भारत पर 26% टैरिफ़ लगाने के बाद बोले ट्रंप 'मोदी मेरे दोस्त', जानिए दस अहम बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ की घोषणा कर दी है. ट्रंप के इस टैरिफ़ को डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ का नाम दिया गया है. व्हाइट हाउस ने लगभग 100 देशों की सूची जारी की है, जिन पर डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाया गया है. इसके तहत जिन देशों पर टैरिफ़ लगाया गया है, यह अमेरिका पर उन देशों के लगाए टैरिफ़ से आधा या लगभग आधे के बराबर है. हालांकि, इस सूची में ऐसे देश भी हैं, जिन पर उतना ही टैरिफ़ लगाया गया है जितना उन्होंने अमेरिका पर लगाया है. इसके अलावा 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ भी लगाया गया है. ट्रंप का टैरिफ़ टैरिफ़ की घोषणा करते हुए अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा, आज लिबरेशन डे है, जिसका अमेरिका लंबे समय से इंतज़ार कर रहा था. उन्होंने कहा, आज का दिन अमेरिकी उद्योग के पुनर्जन्म और अमेरिका के फिर से समृद्ध बनने के तौर पर याद किया जाएगा. ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिका का फ़ायदा उठाया गया और उसे विदेशियों ने लूट लिया है. उन्होंने कहा, हमारे टैक्स पेयर्स को 50 सालों से अधिक समय से ठगा जा रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. डोनाल्ड ट्रंप ने यह टैरिफ़ एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए लागू किया है. ट्रंप के डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ को 10 प्वॉइंट्स में समझिए. डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ को लेकर जुनून के पीछे है 40 साल पुराना जापानी कनेक्शन 1. भारत पर कितना टैरिफ़ ट्रंप ने भारत पर 26 फ़ीसदी डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ की घोषणा की है. व्हाइट हाउस के मुताबिक़, भारत अमेरिका पर 52 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाता है. टैरिफ़ की घोषणा करते हुए अमेरिका राष्ट्रपति ने भारत का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री (मोदी) कुछ ही दिन पहले ही यहां से गए हैं और वो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, पर मैंने उनसे कहा कि आप मेरे दोस्त हैं लेकिन आप हमारे साथ सही नहीं कर रहे. ट्रंप ने कहा, वे हमें 52 फ़ीसदी चार्ज कर रहे हैं. आप समझ रहे हैं.. इस लिहाज़ से हम उनसे लगभग ना के बराबर चार्ज कर रहे हैं...सालों और दशकों से. 2. कब से लागू होगा टैरिफ़ विदेशों में निर्मित सभी ऑटोमोबाइल्स पर 25 फीसदी का टैरिफ़ लगाया गया है, जो कि अमेरिकी समयानुसार आज रात (बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात) 12 बजकर एक मिनट से लागू हो जाएगा. इसके अलावा, सभी देशों पर 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ अमेरिकी समयानुसार पांच अप्रैल रात 12 बजकर एक मिनट से लागू हो जाएगा. जबकि 10 फ़ीसदी से अधिक टैरिफ़ अमेरिकी समयानुसार 9 अप्रैल रात 12 बजकर एक मिनट से लागू होगा. 