प्रयागराज में स्कूली वाहनों पर प्रशासन का शिकंजा, हादसे के बाद बिना महिला परिचालक चलने वाली गाड़ियों पर कार्रवाई तेज

प्रयागराज में स्कूली वाहनों पर प्रशासन का शिकंजा, हादसे के बाद बिना महिला परिचालक चलने वाली गाड़ियों पर कार्रवाई तेज

प्रयागराज में स्कूली वाहनों पर प्रशासन का शिकंजा, हादसे के बाद बिना महिला परिचालक चलने वाली गाड़ियों पर कार्रवाई तेज

स्कूली वाहन से हुए हादसे के बाद परिवहन विभाग और RTO अलर्ट, नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों को नोटिस देने की तैयारी

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्कूली वाहन से हुए हादसे के बाद परिवहन विभाग और RTO ने सख्ती बढ़ा दी है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अब नियमों के खिलाफ चल रहे स्कूली वाहनों पर कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी गई है। खास तौर पर बिना महिला परिचालक के बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहनों पर विभाग की नजर है। ऐसे वाहनों के खिलाफ नोटिस जारी करने और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

हादसे के बाद परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर सक्रियता बढ़ाई है। अधिकारियों का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि बच्चों को स्कूल पहुंचाने और घर वापस लाने के दौरान किसी तरह की लापरवाही न हो।

बिना महिला परिचालक चलने वाले वाहनों पर विशेष नजर

परिवहन विभाग ऐसे स्कूली वाहनों की जांच कर रहा है, जो निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किए बिना संचालित हो रहे हैं। इनमें बिना महिला परिचालक के चलने वाले वाहन भी शामिल हैं। विभाग की ओर से ऐसे वाहनों के संचालकों को नोटिस देने और नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।

नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहन रडार पर

RTO और परिवहन विभाग की टीमों की नजर उन वाहनों पर भी है, जिनमें स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों की कोशिश है कि नियमों के विपरीत चलने वाले वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ जरूरी कदम उठाए जाएं।

हादसे के बाद बच्चों की सुरक्षा पर बढ़ा जोर

प्रयागराज में स्कूली वाहन से हुए हादसे ने बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवहन विभाग की सख्ती का उद्देश्य स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जिम्मेदार बनाना है। आने वाले दिनों में जांच और नोटिस की कार्रवाई तेज होने की संभावना है।