Japan में छत्तीसगढ़ के लाल का धमाका! 21 साल के अभिजीत सखूजा ने पैरा एशियन गेम्स में जीता कांस्य, देश-दुनिया में बढ़ाया प्रदेश का मान

Japan में छत्तीसगढ़ के लाल का धमाका! 21 साल के अभिजीत सखूजा ने पैरा एशियन गेम्स में जीता कांस्य, देश-दुनिया में बढ़ाया प्रदेश का मान

Japan में छत्तीसगढ़ के लाल का धमाका! 21 साल के अभिजीत सखूजा ने पैरा एशियन गेम्स में जीता कांस्य, देश-दुनिया में बढ़ाया प्रदेश का मान

बिलासपुर। जापान की धरती पर छत्तीसगढ़ के एक युवा खिलाड़ी ने ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिससे पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। बिलासपुर के 21 वर्षीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी अभिजीत सखूजा ने पैरा एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। अपनी शानदार खेल प्रतिभा, दमदार प्रदर्शन और बुलंद हौसले के दम पर अभिजीत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है। इस उपलब्धि के साथ वे प्रदेश के सबसे युवा पैरा एशियन गेम्स पदक विजेता भी बन गए हैं।

जापान में विरोधियों को दी कड़ी चुनौती, जीत के साथ बढ़ते गए आगे

जापान में 18 से 24 अक्टूबर तक आयोजित पैरा एशियन गेम्स में अभिजीत सखूजा ने शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वालीफाइंग राउंड के तीनों मुकाबलों में एकतरफा जीत दर्ज कर अपने इरादे साफ कर दिए।

इसके बाद प्री-क्वार्टर फाइनल में अभिजीत का सामना चीन के चेन फेंग्फेई से हुआ। इस मुकाबले में भी उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाते हुए 21-12 और 21-8 से जीत दर्ज की और अगले दौर में जगह बनाई।

क्वार्टर फाइनल में भारतीय खिलाड़ी को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह

अभिजीत का विजय अभियान क्वार्टर फाइनल में भी जारी रहा। यहां उन्होंने भारतीय खिलाड़ी सूर्यकांत यादव को सीधे सेटों में 21-16 और 21-12 से हराकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया।

लगातार जीत के साथ अभिजीत ने अपनी प्रतिभा और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता का परिचय दिया। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला विश्व के नंबर-2 खिलाड़ी शिवकुमार नवीन से हुआ। टूर्नामेंट में उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान दिलाई।

महज 21 साल की उम्र में बड़ी उपलब्धि, बने प्रदेश के सबसे युवा पदक विजेता

अभिजीत सखूजा की यह सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने महज 21 वर्ष की उम्र में पैरा एशियन गेम्स में पदक जीतने का गौरव हासिल किया है। वे छत्तीसगढ़ के सबसे युवा पैरा एशियन गेम्स पदक विजेता बन गए हैं।

उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। अभिजीत ने साबित किया है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और लगातार अभ्यास के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

ज्ञानेश्वरी और संजू के बाद अब अभिजीत ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का गौरव

खेल के अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा है। हॉकी खिलाड़ी रेणुका यादव प्रदेश की पहली महिला ओलंपियन बनीं। वहीं, राजनांदगांव की ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी ने भी एशियन गेम्स में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

अब अभिजीत सखूजा ने पैरा बैडमिंटन में कांस्य पदक जीतकर इस गौरवशाली सिलसिले में एक और उपलब्धि जोड़ दी है।

अभिजीत की जीत से छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर

जापान में मिली इस सफलता ने बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। अभिजीत की उपलब्धि सिर्फ एक पदक की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण की मिसाल भी है।

महज 21 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले अभिजीत सखूजा ने प्रदेश के खेल जगत को नई उम्मीद दी है। उनकी इस उपलब्धि से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के और भी युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने की प्रेरणा मिलेगी।