3. शेयर बाज़ार पर असर ट्रंप के डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ से दुनिया भर में आर्थिक तौर पर उथल-पुथल मचने की आशंका जताई जा रही है. टैरिफ़ की घोषणा के बाद एशिया-पैसिफ़िक देशों के शेयर बाज़ारों में गिरावट देखने को मिली है. जापान के शेयर बाज़ार में चार फ़ीसदी की गिरावट दर्ज हुई है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाज़ार में दो फ़ीसदी की गिरावट आई है. उधर, ट्रंप के टैरिफ़ का असर सोने की कीमत पर भी देखने को मिला है. सोने की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है. ट्रंप के भाषण से पहले व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने संवाददाताओं को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप सभी देशों पर 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ लगाएंगे. ट्रंप ने कुछ देशों मात्र बेसलाइन टैरिफ लगाया है, जबकि कुछ देशों पर इससे ज़्यादा टैरिफ़ लगाया गया है. बेसलाइन टैरिफ़ का सामना करने वाले कुछ देश: 5. सबसे ज़्यादा टैरिफ़ किन पर? व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका लगभग 60 देशों पर स्पेसिफ़िक रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाएगा. यानी इन देशों पर सबसे अधिक टैरिफ़ लगाया गया है. स्पेसिफ़िक रेसिप्रोकल टैरिफ़ का सामना करने वाले कुछ देश: यूरोपीय संघ (20%) चीन (34%) वियतनाम (46%) थाईलैंड (36%) जापान (24%) कंबोडिया (49%) दक्षिण अफ़्रीका (30%) ताइवान (32%) 6. कनाडा और मेक्सिको को राहत इन नई टैरिफ़ घोषणाओं में कनाडा और मेक्सिको का उल्लेख नहीं है. व्हाइट हाउस ने कहा कि वे इन दोनों देशों के साथ पिछले आदेशों में निर्धारित किए गए ढांचे के तहत ही काम करेंगे. उन आदेशों में कनाडा और मेक्सिको पर फेंटानिल और सरहद से जुड़े मुद्दों को वजह बताते हुए शुल्क लगाया गया था. ट्रंप ने तब दोनों देशों पर 25% टैरिफ़ का एलान किया था लेकिन बाद में इसे कम किया था. ट्रंप कनाडा और मेक्सिको पर शुल्क रोकने के लिए सहमत हुए. 7. ऑटो आयात पर 25% शुल्क इसके अलावा, राष्ट्रपति ने घोषणा की कि अमेरिका विदेशों में निर्मित गाड़ियों पर 25% शुल्क लगा रहा है. ये शुल्क लगभग तुरंत, तीन अप्रैल की आधी रात को लागू हो जाएंगे. ट्रंप की इस घोषणा का सबसे बड़ा असर अमेरिकी कारों पर ही पड़ने वाला है. अमेरिका बड़ी संख्या में कारें आयात करता है और अब उनकी क़ीमत बढ़ जाएगी. 8. ये चीज़े होंगी अमेरिका में महंगी अमेरिका में अब बीयर, व्हिस्की और टक़िला जैसे ड्रिंक्स भी महंगे हो जाएंगे. मेक्सिको से आने वाली मोडेलो और कोरोना जैसे बीयर के ब्रैंड अब अमेरिका में महंगे हो जाएंगे. टैरिफ़ लगने के बाद एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में कई कारें 4,000 से 10,000 डॉलर तक महंगी हो जाएंगी. ट्रंप ने यूरोपीय संघ से आने वाली शराब पर भी 200 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया है. इसकी वजह शैंपेन या जर्मन बीयर वगैहरा महंगे जाएंगे. इसके अलावा ईंधन, मेपस सिरप, एवोकाडो आदि भी अब अमेरिका में महंगे बिकेंगे. 9. दुनिया के नेताओं की कैसी प्रतिक्रिया? इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी टैरिफ़ को गलत बताया है और कहा है कि इससे व्यापार युद्ध छिड़ सकता है. उन्होंने एक बयान में कहा, हम अमेरिका से समझौता करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. इसका उद्देश्य उस व्यापार युद्ध को रोकना है जो पश्चिमी देशों को कमजोर करेगा. इस बीच ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि टैरिफ अप्रत्याशित नहीं हैं, लेकिन वे पूरी तरह से अनुचित हैं.

