अमित शाह से बंद कमरे में मिले अजित पवार गुट के 6 दिग्गज! सुनेत्रा और पार्थ पवार रहे गायब, क्या NCP में होने वाला है बड़ा खेल? वित्त मंत्रालय को लेकर भी बढ़ी हलचल

अमित शाह से बंद कमरे में मिले अजित पवार गुट के 6 दिग्गज! सुनेत्रा और पार्थ पवार रहे गायब, क्या NCP में होने वाला है बड़ा खेल? वित्त मंत्रालय को लेकर भी बढ़ी हलचल

अमित शाह से बंद कमरे में मिले अजित पवार गुट के 6 दिग्गज! सुनेत्रा और पार्थ पवार रहे गायब, क्या NCP में होने वाला है बड़ा खेल? वित्त मंत्रालय को लेकर भी बढ़ी हलचल

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अजित पवार गुट के छह बड़े नेताओं ने सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। अजित पवार के निधन के बाद हुई इस अहम मुलाकात ने पार्टी के भविष्य और नेतृत्व को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बैठक में पार्टी के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की गैरमौजूदगी को लेकर हो रही है।

राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को केवल औपचारिक बैठक नहीं माना जा रहा है। पार्टी के भीतर नेतृत्व, संगठन और महाराष्ट्र सरकार में NCP की भूमिका को लेकर पहले से ही चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में छह वरिष्ठ नेताओं का एक साथ अमित शाह से मिलना कई तरह के राजनीतिक कयासों को जन्म दे रहा है।

अमित शाह से मिले NCP के ये छह दिग्गज नेता

दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने वाले नेताओं में धनंजय मुंडे, सुनील तटकरे, हसन मुश्रीफ, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और दिलीप वळसे पाटील शामिल रहे। ये सभी अजित पवार गुट के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।

अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के सामने नेतृत्व और भविष्य की रणनीति तय करने की चुनौती है। ऐसे समय में इन छह नेताओं का एक साथ दिल्ली पहुंचना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अमित शाह के साथ बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

वित्त मंत्रालय वापस पाने की तैयारी? फडणवीस के पास है विभाग

इस पूरे घटनाक्रम के बीच महाराष्ट्र के वित्त मंत्रालय को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। दरअसल, अजित पवार के निधन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वित्त मंत्रालय अपने पास रख लिया है। इससे पहले यह विभाग अजित पवार के पास था।

बताया जा रहा है कि NCP के कुछ वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि वित्त मंत्रालय दोबारा पार्टी को सौंपा जाए। ऐसे में अमित शाह के साथ हुई बैठक को इस मांग से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि नेताओं ने गृह मंत्री के सामने वित्त मंत्रालय वापस देने का मुद्दा उठाया या नहीं।

अगर यह मुद्दा बैठक में उठा है तो आने वाले दिनों में महाराष्ट्र सरकार के भीतर विभागों के बंटवारे को लेकर नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो सकती है।

सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार क्यों रहे गायब? पार्टी के अंदरखाने की चर्चा तेज

इस मुलाकात की सबसे खास बात रही सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की गैरमौजूदगी। एक तरफ NCP के छह बड़े नेता दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार इस बैठक में शामिल नहीं हुए।

इसी बात ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। अजित पवार के निधन के बाद पार्टी की कमान, नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। वरिष्ठ नेताओं और सुनेत्रा पवार एवं पार्थ पवार के बीच कथित मतभेदों की चर्चाएं भी होती रही हैं।

ऐसे में दोनों की अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। क्या यह सिर्फ कार्यक्रम और उपलब्धता से जुड़ा मामला था या पार्टी के भीतर कोई अलग राजनीतिक रणनीति तैयार हो रही है? फिलहाल इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

प्रफुल्ल पटेल की पोस्ट के बाद बढ़ी थी संगठन को लेकर चर्चा

NCP के भीतर संगठनात्मक स्थिति को लेकर सवाल उस समय भी उठे थे, जब छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट गंवाने के बाद प्रफुल्ल पटेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। उन्होंने पार्टी को आत्मचिंतन करने की जरूरत बताई थी।

इस बयान के बाद पार्टी के संगठन, नेतृत्व और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। अब अमित शाह के साथ छह वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है।

शाम 4 बजे देवगिरी में होगी कोर कमेटी की बैठक, क्या निकलेगा बड़ा फैसला?

दिल्ली में हुई इस मुलाकात के बाद अब सभी की नजरें मुंबई में होने वाली NCP की कोर कमेटी की बैठक पर टिकी हैं। सोमवार शाम 4 बजे अजित पवार के आवास देवगिरी में पार्टी की अहम बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें प्रफुल्ल पटेल समेत कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

इस बैठक में पार्टी की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक रणनीति और भविष्य की दिशा पर चर्चा हो सकती है। अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के सामने खड़ी चुनौतियों को देखते हुए यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमित शाह के साथ हुई मुलाकात में आखिर क्या बातचीत हुई? क्या NCP के वरिष्ठ नेताओं ने वित्त मंत्रालय वापस देने की मांग रखी है? सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की गैरमौजूदगी के पीछे क्या वजह है? इन सवालों पर अभी आधिकारिक तस्वीर साफ नहीं हुई है। अब देखना होगा कि देवगिरी की बैठक से महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर क्या संकेत सामने आते हैं।