छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ ! 2 पुरुष और 1 महिला समेत 3 नक्सली की मौत।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में छत्तीसगढ़ सीमा पर नक्सलियों से सीधी मुठभेड़ हुई इसमें 3 नक्सली मारे गए हैं। जिसमें 2 पुरुष और 1 महिला शामिल है। यहां मौके से AK-47 और SLR राइफल मिली. जबकि नक्सली एनकाउंटर जवान दीपक चिन्ना मडावी शहीद हो गए हैं जोगा मडावी घायल बताए गए, उनकी हालत स्थिर है. वहीं, ऑपरेशन 3 फरवरी से चल रहा था.अभी जंगल में सर्च जारी है। इस घटना का नक्सल समस्या पर गहरा प्रभाव पड़ा।
यह ऑपरेशन 3 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब गढ़चिरौली पुलिस को माओवादी कंपनी नंबर 10 के कैडरों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली. तब 14 सी-60 कमांडो यूनिट्स ने इलाके को घेरा और 5 फरवरी को नक्सलियों के साथ गोलीबारी शुरू हो गई।नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो सकी है लेकिन वे छत्तीसगढ़ से आए हैं बताए जा रहे हैं।
इस ऑपरेशन में सी-60 कांस्टेबल दीपक चिन्ना मडावी (38 वर्ष) शहीद हो गए जबकि एक अन्य जवान जोगा मडावी घायल हुए. इस घटना में सुरक्षा बलों की बहादुरी की सलामी तो मिलीं, लेकिन नक्सल समस्या की जड़ों पर सवाल भी उठाए गए. गढ़चिरौली जैसे इलाकों में नक्सल गतिविधियां विकास को बाधित करती हैं, जहां घने जंगल और सीमावर्ती क्षेत्र चुनौतीपूर्ण हैं. यह मुठभेड़ नक्सल विरोधी अभियानों की निरंतरता को दर्शाती है, जहां सुरक्षा बलों ने हाल के वर्षों में कई सफल ऑपरेशन चलाए हैं. पिछले साल 2025 में ही गढ़चिरौली में 20 से अधिक नक्सली मारे गए थे, लेकिन इस बार सीमा पार से आने वाले कैडरों ने खतरे को बढ़ाया.
ऑपरेशन के दौरान घायल जवान दीपक चिन्ना मडावी को हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जोगा मडावी की हालत स्थिर है और उन्हें आगे के इलाज के लिए गढ़चिरौली ले जाया गया। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

