भारत-ईयू एफ़टीए से किसको क्या हासिल होगा, जानिए विशेषज्ञों की राय
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'मदर ऑफ़ ऑल डील्स', 'सबसे बड़ा समझौता', 'वास्तव में ऐतिहासिक'- ऐसे कई विशेषण भारत–यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुई 16वीं बैठक के नतीजों के बारे में इस्तेमाल किए जा रहे हैं.
हालाँकि, इनमें से ज़्यादातर टिप्पणियाँ 'भारत–ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफ़टीए)' की बातचीत पूरी होने से जुड़ी हैं. इसके बारे में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह साझी समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है.
यह एफ़टीए क्या हासिल करना चाहता है? क्या कई चीज़ें इसमें शामिल नहीं हैं? इससे जुड़े अलग-अलग क्षेत्र और लोग, इसका क्या असर देख रहे हैं? भारत के बाहर, इसके बारे में कैसी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं
क्या दांव पर लगा है?
यूरोपीय संघ (ईयू) अभी 27 देशों का समूह है, यानी सामान, सेवाएँ, पूंजी और लोग- बिना तकनीकी, क़ानूनी या प्रशासनिक रुकावटों के एक-दूसरे देश आ-जा सकते हैं

