Raipur Robbery: एक हफ्ते तक की फैक्ट्री की रेकी, फिर चौकीदार को बनाया बंधक, 17 लाख के माल के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार
Raipur Robbery: एक हफ्ते तक की फैक्ट्री की रेकी, फिर चौकीदार को बनाया बंधक, 17 लाख के माल के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार
Raipur Crime News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बंद पड़ी इस्पात फैक्ट्री में डकैती का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले करीब एक सप्ताह तक फैक्ट्री की रेकी की और फिर रात के अंधेरे में धावा बोल दिया। चौकीदार ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने उसके दोनों हाथ रस्सी से बांधकर उसे बंधक बना लिया। इसके बाद फैक्ट्री और कार्यालय में रखा एल्युमिनियम, कॉपर समेत लाखों रुपये का सामान लेकर फरार हो गए। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 17 लाख रुपये का सामान जब्त किया है। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
रायपुर। बंद पड़ी फैक्ट्री को निशाना बनाने और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के बाद डकैती को अंजाम देने का मामला कबीर नगर थाना क्षेत्र में सामने आया है। घटना 22 अक्टूबर की रात करीब डेढ़ बजे हीरापुर इलाके में स्थित अमरनाथ इस्पात फैक्ट्री में हुई। पुलिस के मुताबिक, 7 से 8 आरोपी फैक्ट्री में घुसे थे। इस दौरान वहां तैनात चौकीदार दिलीप कुमार वर्मा ने उन्हें देखकर रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उल्टा उसे ही बंधक बना लिया।
आरोप है कि बदमाशों ने चौकीदार के दोनों हाथ रस्सी से बांध दिए और इसके बाद फैक्ट्री के कार्यालय तथा परिसर में रखे कीमती सामान को समेटकर फरार हो गए। घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
बंद फैक्ट्री में घुसकर लाखों का सामान ले गए आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चौकीदार को बंधक बनाने के बाद कार्यालय में रखे एल्युमिनियम वायर के बंडल, एल्युमिनियम और कॉपर के सामान, एल्युमिनियम प्लेट तथा हैलोजन लाइट अपने कब्जे में ले ली। इसके अलावा दराज में रखी नकदी भी ले जाने का आरोप है। बदमाशों ने आलमारी का लॉक तोड़कर उसमें रखा पैनल कार्ड निकाला और फैक्ट्री में रखी कॉपर क्वाइल भी लेकर फरार हो गए।
वारदात के बाद आरोपियों के फरार होने पर चौकीदार ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। मामले में चोरी हुए सामान की कीमत करीब 17 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से डकैती में ले जाए गए सामान का बड़ा हिस्सा बरामद करने की जानकारी दी है।
मामला दर्ज, एंटी क्राइम यूनिट और कबीर नगर पुलिस ने शुरू की जांच
चौकीदार दिलीप कुमार वर्मा की रिपोर्ट पर कबीर नगर थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 217/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 127(2) और 310(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कबीर नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। इन्हीं फुटेज और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस को मामले में शामिल संदिग्धों के बारे में सुराग मिला।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग, तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस की जांच में सरोना और डी.डी.नगर क्षेत्र से जुड़े संदीप नेताम का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे पकड़कर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में संदीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात बताई। इसके बाद पुलिस ने अजीत भारती और उमेंद्र ठाकुर उर्फ उमेन को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। वारदात में कुल 7 से 8 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है, इसलिए फरार आरोपियों की गिरफ्तारी इस जांच का अहम हिस्सा है।
एक सप्ताह तक की रेकी, फिर टाटा एस और स्कूटी से पहुंचे
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अमरनाथ इस्पात फैक्ट्री में डकैती की योजना पहले से बना रखी थी। वारदात से पहले करीब एक सप्ताह तक फैक्ट्री की रेकी की गई। इस दौरान वहां की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी गई, ताकि वारदात को अंजाम देने में आसानी हो।
योजना के तहत आरोपी घटना वाली रात टाटा एस चारपहिया वाहन और स्कूटी से फैक्ट्री पहुंचे। इसके बाद चौकीदार को बंधक बनाकर कार्यालय और फैक्ट्री परिसर में रखा कीमती सामान समेट लिया। वारदात के बाद आरोपी सामान लेकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक, पहले से की गई रेकी और वाहनों के इस्तेमाल से पता चलता है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए तैयारी की थी। हालांकि, मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य तथ्यों की जांच अभी जारी है।
सामान के साथ वारदात में इस्तेमाल वाहन और औजार भी जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों के कब्जे से एल्युमिनियम वायर, एल्युमिनियम और कॉपर के सामान, एल्युमिनियम प्लेट, हैलोजन लाइट, पैनल कार्ड और कॉपर क्वाइल सहित अन्य सामान जब्त किया है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई कटर मशीन, ड्रिल मशीन, टाटा एस चारपहिया वाहन और स्कूटी भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, जब्त सामान की कुल कीमत करीब 17 लाख रुपये है। बरामदगी के बाद अब जांच टीम अन्य आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े बाकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
तीनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
पुलिस की जांच के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। संदीप नेताम के खिलाफ चोरी और मारपीट से जुड़े मामले होने की जानकारी दी गई है। वहीं, उमेंद्र ठाकुर उर्फ उमेन का नाम नकबजनी के मामले में सामने आया है। अजीत भारती के भी पहले जेल जाने की बात पुलिस ने बताई है।
फिलहाल मामले में अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। बंद फैक्ट्री में पहले रेकी करने, चौकीदार को बंधक बनाने और फिर कीमती सामान लेकर फरार होने की इस वारदात ने औद्योगिक परिसरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद ही मामले में शामिल सभी आरोपियों और उनकी भूमिका की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।

