: खारकिएव पर रूस के मिसाइल हमले से सात लोगों की मौत, दर्जनों घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-खरकएव-पर-रस-क-मसइल-हमल-स-सत-लग-क-मत-दरजन-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-खरकएव-पर-रस-क-मसइल-हमल-स-सत-लग-क-मत-दरजन-घयल</guid>
        <description>यूक्रेन के खारकिएव में रूस के मिसाइल हमले से सात लोगों की मौत हुई है और दर्जनों घायल हुए हैं.

खारकिएव के गर्वनर ओलेह सिन्येहुबोव ने यह जानकारी दी है. उन्होंने दो लोगों के लापता होने का दावा भी किया है.

ओलेह ने स्थानीय निवासियों को घर के अंदर रहने के लिए कहा है.

यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी ने दावा किया है कि रूस से हमलों से उसके कई ठिकानों को नुकसान पहुंचा और उसके कई कर्मचारी भी घायल हुए हैं.

यूक्रेन के मोर्चे को कमजोर करने के लिए रूस ने खारकिएव में हमलों में बढ़ोतरी की है.

ओलेह ने कहा कि वोवचांस्क के आस-पास लड़ाई जारी है, लेकिन हालात यूक्रेन की सेना के काबू में हैं.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि रूस यूक्रेन की कमज़ोर एयर डिफेंस का फायदा उठा रहा है.

ज़ेलेंस्की लगातार अपने सहयोगियों से एयर डिफेंस की मजबूती के लिए आधुनिक लड़ाकू जेट विमानों की मांग कर रहे हैं.

वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दावा है कि उनका इरादा खारकीएव पर कब्ज़ा करने का नहीं है और वह रूस की सीमा पर सुरक्षा घेरा बनाना चाहते हैं.</description>
        <pubDate>Fri, 24 May 2024 01:05:33 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाक अधिकारी अब ‘भीख का कटोरा’ लेकर मित्र देश नहीं जाएंगे : शहबाज शरीफ</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पक-अधकर-अब-भख-क-कटर-लकर-मतर-दश-नह-जएग-शहबज-शरफ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पक-अधकर-अब-भख-क-कटर-लकर-मतर-दश-नह-जएग-शहबज-शरफ</guid>
        <description>इस्लामाबाद/दुबई, 23 मई। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बृहस्पतिवार को कहा कि वे दिन अब गए जब नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के अधिकारी... अपने आर्थिक संकट से निपटने के लिए भीख का कटोरा लेकर मित्र देश नहीं जाएंगे।

प्रधानमंत्री शरीफ ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की एक दिन की यात्रा के दौरान यह टिप्पणी की।

पाकिस्तान और यूएई के बीच लंबे समय से धार्मिक-सांस्कृतिक समानता पर आधारित भाईचारे वाले संबंध हैं।

जियो न्यूज ने शरीफ के हवाले से कहा, वे दिन गए जब मैं अपने मित्र देशों में भीख का कटोरा लेकर जाता था। मैंने वह कटोरा तोड़ दिया है।

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, मेरे प्यारे भाई, आपने अपने महान पिता की तरह एक भाई की तरह परिवार के सदस्य की तरह पाकिस्तान का समर्थन किया है। हालांकि, इस कार्यक्रम में यूएई के राष्ट्रपति मौजूद नहीं थे।

उन्होंने कहा,  लेकिन आज मैं यहां इस महान देश में हूं, इस भाईचारे वाले महान देश में ऋण मांगने के लिए नहीं बल्कि संयुक्त सहयोग, संयुक्त निवेश की तलाश में हूं।

मार्च में सत्ता में आने वाली नई सरकार के प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सहयोगों से निवेशकों को पारस्परिक लाभ होगा और कड़ी मेहनत, सरलता और आधुनिक उपकरणों और कौशल के माध्यम से लाभांश प्राप्त किया जाएगा।

पाकिस्तान की आबादी के 60 प्रतिशत हिस्से, यानी युवाओं को सशक्त बनाने के लिए आईटी कौशल को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने अर्थव्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए यूएई और पाकिस्तान की कंपनियों के बीच सहयोग की सराहना की और इसे पाकिस्तान में दोहराने की इच्छा व्यक्त की।(भाषा)</description>
        <pubDate>Fri, 24 May 2024 01:05:32 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पापुआ न्यू गिनी में लैंडस्लाइड में 100 लोगों के मारे जाने की आशंका&amp; ऑस्ट्रेलियाई मीडिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पपआ-नय-गन-म-लडसलइड-म-100-लग-क-मर-जन-क-आशक-ऑसटरलयई-मडय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पपआ-नय-गन-म-लडसलइड-म-100-लग-क-मर-जन-क-आशक-ऑसटरलयई-मडय</guid>
        <description>पापुआ न्यू गिनी के एक दूर-दराज़ गांव में भारी भूस्खलन हुआ है और गांव वाले शवों को मलबों से निकाल रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया के सरकारी मीडिया एबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों के मुताबिक़ इस घटना में 100 लोगों के मारे जाने की आशंका है लेकिन अब तक आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं.

ये हादसा एंगा प्रांत के काओकलम गांव में तड़के तीन बजे हुआ.

पोरगेरा वुमेन इन बिजनेस एसोसिएशन की अध्यक्ष एलिजाबेथ लारुमा ने एबीसी से बात करते हुए कहा कि पहाड़ के किनारे खिसकने से घर जमींदोज हो गए.

उन्होंने कहा-  जब ये हादसा हुआ तो लोग सो ही रहे थे और पूरा गांव ही धँस गया है. मुझे लगता है कि कम से कम 100 से अधिक लोग ज़मीन के अंदर समा गए. (bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Fri, 24 May 2024 01:05:31 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन के अभ्यास के दूसरे दिन ताइवान ने अपने तट के पास दर्जनों युद्धक विमान और नौसैन्य जहाज देखे</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-क-अभयस-क-दसर-दन-तइवन-न-अपन-तट-क-पस-दरजन-यदधक-वमन-और-नसनय-जहज-दख</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-क-अभयस-क-दसर-दन-तइवन-न-अपन-तट-क-पस-दरजन-यदधक-वमन-और-नसनय-जहज-दख</guid>
        <description>ताइपे, 24 मई। ताइवान ने कहा कि उसके तट के पास चीन की सेना के व्यापक अभ्यास के दूसरे दिन शुक्रवार को दर्जनों चीनी युद्धक विमान और नौसैन्य पोत देखे गए।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसे 49 युद्धक विमान और 19 नौसैन्य पोत के साथ-साथ चीनी तट रक्षक जहाजों का भी पता चला है और बृहस्पतिवार से शुक्रवार तक 24 घंटे की अवधि में 35 विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य में उड़ान भरी। यह दोनों पक्षों के बीच की वास्तविक सीमा है।

ताइवान के नए राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने बृहस्पतिवार को राजधानी ताइपे के दक्षिण में ताओयुआन में एक समुद्री अड्डे का दौरा किया और नाविकों तथा शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से कहा, हम बाहरी चुनौतियों और खतरों का सामना कर रहे हैं। हम स्वतंत्रता और लोकतंत्र के मूल्यों को बनाए रखेंगे।

इससे पहले लाई ने सोमवार को अपने उद्घाटन भाषण में कहा था कि ताइवान एक स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्र है जिसमें संप्रभुता लोगों के हाथों में है। उन्होंने साथ ही बीजिंग से अपनी सैन्य धमकी को रोकने को कहा था।

वहीं चीन की सेना ने कहा कि ताइवान के आसपास उसका दो दिवसीय अभ्यास स्वतंत्रता चाहने वाली अलगाववादी ताकतों के लिए सजा के समान है।

चीन में ताइवान मामलों के कार्यालय के प्रवक्ता चेन बिनहुआ ने बृहस्पतिवार रात एक बयान में कहा, ताइवान के नेता ने पदभार संभालते ही एक-चीन सिद्धांत को चुनौती दी...।