भारत पर 26% टैरिफ़ लगाने के बाद बोले ट्रंप 'मोदी मेरे दोस्त', जानिए दस अहम बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ की घोषणा कर दी है. ट्रंप के इस टैरिफ़ को डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ का नाम दिया गया है. व्हाइट हाउस ने लगभग 100 देशों की सूची जारी की है, जिन पर डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाया गया है. इसके तहत जिन देशों पर टैरिफ़ लगाया गया है, यह अमेरिका पर उन देशों के लगाए टैरिफ़ से आधा या लगभग आधे के बराबर है. हालांकि, इस सूची में ऐसे देश भी हैं, जिन पर उतना ही टैरिफ़ लगाया गया है जितना उन्होंने अमेरिका पर लगाया है. इसके अलावा 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ भी लगाया गया है. ट्रंप का टैरिफ़ टैरिफ़ की घोषणा करते हुए अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा, आज लिबरेशन डे है, जिसका अमेरिका लंबे समय से इंतज़ार कर रहा था. उन्होंने कहा, आज का दिन अमेरिकी उद्योग के पुनर्जन्म और अमेरिका के फिर से समृद्ध बनने के तौर पर याद किया जाएगा. ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिका का फ़ायदा उठाया गया और उसे विदेशियों ने लूट लिया है. उन्होंने कहा, हमारे टैक्स पेयर्स को 50 सालों से अधिक समय से ठगा जा रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. डोनाल्ड ट्रंप ने यह टैरिफ़ एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए लागू किया है. ट्रंप के डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ को 10 प्वॉइंट्स में समझिए. डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ को लेकर जुनून के पीछे है 40 साल पुराना जापानी कनेक्शन 1. भारत पर कितना टैरिफ़ ट्रंप ने भारत पर 26 फ़ीसदी डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ की घोषणा की है. व्हाइट हाउस के मुताबिक़, भारत अमेरिका पर 52 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाता है. टैरिफ़ की घोषणा करते हुए अमेरिका राष्ट्रपति ने भारत का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री (मोदी) कुछ ही दिन पहले ही यहां से गए हैं और वो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, पर मैंने उनसे कहा कि आप मेरे दोस्त हैं लेकिन आप हमारे साथ सही नहीं कर रहे. ट्रंप ने कहा, वे हमें 52 फ़ीसदी चार्ज कर रहे हैं. आप समझ रहे हैं.. इस लिहाज़ से हम उनसे लगभग ना के बराबर चार्ज कर रहे हैं...सालों और दशकों से. 2. कब से लागू होगा टैरिफ़ विदेशों में निर्मित सभी ऑटोमोबाइल्स पर 25 फीसदी का टैरिफ़ लगाया गया है, जो कि अमेरिकी समयानुसार आज रात (बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात) 12 बजकर एक मिनट से लागू हो जाएगा. इसके अलावा, सभी देशों पर 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ अमेरिकी समयानुसार पांच अप्रैल रात 12 बजकर एक मिनट से लागू हो जाएगा. जबकि 10 फ़ीसदी से अधिक टैरिफ़ अमेरिकी समयानुसार 9 अप्रैल रात 12 बजकर एक मिनट से लागू होगा. 3. शेयर बाज़ार पर असर ट्रंप के डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ से दुनिया भर में आर्थिक तौर पर उथल-पुथल मचने की आशंका जताई जा रही है. टैरिफ़ की घोषणा के बाद एशिया-पैसिफ़िक देशों के शेयर बाज़ारों में गिरावट देखने को मिली है. जापान के शेयर बाज़ार में चार फ़ीसदी की गिरावट दर्ज हुई है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाज़ार में दो फ़ीसदी की गिरावट आई है. उधर, ट्रंप के टैरिफ़ का असर सोने की कीमत पर भी देखने को मिला है. सोने की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है. ट्रंप के भाषण से पहले व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने संवाददाताओं को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप