CG News: मुख्यमंत्री साय की डिजिटल सुशासन पहल, 38 विभागों की 939 सेवाएं एक मंच पर; 55 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त

CG News: मुख्यमंत्री साय की डिजिटल सुशासन पहल, 38 विभागों की 939 सेवाएं एक मंच पर; 55 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त

CG News: मुख्यमंत्री साय की डिजिटल सुशासन पहल, 38 विभागों की 939 सेवाएं एक मंच पर; 55 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों तक आसान और सुविधाजनक तरीके से पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डिजिटल सुशासन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में राज्य सरकार की ‘सेवा सेतु’ पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रदेश के 38 विभागों की 939 शासकीय सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं। अब तक इस व्यवस्था के माध्यम से 55 लाख से अधिक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कामकाज के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत दिलाना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाना है।

38 विभागों की 939 सेवाएं एक ही मंच पर

सेवा सेतु की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अलग-अलग विभागों की अनेक सरकारी सेवाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है। इससे नागरिकों को विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग विभागों की वेबसाइटों पर जाने या कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हो सकती है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सेवा सेतु के तहत प्रदेशभर में 16,773 सेवा केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया गया है। यह नेटवर्क विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने में मददगार हो सकता है।

आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन

सेवा सेतु के माध्यम से नागरिक आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन और गुमास्ता लाइसेंस सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इन सेवाओं की जरूरत विद्यार्थियों, युवाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों को अक्सर पड़ती है। शैक्षणिक प्रवेश, रोजगार, व्यवसाय संचालन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से अधिक सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

गांव और वनांचल के लोगों को मिलेगी राहत

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में कई नागरिकों को छोटे-छोटे सरकारी कामों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में सेवा सेतु से जुड़े सेवा केंद्र लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

जिन नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी होती है, वे सेवा केंद्रों की सहायता ले सकते हैं। इससे डिजिटल सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने और तकनीकी जानकारी की कमी के कारण होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है।

21,582 अधिकारी-कर्मचारी डिजिटल व्यवस्था से जुड़े

सेवा सेतु के प्रभावी संचालन के लिए 21,582 अधिकारी-कर्मचारियों को इस व्यवस्था से जोड़ा गया है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से आवेदनों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और उनकी स्थिति की निगरानी करने में सहायता मिलती है।

इस व्यवस्था से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित बनाने, आवेदन संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध रखने और जवाबदेही बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत होती हैं। हालांकि, नागरिकों को इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में हो।

सेवा सेतु पर 55 लाख से अधिक आवेदन

सेवा सेतु पर अब तक 55 लाख 13 हजार 672 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। यह आंकड़ा प्रदेश में डिजिटल माध्यम से सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करने वाले नागरिकों की व्यापक भागीदारी को दर्शाता है।

हालांकि, प्राप्त आवेदनों की संख्या और निराकृत आवेदनों की संख्या अलग-अलग होती है। उपलब्ध जानकारी में स्वीकृत, निरस्त और लंबित आवेदनों का विस्तृत वर्गीकरण नहीं दिया गया है। इसलिए इस आंकड़े को कुल प्राप्त आवेदनों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

पारदर्शिता और समयबद्ध सेवाओं पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का जोर सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने पर है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आवेदन प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और आवेदन की स्थिति पर नजर रखने में मदद मिल सकती है।

इससे नागरिकों को अपने आवेदन की जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी और संबंधित अधिकारियों के स्तर पर कामकाज की निगरानी भी बेहतर हो सकती है। हालांकि, व्यवस्था की प्रभावशीलता सेवाओं की गुणवत्ता, समय पर निराकरण और नागरिकों की संतुष्टि पर निर्भर करेगी।

डिजिटल सुशासन को मजबूत बनाने की पहल

छत्तीसगढ़ में सेवा सेतु के माध्यम से सरकारी सेवाओं को एक मंच पर उपलब्ध कराना प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ भौतिक सेवा केंद्रों का नेटवर्क उन लोगों को भी इस व्यवस्था से जोड़ने में सहायक हो सकता है, जिनके पास पर्याप्त डिजिटल संसाधन या तकनीकी जानकारी नहीं है।

आने वाले समय में सेवा सेतु की सफलता के लिए नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाना, सेवा केंद्रों को सक्रिय रखना और आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना जरूरी होगा। यदि इन पहलुओं पर प्रभावी ढंग से काम किया जाता है, तो यह व्यवस्था प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।