एक-चीन सिद्धांत के अनुसार चीन केवल एक देश है और कम्युनिस्ट पार्टी के शासन के तहत ताइवान भी चीन का ही हिस्सा है। चीन का मानना है कि ताइवान को मुख्य भूमि के साथ जोड़ा जाना चाहिए भले ही इसके लिए बल प्रयोग करना पड़े।(एपी)</description>
        <pubDate>Fri, 24 May 2024 01:05:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कोविड पर रिपोर्टिंग करने वाली चीनी पत्रकार चार साल बाद रिहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कवड-पर-रपरटग-करन-वल-चन-पतरकर-चर-सल-बद-रह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कवड-पर-रपरटग-करन-वल-चन-पतरकर-चर-सल-बद-रह</guid>
        <description>बैंकाक, 22 मईचीन के वुहान में कोरोना वायरस फैलने के शुरुआती दिनों में रिपोर्टिंग करने से जुड़े मामले में चार साल की सजा काटने के बाद चीनी पत्रकार झांग झान को जेल से रिहा कर दिया गया। पत्रकार ने रिहा होने के आठ दिन बाद मंगलवार को एक वीडियो में यह जानकारी दी।

झांग झान को झगड़ा कराने और गड़बड़ी पैदा करने के जुर्म में चार साल की सजा सुनाई गई थी।

झांग झान के रिहा होने के दिन उनके पूर्व वकील झान से या उनके परिवार से संपर्क नहीं कर सके।

एक संक्षिप्त वीडियो में झांग ने बताया कि उन्हें 13 मई को जेल से रिहा किया गया और पुलिस ने उनके भाई झांग जू के घर पर उन्हें छोड़ा था।

उन्होंने कहा, मैं सभी को मेरी मदद करने के लिए धन्यवाद देती हूं।

चीनी पत्रकार का यह वीडियो एक विदेशी कार्यकर्ता जेन वांग ने साझा किया। उन्होंने झांग झान को रिहा करने के लिए ब्रिटेन में अभियान शुरू किया था और वह झांग के पूर्व वकीलों से लगातार संपर्क में रहे थे।

वांग ने एक बयान में कहा कि झांग को अभी भी सीमित स्वतंत्रता है। अब उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि पुलिस चीनी पत्रकार झांग को और अधिक नियंत्रण में रखेगी, भले ही वह अब जेल में न हो।

झांग उन मुट्ठी भर पत्रकारों में से एक थीं जिन्होंने महामारी के शुरुआती दिनों और फरवरी 2020 में चीन सरकार द्वारा पूर्ण लॉकडाउन लगाए जाने के बाद वुहान में जगह-जगह जा कर रिपोर्टिंग की थी।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 23 May 2024 01:07:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान के सर्वोच्च नेता की अगुवाई में राष्ट्रपति रईसी, अन्य के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया प्रांरभ</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-सरवचच-नत-क-अगवई-म-रषटरपत-रईस-अनय-क-अतम-ससकर-क-परकरय-पररभ</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-सरवचच-नत-क-अगवई-म-रषटरपत-रईस-अनय-क-अतम-ससकर-क-परकरय-पररभ</guid>
        <description>दुबई, 22 मईईरान में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए देश के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी, विदेश मंत्री हुसैन अमीराब्दुल्लाहियन और अन्य अधिकारियों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की अगुवाई में बुधवार को प्रारंभ हुई।

तेहरान विश्वविद्यालय में मृतकों के ताबूत रखें गए। ये ताबूत ईरानी ध्वज में लिपटे हुए हैं और ताबूतों पर नेताओं की तस्वीरें लगायी गयी हैं। दिवंगत राष्ट्रपति रईसी के ताबूत पर एक काली पगड़ी रखी गई जो उनके इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद का वंशज होने का संकेत है।

इस सभा में ईरान के अर्द्धसैन्य बल रेवोल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष नेता भी शामिल हुए। साथ ही हमास का इस्माइल हानियेह भी शामिल हुआ।

ईरान गाजा पट्टी में जारी इजराइल-हमास युद्ध के दौरान इस आतंकवादी समूह का समर्थन कर रहा है और उसे हथियार मुहैया करा रहा है।

अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू करने से पहले भीड़ का नेतृत्व कर रहे एक अधिकारी ने नारा लगाया, इजराइल की मौत।

हानियेह ने भीड़ में एकत्रित लोगों से कहा, मैं हमारी संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए फलस्तीनी लोगों, गाजा के प्रतिरोधी गुटों की ओर से आया हूं।

रईसी के अंतिम संस्कार में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुतक्की समेत तालिबान के एक प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की संभावना है।

हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए आठ लोगों के पार्थिव शरीर को तेहरान के पुराने इलाके से होते हुए आजादी या फ्रीडम चौक तक ले जाया जाएगा जहां राष्ट्रपति रईसी ने भाषण दिए थे।

ईरान की धर्म अधारित शासन व्यवस्था ने लोगों को सार्वजनिक शोक सत्र में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हुए पांच दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। आमतौर पर, सरकारी कर्मचारी और स्कूली बच्चे ऐसे आयोजनों में सामूहिक रूप से भाग लेते हैं।

ईरान में शिया धर्म आधारित शासन में विशाल प्रदर्शन हमेशा से अहम रहे हैं। यहां तक कि 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान भी तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह रुहुल्लाह खुमैनी के स्वागत में लाखों लोग राजधानी तेहरान की सड़कों पर उतर आए थे।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 23 May 2024 01:07:25 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>यूक्रेन के बिजली ग्रिड पर रूस के हमलों के कारण कीव में अंधेरा छाया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-बजल-गरड-पर-रस-क-हमल-क-करण-कव-म-अधर-छय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/यकरन-क-बजल-गरड-पर-रस-क-हमल-क-करण-कव-म-अधर-छय</guid>
        <description>कीव, 22 मईयूक्रेन के बिजली ग्रिड पर हाल के सप्ताहों में रूस के लगातार हमलों ने युद्धग्रस्त देश के नेताओं को देशभर में बिजली कटौती करने के लिए मजबूर कर दिया है।

रूस मार्च से बिजली ग्रिड पर हवाई हमले कर रहा है जिसके कारण राजधानी कीव तक में अंधेरा छा गया है।

रूस द्वारा अप्रैल में किए हमले में कीव का सबसे बड़ा ताप विद्युत संयंत्र तबाह हो गया था और आठ मई को कई क्षेत्रों में बिजली उत्पादन तथा ट्रांसमिशन सुविधाओं को निशाना बनाते हुए एक बड़ा हमला किया गया था।

विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि कुल मिलाकर यूक्रेन की आधी ऊर्जा प्रणाली नष्ट हो गयी है।

ऊर्जा मंत्री हर्मन हालुश्चेंको ने कहा कि बिजली ग्रिड पर हमले रुकने के आसान न दिखने और हमलों के खिलाफ पर्याप्त रक्षा प्रणाली न होने के कारण बिजली कटौती से अभी कोई राहत नहीं मिलेगी।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 23 May 2024 01:07:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नेपाली पर्वतारोही कामी रीता ने 30वीं बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नपल-परवतरह-कम-रत-न-30व-बर-मउट-एवरसट-पर-चढई-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नपल-परवतरह-कम-रत-न-30व-बर-मउट-एवरसट-पर-चढई-क</guid>
        <description>काठमांडू, 22 मईनेपाल के दिग्गज पर्वतारोही कामी रीता शेरपा ने बुधवार को 30वीं बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करके इतिहास रच दिया और उन्होंने 10 दिन पहले दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर सबसे अधिक बार चढ़ने का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया।

14 पीक्स एक्सपीडिशन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ताशी लकपा शेरपा के अनुसार 54 वर्षीय पर्वतारोही रीता शेरपा स्थानीय समयानुसार सुबह सात बजकर 49 मिनट पर 8,849 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंचे।

कामी ने मात्र 10 दिन पहले ही 29वीं बार एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी।

