AAP में बगावत का तूफान! दो दिन में तीन विधायकों ने छोड़ी पार्टी, बीजेपी का थामा दामन, चुनाव से पहले पंजाब की सियासत में मचा हड़कंप

AAP में बगावत का तूफान! दो दिन में तीन विधायकों ने छोड़ी पार्टी, बीजेपी का थामा दामन, चुनाव से पहले पंजाब की सियासत में मचा हड़कंप

AAP में बगावत का तूफान! दो दिन में तीन विधायकों ने छोड़ी पार्टी, बीजेपी का थामा दामन, चुनाव से पहले पंजाब की सियासत में मचा हड़कंप

पंजाब की राजनीति में इन दिनों बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। आम आदमी पार्टी को लगातार ऐसे झटके लग रहे हैं, जिसने पार्टी के भीतर की नाराजगी और बगावत को खुलकर सामने ला दिया है। महज दो दिनों के भीतर तीन विधायकों ने AAP का साथ छोड़ दिया। इतना ही नहीं, तीनों नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामकर पंजाब की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में तीनों नेताओं का पार्टी में स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने भगवा गमछा पहनकर बीजेपी के लिए पूरी ताकत से काम करने का दावा किया।

बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं में कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह और चेतन सिंह शामिल हैं। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सामने आए इस घटनाक्रम को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। खास बात यह है कि पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर असंतोष लगातार सामने आ रहा है।

पार्टी से निलंबन के बाद बढ़ी बगावत, दो विधायकों ने पहले ही दे दिया था इस्तीफा

इस पूरे सियासी घटनाक्रम की शुरुआत आम आदमी पार्टी के दो विधायकों हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा के निलंबन से हुई। पार्टी ने दोनों नेताओं पर कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की थी। हालांकि, दोनों विधायकों को जब अपने निलंबन की कार्रवाई की भनक लगी तो उन्होंने निलंबन पत्र जारी होने से पहले ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद आम आदमी पार्टी ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए विधानसभा अध्यक्ष के सामने याचिका दायर करने और दोनों विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द कराने की मांग करने की बात कही थी। अब दोनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने से पंजाब का सियासी विवाद और गहरा गया है।

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी छोड़ी विधानसभा सदस्यता

इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच कुंवर विजय प्रताप सिंह का फैसला भी आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। सोमवार को उन्होंने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया। कुंवर विजय प्रताप सिंह को इससे पहले 29 जून 2025 को आम आदमी पार्टी से निलंबित किया गया था।

अपने फैसले की जानकारी देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमृतसर के लोगों के नाम एक भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि वह आखिरी सांस तक लोगों से मिले प्यार और सम्मान के लिए आभारी रहेंगे। साथ ही उन्होंने लोगों से गलियों की राजनीति और केवल फीता काटने तक सीमित रहने वाली राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करने की अपील की।

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य नशे, जबरन वसूली, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने पंजाब को दोबारा एक प्रगतिशील राज्य बनाने की जरूरत बताई। उनके मुताबिक, वह लोगों के साथ मिलकर भविष्य की रणनीति तैयार करने और साफ-सुथरी राजनीति के साथ पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने अपने संदेश में यह भी साफ किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य पंजाब फर्स्ट है और इसके अलावा उनका कोई निजी हित नहीं है।

2027 चुनाव से पहले AAP की मुश्किलें बढ़ीं, बीजेपी को मिला नया सियासी मौका

पंजाब में यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है, जब सभी राजनीतिक दल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। आम आदमी पार्टी ने भी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने बीते शनिवार को अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी।

इस सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान को धुरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को कोटकपूरा और जेल में बंद मंत्री संजीव अरोड़ा को लुधियाना पश्चिम से चुनाव मैदान में उतारने का ऐलान किया गया। पार्टी ने अपनी पहली सूची में 37 उम्मीदवारों को दोबारा मौका दिया है।

लेकिन उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के कुछ ही समय बाद तीन विधायकों का पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होना AAP के लिए राजनीतिक चुनौती बन गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में पंजाब में बगावत का यह सिलसिला और तेज होगा या आम आदमी पार्टी अपने नाराज नेताओं को मनाने में कामयाब होगी। फिलहाल तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने से पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं।