स्टील प्लांट में 1600 डिग्री के पिघले लोहे का कहर, आग की लपटों में घिरा ठेकेदार सीढ़ियों से भागता दिखा; इलाज के दौरान दर्दनाक मौत

स्टील प्लांट में 1600 डिग्री के पिघले लोहे का कहर, आग की लपटों में घिरा ठेकेदार सीढ़ियों से भागता दिखा; इलाज के दौरान दर्दनाक मौत

स्टील प्लांट में 1600 डिग्री के पिघले लोहे का कहर, आग की लपटों में घिरा ठेकेदार सीढ़ियों से भागता दिखा; इलाज के दौरान दर्दनाक मौत

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बोरई-रसमड़ा स्थित जेडी स्टील प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे में ठेकेदार संतोष कुमार श्रीवास्तव की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, प्लांट में मशीन के एक हिस्से का नोजल नीचे आने के दौरान करीब 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला लोहा उनके शरीर पर गिर गया। गंभीर रूप से झुलसे संतोष को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

इस हादसे से जुड़ा एक भयावह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। वीडियो में आग की लपटों से घिरा एक व्यक्ति सीढ़ियों से नीचे भागता दिखाई देता है। आसपास मौजूद लोग उसे बचाने की कोशिश करते नजर आते हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मशीन का नोजल नीचे आया, ठेकेदार पर गिरा पिघला लोहा

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, घटना 17 अक्टूबर की बताई जा रही है। संतोष कुमार श्रीवास्तव जेडी स्टील प्लांट में ठेकेदारी का काम करते थे और घटना के समय संयंत्र परिसर में मौजूद थे। देर रात टिंडिस मशीन के एक हिस्से का नोजल अचानक नीचे आ गया। इसी दौरान मशीन से निकला अत्यधिक गर्म पिघला लोहा संतोष के शरीर पर गिर गया।

पिघले लोहे का तापमान करीब 1600 डिग्री सेल्सियस बताया गया है। इसकी चपेट में आने से संतोष गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।

अस्पताल में जिंदगी की जंग हारे संतोष

गंभीर रूप से झुलसे संतोष कुमार श्रीवास्तव को बचाने के लिए चिकित्सकों ने प्रयास किए, लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर थी। जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।

संतोष बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। उनकी मौत के बाद शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। 18 अक्टूबर को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को बिहार लेकर रवाना हुए।

वायरल वीडियो में आग की लपटों से घिरा व्यक्ति

हादसे से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने की बात कही जा रही है। वीडियो में एक व्यक्ति आग की लपटों से घिरा हुआ सीढ़ियों से नीचे की ओर भागता दिखाई देता है। आसपास मौजूद लोग उसे बचाने की कोशिश करते नजर आते हैं। बताया जा रहा है कि इसके बाद वह व्यक्ति बेसुध होकर गिर जाता है।

हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और फुटेज का इस घटना से संबंध आधिकारिक रूप से पुष्ट होना बाकी है। ऐसे में वीडियो के आधार पर घटना के सभी विवरणों को अंतिम रूप से सही नहीं माना जा सकता। हादसे की वास्तविक परिस्थितियों का पता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

पहले भी हादसे का दावा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद प्लांट में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य प्रिया साहू ने आरोप लगाया है कि इसी कंपनी के दूसरे प्लांट में करीब दो साल पहले भी एक श्रमिक की झुलसने से मौत हुई थी। उनके अनुसार, उस मामले में विरोध के बाद पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा मिल पाया था।

यह दावा प्रिया साहू की ओर से सामने आया है। पिछले हादसे और मुआवजे से संबंधित परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। हालांकि, मौजूदा घटना ने औद्योगिक परिसर में काम करने वाले श्रमिकों और ठेकेदारों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

पुलिस ने मर्ग कायम किया, हादसे की जांच शुरू

दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि जलने से घायल एक व्यक्ति की अस्पताल में मौत हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि मशीन के नोजल के नीचे आने की वजह क्या थी, घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं पर जानकारी सामने आना बाकी है।

जेडी स्टील प्लांट में हुई इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।