हिमालयन टाइम्स अखबार ने ताशी लकपा के हवाले से जानकारी दी, उन्होंने 12 मई को 29वीं बार एवरेस्ट पर चढ़ाई की।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिग्गज पर्वतारोही कामी ने मई 1994 में पहली बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी।

उनका जन्म 17 जनवरी, 1970 को हुआ था और उनकी पर्वतारोहण यात्रा 1992 में शुरू हुई थी।

पिछले साल उन्होंने एक ही मौसम में 27वीं और 28वीं बार माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 23 May 2024 01:07:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पाकिस्तान के युवा विकेटकीपर आजम ने डॉलर के नोट से पसीना पोंछकर विवाद खड़ा किया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-यव-वकटकपर-आजम-न-डलर-क-नट-स-पसन-पछकर-ववद-खड-कय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पकसतन-क-यव-वकटकपर-आजम-न-डलर-क-नट-स-पसन-पछकर-ववद-खड-कय</guid>
        <description>कराची, 22 मईपाकिस्तान के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज आजम खान विवाद में फंस गए जब सोशल मीडिया मंचों पर उन्हें अमेरिकी डॉलर से भौंहों से पसीना साफ करते हुए देखा गया।

इस वीडियो में पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम और कुछ अन्य खिलाड़ी भी दिख रहे हैं। पाकिस्तान के क्रिकेट प्रशंसक देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए आजम और अन्य खिलाड़ियों की उनकी असंवेदनशीलता के लिए आलोचना कर रहे हैं।

वीडियो में बाबर हंसते हुए आजम से पूछते हैं, क्या हुआ अब्बा?

आजम इसका जवाब देते हुए कहते हैं, बहुत गर्मी है।

इस दौरान आजम अपने हाथ में पकड़े डॉलर के नोट से पसीना भी साफ करते हैं जिससे टीम के उनके साथ हंसने लगते हैं।

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, पाकिस्तान के खेल इतिहास में कुछ लोगों को छोड़कर, किसी के पास किसी भी तरह का करिश्मा और प्रभाव नहीं है, एक युवा बच्चे के लिए आकांक्षा करने के लिए कुछ भी नहीं है। मौजूदा लोग बस निराशाजनक हैं।

एक अन्य यूजर ने शिक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, इसलिए हम हमेशा कहते रहते हैं कि बुनियादी शिक्षा जरूरी है, ये लोग दुनिया भर में घूमते हैं लेकिन बुनियादी मानवीय मूल्यों को नहीं सीखते हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर भेजने से पहले उन्हें स्कूल भेजें।

एक प्रशंसक ने लिखा कि जब पाकिस्तानी लोग भोजन की कमी से जूझ रहे थे तब आजम गरीब लोगों का मजाक उड़ा रहे थे।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 23 May 2024 01:07:21 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइल के राजदूत गिलोन ने हमास के हमले के बाद समर्थन के लिए भारत को धन्यवाद दिया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-क-रजदत-गलन-न-हमस-क-हमल-क-बद-समरथन-क-लए-भरत-क-धनयवद-दय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-क-रजदत-गलन-न-हमस-क-हमल-क-बद-समरथन-क-लए-भरत-क-धनयवद-दय</guid>
        <description>नयी दिल्ली, 22 मई। इजराइल के राजदूत नाओर गिलोन ने कहा है कि सात अक्टूबर को हमास के हमले के बाद भारत, इजराइल के पक्ष में खड़ा था और उसका समर्थन भारतीय और यहूदी लोगों के बीच बहुत गहरे संबंधों का प्रमाण है।

गिलोन ने इजराइल के 76वें राष्ट्रीय दिवस का जश्न मनाने के लिए इजराइली दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, सात अक्टूबर से भारत सरकार और जनता दोनों इजराइल के पक्ष में खड़ी हो गईं। और इस बात को हम कभी नहीं भूलेंगे।

उन्होंने मंगलवार की रात एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा, यहां हमें जितना समर्थन मिलता है वह किसी आश्चर्य से कम नहीं है। यह भारतीय और यहूदी लोगों के बीच बहुत गहरे संबंधों का प्रमाण है।

इस कार्यक्रम में विदेश सचिव विनय क्वात्रा भी शामिल हुए।

क्वात्रा ने अपने संबोधन में कहा कि सात अक्टूबर को हुए आतंकवादी हमलों ने हम सभी को झकझोर कर रख दिया था।

दूतावास द्वारा बुधवार को जारी एक बयान में क्वात्रा के हवाले से कहा गया है, भारत खुद सीमा पार आतंकवाद का शिकार है और आतंकवाद के प्रति उसका रुख कतई सहन नहीं करने की नीति (जीरो टॉलरेंस) का रहा है।

उन्होंने कहा, आतंकवादी कृत्यों को किसी भी तरह से न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं इन जघन्य कृत्यों में मारे गए बंधकों और निर्दोष लोगों के परिवारों के साथ हैं।

हमास द्वारा सात अक्टूबर को इजराइली शहरों पर किए गए जबरदस्त हमले के जवाब में इजराइल ने भी गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य आक्रमण शुरू किया था।

हमास की कार्रवाई में इजराइल में लगभग 1,200 लोग मारे जा चुके हैं और 220 से अधिक अन्य लोगों का अपहरण कर लिया गया था।

गाजा में हमास के अधिकारियों का दावा है कि इजराइली हमले में गाजा में 30,000 से अधिक लोग मारे गए हैं।

क्वात्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत-इजराइल साझेदारी तेजी से बढ़ी है और दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सम्मान, समझ और सहयोग से यह साबित होता है।(भाषा)</description>
        <pubDate>Thu, 23 May 2024 01:07:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>निकी हेली ने कहा&amp; राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को वोट करेंगी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नक-हल-न-कह-रषटरपत-चनव-म-टरप-क-वट-करग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नक-हल-न-कह-रषटरपत-चनव-म-टरप-क-वट-करग</guid>
        <description>रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रहीं निक्की हेली ने कहा है कि वो 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को वोट देंगी.

हेली ट्रंप प्रशासन में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की स्थायी प्रतिनिधि थीं. वो मार्च की शुरुआत में रिपिब्लिकन पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की रेस से बाहर हो गई थीं.

जब वो इस रेस से बाहर हुई थीं तब उन्होंने ट्रंप का समर्थन नहीं किया था. हालांकि उन्होंने कहा था कि ट्रंप उनके लाखों समर्थकों का विश्वास जीतने की कोशिश करें.

बुधवार निकी हेली ने कहा कि ट्रंप बतौर राष्ट्रपति परफ़ेक्ट नहीं थे लेकिन राष्ट्रपति जो बाइडन एक विनाशकारी राष्ट्रपति रहे हैं.

शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि निकी हेली ट्रंप के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

बाइडन ने हेली के समर्थकों को अपने साथ करने की कोशिश की थी.

हेली के समर्थकों में उदारवादी और स्वतंत्र वोटर हैं. ये वो वर्ग है, जो डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए चुनाव का रुख़ बदल सकता है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 23 May 2024 01:07:19 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ऋषि सुनक की घोषणा, चार जुलाई को होंगे ब्रिटेन में आम चुनाव</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ऋष-सनक-क-घषण-चर-जलई-क-हग-बरटन-म-आम-चनव</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ऋष-सनक-क-घषण-चर-जलई-क-हग-बरटन-म-आम-चनव</guid>
        <description>ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने घोषणा की है कि देश में चार जुलाई को आम चुनाव करवाए जाएंगे.

ऋषि सुनक ने घोषणा करते हुए कहा, बीते पांच वर्ष देश के लिए दूसरे विश्व युद्ध के बाद से सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रहे हैं. आने वाले दिनों में मैं आपके हर वोट के लिए संघर्ष करुंगा. हमारे पास एक क्लीयर प्लान है.

घोषणा से पहले एक के बाद एक ब्रिटेन के कैबिनेट मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रवेश करते दिखाई दिए थे.

