रायपुर में हवाला का कथित बड़ा नेटवर्क, रोजाना 60 करोड़ रुपये के लेनदेन का दावा, 1 लाख भेजने पर 2 हजार तक कमीशन
रायपुर में हवाला का कथित बड़ा नेटवर्क, रोजाना 60 करोड़ रुपये के लेनदेन का दावा, 1 लाख भेजने पर 2 हजार तक कमीशन
दुर्ग पुलिस ने रायपुर से नागपुर-मुंबई जा रहे 4 करोड़ रुपये जब्त किए, रकम गुजरात भेजने की बात कह रही ट्रांसपोर्ट कंपनी। कार्रवाई के बाद राजधानी में हवाला कारोबार को लेकर फिर उठे सवाल, कारोबारियों के हवाले से कई राज्यों तक फैले नेटवर्क का दावा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हवाला कारोबार को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। दुर्ग पुलिस ने रायपुर से नागपुर और मुंबई की ओर ले जाए जा रहे 4 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। इस मामले में रायपुर स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी की ओर से दावा किया गया कि रकम गुजरात में कर्मचारियों को बांटने के लिए भेजी जा रही थी। हालांकि, इतनी बड़ी रकम भेजने के तरीके ने लेनदेन की प्रकृति और उसके स्रोत को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब्त रकम के वास्तविक उद्देश्य और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
एक दैनिक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, रायपुर से रोजाना 60 करोड़ रुपये से अधिक का हवाला कारोबार होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट में हवाला कारोबार से जुड़े लोगों के हवाले से बताया गया है कि राजधानी से दूसरे शहरों तक बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाई जाती है। हालांकि, रोजाना 60 करोड़ रुपये के लेनदेन और सक्रिय कारोबारियों की संख्या से जुड़े इन आंकड़ों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
गाड़ियों में छिपाकर रकम पहुंचाने का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, हवाला नेटवर्क से जुड़े लोग नकदी को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। दावा किया गया है कि रकम को वाहनों के गोपनीय चेंबर में छिपाकर या अनाज, सब्जियों और कपड़ों के बीच रखकर ले जाया जाता है। इस तरह नकदी को परिवहन के सामान्य सामान के साथ एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने की बात कही गई है।
हवाला कारोबार में रकम भेजने और दूसरी जगह भुगतान प्राप्त करने के लिए अनौपचारिक पहचान व्यवस्था का इस्तेमाल किए जाने का भी दावा है। कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, कुछ मामलों में नोट के हिस्से या नोटों के सीरियल नंबर को पहचान के तौर पर इस्तेमाल करने की बात कही जाती है। हालांकि, ये विवरण रिपोर्ट में कारोबार से जुड़े लोगों के दावों पर आधारित हैं और इन्हें किसी विशेष मामले में इस्तेमाल की पुष्टि नहीं माना जा सकता।
एक लाख रुपये भेजने पर 1500 से 2000 रुपये तक कमीशन का दावा
हवाला कारोबार से जुड़े लोगों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि रकम भेजने के बदले कमीशन लिया जाता है। दावा है कि एक लाख रुपये भेजने पर कुछ मार्गों में 1500 से 2000 रुपये तक कमीशन लिया जा सकता है। बड़ी रकम के लेनदेन में 2 से 3 प्रतिशत तक कमीशन वसूले जाने की बात भी कही गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग शहरों और राज्यों के लिए कमीशन की दरों में अंतर बताया गया है। झारखंड में एक लाख रुपये भेजने पर 300 से 700 रुपये तक कमीशन लेने का दावा है, जबकि मुंबई और दिल्ली के लिए यह रकम 1500 से 2000 रुपये तक बताई गई है। इन दरों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और वास्तविक लेनदेन में परिस्थितियों के अनुसार अंतर हो सकता है।
रायपुर में 55 से ज्यादा कारोबारियों के सक्रिय होने का दावा
रिपोर्ट में हवाला कारोबार से जुड़े लोगों के हवाले से रायपुर में 55 से अधिक हवाला कारोबारियों के सक्रिय होने की बात कही गई है। तेलघानी नाका क्षेत्र को इस कथित नेटवर्क का एक प्रमुख केंद्र बताया गया है। हालांकि, सक्रिय कारोबारियों की संख्या और किसी विशेष क्षेत्र में उनकी गतिविधियों को लेकर आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं।
रायपुर से दूसरे राज्यों तक नकदी के लेनदेन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। हालिया जब्ती ने एक बार फिर इस बात पर ध्यान खींचा है कि बड़ी रकम किस उद्देश्य से भेजी जा रही थी, उसका स्रोत क्या था और परिवहन के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन सवालों का जवाब संबंधित मामले की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो सकेगा।
राजनीति से लेकर उद्योग और सराफा कारोबार तक नेटवर्क के दावे
हवाला कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार, कथित लेनदेन का दायरा केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट में राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ लेनदेन में भी हवाला के इस्तेमाल का दावा किया गया है। इसके अलावा रकम कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और गुजरात जैसे शहरों तक भेजे जाने की बात कही गई है। कुछ लोगों ने आगे दुबई, लंदन और अन्य विदेशी ठिकानों तक रकम पहुंचाने का दावा भी किया है। इन दावों के समर्थन में स्वतंत्र रूप से सत्यापित विवरण उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
रिपोर्ट में उद्योग और व्यापार से जुड़े कई क्षेत्रों का भी उल्लेख है। दावा किया गया है कि अनाज, आलू, प्याज और चने के कारोबार के अलावा सराफा, स्टील, आयरन, गुटखा और तंबाकू से जुड़े लेनदेन में भी हवाला का इस्तेमाल हो सकता है। हालांकि, किसी पूरे उद्योग या कारोबारी वर्ग को अवैध गतिविधियों से जोड़ने के लिए ठोस सबूत जरूरी हैं। केवल कारोबार से जुड़े लोगों के दावों के आधार पर किसी व्यक्ति या कंपनी की संलिप्तता तय नहीं की जा सकती।
4 करोड़ रुपये की जब्ती के बाद जांच पर नजर
दुर्ग पुलिस द्वारा 4 करोड़ रुपये जब्त किए जाने की घटना के बाद अब मामले में रकम के स्रोत, उसके स्वामित्व, भेजने के उद्देश्य और संबंधित दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। ट्रांसपोर्ट कंपनी की ओर से कर्मचारियों को भुगतान के लिए गुजरात रकम भेजने की बात कही गई है। इस दावे की पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड और जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।
फिलहाल, रायपुर में रोजाना 60 करोड़ रुपये के हवाला कारोबार और 55 से अधिक कारोबारियों के सक्रिय होने जैसे आंकड़े प्रकाशित रिपोर्ट में कारोबार से जुड़े लोगों के दावों पर आधारित हैं। जब्त रकम के मामले और व्यापक हवाला नेटवर्क के बीच संबंध स्थापित करने के लिए जांच से सामने आने वाले तथ्यों का इंतजार करना होगा।

