रायपुर संभाग में विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क और बुनियादी ढांचे का तेजी से हो रहा विस्तार
राजधानी रायपुर और आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों में आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर और बाईपास का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
राजधानी रायपुर और पूरे रायपुर संभाग में औद्योगीकरण और शहरीकरण की तीव्र गति को देखते हुए बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। शहर के भीतर और आसपास के कस्बों को जोड़ने वाली प्रमुख धमनियों पर वाहनों का भारी दबाव रहता है, जिसे कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कई दीर्घकालिक परियोजनाओं पर युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। इसका प्राथमिक लक्ष्य नागरिकों के सफर को जाम-मुक्त, सुगम और पूरी तरह सुरक्षित बनाना है।
बाईपास और रिंग रोड नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण
भारी वाहनों के शहर के भीतर से आवागमन को नियंत्रित करने के लिए आउटर रिंग रोड और नए बाईपास कॉरिडोर्स को आधुनिक मानकों के अनुसार चौड़ा और सुसज्जित किया जा रहा है। भारी औद्योगिक वाहनों को शहर के बाहर से ही डायवर्ट करने की व्यवस्था से मुख्य मार्गों पर दैनिक यातायात का दबाव लगभग आधा हो जाएगा। इसके साथ ही दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां वैज्ञानिक तरीके से साइन बोर्ड, आधुनिक डिवाइडर और एलईडी स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जा रही है, जिससे सड़क हादसों में व्यापक कमी आएगी।
फ्लाईओवर और अंडरपास से चौराहों का कायाकल्प
रायपुर शहर के प्रमुख व्यस्ततम चौराहों पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कई नए फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। इन बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं के पूर्ण होने से वाहन चालकों के ईंधन और बहुमूल्य समय की भारी बचत होगी। आधुनिक निर्माण तकनीकों का प्रयोग करते हुए इन पुलों को टिकाऊ और भूकंपरोधी डिजाइन के साथ बनाया जा रहा है ताकि भविष्य की आगामी कई दशकों की यातायात आवश्यकताओं को यह नेटवर्क सहजता से पूरा कर सके।
ग्रामीण क्षेत्रों के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी
शहरी केंद्रों के साथ-साथ रायपुर संभाग के ग्रामीण और अर्ध-शहरी अंचलों को मुख्य राजमार्गों से जोड़ने के लिए पक्की पक्की बारहमासी सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। ग्रामीण अंचलों में उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों के निर्माण से स्थानीय किसानों, दुग्ध उत्पादकों और छोटे व्यवसायियों को अपनी उपज सीधे शहर के बड़े बाजारों और मंडियों तक समय पर पहुंचाने में सहूलियत मिल रही है। इससे परिवहन लागत घट रही है और स्थानीय व्यापार को नई गति मिल रही है।
स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन और पर्यावरण अनुकूल विकास
बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सड़कों के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर छायादार और वायु-शोधक वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसके साथ ही वर्षा जल निकासी के लिए पक्के अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम और साइकिल चालकों के लिए समर्पित ट्रैक की योजना भी बनाई गई है। यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर आने वाले वर्षों में रायपुर संभाग को प्रदेश के सबसे व्यवस्थित और सुगम व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