ब्रिटेन की सत्तारूढ़ कंज़र्वेटिव पार्टी के एक स्रोत ने बीबीसी को बताया है कि पार्टी के कुछ सांसद ऋषि सुनक के ख़िलाफ़ अविश्वास मत की मांग कर रहे हैं.

एक सांसद ने पार्टी के मौजूदा माहौल को पेनिक की स्थिति वाला बताया है.

ब्रिटेन में आम चुनाव अक्सर गुरुवार को होते हैं. आख़िर इस प्रथा का पालन 27 अक्तूबर 1931 को हुआ था जब चुनाव मंगलवार को हुए थे.

चार जुलाई 2024 को भी गुरुवार ही है.

आमतौर पर क्या है नियम

संसद की पहली बैठक की पांचवी बरसी के बाद ही संसद को भंग किया जाता है. मौजूदा संसद की ये बरसी 17 दिसंबर 2024 को होने वाली थी.

संसद को भंग करने के बाद, चुनाव की तैयारी के लिए 25 वर्किंग डेज़ का वक्त दिया जाता है.

अगर तय प्रक्रिया का पालन होता तो 28 जनवरी 2025 से पहले-पहले ब्रिटेन में चुनाव संपन्न होने थे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 23 May 2024 01:07:18 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नॉर्वे के फै़सले का ओआईसी ने किया स्वागत, फ़लस्तीन को मिलने जा रही है राष्ट्र के तौर पर मान्यता</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नरव-क-फसल-क-ओआईस-न-कय-सवगत-फलसतन-क-मलन-ज-रह-ह-रषटर-क-तर-पर-मनयत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नरव-क-फसल-क-ओआईस-न-कय-सवगत-फलसतन-क-मलन-ज-रह-ह-रषटर-क-तर-पर-मनयत</guid>
        <description>इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने स्पेन, नॉर्वे और आयरलैंड के फ़लस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने के फै़सले का स्वागत किया है.

ओआईसी ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के अनुरूप है और इससे फ़लस्तीनी लोगों के अधिकारों को मज़बूती मिलेगी.

संगठन का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ़लस्तीन को राष्ट्र के तौर पर बढ़ावा मिलेगा.

ओआईसी का कहना है कि वह इस तरह के प्रयासों की सराहना करता है जो इसराइल के फ़लस्तीन पर कब्ज़े को ख़त्म करने के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हैं.

संगठन ने शांति और स्थिरता हासिल करने के उद्देश्य से दुनिया के उन सभी देशों से फ़लस्तीन को मान्यता देने का अनुरोध किया है.

28 मई को नॉर्वे देगा मान्यता

नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गार स्तोर ने कहा है कि उनका देश फ़लस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता देगा.

उन्होंने बताया कि आने वाली 28 मई को नॉर्वे फ़लस्तीन को स्वतंत्र देश मानेगा.

माना जा रहा है कि नॉर्वे के बाद अब आयरलैंड और स्पेन भी फ़लस्तीन को देश के तौर पर मान्यता दे सकते हैं.

इस फ़ैसले के विरोध में इसराइल ने आयरलैंड और नॉर्वे से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है.

नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्तोर ने कहा है कि ग़ज़ा में जारी जंग ने ये बिल्कुल स्पष्ट कर दिया कि शांति और स्थिरता हासिल करने के लिए फ़लस्तीन की समस्या का सुलझना ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि नॉर्वे का मानना है द्वि-राष्ट्र समाधान इसराइल के लिए बेहतर है.

स्तोर ने कहा कि इस कदम से दूसरे देशों को इसी रास्ते पर चलने के लिए कड़ा संदेश मिलेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Thu, 23 May 2024 01:07:17 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>चीन के हार्बिन शहर में एक इमारत में विस्फोट से एक की मौत, तीन घायल</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/चन-क-हरबन-शहर-म-एक-इमरत-म-वसफट-स-एक-क-मत-तन-घयल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/चन-क-हरबन-शहर-म-एक-इमरत-म-वसफट-स-एक-क-मत-तन-घयल</guid>
        <description>बीजिंग, 23 मई। उत्तर-पूर्वी चीन के हार्बिन शहर में एक इमारत में बृहस्पतिवार सुबह हुए एक विस्फोट में एक महिला की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए। सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी।

हार्बिन चीन के उत्तर-पूर्वी प्रांत हेइलोंगजियांग की राजधानी है।

सोशल मीडिया में जारी वीडियो में हार्बिन में पांच मंजिला इमारत का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त नजर आ रहा है और एक मकान की बालकनी विस्फोट से पूरी तरह उड़ गई।

अधिकारियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि विस्फोट एक नेचुरल गैस टैंक से होने का संदेह है।

जिमू न्यूज के अनुसार विस्फोट से एक महिला की मौत हो गई वहीं तीन लोग घायल हो गए।

इंटरनेट पर सामने आए एक वीडियो में एक व्यक्ति को एंबुलेंस से ले जाते हुए देखा जा सकता है, वहीं सड़कों पर मलबे का ढेर लगा है।

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अपनी एक खबर में बताया कि विस्फोट सुबह लगभग सात बजे हुआ।(एपी)</description>
        <pubDate>Thu, 23 May 2024 01:07:16 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>कौन हैं ईरान के नए कार्यवाहक विदेश मंत्री अली बाग़ेरी कानी</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/कन-ह-ईरन-क-नए-करयवहक-वदश-मतर-अल-बगर-कन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/कन-ह-ईरन-क-नए-करयवहक-वदश-मतर-अल-बगर-कन</guid>
        <description>हेलीकॉप्टर हादसे में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री अमीर अब्दुल्लाहियान समेत कई लोगों की मौत के बाद ईरान में नई नियुक्तियां की जा रही हैं.

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री अली बाग़ेरी कानी को नया कार्यवाहक विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है.

56 वर्षीय कानी को सर्वोच्च धर्मगुरू आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई का क़रीब माना जाता है. कानी ईरान के अति-रूढ़िवादी लोगों के क़रीबी भी हैं.

इब्राहिम रईसी के 2021 में सत्ता संभालने के बाद उन्हें ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का मुख्य परमाणु वार्ताकार नियुक्त किया गया था.

साल 2015 में जब ईरान ने प्रतिबंधों में राहत के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए समझौता किया था तब कानी ने कहा था कि देश का नेतृत्व पश्चिमी देशों के आगे झुक रहा है.

वहीं, साल 2018 में जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने परमाणु समझौता तोड़ दिया था तब कानी ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन राष्ट्रपति हसन रूहानी, पश्चिमी देशों को ये संकेत दे रहे हैं कि ईरान कमज़ोर हो गया है.

हालांकि, बाद में कानी ने समझौते को फिर से बहाल करने के ईरान के प्रयासों का बचाव किया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 22 May 2024 01:09:30 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को इस शहर में दफ़नाया जाएगा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-रषटरपत-इबरहम-रईस-क-इस-शहर-म-दफनय-जएग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-रषटरपत-इबरहम-रईस-क-इस-शहर-म-दफनय-जएग</guid>
        <description>हेलिकॉप्टर हादसे में मारे गए ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और उनके साथ यात्रा कर रहे लोगों के शवों को मंगलवार को तेहरान ले जाया जाएगा.

ईरान के गृह मंत्री अहमद वाहिदी के मुताबिक़ इब्राहिम रईसी और उनके साथ सफर कर रहे लोगों के शवों को दफ़न करने के लिए तबरेज़ से तेहरान ले जाया जाएगा.

पूर्वी अज़रबैजान प्रांत के इस्लामिक प्रोपागैंडा के महानिदेशक के मुताबिक़ ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरू अयातुल्लाह ख़ामेनेई बुधवार को दुआ करेंगे.

बताया गया है कि इब्राहिम रईसी को गुरुवार को मशहद में दफ़नाया जाएगा. यह वही शहर है जहां साल 1960 में रईसी का जन्म हुआ था. इसी शहर में शिया मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र मानी जाने वाली मस्जिद भी है.

