भिंड की बेटियों ने किया कमाल:संसाधनों की कमी के बावजूद प्रदेश में हासिल की टॉप रैंक; यूट्यूब से पढ़कर बनाई जगह

एमपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में भिंड की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। लहार कस्बे के शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की योग्यता टांक ने होम साइंस में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। शिक्षक पिता और गृहिणी मां की बेटी योग्यता अब UPSC की तैयारी कर देश सेवा करना चाहती है। पिता करते है सिलाई, बेटी बनी टॉपर लहार के डेनिडा क्षेत्र की महारूफ बानो ने होम साइंस में प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया। बैग सिलाई की छोटी दुकान चलाने वाले पिता याकूब खान की बेटी महारूफ ने आर्थिक तंगी के बावजूद यह उपलब्धि हासिल की। किताबें खरीदने के पैसे न होने पर अपने शिक्षक से किताबें लेकर पढ़ाई की। विज्ञान वर्ग में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन इसी तरह गोहद के टच स्टोन स्कूल के सचिन शर्मा ने गणित विषय में प्रदेश में आठवां स्थान प्राप्त किया। IIT में प्रवेश का लक्ष्य रखने वाले सचिन रोजाना 7-8 घंटे अध्ययन करते थे। इसी तरह गोहद की हर्षन उमा स्कूल की मुस्कान झाकरिया ने बायोलॉजी में प्रदेश सातवां स्थान हासिल किया। किसान की बेटी मुस्कान डॉक्टर बनने का सपना देख रही है। बिना कोचिंग के यूट्यूब से की तैयारी दसवीं कक्षा में एमएलबी कन्या विद्यालय की मधु राजावत ने प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त किया। CRPF जवान की बेटी मधु ने बिना कोचिंग के यूट्यूब की मदद से तैयारी की। इसी तरह काजल बघेल ने नौवां स्थान हासिल किया। सेना में तैनात पिता की बेटी काजल ने भी बिना कोचिंग के केवल किताबों और यूट्यूब की मदद से यह सफलता पाई। वह डॉक्टर बनकर स्वास्थ्य विभाग में सेवा करना चाहती है।

भिंड की बेटियों ने किया कमाल:संसाधनों की कमी के बावजूद प्रदेश में हासिल की टॉप रैंक; यूट्यूब से पढ़कर बनाई जगह
एमपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में भिंड की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। लहार कस्बे के शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की योग्यता टांक ने होम साइंस में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। शिक्षक पिता और गृहिणी मां की बेटी योग्यता अब UPSC की तैयारी कर देश सेवा करना चाहती है। पिता करते है सिलाई, बेटी बनी टॉपर लहार के डेनिडा क्षेत्र की महारूफ बानो ने होम साइंस में प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया। बैग सिलाई की छोटी दुकान चलाने वाले पिता याकूब खान की बेटी महारूफ ने आर्थिक तंगी के बावजूद यह उपलब्धि हासिल की। किताबें खरीदने के पैसे न होने पर अपने शिक्षक से किताबें लेकर पढ़ाई की। विज्ञान वर्ग में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन इसी तरह गोहद के टच स्टोन स्कूल के सचिन शर्मा ने गणित विषय में प्रदेश में आठवां स्थान प्राप्त किया। IIT में प्रवेश का लक्ष्य रखने वाले सचिन रोजाना 7-8 घंटे अध्ययन करते थे। इसी तरह गोहद की हर्षन उमा स्कूल की मुस्कान झाकरिया ने बायोलॉजी में प्रदेश सातवां स्थान हासिल किया। किसान की बेटी मुस्कान डॉक्टर बनने का सपना देख रही है। बिना कोचिंग के यूट्यूब से की तैयारी दसवीं कक्षा में एमएलबी कन्या विद्यालय की मधु राजावत ने प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त किया। CRPF जवान की बेटी मधु ने बिना कोचिंग के यूट्यूब की मदद से तैयारी की। इसी तरह काजल बघेल ने नौवां स्थान हासिल किया। सेना में तैनात पिता की बेटी काजल ने भी बिना कोचिंग के केवल किताबों और यूट्यूब की मदद से यह सफलता पाई। वह डॉक्टर बनकर स्वास्थ्य विभाग में सेवा करना चाहती है।