जज के खिलाफ FIR दर्ज करना टीआई को पड़ा भारी! SSP ने अचानक लिया बड़ा एक्शन, सरकंडा थाना प्रभारी लाइन अटैच, जानिए पूरा मामला
जज के खिलाफ FIR दर्ज करना टीआई को पड़ा भारी! SSP ने अचानक लिया बड़ा एक्शन, सरकंडा थाना प्रभारी लाइन अटैच, जानिए पूरा मामला
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में एक न्यायाधीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का मामला अब पुलिस विभाग के लिए भी बड़ी मुश्किल बनता नजर आ रहा है। फैमिली कोर्ट के जज के साथ मारपीट की घटना के बाद दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज करने वाले सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य पर अब कार्रवाई हुई है। एसएसपी रजनेश सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। इस आदेश के सामने आते ही पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
प्रदीप आर्य की जगह अब नरेश चौहान को सरकंडा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, एसएसपी की ओर से जारी आदेश में थाना प्रभारी को हटाने की वजह प्रशासनिक बताई गई है। दूसरी ओर, इस कार्रवाई को सप्ताहभर पहले न्यायाधीश के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जोड़कर देखा जा रहा है।
जन्मदिन के जश्न में शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, पूरा मामला बिलासपुर के राजकिशोर नगर का है। यहां महासमुंद कुटुंब न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी अपने परिवार के साथ निवास करते हैं। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह पहले इलाके में जन्मदिन का जश्न मनाया जा रहा था। इस दौरान देर रात तक ढोल-नगाड़े बजाए जा रहे थे और पटाखे फोड़े जा रहे थे। तेज शोर-शराबे से परेशान होकर न्यायाधीश ने इस पर आपत्ति जताई थी।
आरोप है कि उनकी आपत्ति के बाद विवाद बढ़ गया। प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथ मौजूद लोगों ने न्यायाधीश और उनके परिजनों के साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
दोनों पक्षों की शिकायत पर दर्ज हुई थी FIR
इस मामले में पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी मामला दर्ज किया गया। यानी पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की थी। लेकिन न्यायाधीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया।
बताया जा रहा है कि न्यायिक अधिकारियों ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। आरोप लगाया गया कि न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले जरूरी प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई और न ही सभी पहलुओं की उचित जांच की गई। इसी बात को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे थे।
पुलिस विभाग में कार्रवाई के बाद बढ़ी हलचल
अब सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य को लाइन अटैच किए जाने के बाद इस पूरे मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। हालांकि, आधिकारिक आदेश में कार्रवाई को प्रशासनिक कारणों से जुड़ा बताया गया है और एफआईआर प्रकरण को इसकी वजह नहीं बताया गया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में इस मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