सभी देशों पर 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ लगाएंगे. ट्रंप ने कुछ देशों मात्र बेसलाइन टैरिफ लगाया है, जबकि कुछ देशों पर इससे ज़्यादा टैरिफ़ लगाया गया है. बेसलाइन टैरिफ़ का सामना करने वाले कुछ देश: 5. सबसे ज़्यादा टैरिफ़ किन पर? व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका लगभग 60 देशों पर स्पेसिफ़िक रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाएगा. यानी इन देशों पर सबसे अधिक टैरिफ़ लगाया गया है. स्पेसिफ़िक रेसिप्रोकल टैरिफ़ का सामना करने वाले कुछ देश: यूरोपीय संघ (20%) चीन (34%) वियतनाम (46%) थाईलैंड (36%) जापान (24%) कंबोडिया (49%) दक्षिण अफ़्रीका (30%) ताइवान (32%) 6. कनाडा और मेक्सिको को राहत इन नई टैरिफ़ घोषणाओं में कनाडा और मेक्सिको का उल्लेख नहीं है. व्हाइट हाउस ने कहा कि वे इन दोनों देशों के साथ पिछले आदेशों में निर्धारित किए गए ढांचे के तहत ही काम करेंगे. उन आदेशों में कनाडा और मेक्सिको पर फेंटानिल और सरहद से जुड़े मुद्दों को वजह बताते हुए शुल्क लगाया गया था. ट्रंप ने तब दोनों देशों पर 25% टैरिफ़ का एलान किया था लेकिन बाद में इसे कम किया था. ट्रंप कनाडा और मेक्सिको पर शुल्क रोकने के लिए सहमत हुए. 7. ऑटो आयात पर 25% शुल्क इसके अलावा, राष्ट्रपति ने घोषणा की कि अमेरिका विदेशों में निर्मित गाड़ियों पर 25% शुल्क लगा रहा है. ये शुल्क लगभग तुरंत, तीन अप्रैल की आधी रात को लागू हो जाएंगे. ट्रंप की इस घोषणा का सबसे बड़ा असर अमेरिकी कारों पर ही पड़ने वाला है. अमेरिका बड़ी संख्या में कारें आयात करता है और अब उनकी क़ीमत बढ़ जाएगी. 8. ये चीज़े होंगी अमेरिका में महंगी अमेरिका में अब बीयर, व्हिस्की और टक़िला जैसे ड्रिंक्स भी महंगे हो जाएंगे. मेक्सिको से आने वाली मोडेलो और कोरोना जैसे बीयर के ब्रैंड अब अमेरिका में महंगे हो जाएंगे. टैरिफ़ लगने के बाद एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में कई कारें 4,000 से 10,000 डॉलर तक महंगी हो जाएंगी. ट्रंप ने यूरोपीय संघ से आने वाली शराब पर भी 200 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया है. इसकी वजह शैंपेन या जर्मन बीयर वगैहरा महंगे जाएंगे. इसके अलावा ईंधन, मेपस सिरप, एवोकाडो आदि भी अब अमेरिका में महंगे बिकेंगे. 9. दुनिया के नेताओं की कैसी प्रतिक्रिया? इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी टैरिफ़ को गलत बताया है और कहा है कि इससे व्यापार युद्ध छिड़ सकता है. उन्होंने एक बयान में कहा, हम अमेरिका से समझौता करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. इसका उद्देश्य उस व्यापार युद्ध को रोकना है जो पश्चिमी देशों को कमजोर करेगा. इस बीच ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि टैरिफ अप्रत्याशित नहीं हैं, लेकिन वे पूरी तरह से अनुचित हैं. उन्होंने कहा, टैरिफ की घोषणा का कोई तर्क नहीं है. ये ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के बीच साझेदारी के ख़िलाफ़ हैं.यह किसी दोस्त का काम नहीं है. 10. अमेरिका की चेतावनी - पलटवार करने के बारे में न सोचें अमेरिका ट्रेज़री सैक्रेटरी स्कॉट वेसेंट ने चेतावनी दी है कि टैरिफ़ के जवाब में कोई देश अमेरिका पर शुल्क की घोषणा न करे. अमेरिकी न्यूज़ चैनल फॉक्स न्यूज़ को बेसेंट ने बताया, सारे देशों को मेरी सलाह है कि वो पलटवार न करें. आराम से बैठें, देखते हैं आगे क्या होता है. लेकिन अगर आपने पलटवार किया तो ये बात बढ़ जाएगी.(bbc.com/hindi)