रिपोर्टों के मुताबिक़ इस हादसे में मारे गए तबरेज़ शहर के इमाम को तबरेज़ शहर में जबकि पूर्वी अज़रबैजान के गवर्नर को मारागेह शहर में दफ़नाया जाएगा.

ईरान के अधिकारी, राष्ट्रपति के अंतिम संस्कार को लेकर तैयारियां कर रहे हैं.

सोमवार को हुई विशेष बैठक में राष्ट्रपति रईसी के अंतिम संस्कार के लिए कार्यकारी उप-राष्ट्रपति के नेतृत्व में मंत्री परिषद के गठन का निर्णय लिया गया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 22 May 2024 01:09:29 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा संघर्षः नेतन्याहू के गिरफ़्तारी वारंट की मांग पर इसराइल के विपक्षी नेता ने क्या कहा</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-सघरष-नतनयह-क-गरफतर-वरट-क-मग-पर-इसरइल-क-वपकष-नत-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-सघरष-नतनयह-क-गरफतर-वरट-क-मग-पर-इसरइल-क-वपकष-नत-न-कय-कह</guid>
        <description>अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के अभियोजक का कहना है कि उनका कार्यालय युद्ध और मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों के लिए इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री योआव गैलेंट का गिरफ़्तारी वारंट मांग रहा है.

अभियोजक का आरोप है कि ग़ज़ा युद्ध में इसराइल ने भूख को नागरिकों के ख़िलाफ़ हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया है और उनके पास इसके पुख्ता सबूत हैं.

अभियोजक ने हमास के तीन नेताओं के ख़िलाफ़ भी 7 अक्तूबर को इसराइल पर हुए हमले के संबंध में युद्ध अपराधों और मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों के लिए गिरफ़्तारी वारंट मांगा है.

अभियोजक का कहना है कि ये निर्णय स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का नतीजा है. अब अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के जज ये तय करेंगे कि गिरफ़्तारी वारंट जारी किया जाए या नहीं.

वहीं, इसराइल में विपक्ष के नेता ने नेतन्याहू और गैलेंट के गिरफ़्तारी वारंट को इसराइल के लिए नैतिक और राजनीतिक त्रासदी कहा है.

याइर लैपिड ने कहा है कि उनका देश अपने नेताओं और हमास के नेताओं के बीच तुलना को स्वीकार नहीं करेगा.

वहीं, नेतन्याहू ने इससे पहले कहा था कि अगर ऐसा निर्णय लिया जाता है तो यह यहूदी विरोधी नफ़रत भरा अपराध होगा.

वहीं, हमास के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी रायटर्स से कहा है कि आईसीसी के अभियोजक का हमास के नेताओं का गिरफ़्तारी वारंट मांगना पीड़ित और जल्लाद को एक बराबर रखना है.

हमास अधिकारी ने कहा कि इससे इसराइल को फ़लस्तीनियों के ख़ात्मे के इस युद्ध को जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 22 May 2024 01:09:27 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा संघर्षः आईसीसी ने नेतन्याहू और हमास के शीर्ष नेताओं के गिरफ्तारी वारंट की मांग की</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-सघरष-आईसस-न-नतनयह-और-हमस-क-शरष-नतओ-क-गरफतर-वरट-क-मग-क</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-सघरष-आईसस-न-नतनयह-और-हमस-क-शरष-नतओ-क-गरफतर-वरट-क-मग-क</guid>
        <description>इमेज कैप्शन,ग़ज़ा में इसराइली सेना और हमास के बीच भीषण लड़ाई जारी है

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) ने इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और हमास के शीर्ष नेताओं का गिरफ़्तारी वारंट जारी करने की मांग की है.

आईसीसी के अभियोजक ने ग़ज़ा में किए गए युद्ध अपराधों के लिए इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री योआव गैलेंट का गिरफ़्तारी वारंट मांगा है.

आईसीसी के अभियोजक ने कहा है, मेरे कार्यालय ने जो सबूत जुटाए हैं और जिनकी समीक्षा की है उनके आधार पर ये मानने के पर्याप्त कारण है कि इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ग़ज़ा में किए गए युद्ध अपराधों के लिए ज़िम्मेदार हैं.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 22 May 2024 01:09:26 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>भारत में मुस्लिमों को लेकर छपी न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट पर अमेरिका क्या बोला</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/भरत-म-मसलम-क-लकर-छप-नययरक-टइमस-क-रपरट-पर-अमरक-कय-बल</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/भरत-म-मसलम-क-लकर-छप-नययरक-टइमस-क-रपरट-पर-अमरक-कय-बल</guid>
        <description>अमेरिका ने भारत का ज़िक्र करते हुए कहा है कि वह सभी धार्मिक समुदाय के साथ एक समान बर्ताव को लेकर कई देशों के साथ संपर्क में है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने रोज़ाना होने वाली प्रेस वार्ता के दौरान कहा, बाइडन प्रशासन धर्म की आज़ादी के अधिकार की रक्षा करने और इसे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और हम सभी धार्मिक समुदाय के लोगों के साथ एक समान व्यवहार की अहमियत के मुद्दे पर भारत सहित दुनियाभर के कई देशों के साथ संपर्क में हैं.

मैथ्यू मिलर हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स में पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान भारतीय मुस्लिमों को लेकर छपी एक कहानी से जुड़े सवाल पर जवाब दे रहे थे. इस रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि भारत में मुस्लिम समुदाय के लोग अपने बच्चों और परिवार का अनिश्चितता और भय के माहौल में पालन-पोषण कर रहे हैं.

इस रिपोर्ट का शीर्षक स्ट्रेंजर्स इन देयर ओन लैंड: बीइंग मुस्लिम इन मोदी इंडिया है. रिपोर्ट मेंये भी दावा किया गया है कि पीएम मोदी ने कार्यभार संभालने के बाद धीरे-धीरे सेक्युलर फ़्रेमवर्क और मज़बूत लोकतंत्र को कमज़ोर किया है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 22 May 2024 01:09:25 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इब्राहिम रईसी की मौत के बाद ईरान में राष्ट्रपति चुनाव का ऐलान</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इबरहम-रईस-क-मत-क-बद-ईरन-म-रषटरपत-चनव-क-ऐलन</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इबरहम-रईस-क-मत-क-बद-ईरन-म-रषटरपत-चनव-क-ऐलन</guid>
        <description>तेहरान, 21 मई । ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलीकॉप्टर हादसे में मौत के बाद राष्ट्रपति की सीट खाली हो गई है। इस बीच ईरान की सरकार ने राष्ट्रपति चुनाव का ऐलान कर दिया है। देश का 14वां राष्ट्रपति चुनाव 28 जून को होगा। रिपोर्ट के अनुसार, न्यायपालिका, सरकार और संसद के प्रमुखों की बैठक में राष्ट्रपति चुनाव की तारीख तय की गई। प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद मोखबर को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है।

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का हेलीकॉप्टर रविवार को ईरान के उत्तर पश्चिम प्रांत ईस्ट अजरबैजान के पहाड़ी इलाके में लापता हो गया था। सोमवार सुबह उसका मलबा बरामद हुआ। हादसे में राष्ट्रपति और विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन समेत टीम के सदस्यों की मौत की पुष्टि हुई। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के संविधान का अनुच्छेद 131 कहता है कि अगर पद पर रहते हुए किसी ईरानी राष्ट्रपति की मौत होती है तो सबसे पहले शासन चलाने के लिए उपराष्ट्रपति को कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पद संभालना पड़ता है। उपराष्ट्रपति के पास मात्र 50 दिन तक ही सत्ता संभालने का अधिकार रहता है। इसी 50 दिन के भीतर ईरान के लिए नए राष्ट्रपति का चुनाव कराना होता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्यक्रम के आधार पर पंजीकरण 30 मई से 3 जून तक किया जाएगा। इसके बाद उम्मीदवारों को 12 से 27 जून तक चुनाव प्रचार कर सकते हैं। आईआरएनए के अनुसार, संवैधानिक परिषद ने प्रारंभिक रूप से कार्यक्रम पर सहमति दे दी है। -(आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 22 May 2024 01:09:24 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के 5 आतंकवादियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरयल-हमल-म-हजबललह-क-5-आतकवदय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरयल-हमल-म-हजबललह-क-5-आतकवदय-क-मत</guid>
        <description>बेरूत, 21 मई । दक्षिणी लेबनान के कई गांवों और कस्बों पर इजरायली हवाई हमलों में हिजबुल्लाह के पांच सदस्य मारे गए और पांच अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने सोमवार को कहा कि इजरायली युद्धक विमानों ने दक्षिण-पश्चिमी शहर नकौरा पर चार हमले किए, जिसमें हिजबुल्लाह के दो सदस्य मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए। इजरायल ने मेस अल-जबल के दक्षिण-पूर्वी गांव पर भी दो हमले किए, जिसमें हिजबुल्लाह के दो सदस्य मारे गए और एक अन्य घायल हो गया।

