छत्तीसगढ़ में ACB और EOW का बड़ा एक्शन, कोयला से लेकर सराफा कारोबारियों तक के ठिकानों पर छापे, कई जिलों में मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़ में ACB और EOW का बड़ा एक्शन, कोयला से लेकर सराफा कारोबारियों तक के ठिकानों पर छापे, कई जिलों में मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़ में ACB और EOW का बड़ा एक्शन, कोयला से लेकर सराफा कारोबारियों तक के ठिकानों पर छापे, कई जिलों में मचा हड़कंप

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जांच एजेंसियों की कार्रवाई से शुक्रवार को कारोबारियों और संबंधित क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई। बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के बीच अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीमें भी मैदान में उतर आई हैं। एजेंसियों ने रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, राजनांदगांव, राजिम और कोरबा सहित प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में करीब डेढ़ दर्जन ठिकानों पर दबिश दी है।

कार्रवाई के दायरे में रियल एस्टेट, कोयला, सराफा और कपड़ा कारोबार से जुड़े लोगों के ठिकाने बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कोरबा जिले के कटघोरा में नगर पालिका अध्यक्ष और एक नगर सैनिक के ठिकानों पर भी जांच टीम पहुंची है। अलग-अलग स्थानों पर एक साथ हुई इस कार्रवाई से प्रदेश में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, छापेमारी में क्या मिला है और किन दस्तावेजों या संपत्तियों की जांच की जा रही है, इस संबंध में अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

रायपुर में रियल एस्टेट कारोबारी सुदर्शन शर्मा के घर पहुंची टीम

राजधानी रायपुर के वीआईपी स्टेट में ACB और EOW की टीम रियल एस्टेट कारोबारी सुदर्शन शर्मा के आवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में की जा रही है। टीम उनके घर पर मौजूद रहकर जांच से संबंधित दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की पड़ताल कर रही है। फिलहाल कार्रवाई के दौरान क्या जानकारी सामने आई है, इसका खुलासा नहीं किया गया है।

राजनांदगांव में दो कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश

राजनांदगांव में भी EOW की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, करीब 10 अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की टीम दो वाहनों में पहुंची। टीम ने सनसिटी इलाके में कारोबारी वैभव गोलछा के निवास और लालबाग क्षेत्र में कारोबारी जय बग्गा के घर दबिश दी।

इन दोनों ठिकानों पर की जा रही कार्रवाई को शराब घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों की टीम मौके पर जांच में जुटी रही। हालांकि, कार्रवाई के उद्देश्य और अब तक मिले दस्तावेजों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

गोबरा नवापारा में ज्वेलर्स और कपड़ा कारोबारी के प्रतिष्ठानों की जांच

अभनपुर क्षेत्र के गोबरा नवापारा में ACB और EOW की संयुक्त टीम ने सराफा और कपड़ा कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर दबिश दी। जानकारी के अनुसार, टीम ने नवकार ज्वैलर्स और शांति विजय स्टोर्स सहित कारोबारी से जुड़े अन्य ठिकानों पर जांच की।

अचानक पहुंची जांच टीम के बाद इलाके के व्यापारियों में हलचल बढ़ गई। अधिकारी प्रतिष्ठानों में मौजूद दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की पड़ताल करते रहे। फिलहाल इस कार्रवाई से संबंधित कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

बिलासपुर में कोयला कारोबारी शाहबाज खान के आवास पर छापा

न्यायधानी बिलासपुर में कोयला कारोबारी शाहबाज खान के ठिकानों पर भी ACB और EOW की टीम पहुंची। शुक्रवार सुबह अधिकारी उसलापुर स्थित अलका एवेन्यू में उनके आवास पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि टीम सुबह से ही मौके पर मौजूद रहकर दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की जांच कर रही है।

कोयला कारोबार से जुड़े इस ठिकाने पर हुई कार्रवाई को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन जांच एजेंसी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया है।

कटघोरा में नगर पालिका अध्यक्ष और नगर सैनिक के ठिकाने पर कार्रवाई

कोरबा जिले के कटघोरा में EOW की टीम ने दो अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी। टीम नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल के आवास पहुंची। इसके अलावा नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकाने पर भी छापेमारी की गई।

इस कार्रवाई को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए चर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों ठिकानों पर जांच जारी रहने की जानकारी है। हालांकि, एजेंसी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन आरोपों या दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है और जांच में क्या सामने आया है।

डेढ़ दर्जन ठिकानों पर कार्रवाई, आधिकारिक खुलासे का इंतजार

छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जिलों में एक साथ हुई इन कार्रवाइयों ने शराब घोटाले, कोयला कारोबार और DMF से जुड़े मामलों की जांच को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। जांच एजेंसियां कारोबारियों और अन्य संबंधित लोगों के ठिकानों पर दस्तावेजों सहित विभिन्न जानकारियों की पड़ताल कर रही हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि छापेमारी के दौरान कितने दस्तावेज, नकदी या अन्य सामग्री मिली है। साथ ही, सभी स्थानों पर की जा रही कार्रवाइयों का आपस में क्या संबंध है, इस बारे में भी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। जांच पूरी होने और एजेंसियों की ओर से बयान जारी किए जाने के बाद ही कार्रवाई से जुड़े तथ्यों और संभावित खुलासों की तस्वीर साफ हो सकेगी।