पत्नी का सिर गोद में लेकर काली मंदिर में बैठा रहा पति! पास में सहमे बैठे थे दोनों मासूम बेटे, खौफनाक मंजर देख गांव वालों के उड़े होश
पत्नी का सिर गोद में लेकर काली मंदिर में बैठा रहा पति! पास में सहमे बैठे थे दोनों मासूम बेटे, खौफनाक मंजर देख गांव वालों के उड़े होश
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले से एक ऐसी खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। यहां एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद वह पत्नी का कटा हुआ सिर लेकर काली मंदिर पहुंच गया और वहां बैठ गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपी के दोनों बेटे भी उसी मंदिर में उसके पास बैठे थे। मंदिर के अंदर का यह दृश्य देखकर स्थानीय लोगों के होश उड़ गए। किसी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
घटना गंगारामपुर के अंतर्गत नारायणपुर के वार्ड नंबर 4 की बताई जा रही है। आरोपी की पहचान रिंटू घोष के रूप में हुई है, जो पहले बस कंडक्टर का काम करता था। वहीं, मृतका की पहचान 35 वर्षीय सीमा सरकार के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने मंदिर पहुंचने से पहले ही अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी और उसका सिर धड़ से अलग कर दिया था।
काली मंदिर में पत्नी का कटा सिर लेकर बैठा था आरोपी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब उन्होंने रिंटू घोष को मंदिर के अंदर देखा तो उसके हाथ में चाकू था और गोद में पत्नी का कटा हुआ सिर रखा था। उसके दोनों बेटे भी पास में बैठे हुए थे। मंदिर में इस तरह का भयावह दृश्य देखकर लोग घबरा गए। इसके बाद तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
सूचना मिलते ही गंगारामपुर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज पूर्णेंदु कुंडू के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मृतका का शव बरामद किया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
नौकरी छूटने के बाद परेशान था आरोपी, खुद बताई अपनी कहानी
पुलिस वैन में ले जाए जाने के दौरान आरोपी ने पत्रकारों से बातचीत में अपनी नौकरी छूटने का जिक्र किया। उसने बताया कि नॉर्थ बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NBSTC) की नौकरी छूटने और पुलिस स्टेशन जाने के बाद उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई थी। उसने अपने बारे में मानसिक रूप से परेशान होने की बात कही।
आरोपी के एक रिश्तेदार राजेश प्रमाणिक के मुताबिक, बस कंडक्टर की नौकरी जाने के बाद रिंटू घोष को परिवार का खर्च चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। उसने बाद में छोटे-मोटे कारोबार करने की कोशिश भी की, लेकिन आमदनी का कोई स्थायी जरिया नहीं बन पाया।
बदल गया था आरोपी का व्यवहार, मांसाहार भी छोड़ दिया था
रिश्तेदार राजेश प्रमाणिक ने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ समय से रिंटू घोष के व्यवहार और रहन-सहन में बदलाव आने लगा था। बताया जाता है कि उसने मांसाहारी भोजन छोड़कर शाकाहारी खाना शुरू कर दिया था। इसके अलावा उसके व्यवहार में भी कुछ ऐसे बदलाव दिखाई देने लगे थे, जिन्हें रिश्तेदार ने तांत्रिक जैसा बताया।
हालांकि, इन बदलावों का हत्या से कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
दोनों बेटों के सामने हुई वारदात ने खड़े किए कई सवाल
इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू आरोपी के दोनों बेटों की मौजूदगी है। जिस समय आरोपी मंदिर में पत्नी का कटा हुआ सिर लेकर बैठा था, उस समय दोनों बच्चे भी उसके पास थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बच्चों को घटना के बारे में कितनी जानकारी थी और वारदात के समय वे कहां मौजूद थे।
हत्या की असली वजह तलाश रही पुलिस
फिलहाल पुलिस आरोपी रिंटू घोष से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच में उसके पारिवारिक संबंधों, नौकरी छूटने के बाद की परिस्थितियों और हाल के दिनों में उसके व्यवहार में आए बदलावों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर उसने अपनी पत्नी की हत्या जैसा खौफनाक कदम क्यों उठाया।
फिलहाल हत्या के पीछे का वास्तविक मकसद स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मामले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे।