एक और हमले में इजरायल ने पूर्वी लेबनान में लेबनान-सीरियाई सीमा पर अल-कुसैर शहर पर हमला किया, जिसमें हिजबुल्लाह का एक सदस्य मारा गया और एक घायल हो गया। इस बीच, हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने कई इजरायली ठिकानों पर हमला कर जवाब दिया। 7 अक्टूबर के बाद से लेबनानी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच टकराव में लेबनानी पक्ष के 477 लोग मारे गए हैं, जिनमें 301 हिजबुल्लाह के सदस्य और 89 नागरिक हैं। (आईएएनएस)</description>
        <pubDate>Wed, 22 May 2024 01:09:23 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>इजराइली हमले में वेस्ट बैंक में सात फिलिस्तीनियों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/इजरइल-हमल-म-वसट-बक-म-सत-फलसतनय-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/इजरइल-हमल-म-वसट-बक-म-सत-फलसतनय-क-मत</guid>
        <description>तेल अवीव, 21 मई । उत्तरी वेस्ट बैंक के जेनिन शहर में इजराइली हमले में सात लोग मारे गए। इस दौरान नौ लोग घायल भी हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर है। यह जानकारी रामल्ला में फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी। जेनिन में एक अस्पताल के निदेशक ने फ़िलिस्तीनी टेलीविज़न को बताया कि काम पर जाते समय इजराइली सेना की गोलियों से एक डॉक्टर की मौत हो गई। फ़िलिस्तीनी शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, मृतकों में एक शिक्षक और एक छात्र भी शामिल हैं।

चरमपंथी फिलिस्तीनी समूहों ने बताया कि जेनिन में इजराइली विशेष बलों के साथ उनकी भीषण भिड़ंत हुई। इजराइली सेना ने कहा कि उसने जेनिन में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाया। गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से जेनिन को कई बार इजराइली हमलों का सामना करना पड़ा है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले साल सात अक्टूबर के बाद से अब तक, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजराइली हमले में 490 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। -(आईएएनएस/डीपीए)</description>
        <pubDate>Wed, 22 May 2024 01:09:22 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>नाइजीरिया : चरमपंथी समूह बोको हराम के चंगुल से सैकड़ों लोगों को मुक्त कराया गया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/नइजरय-चरमपथ-समह-बक-हरम-क-चगल-स-सकड-लग-क-मकत-करय-गय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/नइजरय-चरमपथ-समह-बक-हरम-क-चगल-स-सकड-लग-क-मकत-करय-गय</guid>
        <description>मैदुगुरी (नाइजीरिया), 21 मई। नाइजीरिया के उत्तरी पूर्वी हिस्से में चरमपंथी समूह बोको हराम द्वारा जंगल में महीनों तक बंधन बनाकर रखे गए सैकड़ों लोगों को मुक्त कराकर अधिकारियों को सौंप दिया गया है। सेना ने यह जानकारी दी।

सेना ने बताया कि मुक्त कराए गए लोगों में अधिकतर बच्चे और महिलाएं हैं और ये कई महीनों या सालों से बंधक थे।

नाइजीरियाई सेना के वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल केन चिग्बु ने सोमवार को मुक्त कराए गए लोगों को बोर्नो में असैन्य प्रशासन को सौंपने के दौरान कहा कि 350 बंधकों को बोको हराम ने सम्बिसा के जंगलों में बंधक बनाकर रखा था।

उन्होंने बताया कि 209 बच्चे, 135 महिलाएं और छह पुरुष मुक्त कराए गए हैं। फटे-पुराने कपड़ों में ये लोग बहुत थके हुए नजर आए। माना जाता है कि कुछ लड़कियों ने दुष्कर्म या उग्रवादियों से जबरन शादी के बाद बच्चों को जन्म दिया होगा।

एक बंधक महिला के सात बच्चे हैं और उसने बताया कि बच्चों की वजह से वह एवं अन्य लोग भागने की कोशिश नहीं कर सके।

मुक्त कराई गई हाजरा उमरा ने कहा, मैं हमेशा मुक्त होना चाहती थी लेकिन बच्चों के कारण ऐसा नहीं कर सकी। उसने बताया, भागते समय पकड़े जाने पर वे यातना देते और अनिश्चितकाल के लिए कारागार में डाल देते।

नाइजीरिया में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के मुताबिक बोको हराम नाइजीरिया का जेहादी समूह है जिसकी स्थापना 2009 में देश में इस्लामिक शरिया कानून लागू करने के लिए की गई थी। बोको हराम के हमले और हिंसा में अब तक कम से कम 35 हजार लोग मारे गए हैं और 21 लाख लोग विस्थापित हुए हैं।(एपी)</description>
        <pubDate>Wed, 22 May 2024 01:09:21 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>पीएम मोदी के ग़ज़ा में इसराइली बमबारी रुकवाने वाले बयान पर क्या बोला अमेरिका?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/पएम-मद-क-गज-म-इसरइल-बमबर-रकवन-वल-बयन-पर-कय-बल-अमरक</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/पएम-मद-क-गज-म-इसरइल-बमबर-रकवन-वल-बयन-पर-कय-बल-अमरक</guid>
        <description>अमेरिकी विदेश मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर टिप्पणी करने से बचा, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि रमज़ान के दौरान विशेष दूत भेजकर कैसे ग़ज़ा में भारत ने इसराइली हमले रोके थे.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर से दैनिक प्रेस वार्ता के दौरान ये पूछा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ये कहा था कि कैसे उन्होंने रमज़ान के पवित्र महीने में एक विशेष दूत को तेल अवीव भेजकर ग़ज़ा में इसराइली हमले रोके थे. क्या अमेरिकी विदेश मंत्रालय को इस बारे में जानकारी है?

इस पर मैथ्यू मिलर ने कहा, मुझे इन बयानों के बारे में पता है लेकिन मैं उसपर टिप्पणी नहीं करूंगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा था, मैंने अभी ग़ज़ा में...रमज़ान का महीना था...मैंने अपने विशेष दूत को इसराइल भेजा. मैंने उनसे कहा था कि आप इसराइल के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सबसे मिलिए और उन्हें समझाइए कि कम से कम रमज़ान में ग़ज़ा में बमबारी न करें और उन्होंने पालन करने का भरपूर प्रयास किया.

