सुबह उठते ही घुटनों, कमर और गर्दन में होता है तेज दर्द? शरीर की अकड़न को नजरअंदाज न करें, डॉक्टर ने बताए 5 आसान उपाय, बिना दर्द के होगी दिन की शुरुआत

सुबह उठते ही घुटनों, कमर और गर्दन में होता है तेज दर्द? शरीर की अकड़न को नजरअंदाज न करें, डॉक्टर ने बताए 5 आसान उपाय, बिना दर्द के होगी दिन की शुरुआत

सुबह उठते ही घुटनों, कमर और गर्दन में होता है तेज दर्द? शरीर की अकड़न को नजरअंदाज न करें, डॉक्टर ने बताए 5 आसान उपाय, बिना दर्द के होगी दिन की शुरुआत

सुबह की शुरुआत अगर घुटनों, कमर और गर्दन के दर्द के साथ हो तो पूरा दिन परेशानी में गुजर सकता है। कई लोगों को बिस्तर से उठते समय शरीर में इतनी अकड़न महसूस होती है कि चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में भी दिक्कत होने लगती है। खासकर ठंड और बारिश के मौसम में मांसपेशियों और जोड़ों की परेशानी ज्यादा महसूस हो सकती है।

अक्सर लोग इस दर्द को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार बनी रहने वाली अकड़न के पीछे कई कारण हो सकते हैं। गलत पॉजिशन में सोना, घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और मांसपेशियों में खिंचाव इसकी वजह बन सकते हैं।

जनरल फिजिशियन डॉ. शालिनी सिंह सालुंके ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर कुछ ऐसे उपाय साझा किए हैं, जिनसे शरीर की अकड़न और दर्द में राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं सुबह बिना ज्यादा परेशानी के दिन की शुरुआत करने के लिए कौन से 5 काम करने चाहिए।

शरीर की अकड़न और दर्द से छुटकारा पाने के 5 आसान उपाय

1. गर्म पानी से करें सिकाई

अगर सुबह उठते ही कमर, घुटनों या गर्दन में अकड़न महसूस होती है, तो गर्म पानी से सिकाई करना फायदेमंद हो सकता है। बिस्तर छोड़ने से पहले 5 से 10 मिनट तक हल्की गर्म सिकाई करने से मांसपेशियों को आराम मिल सकता है। ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा गर्म न हो, ताकि त्वचा को नुकसान न पहुंचे।

2. सुबह 5 मिनट करें हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग

सुबह उठने के बाद अचानक तेज गतिविधियां शुरू करने के बजाय शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय करें। गर्दन, कंधों, हाथों, कमर और पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग कर सकते हैं। इसके लिए रोजाना 5 मिनट का समय निकालना अच्छा रहेगा। नियमित हल्की एक्सरसाइज से मांसपेशियों की लचक और शरीर की गतिशीलता बनाए रखने में मदद मिलती है। अगर किसी एक्सरसाइज से दर्द बढ़ता है तो उसे तुरंत रोक दें।

3. डाइट में शामिल करें गर्म और पौष्टिक सूप

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खानपान पर ध्यान देना भी जरूरी है। लंच और डिनर में मूंग दाल, मिक्स वेजिटेबल, राजमा या मसूर दाल का गर्म सूप शामिल कर सकते हैं। इसमें थोड़े तिल भी डाल सकते हैं। दालों से प्रोटीन और तिल से कैल्शियम समेत कुछ जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। संतुलित डाइट मांसपेशियों और हड्डियों की सेहत बनाए रखने में मदद करती है।

4. ठंडे फर्श पर बैठने और लेटने से बचें

ठंड के मौसम में फर्श पर सीधे बैठने या लेटने से कुछ लोगों को ज्यादा असहजता महसूस हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ठंडे फर्श से परहेज करें। जरूरत पड़ने पर चटाई, गद्दे या कारपेट का इस्तेमाल करें। शरीर को गर्म रखने के साथ आरामदायक कपड़े पहनें और ठंडी हवा से बचाव करें।

5. विटामिन D और कैल्शियम की कमी को नजरअंदाज न करें

हड्डियों और मांसपेशियों की सेहत के लिए विटामिन D और कैल्शियम बेहद जरूरी पोषक तत्व हैं। शरीर में इनकी कमी होने पर हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से जांच करवाएं। अगर कमी सामने आती है तो डॉक्टर के निर्देशानुसार खानपान और सप्लीमेंट के जरिए इसे पूरा करें। बिना जांच और सलाह के खुद से सप्लीमेंट लेना सही नहीं है।

आखिर मांसपेशियों में क्यों होने लगती है अकड़न?

शरीर में अकड़न और दर्द होने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। कई बार रात में गलत पॉजिशन में सोने से सुबह गर्दन और कमर में दर्द होने लगता है। वहीं, दिनभर एक ही जगह बैठकर काम करने वाले लोगों को भी मांसपेशियों में खिंचाव और जकड़न की शिकायत हो सकती है।

इसके अलावा डिहाइड्रेशन, शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन, जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी मांसपेशियों में दर्द और अकड़न की वजह बन सकती है।

कुछ अन्य कारणों में मांसपेशियों में सूजन, खिंचाव, कीड़े के काटने से होने वाली प्रतिक्रिया और लगातार एक ही पॉजिशन में बैठे रहना शामिल हैं।

अगर शरीर में अकड़न और दर्द कई दिनों तक बना रहता है, बार-बार लौटता है या बढ़ता जा रहा है तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। अचानक तेज दर्द, मांसपेशियों में बहुत ज्यादा कमजोरी, बुखार या किसी हिस्से में सूजन होने पर भी चिकित्सकीय सलाह लें।