सारंगढ़ BJP में अंदरूनी कलह का विस्फोट, बैठक में कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा; मंडल अध्यक्ष को हटाने पर बवाल, नेताओं को बदलने की उठी मांग

सारंगढ़ BJP में अंदरूनी कलह का विस्फोट, बैठक में कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा; मंडल अध्यक्ष को हटाने पर बवाल, नेताओं को बदलने की उठी मांग

सारंगढ़ BJP में अंदरूनी कलह का विस्फोट, बैठक में कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा; मंडल अध्यक्ष को हटाने पर बवाल, नेताओं को बदलने की उठी मांग

सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ में जिला भाजपा की बैठक के दौरान संगठन के भीतर चल रही नाराजगी खुलकर सामने आ गई। संगठनात्मक फैसलों, मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों और कार्यकर्ताओं से संवाद की कमी को लेकर बैठक में असंतोष जाहिर किया गया। सारंगढ़ नगर मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश बानी को पद से हटाने के फैसले पर भी कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई। बैठक में जिला प्रभारी शंकरलाल अग्रवाल और जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए गए। घटनाक्रम के बाद पार्टी के अंदरूनी मतभेद सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गए।

नगर मंडल अध्यक्ष को हटाने के फैसले पर भड़के कार्यकर्ता

बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दों में से एक सारंगढ़ नगर मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश बानी को पद से हटाने का निर्णय रहा। कार्यकर्ताओं ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संगठन में महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय कार्यकर्ताओं से संवाद किया जाना चाहिए और उनकी राय को भी महत्व मिलना चाहिए।

कार्यकर्ताओं की आपत्ति केवल एक पदाधिकारी को हटाने तक सीमित नहीं रही। बैठक के दौरान संगठन के भीतर संवाद की कमी और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को नजरअंदाज किए जाने के आरोप भी सामने आए। इन मुद्दों को लेकर जिला नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए।

जिला प्रभारी और जिलाध्यक्ष की कार्यशैली पर उठे सवाल

बैठक के दौरान जिला प्रभारी शंकरलाल अग्रवाल और जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल की कार्यशैली को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। संगठनात्मक फैसलों में पारदर्शिता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और मंडल स्तर पर नियुक्तियों की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए।

वरिष्ठ पार्षद सत्येंद्र बरगाह से जुड़े विषय पर चर्चा के दौरान भी बैठक का माहौल तनावपूर्ण होने की बात सामने आई। हालांकि, इस मामले से जुड़े विस्तृत तथ्यों और संबंधित पक्षों के जवाब की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों पर भी विवाद

बैठक में मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए गए। कुछ कार्यकर्ताओं ने नियुक्तियों में कथित लेन-देन के आरोप लगाए, लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें फिलहाल आरोपों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

नियुक्तियों की प्रक्रिया और संगठनात्मक फैसलों को लेकर उठे सवालों ने बैठक में असंतोष को और स्पष्ट कर दिया। कार्यकर्ताओं की मांग रही कि संगठन के भीतर निर्णय लेते समय संवाद और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाए।

बैठक के बाद नारेबाजी, नेताओं को बदलने की मांग

बैठक से बाहर निकलने के बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा और जिला संगठन प्रभारी को बदलने की मांग करते हुए नारेबाजी की। इससे पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी खुलकर सामने आ गई।

इस घटनाक्रम ने जिला भाजपा में संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर जारी असंतोष की ओर ध्यान खींचा है। हालांकि, संबंधित नेताओं की ओर से इन आरोपों और मांगों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

नगरीय निकाय चुनाव से पहले संगठन के सामने चुनौती

नगरीय निकाय चुनाव से पहले जिला भाजपा की बैठक में सामने आई नाराजगी संगठन के लिए एक चुनौती के रूप में देखी जा रही है। मंडल स्तर पर नियुक्तियों, पदाधिकारियों को हटाने के फैसलों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद को लेकर उठे सवालों ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला नेतृत्व इन शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने के लिए संगठन के स्तर पर कोई पहल होती है या नहीं। फिलहाल, सारंगढ़ भाजपा की बैठक में उठा विवाद संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर चल रही खींचतान को सामने लाता है।