ट्रंप पर बरसे ईरानी सर्वोच्च नेता, बताया उन्हें झूठा

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का मध्य पूर्व दौरा पूरा होने के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खमेनेई ने कहा है कि अमेरिका को इस क्षेत्र से जाना ही होगा. उन्होंने ट्रंप पर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया. डॉयचे वैले पर अशोक कुमारका लिखा- खमेनेई ने शनिवार को टीवी पर प्रसारित अपने संदेश में कहा, क्षेत्र के देशों के दृढ़ संकल्प को देखते हुए अमेरिका को इस क्षेत्र से जाना पड़ेगा और वह जाएगा. ईरानी नेता का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति का मध्य पूर्व दौरा खत्म होने के एक दिन बाद आया है. इस दौरे में ट्रंप सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात गए, जहां ना सिर्फ आपसी सहयोग को मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई बल्कि खरबों डॉलर के समझौते भी हुए. साथ ही ट्रंप ने अपनी इस यात्रा में ईरानी नेतृत्व की कड़ी आलोचना करते हुए ईरानी तेल के निर्यात को जीरो करने की धमकी भी दी. उन्होंने मंगलवार को सऊदी इंवेस्टमेंट फोरम में कहा, ईरानी नेताओं का ध्यान अपने लोगों की संपदा को चुकाकर विदेशों में आतंकवाद और खून खराबे के लिए धन मुहैया कराने पर रहा है. संयुक्त अरब अमीरात से रवाना होने के एक दिन बाद ट्रंप ने अपने विशेष विमान एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से कहा कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अमेरिकी प्रस्ताव पर तेजी से कदम उठाना होगा, या कुछ बहुत बुरा होने जा रहा है. अमेरिकी मॉडल नाकाम ट्रंप के किसी खास बयान की तरफ इशारा किए बगैर खमेनेई ने कहा कि ट्रंप की कुछ टिप्पणियां शर्मिंदगी का स्रोत और जबाव देने लायक भी नहीं हैं. उन्होंने कहा, कुछ बातों का स्तर इतना नीचा है कि वे खुद उन्हें कहने वाले के लिए शर्मिंदगी का स्रोत हैं और अमेरिकी जनता को शर्मिंदा करती हैं. उन्होंने ट्रंप की इस बात को झूठ करार दिया कि वह युद्ध में झुलस रहे गाजा में शांति कायम करना चाहते हैं. खमेनेई ने कहा, ट्रंप ने दावा किया कि वह अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर शांति हासिल करना चाहते हैं. उन्होंने, अमेरिकी अधिकारियों ने और अमेरिकी प्रशासनों ने अपने शक्ति का इस्तेमाल गाजा में नरसंहार का समर्थन करने के लिए किया है, युद्ध शुरू करने के लिए किया है, जहां भी वे कर सकते थे और भाड़े के कातिलों का समर्थन करने के लिए किया है. खमेनेई ने आरोप लगाया कि अमेरिका खाड़ी देशों को अपने ऊपर निर्भर बनाए रखना चाहता है. उन्होंने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इन अरब देशों के सामने एक मॉडल पेश किया है. एक मॉडल, जिसका मतलब खुद उनके अपने शब्दों में है कि अमेरिका के बिना ये देश 10 दिन भी नहीं टिक सकते. ईरानी नेता ने इस मॉडल को नाकाम बताते हुए कहा, अब भी, अपने सौदों, अपने व्यवहार और अपने प्रस्तावों के जरिए अमेरिकी इसी मॉडल को आगे बढ़ा रहे हैं और लागू कर रहे हैं, ऐसा मॉडल जो इन देशों को इस कदर निर्भर बनाता है कि वे अमेरिकी समर्थन के बिना अस्तित्व में नहीं रह सकते हैं.

ट्रंप पर बरसे ईरानी सर्वोच्च नेता, बताया उन्हें झूठा
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का मध्य पूर्व दौरा पूरा होने के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खमेनेई ने कहा है कि अमेरिका को इस क्षेत्र से जाना ही होगा. उन्होंने ट्रंप पर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया. डॉयचे वैले पर अशोक कुमारका लिखा- खमेनेई ने शनिवार को टीवी पर प्रसारित अपने संदेश में कहा, क्षेत्र के देशों के दृढ़ संकल्प को देखते हुए अमेरिका को इस क्षेत्र से जाना पड़ेगा और वह जाएगा. ईरानी नेता का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति का मध्य पूर्व दौरा खत्म होने के एक दिन बाद आया है. इस दौरे में ट्रंप सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात गए, जहां ना सिर्फ आपसी सहयोग को मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई बल्कि खरबों डॉलर के समझौते भी हुए. साथ ही ट्रंप ने अपनी इस यात्रा में ईरानी नेतृत्व की कड़ी आलोचना करते हुए ईरानी तेल के निर्यात को जीरो करने की धमकी भी दी. उन्होंने मंगलवार को सऊदी इंवेस्टमेंट फोरम में कहा, ईरानी नेताओं का ध्यान अपने लोगों की संपदा को चुकाकर विदेशों में आतंकवाद और खून खराबे के लिए धन मुहैया कराने पर रहा है. संयुक्त अरब अमीरात से रवाना होने के एक दिन बाद ट्रंप ने अपने विशेष विमान एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से कहा कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अमेरिकी प्रस्ताव पर तेजी से कदम उठाना होगा, या कुछ बहुत बुरा होने जा रहा है. अमेरिकी मॉडल नाकाम ट्रंप के किसी खास बयान की तरफ इशारा किए बगैर खमेनेई ने कहा कि ट्रंप की कुछ टिप्पणियां शर्मिंदगी का स्रोत और जबाव देने लायक भी नहीं हैं. उन्होंने कहा, कुछ बातों का स्तर इतना नीचा है कि वे खुद उन्हें कहने वाले के लिए शर्मिंदगी का स्रोत हैं और अमेरिकी जनता को शर्मिंदा करती हैं. उन्होंने ट्रंप की इस बात को झूठ करार दिया कि वह युद्ध में झुलस रहे गाजा में शांति कायम करना चाहते हैं. खमेनेई ने कहा, ट्रंप ने दावा किया कि वह अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर शांति हासिल करना चाहते हैं. उन्होंने, अमेरिकी अधिकारियों ने और अमेरिकी प्रशासनों ने अपने शक्ति का इस्तेमाल गाजा में नरसंहार का समर्थन करने के लिए किया है, युद्ध शुरू करने के लिए किया है, जहां भी वे कर सकते थे और भाड़े के कातिलों का समर्थन करने के लिए किया है. खमेनेई ने आरोप लगाया कि अमेरिका खाड़ी देशों को अपने ऊपर निर्भर बनाए रखना चाहता है. उन्होंने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इन अरब देशों के सामने एक मॉडल पेश किया है. एक मॉडल, जिसका मतलब खुद उनके अपने शब्दों में है कि अमेरिका के बिना ये देश 10 दिन भी नहीं टिक सकते. ईरानी नेता ने इस मॉडल को नाकाम बताते हुए कहा, अब भी, अपने सौदों, अपने व्यवहार और अपने प्रस्तावों के जरिए अमेरिकी इसी मॉडल को आगे बढ़ा रहे हैं और लागू कर रहे हैं, ऐसा मॉडल जो इन देशों को इस कदर निर्भर बनाता है कि वे अमेरिकी समर्थन के बिना अस्तित्व में नहीं रह सकते हैं.