पीएम मोदी ने कहा था, यहां तो आप मुझे मुसलमानों को लेकर घेर लेते हैं, लेकिन मोदी ग़ज़ा में रमज़ान के महीने में बमबारी, लेकिन मैं इसकी पब्लिसिटी नहीं करता क्योंकि इसके लिए कइयों ने प्रयास किए होंगे.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Wed, 22 May 2024 01:09:20 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>उत्तरी अफगानिस्तान में भारी बारिश के चलते अचानक आई बाढ़ में कम से कम 84 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/उततर-अफगनसतन-म-भर-बरश-क-चलत-अचनक-आई-बढ-म-कम-स-कम-84-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/उततर-अफगनसतन-म-भर-बरश-क-चलत-अचनक-आई-बढ-म-कम-स-कम-84-लग-क-मत</guid>
        <description>इस्लामाबाद, 19 मई। उत्तरी अफगानिस्तान में भारी बारिश के चलते अचानक आई बाढ़ में कम से कम 84 लोगों की मौत हो गई। तालिबान के एक प्रवक्ता ने रविवार को यह जानकारी दी।

फरयाब प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता इस्मतुल्ला मुरादी ने कहा कि शनिवार रात प्रांत के चार जिलों में भारी बारिश हुई और बाढ़ आई, जिसमें कम से कम 66 लोगों की मौत हो गई जबकि पांच लोग घायल हो गए, आठ लोग लापता है।

उन्होंने बताया कि अन्य लोगों की मौत शुक्रवार को आई बाढ़ में हुई।

मुरादी ने कहा कि 1,500 मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, सैंकड़ो हेक्टेयर कृषि भूमि बर्बाद हो गई है और 300 से अधिक पशु मारे गए हैं।

अफगानिस्तान में असामान्य रूप से भारी मौसमी बारिश हो रही है। पश्चिमी प्रांत गोर के गवर्नर के प्रवक्ता अब्दुल वाहिद हमास के अनुसार, बुरी तरह प्रभावित प्रांत में शुक्रवार को आई बाढ़ से 50 लोगों के मरने की खबर है।</description>
        <pubDate>Mon, 20 May 2024 00:38:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरान के राष्ट्रपति को ले जा रहे हेलीकॉप्टर की ‘हार्ड लैंडिंग’</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-रषटरपत-क-ल-ज-रह-हलकपटर-क-हरड-लडग</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-क-रषटरपत-क-ल-ज-रह-हलकपटर-क-हरड-लडग</guid>
        <description>दुबई, 19 मई। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को ले जा रहे एक हेलीकॉप्टर ने हार्ड लैंडिंग की है। ईरान के सरकारी मीडिया ने इस हार्ड लैंडिंग का कोई ब्यौरा दिए बिना केवल इतनी जानकारी दी है।

सरकारी टेलीविजन की खबर में रविवार को यह जानकारी दी गई है। किसी विमान या हेलीकॉप्टर की हार्ड लैंडिंग से तात्पर्य उसकी अनियंत्रित और अव्यवस्थित लैंडिंग होता है।

कुछ लोगों ने जनता से रईसी और हेलीकॉप्टर में सवार अन्य लोगों के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया है।

यह घटना तब हुई है जब रईसी और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व में ईरान ने पिछले महीने ही इजराइल पर एक जबरदस्त ड्रोन और मिसाइल हमला किया था।

रईसी ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में यात्रा कर रहे थे। सरकारी टीवी ने कहा कि यह घटना ईरान की राजधानी तेहरान से लगभग 600 किलोमीटर (375 मील) उत्तर-पश्चिम में अजरबैजान देश की सीमा पर स्थित जुल्फा शहर के निकट हुई। बाद में हालांकि टीवी ने बताया कि यह घटना उजी के निकट हुई है।

सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए की खबर के अनुसार, रईसी के साथ ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीराब्दुल्लाहियन, ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत के गवर्नर और अन्य अधिकारी तथा अंगरक्षक भी यात्रा कर रहे थे।

एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने घटना का वर्णन करने के लिए दुर्घटना शब्द का इस्तेमाल किया, लेकिन उन्होंने एक ईरानी समाचार पत्र के समक्ष स्वीकार किया कि वह अभी तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे हैं।

रईसी की स्थिति के बारे में न तो आईआरएनए और न ही सरकारी टीवी ने कोई जानकारी दी।

गृह मंत्री अहमद वाहिदी ने सरकारी टीवी से कहा, राष्ट्रपति और उनके साथ कुछ लोग हेलीकॉप्टर से वापस जा रहे थे और खराब मौसम और कोहरे के कारण हेलीकॉप्टर को आपात स्थिति में उतारना पड़ा।

उन्होंने कहा, विभिन्न बचाव दल क्षेत्र में जा रहे हैं, लेकिन खराब मौसम और कोहरे के कारण उन्हें हेलीकॉप्टर तक पहुंचने में समय लग सकता है।

उन्होंने कहा, यह क्षेत्र थोड़ा ऊबड़-खाबड़ है और वहां पहुंचना कठिन है। हम बचाव टीमों के लैंडिंग स्थल पर पहुंचने और उनसे अधिक जानकारी प्राप्त होने का इंतजार कर रहे हैं।

सरकारी टीवी ने बताया कि बचाव दल मौके पर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन खराब मौसम के कारण बचाव अभियान बाधित हो रहा है।

तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और कोहरे की सूचना मिली है। आईआरएनए ने इस क्षेत्र को एक जंगलबताया है।

आपातकालीन सेवाओं के प्रवक्ता बाबाक येक्तापरास्त ने आईआरएनए को बताया कि बचाव अभियान में लगे एक हेलीकॉप्टर ने उस क्षेत्र तक पहुंचने की कोशिश की जहां अधिकारियों का मानना है कि रईसी का हेलीकॉप्टर है, लेकिन जबरदस्त कोहरे के कारण हेलीकॉप्टर उतर नहीं सका।

रईसी रविवार तड़के अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के साथ एक बांध का उद्घाटन करने के लिए अजरबैजान में थे। यह तीसरा बांध है, जिसे दोनों देशों ने अरास नदी पर बनाया है।

रईसी ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में जा रहे थे। रईसी (63) एक कट्टरपंथी हैं, जिन्होंने पूर्व में देश की न्यायपालिका का नेतृत्व किया था।

उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी के रूप में देखा जाता है और कुछ विश्लेषकों का कहना है कि वह 85 वर्षीय नेता (खामेनेई) की मृत्यु या पद से इस्तीफा देने के बाद उनकी जगह ले सकते हैं।

रईसी ने ईरान का 2021 का राष्ट्रपति चुनाव जीता था।

इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री को ले जा रहे एक हेलीकॉप्टर की ईरान में संभावित हार्ड लैंडिंग की खबरों पर बारीकी से नजर रख रहा है।

विभाग ने कहा कि इस समय उसके पास इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं है।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 20 May 2024 00:38:40 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>मध्य गाजा में इजराइल के हवाई हमले में 27 लोगों की मौत</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/मधय-गज-म-इजरइल-क-हवई-हमल-म-27-लग-क-मत</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/मधय-गज-म-इजरइल-क-हवई-हमल-म-27-लग-क-मत</guid>
        <description>देर अल-बला (गाजा पट्टी), 19 मई। मध्य गाजा में एक इजराइली हवाई हमले में 27 लोग मारे गए और हमास के साथ आठ महीने से चल रही लड़ाई ने रविवार को और जोर पकड़ लिया।

हालांकि, युद्ध के बाद गाजा में कौन शासन करेगा, इस सवाल पर इजराइली नेता बंटे हुए हैं।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपनी वार कैबिनेट के दो अन्य सदस्यों से आलोचना का सामना करना पड़ रहा। उनके मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बेनी गांत्ज ने कहा है कि युद्ध के बाद गाजा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रशासन को शामिल करते हुए आठ जून तक एक योजना नहीं बनाई जाती है तो वह सरकार से बाहर हो जाएंगे।

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन के नेतन्याहू और अन्य इजराइली नेताओं से रविवार को मिलने की उम्मीद है ताकि इजराइल को मान्यता देने के लिए सऊदी अरब के साथ एक महत्वाकांक्षी अमेरिकी योजना पर चर्चा की जा सके। इस मुलाकात का उद्देश्य फलस्तीनी प्राधिकरण को गाजा पर शासन में मदद करना भी है।

देर अल-बला के अल-अक्सा मार्टिर हॉस्पिटल के अनुसार, मध्य गाजा के फलस्तीनी शरणार्थी शिविर नुसिरत में हुए हवाई हमले में 27 लोग मारे गए, जिनमें 10 महिलाएं और सात बच्चे शामिल हैं।

वहीं, फलस्तीनी रेड क्रिसेंट आपात सेवा के अनुसार नुसिरत की एक सड़क पर एक अलग हमले में पांच लोग मारे गए।

अस्पताल के अनुसार, हमास संचालित पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी भी देर अल-बला में मारे गए।(एपी)</description>
        <pubDate>Mon, 20 May 2024 00:38:39 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ईरानी राष्ट्रपति रईसी के हेलिकॉप्टर क्रैश पर सऊदी अरब ने क्या कहा?</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/ईरन-रषटरपत-रईस-क-हलकपटर-करश-पर-सऊद-अरब-न-कय-कह</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/ईरन-रषटरपत-रईस-क-हलकपटर-करश-पर-सऊद-अरब-न-कय-कह</guid>
        <description>भारत-पाकिस्तान समेत दुनियाभर के नेताओं ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की सलामती के लिए दुआ की है.

