छत्तीसगढ़ में 170 यात्री बसों के परमिट रद्द, GPS और पैनिक बटन नहीं लगाने वाले संचालकों पर परिवहन विभाग का शिकंजा
छत्तीसगढ़ में 170 यात्री बसों के परमिट रद्द, GPS और पैनिक बटन नहीं लगाने वाले संचालकों पर परिवहन विभाग का शिकंजा
सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली बसों को किया गया ब्लैकलिस्ट, करीब 300 बस संचालकों को नोटिस जारी; यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने अपनाया सख्त रुख
रायपुर। छत्तीसगढ़ में यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। GPS और पैनिक बटन जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों के नियमों का पालन नहीं करने वाली 170 बसों के परमिट रद्द कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। इसके अलावा करीब 300 बस संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग की इस कार्रवाई से बस संचालकों में हलचल मच गई है।
दरअसल, यात्री बसों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए GPS ट्रैकिंग सिस्टम और पैनिक बटन जैसी व्यवस्थाएं जरूरी मानी गई हैं। इन उपकरणों की मदद से बसों की लोकेशन पर नजर रखने और आपात स्थिति में यात्रियों को सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। इसके बावजूद कई बसों में इन नियमों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है।
170 बसों पर परमिट रद्द करने की कार्रवाई
परिवहन विभाग ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाली 170 बसों के परमिट रद्द कर दिए हैं। इन बसों को ब्लैकलिस्ट भी किया गया है। इसका मतलब है कि संबंधित बस संचालकों को परमिट से जुड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और वे विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए बिना बसों का संचालन नहीं कर सकेंगे।
करीब 300 बस संचालकों को नोटिस
विभाग ने नियमों का पालन नहीं करने वाले करीब 300 बस संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस के जरिए संचालकों को सुरक्षा उपकरणों से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। आगे की कार्रवाई उनके जवाब और विभागीय जांच के आधार पर हो सकती है।
यात्रियों की सुरक्षा पर विभाग का जोर
GPS और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं यात्री सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। GPS से बस की लोकेशन की निगरानी की जा सकती है, जबकि पैनिक बटन आपात स्थिति में मदद मांगने का माध्यम होता है। परिवहन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य बसों में इन सुरक्षा व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित करना और यात्रियों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

