48 घंटे से ज्यादा जेल में रहे सरकारी शिक्षक, DEO ने किया सस्पेंड; मरवाही थाने में दर्ज है आपराधिक मामला

48 घंटे से ज्यादा जेल में रहे सरकारी शिक्षक, DEO ने किया सस्पेंड; मरवाही थाने में दर्ज है आपराधिक मामला

48 घंटे से ज्यादा जेल में रहे सरकारी शिक्षक, DEO ने किया सस्पेंड; मरवाही थाने में दर्ज है आपराधिक मामला

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में माध्यमिक शाला लिटियासरई में पदस्थ शिक्षक एलबी लालबहादुर प्रजापति पर हुई कार्रवाई, गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर शिक्षा विभाग ने लागू किया निलंबन का नियम

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में आपराधिक मामले में गिरफ्तार एक सरकारी शिक्षक को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। मरवाही थाना क्षेत्र में दर्ज आपराधिक प्रकरण में गिरफ्तारी के बाद शिक्षक के 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी ने यह कार्रवाई की है। निलंबित किए गए शिक्षक की पहचान लालबहादुर प्रजापति के रूप में हुई है, जो मरवाही विकासखंड के माध्यमिक शाला लिटियासरई में शिक्षक एलबी के पद पर पदस्थ थे।

26 अक्टूबर को हुई थी गिरफ्तारी

विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शिक्षक लालबहादुर प्रजापति के खिलाफ मरवाही थाने में गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 26 अक्टूबर को उन्हें गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल गौरेला भेज दिया गया।

गिरफ्तारी के बाद 48 घंटे से अधिक समय तक जेल में निरुद्ध रहने की स्थिति सामने आने पर शिक्षा विभाग ने सरकारी सेवा से जुड़े नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई की।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम के तहत कार्रवाई

शासकीय सेवा के नियमों के अनुसार, यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार होता है और 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस या न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उसे नियमानुसार निलंबित माना जाता है। इसी प्रावधान के तहत छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

यह कार्रवाई गिरफ्तारी और निर्धारित अवधि से अधिक हिरासत में रहने के आधार पर की गई है। आपराधिक मामले में शिक्षक के खिलाफ लगे आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता

निलंबन अवधि के दौरान लालबहादुर प्रजापति को शासकीय नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता पाने की पात्रता होगी। वहीं, जेल से रिहा होने के बाद उनका आगामी प्रशासनिक मुख्यालय कहां होगा, इसका निर्धारण विभाग की ओर से अलग आदेश जारी कर किया जाएगा।

फिलहाल शिक्षक के निलंबन का आदेश जारी होने के बाद शिक्षा विभाग की प्रशासनिक कार्रवाई पूरी हो गई है। आपराधिक प्रकरण की आगे की कार्रवाई पुलिस और न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।