Raipur RTO में रिश्वतखोरी का आरोप! वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, निजी व्यक्ति पर अवैध वसूली के आरोप; युवा कांग्रेस ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

Raipur RTO में रिश्वतखोरी का आरोप! वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, निजी व्यक्ति पर अवैध वसूली के आरोप; युवा कांग्रेस ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

Raipur RTO में रिश्वतखोरी का आरोप! वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, निजी व्यक्ति पर अवैध वसूली के आरोप; युवा कांग्रेस ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में परिवहन विभाग से जुड़ा कथित अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। रायपुर RTO कार्यालय और तारपोंगी टोल प्लाजा के पास कथित तौर पर वाहन चालकों से मनमानी रकम वसूले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर युवा कांग्रेस और ट्रांसपोर्ट विंग ने मोर्चा खोल दिया है।

वायरल वीडियो को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि RTO के अधिकृत अधिकारी की जगह कोई निजी व्यक्ति या परिवहन आरक्षक विनय कुमार पाल वाहन चालकों से कथित तौर पर अवैध वसूली कर रहा है। आरोप है कि लोगों से नियमों के मुताबिक निर्धारित शुल्क के बजाय मनमानी रकम मांगी जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और पूरे मामले की जांच होना बाकी है।

RTO कार्यालय का घेराव कर किया प्रदर्शन

मामले को लेकर युवा कांग्रेस और ट्रांसपोर्ट विंग के कार्यकर्ताओं ने रायपुर RTO कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग से जुड़े कुछ लोग अपने पद का दुरुपयोग कर वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों से अवैध रूप से पैसे वसूल रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभागीय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि यदि सरकारी कार्यालय या टोल प्लाजा के आसपास इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही यह भी जांच की जानी चाहिए कि कथित वसूली किसके इशारे पर और किन लोगों के माध्यम से की जा रही थी।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

युवा कांग्रेस और ट्रांसपोर्ट विंग ने संबंधित अधिकारियों को मामले में कार्रवाई करने के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि तय समय के भीतर जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि वायरल वीडियो की जांच कर कथित अवैध वसूली में शामिल लोगों की पहचान की जाए और दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो।

फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही कथित वसूली के पीछे कौन लोग हैं और क्या परिवहन विभाग के किसी अधिकारी या कर्मचारी की इसमें भूमिका है। अब सबकी नजर विभाग की जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।