बालोद में नशीली गोलियों का बड़ा खेल बेनकाब, 6 लाख की टैबलेट के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, भुवनेश्वर से जुड़ा कनेक्शन

बालोद में नशीली गोलियों का बड़ा खेल बेनकाब, 6 लाख की टैबलेट के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, भुवनेश्वर से जुड़ा कनेक्शन

बालोद में नशीली गोलियों का बड़ा खेल बेनकाब, 6 लाख की टैबलेट के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, भुवनेश्वर से जुड़ा कनेक्शन

तांदुला नदी के किनारे रामघाट मंदिर के पास ग्राहक तलाश रहे थे आरोपी, पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम ने 1500 नशीली टैबलेट के साथ बाइक, स्कूटी, मोबाइल और नकदी भी की जब्त

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1500 नशीली टैबलेट बरामद की गई हैं, जिनकी कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इन गोलियों को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे थे। पूछताछ में उन्होंने नशीली गोलियां ओडिशा के भुवनेश्वर से लाने की बात कही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस और ANTF ने दी दबिश

पुलिस के अनुसार, बालोद जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना और एसडीओपी विनय साहू के मार्गदर्शन में कार्रवाई की जा रही थी।

27 अक्टूबर को बालोद थाने में पदस्थ निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा को मुखबिर से सूचना मिली कि तांदुला नदी के किनारे रामघाट मंदिर के पास कुछ लोग बाइक और स्कूटी में नशीली दवाइयां रखकर उन्हें बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी।

1500 टैबलेट बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार

मौके पर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नवीन चावला, आशीष निर्मलकर और किशन बहादुर उर्फ नेपाली को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से Nitrosun-10 नाम की 1500 टैबलेट बरामद हुईं। ये टैबलेट Nitrazepam Tablets IP श्रेणी की बताई गई हैं। जब्त दवाइयों की कीमत करीब 6 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने नशीली गोलियों के अलावा आरोपियों के पास से नकदी, दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ये गोलियां ओडिशा के भुवनेश्वर से लेकर आ रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दवाइयां कहां से लाई गई थीं, इन्हें किसे बेचा जाना था और इस कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

बालोद थाने में इस मामले में अपराध क्रमांक 0574/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 22(ग) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। जब्त दवाइयों और अन्य सामग्री के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने आम लोगों से की सहयोग की अपील

बालोद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने लोगों से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक रहने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए प्रेरित करने की भी अपील की है। पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए आम जनता का सहयोग महत्वपूर्ण है।