सऊदी अरब ने ईरानी राष्ट्रपति रईसी के हेलिकॉप्टर हादसे को लेकर चिंता जाहिर की है.

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा, मीडिया में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और उनके हेलिकॉप्टर को लेकर जो ख़बरें चल रही हैं उन्हें लेकर हम बेहद चिंतित हैं.

इस मुश्किल वक्त में हम ईरान के साथ हैं और ईरान की हर तरीक़े से मदद के लिए तैयार हैं.

तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा, हमने हेलिकॉप्टर क्रैश से जुड़े घटनाक्रम पर नज़र बना रखी है.

हम उम्मीद करते हैं कि ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और उनके सहयोगी पूरी तरह से सुरक्षित हैं. राहत और बचाव कार्य में मदद मुहैया करवाने के लिए कदम उठाए गए हैं.

जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोक्ट किया, ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के हेलिकॉप्टर की दुर्घटना को लेकर हम चिंतित हैं.

हम इस मुश्किल वक्त में ईरान की हर तरह से मदद करने के लिए तैयार हैं. हम उम्मीद करते हैं कि इब्राहिम रईसी पूरी तरह से सुरक्षित हैं.

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, राष्ट्रपति रईसी की आज हेलीकॉप्टर उड़ान के बारे में आ रही ख़बरों से ग़हरी चिंता हुई है. हम संकट की इस घड़ी में ईरानी लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं और राष्ट्रपति और उनके दल की भलाई की कामना करते हैं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक बयान में कहा है, माननीय राष्ट्रपति सैयद इब्राहिम रईसी के हेलीकॉप्टर के बारे में ईरान से परेशान करने वाली ख़बर सुनी. बड़ी चिंता के साथ खुशख़बरी का इंतज़ार कर रहा हूं कि सब ठीक है. हमारी दुआएं और शुभकामनाएं माननीय राष्ट्रपति रईसी और पूरे ईरानी राष्ट्र के साथ हैं.

अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव ने इस हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वो हेलीकॉप्टर हादसे की ख़बर से बेहद परेशान है.

राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने उड़ान भरने से पहले अज़रबैजान के राष्ट्रपति के साथ ही दोनों देशों की सीमा पर बांध का उद्घाटन किया था.

राष्ट्रपति अलियेव ने कहा कि संकट की इस घड़ी में अज़रबैजान ईरान की हर मदद करने के लिए तैयार है.

अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान के राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की रिपोर्टों पर नज़र रखे हुए हैं.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रपति रईसी के लिए दुनियाभर में की सलामती की दुआओं के लिए शुक्रिया अदा किया है.

विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, ईरान कई देशों की सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का शुक्रगुज़ार है.

कई देशों की सरकारों और संगठनों ने ईरान की सरकार और जनता के साथ मानवीय संवेदना दिखाने के साथ राहत और बचाव कार्य में मदद की पेशकश भी की है.

राष्ट्रपति रईसी की खोज में रविवार से ही व्यापक अभियान चलाया जा रहा है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 20 May 2024 00:38:38 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>तुर्की के ड्रोन ने ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के हेलिकॉप्टर क्रैश होने की जगह का पता लगाया</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/तरक-क-डरन-न-ईरन-रषटरपत-इबरहम-रईस-क-हलकपटर-करश-हन-क-जगह-क-पत-लगय</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/तरक-क-डरन-न-ईरन-रषटरपत-इबरहम-रईस-क-हलकपटर-करश-हन-क-जगह-क-पत-लगय</guid>
        <description>ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की खोज में चलाए जा रहे अभियान में तुर्की के ड्रोन ने हेलिकॉप्टर कहां क्रैश हुआ इस बात का पता लगा लिया है.

समाचार एजेंसी अनादोलु के मुताबिक़ तुर्की ने राष्ट्रपति रईसी के हेलिकॉप्टर क्रैश की खोज अभियान में मदद के लिए ड्रोन भेजा था.

एजेंसी ने ड्रोन की जो फुटेज जारी की है, उसमें रात को एक पहाड़ी पर काले निशान दिखाई दिए हैं.

एजेंसी के मुताबिक़ फुटेज से जो भी जानकारी मिली है, उसे ईरान के अधिकारियों के साथ साझा कर दिया गया है.

रविवार को ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहयान को ले जा रहा हेलिकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हुआ है.

ईरान के गृह मंत्री अहमद वाहिदी ने राष्ट्रपति रईसी और विदेश मंत्री के हेलिकॉप्टर में सवार होने की पुष्टि की है.

इस हेलिकॉप्टर में ईरान के पूर्वी अज़रबैजान प्रांत के गवर्नर मलिक रहमती समेत कई अन्य लोग भी सवार थे.

ये हेलिकॉप्टर काफ़िले में चल रहे तीन हेलिकॉप्टरों में से एक है.

राष्ट्रपति रईसी की खोज में रविवार से ही व्यापक अभियान चलाया जा रहा है.

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह ख़ामेनई ने कहा है कि ईरान का प्रशासन इस हादसे से प्रभावित नहीं होगा.

भारत समेत दुनियाभर के नेताओं ने ईरान के राष्ट्रपति की सलामती के लिए दुआ की है.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 20 May 2024 00:38:37 +0000</pubDate>
    </item>

    <item>
        <title>ग़ज़ा संघर्षः रफ़ाह पर हमले को लेकर नेतन्याहू से मिलेंगे अमेरिकी एनएसए</title>
        <link>https://shresthpradesh.com/गज-सघरष-रफह-पर-हमल-क-लकर-नतनयह-स-मलग-अमरक-एनएसए</link>
        <guid>https://shresthpradesh.com/गज-सघरष-रफह-पर-हमल-क-लकर-नतनयह-स-मलग-अमरक-एनएसए</guid>
        <description>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सलिवन इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से वार्ता करने जा रहे हैं.

अमेरिका, ग़ज़ा में संघर्ष विराम कराने के लिए फिर से प्रयास कर रहा है. हाल ही में मिस्र में हुई शांति वार्ता बिना नतीजे के टूट गई थी.

जैक सलिवन ऐसे समय में इसराइल पहुंच रहे हैं जब इसराइली सेना दक्षिणी ग़ज़ा के रफ़ाह शहर समेत ग़ज़ा में व्यापक सैन्य अभियान चला रही है.

वहीं, एक फ़लस्तीनी मेडिकल सूत्र ने दावा किया है कि बीती रात मध्य ग़ज़ा स्थित एक शरणार्थी कैंप पर हुए हवाई हमले में कम से कम बीस लोग मारे गए हैं.

वहीं इसराइली सेना का कहना है कि ग़ज़ा के दक्षिण में जारी लड़ाई में शनिवार को उसके दो सैनिक मारे गए हैं और चार गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

अमेरिका ने रफ़ाह में आक्रमण के चलते इसराइल के लिए भेजी जा रही हथियारों की खेप को भी रोक दिया था.(bbc.com/hindi)</description>
        <pubDate>Mon, 20 May 2024 00:38:35 +0000</pubDate>
    </item>
    </channel>
</rss>