फेसलेस आरसी के चक्कर में 80 हजार वाहन मालिक परेशान, मूल प्रमाण पत्र के लिए काट रहे चक्कर, ऑनलाइन व्यवस्था पर उठे सवाल

फेसलेस आरसी के चक्कर में 80 हजार वाहन मालिक परेशान, मूल प्रमाण पत्र के लिए काट रहे चक्कर, ऑनलाइन व्यवस्था पर उठे सवाल

फेसलेस आरसी के चक्कर में 80 हजार वाहन मालिक परेशान, मूल प्रमाण पत्र के लिए काट रहे चक्कर, ऑनलाइन व्यवस्था पर उठे सवाल

देशभर में रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की फेसलेस प्रक्रिया के बीच हजारों वाहन मालिकों को मूल आरसी मिलने में परेशानी होने की बात सामने आई है, डिजिटल सुविधा के बावजूद लोगों को दस्तावेज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

देशभर में वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र यानी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) की फेसलेस प्रक्रिया को लेकर परेशानी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, करीब 80 हजार वाहन मालिक मूल प्रमाण पत्र पाने के लिए परेशान हैं। ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए सेवाएं उपलब्ध कराने का उद्देश्य लोगों को आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत देना है, लेकिन मूल आरसी मिलने में देरी के कारण कई वाहन मालिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

फेसलेस प्रक्रिया के तहत वाहन से जुड़ी कई सेवाओं को ऑनलाइन माध्यम से पूरा करने की सुविधा दी जाती है। इससे आवेदन और दस्तावेजों की प्रक्रिया आसान बनाने की उम्मीद की जाती है। लेकिन मूल रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र समय पर नहीं मिलने की शिकायतें सामने आने से इस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

मूल आरसी नहीं मिलने से वाहन मालिकों की परेशानी

वाहन की आरसी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसमें वाहन के पंजीकरण और मालिक से जुड़ी जानकारी दर्ज होती है। वाहन बेचने, मालिकाना हक हस्तांतरित करने और कई अन्य परिवहन संबंधी कामों में इसकी जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में मूल प्रमाण पत्र नहीं मिलने या उसके लिए लंबे समय तक इंतजार करने से वाहन मालिकों को परेशानी हो सकती है।

करीब 80 हजार वाहन मालिकों के प्रभावित होने का आंकड़ा सामने आने के बाद यह मामला महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि इन मामलों में कितने लोगों के आवेदन लंबित हैं, कितने प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं लेकिन वितरित नहीं हुए हैं और कितने वाहन मालिकों को किसी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

डिजिटल सुविधा के बावजूद क्यों हो रही परेशानी

फेसलेस सेवाओं का मकसद परिवहन विभाग की प्रक्रियाओं को सरल बनाना और आवेदकों की कार्यालयों पर निर्भरता कम करना है। लेकिन ऑनलाइन आवेदन और मूल दस्तावेज मिलने के बीच यदि देरी होती है, तो लोगों को अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पाती। इस स्थिति में आवेदन की स्थिति, प्रमाण पत्र जारी होने और उसकी डिलीवरी से जुड़ी जानकारी स्पष्ट होना जरूरी है।

फिलहाल इस समस्या के पीछे की वजह, संबंधित विभाग की ओर से उठाए गए कदम और लंबित मूल आरसी जारी करने की समयसीमा को लेकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में वाहन मालिकों को राहत कब तक मिलेगी, यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता।

वाहन मालिक क्या करें

जिन वाहन मालिकों को मूल आरसी नहीं मिली है, वे अपने आवेदन की स्थिति संबंधित परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जांच सकते हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित आरटीओ या परिवहन विभाग के आधिकारिक सहायता माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, वाहन के डिजिटल दस्तावेजों की स्वीकार्यता और उपयोग से जुड़े मौजूदा नियमों की जानकारी आधिकारिक स्रोत से लेना उचित होगा।

करीब 80 हजार वाहन मालिकों से जुड़ी यह समस्या फेसलेस परिवहन सेवाओं में आवेदन से लेकर मूल दस्तावेज मिलने तक की प्रक्रिया को बेहतर बनाने की जरूरत की ओर ध्यान दिलाती है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग लंबित मामलों को निपटाने और वाहन मालिकों की परेशानी दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।