रात में तकिए के नीचे फोन रखकर सोते हैं? एक छोटी सी लापरवाही बन सकती है बड़े हादसे की वजह, जानिए सोते समय मोबाइल रखने की सबसे सुरक्षित जगह

रात में तकिए के नीचे फोन रखकर सोते हैं? एक छोटी सी लापरवाही बन सकती है बड़े हादसे की वजह, जानिए सोते समय मोबाइल रखने की सबसे सुरक्षित जगह

रात में तकिए के नीचे फोन रखकर सोते हैं? एक छोटी सी लापरवाही बन सकती है बड़े हादसे की वजह, जानिए सोते समय मोबाइल रखने की सबसे सुरक्षित जगह

Phone Safety Tips: आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले लोग अपना मोबाइल चेक करते हैं और रात को सोने से पहले भी घंटों तक रील्स, वीडियो और सोशल मीडिया पर समय बिताते हैं। कई लोगों की आदत होती है कि नींद आने पर मोबाइल को तकिए के नीचे रखकर सो जाते हैं। वहीं कुछ लोग फोन को पूरी रात चार्जिंग पर लगाकर बिस्तर के पास छोड़ देते हैं। सुनने में यह आदत भले ही सामान्य लगे, लेकिन आपकी यही छोटी सी लापरवाही परेशानी का कारण बन सकती है। खासकर चार्जिंग के दौरान फोन को तकिए या कंबल के नीचे रखना काफी खतरनाक हो सकता है।

तकिए के नीचे फोन रखना क्यों हो सकता है खतरनाक?

अक्सर लोग सुबह अलार्म सुनने के लिए मोबाइल को अपने सिर के पास रखते हैं। कुछ लोग तो फोन को सीधे तकिए के नीचे दबाकर सो जाते हैं। दरअसल, स्मार्टफोन इस्तेमाल के दौरान गर्म होता है। फोन में चलने वाले ऐप, इंटरनेट और बैकग्राउंड प्रोसेसिंग के कारण तापमान बढ़ सकता है। सामान्य स्थिति में फोन की गर्मी आसपास की हवा में निकल जाती है, लेकिन जब मोबाइल को तकिए, कंबल या गद्दे के नीचे दबा दिया जाता है, तो गर्मी बाहर निकलने में परेशानी होती है।

सबसे ज्यादा खतरा उस समय होता है, जब फोन चार्जिंग पर लगा हो। ऐसी स्थिति में पर्याप्त हवा नहीं मिलने से फोन जरूरत से ज्यादा गर्म हो सकता है। इससे बैटरी को नुकसान पहुंचने, बैटरी फूलने और गंभीर परिस्थितियों में आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए चार्जिंग के दौरान मोबाइल को कभी भी तकिए, कंबल या बिस्तर पर रखकर नहीं छोड़ना चाहिए।

रातभर सिरहाने फोन रखने से नींद पर पड़ सकता है असर

मोबाइल को सिर के पास रखकर सोने की एक और बड़ी परेशानी नींद से जुड़ी है। अगर आप सोने से ठीक पहले घंटों तक मोबाइल की स्क्रीन देखते हैं, तो स्क्रीन की रोशनी और लगातार मिलने वाले नोटिफिकेशन आपकी नींद की गुणवत्ता प्रभावित कर सकते हैं। खासकर स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर की प्राकृतिक नींद-जागने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

इसके अलावा रात में आने वाले मैसेज, कॉल, ऐप नोटिफिकेशन और वाइब्रेशन बार-बार आपकी नींद में खलल डाल सकते हैं। कई बार व्यक्ति को पता भी नहीं चलता कि उसकी नींद कितनी बार टूटी है। यही वजह है कि सुबह उठने पर थकान, सुस्ती और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। बेहतर नींद के लिए सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करना जरूरी है।

रेडिएशन को लेकर भी जान लें जरूरी बात

स्मार्टफोन वायरलेस नेटवर्क से जुड़ने के लिए रेडियोफ्रीक्वेंसी ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, सामान्य मोबाइल इस्तेमाल से निकलने वाले रेडियोफ्रीक्वेंसी एक्सपोजर से स्वास्थ्य पर नुकसान होने के बारे में अभी तक निर्णायक वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसलिए यह दावा करना सही नहीं होगा कि सिरहाने फोन रखने से सीधे दिमाग या नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचता है। फिर भी रात में मोबाइल को शरीर से थोड़ी दूरी पर रखना और अनावश्यक इस्तेमाल से बचना एक अच्छी आदत है।

रात में मोबाइल रखने की सबसे सुरक्षित जगह कौन सी है?

अब सवाल उठता है कि रात को सोते समय फोन आखिर कहां रखना चाहिए? इसके लिए सबसे बेहतर जगह आपके बिस्तर से थोड़ी दूर रखी साइड टेबल या कोई दूसरी सख्त और सपाट सतह है। कोशिश करें कि मोबाइल आपके सिर और शरीर से कम से कम 3 से 4 फीट दूर रहे। इससे फोन तकिए या कंबल में दबने से बचेगा और आपको बार-बार मोबाइल देखने की आदत से भी छुटकारा मिल सकता है।

मोबाइल को ऐसी जगह रखें जहां उसके आसपास हवा का पर्याप्त आवागमन हो। अगर रात में फोन चार्ज करना जरूरी है, तो उसे बिस्तर से दूर किसी सुरक्षित, सख्त सतह पर चार्ज करें। चार्जिंग के दौरान फोन को कंबल, तकिए या गद्दे पर बिल्कुल न रखें। हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले और फोन के अनुकूल चार्जर का इस्तेमाल करें।

सोने से पहले अपनाएं ये जरूरी सावधानियां

रात में मोबाइल को सुरक्षित रखने के लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सोने से पहले फोन को Do Not Disturb मोड पर डाल दें, ताकि अनावश्यक नोटिफिकेशन आपकी नींद खराब न करें। अगर रात में इंटरनेट की जरूरत नहीं है, तो वाई-फाई और मोबाइल डेटा बंद कर सकते हैं। अलार्म लगाने के बाद फोन को बिस्तर से दूर रख दें।

अगर आपको फोन की जरूरत नहीं है और अलार्म भी किसी दूसरे डिवाइस से लगा सकते हैं, तो रात में मोबाइल को दूसरे कमरे में रखना भी अच्छा विकल्प है।

कुल मिलाकर, मोबाइल फोन हमारी जरूरत है, लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय सुरक्षा को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। खासकर चार्जिंग पर लगे फोन को तकिए या कंबल के नीचे रखकर सोने की आदत तुरंत छोड़ देनी चाहिए। थोड़ी सी सावधानी आपको अनावश्यक जोखिम से बचा सकती है और आपकी नींद को भी बेहतर बना सकती है।